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वट सावित्री व्रत 2026: सुहागिन महिलाएं आज कर रही पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और विधि

 आज देश भर में सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और अच्छी सेहत के लिए वट सावित्री का व्रत रख रही हैं.  हिंदू धर्म में इस व्रत का बहुत बड़ा महत्व है. मान्यता है कि इसी दिन माता सावित्री ने अपने दृढ़ संकल्प और भक्ति से यमराज के हाथों से अपने पति सत्यवान के प्राण वापस छीन लिए थे.  तभी से शादीशुदा महिलाएं अपने सुहाग की रक्षा के लिए हर साल ज्येष्ठ महीने की अमावस्या को यह व्रत रखती हैं. इस बार का वट सावित्री व्रत और भी खास है क्योंकि आज शनिवार होने की वजह से शनि जयंती और शनिश्चरी अमावस्या का बेहद शुभ संयोग भी बन रहा है. पूजा का शुभ मुहूर्त क्या है? ज्योतिषियों के मुताबिक, ज्येष्ठ अमावस्या तिथि आज सुबह 05:11 बजे से शुरू हो चुकी है, जो देर रात (अगले दिन सुबह) 01:30 बजे तक रहेगी. पूजा वैसे तो सुबह से की जा रही है, लेकिन पूजा करने का सबसे उत्तम और महाशुभ समय सुबह 11:50 बजे से दोपहर 12:44 बजे के बीच (अभिजीत मुहूर्त) है.  इस समय में की गई पूजा बहुत फलदायी मानी जाती है. पूजा की थाली में क्या-क्या होना चाहिए? अगर आप पूजा के लिए जा रही हैं, तो अपनी थाली में ये चीजें रखना न भूलें: बांस का पंखा (जिससे बरगद के पेड़ और सत्यवान-सावित्री को हवा झली जाती है) लाल या पीला कलावा (कच्चा सूत) धूप, अगरबत्ती, घी का दीपक और कपूर रोली, चंदन, हल्दी और अक्षत (साबुत चावल) भीगे हुए चने, फल (विशेषकर आम और खरबूजा) और मिठाई सुहाग का सामान (सिंदूर, चूड़ी, बिंदी, आदि) और एक तांबे के लोटे में शुद्ध जल बरगद के पेड़ की पूजा का महत्व और विधि इस व्रत में बरगद (वट) के पेड़ की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, बरगद के पेड़ में ब्रह्मा, विष्णु और महेश (शिव जी) तीनों देवों का वास होता है और यह पेड़ दीर्घायु (लंबी उम्र) का प्रतीक है. महिलाएं आज के दिन नए कपड़े पहनकर, पूरा 16 श्रृंगार करके बरगद के पेड़ को जल व दूध अर्पित करती हैं.  इसके बाद पेड़ पर हल्दी-कुमकुम का तिलक लगाकर फल-फूल चढ़ाती हैं.  फिर पेड़ के चारों ओर कच्चा सूत या कलावा लपेटते हुए 7, 11 या 108 बार परिक्रमा करती हैं और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं. अंत में हाथ में भीगे चने लेकर वट सावित्री की कथा सुनी जाती है. सुखी दांपत्य जीवन के लिए आज करें ये उपाय चूंकि आज शनिवार भी है, इसलिए आज के दिन कुछ खास उपाय करने से वैवाहिक जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं: पति-पत्नी मिलकर करें दीपदान: आज शाम को बरगद के पेड़ के नीचे या पीपल के पेड़ के पास सरसों के तेल का दीपक जलाएं. इससे शनि दोष दूर होता है. भीगे चने का दान: आज पूजा में चढ़ाए गए भीगे चने और कुछ सिक्के किसी जरूरतमंद को दान करने से घर में बरकत आती है. अगर गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करें? कई बार सेहत ठीक न होने, गर्भावस्था या अनजाने में महिलाओं से कोई गलती हो जाती है और व्रत टूट जाता है. ऐसी स्थिति में घबराने या मन छोटा करने की जरूरत नहीं है. शास्त्रों में इसके कुछ आसान उपाय बताए गए हैं: माफी मांगें: अगर अनजाने में कुछ खा-पी लिया है, तो भगवान विष्णु और माता सावित्री के सामने हाथ जोड़कर अपनी भूल के लिए माफी मांगें. भगवान भाव के भूखे होते हैं, वे क्षमा कर देते हैं. दान-पुण्य करें: व्रत टूटने के दोष से बचने के लिए किसी जरूरतमंद महिला या ब्राह्मण को अनाज, फल या सुहाग की सामग्री (जैसे सिंदूर, चूड़ियां) दान करें. हवन या कीर्तन: मन की शांति और शुद्धि के लिए घर में छोटा सा गायत्री हवन कर सकती हैं या 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप कर सकती हैं. व्रत का पारण (व्रत खोलना) कैसे करें? वट सावित्री व्रत का पारण करने का भी खास नियम है.  कथा और परिक्रमा पूरी होने के बाद महिलाएं यमराज के प्रतीक के रूप में बरगद के पेड़ की एक कली (कोपल) और ७ भीगे हुए चने को पानी के साथ निगलकर अपना व्रत खोलती हैं. इसके बाद घर के बड़ों और सास के पैर छूकर आशीर्वाद लिया जाता है.

