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कॉम्बिंग गश्त में 2500 से अधिक पुलिसकर्मी मैदान में उतर

भोपाल ​मध्यप्रदेश में अपराधियों, फरार वारंटियों और असामाजिक तत्वों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा आमजन में सुरक्षा का भाव मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेश में व्यापक स्तर पर समय-समय पर 'कॉम्बिंग गश्त' अभियान लगातार जारी है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में देर रात से शुरू होकर सुबह तक चली इस विशेष कार्रवाई में प्रदेशभर के 2500 से अधिक पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी मुस्तैदी से मैदान में उतरे। ​इस राज्यव्यापी अभियान के दौरान पुलिस टीमों ने विभिन्न जिलों में रिकॉर्ड 2100 से अधिक वारंट तामील/ वारंटी गिरफ्तार किए। इसके साथ ही सूचीबद्ध बदमाशों, गुंडों, हिस्ट्रीशीटरों और जिला बदर अपराधियों की धरपकड़ व चेकिंग की गई। अभियान के दौरान आबकारी एक्ट, जुआ-सट्टा, अवैध हथियार और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ भी कार्रवाही की गई। ​प्रमुख कार्रवाई: ​ग्वालियर : पुलिस ने रातभर में 249 फरार वारंटियों (121 स्थायी और 128 गिरफ्तारी वारंट) को गिरफ्तार किया। इसके अलावा 303 गुंडों व हिस्ट्रीशीटरों की जांच कर अवैध शराब व हथियारों पर कार्रवाई की गई। ​जबलपुर : अपराधियों एवं वारंटियों की धरपकड़ हेतु जबलपुर पुलिस द्वारा कॉम्बिंग गस्त के दौरान 120 स्थाई वारंट एवं 71 गिरफ्तारी वारंट सहित कुल 191 वारंट तामील किए गए। ​टीकमगढ़ (मेगा कॉम्बिंग ऑपरेशन) : दो दिवसीय विशेष अभियान के तहत जिले में स्थाई 6, गिरफ्तारी 55 एवं 160 जमानती एवं 246 अन्य सहित कुल 467 वारंट तामील किए गए। साथ ही सघन वाहन चेकिंग और आबकारी एक्ट के तहत मामले दर्ज किए गए। मुरैना : पुलिस ने 73 स्थायी वारंटी, 63 गिरफ्तारी वारंटी, ईनामी एवं फरार 14 बदमाशों सहित कुल 150 वारंटियों को गिरफ्तार किया। इसके अतिरिक्त 28 हिस्ट्रीशीटर गुंडे तथा 18 जिलाबदर अपराधियों की चेकिंग की गई। इसके अलावा थाना पहाड़गढ़ पुलिस द्वारा 08 पेटी अवैध देशी शराब कीमत लगभग 44 हजार रुपए की जब्त कर आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। विदिशा : पुलिस द्वारा जिलेभर में 720 ठिकानों पर दबिश देकर कॉम्बिंग ऑपरेशन संचालित किया गया। अभियान के दौरान 29 स्थायी, 102 गिरफ्तारी एवं 166 जमानती वारंट सहित कुल 297 वारंट तामील किए गए। इसके अतिरिक्त 201 बदमाशों के ठिकानों पर रेड, 158 हिस्ट्रीशीटरों की चेकिंग एवं 11 जिला बदर व्यक्तियों की जांच की गई। उज्जैन : पुलिस द्वारा अभियान के दौरान 85 स्थाई वारंट, 110 गिरफ्तारी वारंट एवं 05 वसूली वारंट सहित कुल 200 वारंट तामील किए गए। पुलिस द्वारा 150 से अधिक निगरानी, गुंडा एवं चाकूबाज बदमाशों की घर-घर जाकर चेकिंग की गई, जबकि 50 से अधिक जिला बदर आरोपियों का सत्यापन किया गया। हत्या एवं हत्या के प्रयास जैसे गंभीर मामलों में फरार 04 आरोपियों को भी रात्रिकालीन दबिश देकर गिरफ्तार किया गया। ​खंडवा : पुलिस ने 30 स्थायी, 97 गिरफ्तारी और 17 अन्य वारंट तामील कर 144 आरोपियों को गिरफ्तार किया । ​मन्दसौर : पुलिस द्वारा कॉम्बिंग गश्त के दौरान 78 स्थायी एवं 31 गिरफ्तारी वारंटियों सहित कुल 109 वारंटियों को गिरफ्तार किया गया। साथ ही 114 हिस्ट्रीशीटर, गुंडा एवं निगरानी बदमाशों की चेकिंग की गई। कार्रवाई के दौरान थाना शामगढ़ पुलिस ने 68 ग्राम एमडी ड्रग तथा थाना नाहरगढ़ पुलिस ने एक बलेनो कार से 65 किलोग्राम डोडाचूरा जब्त करने में सफलता प्राप्त की। इसके अतिरिक्त 11 आबकारी प्रकरणों में 16 आरोपियों की गिरफ्तारी कर 57.24 लीटर अवैध शराब जब्त की गई तथा जुआ-सट्टा के 07 प्रकरणों में कार्रवाई की गई। मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत 32 चालान कर 14 हजार 800 रुपए का समन शुल्क वसूल किया गया। ​शाजापुर : पुलिस ने 150 वारंट (53 स्थायी और 97 गिरफ्तारी) तामील किए। गुंडा-बदमाशों और जिला बदर अपराधियों की सघन जांच की । ​सिवनी : जिले में 103 वारंटियों (53 स्थायी और 50 गिरफ्तारी) को गिरफ्तार कर निगरानी बदमाशों की चेकिंग की गई। ​खरगोन : पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए 19 स्थायी और 68 गिरफ्तारी वारंटियों सहित कुल 87 अपराधियों को गिरफ्तार किया। प्रदेशभर में संचालित इस विशेष अभियान का उद्देश्य अपराधियों में कानून का भय उत्पन्न करना, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करना तथा आमजन में सुरक्षा एवं विश्वास का वातावरण मजबूत करना है। मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा आगे भी इसी प्रकार प्रभावी कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।  

