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4 जून को भारत में लॉन्च होगा Xiaomi 17T, मिलेगा 6500mAh बैटरी और 67W फास्ट चार्जिंग

शाओमी भारत में अपना लेटेस्ट फ्लैगशिप सीरीज का स्मार्टफोन लेकर आ रहा है. भारत में इस हैंडसेट की लॉन्चिंग 4 जून को होगी. इसका नाम शाओमी 17टी होगा. उससे पहले इस हैंडसेट को ग्लोबल मार्केट में लॉन्च किया जाएगा, जिसकी तारीख 28 मई है. शाओमी की तरफ से टीजर वीडियो जारी हो चुका है, जिसमें बैक पैनल को साफ तौर पर दिखाया गया है. इससे पता चलता है कि बैक पैनल पर ट्रिपल कैमरा सेटअप होगा, जिसमें 50 मेगापिक्सल का प्राइमरी कैमरा होगा. आइए इसके बारे में डिटेल्स में जानते हैं. ऑफिशियल लॉन्चिंग से पहले इस हैंडसेट के स्पेसिफिकेशन सामने आ चुके हैं. इस हैंडसेट का डिस्प्ले, बैटरी और चार्जिंग स्पीड आदि की डिटेल्स सामने आ चुकी हैं. इस हैंडसेट को भारत में ऐमेजॉन इंडिया, मी डॉट कॉम और ऑफलाइन स्टोर्स से खरीदा जा सकेगा. शाओमी 17टी के स्पेसिफिकेशन्स शाओमी 17टी में 6.59 इंच का 1.5K+ रेजोल्युशन का डिस्प्ले होगा, जिसमें 144 हर्ट्स का रिफ्रेश रेट्स होगा. इसमें एलटीपीओ स्क्रीन मिलेगी. शाओमी के अपकमिंग हैंडसेट में मीडियाटेक डाइमेंसिटी 8500 चिपसेट का यूज किया जाएगा. इसके साथ पावरफुल रैम और स्टोरेज का सपोर्ट मिलेगा. लॉन्चिंग के बाद रैम और स्टोरेज की जानकारी का खुलासा होगा. शाओमी 17टी का कैमरा सेटअप शाओमी 17टी में ट्रिपल रियर कैमरा सेटअप देखने को मिलेगा. इसमें 50MP का मेन कैमरा है और 12MP का अल्ट्रा वाइड एंगल लेंस है. 50 मेगापिक्सल का लीका 5X पेरिस्कॉप टेलीफोटो लेंस मिलेगा. स्मार्टफोन की सुरक्षा के लिए इसमें IP68 रेटिंग दी गई है, जो इसको डस्ट और पानी से बचाने का काम करता है. इसमें 6500mAh की बैटरी का इस्तेमाल किया जाएगा, जिसके साथ 67W का हाइपर चार्जिंग सपोर्ट काम करेगा. हालांकि भारत में इसकी क्या कीमत होगी, वो तो आने वाले भविष्य में ही पता चलेगा.

जयपुर से जैसलमेर तक तपिश का कहर, 45 डिग्री पार तापमान, हीटवेव का अलर्ट

जयपुर राजस्‍थान में शनिवार को मौसम ने करवट ली. कई जगहों पर हल्की बूंदाबांदी और तेज हवाओं ने तापमान थोड़ा कम किया. जयपुर, हनुमानगढ़, अलवर, टोंक जिलों के आस पास तेज हवाएं चलने से रात में गर्मी का असर कम रहा. हालांकि, शेखावाटी क्षेत्र के आस पास पश्चिमी विक्षोभ बनने से आज भी हल्की बरसात हो सकती है, लेकिन आज से भीषण गर्मी का दौर शुरू होने वाला है. 2 जून तक रहेगा नौतपा    कल यानी 25 मई से प्रदेश में नौतपा शुरू हो रहा है. 25 मई से 2 जून तक प्रदेश में नौतपा रहेगा. इस दौरान भीषण गर्मी का अलर्ट है. मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश के कई इलाकों में तापमान 3 डिग्री तक बढ़ने का अनुमान है. पश्चिमी और पूर्वी भागों में हीटवेव का अलर्ट है.    जैसलमेर में तापमान 45 के पार पिछले 24 घंटे में जैसलमेर में सर्वाधिक अधिकतम तापमान 45.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. इसके अलावा बाड़मेर 45.1, फलोदी 45, बीकानेर में 44.9 डिग्री सेल्सियस तापमान के साथ प्रदेश के कई शहरों में 40 से अधिक तापमान दर्ज हुआ.  राजधानी जयपुर का तापमान 42.6 डिग्री तक पहुंच गया है.     19 शहरों में येलो अलर्ट मौसम विभाग ने आज 19 शहरों के लिए हीटवेव का येलो अलर्ट और 3 शहरों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. प्रदेश के अलवर, बारां, भरतपुर, चित्तौड़गढ़, डीग, धौलपुर, झालावाड़, झुंझनू, खैरथल तिजारा, कोटपुतली बहरोड़, कोटा, प्रतापगढ़, सीकर, बालोतरा, बाड़मेर, चूरू, हनुमानगढ़, जोधपुर, श्रीगंगानर में हीटवेव का येलो अलर्ट और बीकानेर, जैसलमेर और फलोदी में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है.   अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके भीषण गर्मी से अभी तक 43 लोग लू की चपेट में आ चुके हैं. हालांकि, अच्छी बात रही सभी लोग इलाज के बाद स्वस्थ है. विभाग की अपील है कि हीटवेव के इन दिनों में लोग सावधानी से रहे. दिन के समय कम से कम घर से बाहर निकले. अगर कोई जरूरी काम से बाहर निकालना पड़े तो चेहरे और सर को सूती कपड़े से ढक कर निकले. अपने साथ पानी या अन्य पेय पदार्थ रखें. उसका सेवन करते रहे.

