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किसानों को साधने की बड़ी कोशिश! भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लो ने खेला ‘MSP कार्ड’

चंडीगढ़. भारतीय जनता पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनावों से पहले बड़ा सियासी दांव खेलते हुए Kewal Singh Dhillon को पंजाब भाजपा का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पद संभालते ही केवल सिंह ढिल्लों ने दावा किया कि 2027 में पंजाब में भाजपा का कमल खिलेगा और राज्य में पार्टी की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि वह पंजाब में महाराजा रणजीत सिंह जैसा सुशासन और विकास वाला दौर वापस लाना चाहते हैं। नियुक्ति के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए ढिल्लों ने किसानों को लेकर भी बड़ा दावा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब के किसानों को केंद्र द्वारा सूचीबद्ध सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) सुनिश्चित करेगी। ढिल्लों ने कहा, “अगर Haryana में 21 फसलों पर MSP दी जा सकती है, तो पंजाब में क्यों नहीं?” उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों के हितों को प्राथमिकता देगी और खेती से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से काम करेगी। उन्होंने कहा, “पंजाब थका जरूर है, लेकिन टूटा नहीं है। हम पंजाब को फिर से विकास की राह पर लाएंगे और इसे देश का नंबर-1 राज्य बनाएंगे।” ढिल्लों ने विपक्ष पर भी निशाना साधा इस दौरान केवल सिंह ढिल्लों ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि उन्हें न तो चुटकुले सुनाने आते हैं और न ही शेरो-शायरी करनी आती है। वह ड्रामेबाजी में नहीं बल्कि मेहनत और जमीनी स्तर पर काम करने में विश्वास रखते हैं। उनका कहना था कि उनका एकमात्र उद्देश्य पंजाब का विकास और राज्य को दोबारा खुशहाल बनाना है। ढिल्लों ने कहा कि आज पंजाब नशे, बेरोजगारी और गैंगस्टरवाद जैसी गंभीर समस्याओं से जूझ रहा है। राज्य की आर्थिक स्थिति भी बेहद खराब है और कर्ज लगातार बढ़ता जा रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब को विकास के रास्ते पर वापस लाने के लिए केवल भाषणों या दिखावे से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीनी स्तर पर मेहनत करनी होगी।

