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किराया नहीं चुकाने वालों पर प्रशासन का एक्शन, हजारीबाग में दुकानें होंगी सील

हजारीबाग. नगर निगम की दुकानों का वर्षों से किराया नहीं चुकाने वाले दुकानदारों पर अब कार्रवाई की तलवार लटक गई है। करोड़ों रुपये बकाया रहने के बाद नगर निगम प्रशासन सख्त मूड में आ गया है। बुधवार को सहायक नगर आयुक्त विपिन कुमार ने राजस्व संग्रह को लेकर समीक्षा बैठक कर साफ शब्दों में कहा कि अब नियमों की अनदेखी करने वालों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। एक सप्ताह के भीतर बकाया राशि जमा नहीं करने वाले दुकानदारों की दुकानों को सील कर नए सिरे से आवंटन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। नगर निगम क्षेत्र के राजस्व संग्रह की समीक्षा बैठक में बताया गया कि शहर के में 21 स्थानों पर लगभग एक हजार से अधिक म्युनिसिपल शॉप संचालित हैं। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन दुकानों पर कुल बकाया राशि लगभग 3 करोड़ 50 लाख रुपये पहुंच चुकी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 400 से अधिक ऐसे दुकानदार हैं जिनका किराया दो वर्षों से अधिक समय से लंबित है और प्रत्येक पर 50 हजार रुपये से अधिक बकाया है। सहायक नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि नगर पालिका अधिनियम 2013 के तहत कार्रवाई करते हुए लंबे समय से बकायेदार दुकानों को सील किया जाएगा। इसके साथ ही उन दुकानों का नया आवंटन करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। निगम प्रशासन के इस सख्त रुख से बकायेदारों में हड़कंप मच गया है। बैठक में विशेष रूप से मटवारी स्थित म्युनिसिपल शॉप की स्थिति पर चिंता जताई गई। यहां लगभग 158 दुकानों पर वित्तीय वर्ष 2025-26 में 51 लाख से अधिक बकाया है। चलेगा राजस्व वसूली अभियान सहायक नगर आयुक्त ने आज शुक्रवार से विशेष राजस्व वसूली अभियान चलाने का निर्देश देते हुए अधिकारियों को सख्त कार्रवाई का आदेश दिया। साथ ही कहा कि निगम की संपत्तियों का उपयोग कर व्यापार करने वाले दुकानदार यदि समय पर किराया नहीं देंगे तो अब सीधे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नगर प्रबंधक सह नोडल पदाधिकारी उपेंद्र कुमार, राजस्व निरीक्षक शैलेंद्र कुमार सिंह, तहसीलदार सूरज कुमार समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।

कोसी नदी के कटाव से खगड़िया का पीपापुल बंद, आवागमन ठप होने से बढ़ी परेशानी

खगड़िया. पसराहा थाना क्षेत्र के पैकात पंचायत को बिरवास के पास जोड़ने वाला कपसिया-बीरवास पीपापुल का एक जेटी मधेपुरा जिला के रतवारा थाना क्षेत्र के कपासिया की ओर से कोशी नदी बढ़ते जलस्तर और कटाव के कारण एप्रोच पथ से बीते गुरुवार को नीचे चला गया जिसके कारण इस मार्ग पर आवागमन पूरी तरह से ठप हो गया है। बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के परियोजना अभियंता बबलू कुमार शुक्रवार को इसे चालू करने के लिए पहुंचे किंतु वर्ष के कारण समाचार परेशान तक यह चालू नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि एक हाइड्रा मंगाया गया था उससे ऊपर नहीं हुआ दो हाइड्रा मंगा कर इसे ऊपर कर दिया जाएगा। जेटी को खोलकर बीच में एक 12 मीटर का पीपा लगाया जाएगा। इसके बाद जेटी को जोड़ देने से यह चालू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि एक जेटी नीचे गया था जिसमें पांच गीडर है वह नीचे चला गया है जो करीब 20 मीटर लंबा है। कोसी में कटवा के कारण ऐसा हुआ है। वह मरमती कार्य को लेकर स्थल पर बने हुए हैं। विभाग की ओर से इस पीपापुल को दुरुस्त कर आगामी 15 जून तक चालू रखने का आदेश दिया है, क्योंकि मानसून की तैयारियों के तहत हर साल 15 जून को इस अस्थायी पुल को हटा लिया जाता है। पैकात पंचायत के मुखिया शिकू पासवान देवठा पंचायत के मुखिया आलोक कुमार ने कि इस पीपा पुल से मधेपुरा खगड़िया भागलपुर की करीब 2 लाख की आबादी का आवागमन प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि जहां खगड़िया जिला के गोगरी सर्किल नंबर एक पैकात पंचायत की 15 हजार की आबादी देवठा पंचायत के 10 हजार की आबादी कोयला पंचायत के 15 हजार की आबादी के अतिरिक्त परबत्ता प्रखण्ड के सौर उतरी पंचायत सौर दक्षिणी पंचायत की आबादी तथा भागलपुर जिला के रायपुर आशा टोला आदि के साथ-साथ मधेपुरा जिला की बड़ी आबादी का आवागमन इस मार्ग से होता था जो इस पुल को धसने के बाद से बंद हो गया है। अब उन्हें लंबी दूरी तय करनी होगी गौरतलब है कि इस पीपापुल का उद्घाटन इस वर्ष बीते 28 जनवरी को हुआ था और महज कुछ महीनों के भीतर ही इसके बंद होने से लोगों के सामने आवाजाही का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। इसकी गुणवत्ता की पोल खोलने लगी है समाचार परेशान तक बिहार राज्य फूल निर्माण विभाग के परियोजना अभियंता बबलू कुमार स्थल पर बने हुए थे उन्होंने कहा कि हाइड्रा मंगाया जा रहा है इसे शीघ्र जोड़कर चालू किया जाएगा

हरियाणा को जल्द मिलेगा नया मुख्य सचिव, अनुराग रस्तोगी के उत्तराधिकारी की दौड़ में 10 IAS