राज्यसभा में बड़ा बदलाव: राघव चड्ढा बने पिटीशन्स कमेटी के चेयरमैन

नई दिल्ली आम आदमी पार्टी छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को राज्यसभा की याचिका समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. राज्यसभा सभापति सी.पी. राधाकृष्णन ने समिति का पुनर्गठन करते हुए इस संबंध में अधिसूचना जारी की है. राज्यसभा की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सभापति ने 20 मई से प्रभावी रूप से याचिका समिति का पुनर्गठन किया है. इसके तहत सदन के 10 सदस्यों को पैनल में नामित किया गया है. इसमें लिखा है, "राघव चड्ढा को अध्यक्ष नियुक्त किया गया है." राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा के अलावा याचिका समिति में हर्ष महाजन, गुलाम अली, शंभू शरण पटेल, मयंककुमार नायक, मस्तान राव यादव बीधा, जेबी माथेर हिशाम, सुभाशीष खुंटिया, र्वंग्रा नारजरी और संतोष कुमार पी. को सदस्य बनाया गया है. इसी के साथ राज्यसभा सचिवालय की ओर से जारी एक अन्य अधिसूचना में कहा गया कि राज्यसभा के सभापति ने 20 मई 2026 को राज्यसभा सदस्य डॉ. मेनका गुरुस्वामी को 'कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक, 2026' पर बनी संयुक्त समिति का सदस्य नामित किया है. वहीं लोकसभा सचिवालय की अलग अधिसूचना में कहा गया कि लोकसभा अध्यक्ष ने 21 मई से प्रभावी रूप से अरविंद गणपत सावंत को 'कॉर्पोरेट कानून (संशोधन) विधेयक' पर बनी संयुक्त समिति के लिए नामित किया है. गौरतलब है कि राघव चड्ढा दो तिहाई ज्यादा AAP के राज्यसभा सांसदों के साथ बीजेपी में शामिल हुए थे. उनके साथ हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजेंद्र गुप्ता, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी और अशोक मित्तल सहित कई नेता शामिल रहे. उस वक्त राघव चड्ढा ने कहा था, 'पिछले कुछ वर्षों से मुझे यह महसूस हो रहा था कि मैं गलत पार्टी में सही आदमी हूं. हमने यह फैसला किया है कि हम संविधान के प्रावधानों का इस्तेमाल करते हुए खुद को BJP में मिला लेंगे.'' उन्होंने कहा था कि जिस आम आदमी पार्टी को खून-पसीने से सींचा और अपनी जवानी के 15 साल दिए, वो अब अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिकता से भटक गई है. अब यह पार्टी देश के हित में नहीं, बल्कि अपने निजी फायदे के लिए काम करती है.

गर्मियों के लिए परफेक्ट तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता, स्वाद और सेहत दोनों में बेहतरीन

