samacharsecretary.com

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की घोषणा का त्वरित असर: कोसरंगी की दीदियों को मिली 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें

रायपुर मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय द्वारा बीते दिन आरंग विकासखंड के एलआरसी सेंटर, कोसरंगी के अवलोकन किया गया था तथा कोसरंगी में जन चौपाल के दौरान की गई घोषणा पर त्वरित अमल करते हुए आज मीरा एवं राधा ग्राम संगठन, कोसरंगी की महिलाओं को 50 निःशुल्क सिलाई मशीनें वितरित की गईं। मुख्यमंत्री  साय ने एलआरसी सेंटर के निरीक्षण के दौरान ग्राम संगठन की महिलाओं से मुलाकात कर उनके आजीविका गतिविधियों और कार्यों की जानकारी ली थी।  महिलाओं ने जन चौपाल में स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए सिलाई मशीन उपलब्ध कराने की मांग रखी थी। मुख्यमंत्री  साय ने महिलाओं की मांग को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही अधिकारियों को शीघ्र सिलाई मशीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश का पालन करते हुए आज कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में ग्राम संगठन की दीदियों को जिला पंचायत सदस्य  गुरु सौरभ साहेब एवं  जनपद पंचायत आरंग अध्यक्ष मती ताकेश्वरी मुरली साहू की उपस्थिति में सिलाई मशीन प्रदान किया गया। ग्राम कोसरंगी के ग्राम संगठन की दीदी मती सपना पटेल ने बताया कि मेरे समूह कल जन चौपाल में मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय जी हमारे गांव आए थे जहां हमने सिलाई मशीन की मांग की जिसके बाद हमे आज जिला प्रशासन द्वारा सिलाई मशीन दे दी गई। मीरा ग्राम संगठन की सदस्य मती यशोदा मांडले ने बताया कि कल हमारे ग्राम कोसरंगी में मुख्यमंत्री  जी का कार्यक्रम था जिसमें हमने सिलाई मशीन की मांग की थी और हमें सिलाई मशीन मिल गई। मांग जल्द पूरी होने पर उत्साहित दीदियों ने कहा कि मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने उनकी जरूरत को समझते हुए तुरंत निर्णय लिया, जिससे उन्हें आत्मनिर्भर बनने की दिशा में नई ताकत मिलेगी। उन्होंने मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में मददगार साबित होगा।

गिद्ध संरक्षण, जैव-विविधता अभिलेखीकरण, जनभागीदारी आधारित नवाचार सर्पदंश जागरूकता अभियान ने दिलाई पहचान

