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मुख्यमंत्री योगी बोले – श्रमिक राज्य की प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति, उन्हें सम्मान और सुरक्षा देना सरकार की प्राथमिकता

लखनऊ. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रमिक कल्याण, कौशल विकास और रोजगार सृजन को और व्यापक तथा परिणाममुखी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। उन्होंने बाल श्रमिक विद्या योजना को प्रदेश के सभी 75 जनपदों में विस्तारित करने, ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को और प्रभावी बनाने, निर्माण श्रमिकों के लिए बड़े शहरों में आधुनिक श्रमिक सुविधा केंद्र विकसित करने तथा रोजगार मिशन को वैश्विक अवसरों से जोड़ने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा है कि श्रमिक केवल उत्पादन प्रक्रिया का हिस्सा नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रगति की सबसे बड़ी शक्ति हैं। सरकार की प्राथमिकता है कि श्रमिकों, युवाओं और कमजोर वर्गों को सम्मानजनक जीवन, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, सुरक्षित कार्य वातावरण और बेहतर रोजगार अवसर उपलब्ध हों। शनिवार को श्रम एवं सेवायोजन विभाग की विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों और प्रस्तावित योजनाओं की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कोई भी बच्चा आर्थिक मजबूरी के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाल श्रम प्रभावित क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर बच्चों को विद्यालयों से जोड़ा जाए और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया को प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने कहा कि निजी क्षेत्र के सहयोग से इन बच्चों के कौशल विकास की कार्ययोजना भी तैयार की जाए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2020 में प्रारंभ की गई इस योजना के तहत 8 से 18 वर्ष आयु वर्ग के कामकाजी बच्चों को विद्यालयों में प्रवेश दिलाकर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। वर्तमान में योजना 20 जनपदों में संचालित है। मुख्यमंत्री ने इसे नए प्रावधानों के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में लागू करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने ‘सेवामित्र व्यवस्था’ को रोजगार और जनसुविधा का अभिनव मॉडल बताते हुए कहा कि तकनीक आधारित ऐसी व्यवस्थाएं युवाओं और कुशल कामगारों के लिए नए अवसर तैयार करती हैं। उन्होंने इसे और अधिक प्रभावी तथा जनोपयोगी बनाने के निर्देश दिए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2021 से संचालित इस व्यवस्था के तहत नागरिक मोबाइल ऐप, वेब पोर्टल अथवा कॉल सेंटर के माध्यम से घरेलू सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। वर्तमान में पोर्टल पर 1097 सेवा प्रदाता, 5049 सेवामित्र और 54,747 कुशल कामगार पंजीकृत हैं। मुख्यमंत्री ने सरकारी विभागों में भी आवश्यकता के अनुसार सेवामित्र व्यवस्था के उपयोग के प्रस्ताव को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने श्रम विभाग में हुए संस्थागत सुधारों की सराहना करते हुए कहा कि उद्योगों के अनुकूल वातावरण और श्रमिक हितों के बीच संतुलन बनाना सरकार की नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है। बैठक में बताया गया कि प्रदेश में अब तक 32,583 कारखाने पंजीकृत हो चुके हैं। मार्च 2017 तक जहां यह संख्या 14,176 थी, वहीं अप्रैल 2017 के बाद 18,407 नए कारखानों का पंजीकरण हुआ है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 4860 कारखानों का पंजीकरण किया गया। विभाग को बीआरएपी सुधारों के क्रियान्वयन में ‘टॉप अचीवर’ के रूप में मान्यता प्राप्त हुई है तथा उद्योग समागम 2025 में श्रम क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने निर्माण श्रमिकों के लिए सभी औद्योगिक शहरों में प्रस्तावित श्रमिक सुविधा केंद्रों यानी ‘लेबर अड्डों’ को व्यवस्थित रूप से विकसित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों को केवल श्रमिकों के एकत्रीकरण स्थल के रूप में नहीं, बल्कि श्रमिक सहायता एवं सुविधा केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़ी संख्या में दूसरे क्षेत्रों से आने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित और व्यवस्थित आवास सुविधा उपलब्ध कराना भी आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कानपुर में प्रस्तावित औद्योगिक श्रमिक प्रशिक्षण संस्थान और छात्रावास योजना को कौशल विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना समय की मांग है। बैठक में बताया गया कि विष्णुपुरी स्थित भूमि पर 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला प्रशिक्षण संस्थान प्रस्तावित है, जहां कारपेंटरी, इलेक्ट्रिशियन, फिटर, प्लंबर, पेंटर और बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सहित विभिन्न ट्रेडों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त बेनाझाबर स्थित भूमि पर 200 प्रशिक्षुओं की क्षमता वाला छात्रावास भी प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री ने रोजगार सृजन को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में बताते हुए कहा कि प्रदेश के युवाओं को स्थानीय, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। बैठक में बताया गया कि जुलाई 2025 में गठित ‘उत्तर प्रदेश रोजगार मिशन’ के माध्यम से युवाओं को देश और विदेश में रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। रोजगार मिशन को विदेश मंत्रालय से भर्ती एजेंसी का लाइसेंस भी प्राप्त हो चुका है। लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी और कानपुर में आयोजित रोजगार कार्यक्रमों के माध्यम से 27,555 युवाओं का चयन किया गया, जिनमें 2300 युवाओं का चयन विदेशों में रोजगार हेतु हुआ। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 के दौरान प्रदेश में 3030 रोजगार मेलों और कैंपस प्लेसमेंट कार्यक्रमों के माध्यम से 3,74,776 अभ्यर्थियों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए गए। इसी अवधि में आयोजित 4873 करियर काउंसलिंग कार्यक्रमों में 6,80,469 युवाओं ने सहभागिता की। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोजगार मेलों को केवल औपचारिक आयोजन न बनाकर उन्हें उद्योगों की वास्तविक मांग और युवाओं की क्षमता से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि इसे सरदार वल्लभभाई पटेल इंडस्ट्रियल एंड एम्प्लॉयमेंट ज़ोन से भी जोड़ा जाए। मुख्यमंत्री ने वैश्विक रोजगार अवसरों को लेकर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश का युवा विश्वस्तरीय अवसरों का लाभ उठाने में सक्षम है। बैठक में बताया गया कि जर्मनी, जापान और स्लोवाक गणराज्य सहित विभिन्न देशों में रोजगार की संभावनाएं चिन्हित की गई हैं। जापानी, जर्मन और अंग्रेजी सहित विभिन्न भाषाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ करने के लिए समझौते किए गए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवायोजन विभाग को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक और डिजिटल रोजगार तंत्र के रूप में विकसित किया जाए। उन्होंने रोजगार संगम पोर्टल में एआई आधारित सेवाओं, डिजिटल जॉब मैचिंग और ऑनलाइन काउंसलिंग प्रणाली को मजबूत करने के निर्देश दिए।