 गर्मियों के मौसम में जब तेज धूप और लू से शरीर बेहाल होने लगता है. तब दोपहर के खाने में ठंडी-ठंडी चीजें पेट को सुकून देती हैं. ऐसे में प्याज-टमाटर के तड़के वाला रायता एक ऐसा परफेक्ट ऑप्शन है, जो न सिर्फ खाने का स्वाद दोगुना करता है बल्कि सेहत के लिए भी किसी वरदान से कम नहीं है. गर्मियों में इस रायते को खाने के कई बेमिसाल फायदे हैं. दही में भरपूर मात्रा में प्रोबायोटिक्स होते हैं, जो चिलचिलाती गर्मी में आपके डाइजेशन को दुरुस्त रखते हैं और पेट को ठंडक पहुंचाते हैं. वहीं, इसमें मौजूद प्याज शरीर को लू से बचाने का काम करती है और टमाटर बॉडी को हाइड्रेट रखकर जरूरी विटामिन्स देता है. जब इस कॉम्बिनेशन में राई, कढ़ी पत्ते और सूखी लाल मिर्च का देसी तड़का लगता है, तो इसकी तासीर और पाचक गुण दोनों और बढ़ जाते हैं. यह रायता गर्मियों में छाछ और सादे रायते से बोर हो चुके लोगों के लिए एक रिफ्रेशिंग और लजीज चॉइस है. तड़के वाला प्याज-टमाटर रायता रेसिपी सामग्री: ताजा दही: 2 कप (अच्छे से फेंटा हुआ) प्याज: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ) टमाटर: 1 मीडियम (बारीक कटा हुआ, बीज निकाले हुए) हरी मिर्च: 1 (बारीक कटी हुई) हरा धनिया: बारीक कटा हुआ काला नमक व सादा नमक: स्वादानुसार भुना जीरा पाउडर: 1/2 छोटा चम्मच चाट मसाला: 1/4 छोटा चम्मच तड़के के लिए: तेल या घी: 1 छोटा चम्मच राई- 1/2 छोटा चम्मच कढ़ी पत्ता: 5-6 साबुत सूखी लाल मिर्च: 1 बनाने का तरीका एक बड़े बर्तन में फेंटे हुए दही को लें. इसमें कटा हुआ प्याज, टमाटर, हरी मिर्च और हरा धनिया डालकर अच्छी तरह मिला लें. अब इसमें काला नमक, सादा नमक, भुना जीरा पाउडर और चाट मसाला डालकर मिक्स करें. तड़का पैन में 1 चम्मच तेल या घी गर्म करें. गर्म होने पर राई चटकाएं, फिर कढ़ी पत्ता और सूखी लाल मिर्च डालें. इस गरमा-गरम तड़के को तुरंत दही के मिक्चर के ऊपर डालें और ढक दें ताकि तड़के की खुशबू रायते में समा जाए. आपका टेस्टी तड़का रायता तैयार है, इसे ठंडा-ठंडा सर्व करें.

वोटर लिस्ट अपडेट की तैयारी शुरू! मानसा में चुनाव आयोग ने तेज किया विशेष अभियान

मानसा. भारतीय चुनाव आयोग नई दिल्ली द्वारा पंजाब राज्य में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रोग्राम की घोषणा के साथ ही जिला चुनाव अधिकारी कार्यालय द्वारा तैयारियां की जा रही हैं। जिला चुनाव अधिकारी नवजोत कौर के निर्देश तहत चुनाव तहसीलदार भूषण कुमार ने कहा कि 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) द्वारा गिनती के फार्म भरे जाएंगे और जरूरी जानकारी इकट्ठा की जाएगी। चुनाव तहसीलदार ने कहा कि सभी योग्य वोटर्स अपने बीएलओ को जरूरी जानकारी और डाक्यूमेंट्स दें। उन्होंने कहा कि भरे गिनती के फार्म की दो कापी होंगी। एक कापी सेल्फ-अटेस्टेड करके बीएलओ को भेजनी होगी। जिन वोटर्स के नाम 2003 की वोटर लिस्ट में नहीं हैं, उन्हें भारत के चुनाव आयोग द्वारा आथराइज्ड 11 डाक्यूमेंट्स में से कोई एक जमा करना होगा। उन्होंने कहा कि इन डाक्यूमेंट्स में किसी भी सेंट्रल,स्टेट गवर्नमेंट,पीएसयू के रेगुलर कर्मचारी पेंशनर को जारी कोई भी आइडेंटिटी कार्ड,पेंशन पेमेंट आर्डर, 01 जुलाई 1987 से पहले भारत में गवर्नमेंट,लोकल अथारिटी,बैंक, पोस्ट आफिस, एलआईसी, पीएसयू द्वारा जारी कोई भी आइडेंटिटी कार्ड,सर्टिफिकेट,डाक्यूमेंट, काबिल अथारिटी द्वारा जारी पासपोर्ट, बर्थ सर्टिफिकेट, मान्यता प्राप्त बोर्ड,यूनिवर्सिटी द्वारा जारी मैट्रिकुलेशन,एजुकेशन सर्टिफिकेट, काबिल स्टेट अथारिटी द्वारा जारी परमानेंट रेजिडेंट सर्टिफिकेट, फारेस्ट राइट्स सर्टिफिकेट, काबिल स्टेट अथारिटी द्वारा जारी ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी कास्ट सर्टिफिकेट, नेशनल रजिस्टर आफ सिटिजन्स (जहां भी हो), स्टेट,लोकल अथारिटी द्वारा तैयार किया गया फैमिली रजिस्टर और गवर्नमेंट द्वारा कोई भी लैंड,हाउस अलाटमेंट सर्टिफिकेट शामिल हैं। चुनाव तहसीलदार ने जिले के सभी वोटरों से अपील की कि वे बीएलओ के साथ सहयोग करें और एसआईआर प्रोसेस को समय पर पूरा करने में प्रशासन की मदद करें।

