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आज का राशिफल: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा 21 मई का दिन, पढ़ें मेष से मीन तक भविष्यफल

मेष राशि– मेष राशि वालों के लिए आज का दिन परेशानी भरा हो सकता है। पारिवारिक से लेकर आर्थिक जीवन में खलबली मच सकती है। किसी भी बड़े फैसले को लेने से बचें। हालांकि दिन के अंत तक आप मुश्किलों से पार पा लेंगे। व्यापारिक स्थिति मिली-जुली रहने वाली है। वृषभ राशि- वृषभ राशि वालों के लिए आज का दिन आर्थिक रूप से नयापन ला सकता है। प्यार के मामले में आप लकी रहने वाले हैं। आपकी वाणी से लोग आकर्षित होंगे। रिश्तों में सुधार होगा। करियर में आपको नई पहचान बनाने का मौका मिलेगा। मिथुन राशि- मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। प्रेम संबंधों में सुधार होगा। आप सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव करेंगे। कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। हालांकि कोई भी फैसला भावुकता में आकर न लें। कर्क राशि- कर्क राशि वालों के लिए आज का दिन थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जीवनसाथी के साथ कुछ बातों में असहमति हो सकती है। आत्मविश्वास कमजोर होने के संकेत हैं। खर्चों में वृद्धि होने से आर्थिक स्थिति हिल सकती है। व्यावसायिक रूप से स्थिति सामान्य रहेगी। सिंह राशि- सिंह राशि वालों के लिए आज का दिन शानदार रहने वाला है। आप अपने आसपास सकारात्मक वातावरण का अनुभव करेंगे। सामाजिक संबंधों में सुधार होगा। कोई पुराना मतभेद भी सुलझ सकता है। आर्थिक स्थिति पहले से बेहतर होगी। अपनों का साथ मिलेगा। कन्या राशि- कन्या राशि वालों के लिए आज का दिन मुश्किलों से भरा हो सकता है। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति आपके पक्ष में नहीं दिख रही है। मानसिक तनाव संभव है। रिश्ते मजबूत होंगे। भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कोई बड़ा फैसला ले सकते हैं। तुला राशि- तुला राशि वालों के लिए आज का दिन शुभ रहने वाला है। नए लोगों से मुलाकात संभव है। करियर में नए अवसर मिल सकते हैं। किसी पुराने निवेश का अच्छा रिटर्न मिल सकता है। परिवार के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। वृश्चिक राशि-वृश्चिक राशि वालों के जीवन में आज उतार-चढ़ाव संभव है। नकारात्मक ऊर्जा से घिर सकते हैं। आत्मविश्वास में कमी का अनुभव करेंगे। परिवार के किसी सदस्य के साथ अनबन हो सकती है, इसलिए सोच-समझकर ही बोलें। आर्थिक रूप से स्थिति कमजोर रहेगी, खर्चे हावी हो सकते हैं। धनु राशि- धनु राशि वालों के लिए आज का दिन खुशियों से भरा हो सकता है। भाग्य का साथ मिलेगा, जिससे कुछ जरूरी काम बन सकते हैं। घर का अशांत माहौल आपको मानसिक तनाव दे सकता है। दिन की शुरुआत योग से करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होगा। व्यापारिक स्थिति पहले से सुधर सकती है। मकर राशि– आज का दिन मकर राशि वालों के लिए शानदार रहने वाला है। आर्थिक रूप से लाभ मिलेगा। कार्यस्थल पर आप अपने लक्ष्यों को पाने में सफल होंगे। हालांकि बच्चों से जुड़ी कोई चिंता सता सकती है। जीवनसाथी के साथ अच्छा समय गुजारेंगे। कुंभ राशि- कुंभ राशि वाले आज नई ऊर्जा का अनुभव करेंगे। आपके आसपास की नकारात्मक ऊर्जा दूर होगी। परिवार में खुशियां आएंगी। किसी शुभ समाचार की प्राप्ति हो सकती है। आर्थिक व व्यापारिक स्थिति सुधरने के संकेत हैं। मीन राशि- मीन राशि वालों को आज का दिन सावधानी से पार करना होगा। वाहन प्रयोग में सतर्कता बरतें, वरना चोट-चपेट लग सकती है। परिवार की छोटी परेशानी बड़ा रूप ले सकती है। हालांकि कार्यस्थल पर आप अपनी चुनौती पर विजय पा लेंगे।

