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5 से 21 जून तक BJP का मेगा जनसंपर्क अभियान, प्रबुद्ध और व्यापारियों के सम्मेलन भी होंगे

भोपाल  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 26 मई को 12 साल पूरे होने जा रहे हैं। इस मौके पर मध्य प्रदेश भाजपा '12 साल विश्वास के, विकास के, जन कल्याण के' अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा विशेष जनसंपर्क होगा, जिसमें प्रत्येक जिले में समाज के कम से कम 500 प्रबुद्ध व्यक्तियों (ओपिनियन मेकर्स) से सीधा संपर्क साधा जाएगा। सांसद अपनी लोकसभा की हर विधानसभा में और विधायक अपने क्षेत्र के हर मंडल में एक-एक दिन का समय बिताएंगे। इस दौरान वे मोदी सरकार की उपलब्धियों का रिपोर्ट कार्ड जनता के बीच रखेंगे। पदाधिकारियों को भी करनी होगी मुलाकात विधायकों, सांसदों से लेकर राष्ट्रीय और प्रदेश पदाधिकारियों को भी ओपिनियन मेकर्स से मुलाकात करनी होगी। 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत प्रत्येक मंडल में सघन पौधरोपण किया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों और सामाजिक संगठनों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा। सांसद और विधायक अपने क्षेत्रों में 'प्रगति पथ यात्रा' और 'विकसित भारत संकल्प सम्मेलन' के जरिए जनता से जुड़ेंगे। स्वच्छता अभियान चलाकर प्लास्टिक कचरे की सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर होगा समापन 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के साथ अभियान का समापन होगा। इस दौरान पार्टी द्वारा प्रत्येक मंडल में स्थानीय योग अभ्यास समूहों के सहयोग से योग कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इसमें आयुष मंत्रालय द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा। जहां संभव होगा, वहां 1 सप्ताह का योग प्रशिक्षण शिविर भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का समन्वय नंदिता पाठक, राघवेंद्र शर्मा और मानसिंह यादव करेंगे। उपलब्धियों की प्रदर्शनी एवं सभागार बैठकें 15 जून से 18 जून के बीच प्रत्येक जिले में मोदी सरकार की उपलब्धियों पर आधारित 3 दिवसीय प्रदर्शनी लगाई जाएगी, जिसमें समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। इस दौरान ऑन-द-स्पॉट चित्रकला प्रतियोगिता, वॉक्स पॉप वीडियो रिकॉर्डिंग और लाभार्थियों के अनुभव साझा करने जैसे कार्यक्रम भी होंगे। साथ ही जिलों में प्रबुद्धजन और व्यापारी वर्ग की व्यापक उपस्थिति वाली सभागार बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं 19 जून से 20 जून तक किसानों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक जिले में दो स्थानों पर प्राकृतिक खेती कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। इन कार्यशालाओं में विशेषज्ञों और अनुभवी व्यक्तियों द्वारा प्रत्यक्ष प्रदर्शन और व्याख्यान दिए जाएंगे। इसकी जिम्मेदारी अर्चना सिंह और जयपाल सिंह चावड़ा की टोली को सौंपी गई है।

CM शुभेंदु अधिकारी ने अवैध घुसपैठियों को चेताया, बोले- ‘खिलाने पर पैसा क्यों बर्बाद करें’

