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ट्रैफिक नियम तोड़े तो सीधे कटेगा चालान, जालंधर के 9 चौराहे अब हाईटेक निगरानी में

चंडीगढ़. जालंधर वासियों के लिए बेहद जरूरी खबर सामने आई है। यहां अब ट्रैफिक नियमों का उल्लघर करने वालों की खैर नहीं। बता दें कि 1 जून से जालंधर में 9 और चौराहों पर ई-चालान शुरू हो जाएंगे। इसके बाद ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर सीधा चालान कट जाएगा जिसका फोन पर मैसेज आ जाएगा। जिन 9 चौराहों पर अब ये कार्रवाई होगी उनमें मॉडल टाउन चौक, फुटबाल चौक, श्री गुरु रविदास चौक, भगवान वाल्मीकि चौक, चुनमुन चौक, डॉ. बी.आर. अम्बेडकर चौक, गुरु अमरदास चौक, वर्कशॉप चौक और कपूरथला चौक शामिल है।  गौरतलब है कि इससे पहले शहर के 4 मुख्य चौराहों जिनमें बी.एस.एफ. चौक, गुरु नानक मिशन चौक, पी.ए.पी चौक और बी.एस.सी. चौक शामिल है। वहीं पुलिस द्वारा लोगों से अपील की गई है कि वह ट्रैफिक नियमों का सख्ती से पालन करें।

ध्वजारोहण कार्यक्रम में अनुपस्थित शिक्षक पर गिरी गाज, तत्काल प्रभाव से सस्पेंड

लोरमी/मुंगेली. स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्वों पर भी स्कूल से गायब रहना शिक्षक को भारी पड़ गया. कलेक्टर जनदर्शन में मिली ग्रामीणों से शिकायत की जांच में आरोपों की पुष्टि होने पर संयुक्त संचालक ने संबंधित शिक्षक को निलंबित कर दिया है. दरअसल, लोरमी विकासखंड के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय, झझपुरी कला में पदस्थ शिक्षक हरेराम साहू के खिलाफ लगातार शिकायतें मिल रही थीं. कलेक्टर जनदर्शन में ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए तीन सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया था. जांच दल के प्रतिवेदन में पुष्टि हुई है कि शिक्षक हरेराम साहू न केवल स्कूल समय में अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहते थे, बल्कि वे स्थानीय पंचायत के कार्यों में भी बेवजह दखलअंदाजी करते थे. यही नहीं वे राष्ट्रीय पर्वों पर भी शाला से नदारद रहते थे. इस पर मुंगेली जिला शिक्षा अधिकारी के प्रस्ताव पर संयुक्त संचालक, शिक्षा संभाग बिलासपुर ने निलंबन की कार्रवाई की है. निलंबन की इस अवधि में शिक्षक का मुख्यालय लोरमी विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नियत किया गया है. इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी. इस सख्त कार्रवाई के बाद से इलाके के लापरवाह कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है.

Gold Price Today: सोना हुआ सस्ता, 2 महीने के लो लेवल पर पहुंचा भाव, चांदी में भी भारी गिरावट

मुंबई  इंटरनेशनल मार्केट में गुरुवार को सोने की कीमतों में 1.1% की गिरावट दर्ज की गई और स्पॉट गोल्ड 4,406.81 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। यह दो महीने का सबसे निचला स्तर है। स्पॉट सिल्वर भी 1.7% टूटकर 73.34 डॉलर प्रति औंस पर आ गई। इसकी वजह अमेरिका द्वारा ईरान पर किए गए नए हमले हैं, जिससे क्रूड ऑयल के दाम बढ़ गए हैं। तेल की बढ़ती कीमतों ने महंगाई बढ़ने की आशंका पैदा कर दी है, जिससे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर अनिश्चितता और गहरा गई है। अमेरिकी हमलों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव एक अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान में एक सैन्य ठिकाने पर नए हमले किए हैं, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अमेरिकी सेना और व्यापारिक जहाजों के लिए खतरा बताया गया था। यह घटना तब हुई जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी रिपोर्ट को खारिज कर दिया, जिसमें दावा किया गया था कि इस रणनीतिक जलमार्ग पर यातायात बहाल करने के लिए समझौता हो गया है। सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट की एक वजह डॉलर भी है। डॉलर इंडेक्स में मजबूती आई है, जिससे डॉलर में मूल्यवान सोना अन्य मुद्राओं वाले खरीदारों के लिए महंगा हो गया है। अन्य कीमती धातुओं की बात करें तो प्लैटिनम: 0.5% गिरकर 1,909.15 डॉलर और पैलेडियम 0.7% कमजोर होकर 1,381.64 डॉलर पर आ गया। फेड अधिकारियों के बयान से बढ़ी बेचैनी फेडरल रिजर्व गवर्नर लिसा कुक ने कहा कि केंद्रीय बैंक को फिलहाल कम अवधि के ब्याज दरों में बदलाव नहीं करना चाहिए। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी कि टैरिफ, ईरान संघर्ष और एआई से जुड़े निवेश से दबाव बढ़ रहा है, और जरूरत पड़ने पर दरों में बढ़ोतरी संभव है। वहीं, फेड के फिलिप जेफर्सन ने कहा कि महंगाई के जोखिमों को देखते हुए मौजूदा मौद्रिक नीति उपयुक्त है। बाजार अब आज देर शाम जारी होने वाले अमेरिकी पर्सनल कंजम्पशन एक्सपेंडिचर (PCE) डेटा का इंतजार कर रहा है, जो Fed की आगे की नीति दिशा का संकेत देगा। गोल्ड की रेंज और अहम सपोर्ट कमोडिटी एक्सपर्ट और एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर के अनुसार, कॉमेक्स गोल्ड फिलहाल 4,500–4,540 डॉलर के दायरे में सिमट रहा है। उन्होंने बताया गोल्ड के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 4,560–4,600 डॉलर है। इसके ऊपर सस्टेन होने पर तेजी आ सकती है और कीमतें 4,660–4,700 डॉलर तक जा सकती हैं। दूसरी ओर गोल्ड पर तत्काल सपोर्ट 4,500–4,460 डॉलर प्रति औंस है और इस स्तर के नीचे जाने पर गिरावट बढ़कर 4,400–4,350 डॉलर तक आ सकती है। 

