samacharsecretary.com

देशभर में दवा संकट नहीं होगा, मेडिकल स्टोर हड़ताल पर सरकार का बड़ा बयान

चंडीगड़ देशभर में 20 मई को प्रस्तावित मेडिकल स्टोर हड़ताल को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है. सरकार और दवा नियामक एजेंसियों की ओर से साफ किया गया है कि आम लोगों को दवाओं की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा. कई राज्यों के रिटेल फार्मेसी संगठनों ने हड़ताल से दूरी बना ली है और मेडिकल स्टोर खुले रखने का फैसला किया है. दरअसल, ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स (AIOCD) ने 20 मई को देशभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने का आह्वान किया है. AIOCD देशभर के करीब 12.4 लाख केमिस्ट, फार्मासिस्ट और दवा वितरकों का प्रतिनिधित्व करने का दावा करता है. संगठन का दावा है कि ई-फार्मेसी और इंस्टेंट मेडिसिन डिलीवरी प्लेटफॉर्म बिना पर्याप्त निगरानी के काम कर रहे हैं, जिससे दवाओं की बिक्री और मरीजों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं. दवा दुकानों की हड़ताल से कौन-कौन बाहर? हालांकि, सरकार से जुड़े सूत्रों ने कहा है कि इस हड़ताल का असर सीमित रहने की संभावना है, क्योंकि कई राज्य स्तरीय फार्मेसी एसोसिएशनों ने इसका समर्थन नहीं किया है. सूत्रों के मुताबिक, सभी बड़े फार्मेसी चेन, अस्पतालों के मेडिकल स्टोर, जन औषधि केंद्र और AMRIT फार्मेसी स्टोर मंगलवार को खुले रहेंगे. सूत्रों ने बताया कि पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, केरल, छत्तीसगढ़, सिक्किम और लद्दाख समेत कई राज्यों के फार्मेसी संगठनों ने लिखित रूप से भरोसा दिया है कि वे हड़ताल में शामिल नहीं होंगे और दवाओं की सप्लाई सामान्य बनी रहेगी. क्यों हड़ताल पर मेडिकल स्टोर? AIOCD का मुख्य विरोध ऑनलाइन दवा बिक्री और ई-फार्मेसी प्लेटफॉर्म को लेकर है. संगठन का आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म बिना सही प्रिस्क्रिप्शन जांच के दवाएं बेच रहे हैं. इसके अलावा AI से तैयार फर्जी पर्चियों के जरिए एंटीबायोटिक और दूसरी दवाओं के गलत इस्तेमाल का खतरा भी बढ़ रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, IOCD के महासचिव राजीव सिंघल ने कहा कि ऑनलाइन फार्मेसी अब स्वास्थ्य व्यवस्था का हिस्सा बन चुकी हैं, लेकिन उनके लिए सख्त नियम जरूरी हैं. उन्होंने कहा कि मौजूदा नियमों में खामियों की वजह से ई-फार्मेसी कानूनी ‘ग्रे जोन’ में काम कर रही हैं. गठन का कहना है कि इन प्रावधानों के चलते ऑनलाइन फार्मेसी को बिना स्पष्ट नियामक ढांचे के काम करने की छूट मिल गई है. AIOCD चाहता है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर भी वही नियम लागू हों जो पारंपरिक मेडिकल स्टोर पर लागू होते हैं. क्या कह रही सरकार? वहीं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) ने कहा है कि ई-फार्मेसी को लेकर उठाई गई चिंताओं की समीक्षा की जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक, दवा नियामक ने AIOCD प्रतिनिधियों से बातचीत की है और उनके मुद्दों पर विचार जारी है. सरकारी सूत्रों ने कहा कि मरीजों को दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना सरकार की प्राथमिकता है. किसी भी प्रकार की हड़ताल या आपूर्ति बाधित होने से खासकर बुजुर्गों, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों और नियमित दवाओं पर निर्भर लोगों को परेशानी हो सकती है. इसी वजह से कई संगठनों ने सार्वजनिक हित को देखते हुए बंद से दूरी बनाई है. स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े जानकारों का मानना है कि डिजिटल हेल्थ सेवाओं और ई-फार्मेसी का विस्तार भविष्य की जरूरत है, लेकिन इसके साथ मजबूत रेगुलेशन भी जरूरी है. फिलहाल सरकार और दवा नियामक एजेंसियां इस मुद्दे पर संतुलित समाधान निकालने की कोशिश कर रही हैं, ताकि मरीजों को बिना किसी बाधा के दवाएं मिलती रहें और दवा कारोबार में पारदर्शिता भी बनी रहे.

