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वर्षों से जब्त वाहनों को लेकर जालंधर पुलिस सख्त, मालिकों को 3 दिन का अल्टीमेटम

जालंधर. जालंधर ट्रैफिक पुलिस ने साल 2013 से 2020 के दौरान 207 मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किए गए वाहनों को लेकर अहम सूचना जारी की है। पुलिस के अनुसार, कमिश्नरेट जालंधर के व्हीकल यार्ड में बड़ी संख्या में वाहन अब भी बंद पड़े हैं, जिन्हें उनके मालिकों ने अभी तक रिलीज नहीं करवाया है। ट्रैफिक पुलिस ने ऐसे सभी वाहन मालिकों से अपील की है कि वे अपने वाहनों को छुड़वाने के लिए जरूरी दस्तावेजों सहित 3 दिनों के भीतर आवेदन जमा करवाएं। वाहन मालिक अपने वाहन के वैलिड दस्तावेज और लिखित दरखास्त खिड़की नंबर-5, इंचार्ज एडमिन, इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम, कमिश्नरेट पुलिस लाइन रोड जालंधर में जमा करवा सकते हैं। पुलिस ने साफ किया है कि यदि निर्धारित समय के अंदर कोई दावा या आवेदन पेश नहीं किया गया तो नियमों के अनुसार इन वाहनों को डिस्पोज ऑफ कर दिया जाएगा। इसके बाद वाहन मालिकों की ओर से दी गई किसी भी दरखास्त या दावे पर विचार नहीं किया जाएगा।

राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की बैठक संपन्न

रायपुर  मुख्य सचिव  विकासशील ने जल जीवन मिशन के अंतर्गत राज्य में नियमित जलापूर्ति और पेयजल की शुद्धता की निरंतर जांच कराने के कड़े निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिए हैं। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में आज यहाँ मंत्रालय (महानदी भवन) में राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन की अपेक्स कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई।        बैठक में जल जीवन मिशन 2.0 के क्रियान्वयन की कार्ययोजना, पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था, आवश्यक संसाधन, प्रशिक्षण, जनभागीदारी, जल संरक्षण तथा सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। साथ ही, भू-जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों की सुरक्षा के लिए श्जल अर्पणश् की नई पहल पर भी विचार-विमर्श किया गया। बुनियादी ढांचे के बाद अब सुचारू संचालन और मॉनिटरिंग पर जोर         मुख्य सचिव ने कहा कि विभिन्न गांवों और बसाहटों में पानी की टंकियां तथा नल लगाने का काम पूरा होने के बाद अब सबसे महत्वपूर्ण जिम्मेदारी नियमित जलापूर्ति और पानी की गुणवत्ता बनाए रखना है। ग्राम पंचायतों को नल-जल योजनाओं के संचालन एवं रख-रखाव की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए गठित समितियों में महिलाओं की भागीदारी को अनिवार्य किया गया है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को ग्राम पंचायतों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर सहयोग करने के निर्देश दिए। नल-जल योजनाओं की निरंतर और प्रभावी मॉनिटरिंग की जिम्मेदारी सीधे जिला कलेक्टरों की होगी। वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल ट्रैकिंग के कड़े निर्देश           मुख्य सचिव ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत गाइडलाइंस के अनुरूप पूर्ण वित्तीय पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार से मिलने वाले फंड का उपयोग केवल स्वीकृत मदों में ही किया जाए। पानी की सप्लाई चौन में किसी भी प्रकार की खराबी को तुरंत सुधारने के लिए उन्होंने सुजलम भारत डिजिटल प्लेटफॉर्म और पीएम गति शक्ति ऐप के माध्यम से रियल-टाइम ट्रैकिंग करने के निर्देश दिए।         इसके अलावा, उन्होंने एलडब्ल्यूई (नक्सल) प्रभावित एवं दुर्गम आदिवासी क्षेत्रों में स्वीकृत योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए कार्यों में तेजी लाने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि वर्ष 2028 की समय-सीमा से पहले छत्तीसगढ़ के शत-प्रतिशत ग्रामीण घरों में शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए व्यापक कार्ययोजना बनाई जाए। सिंगल विलेज और बल्क वॉटर स्कीम की प्रगति           बैठक में अधिकारियों ने जल जीवन मिशन 2.0 के तहत रिफॉर्म प्लान की प्रगति की जानकारी दी। सिंगल विलेज स्कीम के तहत इस विकेंद्रीकृत योजना के तहत गांवों में ही उपलब्ध जल स्रोतों का उपयोग कर पाइपलाइन के जरिए हर घर में नल कनेक्शन दिया जाता है। राज्य के विभिन्न गांवों में ऐसी 29 हजार 90 योजनाएं बनाई गई हैं। दूर-दराज के क्षेत्रों, शहरों या कई गांवों के समूहों तक भारी मात्रा में शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए 70 योजनाएं संचालित हैं, जिनमें पानी को दूरस्थ स्रोतों से लाकर वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में शुद्ध किया जाता है।        पीएम जनमन कार्यक्रम के तहत पीवीटीजी बसाहटों में पेयजल व्यवस्था के तहत 1,531 गांवों के अंतर्गत आने वाले (20 परिवारों से कम वाली) करीब 920 बसाहटों और एलडब्ल्यूई क्षेत्रों के छूटे हुए परिवारों के लिए विशेष कार्ययोजना पर काम जारी है।         बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रमुख सचिव मती शहला निगार, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के सचिव  अमित कटारिया, वित्त विभाग के सचिव  रोहित यादव, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव  मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  भीम सिंह, इसके साथ ही भारत सरकार के जल शक्ति मंत्रालय तथा पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी बैठक में वर्चुअली व प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित रहे।  

