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बिहार: उद्यमी योजना से युवाओं और महिलाओं को बड़ा अवसर, गांवों में खुलेंगे नए उद्योग

चरपोखरी (आरा)  बिहार सरकार की मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत भोजपुर जिले में स्वरोजगार और स्थानीय रोजगार को नई रफ्तार मिलने जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जारी औपबंधिक चयन सूची में जिले के 224 लाभार्थियों का चयन विभिन्न श्रेणियों के तहत उद्योग स्थापित करने के लिए किया गया है। सरकार की ओर से वित्तीय सहायता और तकनीकी प्रशिक्षण मिलने के बाद चयनित लाभार्थी जिले के अलग-अलग प्रखंडों और कस्बों में अपने उद्योग शुरू करेंगे। इससे न केवल स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, बल्कि युवाओं का महानगरों की ओर पलायन भी कम होने की उम्मीद है। युवाओं और महिलाओं को सबसे ज्यादा मौका इस बार सरकार ने सामाजिक संतुलन के साथ युवाओं और महिलाओं को सबसे अधिक प्राथमिकता दी है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के तहत 53 युवाओं का चयन किया गया है। जबकि मुख्यमंत्री महिला उद्यमी योजना में 52 महिलाओं को मौका मिला है। इसके अलावा मुख्यमंत्री ईबीसी उद्यमी योजना के तहत 52, अनुसूचित जाति-जनजाति श्रेणी में 50, अल्पसंख्यक उद्यमी योजना में 14 और दिव्यांग उद्यमी योजना में तीन लोगों का चयन हुआ है। डिजिटल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर बना पहली पसंद नई पीढ़ी का झुकाव डिजिटल और खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की ओर अधिक देखने को मिल रहा है। चयनित परियोजनाओं में सबसे ज्यादा 35 साइबर कैफे सह आईटी बिजनेस यूनिट शामिल हैं। इसके अलावा 26 आटा-सत्तू-मसाला पिसाई इकाइयां, 16 तेल मिल, छह मिनी राइस मिल और 12 रेडीमेड गारमेंट्स प्लांट स्थापित किए जाएंगे। वहीं 16 होटल, रेस्तरां और ढाबे, 15 पेपर प्लेट यूनिट, सात आधुनिक ऑटोमोबाइल गैराज, सात फर्नीचर प्लांट, पांच मेडिकल डायग्नोस्टिक सेंटर और चार फ्लेक्स प्रिंटिंग इकाइयों को भी मंजूरी दी गई है। आधुनिक तकनीक आधारित उद्योगों में कूलर-पंखा असेंबलिंग के चार प्लांट, तीन एलईडी बल्ब उद्योग और तीन आधुनिक कृषि ड्रोन सेवा केंद्र भी शुरू किए जाएंगे। इसके अलावा 65 अन्य लघु और कुटीर उद्योगों को भी स्वीकृति मिली है। गांवों तक पहुंचेगी ड्रोन तकनीक इस बार आधुनिक कृषि ड्रोन सेवा केंद्रों को मंजूरी मिलना सबसे खास माना जा रहा है। चयनित उद्यमियों को ड्रोन खरीदने, पायलट प्रशिक्षण और सर्विस सेंटर संचालन के लिए वित्तीय सहायता दी जाएगी। इससे किसानों को गांव स्तर पर ही नैनो यूरिया और कीटनाशकों के छिड़काव के साथ फसल निगरानी जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। 10 लाख तक की सहायता, आधी राशि अनुदान अधिकारियों के अनुसार दस्तावेज सत्यापन के बाद लाभार्थियों को पहली किस्त जारी की जाएगी। योजना के तहत अधिकतम 10 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसमें 50 प्रतिशत यानी अधिकतम पांच लाख रुपये अनुदान के रूप में माफ किए जाते हैं। शेष राशि आसान शर्तों पर ऋण के रूप में उपलब्ध कराई जाती है। पलायन रोकने में मिलेगी मदद आरा, तरारी, जगदीशपुर, पीरो, बिहिया, शाहपुर, संदेश और चरपोखरी जैसे इलाकों में ये इकाइयां शुरू होने के बाद स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ेगा। इससे दिल्ली, मुंबई और सूरत जैसे शहरों की ओर होने वाले पलायन पर रोक लगने की उम्मीद जताई जा रही है। हर साल बढ़ रहा योजना का दायरा मुख्यमंत्री उद्यमी योजना की शुरुआत वर्ष 2018-19 में अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के लिए की गई थी। बाद में इसे अति पिछड़ा वर्ग और फिर 2021-22 से सभी वर्गों के युवाओं और महिलाओं के लिए खोल दिया गया। इसके बाद जिले में स्वरोजगार का दायरा लगातार बढ़ता गया। वर्ष 2021-22 में 174, 2022-23 में 172, 2023-24 में 194, 2024-25 में 208 और अब 2025-26 में 224 लाभार्थियों का चयन किया गया है।

