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DPDP अधिनियम-2023 के तहत ‘प्राइवेसी बाय डिजाइन’ अपनाएगा छत्तीसगढ़

​रायपुर        छत्तीसगढ़ में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा, डिजिटल सेवाओं में विश्वसनीयता और डेटा गवर्नेंस को सुदृढ़ करने की दिशा में राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। छत्तीसगढ़ इंफोटेक प्रमोशन सोसायटी (CHiPS) एवं भारत सरकार के नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD) के संयुक्त तत्वावधान में राजधानी रायपुर में एक दिवसीय राज्य स्तरीय डिजिटल इंडिया परामर्श कार्यशाला का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में विभिन्न शासकीय विभागों को 'डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन (DPDP) अधिनियम, 2023' के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी अनुपालन को लेकर कड़े व स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। ​नागरिकों की डेटा सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता:  मयंक अग्रवाल      ​ कार्यशाला को संबोधित करते हुए CHiPS के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO)  मयंक अग्रवाल ने राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्होंने स्पष्ट किया कि नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की गोपनीयता और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं का विस्तार करना शासन की मुख्य प्राथमिकता है। ​"DPDP अधिनियम केवल एक विधिक या कानूनी प्रावधान नहीं है, बल्कि यह शासन व्यवस्था में 'Privacy by Design' (डिजाइन में ही गोपनीयता) एवं 'Citizen-Centric Data Governance' (नागरिक-केंद्रित डेटा गवर्नेंस) की दिशा में एक क्रांतिकारी और महत्वपूर्ण परिवर्तन है।   ​ अग्रवाल ने राज्य की तकनीकी प्रगति साझा करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 'सेवा सेतु' प्लेटफॉर्म का डिजिलॉकर, उमंग और माय स्कीम (My Scheme) जैसे राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के साथ सफलतापूर्वक एकीकरण (Integration) किया जा चुका है। इसके जरिए नागरिकों को विभिन्न प्रमाण-पत्र और सरकारी सेवाएँ डिजिटल रूप से आसानी से मिल रही हैं। उन्होंने आगे कहा कि आगामी चरण में सभी विभागों को "Digital-by-Default" दृष्टिकोण अपनाना होगा, ताकि अधिक से अधिक सेवाओं को राष्ट्रीय डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI) से जोड़ा जा सके। ​पारदर्शिता, जवाबदेही और साइबर सुरक्षा को मिलेगा बल:  सुनील जैन       ​नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन (NeGD), नई दिल्ली के संचालक  सुनील जैन ने कार्यशाला में विभागीय दायित्वों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि DPDP अधिनियम, 2023 सभी सरकारी संस्थाओं के लिए डेटा प्रबंधन की नई और सख्त जवाबदेहियों को परिभाषित करता है। इस अधिनियम के कड़ाई से अनुपालन से न केवल विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही आएगी, बल्कि राज्य की साइबर सुरक्षा प्रणाली को भी अभूतपूर्व बल मिलेगा। ​साइबर खतरों से निपटने के लिए 'डेटा न्यूनतमकरण' जरूरी      ​ राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (NIC), रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक  पी. रामाराव ने डिजिटल युग में डेटा की सुरक्षा को लेकर विभागों को सचेत किया। उन्होंने बताया कि मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी और अन्य व्यक्तिगत पहचान संबंधी जानकारियां आजकल साइबर अपराधियों के मुख्य निशाने पर होती हैं। इससे बचने के लिए उन्होंने सभी विभागों को डेटा न्यूनतमकरण (Data Minimization), लॉग मॉनिटरिंग तथा नियमित अंतराल पर सुरक्षा समीक्षा (Security Audit) अपनाने की महती सलाह दी। ​राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने दी तकनीकी प्रस्तुतियाँ     ​ कार्यशाला के दौरान विभिन्न तकनीकी सत्रों में विशेषज्ञों द्वारा विस्तृत मार्गदर्शन दिया गया। NeGD के  नितीश कालरा ने अधिनियम के प्रमुख प्रावधानों, डेटा फिड्यूशियरी (Data Fiduciary) की भूमिका, सहमति प्रबंधन (Consent Management) और नागरिक शिकायत निवारण तंत्र पर प्रस्तुति दी। चिप्स के  आशीष जायसवाल और NeGD के  विशाल विरमानी ने डिजिलॉकर के साथ विभागों के एकीकरण, सुरक्षित दस्तावेज़ साझाकरण और डिजिटल प्रमाण-पत्रों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। ​सु कीर्ति गुप्ता एवं  महेश कुमार ने उमंग और माय स्कीम प्लेटफॉर्म के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक नागरिक सेवाओं की पहुँच बढ़ाने की रणनीतियों को साझा किया। ​30, 60 और 90 दिनों का बनेगा एक्शन प्लान       ​ कार्यशाला के समापन पर CHiPS के संयुक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी  अनुपम आशीष टोप्पो ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने घोषणा की कि इस कार्यशाला से प्राप्त महत्वपूर्ण सुझावों के आधार पर सभी विभागों के लिए 30, 60 और 90 दिनों की एक चरणबद्ध विभागीय कार्ययोजना (Action Plan) तैयार की जाएगी। इस योजना के माध्यम से राज्य में DPDP अधिनियम का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा और सुरक्षित डिजिटल सेवाओं के विस्तार को गति दी जाएगी।      ​ इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में CHiPS सहित राज्य शासन के विभिन्न विभागों के 180 से अधिक वरिष्ठ अधिकारियों ने सक्रिय रूप से सहभागिता की। कार्यक्रम में डेटा संरक्षण, डिजिटल गवर्नेंस और राष्ट्रीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के एकीकरण से जुड़े व्यावहारिक पहलुओं पर गहन मंथन किया गया।  

