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अफसरशाही छोड़ जमीन पर उतरे रीवा कलेक्टर, नॉन एसी बस से गांव पहुंचकर सुनी लोगों की समस्याएं

रीवा  मुख्यमंत्री के संकल्प के अनुरूप ग्रामीणों की समस्याओं का गांव में ही निराकरण सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर नरेन्द्र कुमार सूर्यवंशी ने गंगेव जनपद पंचायत के टिकुरी गांव में ग्राम चौपाल आयोजित की। इस दौरान उन्होंने 42 विभागीय अधिकारियों के साथ पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश दिए। कलेक्टर सूर्यवंशी नॉन एसी बस से कलेक्ट्रेट से टिकुरी पहुंचे। ग्राम पंचायत प्रांगण में आयोजित चौपाल में राजस्व प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सीमांकन में देरी पर नाराजगी जताई और नायब तहसीलदार को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। वहीं, आंगनबाड़ी केंद्र नियमित न खुलने की शिकायत पर संबंधित सुपरवाइजर को निलंबित करने तथा सीडीपीओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। चौपाल में ग्रामीणों द्वारा उठाए गए रास्ता विवाद को तत्काल सुलझाने और सड़क चौड़ीकरण के निर्देश भी कलेक्टर ने दिए, ताकि आवागमन सुगम हो सके। उन्होंने निर्देशित किया कि टिकुरी गांव में शिविर लगाकर विभिन्न विभागों के अधिकारी समस्याओं का निराकरण सुनिश्चित करें। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत जिन हितग्राहियों ने निर्माण कार्य शुरू नहीं किया, उनके आवास निरस्त करने के निर्देश भी दिए गए।   कलेक्टर ने कहा कि उनका उद्देश्य ग्रामीणों को गांव में ही योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें बाहर न जाना पड़े। उन्होंने अधिकारियों को भी अपने दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करने की हिदायत दी। नल-जल योजना के सुचारू संचालन में लापरवाही मिलने पर पीएचई उपयंत्री और रोजगार सहायक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। साथ ही सरपंच और जनपद सीईओ को योजना जल्द शुरू कराने के निर्देश दिए। ग्रामीणों ने एक स्वर में पानी का शुल्क देने की सहमति भी जताई। विद्युत विभाग को घर-घर मीटर लगाने की कार्रवाई शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए गए। वहीं टंट्या मामा योजना के तहत पात्र हितग्राही को ऋण स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश भी संबंधित अधिकारियों को दिए गए। कलेक्टर ने अंत में कहा कि यदि अब इस गांव से शिकायतें जनसुनवाई में आती हैं तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर जिला पंचायत सीईओ मेहताब सिंह गुर्जर, जनपद सीईओ प्राची चतुर्वेदी सहित जिला एवं खंड स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।

छात्रों को ग्लोबल अवसरों से जोड़ने की तैयारी, हरियाणा पॉलिटेक्निक में शुरू होंगी विदेशी भाषाएं

भिवानी/चंडीगढ़. हरियाणा के युवाओं के लिए अब विदेशों में करियर के नए अवसर खुलने जा रहे हैं। प्रदेश सरकार तकनीकी शिक्षा को वैश्विक स्तर से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए इस शैक्षणिक सत्र से पालिटेक्निक संस्थानों में विदेशी भाषाओं की पढ़ाई शुरू करने वाली है। इसके तहत जर्मन, जापानी, कोरियन और फ्रेंच जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाएं सिखाई जाएंगी, ताकि युवा विदेशी कंपनियों और इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकें। योजना के तहत प्रदेश के 39 पालिटेक्निक संस्थानों और 11 सोसायटी संस्थानों में विदेशी भाषा कोर्स संचालित किए जाएंगे। प्रत्येक संस्थान में 30 से 60 सीटें निर्धारित की गई हैं, जिससे बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल तकनीकी डिग्री तक सीमित न रखकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय रोजगार बाजार के लिए भी सक्षम बनाना है। प्रोफेशनल कम्युनिकेशन स्किल्स विकसित कराए जाएंगे विद्यार्थियों को विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से भाषा दक्षता और प्रोफेशनल कम्युनिकेशन स्किल्स विकसित कराए जाएंगे। इससे वे सीधे विदेशी कंपनियों, मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर और इंटरनेशनल इंडस्ट्री की मांग के अनुसार खुद को तैयार कर पाएंगे। इस पहल से प्रदेश के 50 हजार से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी शिक्षा के साथ विदेशी भाषाओं का ज्ञान युवाओं की रोजगार क्षमता को कई गुना बढ़ाएगा। हरियाणा सरकार की यह पहल प्रदेश के युवाओं के लिए सिर्फ नौकरी के अवसर नहीं, बल्कि विदेशों में करियर बनाने के सपनों को नई उड़ान देने का काम करेगी। अब हरियाणा के युवा स्थानीय सीमाओं से आगे बढ़कर ग्लोबल मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर सकेंगे।