मेटा ने पेश किया नया AI स्मार्ट ग्लास, हवा में टाइपिंग का मिलेगा फीचर

फेसबुक की पेरेंट कंपनी मेटा ने कुछ नए फीचर्स का ऐलान किया है, जो उसके आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) स्मार्ट ग्लास के लिए है. इस स्मार्ट ग्लास का नाम मेटा रेबेन डिस्प्ले है. यूजर्स बिना किसी डिस्प्ले या कीबोर्ड को छुए बिना ही हवा में उंगलियां घुमाने से टाइप कर सकेंगे. यह न्यूरल रिस्टबैंड के चलते संभव हो पाया है. यह सभी मैसेजिंग ऐप्स जैसे वॉट्सऐप आदि को सपोर्ट करेगा. मेटा रेबन डिस्प्ले को कंपनी ने करीब 6 महीने पहले लॉन्च किया था और अब इसके लिए कई नए फीचर्स का ऐलान किया है. यह नए फीचर्स डिवाइस के लिए कम्युनिकेशन में बहुत ही मददगार साबित होंगे. मेटा रेबेन डिस्प्ले अभी भारत में सेल के लिए उपलब्ध नहीं है. ना फोन, ना कीबोर्ड, ना वायस कमांड नए अपडेट में सबसे अहम रोल न्यूरल हैंडराइटिंग है. इसकी मदद से स्मार्टफोन को पॉकेट से निकाले बिना ही टाइपिंग की जा सकती है. इसके लिए किसी भी कीबोर्ड, फिजिकल या डिजिटल कीबोर्ड का यूज नहीं करना होगा. हवा में उंगलियों को घुमाकर टाइपिंग कर सकेंगे मेटा रेबन डिस्प्ले पहनने वाला शख्स सिर्फ हवा में उंगलियों को घुमाकर टाइपिंग कर सकेंगे. यूजर्स को हवा में शब्द का टाइप करना होगा, जैसे एम लिखने के लिए अंग्रेजी में एम बनाने की शेप में उंगलियां चलानी होंगी. न्यूरल रिस्टबैंड का यूज करना होगा मेटा रेबेन डिस्प्ले के साथ यूजर्स को न्यूरल रिस्टबैंड का यूज करना होगा, जिसको कंपनी ने मेटा रेबन डिस्प्ले के साथ लॉन्च किया गया है. यह बैंड इंसानी हाथों के जेस्चर को ट्रैक करता है और उनको समझता है और उसको कमांड में भी ट्रांसलेट कर सकता है. सभी मैसेजिंग ऐप्स जैसे वॉट्सऐप आदि को सपोर्ट करेगा लेटेस्ट अपडेट की मदद से अब यह सभी मैसेजिंग ऐप्स जैसे वॉट्सऐप, मैसेंजर, इंस्टाग्राम और एंड्रॉयड व आईओएस के मैसेजिंग ऐप्स पर भी सपोर्ट करता है. मेटा ने ये नए फीचर्स भी शामिल किए हैं जेस्चर बेस्ड टाइपिंग के अलावा कंपनी ने कुछ और फीचर्स को शामिल किया गया है. इसमें डिस्प्ले रिकॉर्डिंग, इम्प्रूव्ड नेविगेशन और लाइव कैप्शन एक्सपेंड कर सकेंगे. ये न्यू अपडेट मेटा रेबन ग्लास डिस्प्ले फीचर को बेहतर करा सकेंगे.  