हरिमंदिर साहिब को उड़ाने की धमकी से मचा हड़कंप, आरोपी सौरव बिस्वास पर कसा शिकंजा

अमृतसर. पश्चिम बंगाल के सौरव बिस्वास की गिरफ्तारी की सूचना अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस अंतरराष्ट्रीय आपराधिक पुलिस संगठन (इंटरपोल) को देने जा रही है। पता चला है कि आरोपित ने पाकिस्तान और बंगलादेश में क्रिप्टो करंसी के जरिए कुछ लोगों को भुगतान किया है। यह भुगतान किस डील के बदले में किया गया इसकी जांच करवाई जा रही है। आशंका जताई जा रही है कि ई-मेल के जरिए धमकियां देने वाला आरोपित सौरव बिस्वास के खिलाफ उक्त दो देशों के साथ-साथ अन्य देशों को भी वांछित हो सकता है। फिलहाल जांच मुकम्मल होने के बाद उसे फताहपुर जेल भेज दिया गया है। साइबर सेल के अधिकारी ने बताया कि केस में नए पहलू सामने आने पर आरोपित को दोबारा कोर्ट के जरिए प्रोडक्शन वारंट पर जेल से गिरफ्तार किया जा सकता है। बता दें सौरव बिस्वास ने छह महीने पहले से अब तक श्री हरिमंदिर साहिब को बम से उड़ने की 40 के करीब धमकियां ई-मेल भेज कर की थी। इसके अलावा आरोपित ने श्री गुरु रामदास जी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, स्कूल, बस अड्डा, श्री दुर्ग्याणा मंदिर, रेलवे स्टेशन सहित देश के कई हिस्सों में ई-मेल भेजकर महत्वपूर्ण स्थलों को बम से उड़ाने की धमकियां दी थीं। पुलिस ने लंबी जांच पड़ताल के बाद सौरव बिस्वास को गिरफ्तार कर लिया। इसके कब्जे से तीन सौ से ज्यादा ई मेल आइडी और उनके पासवर्ड बरामद किए हैं। यह सभी उसने पैसे देकर विभिन्न लोगों से खरीदे थे और इसके जरिए फिर धमकियों का सिलसिला शुरु हुआ था। आरोपित के कब्जे से मिले तीन सीपीयू, पांच हार्ड डिस्क, तीन मोबाइल, एक इंटरनेट राउटर, 15 हाट मेल अकाउंट बरामद किए थे।

