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उच्च शिक्षण और पॉलीटेक्निक शिक्षकों के लिए बड़ा मौका, मिलेगा 50 हजार का राष्ट्रीय पुरस्कार

 लखनऊ  राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। शिक्षक पांच जुलाई तक वेबसाइट www.awards.gov.in पर आनलाइन आवेदन कर सकेंगे। इस पुरस्कार के लिए उच्च शिक्षण संस्थानों और पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों से आवेदन मांगे गए हैं। श्रेणी-एक में उच्च शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और श्रेणी-दो में पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन प्रक्रिया स्व-नामांकन आधारित है। इसमें पूर्व या वर्तमान कुलपति, निदेशक, प्राचार्य और शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करने वाले शिक्षकों को अपनी करियर प्रोफाइल के साथ दो से तीन मिनट का वीडियो क्लिप और उसका यूट्यूब लिंक भी भेजना होगा। उच्च शिक्षा संस्थानों के शिक्षकों के लिए 25 और पालिटेक्निक संस्थानों के शिक्षकों के लिए 10 पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। आवेदन करने के लिए शिक्षक के पास कम से कम पांच वर्ष का पूर्णकालिक शिक्षण अनुभव होना जरूरी है। आवेदन के समय शिक्षक की आयु 55 वर्ष से अधिक नहीं होनी चाहिए। चयन प्रक्रिया में टीचिंग-लर्निंग इफेक्टिवनेस, आउटरीच गतिविधियां, रिसर्च एंड इनोवेशन और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को आधार बनाया जाएगा। चयनित शिक्षकों को मेडल, प्रमाणपत्र और 50 हजार रुपये की नकद राशि प्रदान की जाएगी। पुरस्कार पांच सितंबर को शिक्षक दिवस पर दिए जाएंगे।  

मनीषा रानी नए शो में करेंगी एंट्री, शिल्पा शेट्टी के कुकिंग शो में दिखेगा फैमिली ट्विस्ट

बिहार की मनीषा रानी दिन-ब-दिन सक्सेस की सीढ़ियां चढ़ती जा रही हैं. आलीशान आशियाना बनाने के बाद मनीषा, शिल्पा शेट्टी के नए शो में दिखेंगी. कुकिंग शो में उनके साथ उनके पापा भी नजर आएंगे. शिल्पा के शो का नाम मां है ना है. हाल ही में मुंबई में शो का ग्रैंड ट्रेलर लॉन्च इवेंट हुआ, जिसमें उसमें हिस्सा लेने वाले सभी कंटेस्टेंट्स शामिल हुए. ट्रेलर लॉन्च पर मनीषा ने अपने पापा को लेकर कुछ ऐसा कहा, जिसने हर किसी का ध्यान खींच लिया. मनीषा ने पापा को किया एक्सपोज ट्रेलर लॉन्च के मौके पर मनीषा रानी ने बताया कि हमने पापा को शो के बारे में बताया. ये भी कहा कि पैसा मिलेगा. उन्होंने मुझसे पूछा कि कितना पैसा मिलेगा. मैंने उन्हें बताया कि इतना पैसा मिलेगा. पापा अगले दिन बिहार से मुंबई आ गए. पापा बोले ऐसी बात है तो हम सारा काम छोड़ देंगे. मनीषा की बात सुनकर वहां मौजूद सभी लोग हैरान रह गए. मनीषा का चुलबुला अंदाज हमेशा से फैन्स का दिल जीतता आया है. बेटी के स्टार बनने के बाद अब मनीषा के पापा भी टीवी डेब्यू करने जा रहे हैं. फैन्स बाप-बेटी की जोड़ी को टीवी पर देखने के लिए बेकरार हैं. क्योंकि मनीषा जितनी फनी हैं, उतने ही फनी उनके पापा भी हैं. इससे पहले उन्हें बिग बॉस ओटीटी और झलक दिखला जा पर देखा गया था. दोनों रियलिटी शो में वो अपनी बेटी को सपोर्ट करने आए थे. लेकिन अब उन्हें रियलिटी शो पर बतौर कंटेस्टेंट्स देखना मजेदार होने वाला है. कहना गलत नहीं होगा कि मनीषा ने बिहार से लेकर मुंबई तक लंबा सफर तय किया है. हाल ही में उन्होंने मुंबई में करोड़ों का खरीदा. जिसकी सजावट में उनके पसीने छूट गए. टिकटॉक से सफर शुरू करने वाली मनीषा आज एक लैविश लाइफ जी रही हैं. वो अकेले आगे नहीं बढ़ रहीं, बल्कि अपने परिवार को भी आगे बढ़ा रही हैं. दिखावटी दुनिया में मनीषा की रियलिटी लोगों को इंप्रेस कर जाती है. मनीषा रानी के नए शो की बात करें, तो 12 जून से जी5 पर देखा जा सकता है. शो से गोविंदा की बेटी टीना भी टीवी डेब्यू के लिए तैयार हैं.