हाईवे भूमि अधिग्रहण घोटाले पर शिकंजा, SDM अनुप्रीत कौर रंधावा को लिया गया हिरासत में

 गुरदासपुर  पंजाब में गुरदासपुर की एसडीएम और PCS अधिकारी अनुप्रीत कौर रंधावा को शनिवार सुबह तरनतारन जिले की पटी पुलिस ने हिरासत में ले लिया। मामला जम्मू-कश्मीर-राजस्थान हाईवे के लिए अधिग्रहित जमीन में कथित गबन से जुड़ा बताया जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, अनुप्रीत कौर रंधावा के खिलाफ करीब 1 करोड़ 63 लाख रुपये के कथित गबन का मामला चल रहा था। इसी मामले में पुलिस ने सुबह करीब 7 बजे उनके घर पहुंचकर उन्हें हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि यह मामला हाईवे परियोजना के लिए अधिग्रहित जमीन से जुड़े वित्तीय अनियमितताओं और धन के कथित दुरुपयोग से संबंधित है। हालांकि पुलिस की ओर से फिलहाल विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आने वाले समय में इस मामले में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

रसूखदारों पर सख्ती: पंजाब में नेताओं की सिक्योरिटी घटाने पर मंथन तेज

चंडीगढ़. पंजाब पुलिस ने राज्यभर में उन राजनीतिक नेताओं, लोगों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है, जिनको सुरक्षा मुहैया है। पुलिस विभाग का मानना है कि कुछ ऐसे नेता, जो सक्रिय राजनीति नेता और लोग प्रभाव और रसूख दिखाने के लिए सुरक्षा का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे मामलों में अब जांच की जा रही है कि सुरक्षा वास्तव में खतरे के आधार पर दी गई थी या सिफारिश और प्रभाव के जरिए हासिल की गई। हाल ही में सेंट्रल ब्यूरो आफ इंवेस्टिगेशन (सीबीआई) ने एक भाजपा नेता राघव गोयल को पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जुड़े रिश्वत मामले में गिरफ्तार किया था। आरोप है कि इस मामले में निजी व्यक्ति को पंजाब पुलिस के दो गनमैन उपलब्ध कराए गए थे, जो एके-47 से लैस थे। जांच एजेंसियों को संदेह है कि सुरक्षा कवर का दुरुपयोग निजी प्रभाव बढ़ाने और सरकारी अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा था। रिपोर्ट के लिए सीआईडी हुई सक्रिय पंजाब पुलिस की खुफिया शाखा और सीआईडी ने ऐसे नेताओं की सूची तैयार करनी शुरू कर दी है, जिन्हें सुरक्षा तो दी गई है, लेकिन वे किसी सक्रिय भूमिका नहीं निभा रहे। कई मामलों में यह भी सामने आया है कि स्थानीय स्तर के नेता वरिष्ठ नेताओं के साथ नजदीकियां दिखाकर सुरक्षा हासिल कर लेते हैं। बाद में वे इसी सुरक्षा के सहारे सरकारी दफ्तरों और पुलिस महकमे में दबदबा बनाते हैं।अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग मंत्रियों और बड़े नेताओं के साथ तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कर खुद को प्रभावशाली दिखाते हैं। इसके बाद सुरक्षा कर्मियों की मौजूदगी से लोगों और अधिकारियों में यह संदेश जाता है कि संबंधित व्यक्ति सत्ता के करीब है। इससे कई बार प्रशासनिक कामकाज प्रभावित होता है। सुरक्षा वापस लेने पर मामले पहुंचे हाई-कोर्ट इधर, पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पूर्व क्रिकेटर और सांसद हरभजन सिंह को मिली सुरक्षा को लेकर उठे सवालों के बाद भी सुरक्षा आवंटन प्रक्रिया चर्चा में है। अदालत ने पूछा था कि आखिर कितने पुलिस कर्मी आधिकारिक तौर पर सुरक्षा ड्यूटी पर हैं और कितने अनौपचारिक रूप से तैनात किए गए हैं। विपक्ष ने सरकार पर आरोप लगाया है कि सुरक्षा व्यवस्था को राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया गया। शिरोमणि अकाली दल और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जिन लोगों पर भ्रष्टाचार या अन्य मामलों के आरोप हैं, उन्हें भी सुरक्षा मुहैया कराई गई। अब पंजाब पुलिस की समीक्षा से कई नेताओं की सुरक्षा वापस लिए जाने की संभावना जताई जा रही है।