एबी डिविलियर्स, युवराज और गेल जैसे स्टार्स की वापसी से बढ़ेगा रोमांच

 नई दिल्ली  इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके खिलाड़ियों को अब उनके फैंस एक बार फिर से एक्शन में देख पाएंगे। दरअसल, वर्ल्ड चैंपियनशिप ऑफ लेजेंड्स (WCL) ने अपने तीसरे सीजन की घोषणा कर दी है। अक्टूबर 2026 में होने वाले इस सीजन में संन्यास ले चुके दिग्गज खिलाड़ी और कुछ नए चेहरे मैदान पर धमाल मचाने वाले हैं। पहले दो सीजन में लीग ने क्रिकेट जगत में धमाकेदार एंट्री की। अब यह लीग IPL के बाद दुनिया की दूसरी सबसे ज्यादा देखी जाने वाली क्रिकेट लीग बन चुकी है। सीजन 2 के आंकड़े देखकर हैरानी होती है। इसके 42 करोड़ 30 लाख पूरी दुनिया में दर्शक हैं। इसके अलावा 120 करोड़ इसका डिजिटल इंप्रेशन है। कई दिग्गज खिलाड़ी करेंगे वापसी इस बार फिर मैदान पर पुरानी यादें ताजा होंगी। एबी डी विलियर्स बल्ले से जादू दिखाएंगे, युवराज सिंह अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी से विपक्षी गेंदबाजों को परेशान करेंगे। हरभजन सिंह की स्पिन का जादू भी फैंस को देखने को मिलेगा। इनके अलावा डीजे ब्रावो, मोईन अली और क्रिस गेल जैसे स्टार भी वापसी करेंगे। खबरें तो यह भी कह रही हैं कि कुछ नए बड़े नाम भी इस सीजन में जुड़ सकते हैं, जिनकी वजह से रोमांच और बढ़ जाएगा। फॉर्मेट में नहीं होगा बदलाव WCL का फॉर्मेट पहले की तरह ही रहेगा। इसमें इंडिया चैंपियंस, पाकिस्तान चैंपियंस, इंग्लैंड चैंपियंस, ऑस्ट्रेलिया चैंपियंस, साउथ अफ्रीका चैंपियंस, वेस्टइंडीज चैंपियंस और बांग्लादेश चैंपियंस की टीमें हिस्सा लेंगी। ये टीमें उन खिलाड़ियों से भरी होंगी जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अपनी पहचान दी है। भारत-पाकिस्तान, भारत-ऑस्ट्रेलिया जैसी पुरानी राइवलरी फिर से मैदान पर देखने को मिलेगी। WCL के फाउंडर का बड़ा बयान WCL के फाउंडर और सीईओ हर्षित तोमर ने कहा, "जब हमने WCL शुरू किया था तो हमारा सपना था कि फैंस को क्रिकेट से ज्यादा कुछ दे सकें। दो सीजन में यह लीग दुनिया की दूसरी सबसे पॉपुलर क्रिकेट लीग बन गई है। सीजन 3 को हम और भी बड़े स्तर पर ले जाएंगे।"  

सोनम रघुवंशी की बढ़ सकती हैं मुश्किलें, मेघालय सरकार ने हाई कोर्ट में जमानत रद्द करने की लगाई गुहार