भारत में प्रोटीन डाइट का क्रेज: 2 साल में 150% बढ़े ऑर्डर, बदली खाने की आदतें

भारत में प्रोटीन डाइट लेने वालों की मात्रा दिन-ब-दिन बढ़ रही है. अब सिर्फ जिम जाने वालों या फिटनेस इन्फ्लुएंसर्स तक सीमित नहीं है बल्कि आम घरों की रसोई में भी अब प्रोटीन प्रोडक्ट्स अपनी जगह बना रहे हैं. क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म इंस्टामार्ट के नए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 2 सालों में उनके प्लेटफॉर्म पर प्रोटीन से जुड़े प्रोडक्ट्स के ऑर्डर्स में 150 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई है. यही नहीं, लोगों द्वारा इन चीजों पर किया जाने वाला खर्च भी अब करीब 3 गुना हो चुका है. बाजार में बदलते इस ट्रेंड को देखते हुए कंपनियों ने भी अपनी तैयारी तेज कर दी है और प्रोटीन वाली चीजों की अधिक पूर्ति करने में लगी है. अंडे और पनीर का दबदबा बरकरार भले ही मार्केट में नए-नए पैकेजों वाले न्यूट्रिशन प्रोडक्ट्स आ गए हों लेकिन आज भी भारतीय घरों में प्रोटीन के पारंपरिक ऑप्शंस ही सबसे ज्यादा पसंद किए जा रहे हैं. ऑनलाइन शॉपिंग कार्ट्स में अंडे और पनीर की जोड़ी नंबर वन बनी हुई है. इसके बाद सबसे ज्यादा डिमांड चिकन और अंडे के कॉम्बिनेशन की देखी जा रही है. इनके अलावा मखाना, ओट्स, प्रोटीन बार्स, ग्रीक योगर्ट और चने की बिक्री में भी काफी तेजी आई है. नए प्रोडक्ट्स की बात करें तो प्रोटीन चिप्स की डिमांड साल-दर-साल करीब 300 प्रतिशत बढ़ी है जबकि प्रोटीन योगर्ट की बिक्री में 280 प्रतिशत का उछाल आया है. आंकड़ों के अनुसार, प्रोटीन उत्पादों के लिए ऑर्डर देने का सबसे व्यस्त समय सुबह 7 बजे से 11 बजे के बीच था, जो मुख्य रूप से नाश्ते से संबंधित खरीदारी के कारण था. पीनट बटर बना नंबर वन सर्च इंटरनेट पर सर्च करने के मामले में भारतीयों की पहली पसंद पीनट बटर बनकर उभरा है. इंस्टामार्ट पर प्रोटीन कैटेगरी में इसे सबसे ज्यादा सर्च किया गया है, जिसके बाद दूसरे नंबर पर ग्रीक योगर्ट रहा. पारंपरिक भारतीय फूड्स की बात करें तो सोया चंक्स की मांग दोगुनी से ज्यादा हो गई है, जबकि टोफू की सेल में 87 प्रतिशत की तेजी आई है. अब लोग सत्तू, बेसन, भुने चने और मिलेट्स (बाजरा) को भी प्रोटीन के नजरिए से देख रहे हैं और इन्हें अपनी डाइट का हिस्सा बना रहे हैं. छोटे शहरों में सबसे तेज रफ्तार यह बदलाव सिर्फ दिल्ली या बेंगलुरु जैसे बड़े महानगरों तक सीमित नहीं है. हालांकि कुल डिमांड में बेंगलुरु अब भी सबसे आगे है, लेकिन टियर-2 और छोटे शहरों में इसकी रफ्तार सबसे तेज है. नागपुर, जयपुर, चंडीगढ़, भुवनेश्वर, गुवाहाटी और विजाग जैसे शहरों में प्रोटीन प्रोडक्ट्स की मांग तेजी से बढ़ रही है. इस क्रेज का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि चेन्नई के एक यूजर ने पीनट बेस्ड प्रोटीन फूड्स पर एक बार में 2 लाख 71 रुपये 385 खर्च कर दिए थए. वहीं बेंगलुरु के एक अन्य यूजर ने सिर्फ प्रोटीन बार्स खरीदने के लिए 2 लाख 09 हजार 626 का ऑर्डर दिया था. पारंपरिक चीजों की ओर लोगों का रुख इस बदलाव से पारंपरिक भारतीय चीजों पर फिर से लोगों का फोकस हो रहा है. सोया चंक्स की मांग दोगुनी से अधिक हो गई, टोफू की मांग में लगभग 87% की वृद्धि हुई, जबकि मखाना, चना सत्तू, बेसन और भुने हुए चने की मांग में भी अच्छी वृद्धि देखी गई क्योंकि उपभोक्ता इन परिचित खाद्य पदार्थों को प्रोटीन के नज़रिए से देखने लगे. अंकुरित बाजरा और ओट्स आधारित नाश्ते के मिश्रण की मांग में भी तेजी से वृद्धि हुई क्योंकि प्रोटीन का सेवन अब एक्सरसाइज के बाद की दिनचर्या से हटकर नियमित भोजन का हिस्सा बन गया है.