गुवा में फिर शुरू होगा लौह अयस्क खनन, हजारों लोगों को रोजगार मिलने की उम्मीद

 गुवा  पश्चिम सिंहभूम के सारंडा क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने टाटा स्टील को विजया-2 आयरन ओर माइंस संचालन की अनुमति दे दी है। करीब नौ महीने से बंद इस खदान के दोबारा शुरू होने से हजारों बेरोजगार युवाओं, ट्रक मालिकों और छोटे कारोबारियों को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। खान निदेशक राहुल सिन्हा द्वारा जारी आदेश के बाद घाटकुरी मौजा स्थित रक्षित वन क्षेत्र की 383.20 एकड़ भूमि में लौह अयस्क खनन का रास्ता साफ हो गया है। इसके साथ ही सारंडा, गुवा, बड़ाजामदा, किरीबुरू और मेघाहातुबुरू क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में फिर तेजी आने की संभावना बढ़ गई है। माइंस बंद होने से ठप पड़ गया था कारोबार विजया-2 माइंस बंद होने के बाद हजारों मजदूर बेरोजगार हो गए थे। ट्रांसपोर्टिंग कार्य बंद होने से सैकड़ों ट्रक और डंपर महीनों तक खड़े रहे। इसका असर गैरेज, ढाबा, होटल और छोटे दुकानदारों तक पर पड़ा था। अब खदान संचालन शुरू होने से ट्रकों और डंपरों का परिचालन फिर तेज होगा। इससे ड्राइवर, हेल्पर और वाहन मालिकों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है। टाटा स्टील को मिलेगा सीधा फायदा करीब 30 लाख टन वार्षिक उत्पादन क्षमता वाली इस माइंस के चालू होने से Tata Steel को स्थानीय स्तर पर लौह अयस्क उपलब्ध होगा। इससे कंपनी की लॉजिस्टिक्स लागत घटेगी और जमशेदपुर समेत आसपास के स्टील प्लांटों को फायदा मिलेगा। सरकार को होगा करोड़ों का राजस्व लाभ खनन शुरू होने के बाद झारखंड सरकार को रॉयल्टी, डीएमएफ और एनएमईटी मद से हर महीने लगभग 3 से 4 करोड़ रुपये राजस्व मिलने का अनुमान है। वहीं सालाना आय 35 से 50 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। बाजारों में लौटेगी रौनक खनन गतिविधियां बंद होने से सारंडा क्षेत्र के बाजारों की रौनक फीकी पड़ गई थी। अब माइंस शुरू होने से स्थानीय बाजारों में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा और छोटे व्यापारियों को भी सीधा लाभ मिलेगा। स्थानीय लोगों का मानना है कि यह फैसला पूरे सारंडा क्षेत्र की आर्थिक व्यवस्था को दोबारा पटरी पर लाने की दिशा में बड़ा कदम साबित होगा।  

स्क्रूटनी के बाद चुनावी तस्वीर साफ, पंजाब निकाय चुनाव में 10 हजार से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में