राज्यपाल डेका से लेफ्टिनेट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने की सौजन्य भेंट

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका से आज लोकभवन में जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ, सेंट्रल कमांड लेफ्टिनेंट जनरल अनिंद्या सेनगुप्ता ने सौजन्य भेंट की। उनके साथ हेड क्वाटर कोसा के कमाण्डर ब्रिगेडियर टी.एस.बावा तथा जी.ओ.सी. एम.बी एरिया जबलपुर लेफ्टिनेट जनरल एच.एस. वांड्रा भी उपस्थित थे।

NEET विवाद पर SC का बड़ा एक्शन, NTA पर नाराजगी; पीएम मोदी ने संभाली मॉनिटरिंग

नई दिल्ली देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी यानी एनटीए पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि बच्चों और उनके परिवारों के लिए यह पूरा मामला बेहद दर्दनाक और परेशान करने वाला है। कोर्ट ने साफ शब्दों में कहा कि लाखों छात्र सालों तक मेहनत करते हैं, अपना समय, पैसा और भावनाएं इस परीक्षा में लगाते हैं। ऐसे में अगर हर साल परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल उठेंगे तो यह पूरे सिस्टम पर बड़ा दाग है। वहीं इस मामले में केंद्र की तरफ से उचित कार्रवाई का भरोसा दियाला गया है। केंद्र की तरफ से अदालत में ये बताया गया कि पीएम मोदी खुद इस मामले में निगरानी रख रहे हैं। एनटीए को खत्म करने की उठी मांग गौरतलब है कि एनटीए को खत्म करने के लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई। यह याचिका फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया मेडिकल एसोसिएशन यानी फाइमा और यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट यानी यूडीएफ की तरफ से दाखिल की गई थी। याचिकाकर्ताओं ने मांग की कि एनटीए को या तो खत्म किया जाए या फिर उसका पूरा ढांचा बदला जाए। याचिका में यह भी कहा गया कि भविष्य में मेडिकल प्रवेश परीक्षाएं कराने के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में एक स्वतंत्र संस्था बनाई जाए, ताकि छात्रों का भरोसा दोबारा कायम हो सके। पूरी तरह सुरक्षित व्यवस्था कहां है: सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने एनटीए और पूर्व इसरो प्रमुख डॉक्टर के. राधाकृष्णन से सीधे सवाल पूछा कि आखिर बार-बार पेपर लीक और परीक्षा गड़बड़ियां क्यों हो रही हैं। कोर्ट ने कहा, “आपने कहा था कि मजबूत और सुरक्षित व्यवस्था बनाई जाएगी। फिर हर बार ऐसी घटनाएं कैसे हो रही हैं?” अदालत ने यह भी कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे समिति की सिफारिशें नाकाम साबित हो रही हैं या फिर उन्हें सही तरीके से लागू ही नहीं किया गया। राधाकृष्णन समिति ने क्या कहा? पूर्व इसरो प्रमुख डॉक्टर के. राधाकृष्णन भी अदालत में मौजूद थे। उन्होंने कोर्ट को बताया कि 2024 में बनी समिति ने लगभग 35 लंबी अवधि और 60 छोटी अवधि वाली सिफारिशें दी थीं। उनके मुताबिक इनमें से ज्यादातर सुझाव लागू भी कर दिए गए हैं। हालांकि कोर्ट इस जवाब से पूरी तरह संतुष्ट नहीं दिखा और पूछा कि अगर सुधार लागू हो चुके हैं तो फिर गड़बड़ियां कैसे जारी हैं। जवाबदेही तय करने की मांग सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान सबसे ज्यादा जोर जवाबदेही तय करने पर दिया। अदालत ने कहा कि यह पता होना चाहिए कि आखिर इन गड़बड़ियों के लिए जिम्मेदार कौन है। कोर्ट ने कहा, “जिम्मेदारी किसी के कंधे पर तय होनी चाहिए। हमें बताइए कि आखिर जवाबदेह व्यक्ति कौन है।” यह टिप्पणी इसलिए भी अहम मानी जा रही है क्योंकि अब तक पेपर लीक मामलों में अक्सर सिस्टम की खामी की बात होती रही है, लेकिन व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करने की मांग कम ही उठी थी। जस्टिस नरसिम्हा ने उठाया निगरानी पर सवाल न्यायमूर्ति पी. एस. नरसिम्हा ने कहा कि केवल सिफारिशें बना देना काफी नहीं है। असली सवाल यह है कि उनकी निगरानी और लागू करने की प्रक्रिया कितनी मजबूत थी। उन्होंने कहा कि अगर एक उच्च स्तरीय समिति बनने के बाद भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, तो या तो सिफारिशों में कमी है या फिर उन्हें जमीन पर ठीक से लागू नहीं किया गया। नीट यूजी 2026 के लिए क्या नए सुरक्षा इंतजाम किए गए? एनटीए की तरफ से कोर्ट को बताया गया कि नीट यूजी 2026 के लिए कई नए सुरक्षा