इंदौर देश को झकझोर कर रख देने वाले मेघालय के चर्चित ‘हनीमून मर्डर केस’ में एक बार फिर बड़ा कानूनी मोड़ आ गया है. मेघालय राज्य सरकार ने शिलॉन्ग की एक निचली अदालत द्वारा इस खौफनाक हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को दी गई जमानत के खिलाफ मेघालय हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. राज्य सरकार ने हाई कोर्ट में याचिका दायर कर शिलॉन्ग कोर्ट के उस आदेश को रद्द करने की मांग की है, जिसके तहत अप्रैल 2026 में सोनम को बेल दी गई थी. पुलिस और अभियोजन पक्ष का तर्क है कि मामला बेहद संगीन और सुनियोजित हत्या का है, इसलिए मुख्य आरोपी का जेल से बाहर आना जांच और गवाहों को प्रभावित कर सकता है। यह पूरा मामला मई 2025 का है, जब मध्य प्रदेश के इंदौर के रहने वाले एक ट्रांसपोर्ट व्यवसायी राजा रघुवंशी (29 साल) की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी (25 साल) से हुई थी. शादी के कुछ ही दिनों बाद 20 मई को यह नवविवाहित जोड़ा हनीमून मनाने के लिए मेघालय की खूबसूरत वादियों में पहुंचा था. लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह रोमांटिक ट्रिप एक खौफनाक मर्डर सीन में तब्दील होने वाला है. 23 मई 2025 को चेरापूंजी (सोहरा) के नोंगिर्यत गांव में एक होमस्टे से चेकआउट करने के बाद यह जोड़ा अचानक लापता हो गया था. शुरुआत में इसे एक सामान्य लापता होने या दुर्घटना का मामला माना जा रहा था, लेकिन जब 2 जून 2025 को एनडीआरएफ के ड्रोन ने सोहरा के वेई सावदोंग झरने के पास एक गहरी खाई में राजा रघुवंशी का सड़ा-गला शव बरामद किया, तो इस पूरे रहस्य से पर्दा उठा। मेघालय पुलिस की स्पेशल इंवेस्टिगेशन टीम (SIT) की जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने हर किसी के रोंगटे खड़े कर दिए. पुलिस के अनुसार, यह कोई हादसा नहीं, बल्कि सोनम रघुवंशी द्वारा रची गई एक सोची-समझी और बर्बर हत्या थी. सोनम का इंदौर में ही राज कुशवाहा नाम के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था और उसने शादी के महज तीन दिन बाद ही अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली थी. इस साजिश के तहत राज कुशवाहा ने अपने तीन दोस्तों को 50,000 रुपये देकर कॉन्ट्रैक्ट किलर के रूप में मेघालय भेजा था. जब राजा और सोनम ट्रैकिंग कर रहे थे, तभी इन भाड़े के हत्यारों ने राजा पर धारदार हथियार से हमला किया और उन्हें गहरी खाई में धक्का दे दिया, जबकि सोनम चुपचाप खड़ी यह सब देखती रही। हत्या को अंजाम देने के बाद सोनम खुद को पीड़ित दिखाने के लिए गायब हो गई और अलग-अलग राज्यों में छिपती रही, जबकि बाद में उसे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर के एक ढाबे से गिरफ्तार किया गया था. पुलिस ने इस मामले में सोनम, उसके प्रेमी राज कुशवाहा और तीनों कॉन्ट्रैक्ट किलर्स को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. इस सनसनीखेज मामले में अप्रैल में शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम को जमानत दे दी थी, जिसका अब मेघालय सरकार पुरजोर विरोध कर रही है. हाई कोर्ट में दायर अपनी याचिका में सरकार ने दलील दी है कि निचली अदालत ने अपराध की क्रूरता और साजिश की गंभीरता को नजरअंदाज करते हुए जमानत दी है, जिसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

सुप्रीम कोर्ट की मध्य प्रदेश सरकार को फटकार, चंबल घड़ियाल सेंचुरी में जारी अवैध खनन पर सवाल

