samacharsecretary.com

विशेष स्वच्छता अभियान के बीच नन्हे बालक आनंद कश्यप ने दिया स्वच्छता का संदेश

रायपुर दंतेवाडा जिले में 15 मई से 15 जून तक विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के माध्यम से लोगों को स्वच्छता, कचरा प्रबंधन एवं साफ-सफाई के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी कड़ी में फरसपाल रोड स्थित पुरनतरई गांव से एक प्रेरणादायक पहल सामने आई है, जहां एक नन्हे बालक आनंद कश्यप ने अपने छोटे से प्रयास से बड़ा संदेश दिया है। गांव में स्थित एक छोटी सी दुकान के बाहर कार्डबोर्ड के डिब्बे से बनाया गया एक अनोखा कूड़ेदान लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा था। उस पर बड़े सरल शब्दों में लिखा था, “कचरा यहां डिब्बा में डालें।” देखने में साधारण लगने वाला यह कूड़ेदान स्वच्छता के प्रति जागरूकता और जिम्मेदारी का प्रतीक बन गया है। जब दुकान संचालक से इस बारे में जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि यह कूड़ेदान उनके बेटे आनंद कश्यप ने स्वयं बनाया है। आनंद की इस सोच और प्रयास ने सभी को प्रभावित किया। सीमित संसाधनों में तैयार किया गया यह छोटा सा प्रयास यह दर्शाता है कि यदि इरादे मजबूत हों तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। आनंद कश्यप की यह पहल लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक होने और अपने आसपास साफ-सफाई बनाए रखने की प्रेरणा दे रही है। यह कहानी हमें यह संदेश देती है कि स्वच्छता केवल एक आदत नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। आनंद जैसे नन्हे सिपाही ही स्वच्छ और सुंदर भारत के निर्माण की मजबूत नींव हैं।

भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है आम

रायपुर आम केवल एक फल नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति, कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक तकनीकों को अपनाकर आम उत्पादों को बडे रूप में विकसित करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए।  राज्यपाल  रमेन डेका आज इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर में आयोजित राष्ट्रीय आम महोत्सव के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। समारोह की अध्यक्षता मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने की। राज्यपाल ने अपने संबोधन में कहा कि भारत विश्व में आम उत्पादन में अग्रणी है और देश में एक हजार से अधिक किस्मों के आम पाए जाते है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के स्थानीय आमों की विशेषताओें का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश के किसानों को उच्च गुणवत्ता वाली किस्मों के उत्पादन से अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए। राज्यपाल ने कहा कि इस प्रकार की प्रदर्शनियां और महोत्सव देश के विभिन्न राज्यों से आए आम उत्पादकों को एक-दूसरे की उन्नत खेती पद्धतियों, नई किस्मों और नवाचारों की जानकारी प्राप्त करने का अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि बस्तर, कोण्डागांव, कांकेर और सरगुजा जैसे क्षेत्रों में आम उत्पादन की बहुत संभावनाएं है। महिला स्व-सहायता समूहों के लिए भी इस क्षेत्र में रोजगार और उद्यमिता के व्यापक अवसर मौजूद है। मैंगों टूरिज्म की भी छत्तीसगढ़ में अपार संभावनाएं है। राज्यपाल ने कहा कि आम उत्पादन के साथ-साथ इसके वैल्यू एडिशन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। इसके लिए कृषि विश्वविद्यालय, छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम को मिलकर कार्य करना चाहिए।  डेका ने कहा कि हमारे जीवन को ईको फैंडली बनाना आज की आवश्यकता है। जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न उपायों को अपनाना होगा। उन्होंने एक पेड़ मां के नाम पर लगाने और रेन वाटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर दिया।  मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय ने कहा कि आम फलों का राजा है। आम की पत्तियों और लकड़ियों का भी हमारे जीवन में अत्यधिक महत्व है। हमारे घरों में मांगलिक कार्य होने पर हम आम की पत्तियों से तोरण बनाते है एवं आम की सूखी लकड़ियों का उपयोग हवन एवं पूजा में करते है। इस महोत्सव में 250 से अधिक किस्मों के आम प्रदर्शित किए गए है। मुख्यमंत्री  साय ने प्रदेशवासियोें को इस महोत्सव का लाभ लेने हेतु प्रेरित किया। प्रदर्शनी मे बेर के आकार से लेकर बीजापुर के हाथीझुल जैसे बड़े किस्मों के आम भी उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधामंत्री  नरेन्द्र मोदी के मंशानुरूप किसानों की आय दुगुनी करने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है और आम की खेती भी इस संकल्प को पूरा करने के लिए सहायक सिद्ध होगी। आम महोत्सव के उद्घाटन पश्चात राज्यपाल  डेका और मुख्यमंत्री  साय ने आम उत्पादकों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी में आम के विभिन्न किस्मों का अवलोकन किया ।  इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य बीज एवं कृषि विकास निगम के अध्यक्ष  चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष  सुरेश चंद्रवंशी एवं इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल, निदेशक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी सहित अन्य विश्वविद्यालयों के कुलपति, अधिष्ठाता, प्राध्यापकगण, किसान एवं बड़ी संख्या में दर्शकगण उपस्थित थे।

