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कारोबारी सेटलमेंट के बाद भी केस चलाने पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI की कार्रवाई खारिज

बिलासपुर. छत्तीसगढ़ के कारोबारी विजय कुमार केला को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने छत्तीसगढ़ के कारोबारी की अपील स्वीकार करते हुए सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर, चार्जशीट और निचली अदालत के आदेश को रद्द कर दिया है. मामले में कोर्ट ने अपने फैसले में कहा है कि यदि बैंक लोन अकाउंट का सेटलमेंट आपसी सहमति से हो चुका है और उस पर डेब्ट्स रिकवरी ट्रिब्यूनल की मुहर लग चुकी है, तो उसके बाद कर्जदार के खिलाफ धोखाधड़ी का क्रिमिनल केस चलाना न्यायिक प्रक्रिया का दुरुपयोग है. शीर्ष कोर्ट ने कहा कि कमर्शियल विवादों के निपटारे के बाद भी यदि आपराधिक मुकदमे चलते रहेंगे तो देश के आर्थिक सिस्टम पर इसका बुरा असर पड़ेगा और लोग बैंकों के साथ वन-टाइम सेटलमेंट करने से कतराएंगे. यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस उज्ज्वल भुयान की बेंच सुनाया. दरअसल, रायपुर निवासी विजय कुमार केला के खिलाफ सीबीआई ने एफआईआर दर्ज कर चार्जशीट पेश की थी. जिसे लेकर कारोबारी ने सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी लगाई थी. केला ने बताया कि फर्म मेसर्स मोहन ट्रेडर्स को उनके बड़े भाई स्वर्गीय परमानंद केला संभालते थे. फर्म ने यूको बैंक से लोन लिया, जो वर्ष 2009 तक 8 करोड़ रुपए हो गया था. इस लोन के बदले रायपुर के अमलीडीह और बोरियाखुर्द की संपत्तियां गिरवी रखी गई थीं. नवंबर 2009 में परमानंद केला के आकस्मिक निधन के बाद कारोबार ठप हो गया और लोन की किस्तें जमा नहीं की जा सकीं. इसके चलते 31 दिसंबर 2010 को बैंक ने इस खाते को एनपीए घोषित कर दिया और बकाया लोन की वसूली के लिए डीआरटी, जबलपुर में केस पेश किया. डीआरटी में मामला लंबित रहने के दौरान दोनों पक्षों में 6.49 करोड़ रुपए के बकाया के बदले 4.25 करोड़ रुपए में फुल एंड फाइनल सेटलमेंट तय हुआ. शिकायत खाता बंद होने के करीब ढाई साल बाद फरवरी 2018 में यूको बैंक के जोनल हेड ने सीबीआई में शिकायत करते हुए आरोप लगाया, कि केला ने बैंक अधिकारियों के साथ मिलकर लोन लिमिट बढ़वाने के लिए सीए की फर्जी ऑडिट रिपोर्ट पेश की थी और कीमती संपत्तियों को मुक्त कराकर बैंक के पास एक अतिक्रमण वाली जमीन गिरवी रख दी. CBI ने केस दर्ज कर रायपुर की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी, जिस पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने भी रोक लगाने से इनकार कर दिया, तब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था.

यूपी पंचायत चुनाव मामला: ग्राम प्रधानों की नियुक्ति पर हाईकोर्ट सख्त, ओबीसी रिपोर्ट पेश करने के निर्देश