कान्स 2026 के क्लोजिंग सेरेमनी में छाईं ऐश्वर्या राय, फैंस के दिलों पर किया राज

ऐश्वर्या राय बच्चन कान्स की जान हैं… भारत की आन-बान-शान हैं. इस गॉर्जियस डीवा के लिए ये कहना बिल्कुल भी गलत नहीं होगा. ऐश्वर्या का कान्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी को अटेंड करना, फैंस के लिए टूटते तारे को देखकर विश मांगने जैसा रहा. तीन दिन तक अपने सभी लुक में एक्ट्रेस ने फैंस को खूब चौंकाया. ऐश्वर्या के इन तीन दिन में कई वीडियोज सामने आएं, जिनमें बेटी आराध्या के साथ बिताया खास पल विदेशी फैंस का ऐश्वर्या…चीयर करने वाला पल तो शामिल था ही. साथ ही कई और भी खास मोमेंट्स थे जिन्होंने फैंस का दिन बना दिया. आइये बताते हैं. बेस्ट फ्रेंड ने दी झप्पी अब जब इस ग्रैंड इवेंट का समापन हो चुका है तो ऐश्वर्या के कई वीडियोज सामने आ रहे हैं. जहां वो लोगों से मिलतीं, उनसे अपनेपन से बात करतीं. तो वहीं कई हॉलीवुड एक्ट्रेस उन्हें देख दौड़ लगाती दिखीं. ऐश्वर्या का चार्म और रॉयल प्रेजेंस तो जैसे महफिल ही लूट रहा है. एक वीडियो में हॉलीवुड स्टार ईवा लोंगोरिया ऐश्वर्या को देख इतनी एक्साइटेड हो गईं कि उनके पास ही भागी चली गईं. उन्होंने एक्ट्रेस को अपना बेस्ट फ्रेंड बताया और कहा कि कान्स अब शुरू हुआ है. ईवा और ऐश्वर्या की फोटोज सालों से कान्स इवेंट में सेंटर ऑफ अट्रैक्शन रही हैं. दोनों साथ में खूब पोज देते हैं और इनकी दोस्ती की खूब चर्चा होती है. बॉडीगार्ड ने चौंकाया ऐश्वर्या का इसी के साथ एक और वीडियो सामने आया जहां वो अपने साथ चलते बॉडीगार्ड को देख हैरान नजर आईं. ऐश्वर्या ने कहा कि वो बहुत लंबा है. फिर वो बहुत ही क्यूट तरीके से बॉडीगार्ड को घूरती हुई दिखीं. ऐश्वर्या का ये वीडियो खूब वायरल हो रहा है. फैंस उनकी मासूमियत पर फिदा हो रहे हैं. इसी के साथ ऐश्वर्या का ब्रूट को दिया कान्स से एक इंटरव्यू भी सामने आया जहां वो अपनी सोशल मीडिया की जानकारी, कॉन्फिडेंस और खुद से दोस्ती करने पर बात करती दिखीं. इंस्टाग्राम के चक्कर में नहीं पड़ना चाहतीं ऐश्वर्या ऐश्वर्या ने कहा कि- मेरे आसपास के लोग मुझे याद दिलाते रहते हैं कि इंस्टाग्राम का गेम बहुत पहले शुरू हो चुका है. आप ही इसे यूज नहीं कर रहे हो. मैं उस स्पेस में गई ही नहीं हूं. मेरे लिए सोशल मीडिया भी एक तरह का मीडिया ही है, जो अलग अलग तरह से एग्जिस्ट करता है. इसके अलग-अलग चेहरे हैं. आप जब काम करते हैं तो साथ मिलकर ही करते हैं, क्योंकि ये सारे मीडियम्स ऑडियन्स के बेस पर ही चलते हैं. मैं इसे सिंपल ही रखना चाहती हूं. ऐश्वर्या ने आगे अपनी फीलिंग्स जाहिर करते हुए कहा कि मैं हमेशा हर दिन ऐसे काम करती हूं जैसे ये पहला दिन हो. आपकी जर्नी कैसी है, ये मायने रखता है, यहां कुछ भी सही-गलत नहीं है. अपने आने वाले वर्क कमिटमेंट्स पर बात करते हुए ऐश्वर्या ने बताया कि मैं स्क्रिप्ट्स में ऐसा कुछ अलग नहीं ढूंढती, बस जब आप उसे पढ़ते हो तो, वो कहानी आपको क्लिक कर जाए. इतना ही काफी है.