प्रदेशवासियों की ओर से श्री श्री रविशंकर के लिए जन्मोत्सव की मंगलकामनाएं लेकर

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमने कभी दुनिया को हथियारों के बल पर जीतने की चेष्ठा नहीं की। हमने विश्वशक्ति नहीं, विश्वगुरु बनने का मार्ग चुना है। हमने हमेशा सबके सुख की कामना की है और वैश्विक कल्याण का नारा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की शांति ही तन के योग सादृश्य है। जब मन शांत होता है, तभी शरीर सही संतुलन, स्वास्थ्य और सामंजस्य में रहता है। यही आर्ट ऑफ लिविंग है। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' हमारी संस्कृति का मूल है और श्री श्री रविशंकर जी इसी संदेश को पूरे विश्व में प्रसारित कर रहे हैं। श्री श्री ने दुनिया के लाखों-करोड़ों लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाकर शांत, स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को कर्नाटक राज्य में आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल सेन्टर, उदयपुरा, बैंगलुरू में श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री ने श्री श्री रविशंकर से कहा कि वे मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की ओर से उन्हें जन्मोत्सव की अनंत और अशेष मंगलकामनाएं देने स्वयं यहां (उदयपुरा) आए हैं। उन्होंने कहा कि बीते 7 दशक की श्री श्री की ऊर्जा और करुणा इस व्यस्त और ऊथल पुथल के दौर में भी हर दिन नई और चिरयुवा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग इस विश्व को श्री श्री की देन है। यह सेवा, साधना और शांति का परम संगम है। आर्ट ऑफ लिविंग पवित्र श्रीमद्भगवद्गीता में बताये गये निष्काम कर्मयोग और जीवन को एक उत्सव की तरह जीने की कला का सहज मार्ग है, एक नव वैश्विक स्वरूप है। उन्होंने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग सिर्फ जीवन जीने की कला नहीं, जीवन को सार्थक बनाने का मार्ग भी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आर्ट ऑफ लिविंग ने योग, प्राणायाम, ध्यान और भारतीय संस्कृति की मूल भावना से जोड़कर लोगों को आत्मिक शांति प्रदान की है। करीब एक माह का यह आर्ट ऑफ लिविंग वैश्विक सम्मेलन वास्तव में मानवता का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जहां मन शांत होता है, वहीं समाज भी समृद्ध होता है। मुख्यमंत्री ने आर्ट ऑफ लिविंग आध्यात्मिक संगठन को वैश्विक पुनीत सामाजिक कार्यों के लिए बधाई देते हुए कहा कि आप सब भारत की ध्यान, योग, साधना, मेडिटेशन, सुदर्शन क्रिया जैसी प्राचीन आध्यात्मिक परम्पराओं को पुनर्जीवित कर व्यक्ति, समाज और राष्ट्र का भी उत्थान कर रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि आर्ट ऑफ लिविंग अंतरराष्ट्रीय केंद्र, बेंगलुरु आकर देवलोक जैसा आनंद प्राप्त हो रहा है। भारतीय संस्कृति में भाषाओं का गुलदस्ता है। भाषा कोई भी हो, लेकिन चेहरे के भाव से ही बहुत कुछ स्पष्ट हो जाता है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर बन गया है। गुजरात के सोमनाथ में गुरूदेव श्री श्री के आशीर्वाद से सोमनाथ उत्सव भी मनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रत्येक सांस के साथ जीवन और मृत्यु साथ-साथ चलती है। दोनों परमपिता परमात्मा के हाथ में है। श्रीश्री रविशंकर जी ने 70वें जन्मदिन के अवसर पर 20 दिवसीय उत्सव मनाने का निर्णय लिया है। संपूर्ण विश्व से श्रद्धालु