उपाय लागू किए गए हैं ताकि पेपर लीक और नकल जैसी घटनाओं को रोका जा सके। इन उपायों में आधार आधारित जैविक पहचान सत्यापन, चेहरे की पहचान जांच, सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी निगरानी, कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित गड़बड़ी पकड़ने वाली तकनीक और मोबाइल संकेत अवरोधक शामिल हैं। इसके अलावा प्रश्न पत्रों के परिवहन और सुरक्षित भंडारण के लिए भी कड़े नियम बनाए गए हैं। कई केंद्रों पर पुलिस तैनाती भी बढ़ाई गई है। केंद्र सरकार ने क्या कहा? एनटीए की तरफ से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को भरोसा दिलाया कि दोबारा परीक्षा पूरी सुरक्षा और पारदर्शिता के साथ कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर उच्च स्तर पर बैठक हुई है और सरकार पूरी गंभीरता से काम कर रही है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि सभी सुरक्षा उपाय सार्वजनिक नहीं किए जा सकते, क्योंकि ऐसा करने से उनका मकसद कमजोर पड़ सकता है। तुषार मेहता ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इस पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं और भविष्य में परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए व्यापक तंत्र तैयार किया जाएगा।

नोएडा से एक आरोपी गिरफ्तार

भोपाल मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं आमजन की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु लगातार सख्त एवं तकनीकी कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पन्ना पुलिस ने एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल कर साइबर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को नोएडा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार करने में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। आरोपी के कब्जे से 90 हजार रुपये नगद एवं एक मोबाइल फोन जब्‍त किया गया है। फरियादी गोपाल बंसकार ने 1930 साइबर हेल्पलाइन के माध्यम से शिकायत दर्ज कर बताया कि उसके सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया सिमरिया स्थित खाते से संचालित नवी यू.पी.आई. एप के माध्यम से अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कुल 1 लाख 90 हजार रुपये की साइबर ठगी की गई है। शिकायत प्राप्‍त होते ही पुलिस अधीक्षक पन्ना मती निवेदिता नायडू के निर्देशन में पुलिस एवं साइबर सेल की एक विशेष टीम गठित की गई। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि आरोपियों द्वारा फरियादी के मोबाइल फोन में एपीके (APK) फाइल इंस्टॉल कराकर मोबाइल का अनाधिकृत एक्सेस प्राप्त किया गया था। एपीके फाइल इंस्टॉल होने के बाद आरोपियों ने मोबाइल की संवेदनशील जानकारी, बैंकिंग एक्सेस, यूपीआई एवं ट्रांजेक्शन ओटीपी संबंधी जानकारी हासिल कर खाते से अवैध ट्रांजेक्शन किये। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी जांच एवं डिजिटल ट्रेल के विश्लेषण के दौरान पता चला कि 23 अप्रैल को फरियादी के खाते से 95 हजार रुपये तथा 27अप्रैल को पुनः 95 हजार रुपये अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर किये गये थे। विवेचना के दौरान बैंक खातों, मोबाइल नंबरों एवं साइबर तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को नोएडा, उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने अन्‍य साथियों के साथ मिलकर साइबर फ्रॉड की घटनाओं को अंजाम देता था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 90 हजार रुपये नगद एवं एक मोबाइल फोन जब्‍त किया है। मध्‍यप्रदेश पुलिस आमजन से अपील करती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजी गई एपीके फाइल, संदिग्ध लिंक अथवा मोबाइल एप्लीकेशन को डाउनलोड एवं इंस्टॉल न करें। किसी भी परिस्थिति में ओटीपी, बैंक डिटेल, यूपीआई पिन अथवा मोबाइल एक्सेस किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा न करें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन अथवा नजदीकी पुलिस थाना में शिकायत दर्ज कराएं। मध्यप्रदेश पुलिस साइबर अपराधों के विरुद्ध सतर्क, सक्रिय एवं प्रतिबद्ध होकर आमजन की डिजिटल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए निरंतर कार्यरत है।  