सम्राट कैबिनेट की नई भूमि नीति मंजूर, किसानों को बाजार दर से कई गुना ज्यादा भुगतान

पटना बिहार के लोगों को जमीन अधिग्रहण में अब और ज्यादा मुआवजा मिलेगा। भूमि अधिग्रहण से संबंधित नई नीति को सम्राट कैबिनेट से मंजूरी मिल गई है। इसके तहत राज्य सरकार अगर आपकी जमीन लेगी तो अब 10 फीसदी अतिरिक्त शुल्क प्रोत्साहन राशि के रूप में देगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इस मीटिंग में कुल 27 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। बैठक के बाद विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार चौधरी ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सम्राट कैबिनेट ने बिहार रैयती भूमि क्रय नीति, 2026 को मंजूरी दी है। लोकहित की परियोजनाओं के लिए आपसी सहमति के आधार पर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को सरल बनाने के उद्देश्य से यह नीति लाई गई है। इसके तहत शहरी क्षेत्रों में जमीन अधिग्रहण के दौरान भूमि का मूल्य बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर (एमवीआर), जो भी अधिक होगा, उसके दोगुने के आधार पर मुआवजा निर्धारित किया जाएगा। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में यह दाम बाजार मूल्य अथवा सर्किल दर, जो भी अधिक होगी, उसके चार गुना के बराबर होगा। इसके अतिरिक्त 10 प्रतिशत राशि प्रोत्साहन के रूप में दी जाएगी। सरकार द्वारा खरीदी जाने वाली जमीन पर स्टांप और पंजीयन शुल्क भी नहीं लगेगा। 11 नई सेटेलाइट टाउनशिप परियोजना में होगी आसानी बिहार के 11 प्रमुख शहरों के आसपास नई सेटेलाइट टाउनशिप विकसित की जा रही है। चिह्नित क्षेत्रों में जमीन की खरीद-बिक्री पर फिलहाल रोक लगाई गई है। माना जा रहा है कि इन टाउनशिप को विकसित करने के लिए जमीन का अधिग्रहण नई नीति के आधार पर किया जाएगा। पिछले दिनों राज्य सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया था कि किसी भी रैयत (जमीन मालिक) का नुकसान नहीं होने दिया जाएगा। पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर, पूर्णिया, दरभंगा, छपरा, सोनपुर समेत 11 शहरों में विकसित होने वाली सेटेलाइट टाउनशिप के अधिकतर चिह्नित क्षेत्र ग्रामीण इलाकों में हैं। ऐसे में सम्राट सरकार की नई नीति का फायदा किसानों को मिलेगा। राज्य सरकार की ओर से पूर्व में स्पष्ट किया गया था कि नई टाउनशिप में जमीन मालिकों को भी हिस्सेदारी दी जाएगी। अगर जो रैयत हिस्सेदारी नहीं चाहते, उन्हें बाजार मूल्य से कहीं ज्यादा मुआवजा दिया जाएगा। इसी क्रम में नई नीति लाई गई है। इसके अलावा विभिन्न परियोजनाओं को लागू करने में भी सरकार को आसानी होगी। 10 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि के जरिए प्रशासनिक अधिकारी को जमीन मालिकों को तैयार भूमि अधिग्रहण के लिए और सहजता से तैयार कर सकेंगे।

लू से राहत के बाद मौसम का कहर, पश्चिम यूपी में तेज तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी

लखनऊ यूपी में पुरवा ने लू पर ब्रेक लगाई मगर तपिश का तेवर बरकरार है। बुधवार को पूरे दिन और उसके बाद कई जिलों में तपिश का असर बना रहा। गुरुवार की सुबह से मौसम में बदलाव देखने को भी मिल रहा है। धूप का असर काफी कम है। अब 100 की रफ्तार से तूफान का अलर्ट मौसम विभाग ने जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार वेस्ट यूपी में सौ किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं और मध्यम से भारी बारिश होगी। आंधी-तूफान के साथ बारिश-ओलावृष्टि का यह दौर 31 मई तक चल सकता है। मौसम के इस बदलाव से अधिकतम तापमान में छह से आठ डिग्री सेल्सियस की गिरावट हो सकती है। एक जून से एक बार फिर तापमान में छह से सात डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी का क्रम शुरू हेागा। यह चेतावनी मौसम विभाग की है। उत्तर भारत में पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम का मिजाज बदलने जा रहा है। मौसम विभाग ने दिल्ली-हरियाणा सहित वेस्ट यूपी में 80-90 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से तूफानी हवा चलने की चेतावनी दी है। कुछ समय के लिए यह गति सौ किमी प्रतिघंटा तक भी पहुंच सकती है। कुछ हिस्सों में यह गति इससे भी ऊपर जा सकती है। मौसम विभाग के अनुसार इस दौरान मध्यम से भारी बारिश के आसार हैं। यह स्थिति आज देर रात से शुक्रवार सुबह या फिर शुक्रवार देर शाम के बाद बन सकती हैं। मौसम गतिविधियां 29 मई को चरम पर रह सकती हैं। पूर्वी यूपी में बादल आज रात से ही गरजेंगे, कल से भिगोएंगे वाराणसी। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी यूपी में गुरुवार देर रात चमक और गरज के साथ बादलों के धमकने, कहीं-कहीं छींटे पड़ने का पूर्वानुमान है। 29, 30 एवं 31 मई को आंधी-पानी, बिजली गिरने और कहीं-कहीं ओलावृष्टि के आसार हैं। मौसम का यह मिजाज बनारस के अलावा आसपास के जिलों में भी दिख सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, आंधी-पानी, तेज बारिश और वज्रपात की दृष्टि से 29 मई का दिन अधिक संवेदनशील है। उस दिन उस दिन जनसामान्य को विशेष ऐहतियात बरतने की सलाह दी गई है। 31 मई के बाद आसमान साफ होगा, गर्मी फिर प्रचंड रूप ले सकती है। मंगलवार रात में बनी पुरवा की रफ्तार बुधवार सुबह तक रही। उसके बाद धीमी पड़ गई। इसके चलते माहौल में उमस और तपिश का स्तर बढ़ गया। अधिकतम तापमान में कमी रहने के बाद भी बुधवार देर शाम तक लोग राहत का अनुभव नहीं कर पा रहे थे। भीड़ भरे इलाकों, रेल एवं बस स्टेशनों और अस्पतालों में पहुंचे लोग अधिक परेशान नजर आए। बुधवार को अधिकतम तापमान सामान्य से 1.3 डिग्री ज्यादा 41.7 और न्यूनतम तापमानसामान्य से 2.5 डिग्री ज्यादा 28.5 डिग्री सेल्सियस रहा। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने भी कहा कि गुरुवार देर रात से मेघगर्जन और शुक्र एवं शनि को आंधी-बारिश का संकेत है। तपिश के बीच वायु प्रदूषण बढ़ा भीषण गर्मी के बीच पूरब से पश्चिम तक हवा लगातार प्रदूषित दिख रही है। पिछले दस दिन से वाराणसी का एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) सामान्य स्तर से ऊपर दर्ज किया जा रहा है। इस प्रदूषण ने खासकर सांस और हृदय रोगियों की चिंता बढ़ा दी है। बुधवार को शहर का औसत एक्यूआई 106 था। एक दिन पहले 186 तक पहुंच गया था। विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मी और तेज धूप के कारण वातावरण में धूल के महीन कण अधिक सक्रिय हो जाते हैं। देश में तीसरा, प्रदेश का सबसे प्रदूषित मेरठ बुधवार को मेरठ देश का तीसरा और प्रदेश का सबसे प्रदूषित शहर दर्ज हुआ। मेरठ का एक्यूआई 283 दर्ज हुआ जो प्रदेश में सर्वाधिक है। एक्यूआई 300 के साथ श्रीगंगानगर देश का सबसे प्रदूषित शहर रिकॉर्ड किया गया। बुधवार को मेरठ में दिन-रात के तापमान क्रमश: 43.2 एवं 27.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुए जो सामान्य से 3.9 एवं 2.9 डिग्री सेल्सियस अधिक दर्ज हुए।