इलाहाबाद इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में ग्राम प्रधानों को प्रदेश में पंचायत चुनाव होने और नए प्रधान चुने जाने तक प्रशासक नियुक्त करने संबधी राज्य सरकार के आदेश को चुनौती दी गई। ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाए जाने के मामले में बुधवार हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में सुनवाई हुई। याची अमरेंद्र नाथ ने बताया कि सुनवाई के दौरान सरकार से सवाल किया कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव कब कराए जाएंगे। कोर्ट ने राज्य सरकार से उत्तर पनिर्वाचन आयोग को आदेश दिया कि अगली सुनवाई 10 जुलाई तक पंचायत चुनाव कराए जाने की संभावित डेट बताएं। इसके साथ ही सुनवाई के दौरान ओबीसी आयोग की रिपोर्ट अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने कहा है। यह आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ व न्यायमूर्ति एके चौधरी की अवकाशकालीन पीठ ने स्थानीय अधिवक्ता ओम प्रकाश प्रजापति की ओर से दाखिल याचिका पर पारित किया है। याचिका में ग्राम प्रधानों को प्रशासक नियुक्त करने संबधी राज्य सरकार के 25 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। कहा गया है कि उत्तर प्रदेश पंचायत राज अधिनियम की धारा 12 के तहत प्रधानों का कार्यकाल उनके शपथ लेने के पश्चात से सिर्फ पांच वर्ष का ही हो सकता है। सरकार ने समय पर पंचायत चुनाव न करा के मौजूदा प्रधानों को ही प्रशासक नियुक्त कर दिया। इस प्रकार से उनका कार्यकाल अनिश्चितकाल तक के लिए बढ़ा दिया गया है जो कि विधि विरूद्ध है। याचिका में मांग की गई कि पूर्व व्यवस्था के तहत यदि पंचायत चुनाव समय पर नहीं हो पा रहे तो एडीओ पंचायत या किसी अन्य अधिकारी को प्रशासक नियुक्त किया जाय। प्रधानों ने प्रशासक के रूप में 27 मई से काम संभाला है यूपी में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव न हो पाने पर पहली बार 57694 निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद अब उनके काम के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिया गया है। प्रशासक की जिम्मेदारी संभालने के बाद अब नए काम वो डीएम की अनुमति से ही करा सकेंगे। ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधानों ने प्रशासक के रूप में 27 मई से काम संभाला है। ऐसे में अब इस तिथि से वह कोई भी नया काम कराने के लिए जिला पंचायत राज अधिकारी के माध्यम से डीएम को प्रस्ताव भेजेंगे। फिर डीएम की अनुमति से ही वह कोई नया काम करा सकेंगे। सिर्फ ग्राम पंचायतों के प्रशासक नियुक्त किए जाने से पूर्व की तिथि से स्वीकृत व अनुमोदित दैनिक, निर्माणाधीन, मरम्मत कार्य और पूर्ण हो चुके कामों का भौतिक व तकनीकी मूल्यांकन कराते हुए भुगतान प्रशासक पूर्व की भांति कर सकेंगे।

MP में स्वास्थ्य सेवाओं पर ₹17,059 करोड़ खर्च करेगी सरकार, किसानों को भी मिली बड़ी सौगात