घर में अपने आप उग आए तुलसी के पौधे का क्या है संकेत? जानें वास्तु और ज्योतिष मान्यता

 हिंदू धर्म में तुलसी के पौधे को केवल एक पौधा नहीं, बल्कि साक्षात लक्ष्मी का रूप माना जाता है. अमूमन हम घर में तुलसी का पौधा नर्सरी से लाकर या बीज डालकर लगाते हैं, लेकिन कई बार ऐसा होता है कि आंगन या गमले में अचानक अपने आप ही तुलसी का पौधा पनपने लगता है. वास्तु शास्त्र और ज्योतिष में इसे महज एक इत्तेफाक नहीं, बल्कि भविष्य में होने वाली घटनाओं का एक बहुत ही शुभ और रहस्यमयी संकेत माना जाता है. अगर आपके घर में भी बिना बीज डाले तुलसी उग आई है, तो इसके पीछे कुछ अर्थ छिपे होते हैं जिसे जानना बेहद जरूरी है, इसके साथ ही कुछ जरूरी नियमों का पालन करना भी बेहद जरूरी होता है. 1. ईश्वरीय कृपा और सकारात्मक ऊर्जा का संचार वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर में तुलसी का अपने आप उगना इस बात का प्रमाण है कि आपके घर की ऊर्जा सकारात्मक है. तुलसी वहीं पनपती है जहां सात्विकता का वास होता है. यह संकेत देता है कि आपके घर पर देवी-देवताओं की विशेष कृपा है और आने वाले समय में आपके परिवार में सुख-शांति बढ़ेगी. 2. आर्थिक लाभ और तरक्की का इशारा पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, घर के उत्तर या पूर्व दिशा में अचानक तुलसी का उगना आर्थिक उन्नति का संकेत है. यह बताता है कि आपके रुके हुए काम अब पूरे होने वाले हैं, इससे धन आगमन के नए रास्ते खुलेंगे. अगर आप व्यापार करते हैं, तो यह मुनाफे की ओर इशारा करता है. 3. परिवार में शुभ समाचार का आगमन ऐसी मान्यता है कि तुलसी का पौधा खुशहाली का प्रतीक है.  यदि यह आपके आंगन के बीचों-बीच या मुख्य गमले में उगता है, तो जल्द ही परिवार में किसी मांगलिक कार्य (जैसे विवाह या संतान जन्म) की सूचना मिल सकती है. यह घर के सदस्यों के बीच बढ़ते प्रेम और सामंजस्य का भी प्रतीक है. 4. तुलसी के साथ ये पौधे उगें तो क्या करें? अक्सर तुलसी के साथ कुछ खरपतवार या अन्य छोटे पौधे भी उग आते हैं.  वास्तु के अनुसार, तुलसी के गमले को हमेशा साफ रखना चाहिए. यदि तुलसी के साथ दूब (घास) उग आए, तो उसे हटाना नहीं चाहिए बल्कि बढ़ने देना चाहिए, क्योंकि दूब गणेश जी को प्रिय है. हालांकि, कटीली घास या जंगली पौधों को तुरंत हटा देना चाहिए ताकि तुलसी की ऊर्जा प्रभावित न हो. 5. इन बातों का रखें विशेष ध्यान (जरूरी नियम) उखाड़ें नहीं: अगर तुलसी ऐसी जगह उगी है जहाँ वह बाधा बन रही है, तो उसे तुरंत उखाड़कर फेंकें नहीं.  उसे सावधानी से मिट्टी सहित निकालकर किसी दूसरे साफ गमले में स्थापित कर दें. स्थान का चुनाव: तुलसी को कभी भी दक्षिण दिशा (South) में न रखें.  इसे हमेशा उत्तर, पूर्व या उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में ही जगह दें. स्वच्छता: जहां तुलसी का पौधा उगा हो, वहां जूते-चप्पल न रखें और न ही वहां गंदगी होने दें.