जंगल में गूंजीं गोलियां, झारखंड में पुलिस-नक्सली एनकाउंटर से इलाके में हड़कंप

चक्रधरपुर. पश्चिमी सिंहभूम जिले के पोड़ाहाट जंगल में केड़ाबीर के पास मंगलवार तड़के पुलिस और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में हुई है। सूचना है कि मुठभेड़ के दौरान नक्सली मारे गए हैं। हालांकि अभी तक अभी तक इसकी पुष्टि नहीं हो पाई है कि कितने नक्सली मारे गए हैं। घटना सोनुवा थाना क्षेत्र के केड़ाबीर इलाके में हुई। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कोबरा 209 बटालियन के जवान पिछले दो दिनों से सोनुवा, गोइलकेरा थाना क्षेत्र के घने जंगलों में सर्च अभियान चला रहे थे। तड़के करीब छह बजे कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान जवानों का नक्सलियों से आमना-सामना हो गया। इसके बाद दोनों ओर से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। रुक-रुक कर चली गोलीबारी में एक या दो नक्सली मारे गए हैं। सूचना है कि पुलिस ने उसके पास से हथियार समेत अन्य सामान बरामद किया है। एसपी ने की पुष्टि, हाई अलर्ट जारी पश्चिमी सिंहभूम के एसपी अमित रेणु ने मुठभेड़ की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि इलाके में ऑपरेशन जारी है। मुठभेड़ के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षाबलों की सतर्कता बढ़ा दी गई है और सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। पूरे सारंडा क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया है। मिसिर बेसरा के नेतृत्व में सक्रिय नक्सली सूत्रों के अनुसार इलाके में माओवादी नेता मिसिर बेसरा के नेतृत्व में नक्सली अब भी सक्रिय हैं। हाल ही में गोईलकेरा थाना क्षेत्र में एक पूर्व नक्सली रमेश चांपिया की हत्या के बाद संकेत मिल रहे थे कि नक्सली सारंडा से निकलकर कोल्हान और पोड़ाहाट जंगल में आसपास के इलाकों में अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं। इसके बाद 29 अप्रैल को सुरक्षा बल के साथ मुठभेड़ में मारे गए 1 लाख के इनामी नक्सली इसराइल पूर्ति उर्फ अमृत को मार गिराया था। इसके बाद से सुरक्षा एजेंसियों का दावा है कि नक्सलियों के खिलाफ जल्द बड़ी कार्रवाई होगी। फिलहाल जंगल क्षेत्रों में पुलिस और नक्सलियों के बीच लुकाछिपी का खेल जारी है। सुरक्षाबल हर गतिविधि पर कड़ी नजर रखे हुए हैं।

IAS अफसरों की मुश्किलें बढ़ीं, ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में दोबारा भेजा समन