स्वयं से साक्षात्कार करने के लिए बेंगलुरु स्थित इस केंद्र में आते हैं। हमारी संस्कृति में हमारे गुरु ही हमें अंधेरे से प्रकाश की ओर लेकर जाते हैं। हमारा जीवन यत् पिंडे तत् ब्रह्मांडे यानी जैसा पिंड है, वैसा ही ब्रह्मांड है की अवधारणा पर चलता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मनुष्य का भोजन तीन प्रकार का है। बगैर भोजन के 30 दिन तक जीवित रह सकते हैं। पानी हमें 7 दिन तक जिंदा रख सकता है। गुरुदेव श्री श्री ने हमें प्राण से परमानंद और परमानंद से परमात्मा की ओर जाने का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सांसारिक जीवन में प्रत्येक मनुष्य का जीवन नियत है। हमारा यह जीवन ऊर्जा और चेतना के साथ प्रकृति से भी जुड़ा रहे, इसके लिए श्री श्री के सभी सामाजिक सेवा प्रकल्प विशेष महत्व रखते हैं। बेंगलुरु के इस आर्ट ऑफ लिविंग केंद्र में हमें सांस्कृतिक चेतना और शांति का मार्ग प्राप्त होता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल के जय घोष के साथ गुरुदेव श्री श्री रविशंकर जी को जन्मदिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि श्री श्री सह्स्त्रायु को प्राप्त हों और दीर्घकाल तक हम सबके जीवन का मार्गदर्शन करते रहें। कार्यक्रम को अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया। न्यूज फर्स्ट मीडिया हाऊस के सीईओ श्री एस. रवि कुमार एवं टीवी 9 के वरिष्ठ एंकर श्री रंगनाथ भारद्वाज ने कन्नड़ भाषा में दिये संबोधन में कहा कि गुरुदेव श्री श्री रविशंकर विश्व शांति के दूत हैं। आपने पूरे विश्व के लोगों को आर्ट ऑफ लिविंग के साथ-साथ आर्ट ऑफ लविंग भी सिखाया है। कार्यक्रम में तेलंगाना राज्य के राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ला, श्रीमती जानकी शुक्ला, केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव, केंद्रीय कोयला मंत्री श्री जी. किशन रेड्डी, उत्तरप्रदेश के राज्यमंत्री श्री दिनेश प्रताप सिंह, फिल्म अभिनेता श्री जैकी श्राफ, एशियन पेंट के मालिक श्री जलस दानी भी विशेष रूप से उपस्थित थे।    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि हमने कभी दुनिया को हथियारों के बल पर जीतने की चेष्ठा नहीं की। हमने विश्वशक्ति नहीं, विश्वगुरु बनने का मार्ग चुना है। हमने हमेशा सबके सुख की कामना की है और वैश्विक कल्याण का नारा दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मन की शांति ही तन के योग सादृश्य है। जब मन शांत होता है, तभी शरीर सही संतुलन, स्वास्थ्य और सामंजस्य में रहता है। यही आर्ट ऑफ लिविंग है। 'वसुधैव कुटुम्बकम्' हमारी संस्कृति का मूल है और श्री श्री रविशंकर जी इसी संदेश को पूरे विश्व में प्रसारित कर रहे हैं। श्री श्री ने दुनिया के लाखों-करोड़ों लोगों को तनाव से मुक्ति दिलाकर शांत, स्वस्थ और सुखी जीवन का मार्ग दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने रविवार को कर्नाटक राज्य में आर्ट ऑफ लिविंग के इंटरनेशनल सेन्टर, उदयपुरा, बैंगलुरू में श्री श्री रविशंकर के 70वें जन्मोत्सव एवं आर्ट ऑफ लिविंग के 45 वर्ष पूर्ण होने पर आयोजित वैश्विक सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।  मुख्यमंत्री ने श्री श्री रविशंकर … Read more

जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान के तहत विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवारों को मिली बड़ी राहत