हरियाणा बोर्ड के नए चेयरमैन बने शंकर लाल धूपड़, नई शिक्षा नीति लागू करना पहली प्राथमिकता

भिवानी. वरिष्ठ भाजपा नेता शंकर लाल धूपड़ को हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड का चेयरमैन नियुक्त किया गया है। मंगलवार देर रात उनकी नियुक्ति और डा. पवन कुमार को रिलीव करने के आदेश जारी किए गए। जिसके बाद बुधवार को नवनियुक्त चेयरमैन शंकर लाल धूपड़ ने स्वजन और भाजपा नेताओं, कार्यकर्ताओं के बीच हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड चेयरमैन का कार्यभार संभाला। कार्यभार संभालते हुए उन्होंने कहा कि भारत सरकार की नई शिक्षा नीति को पूर्णरूपेण लागू करना मेरी प्राथमिकता होगी। इससे पूर्व उन्होंने बोर्ड की लाबी में स्थापित मां सरस्वती की पूजा की। बोर्ड अध्यक्ष शंकर लाल धूपड़ का पूर्व बोर्ड अध्यक्ष डॉ. पवन कुमार, बोर्ड अधिकारियों/कर्मचारियों, बीजेपी कार्यकर्ताओं व समाजसेवियों ने फूलों के गुलदस्ते देकर स्वागत किया गया। कार्यग्रहण उपरांत धूपड़ ने बताया कि शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना उनकी प्राथमिकता रहेगी। बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा शिक्षा-परीक्षा को सुधारवादी कदमों को और अधिक गति देते हुए बोर्ड की कार्यप्रणाली को अधिकाधिक सुदृढ़ किया जाएगा। वे शिक्षा बोर्ड के उन सभी क्षेत्रों में सकारात्मक बदलाव के हिमायती व पैरोकार रहे हैं, जिनसे शिक्षा जगत का बहुआयामी विकास हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा-परीक्षा में गुणात्मक सुधार, परीक्षाओं में नकल पर अंकुश लगाने तथा शिक्षा बोर्ड की कार्यप्रणाली को और अधिक उत्तरदायी, त्वरित, पारदर्शी व विद्यार्थियों/शिक्षकों के लिए संतुष्टिपूर्ण बनाने के लिए सत्त व सार्थक प्रयास किए जाएंगे। उनका मानना है कि शिक्षा के माध्यम से व्यक्ति को गुणवान, सुशील, ज्ञानवान, समाज व देश के प्रति समर्पित बनाया जा सकता है। शंकर लाल धूपड़ ने अपनी नियुक्ति के लिए केन्द्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, शिक्षा मंत्री महीपाल सिंह ढांडा, प्रदेशाध्यक्ष मोहनलाल बड़ौली का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने उन पर जो विश्वास जताया है वह उसे सार्थक सिद्ध करेंगे तथा बोर्ड सचिव व अधिकारियों के साथ मिलकर बोर्ड को उच्च मुकाम पर ले जाएंगे। शंकर लाल धूपड़ मूल रूप से जिला भिवानी के रहने वाले है जो कि पेशे से वकील है। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा भिवानी में पूरी करने के बाद जयपुर विश्वविद्यालय से एलएलबी की पढ़ाई की। उनकी राजनीतिक शुरूआत 1975 में हुई तथा वे लगभग 04 वर्षों तक जिला भिवानी के बीजेपी के जिलाध्यक्ष भी रहे हैं।