चंडीगढ़  एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) की और से पूर्व कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा मामले में तलब किए गए वरिष्ठ आईएएस अधिकारी पंजाब स्टेट पावर कारपोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सीएमडी बसंत गर्ग और चेंज आफ लैंड यूज (सीएलयू) मामले में ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथारिटी (गमाडा) के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार निर्धारित तिथि पर एजेंसी के समक्ष पेश नहीं हो सके। अब दोनों अधिकारियों को 20 मई बुधवार को दोबारा पेश होने के लिए समन जारी किए गए है। बीती 18 मई को ईडी ने बसंत गर्ग को दिल्ली स्थित कार्यालय में पूछताछ के लिए बुलाया था। वहीं गमाडा के मुख्य प्रशासक संदीप कुमार को न्यू चंडीगढ़ में रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, जमीन उपयोग परिवर्तन (सीएलयू) और मंजूरियों से जुड़े दस्तावेजों के संबंध में समन जारी किया गया था। दाेनों अधिकारी पूछताछ के लिए नहीं गए। हालांकि गमाडा मुख्य प्रशासक संदीप कुमार की ओर से चार गजटेड अफसरों को जालंधर स्थित ईडी कार्यालय भेजा गया जो सीएलयू से संबंधित सारा रिकार्ड जमा करवा कर आए। इस रिकार्ड में न्यू चंडीगढ़ में विभिन्न प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और संबंधित प्रशासनिक फाइलों से जुड़ा रिकार्ड एजेंसी को दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, ईडी ने इन दस्तावेजों के आधार पर कई परियोजनाओं की स्वीकृति प्रक्रिया, फाइल मूवमेंट और विभागीय अनुमोदनों को लेकर जानकारी जुटाई है। बताया जा रहा है कि जांच एजेंसी विशेष तौर पर उन फाइलों की पड़ताल कर रही है, जिनमें बड़े बिल्डरों को मंजूरी दी गई थी। अब तक क्या हुआ: मामले की टाइमलाइन संजीव अरोड़ा से जुड़ी कारोबारी गतिविधियों को लेकर सबसे पहले 2023 में संदेह पैदा हुआ था, जब उनकी कंपनी एचएसआरएल पर कागजों में 157.12 करोड़ रुपये के मोबाइल बिक्री लेनदेन और दुबई में 102 करोड़ रुपये के कथित फर्जी निर्यात का मामला सामने आया। इसके बाद ईडी ने विदेशी लेनदेन और फंड रूटिंग को लेकर प्राथमिक जांच शुरू की। अप्रैल 2026 में ईडी ने फेमा के तहत पहली बार संजीव अरोड़ा और एचएसआरएल से जुड़े ठिकानों पर छापेमारी की। जांच के दौरान विदेशी लेनदेन और निर्यात दस्तावेजों में कथित गड़बड़ी की बात सामने आई। इसके बाद 5 मई 2026 को दिल्ली की शेल कंपनियों के जरिए गलत जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) लेने के आरोपों के आधार पर ईडी ने प्रिवेंशन आफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत नया केस दर्ज किया। ईडी ने कई जगहों पर रेड की 8 और 9 मई को ईडी ने चंडीगढ़, दिल्ली और गुरुग्राम समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी की। इसी कार्रवाई के दौरान न्यू चंडीगढ़ से जुड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स और कुछ निजी कंपनियों के दस्तावेज जब्त किए गए। 9 मई को संजीव अरोड़ा को गिरफ्तार किया गया था। 10 मई को विशेष अदालत ने उन्हें ईडी रिमांड पर भेजा। 18 मई को अरोड़ा को न्यायिक में हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान कई अधिकारियों व कारोबारियों को समन जारी किए गए। 16 और 17 मई को ईडी ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए पीएसपीसीएल के सीएमडी बसंत गर्ग, पावरकाम की डायरेक्टर (कमर्शियल) हरशरण कौर, कारोबारी हेमंत सूद, चंद्रशेखर अग्रवाल और गमाडा से जुड़े अधिकारियों को तलब किया। एजेंसी का फोकस न्यू चंडीगढ़ के रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, सीएलयू मंजूरियों और पूर्व मंत्री से जुड़े कथित वित्तीय लेनदेन पर रहा।  

जनता की जेब पर फिर बोझ, पंजाब में दोबारा महंगे हुए पेट्रोल-डीजल

लुधियाना. पेट्रोल और डीजल की कीमतों में एक बार फिर बढ़ोतरी कर दी गई है। बीते 15 मई को तेल कंपनियों द्वारा दाम बढ़ाए गए थे और अब कुछ ही दिनों बाद दोबारा कीमतों में इजाफा होने से आम जनता, ट्रांसपोर्ट कारोबारियों और उद्योग जगत की चिंता बढ़ गई है। नई दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। नई कीमतों के अनुसार पेट्रोल का रेट पहले 101.30 रुपये प्रति लीटर था, जिसे बढ़ाकर अब 102.16 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। वहीं डीजल की कीमत 91.04 रुपये से बढ़कर 91.93 रुपये प्रति लीटर हो गई है। लगातार दूसरी बार हुई बढ़ोतरी से वाहन चालकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ना तय माना जा रहा है। कुबेर पेट्रो के राजू शर्मा ने बताया कि तेल कंपनियों की ओर से जारी नई दरों को तुरंत लागू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है, जिसका असर घरेलू बाजार पर भी पड़ रहा है। इसी कारण पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बदलाव हो रहा है। दूसरी ओर, बढ़ते ईंधन दामों का असर रोजमर्रा की वस्तुओं और परिवहन खर्च पर भी पड़ने की संभावना जताई जा रही है। ट्रांसपोर्ट कारोबारियों का कहना है कि डीजल महंगा होने से माल ढुलाई की लागत बढ़ेगी, जिसका सीधा असर बाजार में वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई दे सकता है। उद्योगों और व्यापार से जुड़े लोगों का मानना है कि पहले से ही बढ़ती लागत और आर्थिक दबाव के बीच ईंधन की बढ़ती कीमतें कारोबार के लिए नई चुनौती बन रही हैं।