रायपुर  सबसे दूर सबसे पहलेष् एक प्रमुख प्रशासनिक और सामाजिक अभियान है, जिसका मुख्य उद्देश्य सबसे दुर्गम, सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों (विशेष रूप से जनजातीय और आदिवासी बहुल गांवों) तक सरकारी सुविधाओं और विकास योजनाओं को सबसे पहले पहुँचाना है। दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में जन भागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविरों के माध्यम से जनजातीय समुदायों को स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, राजस्व और किसान हितैषी योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी कड़ी में विकासखंड राजपुर के ग्राम पतरापारा और विकासखंड रामचंद्रपुर के ग्राम बराहनगर में विशेष शिविरों का सफल आयोजन किया गया, जहां अधिकारियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण की पहल की। पतरापारा शिविर-विशेष पिछड़ी जनजातियों को चौपाल पर राहत            जनपद पंचायत सीईओ श्री संजय दुबे के नेतृत्व में ग्राम पंचायत पतरापारा में आयोजित शिविर में पतरापारा सहित डिगनगर, अमदरी, चंद्रगढ़ एवं करजी से बड़ी संख्या में विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा परिवार पहुंचे। शिविर की मुख्य उपलब्धियां रहीं स्वास्थ्य विभाग की मेडिकल टीम द्वारा 71 ग्रामीणों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण कर दवाइयां दी गईं। गंभीर बीमारियों के निःशुल्क इलाज के लिए मौके पर ही 21 पात्र नागरिकों के आयुष्मान कार्ड बनाए गए। कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने की दिशा में 11 स्थानीय किसानों का एग्री स्टैक पोर्टल पर डिजिटल पंजीयन किया गया। बराहनगर शिविर- राजस्व और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से सीधा लाभ           रामचंद्रपुर विकासखंड के ग्राम बराहनगर में जनपद सीईओ श्री रणवीर साय के नेतृत्व में आयोजित शिविर में ग्रामीणों को विभिन्न विभागीय सेवाओं से सीधा लाभान्वित किया गया। राजस्व एवं नागरिक सेवाएं के तहत राजस्व विभाग द्वारा मौके पर ही 6 जाति, 6 आय और 6 निवास प्रमाण पत्रों सहित कुल 27 जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र जारी किए गए। खाद्य एवं श्रम विभाग के द्वारा खाद्य विभाग द्वारा 37 पात्र परिवारों को नए राशन कार्ड वितरित किए गए तथा श्रम विभाग के अंतर्गत 10 श्रमिकों के श्रम कार्ड बनाए गए।              पशुधन एवं कृषि कल्याण विभाग द्वारा पशुधन विकास विभाग द्वारा 68 पशुपालकों को निःशुल्क पशु दवाओं का वितरण किया गया। कृषि विभाग ने पीएम किसान सम्मान निधि के 6 लंबित प्रकरणों का सुधार किया, 2 किसानों का एग्री स्टैक पंजीयन किया तथा 1 मृदा परीक्षण सैंपल लिया।  शिविर में 157 ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 2 नए आयुष्मान कार्ड जारी किए गए। साथ ही सामाजिक सुरक्षा के तहत 2 हितग्राहियों को पेंशन तथा 1 हितग्राही को परिवार सहायता योजना की राशि स्वीकृत की गई। दूरस्थ क्षेत्रों तक शासन की पहुंच सुनिश्चित- जिला प्रशासन          गौरतलब है कि भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय के निर्देशानुसार, कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ के नेतृत्व में इन शिविरों का संपादन किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य फोकस पहाड़ी कोरवा जैसे विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों को मुख्यधारा से जोड़ना है। जिला प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से जिले के अत्यंत दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों तक सुशासन की पहुंच सुनिश्चित हो सकी है।

जयपुर में XEN पति पर गंभीर आरोप, प्रताड़ना से तंग आकर अनु मीणा ने दी जान!