बिना स्क्रीन वाला नया फिटनेस बैंड: Fitbit Air बना चर्चा का केंद्र

फिटनेस बैंड की दुनिया तेजी से बदल रही है और अब Google ने ऐसा डिवाइस पेश किया है, जिसमें न डिस्प्ले है और न ही कोई भारी-भरकम डिजाइन. फिर भी यह हेल्थ ट्रैकिंग के मामले में बड़े-बड़े स्मार्टवॉच को चुनौती देता नजर आ रहा है. नया Fitbit Air उन यूजर्स को टारगेट करता है, जो बिना स्क्रीन के हल्का, आरामदायक और AI फीचर्स से लैस फिटनेस ट्रैकर चाहते हैं. खास बात यह है कि इसमें Google का नया AI हेल्थ कोच भी मिलता है, जो फिटनेस रूटीन को पहले से ज्यादा आसान और स्मार्ट बना सकता है. कम कीमत और प्रीमियम फीचर्स के साथ यह डिवाइस मार्केट में काफी चर्चा बटोर रहा है. बिना स्क्रीन वाला फिटनेस ट्रैकर क्यों बना चर्चा का विषय? Fitbit Air का सबसे बड़ा आकर्षण इसका स्क्रीनलेस डिजाइन है. आज के दौर में जहां हर डिवाइस में डिस्प्ले दिया जा रहा है, वहीं Google ने बिल्कुल अलग रास्ता चुना है. यह ट्रैकर बेहद हल्का है और पूरे दिन पहनने पर भी भारी महसूस नहीं होता. इसका वजन सिर्फ 12 ग्राम बताया गया है, जिससे यह लगातार इस्तेमाल के लिए काफी आरामदायक बन जाता है. इसका डिजाइन पुराने Fitbit Flex और Jawbone जैसे क्लासिक फिटनेस बैंड्स की याद दिलाता है. डिवाइस को स्ट्रैप के अंदर फिट किया गया है और इसे आसानी से बदला भी जा सकता है. यूजर्स को कई कलर ऑप्शन भी मिलते हैं. Google Health App और AI Coach बना रहे खास Fitbit Air में स्क्रीन नहीं होने की वजह से लगभग पूरा कंट्रोल Google Health ऐप से किया जाता है. यही ऐप आपकी एक्टिविटी, स्लीप, हार्ट रेट और दूसरे हेल्थ डेटा को मैनेज करता है. इसका इंटरफेस काफी साफ और आसान बताया जा रहा है. सबसे ज्यादा चर्चा इसके Gemini AI बेस्ड Health Coach फीचर की हो रही है. यह फीचर यूजर्स की फिटनेस आदतों को समझकर उन्हें पर्सनल सुझाव देता है. वर्कआउट प्लान, स्लीप रूटीन और हेल्थ गोल्स को बेहतर तरीके से मैनेज करने में यह AI काफी मददगार साबित हो सकता है. फिटनेस और हेल्थ ट्रैकिंग में कितना दम? Fitbit Air उन लोगों के लिए खास हो सकता है, जो सिर्फ स्टेप काउंट नहीं बल्कि डीप हेल्थ एनालिसिस चाहते हैं. रिपोर्ट के मुताबिक यह डिवाइस स्लीप पैटर्न, रिकवरी और एक्टिविटी डेटा को काफी विस्तार से ट्रैक करता है. यही वजह है कि इसे Whoop Strap का किफायती ऑप्शन भी माना जा रहा है. हालांकि इसमें GPS और NFC जैसे फीचर्स नहीं दिए गए हैं. यानी आप इससे कॉन्टैक्टलेस पेमेंट नहीं कर पाएंगे और रनिंग के दौरान फोन के बिना लोकेशन ट्रैकिंग भी सीमित रहेगी. बैटरी और चार्जिंग ने किया प्रभावित Fitbit Air की बैटरी और चार्जिंग स्पीड को इसकी बड़ी ताकत माना जा रहा है. कंपनी के मुताबिक यह डिवाइस तेजी से चार्ज हो जाता है और लंबे समय तक इस्तेमाल किया जा सकता है. स्क्रीन नहीं होने का फायदा इसकी बैटरी लाइफ पर भी देखने को मिलता है. यही कारण है कि यह उन यूजर्स के लिए बेहतर विकल्प बन सकता है, जो बार-बार चार्जिंग से परेशान रहते हैं. कम कीमत में प्रीमियम एक्सपीरियंस? Google ने Fitbit Air को बजट सेगमेंट में उतारा है, लेकिन फीचर्स प्रीमियम कैटेगरी वाले देने की कोशिश की गई है. शुरुआती कीमत करीब 100 डॉलर के आसपास रखी गई है, जो Whoop जैसे डिवाइसेज की तुलना में काफी कम है. हालांकि, कुछ एडवांस फीचर्स के लिए सब्सक्रिप्शन लेना पड़ सकता है. इसके बावजूद AI हेल्थ कोच और डीप हेल्थ ट्रैकिंग इसे मार्केट में अलग पहचान दिला सकते हैं.