दमोह के डायल-112 हीरोज ट्रैक्टर हादसे में गंभीर रूपए से घायल व्यक्ति को त्वरित सहायता पहुँचाकर कराया अस्पताल में भर्ती

भोपाल  दमोह जिले के थाना पथरियाक्षेत्र में डायल-112 जवानों की तत्परता एवं संवेदनशील कार्यवाही से ट्रैक्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को समय पर अस्पताल पहुँचाकर उपचार उपलब्ध कराया गया। त्वरित सहायता मिलने से घायल व्यक्ति को समय रहते चिकित्सकीय सुविधा मिल सकी। 29 मई को राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112 भोपाल को सूचना प्राप्त हुई कि थाना पथरिया क्षेत्र अंतर्गत गढ़ाकोटा रोड पर एक व्यक्ति ट्रैक्टर से गिरकर उसके टायर के नीचे आ जाने से गंभीर रूप से घायल हो गया है तथा तत्काल पुलिस सहायता की आवश्यकता है। सूचना प्राप्त होते ही थाना पथरिया क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन एफआरवी-12 को मौके के लिए रवाना किया गया। सूचना प्राप्त होते ही डायल-112 को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। डायल-112 स्टाफ आरक्षकश्री राजेश सिंह एवं पायलट श्री मन्नू सिंह लोधी ने मौके पर पहुँचकर पाया कि एक व्यक्ति ट्रैक्‍टर से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया था।डायल-112 स्‍टॉफ ने बिना समय गवाएं घायल व्यक्ति को सुरक्षित डायल-112 वाहन से पथरिया अस्पताल में भर्ती कराया। डायल-112 की त्वरित कार्यवाही से घायल व्यक्ति को समय पर चिकित्सकीय सहायता मिल सकी। डायल-112 हीरोज श्रृंखला की यह कार्यवाही दर्शाती है कि डायल-112 सेवा आपातकालीन परिस्थितियों में तत्काल सहायता पहुँचाकर आमजन की सुरक्षा एवं जीवन रक्षा के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। सड़क दुर्घटनाओं एवं अन्य संकट की स्थितियों में डायल-112 जवान संवेदनशीलता, तत्परता एवं सेवा भाव के साथ लोगों की मदद कर रहे हैं।  