छापेमारी में 4 लाख 20 हजार रुपये से ज्यादा कीमत का संदिग्ध ईंधन जब्त

इंदौर इंदौर जिले के देपालपुर मेथवाडा स्थित मे. इंदौर बायो एनर्जी प्रा.लि. बायो डीजल पंप भागीदार सुनीता पति सुभाष केसवाल एवं सुभाष पति रामचंद्र केसवाल निवासी द्वारकापुरी द्वारा अवैध रूप से नकली बायो डीजल की बिक्री करने पर खाद्य विभाग द्वारा शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की। टीम ने पंप को सील कर दिया है। मे. इंदौर बायो एनर्जी बायो डीजल पंप पर प्रारंभिक जांच में नकली बायो डीजल होना पाया गया। बताया गया कि मे. इंदौर बायो एनर्जी बायो डीजल पंप की शिकायत प्राप्त होने पर खाद्य विभाग की टीम द्वारा जांच की गई। प्रारंभिक जांच में नकली बायो डीजल पाए जाने पर पंप को सील किया। साथ ही पंप संचालक द्वारा राज्य सरकार के अधिकृत लाइसेंस प्राप्त छह कंपनी के सप्लायर से सप्लाई नहीं लेकर अनाधिकृत फर्म से सप्लाई लेना पाया। पंप संचालक बीएस 100 मानक का ही बायो डीजल विक्रय कर सकते हैं, बायोडीजल के मानक की डेंसिटी 900 से ऊपर होती है, लेकिन मौके पर डेंसिटी 860 पाई गई। मौके से कुल छह हजार लीटर नकली बायो डीजल जब्‍त किया। इसकी कीमत लगभग चार लाख 20 हजार रूपये से ज्यादा है। नकली बायोडीजल के सैंपल लेकर पंप में बिक्री बंद करवाते हुए पंप, डिस्पेंसरी यूनिट और भूमिगत टैंक को सील कर दिया है। सैंपल अधिकृत लेबोरेटरी में टेस्टिंग के लिए भेजे जा रहे हैं। नमूना रिपोर्ट आने के बाद में आगामी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।  

युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी और डोनोवन फरेरा ने खेली विस्फोटक पारी

नई चंडीगढ़ राजस्थान रॉयल्स को गुजरात टाइटंस के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करते हुए पावरप्ले में दो झटके लगे हैं। सलामी बल्लेबाज यशसवी जायसवाल एक रन और ध्रुव जुरेल 6 गेंद में सात रन बनाकर पवेलियन लौटे। सिराज ने यशस्वी को तो वहीं जुरेल को रबाडा ने आउट किया। रविंद्र जडेजा 8वें ओवर के बाद रिटायर्ड हर्ट होकर मैदान से बाहर गए थे। कप्तान रियान पराग 6 गेंद में 11 रन बनाकर आउट हुए। दसुन शनाका तीन रन ही बना पाए। जोफ्रा आर्चर ने 4 गेंद में 7 रन का योगदान दिया। सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लगातार दूसरी बार नर्वस नाइंटीज का शिकार हुए। उन्होंने 47 गेंद में 96 रन बनाए। आईपीएल 2026 का दूसरा क्वालीफायर शुक्रवार को गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच हो रहा है। राजस्थान रॉयल्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया है। इस मैच के लिए दो बार सिक्का उछाला गया, क्योंकि पहली बार रियान पराग की कॉल कोई सुन नहीं पाया था। गुजरात ने टीम में एक बदलाव करके आर साइ किशोर को जगह दी है । रॉयल्स ने टीम में कोई बदलाव नहीं किया है। गुजरात-राजस्थान प्लेइंग इलेवन गुजरात टाइटंस (प्लेइंग इलेवन): साई सुदर्शन, शुभमन गिल (कप्तान), जोस बटलर (विकेटकीपर), निशांत सिंधु, वाशिंगटन सुंदर, जेसन होल्डर, राशिद खान, रविश्रीनिवासन साई किशोर, कैगिसो रबाडा, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज राजस्थान रॉयल्स (प्लेइंग इलेवन): यशस्वी जयसवाल, वैभव सूर्यवंशी, ध्रुव जुरेल (डब्ल्यू), रियान पराग (सी), डोनोवन फरेरा, दासुन शनाका, रवींद्र जडेजा, जोफ्रा आर्चर, नंद्रे बर्गर, ब्रिजेश शर्मा, यश राज पुंजा