खलनायक 2 में संजय दत्त की वापसी तय, लेकिन डायरेक्टर की तलाश अब भी जारी

बॉलीवुड स्टार संजय दत्त कितनी भी फिल्में कर डालें, मगर पक्के इंडियन सिनेमा फैंस के लिए वो हमेशा ओरिजिनल खलनायक (1993) ही रहेंगे. सुभाष घई की इस फिल्म का जनता पर ऐसा असर पड़ा कि लोग संजय को 'खलनायक' ही बुलाने लगे और आज भी बुलाते हैं. इसलिए अप्रैल के अंत में जब इसका सीक्वल खलनायक 2 अनाउंस हुआ तो फैंस में खुशी की लहर दौड़ गई. संजय दत्त तो खलनायक के रोल में लौट रहे हैं, मगर सबसे बड़ा सवाल ये है कि फिल्म को डायरेक्ट कौन करेगा? क्योंकि खलनायक 2 की अनाउंसमेंट बिना किसी डायरेक्टर के नाम के हुई थी. फिल्म अनाउंस होने के कुछ दिन बाद ही ओरिजिनल फिल्म के डायरेक्टर सुभाष घई ने साफ कर दिया था कि वो बतौर 'मेंटर' ही इस फिल्म के साथ जुड़ेंगे, लेकिन इसे डायरेक्ट नहीं करेंगे. अब सामने आया है कि 90 के दशक के एक और धमाकेदार मसाला एंटरटेनर डायरेक्टर राजकुमार संतोषी ने भी खलनायक 2 का निर्देशन करने से इनकार कर दिया है. राजकुमार संतोषी भी नहीं डायरेक्ट करना चाहते खलनायक 2 बॉलीवुड हंगामा की एक रिपोर्ट बताती है कि संजय दत्त को ये फिल्म राजकुमार संतोषी के हाथों में सौंपने की बड़ी इच्छा थी. एक सूत्र ने बताया, 'संजय को लगता है कि राज जी को कमर्शियल सिनेमा की बहुत शानदार समझ है, इसलिए वो इस कहानी के साथ पूरा न्याय कर सकते हैं. दिलचस्प बात यह है कि इन दोनों दिग्गजों ने कभी साथ काम भी नहीं किया है. संजय दत्त को लगा कि अगर फाइनली वो और राजकुमार साथ आ जाएं, वो भी इतने स्पेशल प्रोजेक्ट के लिए, तो स्क्रीन पर मजा आ जाएगा.' इसी उम्मीद के साथ संजय दत्त ने राजकुमार संतोषी के साथ मुलाकात की थी, लेकिन संतोषी ने पूरे सम्मानजनक तरीके से फिल्म डायरेक्ट करने से मना कर दिया. सूत्र ने आगे बताया, 'वो आजकल सनी देओल स्टारर अपनी फिल्म लाहौर 1947 को फाइनल टच देने में काफी व्यस्त हैं. इसके अलावा उन्होंने कुछ नई स्क्रिप्ट भी लिखी हैं, जो वो सनी देओल और आमिर खान को पिच करने वाले हैं. इसलिए उन्होंने संजय को साफ बता दिया कि उनके पास समय की काफी कमी है.' हालांकि, संतोषी ने संजय दत्त को इस फिल्म के लिए ढेर सारी शुभकामनाएं दी हैं और संजू बाबा को उनका यह जेस्चर बहुत पसंद आया. संजय दत्त को जेल में आया था खलनायक रिटर्न्स का आइडिया इससे पहले खलनायक के ओरिजिनल डायरेक्टर सुभाष घई ने यह कहते हुए फिल्म डायरेक्ट करने से इनकार कर दिया था कि वो अपनी ही फिल्म का सीक्वल नहीं बनाना चाहते. उनका मानना था कि 80 साल की उम्र में इस तरह की कड़क एक्शन-मसाला फिल्म संभालना उनके लिए थोड़ा मुश्किल होगा. मजेदार बात यह है कि खलनायक रिटर्न्स के लॉन्च इवेंट में संजय दत्त ने खुद खुलासा किया था कि उन्हें इस फिल्म का आइडिया जेल में आया था. जेल के दिनों को याद करते हुए उन्होंने बताया था कि जब वो वहां गाने बजाते थे, तो उनके साथी कैदी उनसे बार-बार खलनायक के गाने लगाने की फरमाइश करते थे. रिपोर्ट्स के अनुसार संजय ने बताया था, 'जब मैंने कैदियों से पूछा कि अगर खलनायक फिर से बनाएं तो कौन-कौन देखना चाहेगा? तो वहां मौजूद सारे 4000 कैदियों ने एकसाथ हाथ उठाकर कहा कि वो ये फिल्म जरूर देखना चाहेंगे. इसके बाद मैंने उन सबसे फिल्म के लिए एक-एक पेज का आइडिया भेजने को कहा. मुझे वो 4000 पन्ने पढ़ने में काफी समय लगा, लेकिन उनमें से एक आइडिया मुझे बेहद पसंद आया.' अब कहानी तो संजू बाबा के पास रेडी है, लेकिन देखना यह है कि ओरिजिनल 'खलनायक' की इस विरासत को आगे बढ़ाने की कमान बॉलीवुड का कौन सा डायरेक्टर थामता है.