पीस कमेटी बैठक में फैसला, भीड़ बढ़ने पर मस्जिदों में ही अदा होगी ईद की नमाज

लखनऊ ईदगाह में जगह पूरी तरह भर जाने की स्थिति में आसपास की अन्य मस्जिदों में जाकर नमाज अदा करने को कहा गया है.(File Photo: PTI) सड़क पर नमाज के मुद्दे पर सीएम योगी के सख़्त रुख के चलते, बकरीद को लेकर बुलाई गई पीस कमेटी की बैठक में साफ कहा गया कि किसी भी हाल में सड़क पर नमाज नहीं होगी. अगर ईदगाह में जगह पूरी तरह भर जाती है, तो बाहर नमाज पढ़ने के बजाय आसपास की दूसरी मस्जिद में जाकर नमाज पढ़ने को कहा गया है. प्रशासन ने यह भी कहा कि कुर्बानी के बाद जानवर के अवशेष खुले में या नालियों में न फेंके. खुले में अवशेष फेंकने का मुद्दा विश्व हिन्दू परिषद की तरफ से उठाया गया था. बता दें, झांसी के शहर कोतवाली में एडीएम प्रशासन की अध्यक्षता में बकरीद त्यौहार को लेकर पीस कमेटी की बैठक हुई. जिसमें दोनों धर्मों के धर्मगुरुओं व विभिन्न संगठन के सदस्य मौजूद रहे. जिन्होंने कई समस्याओं के बारे में चर्चा की. वहीं प्रशासन ने जहां सड़क पर नमाज न पढ़ने पर फोकस किया तो वहीं हिन्दू संगठनों ने कुर्बानी के बाद जानवर का खून व वेस्ट मटेरियल नालियों में न बहाने की बात उठाई. मुस्लिम समाज के लोगों ने ईद के दिन बिजली और पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने और सफाई व्यवस्था पर जोर दिया. एसपी सिटी प्रीति सिंह ने कहा कि जो भी व्यवस्थाओं की बात कही गई है, उन्हें पूरा करने के निर्देश नगर निगम, बिजली व जल संस्थान के अधिकारियों को दे दिए गए हैं. साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क पर किसी भी दशा में नमाज न पढ़े और कुर्बानी के अवशेष खुले में न फेंके. कुर्बानी के बाद अवशेष का सही तरह से रखें पुलिस प्रशासन की ओर से सभी को अवगत करा दिया गया है कि कुर्बानी के बाद जानवरक के अवशेष सही तरह से बाहर रखा जाए ताकि जब नगर निगम की गाड़ी आए तो वह कचरे रूप में उठाकर ले जाए. अव्यवस्था रूप से न फेंका जाए, जिससे कोई कुत्ता या अन्य जानवर उसे उठाकर न ले जाए. अगर ऐसा हो जाता है तो अव्यवस्था का माहौल बन जाता है. साथ ही यह भी निर्देश दिए गए कि जो भी स्थानीय ईदगाह में नमाज सम्पन्न होती है वहां यदि क्षमता पूरी हो चुकी है तो आस-पास की मस्जिद में जाकर नमाज अदा कर लें, मस्जिद के बाहर किसी भी दशा में नमाज अदा न करें. वहीं पुलिस क्षेत्राधिकारी नगर लक्ष्मीकांत गौतम ने भी कहा कि किसी भी दशा में मस्जिद के बाहर या फिर सड़क पर नमाज अदा न करें.