राजगढ़ में नाबालिग से बाल विवाह व दुष्कर्म मामले में 5 गिरफ्तार

भोपाल  महिलाओं, बालिकाओं एवं कमजोर वर्गों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा प्रदेशभर में संवेदनशील अपराधों के विरुद्ध लगातार सख्त एवं त्वरित कार्रवाई की जा रही है। प्रदेश के राजगढ़ एवं आगर मालवा जिलों में पुलिस टीमों ने तत्परता, संवेदनशीलता एवं तकनीकी दक्षता का परिचय देते हुए मानव तस्करी, बाल विवाह, दुष्कर्म एवं महिलाओं के शोषण से जुड़े गंभीर मामलों में प्रभावी कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों से यह स्पष्ट हुआ है कि मध्यप्रदेश पुलिस महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराध करने वालों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। राजगढ़ जिले में थाना कोतवाली पुलिस ने 12 वर्षीय नाबालिग बालिका से बाल विवाह, खरीद-फरोख्त, दैहिक शोषण एवं प्रताड़ना के अत्यंत संवेदनशील मामले का खुलासा करते हुए 6 नामजद आरोपियों में से 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक  अमित तोलानी के निर्देशन में यह कार्रवाई की गई। प्रकरण में सामने आया कि पीड़िता के पिता की मृत्यु के बाद उसकी मां की दूसरी शादी आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर निवासी गुना से कराई गई थी। इसके बाद आरोपी पीड़िता एवं उसकी मां को राजगढ़ लेकर आया, जहां सुनियोजित तरीके से 3 फरवरी 2025 को 12 वर्षीय बालिका का विवाह भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर से करा दिया गया। आरोपियों द्वारा इस बाल विवाह के एवज में लाखों रुपये नगद एवं जेवरात लिए गए। विवाह के बाद नाबालिग के साथ दुष्कर्म एवं लगातार शारीरिक एवं मानसिक प्रताड़ना की गई। मामले में अन्य आरोपियों द्वारा भी पीड़िता का शोषण किए जाने की जानकारी सामने आई है। मामला थाना प्रभारी के संज्ञान में आने पर उन्होंने अत्यंत संवेदनशीलता एवं मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बालिका की काउंसलिंग की, जिससे पीड़िता ने साहसपूर्वक अपनी आपबीती पुलिस को बताई। इसके बाद थाना कोतवाली राजगढ़ में पॉक्सो एक्ट, जेजे एक्ट एवं बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध किया गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों में भोला उर्फ भोलाराम गुर्जर, देवराज गुर्जर, सागर गुर्जर, शैतानबाई तथा पीड़िता की मां शामिल हैं। वहीं मुख्य आरोपी पवन उर्फ परमाल गुर्जर फरार है, जिसकी गिरफ्तारी हेतु पुलिस अधीक्षक राजगढ़ द्वारा 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इसी प्रकार आगर मालवा के थाना बड़ौद पुलिस ने मानव तस्करी एवं जबरन विवाह कराने की साजिश का पर्दाफाश करते हुए त्वरित कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार कर युवती को सुरक्षित संरक्षण में लिया। पुलिस अधीक्षक आगर मालवा  दिलीप कुमार सोनी के निर्देशनमें यह कार्रवाई की गई। प्रकरण में बैतूल निवासी युवती द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि वह इंदौर में कार्य करने जा रही थी, तभी शाहपुर बस स्टॉप से कुछ व्यक्तियों ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे वाहन में बैठा लिया। आरोपियों द्वारा युवती को राजस्थान निवासी व्यक्ति से जबरन विवाह कराने एवं रुपये लेकर बेचने की योजना बनाई गई थी। विरोध करने पर युवती को जान से मारने एवं अन्य स्थान पर बेच देने की धमकी भी दी गई। घटना के दौरान पीड़िता ने साहस दिखाते हुए पुलिस कंट्रोल रूम आगर को सूचना दी। सूचना प्राप्त होते ही डायल-112, कंट्रोल रूम एवं थाना बड़ौद पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और तकनीकी विश्लेषण एवं लोकेशन ट्रैकिंग के आधार पर राजस्थान सीमा से लगे क्षेत्र में सघन घेराबंदी की गई। पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपी भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता एवं सूझबूझ से कार्रवाई करते हुए युवती को सुरक्षित बरामद कर आरोपी ईश्वर सिंह बागरी को गिरफ्तार कर लिया।थाना बड़ौद में प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है। मध्यप्रदेश पुलिस प्रदेश में महिलाओं एवं बालिकाओं के विरुद्ध अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। पुलिस द्वारा न केवल त्वरित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है, बल्कि पीड़ितों को सुरक्षित वातावरण, संरक्षण एवं न्याय दिलाने हेतु संवेदनशील पुलिसिंग को भी प्राथमिकता दी जा रही है। अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगा।  