चंडीगढ़. हरियाणा में एक साल के सेवा विस्तार पर चल रहे मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी का कार्यकाल 30 जून को समाप्त हो जाएगा। ऐसे में कई वरिष्ठ आइएएस अधिकारियों ने मुख्य सचिव पद के लिए लॉबिंग शुरू कर दी है। वर्ष 1990 बैच के आइएएस अधिकारी अनुराग रस्तोगी को प्रदेश सरकार ने पिछले साल सेवानिवृत्ति से ठीक एक दिन पहले एक साल का सेवा विस्तार दिया था। उनका कार्यकाल अगले महीने समाप्त होने जा रहा है। मुख्य सचिव बनने की दौड़ में दस आइएएस अधिकारी शामिल हैं। इन दावेदारों में से नौ ऐसे अधिकारी हैं, जिनकी इसी साल अथवा अगले साल सेवानिवृत्ति है। ऐसे में सरकार को मुख्य सचिव पद की जिम्मेदारी देने के लिए गंभीर मंथन करना पड़ेगा। मुख्य सचिव पद के सबसे अहम दावेदार 1990 बैच के आइएएस सुधीर राजपाल हैं। राजपाल इसी साल नवंबर माह में सेवानिवृत्त होंगे। सुधीर राजपाल वर्तमान में गृह जैसे संवेदनशील विभाग संभाल रहे हैं। कानून-व्यवस्था, जेल प्रशासन और न्यायिक समन्वय जैसे विभाग सीधे सरकार के कोर प्रशासन से जुड़े होते हैं। वरिष्ठता के आधार पर वे सबसे आगे हैं। दावेदारों में शामिल आइएएस सुमिता मिश्रा दूसरी बड़ी दावेदार 1990 बैच की आइएएस सुमिता मिश्रा हैं। मिश्रा जनवरी 2027 में सेवानिवृत्त होंगी। इस समय वह राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, वित्त आयुक्त,स्वास्थ्य विभाग,चिकित्सा शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी देख रही हैं। वर्ष 1990 बैच के आइएएस राजा शेखर वुंडरू इस समय परिवहन विभाग का जिम्मा संभाल रहे हैं, लेकिन वह जुलाई 2026 में सेवानिवृत्त हो जाएंगे। इस पद के लिए दावेदार 1991 बैच के आइएएस विनीत गर्ग सितंबर 2027 में सेवानिवृत्त होंगे और वर्तमान में उनके पास प्रिंटिंग एवं स्टेशनरी विभाग की जिम्मेदारी है। 1991 बैच के आइएएस अनिल मलिक अप्रैल 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। मलिक वर्तमान में केंद्र में सेवाएं दे रहे हैं। इसी बैच की आइएएस अधिकारी जी अनुपमा नवंबर 2027 में सेवानिवृत्त होंगी। वर्तमान में वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग,नागरिक उड्डयन विभाग की जिम्मेदारी देख रही हैं। सेवानिवृत्त की लिस्ट में अपूर्व कुमार शामिल 1991 बैच के ही अपूर्व कुमार सिंह अक्टूबर 2027 में, केंद्र में सेवाएं दे रहे अभिलक्ष लिखी अक्टूबर 2026 में, 1992 बैच के आइएएस अरुण कुमार गुप्ता सितंबर 2026 में तथा 1993 बैच के आइएएस वी उमाशंकर जून 2028 में सेवानिवृत्त होंगे। उमाशंकर वर्तमान में सचिव, सडक़ परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, भारत सरकार की जिम्मेदारी देख रहे हैं। उक्त सभी अधिकारी वरिष्ठता के आधार पर मुख्य सचिव पद के लिए प्रबल दावेदार हैं। अब सरकार द्वारा एक पैनल बनाकर बहुत जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

निकाय चुनाव में AAP का दबदबा, 700 सीटों पर जीत; निर्दलीयों और कांग्रेस-SAD ने भी दिखाया दम