दिल्ली में जयशंकर से मुलाकात के बाद बोले अमेरिकी विदेश मंत्री, भारत-अमेरिका संबंध दुनिया के सबसे अहम

नई दिल्ली  भारत दौरे पर आए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने आज दिल्ली में अपने समकक्ष एस. जयशंकर के साथ बातचीत के दौरान कहा कि भारत और अमेरिका न केवल सहयोगी हैं बल्कि रणनीतिक साझेदार भी हैं, जो दुनिया के विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम करते हैं। रूबियो ने आज सुबह अपने भारतीय समकक्ष जयशंकर से मिले। प्रतिनिधिमंडल-स्तर की बातचीत के दौरान शीर्ष अमेरिकी राजनयिक ने कहा कि रणनीतिक संबंध भारत और अमेरिका के रिश्तों को अन्य देशों से अलग बनाते हैं। रूबियो ने क्या कहा? उन्होंने कहा, "अमेरिका और भारत सिर्फ सहयोगी नहीं हैं। हम रणनीतिक सहयोगी हैं और यह बात बेहद अहम है। जाहिर है हम दुनिया भर के देशों के साथ कई अलग-अलग मुद्दों पर काम करते हैं, लेकिन हमारी रणनीतिक साझेदारी ही इस रिश्ते को सबसे अलग बनाती है।" रूबियो ने आगे कहा, "ऐसा इसलिए है क्योंकि यह साझेदारी सिर्प इसी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि यह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में, वैश्विक स्तर पर सहयोग करने के अवसर भी देती है। और जैसा कि मैंने कहा और जैसा कि कल रात हमने खाने पर थोड़ी चर्चा भी की थी इसमें पश्चिमी गोलार्ध और वैसी ही दूसरी जगहें भी शामिल हो सकती हैं।" 'भारत-अमेरिका रखते हैं साझा हित' उन्होंने आगे कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र होने के नाते कई साझा हित रखते हैं। उन्होंने आगे कहा, "हम दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र हैं। सिर्फ यही बात हमारे बीच जबरदस्त सहयोग के लिए एक मजबूत आधार है। हमारे इतने सारे साझा हित हैं कि हमारे लिए उन पर लगातार काम करते रहना पूरी तरह से समझदारी की बात है।" अमेरिकी विदेश मंत्री ने कहा, "यह किसी चीज को फिर से बहाल करने या उसमें नई जान डालने के बारे में नहीं है। मैंने कुछ लोगों को इस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते देखा है बल्कि यह तो उस पहले से ही बहुत ठोस और मजबूत रणनीतिक साझेदारी को और आगे बढ़ाने के बारे में है, जो हमारी सबसे अहम साझेदारियों में से एक है। मैं तो यहां तक कहूंगा कि यह दुनिया की सबसे अहम साझेदारियों में से एक है।"

सावधान! ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ बनकर ठग रहे जालसाज, लोगों के खाते कर रहे साफ