भोपाल अंतर्राष्ट्रीय जैव-विविधता दिवस 22 मई 2026 के अवसर पर भोपाल स्थित भारतीय वन प्रबंधन संस्थान (IIFM) में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड द्वारा घोषित “राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार 2024 एवं 2025” में दक्षिण पन्ना वनमण्डल को “जैव-विविधता स्वामित्व रखने वाला सर्वश्रेष्ठ विभाग” श्रेणी में सम्मानित किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा जैव-विविधता संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में अनेक अभिनव एवं जनभागीदारी आधारित कार्य किए गए। वनमण्डल द्वारा पक्षियों, तितलियों, औषधीय पौधों, विरासत वृक्षों, प्राकृतिक झिरियों तथा स्थानीय जैविक धरोहरों का व्यापक अभिलेखीकरण एवं दस्तावेजीकरण किया गया। साथ ही स्थानीय स्तर पर जैव-विविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के प्रयास किए गए। गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में दक्षिण पन्ना द्वारा “वल्चर फ्रेंडली गौशाला”, सतत मॉनिटरिंग, प्रतिबंधित दवाइयों की रोकथाम एवं ग्रामीण सहयोग आधारित संरक्षण मॉडल विकसित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप दक्षिण पन्ना क्षेत्र में गिद्धों की संख्या में ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई। वर्ष 2021 में जहां गिद्धों की संख्या 614 थी, वहीं वर्ष 2025-26 में यह बढ़कर 1127 तक पहुँच गई। मानव-सर्प संघर्ष को कम करने एवं सर्पदंश से बचाव के लिये दक्षिण पन्ना वनमण्डल द्वारा विशेष “सांप-सीढ़ी” आधारित शैक्षणिक खेल विकसित किया गया। इस नवाचार के माध्यम से हजारों बच्चों एवं ग्रामीणों को सर्पदंश से बचाव, प्राथमिक उपचार एवं वैज्ञानिक जानकारी सरल तरीके से उपलब्ध कराई गई। इस पहल से जनजागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई तथा मानव-सर्प संघर्ष संबंधी भ्रांतियों को कम करने में सहायता मिली। व्यक्तिगत (शासकीय) श्रेणी में दक्षिण पन्ना वनमण्डल के वनरक्षक  जगदीश प्रसाद अहिरवार को प्रथम पुरस्कार एवं वनरक्षक  वीरेंद्र पटेल को द्वितीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया।  जगदीश प्रसाद अहिरवार द्वारा दक्षिण पन्ना क्षेत्र में 129 महत्वपूर्ण औषधीय पौधों का अभिलेखीकरण एवं जनजागरूकता कार्य किया गया। वहीं  वीरेंद्र पटेल द्वारा कल्दा क्षेत्र में 97 पक्षी प्रजातियों का दस्तावेजीकरण कर पक्षी एवं जैवविविधता संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने का उल्लेखनीय कार्य किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल की यह उपलब्धि जनभागीदारी, टीम भावना, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं नवाचार आधारित संरक्षण प्रयासों का परिणाम है। यह सम्मान न केवल दक्षिण पन्ना वन विभाग बल्कि पूरे पन्ना जिले के लिए गौरव का विषय है तथा भविष्य में जैव-विविधता संरक्षण को जनआंदोलन बनाने की दिशा में प्रेरणादायक सिद्ध होगा। जैव-विविधता संरक्षण में डिंडोरी वनमण्डल हुआ पुरस्कृत मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा प्रदेश में जैव-विविधता संरक्षण को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से प्रारंभ किये गये "राज्य स्तरीय वार्षिक जैव-विविधता पुरस्कार-2024 एवं 2025 अंतर्गत वनमंडल डिंडोरी को पहुंच एवं लाभ प्रभाजन के अधिकतम अनुबंध श्रेष्ठ वनमंडल अतंर्गत वर्ष 2023-24 में प्रथम स्थान एवं वर्ष 2024-25 में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। कार्यक्रम में राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण, चेन्नई के अध्यक्ष  वीरेंद्र आर. तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय वन प्रबंधन संस्थान, भोपाल के निदेशक डॉ. के. रविचंद्रन ने की तथा राष्ट्रीय जैव-विविधता प्राधिकरण के सदस्य सचिव डॉ. बी. बालाजी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का सफल संचालन मध्यप्रदेश राज्य जैव-विविधता बोर्ड के सदस्य सचिव  सुदीप सिंह ने किया। राज्य स्तरीय पुरस्कार दक्षिण पन्ना वनमण्डल की ओर से वनमण्डलाधिकारी अनुपम शर्मा, वन परिक्षेत्र अधिकारी पवई  नितेश पटेल एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी कल्दा  परिवेश भदौरिया द्वारा प्राप्त किया गया। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के नामांकन की अनुशंसा जिला कलेक्टर मती उषा परमार एवं वनमण्डलाधिकारी द्वारा की गई थी।  