शादी में कितने फेरे? 7 नहीं, असल वैदिक परंपरा में 4 फेरे और सप्तपदी के 7 कदम

 जरा ये बताइए कि शादी में कितने फेरे होते हैं? 7 आपको भी यही लगता होगा यानी 7 जन्मों का बंधन, 7 फेरे. लेकिन सच थोड़ा अलग है. गलती आपकी नहीं है, गलती हमारी समझ की है. हमने वेदों की जगह बॉलीवुड से हिंदू विवाह के बारे में सीखा है. फिल्मों में धुआं, स्लो मोशन कैमरा, शहनाई और भारी आवाज फिर, 'अब ये 7 फेरे लेकर 7 जन्मों के बंधन में बंध गए'. यहीं से हमारे दिमाग में 7 का नंबर बैठ गया है. लेकिन हमारा धर्म ऐसा नहीं है कि बिना वजह कोई परंपरा बनाई जाए. हर रस्म के पीछे एक ठोस कारण होता है. असल वैदिक विवाह में 7 फेरे नहीं होते हैं, बल्कि केवल 4 फेरे होते हैं. जी हां, अग्नि के चारों ओर सिर्फ 4 चक्कर. पंडितों के मुताबिक, वैदिक रीति से 4 फेरे करवाने चाहिए. लेकिन, लोग कहने लगते हैं कि बाकी 3 फेरे कौन करवाएगा? लोगों को लगता है 7 फेरे ही सही हैं, क्योंकि उन्होंने फिल्मों में वही देखा है. लोगों के लिए आज शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि पूरे जीवन का मैनेजमेंट प्लान है. असल में वेदों के अनुसार, ये 4 फेरे जीवन की 4 मुख्य जिम्मेदारियों का प्रतीक हैं. फेरों का जिक्र हमें यजुर्वेद में पूरी तरीके से मिलता है, जहां यह भी बताया गया है कि 7 नहीं 4 फेरे ही होने चाहिए. कई विद्वान और धर्मग्रंथ बताते हैं कि ये 4 फेरे जीवन के चार पुरुषार्थों का प्रतीक हैं- धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष. यही चार चीजें मिलकर इंसान के पूरे जीवन का आधार बनाती हैं. पहला फेरा (धर्म)- पति और पत्नी एक-दूसरे के प्रति ईमानदार रहें, कर्तव्यों का पालन करें. सही रास्ते पर चलें. दूसरा फेरा (अर्थ)- दोनों मिलकर घर चलाएं, आर्थिक जिम्मेदारी निभाएं. परिवार को स्थिरता दें. तीसरा फेरा (काम)- जीवन में प्रेम, भावनाएं, सुख और रिश्तों की गर्माहट बनी रहे. चौथा फेरा (मोक्ष)- जीवन का अंतिम लक्ष्य मानसिक शांति, संतुलन और आध्यात्मिक उन्नति हो. यानी शादी सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि एक संतुलित जीवन जीने की पूरी योजना है. जहां जिम्मेदारी, प्रेम और आध्यात्मिकता तीनों शामिल हैं. 7 फेरे नहीं, 7 कदम (सप्तपदी) का असली मतलब अब सवाल आता है कि 7 का नंबर आया कहां से? असल में कंफ्यूजन फेरों में नहीं, बल्कि सप्तपदी को समझने में हुआ है. सप्तपदी का मतलब है कि साथ में 7 कदम चलना, न कि 7 बार अग्नि के चारों ओर घूमना. वैदिक विवाह में 4 फेरों के बाद दूल्हा-दुल्हन एक दिशा में 7 कदम चलते हैं और हर कदम पर एक वचन लेते हैं. इन 7 कदमों का मतलब क्या है? पहला कदम हम दोनों मिलकर भोजन और जीवन-यापन की जिम्मेदारी उठाएंगे. दूसरा कदम एक-दूसरे के स्वास्थ्य और ताकत का ध्यान रखेंगे. तीसरा कदम धन और समृद्धि के लिए साथ मिलकर प्रयास करेंगे. चौथा कदम जीवन में खुशियां, प्रेम और संतुलन बनाए रखेंगे. पांचवां कदम परिवार, बच्चों और समाज के प्रति जिम्मेदार रहेंगे. छठा कदम हर परिस्थिति में एक-दूसरे का सम्मान करेंगे और साथ देंगे. सातवां कदम सबसे अहम, हम जीवनभर अच्छे दोस्त बनकर रहेंगे. वेदों में कहा गया है कि 'सखा सप्तपदा भव'  यानी इन 7 कदमों के बाद हम सिर्फ पति-पत्नी नहीं, बल्कि सखा (दोस्त) बन जाते हैं. यहीं पर वेदों की सोच सबसे आधुनिक लगती है कि उन्होंने रिश्ते की नींव दोस्ती पर रखी, न कि सिर्फ सामाजिक बंधन पर. वचन का महत्व आज की सबसे बड़ी समस्या ये नहीं है कि 4 फेरे हैं या 7. असली समस्या ये है कि हमें गिनती याद है, लेकिन वचन याद नहीं. आप किसी शादीशुदा व्यक्ति से पूछिए कि कौन-कौन से वचन लिए थे? शायद ही किसी को याद हो. लेकिन यही वचन असल में शादी की आत्मा हैं. आज शादी एक इवेंट बन गई है कि कैमरा, डेकोरेशन, एंट्री, और परफेक्ट फोटो. कई बार तो रस्में भी फोटो के लिए रुक जाती हैं. लेकिन वेदों के अनुसार शादी कोई फिल्म नहीं, बल्कि एक जीवनभर निभाया जाने वाला अनुबंध है. इसलिए अगली बार जब कोई पूछे कि, '7 फेरे हुए?' तो मुस्कुराकर और कहिए कि, 'फेरे 4 होते हैं, कदम 7 होते हैं और असली मायने वचनों के होते हैं.' जिस दिन हम चक्कर गिनना छोड़कर उन वचनों को जीना शुरू कर देंगे, उसी दिन से शादी सच में सफल होने लगेगी.