लुधियाना. देश भर में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे डिजिटल संगठन “कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी)” का नाम अब साइबर ठगों के लिए नया हथियार बन गया है। युवाओं को सिस्टम बदलने और बड़ी जिम्मेदारी मिलने का लालच देकर ठग लोगों को फिशिंग लिंक भेज रहे हैं। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल फोन हैक हो रहा है और लोगों की बैंकिंग जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंच रही है। मामले को गंभीरता से लेते हुए लुधियाना पुलिस ने आम जनता को सतर्क करने के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर जागरूकता वीडियो जारी किया है। पुलिस के पास ऐसे मामलों की 6 से 7 के करीब शिकायतें पहुंची हैं। हालांकि किसी से अभी तक ठगी नहीं हुई। जिसके बाद पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है। ऐसे समझिए ठगी का नया तरीका इन दिनों कॉकरोच जनता पार्टी ट्रेंडिंग में होने के चलते ठगों ने एक लिंक तैयार किया है। जिसके ऊपर लिखा है कि देश को बदलना है तो पार्टी के साथ जुड़ें। पार्टी के साथ जुड़ने के लिए लिंक पर क्लिक करें और आप रजिस्टर हो जाएंगे। यही नहीं आप पार्टी के वॉट्सऐप ग्रुप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम इनबॉक्स के साथ जुड़ जाएंगे। ऐसे में लोग उक्त लिंक पर जाने-अंजाने में क्लिक कर बैठते हैं। जिसके बाद उनका फोन रिमोट मोड यानि हैक हो जाता है। फोन या लैपटाप की सारी डिटेल जिसमें बैंक खाते की डिटेल, पर्सनल फोटोज और बाकी की सभी डिटेल्स ठगों द्वारा अपने कब्जे में ले ली जाती हैं। जिसके बाद वो आपके इन डिटेल्स की मदद से आपके खाते को खाली कर देते हैं या फिर ब्लैकमेल करते हैं। ये लिंक वॉट्सऐप, मैसेंजर और इंस्टाग्राम के इनबाक्स में भेजे जा रहे हैं। जिससे लोग ठगी का शिकार बन रहे हैं। ग्राफिक के लालच में आकर कर रहे क्लिक इसी तरह के कॉकरोच पार्टी के लिंक पर लोगों को ओहदे दिए जा रहे हैं। उनसे उनकी फोटो मांगी जाती है और एक ग्राफिक बनाकर भेजा जाता है, जिसमें फोटो भेजने वाले शख्स की फोटो लगाकर उसे पार्टी का पद देकर ग्राफिक भेज दिया जाता है। लोगों को लगता है कि वो पार्टी के मेंबर बन गए हैं, जबकि उनके फोटो का इस्तेमाल ठग लोन लेने, क्रेडिट कार्ड बनवाने और फर्जी आईडी बनाने में कर रहे हैं। पुलिस ने बनाई 42 सैकेंड का जागरूकता वीडियो लुधियाना पुलिस ने आम लोगों को इस नए फ्रॉड से बचाने और जागरूक करने के लिए अपने आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी जारी किया है। 42 सेकेंड के इस वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने विस्तार से बताया है कि कैसे एक छोटी सी गलती लोगों को कंगाल बना सकती है। इस वीडियो में विजुअल्स के साथ लोगों के सामने पेश किया गया है, ताकि लोगों को आसानी से समझ आ सके। साइबर पुलिस ने जारी की एडवाइजरी अगर आपने लिंक क्लिक कर दिया है तो तुरंत इसकी शिकायत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर करें। इसके साथ ही एक लिखित शिकायत अपने नजदीकी साइबर थाने में दर्ज करवाएं। अपने बैंक खातों पर तुरंत कैश ट्रांजेक्शन को बंद करवाएं और क्रेडिट या डेबिट कार्ड को ब्लाक करवा दें। मैसेंजर और इंस्टाग्राम आने वाले लिंक को बिना खोले ही डिलीट करें और इसे रिपोर्ट करें, ताकि बाकी कोई इसका शिकार न होने पाए। लिंक क्लिक हो गया है तो तुरंत अपने फोन को आफ कर दें, ताकि कोई एक्टिविटी न होने पाए। इस तरह के फर्जी लिंक से बचने के लिए लोगों से अपील की है। इसके साथ ही अगर किसी ने लिंक क्लिक कर दिया है तो वो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करे। लोगों से अपील है कि किसी भी अंजान लिंक को क्लिक न करें, क्योंकि ये साइबर ठगों का ट्रैप हो सकता है। -स्वपन शर्मा, पुलिस कमिश्नर

वाराणसी में प्रमुख सोलर कंपनियों द्वारा यूपी नेडा को दिए गए प्रस्ताव में सोलर दीदी को प्रति माह 14,196 रुपये वेतन