लुधियाना में बड़ा सुरक्षा अलर्ट, हैंड ग्रेनेड के साथ दो खतरनाक गुर्गे पकड़े गए

लुधियाना. कमिश्नरेट पुलिस और काउंटर इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय आतंकी-गैंगस्टर गठजोड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो और खतरनाक आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से दो जिंदा हैंड ग्रेनेड बरामद किए हैं। पुलिस का दावा है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से पंजाब में एक बड़ी आतंकी वारदात टाल दी गई। पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई 17 मई को बेनकाब किए गए आतंकी-गैंगस्टर मॉड्यूल की जांच के दौरान सामने आई अहम जानकारियों के आधार पर की गई। इससे पहले थाना लाडोवाल इलाके में हार्डीज वर्ल्ड के पास टारगेटेड शूटिंग की साजिश को नाकाम करते हुए पुलिस ने अनूराज उर्फ गौरव मसीह और अंकुश को गिरफ्तार किया था। उस दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से तीन पिस्तौल और 11 जिंदा कारतूस बरामद किए थे। विदेश से मिल रहे थे आदेश पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ था कि यह पूरा मॉड्यूल विदेश में बैठे हैंडलरों के इशारे पर काम कर रहा था। जांच में सामने आया कि जर्मनी और दुबई में बैठे संचालकों के निर्देश पर पंजाब में हाई प्रोफाइल हत्याओं और बड़ी वारदातों की साजिश रची जा रही थी। ताजा कार्रवाई में पुलिस ने तरनतारन के गांव खैरदीन निवासी करणदीप सिंह उर्फ करण और अमृतसर निवासी बलजीत सिंह उर्फ संजू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार दोनों आरोपित मलेशिया में बैठे हैंडलर आकाशदीप उर्फ गोल्डन के संपर्क में थे और उसके निर्देशों पर काम कर रहे थे। आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि करणदीप सिंह के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपितों को हैंड ग्रेनेड और अन्य हथियार कहां से उपलब्ध करवाए गए और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग कौन हैं। हैंड ग्रेनेड बरामद होने के बाद पुलिस ने एफआईआर नंबर 91 में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के साथ बीएनएस की धारा 317(2) भी जोड़ दी है। नेटवर्क तलाश रही पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। स्थानीय संपर्कों, हथियार सप्लाई चेन और विदेशी हैंडलरों के साथ जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं। पुलिस का मानना है कि यदि समय रहते आरोपितों को गिरफ्तार नहीं किया जाता तो पंजाब में बड़ी वारदात हो सकती थी।

बकरीद पर गांधी मैदान में सख्त सुरक्षा व्यवस्था, अस्थायी थाना और CCTV से निगरानी

 पटना बकरीद पर्व इस वर्ष 28 मई को संभावित है। इसे लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। शुक्रवार को डीएम त्यागराजन एसएम  एसएसपी कार्तिकेय के. शर्मा ने अधिकारियों के साथ बैठक कर पर्व के दौरान विधि-व्यवस्था संधारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अधिकारियों को संवेदनशील व अतिसंवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने, सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने के साथ अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया। अधिकारी द्वय ने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखने के साथ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत निरोधात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए बंध-पत्र भरवाने, नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने व सभी अनुमंडलों में समय रहते शांति समिति की बैठक आयोजित की जाए। डीएम-एसएसपी ने सभी एसडीओ, एसडीपीओ व पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया मानिटरिंग सेल को सतत सक्रिय रखें और किसी भी अफवाह का तत्काल खंडन करें। जनभावनाओं को प्रभावित करने या माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। बैठक में सभी पुलिस अधीक्षक, अपर जिला दंडाधिकारी, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, नगर निगम, पीएचईडी, बिजली विभाग तथा अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे। गांधी मैदान में बनेगा अस्थायी थाना, सीसीटीवी से निगरानी डीएम ने कहा कि 28 मई को संभावित बकरीद पर गांधी मैदान में बड़ी संख्या में लोग नमाज अदा करने पहुंचेंगे। इसे देखते हुए गांधी मैदान में प्रवेश व निकास व्यवस्था को सुचारू रखने, पार्किंग, पेयजल, प्रकाश, सफाई और सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने का निर्देश दिए गए हैं। सुरक्षा के लिए गांधी मैदान में अस्थायी थाना सक्रिय रहेगा व सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जाएगी। इसके अलावा नगर निगम को गांधी मैदान व आसपास के क्षेत्रों की साफ-सफाई, हाईमास्ट लाइट चालू रखने और आवारा पशुओं की आवाजाही रोकने का निर्देश दिया गया। पीएचईडी को वाटर टैंकर व वाटर एटीएम की व्यवस्था करने, ट्रैफिक पुलिस को पार्किंग स्थल चिह्नित करने व स्वास्थ्य विभाग को एंबुलेंस, डाक्टर और जीवनरक्षक दवाओं के साथ मेडिकल टीम तैनात रखने को कहा गया है। मौके पर फायर दस्ता भी तैनात रहेगा।  