चार TI समेत पांच SI और दो ASI का ट्रांसफर, जांजगीर SP का बड़ा प्रशासनिक फैसला

जांजगीर-चांपा. पुलिस महकमे की कार्यशैली में कसावट के लिहाज से जांजगीर-चाम्पा पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय ने कई अहम तबादले किए हैं. पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, चार निरीक्षकों के थानों बदलाव किया गया है. इसके साथ पांच उपनिरीक्षकों और दो सहायक उप निरीक्षक का तबादला किया गया है. इनमें शिवरीनारायण थाना प्रभारी राजीव श्रीवास्तव को बिर्रा थाना का प्रभार दिया गया है, वहीं बिर्रा थाना प्रभारी जय साहू को यातायात शाखा भेजा गया है.               इनका किया गया तबादला निरीक्षक राजीव श्रीवास्तव को थाना प्रभारी शिवरीनारायण से थाना प्रभारी बिर्रा। निरीक्षक जय कुमार साहू को थाना प्रभारी बिर्रा से यातायात शाखा। निरीक्षक कमलेश कुमार शेन्डे को रक्षित जांजगीर से थाना प्रभारी अजाक। निरीक्षक रंजीत सिंह कंवर थाना प्रभारी अजाक से चौकी प्रभारी नैला। उप निरीक्षक कृष्णपाल सिंह थाना प्रभारी बम्हनीडीह को थाना प्रभ्ज्ञारी शिवरीनारायण। उप निरीक्षक दिलीप कुमार सिंह चैकी प्रभारी पंतोरा से थाना प्रभारी बम्हनीडीह। उप निरीक्षक कृष्ण कुार साहू थाना पामगढ़ से चौकी प्रभारी पंतोरा। उप निरीक्षक विनोद कुमार जाटवर थाना अकलतरा को पुसके प्रभारी कोटमी सोनार, थाना अकलतरा। उप निरीक्षक कमलदास बनर्जी को थाना जांजगीर से थाना अकलतरा। सउनि कुष्ण कुमार कोशले रक्षित केंद्र जांजगीर से थाना पामगढ़। सउनि प्रतीभा राठौर को पुसके कोटमी सोनार, थाना अकलतरा से महिला थाना।

भारतीय आमों पर जापान का बैन, सिंगापुर में खरीदने की मची होड़; आते ही खाली हो रहे शेल्फ

नई दिल्ली भारत को दुनिया में आमों का राजा माना जाता है, और उत्पादन से लेकर निर्यात तक में भारत शीर्ष देशों में शामिल है। लेकिन हाल ही में भारतीय आमों को लेकर एक दिलचस्प वाकया सामने आया है। दरअसल, जापान के प्लांट क्वारंटाइन अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान फ्यूमिगेशन (कीटाणुशोधन) और सुरक्षा उपायों में कमियों का हवाला देते हुए भारत की प्रीमियम आम किस्मों के आयात पर रोक लगा दी थी। इस रोक में केसर, अल्फांसो, लंगड़ा और बंगनपल्ली जैसी टॉप क्लास किस्में शामिल थीं। जापान की इस रोक के बावजूद भारतीय आमों की वैश्विक साख पर कोई असर नहीं पड़ा। अब यही आम सिंगापुर के बाजारों में धड़ल्ले से बिक रहे हैं। सिंगापुर में भारतीय उच्चायोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर जानकारी दी कि वहां भारतीय आमों का जबरदस्त क्रेज देखा जा रहा है। भारत के अलग-अलग राज्यों से पहुंचे ये प्रीमियम आम सुपरमार्केट्स में आते ही फटाफट बिक हो रहे हैं। भारत है दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है। पीआईबी (PIB) के अनुसार, साल 2024-25 के दौरान देश में रिकॉर्ड 228.37 लाख मीट्रिक टन आम के उत्पादन का अनुमान लगाया गया था। भारत से अल्फांसो, तोतापुरी, केसर, नीलम और मल्लिका जैसी किस्में विदेशों में खूब निर्यात की जाती हैं। खासतौर पर खाड़ी देशों और अमेरिका-ब्रिटेन में भारतीय आमों की भारी डिमांड है। APEDA के आंकड़ों के मुताबिक, केवल साल 2024 में भारत ने अकेले यूएई (UAE) को 20 मिलियन डॉलर मूल्य के 12,897 मीट्रिक टन से अधिक आम निर्यात किए थे। इसके अलावा नेपाल, कतर और कुवैत में भी इसकी भारी मांग है। भारत में उत्तर प्रदेश, आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, गुजरात और मध्य प्रदेश मुख्य आम उत्पादक राज्य हैं, जिनके स्वाद का जादू आज पूरी दुनिया के सिर चढ़कर बोल रहा है।

‘गाय खाने वाले भी अब राष्ट्र माता की मांग कर रहे’, धीरेंद्र शास्त्री का बयान चर्चा में