घर में चमगादड़ आना शुभ या अशुभ? जानें वास्तु और वैज्ञानिक कारण

चमकादड़ के घर में घुसने से हर आदमी को डर लगने लगता है क्योंकि उनकी बनावट डरावनी होती है. लेकिन इसके पीछे धार्मिक मान्यता से ज्यादा वैज्ञानिक वजह छुपी है. हालांकि, वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में चमगादड़ का आना अच्छा संकेत नहीं होता है. इसे अक्सर नकारात्मक ऊर्जा, आर्थिक परेशानी या घर में हो रहे तनाव से जोड़ा जाता है. वास्तु मान्यताओं के मुताबिक: – यह घर में अशांति या विवाद का संकेत हो सकता है. – बार-बार आना आर्थिक नुकसान से संबंधित होता है. – अगर घर के अंदर चमकादड़ की मृत्यु हो जाए तो इसे और भी अशुभ माना जाता है. फेंगशुई में चमकादड़ का महत्व फेंगशुई में चमगादड़ को सौभाग्य, खुशहाली और लंबी उम्र का प्रतीक माना जाता है. वहां इसे सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जाता है. धार्मिक उपाय क्या करें? वास्तु शास्त्र के मुताबिक, अगर घर से चमकादड़ की नकारात्मक ऊर्जा दूर रखनी है तो घर में गंगाजल छिड़कें. और शाम को कपूर या लोबान जलाएं.  घर में चमकादड़ घूसने के ये कारण हैं- खाने की तलाश घर में चमकादड़ घूसने की सबसे आम वजह होती है खाने की तलाश. चमगादड़ ज्यादातर कीड़े-मकौड़े खाते हैं. अगर आपके घर या आसपास मच्छर, पतंगे, कॉकरोच या छोटे कीड़े ज्यादा हैं, तो उन्हें पकड़ने के चक्कर में वे घर के अंदर आ सकते हैं. इसके अलावा, अगर कहीं खाना खुला या बासी पड़ा हो, तो भी यह उन्हें आकर्षित कर सकता है. गंदगी और नमी वाली जगहों पर कीड़े ज्यादा होते हैं, और वही चमगादड़ों को खींच लाती है. सुरक्षित जगह की तलाश चमगादड़ दिन में आराम करने के लिए अंधेरी और शांत जगह ढूंढते हैं. अगर आपके घर में स्टोर रूम, छत की दरारें, खिड़की के ऊपर खाली जगह या कम इस्तेमाल होने वाले कोने हैं, तो वे वहां छिप सकते हैं. कई बार वे घर को सुरक्षित जगह समझकर कुछ समय के लिए वहीं टिक जाते हैं. मौसम का भी होता है असर तेज गर्मी, बारिश या मौसम में बदलाव होने पर ये जीव ठंडी और सूखी जगह ढूंढते हैं. ऐसे में घर उन्हें एक सुरक्षित विकल्प लगता है. कभी-कभी रास्ता भटक जाते हैं कई बार छोटे या अनुभवहीन चमगादड़ उड़ते समय रास्ता भटक जाते हैं. खुली खिड़की या दरवाजे से अंदर तो आ जाते हैं, लेकिन बाहर निकलने का रास्ता नहीं समझ पाते हैं. अगर घर में चमकादड़ आ जाए तो क्या करें? – कमरे की लाइट बंद कर दें. – बाहर की खिड़की या दरवाजा खोल दें. – कुछ समय में यह खुद बाहर निकल जाएगा. चमगादड़ अपनी खास क्षमता (इकोलोकेशन) से रास्ता पहचान लेते हैं.

कॉकरोच जनता पार्टी के नाम पर फिशिंग स्कैम, पंजाब पुलिस ने जारी की चेतावनी

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नाम पर ठगी होने लगी है. साइबर ठग सीजेपी के नाम का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं और फेक मैसेज तैयार किए हैं, जिनको लोगों को भेजा जा रहा है. ये मैसेज वॉट्सऐप पर वायरल हो रहा है. पंजाब पुलिस ने इससे बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है. पंजाब की लुधियाना पुलिस ने आम लोगों को इससे बचाने के लिए जागरुक अभियान चलाया है. साथ ही आधिकारिक सोशल मीडिया पेज पर एक वीडियो भी पोस्ट किया है. 42 सेकेंड के वीडियो में पुलिस अधिकारी अमरिंदर सिंह ने डिटेल्स में बताया है कि कैसे एक छोटी सी गलती उस शख्स को कंगाल बना रही है. फेक मैसेज युवाओं को भेजा रहे हैं पुलिस के मुताबिक, साइबर ठग आम लोगों को फेक मैसेज भेज रहे हैं. मैसेज में युवाओं के लिए कुछ खास बातें लिखी हैं, जिसके बाद कॉकरोच जनता पार्टी जॉइन करने की फर्जी अपील की जाती है और नीचे एक लिंक दिया जाता है. पुलिस ने वीडियो में साफ किया है कि वॉट्सऐप मैसेज के जरिए भेजा रहा लिंक खतरनाक है. जैसे ही यूजर्स उस फिशिंग लिंक पर क्लिक करते हैं तो मोबाइल तुरंत हैक हो जाता है.   एक बार फोन हैक होते ही विक्टिम के फोन में मौजूद बैंकिंग डिटेल्स और ओटीपी को चोरी कर लिया जाता है. इसके बाद विक्टिम ना सिर्फ बैंक खाता खाली कर दिया जाता है बल्कि उसके नाम पर लोन तक ले लिया जाता है. फिशिंग लिंक से ऐसे बचें फिशिंग लिंक या खतरनाक लिंक से बचाने के लिए कई तरीकों को फॉलो कर सकते हैं. अनजान नंबर से आने वाले मैसेज में कोई लिंक है तो उस पर क्लिक करने से पहले लिंक चेक कर लें. वेबसाइट का नाम, डोमेन नेम आदि को चेक कर लें. Short URL से सावधान रहें फिंशिंग लिंक में अगर कोई शॉर्ट यूआरएल दिया गया है तो उससे सावधान रहना चाहिए. ये शॉर्ट लिंक 4-6 कैरेक्टर के होते हैं. OTP शेयर ना करें अनजान शख्स या अनजान पोर्टल पर वन टाइम पासवर्ड (OTP) शेयर ना करें. पहले मैसेज को कंफर्म करें कि वह कहां से आया है और बैंकिंग ओटीपी को किसी भी दूसरे शख्स के साथ शेयर ना करें. बैंकिंग डिटेल्स शेयर ना करें अनजान पोर्टल या संदिग्ध पोर्टल पर कभी भी बैंकिंग डिटेल्स आदि को शेयर ना करें. बैंक खाता नंबर, कार्ड डिटेल्स आदि को किसी के साथ शेयर ना करें. थर्ड पार्टी से ऐप डाउनलोड न करें साइबर ठगों से बचाव के लिए जरूरी है कि थर्ड पार्टी स्टोर से या APK फाइल आदि को फोन में इंस्टॉल ना करें. ऐप हमेशा ऑफिशियल ऐप स्टोर से ही ऐप डाउनलोड करें.