लखनऊ.  उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में जनपद वाराणसी एक नई पहचान बना रहा है। वाराणसी की महिलाएं सोलर लीडर बनने की ओर तेजी से आगे बढ़ रहीं हैं। सोलर दीदी पहल के माध्यम से महिलाओं को न केवल तकनीकी प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें रोजगार, सम्मान और ऊर्जा स्वावलंबन से भी जोड़ा जा रहा है। प्रमुख सोलर कंपनियों द्वारा यूपी नेडा को दिए गए प्रस्ताव के अनुसार चयनित सोलर दीदियों को वाराणसी में रहकर कार्य करने का अवसर मिलेगा। इस संबंध में यूपी नेडा डायरेक्टर रविन्दर सिंह ने बताया कि यूपीनेडा इम्पेनल्ड वेंडर्स द्वारा महिलाओं को ₹14,196 प्रति माह का वेतन दिया जाता है। इसके साथ ही वेंडर्स द्वारा प्रत्येक सोलर दीदी को लगभग ₹1.30 लाख मूल्य का 2 किलोवाट सोलर प्लांट निःशुल्क दिया जाएगा, जिससे वे अपने घर को सौर ऊर्जा से जोड़ सकेंगी। महिलाओं को आधुनिक ऊर्जा उपयोग से जोड़ने हेतु एक इंडक्शन स्टोव भी वेंडर्स द्वारा निःशुल्क उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त भारत सरकार के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय (MNRE) द्वारा प्रत्येक सफल सोलर स्थापना पर ₹1000 की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी। विभाग की ओर से सभी प्रशिक्षुओं से अपील की गई है कि वे समय से प्रशिक्षण केंद्र पहुंचें, सात दिवसीय प्रशिक्षण को गंभीरता से पूरा करें तथा टेस्ट उत्तीर्ण कर इस अभियान का हिस्सा बनें। यह पहल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि महिलाओं को ऊर्जा क्षेत्र में नेतृत्व प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। वाराणसी में चल रही यह पहल अब पूरे उत्तर प्रदेश के लिए एक प्रेरणादायक मॉडल बनती दिखाई दे रही है, जहां महिलाएं सोलर दीदी बनकर हरित ऊर्जा क्रांति की अगुवाई कर रही हैं। प्रदेश में अब तक 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित उत्तर प्रदेश में अब तक 5,44,810 से अधिक रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। राज्य में कुल 9,68,548 आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से बड़े पैमाने पर स्वीकृति एवं स्थापना सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही प्रदेश में 1,844.87 मेगावाट की कुल स्थापित क्षमता सृजित हुई है तथा ₹3,539.06 करोड़ की सब्सिडी केंद्र सरकार द्वारा एवं ₹1200 करोड़ से अधिक की सब्सिडी राज्य सरकार द्वारा जारी की जा चुकी है। प्रदेश में प्रतिदिन 82 लाख यूनिट से अधिक मुफ्त बिजली रूफटॉप सोलर के माध्यम से उत्पन्न हो रही है, जिसकी अनुमानित लागत 5 करोड़ रुपये से अधिक है।

AIIMS में हो रहा ट्विशा का दोबारा पोस्टमार्टम, सुरक्षा के बीच भदभदा विश्राम घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारी

भोपाल/नई दिल्ली. नोएडा की 33 वर्षीय मॉडल और एक्ट्रेस त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में आज का दिन अहम है। भोपाल एम्स में पुलिस की भारी मुस्तैदी के बीच त्विषा का दूसरा पोस्टमार्टम किया जा रहा है। इस संवेदनशील मामले में मौत का सच जानने के लिए दोबारा यह प्रक्रिया अपनाई गई, जिसके बाद भोपाल के भदभदा विश्राम घाट में त्विषा का अंतिम संस्कार होगा। बता दें कि दिल्ली एम्स (AIIMS) के विशेषज्ञ डॉक्टरों की चार सदस्यीय टीम रविवार को ही भोपाल पहुंची। राज्य सरकार की औपचारिक अपील और भोपाल कोर्ट के निर्देश पर दिल्ली एम्स के निदेशक खुद इसकी निगरानी कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः लिया है संज्ञान इस हाई-प्रोफाइल मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्य बागची और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की विशेष पीठ सोमवार, 25 मई को इस मामले की सुनवाई करेगी। शीर्ष अदालत ने इस स्वतः संज्ञान मामले को "एक युवती की उसके ससुराल में अप्राकृतिक मृत्यु में कथित संस्थागत पूर्वाग्रह और प्रक्रियात्मक अनियमितताएं" शीर्षक दिया है, जो पुलिस व स्थानीय प्रशासन की शुरुआती भूमिका पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ससुराल में मिला था शव, पति 7 दिन की रिमांड पर गौरतलब है कि कुछ महीने पहले ही शादी के बंधन में बंधीं त्विषा 12 मई को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपने ससुराल में फंदे पर लटकी पाई गई थीं। मृतका के परिजनों ने दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाया, जिसके बाद त्विषा के पति वकील समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। 10 दिनों तक फरार रहने के बाद समर्थ सिंह को शुक्रवार को जबलपुर से गिरफ्तार किया, जिसे शनिवार को स्थानीय अदालत ने 7 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दूसरी तरफ, आरोपी सास गिरिबाला सिंह का दावा है कि पुलिस ने बयान दर्ज करने के लिए अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है। ट्विशा के भाई मेजर हर्षित शर्मा ने मांग की है कि सीबीआई को जल्द से जल्द इस मामले की कमान संभालनी चाहिए।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन से बस्तर पुलिस होगी हाईटेक, अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