ग्वालियर  देश की सर्वोच्च अदालत सुप्रीम कोर्ट ने चंबल घड़ियाल सेंचुरी में चल रहे बड़े पैमाने पर रेत के अवैध खनन और परिवहन मामले पर सुनवाई में मध्य प्रदेश सरकार पर नाराजगी जाहिर करते हुए फटकार लगायी है. अवैध रेत खनन को लेकर लगायी गई याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट कहा की, राज्य सरकारों ने भले ही रेत खनन को रोकने के लिए प्रशासनिक सख्ती की हो, लेकिन अब भी रेत खनन की गतिविधियां बंद नहीं हुई हैं। रेत खनन से नुकसान पर चिंतित सर्वोच्च न्यायालय सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने सुप्रीम कोर्ट की स्वतः संज्ञान के तहत दायर सुओ मोटो रिट पिटीशन पर सुनवाई करते हुए कहा है कि, "नेशनल चंबल घड़ियाल सेंचुरी जैसे संवेदनशील क्षेत्र में अवैध खनन पर्यावरणीय अपराध ही नहीं, बल्कि जैव विविधता, दुर्लभ जलीय जीवों और महत्वपूर्ण सार्वजनिक ढांचे के लिए भी गंभीर खतरा है. ये सिर्फ जलीय जीवों तक नहीं बल्कि नेशनल हाईवे 44 पर स्थित चंबल पुल के लिए भी खतरा है. क्योंकि कोर्ट का मानना है की, नदी में लगातार रेत का खनन होने से नदी पर बने पुल की नीव और आसपास की स्टेब्लिटी पर भी इसका असर पड़ता है। सरकार के हलफनामे पर खड़े हुए सवाल चंबल घड़ियाल सेंचुरी में हो रहे अनियंत्रित अवैध रेत खनन को लेकर मध्य प्रदेश सरकार पर भी सर्वोच्च अदालत ने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए पूछा कि, इन रिपोर्ट्स में कहा गया है कि, सुप्रीम कोर्ट के पहले सख्त आदेशों के बावजूद चंबल क्षेत्र में रेत का अवैध खनन जारी है. क्या सरकार ने इन पर ध्यान दिया? कोर्ट ने टिप्पणी की, अदालत की सख्ती के बाद रेत माफिया ने रास्ते जरूर बदल लिए हैं लेकिन रेत खनन और परिवहन की गतिविधियां अभी भी जारी हैं. हालांकि कोर्ट ने सख्त लहजे में मध्य प्रदेश सरकार से कहा कि, अगर मीडिया रिपोर्ट्स सही पायी जाती है तो इसका मतलब है राज्य सरकार द्वारा गलत हलफनामा दिया गया है. ऐसे में कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार तो एक ताजा हलफनामा दाखिल कर रिपोर्ट पर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। मध्य प्रदेश सरकार की कार्रवाइयों को बताया अपर्याप्त सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा चंबल क्षेत्र में हो रहे रेत के अवैध खनन और परिवहन पर की जा रही कार्रवाइयों को अपर्याप्त बताते हुए कहा है कि, अवैध परिवहन करने वाले बिना नंबर प्लेट या बिना रजिस्ट्रेशन वाले वाहनों पर जुर्माना या चालान काटना पर्यप्त कार्रवाई नहीं है, इस तरह की स्थिति में इन वाहनों को जब्त किया जाना चाहिए और साथ ही इन वाहन के मालिकों और फाइनैंसरों पर मुकदमा दर्ज होना चाहिए. कोर्ट ने ऐसे मामलों में वाहनों की जब्ती के साथ प्रॉसिक्यूशन को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। SC के दखल के बाद चंबल में खनन पर लगाम! आपको बता दें की, राष्ट्रीय चंबल घड़ियाल सेंचुरी में बड़े स्तर पर हो रहे अवैध रेत खनन पर सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद मध्य प्रदेश की चंबल नदी से लगे मुरैना में इन दिनों लगातार अवैध खनन और परिवहन पर पुलिस वन और खनिज विभाग की कार्रवाइयां जारी हैं, यही वजह है कि पिछले लगभग डेढ़ महीने से मुरैना के चंबल नदी स्थित राजघाट पर जहां पहले खुलेआम रेत का अवैध खनन होता था अब लगभग पूरी तरह बंद है. साथ हीं प्रशासन अंदरूनी इलाकों में भी रेत माफिया पर लगातार कार्रवाइयां कर रहा है। अब तक 25 करोड़ का अवैध भंडारण नष्ट, आधा सैकड़ा से ज़्यादा वाहन जब्त मुरैना खनिज विभाग के मुताबिक "पिछले एक महीने में प्रशासन ने रेत माफिया द्वारा चंबल क्षेत्र में नदी से अवैध उत्खनन कर अलग अलग इलाकों खुले में डंप किया गए रेत के विनिष्टीकरण की अलग अलग कार्रवाइयां की हैं. जिनमें लगभग 1.25 लाख ट्रॉली रेत का विनिष्टीकरण किया गया जिसकी कुल कीमत लगभग 25 करोड़ रुपये है. इन कार्रवाइयों में टीम ने 55 से अधिक ट्रैक्टर ट्रॉली ट्रक, लोडर और हाइड्रा सहित अन्य वाहन जब्त किया है और उन पर मामले दर्ज किए हैं. इस दौरान पुलिस ने अवैध रेत भंडारण पर 12 मामले दर्ज किए हैं. इनके अलावा प्रशासन ने 60 से ज़्यादा वाहन स्टोन माफिया के भी जब्त किए हैं. साथ ही मुड़ाईं कलेक्टर द्वारा पेट्रोल पम्प संचालकों को भी निर्देशित किया है कि, बिना नंबरप्लेट के ट्रैक्टर ट्रॉली को ईंधन न दिया जाए।