बिना तेल और बिना गैस वाला हेल्दी पोहा, फिटनेस फ्रीक्स के लिए बना परफेक्ट नाश्ता

आजकल लोग खाने में स्वाद के साथ-साथ सेहत भी ढूंढ रहे हैं. आलम ये है कि ये लोग मुंह में कुछ भी देने से पहले हजार बार सोचते हैं. इसी वजह से उनका नाश्ते से लेकर डिनर करने तक का स्टाइल बदल गया है. भारी-भरकम नाश्ते की जगह अब ऐसी चीजें पसंद की जा रही हैं जो जल्दी बन जाएं, पेट भी हल्का रखें और शरीर को जरूरी पोषण भी दें. यूं तो ऐसे बहुत से फूड्स हैं, लेकिन इनमें बिना तेल से बनने वाला पोहा लोगों का फेवरेट बनता जा रहा है. जी हां, पोहा बिना तेल के भी बन जाता है. खास बात ये है कि इसे बनाने के लिए आपको गैस जलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी. इसे बनाने के लिए ना कड़ाही चाहिए और ना ही ज्यादा मेहनत. कुछ ताजी सब्जियां, भीगा हुआ पोहा और हल्के मसाले मिलाकर आप कुछ ही मिनटों में टेस्टी और हेल्दी नाश्ता तैयार कर सकते हैं. ये बेशक बिना तेल के बनता हो, लेकिन खाने में बहुत स्वादिष्ट होता है. वजन कम करने वाले लोग, फिटनेस फॉलो करने वाले और हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाने वाले लोग इसे खूब पसंद कर रहे हैं. चलिए जानते हैं कैसे बनाते हैं हेल्दी पोहा. इंग्रेडिएंट्स:     1 कप पतला पोहा     1 बारीक कटा प्याज     1 छोटा टमाटर     1 हरी मिर्च     थोड़ा हरा धनिया     1 छोटा चम्मच भुना जीरा पाउडर     स्वादानुसार काला नमक     1 नींबू का रस     थोड़ी मूंगफली     चाहें तो अंकुरित मूंग, खीरा और अनार के दाने भी डाल सकते हैं ऐसे बनाएं बिना गैस वाला पोहा 1. बिना कड़ाही चढ़ाए और बिना तेल के पोहा बनाने के लिए सबसे पहले पोहे को हल्के पानी से धो लें और 2-3 मिनट के लिए छोड़ दें ताकि वो अच्छे से सॉफ्ट हो जाए. 2. जब पोहा फूलकर सॉफ्ट हो जाए तब इसमें बारीक कटा प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालें. सभी चीजें डालने के बाद खूब अच्छे से मिलाएं. 3. इसके बाद इसमें काला नमक, भुना जीरा और नींबू का रस मिलाकर अच्छे से मिक्स करें. ऊपर से मूंगफली, अंकुरित मूंग या अनार डाल दें. बस आपका हेल्दी और टेस्टी पोहा तैयार है. फिटनेस फ्रीक्स को क्यों आ रहा पसंद? ये पोहा बिना तेल और कम कैलोरी वाला होता है, इसलिए डाइट फॉलो करने वाले लोग इसे अपने मील प्लान में शामिल कर रहे हैं. इसमें फाइबर और ताजी सब्जियां होने की वजह से डाइजेशन भी बेहतर रहता है.    