भोपाल  जनता की सहूलियत के कामों पर सरकार 21 हजार 485 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यह राशि अगले 5 साल में खर्च होगी। सबसे ज्यादा 17 हजार 59 करोड़ रुपए स्वास्थ्य सेवाओं पर खर्च होंगे। धार स्थित भोजशाला में सरस्वती लोक बनाया जाएगा। भोज शोध संस्थान की स्थापना भी होगी। यहां पूर्व के वर्षों में भोजशाला आंदोलन में जान गंवाने वालों के परिजनों को आर्थिक मदद दी जाएगी। किसानों को भी दी खुशखबरी किसानों द्वारा कुल पैदा की जाने वाली गर्मी की मूंग का 25 फीसद हिस्सा खरीदा जाएगा। जबकि उड़द के एक-एक दाने की खरीदी होगी। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 21 हजार 485 करोड़ की विभिन्न योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी दे दी है। जबकि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बाकी के विषयों की मंत्रियों को बैठक से पहले ब्रीफिंग में जानकारी दी। बरगी कू्रज हादसे की न्यायिक जांच कराए जाने का अनुसमर्थन संघ के 100 वर्ष फिल्म को एसजीएसटी से छूट दिए जाने व बरगी बांध में हुए भीषण हादसे की न्यायिक जांच कराए जाने संबंधी निर्णय का अनुसमर्थन किया। जबकि मध्यप्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 (संशोधन) अध्यादेश-2026 और मध्यप्रदेश उपकर (संशोधन) अध्यादेश-2026 के प्रारूप का अनुमोदन किया है। यहां खर्च होंगे 17 हजार 59 करोड़  -मेडिकल कॉलेजों के लिए चिकित्सालय योजना को 01 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का निर्णय लिया। इस पर 14,363.95 करोड़ खर्च होंगे। यह राशि लोगों को निशुल्क गुणवत्ता पूर्ण स्वास्थ्य सुविधा देने और चिकित्सा के लिए मानव संसाधन विकसित किए जाने पर खर्च होगी। -मेडिकल कॉलेजों में पीजी पाठ्यक्रम को मजबूत बनाया जाएगा। इसके लिए 657 करोड़ की मंजूरी मिली। मेडिकल कॉलेजों में केंद्र के आर्थिक सहयोग से राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मापदंडों के अनुरूप अतिरिक्त अधोसंरचना का निर्माण, नवीन मशीनें एवं उपकरणों के प्रतिस्थापन के फलस्वरूप अतिरिक्त स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम सीटों में बढ़ोतरी होगी। -उज्जैन ,सिवनी, छतरपुर, दमोह और बुदनी में बनाए जा रहे नए मेडिकल कॉलेजों के निर्माण से संबंधित योजना के लिए 1200 करोड़ रुपए की स्वीकृति मिली। -एमबीबीएस की सीट बढ़ाने संबंधी योजना के लिए 838 करोड़ रुपए मिले। इस राशि से मेडिकल कॉलेजों में अधोसंरचना निर्माण, आधुनिक उपकरणों की स्थापना, पठनपाठन एवं महाविद्यालयीन गतिविधियों शुरू की जाएंगी। -इंदौर के पिपल्याहाना में जिला न्यायालय भवन के लिए पुनरीक्षित लागत 626 करोड़ 61 लाख रुपए को स्वीकृति दी।

एक पेड़ माँ के नाम-स्वच्छता अभियान-जनकल्याण शिविर-प्राकृतिक खेती कार्य-शालाएं और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में प्रदेश को अग्रणी बनाने का है लक्ष्य