योगी सरकार की सख्ती का असर, पूरे यूपी में शांति और नियमों के बीच मनी बकरीद

 चंदौली/संभल/आगरा/अयोध्या उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में मुस्लिम समुदाय के अकीदतमंदों ने ईदगाहों और मस्जिदों के भीतर बकरीद की नमाज शांतिपूर्ण ढंग से अदा की. राज्य सरकार की सख्त गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी ड्रोन कैमरों, सीसीटीवी और भारी बल के साथ मुस्तैद रहे. चंदौली, अयोध्या, हापुड़, संभल, औरैया, कौशांबी, गाजीपुर, फिरोजाबाद, सुल्तानपुर, सहारनपुर और आगरा में तैनात मजिस्ट्रेटों की निगरानी में खुले में कुर्बानी और सड़कों पर नमाज को पूरी तरह रोका गया. नमाजियों ने मुल्क में भाईचारे, तरक्की और खुशहाली की सामूहिक दुआएं मांगीं और सुरक्षा व्यवस्था के बीच एक-दूसरे को गले लगाकर त्योहार की मुबारकबाद दी। चंदौली में ड्रोन कैमरों से नजर और गाइडलाइन का पालन चंदौली में बकरीद का त्योहार बेहद हर्षोल्लास और शांति के साथ संपन्न हुआ. सुबह होते ही लोग ईदगाह और मस्जिदों की तरफ बढ़े और नमाज अदा की. जिले में तकरीबन 280 से अधिक चिन्हित स्थानों पर नमाज का आयोजन किया गया था. इमाम और नमाजियों ने बताया कि सरकार द्वारा जारी सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन किया गया. चंदौली के एसपी आकाश पटेल ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी ईदगाहों पर भारी फोर्स तैनात की गई थी और संवेदनशील इलाकों पर ड्रोन कैमरों से पैनी नजर रखी गई थी। रामनगरी अयोध्या में शांतिपूर्ण माहौल और आला अफसरों की मौजूदगी रामनगरी अयोध्या में भी बकरीद का पर्व पूरी तरह शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. शहर के सिविल लाइन स्थित मुख्य ईदगाह में बड़ी संख्या में पहुंचे नमाजियों ने अकीदत के साथ सजदा किया. शासन के सख्त निर्देशों के कारण नमाज केवल मस्जिदों और ईदगाह परिसर के भीतर ही संपन्न कराई गई. सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के लिए डीएम शशांक त्रिपाठी और एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर स्वयं सुबह से मौके पर डटे रहे. नगर निगम की तरफ से ईदगाह परिसर में विशेष साफ-सफाई और पेयजल की मुकम्मल व्यवस्था की गई थी। हापुड़ में अलर्ट मोड पर पुलिस और 57 मस्जिदों में नमाज हापुड़ जिले में बकरीद की नमाज को लेकर सुबह से ही पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया. शहर के मुख्य ईदगाह सहित करीब 57 मस्जिदों में अलग-अलग निर्धारित समय पर अकीदतमंदों ने नमाज अदा की और देश में खुशहाली की मन्नतें मांगीं. पूरे क्षेत्र को सुरक्षित रखने के लिए चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था. सुरक्षा चक्र को मजबूत बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी कविता मीणा और पुलिस अधीक्षक कुंवर ज्ञानंजय सिंह खुद अपनी टीम के साथ मौके पर मुस्तैद दिखाई दिए। फर्रुखाबाद में भाईचारे की मिसाल और अफसरों का गश्त फर्रुखाबाद में भी बकरीद का पावन त्योहार अमन, चैन और आपसी भाईचारे के संदेश के साथ संपन्न हो गया. जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों को मिलाकर कुल 229 स्थानों पर सुबह से ही नमाजियों की भारी भीड़ जुटने लगी थी. सभी ईदगाहों और मस्जिदों में नमाज अदा कर देश की तरक्की और समृद्धि के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं. जिले के आला प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी लगातार क्षेत्रों में