पानी और लौह अयस्क सप्लाई के खेल में बड़ा खुलासा, दंतेवाड़ा में निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार

दंतेवाड़ा. बस्तर में एक बार फिर संसाधनों के दोहन को लेकर सवाल उठने लगे हैं. सरकार जहां नक्सल मुक्त बस्तर और औद्योगिक विकास की बात कर रही है, वहीं बस्तर का लौह अयस्क और पानी दूसरे राज्यों के उद्योगों की ताकत बन रहा है. किरंदुल की खदानों से रोजाना हजारों टन लौह अयस्क स्लरी पाइपलाइन के जरिए बाहर भेजा जा रहा है. साथ ही शबरी नदी और मदाड़ी नाले का पानी भी बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट में उपयोग हो रहा है. बताया जा रहा है कि आंध्रप्रदेश में लगने वाला विशाल स्टील प्लांट देश के सबसे बड़े संयंत्रों में शामिल होगा. इधर बस्तर के युवाओं का सवाल है कि जब संसाधन यहां के हैं, तो रोजगार और उद्योग बाहर क्यों जा रहे हैं. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इससे क्षेत्र के हजारों युवाओं की रोजगार संभावनाएं प्रभावित हुई हैं. ग्रामीणों ने यह भी दावा किया कि खनन और अपशिष्ट से खेती और नदी-नाले प्रभावित हो रहे हैं. लोगों का कहना है कि बस्तर केवल कच्चा माल देने वाला इलाका बनकर रह गया है. रॉयल्टी और औद्योगिक लाभ का बड़ा हिस्सा दूसरे राज्यों को मिलने का भी मुद्दा उठ रहा है. अब मांग उठ रही है कि दक्षिण बस्तर में ही बड़ा इस्पात संयंत्र स्थापित कर स्थानीय युवाओं को प्राथमिकता दी जाए. स्थानीय संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि बस्तर के हितों की अनदेखी हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा.

लू से मचा हाहाकार: तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में 67 से ज्यादा लोगों की जान गई

हैदराबाद  तेलंगाना राज्य में गर्मी लोगों पर भारी पड़ रही है. शनिवार को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हीटस्ट्रोक से 51 लोगों की मौत हो गई. सबसे ज़्यादा मौतें वारंगल जिले में हुईं, जहां 23 लोगों की मौत हुई. संयुक्त करीमनगर जिले में 11, खम्मम में सात, आदिलाबाद में पांच और नलगोंडा में पांच लोगों की जान चली गई. उनमें से एक की मौत सरस्वती अंतिम संस्कार में शामिल होने के दौरान हीटस्ट्रोक से हुई. वहीं शुक्रवार को तेज गर्मी की वजह से 34 लोगों की मौत हो गई. राज्य के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने ऐलान किया कि मरने वालों के परिवारों को 4 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाएगा. तेज़ गर्मी और लू को देखते हुए, मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने सचिवालय में इमरजेंसी रिव्यू किया. उन्होंने बताया कि जिन मंडलों और गांवों में सबसे ज़्यादा तापमान रिकॉर्ड किया जाता है, उनकी पहचान की जानी चाहिए और वहां के लोगों को पहले से चेतावनी दी जानी चाहिए और जागरूकता फैलाई जानी चाहिए. मंत्री ने आदेश दिया कि बस स्टैंड, बाजार, मुख्य सड़कों, उन इलाकों में जहां मजदूर ज़्यादा काम करते हैं और जहां लोग ज़्यादा आते-जाते हैं, वहां ठंडा पीने का पानी, छाछ और ओआरएस पैकेट उपलब्ध कराए जाने चाहिए. जीवों की रक्षा करना हमारी ज़िम्मेदारी: उन्होंने कहा कि कलेक्टरों को खुद हीटवेव की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए और गांव और मंडल लेवल के सभी स्टाफ को फील्ड लेवल पर रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि सनस्ट्रोक के लक्षण दिखते ही इमरजेंसी मेडिकल सर्विस को इलाज के लिए तैयार रहना चाहिए. मंत्री पोंगुलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने कहा कि लोगों के साथ-साथ जीवों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है और उन्होंने पानी की टंकियों और मिट्टी के बर्तनों के जरिए पक्षियों और जानवरों को पीने का पानी देने की अपील की. तेलंगाना के 15 जिलों में 45 डिग्री से ज़्यादा तापमान रिकॉर्ड किया गया. सबसे ज़्यादा 46.3 डिग्री तापमान कोठागुडेम जिले में रिकॉर्ड किया गया, जबकि सबसे कम 39.8 डिग्री तापमान नारायणपेट जिले में रिकॉर्ड किया गया. आंध्र प्रदेश में हीटस्ट्रोक से 16 लोगों की मौत दूसरी तरफ आंध्र प्रदेश में तेज गर्मी की वजह से, अकेले शनिवार को अलग-अलग इलाकों में हीटस्ट्रोक से 16 लोगों की मौत हो गई. इनमें से बारह मौतें एनटीआर, कृष्णा और गुंटूर जिलों में हुईं. मचावरम मंडल (पलनाडु ज़िला) के वेमावरम गांव के जल्ला कोंडालू (54), केथनकोंडा के पठान नागुलमीरा (32), कोटिकलापुडी की मेका निर्मला (50), कांचीकाचेरला के मोहम्मद अबिदुन्निसा (26) और मेडिकोंडुरु मंडल (गुंटूर ज़िला) के सिरिपुरम के कडियाला बलैया (94) की मौत हीटस्ट्रोक की वजह से हुई. वहीं विजयवाड़ा के पंडित नेहरू बस स्टेशन पर हीटस्ट्रोक की वजह से तीन यात्रियों की मौत हो गई. इसी तरह सत्यनारायणपुरम पुलिस स्टेशन के इलाके में एक अनजान व्यक्ति (60) की मौत हो गई, जबकि पेनामलुरु मंडल (कृष्णा ज़िला) के चोडावरम में एक भिखारी (45) की मौत हो गई. वारंगल के वी. नरसय्या (50) की विजयवाड़ा के ओल्ड टाउन इलाके में राजकुमारी थिएटर के पास हीटस्ट्रोक से मौत हो गई. मुटलुरु, वट्टीचेरुकुरु मंडल (गुंटूर जिला) में, पदावला बसवैया (86) तेज़ गर्मी के कारण बीमार पड़ गए और बाद में उनकी मौत हो गई. आखिर में, पिडुगुराल्ला शहर (पलनाडु जिला) में डोंडेती वेंकटरावम्मा (80) और केबीपी अग्रहारम, रविकामथम मंडल (अनकापल्ली जिला) में दिव्यांग गडिगोयिला सत्यनारायण (28) की भी हीटस्ट्रोक से मौत हो गई. एलुरु जिले के पेडावेगी मंडल के पेडावेगी निवासी मारगानी श्रीनिवास राव (60) और उसी मंडल के कोप्पाका निवासी चल्लारी रत्नाला राव (55) की मौत हो गई.

अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रंप की चेतावनी, 24 घंटे में हो सकता है बड़ा फैसला

नई दिल्ली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि वह ईरान के ताजा प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए अपने वार्ताकारों से मिल रहे हैं और संभवतः अगले एक दिन में रविवार तक यह फैसला कर लेंगे कि युद्ध फिर से शुरू करना है या नहीं। ट्रंप ने अमेरिकी मीडिया आउटलेट Axios को बताया कि इस बात की पूरी 50/50 संभावना है कि वह कोई अच्छा समझौता कर पाएंगे या फिर उन्हें पूरी तरह तबाह कर देंगे। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि वह तेहरान के प्रस्ताव पर चर्चा करने के लिए विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर से मिलेंगे। उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस, जो अभी ओहायो में हैं, संभवतः इस बैठक में शामिल होने के लिए वॉशिंगटन लौटेंगे। पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर शांति समझौते की बारीकियों पर वार्ताकारों से चर्चा करने के लिए तेहरान में थे। वहीं, दिल्ली में, विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने कहा, "कुछ प्रगति हुई है, कुछ काम आगे बढ़ा है। अभी जब मैं आपसे बात कर रहा हूं, तब भी कुछ काम चल रहा है। इस बात की संभावना है कि, चाहे आज बाद में हो, कल (रविवार को), या कुछ दिनों में, हमारे पास कहने के लिए कुछ हो सकता है।" रूबियो भारत की चार-दिवसीय यात्रा पर हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने साफ कहा है कि चाहे कुछ भी हो जाए, ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं हो सकते। होर्मुज स्ट्रेट बिना किसी टोल के खुला रहना चाहिए और तेहरान को अपना अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम सौंप देना चाहिए। ट्रंप ने एक्सियोस को बताया कि वह केवल ऐसा समझौता स्वीकार करेंगे जिसमें यूरेनियम संवर्धन और ईरान के मौजूदा भंडार के भविष्य जैसे मुद्दे शामिल हों। अमेरिका और ईरान युद्ध समाप्त करने और 30 दिनों तक और अधिक गहन बातचीत करने की प्रतिबद्धता जताने वाले एक इरादा पत्र पर बातचीत कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि इन दो में से एक चीज होगी। या तो मैं उन पर अब तक का सबसे जोरदार हमला करूंगा, या फिर हम एक ऐसा समझौता करेंगे जो अच्छा होगा।" ट्रंप की यह टिप्पणी पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर के ईरान दौरे के संपन्न होने के तुरंत बाद आई है। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थता के इस्लामाबाद के बढ़ते प्रयासों के बीच मुनीर ने वरिष्ठ इरानी अधिकारियों के साथ गहन बैठकें की थीं। पाकिस्तान ने बाद में कहा कि इन वार्ताओं से कोई अंतिम समझौता तो नहीं हुआ है, लेकिन एक अंतिम सहमति की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। ट्रंप ने संकेत दिया कि किसी भी अंतिम समझौते में यूरेनियम संवर्धन और ईरान के मौजूदा परमाणु भंडार के भविष्य जैसे प्रमुख मुद्दों का समाधान होना आवश्यक होगा। ये विषय वार्ताओं में सबसे कठिन बाधाओं में से बने हुए हैं। हालांकि, वार्ताओं से परिचित राजनयिकों का कहना है कि वर्तमान में अमेरिका और इरान के बीच चर्चा के तहत चल रहे अंतरिम 'आशय पत्र' के तहत इन मुद्दों के पूरी तरह से सुलझने की संभावना कम है। इसके बजाय, प्रस्तावित रूपरेखा सक्रिय संघर्ष को समाप्त करने और एक व्यापक समझौते तक पहुंचने के उद्देश्य से आगे की वार्ताओं के लिए 30 दिनों की अवधि स्थापित करने पर केंद्रित होगी। ट्रंप ने कहा, "मुझे लगता है कि दो में से एक बात होगी। या तो मैं उन पर अब तक का सबसे भीषण हमला करूंगा, या फिर हम एक ऐसे समझौते पर हस्ताक्षर करेंगे जो अच्छा होगा।" उन्होंने इस सुझाव को भी खारिज कर दिया कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू इस बात को लेकर चिंतित थे कि अमेरिका अंततः ईरान के लिए बहुत अधिक अनुकूल शर्तों पर सहमत हो सकता है। ट्रंप ने जोर देकर कहा कि इजराइली नेता इस बात को लेकर बिल्कुल चिंतित नहीं हैं कि यह वार्ता किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