चंडीगढ़. पंजाब निकाय चुनाव के काउंटिंग जारी है। 115 काउंटिंग सेंटरों से आ रहे परिणामों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) 700 से अधिक सीटें जीतकर सबसे आगे चल रही है। श्रीहरगोबिंदपुर का रिजल्ट वार्ड नंबर एक से कांग्रेस की मनजीत कौर 51 वोटों से विजेता रहीं। वार्ड नंबर दो से कांग्रेस के नवदीप सिंह 222 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर तीन से कांग्रेस की बलविंदर कौर 17 वोटों से विजेता।  वार्ड नंबर चार से आप के गौरव भल्ला 52 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर पांच से आजाद उम्मीदवार से जीवन ज्योतिका 86 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर छह से कांग्रेस की जसविंदर कौर 110 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर सात से आप के चेतन कुमार निर्विरोध विजेता। वार्ड नंबर आठ से आजाद कुलवंत सिंह निर्विरोध विजेता। वार्ड नंबर नौ से आप के अमरीक सिंह निर्विरोध विजेता। वार्ड नंबर दस से आजाद उम्मीदवार हरविंदर कौर 330 वोटों से विजेता। वार्ड नंबर 11 से आजाद उम्मीदवार परमिंदर कौर निर्विरोध विजेता रहे। सुजानपुर नगर काउंसिल में कौन आगे? सुजानपुर नगर काउंसिल चुनाव में भाजपा को कर कांग्रेस को चार तथा आम आदमी पार्टी को चार सीट मिली तीन पर आजाद उम्मीदवार जीते सुजानपुर सुजानपुर नगर कौंसिल के हुए चुनाव के नतीजे मैं सभी पार्टियों को झटका लगा है इस चुनाव में आम आदमी पार्टी को 4, भाजपा को 4, कांग्रेस को चार सीट मिली है। बरनाला में AAP की जीत जिला बरनाला के कस्बा धनौला की नगर कौंसिल के 13 वार्डों में से आम आदमी पार्टी के 8 उम्मीदवार चुनाव जीतकर पार्षद बने हैं, जबकि 5 निर्दलीय उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है। गौरतलब है कि भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल नगर कौंसिल धनौला में अपना खाता तक नहीं खोल सके। धनौला के वार्ड नंबर एक से आप उम्मीदवार रणजीत कौर चुनाव जीतीं। उन्हें कुल 396 वोट मिले।  पंजाब की जनता का आभार: मनीष सिसोदिया पंजाब नगर निगम चुनाव 2026 के नतीजों पर आम आदमी पार्टी के नेता मनीष सिसोदिया ने कहा कि मैं अरविंद केजरीवाल के प्रति दिखाए गए विश्वास और सम्मान के लिए पंजाब की जनता का आभार व्यक्त करना चाहता हूं। पूरे पंजाब में लोगों ने स्पष्ट संदेश दिया है। मनीष सिसोदिया ने कहा कि वे सुशासन की सराहना करते हैं और पिछले साढ़े चार वर्षों के काम से संतुष्ट हैं। सरकार ने गांवों और शहरों में अच्छा काम किया है और मतदाताओं ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। धनौला फाइनल रिजल्ट: आप को मिला स्पष्ट बहुमत, 13 में से 8 वार्डों पर कब्जा आम आदमी पार्टी (AAP): 08 सीटें (पूर्ण बहुमत) आजाद (निर्दलीय): 05 सीटें कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल: 00 सीट सुजानपुर फाइनल रिजल्ट: भाजपा, कांग्रेस और आप को मिलीं 4-4 सीटें, 3 पर आजाद उम्मीदवार जीते आम आदमी पार्टी (AAP): 04 सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP): 04 सीटें कांग्रेस (INC): 04 सीटें आजाद (निर्दलीय): 03 सीटें बठिंडा निगम: घोषित 21 सीटों में से 'आप' 14 पर आगे, पूर्व मेयर पदमजीत मेहता निर्विरोध जीते वार्ड 1: अमनदीप कौर राणा (आप) वार्ड 2: हरवीर सिंह (आप) वार्ड 3: रमनजीत (आजाद) वार्ड 4: उमेश गोगी (आप) वार्ड 6: बेअंत सिंह (आप) वार्ड 7: मंदीप कौर रामगढ़िया (आप) वार्ड 18: कंवलजीत सिंह (कांग्रेस) वार्ड 19: गुरदेव कौर हरजिंदर (आप) वार्ड 20: नरपिंदर सिंह जलाल (आजाद) वार्ड 22: श्याम लाल (आप) वार्ड 23: किरण रानी (कांग्रेस) वार्ड 34: बॉबी (कांग्रेस) वार्ड 35: बेबी (कांग्रेस) वार्ड 36: धर्मेंद्र (आप) वार्ड 37: अनीता गोयल (आप) वार्ड 38: जसपाल सिंह गोरा (आप) वार्ड 39: राज रानी (आप) वार्ड 40: सोनी (आप) वार्ड 41: सुमन शर्मा (आप) वार्ड 42: रितू (बीजेपी) वार्ड 46: पदमजीत मेहता (पूर्व मेयर) – (आप – निर्विरोध विजेता) पट्टी में बड़ा उलटफेर, 'आप' को करारा झटका, 9 सीटें जीतकर कांग्रेस बनी सबसे बड़ी पार्टी पट्टी नगर कौंसिल: अंतिम दलीय स्थिति (सभी 19 सीटें) कांग्रेस: 09 सीटें (बहुमत के आंकड़े से 1 कम) आम आदमी पार्टी (AAP): 06 सीटें केरों गुट (आजाद/निर्दलीय): 04 सीटें टांडा में आप ने 15 में से 10 वार्ड जीतकर हासिल किया शानदार बहुमत, कांग्रेस के खाते में आईं 5 सीटें वार्ड नंबर 1: हिना वैद (कांग्रेस) – 479 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 2: बलदेव राम (कांग्रेस) – 469 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 3: सरोज बाला (आम आदमी पार्टी) – 463 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 4: दविंदर सिंह (कांग्रेस) – 650 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 5: गुरप्रीत कौर (कांग्रेस) – 414 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 6: सेठ राम (आम आदमी पार्टी) – 582 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 7: नरिंदर कौर (आम आदमी पार्टी) – 402 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 8: हरमीत सिंह वड़ैच (आम आदमी पार्टी) – 349 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 9: प्रितपाल कौर (कांग्रेस) – 510 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 10: प्रवीन खन्ना (आम आदमी पार्टी) – 364 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 11: गुरबख्श कौर (आम आदमी पार्टी) – 684 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 12: हरि कृष्ण (आम आदमी पार्टी) – 667 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 13: परमिंदर कौर (आम आदमी पार्टी) – 453 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 14: मनजीत कौर (आम आदमी पार्टी) – 438 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 15: जसवंत कौर (आम आदमी पार्टी) – 382 वोट (विजेता) फाजिल्का में 25 में से 18 वार्डों के नतीजे घोषित; कांग्रेस 9 सीटों के साथ सबसे आगे कांग्रेस (INC): 09 सीटें आम आदमी पार्टी (AAP): 05 सीटें भारतीय जनता पार्टी (BJP): 04 सीटें शिरोमणि अकाली दल (SAD): 00 सीट बहुजन समाज पार्टी (BSP): 00 सीट आजाद (निर्दलीय): 00 सीट गढ़दीवाला में 11 में से 7 वार्ड जीतकर आप ने हासिल किया पूर्ण बहुमत, कांग्रेस को मिलीं 3 सीटें वार्ड नंबर 1: सुनीता (कांग्रेस) – 202 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 2: दर्शन बहल (आम आदमी पार्टी) – 275 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 3: रामा रानी (आम आदमी पार्टी) – 220 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 4: हरविंदर कुमार (कांग्रेस) – 192 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 5: मोनिका (आम आदमी पार्टी) – 141 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 6: सोनिका कौंडल (आम आदमी पार्टी) – 129 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 7: मोनिका (आम आदमी पार्टी) – 173 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 8: रछपाल सिंह (आजाद / निर्दलीय) – 115 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 9: परमजीत कौर (आम आदमी पार्टी) – 249 वोट (विजेता) वार्ड नंबर 10: पंकज … Read more