कलकत्ता पश्चिम बंगाल की शुभेंदु सरकार अवैध बांग्लादेशियों को लेकर एक्शन मोड में आ गई हैं. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अवैध बांग्लादेशियों को कड़ी चेतावनी दी है। शुभेंदु अधिकारी ने अवैध बांग्लादेशियों को चेताते हुए कहा कि जल्दी-जल्दी भागो. हम इन्हें जेल में रखकर इन्हें खिलाना नहीं चाहते हैं. हमें अपना पैसा इन्हें जेल में रखकर खिलाने में क्यों बर्बाद करना चाहिए? हमने पुलिस से इन्हें सीधे बांग्लादेश भेजने को कह दिया है।  इससे पहले पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्य में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों को लेकर बहुत बड़ा कदम उठाया था. राज्य सरकार ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को उनके देश वापस भेजने के लिए विशेष 'होल्डिंग सेंटर' बनाने के निर्देश जारी किए थे।  शुभेंदु सरकार की ओर से इस संबंध में पश्चिम बंगाल के सभी जिलाधिकारियों को लिखित निर्देश और गाइडलाइंस जारी की गई थी. सरकार ने सभी जिलाधिकारियों को अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में इन होल्डिंग सेंटरों को बनाने के लिए सही जगह की पहचान करने और आगे की कार्रवाई जल्द से जल्द शुरू करने को कहा है।  क्या है बंगाल की 'डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट' नीति? बंगाल में बीजेपी सरकार की नई 'डिटेक्ट, डिलीट एंड डिपोर्ट' नीति के बीच स्टेट बॉर्डर के कई पॉइंट्स पर कथित तौर पर अवैध बांग्लादेशी प्रवासियों के बड़े-बड़े समूह इकट्ठा होने लगे हैं. उत्तरी 24 परगना और मालदा से आ रही तस्वीरों और वीडियो से पता चलता है कि राज्य का घुसपैठ रोधी अभियान अब सिर्फ सियासी बयानबाजी से आगे बढ़कर प्रशासनिक कार्रवाई का रूप ले चुका है।  उत्तरी 24 परगना के बशीरहाट सब-डिवीजन में स्थित हकीमपुर चेकपॉइंट पर मंगलवार सुबह 100 से ज्यादा बांग्लादेशी पुरुष और महिलाएं इकट्ठा हुए. ये सभी अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करके वापस अपने देश लौटना चाहते थे. ये लोग कथित तौर पर बंगाल के अलग-अलग इलाकों में अवैध रूप से रह रहे थे. विदेशी नागरिकों को देश से निकालने और उनके लिए होल्डिंग सेंटर बनाने के संबंध में सरकार की हालिया घोषणाओं के बाद वे चेकपॉइंट पर पहुंचे।  बता दें कि बीजेपी ने इस साल हुए बंगाल विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान राज्य से अवैध प्रवासियों को निकालने का वादा किया था. अमित शाह ने अपने एक संबोधन में साफ तौर पर कहा था कि जिस तरह बीजेपी ने असम में घुसपैठ को पूरी तरह से खत्म किया, उसी तरह पार्टी बंगाल में भी अवैध घुसपैठ पूरी तरह से खत्म कर देगी. अब राज्य में बीजेपी की सरकार कायम होने के बाद, पार्टी अपने उस वादे को पूरा करने में जुट गई है। 