सागर के डायल 112 हीरोज कार में फँसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर पहुँचाया अस्पताल

भोपाल सागर जिले के थाना बंडा क्षेत्र में डायल-112 जवानों की त्वरित प्रतिक्रिया और साहसिक कार्यवाही से सड़क दुर्घटना में कार के अंदर फँसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकालकर समय पर उपचार उपलब्ध कराया गया। हादसे के बाद तत्काल मौके पर पहुँचकर डायल-112 टीम ने मानवीय संवेदनशीलता और तत्परता का परिचय दिया। 19-20 मई की मध्यरात्रि थाना बंडा क्षेत्र अंतर्गतसोनी पेट्रोल पंप के आगे सागर रोडपर एक कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकरा गई, जिसमें तीन व्यक्ति घायल हो गए। दुर्घटना की सूचना एक राहगीर द्वारा अपने नोडल प्वाइंटबड़ा चौराहापर तैनात डायल-112 टीम को दी गई। इसके बाद सूचना राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल में दर्ज की गई। सूचना मिलते ही डायल-112 स्टाफआरक्षक  सोवरन यादव एवं पायलट  सोने सिंह लोधीतत्काल घटनास्थल पर पहुँचे। दुर्घटना में कार क्षतिग्रस्त हो गई थी और घायल वाहन के अंदर फँसे हुए थे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए डायल-112 जवानों ने राहगीरों की सहायता से कार में फँसे घायलों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद एक घायल व्यक्ति को तत्काल एफआरव्ही वाहन सेबंडा अस्पतालपहुँचाया गया, जबकि अन्य दो घायलों को परिजनों के साथ निजी वाहन से उपचार हेतु सागर रवाना किया गया। डायल-112 जवानों की त्वरित और साहसिक कार्यवाही से घायलों को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। डायल 112 हीरोजश्रृंखला की यह घटना दर्शाती है किडायल-112 सेवा केवल सूचना मिलने पर सहायता पहुँचाने तक सीमित नहीं है, बल्कि आपात स्थिति में मौके पर तत्काल राहत, रेस्क्यू और मानवीय सहायता प्रदान कर आमजन के जीवन की सुरक्षा के लिए निरंतर कार्य कर रही है।  