जयपुर जयपुर का अनु मीणा सुसाइड केस बेहद ही चौंकाने वाला है. अनु ने 7 अप्रैल को फांसी के फंदे पर लटककर जान दे दी, लेकिन 15 मई को एफआईआर दर्ज हुई. करीब 38 दिन बाद मृतक के परिजनों ने पुलिस को शिकायत दी. परिजनों का कहना है कि अनु का पति गौतम मीणा उसकी बेरहमी से पिटाई करता था और लगातार प्रताड़ना से वो परेशान थी. इस बारे में महिला ने कई बार परिवार को भी बताया था. पीडब्ल्यूडी विभाग में कार्यरत एक्सईएन गौतम मीणा हर बार माफी मांगकर मामला ठीक करने की बात कहता था, लेकिन हालात नहीं सुधरे. बार-बार बेरहमी से पिटाई सहने के बाद उसने आत्महत्या कर ली. मृतका के भाई ने डीसीपी को दी शिकायत अनु मीणा का भाई नीरज डीसीपी से मिलने गया. इसके बाद पुलिस ने BNS 128 और 85 धारा के तहत आत्महत्या के लिए उकसाने और घरेलू हिंसा का मामला दर्ज किया है. पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है. मानसरोवर एसीपी आदित्य ककड़े को जांच सौंपी गई है. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए जा चुके हैं और उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है. शादी में लिए 5 लाख रुपये और होंडा सिटी कार अनु मीणा के परिवार ने आरोप लगाया है कि शादी के समय ही पति गौतम मीणा और उसके मामा ने होंडा सिटी कार और 5 लाख रुपये की मांग की थी, जिसे परिवार ने शादी के समय ही पूरा कर दिया था. पीड़ित परिवार के मुताबिक, शादी में 60 लाख रुपये खर्च किए थे. इसके बावजूद गौतम अनु को लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित करता रहा. कई बार उसने गाली-गलौज भी की. शराब पीकर मारपीट करता था गौतम जब परिजन मामला दर्ज करवाने गए तो समाज के पंच और रिश्तेदार की ओर से दवाब बनाया गया. पति गौतम मीणा पंचों के जरिए कोशिश कर रहा था कि किसी तरह मामला दब जाए. प्रकरण में समझौते की कोशिश होती रही, लेकिन नीरज को यह मंजूर नहीं था. पंचायत के दवाब के बावजूद वह एफआईआर दर्ज करने पर अड़ गया. नीरज ने आरोप लगाया कि शादी के बाद गौतम मीणा अपनी पत्नी अनु को दहेज के लिए प्रताड़ित करता था. शादी के वक्त परिवार को नहीं पता था कि वह शराब का आदी है. अक्सर शराब पीकर वह मारपीट और गाली गलौज करता था.

मतांतरण पर Amit Shah की सख्त चेतावनी, जनजातीय महाकुंभ में दिया बड़ा बयान

नई  दिल्ली राजधानी दिल्ली में भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती पर आयोजित विशाल जनजातीय महाकुंभ में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने आदिवासी समाज को सनातन परंपरा का अभिन्न हिस्सा बताते हुए मतांतरण और सांस्कृतिक विघटन पर तीखा प्रहार किया। देशभर से पारंपरिक वेशभूषा, लोक वाद्ययंत्रों और सांस्कृतिक गीतों के साथ पहुंचे जनजातीय समुदायों के बीच शाह ने कहा कि यह केवल आयोजन नहीं, बल्कि भगवान बिरसा मुंडा के उलगुलान के बाद देश को एक सूत्र में जोड़ने वाला सबसे बड़ा सांस्कृतिक आंदोलन है। इस समागम में विष्णुदेव साय, मंत्री केदार कश्यप, सांसद महेश कश्यप समेत सैकड़ों जनजातीय समुदाय के लोग शामिल हुए।  

ईंधन महंगा होने से बढ़ी आम लोगों की चिंता, रांची में पेट्रोल 102 रुपये के पार

रांची पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी से आम लोगों की परेशानी बढ़ती जा रही है। तेल कंपनियों ने एक बार फिर ईंधन के दाम बढ़ा दिए हैं। रांची स्थित नंदी फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर शनिवार सुबह छह बजे से पेट्रोल 102.63 रुपये प्रति लीटर और डीजल 97.66 रुपये प्रति लीटर की दर से मिलने लगा। इससे पहले 19 मई को पेट्रोल 101.75 रुपये और डीजल 96.70 रुपये प्रति लीटर था। यानी चार दिनों में पेट्रोल में 88 पैसे और डीजल में 96 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी हुई है। इससे पहले 15 मई को भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी की गई थी। उस समय पेट्रोल 97.86 रुपये से बढ़कर 100.86 रुपये और डीजल 92.62 रुपये से बढ़कर 95.76 रुपये प्रति लीटर पहुंच गया था। इसके बाद 19 मई और अब 23 मई को लगातार तीसरी बार दाम बढ़ाए गए हैं। तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण ईंधन महंगा हो रहा है। देश की सरकारी तेल कंपनियां धीरे-धीरे कीमतों में बढ़ोतरी कर रही हैं। शहर के पेट्रोल पंप समय से पहले हुए बंद, कीमत का मिला लाभ लगातार बढ़ रही कीमतों का असर अब सीधे आम लोगों की जेब पर पड़ने लगा है। लेकिन वहीं शहर में शुक्रवार की रात कीमत बढ़ने के कारण पेट्रोल पंप समय पर पहले बंद हो गए। पेट्रोल पंप संचालकों ने पुराने स्टाक को शनिवार को भी सेल किया। इससे पे्ट्रोल पंप संचालकों को सीधा मुनाफा हुआ है। वहीं खासकर रोजाना बाइक और कार से आने-जाने वाले लोगों, आटो चालकों और ट्रांसपोर्ट कारोबार से जुड़े लोगों की चिंता बढ़ गई है। लोगों का कहना है कि पेट्रोल-डीजल महंगा होने से आने वाले दिनों में जरूरी सामानों की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।