ट्रॉमा आज भी नहीं भूलीं आमना, हैरेसमेंट पर सुनाई दिल दहला देने वाली आपबीती

मुंबई  शोबिज की दुनिया हो या आम जिंदगी- लड़कियों को अक्सर गंदी नजरों और मनचलों का सामना करना पड़ा है. टीवी एक्ट्रेस आमना शरीफ भी यंग ऐज में इस तरह की हरकतों का सामना कर चुकी हैं।आमना ने अपना एक्सपीरियंस शेयर करते हुए बताया कि उस दौरान वो समझ नहीं पाती थीं कि क्या हो रहा है. वो छोटी थीं तो डर जाती थीं. ये सभी इंसीडेंट्स मुंबई के ही हैं।  आमना ने हॉटरफ्लाई से बातचीत में उस दौर को याद करते हुए कहा कि- मैं अपने मैथ्स के ट्यूशन के लिए गई थी. उनके साथ बाकी लड़कियां भी थीं। आमना ने कहा- तो जब हम सब जब ट्यूशन से बाहर निकलीं तो एक आदमी अपनी पैंट उतारे सामने खड़ा था।        आमना ने बताया कि वो सभी डर के मारे कांपने लगे थे. वो बोलीं- हम सिर्फ लड़कियां थीं, डर के मारे हम सर के पास भागे. एक्ट्रेस ने बताया कि ऐसी चीजें होती रहती थीं। एक और इंसीडेंट याद करते हुए वो बोलीं- एक बार किसी ने मुझे बहुत गंदे तरीके से टच करने की भी कोशिश की थी. ऐसा बस और ट्रेन- दोनों में हो चुका है।        आमना ने बताया कि वो बहुत यंग थीं तब, एक बार तो इस तरह का इंसीडेंट तब हुआ था जब वो अपनी आंटी के साथ थीं. ऐसे वक्त में आप रियलाइज नहीं कर पाते कि क्या हुआ। आमना ने बताया कि अब एक मां होने के नाते ये बहुत डरा देने वाला होता है. मैं सोचती हूं कभी-कभी कि मैं इतनी ओवर-प्रोटेक्टिव क्यों हूं कभी-कभी, तो ये इंसीडेंट्स की वजह से। क्योंकि ऐसे हादसे आपके जहन में हमेशा रहते हैं. आपके मन में डर बना रहता है. भले ही अब मुझे समझ है, लेकिन बचपन में नहीं थी. तो मैं हमेशा अपने बच्चे को प्रोटेक्ट करना चाहती हूं। 

SC ने दहेजखोरों को लगाई फटकार, कहा- शादी के नाम पर वसूली बर्दाश्त नहीं

 नई दिल्ली सुप्रीम कोर्ट ने दहेज प्रताड़ना को लेकर समाज को कड़ा संदेश दिया है. कोर्ट ने बहू-बेटियों के अपमान पर बेहद सख्त रुख अपनाया है. एक मामले की सुनवाई के दौरान देश की सबसे बड़ी अदालत ने साफ कहा कि लड़कों को शादी के बाद दूसरों की बेटियों और उनके परिवार का अपमान करने का कोई हक नहीं है. सुनवाई के दौरान अदालत ने बेहद कड़े शब्दों में पूछा, 'आप जिनसे पैसे लेते हो, आखिर उनको ही भिखारी कैसे कह सकते हो?' इसी सख्त रुख के साथ जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने आरोपी पति तथा उसके परिवार को कोई राहत देने से इनकार करते हुए उन्हें जेल भेजने का फैसला लिया। दरअसल, यह पूरा मामला दहेज हत्या और खुदकुशी के लिए उकसाने से जुड़ा हुआ था. इस केस में आरोपी पक्ष कोर्ट से कानूनी राहत की उम्मीद कर रहा था. हालांकि, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने लड़के वालों के पुराने बर्ताव पर बार-बार गहरी नाराजगी जताई. जजों का साफ मानना था कि ऐसे गंभीर मामलों में ढिलाई बरतने से समाज में गलत संदेश जाता है. इसी वजह से अदालत ने आरोपियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया. इस दौरान जस्टिस नागरत्ना ने हमारे समाज की इस कड़वी हकीकत पर गहरी चिंता जताई. उन्होंने सवाल किया, 'आखिर लड़के, लड़कियों से शादी ही क्यों करते हैं, जब उन्हें बाद में लड़की और उसके पूरे परिवार का अपमान ही करना होता है? इसी बीच, जब याचिकाकर्ता के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल पर तो सिर्फ आईपीसी की धारा 498A (दहेज प्रताड़ना) के तहत आरोप लगे हैं, तब सुप्रीम कोर्ट ने इसे सिरे से खारिज कर दिया. जस्टिस नागरत्ना ने वकील की दलील पर तीखी टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि आपको तो खुश होना चाहिए कि आप पर सिर्फ धारा 498A लगी है और इसमें केवल तीन साल की ही सजा का प्रावधान है।  बहू को पैसा निकालने वाली मशीन न समझें: सुप्रीम कोर्ट इसके आगे सुप्रीम कोर्ट ने शादियों के बाद लड़कियों के ससुराल में होने वाले आर्थिक शोषण पर भी गहरी चिंता जताई. इस दौरान जस्टिस नागरत्ना ने लड़के वालों की मानसिकता पर चोट करते हुए टिप्पणी की कि आजकल शादी के बाद ससुराल में दुल्हन तथा उसके माता-पिता को पूरी तरह से निचोड़ लेने यानी पैसे ऐंठने की कोशिश की जाती है।  इतना ही नहीं, अदालत ने लड़की के मायके वालों से पैसे मांगने और फिर उन्हें ही नीचा दिखाने वाले रवैए को बेहद शर्मनाक माना है. बेंच ने स्पष्ट कर दिया कि समाज में अब यह मैसेज जाना चाहिए कि कोई भी परिवार किसी की बेटी को लाकर उसका या उसके माता-पिता का मानसिक तथा आर्थिक उत्पीड़न नहीं कर सकता. आरोपियों की याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने यह जता दिया कि देश का कानून अब बहू-बेटियों के सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है। 