छुट्टियों में भी जारी रहेगा न्यायिक कामकाज, बिलासपुर हाईकोर्ट में वेकेशन बेंच शुरू

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट में सोमवार से ग्रीष्मकालीन अवकाश शुरू हो गया है. अवकाश में जरूरी मामलों की सुनवाई वेकेशन बेंच में शुरू शुरू हो गई है. मंगलवार को पहली बार वेकेशन बेंच में सुनवाई शुरू हो रही है. हाईकोर्ट में समर वेकेशन शुरू हो चुका है. इसके बाद भी आवश्यक मामलों की सुनवाई करने चीफ जस्टिस के निर्देश पर अलग से व्यवस्था की गई है. हर सप्ताह अलग से बेंच निर्धारित किया गया है. इनमें अवकाश के दौरान सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुकदमों की सुनवाई की जाएगी. मंगलवार को जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की डिवीजन बेंच में आवश्यक रिट मामलों, फेमिली मैटर और अपराधिक मामलों की सुनवाई होगी. इसी प्रकार जस्टिस एनके व्यास और जस्टिस संजय कुमार जायसवाल की सिंगल वेकेशन बेंच भी रखी गई है. हाईकोर्ट प्रशासन ने नया रोस्टर जारी कर दिया है, जो 7 मई से प्रभावी है। नई व्यवस्था के तहत विभिन्न मामलों की सुनवाई के लिए चार डिवीजन बेंच और 14 सिंगल बेंच गठित की गई हैं। 7 मई से लागू हुआ नया रोस्टर हाईकोर्ट द्वारा जारी नई सूची के अनुसार अब अलग-अलग प्रकार के मामलों की सुनवाई तय बेंचों द्वारा की जाएगी। समर वेकेशन से पहले लंबित मामलों के प्रभावी निपटारे और कार्यों के बेहतर संचालन को ध्यान में रखते हुए यह बदलाव किया गया है। पहली डिवीजन बेंच संभालेगी जनहित याचिकाएं मुख्य न्यायाधीश जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रविंद्र अग्रवाल की प्रथम डिवीजन बेंच को जनहित याचिकाओं, हेबियस कॉर्पस, रिट अपील और अन्य विशेष मामलों की सुनवाई की जिम्मेदारी दी गई है। यह बेंच महत्वपूर्ण संवैधानिक और सार्वजनिक हित से जुड़े मामलों पर सुनवाई करेगी। दूसरी बेंच में होगी आपराधिक मामलों की सुनवाई जस्टिस संजय के अग्रवाल और जस्टिस संजय जायसवाल की डिवीजन बेंच आपराधिक मामलों और अल्ट्रा वायर्स से जुड़े प्रकरणों की सुनवाई करेगी। इस बेंच के पास गंभीर आपराधिक और कानूनी वैधता से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी रहेगी। कैदी अपीलों के लिए अलग बेंच गठित तीसरी डिवीजन बेंच में जस्टिस संजय अग्रवाल और जस्टिस एनके व्यास को कैदी अपीलों से संबंधित मामलों की सुनवाई सौंपी गई है। जेलों से जुड़े अपील मामलों और सजा संबंधी याचिकाओं की सुनवाई इसी बेंच में होगी। वैवाहिक, टैक्स और सेवा मामलों के लिए चौथी बेंच जस्टिस पार्थ प्रतिम साहू और जस्टिस सचिन सिंह राजपूत की चौथी डिवीजन बेंच वैवाहिक अपील, टैक्स और सेवा संबंधी मामलों की सुनवाई करेगी। कर्मचारियों और पारिवारिक विवादों से जुड़े प्रकरण इसी बेंच में सुने जाएंगे। 14 सिंगल बेंच भी करेंगी नियमित सुनवाई नई व्यवस्था में मुख्य न्यायाधीश की विशेष बेंच सहित कुल 14 सिंगल बेंच भी गठित की गई हैं। ये बेंच विभिन्न श्रेणी के मामलों की नियमित सुनवाई करेंगी, जिससे मामलों के तेजी से निपटारे में मदद मिलने की उम्मीद है। न्यायिक कार्यों में आएगी तेजी हाईकोर्ट के नए रोस्टर से न्यायिक कार्यों के बेहतर संचालन और लंबित मामलों की सुनवाई में तेजी आने की संभावना जताई जा रही है। समर वेकेशन से पहले यह बदलाव कोर्ट की कार्यप्रणाली को व्यवस्थित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। वकीलों और पक्षकारों के लिए अहम अपडेट नए रोस्टर लागू होने के बाद अब अधिवक्ताओं और पक्षकारों को अपने मामलों की सुनवाई के लिए निर्धारित बेंच के अनुसार तैयारी करनी होगी। कोर्ट प्रशासन ने सभी संबंधित पक्षों को नई व्यवस्था की जानकारी दे दी है।