भीषण गर्मी का असर: यूपी में 669 मिलियन यूनिट बिजली खपत, सप्लाई पर दबाव बढ़ा

लखनऊ भीषण गर्मी से बिजली की खपत के सभी पुराने रिकॉर्ड टूट गए हैं। शुक्रवार (24 घंटे में) को प्रदेश में पहली बार 669 मिलियन (66.90 करोड़) यूनिट बिजली की खपत रही। बिजली की अधिकतम मांग भी शनिवार को 31 हजार मेगावाट के पार पहुंच गई है। दिन में तो मांग के मुताबिक बिजली की उपलब्धता है लेकिन शहर से लेकर गांव के ज्यादातर उपभोक्ताओं को तय शेड्यूल के अनुसार बिजली नहीं मिल पा रही है क्योंकि विद्युत वितरण सिस्टम में कहीं भी फाल्ट होने पर उसे जल्द ठीक करने के लिए पर्याप्त मैनपावर ही नहीं हैं। रात में मांग के मुताबिक पावर कारपोरेशन को कहीं से बिजली उपलब्ध न होने के कारण कई क्षेत्रों में घंटों कटौती हो रही है। बिजली कटौती से प्रदेशवासियों को हो रही दिक्कतों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को ऊर्जा विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। पारा चढ़ने से राज्य में इनदिनों 31 हजार मेगावाट से भी अधिक बिजली की मांग है। सुबह से ही पारा चढ़ने से स्थिति यह है कि सात बजे के आसपास भी बिजली की मांग 24-25 हजार मेगावाट से नीचे नहीं जा रही है। बिजली की बढ़ती मांग का ही नतीजा है कि पिछले वर्ष 12 जून को जहां 655.9 मिलियन यूनिट बिजली की खपत का रिकॉर्ड बना था वहीं अबकी 22 मई को ही 669 मिलियन यूनिट खपत का नया रिकॉर्ड बन गया है। पावर कारपोरेशन प्रबंधन का अनुमान है कि जून में बिजली की अधिकतम मांग 34 हजार मेगावाट तक पहुंच सकती है। प्रबंधन ने मांग के अनुमान के मुताबिक बिजली की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कई अनुबंध तो पहले से किए ही हैं, बढ़ती मांग को देखते हुए पावर एक्सचेंज तथा विभिन्न राज्यों से बैंकिंग के जरिए भी बिजली का इंतजाम करने की कोशिश में है। हालांकि, देशभर में बिजली की मांग बढ़ने से एक्सचेंज से प्रबंधन को 10 रुपये यूनिट में भी पर्याप्त बिजली नहीं मिल पा रही है। ऐसे में सौर ऊर्जा के सहारे दिन में तो शहर से लेकर गांव तक को बिजली की आपूर्ति हो जा रही है लेकिन रात में आपूर्ति के लिए 33 हजार मेगावाट तक बिजली ही उपलब्धता ही नही है। ऐसे में खासतौर से गांवों में रात में बिजली की कटौती की जा रही है। हालांकि, रात में कटौती के एवज में दिन में अतिरिक्त बिजली देने के निर्देश दिए गए हैं लेकिन लोकल फाल्ट के चलते प्रदेशवासियों को घंटों बिजली कटौती से जूझना पड़ रहा है प्रबंधन का दावा जरूर है कि उद्योगों से लेकर महानगर, मंडल व जिला मुख्यालयों को 24 घंटे जबकि तय शेड्यूल से नगर पंचायतों को 22, तहसील को 21.52 घंटे, बुंदेलखंड को 21 घंटे बिजली दी जा रही है। कारपोरेशन की रिपोर्ट के अनुसार शुक्रवार को गांवों को 18 घंटे 37 मिनट बिजली दी गई है।