किसानों से अब तक 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव

मध्यप्रदेश ने गेहूं उपार्जन में नया रिकॉर्ड बनाया : मुख्यमंत्री डॉ. यादव किसानों से अब तक 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया: मुख्यमंत्री डॉ. यादव 24 हजार करोड़ रुपये का किसानों को किया जा चुका है भुगतान प्रदेश में सबसे लम्बे समय तक गेहूं खरीद की व्यवस्था की गई मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गेहूं उपार्जन पर वीडियो संदेश के माध्यम से दी जानकारी भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि राज्य सरकार ने इस वर्ष गेहूं उपार्जन में अपने सभी लक्ष्य हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड स्थापित किया है। प्रदेश में किसानों से अब तक रिकॉर्ड 1.4 करोड़ मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। राज्य सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों को 2585 रुपये न्यूनतम समर्थन मूल्य और प्रति क्विंटल 40 रुपए बोनस का लाभ दिया है। किसानों को 2625 रुपए प्रति क्विंटल गेहूं का भुगतान किया। अब तक किसानों को गेहूं उपार्जन की 24 हजार करोड़ राशि दी जा चुकी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में आज वीडियो संदेश के माध्यम से ये जानकारी दी। किसानों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गेहूं खरीदने के लिए किसानों की संख्या के मामले में मध्यप्रदेश देश का अग्रणी राज्य बन चुका है। प्रदेश में इस वर्ष गेहूं की पैदावार बढ़ी है। देश में सर्वाधिक गेहूं उत्पादन वाले राज्यों में पंजाब के बाद मध्यप्रदेश दूसरे स्थान पर है। मध्यप्रदेश सर्वाधिक लंबे समय तक गेहूं खरीद की व्यवस्था लागू करने वाला एकमात्र राज्य है। सरकारी खरीद के लिए पंजीयन कराने वाले सभी किसानों का गेहूं गोदामों तक पहुंच चुका है मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि छोटे और मध्यम श्रेणी के किसानों से पहले गेहूं खरीदा गया। यह व्यवस्था प्रदेश में पहली बार लागू की गई। छोटे किसानों से अब तक लगभग 32.72 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया है। इसके बाद बड़े किसानों को अपनी उपज बेचने का अवसर मिला। अब तक लगभग पौने 14 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं उपार्जन कर लिया गया है। सरकारी खरीद के लिए पंजीयन कराने वाले सभी किसान भाई-बहनों का गेहूं गोदाम तक पहुंच चुका है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध की स्थिति और विश्व में उत्पन्न विषम परिस्थितियों के बावजूद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में राज्य सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोपरि रखा है। इस कठिन दौर में भी रिकॉर्ड गेहूं खरीदी की गई है। राज्य सरकार किसानों के लिए अनेक जन हितैषी निर्णय ले रही है। अन्नदाता भाई-बहनों की बेहतरी के लिए राज्य सरकार ने यह पूरा वर्ष कृषक कल्याण को समर्पित किया है। प्रदेश का हर किसान समृद्ध और खुशहाल हो, पशुपालन, दुग्ध उत्पादन, फसल उत्पादन और फूड प्रोसेसिंग से किसानों की आय में वृद्धि हो, यह हमारी प्रतिबद्धता है।