खजुराहो पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने गौ माता को राष्ट्र माता घोषित करने की मांग को लेकर एक राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की है। यह अभियान आगामी 27 जुलाई को भारत के सभी जिलों में चलाया जाएगा, जिसमें ज्ञापन सौंपने और हस्ताक्षर अभियान शामिल होगा। पंडित धीरेंद्र शास्त्री वर्तमान में उत्तराखंड स्थित श्री बद्रीनाथ धाम की यात्रा पर हैं। 21 दिवसीय कठिन साधना पूरी करने के बाद उन्होंने बद्रीनाथ धाम में श्री सत्यनारायण भगवान की पांच दिवसीय कथा का शुभारंभ किया। कथा के पहले दिन व्यासपीठ से उन्होंने देशभर के सनातनियों, गौ सेवकों और संत समाज से इस अभियान में शामिल होने का आह्वान किया। पंडित शास्त्री बोले-गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य भारत सरकार तक यह संदेश पहुंचाना है कि गौ माता को राष्ट्र माता घोषित किया जाए। साथ ही, सड़कों पर भटक रही गौ माताओं को सम्मानपूर्वक गौशालाओं तक पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग भी की जाएगी। उन्होंने गौ सेवकों और सनातनियों से अपने-अपने जिलों में एकत्र होकर गौ संरक्षण के लिए आवाज उठाने का आग्रह किया। व्यासपीठ से संबोधित करते हुए बागेश्वर सरकार ने एक समाचार का उल्लेख किया, जिसमें मुस्लिम समाज के लोग भी गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के समर्थन में सामने आ रहे हैं। बाबा बोले-गाय को खाने वाले भी राष्ट्र माता बनाने की मांग कर रहे उन्होंने मौलाना मदनी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने भी भारत सरकार से यह मांग की है। इस दौरान पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा, “हम लोग गाय को रोटी खिलाते हैं, कुछ लोग रोटी के साथ गाय खाते हैं, लेकिन अब वे भी गौ माता को राष्ट्र माता बनाने के समर्थन में आगे आ रहे हैं। देश बदल रहा है।” उन्होंने संत समाज से भी आग्रह किया कि सभी संत महात्मा और सनातनी दिल्ली पहुंचकर गौ माता को राष्ट्र माता बनाने की मांग को मजबूती प्रदान करें। बद्रीनाथ धाम में चल रही श्री सत्यनारायण कथा के दौरान यह घोषणा श्रद्धालुओं के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है और देशभर के गौ भक्तों में इस अभियान को लेकर उत्साह देखा जा रहा है।