स्वामित्व योजना बनी सहारा, हितग्राही दिलीप वर्मा को मिली अपने घर की नई उम्मीद

​रायपुर. "मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना से मुझे ज़मीन का मालिकाना हक मिल गया है। अब मुझे अपना खुद का पक्का आवास बनाने में बहुत आसानी होगी। इस मदद के लिए छत्तीसगढ़ शासन को मेरा बहुत-बहुत धन्यवाद।" यह भावुक और कृतज्ञता भरे शब्द बलौदाबाजार के करहीबाजार में आयोजित 'सुशासन तिहार' के दौरान हितग्राही दिलीप कुमार वर्मा ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से कहे। ​सुशासन तिहार में सीधे संवाद से बढ़ी खुशियां राजस्व विभाग की 'स्वामित्व योजना' ग्रामीण क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। करहीबाजार में आयोजित समाधान शिविर  में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योजना के तहत लाभान्वित हितग्राहियों से सीधा संवाद किया। इसी कड़ी में जब मुख्यमंत्री ने दिलीप कुमार वर्मा से बात की, तो दिलीप ने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि ज़मीन का कानूनी हक मिलने से उनके जीवन की सबसे बड़ी चिंता दूर हो गई है और अब वे बिना किसी अड़चन के अपना आशियाना बना सकेंगे हर गरीब का हो अपना पक्का मकान: मुख्यमंत्री हितग्राही दिलीप वर्मा की बात सुनकर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने उन्हें सहर्ष बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि हमारी सरकार का मुख्य ध्येय अंतिम व्यक्ति तक सुशासन का लाभ पहुंचाना है। स्वामित्व योजना के माध्यम से ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का असली हक मिल रहा है, जिससे न केवल उन्हें बैंक लोन मिलने में आसानी होगी, बल्कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का मकान बनाने की राह भी आसान होगी। दिलीप कुमार जी जैसे लाखों परिवारों के चेहरे पर आई यह मुस्कान ही हमारी सरकार की असली ताकत है। सुशासन का मतलब ही यही है कि हर नागरिक को उसका अधिकार बिना किसी परेशानी के मिले।

बंगाल में सियासी तकरार तेज, ममता बनर्जी की डिजाइन की गई फुटबॉल मूर्ति हटाए जाने पर बवाल