CG के विद्यार्थियों को मिलेगा समर कैंप का मौका, सभी कलेक्टर और DEO को भेजे गए आदेश

रायपुर. ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान विद्यार्थियों के लिए समर कैंप आयोजित करने को लेकर स्कूल शिक्षा विभाग ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं। जारी आदेश में बच्चों के सर्वांगीण विकास, रचनात्मक गतिविधियों और बहुमुखी प्रतिभा को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया है। जारी निर्देशों के अनुसार समर कैंप का आयोजन स्कूलों या गांव-शहर के सामुदायिक स्थानों में किया जा सकेगा। कैंप का संचालन प्रतिदिन सुबह 7:30 बजे से 9:30 बजे तक किया जाएगा। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि समर कैंप में कला एवं रचनात्मक क्षेत्र के विशेषज्ञों को आमंत्रित कर विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया जा सकता है। इसके अलावा बच्चों को औद्योगिक संस्थान, मेडिकल कॉलेज सहित अन्य बड़े संस्थानों का भ्रमण भी कराया जा सकेगा। समर कैंप में स्कूल शिक्षकों और पालकों की सहभागिता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। कैंप में चित्रकला, गायन-वादन, निबंध एवं कहानी लेखन, हस्तलिपि लेखन, नृत्य, खेलकूद और स्थानीय इतिहास से जुड़ी गतिविधियां आयोजित की जाएगी। इसके अलावा जिला और स्कूल स्तर पर अन्य रचनात्मक गतिविधियों को भी शामिल किया जा सकेगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि समर कैंप पूर्णतः स्वैच्छिक रहेगा और इसके लिए अलग से कोई बजट उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए जिला स्तर पर उपलब्ध संसाधनों और जनसहयोग का उपयोग करने को कहा गया है।समर कैंप के आयोजन से पहले शाला विकास समिति और पालक-शिक्षक समिति की सहमति लेना अनिवार्य होगा। साथ ही ग्रीष्मकालीन प्रायोजना कार्यों को शिक्षक और पालकों के सहयोग से पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने अधिकारियों और शिक्षकों से अपील की है कि वे ग्रीष्मावकाश को बच्चों के सीखने और प्रतिभा निखारने के अवसर के रूप में उपयोग करें तथा आयोजित गतिविधियों की जानकारी विभाग को उपलब्ध कराएं।

उम्र सिर्फ 15 साल, लेकिन बल्लेबाजी में तूफान! वैभव सूर्यवंशी के आंकड़ों ने उड़ाए होश