18 जून 2026 से गुरु का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश, 4 राशियों के लिए शुरू होगा ‘गोल्डन टाइम’

ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राशि परिवर्तन के साथ-साथ उनके नक्षत्र परिवर्तन को भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. जून 2026 का महीना ग्रहों की स्थिति के लिहाज से बहुत खास रहने वाला है. देवगुरु बृहस्पति (Jupiter) जून की शुरुआत में अपनी उच्च राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं. इसके बाद अब 18 जून 2026 को गुरु एक और बड़ा बदलाव करने जा रहे हैं. 18 जून को देवगुरु बृहस्पति शनिदेव के प्रिय नक्षत्र 'पुष्य' (Pushya Nakshatra) में प्रवेश करेंगे. पुष्य नक्षत्र को सभी 27 नक्षत्रों का राजा माना जाता है और इसे बेहद शुभ व कल्याणकारी माना गया है. जब ज्ञान और भाग्य के कारक गुरु, इस शुभ नक्षत्र में गोचर करेंगे, तो इसका सकारात्मक असर कई राशियों पर देखने को मिलेगा. विशेषकर 4 राशियों के लिए यह समय किसी वरदान से कम नहीं होगा. आइए जानते हैं कि 18 जून से किन राशियों का 'गोल्डन टाइम' शुरू होने जा रहा है: 1. कर्क राशि (Cancer): मान-सम्मान और तरक्की गुरु का यह नक्षत्र परिवर्तन कर्क राशि के जातकों के लिए सबसे ज्यादा फलदायी रहने वाला है. नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं, जिससे उनके पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी. सीनियर अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. इस अवधि में आपकी निर्णय लेने की क्षमता बहुत मजबूत होगी. व्यापार में किए गए नए समझौते भविष्य में बड़ा मुनाफा देंगे. काफी समय से चल रहा मानसिक तनाव दूर होगा और आत्मविश्वास में बढ़ोतरी होगी. 2. कन्या राशि (Virgo): धन लाभ और नए अवसर कन्या राशि के जातकों के लिए गुरु का पुष्य नक्षत्र में जाना आर्थिक रूप से बेहद लाभकारी सिद्ध होगा. यदि आपका पैसा कहीं लंबे समय से फंसा हुआ था, तो वह इस दौरान वापस मिल सकता है. आय के नए स्रोत बनेंगे जिससे बैंक बैलेंस बढ़ेगा. शेयर बाजार, म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में पहले किए गए निवेश का इस समय दोगुना फायदा मिल सकता है. जो छात्र या पेशेवर विदेश जाने की योजना बना रहे हैं, उन्हें 18 जून के बाद कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है. 3. धनु राशि (Sagittarius): भाग्य का साथ और बिजनेस में विस्तार धनु राशि के स्वामी खुद देवगुरु बृहस्पति हैं, इसलिए गुरु का यह शुभ गोचर आपके लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. जो लोग खुद का बिजनेस चला रहे हैं, उन्हें नए ऑर्डर्स और क्लाइंट्स मिलेंगे. बिजनेस ट्रिप्स बहुत सफल रहेंगी. कार्यस्थल पर चल रहा वाद-विवाद खत्म होगा. आपकी कार्यशैली की तारीफ होगी और प्रमोशन के रास्ते खुलेंगे. अगर आपके सिर पर कोई पुराना कर्ज था, तो उसे चुकाने में आप सफल रहेंगे. 4. मीन राशि (Pisces): पारिवारिक सुख और खुशहाली मीन राशि के जातकों के लिए 18 जून के बाद का समय पारिवारिक जीवन में मिठास और मानसिक संतुष्टि लेकर आएगा. परिवार के सदस्यों के बीच चल रहे मतभेद समाप्त होंगे और आपसी प्रेम बढ़ेगा. घर में किसी मांगलिक कार्य का आयोजन हो सकता है. जो लोग सिंगल हैं और विवाह योग्य हैं, उनके लिए अच्छे रिश्ते आ सकते हैं. शादीशुदा जातकों के रिश्तों में मजबूती आएगी. भाग्य का पूरा सहयोग मिलने से आपके जो काम पिछले कई महीनों से लटके हुए थे, वे बिना किसी बाधा के पूरे हो जाएंगे. शुभ फलों को बढ़ाने के उपाय 18 जून से शुरू हो रहे इस शुभ समय का अधिकतम लाभ उठाने के लिए जातकों को हर गुरुवार के दिन भगवान विष्णु और केले के वृक्ष की पूजा करनी चाहिए. साथ ही माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाना बेहद शुभ रहेगा.

