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Ladli Behna Yojana की 37वीं किस्त को लेकर बड़ा अपडेट, इस तारीख तक आ सकते हैं पैसे

भोपाल  मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना मध्य प्रदेश की महिलाओं के लिए चलाई जा रही एक महत्वपूर्ण योजना है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर माह 1500-1500 रुपए दिए जाते हैं। जून 2023 से मई 2026 तक महिलाओं के खातों में कुल 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे डीबीटी के माध्यम से जमा की जा चुकी है। 13 मई 2026 को नरसिंहपुर जिले के ग्राम मुंगवानी से सीएम डॉ. मोहन यादव ने ‘मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना’ की 36वीं किस्त जारी की थी। इसके तहत प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 लाड़ली बहनों के बैंक खातों में 1,835 करोड़ से अधिक की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की गई। अब जून 2026 में 37वीं किस्त जारी की जाएगी। संभावना है कि 10 से 15 जून के बीच सीएम द्वारा किस्त की राशि जारी की जा सकती है, हालांकि फाइनल तारीख को लेकर आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। गौरतलब है कि मई 2023 में लाड़ली बहना योजना शुरूआत की गई थी। 10 जून 2023 को योजना की पहली किस्त जारी की गई थी। योजना के प्रारंभ में प्रत्येक पात्र महिला को 1,000 रुपये प्रतिमाह प्रदान किए जाते थे। अक्टूबर 2023 में इसे बढ़ाकर 1,250 रुपये प्रतिमाह किया गया। इसके बाद नवंबर 2025 से राशि में पुनः वृद्धि कर इसे 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया। वर्तमान में सामान्य हितग्राही महिलाओं को 1500 रुपए प्रतिमाह (18000 रु सालाना) दिए जाते हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाओं को 900 रुपये प्रतिमाह मिलते हैं। लाड़ली बहना योजना पर राज्य सरकार द्वारा वित्तीय वर्ष 2023-24 में 14,726.05 करोड़ रुपये, वर्ष 2024-25 में 19,051.39 करोड़ रुपये तथा वर्ष 2025-26 में 20,318.53 करोड़ रुपये की राशि व्यय की गई। वर्ष 2026-27 में अप्रैल 2026 तक 1830.54 करोड़ रुपये की राशि की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लाडली बहना योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। इन्हें मिलता है योजना का लाभ:     मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हो ।     विवाहित महिला के साथ निर्धन, विधवा, तलाकशुदा एवं परित्यक्ता महिलाएं भी योजना की पात्र हैं।     महिलाओं की आयु 21 से 60 वर्ष तक होनी चाहिए ।     स्वयं का बैंक खाता और बैंक खाते मे आधार लिंक एवं डीबीटी होना चाहिए।     समग्र पोर्टल पर आधार के डाटा का ओटीपी या बायोमेट्रिक के माध्यम से वेरिफाई किया होना चाहिए । ये योजना से बाहर :     स्वयं/ परिवार की सम्मिलित रूप से स्वघोषित वार्षिक आय 2.5 लाख से अधिक हो या आयकरदाता हो।     जिनके पास संयुक्त रूप से 5 एकड़ से अधिक कृषि भूमि हो। ​     जिनके परिवार के पास चार पहिया वाहन (ट्रैक्टर को छोड़कर) हो।     स्वयं / परिवार का कोई भी सदस्य भारत सरकार अथवा राज्‍य सरकार के     शासकीय विभाग/ उपक्रम/ मण्‍डल/ स्‍थानीय निकाय में नियमित/स्‍थाईकर्मी/ संविदाकर्मी के रूप में नियोजित हो अथवा सेवानिवृत्ति उपरांत पेंशन प्राप्त कर रहा हो। लाभार्थी सूची में कैसे चेक करें अपना नाम     लाड़ली बहना की आधिकारिक वेबसाइट https://cmladlibahna.mp.gov.in/ पर जाएं।     वेबसाइट के मुख्य पृष्ठ पर “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” वाले विकल्प पर     क्लिक करें।     दूसरे पृष्ठ पर पहुंचने के बाद, अपना आवेदन नंबर या सदस्य समग्र क्रमांक दर्ज करें।     कैप्चा कोड सबमिट करने के बाद, मोबाइल पर एक ओटीपी भेजा जाएगा।     मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी दर्ज करें और वेरिफाई करें।     ओटीपी वेरिफाई करने के बाद “सर्च” विकल्प पर क्लिक करें और आपका भुगतान स्थिति खुल जाएगी।  