कलकत्ता ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल कर सरकार बनाने वाले सीएम शुभेंदु सरकार लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। इसी क्रम में पश्चिम बंगाल में शनिवार को ममता के कार्यकाल में बने एक स्टैच्यू को हटा दिया गया। यह स्टेच्यू साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर बनाया गया था। यह फैसला, पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री निसीथ प्रमाणिक के बयान के बाद आया है। इस बयान में निशीथ ने स्टेडियम में सुविधाओं को बढ़ाने का ऐलान किया था। खेल मंत्री ने क्या कहा था इस दौरान प्रमाणिक ने इस स्टैच्यू की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि यह स्टैच्यू दिखने में अच्छा नहीं है। यह बहुत बदसूरत है। कमर के नीचे के दो पैर और उनके ऊपर रखा हुआ फुटबॉल अजीब सा लगता है। शुभेंदु सरकार में खेल मंत्री ने कहाकि यह देखने में भी बिल्कुल भी आकर्षक नहीं लगती, इसलिए हम इस तरह की बेतुकी और अर्थहीन बनावट को यहां नहीं रखेंगे और इसे हटा दिया जाएगा। प्रमाणिक ने कहाकि जब से यह मूर्ति लगी है, पिछली सरकार के बुरे दिन शुरू हो गए । इसके बाद मेस्सी विवाद हुआ और सरकार की सत्ता भी चली गई। राजनीतिक बयान भी आए सामने इस मामले पर राजनीतिक बयान भी सामने आए हैं. बीजेपी नेता कीया घोष ने सोशल मीडिया पर लिखा कि स्टेडियम के सामने लगी यह संरचना अब तोड़ दी गई है, जैसा पहले कहा गया था. उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा और तेज हो गई है. दरअसल, कुछ समय पहले पश्चिम बंगाल के खेल मंत्री निशीथ प्रमाणिक ने भी इस प्रतिमा को लेकर बयान दिया था. उन्होंने कहा था कि यह संरचना स्टेडियम की सुंदरता के अनुरूप नहीं है और इसे हटाने की जरूरत है. साथ ही उन्होंने स्टेडियम के इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार की बात भी कही थी।  साल्ट लेक स्टेडियम देश के प्रमुख फुटबॉल मैदानों में से एक है, जहां ईस्ट बंगाल और मोहन बागान जैसे बड़े मुकाबले होते रहे हैं. पिछले साल यहां फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी के कार्यक्रम के दौरान भी भारी भीड़ देखने को मिली थी. यह प्रतिमा साल 2017 में FIFA U-17 वर्ल्ड कप से पहले लगाई गई थी. इसे लेकर शुरुआत से ही अलग-अलग राय बनी हुई थी. कुछ लोग इसे स्टेडियम की पहचान मानते थे, जबकि कुछ इसे असामान्य और विवादित बताते थे. अब इसके तोड़े जाने के बाद कोलकाता में एक बार फिर राजनीतिक और खेल दोनों ही स्तर पर नई बहस शुरू हो गई है।  साल 2017 में हुआ तैयार आखिर शनिवार को, स्टेडियम के पास होने वाले बदलाव के तहत इस स्टैच्यू को हटा दिया गया। साल्ट लेक स्टेडियम के बाहर यह स्टैच्यू साल 2017 में बनाया गया था। उस साल अंडर-17 फीफा विश्वकप से पहले इसे वीवीआईपी गेट के पास लगाया गया था। इस मूर्ति में फुटबॉल खेलने वाले विशाल पैर दिखाए गए हैं, जो ‘विश्व बांग्ला’ लोगो में विलीन होते हुए प्रतीत होते हैं और फुटबॉल पर ‘जयी’ शब्द अंकित है। खेलमंत्री के कई ऐलान इसके अलावा खेल मंत्री प्रमाणिक ने विवेकानंद युवा भारती क्रीडांगन के आसपास फूड कोर्ट बनाने से लेकर बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाने का भी ऐलान किया। खेलमंत्री ने यह भी कहाकि लियोनेल मेस्सी के दौरे को लेकर हुए विवाद की फिर से जांच की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जायेगा कि टिकट धारकों को पैसे वापिस मिलें। गौरलब है कि भारतीय जनता पार्टी ने बंगाल में ममता बनर्जी की टीएमसी को हराकर सरकार बनाई है। शुभेंदु सरकार यहां पर भाजपा के पहले मुख्यमंत्री बने हैं।