सीएम योगी बोले- मातृभूमि के प्रति समर्पण ही असली राष्ट्रभक्ति

जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति: सीएम योगी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मऊ जिले के गांव ताजोपुर में ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का किया उद्घाटन सीएम बोले: गांव आत्मनिर्भर बनेंगे तभी विकसित भारत का सपना होगा साकार ताजोपुर मॉडल को मुख्यमंत्री ने बताया राष्ट्र निर्माण, ग्रामीण स्वावलंबन और “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” की जीवंत मिसाल एक समय पहचान के संकट से जूझने वाला मऊ आज इन संस्थानों की वजह से नई पहचान प्राप्त कर रहा है: मुख्यमंत्री मऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जिले के गांव ताजोपुर स्थित ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जन्मभूमि के ऋण से मुक्त होना ही सच्ची देशभक्ति है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह ने भारतीय सेना में 35 वर्षों तक सेवा देने और देश-विदेश के प्रतिष्ठित संस्थानों में कार्य करने के बाद अपनी जन्मभूमि लौटकर जो कार्य किया है, वह केवल संस्थान निर्माण नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का अभियान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेना और विभिन्न संस्थानों में वर्षों सेवा देने के बाद ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह का अपने गांव लौटकर वहां अस्पताल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज, आईटीआई और सैनिक पब्लिक स्कूल जैसे संस्थानों की स्थापना करना पूरे देश के लिए प्रेरणा का विषय है। उन्होंने कहा कि यह वही भाव है, जिसे हमारे शास्त्रों में “जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी” कहा गया है। जन्मभूमि और मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं हो सकता मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में भगवान श्रीराम के जीवन प्रसंग का उल्लेख करते हुए कहा कि लंका विजय के बाद जब लक्ष्मण ने स्वर्णमयी लंका की समृद्धि की चर्चा की थी, तब भगवान श्रीराम ने कहा था, “अपि स्वर्णमयी लंका न मे लक्ष्मण रोचते। जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी।” मुख्यमंत्री ने कहा कि यही भारतीय संस्कृति का मूल दर्शन है। चाहे व्यक्ति कितना भी बड़ा क्यों न बन जाए, उसकी जन्मभूमि और मातृभूमि से बड़ा कुछ नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह ने इसी आदर्श को अपने जीवन में उतारा है। भारतीय सेना के आर्मी मेडिकल कोर में वर्षों तक सेवा देने के बाद उन्होंने अपनी जन्मभूमि ताजोपुर लौटने का निर्णय लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव लौटकर उन्होंने जिस प्रकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार के केंद्र खड़े किए हैं, वह ग्रामीण भारत के लिए विकास का आदर्श मॉडल है। अस्पताल ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाला बड़ा केंद्र मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका ब्रिगेडियर पी.एन. सिंह से संबंध लगभग 15-16 वर्ष पुराना है। तभी से वे उनके समाजसेवा और राष्ट्रसेवा से जुड़े कार्यों के बारे में सुनते रहे हैं और आज उन्होंने अपनी आंखों से इसे देखा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ताजोपुर में स्थापित ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल केवल एक अस्पताल नहीं है, बल्कि ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करने वाला बड़ा केंद्र है। इसी प्रकार सैनिक नर्सिंग कॉलेज के माध्यम से एएनएम, जीएनएम, पोस्ट बेसिक बीएससी और बीएससी नर्सिंग की पढ़ाई कराई जा रही है। फार्मेसी कॉलेज के माध्यम से डी.फार्मा और बी.फार्मा की शिक्षा दी जा रही है, जबकि आईटीआई के जरिए युवाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार से जोड़ा जा रहा है। सैनिक पब्लिक स्कूल क्षेत्र के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ये संस्थान केवल भवन नहीं हैं, बल्कि ग्रामीण आत्मनिर्भरता के मजबूत स्तंभ हैं। यहां रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, स्थानीय युवाओं को अपने ही क्षेत्र में शिक्षा और रोजगार मिल रहा है और बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका इन संस्थानों से जुड़ रही है। उन्होंने कहा कि एक समय पहचान के संकट से जूझने वाला मऊ आज इन संस्थानों की वजह से नई पहचान प्राप्त कर रहा है। सभी को लेने होंगे "पंच प्रण" मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान दिए गए “पंच प्रण” का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों से आह्वान किया था कि जब भारत आजादी के 100 वर्ष पूरे करे, तब वह विकसित राष्ट्र के रूप में विश्व के सामने खड़ा हो। इसके लिए हर भारतीय को पांच प्रण लेने होंगे। पहला प्रण हमारी विरासत पर गर्व करने का है। हम राम, कृष्ण, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गुरु गोविंद सिंह, रानी लक्ष्मीबाई जैसे महानायकों के वंशज हैं। हमें उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में योगदान देना चाहिए। दूसरा प्रण गुलामी की मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करने का है। हमें हर उस सोच और प्रवृत्ति को त्यागना होगा, जिसमें विदेशी मानसिकता या गुलामी की गंध हो। तीसरा प्रण “एक भारत-श्रेष्ठ भारत” है। जातिवाद, क्षेत्रवाद और छुआछूत जैसी बुराइयों ने देश को कमजोर किया। समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ खड़े होना हर भारतीय का दायित्व है। मुख्यमंत्री ने चौथे प्रण के रूप में सैनिकों और सुरक्षा बलों के सम्मान की बात कही। उन्होंने कहा कि जब देश का सैनिक सियाचिन की बर्फीली चोटियों पर माइनस तापमान में खड़ा रहता है, जब राजस्थान के रेगिस्तान में 50 डिग्री तापमान में सीमा की रक्षा करता है और जब पुलिसकर्मी दिन-रात अपराधियों से लड़ते हैं, तभी हम चैन से सो पाते हैं। इसलिए हर भारतीय के मन में सैनिकों और सुरक्षा बलों के प्रति सम्मान होना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांचवां प्रण नागरिक कर्तव्यों का पालन करना है। हर व्यक्ति को अपने कर्तव्यों का भी ईमानदारी से पालन करना चाहिए। विकसित भारत का सपना गांवों के विकास से ही साकार होगा मुख्यमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना गांवों के विकास से ही साकार होगा। प्रदेश विकसित तभी होंगे, जब जनपद विकसित होंगे और जनपद तभी विकसित होंगे, जब ताजोपुर जैसे गांव आत्मनिर्भर बनेंगे। उन्होंने कहा कि ग्रामीण सैनिक हॉस्पिटल, सैनिक पब्लिक स्कूल, नर्सिंग कॉलेज, फार्मेसी कॉलेज और आईटीआई जैसे संस्थान आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रिगेडियर डॉ. पी.एन. सिंह पिछले डेढ़ दशक से “चरैवेति-चरैवेति” के मंत्र के साथ लगातार राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा में जुटे हुए हैं। उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि सच्ची देशभक्ति अपनी जन्मभूमि और समाज के लिए काम करने से सिद्ध होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ऐसे सभी प्रयासों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस प्रकार के उत्कृष्ट … Read more