Heatwave से परेशान लोगों के लिए खुशखबरी, इस दिन से मौसम देगा राहत; IMD का अपडेट

 लखनऊ यूपी इस वक्त आग उगलती गर्मी की चपेट में है. सुबह होते ही सूरज ऐसा तप रहा है मानो आसमान से अंगारे बरस रहे हों. दोपहर की सड़कें सुनसान पड़ने लगी हैं, बाजारों में भीड़ कम हो गई है और लोग घरों में कैद रहने को मजबूर हैं. नौतपा की शुरुआत के साथ ही प्रदेश में गर्मी ने अपने सबसे खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. लेकिन इसी तपिश के बीच अब लोगों के लिए राहत की खबर भी सामने आई है. मौसम विभाग ने आखिर वह तारीख बता दी है, जब इस भीषण गर्मी से लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।  मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक फिलहाल अगले तीन दिनों तक गर्मी से राहत मिलने के आसार बेहद कम हैं. हालांकि 29 मई के बाद मौसम करवट ले सकता है और तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की जा सकती है. यही वजह है कि भीषण गर्मी से परेशान लोग अब 29 मई का इंतजार करने लगे हैं।  इस सोमवार से नौतपा की शुरुआत हुई है. भारतीय परंपरा में नौतपा को साल का सबसे गर्म दौर माना जाता है. मान्यता है कि जब सूर्य रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश करता है, तभी नौ दिनों तक चलने वाला यह दौर शुरू होता है. इस बार नौतपा ने शुरुआत से ही अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है. प्रदेश के कई जिलों में तापमान 45 डिग्री के पार पहुंच चुका है. बांदा पूरे प्रदेश ही नहीं बल्कि देश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहा. यहां तापमान 47.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. सड़कें दोपहर में तवे की तरह तपती दिखाई दीं. इसके अलावा झांसी में 46 डिग्री, उरई में 45.8 डिग्री, आगरा में 45.5 डिग्री, प्रयागराज में 45.4 डिग्री और हमीरपुर में 45.2 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया. राजधानी लखनऊ भी गर्मी से बेहाल नजर आया. यहां अधिकतम तापमान 42.3 डिग्री तक पहुंच गया।  दोपहर की सड़कें हुईं सुनसान भीषण गर्मी का असर अब आम जिंदगी पर साफ दिखने लगा है. दोपहर 12 बजे के बाद शहरों की सड़कें खाली नजर आने लगी हैं. लोग जरूरी काम न होने पर घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं. सबसे ज्यादा परेशानी दिहाड़ी मजदूरों, रिक्शा चालकों और सड़क किनारे काम करने वाले लोगों को हो रही है. गर्म हवाओं के थपेड़े लोगों को झुलसा रहे हैं. डॉक्टरों का कहना है कि लगातार बढ़ती गर्मी के चलते डिहाइड्रेशन, चक्कर आने और हीट स्ट्रोक के मरीजों की संख्या बढ़ रही है।  अस्पताल हाई अलर्ट पर गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए राज्यभर के अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है. सरकार की तरफ से एडवाइजरी जारी की गई है कि लोग दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक बिना जरूरी काम के बाहर न निकलें. हल्के रंग के सूती कपड़े पहनें और ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं. मौसमी फल, नींबू पानी, छाछ और ओआरएस लेने की सलाह भी दी गई है।  लखनऊ में सिग्नल पर लगाई गई हरी शेड राजधानी लखनऊ में गर्मी से राहत देने के लिए प्रशासन ने अलग-अलग प्रयोग शुरू कर दिए हैं. हजरतगंज इलाके में ट्रैफिक सिग्नलों के ऊपर हरे रंग की शेड लगाई गई है ताकि धूप में खड़े लोगों को कुछ राहत मिल सके. वहीं लखनऊ के ही 1090 चौराहे पर दिनभर पानी का छिड़काव कराया जा रहा है. कई जगह फॉगिंग जैसी व्यवस्था भी की गई है ताकि सड़कों का तापमान कम किया जा सके. गोंडा में बिजली विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मरों को बचाने के लिए लगातार मशक्कत कर रहे हैं. एक ट्रांसफार्मर के पास बड़ा पंखा लगाया गया है और पाइप के जरिए लगातार पानी डाला जा रहा है ताकि वह ओवरहीट होकर खराब न हो जाए. बिजली विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि हर आधे घंटे में कूलिंग करनी पड़ रही है. लगातार बढ़ती बिजली खपत ने मशीनों की परीक्षा भी बढ़ा दी है।  पूर्वी यूपी में सबसे ज्यादा खतरा मौसम विभाग ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों के लिए गंभीर हीटवेव की चेतावनी जारी की है. दिन के समय लू चलने और रात में भी गर्म हवाएं परेशान करने की संभावना जताई गई है. विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार कई दिनों तक रात में तापमान ऊंचा रहने से शरीर को रिकवरी का समय नहीं मिल पाता, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. अयोध्या में नौतपा का धार्मिक असर भी दिखाई दे रहा है. मंदिरों में भगवान को गर्मी से राहत देने के लिए विशेष पूजा और शीतल भोग लगाए जा रहे हैं. अयोध्या संत समिति के महामंत्री पवन दास शास्त्री ने बताया कि सनातन परंपरा में नौतपा का विशेष महत्व माना जाता है. उन्होंने कहा कि इस दौरान दान-पुण्य और पूजा-पाठ को विशेष फलदायी माना जाता है. वाराणसी में गर्मी से राहत पाने के लिए बच्चे गंगा नदी में तैराकी सीख रहे हैं. दरभंगा घाट पर आयोजित स्विमिंग कैंप में बड़ी संख्या में बच्चे पहुंच रहे हैं. अभिभावकों का कहना है कि इससे बच्चों को गर्मी से राहत भी मिल रही है और वे जरूरी लाइफ स्किल भी सीख रहे हैं। 

गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत, Bharat Gas ने फिर शुरू की खास सुविधा

नई दिल्ली  वैश्विक स्तर पर जारी उथल-पुथल के बीच भारत गैस ने अपने ग्राहकों को अच्छी खबर दी है। एक बार फिर से कई इलाकों में एलपीजी सिलेंडर की होम डिलीवरी शुरू हो गई है। भारत गैस ने युद्ध के शुरू होने के बाद गैस की किल्लत के बीच यह सुविधा कई स्थानों पर बंद कर दी थी। खासगावं ग्रामीण इलाकों में। बता दें, इससे पहले एचपी ने भी एलपीजी सिलेंडर की बंद पड़ी होम डिलीवरी की सुविधा को फिर से शुरू कर दिया था। क्यों बंद हो गई थी सुविधा? युद्ध शुरू होने के बाद एक समय पर अचानक गैस की डिमांड में इजाफा हो गया था। लोग पैनिक बुकिंग करने लगे थे। जिसके बाद डीलर्स ने होम डिलीवर की सुविधा को कई इलाकों में बंद कर दिया था। लेकिन अब नियमों में हुई सख्ती के बाद एक बार फिर से LPG सिलेंडर की उन इलाकों में होम डिलीवरी शुरू हो गई है। एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम  सरकार ने कालाबाजारी को रोकने के लिए एलपीजी सिलेंडर बुकिंग के नियमों को काफी सख्त कर दिया है। अब बिना ओटीपी के एलपीजी सिलेंडर नहीं मिलेगा। नए नियमों के अनुसार आपको रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से पहले LPG सिलेंडर की बुकिंग करनी होगी। उसके बाद आपके मोबाइल नंबर ओटीपी आएगा। इसके बाद आप उस डीलर्स के पास जाकर या फिर सिलेंडर वाली गाड़ी को ओटीपी दिखाएंगे। वो ओटीपी को वेरीफाई करेगा। उसके बाद ही नया LPG सिलेंडर मिल पाएगा। ध्यान रहे कि आपका गैस पासबुक आपके पास होना चाहिए। नियमों के अनुसार कोई भी व्यक्ति जो गांव में रहता है वो 45 दिनों के बाद ही नए सिलेंडर की बुकिंग कर पाएंगे। वहीं, शहरों में रहने वाले लोगों के लिए सरकार ने 25 दिन का कैप लगाया है। LPG सिलेंडर के दाम स्थिर पिछले कुछ हफ्तों से गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आखिरी बार घरेलू गैस सिलेंडर का दाम 60 रुपये बढ़ाया गया था। वहीं, कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में 900 से अधिक की बढ़ोतरी हुई थी। जिसके बाद दाम 3000 रुपये के पार पहुंच गया है। गैस की समस्या विकट?  भारत जो अपनी जरूरत का बड़ा हिस्सा एलपीजी विदेशों से आयात करता था उसके लिए मौजूदा परिस्थितियां काफी कठिन है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के लगभग बंद होने की वजह से एलपीजी सिलेंडर की आपूर्ति प्रभावित हुई है। देश के सामने एलपीजी संकट खड़ा हो गया है। बता दें, भारत सरकार ने एलपीजी उत्पादन को घरेलू स्तर पर बढ़ाने का निर्देश दिया है।

जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए नहीं लगाने होंगे चक्कर, यूपी सरकार ने शुरू की नई व्यवस्था

 लखनऊ उत्तर प्रदेश में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाने या घर-जमीन का दाखिल खारिज कराने के लिए भाग-दौड़ नहीं करना होगा। योगी आदित्यनाथ सरकार ने सर्टिफिकेट बनवाने में संकट खत्म करने के लिए प्रदेश के सभी नगर निगम में वन डे गवर्नेंस सेंटर चालू करने का फैसला किया है। प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने मंगलवार को इस पहल का ऐलान किया। सरकार इन वन डे गवर्नेंस सेंटर पर आम लोगों के कई जरूरी काम एक ही दिन में निबटाने की योजना बना रही है, जिसमें प्रमाण पत्र जैसी सेवाओं को रखा जाएगा। कैबिनेट मंत्री एके शर्मा ने लखनऊ में एक कार्यक्रम में कहा कि सरकार नगर निकायों की सेवाओं को तेज, पारदर्शी और नागरिकों के अनुकूल बनाने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रयागराज, वाराणसी और गोरखपुर में भी इस व्यवस्था को शुरू करने की तैयारी की जा रही है। लखनऊ में सेंटर बन गया है। यह कार्यक्रम लखनऊ महापौर के तीन वर्ष का कार्यकाल पूरा होने के अवसर पर आयोजित किया गया था। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सीएम योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में नगर विकास से जुड़ी विभिन्न परियोजनाओं, जन सुविधाओं और शहरी विकास योजनाओं पर चर्चा की गई। यूपी में लागू होगा गुजरात मॉडल एके शर्मा ने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देना है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद नगर निगमों में नागरिक सेवाओं का निस्तारण पहले से अधिक तेजी से हो सकेगा। मंत्री ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने गुजरात में वन डे गर्वनेंस सिस्टम शुरू किया था। हम लोगों ने उस पर काम किया था। वही मॉडल यहां लाना चाहते हैं। अभी लखनऊ के साथ प्रयागराज, वाराणसी में इस पर काम हो रहा है। हम चाहते हैं कि वही मॉडल पूरे यूपी में लागू हो जाए। किसी भी नागरिक को दो दिन, चार दिन, एक हफ्ते या महीने तक दौड़ना न पड़े। कोई आएगा तो उसे बैठाएंगे और आधे घंटे में प्रमाण पत्र दे देंगे। किसी का मामला बहुत पेचीदा होगा तो उसको कह देंगे कि वह लंच करके दो घंटे बाद आए। उसके आने पर हम उसी दिन उसका प्रमाण पत्र दे देंगे। सीनियर सिटीजन के लिए खास सुविधा शर्मा ने कहा कि जो लोग ऑनलाइन सेवा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं, उन्हें इससे काफी सुविधा हो जाएगी। यह व्यवस्था लखनऊ नगर निगम ने खड़ी की है। आधुनिक सोच के साथ व्यवस्था शुरू हुई है। लखनऊ के सेंटर में सीनियर सिटिजन के बैठने की शानदार व्यवस्था है। चाय समेत हर तरह की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि आज स्मार्ट सिटी बना रहे हैं तो वन डे गवर्ननेंस सिस्टम भी जरूरी है। मंत्री ने कहा कि सरकार की मंशा स्मार्ट सिटी के साथ ही वैश्विक सिटी बनाना है।