लखनऊ से जारी आदेश: यूपी में पुलिस और प्रशासनिक स्तर पर व्यापक ट्रांसफर

लखनऊ  योगी आदित्यनाथ सरकार में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों के तबादलों का दौर जारी है। शनिवार को शासन ने दो आईपीएस अफसरों का ट्रांसफर किया। इससे पहले शुक्रवार को एक आईएएस और 19 पीसीएस अफसरों का तबादला किया गया था। गृह विभाग ने शनिवार को कौशांबी के एडिशनल एसपी राजेश कुमार सिंह तृतीय को उनके पद से हटाकर मेरठ में एडीजी ऑफिस भेज दिया गया। राजेश कुमार के स्थान पर अमिता सिंह को कौशांबी का नया एडिशनल एसपी बनाया गया है। अमिता सिंह लखनऊ में यूपी-112 में एएसपी के पद पर तैनात थीं। राम मोहन मीना बने प्रतापगढ़ के सीडीओ प्रदेश सरकार ने मुरादाबाद में संयुक्त मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात राम मोहन मीना को प्रतापगढ़ का मुख्य विकास अधिकारी बनाया है। नियुक्ति विभाग ने शुक्रवार को इसके आदेश जारी कर दिए। 19 वरिष्ठ पीसीएस अधिकारियों का तबादला प्रदेश सरकार ने शुक्रवार की देर शाम 19 पीसीएस अधिकारियों का तबादला कर दिया। छह अधिकारियों का पहले किया गया तबादला रद कर उन्हें नई तैनाती दी गई है। सुलतानपुर के मुख्य राजस्व अधिकारी आलोक कुमार वर्मा को अपर आयुक्त वाराणसी मंडल बनाया गया है। भातखंडे संस्कृति विवि की कुलसचिव व अपर निदेशक संस्कृति निदेशालय सृष्टि धवन को मुख्य राजस्व अधिकारी के पद पर सुलतानपुर भेजा गया है, जबकि एडीएम (वित्त राजस्व) गौतमबुद्धनगर के लिए स्थानांतरणाधीन सुशील प्रताप सिंह को अब भातखंडे संस्कृति विवि का कुलसचिव, संस्कृति निदेशालय के अपर निदेशक और लखनऊ विकास प्राधिकरण के संयुक्त सचिव का तिहरा चार्ज दिया गया है। दुर्गेश मिश्र को अपर नगर आयुक्त वाराणसी से अपर नगर आयुक्त गोरखपुर भेजा गया है। एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सीतापुर के लिए स्थानांतरित बृजेश कुमार का तबादला रद कर उन्हें मेरठ में एडीएम सिटी बना रहने दिया गया है। अनिरुद्ध प्रताप सिंह एडीएम मेरठ से स्थानांतरणाधीन थे, अब इन्हें एडीएम (वित्त एवं राजस्व) मुजफ्फरनगर भेजा गया है। राजीव राज, नगर मजिस्ट्रेट उन्नाव को अब एडीएम (वित्त एवं राजस्व) जालौन बनाया गया है। मनोज कुमार सिंह, एसडीएम जालौन को अब उन्नाव का नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। लोक सेवा आयोग प्रयागराज के उपसचिव गौरव रंजन श्रीवास्तव को अपर नगर आयुक्त गोरखपुर के पद पर भेजा गया है। अनुपम मिश्र एसडीएम चंदौली को लोक सेवा आयोग प्रयागराज का उपसचिव बनाया गया है। सीमा पांडेय का पुराना तबादला रद कर उन्हें अपर नगर आयुक्त वाराणसी बनाया गया है। नितीश कुमार सिंह स्थानांतरणाधीन को अब एडीएम (प्रशासन) बुलंदशहर बनाया गया है। प्रमोद कुमार पांडेय एडीएम (प्रशासन) बुलंदशहर को अपर आयुक्त आजमगढ़ मंडल के पद पर भेजा गया है। आयुष चौधरी मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर को एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सीतापुर बनाया गया है। हरदोई के नगर मजिस्ट्रेट सुनील कुमार त्रिवेदी को मुख्य राजस्व अधिकारी गाजीपुर के पद पर भेजा गया है। संजय कुमार एसडीएम हाथरस को अब हरदोई का नगर मजिस्ट्रेट बनाया गया है। अजीत कुमार सिंह स्थानांतरणाधीन थे, उन्हें अब (एडीएम वित्त एवं राजस्व) गौतमबुद्धनगर बनाया गया है। त्रिभुवन, मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया से एडीएम (वित्त एवं राजस्व) बदायूं बनाए गए हैं। सुरेश कुमार पाल, एडीएम वित्त एवं राजस्व बदायूं से मुख्य राजस्व अधिकारी बलिया के पद पर भेजा गया है।

पूर्वी दिल्ली: संजय झील सूखने से मछलियों की बड़ी संख्या में मौत, पाइपलाइन खराबी बताई जा रही वजह