नक्सलियों की साजिश नाकाम, दंतेवाड़ा में मिला प्रेशर कुकर बम; CRPF ने किया निष्क्रिय

दंतेवाड़ा. एंटी नक्सल ऑपरेशन और एरिया डॉमिनेशन के दौरान जवानों को आज बड़ी सफलता हाथ लगी. जवानों ने जंगल के रास्ते में जमीन में छिपाकर रखे गए आईईडी को खोज निकाला. बम को प्रेशर कुकर में बनाकर लगाया गया था. समय रहते जवानों ने बम को खोज निकाला और उसे मौके पर ही डीफ्यूज कर दिया. पांच किलो की झमता वाले बम की चपेट में अगर कोई आ जाता तो बड़ा नुकसान हो सकता था. दरअसल, नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत जिला पुलिस एवं केंद्रीय सुरक्षा बलों द्वारा लगातार सर्चिंग, एरिया डॉमिनेशन एवं नक्सल विरोधी अभियान चलाया जा रहा है. इसी क्रम में मुखबिर से मिली विशेष सूचना के आधार पर 195वीं वाहिनी सीआरपीएफ की यंग प्लाटून पार्टी, बॉम्ब डिस्पोजल स्क्वॉड (BDS) टीम को थाना बारसूर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम हिड़पाल के पहाड़ी एवं घने जंगलों सहित आसपास के संवेदनशील इलाकों में कॉर्डन एवं सर्च ऑपरेशन के लिए रवाना किया गया. आज सुबह लगभग 5 बजे सेकेंड कमान अधिकारी विक्रांत वर्मा के मार्गदर्शन और सहायक कमांडेंट संजीव कुमार यादव के नेतृत्व में सिविल पुलिस बल के साथ संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया. ग्राम हिड़पाल के जंगल से मिला बम सुरक्षा बलों द्वारा क्षेत्र में गहन सर्चिंग करते हुए संभावित नक्सली गतिविधियों एवं छिपाकर रखे गए विस्फोटक सामग्री की तलाश की गई. इसी दौरान सुबह लगभग 8:20 बजे ग्राम हिड़पाल के जंगल क्षेत्र में जवानों को एक संदिग्ध वस्तु दिखाई दी. जवानों ने सतर्कता एवं सुरक्षा मानकों का पालन कर पूरे इलाके को सुरक्षित किया और BDS टीम को मौके पर बुलाया गया. नुकसान पहुंचाने के मकसद से प्लांट किया गया बम-जवान जांच के दौरान संदिग्ध वस्तु प्रेशर कुकर आईईडी निकली, जिसका वजन लगभग 5 किलोग्राम था. प्रारंभिक जांच में सामने आया कि नक्सलियों द्वारा सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचाने एवं आम नागरिकों में भय पैदा करने के उद्देश्य से आईईडी को जंगल में छिपाकर रखा गया था. BDS टीम ने विशेषज्ञ तकनीकी प्रक्रिया अपनाते हुए मौके पर ही आईईडी को सुरक्षित रूप से निष्क्रिय कर दिया. सुरक्षा बलों की सतर्कता के चलते संभावित बड़ी जनहानि टल गई. पुलिस और सुरक्षा बलों की अपील अभियान के दौरान आसपास के क्षेत्रों में अतिरिक्त सर्चिंग भी की गई. अभियान पूर्ण होने के बाद सभी अधिकारी एवं जवान सुरक्षित रूप से लगभग 10:55 बजे अपने-अपने बेस कैंप लौट आए. जिला पुलिस दंतेवाड़ा एवं सुरक्षा बल क्षेत्र में शांति, सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार अभियान चला रहे हैं. आम नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, विस्फोटक सामग्री अथवा नक्सली गतिविधियों की जानकारी तत्काल नजदीकी पुलिस थाना या सुरक्षा बलों को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके.