बिना Seen हुए देखें WhatsApp Status, जानें 3 आसान और सुरक्षित तरीके

अगर आप कभी किसी का WhatsApp स्टेटस देखना चाहते हैं, लेकिन सामने वाले को इसकी भनक भी न लगे, तो इसके लिए कुछ आसान तरीके मौजूद हैं. खास बात यह है कि इसके लिए आपको किसी थर्ड-पार्टी ऐप की जरूरत नहीं पड़ेगी. WhatsApp में ही कुछ ऐसे फीचर्स दिए गए हैं, जिनकी मदद से आप किसी का स्टेटस चुपचाप देख सकते हैं. आइए अब जानते हैं ऐसे 3 आसान तरीके, जिनसे आप बिना अपना नाम दिखाए किसी का स्टेटस देख सकते हैं. पहला तरीका: Read Receipts बंद करें     अपने फोन में WhatsApp खोलें.     Android में ऊपर दिख रहे तीन डॉट्स पर टैप करें, जबकि iPhone में Settings में जाएं.     अब Privacy वाले ऑप्शन पर जाएं.     यहां जाकर Read Receipts को बंद कर दें.     इसके बाद आप आराम से सामने वाले का स्टेटस देख सकते हैं, और उसे पता भी नहीं चलेगा. ध्यान रखें कि Read Receipts को तब तक बंद ही रहने दें, जब तक वह स्टेटस 24 घंटे बाद अपने आप गायब न हो जाए. अगर आपने इसे उससे पहले ऑन कर दिया, तो आपका नाम व्यूअर लिस्ट में दिख जाएगा. दूसरा तरीका: Airplane Mode का यूज करें     सबसे पहले WhatsApp खोलें और कुछ सेकंड रुकें, ताकि स्टेटस अपने आप लोड हो जाए.     इसके बाद फोन में Airplane Mode ऑन कर दें और मोबाइल डेटा या Wi-Fi बंद कर दें.     अब जिस व्यक्ति का स्टेटस देखना है, उसे खोलकर आराम से देख लें.     स्टेटस देखने के बाद WhatsApp को पूरी तरह बंद कर दें.     फिर Airplane Mode ऑफ करके इंटरनेट दोबारा चालू कर लें. ध्यान रखें कि यह तरीका तभी काम करता है जब स्टेटस देखने के बाद आप WhatsApp को पूरी तरह बंद कर दें और उसके बाद ही इंटरनेट चालू करें. तीसरा तरीका: एंड्रॉयड फोन में फाइल मैनेजर का यूज करें अगर आप WhatsApp स्टेटस बिना खोले देखना चाहते हैं, तो एंड्रॉयड फोन में एक आसान ट्रिक है. दरअसल, स्टेटस की फोटो कुछ समय के लिए फोन के एक छिपे हुए फोल्डर में सेव हो जाती है.     सबसे पहले अपने फोन में Files या File Manager ऐप खोलें.     फिर ऐप की सेटिंग्स में जाएं.     वहां Show hidden files या छिपी हुई फाइलें दिखाने वाला ऑप्शन ऑन करें.     इसके बाद इस रास्ते पर जाएं: Internal Storage > WhatsApp > Media > Statuses     यहां आपको स्टेटस की फोटो सीधे दिख जाएंगी, जिन्हें आप बिना WhatsApp खोले देख सकते हैं. ध्यान रखें, यह तरीका ज्यादातर सिर्फ फोटो वाले स्टेटस पर काम करता है, वीडियो स्टेटस हर बार यहां नहीं मिलते.