चार दशक बाद पहली बार गांव पहुंचा प्रशासन, जनगणना कार्य संपन्न

रायपुर  लंबे समय तक नक्सली प्रभाव और भय के कारण विकास की मुख्यधारा से कटा रहा बीजापुर जिले का दारेली गांव, अब बदलाव और विश्वास की नई इबारत लिख रहा है। पिछले चार दशकों से इस क्षेत्र में कोई भी प्रशासनिक गतिविधि नहीं हो पाई थी, यहाँ तक कि वर्ष 2011 की राष्ट्रीय जनगणना से भी यह गांव वंचित रह गया था, लेकिन अब इतिहास बदलते हुए पहली बार जिला प्रशासन की टीम सीधे दारेली गांव पहुंची और वहां सुचारू रूप से जनगणना का कार्य संपन्न कराया।            मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय के नेतृत्व और वन एवं जिले के प्रभारी मंत्री  केदार कश्यप के मार्गदर्शन में राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब उन सुदूरवर्ती गांवों तक पहुंच रही हैं, जहां पहले विकास की कल्पना करना भी बेहद कठिन था। प्रशासनिक अमले का ऐतिहासिक दौरा और आत्मीय स्वागत          इसी कड़ी में कलेक्टर बीजापुर  विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ मती नम्रता चौबे, जनगणना प्रभारी अधिकारी  मुकेश देवांगन तथा उसूर एसडीएम  भूपेंद्र गावरे ने दारेली गांव का सघन दौरा किया। प्रशासनिक अधिकारियों को अपने बीच पाकर ग्रामीणों ने उनका आत्मीय और भावुक स्वागत किया। ग्रामीणों ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आज उन्हें पहली बार यह महसूस हुआ है कि शासन-प्रशासन उनके द्वार तक पहुंचा है। इस दौरान गांव में हुए जनगणना कार्य को ग्रामीणों ने एक ऐतिहासिक और सुखद पहल बताया। शिविर लगाकर बुनियादी दस्तावेज बनाने के निर्देश           कलेक्टर बीजापुर ने चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया और जमीन के पट्टे, आधार कार्ड, बैंक खाते तथा राशन कार्ड जैसे अनिवार्य दस्तावेजों की उपलब्धता की समीक्षा की। कई ग्रामीणों के दस्तावेज अपूर्ण पाए जाने पर उन्होंने मातहत अधिकारियों को निर्देशित किया कि गांव में विशेष शिविर का आयोजन किया जाए, ताकि सभी पात्र ग्रामीणों का शत-प्रतिशत सैचुरेशन (दस्तावेजीकरण) सुनिश्चित हो सके। मौके पर ही संवेदनशील संज्ञानरू किसान की समस्या का त्वरित समाधान             भ्रमण के दौरान एक स्थानीय किसान ने कलेक्टर को अपनी व्यथा सुनाई कि उसके पिता के निधन के बाद भी लंबे समय से जमीन का नामांतरण नहीं हो पाया है। इस पर संवेदनशीलता दिखाते हुए कलेक्टर ने मौके पर ही मौजूद राजस्व अधिकारियों को नामांतरण प्रक्रिया तुरंत पूरी करने के कड़े निर्देश दिए और कहा कि वे स्वयं इस मामले की निगरानी करेंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्यप्रणाली को देखकर किसान भावुक हो गया और उसने अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया। जनकल्याणकारी योजनाओं और छात्रवृत्ति की घोषणा            कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित शासन की अन्य महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि अंतिम छोर के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ बिना किसी बाधा के पहुंचना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने ग्राम पंचायत दारेली के सभी स्कूली बच्चों को प्राथमिकता के आधार पर छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के भी निर्देश दिए। जो दारेली गांव कभी भय, उपेक्षा और सन्नाटे का प्रतीक माना जाता था, वह आज विकास, आपसी विश्वास और नई उम्मीदों की राह पर कदम बढ़ा चुका है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल ने ग्रामीणों के भीतर शासन के प्रति भरोसे को और अधिक मजबूत किया है।