नई दिल्ली पूर्वी दिल्ली की संजय झील में सैकड़ों मछलियों की मौत हो गई है। अधिकारियों का कहना है कि इसका कारण पानी की आपूर्ति में समस्याओं के चलते झील का सूखना हो सकता है। संजय झील के लिए दिल्ली जल बोर्ड (डीजेबी) द्वारा पानी की आपूर्ति की जाती है। इस विशाल जल निकाय का प्रबंधन करने वाले दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने शुक्रवार को एक बयान में कहा, ‘‘झील के जलस्तर को बनाए रखने के लिए उपचारित पानी की आपूर्ति की जिम्मेदारी सरकारी स्वामित्व वाली एक जल आपूर्ति एजेंसी के पास है कोंडली से संजय झील में पानी पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी डीडीए के अनुसार, पास के कोंडली मलजल शोधन संयंत्र (एसटीपी) से उपचारित पानी को संजय झील तक पहुंचाने के लिए पाइपलाइन बिछाई गई थी। घटनाक्रम से अवगत डीजेबी के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर ‘पीटीआई भाषा’ को बताया कि पाइपलाइन को हुए नुकसान और उसके बाद किए गए मरम्मत कार्यों के कारण झील में उपचारित पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है। मरम्मत कार्यों के कारण 3 महीनों से झील में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही थी अधिकारी ने बताया कि मरम्मत कार्यों के कारण पिछले चार महीनों से झील में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि लगभग चार महीने पहले जलाशय में पानी पहुंचाने वाली पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई थी, लेकिन तब तापमान इतना अधिक नहीं था और स्थिति नियंत्रण में थी। लेकिन अब भीषण गर्मी के कारण झील सूख गई है। जल विशेषज्ञ भीम सिंह रावत के अनुसार, डीजेबी की जल आपूर्ति लाइन में रिसाव के कारण झील के कुछ हिस्से सूख गए, जो बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत का कारण हो सकता है। यमुना एक्टिविस्ट ने क्या कहा यमुना कार्यकर्ता और 'साउथ एशिया नेटवर्क ऑन डैम्स, रिवर्स एंड पीपल' के सदस्य रावत ने कहा, ‘‘हाल ही में झील की जल आपूर्ति पाइपलाइन में रिसाव हुआ, जिसके कारण झील का जलस्तर काफी कम हो गया है। रिसाव कब हुआ, इसकी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। अब तक झील के कुछ हिस्से पूरी तरह सूख चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत हुई है।’’

534 सीएचसी को मिलेगा स्पेशियलिटी अस्पताल का दर्जा, राज्य स्वास्थ्य समिति ने जारी किया निर्देश

 समस्तीपुर सात निश्चय- 3 अंतर्गत सुलभ स्वास्थ्य, सुरक्षित जीवन के तहत राज्य के 36 जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल और 534 प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) को स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक अमित कुमार पांडेय ने इस संबंध में पत्र जारी किया है। स्वास्थ्य सेवाओं को नई ऊंचाई देने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक और दूरगामी कार्ययोजना तैयार की है। योजना का मुख्य उद्देश्य आम लोगों को गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज के लिए बड़े शहरों या निजी अस्पतालों पर निर्भरता से राहत दिलाना है। इन अस्पतालों में हार्मोन रोग, तंत्रिका रोग, हृदय रोग, मूत्र रोग और गुर्दा रोग से संबंधित विशेष चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। पत्र के बाद समस्तीपुर जिले में तैयारी को लेकर प्रक्रिया शुरू हो गई है। रिपोर्ट के आधार पर राज्यभर में स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की कार्ययोजना तैयार की जाएगी, ताकि लोगों को बड़े शहरों पर निर्भर हुए बिना अपने जिले में ही बेहतर इलाज मिल सके। सिविल सर्जन डॉ. राजीव कुमार ने बताया कि राज्य स्तर से पत्र जारी किया गया है। इस दिशा में रिपोर्ट देने को लेकर प्रक्रिया चल रही है। रिपोर्टिंग के लिए जारी किया गया दिशा-निर्देश राज्य स्वास्थ्य समिति ने दो अलग-अलग प्रारूप जिलों को भेजे हैं। प्रखंड स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के लिए जानकारी में आवश्यक आधारभूत सुविधाएं, उपलब्ध चिकित्सक, बेड, भवन, उपकरण, जांच सुविधा और जनसंख्या कवरेज शामिल है। इसमें विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या, आपरेशन थिएटर, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, पैथोलाजी, आक्सीजन, एंबुलेंस और दवा भंडारण जैसी सुविधाओं का ब्योरा देना अनिवार्य है। जिला अस्पतालों के लिए सुपर स्पेशियलिटी स्तर पर विशेषज्ञ चिकित्सक जैसे मेडिसिन, सर्जरी, स्त्री रोग, शिशु रोग, फिजियोथेरेपिस्ट, निश्चेतक, नेत्र रोग, हड्डी रोग, आंख-कान-गला रोग, हृदय रोग विशेषज्ञ और नेफ्रोलाजिस्ट की संख्या बताना आवश्यक है। इसके अलावा ब्लड बैंक, आईसीयू, एनआईसीयू, पीकू, ट्रामा सेंटर, माड्यूलर आपरेशन थिएटर, आधुनिक जांच मशीनें और बेड क्षमता का विवरण भी शामिल करना होगा। बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना यह पहल वर्ष 2025-30 के दौरान विकासात्मक और लोक कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और अनुश्रवण को मजबूत करने की दृष्टि से की जा रही है। राज्यभर में रिपोर्ट के आधार पर स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और आम जनता को अपने जिले में ही बेहतर इलाज उपलब्ध कराने की योजना तैयार की जाएगी।  