चंडीगढ़. पंजाब में 26 मई को होने वाले निकाय चुनाव को लेकर स्क्रुटनी के बाद योग्य उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी गई है। राज्य चुनाव आयोग से मिली जानकारी अनुसार नगर निगम नगर कौंसिल और नगर पंचायत की 105 सीटों के लिए कुल 10809 आवेदन जमा हुए थे। मंगलवार शाम तक आवेदन वापस लेने की अंतिम सीमा रखी गई है। सोमवार यानी 18 मई को चुनाव आयुक्त की ओर से स्क्रुटनी के बाद 10096 उम्मीदवार ही अब मैदान में रह गए हैं। स्क्रुटनी में 713 आवेदनों को विभिन्न कारणों से रद्द कर दिया गया है। जानकारी अनुसार आठ नगर निगम के चुनाव के लिए 2154 आवेदन आए जिसमें से 151 विभिन्न कारणों से कारण रद्द कर दिए गए । ऐसे में 2003 योग्य उम्मीदवार अब मैदान में रह गए हैं। उधर नगर कौंसिल की सीटों के लिए 7334 आवेदन जमा हुए जिसमें से 447 को रद्द कर दिया गया। अब चुनावी मैदान में 6887 उम्मीदवार ही बचे हैं। उधर नगर पंचायत के लिए कुल 1321 आवेदन आए जिसमें से 115 को रद्द कर दिया गया और अब मैदान में 1206 उम्मीदवार ही बचे हैं। मंगलवार को आवेदन लेने की अंतिम तिथि है। इसके बाद चुनाव में उम्मीदवारों की असली संख्या का पता चलेगा। आवेदन खारिज किए जाने को लेकर पंजाब के विभिन्न जिलों में विरोध प्रदर्शन भी जारी है। पंजाब में 26 मई को 105 सीटों के लिए निकाय चुनाव होने जा रहे हैं, जिसमें 29 मई को मतदान के बाद मतगणना और रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। चुनाव आयोग की ओर से इन चुनाव में 35000 के करीब कर्मचारियों और साडे 35000 सुरक्षा कर्मियों को चुनावी ड्यूटी पर तैनात किया गया है। चुनाव आयोग की ओर से इस बार मतदान वैलेट पेपर से करने का फैसला लिया गया है। इसे लेकर भी विपक्षी पार्टियों लगातार विरोध कर रही है।

CG के जंगल में सफेद भालू की दस्तक से ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग ने बढ़ाई निगरानी

गौरेला पेण्ड्रा मरवाही. छत्तीसगढ़ के मरवाही वनमंडल के जंगलों में एक ओर जहां दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू को देखकर ग्रामीण हैरान है, तो वहीं दूसरी ओर इस भालू के हमले से इलाके में दहशत का माहौल है। वही वन विभाग भी ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड पर है। दरअसल, मरवाही वनमंडल के आमादांड गांव के जंगलों में दुर्लभ एल्बिनो यानी सफेद भालू देखने को मिला है। काले भालुओं के बीच दिखे सफेद भालू ने सबको हैरान कर दिया है, लेकिन दूसरी तरफ इसके हमले ने इलाके के लोगों को डर को साए में जीने को मजबूर कर दिया है। सफेद भालू ने ड्राइवर पर किया हमला बताया जा रहा है कि सफेद भालू ने स्थानीय निवासी लल्लू ड्राइवर पर अचानक हमला कर दिया। भालू के इस जानलेवा हमले में लल्लू ड्राइवर के हाथों पर गंभीर चोटें आई हैं। घायल को आनन-फानन में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां फिलहाल उसका इलाज जारी है। रंग दोष के कारण सफेद हो जाता है रंग वन्यजीव विशेषज्ञों के मुताबिक, यह कोई अलग प्रजाति नहीं है, बल्कि भालू के शरीर में जीन परिवर्तन यानी रंग में दोष परिवर्तन के कारण इनका रंग काले की जगह पूरी तरह सफेद हो जाता है, जिसे विज्ञान की भाषा में एल्बिनो कहा जाता है। वहीं वन विभाग भी अलर्ट मोड पर है ताकि ग्रामीणों को सुरक्षित रखा जा सके।

दवा दुकानदारों का देशव्यापी बंद, 8 लाख मेडिकल स्टोर रहेंगे बंद; ऑनलाइन बिक्री पर संग्राम