चुनाव आयोग की बड़ी तैयारी! मुक्तसर में हर वोटर तक पहुंचेगा अमला, शुरू होगा विशेष पुनरीक्षण अभियान

 श्री मुक्तसर साहिब  भारत चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत जिले में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान (SIR) को पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा किया जाएगा। जिला चुनाव अधिकारी सह उपायुक्त अमित कुमार पंचाल ने बताया कि जिले में 25 जून से 24 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर घर-घर जाकर मतदाताओं से फार्म भरवाए जाएंगे। जिला चुनाव अधिकारी ने बताया कि इस अभियान के लिए पूरे चुनावी अमले की ड्यूटी लगा दी गई है। जिले में 753 बूथ स्तरीय अधिकारी, 81 सुपरवाइजर, चार निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी और आठ सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बूथ स्तरीय अधिकारी को औसतन 300 घर और लगभग 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है ताकि काम सुचारु रूप से पूरा किया जा सके। उन्होंने बताया कि 15 जून से 24 जून तक बूथ स्तरीय अधिकारियों को प्रशिक्षण देने और अन्य प्रशासनिक तैयारियों का कार्य किया जाएगा। इसके बाद 25 जून से घर-घर जाकर विशेष पुनरीक्षण अभियान शुरू होगा। दोहरी वोट रखना अपराध जिला चुनाव अधिकारी ने स्पष्ट किया कि दोहरी वोट रखना भारतीय संविधान के अनुसार अपराध है, जिसके लिए एक वर्ष तक की कैद का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि जिले के सभी मतदाताओं को इस विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया के तहत फार्म भरना अनिवार्य होगा। उपायुक्त ने बताया कि जिला चुनाव कार्यालय द्वारा की गई प्रारंभिक मैपिंग के तहत जिले के कुल 6 लाख 91 हजार 402 मतदाताओं में से 6 लाख 38 हजार 878 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। यह कुल मतदाताओं का 92.40 प्रतिशत है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में यह कार्य लगभग पूरा हो चुका है। जानें SIR के लिए जरूरी बातें उन्होंने बताया कि मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए 1 जनवरी 2003 को योग्यता तिथि निर्धारित की गई है। इसके अलावा मतदान केंद्रों को तर्कसंगत बनाने का कार्य 24 जुलाई 2026 तक पूरा किया जाएगा। मतदाता सूची का प्रारूप 31 जुलाई 2026 को प्रकाशित होगा। उन्होंने जानकारी दी कि मतदाता सूचियों से संबंधित दावे और आपत्तियां 31 जुलाई से 30 अगस्त 2026 तक जमा करवाई जा सकेंगी, जबकि इनका निपटारा 28 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। अंतिम मतदाता सूची 1 अक्टूबर 2026 को प्रकाशित की जाएगी। जिला चुनाव अधिकारी ने जिले के सभी मतदाताओं से अपील की कि वे इस अभियान में चुनाव अमले का पूरा सहयोग करें ताकि मतदाता सूचियों को पूरी तरह सही और पारदर्शी बनाया जा सके।