तरबूज कांड पर बढ़ा हड़कंप, मौत के मामले में भोपाल तक सक्रिय हुई एजेंसियां

 भोपाल / श्योपुर मध्य प्रदेश के श्योपुर में तरबूज खाने के बाद ड्राइवर पिता की मौत और बेटे की तबियत बिगड़ने के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। मामला अब राजधानी भोपाल तक पहुंच गया है। शहर के खातौली तिराहे के पास किराये के मकान में किराये से रहने वाले इंद्र सिंह परिहार और उनके पुत्र विनोद परिहार की संदिग्ध परिस्थितियों में तबीयत बिगडने और कोटा रेफर के दौरान इंद्र सिंह की मौत के मामले में फिलहाल पुलिस जांच कर रही है। अब इस मामले में पशुपालन विभाग ने भी अपनी जांच शुरू कर दी है। रविवार को पशुपालन विभाग ने भी चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिए है। पशुपालन विभाग पहुंची पोल्ट्री फार्म, भोपाल भेजे सैंपल सुभाष बाबू दोहरे उप संचालक पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने बताया कि, तीन पशु चिकित्सक सहित चार सदस्यीय टीम गठित कर पोल्ट्री फार्म से सेंपल लिया गया है। टीम द्वारा लिए गए सेंपल को जांच हेतु भोपाल भी भेजा जा चुका है। जहां से जांच उपरांत आने वाले रिपोर्ट के आधार पर ही विधि अनुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने बताया कि, गठित टीम पोल्ट्री फार्म की सतत निगरानी व देखरेख करेगी। सुभाष बाबू दोहरे ने बताया कि, टीम के सदस्य डॉ. सचिन उपाध्याय ने जानकारी दी है कि, यहां साफ-सफाई पाई गई है साथ ही मुर्गियों में भी ऐसे कोई लक्षण नहीं पाए गए जिससे किसी प्रकार की आशंका व्यक्त की जा सके। डॉक्टरों ने बताया था संभाविक कारण हालांकि इंद्र सिंह की मौत और विनोद की गंभीर हालत का वास्तविक कारण अभी सामने नहीं आया है, लेकिन आशंक व्यक्त की जा रही है कि कोई बर्ड संक्रमण भी हो सकता है, क्योंकि ये दोनों पोल्ट्री फार्म पर काम करते थे। वहीं दूसरी ओ किसी केमिकल का भी दुष्प्रभाव होने की आशंका व्यक्ति की जा रही है, लेकिन चिकित्सक साफ तौर पर रहे है कि तरबूज खाने से मौत होने जैसी स्थितियां कहीं से नजर नहीं आ रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रारंभिक रूप से पाया गया है कि गला चोक होने से इंद्र सिंह की मौत हुई है। विनोद की हालत अभी स्थिर मृतक इंद्रसिंह के पुत्र विनोद का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है और आईसीयू में वेंटीलेटर पर है। दो दिन बाद भी हालत अभी स्थिर है। चिकित्सकों का कहना है कि विनोद की हालत पहले जैसी ही है। तरबूज खाने के बाद अचानक बिगड़ी तबियत बता दें कि, 15 मई शुक्रवार को सुबह 5 बजे इंद्र सिंह व उनके पुत्र विनोद की सुबह अचानक तबीयत खराब हो गई थी, जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया था। लेकिन इंद्र सिंह की रेफर के दौरान मौत हो गई थी वहीं बेटा विनोद का उपचार अभी जारी है। बताया गया है कि, मृतक इंद्र सिंह अपने परिवार के साथ पोल्ट्री फार्म में काम करते थे। ऐसे में बर्ड संक्रमण की आशंकाओं के बीच इस मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। 

लू के थपेड़ों से पंजाब बेहाल, बठिंडा में पारा 47 डिग्री पार; मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट

पटियाला  पंजाब में भीषण गर्मी का प्रकोप जारी है। लू चलने से सोमवार को भीषण गर्मी रही। इससे राज्य के तापमान में 2.3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। पारा अब सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर पहुंच गया है। 47 डिग्री के तापमान के साथ बठिंडा राज्य में सबसे गर्म रहा। मौसम विभाग ने मंगलवार को फिरोजपुर, फाजिल्का, फरीदकोट, मुक्तसर, मोगा, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, मानसा और संगरूर में लू चलने का अलर्ट जारी किया है। बुधवार से लू पूरे पंजाब को अपनी चपेट में ले लेगी। विभाग के मुताबिक आने वाले दिनों में तापमान में 2 से 3 डिग्री की वृद्धि दर्ज की जा सकती है। सोमवार को पटियाला का पारा 44 डिग्री दर्ज हुआ, जो सामान्य से 4.5 डिग्री ऊपर रहा। पटियाला में लू की स्थिति रही। अमृतसर का अधिकतम पारा 42.0 डिग्री, लुधियाना का 42.2 डिग्री, पटियाला का 44.0 डिग्री, पठानकोट का 40.9 डिग्री, फाजिल्का का 42.6 डिग्री, फिरोजपुर का 42.0 डिग्री, एसबीएस नगर का 39.9 डिग्री, गुरदासपुर का 42.0 डिग्री, होशियारपुर का 40.0 डिग्री और रूपनगर का 42.3 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं पंजाब के न्यूनतम तपमान में 0.3 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। यह फिलहाल सामान्य के नजदीक बना है। सबसे कम 20.4 डिग्री का न्यूनतम पारा पठानकोट का दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 24.7 डिग्री, लुधियाना का 25.0 डिग्री, पटियाला का 26.0 डिग्री, बठिंडा का 20.3 डिग्री, फिरोजपुर का 22.7 डिग्री, होशियारपुर का 21.1 डिग्री और रूपनगर का 20.9 डिग्री दर्ज किया गया।  मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा पूर्वानुमान में 19 मई से 22 मई तक लू चलने की चेतावनी दी गई है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाएं लोगों की परेशानी बढ़ाएंगी, वहीं रात के तापमान में भी लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। मौसम विभाग के स्थानीय मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, 19 मई को अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन दोपहर और शाम के समय तेज सतही हवाओं के साथ हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। विभाग ने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि दोपहर के समय बिना जरूरत घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। 20 मई को भी गर्मी से राहत मिलने के कोई संकेत नहीं हैं। इस दिन अधिकतम तापमान 44 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने दोपहर और शाम के समय हीट वेव जारी रहने की चेतावनी दी है। लगातार गर्म हवाएं चलने से लोगों को लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा। 21 मई को तापमान में मामूली गिरावट के बावजूद गर्मी का असर बरकरार रहेगा। अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। विभाग के मुताबिक इस दिन भी दोपहर और शाम के समय हीट वेव की स्थिति बनी रहेगी। आर्द्रता 50 प्रतिशत से 35 प्रतिशत तक रह सकती है, जिससे उमस भी लोगों की परेशानी बढ़ाएगी। 22 मई को भी हालात लगभग समान बने रहेंगे। मौसम विभाग ने अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान जारी किया है। पूरे दिन गर्म हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि 23 मई से मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है और आसमान मुख्यतः साफ रहने की संभावना जताई गई है। तेज हवाओं के कारण फिलहाल वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) में कोई बड़ा बदलाव नहीं देखा गया है और स्थिति अभी गंभीर श्रेणी में नहीं पहुंची है। बावजूद इसके विशेषज्ञों ने बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। डॉक्टरों का कहना है कि लगातार पानी पीते रहें, धूप में निकलने से बचें और शरीर को हाइड्रेट रखें ताकि लू और डिहाइड्रेशन से बचाव किया जा सके।   

महिलाओं के सशक्तिकरण पर सरकार का फोकस, मंत्री भूरिया ने योजनाओं की प्रगति पर की चर्चा