भोपाल  ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट व ड्रगिस्ट और मध्य प्रदेश केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर सभी प्राइवेट मेडिकल दुकानें बंद रहेंगे। हड़ताल की वजह से मरीजों को जरूरी दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ सकता है, ऐसे में एक दिन पहले पर्याप्त डोज लेकर रख सकते हैं। दवा बाजार की हड़ताल में यहां मिलेगी दवाइयां इस हड़ताल में इमरजेंसी के लिए प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों की मेडिकल खुली रहेंगी। प्रदेशभर में संचालित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्रों पर भी दवाइयां मिलेंगी। जयारोग्य अस्पताल, जिला अस्पताल, प्राइवेट अस्पतालों की मेडिकल दुकानों को हड़ताल से दूर रखा गया है। देशभर में ऑनलाइन और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म्स पर दवा बिक्री के विरोध में ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स ने 20 मई को देशव्यापी बंद का ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि इस दौरान दिल्ली में करीब 15 हजार और देशभर में लगभग 7 से 8 लाख मेडिकल स्टोर बंद रह सकते हैं। हालांकि, आपातकालीन दवा सेवाएं जारी रखने की बात कही गई है। कारोबार हो रहा प्रभावित केंद्रीय औषधि मानक संगठन नियंत्रण (CDSCO) के सूत्रों का कहना है कि कई राज्य स्तरीय रिटेल फार्मेसी एसोसिएशनों ने इस हड़ताल से दूरी बना ली है और दवाओं की उपलब्धता सामान्य बनाए रखने का भरोसा दिया है। दिल्ली रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन केमिस्ट अलायंस (RDCA) के अध्यक्ष संदीप नांगिया ने कहा कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म भारी छूट और तेज डिलीवरी देकर छोटे मेडिकल स्टोर्स के कारोबार को प्रभावित कर रहे हैं। दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर? हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे।  सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी।  ऑनलाइन प्लेटफार्मों पर बिक रही नकली दवाएं कोरोना काल में अधिसूचना जीआरएस 220 ई के जरिए नियमों को दरकिनार किया जा रहा है, जिसे तुरंत वापस ली जाए। अवैध रूप से ई-कॉर्पोरेट्स द्वारा बाजार में कब्जा किया जा रहा है। यह मूल्य निर्धारण में मनमानी कर रहे हैं, जिसे रोका जाना चाहिए। ऑनलाइन फार्मेसियों और प्लेटफार्मों पर मिलावटी या नकली दवाएं बेची जा रही हैं। इन्होंने हड़ताल से बनाई दूरी कई केमिस्ट असोसिएशन की ओर से 20 मई को प्रस्तावित भारत बंद और हड़ताल को लेकर दवा कारोबारियों के संगठन ऑल इंडिया केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट फेडरेशन (AICDF) ने खुद को इससे अलग कर लिया है। संगठन ने कहा कि इस बंद का समर्थन नहीं करेंगे। दावा है कि इससे अव्यवस्था बढ़ेगी और व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ेगा। AICDF के अध्यक्ष कैलाश गुप्ता ने बताया कि बंद बुलाने वाले ने संगठनों का उद्देश्य व्यापारियों के हितों की रक्षा से ज्यादा बाजार में दबाव बनाना प्रतीत होता है।

एमपी में खर्चों पर सख्ती, मोहन यादव ने निगम और मंडल अध्यक्षों को दिए बचत के निर्देश

भोपाल  मध्य प्रदेश में नवनियुक्त निगम, मंडल, बोर्ड, आयोग और प्राधिकरणों के नए अध्यक्ष और सदस्यों को ट्रेनिंग दी गई है। इस दौरान सभी नए पदाधिकारियों को सीएम मोहन यादव ने संबोधित किया है। उन्होंने कहा है कि अनेकता में एकता ही हमारी ताकत है। हम योग्यता का सम्मान करते हैं। साथ ही उन्होंने भाषा में सौम्यता रखने की ट्रेनिंग दी है। योग्यता के आधार पर दी गई है जिम्मेदारी सीएम मोहन यादव ने कहा कि हम योग्यता का सम्मान करना जानते हैं और इसीलिए योग्यता के आधार पर सभी को अलग-अलग जिम्मेदारी दी गई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक जीवन में नैतिकता और शुचिता बेहद जरूरी है। हमें अटल जी के आदर्शों पर चल कर इस देश और प्रदेश की सेवा करनी है। उन्होंने कहा कि भाषा में सौम्यता और निर्णय में दृढ़ता हो। आपकी यह नियुक्ति सिर्फ पद नहीं, बल्कि मध्यप्रदेश की सेवा का सुनहरा अवसर है। सेवा भावना से करें काम मोहन यादव ने कहा कि हमें परमेश्वर ने जनसेवा का अवसर दिया है इसीलिए सभी नवनियुक्त पदाधिकारी पूरी प्रशासनिक दक्षता, पूर्ण क्षमता, निष्ठा और सेवा भावना से काम करें। आप सब एमपी सरकार का अभिन्न अंग हैं। आपके काम से ही सरकार की समाज और नागरिकों में साख बनेगी। इसीलिए पहले अपने काम को अच्छी तरह से समझें, विभागीय नीतियों और नियमों का समुचित अध्ययन करें। अपने उपलब्ध संसाधनों का उत्कृष्ट नियोजन करें और बेहतर तालमेल एवं सामंजस्य से अपने कार्य दायित्व को अंजाम दें। आत्मानुशासन से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है उन्होंने कहा कि वित्तीय प्रबंधन एक बड़ी चुनौती होती है। इसीलिए अपने दायित्व के दायरे में रहकर आत्मानुशासन से हमें आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ना है। इसके लिए वित्तीय अनुशासन लाना, फिजूल खर्ची पर कड़ा अंकुश लगाना और नवाचारों के माध्यम से आय के नए स्रोत बनाना बेहद जरूरी है। नवनियुक्त पदाधिकारी अपने संस्थान के अधिकारियों के साथ टीम भावना से काम करें और अपने मितव्ययिता पूर्ण काम से ही अपनी पहचान बनाएं। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी दायित्व दे, उसे हमें एक परिवार भाव और उदात्त कर्तव्य भाव से पूरा करना चाहिए। अनावश्यक चीजों से बचना है हमें सीएम मोहन यादव ने कहा कि सभी पदाधिकारी पूरी गरिमा से अपने दायित्वों को अंजाम दे। सोच-विचार कर ही अपने सहयोगी रखें। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें अनावश्यक प्रचार और अनावश्यक चीजों से भी बचना है। कदाचार पर सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति है। इसीलिए अपने संस्थान में किसी भी प्रकार के कदाचार को कतई बर्दाश्त न करें। ऐसे काम और ऐसे लोगों से भी दूरी बनाकर रखें, जिनसे आपकी गरिमा को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने कहा कि जनहित आपकी प्राथमिकता होनी चाहिए। यह आपको आपसी समन्वय और टीम वर्क के मार्ग पर चलना है।  