फलोदी-चित्तौड़गढ़ में पारा 44 डिग्री पार, मौसम विभाग ने जारी किया येलो अलर्ट

जयपुर प्रदेश में हीटवेव के साथ आंधी बारिश का दौर भी लगातार जारी है. बीते कुछ दिनों में प्रदेश के कुछ इलाकों में लू का कहर रहा तो वहीं कुछ इलाकों में तेज हवाएं चली. गुरुवार (14 मई) शाम से मौसम बदलने के बाद से फिलहाल राहत बनी हुई है. शुक्रवार (15 मई) को तापमान में भी करीब 2 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है. मौसम विभाग के मुताबिक, आज (16 मई) से दिन के तापमान में बढ़ोतरी होगी और पश्चिमी राजस्थान में भीषण गर्मी पड़ेगी. हालांकि, पूर्वी राजस्थान के कुछ इलाकों में बारिश के चलते तापमान में जरूर गिरावट रह सकती है. इन जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट झालावाड़, चित्तौड़गढ़, कोटा, बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर और फलौदी जिले के लिए हीटवेव का अलर्ट जारी किया गया है. इसके अलावा अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, धौलपुर, करौली, खैरथल-तिजारा और कोटपुतली-बहरोड़ में आंधी-बारिश का येलो अलर्ट है. फलोदी-चित्तौड़गढ़ में तापमान 44 डिग्री के पार प्रदेश में सर्वाधिक तापमान फलोदी में 44.8 डिग्री दर्ज किया गया. चित्तौड़गढ़ में भी तापमान 44.2 डिग्री तक पहुंच गया है. इसके अलावा जैसलमेर, अजमेर, भीलवाड़ा, अलवर, उदयपुर, कोटा, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, करौली, दौसा, लूणकरणसर और पाली जिलों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहा. इस बार जल्दी आएगा मानसून   राजस्थान में मानसून समय से पहले पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है. इस बार 25 जून की जगह मानसून प्रदेश में 20 जून तक एंट्री ले सकता है. पिछले साल भी मानसून ने समय से पहले दस्तक दी थी. पिछले 6 साल की बात करें तो केवल 2022 में मानसून देरी से पहुंचा था.

बदलते मौसम में स्किन केयर कैसे रखें सही? जानें हेल्दी और ग्लोइंग त्वचा के आसान टिप्स