फर्जी दस्तावेज के सहारे नौकरी की कोशिश पड़ी भारी, हाईकोर्ट ने डॉक्टर की याचिका की रद्द

बिलासपुर. संविदा नियुक्त एक महिला आयुर्वेदिक डॉक्टर की नियमितीकरण की मांग को लेकर दायर याचिका मामले में हाईकोर्ट ने अपना ही आदेश वापस ले लिया है. दरअसल, मामले में याचिकाकर्ता महिला डॉक्टर ने सुनवाई के दौरान कोर्ट के समक्ष एक सर्कुलर पेश किया. बाद में पता चला कि सर्कुलर पूरी तरह फर्जी था. महिला डॉक्टर को अपनी गलती का अहसास हुआ और कोर्ट में एक रिव्यू पिटिशन दायर करते हुए कोर्ट से माफी मांगी, जिस पर कोर्ट ने अपना पुराना आदेश वापस लेते हुए याचिका पर सुनवाई के लिए उसे दोबारा बहाल किया. बता दें, कि बलौदाबाजार-भाटापारा के मोपका प्राथमिक स्वास्थ्य आयुष केंद्र में संविदा पर कार्यरत आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी डॉ ममता मिश्रा ने हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी. दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने 28 मई 2010 को जारी सरकारी सर्कुलर पेश किया, इसमें संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण पर विचार करने के निर्देश दिए गए थे. याचिका में सेवाकाल के 18 साल पूरा करने की बात कही गई, लिहाजा नियमितीकरण के लिए खुद को पात्र बताया. हाईकोर्ट ने सुनवाई करते हुए बीते 5 जनवरी को याचिकाकर्ता को नए सिरे से अभ्यावेदन करने और संबंधित अधिकारियों को 4 महीने के भीतर अंतिम फैसला लेने का निर्देश जारी किया था. इधर कोर्ट के निर्णय के बाद पता चला कि पेश किया गया सर्कुलर ही फर्जी है. बाद में महिला डॉक्टर ने अपनी चूक स्वीकारते हुए हाईकोर्ट में रिव्यू पिटिशन दायर की. हाईकोर्ट ने केस को दोबारा बहाल कर दिया है, जिससे याचिकाकर्ता को मिली अंतरिम राहत खत्म हो गई है.

निपुण भारत मिशन को रफ्तार देगी योगी सरकार, जिला समन्वयकों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग

निपुण भारत मिशन को मिलेगी नई गति, योगी सरकार जिला समन्वयकों को देगी विशेष ट्रेनिंग – 1 और 2 जून को लखनऊ में होगा राज्य स्तरीय प्रशिक्षण, प्रदेश के सभी जिलों से पहुंचेंगे जिला समन्वयक – निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन गतिविधियों की जमीनी मॉनिटरिंग को मिलेगा नया आधार – प्रशिक्षण के जरिए स्कूल शिक्षा में सीखने के परिणामों और अकादमिक गुणवत्ता सुधार पर रहेगा फोकस – राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), लखनऊ में होगा प्रशिक्षण लखनऊ  उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार अब निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा अभियान को जमीनी स्तर पर और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। इसी क्रम में राज्य स्तर पर कार्यरत जिला समन्वयक (निपुण भारत मिशन) एवं जिला समन्वयक (प्रशिक्षण) के लिए 1 और 2 जून को राज्य स्तरीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए सभी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को संबंधित जिला समन्वयकों की प्रशिक्षण में अनिवार्य सहभागिता सुनिश्चित कराए जाने संबंधी निर्देश दिए गए हैं। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), लखनऊ में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के सभी 75 जनपदों से जिला समन्वयक प्रतिभाग करेंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य निपुण भारत मिशन और गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन से जुड़ी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन, अनुश्रवण और मूल्यांकन व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना है। निपुण भारत मिशन एक शैक्षिक कार्यक्रम के साथ-साथ बच्चों की सीखने की बुनियादी  क्षमता को सुदृढ़ करने का व्यापक अभियान है। योगी सरकार ने पिछले एक दशक में परिषदीय शिक्षा के ढांचे, तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था और शिक्षण पद्धतियों में व्यापक सुधार किए हैं। ऑपरेशन कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, डिजिटल मॉनिटरिंग, ई-कंटेंट और निपुण भारत मिशन जैसे अभियानों के माध्यम से परिषदीय शिक्षा व्यवस्था में बड़े परिवर्तन लाए गए हैं। अब जिला समन्वयकों के विशेष प्रशिक्षण के माध्यम से इन सुधारों को विद्यालय स्तर तक प्रभावी ढंग से लागू करने और शिक्षा व्यवस्था को अधिक परिणाममुखी बनाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। दो बैचों में होगा प्रशिक्षण प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो बैचों में आयोजित किया जाएगा। पहले बैच का प्रशिक्षण 1 जून को होगा, जिसमें आगरा, अलीगढ़, अयोध्या, आजमगढ़, बरेली, बस्ती, देवीपाटन, गोरखपुर और चित्रकूट मंडल के जिलों के प्रतिभागी शामिल होंगे। वहीं दूसरे बैच का आयोजन 2 जून को किया जाएगा, जिसमें झांसी, कानपुर, लखनऊ, मेरठ, मिर्जापुर, मुरादाबाद, प्रयागराज, सहारनपुर और वाराणसी मंडल के जिला समन्वयक प्रशिक्षण प्राप्त करेंगे। अकादमिक अनुश्रवण और सीखने के परिणामों पर रहेगा विशेष फोकस प्रदेश सरकार का मानना है कि जब जिला स्तर पर अकादमिक मॉनिटरिंग और प्रशिक्षण व्यवस्था मजबूत होगी, तभी विद्यालयों में सीखने के परिणामों में वास्तविक सुधार दिखाई देगा। इसी सोच के तहत प्रशिक्षण के माध्यम से जिला समन्वयकों को अकादमिक एवं प्रशासनिक अनुश्रवण, डेटा आधारित योजना एवं निर्णय निर्माण, प्रभावी समीक्षा प्रक्रियाओं, शिक्षक सहयोग तंत्र तथा सीखने के परिणामों (एसएलओज) में सुधार हेतु आवश्यक प्रक्रियाओं और प्रणालियों पर प्रशिक्षित किया जाएगा। इसके साथ ही जिला समन्वयकों को निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान (एफएलएन), गुणवत्ता मूल्यांकन, शिक्षकों के क्षमता संवर्धन, गतिविधि आधारित शिक्षण तथा विद्यालयों में गुणवत्ता शिक्षा संवर्धन से जुड़े विभिन्न विषयों पर भी प्रशिक्षण दिया जाएगा और जिला स्तर पर बेहतर योजना, प्रभावी अनुश्रवण और शैक्षणिक सहयोग के माध्यम से विद्यालयों में गुणवत्तापूर्ण सीखने को बढ़ावा दिया जायेगा।