पराली धुआं और PM2.5 से बढ़ रहा हाइपरटेंशन, डॉक्टरों की चेतावनी

नई दिल्ली  हर साल सर्दियों में दिल्ली की हवा पराली के धुएं और प्रदूषण से जहरीली हो जाती है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि यह प्रदूषण सिर्फ फेफड़ों को ही नहीं, बल्कि दिल और ब्लड प्रेशर को भी गंभीर नुकसान पहुंचा रहा है। एम्स के डॉक्टरों ने कहा है कि पराली जलाने और बढ़ते एयर पल्यूशन का सीधा संबंध हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन से जुड़ा पाया गया है। एम्स और IIT दिल्ली की संयुक्त स्टडी का हवाला देते हुए डॉक्टरों ने बताया कि जिन इलाकों में पराली जलाने का असर ज्यादा था, वहां रहने वाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर का खतरा करीब 15 प्रतिशत अधिक पाया गया। वहीं PM2.5 प्रदूषण में हर 10 माइक्रोग्राम की बढ़ोतरी की स्थिति में हाइपरटेंशन का खतरा लगभग 5 प्रतिशत तक बढ़ता देखा गया।  एम्स के कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अंबुज कुमार ने बताया कि स्टडी में उत्तर भारत के चार राज्यों दिल्ली, पंजाब, यूपी और बिहार के आंकड़ों का विश्लेषण किया गया। इसके लिए 2015-16 के नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-4) के डेटा का इस्तेमाल किया गया। अध्ययन के मुताबिक, जिन लोगों ने पिछले 30 दिनों में 100 से ज्यादा फायर इवेंट वाले क्षेत्रों में रहकर धुएं का सामना किया, उनमें हाइपरटेंशन का खतरा सामान्य लोगों की तुलना में ज्यादा पाया गया। शोध में बताया गया कि हाई इंटेंसिटी बायोमास बर्निंग वाले इलाकों में रहने वालों में हाइपरटेंशन की संभावना लगभग 15% तक बढ़ जाती है। डॉक्टर अंबुज ने कहा कि स्टडी में यह भी सामने आया कि हवा की दिशा में आने वाले यानी डाउनविंड क्षेत्रों में रहने वाले लोगों पर इसका असर और ज्यादा गंभीर होता है। 'बायोमास बर्निंग को रोका जाए' डॉक्टर ने कहा कि खासकर बुजुर्गों में सिस्टोलिक और डायस्टोलिक ब्लड प्रेशर दोनों में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखी गई। शोधकर्ताओं ने अनुमान लगाया कि यदि बड़े स्तर पर बायोमास बर्निंग को रोका जाए तो उत्तर भारत में अगले पांच वर्षों में करीब 1.73 से 2.24 बिलियन अमेरिकी डॉलर (PPP आधार पर) की आर्थिक बचत भी संभव है। हाई BP से सालाना 16 लाख मौतें डॉक्टर अंबुज ने बताया कि भारत में हर साल करीब 16 लाख लोगों की मौत हाइपरटेंशन के कारण होती है। यह संख्या टीबी से होने वाली मौतों से पांच गुना ज्यादा है और टीबी, मलेरिया, डेंगू व एचआईवी जैसी कई संक्रामक बीमारियों से होने वाली कुल मौतों से भी अधिक है।  इसके बावजूद बड़ी चिंता यह है कि ज्यादातर लोगों को यह पता ही नहीं होता कि वे हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं। हाइपरटेंशन को 'साइलेंट लेकिन घातक बीमारी' कहा जाता है, क्योंकि 90 प्रतिशत मामलों में कोई स्पष्ट लक्षण नहीं दिखते। कई लोग यह मानते हैं कि सिरदर्द या गुस्सा नहीं आता तो ब्लड प्रेशर नहीं होगा, जबकि ऐसा जरूरी नहीं। यही वजह है कि बड़ी संख्या में लोग बिना जांच के बीमारी के साथ जी रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में हर चार में से एक और शहरी क्षेत्रों में हर तीन में से एक व्यक्ति हाइपरटेंशन का शिकार है।

1.25 लाख उपभोक्ताओं को फायदा: लखनऊ में बिजली कटौती और लो-वोल्टेज से मिलेगा छुटकारा

 लखनऊ यूपी की राजधानी लखनऊ के पारा क्षेत्र के लोगों को अगले महीने से बड़ी राहत मिलने जा रही है। इलाके में रहने वाले करीब 1.25 लाख उपभोक्ताओं को जल्द बिजली कटौती व लो-वोल्टेज से निजात मिलेगी। पिछले लंबे समय से बिजली संकट की मार झेल रहे निवासियों को अगले महीने समस्या से राहत मिल जाएगी। लेसा द्वारा निर्माणाधीन न्यू एफसीआई उपकेंद्र अगले माह तक यह पूरी तरह बनकर तैयार हो जाएगा। इससे पारा, प्रभातपुरम, मुनेश्वरपुरम, चौधरीटोला, चिलौली, रेवरी, सलेमपुर पतौरा, नरौरा, वादरखेड़ा, जनता विहार, बुद्धेश्वर विहार, पिंक सिटी, भटपामऊ सहित आसपास की करीब तीन दर्जन से अधिक कॉलोनियों की बिजली व्यवस्था सुधर जाएगी। आक्रोशित उपभोक्ता कई बार उपकेंद्र पर हंगामा और सड़क जाम तक कर चुके वर्तमान में पुराने एफसीआई उपकेंद्र की कुल क्षमता 25 एमवीए है, जिसमें 10-10 एमवीए के दो और 05 एमवीए का एक पावर ट्रांसफार्मर लगा है। इस उपकेंद्र पर लगभग 26 हजार उपभोक्ताओं का भार है। भीषण गर्मी के दौरान बिजली की मांग बढ़ते ही ट्रांसफार्मर ओवरलोड हो जाते हैं, जिससे आए दिन ट्रिपिंग और घंटों की कटौती होती है। इस समस्या के कारण क्षेत्र के आक्रोशित उपभोक्ता कई बार उपकेंद्र पर हंगामा और सड़क जाम तक कर चुके हैं। 5-5 एमवीए के दो नए पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे लेसा ने इसी समस्या के समाधान के लिए पुराने उपकेंद्र परिसर में ही नया केंद्र बनाने का निर्णय लिया। इसमें 5-5 एमवीए के दो नए पावर ट्रांसफार्मर स्थापित किए जा रहे हैं। इस विस्तार के बाद क्षेत्र के लगभग 1.25 लाख लोगों को निर्बाध बिजली मिल सकेगी। अधिकारी बोले अमौसी जोन में मुख्य अभियंता के राम कुमार ने बताया कि न्यू एफसीआई उपकेंद्र का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है और अगले महीने तक यह चालू हो जाएगा। इससे प्रभातपुरम और मुनेश्वरपुरम जैसे बड़े इलाकों को बेहतर वोल्टेज और निर्बाध सप्लाई मिलेगी। साथ ही पुराने उपकेंद्र का भार कम होने से तकनीकी खामियां भी कम होंगी। कहीं केबल में आग, कहीं ट्रांसफार्मर फुंके उधर, राजधानी में भीषण गर्मी और उमस के बीच बिजली विभाग की जर्जर व्यवस्था ने आम जनता को बेहाल कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या ने विकराल रूप ले लिया है। मंगलवार रात से बुधवार शाम तक शहर के विभिन्न हिस्सों में केबल फाल्ट, ट्रांसफार्मर खराबी और अंडरग्राउंड केबल में आग लगने की घटनाओं से हाहाकार मचा रहा। लोग पूरी रात सो नहीं सके और सड़कों पर टहलकर वक्त काटने को मजबूर हुए।