जयपुर  वैभव सूर्यवंशी… IPL 2026 का वह नाम, जिसने सिर्फ रन नहीं बनाए, बल्कि अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से पूरे टूर्नामेंट की धड़कन बदल दी है. मंगलवार को लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ 38 गेंदों में 93 रन की तूफानी पारी खेलकर इस 15 साल के बल्लेबाज ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह सिर्फ उभरता सितारा नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट का अगला बड़ा सुपरस्टार बनने की राह पर है. राजस्थान रॉयल्स ने इस मुकाबले को पांच गेंदें बाकी रहते 7 विकेट से जीतकर प्लेऑफ की ओर मजबूत कदम बढ़ाया, लेकिन मैच खत्म होने के बाद चर्चा सिर्फ और सिर्फ वैभव सूर्यवंशी की हो रही थी।  – 93 रन… वो भी सिर्फ 38 गेंदों में – 7 चौके और 10 गगनचुंबी छक्के – स्ट्राइक रेट 244.73 ऑरेंज कैप की रेस में भी वैभव सूर्यवंशी ने बड़ा धमाका कर दिया है. 13 मैचों में 579 रन बनाकर वह IPL 2026 में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बन चुके हैं और फिलहाल ऑरेंज कैप उन्हीं के सिर पर सजी है. खास बात यह है कि उनका स्ट्राइक रेट 236.32 का है, जो टॉप रन स्कोरर्स में सबसे ज्यादा है।  ये आंकड़े किसी वीडियो गेम जैसे लगते हैं, लेकिन वैभव इसे लगातार मैदान पर सच साबित कर रहे हैं. IPL 2026 में अब तक उनके बल्ले से 53 छक्के निकल चुके हैं, जो किसी भी T20 टूर्नामेंट में दूसरे सबसे ज्यादा हैं. उनसे आगे सिर्फ यूनिवर्स बॉस क्रिस गेल हैं, जिन्होंने IPL 2012 में 59 छक्के लगाए थे. यानी अब वैभव और इतिहास के बीच सिर्फ 7 छक्कों की दूरी बची है।  क्रिस गेल का 2012 वाला IPL सीजन आज भी T20 क्रिकेट के सबसे विस्फोटक सीजन में गिना जाता है. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) के लिए खेलते हुए गेल ने उस सीजन 15 मैचों में 733 रन बनाए थे और पूरे टूर्नामेंट में 59 छक्के जड़ दिए थे. यही IPL इतिहास में एक सीजन में सबसे ज्यादा छक्कों का रिकॉर्ड है, जिस पर अब वैभव सूर्यवंशी की नजर टिक चुकी है।  सबसे खास बात यह है कि वैभव की बल्लेबाजी में सिर्फ ताकत नहीं, बल्कि स्वाभाविक आक्रामकता और असाधारण टाइमिंग दिखाई देती है. कई युवा बल्लेबाज बड़े शॉट खेलने के चक्कर में तकनीक खो देते हैं, लेकिन वैभव के खेल में संतुलन है. वह सिर्फ स्लॉग नहीं करते, बल्कि गेंदबाज की लाइन-लेंथ पढ़कर उसे मानसिक दबाव में डाल देते हैं. यही वजह है कि दुनिया के बड़े-बड़े गेंदबाज भी उनके सामने अपनी योजना बदलने को मजबूर हो रहे हैं।  लखनऊ के खिलाफ उनकी पारी इसका सबसे बड़ा उदाहरण थी. शुरुआत से ही उन्होंने संकेत दे दिया था कि वह मैच को लंबा नहीं खींचेंगे. पावरप्ले में जिस तरह उन्होंने तेज गेंदबाजों को पुल और फ्लिक से निशाना बनाया, उसने विपक्षी कप्तान की रणनीति बिगाड़ दी. स्पिनर्स आए तो वैभव ने कदमों का इस्तेमाल करते हुए उन्हें लॉन्ग ऑन और मिडविकेट के ऊपर से उड़ाना शुरू कर दिया. उनकी बल्लेबाजी में डर बिल्कुल नहीं दिखता. यही निडरता उन्हें बाकी युवा खिलाड़ियों से अलग बनाती है।  आज के दौर में T20 क्रिकेट सिर्फ रन बनाने का खेल नहीं रह गया है, बल्कि मनोरंजन का सबसे बड़ा मंच बन चुका है. ऐसे में वैभव सूर्यवंशी जैसे खिलाड़ी किसी फ्रेंचाइजी के लिए सोने की खान साबित होते हैं. वह क्रीज पर आते ही मैच का टेंपो बदल देते हैं. स्टेडियम में शोर बढ़ जाता है, टीवी TRP ऊपर चली जाती है और सोशल मीडिया पर क्लिप्स वायरल होने लगती हैं.यही कारण है कि क्रिकेट विशेषज्ञ उन्हें IPL 2026 का सबसे रोमांचक खिलाड़ी बता रहे हैं।  राजस्थान रॉयल्स के लिए भी वैभव किसी वरदान से कम नहीं रहे. टीम ने इस सीजन कई करीबी मुकाबले जीते हैं और लगभग हर बड़ी जीत में वैभव की विस्फोटक बल्लेबाजी निर्णायक रही है. उनका प्रभाव सिर्फ स्कोरबोर्ड तक सीमित नहीं है. जब एक बल्लेबाज 15-20 गेंदों में मैच का रुख बदलने की क्षमता रखता हो, तो विपक्षी टीम शुरुआत से दबाव में आ जाती है. यही मानसिक बढ़त राजस्थान को बाकी टीमों से अलग बना रही है।  वैभव की तुलना अब क्रिस गेल जैसे दिग्गजों से होने लगी है. हालांकि दोनों की शैली अलग है. गेल ताकत और लंबे छक्कों के लिए मशहूर थे, जबकि वैभव की बल्लेबाजी में आधुनिक T20 क्रिकेट की गति, एंगल और इनोवेशन दिखता है. वह रैंप शॉट भी खेलते हैं, पिकअप पुल भी लगाते हैं और स्पिनर्स के खिलाफ अंदर-बाहर दोनों तरफ से छक्के मार सकते हैं. यही बहुमुखी प्रतिभा उन्हें भविष्य का ग्लोबल T20 स्टार बना सकती है।  दिलचस्प बात यह है कि वैभव की उम्र को लेकर भी लगातार चर्चा हो रही है. इतनी कम उम्र में इस स्तर का आत्मविश्वास और मैच अवेयरनेस बेहद दुर्लभ मानी जाती है. आमतौर पर युवा खिलाड़ी बड़े मंच पर दबाव में आ जाते हैं, लेकिन वैभव जितना बड़ा मंच होता है, उतना ही खतरनाक खेलते नजर आते हैं. यही सुपरस्टार खिलाड़ियों की पहचान होती है।  अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या वैभव सूर्यवंशी क्रिस गेल का 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ पाएंगे? मौजूदा फॉर्म को देखते हुए जवाब ‘हां’ की तरफ झुकता नजर आता है. राजस्थान रॉयल्स अगर प्लेऑफ में पहुंचती है, तो उनके पास रिकॉर्ड तोड़ने के लिए पर्याप्त मैच होंगे. और जिस लय में वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं, वहां 7 छक्के कोई बड़ी दूरी नहीं लगती।  लेकिन आंकड़ों और रिकॉर्ड्स से परे, वैभव सूर्यवंशी की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने क्रिकेट प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है. लोग अब सिर्फ राजस्थान रॉयल्स का मैच नहीं देखते, बल्कि वैभव की बल्लेबाजी देखने के लिए टीवी ऑन करते हैं. यही किसी खिलाड़ी की असली स्टार वैल्यू होती है।  IPL 2026 में कई बड़े नाम खेले, कई कप्तानों ने सुर्खियां बटोरीं, लेकिन जिस खिलाड़ी ने सबसे ज्यादा रोमांच पैदा किया, वह वैभव सूर्यवंशी हैं. अगर उनका बल्ला इसी तरह गरजता रहा, तो आने वाले दिनों में सिर्फ गेल का रिकॉर्ड ही नहीं टूटेगा, बल्कि भारतीय क्रिकेट को एक नया ग्लोबल सुपरस्टार भी मिल सकता है। 