भ्रमण करते रहे. अधिकारियों ने नमाजियों को त्योहार की बधाई दी और आपसी सौहार्द बनाए रखने की अपील की। संभल में इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम से निगरानी और जोनल व्यवस्था संभल जिले में बकरा ईद की नमाज को सकुशल संपन्न कराने के लिए कड़े प्रशासनिक प्रबंध देखने को मिले. पूरे जिले को 5 जोन और 16 सेक्टर में विभाजित किया गया था, जहां प्रत्येक सेक्टर में पुलिस के साथ मजिस्ट्रेट तैनात रहे. जिले के कुल 828 स्थलों पर नमाज शांतिपूर्ण ढंग से हुई और 14 निर्धारित स्थानों पर ही कुर्बानी की गई. तीन कंपनी पीएसी और आरआरएफ की तैनाती के साथ-साथ, ढाई सौ से अधिक सीसीटीवी कैमरों के जरिए इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से संवेदनशील मिश्रित आबादी वाले इलाकों की निगरानी की गई। संभल में सोशल मीडिया पर नजर और अधिकारियों की मुस्तैदी संभल के डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी केके बिश्नोई के अलावा एएसपी, सीओ और एसडीएम सुबह से ही क्षेत्र में गश्त पर रहे. प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया कि सड़कों पर नमाज न हो और खुले में कुर्बानी न दी जाए. इसके अलावा, शांति व्यवस्था को बनाए रखने के लिए पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग टीम इंटरनेट पर कुर्बानी के वीडियो या भड़काऊ पोस्ट डालने वालों पर पैनी नजर रख रही थी. खुफिया विभाग को भी पूरी तरह सक्रिय रखा गया ताकि किसी भी तरह के अफवाह को तुरंत रोका जा सके। औरैया में हजरत बाबा शाह जमाल शाह ईदगाह पर उमड़ी भीड़ औरैया जिले में ईद उल अजहा का पर्व पूरे श्रद्धा भाव और उल्लास के साथ मनाया गया. सुबह से ही शहर काजी अब्दुल समद मियां चिश्ती की इमामत में हजरत बाबा शाह जमाल शाह स्थित मुख्य ईदगाह में हजारों की तादाद में मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करने पहुंचे. नमाज मुकम्मल होने के बाद मुल्क में अमन और खुशहाली की दुआएं मांगी गईं और लोगों ने गले मिलकर मुबारकबाद दी. जिला और पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी के चलते ईदगाह और उसके आसपास के सभी इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे। कौशांबी में चार सुपर जोन और संवेनशील क्षेत्रों पर पहरा यूपी के कौशाम्बी जिले में भी बकरीद का त्योहार भाईचारे और सौहार्दपूर्ण वातावरण के बीच मनाया गया. जिले की 84 ईदगाहों और 282 मस्जिदों में अकीदतमंदों ने नमाज अदा की. जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पूरे जिले को 4 सुपर जोन और 39 सेक्टरों में बांट रखा था. इन सभी सेक्टरों में भारी संख्या में पुलिस बल, पीएसी और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी. संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में विशेष सतर्कता बरती गई, जिससे पूरा त्योहार शांतिपूर्ण ढंग से निपट गया। गाजीपुर में 550 स्थानों पर नमाज और बच्चों को मिली टॉफी गाज़ीपुर जनपद में जिलाधिकारी अनुपम शुक्ला और पुलिस अधीक्षक डॉ. ईरज राजा की मौजूदगी में बकरीद का त्योहार शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ. जिलाधिकारी के अनुसार, जनपद की लगभग 350 मस्जिदों और 150 ईदगाहों समेत कुल 550 स्थानों पर नमाज अदा की गई. शहर के विशेश्वरगंज स्थित मुख्य ईदगाह पर पहुंचे दोनों आला अधिकारियों ने नमाजियों को त्योहार की बधाई दी और नमाजी बच्चों के बीच टॉफियां बांटीं. शासन के निर्देशों के क्रम में जिले में … Read more