जगदलपुर. बस्तर संभाग में अपराध जांच को तकनीकी मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. जगदलपुर में मोबाइल फॉरेंसिक वेन का शुभारंभ किया गया. यह अत्याधुनिक वेन घटनास्थल से साक्ष्य जुटाने में पुलिस की मदद करेगी. अधिकारियों का कहना है कि इससे जांच प्रक्रिया और तेज व सटीक बनेगी. कार्यक्रम में पुलिस और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. फॉरेंसिक विशेषज्ञ अब मौके पर ही डिजिटल और तकनीकी जांच कर सकेंगे. इस सुविधा से साइबर और आपराधिक मामलों में त्वरित कार्रवाई संभव होगी. पुलिस का दावा है कि आधुनिक तकनीक से अपराधियों तक पहुंच आसान होगी. वेन में जांच से जुड़े अत्याधुनिक उपकरण लगाए गए हैं. बस्तर संभाग में पहली बार इस तरह की मोबाइल सुविधा उपलब्ध हुई है. अधिकारियों ने इसे न्याय प्रक्रिया के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया. इससे ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों की जांच में भी तेजी आने की उम्मीद है. पुलिस विभाग अब तकनीक आधारित जांच व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी में है.

हरियाणा BJP का विशेष अभियान, मोदी सरकार की उपलब्धियों को जनता तक पहुंचाने की योजना

चंडीगढ़  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर हरियाणा भाजपा ने प्रदेशभर में विशेष कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी शुरू कर दी है। इसी कड़ी में भाजपा हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बडोली ने “बारह साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के” कार्यक्रम को लेकर प्रदेश समिति का गठन किया है। प्रदेश कार्यालय ‘पंचकमल’ से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह समिति प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की 12 वर्षों की उपलब्धियों, जनकल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को जनता तक पहुंचाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन करेगी। कार्यक्रमों के माध्यम से केंद्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक ले जाने की रणनीति पर काम किया जाएगा। गठित समिति में प्रदेश सचिव राहुल राणा को संयोजक बनाया गया है, जबकि पूर्व प्रदेश सचिव मनीष यादव को सह-संयोजक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा प्रदेश कोषाध्यक्ष अजय बंसल, राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य ओबीसी मोर्चा अवनीत कौर तथा युवा मोर्चा कार्यकारिणी सदस्य विकास दहिया को सदस्य बनाया गया है। भाजपा संगठन से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यह समिति प्रदेशभर में विभिन्न जनसंपर्क, संवाद और उपलब्धि आधारित कार्यक्रम आयोजित कर सकती है, ताकि प्रधानमंत्री मोदी सरकार के 12 वर्षों के कार्यकाल को जनकल्याण और विकास के दृष्टिकोण से जनता के बीच प्रस्तुत किया जा सके।

AI से होगी प्रॉपर्टी की जांच, दिल्ली में पेपरलेस रजिस्ट्री सिस्टम लागू करने की योजना