जनकल्याण अभियान में पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं का लाभ देना करें सुनिश्चित : मुख्य सचिव जैन "एक पेड़ माँ के नाम"-स्वच्छता अभियान-जनकल्याण शिविर-प्राकृतिक खेती कार्य-शालाएं और अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में प्रदेश को अग्रणी बनाने का है लक्ष्य मुख्यसचिव जैन ने कलेक्टर्स के साथ अभियान संबंधी तैयारियों की समीक्षा की भोपाल मुख्य सचिव अनुराग जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव की प्राथमिकता के अनुरूप 5 जून से आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय जनकल्याण अभियान में पात्र हितग्राहियों को केंद्र और राज्य की विभिन्न योजनाओं का लाभ देना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा है कि इस दौरान विश्व पर्यावरण दिवस पर "एक पेड़ माँ के नाम" और स्वच्छता अभियान, जनकल्याण शिविर, प्राकृतिक खेती कार्य-शालाएं तथा अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस गतिविधियों का उत्कृष्ट क्रियान्वयन हो जिससे देश में मध्यप्रदेश अग्रणी हो। मुख्य सचिव जैन बुधवार को मंत्रालय से संभाग के कमिश्नर, कलेक्टर और सीईओ जिला पंचायत को वीडियो कांफ्रेसिंग के साथ अभियान की तैयारियों की समीक्ष कर रहे थे। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा है कि प्रदेश के लिए यह गौरान्वित करने वाली बात है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के 25 दिन पूर्व खजुराहो से काउंट-डाउन शुरू हुआ है। ऐसे में हम सबका यह उत्तरदायित्व है कि शरीर को निरोगी रखने वाले योग से जन-जन को जोड़ें और नया रिकार्ड कायम करें। उन्होंने कहा कि कलेक्टर्स प्रयास करें कि योग का एक कार्यक्रम जिले की ऐतिहासिक धरोहर अथवा पर्यटन स्थल पर जरूर आयोजित हो। बैठक में बताया गया कि गिनीज बुक आफ वर्ल्ड रिकार्ड के लिए योग की व्यक्तिगत श्रेणी की गतिविधि 14 जून को भी होगी जिससे लोग टोल-फ्री नंबर 18003157008 पर पंजीयन करवा सकते हैं। इस दिन यह आयोजन सुबह 6.15 से 7.35 बजे तक होगा। मुख्य सचिव जैन ने कलेक्टर्स से कहा कि प्रभारी मंत्री से समन्वय कर कलेक्टर्स विश्व पर्यावरण दिवस 5 जून से 21 जून अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस तक होने वाली सभी गतिविधियों के लिए प्लान तैयार करें। उन्होंने पिछले वर्ष 'एक पेड़ मां के नाम में मध्यप्रदेश की देश में टॉप रैंक होने पर बधाई देते हुए कहा कि इस वर्ष भी प्रदेश को अग्रणी रखने के लिए पूरी प्लानिंग से नगरीय और ग्रामीण क्षेत्रों में पौध-रोपण किया जाए। बैठक में बताया गया कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव 5 जून को भोपाल से अभियान का शुभारंभ करेंगे। इस दौरान पूरे प्रदेश में जल चेतना और पर्यावरण सम्मेलन आयोजित किए जाएंगे। पौध-रोपण जियो टैगिंग और क्यू आर कोड के साथ किया जाएगा। इस गतिविधि के तहत स्वच्छता अभियान चलाकर ठोस और प्लास्टिक अपशिष्ट की सफाई के साथ जल स्त्रोतों की सफाई और गहरीकरण के कार्य भी किए जाएंगे। मुख्य सविच जैन ने 12 से 18 जून की अवधि में हर ब्लाक में 3 दिवसीय जनकल्याण शिविर लगाने पर सर्वाधिक फोकस करने के कलेक्टर्स को निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हितग्राही का योजनाओं के लिए चयन और प्रचलित योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने में पूरी गंभीरता बरतें। उन्होंने इस दौरान लोक सेवा गारंटी में प्राप्त शिकायतों के साथ ही समाधान एक दिन में प्राप्त आवेदनों का संतुष्टि पूर्ण समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रयास हो कि समय-सीमा में ही आवेदकों की जायज मांगो और शिकायतों का समाधान हो जाए। उन्होंने कहा है कि संबंधित विभाग संवदेनशील रहें और यह सुनिश्र्चित करें कि कोई भी वंचित पात्र हितग्राही शासन की योजनाओं के लाभ से नहीं छूटे। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए हैं कि 19 और 20 जून को हर जिले में अनिवार्य रूप से प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए प्रदर्शनी और कार्यशालाएं दो-दो स्थानों पर आयोजित की जाएं। उन्होंने कृषि भूमि को अधिक उपजाऊ बनाए रखने के लिए सही अर्थों में फर्टिलाइजर के उपयोग को हतोत्साहित करने और प्राकृतिक खेती को अपनाने पर फोकस करने के लिए कहा है। संपूर्ण प्रदेश में अभियान के अंतिम दिन 21 जून को होने वाले अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कार्यक्रम को समाज के सभी वर्गों की भागीदारी से देश में अग्रणी बनाने के निर्देश दिए हैं। बैठक में अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, संजय शुक्ला, श्रीमती दीपाली रस्तोगी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।  

मशहूर बुरहानपुर केला फसल को भारी नुकसान, मुख्यमंत्री ने तुरंत सर्वे और राहत के दिए निर्देश