छह लेन फ्लाईओवर से ट्रैफिक राहत, रोजाना 1.43 लाख वाहन प्रभावित

चंडीगढ़ ट्रिब्यून चौक पर फ्लाईओवर निर्माण के लिए आगे कदम बढ़े हैं। केंद्र सरकार ने इस प्रोजेक्ट की दिशा में प्रक्रिया तेज कर दी है। सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने करीब 4.5 किलोमीटर लंबे फ्लाईओवर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के लिए सलाहकार एजेंसी नियुक्त कर दी है। अधिकारियों के अनुसार इस परियोजना पर लगभग 300 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। एजेंसी तीन महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपेगी। प्रस्तावित छह लेन फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रिब्यून चौक से जीरकपुर बॉर्डर तक पूरा मार्ग सिग्नल फ्री हो जाएगा, जिससे रोजाना हजारों वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है। दो हिस्सों में बनेगा फ्लाईओवर अधिकारियों के अनुसार सेक्टर-32 स्थित जीएमसीएच चौक से सीधे जीरकपुर बॉर्डर तक एकल फ्लाईओवर बनाना संभव नहीं था, क्योंकि पोल्ट्री फार्म चौक के पास रेलवे ओवरब्रिज पहले से मौजूद है। इसी कारण परियोजना को दो हिस्सों में बांटा गया है। योजना के तहत पहला फ्लाईओवर ट्रिब्यून चौक पर बनाया जाएगा, जबकि दूसरा फ्लाईओवर रेलवे ओवरब्रिज के पास से शुरू होकर जीरकपुर बॉर्डर पर बने फ्लाईओवर से जुड़ेगा। इससे पोल्ट्री फार्म चौक, हल्लोमाजरा लाइट प्वॉइंट और पुराने एयरपोर्ट लाइट प्वाॅइंट पर लगने वाले जाम में कमी आने की संभावना है। प्रतिदिन गुजरते हैं 1.43 लाख वाहन ट्रिब्यून चौक शहर के सबसे व्यस्त ट्रैफिक जंक्शनों में शामिल है। यहां से प्रतिदिन करीब 1.43 लाख वाहन गुजरते हैं, जिनमें 1.35 लाख से अधिक यात्री वाहन शामिल हैं। सुबह और शाम कार्यालय समय के दौरान इस मार्ग पर अक्सर लंबा जाम लग जाता है। प्रशासन का मानना है कि फ्लाईओवर बनने के बाद ट्रैफिक का दबाव कम होगा और लोगों का सफर तेज एवं सुरक्षित बनेगा। हाईकोर्ट ने पेड़ों की कटाई पर लगाई रोक इसी बीच पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना के लिए पेड़ों की कटाई पर रोक लगा दी है। अदालत में दायर याचिका में कहा गया कि फ्लाईओवर परियोजना शहर के मास्टर प्लान और हेरिटेज स्वरूप के खिलाफ है। वहीं यूटी प्रशासन ने अदालत में कहा कि मास्टर प्लान-2031 में फ्लाईओवर निर्माण की अनुमति है और पर्यावरणीय प्रभाव को कम करने के लिए 5:1 अनुपात में 2,799 पौधे लगाने की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। उल्लेखनीय है कि ट्रिब्यून चौक फ्लाईओवर परियोजना का ठेका हाल ही में सिंगला कंस्ट्रक्शन को 147.98 करोड़ रुपये में दिया गया है। 1.6 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट में रोटरी और अंडरपास भी शामिल होंगे। निर्माण कार्य मई 2026 से शुरू होकर दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।  

हेमंत सरकार की सौगातें: अबुआ दवाखाना योजना से लेकर जैविक खेती तक कई प्रस्तावों को मंजूरी

रांची झारखंड के कर्मचारियों को एक बड़ी सौगात देते हुए राज्य सरकार ने उनके महंगाई भत्ते में दो प्रतिशत की वृद्धि कर दी है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई झारखंड कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। इस बैठक में कुल 39 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। जिनमें 'अबुआ दवाखाना' योजना की शुरुआत, नशे के कारोबार पर रोक लगाने के लिए नई पुरस्कार नीति तथा दिव्यांग और वरिष्ठ कलाकारों को मासिक आर्थिक सहायता देने जैसे कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को सातवें वेतनमान का लाभ देते हुए डीए को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया। वहीं छठे वेतनमान में डीए को 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत और पांचवें वेतनमान में 474 प्रतिशत से बढ़ाकर 483 प्रतिशत कर दिया। इस फैसले से राज्य के हजारों कर्मचारी और पेंशनभोगी लाभान्वित होंगे। 'अबुआ दवाखाना' योजना को दी मंजूरी इसके अलावा राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से हेमंत सरकार ने 'अबुआ दवाखाना' योजना को भी मंजूरी दे दी। इस योजना के तहत अलग-अलग स्थानों पर नए दवाखाने खोले जाएंगे, जहां लोगों को एलोपैथी के साथ आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी और सिद्धा पद्धति से इलाज की सुविधा मिलेगी। इसके साथ ही आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की अवधि बढ़ाने का भी निर्णय लिया गया। नशीले पदार्थों की जानकारी देने पर मिलेगा इनाम कैबिनेट ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार पर रोक लगाने के लिए NDPS एक्ट के तहत नई पुरस्कार नीति लागू करने का भी फैसला किया। इसके तहत इस बारे में सूचना देने वालों को तीन हजार रुपए से लेकर दो लाख रुपए से अधिक तक का इनाम दिया जा सकेगा। बुजुर्ग व दिव्यांग कलाकारों को मासिक सहायता राशि बैठक में 60 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, गंभीर रूप से बीमार और दिव्यांग कलाकारों को हर महीने चार हजार रुपए सहायता राशि देने का भी निर्णय लिया गया। योजना का लाभ उन कलाकारों को मिलेगा जिनकी मासिक आय आठ हजार रुपए से कम है। इसके अलावा बैठक में राज्य सरकार ने 1.05 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में जैविक खेती को बढ़ावा देने की योजना को भी मंजूरी दे दी। यह योजना वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक तीन चरणों में लागू होगी, जिस पर करीब 370 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। रेल लिंक लाइन निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण को मंजूरी इसके अलावा एक अन्य निर्णय के तहत कैबिनेट ने दुमका एयरपोर्ट से नियमित उड़ान सेवा शुरू करने के लिए भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ समझौते को भी मंजूरी दे दी। साथ ही अन्य निर्णयों में खूंटी जिले में लोधमा-फिसका रेल लिंक लाइन निर्माण के लिए जमीन हस्तांतरण, मेडिकल कॉलेजों में जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों और इंटर्न्स की स्टाइपेंड राशि में संशोधन तथा मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना के तहत व्यवसायिक बकरी पालन योजना के लिए चार करोड़ रुपए की स्वीकृति भी दी गई। शराब के रिटेलर्स को दी इस बात की राहत एक अन्य फैसले में बिजनेस में ईज ऑफ डूइंग को बढ़ावा देने के लिए कैबिनेट ने पेट्रोल, डीजल और शराब के खुदरा विक्रेताओं को त्रैमासिक रिटर्न और मासिक एब्सट्रैक्ट दाखिल करने की बाध्यता से भी राहत देने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इससे कारोबारियों को कागजी प्रक्रियाओं से राहत मिलेगी। बैठक में कई प्रशासनिक और विकास योजनाओं को भी मंजूरी दी गई। बगोदर-सरिया और चक्रधरपुर अनुमंडल न्यायालयों में नए पद सृजित किए जाएंगे। ITI संस्थानों के अपग्रेडेशन और पंचायतों को वित्तीय मदद देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।