पाकिस्तान के क्वेटा में ट्रेन ब्लास्ट से हड़कंप, रेलवे ट्रैक पर विस्फोट से तबाही

 बलोचिस्तान पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में रविवार को बड़ा विस्फोट हुआ, जिसके बाद एक मालगाड़ी पटरी से उतर गई. पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस घटना में कम से कम 7 लोगों की मौत और 20 से ज्यादा लोग घायल हो गए. घटना दक्षिण-पश्चिम पाकिस्तान के क्वेटा शहर में हुई, जो बलूचिस्तान प्रांत की राजधानी है. रिपोर्ट्स के अनुसार धमाका रेलवे ट्रैक पर किया गया था और निशाना उस मालगाड़ी को बनाया गया, जो क्वेटा के कैंटोनमेंट इलाके की तरफ जा रही थी. बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, धमाका इतना तेज था कि पास खड़ी एक ट्रेन की तीन बोगियां पटरी से उतर गईं, जबकि दो डब्बे पलट गए. रेल ट्रैक के पास खड़े वाहनों को भारी नुकसान पहुंचा और पास के घर भी क्षतिग्रस्त हो गए. यह हादसा क्वेटा स्टेशन के चमन फाटक के पास हुआ. कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक घटना के बाद इलाके में फायरिंग की भी आवाज सुनी गई. हालांकि शुरुआती रिपोर्ट्स में यह साफ नहीं हो पाया कि फायरिंग किसने की और उसका धमाके से सीधा संबंध था या नहीं सोशल मीडिया में इस घटना का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसमें देखा जा सकता है कि एक ट्रेन में आग लगी हुई है और धुएं का गुबार ऊपर तक उठ रहा है. आप भी देखें- राहत बचाव के साथ-साथ जांच में जुटीं एजेंसियां स्थिति को देखते हुए अस्पताल में इमरजेंसी घोषित कर दी गई, ताकि घायलों को तुरंत चिकित्सा सहायता दी जा सके. बलूचिस्तान के गृह विभाग के विशेष सहायक बाबर यूसुफजई ने पत्रकारों को बताया कि धमाके की सूचना मिलते ही सुरक्षा बल और रेस्क्यू टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं. उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल विस्फोट की प्रकृति और उसके पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी हुई है. सेना और पुलिस बल मामले की छानबीन कर रहे हैं. हालांकि, अधिकारियों ने हादसे की वजह और धमाके की वजह से हुए जानमाल के नुकसान के बारे में आधिकारिक जानकारी साझा नहीं की है. क्यों संवेदनशील माना जाता है बलूचिस्तान? घटना के कई घंटे बाद तक किसी भी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली थी। हालांकि बलूचिस्तान लंबे समय से उग्रवाद और अलगाववादी हिंसा से प्रभावित रहा है. यहां कई सशस्त्र समूह सक्रिय हैं, जो प्रांत की आजादी की मांग करते रहे हैं. इससे पहले भी पाकिस्तान के इस इलाके में जाफर एक्सप्रेस नाम की ट्रेन को लगातार निशाना बनाया जाता रहा है. बलूचिस्तान पाकिस्तान का खनिज संपदा से भरपूर इलाका माना जाता है. यही क्षेत्र चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे यानी चीन पाकिस्तान इकॉनमिक कॉरिडोर (सीपीईसी) का अहम मार्ग भी है. अरबों डॉलर की इस परियोजना को चीन और पाकिस्तान दोनों के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. इसी वजह से इस इलाके में सुरक्षा चुनौतियां लंबे समय से बनी हुई हैं. सीपीईसी के लिए बातचीत करने चीन में हैं पाक पीएम पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ इन दिनों चीन के दौरे पर हैं. अपने भारी-भरकम डेलिगेशन के साथ बीजिंग की यात्रा पर निकले शरीफ चीन के साथ इस कॉरिडोर के दूसरे चरण की फंडिंग की बात करने वाले हैं. हालांकि, सुरक्षा के लिए चुनौती बने इस अशांत क्षेत्र में चीन कितना निवेश करेगा, यह जल्द ही सामने आ जाएगा. हाल ही में पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने यहां का दौरा किया था. उन्होंने इस क्षेत्र में तैनात सैन्य कर्मियों से बात की थी. आए दिन पाकिस्तान आर्मी की ओर से इस जगह पर कंट्रोल करने के लिए ऑपरेशन किए जाते हैं, लेकिन अपनी आजादी के लिए जान को जोखिम में डालने वाले बलोच विद्रोही इसका बखूबी जवाब देते रहे हैं.