बुरहानपुर   तेज आंधी और बेमौसम के कारण बुरहानपुर जिले में केले की फसलों को भारी नुकसान हुआ. खासकर शाहपुर और खकनार तहसील क्षेत्रों में फसलें तबाह हो गईं. किसान बर्बादी की कगार पर हैं. संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किसानों के जख्मों पर मरहम लगाया है. उन्होंने कलेक्टर को तुरंत सर्वे कराने के निर्देश दिए हैं. अब उम्मीद है कि किसानों को जल्द ही 2 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिल सकता है।  सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल मिले मुख्यमंत्री से किसानों की मांगों को लेकर भोपाल में मंगलवार को खंडवा-बुरहानपुर से सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से भेंट की. उन्होंने मुख्यमंत्री को बुरहानपुर जिले के विभिन्न गांवों में आई प्राकृतिक आपदा की स्थिति से अवगत कराया. सांसद ने नुकसान की जानकारी उपलब्ध कराई. इसके बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बुरहानपुरवासियों के नाम संदेश जारी किया।  बुरहानपुर कलेक्टर को सर्वे कराने के निर्देश सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र पाटिल ने बताया "प्राकृतिक आपदा से जिलेभर में भारी नुकसान हुआ है. मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कलेक्टर हर्ष सिंह को जरूरी दिशा निर्देश दिए हैं. मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का शीघ्र सर्वे कर राहत एवं सहायता कार्यों को तत्परता से करने को कहा है. इसके अलावा खंडवा जिले की ग्राम पंचायत हंडियाखेड़ा में हुई आगजनी की घटना के बारे में भी जिक्र किया है. हंडियाखेड़ा में 20 से अधिक आवासीय मकान प्रभावित हुए हैं।  विधायक अर्चना चिटनीस पहुंची खेतों में मंगलवार को क्षेत्रीय विधायक अर्चना चिटनीस ने लोनी और बिरोदा गांव के खेतों का जायजा लिया. वह प्रशासनिक अधिकारियों के साथ खेतों में पहुंची. किसानों से सीधा संवाद किया, उनकी समस्याएं सुनी. अर्चना चिटनिस ने कहा "किसान केवल अन्नदाता नहीं, बल्कि देश की अर्थव्यवस्था की मजबूत नींव हैं. प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई और किसानों को राहत दिलाना हमारी प्राथमिकता है।  पिछली बार 2 लाख प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिला मध्य प्रदेश सरकार ने पिछली बार केला फसल नुकसान का मुआवजा बढ़ाया था, अब प्रभावित किसानों को उनकी फसल नुकसानी 2 लाख रुपये तक प्रति हेक्टेयर मुआवजा मिलता है, इस बार जिलेभर भारी नुकसान हुआ है, जिसके कारण अब प्रभावित किसानों ने मुआवजा राशि को दोगुना करने और मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू किए जाने की मांग उठाई है।  लोनी गांव के किसान हेमंत पाटिल और बिरोदा गांव के किसान भास्कर झोपे ने सरकार से मुआवजा बढ़ाकर देने की गुहार लगाई है. उनका कहना है कि जिले में एक सप्ताह के भीतर तीसरी बार नुकसान हुआ है, इससे किसानों की कमर टूट गई है. किसान सदमे में हैं।  बुरहानपुर के कई गांवों में फसलें तबाह बीते शनिवार-रविवार की दरमियानी रात को बे-मौसम बारिश और तेज तूफान किसानों की फसलों पर आफत बनकर बरसे. इस बार फिर प्राकृतिक आपदा से सैकड़ों किसान प्रभावित हुए हैं. शाहपुर क्षेत्र के खामनी, भावसा, मोहद सहित आधा दर्जन से अधिक गांवों में फसल बर्बादी हो चुकी है. इसी तरह आदिवासी बाहुल्य खकनार क्षेत्र के दर्यापुर, सिंधखेड़ा, सिरपुर, टेंभी, मांजरोद कला, मांजरोद खुर्द, ढाबा, डोईफोडिया सहित अन्य गांवो में किसानों की खड़ी फसल गिर गई है। 