संताय पोटाई को शिविर में ही मिला नया राशन कार्ड

रायपुर      छत्तीसगढ़ की विष्णुदेव साय सरकार द्वारा राज्य में सुशासन की नई परिभाषा लिखी जा रही है। इसका जीता-जागता उदाहरण 'सुशासन तिहार 2026' के रूप में सामने आ रहा है, जो ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों के नागरिकों के लिए एक बड़ा राहत का माध्यम बन चुका है। जिले के दूरस्थ अंचलों में आयोजित समाधान शिविरों के जरिए प्रशासन सीधे जनता के द्वार पहुँच रहा है, जिससे वर्षों से लंबित समस्याओं का मौके पर ही निपटारा हो रहा है।    ​ इसी कड़ी में नारायणपुर के ग्राम भाटपाल से एक सुखद तस्वीर सामने आई है। यहाँ के ग्रामीण संताय पोटाई के लिए यह सुशासन तिहार उनके जीवन में एक नई सुबह लेकर आया, जब उन्हें शिविर में ही उनका नया राशन कार्ड तैयार कर सौंप दिया गया। ​वर्षों का इंतजार मिनटों में खत्म       ​संताय पोटाई ने अपनी आपबीती साझा करते हुए बताया कि लंबे समय से राशन कार्ड न होने के कारण उनका परिवार जनवितरण प्रणाली (PDS) के तहत मिलने वाले रियायती खाद्यान्न से वंचित था। उन्होंने पहले भी कई प्रयास किए, लेकिन भौगोलिक दूरी और प्रक्रियाओं के चलते बात नहीं बन पा रही थी। इस पर उन्होंने कहा कि मैं थक चुका था, लेकिन सुशासन तिहार के शिविर ने मेरी चिंता दूर कर दी। मैंने अधिकारियों के सामने अपनी समस्या रखी और देखते ही देखते त्वरित कार्रवाई करते हुए मेरा नया राशन कार्ड मेरे हाथों में सौंप दिया गया। अब हमारे घर में भी नियमित रूप से सरकारी राशन आएगा। ​मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन का जताया आभार      ​नया राशन कार्ड मिलने से संताय पोटाई और उनके परिवार के चेहरे खिल उठे हैं। अब उन्हें शासन द्वारा निर्धारित रियायती दर पर चावल, शक्कर और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री नियमित रूप से मिल सकेगी। इस त्वरित न्याय के लिए संताय ने मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह अभियान सचमुच ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रहा है, जहाँ दफ्तरों के चक्कर काटने के बजाय सरकार खुद गांव आकर काम कर रही है। ​'सुशासन तिहार' से गढ़बो नवा छत्तीसगढ़      ​ जिला प्रशासन नारायणपुर के मार्गदर्शन में इन शिविरों का आयोजन लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को सरल बनाकर अंतिम व्यक्ति तक लोकतंत्र और विकास का लाभ पहुँचाना है। प्रशासन के इस रुख से न केवल आम जनता की समस्याओं का त्वरित निराकरण हो रहा है, बल्कि शासकीय योजनाओं की पहुँच भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित हो रही है।

बलौदाबाजार में ‘नेक्स्ट जेन डायल-112’ वाहनों को राजस्व मंत्री ने दिखाई हरी झंडी

रायपुर  प्रदेश में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और आम जनता को त्वरित आपातकालीन सहायता उपलब्ध कराने की दिशा में आज एक बड़ा कदम उठाया गया। राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने बुधवार को जिला मुख्यालय बलौदाबाजार स्थित रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) परिसर से अत्याधुनिक तकनीकों से लैस 'नेक्स्ट जेन सीजी डायल-112' वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।       ​ इस नए बेड़े में डायल-112 के 12 सामान्य वाहनों के साथ-साथ गंभीर सड़क हादसों से निपटने के लिए 2 हाई-वे पेट्रोलिंग वैन और त्वरित जांच के लिए 1 मोबाइल फॉरेंसिक वैन शामिल है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल, नगर पालिका अध्यक्ष अशोक जैन, कलेक्टर कुलदीप शर्मा और पुलिस अधीक्षक ओपी शर्मा सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि व प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे। ​मुख्यमंत्री की मंशानुरूप मजबूत होगी पुलिसिंग: मंत्री  टंक राम वर्मा वाहनों को रवाना करते हुए राजस्व मंत्री  टंक राम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशानुरूप प्रदेश में पुलिसिंग व्यवस्था को आधुनिक और मजबूत बनाया जा रहा है। इस आपातकालीन सेवा के विस्तार से जिले के सभी 12 थानों के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में 24 घंटे किसी भी दुर्घटना, अपराध या आपात स्थिति में केवल एक कॉल पर मिनटों के भीतर मदद पहुंचेगी। ​स्मार्टफोन, जीपीएस और डैश कैम से लैस हैं गाड़ियाँ अधिकारियों ने बताया कि ये नए वाहन पूरी तरह 'हाईटेक' हैं। इन अत्याधुनिक वाहनों में सुरक्षा और त्वरित एक्शन के लिए  जीपीएस (GPS), वायरलेस रेडियो, पीटीजेड (PTZ) कैमरा डैश कैम आदि से लाइव मॉनिटरिंग किया जा सकता है। कंट्रोल रूम से गाड़ियों की लोकेशन ट्रैक कर पीड़ित के सबसे नजदीकी वाहन को तुरंत मौके पर भेजा जाएगा। नागरिक अब केवल वॉयस कॉल ही नहीं, बल्कि एसएमएस, व्हाट्सएप, चैटबॉट, ईमेल और 'SOS-112 इंडिया ऐप' के माध्यम से भी सीधे मदद मांग सकेंगे  ​इस आधुनिक फ्लीट के आने से बलौदाबाजार जिले में अपराध नियंत्रण और सड़क दुर्घटनाओं के दौरान 'गोल्डन ऑवर' (शुरुआती महत्वपूर्ण समय) में घायलों को अस्पताल पहुंचाने में बड़ी मदद मिलेगी।