‘मैं वापस आऊंगा’ ट्रेलर रिलीज: इम्तियाज अली की नई इमोशनल प्रेम कहानी

मशहूर फिल्ममेकर इम्तियाज अली अपनी फिल्मों में प्यार और भावनाओं को एक अनोखे अंदाज में दिखाने के लिए जाने जाते हैं. अब वह दर्शकों के लिए एक इमोशनल कहानी लेकर आ रहे हैं. उनकी आने वाली फिल्म ‘मैं वापस आऊंगा’ का बहुप्रतीक्षित ट्रेलर आज रिलीज कर दिया गया है. इस फिल्म में दिलजीत दोसांझ, नसीरुद्दीन शाह, वेदांग रैना और शरवरी जैसे बेहतरीन कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे, जो इंसानी रिश्तों की गहराई को स्क्रीन पर उतारेंगे. देश के बंटवारे और 78 साल पुराने इंतजार की दास्तान इस फिल्म का ट्रेलर प्यार, लंबे इंतजार और अपनेपन की एक खूबसूरत दुनिया की झलक दिखाता है. फिल्म के बारे में बात करते हुए डायरेक्टर इम्तियाज अली ने बताया कि ‘मैं वापस आऊंगा’ प्यार और इंतजार की एक ऐसी निजी कहानी है, जो देश के बंटवारे के 78 साल बाद भी किसी के दिल में बसी रही उन सैकड़ों कहानियों की गूंज भी है, जिन्हें मैंने उस पीढ़ी से सुना है जिसने अपनी आंखों से पार्टिशन देखा था. यह फिल्म आज के नजरिए से उस दौर और उस पीढ़ी की धड़कनों को महसूस करने की कोशिश करती है. इस कहानी पर काम करना और इसे फिल्म के रूप में दर्शकों तक पहुंचाना मेरे लिए गर्व और खुशी की बात है. इम्तियाज, ए.आर. रहमान और इरशाद कामिल की तिकड़ी फिर साथ फिल्म की एक और बड़ी खासियत यह है कि इसमें एक बार फिर भारतीय सिनेमा की सबसे कामयाब तिकड़ी साथ आई है. डायरेक्टर इम्तियाज अली, संगीतकार ए. आर. रहमान और गीतकार इरशाद कामिल ने मिलकर इस फिल्म के लिए बेहतरीन गाने तैयार किए हैं. मेकर्स के मुताबिक, फिल्म के टीजर और गानों को पहले ही दर्शकों का भरपूर प्यार मिल चुका है, और अब ट्रेलर को लेकर भी फैंस के बीच काफी उत्सुकता है. इस दिन रिलीज होगी फिल्म अप्लॉज एंटरटेनमेंट के मूवी बिजनेस हेड सुनील चैनानी ने खुशी जताते हुए कहा कि वे इस बेहतरीन टीम के साथ काम करके बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि यह फिल्म स्क्रीन पर दर्शकों को एक बेहद इमोशनल और यादगार अनुभव देगी. बिरला स्टूडियोज, अप्लॉज एंटरटेनमेंट और विंडो सीट फिल्म्स द्वारा बनाई गई यह फिल्म 12 जून 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है.