ईरान तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव, करीबी नेताओं के विरोधी खेमे में जाने से हलचल तेज

वाशिंगटन  अमेरिका की सीनेट में  राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को बड़ा झटका लगा. ईरान युद्ध को सीमित करने वाले प्रस्ताव पर वोटिंग के दौरान उसके ही चार सांसदों ने अपनी पार्टी के खिलाफ जाकर डेमोक्रेट्स का साथ दे दिया. यह प्रस्ताव वॉर पॉवर्स एक्ट के तहत राष्ट्रपति की सैन्य कार्रवाई की शक्तियों को सीमित करने से जुड़ा है. सीनेट में यह प्रस्ताव 50-47 वोटों से पास हुआ, जिसमें तीन रिपब्लिकन सांसद वोटिंग में शामिल नहीं हुए. रिपब्लिकन सीनेटर रैंड पॉल, सुसान कॉलिन्स, लिसा मर्कोव्स्की और बिल कैसिडी ने ट्रंप के खिलाफ वोट किया, वहीं डेमोक्रेट सांसद जॉन फेटरमैन ने इस प्रस्ताव का विरोध किया।  ये सिर्फ एक राजनीतिक एजेंडा नहीं था, बल्कि डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक बुरा संकेत भी है. अब तक सिर्फ बयान आ रहे थे लेकिन इसे ट्रंप के खिलाफ उनकी ही पार्टी की ओर से एक दुर्लभ सार्वजनिक नाराजगी माना जा रहा है. अब तक रिपब्लिकन पार्टी और उसके समर्थक ईरान युद्ध में ट्रंप के साथ खड़े रहे हैं, लेकिन 81 दिन से जारी इस युद्ध का कोई स्पष्ट समाधान नजर नहीं आ रहा है. ऐसे में पार्टी के भीतर भी नाराजगी नजर आने लगी है।  ट्रंप को हटाने के लिए 25वें संशोधन की भी मांग मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच कई बार ऐसे सवाल भी उठे हैं कि क्यों उन्हें संविधान का सहारा लेकर हटा न दिया जाए? डेमोक्रेट्स ने 25वें संशोधन की मांग की और डेमोक्रेटिक सीनेटर क्रिस मर्फी कई बार ये कह चुके हैं कि उपराष्ट्रपति और कैबिनेट को तुरंत 25वें संशोधन की धारा 4 लागू करनी चाहिए.अमेरिका के कई सांसद और नेता कह रहे हैं कि ट्रंप का ईरान युद्ध को लेकर बार-बार शब्द बदलना, रणनीति बदलना और यह गाली भरा पोस्ट लिखना, उनके मानसिक स्वास्थ्य पर सवाल उठाता है. ईरान युद्ध में हजारों मौतें हो चुकी हैं और ट्रंप लगातार पूर्ण हवाई नियंत्रण का दावा करते हैं, लेकिन ईरानी हमले खत्म नहीं हो रहे. ऐसे में लोग चिंतित हैं कि राष्ट्रपति का यह व्यवहार देश और दुनिया के लिए खतरा बन सकता है।  कैसे जा सकती है ट्रंप की कुर्सी? इस सवाल का सीधा जवाब है – 25वां संशोधन और उसकी धारा 4. यह अमेरिकी संविधान का एक महत्वपूर्ण प्रावधान है, जो 1967 में राष्ट्रपति जॉन एफ. केनेडी की हत्या के बाद पास किया गया. इसका मकसद होता है – अगर राष्ट्रपति मर जाए, इस्तीफा दे दे, हटा दिया जाए या अक्षम हो जाए तो उपराष्ट्रपति को सत्ता सौंपने की प्रक्रिया तय करना. इसकी धारा 4 की मांग की जा रही है।  धारा 4: यह सबसे महत्वपूर्ण है क्योंकि इसमें उपराष्ट्रपति और कैबिनेट के बहुमत (15 में से 8) को अधिकार है कि वे लिखित रूप से घोषणा करें कि राष्ट्रपति अपने कर्तव्यों को निभाने में असमर्थ हैं. इसके बाद उपराष्ट्रपति तुरंत एक्टिंग राष्ट्रपति बन जाता है. अगर राष्ट्रपति कहे कि वह ठीक है तो 4 दिन में कैबिनेट और उपराष्ट्रपति को कांग्रेस में दो-तिहाई बहुमत से साबित करना पड़ता है। 