किसान कल्याण के लिए प्रतिबद्ध सरकार

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि गेहूं उपार्जन के लिए जिन किसानों के स्लॉट 23 मई तक बुक हो चुके हैं, सरकार उनका गेहूं 28 मई तक खरीदेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसान कल्याण के प्रतिबद्ध है। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं का उपार्जन होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि किसान कल्याण वर्ष में हमारी सरकार लगातार किसान हितैषी निर्णय ले रही है। इस बात की प्रसन्नता है कि गेहूँ उपार्जन में हमने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ दिया है। बीते वर्ष हमने लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा था। इस साल 100 लाख मीट्रिक टन गेहूं किसानों से खरीदा जायेगा। पूरे देश में अगर सर्वाधिक किसानों से गेहूं खरीदा गया, तो वो हमारे मध्यप्रदेश में खरीदा गया है। अभी तक हम 93 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं खरीद चुके हैं। गेहूँ उपार्जन के लिए अंतिम तारीख 23 मई निर्धारित थी। किसानों द्वारा बताया गया कि उन्होंने स्लॉट तो बुक कर लिए, लेकिन लाइन लंबी है। हमने निर्णय किया है कि जिनके भी स्लॉट बुक हुए हैं, ऐसे सभी किसानों से हम गेहूं खरीदेंगे। किसानों के गेहूं उपार्जन की तारीख 23 मई से बढ़ाकर 28 मई तक की जाती है। वैश्विक चुनौतियों के बीच समाधान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमारी सरकार किसान हितैषी सरकार है। प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में किसान-गरीब-महिला-युवा, चारों वर्गों के कल्याण के लिये हम प्रतिबद्धतापूर्वक कार्य कर रहे हैं। किसान भाई-बहन चिंता मत करिए, हम स्लॉट बुकिंग का गेहूं खरीदने का प्रबंधन कर रहे हैं।  

अब तक 12.56 लाख किसानों से 93.31 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ गेहूँ का उपार्जन : खाद्य मंत्री राजपूत

भोपाल  खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री  गोविन्द सिंह राजपूत ने बताया है कि अभी तक 12 लाख 56 हजार 952 किसानों से 93 लाख 31 हजार 177 मीट्रिक टन गेहूँ की खरीदी की जा चुकी है। उन्होंने बताया है की तौल पर्ची बनाने का समय शाम 6 बजे से बढ़ाकर रात 10 बजे तक तथा देयक जारी करने का समय रात 12 तक कर दिया गया है। गेहूँ का उपार्जन सप्ताह में 6 दिन सोमवार से शनिवार तक किया जा रहा है। मंत्री  राजपूत ने बताया कि किसानों को 19 हजार 423 करोड़ रुपये का भुगतान किया जा चुका है। उपार्जित गेहूँ में से 81 लाख 47 हजार 675 मीट्रिक टन का परिवहन किया जा चुका है। किसानों से 2585 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं राज्य सरकार द्वारा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस राशि सहित 2625 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूँ का उपार्जन किया जा रहा है। मंत्री  राजपूत ने बताया है कि गेहूँ उपार्जन 23 मई 2026 तक किया जायेगा। प्रत्येक उपार्जन केन्द्र पर तौल कांटों की संख्या 4 से बढ़ाकर 6 की गई तथा तौल कांटों की संख्या में वृद्धि का अधिकार जिलों को दिए जाने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग द्वारा प्रति घंटा उपार्जन की मॉनिटरिंग की जा रही है।  