राजस्थान हाईकोर्ट में आसाराम मामला: अंतरिम जमानत और जेल सुविधाओं पर सवाल

जोधपुर नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रहे आसाराम की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं. जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद आसाराम के स्वास्थ्य और उसे मिलने वाली सुविधाओं को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई. इस मामले में आज सुनवाई रही अधूरी कल फिर इस मामले की होगी सुनवाई होगी. अंतरिम जमानत पर लगाई थी रोक हाल ही में अदालत ने स्वास्थ्य कारणों के आधार पर दी गई उनकी अंतरिम जमानत को आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए राहत समाप्त कर दी. करीब 2 साल से लगातार बढ़ाई जा रही अंतरिम जमानत पर अब रोक लगने के बाद आसाराम को फिर से न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा. राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई के दौरान पीड़िता के अधिकारों और न्याय की भावना को प्रमुखता देते हुए कहा कि यौन अपराधों के मामलों में पीड़ित पक्ष की चिंताओं और उसके जीवन पर पड़े प्रभाव को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. अदालत ने अपने आदेश में टिप्पणी की कि ऐसे मामलों में न्याय केवल आरोपी के अधिकारों तक सीमित नहीं है, बल्कि पीड़िता के सम्मान, सुरक्षा और न्याय की अपेक्षाओं की भी रक्षा की जानी चाहिए. अदालत के निर्देशों की पालना पर सवाल मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने जानना चाहा है कि पूर्व में मुख्य न्यायाधीश द्वारा आसाराम के संबंध में दिए गए आदेशों का कितना पालन हुआ है. बता दें कि पूर्व में कोर्ट ने आसाराम को जेल में उनकी बीमारी के मद्देनजर उचित समय पर उपचार और दवाइयां मुहैया कराने के निर्देश दिए थे. साथ ही स्वास्थ्य स्थितियों को देखते हुए उन्हें घर से बना एक समय का भोजन उपलब्ध कराने की भी अनुमति दी गई थी. अब कोर्ट यह सुनिश्चित करना चाहता है कि क्या प्रशासन इन निर्देशों का पूरी तरह पालन कर रहा है या नहीं. अस्पताल में भर्ती हुए आसाराम राज्य सरकार की ओर से कोर्ट से इन निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने के लिए कुछ समय की मांग की गई है. इस बीच खबर है कि मंगलवार शाम को जेल में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद आसाराम को उपचार के लिए जोधपुर के आरोग्यं अस्पताल लाया गया. फिलहाल मामले की अगली सुनवाई गुरुवार (4 जून) होनी है, जिसमें सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी होगी.

बरेली विकास प्राधिकरण की बड़ी योजना: आवासीय और औद्योगिक टाउनशिप से बदलेगा शहर का नक्शा

बरेली  उत्तर प्रदेश के बरेली शहर में दो नई और महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम में तेजी आ गई है। इस शहर के विस्तार और भविष्य की आवश्यकताओं के मद्देनजर बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) के अधिकारियों इसे लेकर मंगलवार को एक बैठक की। बैठक में दोनों योजनाओं के लिए अब तक 445.27 करोड़ रुपए खर्च कर 88 हेक्टेयर भूमि खरीद पर चर्चा की है। अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं के लिए बाकी जमीन के अधिग्रहण और पुनर्ग्रहण की प्रक्रिया को तेज करने पर जोर दिया। बीडीए उपाध्यक्ष डा. ए मनिकंडन का कहना है कि दिल्ली-लखनऊ बड़े बाईपास और बरेली-पीलीभीत राजमार्ग से सटे नौ गांवों की 267.19 हेक्टेयर भूमि पर नई आवासीय टाउनशिप विकसित की जाएगी। बीडीए अब तक 424.36 करोड़ रुपए खर्च कर 78 हेक्टेयर भूमि खरीद चुका है। योजना में 45 मीटर और 30 मीटर चौड़ी जोनल सड़कें प्रस्तावित हैं, जबकि सभी आंतरिक सड़कें 18 मीटर चौड़ी होंगी। 132 केवी विद्युत उपकेंद्र, एम्यूजमेंट पार्क, कम्युनिटी सेंटर विकसित की जाएंगी। दोनों परियोजनाओं में शामिल 38 हेक्टेयर ग्राम समाज और शासकीय भूमि के पुनर्ग्रहण की कार्रवाई भी जारी है। बीडीए अधिकारियों का मानना है कि योजनाएं पूरी होने के बाद बरेली में नियोजित शहरी विकास, निवेश और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। दिल्ली रोड पर बनेगा रोजगार का नया केंद्र दूसरी परियोजना दिल्ली रोड से सटी 126.30 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित औद्योगिक टाउनशिप है। मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप यहां सरदार वल्लभभाई पटेल एम्प्लॉयमेंट एंड इंडस्ट्रियल जोन विकसित किया जाएगा। इसके लिए बीडीए 20.91 करोड़ रुपए खर्च कर 10 हेक्टेयर भूमि खरीद चुका है। इस इंडस्ट्रियल हब में उद्योगों के लिए चौड़ी सड़कें, भूमिगत बिजली नेटवर्क, जलापूर्ति, सीवरेज, ड्रेनेज, हरित क्षेत्र, ई-चार्जिंग स्टेशन, गैस लाइन, कॉमन पार्किंग, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट सिस्टम और फायर स्टेशन जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी

चित्तौड़गढ़: मेवाड़ विश्वविद्यालय में अनियमितताओं पर सरकार का सख्त कदम, एडमिशन बंद

जयपुर राजस्थान के चित्तौड़गढ़ स्थित मेवाड़ विश्वविद्यालय के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है. राज्य के उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय में चल रही गंभीर अनियमितताओं और फर्जी डिग्री जारी करने के आरोपों को देखते हुए सभी पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है. विश्वविद्यालय में व्याप्त भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों की शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने उदयपुर संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था. इस समिति की रिपोर्ट में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं. विभाग ने इन तथ्यों को आधार बनाकर मेवाड़ विश्वविद्यालय चित्तौड़गढ़ अधिनियम-2009 की धारा 44(1) के तहत यूनिवर्सिटी को कारण बताओ नोटिस जारी किया था. एसओजी की कार्रवाई बनी आधार इस मामले में केवल विभाग ही नहीं बल्कि एसओजी (SOG) पुलिस भी सक्रिय है. विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों के विरुद्ध एसओजी द्वारा की गई गिरफ्तारियों का मामला विभाग के संज्ञान में आने के बाद यह कड़ा कदम उठाया गया है. उच्च शिक्षा विभाग के संयुक्त सचिव डॉ. मुकेश कुमार शर्मा के हस्ताक्षरों से जारी इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छात्रों के भविष्य, उच्च शिक्षा की साख और जनहित को सुरक्षित रखने के लिए यह निर्णय लेना अनिवार्य हो गया था. अगले आदेश तक प्रवेश प्रक्रिया ठप फिलहाल सरकार ने विश्वविद्यालय के सभी कोर्सों में नए छात्रों के दाखिले को अगले आदेशों तक पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया है. प्रशासन ने शैक्षणिक व्यवस्था की गरिमा बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई की गई है. जब तक सरकार की ओर से स्थिति स्पष्ट नहीं की जाती, तब तक विश्वविद्यालय में कोई भी नया छात्र प्रवेश नहीं ले पाएगा.

कागजों पर बने ड्रेनेज-सीवरेज प्रोजेक्ट का खुलासा, इंदौर में ED की बड़ी कार्रवाई

इंदौर  दौर नगर निगम के चर्चित फर्जी बिल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मास्टरमाइंड और निगम के पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ED की जांच में अब तक करीब 92 करोड़ रुपए की वित्तीय अनियमितताओं के दस्तावेजी प्रमाण सामने आए हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि सरकारी धन की हेराफेरी कर अर्जित राशि से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बड़ी संख्या में संपत्तियां खरीदी गईं। इसी के तहत 43 संपत्तियों को अटैच किया गया है। फर्जी बिलों के जरिए निकाली गई करोड़ों की राशि जांच में सामने आया है कि ड्रेनेज, सीवरेज और अन्य निर्माण कार्यों के नाम पर बड़े पैमाने पर फर्जी बिल तैयार किए गए। आरोप है कि नगर निगम के कुछ अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों ने मिलीभगत कर ऐसे कामों के भुगतान मंजूर कराए, जो या तो धरातल पर अस्तित्व में ही नहीं थे या फिर वास्तविक कार्य की तुलना में कई गुना अधिक दर्शाए गए। ED के अनुसार कई प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपएका भुगतान किया गया, लेकिन मौके पर जांच के दौरान संबंधित कार्यों का कोई स्पष्ट प्रमाण नहीं मिला। एजेंसी अब इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच के प्रमुख बिंदु     करीब 92 करोड़ रुपएके कथित घोटाले के साक्ष्य मिले।     पूर्व सहायक यंत्री अभय सिंह राठौर समेत तीन आरोपी गिरफ्तार।     स्पेशल कोर्ट ने तीन दिन की ईडी रिमांड मंजूर की।     मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश की 43 संपत्तियां अटैच।     फर्जी निर्माण कार्यों और जाली बिलों के माध्यम से राशि निकाले जाने का आरोप।     अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों की भूमिका जांच के दायरे में। घोटाले की परतें खुलने की उम्मीद ED की कार्रवाई के बाद नगर निगम के /यह चर्चित घोटाले में फिर चर्चाओं में है। जांच एजेंसी को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान पूछताछ से रुपयों के लेन-देन, संपत्तियों की खरीद और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है।