टेस्ट क्रिकेट में सचिन के सबसे बड़े रिकॉर्ड पर मंडरा रहा खतरा, जो रूट सिर्फ 1979 रन दूर

नई दिल्ली टेस्ट क्रिकेट में मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का सबसे बड़ा रिकॉर्ड अब खतरे में नजर आने लगा है. इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और दिग्गज बल्लेबाज जो रूट जिस अंदाज में रन बना रहे हैं, उसे देखकर पूरी क्रिकेट दुनिया में एक ही सवाल गूंज रहा है कि क्या वो पूर्व भारतीय कप्तान सचिन तेंदुलकर को पीछे छोड़ देंगे? इंग्लैंड के दिग्गज बल्लेबाज जो रूट  टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की सूची में दूसरे नंबर पर पहुंच चुके हैं. उनके नाम पर 163 टेस्ट मैचों में 13943 रन दर्ज हैं, जबकि सचिन तेंदुलकर 200 टेस्ट मैचों में 15921 रनों के साथ अब भी नंबर-1 पर काबिज हैं. यानी रूट अब सचिन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड को तोड़ने से सिर्फ 1979 रन दूर हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट सीरीज से पहले जब जो रूट से इस रिकॉर्ड के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने पहली बार खुलकर प्रतिक्रिया दी. आमतौर पर इस सवाल से बचने वाले रूट ने इस बार सचिन की जमकर तारीफ की और कहा कि उनके साथ तुलना होना भी अपने आप में बड़ी बात है. 'उनका प्रदर्शन अविश्वसनीय…' जो रूट ने कहा, 'उन्होंने टेस्ट डेब्यू मेरे जन्म से पहले किया था और मेरे टेस्ट डेब्यू तक खेलते रहे. उनका लंबा करियर और लगातार शानदार प्रदर्शन अविश्वसनीय है. सिर्फ टेस्ट क्रिकेट ही नहीं, उन्होंने वनडे में भी 49 शतक लगाए.' जो रूट ने यह भी स्वीकार किया कि इतने लंबे समय तक लगातार प्रदर्शन बनाए रखना आसान नहीं होता. उन्होंने कहा कि वह आज भी अपनी बल्लेबाजी में सुधार करने और नई चीजें जोड़ने की कोशिश करते रहते हैं. जो रूट कहते हैं, 'मैं हमेशा खुद को बेहतर बनाने की कोशिश करता हूं. मैं चाहता हूं कि मैच के दौरान तकनीकी चीजों के बारे में सोचने की जरूरत ही ना पड़े और मैं सिर्फ खेल पर फोकस कर सकूं.' साल 2020 के बाद से जो रूट टेस्ट क्रिकेट में अलग ही स्तर पर बल्लेबाजी कर रहे हैं. उन्होंने लगातार बड़े स्कोर बनाए हैं. वो विराट कोहली, स्टीव स्मिथ और केन विलियमसन जैसे फैब-4 बल्लेबाजों से टेस्ट क्रिकेट में काफी आगे निकल चुके हैं.