यूपी में वन्यजीव संकट: बाग के तार बने जानलेवा, तेंदुए की मौत से मचा हड़कंप

 लखनऊ यूपी के बलरामपुर के सोहेलवा वन्यजीव प्रभाग अंतर्गत बनकटवा रेंज क्षेत्र में रविवार सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जिसने वन विभाग के साथ-साथ ग्रामीणों को भी झकझोर कर रख दिया। तुलसीपुर–सिरसिया मार्ग पर स्थित चौधरीडीह गांव के दक्षिण जंगल से भटककर निकली करीब तीन वर्ष की एक मादा तेंदुआ आम के बाग में लगाए गए तार में फंस गई, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। रविवार सुबह करीब आठ बजे गांव के बाहर स्थित आम के बाग में रखवाली कर रहे लोगों ने एक तेंदुए को छटपटाते हुए देखा। पास जाकर देखने पर पता चला कि मादा तेंदुए की गर्दन बाग में लगे लोहे के तार में बुरी तरह फंस गई थी। तेंदुआ काफी देर तक खुद को छुड़ाने का प्रयास करता रहा, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। लगातार संघर्ष और दम घुटने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलते ही गांव में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों ने तत्काल वन विभाग को जानकारी दी। सूचना पाकर बनकटवा रेंज के रेंजर शत्रुघ्न लाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। वन विभाग की टीम ने मृत तेंदुए को कब्जे में लेकर रेंज कार्यालय पहुंचाया। ग्रामीणों का कहना है कि बीते कुछ दिनों से जंगल से सटे इलाकों में जंगली जानवरों की आवाजाही बढ़ गई है। खेतों और बागों में सुरक्षा के लिए लगाए गए तार वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर मानव और वन्यजीव संघर्ष की गंभीर समस्या को उजागर कर दिया है। इस संबंध में उप प्रभागीय वनाधिकारी (एसडीओ) मनोज कुमार ने बताया कि मादा तेंदुए के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों की पैनल टीम द्वारा बनकटवा रेंज में कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रथम दृष्टया मामला तार में फंसने से मौत का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। वन विभाग की टीम पूरे मामले की गहन जांच में जुट गई है। घटना के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल है, वहीं वन्यजीव प्रेमियों ने इस घटना पर चिंता जताते हुए जंगल से सटे इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की है। तेंदुआ घुसने से गांव में दहशत उधर, बहराइच वन्यजीव प्रभाग के चकिया वन रेंज अंतर्गत मौजीपुरवा गांव में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक तेंदुआ अचानक ग्रामीण के घर में घुस गया। तेंदुए के हमले में तीन ग्रामीण घायल हो गए। घटना के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल बना हुआ है। सूचना मिलते ही वन विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंचकर तेंदुए को पकड़ने के प्रयास में जुट गई। सुबह करीब 7 बजे मौजीपुरवा गांव निवासी मोहम्मद अहमद के घर में अचानक जंगल से भटककर एक तेंदुआ घुस आया। घर के लोगों ने तेंदुए को देखते ही शोर मचाया और किसी तरह जान बचाकर बाहर भागे। शोर सुनकर आसपास के काफी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। भीड़ बढ़ती देख तेंदुआ घर के अंदर बने एक कमरे में घुसकर छिप गया। इस दौरान तेंदुए को बाहर निकालने की कोशिश के बीच वह अचानक उग्र हो गया और उसने गांव निवासी नसीम, फजलू रहमान तथा जुबेर पर हमला कर पंजा मार दिया, जिससे तीनों घायल हो गए। घायलों का स्थानीय स्तर पर उपचार कराया गया।