 जैसे ही मौसम बदलता है इसका सबसे पहला असर हमारे चेहरे और स्किन पर दिखाई देना शुरू हो जाता है. कभी स्किन काफी ज्यादा ड्राई और बेजान हो जाती है, तो कभी चेहरे पर ढेर सारे पिंपल्स निकल आते हैं और रैशेज की प्रॉब्लम भी बढ़ जाती है. अक्सर लोग इसे बदलते हुए मौसम का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन अगर आप सही समय पर अपने चेहरे और स्किन की सही से केयर नहीं करते हैं तो देखते ही देखते ग्लो कम होने लग जाती है. ऐसे में आज की यह आर्टिकल हर उस इंसान के काम की होने वाली है जो हर बदलते हुए मौसम में स्किन से जुड़ी अलग-अलग प्रॉब्लम्स से जूझते रहते हैं. आज हम आपको कुछ आसान सीजनल स्किनकेयर टिप्स बताने जा रहे हैं जिन्हें अपनी डेली रूटीन में शामिल करके आप अपनी स्किन को किसी भी मौसम में काफी आसानी से हेल्दी और ग्लोइंग बनाकर रख सकेंगे. मौसम के अनुसार बदलें अपनी स्किन केयर रूटीन हर मौसम में आपकी स्किन की जरूरतें बिलकुल ही अलग होती हैं. गर्मियों के इन दोनों में आपकी स्किन से ज्यादा पसीना बहता है और वह बार-बार ऑयली भी बनती रहती है. वहीं, सर्दियों के दिनों में आपकी स्किन हद से ज्यादा ड्राई हो जाती है. यह एक बड़ी वजह है कि आपको एक ही स्किनकेयर रूटीन को पूरे साल फॉलो नहीं करना चाहिए. बदलते हुए मौसम के साथ अपने फेसवॉश, मॉइस्चराइजर और सनस्क्रीन को भी बदलते रहें. ऐसा करने से आपकी स्किन बैलेंस्ड रहने लगती है और डैमेज भी कम होता है. स्किन को हमेशा रखें हाइड्रेटेड मौसम चाहे गर्मियों का हो या फिर सर्दियों का, आपके लिए यह काफी जरूरी हो जाता है कि आप अपनी स्किन को हाइड्रेटेड रखना शुरू कर दें. अगर शरीर में पानी की कमी होगी तो आपकी स्किन भी काफी ज्यादा ड्राई और बेजान दिखाई देने लग जाएगी. ऐसा न हो इसलिए दिनभर के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे. जब आप सही मात्रा में पानी पीते रहते हैं तो आपकी स्किन अंदर से हेल्दी रहने लगती है. अपनी स्किन को हाइड्रेटेड रखने के लिए आप नारिल पानी, फ्रेश फलों का जूस और हरी सब्जियों को भी डाइट में शामिल कर सकते हैं. ये सभी चीजें आपकी स्किन को एक नेचुरल ग्लो दिलाने में मदद करती हैं. मॉइश्चराइजर लगाना न भूलें कुछ लोगों का यह मानना होता है कि मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल सिर्फ सर्दियों के दिनों में ही किया जाता है, जबकि ऐसा सोचना बिलकुल भी सही नहीं है. गर्मियों के इन दिनों में भी आपको अपने चेहरे पर एक लाइट और ऑयल फ्री मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए. वहीं, सर्दियों के दिनों के लिए गाढ़े और डीप मॉइस्चर देने वाले क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए. एक सही मॉइस्चराइजर स्किन को सॉफ्ट बनाये रखने में मदद करता है और ड्राइनेस की प्रॉब्लम को जड़ से खत्म करता है. सनस्क्रीन हर मौसम में जरूरी अगर आप उन लोगों में से हैं जो अपनी स्किन पर सनस्क्रीन का इस्तेमाल सीर्फ गर्मियों के दिनों में ही करते हैं तो आपको अपनी इस आदत को बदल लेना चाहिए. सूर्य की हानिकारक किरणें आपकी स्किन को हर मौसम में नुकसान पहुंचा सकती है. जब भी आप घर से बाहर निकलें एक ज्यादा एसपीएफ रेटिंग वाले सनस्क्रीन का इस्तेमाल अपने चेहरे पर जरूर करें. यह छोटी सी चीज आपकी स्किन को टैनिंग, पिग्मेंटेशन और समय से पहले चेहरे पर दिखने वाले रिंकल्स से बचाकर रखेगी. डाइट का रखें खास ख्याल अगर आप अपनी स्किन को खूबसूरत बनाकर रखना चाहते हैं तो इसके लिए आपको सिर्फ बाहर से ही नहीं, बल्कि अंदर से भी उसका ख्याल रखना शुरू कर देना चाहिए. सबसे पहले आपको अपनी डाइट में सही चीजों को शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. इसके अलावा काफी ज्यादा फ्राइड और जंक फूड्स को खाने से भी बचना चाहिए. इस तरह की चीजें आपकी स्किन को ऑयली बनाती हैं और साथ ही पिंपल्स की प्रॉब्लम को बढ़ा देती हैं. इससे बचने के लिए आपको अपनी डाइट में फलों, ड्राई फ्रूट्स और विटामिन्स से लोडेड चीजों को शामिल करना शुरू कर देना चाहिए. स्ट्रेस और नींद का भी पड़ता है असर जब आप सही से अपनी नींद को पूरा नहीं करते हैं या फिर ज्यादा स्ट्रेस लेने लगते हैं, तो इसका सीधा असर आपके चेहरे पर दिखाई देने लगता है. ऐसा करने से आपकी स्किन थकी हुई दिखाई देने लगती है और साथ ही बेजान भी लगने लगती है. कोशिश करें कि हर दिन कम से कक 7 से 8 घंटे की नींद जरूर पूरा करें. इसके अलावा जितना हो सके स्ट्रेस से भी दूरी बना लें. आपकी स्किन को हेल्दी और खूबसूरत रखने के लिए यह और भी ज्यादा जरूरी हो जाता है. जब आप अपनी स्किन का हर मौसम में सही से ख्याल रखते हैं तो आपकी स्किन ज्यादा हेल्दी, फ्रेश और ग्लोइंग बनी रहती है.