बारनवापारा अभयारण्य के देवपुर नेचर कैंप में छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 65 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल

रायपुर छत्तीसगढ़ के बलौदा बाजार-भाटापारा जिले के वारनवापारा अभ्यारण्य के पास देवपुर में बच्चों के लिए विशेष नेचर कैंप का आयोजन किया गया है। नौतपा से पहले आयोजित इस समर नेचर कैंप में बच्चों ने रोमांच के साथ-साथ पक्षी दर्शन (बर्ड वॉचिंग) और पर्यावरण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सीख प्राप्त की।  बच्चों को प्रकृति के करीब लाने, पर्यावरण संरक्षण की जानकारी देने और स्थानीय वन्यजीवों व पक्षियों के बारे में रोमांचक तरीके से सिखाने के लिए इस विशेष कैंप का आयोजन किया जाता है।                        वनमण्डलाधिकारी  धम्मशील गणवीर के दिशा-निर्देशानुसार बारनवापारा अभयारण्य अंतर्गत देवपुर नेचर कैंप में एक विशेष समर कैंप का सफल आयोजन किया गया। 16 मई से 22 मई तक चले इस अनूठे कैंप का मुख्य उद्देश्य बच्चों को किताबी ज्ञान से बाहर निकालकर प्रकृति के बीच व्यावहारिक रूप से सीखने, समझने और नए अनुभवों को आत्मसात करने का अवसर प्रदान करना था। छत्तीसगढ़ और मध्यप्रदेश के 65 से अधिक प्रतिभागी हुए शामिल                 इस समर कैंप में वन विभाग के मैदानी स्टाफ के बच्चों सहित छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश के 65 से अधिक प्रतिभागियों ने बड़े उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सभी बच्चों ने प्रकृति की गोद में रहकर साहसिक व रचनात्मक गतिविधियों का आनंद लिया और इस कैंप को अपने लिए बेहद यादगार बताया। पढ़ाई के तनाव से दूर बच्चों को कला और खेल-कूद के माध्यम से रचनात्मक बनाया जाता है। जंगल ट्रेकिंग, बर्ड वाचिंग और एडवेंचर एक्टिविटीज                कैंप के दौरान बच्चों के बौद्धिक और शारीरिक विकास के लिए प्रतिदिन सुबह कई प्रकार की गतिविधियां आयोजित की गईं । बच्चों को प्रतिदिन सुबह जंगल ट्रेक और बर्ड वाचिंग (पक्षियों को देखने) के लिए ले जाया जाता था, जहां उन्होंने वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास, जंगल की अनूठी संरचना और विभिन्न पक्षियों को करीब से पहचाना। टेंट कैंपिंग, आउटडोर एडवेंचर गेम्स और विभिन्न रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों में आपसी टीम भावना, आत्मविश्वास और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का विकास किया गया। बारनवापारा सफारी और सिरपुर का शैक्षणिक भ्रमण               बच्चों के ज्ञानवर्धन के लिए उन्हें बारनवापारा अभयारण्य में वाइल्डलाइफ सफारी कराई गई, जिससे वे वन्यजीवों की दुनिया से रूबरू हो सके। इसके अतिरिक्त, अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक धरोहरों से परिचित कराने के लिए उन्हें ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का शैक्षणिक भ्रमण भी कराया गया। बच्चों को कम्युनिटी एंगेजमेंट (सामुदायिक सहभागिता) गतिविधियों से भी जोड़ा गया, जिससे वे स्थानीय वनांचल समुदायों और प्रकृति के गहरे अंतर्संबंधों को समझ सके। विश्व जैव विविधता दिवस पर जाना औषधीय पौधों का महत्व        कैंप के दौरान विश्व जैव विविधता दिवस के विशेष अवसर पर बच्चों को बायोडायवर्सिटी ट्रेल (जैव विविधता पथ) पर ले जाया गया। यहाँ स्थानीय पारंपरिक वैद्यों द्वारा बच्चों को वनों में पाए जाने वाले दुर्लभ औषधीय पौधों और जड़ी-बूटियों की लाइव जानकारी दी गई। इस गतिविधि ने बच्चों को हमारे पारंपरिक ज्ञान, जैव विविधता के संरक्षण और प्रकृति के महत्व से गहराई से अवगत कराया गया।

मंत्री विश्वास सारंग ने किया करोड़ों की लागत से होने वाले विकास कार्यों का भूमि-पूजन