जंबूरी मैदान, भोपाल में हुआ ग्राम रोजगार सहायकों का राज्य स्तरीय महासम्मेलन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि ग्राम रोजगार सहायक ग्रामीण विकास और ग्राम को आत्मनिर्भर बनाने की दृष्टि से महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इनकी भूमिका हनुमान की तरह होती है। राज्य सरकार ग्राम रोजगार सहायकों के हित संवर्धन के लिए प्रतिबद्ध है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार को भोपाल के जंबूरी मैदान में हुए ग्राम रोजगार सहायकों के राज्य स्तरीय महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि रोजगार सहायक प्रदेश की ग्राम पंचायतों में विकास की मुख्य धुरी है। प्रधानमंत्री  मोदी के डिजिटल भारत के स्वप्न को साकार करने ग्राम रोजगार सहायकों की महत्वपूर्ण भूमिका हैं। ग्राम रोजगार सहायक इस महत्वपूर्ण कार्य के सारथी हैं। सूचना प्रौद्योगिकी के उपयोग में आगे हैं ग्राम सहायक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने कहा था कि भारत की आत्मा गांवों में बसती है। उन्होंने ग्राम स्वराज का सपना देखा था। हमारे प्रधानमंत्री  मोदी ने डीबीटी व्यवस्था को लागू कर इसे लोकप्रिय बनाया है। हितग्राहियों तक योजनाओं की राशि पहुंचाने का कार्य इस पद्धति से हो रहा है। जिसका श्रेय रोजगार सहायकों और पंचायत सचिवों को जाता है। शासन और जनता के लिए कार्य करते हुए यही वर्ग अपनी बुद्धि, पराक्रम, पुरूषार्थ और कुशलता से समाज को आदर्श रूप में दिखाई देता है। अनेक असंभव कार्य भी वे कर दिखाते हैं। इस नाते जमीनी स्तर पर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण है। समाज के निर्धन और जरूरतमंद व्यक्ति जो समाज की आखिरी पंक्ति में खड़े हैं, उन्हें लाभान्वित करने में अपनी भूमिका निभाते है। महिला, किसान, युवा और गरीब कल्याण में ग्राम सहायकों की महत्वपूर्ण है भूमिका मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री  मोदी महिला, किसान, युवा और गरीबों के हित को प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रहे हैं। ग्राम सहायकों की भूमिका भी इन वर्गों के विकास में पुरुषार्थ के रूप में समाज को आदर्श रूप में दिखाई देती है। ग्राम सहायक और पंचायत सचिव युक्ति और बुद्धि का उपयोग कर शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं जैसे- वीबी जी-राम-जी (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एण्ड आजीविका मिशन) के क्रियान्वयन और जनता की विभिन्न समस्याओं का समाधान का रास्ता निकालते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर गेहूं उपार्जन कार्य में भी ग्राम सहायकों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए घोषणा की कि प्रदेश में जिन किसानों के उपार्जन के लिए स्लॉट 23 मई तक बुक थे। उन किसानों के लिये आवश्यकतानुसार उपार्जन कार्य 28 मई तक बढ़ाने का प्रबंध किया जायेगा। जल गंगा संवर्धन के अच्छे परिणाम लाने में जुटे हैं ग्राम सहायक मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश जल संरक्षण और संवर्धन के कार्यो में अग्रणी है। प्रदेश को ग्राम सहायकों के परिश्रम से इस कार्य में प्रथम स्थान आने का यश मिला है। कुओं, बावड़ियों, तालाबों और नदियों को उपयोगी बनाने, आम जनता को पानी बचाने और जल स्त्रोतों के संरक्षण के लिए प्रेरित कर रहे ग्राम सहायक निष्ठा से कार्य कर रहे हैं। ग्राम सहायकों की चिंता करेगी राज्य सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्राम सचिवों के मानदेय बढ़ाने और उन्हें अन्य सुविधायें प्रदान करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार पूरी चिंता करते हुए आवश्यक कदम उठाएगी। पूर्व में भी पारिश्रमिक दोगुना करने का निर्णय लिया जा चुका है। ग्राम सहायकों के हित में जनप्रतिनिधियों के साथ और संगठन के पदाधिकारियों के परामर्श से बैठक में विचार-विमर्श कर आवश्यक निर्णय लिया जायेगा। दुर्घटना का शिकार हुए रोजगार सहायकों के परिवारों को आर्थिक सहायता की घोषणा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस महासम्मेलन के लिए भोपाल आ रहे दो ग्राम सहायक  मीणा और  लखन के दुर्घटना में असामयिक देवलोक गमन का समाचार पीड़ादायक है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए प्रार्थना करते हुए, दोनों के परिजन को 10-10 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की राशि प्रदान करने की घोषणा की। इसके साथ ही गंभीर घायल को 1 लाख रुपये और अन्य सामान्य घायलों को समुचित उपचार के लिए 50-50 हजार रुपये की राशि देने की घोषणा की। सम्मेलन में मध्यप्रदेश राज्य कर्मचारी कल्याण समिति के अध्यक्ष  रमेशचंद्र शर्मा, भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री  कुलदीप गुर्जर के अलावा  रवि भट्ट,  राकेश पंडया और अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।  