सुशासन तिहार के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का कोसला धाम दौरा, माता कौशल्या मंदिर में की पूजा-अर्चना

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सुशासन तिहार के तहत आज अचानक जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ विकासखंड अंतर्गत ग्राम कोसला पहुंचे। यहां उन्होंने प्रसिद्ध माता कौशल्या मंदिर में पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं छत्तीसगढ़ की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री के मंदिर परिसर पहुंचने पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, मंदिर सेवा समिति एवं ग्रामीणों द्वारा पारंपरिक लोकनृत्य और उत्साहपूर्ण स्वागत किया गया। इस अवसर पर वित्त मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री ओ. पी. चौधरी भी उनके साथ उपस्थित रहे। मंदिर सेवा समिति की ओर से मुख्यमंत्री साय को माता कौशल्या मंदिर का आकर्षक छायाचित्र स्मृति स्वरूप भेंट किया गया। साथ ही समिति के सदस्यों ने केंद्र सरकार की प्रसाद योजना में कोसला धाम को शामिल करने की मांग को लेकर ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का अवलोकन किया और स्थानीय श्रद्धालुओं से भी आत्मीय संवाद किया। उनके अचानक आगमन से क्षेत्र में उत्साह का माहौल रहा। इस अवसर पर श्रद्धालु, ग्रामीणजन उपस्थित थे।

हरियाणा सरकार का बड़ा कदम, कार-पूलिंग और इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने की पहल

 चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का देश हित में ईंधन बचाने का आह्वान कारगर साबित हो रहा है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से लेकर राज्य सरकार के मंत्री जहां अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या कम कर चुके हैं, वहीं मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों व कर्मचारियों से भी ईंधन की बचत करने के महायज्ञ में अपना आहुति डालने का आह्वान किया है। हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों तथा कर्मचारियों से आग्रह किया है कि वे अपने दैनिक सरकारी कार्यों में पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने के लिए हरसंभव प्रयास करें। कार-पूलिंग करने के दिए निर्देश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में वैश्विक परिस्थितियों और ऊर्जा संरक्षण की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए देशवासियों से ईंधन बचत के उपाय अपनाने की अपील की है। सरकारी विभागों के अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालयों में आने-जाने, बैठकों में भागीदारी तथा आधिकारिक कार्यक्रमों में आने-जाने के लिए ज्यादा से ज्यादा कार-पूलिंग करें। मुख्य सचिव ने सुझाव दिया कि जहां तक संभव हो, पारंपरिक ईंधन पर निर्भरता कम करने और स्वच्छ परिवहन को बढ़ावा देने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का उपयोग किया जाए। विभागाध्यक्षों का भी दायित्व है कि वे अपने अधिकारियों और कर्मचारियों को सार्वजनिक परिवहन तथा अन्य विकल्पों के उपयोग के लिए प्रेरित करें। अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों से अनुरोध किया कि वे बैठकों और आधिकारिक संवाद के लिए वीडियो कान्फ्रेंसिंग वर्चुअल प्लेटफॉर्म का अधिक से अधिक उपयोग करें। सामूहिक रूप से किए गए हमारे छोटे-छोटे प्रयास ईंधन की बचत कर व्यापक राष्ट्रीय हित में महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।