महंगाई की मार: रेलवे स्टेशन पर खाने-पीने की चीजें 1 जून से होंगी महंगी

नई दिल्ली ट्रेन से सफर करने वाले रेल यात्रियों के लिए एक बड़ा झटका है, जहां रेलवे स्टेशनों पर मिलने वाला खान-पान अब और महंगा होने जा रहा है। सेंट्रल रेलवे ने 1 जून 2026 से खान-पान की विभिन्न वस्तुओं की दरों में बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है। रेलवे प्रशासन के अनुसार, यह बढ़ोतरी तेल और गैस की कीमतों में लगातार हो रहे इजाफे के कारण की गई है। इन चीजों के बढ़े दाम नई दरों के मुताबिक, सबसे लोकप्रिय स्नैक वड़ा पाव की कीमत में लगभग 54% की भारी बढ़ोतरी हुई है। पहले 13 रुपये में मिलने वाला वड़ा पाव अब 20 रुपये में मिलेगा, जिसमें 50 ग्राम आलू वड़ा 15 रुपये और पाव 5 रुपये प्रति पीस तय किया गया है। इसके अलावा वेज समोसा, वेज पफ और साबूदाना वड़ा भी अब 20 रुपये प्रति पीस की दर से मिलेंगे। वहीं, पाव भाजी और वेज पिज्जा के शौकीनों को अब 50 रुपये प्रति पीस चुकाने होंगे। कौन-कौन सी चीजें कितने में मिलेगी, पूरी लिस्ट? क्रमांक खाद्य पदार्थ कीमत 1 आलू वड़ा 15 रुपये 2 रगड़ा/उसल प्लेट + 1 पाव 25 रुपये 3 वेज समोसा 20 रुपये 4 पाव 5 रुपये 5 वेज सैंडविच + सॉस 35 रुपये 6 वेज चीज सैंडविच + सॉस 45 रुपये 7 वेज पफ/पेटिस 20 रुपये 8 साबूदाना वड़ा 20 रुपये 9 ढोकला 25 रुपये 10 सभी प्रकार के लड्डू 20 रुपये 11 वेज फ्रेंकी 30 रुपये 12 वेज चीज फ्रेंकी 45 रुपये 13 सूखा भेल 25 रुपये 14 चटनी भेल 30 रुपये 15 पोहा नमकीन 20 रुपये 16 सादा डोसा + चटनी + सांभर 25 रुपये 17 मसाला डोसा + चटनी + सांभर 35 रुपये 18 प्याज डोसा/उत्तपम + चटनी/सांभर 30 रुपये 19 रवा डोसा/मसाला उत्तपम + चटनी + सांभर 35 रुपये 20 रवा इडली + चटनी + सांभर (2 नग) 35 रुपये 21 पाव भाजी (2 पाव) 50 रुपये 22 दही वड़ा (2 नग) 35 रुपये 23 वेज कटलेट (2 नग) + सॉस/चटनी 35 रुपये 24 छोले पूरी (5 पूरी + छोले) 40 रुपये 25 मेदु वड़ा + चटनी/सांभर (2 नग) 35 रुपये 26 इडली सांभर/चटनी (2 नग) 30 रुपये 27 चना दाल वड़ा + चटनी (2 नग) 35 रुपये 28 ब्रेड पकोड़ा 25 रुपये 29 प्याज के पकोड़े/मिली-जुली भजिया 25 रुपये 30 मूंग भजिया 30 रुपये 31 वेज Roll 30 रुपये 32 वेज पिज्जा 50 रुपये 33 टमाटर का सूप 20 रुपये गुणवत्ता सुधारने के दिए निर्देश मूल्य वृद्धि को मंजूरी देने के साथ ही रेलवे ने सभी लाइसेंसधारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि दरों में इस बढ़ोतरी का सीधा असर खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और सुधार के रूप में दिखना चाहिए। इसके अलावा, नए टैरिफ लागू होने के 6 महीने बाद बिक्री का मूल्यांकन किया जाएगा, जिसके आधार पर लाइसेंस शुल्क की समीक्षा होगी। राहत की बात यह है कि कचौड़ी, गुलाब जामुन, ताजे जूस, मिसल पाव और वेज नूडल्स समेत 16 लोकप्रिय खाद्य पदार्थों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही, जूस और सोडा उत्पादों के दाम भी पहले की तरह ही बने रहेंगे।