सरकारी स्कूलों की बढ़ी फीस से माता-पिता परेशान, शिक्षा खर्च में होगा इजाफा

रायपुर   छत्तीसगढ़ में शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में विभिन्न मदों में ली जाने वाली फीस में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। बढ़ी हुई फीस आगामी शैक्षणिक सत्र से लागू होगी। यह जानकारी विभाग ने आज पत्रकारों को दी गई। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा फीस संशोधन का प्रस्ताव स्कूल शिक्षा विभाग को भेजा गया था, जिसे शासन ने स्वीकृति प्रदान करते हुए आदेश जारी कर दिया है। विभाग की ओर से कहा गया है कि परीक्षा सामग्री, खेल सामग्री और विज्ञान प्रयोगशाला से जुड़ी सामग्रियों की लागत में वृद्धि को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। नई व्यवस्था के तहत एक्टिविटी फीस 50 रुपए से बढ़ाकर 65 रुपए कर दी गई है। गरीब छात्र सहायता कोष 10 रुपए से बढ़ाकर 15 रुपए किया गया है। साइंस क्लब फीस 20 रुपए से बढ़कर 25 रुपए होगी, जबकि स्काउट गाइड फंड 50 रुपए से बढ़ाकर 60 रुपए कर दिया गया है। इसी प्रकार खेलकूद फीस 50 रुपए से बढ़ाकर 65 रुपए तथा साइंस प्रैक्टिकल फीस भी 50 रुपए से बढ़ाकर 65 रुपए कर दी गई है। हायर सेकंडरी एक्टिविटी फीस में भी वृद्धि करते हुए इसे 50 रुपए से बढ़ाकर 75 रुपए किया गया है। हालांकि रेडक्रॉस फीस में कोई बदलाव नहीं किया गया है और यह पूर्ववत 30 रुपए ही रहेगी। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार स्कूलों में आवश्यक शैक्षणिक संसाधनों और गतिविधियों के संचालन में बढ़ती लागत को ध्यान में रखते हुए फीस संशोधन का निर्णय लिया गया है। वहीं फीस वृद्धि के बाद अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।    प्रदेश में करीब 56 हजार स्कूल संचालित हैं, जिनमें लगभग 56 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इनमें से 44 लाख से अधिक छात्र सरकारी स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में संशोधित शुल्क व्यवस्था से सरकारी स्कूलों के पास बड़ी राशि उपलब्ध होगी। 

प्रतिदिन 16 लाख से ज्यादा यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही योगी सरकार