Twisha Sharma Case: कोर्ट ने गिरिबाला-सamarth को भेजा CBI रिमांड पर, अब खुलेंगे आखिरी घंटों के राज

भोपाल  एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा मौत मामले में सीबीआई ने उसकी सास रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और पति समर्थ को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया। जांच एजेंसी के वकील ने दोनों की 5-5 दिन की रिमांड मांगी। इस पर आरोपी पक्ष के वकील ने कोई आपत्ति जाहिर नहीं की। जिसके बाद स्पेशल कोर्ट की जज शोभना भलावे ने सीबीआई रिमांड को मंजूरी दे दी। बता दें कि ट्विशा का पति समर्थ सिंह पहले से ही 7 दिन की सीबीआई रिमांड पर था। शुक्रवार को ये रिमांड खत्म होने पर उसे कोर्ट में पेश किया गया। सूत्रों के मुताबिक, रिमांड के दौरान सीबीआई दोनों आरोपियों को आमने-सामने बैठाकर पूछताछ करेगी। समर्थ ने फरारी कहां और किसके साथ काटी, इसको लेकर भी सवाल-जवाब होंगे। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक, अब जांच के लिए टनल व्यू इन्वेस्टिगेशन तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। एजेंसी ट्विशा के आखिरी घंटों का वर्चुअल रीक्रिएशन तैयार कर रही है, ताकि घटना से पहले और बाद की हर गतिविधि को मिनट-टू-मिनट समझा जा सके। अदालत में पेशी, 5 दिन की रिमांड मंजूर सीबीआई ने गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत में पेश किया, जहां से दोनों को 5 दिन की रिमांड पर भेज दिया गया. कोर्ट में सुनवाई के दौरान गिरिबाला और समर्थ शांत मुद्रा में नजर आए।  वकीलों ने रिमांड का विरोध नहीं किया गिरिबाला सिंह के वकीलों ने सीबीआई की रिमांड का विरोध नहीं किया, बल्कि यह कहा कि एसआईटी के पास जो भी सबूत हैं, उन्हें सुरक्षित तरीके से सीबीआई को सौंपा जाए. इस पर सीबीआई ने बताया कि उन्हें सभी आवश्यक दस्तावेज मिल चुके है।  कोर्ट में हुई बहस, CBI ने रोका दखल सुनवाई के दौरान कटघरे में खड़े गिरिबाला सिंह की सीबीआई अधिकारियों से बहस भी हुई. अधिकारी ने उन्हें वकीलों से अधिक बोलने और मामले से इतर विषय उठाने से रोका, जिससे कुछ देर के लिए अदालत का माहौल गर्म हो गया।  घटना के दिन के हालात पर होगी पूछताछ सीबीआई अब घटना के दिन की परिस्थितियों को लेकर अहम सवाल करेगी. इसमें यह जानने की कोशिश होगी कि कटारा हिल्स स्थित घर में उस समय कौन-कौन मौजूद था और अंदर क्या घटनाक्रम हुआ था।  शादी के 5 महीने बाद मौत पर सवाल जांच एजेंसी यह भी पता लगाएगी कि यदि सब कुछ सामान्य था, तो शादी के महज 5 महीने बाद ऐसी स्थिति कैसे बनी कि ट्विशा शर्मा की मौत हो गई. साथ ही परिवार के भीतर चल रहे विवादों और उत्पीड़न के आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी।  सबूतों और पुलिस जांच पर संदेह सीबीआई पुलिस जांच के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों पर भी सवाल उठाएगी. जैसे- मौत की सूचना देने में देरी क्यों हुई, शव को नीचे लाकर CPR देने का फैसला किसने लिया और पुलिस रिकॉर्ड में लंबाई जैसी जानकारी गलत कैसे दर्ज हुई।  40 मिनट की घटनाओं पर फोकस जांच का सबसे अहम हिस्सा वह 40 मिनट का समय है, जब ट्विशा जिम एरिया में गईं और फिर उनकी मौत हुई. सीबीआई यह जानने की कोशिश करेगी कि उस दौरान क्या हुआ और किन परिस्थितियों में उन्हें नीचे लाया गया।  वायरल वीडियो पर भी सवाल जांच एजेंसी यह भी देखेगी कि केवल छत से नीचे लाने का वीडियो ही क्यों वायरल हुआ, उसके पहले या बाद का कोई फुटेज क्यों सामने नहीं आया. इससे सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई जा रही है।  समर्थ सिंह की भूमिका भी जांच के घेरे में सीबीआई समर्थ सिंह की भूमिका की भी गहराई से जांच करेगी. उनके बयानों में विरोधाभास, फरार रहने के दौरान मदद और पूरे घटनाक्रम में उनकी संलिप्तता की जांच की जाएगी।  परिजनों के आरोपों की पड़ताल ट्विशा शर्मा के परिजनों द्वारा लगाए गए आरोप भी जांच में अहम होंगे. इनमें कथित उत्पीड़न, जबरन गर्भपात और चरित्र पर सवाल उठाने जैसे गंभीर मुद्दे शामिल हैं।  जांच में खुल सकती हैं नई परतें सीबीआई की इस पूछताछ से मामले के कई अनछुए पहलुओं से पर्दा उठने की संभावना है. अब सबकी नजर 2 जून तक की रिमांड अवधि पर टिकी है, जहां से इस हाई-प्रोफाइल केस में अहम खुलासे हो सकते हैं। 