भोपाल सहकारिता, खेल और युवा कल्याण मंत्री  विश्वास कैलाश सारंग ने रविवार को नरेला विधानसभा अंतर्गत वार्ड 78, विश्वकर्मा नगर में 23 करोड़ से अधिक की लागत से होने वाली सीवेज परियोजना एवं अन्य विकास कार्यों का भूमि-पूजन किया। मंत्री  सारंग ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य सरकार मध्यप्रदेश में विकास और जनकल्याण के नए आयाम स्थापित कर रही है। हर वर्ग के कल्याण और हर क्षेत्र का समुचित विकास सरकार की प्राथमिकता है। मंत्री  सारंग ने कहा कि हमारा लक्ष्य केवल विकास कार्य करना नहीं बल्कि प्रत्येक नागरिक के जीवन को सुगम भी बनाना है। मंत्री  सारंग ने कहा कि इस परियोजना से स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी, जलभराव एवं गंदगी की समस्या से राहत मिलेगी तथा नागरिकों को स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण प्राप्त होगा। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी उपस्थित रहे। हज़ारों परिवारों को मिलेगा प्रत्यक्ष लाभ वार्ड 78 स्थित विश्वकर्मा नगर में 23 करोड़ से अधिक की लागत से निर्माण होने वाली इस परियोजना के अंतर्गत 13 करोड़ रुपये की लागत से 42 किलोमीटर लंबा सीवर नेटवर्क बनाया जाएगा तथा 9 करोड़ रुपये की लागत से 8079 हाउस सीवर कनेक्शन प्रदान किए जाएंगे, जिससे लगभग 35,306 नागरिकों को प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। परियोजना पूर्ण होने के बाद क्षेत्रवासियों को बेहतर स्वच्छता, आधुनिक सीवेज व्यवस्था और सुगम नागरिक सुविधाएं प्राप्त होंगी। इससे न केवल जनजीवन अधिक सरल एवं सुविधाजनक बनेगा बल्कि क्षेत्र के समग्र विकास को भी नई दिशा मिलेगी। कार्यक्रम में मंत्री  सारंग का क्षेत्रवासियों द्वारा पुष्पवर्षा एवं माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया गया। और क्षेत्रवासियों ने करोड़ों की लागत से होने वाले इन विकास कार्यों की सौगात के लिए आभार व्यक्त किया।  

पंजाब में गर्मी और चुनाव का असर, स्कूल-ऑफिस सुबह 7:30 बजे से; 26 मई को रहेगा अवकाश

चंडीगढ़. पंजाब में लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी के बीच भगवंत मान सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। राज्य सरकार ने 25 मई सोमवार से अगले आदेशों तक सभी सरकारी दफ्तरों तथा शैक्षणिक संस्थानों का समय बदल दिया है। अब सरकारी दफ्तर और स्कूल सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक खुलेंगे। वहीं, 26 मई को होने वाले नगर निगम, नगर काउंसिल और नगर पंचायत चुनावों के मद्देनजर जनरल हालिडे घोषित कर दी है। पंजाब सरकार के पर्सोनल विभाग की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि बढ़ती गर्मी और हीटवेव जैसी परिस्थितियों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। आदेश सभी अतिरिक्त मुख्य सचिवों, वित्तीय कमिश्नरों, प्रशासनिक सचिवों, विभागाध्यक्षों, डिवीजनल कमिश्नरों और डिप्टी कमिश्नरों को भेज दिए गए हैं। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इन आदेशों की सख्ती से पालना सुनिश्चित की जाए। सरकार के इस फैसले के बाद अब प्रदेश के लाखों कर्मचारियों, अध्यापकों और विद्यार्थियों को सुबह जल्दी कामकाज निपटाना होगा। दोपहर के समय पड़ रही तेज धूप और लू से राहत देने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। मौसम विभाग की ओर से भी पंजाब में तापमान लगातार 44 डिग्री सेल्सियस के करीब रहने की चेतावनी जारी की गई है। 2023 में भी बदला था समय गौरतलब है कि इससे पहले वर्ष 2023 में भी पंजाब सरकार ने गर्मी के कारण सरकारी दफ्तरों और स्कूलों का समय बदला था। करीब तीन साल बाद एक बार फिर मान सरकार को भीषण गर्मी के चलते यह फैसला लेना पड़ा है। उस समय भी कर्मचारियों और विद्यार्थियों को राहत देने के लिए सुबह का समय लागू किया गया था। चुनावों के मद्देनजर छुट्‌टी घोषित इधर, राज्य सरकार ने 26 मई, मंगलवार को होने वाले नगर निकाय चुनावों को देखते हुए पूरे पंजाब में जनरल हॉलिडे घोषित कर दी है। यह छुट्टी पंजाब और चंडीगढ़ स्थित सभी सरकारी दफ्तरों, बोर्डों, निगमों और शैक्षणिक संस्थानों पर लागू होगी। सरकार ने इसे नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट-1881 के तहत अधिसूचित किया है, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर सकें। मुख्य सचिव केएपी सिन्हा की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि चुनाव प्रक्रिया को सुचारु और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने के लिए यह फैसला लिया गया है। स्थानीय निकाय चुनाव के चलते शराब के ठेके भी सुबह 5 से शाम 6:00 बजे तक बंद रहेंगे इसको लेकर भी नोटिफिकेशन जारी किया जा रहा है।