हर 4वीं गेंद पर छक्का! IPL 2026 में वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक विस्फोट

वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में 65 छक्के पूरे कर लिए हैं- किसी भी टी20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा. उन्होंने 2012 में क्रिस गेल के 59 छक्कों का रिकॉर्ड तोड़ दिया. लेकिन असली तबाही यहां छिपी है- गेल ने अपने 59 छक्कों तक पहुंचने के लिए 456 गेंदें खेली थीं. वैभव ने 65 छक्कों के लिए सिर्फ 280 गेंदें लीं. यानी हर चौथी गेंद पर छक्का! यह आंकड़ा नहीं, गेंदबाजों के लिए डरावना सपना है. 16 गेंदों में फिफ्टी… प्लेऑफ इतिहास की बराबरी SRH के खिलाफ वैभव ने सिर्फ 16 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया. यह IPL प्लेऑफ/नॉकआउट इतिहास की संयुक्त सबसे तेज फिफ्टी है. इससे पहले 2014 के क्वालिफायर-2 में सुरेश रैना ने किंग्स XI पंजाब के खिलाफ 16 गेंदों में पचासा ठोका था. अब उस सूची में वैभव सूर्यवंशी का नाम भी दर्ज हो चुका है. 242.85 की स्ट्राइक रेट… जो टी20 इतिहास में कभी नहीं हुई वैभव ने इस सीजन 15 पारियों में 680 रन बनाए हैं. स्ट्राइक रेट? 242.85! टी20 इतिहास में पहली बार किसी बल्लेबाज ने 600+ रन बनाकर 200 से ऊपर की स्ट्राइक रेट रखी है. इससे पहले सबसे बेहतर रिकॉर्ड रिली रूसो का था, जिन्होंने 2022 T20 Blast में 623 रन 192.28 की स्ट्राइक रेट से बनाए थे. वैभव ने उस सीमा को भी बौना बना दिया. 12 छक्के… और IPL प्लेऑफ का नया विस्फोट एलिमिनेटर में वैभव ने सिर्फ 29 गेंदों में 12 छक्के जड़ दिए. यह किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा IPL पारी में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा छक्के हैं. दिलचस्प बात? उन्होंने अपने ही रिकॉर्ड की बराबरी की, जो इसी सीजन जयपुर में SRH के खिलाफ बनाया था. और सिर्फ भारतीयों में ही नहीं- IPL प्लेऑफ या नॉकआउट मैच में 12 छक्के अब तक किसी ने नहीं लगाए थे. इससे पहले शुभमन गिल ने 2023 क्वालिफायर-2 में मुंबई इंडियंस के खिलाफ 10 छक्के जड़े थे. पहली 24 गेंदों में 10 छक्के… IPL ने ऐसा पहले नहीं देखा वैभव के पहले 10 छक्के सिर्फ 24 गेंदों में आए. IPL इतिहास में किसी बल्लेबाज ने इतनी तेजी से 10 छक्के नहीं लगाए. क्रिस गेल ने 2013 में पुणे वॉरियर्स के खिलाफ अपनी 175* वाली पारी में पहले 10 छक्कों के लिए 27 गेंदें ली थीं. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया. पावरप्ले में 8 छक्के… नई परिभाषा SRH के खिलाफ वैभव के 12 में से 8 छक्के पावरप्ले में आए. IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा इतने छक्के कभी नहीं लगे थे. इससे पहले कई बल्लेबाज एक पारी में पावरप्ले में 7 छक्के लगा चुके थे, जिनमें खुद वैभव भी शामिल थे. लेकिन अब रिकॉर्ड सिर्फ उनके नाम है. 10+ छक्कों वाली 4 पारियां… गेल की बराबरी वैभव अब IPL में 10 या उससे ज्यादा छक्कों वाली 4 पारियां खेल चुके हैं. उन्होंने क्रिस गेल के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है. सबसे हैरान करने वाली बात- इनमें से 3 पारियां सिर्फ IPL 2026 में आई हैं. किसी एक सीजन में ऐसा पहले किसी बल्लेबाज ने नहीं किया. 334.48 की स्ट्राइक रेट… 90+ रन वाली सबसे खतरनाक पारी 29 गेंदों पर 97 रन. स्ट्राइक रेट- 334.48. IPL इतिहास में 90+ रन की किसी भी पारी में यह सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट है. इससे पहले रिकॉर्ड रजत पाटीदार के नाम था, जिन्होंने गुजरात टाइटन्स के खिलाफ 33 गेंदों में 93* बनाते हुए 281.81 की स्ट्राइक रेट हासिल की थी. वैभव ने उस रिकॉर्ड को भी चकनाचूर कर दिया. 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर… कोई आसपास नहीं वैभव IPL में तीन बार 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ रन बना चुके हैं. ऐसा IPL इतिहास में किसी और बल्लेबाज ने नहीं किया. पूरे टी20 क्रिकेट की बात करें तो यह चौथी बार है जब उन्होंने ऐसा कारनामा किया. उन्होंने कीरोन पोलार्ड की बराबरी कर ली है. पावरप्ले में फिफ्टी… वार्नर के पीछे सिर्फ एक कदम वैभव अब IPL में पांच बार पावरप्ले के अंदर ही अर्धशतक पूरा कर चुके हैं. उनसे आगे सिर्फ डेविड वॉर्नर हैं, जिन्होंने ऐसा छह बार किया. इनमें से चार फिफ्टी सिर्फ 2026 सीजन में आई हैं, जो ट्रैविस हेड के 2024 रिकॉर्ड की बराबरी है. 490 रन सिर्फ पहले 6 ओवर में! वैभव सूर्यवंशी ने IPL 2026 में पावरप्ले के दौरान 490 रन बना दिए हैं.  यह IPL इतिहास में पहले छह ओवरों में किसी बल्लेबाज द्वारा सबसे ज्यादा रन हैं. उन्होंने 2016 में डेविड वॉर्नर के 467 रनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया. यह सिर्फ सीजन नहीं… सत्ता परिवर्तन है क्रिस गेल, डेविड वॉर्नर, सुरेश रैना, कीरोन पोलार्ड, शुभमन गिल… एक-एक करके हर बड़े नाम के रिकॉर्ड पर अब वैभव सूर्यवंशी की मुहर लग रही है. और सबसे डराने वाली बात? यह खिलाड़ी अभी 15 साल का है. आईपीएल 2026 शायद सिर्फ एक सीजन नहीं, बल्कि उस युग की शुरुआत है, जहां रिकॉर्ड टूटने से पहले लोग सिर्फ यह पूछेंगे- 'क्या वैभव बल्लेबाजी कर रहे हैं?' वैभव ने जो बड़े रिकॉर्ड तोड़े- – एक T20 टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा छक्के – 65 (क्रिस गेल के 59 छक्के पीछे छोड़े) – IPL प्लेऑफ में सबसे ज्यादा छक्के -12 (शुभमन गिल के 10 छक्कों का रिकॉर्ड टूटा) – IPL में सबसे तेजी से 10 छक्के – 24 गेंद (गेल के 27 गेंद वाले रिकॉर्ड से आगे) – IPL पारी के पावरप्ले में सबसे ज्यादा छक्के – 8 – एक IPL सीजन के पावरप्ले में सबसे ज्यादा रन- 490 (डेविड वॉर्नर के 467 रन पीछे छोड़े) – 600+ रन और 200+ स्ट्राइक रेट वाला पहला बल्लेबाज (टी20 इतिहास में पहली बार) – 90+ रन वाली IPL पारी में सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट – 334.48 – एक सीजन में 10+ छक्कों वाली सबसे ज्यादा पारियां -3 – अनकैप्ड बल्लेबाज द्वारा IPL सीजन में सबसे ज्यादा रन – 680* – IPL सीजन में सबसे विस्फोटक बाउंड्री रेट – हर 4.3 गेंद पर छक्का- गेल के 7.7 से काफी आगे. जिन रिकॉर्ड्स की बराबरी की- – IPL प्लेऑफ की सबसे तेज फिफ्टी – 16 गेंद (सुरेश रैना के साथ) – IPL में 10+ छक्कों वाली 4 पारियां – क्रिस गेल की बराबरी – 300+ स्ट्राइक रेट के साथ 50+ स्कोर – कीरोन … Read more