Gift Nifty के संकेत ने बढ़ाई निवेशकों की चिंता, क्या भारतीय बाजार में आने वाली है बड़ी गिरावट?

नई दिल्ली  भारत का शेयर बाजार शुक्रवार 29 मई को भारी दबाव के साथ खुल सकता है। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव है, जिसने पूरी दुनिया के निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। गुरुवार को गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) फ्यूचर्स करीब 2% टूटकर 23,580 के स्तर पर पहुंच गया, जो इस बात का संकेत है कि भारतीय बाजार में गैप-डाउन ओपनिंग देखने को मिल सकती है। गुरुवार को बकरीद के कारण घरेलू शेयर बाजार बंद था, लेकिन वैश्विक बाजारों में आई तेज हलचल का असर अब शुक्रवार को भारतीय बाजार पर दिखाई देने की संभावना है। दरअसल, हालात तब और बिगड़ गए, जब अमेरिका ने ईरान के एक सैन्य ठिकाने पर ताजा हवाई हमला किया। इसके जवाब में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिकी एयरबेस पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और समुद्री रास्तों के आसपास तनाव काफी बढ़ गया है। कुवैत में भी ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबरों ने निवेशकों को डरा दिया है। यही वजह है कि पूरी दुनिया के बाजारों में बेचैनी बढ़ गई है। इस तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा। ब्रेंट क्रूड की कीमत 3% से ज्यादा उछलकर करीब 97 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड भी 91 डॉलर के ऊपर चला गया। भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह चिंता की बात है, क्योंकि महंगा कच्चा तेल महंगाई बढ़ा सकता है और कंपनियों की लागत पर असर डाल सकता है। यही कारण है कि निवेशकों ने जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है। एशियाई बाजारों में भी भारी दबाव देखने को मिला। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स 1.4% गिरा, दक्षिण कोरिया का KOSPI 1% टूटा और जापान का निक्केई भी लाल निशान में बंद हुआ। इसका असर भारतीय बाजार पर भी पड़ना लगभग तय माना जा रहा है। हालांकि, भारतीय बाजार ने बुधवार को अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन किया था। सेंसेक्स 142 अंक गिरकर 75,868 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी मामूली 7 अंक टूटकर 23,907 पर बंद हुआ। दिलचस्प बात यह रही कि India VIX यानी बाजार का डर सूचकांक 6% गिरा, जिससे यह संकेत मिला कि अभी घबराहट पूरी तरह हावी नहीं हुई है। लेकिन अब ताजा भू-राजनीतिक घटनाओं के बाद बाजार का मूड बदल सकता है। तकनीकी विश्लेषकों का मानना है कि फिलहाल निफ्टी के लिए 23,835–23,922 का स्तर बेहद अहम रहेगा। अगर बाजार इस दायरे के नीचे फिसलता है, तो कमजोरी और बढ़ सकती है। वहीं, अगर निफ्टी इन स्तरों के ऊपर टिकता है, तो आने वाले दिनों में 24,200–24,300 तक की तेजी भी संभव है। अब निवेशकों की नजर पूरी तरह मिडिल-ईस्ट (Middle East) के हालात, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेशकों की गतिविधियों पर रहेंगी। अगर अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है, तो इसका असर सिर्फ शेयर बाजार ही नहीं बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिखाई दे सकता है।