भोपाल महिला बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया की अध्यक्षता में मंगलवार को मंत्रालय में महिला सशक्तिकरण योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये गठित मंत्रि-परिषद समिति की बैठक हुई। बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्यमंत्री श्रीमती राधा सिंह उपस्थित थी। नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीतमी प्रतिमा बागरी बैठक में वर्चुवली शामिल हुईं। समिति द्वारा प्रमुख राज्य प्रवर्तित योजनाओं तथा महिलाओं को आर्थिक एवं सामाजिक रूप से सशक्त करने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में प्रासंगिकता एवं योजनाओं में अपेक्षित बदलाव पर विस्तृत चर्चा की गई।  

नौतपा 2026: इन 9 दिनों में करें ये उपाय, मिलेगा सूर्य देव का विशेष आशीर्वाद

इस वर्ष 25 मई से लेकर 2 जून तक नौतपा रहने वाला है. नौतपा साल के 9 सबसे गर्म दिनों को कहा जाता है. कहते हैं कि इस दौरान सूर्य देव का ताप अपने चरम पर होता है और धरती पर बेहिसाब गर्मी पड़ती है. यह नौतपा अधिक मास के बीच पड़ रहा है, इसलिए इसका धार्मिक महत्व भी ज्यादा है. ज्योतिषिवदों का कहना है कि नौतपा में दान-धर्म के कार्यों से बड़ा पुण्य मिलता है. आप चाहें तो नौतपा के नौ दिन नौ विशेष उपाय कर इसका लाभ उठा सकते हैं. 1. सूर्य अर्घ्य नौतपा में हर रोज सुबह जल्दी उठकर सूर्य देव को अर्घ्य दे. इस दौरान तांबे के लोटे में जल भरकर उसमें एक लाल फूल और रोली डालकर ही आर्घ्य दें. आपका आत्मविश्वास बढ़ेगा. 2. जल दान नौतपा के दिनों में जल या शरबत का दान करने से भी बड़ा पुण्य मिलता है. इस भीषण गर्मी में राहगीरों और जरूरतमंदों को मीठे शरबत या सादे जल का सेवन जरूर कराएं. सम्बंधित ख़बरें 3. मौसमी फलों का दान नौतपा की धधकती गर्मी के बीच आपको मौसमी फलों का दान करने से भी बहुत पुण्य मिलेगा. इस मौसम में आप खरबूजा, तरबूज या आम जैसे फलों का दान कर सकते हैं. आप चाहें तो गन्ने का रस भी गरीबों में वितरित कर सकते हैं. 4. गेहूं-चावल का दान नौतपा में गरीब और जरूरतमंदों को गेहूं और चावल का दान करना भी विशेष फलदायी माना गया है. कहते हैं कि इस एक उपाय से घर में कभी अन्न की कमी नहीं होती और सुख-समृद्धि बनी रहती है. 5. गुड़-चना नौतपा में सूर्य देव को गुड़ और चना अर्पित करें. नौतपा में किसी भी दिन तांबे की थाली में गुड़ और चने रखकर उसे सूर्य देव को अर्पित करें. आपकी कुंडली में सूर्य से जुड़ी समस्याएं खत्म हो जाएंगी. 6. पशु-पक्षियों की सेवन नौतपा के दौरान पक्षियों और पशुओं की सेवा से भी बड़ा लाभ मिलता है. इस दौरान अपने घर के आस-पास या छत पर पशु-पक्षियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था जरूर करें. आप किसी पात्र में स्वच्छ जल भरकर रख सकते हैं. आपकी सूर्य देव पर बहुत कृपा होगी. 7. हनुमान जी की पूजा नौतपा ज्येष्ठ अधिक मास में पड़ रहा है और ज्येष्ठ में हनुमान जी की पूजा का विशेष महत्व बताया गया है. इन 9 दिनों में आपको हनुमान जी की उपासना का विशेष लाभ मिल सकता है. इस दौरान हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करने से मानसिक शक्ति बढ़ती है और नकारात्मकता दूर होती है. 8. पौधों को ज दें नौतपा की भीषण गर्मी में पीपल, बरगद और तुलसी जैसे पवित्र पौधों में जल अर्पित करने की परंपरा है. 9. पितृ पूजन और दान-पुण्य नौतपा में किसी भी दिन अपने पितरों की शांति के लिए गरीबों को भोजन कराने और दान-पुण्य करने से भी बड़ा लाभ मिलता है. इससे आपके पितरों की हमेशा आप पर कृपा बनी रहेगी.