शिविर में मिला स्वास्थ्य सुरक्षा का कवच, आयुष्मान कार्ड मिलने से दूर हुई इलाज की चिंता

रायपुर शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जब दूरस्थ जनजातीय अंचलों तक पहुंचती हैं, तो वे केवल कागजी सुविधा नहीं, बल्कि लोगों के जीवन में बदलाव की एक नई सुबह लेकर आती हैं, जिनमें पात्र व्यक्तियों को आधार पंजीयन, बैंकिंग सेवाएं, राशन कार्ड, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, आयुष्मान भारत योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिये पात्रता परीक्षण, आवेदन एवं मौके पर निराकरण की कार्रवाई की जा रही है। शिविर के माध्यम से स्थानीय समस्याओं का अवलोकन, ग्रामीणों के साथ बैठक एवं योजनाओं का प्रचार-प्रसार, पात्र हितग्राहियों की पहचान, स्वास्थ्य परीक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम, जन सुनवाई तथा शिकायतों के निराकरण के लिये विभागीय कार्रवाई की जा रही है। इसका एक प्रत्यक्ष और जीवंत उदाहरण बलरामपुर-रामानुजगंज जिले की  रोन्ही पहाड़ी कोरवा हैं, जिनके जीवन में प्रशासन की एक संवेदनशील पहल से बेहद सकारात्मक परिवर्तन आया है। सीमित संसाधन और अंधविश्वास के बीच बीत रही थी जिंदगी            विकासखंड राजपुर के सुदूर ग्राम पंचायत पतरापारा की निवासी  रोन्ही अपने परिवार के साथ बेहद सीमित संसाधनों में जीवनयापन करती हैं। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए भी उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं की समुचित जानकारी और संसाधनों के अभाव में, कई बार मजबूरीवश उन्हें उपचार के लिए स्थानीय बैगा-गुनिया के सहारे रहना पड़ता था।बीमारी बढ़ने की स्थिति में अस्पताल तक पहुंचना और शहर जाकर इलाज कराना उनके लिए मानसिक और आर्थिक रूप से अत्यंत कष्टकारी साबित होता था। अस्पताल आने-जाने और महंगी दवाइयों में उनकी मेहनत की गाढ़ी कमाई का एक बड़ा हिस्सा खर्च हो जाता था, जिससे परिवार की रोजमर्रा की बुनियादी जरूरतों को पूरा करना भी दूभर हो जाता था। चौपाल पर मिला आयुष्मान का वरदान             रोन्ही के जीवन के इस ढर्रे को बदलने का माध्यम बना जिला प्रशासन द्वारा संचालित ?जनभागीदारी सबसे दूर सबसे पहले अभियान। इसके तहत पतरापारा में आयोजित जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर में स्वास्थ्य विभाग की टीम ने रोन्ही की समस्या को समझा और मौके पर ही उनका श्आयुष्मान भारत कार्डश् बनाकर उन्हें सौंप दिया। आयुष्मान कार्ड मिलने के बाद अब रोन्ही और उनके पूरे परिवार को इलाज पर होने वाले भारी-भरकम खर्च की चिंता से हमेशा के लिए मुक्ति मिल गई है। अब वे किसी भी आपातकालीन स्थिति या बीमारी में अनुबंधित अस्पतालों में जाकर निःशुल्क एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगी। शासन-प्रशासन के प्रति जताया आभार            अपनी खुशी साझा करते हुए  रोन्ही बताती हैं, पहले हमारे लिए बीमारी का मतलब सिर्फ मानसिक चिंता और कर्ज का बोझ होता था। लेकिन अब यह आयुष्मान कार्ड हमारे पास है, जिससे हमें एक बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा का एहसास हुआ है। अब मैं अपने परिवार के स्वास्थ्य और उनके भविष्य को लेकर पूरी तरह निश्चिंत हूँ। उन्होंने जनजातीय गरिमा उत्सव शिविर को दूरस्थ अंचल के ग्रामीणों के लिए एक अत्यंत उपयोगी और जीवनदायिनी पहल बताते हुए राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन के प्रति सहृदय आभार व्यक्त किया है।