CM शुभेंदु अधिकारी ने किया एलान, पश्चिम बंगाल में अगस्त से शुरू होगी Census 2027 की तैयारी

कलकत्ता पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शुक्रवार को ऐलान किया कि राज्य में जनगणना 1 अगस्त से शुरू होगी और अगले साल फरवरी के आखिर तक चलेगी. उन्होंने साफ कहा कि जनगणना का राजनीति से कोई लेना-देना नहीं है और सभी लोगों से इसमें हिस्सा लेने की अपील की।  शुभेंदु अधिकारी ने राज्य सचिवालय नबान्ना में 'जनगणना, 2027' के पहले चरण से जुड़ी एक बैठक में शामिल हुए. इसी बैठक के बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल में जनगणना को लेकर बड़ी जानकारी दी।  उन्होंने बताया कि बंगाल में जनगणना 1 अगस्त से शुरू होगी और अगले साल फरवरी के आखिरी दिन रात 12 बजे तक चलेगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया का राजनीति से कोई संबंध नहीं है।  मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जहां पूरे देश में जनगणना का काम काफी आगे बढ़ चुका है, वहीं पश्चिम बंगाल इस मामले में पिछड़ा हुआ है. उन्होंने कहा, देश जनगणना में काफी आगे निकल चुका है, लेकिन हम पीछे रह गए हैं।  इसके साथ ही मुख्यमंत्री शुभेंदु ने राज्य के कुछ हिस्सों में आबादी के बदलते ढांचे का मुद्दा भी उठाया. उन्होंने इसके लिए बांग्लादेश से अवैध घुसपैठ को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश से लगती 600 किलोमीटर लंबी सीमा पर अभी तक पूरी बाड़ नहीं लग पाई है. इसकी वजह यह बताई कि पिछली राज्य सरकार ने BSF को जमीन नहीं सौंपी, जिससे बाड़ लगाने का काम अटका रहा. नतीजा यह हुआ कि घुसपैठ होती रही और राज्य के कुछ इलाकों में आबादी की बनावट बदल गई।  मुख्यमंत्री शुभेंदु ने जनगणना को सरकारी काम और योजनाओं के लिए बेहद जरूरी बताया. उन्होंने कहा कि सही आंकड़े होंगे तभी सरकार ठीक से काम कर पाएगी और लोगों तक सही फायदे पहुंच पाएंगे. उन्होंने बंगाल के सभी लोगों से अपील की कि वे इस जनगणना में जरूर हिस्सा लें। 

जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं का कार्य पूर्ण

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जल ही जीवन का मुख्य आधार है और हमारी पारंपरिक जल संरचनाओं को संरक्षित और संवर्धित करना हमारा परम सामाजिक और पर्यावरणीय कर्तव्य है। इसी पावन उद्देश्य के साथ राज्य में शुरू किया गया 'जल गंगा संवर्धन अभियान' आज केवल एक शासकीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक के सहयोग से एक पवित्र जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्यप्रदेश में जल संरक्षण और पुनर्जीवन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुआ है, जिसके अंतर्गत अब तक रिकॉर्ड 2 लाख से अधिक जल संरचनाओं का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश जल सहेजने के इस पुनीत कार्य में पूरे देश में अग्रणी भूमिका निभा रहा है। 6 हजार 330 करोड़ रुपये की राशि से 2,00,844 महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार कार्य हुए पूरे जल गंगा संवर्धन अभियान-2026 के तहत राज्य में कुल 3,67,777 कार्यों का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसमें से 2,00,844 महत्वपूर्ण संरचनाओं का निर्माण और जीर्णोद्धार पूरा किया जा चुका है, जबकि 1,51,093 कार्य तीव्र गति से प्रगति पर हैं। इस विशाल अभियान को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से क्रियान्वित करने के लिए राज्य सरकार द्वारा कुल 10,644.02 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की गई है, जिसमें से अब तक 6,330.81 करोड़ रुपये (लगभग 59.5%) की राशि का उपयोग किया गया है, जो विकास की वास्तविक गति को दर्शाती है। कृषि और ग्रामीण क्षेत्रों में हुई जल क्रांति ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में जल आत्मनिर्भरता सुनिश्चित करने के लिए रिकॉर्ड 57,794 खेत तालाब और 91,838 डग वेल रिचार्ज (कुआं पुनर्भरण) संरचनाओं का निर्माण व जीर्णोद्धार किया गया है। इसके अतिरिक्त, पारंपरिक और नए जल स्रोतों को सहेजने के उद्देश्य से 29,906 जल संरक्षण एवं पुनर्भरण संरचनाओं तथा 126 भव्य 'अमृत सरोवरों' का कार्य शत्-प्रतिशत् पूरा किया जा चुका है। सिंचाई के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए 1,152 विशेष सिंचाई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और पुरानी जल संरचनाओं के पुनर्जीवन के लिए 2,721 मरम्मत एवं रखरखाव संबंधी कार्यों को सफलतापूर्वक संपन्न किया गया है। जल गंगा संवर्धन अभियान अंतर्गत सामाजिक, पर्यावरणीय और शैक्षणिक स्तर पर भी विशेष प्रयास किए गए हैं। वाटरशेड प्रबंधन के तहत 4,822 कार्यों को पूर्ण किया गया है, जिससे भूमिगत जल स्तर में व्यापक सुधार होगा। वहीं, स्कूलों में स्वच्छता और शुद्ध पेयजल सुनिश्चित करने के लिए 'WoW मोबाइल ऐप' के माध्यम से 5,275 पानी की टंकियों की सफाई का कार्य संपन्न कराया गया है। इसके अलावा, 'जल संसद जल बंधन 2.0' (JSJB 2.0) पहल के तहत 21.23 लाख से अधिक कार्यों का सफल पंजीकरण किया गया है, जिसमें समय पर कार्य पूर्ण करने की उत्कृष्ट दर 91.3% दर्ज की गई है। देश के लिए मिसाल बनेगा मध्यप्रदेश का जल प्रबंधन मॉडल मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय प्रदेश की जागरूक जनता, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और समर्पित प्रशासनिक अमले को देते हुए कहा कि मध्यप्रदेश का यह सशक्त जल प्रबंधन मॉडल पूरे देश के लिए एक नई और अनुकरणीय दिशा तय करेगा। आने वाली पीढ़ियों को जल संकट से बचाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मध्यप्रदेश इस दिशा में निरंतर नवाचार करता रहेगा।  

Abdullah Azam Case: कोर्ट ने रद्द की 7 साल की सजा, जेल से रिहाई की बढ़ी उम्मीदें

लखनऊ  समाजवादी पार्टी के पूर्व मंत्री आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम खान अभी जेल में बंद है. पर अब्दुल्ला के लिए एक अच्छी खबर आई है. MP/MLA सेशन कोर्ट ने दो पासपोर्ट मामले में सुनाई गई 7 साल की सजा को रद्द कर दिया है. अब सवाल उठ रहा है कि क्या अब्दुल्ला जेल से बाहर आएंगे।  वैसे भला ही अब्दुल्ला आजम खान को कोर्ट से दो पासपोर्ट मामले में राहत मिल गई हो, लेकिन जेल से बाहर आने का रास्ता साफ नहीं हुआ है. दरअसल, कुछ ऐसे मामले जो कि सुप्रीम कोर्ट में चल रहे हैं जिसमें अभी सुनवाई जारी है।  गौरतलब है, दो पासपोर्ट मामले में MP/MLA मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 5 दिसंबर 2025 को अब्दुल्ला आज़म को 7 साल की सजा सुनाई थी. इस फैसले के खिलाफ अब्दुल्ला आज़म की ओर से MP/MLA सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की गई थी, जिस पर 25 मई को बहस पूरी हो चुकी थी. इस मामले में शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने अब्दुल्ला आज़म की अपील मंजूर कर ली और पूर्व में सुनाई गई सजा को निरस्त कर दिया।  बता दें, बीजेपी विधायक आकाश सक्सेना ने 30 जुलाई 2019 को रामपुर के सिविल लाइंस थाने में मुकदमा दर्ज कराया था. आरोप था कि अब्दुल्ला आज़म ने अलग-अलग जन्मतिथि दर्शाकर दो पासपोर्ट बनवाए. एक पासपोर्ट में जन्मतिथि 1 जनवरी 1993 जबकि दूसरे में 30 सितंबर 1990 दर्ज होने का आरोप था. दोनों पासपोर्ट का इस्तेमाल कर विदेश यात्रा करने के आरोप भी लगाए गए थे. यह मामला MP/MLA कोर्ट में विचाराधीन था। 