पश्चिमी विक्षोभ के असर से हरियाणा में मौसम यू-टर्न, कई जिलों में बारिश की चेतावनी

हिसार. प्रदेश में नया पश्चिमी विक्षोभ मंगलवार रात से सक्रिय होगा। इसके चलते बुधवार को प्रदेश में वर्षा का आरेंज और यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम में परिवर्तन छह जून तक रहेगा। अभी कुछ दिन से मौसम साफ रहने और गर्मी अधिक होने से सिरसा सबसे ज्यादा गर्म रहा। यहां का तापमान 41.2 डिग्री तक पहुंच गया। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार तापमान में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। हाल ही में तीन दिन से वर्षा नहीं होने से अधिकतम तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की गई है। सिरसा का तापमान कितना? इसके चलते सिरसा का तापमान 41.2 डिग्री तक पहुंच गया। वहीं बाकी जिलों का तापमान 36 डिग्री के आसपास चल रहा है। अब मंगलवार रात से पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से फिर से तेज व हल्की वर्षा होने की संभावना है, जिससे तापमान में कमी आएगी। छह जून तक तापमान में ऐसे बदलाव होने से आने वाले दिनों में गर्मी से राहत मिलेगी। इस समय किसान भी फसलों की बिजाई कर रहे हैं तो यह उनके लिए लाभकारी हो सकती है। वर्षा का अलर्ट:  ऑरेंज अलर्ट : सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी। यलो अलर्ट : कैथल, जींद, पानीपत, सोनीपत, रोहतक, झज्जर, गुरुग्राम, फरीदाबाद, मेवात व पलवल                   तापमान (डिग्री सेल्सियस में) जिला     न्यूनतम तापमान     अधिकतम तापमान अंबाला     24.8     37.9 भिवानी     22.5     36 फरीदाबाद     26.4     36.4 गुरुग्राम     23.4     36.2 हिसार     25.3     38.2 करनाल      23.7     35.2 नारनौल     22     36.5 सिरसा    26.4     41.2 सामान्य तिथि से लगभग तीन दिन की देरी के साथ मानसून चार जून को केरलम पहुंच सकता है। अरब सागर और बंगाल की खाड़ी में बनी अनुकूल परिस्थितियों के कारण मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और अगले कुछ दिनों में इसके केरलम में प्रवेश करने की संभावना है। इसके साथ ही दक्षिण भारत के कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर शुरू हो सकता है। आमतौर पर मानसून एक जून के आसपास केरलम पहुंचता है। यहीं से देश में चार महीने के वर्षा मौसम की शुरुआत मानी जाती है। इस बार मौसम विभाग (आइएमडी) ने पहले 26 मई को मानसून आने का अनुमान जताया था, मगर परिस्थितियां अनुकूल नहीं बनने के कारण इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। अब विभाग का कहना है कि चार जून के आसपास केरलम में मानसून की दस्तक हो सकती है। उत्तर भारत में भी बुधवार से मौसम का मिजाज बदल सकता है। मौसम विभाग ने उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत के लिए भी राहत के संकेत दिए हैं। दिल्ली, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और बिहार समेत कई राज्यों में मौसम का रुख बदल सकता है।