बालकनी में वाशिंग मशीन रखना सही या गलत? जानें वास्तु शास्त्र के नियम

फ्लैट कल्चर के इस दौर में, खासकर दिल्ली-NCR और नोएडा जैसे शहरों में, जगह की कमी की वजह से ज्यादातर लोग वाशिंग मशीन को बालकनी में ही रखते हैं.  लेकिन क्या आप जानते हैं कि वास्तु शास्त्र के अनुसार बालकनी में वाशिंग मशीन रखना सही है या गलत? आपकी यह एक छोटी सी आदत घर की सुख-शांति और आर्थिक हालात पर बड़ा असर डाल सकती है. आइए जानते हैं कि बालकनी में वाशिंग मशीन रखने को लेकर वास्तु के नियम क्या कहते हैं और नुकसान से बचने के लिए आपको कौन से तरीके अपना सकते हैं. बालकनी में वाशिंग मशीन: सही या गलत? वास्तु शास्त्र के अनुसार, बालकनी में वाशिंग मशीन रखना पूरी तरह से गलत नहीं है, लेकिन यह इस बात पर निर्भर करता है कि आपकी बालकनी किस दिशा में है. वाशिंग मशीन में दो मुख्य तत्व होते हैं- जल (Water) और अग्नि/बिजली (Motion & Electricity). इसके अलावा, इसमें कपड़ों की गंदगी साफ होती है और भारी घूर्णन (Churning) होता है.  इसलिए, गलत दिशा की बालकनी में इसे रखने से घर का एनर्जी बैलेंस बिगड़ सकता है. दिशाओं का खेल 1. उत्तर या पूर्व दिशा की बालकनी (North or East Balcony) इस दिशा में वाशिंग मशीन रखने की मनाही है. उत्तर और पूर्व दिशा को घर का सबसे पवित्र कोना माना जाता है. यहां से घर में सकारात्मक ऊर्जा और सूर्य की रोशनी प्रवेश करती है. नुकसान: अगर इस दिशा की बालकनी में वाशिंग मशीन रखकर कपड़े धोए जाते हैं, तो गंदा पानी और मशीन की आवाज सकारात्मक ऊर्जा को रोक देती है. इससे घर के मुखिया के मान-सम्मान में कमी आ सकती है, इससे पैसों का नुकसान होता है . 2. उत्तर-पश्चिम दिशा की बालकनी (North-West Balcony)  वास्तु के अनुसार, यदि आपकी बालकनी उत्तर-पश्चिम (वायव्य कोण) में है, तो वाशिंग मशीन रखने के लिए यह सबसे सही जगह है.  यह वायव्य कोण हवा की दिशा है, जो कपड़ों को सुखाने और पुरानी, अनचाही ऊर्जा को बाहर निकालने (Elimination) का प्रतीक है. 3. दक्षिण या पश्चिम दिशा की बालकनी (South or West Balcony)  इस दिशा की बालकनी में मशीन रखी जा सकती है, क्योंकि यह दिशाएं भारी सामान रखने के लिए अनुकूल मानी जाती हैं.  बस ध्यान रखें कि मशीन को बालकनी के बिल्कुल बीच में न रखकर किसी कोने में व्यवस्थित करें. बालकनी में मशीन रखने वाले ध्यान रखें ये 4 जरूरी बातें यदि आपके फ्लैट में उत्तर-पश्चिम की बालकनी नहीं है और मजबूरी में आपको किसी और दिशा में मशीन रखनी पड़ रही है, तो इन वास्तु उपायों को अपनाकर आप दोष कम कर सकते हैं: मशीन को हमेशा ढककर रखें: जब वाशिंग मशीन का इस्तेमाल न हो रहा हो, तो उस पर एक अच्छे फैब्रिक का कवर डालकर रखें. खुला रखने से यह नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती है. गंदे पानी की निकासी (Drainage System): वाशिंग मशीन का सर्फ वाला गंदा पानी कभी भी बालकनी में फैलना नहीं चाहिए.  ड्रेनेज पाइप सीधे नाली में फिक्स होना चाहिए ताकि गंदगी तुरंत बाहर निकल जाए. कलर चॉइस: बालकनी में रखी मशीन के लिए हल्के रंग (जैसे सफेद, ऑफ-व्हाइट या लाइट ग्रे) के कवर का इस्तेमाल करें.  गहरे लाल या काले रंग के कवर से बचें.  वाशिंग मशीन के पास भूलकर भी नहीं रखना चाहिए: 1. झाड़ू और पोछा (Broom and Mop)  झाड़ू को मां लक्ष्मी का प्रतीक माना जाता है और इसे हमेशा छिपाकर या शांत जगह पर रखा जाता है.  वाशिंग मशीन के पास लगातार पानी का बहाव, शोर और गति होती है. असर: इसके पास झाड़ू या पोछा रखने से घर की आर्थिक स्थिति डांवाडोल होती है, धन की हानि होती है और बैंक अकाउंट खाली होने लगता है. 2. डस्टबिन या कूड़ेदान (Dustbin) वाशिंग मशीन खुद कपड़ों की गंदगी साफ करने का काम करती है.  अगर इसके ठीक पास आप कचरा या डस्टबिन भी रख देंगे, तो उस पूरे हिस्से में राहु और केतु का नकारात्मक प्रभाव बहुत ज्यादा बढ़ जाएगा. असर: इससे घर के सदस्यों में मानसिक तनाव, सिरदर्द और बेवजह के खर्चे बढ़ते हैं, जिससे सेविंग्स खत्म होने लगती हैं. 3. दवाइयां (Medicines)  कई लोग बालकनी या वाश-एरिया के पास छोटी अलमारी में दवाइयां रख देते हैं.  वाशिंग मशीन के पास भारी वाइब्रेशन (कंपन) और राहु तत्व (गंदगी साफ करने की प्रक्रिया) होता है. असर: मशीन के पास रखी दवाइयां घर में बीमारियों को बढ़ाती हैं.  ऐसा करने से दवाइयों का असर कम होता है और मेडिकल के खर्चे अचानक बहुत ज्यादा बढ़ जाते हैं. 4. नमक या अचार (Salt or Pickles) नमक और अचार का संबंध सीधे तौर पर राहु और शनि से होता है. वाशिंग मशीन के आसपास की नमी और चुंबकीय क्षेत्र (Magnetic Field) इनके प्रभाव को दूषित कर देते हैं. असर: इससे घर में क्लेश, रिश्तों में खटास और व्यापार या नौकरी में पैसों का भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है.