गर्मी से मिलेगी राहत! 2500 KM चौड़े बादलों की एंट्री, कई राज्यों में बारिश का अलर्ट

नई दिल्ली भीषण गर्मी का सामना कर रहे उत्तर पश्चिम भारत को मौसम जल्द ही गुड न्यूज दे सकता है। खबर है कि भारत की ओर 2500 किलोमीटर चौड़े बादलों का समूह बढ़ रहा है। भारत के इनसैट-3डीएस उपग्रह ने ये तस्वीरें कैद की हैं। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मौसम सैटेलाइट द्वारा ली गई यह तस्वीर इस उपमहाद्वीप के ऊपर बारिश लाने वाले सिस्टम के सक्रिय होने का संकेत है। बादलों का यह समूह उत्तरी भारत में 2000 से 2500 किमी से भी अधिक क्षेत्र में फैला हुआ है। मौसम विभाग ने इन तस्वीरों को शेयर किया है। तस्वीरों में उत्तर और मध्य भारत में फैला हुआ बादलों का विशाल झुंड दिख रहा है। बादलों का जमावड़ा आने वाले तूफानों व भीषण गर्मी के बाद राहत का संकेत है। बादलों का यह घना झुंड पाकिस्तान व उत्तर-पश्चिमी भारत से लेकर पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी और मध्य भारत के कुछ हिस्सों तक फैला है। दिल्ली में झमाझम बारिश शुरू दिल्ली के कई हिस्सों में गुरुवार शाम को तेज हवाएं चलने और हल्की बारिश होने से शहर में जारी भीषण गर्मी से लोगों को काफी राहत मिली। IMD यानी भारत मौसम विज्ञान विभाग ने बताया कि राष्ट्रीय राजधानी में गरज-चमक के साथ आंधी आई, जिस दौरान पालम में हवा की अधिकतम गति 61 किलोमीटर प्रति घंटा दर्ज की गई। गुरुवार को दिल्ली के प्रमुख मौसम केंद्रों पर अधिकतम तापमान सामान्य से कम दर्ज किया गया। गिरा राजधानी का तापमान मौसम में यह बदलाव कई दिनों की भीषण गर्मी के बाद आया है, जिसके दौरान दिल्ली के विभिन्न केंद्रों पर तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार चला गया था। आईएमडी के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दिन की तुलना में गुरुवार को शहर भर में अधिकतम तापमान में करीब तीन से पांच डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। 31 मई तक होती रहेगी बारिश मौसम कार्यालय ने कहा कि शहर में बारिश और गरज-चमक की यह मौजूदा गतिविधि 31 मई तक जारी रहने की उम्मीद है। स्काईमेट वेदर के महेश पालावत ने कहा, 'राजस्थान के उत्तरी हिस्सों में पहले ही गरज के साथ बारिश शुरू हो चुकी है और शाम तक इस मौसम प्रणाली के दिल्ली तक पहुंचने और रात भर जारी रहने की संभावना है।' उन्होंने कहा कि शुक्रवार को तूफान की तीव्रता बढ़ने की संभावना है और यह सिलसिला 30 मई तक जारी रहने के आसार हैं। इसके बाद मौसम प्रणाली के 30 और 31 मई के बीच गुजरात की ओर बढ़ने की संभावना है। पालावत ने कहा, 'मॉनसून पूर्व वर्षा के इस दौर के दिल्ली में इस महीने की शुरुआत में और अप्रैल में हुई मॉनसून पूर्व वर्षा से अधिक तीव्र रहने की संभावना है, जिससे पूरे शहर में व्यापक वर्षा होगी।' उन्होंने मौसम में आए इन बदलावों का कारण पर्वतों के ऊपर मौजूद पश्चिमी विक्षोभ, राजस्थान और आसपास के इलाकों में बने चक्रवाती परिसंचरण और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाओं को बताया, जिनसे शहर में नमी का स्तर बढ़ गया है।