लंबी रेंज वाली EV की धूम, पटना में खरीदने वालों की लगी कतार

पटना. बढ़ते ईंधन संकट, पेट्रोल-डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से डीजल-पेट्रोल की बचत तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील का असर अब राजधानी पटना के बाजार में साफ दिखाई देने लगा है। शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) के प्रति लोगों की जागरूकता तेजी से बढ़ी है। स्थिति यह है कि अब हर दिन बाजार से औसतन 40 से 50 चारपहिया और 60 से 70 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन निकल रहे हैं। खासकर युवा, नौकरीपेशा लोग और महिलाएं इलेक्ट्रिक वाहनों में अधिक रुचि दिखा रहे हैं। स्थिति यह है कि मांग के अनुसार कंपनियों में 80-100 वाहनों की वेटिंग है। डीलरों का कहना है कि पेट्रोल की कीमतों में लगातार वृद्धि, कम मेंटेनेंस खर्च, पर्यावरण संरक्षण के प्रति बढ़ती जागरूकता और सरकारी प्रोत्साहन योजनाओं ने ईवी बाजार को नई रफ्तार दी है। कई कंपनियां आसान फाइनेंस, एक्सचेंज ऑफर और मुफ्त चार्जिंग जैसी सुविधाएं भी दे रही हैं, इससे ग्राहकों का आकर्षण और बढ़ गया है। पटना में तेजी से बढ़ी ईवी की मांग 80 से 100 वाहनों की प्रतीक्षा सूची चल रही है अभी विभिन्न कंपनियों के शोरूम में 40 से 50 चारपहिया वाहन की रोज हो रही बिक्री ईंधन की कीमत बढ़ने का प्रभाव बिहार की राजधानी में हर दिन बिक रहे 60 से 70 दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहन मांग के अनुरूप नहीं हो रही आपूर्ति, जल्द चार्ज होने वाले वाहन पहली पसंद 400 से 600 किलोमीटर रेंज वाली कारें बनी पसंद लीडर महिंद्रा के संदीप सरस ने बताया कि कंपनी की इलेक्ट्रिक कारों की कीमत 16 लाख से 32 लाख रुपये तक है। कुछ मॉडल एक बार चार्ज होने पर करीब 600 किलोमीटर तक चल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाई स्पीड चार्जर से वाहन 40 से 80 मिनट में पूरी तरह चार्ज हो जाते हैं। वर्तमान में प्रतिदिन 10 से 15 लोग गंभीरता से इनके बारे में जानकारी ले रहे हैं। जबकि दर्जनों बुकिंग लंबित हैं। मारूति सुजुकी की इलेक्ट्रिक कारों को लेकर भी ग्राहकों में उत्साह बढ़ा है। अलंकार मोटर्स के अशोक प्रियदर्शी ने बताया कि 61 किलोवाट बैट्री वाली कार लगभग 540 किलोमीटर तक का बैकअप दे रही है, जबकि 49 किलोवाट बैट्री वाली कार लगभग 450 किलोमीटर तक चल रही है। दोपहिया ईवी की बिक्री में आया जबरदस्त उछाल सिर्फ कार ही नहीं, इलेक्ट्रिक स्कूटर की बिक्री में भी तेज वृद्धि दर्ज की जा रही है। टीवीएस मोटर्स से जुड़े अमरजीत सिंह ने बताया कि पहले जहां प्रतिदिन मुश्किल से एक-दो इलेक्ट्रिक स्कूटर बिकते थे, वहीं अब हर दिन दर्जनों वाहन बिक रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि पर्याप्त स्टाक मिल जाए तो दो से तीन दिनों में सभी वाहन बिक जाते हैं। डीलरों का कहना है कि लोगों को अब यह समझ में आने लगा है कि इलेक्ट्रिक वाहन लंबे समय में किफायती साबित हो रहे हैं।