लखनऊ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सड़क दुर्घटनाओं पर रोक लगाने और यात्रियों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास करती आ रही है। इसी क्रम में उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (यूपीएसआरटीसी) यात्रियों को सुरक्षित, सुगम यात्रा का अनुभव देने के लिए बड़े पैमाने पर नवीनतम तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है। यूपीएसआरटीसी की लगभग सभी बसों की लाइव ट्रैकिंग हो रही है, ताकि प्रतिदिन इन बसों में सफर करने वाले 16 लाख से अधिक यात्रियों की सुरक्षा पुख्ता की जा सके। यूपीएसआरटीसी के वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक प्रदेश में परिवहन व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बनाने के लिए 13,500 से अधिक बसों को व्हीकल लोकेशन ट्रैकिंग डिवाइस (वीएलटीडी) से जोड़ा जा चुका है। इसकी ट्रैकिंग लखनऊ स्थित मुख्यालय के कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से हो रही है। बस ड्राइवरों की जवाबदेही भी तय की गई उन्होंने बताया कि इन बसों में प्रतिदिन 16 लाख से अधिक लोग यात्रा कर रहे हैं। बसों की ट्रैकिंग के लिए हर रोज 24 घंटे मुख्यालय का कमांड सेंटर और 20 रीजनल मॉनिटरिंग सेंटर एक्टिव रहते हैं। यहां से बस की ओवर स्पीड, तेज ब्रेक लगाने, तेज गति में बस मोड़ने, तय सीमा से अधिक रफ्तार पर बस चलाने, तय रूट समेत अन्य पर नजर रखी जा रही है। इसकी मुख्यालय से रोज रिपोर्ट तैयार होती है और गलती पाए जाने पर बस ड्राइवर को चेतावनी या कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है। इससे प्रदेश में दुर्घटनाओं में काफी कमी लाई जा रही है। पैनिक बटन दबाते ही एक्शन शुरू लाइव ट्रैकिंग के साथ इन बसों में हादसे या आपात स्थिति के लिए पैनिक बटन भी लगाए गए हैं। इनका इस्तेमाल होते ही अलर्ट यूपीएसआरटीसी कमांड सेंटर के साथ यूपी पुलिस के कंट्रोल रूम को भी जाता है। इसके बाद फौरन कंडक्टर से संबंधित विभागों द्वारा बात कर उचित एक्शन लिया जाता है। यूपीएसआरटीसी के मुताबिक हर रोज 5 हजार से अधिक अलर्ट आते हैं। जरूरत के हिसाब से मदद उपलब्ध कराई जाती है। पोर्टल और वेबसाइपट के जरिए यात्रियों को सुविधा यूपीएसआरटीसी के मार्गदर्शी पोर्टल और निगम की वेबसाइपट पर ट्रैक माई बस के जरिए यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। यात्री बस की लोकेशन कहीं से भी लाइव देख सकते हैं।

भारत के लिए एक साथ अच्छी और बुरी खबर, GDP घटने के बावजूद विकास की उम्मीद कायम

नईदिल्ली  विदेश से भारत के लिए एक साथ दो खबरें आई हैं, इनमें भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी और एक बुरी खबर शामिल है. यूनाइटेड नेशंस यानी UN के डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक्स एंड सोशल अफेयर्स (UN DESA) ने एक रिपोर्ट जारी कर भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में कटौती कर झटका दिया है, तो वहीं कहा है कि कटौती के बावजूद भारत दुनिया की सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाओं में बना रहेगा। अब इस रफ्तार से भागेगी इकोनॉमी पीटीआई के मुताबिक, यूएन की रिपोर्ट में मिडिल ईस्ट संकट (Middle East Crisis) का हवाला देते हुए भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान में कटौती की गई है. इसे 20 बेसिस पॉइंट कम करते हुए FY26 के लिए 6.4 फीसदी कर दिया गया है. इससे पहले UN ने भारतीय इकोनॉमी के 6.6 फीसदी की रफ्तार से आगे बढ़ने का अनुमान जताया था।  इसमें एनालिस्ट ने बताया है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध से पैदा हुए पश्चिम एशिया संकट ने ग्लोबल अनिश्चितता पैदा कर दी है, इससे लगने वाले आर्थिक झटकों के मद्देनजर जीडीपी ग्रोथ का अनुमान घटाया गया है।  UN DESA की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट टेंशन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए एक बहुत बड़ा झटका साबित हुई है. इससे जहां आर्थिक वृद्धि धीमी हुई है, तो महंगाई का दबाव लगातार बढ़ा है. प्रमुख अर्थशास्त्री इंगो पिटर्ले ने कहा कि इस ग्लोबल झटके से भारत भी अछूता नहीं है. ऊर्जा आयात पर निर्भरता के चलते ये प्रभावित हो रहा है।  UN ने दी ये बड़ी खुशखबरी भले ही यूएन ने भारत के जीडीपी ग्रोथ अनुमान को घटा दिया है, लेकिन इसके साथ ही एक गुड न्यूज भी दी है. रिपोर्ट में कहा गया है कि जीडीपी में गिरावट के बाद भी भारत सबसे तेजी से आगे बढ़ती हुईं दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में से एक बना रहेगा।  पिटर्ले का कहना है कि हमने भारत में संरचनात्मक रूप से बहुत मजबूत ग्रोथ देखी है, जो कंज्यूमर डिमांड, सार्वजनिक निवेश और सर्विस एक्सपोर्ट में मजबूत प्रदर्शन के चलते है. सबसे तेज इकोनॉमी की लिस्ट में भारत को आगे रखने के में ये प्रमुख कारक होंगे।  चुनौतियां बहुत, फिर भी भारत में दम  यूनाइटेड नेशंस के अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारत में दम है और देश के उत्पादन में अभी भी 6.4 फीसदी की ग्रोथ का अनुमान है. हालांकि, यह आंकड़ा बीते साल 2025 में 7.5 फीसदी की तुलना में कम है, जो स्पष्ट तस्वीर पेश करता है कि एनर्जी इंपोर्ट की लागत में तगड़ा उछाल, कठिन वित्तीय परिस्थितियां पैदा कर रहा है।  रिपोर्ट में ये अनुमान भी जाहिर किया गया है कि अगर वित्त वर्ष 2027 में India's Economic Growth Rate फिर बढ़कर 6.6 फीसदी हो सकती है। 