लिंगानुपात सुधार में लापरवाही पर गिरी गाज, SMO और MO सस्पेंड

 चंडीगढ़ हरियाणा स्वास्थ्य विभाग ने राज्य में लिंगानुपात में सुधार से संबंधित प्रभावी निगरानी और नियमों के कड़े कार्यान्वयन में विफलता को लेकर बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। स्वास्थ्य विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव (ACS) सुमिता मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए 3 सीनियर मेडिकल ऑफिसर (SMO) और 1 मेडिकल ऑफिसर (MO) को तुरंत प्रभाव से निलंबित करने के आदेश जारी किए हैं। निगरानी और नियमों को लागू करने में रहे विफल मिली जानकारी के अनुसार, इन अधिकारियों पर लिंगानुपात में सुधार से जुड़े उपायों की प्रभावी ढंग से निगरानी न करने और संबंधित कानूनों को जमीन पर सही तरीके से लागू करने में नाकाम रहने का आरोप है। विभाग ने इसे कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना है। ये अधिकारी हुए सस्पेंड एसीएम सुमिता मिश्रा द्वारा जारी निलंबन आदेश के तहत जिन अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है, उनके नाम इस प्रकार हैं:     SMO डॉ. टीना आनंद     SMO विजय परमार     SMO सतपाल     MO प्रभा  

सिवाह नहर पुल हादसा: महिला का शव बरामद, पति की तलाश जारी

पानीपत  सिवाह नहर पुल पर सोमवार सुबह पूजा सामग्री प्रवाहित करते वक्त असंध निवासी दंपती का पैर फिसल गया और वह बह गए। महिला का शव करीब 20 किलोमीटर दूर सोनीपत के खूबड़ू झाल से बरामद किया, पति की देर शाम तक तलाश जारी रही। मृतक कमलेश (56) बेटे गौरव के बयान में सामने आया कि दंपती पूजा सामग्री प्रवाहित करने के दौरान हादसे का शिकार हुए। असंध निवासी 60 वर्षीय मुरारी लाल गोयल राइस मिलर थे। उनकी आढ़त की दुकान और फैक्ट्री भी है। सोमवार तड़के वह पत्नी कमलेश के साथ स्कूटी पर पानीपत पहुंचे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों ने सिवाह नहर पुल के पास स्कूटी खड़ी की, चप्पलें उतारकर स्कूटी पर रखीं और नहर किनारे पहुंचे। इसी दौरान दोनों गहरे पानी में चले गए और तेज बहाव में बह गए। राहगीरों ने पुलिस को सूचना दी। इसराना थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाशी अभियान शुरू कराया। पंडित ने पूजा सामग्री प्रवाहित करने के लिए कहा था पुलिस को दिए बयान में गौरव ने बताया कि उनके माता-पिता को एक पंडित ने पूजा सामग्री पानीपत के पास नहर में प्रवाहित करने के लिए कहा था। इसी कारण दोनों सुबह घर से निकले थे। पूजा सामग्री प्रवाहित करते समय उनका पैर फिसल गया और वे नहर के तेज बहाव में बह गए। गौरव ने बताया कि परिवार में किसी प्रकार का विवाद या आर्थिक परेशानी नहीं थी। कारोबार भी सही चल रहा था। गौरव के अनुसार सोमवार सुबह जब बच्चे सैर के लिए उठे तो घर के बाहर स्कूटी नहीं थी। माता-पिता भी घर पर नहीं मिले। तलाश शुरू की और बाद में सूचना मिली कि उनकी स्कूटी पानीपत में नहर किनारे खड़ी है। इसराना के थाना प्रभारी हरिराम ने कहा कि लोगों को लगा था कि बुजुर्ग दंपती नहर में नहाने के लिए उतरे हैं, लेकिन बाद में परिवार की ओर से पूजा सामग्री प्रवाहित करने की बात सामने आई है। मामले की जांच की जा रही है। कमलेश के शव को पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवाया है। मुरारी लाल की तलाश जारी है।