विगत एक सप्‍ताह मेंदिल्ली, गुजरात, बिहार एवं उत्तरप्रदेश से 5 नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर लौटाई परिवारों की मुस्कान

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा महिला एवं बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए संचालित ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न जिलों में अपहृत एवं गुमशुदा नाबालिग बालक-बालिकाओं की खोज हेतु निरंतर, समन्वित एवं तकनीकी रूप से सशक्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में विगत एक सप्‍ताह में पुलिस टीम ने प्रदेश के अन्‍य राज्‍यों से5 गुमशुदा नाबालिग बालिकाओं को सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया है। उज्जैन जिले के उन्हेल थाना पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के अंतर्गत त्वरित कार्यवाही करते हुए गुमशुदा 16 वर्षीय बालिका को महज 24 घंटे के भीतर राजकोट (गुजरात) से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा। पुलिस की तत्परता एवं तकनीकी जांच के चलते बालिका सुरक्षित वापस लाई जा सकी, जिससे परिजनों ने राहत की सांस ली। कटनी जिले में भी ऑपरेशन मुस्कान के तहत लगातार प्रभावी कार्रवाई की गई। बरही थाना पुलिस ने अपहृत बालिका को दिल्ली से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। वहीं थाना स्लीमनाबाद पुलिस ने एक अन्य गुमशुदा नाबालिग बालिका को बिहार के पटना जिले से सुरक्षित खोज निकाला। मुरैना जिले के थाना कोतवाली पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुमशुदा 16 वर्षीय नाबालिग बालिका को प्रकरण दर्ज होने के 16 दिवस के भीतर हापुड़ (उत्तरप्रदेश) से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। गुना जिले में अपहृत अथवा गुमशुदा नाबालिगों की दस्तयाबी हेतु सतत एवं संवेदनशील कार्रवाई के तहत कोतवाली पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए लापता किशोरी को दिल्ली से सुरक्षित दस्तयाब कर परिजनों से मिलाया। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा चलाया जा रहा ऑपरेशन मुस्कान केवल एक अभियान नहीं, बल्कि बच्चों की सुरक्षा एवं परिवारों की भावनाओं से जुड़ा मानवीय प्रयास बन चुका है। प्रदेश पुलिस द्वारा तकनीकी संसाधनों, साइबर ट्रैकिंग, स्थानीय पुलिस समन्वय एवं निरंतर मैदानी प्रयासों के माध्यम से गुमशुदा बच्चों की तलाश में लगातार प्रभावी कार्यवाही की जा रही है। मध्यप्रदेश पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी बालक अथवा बालिका के गुम होने की स्थिति में तत्काल निकटतम थाना अथवा डायल-112 पर सूचना दें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर बच्चों को सुरक्षित खोजा जा सके। अभियान के अंतर्गत गुमशुदा बच्चों की तलाश एवं दस्तयाबी की कार्यवाही आगे भी लगातार जारी रहेगी।  

मिनपा स्वास्थ्य केंद्र बना उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाओं की मिसाल, देशभर में मिली पहचान