यास्तिका भाटिया की धमाकेदार वापसी, जेमिमा के रंग में रंगा भारत; इंग्लैंड को T20 में दी मात

लंदन  भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड दौरे का आगाज़ धमाकेदार अंदाज में किया. पहले टी20 मुकाबले में भारतीय टीम ने मेज़बान इंग्लैंड को 38 रनों से हराकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली।   पहले बल्लेबाज़ी करते हुए टीम इंडिया की शुरुआत अच्छी नहीं रही और टीम ने जल्दी ही स्मृति मंधाना का विकेट गंवा दिया. हालांकि इसके बाद यास्त‍िका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने पारी को संभालते हुए तेज रन बटोरे।  यास्तिका ने 40 गेंदों पर 54 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 1 छक्का शामिल रहा. वहीं जेमिमा ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 40 गेंदों में 69 रन ठोक दिए. उनकी पारी में 10 चौके और 1 छक्का देखने को मिला।  आखिरी ओवरों में दीप्ति शर्मा ने तेज़ रन जोड़कर टीम के स्कोर को 20 ओवर में 188/7 तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई. इंग्लैंड की ओर से लॉरेन बेल सबसे सफल गेंदबाज रहीं. उन्होंने चार ओवर में 34 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए।  जवाब में 189 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की शुरुआत बेहद खराब रही. भारतीय गेंदबाज़ों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और क्रांति गौड़ ने लगातार दो बड़े झटके देते हुए सोफिया डंकले और एलिस कैप्सी को पवेलियन भेज दिया।  शुरुआती विकेट गिरने के बाद एमी जोन्स  ने पारी को संभालने की कोशिश की. उन्होंने 48 गेंदों में 67 रन की जुझारू पारी खेली, जिसमें 7 चौके शामिल रहे. वहीं हीथर नाइट ने 21 रन बनाकर उनका साथ दिया, लेकिन बाकी बल्लेबाजी बड़ी साझेदारी नहीं कर सके।  इसके बाद नंदनी शर्मा ने शानदार गेंदबाजी करते हुए मैच का रुख पूरी तरह भारत की ओर मोड़ दिया. उन्होंने सिर्फ 23 रन देकर 3 अहम विकेट झटके और इंग्लैंड के मध्यक्रम को बिखेर दिया. दबाव के बीच उनके स्पेल ने मेजबान टीम की रनगति पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया।  वहीं दीप्ति शर्मा ने भी अहम सफलता हासिल की, जबकि तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने आखिरी ओवरों में बेहद सधी हुई गेंदबाज़ी की. एमी जोन्स को छोड़ दें तो इंग्लैंड की बाकी बल्लेबाज़ भारतीय अटैक के सामने संघर्ष करती नजर आईं।  नतीजा यह रहा कि इंग्लैंड टीम 20 ओवर में 8 विकेट पर 150 रन ही बना सकी और भारत ने मुकाबला 38 रन से अपने नाम कर लिया. अगले महीने टी20 वर्ल्ड कप से पहले मिली इस जीत ने भारतीय टीम के आत्मविश्वास को भी बड़ा बढ़ावा दिया है।  इस मैच में जेमिमा रॉड्रिग्स को 'प्लेयर ऑफ द मैच' का खिताब मिला. इस मैच में यास्त‍िका भाटिया और जेमिमा रॉड्रिग्स ने तीसरे विकेट के लिए 126 रनों की साझेदारी की थी।  इस मैच के बाद यास्त‍िका भाटिया ने अपनी ACL सर्जरी के बारे में भी बात की  भारतीय महिला क्रिकेटर यास्त‍िका भाटिया ने ACL सर्जरी के बाद अपने मुश्किल दौर को याद करते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि जिन लोगों की ACL सर्जरी हुई है, वे जानते हैं कि यह कितना कठिन होता है, क्योंकि उस पैर की पूरी मसल लगभग खत्म हो जाती है. आपको सच में सब कुछ फिर से शुरुआत से बनाना पड़ता है' . बाएं हाथ की बल्लेबाज ने बताया कि रिहैब के दौरान कई ऐसे दिन आए, जब उन्हें कोई प्रगति नजर नहीं आती थी. उन्होंने कहा, 'सर्जरी के बाद रिहैब प्रक्रिया काफी मुश्किल थी. कई दिन ऐसे थे जब कुछ भी होता नहीं दिख रहा था और कोई सुधार नजर नहीं आ रहा था. लेकिन मैं हर दिन लगातार मेहनत करती रही' . यास्तिका ने आगे कहा, 'कई महीनों बाद जाकर मुझे सुधार दिखना शुरू हुआ. मेरे आसपास का सपोर्ट सिस्टम बहुत शानदार था. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस का स्टाफ, परिवार, दोस्त और टीममेट्स जैसे जेमिमा (जेमिमा रॉड्रिग्स) लगातार मेरा हालचाल लेते रहते थे. मैं सभी की बहुत आभारी हूं…आखिर में सब अच्छा ही हुआ' . इस चोट की वजह से यास्तिका को पिछले साल भारत में हुए महिला वनडे वर्ल्ड कप में टीम इंडिया की ऐतिहासिक जीत का हिस्सा बनने का मौका भी गंवाना पड़ा था। 