चुनावी नतीजों के बाद एक्शन मोड में पंजाब सरकार, कल होगी CM मान की अहम बैठक

चंडीगढ़ जाब में निकाय चुनावों के परिणाम आने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद यह सरकार की पहली कैबिनेट बैठक होगी, जिस पर राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों की नजरें टिकी हुई हैं। जारी आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार मंत्रिमंडल की बैठक 30 मई को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री आवास, सेक्टर-2, चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री भगवंत मान करेंगे। बैठक को लेकर सभी मंत्रियों को उपस्थित रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। सरकारी सूत्रों के अनुसार बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों, प्रशासनिक मामलों और जनहित से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की जा सकती है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा सार्वजनिक नहीं किया गया है, लेकिन चुनावी परिणामों के बाद होने वाली इस बैठक को राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। परिणामों के बाद अहम है बैठक निकाय चुनावों में आम आदमी पार्टी के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद यह बैठक सरकार की आगामी रणनीति तय करने के लिहाज से भी अहम मानी जा रही है। माना जा रहा है कि सरकार विकास कार्यों, प्रशासनिक सुधारों और विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा भी कर सकती है। बैठक के लिए मुख्य सचिव, वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित विभागों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी कार्यक्रम के अनुसार बैठक मुख्यमंत्री आवास में होगी और इसमें मंत्रिमंडल के सभी सदस्यों की मौजूदगी अपेक्षित है। एजेंडा अभी स्प्ष्ट नहीं किया राजनीतिक जानकारों का मानना है कि निकाय चुनावों के बाद होने वाली इस पहली कैबिनेट बैठक से सरकार के अगले कदमों और प्राथमिकताओं की दिशा स्पष्ट हो सकती है। हालांकि अभी तक इस बैठक का एजेंडा साफ नहीं किया गा है। अब सभी की नजरें बैठक में लिए जाने वाले संभावित फैसलों पर टिकी हुई हैं। उल्लेखनीय है कि निकाय चुनावों के नतीजे आने के तुरंत बाद बुलाई गई इस बैठक को सरकार की आगामी प्रशासनिक और राजनीतिक रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाया जाए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