मां को अस्पताल ले जा रहे थे, रास्ते में बनी मौत की गाड़ी: अजमेर हादसे से गांव में मातम

अजमेर राजस्थान के अजमेर जिले में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में पूर्व सरपंच सहित एक ही परिवार के 4 लोगों की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सुबह करीब 5:30 बजे हुआ, जब एक स्कॉर्पियो गाड़ी में अचानक आग लग गई। आग इतनी भीषण थी कि वाहन में सवार लोग बाहर नहीं निकल सके। पूर्व सरपंच, मां, पत्नी और भांजी की मौत पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अगरवाला ने बताया कि हादसे में पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी मां एवं पूर्व सरपंच पूसी देवी, पत्नी सुरज्ञान देवी और भांजी महिमा की मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में शोक की लहर फैल गई। सीने में दर्द होने पर मां को ले जा रहे थे अस्पताल जानकारी के मुताबिक पूसी देवी के सीने में दर्द की शिकायत होने पर परिवार उन्हें अस्पताल लेकर जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में स्कॉर्पियो में अचानक आग लग गई। शुरुआती आशंका शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की जताई जा रही है, हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। जिला परिषद सदस्य थीं सुरज्ञान देवी हादसे में जान गंवाने वाली सुरज्ञान देवी जिला परिषद सदस्य थीं। एक साथ परिवार के चार लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू कराया। पुलिस कर रही हादसे की जांच पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भिजवाया है। वाहन में आग लगने के कारणों का पता लगाने के लिए एफएसएल टीम की मदद ली जा रही है। शुरुआती जांच में मामला हादसा माना जा रहा है।