आयुष्मान योजना से मिली नई उम्मीद जगनी बाई को मिला निःशुल्क उपचार का लाभ

रायपुर आयुष्मान भारत योजना समाज के गरीब, जरूरतमंद एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए संजीवनी साबित हो रही है। योजना के माध्यम से अब दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले बुजुर्गों को भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो रही हैं। नारायणपुर जिले की निवासी जगनी बाई लाभान्वित हुई हैं, जिन्हें बढ़ती उम्र के कारण लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।              जगनी बाई ने बताया कि उम्र बढ़ने के साथ उनकी तबीयत लगातार खराब रहने लगी थी। कमजोरी, शरीर में दर्द तथा अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के कारण उन्हें अस्पताल जाकर इलाज कराने की आवश्यकता पड़ती थी, लेकिन परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण बेहतर उपचार कराना संभव नहीं हो पा रहा था। कई बार इलाज के खर्च की चिंता के कारण समय पर अस्पताल जाना भी मुश्किल हो जाता था। इसी दौरान उन्हें आयुष्मान भारत योजना की जानकारी मिली। योजना के अंतर्गत उनका आयुष्मान कार्ड बनाया गया, जिसके बाद उन्हें निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त हुई। कार्ड बनने के बाद जगनी बाई को अस्पताल में भर्ती होने, आवश्यक जांच कराने, डॉक्टरों से परामर्श लेने तथा दवाइयों सहित उपचार की सुविधा बिना किसी आर्थिक बोझ के मिली। उन्होंने बताया कि पहले इलाज के खर्च को लेकर परिवार के सदस्य हमेशा चिंतित रहते थे, लेकिन अब आयुष्मान योजना के कारण उन्हें बड़ी राहत मिली है। अस्पताल में बेहतर उपचार मिलने से उनके स्वास्थ्य में सुधार आया है और परिवार के लोगों को भी मानसिक राहत मिली है। जगनी बाई ने सरकार की इस जनहितैषी योजना की सराहना करते हुए कहा कि यह योजना गरीब एवं जरूरतमंद बुजुर्गों के लिए बहुत बड़ी सहायता साबित हो रही है।               ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले कई वरिष्ठ नागरिक आर्थिक अभाव के कारण समय पर इलाज नहीं करा पाते थे, जिससे उनकी परेशानियां और बढ़ जाती थीं। आयुष्मान भारत योजना ऐसे लोगों के लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई है। योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे अब गरीब परिवार भी बेहतर अस्पतालों में इलाज करा पा रहे हैं।               70 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के बुजुर्गों को योजना के माध्यम से विशेष रूप से लाभ मिल रहा है। इससे वरिष्ठ नागरिकों को समय पर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हो रही हैं और उनका जीवन स्तर बेहतर हो रहा है। शासन की यह पहल समाज के कमजोर वर्गों को स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान योजना का उद्देश्य प्रत्येक पात्र नागरिक तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि आर्थिक तंगी किसी भी व्यक्ति के उपचार में बाधा न बने। शासन द्वारा लगातार लोगों को योजना के प्रति जागरूक किया जा रहा है तथा पात्र हितग्राहियों के आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं।               जगनी बाई की तरह अनेक हितग्राही इस योजना का लाभ लेकर स्वस्थ जीवन की ओर आगे बढ़ रहे हैं। आयुष्मान भारत योजना न केवल आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि जरूरतमंद परिवारों को सुरक्षा और विश्वास भी दे रही है।