रायपुर सुकमा जिले का मिनपा क्षेत्र कभी नक्सलवाद, घने जंगलों और कठिन रास्तों के कारण विकास से दूर माना जाता था। यहां स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना भी एक बड़ी चुनौती थी। एक समय ऐसा था जब एक छोटी सी झोपड़ी में स्वास्थ्य सेवाएं शुरू की गई थीं। सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने हार नहीं मानी और गांव-गांव पहुंचकर लोगों का इलाज किया। लगातार स्वास्थ्य शिविर लगाकर ग्रामीणों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता भी बढ़ाई गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं के चलते मिनपा क्षेत्र में अब बड़ा बदलाव दिखाई दे रहा है। वर्ष 2024 में यहां नया उप स्वास्थ्य केंद्र भवन तैयार किया गया, जिसमें आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, प्रयोगशाला कक्ष और आवश्यक स्टाफ की व्यवस्था की गई। आज यह उप स्वास्थ्य केंद्र मिनपा सहित दुलेड़, एलमागुंडा, भटपाड़, पोट्टेमडगू, टोंडामरका और गुंडराजपाड़ जैसे दूरस्थ गांवों के लगभग 3,593 ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी सुविधा बन चुका है। इस सफलता की सबसे बड़ी खासियत स्वास्थ्य कर्मचारियों का समर्पण है। पोट्टेमडगू, दुलेड़, गुंडराजपाड़ और भाटपाड़ जैसे पहुंचविहीन गांवों तक पहुंचने के लिए स्वास्थ्य कर्मियों को कठिन जंगल रास्तों से गुजरना पड़ता है। कई बार एक दिन में लौटना संभव नहीं हो पाता, तब कर्मचारी गांवों में रुककर ‘नाईट कैंप’ लगाते हैं और रात में भी मरीजों का उपचार करते हैं। इसी मेहनत और सेवाभाव का परिणाम है कि आज मिनपा उप स्वास्थ्य केंद्र में प्रतिदिन 15 से 20 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। हर महीने यहां लगभग 4 सुरक्षित प्रसव कराए जा रहे हैं, जिससे ग्रामीणों का संस्थागत प्रसव के प्रति भरोसा लगातार बढ़ रहा है। मिनपा स्वास्थ्य केंद्र की इस उपलब्धि को राष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली। 15 मई 2026 को इस केंद्र ने ‘राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक’ (NQAS) कार्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया। यह उपलब्धि मितानिन, एएनएम, सीएचओ, सुपरवाइजर, सेक्टर मेडिकल ऑफिसर और जिला प्रशासन की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। एक छोटी झोपड़ी से शुरू हुआ यह सफर आज राष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों तक पहुंच चुका है। मिनपा की यह कहानी बताती है कि मजबूत संकल्प, सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और कर्मचारियों की निष्ठा से सबसे दुर्गम क्षेत्रों में भी विकास की नई रोशनी पहुंचाई जा सकती है।