तकनीक, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल दक्षता से लैस रहे यूपी पुलिस: मुख्यमंत्री पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को आधुनिक और परिणामोन्मुख बनाया जाए: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ देश में iGOT प्रशिक्षण पूर्णता में यूपी पुलिस अव्वल, 59 लाख से अधिक कोर्स पूर्ण जनसंवाद, व्यवहार और तकनीकी दक्षता पर विशेष फोकस के साथ बदलेगी पुलिस ट्रेनिंग व्यवस्था ड्रोन, साइबर फॉरेंसिक और सिम्युलेटर आधारित प्रशिक्षण से सशक्त होगी यूपी पुलिस लखनऊ  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने  पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था की उच्चस्तरीय समीक्षा करते हुए कहा कि बदलते समय में पुलिसिंग केवल कानून व्यवस्था तक सीमित नहीं रह गई है। आधुनिक तकनीक, संवेदनशील व्यवहार, संवाद कौशल, साइबर अपराधों की समझ और फॉरेंसिक दक्षता प्रभावी पुलिसिंग की बुनियादी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने निर्देश दिए कि पुलिस प्रशिक्षण व्यवस्था को पूरी तरह परिणामोन्मुख, व्यवहारिक, तकनीक आधारित और समयानुकूल बनाया जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस दक्षता, अनुशासन, संवेदनशीलता और जनविश्वास के मानकों पर देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बल के रूप में स्थापित हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशिक्षण व्यवस्था में गुणवत्ता, एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। प्रशिक्षण संस्थानों में आधुनिक तकनीकों का अधिकतम उपयोग हो तथा प्रशिक्षण का नियमित मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों को केवल कानून लागू करने तक सीमित न रखते हुए उन्हें संवाद कौशल, मानवीय व्यवहार और तनावपूर्ण परिस्थितियों में संतुलित निर्णय लेने के लिए भी प्रशिक्षित किया जाना चाहिए। बैठक में बताया गया कि पुलिस प्रशिक्षण निदेशालय के अंतर्गत पुलिस अकादमी मुरादाबाद, 11 प्रशिक्षण संस्थान, 6 पुलिस ट्रेनिंग स्कूल, 2 आर्म्ड पुलिस ट्रेनिंग संस्थान तथा 62 अस्थायी एवं 31 स्थायी रिक्रूट ट्रेनिंग सेंटर संचालित हैं। 112 RTC पर एक साथ प्रशिक्षण प्रारंभ कर अंतिम परीक्षाओं को शुचितापूर्ण एवं पारदर्शी तरीके से संपन्न कराया गया तथा एक साथ परीक्षा परिणाम घोषित किए गए। प्रशिक्षण क्षमता को 18 हजार से बढ़ाकर 60,244 तक किया गया है। प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों का उच्चीकरण किया गया है तथा बाह्य विषयों में आवधिक मानक निर्धारित कर गुणवत्ता सुनिश्चित की गई है। यूपी पुलिस ट्रेनिंग पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण सामग्री प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षुओं को उपलब्ध कराई जा रही है और 5,000 विशेषज्ञ प्रशिक्षक तैयार किए गए हैं। बैठक में बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत iGOT पोर्टल पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। 27 मई 2026 तक 3,90,799 पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं तथा 59,02,703 कोर्स पूर्ण किए जा चुके हैं। 20 मार्च 2026 को उत्तर प्रदेश पुलिस की 149 इकाइयों का iGOT पोर्टल पर सृजन कराया गया, जिससे जनपद, वाहिनी और इकाई स्तर पर प्रशिक्षण का प्रभावी पर्यवेक्षण संभव हुआ है। बैठक में बताया गया कि 2 अप्रैल से 10 अप्रैल 2026 तक आयोजित साधना सप्ताह में उत्तर प्रदेश पुलिस ने देश की समस्त राज्य पुलिस एवं केंद्रीय पुलिस बलों में प्रथम स्थान प्राप्त किया। उत्तर प्रदेश पुलिस विभाग ने अकेले 28 लाख से अधिक कोर्स पूर्ण किए, जो कई राज्यों के समस्त विभागों के संयुक्त प्रदर्शन से भी अधिक रहा। इस अवधि में 2,61,032 कर्मियों ने 2 घंटे से अधिक तथा 2,16,724 कर्मियों ने 4 घंटे से अधिक का लर्निंग समय पूरा किया। 2,45,645 कर्मियों ने AI कोर्स भी पूर्ण किए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रोल आधारित ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रमों को तेजी से विकसित किया जाए। बैठक में बताया गया कि राष्ट्रीय रक्षा विश्वविद्यालय के साथ हुए एमओयू के तहत नवंबर 2025 में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 34 पुलिस उपाधीक्षकों को ‘एमए इन पुलिस साइंस एंड स्ट्रैटेजिक मैनेजमेंट’ की डिग्री प्रदान की गई। वहीं मई 2026 में पुलिस अकादमी मुरादाबाद में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाले 47 उपनिरीक्षकों को ‘पीजी डिप्लोमा इन पुलिस एंड सिक्योरिटी मैनेजमेंट’ प्रदान किया गया। बैठक में आगामी प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 4,253 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस, 15,131 आरक्षी पीएसी/सशस्त्र पुलिस, 2,282 महिला पीएसी आरक्षी, 10,469 आरक्षी नागरिक पुलिस तथा 1,341 यूपीएसएसएफ आरक्षियों सहित बड़ी संख्या में कार्मिकों का आधारभूत प्रशिक्षण प्रस्तावित है। इसके साथ ही 4,500 उपनिरीक्षक नागरिक पुलिस एवं प्लाटून कमांडरों के प्रस्तावित प्रशिक्षण के लिए विस्तृत तैयारियां की जा रही हैं। प्रशिक्षण पाठ्यक्रम को वर्तमान परिप्रेक्ष्य में संशोधित कर 11 संवेदनशीलता मॉड्यूल जोड़े गए हैं। ATS, STF, NDRF, SDRF, RAF, यूपी-112, विमेन पावरलाइन, चाइल्डलाइन, BDS और फायर सर्विसेज जैसी विशेषज्ञ एजेंसियों द्वारा ऑपरेशनल मॉक ड्रिल और कैप्सूल कोर्स संचालित किए जाएंगे। बैठक में बताया गया कि प्रशिक्षण में अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश किया जा रहा है। इसके तहत ड्रोन प्रशिक्षण, साइबर फॉरेंसिक लैब, फॉरेंसिक लैब, ड्राइविंग सिम्युलेटर और फायरिंग सिम्युलेटर जैसी आधुनिक व्यवस्थाएं विकसित की जा रही हैं। स्मार्ट क्लासरूम के माध्यम से अतिथि विशेषज्ञों द्वारा ऑनलाइन प्रशिक्षण भी उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मियों का व्यवहार ही पुलिस की वास्तविक पहचान बनाता है। बैठक में बताया गया कि जनता से दुर्व्यवहार की शिकायत वाले 5,816 पुलिसकर्मियों को चिन्हित कर उनके लिए संवाद कौशल एवं सौम्य व्यवहार का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS), मुंबई द्वारा 3 से 5 फरवरी 2026 तक 37 पुलिसकर्मियों को Behaviour, Operational Soft Skills एवं Caselets का विशेष प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के प्रभाव का आकलन करने के लिए इम्पैक्ट असेसमेंट व्यवस्था लागू की गई है, जिसमें महिला सम्मान, संवाद क्षमता, आत्मनियंत्रण, तनाव प्रबंधन, टीम भावना, नेतृत्व क्षमता और संवेदनशील व्यवहार जैसे 18 प्रमुख बिंदुओं पर मूल्यांकन किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि पहली बार उत्तर प्रदेश पुलिस अकादमी मुरादाबाद में मालदीव पुलिस सेवा के उपनिरीक्षकों को प्रशिक्षण देने का प्रस्ताव भारत सरकार के स्तर पर विचाराधीन है। विदेश मंत्रालय द्वारा वित्तपोषित इस प्रस्ताव को गृह मंत्रालय के माध्यम से विचारार्थ भेजा गया है। मुख्यमंत्री जी ने इसे भारत और पड़ोसी देशों के बीच आंतरिक सुरक्षा सहयोग की दृष्टि से महत्वपूर्ण बताया।  मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि प्रशिक्षण प्रणाली में निरंतर नवाचार, जवाबदेही और आधुनिकता सुनिश्चित की जाए, ताकि उत्तर प्रदेश पुलिस हर चुनौती का सामना अधिक दक्षता, संवेदनशीलता और प्रोफेशनल क्षमता के साथ कर सके।