अचानक आधी कीमत पर पहुंचा LIC का शेयर, क्या है इस बड़ी गिरावट का पूरा मामला?

मुंबई   ग्लोबल टेंशन की वजह से एक बार फिर से भारतीय शेयर बाजार बिकवाली मोड में आ गया है। इस माहौल के बीच शुक्रवार को भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के शेयर में अचानक 50% तक की गिरावट देखी गई। बुधवार को एलआईसी के शेयर 830 रुपये पर बंद हुए थे तो शुक्रवार को कीमत 410 रुपये के स्तर पर थी। वहीं, गुरुवार को बकरीद की वजह से बाजार में ट्रेडिंग नहीं हुई थी। अब सवाल है कि एलआईसी के शेयर में आखिर एक ही दिन में इतनी बड़ी गिरावट क्यों आई है। आइए इसका भी गणित समझ लेते हैं। बोनस शेयर की वजह से दिखी गिरावट दरअसल, सरकारी बीमा कंपनी एलआईसी के 1:1 बोनस इश्यू एडजस्ट होने की वजह से यह शेयर अब पहले के मुकाबले 50 पर्सेंट से ज्यादा सस्ता हो गया है। बता दें कि अप्रैल के महीने में LIC ने एक प्लान को मंजूरी दी थी, जिसके तहत रिकॉर्ड डेट तक हर योग्य शेयरहोल्डर के पास मौजूद 10 रुपये के हर पूरी तरह से पेड-अप इक्विटी शेयर के बदले, 10 रुपये का एक और पूरी तरह से पेड-अप इक्विटी शेयर जारी किया जाएगा। कंपनी ने बताया था कि वह 31 दिसंबर, 2025 तक उपलब्ध अपने रिजर्व और सरप्लस (जो लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये था) में से 6,325 करोड़ रुपये तक की पूंजी का इस्तेमाल करके बोनस शेयर जारी करेगी। कंपनी ने अपने 1:1 बोनस इश्यू के लिए 29 मई (शुक्रवार) को रिकॉर्ड डेट तय की थी। बता दें कि यह LIC का अपने 21 लाख से ज्यादा शेयरहोल्डर्स के लिए पहला बोनस इश्यू है। मई 2022 में शेयर बाजार में लिस्ट होने के बाद से इस सरकारी बीमा कंपनी ने अब तक 5 अंतरिम डिविडेंड की घोषणा की है। कौन है बोनस शेयर के लिए योग्य? सिर्फ वही शेयरहोल्डर बोनस शेयर पाने के योग्य होंगे, जिनके डीमैट अकाउंट में शुक्रवार तक LIC के शेयर मौजूद होंगे। सेबी के T+1 सेटलमेंट नियम के कारण, निवेशकों को कंपनी के शेयर रिकॉर्ड डेट से कम से कम एक ट्रेडिंग दिन पहले खरीदने होंगे ताकि यह पक्का हो सके कि उस तारीख तक शेयर उनके डीमैट अकाउंट में जमा हो जाएं और इस तरह वे कॉर्पोरेट एक्शन के लिए योग्य हो सकें। बता दें कि 28 मई (गुरुवार) को बकरी ईद के कारण बाजार बंद थे। ऐसे में LIC के शेयर खरीदने की असल में आखिरी तारीख 27 मई (बुधवार) थी। बोनस इश्यू क्या होता है? बोनस इश्यू में कंपनी अपने रिजर्व में से फ्री शेयर बांटती है। इसे आमतौर पर कंपनी की मजबूत वित्तीय सेहत और विकास की संभावनाओं का संकेत माना जाता है। बोनस शेयर जारी करने से कुल बकाया शेयरों की संख्या तो बढ़ जाती है लेकिन इससे कंपनी के मार्केट कैपिटलाइजेशन में कोई बदलाव नहीं आता है। इससे शेयरों की लिक्विडिटी और खरीदने की क्षमता बेहतर हो सकती है।