पूजा भट्ट ने बॉबी देओल संग पुराने रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बताया क्यों नहीं चला प्यार

पूजा भट्ट 90 के दशक की खूबसूरत और मंझी हुई एक्ट्रेसेस में शुमार हैं. बहुत कम होता है जब पूजा ने अपनी निजी जिंदगी को लेकर बात की हो. सालों बाद उन्होंने बॉबी देओल संग रिश्ते का सच बयां किया है. जानते हैं कि उनका और बॉबी का रिश्ता क्यों टूटा था. अधूरी रही मोहब्बत बॉबी देओल और तान्या देओल बॉलीवुड के शांत-शालीन कपल में से एक हैं. दोनों जब भी साथ आते हैं चाहने वालों का दिल खुश कर देते हैं. पर तान्या से पहले बॉबी का दिल पूजा भट्ट पर आया था. वो और पूजा लंबे समय तक रिलेशनशिप में भी रहे. पूजा भट्ट ने विक्की लालवानी संग बातचीत में इस अधूरी मोहब्बत का जिक्र किया है. पूजा भट्ट ने बॉबी को लेकर कहा कि उन्होंने उनके पिता की फिल्म आशिकी का लीड रोल ठुकरा दिया था. वो उस समय फिल्मी करियर के लिए ज्यादा उत्सुक नहीं थे. एक्ट्रेस कहती हैं कि हम दोनों में प्यार था. हमने कभी इससे इनकार नहीं किया. वो मेरे जीवन का एक जादुई समय था और उनके साथ होना एक जादुई अनुभव था. वो एक मैजिकल इंसान हैं. फिर हम अलग दिशाओं में बढ़ गए. जब पूजा भट्ट से पूछा गया कि उनका और बॉबी का रिश्ता क्यों टूटा, तो उन्होंने कहा कि बॉबी अब परिवार वाले हैं और करियर के एक नए दौर में हैं, तो सार्वजनिक रूप से पिछले रिश्ते के बारे में बात करने का मतलब नहीं बनता है. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि आज बैठकर बताना अच्छा लगेगा कि मेरा उनसे रिश्ता क्यों खत्म हुआ या क्या हुआ ही था. हमने कभी इसे नकारा नहीं. वो आज शादीशुदा आदमी हैं, बड़े बच्चे के पिता हैं और करियर में शानदार तरीके से आगे बढ़ रहे हैं. मुझे वो एनिमल में अच्छे लगे. मेरे हिसाब से उन्होंने ही फिल्म बनाई. मुझे उनके लिए बहुत खुशी है. पूजा ने कहा कि अतीत के बारे में कुछ भी बताकर अपने रिश्ते को छोटा नहीं करना चाहती हैं. वो कहती हैं कि किसी के साथ अच्छा समय बिताया वो काफी है. ये बताना जरूर नहीं है कि रिश्ता क्यों नहीं चला. वर्तमान के लिए गरिमा और शालीनता बनाए रखना बहुत जरूरी है. यही हम सबके लिए अच्छा भी है.