राज्यपाल द्वारा सिकल सेल-एनीमिया जांच मशीन “गजेल” लोकार्पित

भोपाल राज्यपाल  मंगुभाई पटेल ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया जैसी गंभीर आनुवांशिक बीमारी के उन्मूलन में जागरूकता और जनभागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। समय पर जांच और समुचित उपचार से रोग को नियंत्रित किया जा सकता है। जानकारी के अभाव में यह बीमारी माता-पिता से बच्चों तक पहुंच जाती है, लेकिन सजगता, सहयोग और सावधानी से इसका उन्मूलन संभव है। राज्यपाल  पटेल बुधवार को बैतूल के भीमपुर में सिकल सेल स्वास्थ्य शिविर एवं हितलाभ वितरण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री  दुर्गादास उईके भी मौजूद थे। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी ने वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल मुक्त बनाने का संकल्प लिया है। केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस दिशा में गंभीरता से कार्य कर रही हैं। देशभर में लगभग 7 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि आज का आयोजन इसी दिशा में मजबूत कदम है। राज्यपाल  पटेल ने बैतूल जिले में सिकल सेल उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबके प्रयास” के संकल्प से सिकल सेल उन्मूलन का आह्वान किया। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि कोई भी बच्चा सिकल सेल से प्रभावित नहीं हो। इसके लिए विवाह से पूर्व लड़का और लड़की के स्वास्थ्य कार्ड का मिलान अवश्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिकल सेल उन्मूलन के लिए एलोपैथी, आयुर्वेद और होम्योपैथी में शोध एवं उपचार प्रयास किए जा रहे हैं। राज्यपाल  पटेल ने सिकल सेल और टी.बी. मरीजों को तैलीय एवं फास्ट फूड नहीं खाने, पौष्टिक आहार लेने, नियमित व्यायाम करने तथा अनुशासित जीवन शैली अपनाने की सलाह दी। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बैगा, सहरिया और भारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास के प्रयास किए जा रहे हैं। धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष योजना, जनजातीय ग्रामों की अधोसंरचना विकास और मूलभूत सुविधाओं की दृष्टि से अभूतपूर्व है।  उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों का मानचित्र तैयार कर सरकार के प्रयासों को आवश्यकताओं के अनुरूप पहुँचाने के निर्देश दिए।  राज्यपाल  पटेल ने कहा कि शिक्षा ही प्रगति और सफलता का सबसे बड़ा माध्यम है। बेटियों को प्राथमिक से उच्च शिक्षा तक समान अवसर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने सभी अभिभावकों से अपने बच्चों, विशेषकर बेटियों को अच्छी शिक्षा देने का आग्रह किया। केंद्रीय मंत्री जनजातीय मामले  दुर्गादास उइके ने कहा कि भीमपुर में सिकल सेल जांच मशीन का लोकार्पण जनजातीय एवं वंचित समुदायों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में ऐतिहासिक पहल है। केंद्रीय मंत्री  उईके ने राज्यपाल  पटेल के नेतृत्व में मध्यप्रदेश में चल रहे सिकल सेल जागरूकता एवं उन्मूलन प्रयासों की सराहना की। सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जांच मशीन “गजेल” का लोकार्पण राज्यपाल पटेल ने कार्यक्रम में सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया जांच की अत्याधुनिक मशीन “गजेल” का लोकार्पण किया। राज्यपाल  पटेल को बताया गया कि मशीन जनजातीय बाहुल्य भीमपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर स्थापित की जाएगी। सिकल सेल एनीमिया एवं थैलेसीमिया जैसी आनुवंशिक रक्त संबंधी बीमारियों की त्वरित एवं सटीक जांच में सहायक होगी। “मिशन रानी” अभियान का किया शुभारंभ राज्यपाल  पटेल ने कार्यक्रम में “मिशन रानी” अभियान का भी शुभारंभ किया। अभियान में स्वास्थ्य, महिला एवं बाल विकास तथा जनजातीय कार्य विभाग संयुक्त रूप से कार्य करेंगे। यह अभियान महिलाओं, किशोरी बालिकाओं एवं गर्भवती माताओं में एनीमिया नियंत्रण के लिए प्रारंभ किया गया है। अभियान का उद्देश्य एनीमिया में कमी लाना, रक्त में हीमोग्लोबिन स्तर में सुधार करना तथा सिकल सेल एवं थैलेसीमिया जैसी बीमारियों की शीघ्र पहचान सुनिश्चित करना है। अभियान के तहत हीमोग्लोबिन जांच, संपूर्ण रक्त जांच, सीरम फेरिटिन, विटामिन बी-12 एवं विशेष रक्त परीक्षण किए जाएंगे। हितलाभ वितरण और प्रदर्शनी अवलोकन राज्यपाल  पटेल ने कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को हितलाभ वितरण किया। सिकल मित्र प्रमाण पत्र, जेनेटिक कार्ड, फूड बास्केट, मां गंगा आजीविका स्वयं सहायता समूह, सी.सी.एल. राशि प्रदान की। सी.बी.एस.ई. कक्षा 12वीं में 94 प्रतिशत अंक प्राप्त करने पर सेजल उईके, राष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी शिवानी उईके तथा अंतर्राष्ट्रीय कराटे में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कल्याणी कोड़पे को सम्मानित किया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास, पशुपालन, राष्ट्रीय आजीविका मिशन, वन और स्वास्थ्य विभाग के स्टालों का भी निरीक्षण किया। विभागीय गतिविधियों, योजनाओं की जानकारी ली। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण जन उपस्थित थे।