डिवाइडर का होगा कलात्मक विकास, लगाई जाएंगी थिमेटिक प्रतिमाएं

गोरखपुर स्मार्ट सिटी गोरखपुर में सड़कों को चौड़ा करने के बाद योगी सरकार उनके सौंदर्य को निखारने की पहल कर रही है। गोरखपुर के मुख्य मार्ग अब नई आभा से निखर उठेंगे। इसके लिए मुख्य मार्गों के डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं की स्थापना कर उनका कलात्मक विकास किया जाएगा। इस नए प्रोजेक्ट का उद्देश्य राहगीरों और सैलानियों के मन में गोरखपुर की छवि को अविस्मरणीय बनाना है। मुख्य मार्गों के डिवाइडर के कलात्मक विकास की परियोजना को पीपीपी (पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप) मॉडल पर मूर्त रूप दिया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का प्रस्तुतिकरण मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष किया जा चुका है और नगर निगम बोर्ड में इस संबंध में प्रस्ताव पारित होने के बाद अब काम शुरू होने जा रहा है। एक माह में परियोजना आकार लेने लगेगी। महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव बताते हैं कि गोरखपुर के मार्गों पर बने डिवाइडर का सौंदर्य अब केवल हरियाली तक सीमित नहीं रहेगा। अब उन्हें कलात्मक और सांस्कृतिक पहचान भी मिलेगी। डिवाइडर को थिमेटिक सांस्कृतिक रूप देने के लिए कहीं राष्ट्रीय प्रतीक चिन्ह और वाद्य यंत्रों की आकृतियां दिखाई देंगी तो कहीं योग मुद्राओं की प्रतिमाएं आकर्षण का केंद्र बनेंगी। इसके जरिये गोरखपुर शहर को आधुनिकता के साथ भारतीय संस्कृति तथा परंपरा से जोड़ा जाएगा। महापौर का मानना है कि आने वाले समय में गोरखपुर की सड़कें केवल यातायात का माध्यम नहीं बल्कि कला, संस्कृति और आधुनिक विकास का प्रतीक बनकर लोगों को आकर्षित करेंगी। परियोजना के अंतर्गत प्रमुख चौराहों व मार्गों पर थिमेटिक प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी। इन प्रतिमाओं में संगीत, योग, अध्यात्म और भारतीय जीवनशैली की झलक देखने को मिलेगी। इससे न केवल शहर की सुंदरता बढ़ेगी बल्कि बाहर से आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं के मन में विकसित और व्यवस्थित गोरखपुर की सकारात्मक छवि भी बनेगी। सड़क किनारे आकर्षक लाइटिंग पहले से है। अब डिवाइडर पर हरियाली के बीच कलात्मक संरचनाओं के माध्यम से शहर को नया रूप दिया जाएगा। नगर के प्रवेश मार्गों और प्रमुख यातायात मार्गों को विशेष रूप से चिन्हित कर उनका सौंदर्यीकरण कराया जाएगा ताकि शहर में प्रवेश करते ही लोगों को आधुनिक और स्वच्छ गोरखपुर का अनुभव हो।  प्रमुख मार्गों के डिवाइडर का थिमेटिक विकास करने के लिए चयनित संस्था इंडियन आर्ट एडवरटाइजिंग प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक कृष्ण मोहन बताते हैं कि काम शुरू करने से पहले विभिन्न विभागों की तरफ से जरूरी एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) हासिल कर लिया गया है और एक माह में काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि डिवाइडर पर थिमेटिक प्रतिमाओं के साथ ही उसके आसपास बड़े पैमाने पर फूलों के पौधों को लगाकर खूबसूरती को और बढ़ाया जाएगा। संस्था परियोजना कार्य का कुल मिलाकर 30 वर्ष तक अनुरक्षण कार्य भी करेगी।  प्रथम चरण की कार्ययोजना -पैडलेगंज से नौका विहार मार्ग के डिवाइडर पर वाद्य यंत्रों की थीम की प्रतिमाएं लगाई जाएंगी। -असुरन चौराहा से लेकर गुलरिहा तक अध्यात्म और योग मुद्राओं की थीम वाली प्रतिमाओं को लगाया जाएगा।  -यातायात तिराहा से बरगदवा तक के डिवाइडर पर अध्यात्म थीम पर प्रतिमाओं से सजाया जाएगा।  -देवरिया बाईपास मार्ग (चिड़ियाघर मुख्य मार्ग) के डिवाइडर को एनिमल थीम पर विकसित किया जाएगा।