नई दिल्ली  मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली में संपत्ति की रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर बड़े बदलाव की तैयारी शुरू कर दी है। AI आधारित इस नई व्यवस्था से संपत्ति को लेकर बढ़ता विवाद खत्म होगा, भ्रष्टाचार की संभावना कम हो जाएगी, विवादित संपत्तियों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगने के साथ साथ संपत्ति रजिस्ट्री की पूरी व्यवस्था पेपरलेस होगी। सीएम इन बदलावों को लेकर निजी कंपनियों के साथ बैठक भी कर चुकी हैं। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि हम सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों को आधुनिक पासपोर्ट सेंटर की तरह विकसित करना चाहते हैं। सब-रजिस्ट्रार कार्यालयों के वर्क कल्चर को बदलना चाहते हैं, जिससे भ्रष्टाचार, अनावश्यक देरी, लंबा इंतजार कम हो और पूरी व्यवस्था तकनीक पर आधारित हो। इससे पारदर्शिता बढ़ने के साथ जवाबदेही भी तय होगी AI से होगी मालिकाना हक की जांच सीएम ने बताया कि वह जिस प्रीमियम मॉडल का सब-रजिस्ट्रार ऑफिस चाहती हैं, वह डिजिटल और AI आधारित होगा। यानी आवेदन करने से लेकर प्रॉपर्टी के मालिकाना हक तक की जांच एआई आधारित व्यवस्था से होगी। आवेदकों को सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में सिर्फ बायोमीट्रिक व फोटो खिंचवाने के लिए आना होगा। अभी संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए दोनों पार्टी आपस में एग्रीमेंट करते हैं। इसके बाद नोटरी से दस्तावेज तैयार करवाए जाते हैं, फिर सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में समय लेकर आगे काम होता है। वेबसाइट पर भरी जाएगी फॉर्म की जानकारी नई व्यवस्था में दोनों पार्टियों के बीच होने वाले एग्रीमेंट की जानकारी वेबसाइट पर मौजूद फॉर्म में भरी जाएगी। अगर कोई विवादित संपत्ति है, या बुक्ड प्रॉपर्टी है तो AI उसके रिकॉर्ड से खुद मैच कर लेगी और उसपर रेड फ्लैग लगाएगी। इससे विवादित संपत्तियों के खरीद-फरोख्त पर रोक लगेगी। अगर संपत्ति में कोई समस्या नहीं है तो दोनों पक्ष सब-रजिस्ट्रार में जाएंगे। इसके बाद संपत्ति की रजिस्ट्री पर डिजिटल साइन होकर वह सीधे आवेदक के डिजी लॉकर में भी चला जाएगा। नए कॉन्सेप्ट के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में एसी वेटिंग रूम, डिजिटल हेल्प डेस्क, प्रशिक्षित स्टाफ, स्मार्ट टोकन सिस्टम और रीयल टाइम ऐप्लीकेशन ट्रैकिंग जैसी सुविधाएं होंगी। ये होगा फायदा     विवादित प्रॉपर्टी की खरीद-फरोख्त नहीं हो पाएगी।     मालिकाना हक की जांच ऑनलाइन की जाएगी।     रजिस्ट्री के बाद सब-रजिस्ट्रार दस्तावेज को नहीं रोक सकेंगे।     रजिस्ट्री में होने वाले भ्रष्टाचार पर रोक लगेगी।

संगीत शिक्षिका को राहत, झारखंड HC ने सेवा बहाली का दिया आदेश

रांची झारखंड हाइकोर्ट ने स्पष्ट किया है कि एक ही संस्थान से हासिल समान डिग्री धारकों के बीच केवल अंकों के बदलाव के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता. जस्टिस दीपक रोशन की अदालत ने शिक्षा विभाग के उस नियम को मनमाना और अमान्य करार दिया, जिसके तहत 2007 से पहले 300 अंकों की संगीत प्रभाकर डिग्री लेने वालों को बहाली के अयोग्य मान लिया गया था. अदालत ने याचिकाकर्ता सुचरिता महतो को आठ सप्ताह के भीतर सभी परिणामी लाभों के साथ सेवा में बहाल करने का निर्देश दिया है. संगीत शिक्षिका की सेवा समाप्त करने पर कोर्ट सख्त बोकारो निवासी सुचरिता महतो ने प्रयाग संगीत समिति, इलाहाबाद से वर्ष 1985 और 1989 में संगीत प्रभाकर की डिग्री हासिल की थी. वर्ष 2011 के विज्ञापन के आधार पर उन्हें गिरिडीह में संगीत शिक्षिका के पद पर नियुक्त किया गया था, लेकिन 31 जुलाई 2020 को जिला शिक्षा पदाधिकारी ने उनकी सेवा यह कहते हुए समाप्त कर दी कि उनकी डिग्री को सरकार से मान्यता प्राप्त नहीं है. 300 और 500 अंकों की डिग्री को लेकर उठा विवाद शिक्षा विभाग ने 14 सितंबर 2022 को एक संकल्प जारी किया. इसमें प्रयाग संगीत समिति की 500 अंकों वाली संगीत प्रभाकर डिग्री को स्नातक के समकक्ष मान्यता दी गयी, लेकिन याचिकाकर्ता को इसलिए बाहर रखा गया क्योंकि उनके पास 2007 से पहले की 300 अंकों वाली डिग्री थी.