‘2-3 हफ्तों में तेल की कीमतों में बड़ा उछाल’, Hormuz संकट पर ग्लोबल ऑयल कंपनियों की वॉर्निंग

 नई दिल्ली करीब दो महीने पहले अमेरिका के इन्वेस्टमेंट बैंक जेपी मॉर्गन ने एक विश्लेषण जारी किया था, जिसमें सवाल पूछा गया था कि 'दुनिया के पास काम चलाने लायक कच्चे तेल का न्यूनतम स्टॉक खत्म होने में कितना वक्त लगेगा?.' इसका सार ये था कि भले ही बाजार में करोड़ों बैरल तेल मौजूद हो, लेकिन अगर इस्तेमाल के लिए उपलब्ध भंडार बहुत कम हो जाए तो पूरी व्यवस्था चरमरा जाती है. इंसानी शरीर में ब्लड प्रेशर की तरह असली मुद्दा तेल की मात्रा नहीं, बल्कि उसके लगातार प्रवाह का है।  करीब चार हफ्ते बाद बैंक ने एक और विश्लेषण जारी किया, जिसमें बताया गया कि .होर्मुज स्ट्रेट सितंबर तक क्यों खुल जाएगा… किसी न किसी तरह. बैंक के मुताबिक, 2026 की शुरुआत में वैश्विक तेल भंडार 8.4 अरब बैरल था, लेकिन उसमें से केवल 0.8 अरब बैरल ही ऐसा था जिसे इस्तेमाल किया जा सकता था।  संक्षेप में कहें तो, अगर होर्मुज स्ट्रेट बंद रहता है और तेल की महंगाई के कारण मांग में कमी 55 लाख बैरल प्रतिदिन पर स्थिर रहती है, तो OECD देशों (Organisation For Economic Co-operation and Development) के कमर्शियल तेल भंडार जून तक भारी दबाव में आ सकते हैं।  इसके बाद सितंबर तक दुनिया के तेल भंडार उस न्यूनतम स्तर पर पहुंच सकते हैं, जहां से सामान्य संचालन करना मुश्किल हो जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि जेपीमॉर्गन की पिछली रिपोर्ट के बाद तेल की कीमतें बढ़ने के बजाय घटी हैं, इसलिए मांग में गिरावट की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है।  सप्लाई कम फिर भी गिर रही तेल की कीमतें… बड़ा तूफान आने वाला है इस दौरान सबसे हैरानी वाली बात यह रही कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से रोजाना करीब 1 करोड़ बैरल तेल जरूरतमंद देशों तक नहीं पहुंच पा रहा था. सामान्य तौर पर ऐसी स्थिति में कीमतें तेजी से बढ़नी चाहिए थीं ताकि मांग कम हो जाए. लेकिन इसके उलट मार्च के आखिर में बहुत अधिक बढ़ने और फिर एक महीने बाद दोबारा बढ़ने के बाद तेल की कीमतें गिरने लगीं. इससे मांग कम होने के बजाय और बढ़ी है. इसी वजह से जेपीमॉर्गन ने रिपोर्ट जारी कर कहा था कि वैश्विक तेल बाजार के गणित में कुछ गड़बड़ है।  इसके कुछ हफ्ते बाद गोल्डमैन सैक्स ने भी कहा कि होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने के बावजूद, मई में वैश्विक तेल भंडार रिकॉर्ड 87 लाख बैरल प्रतिदिन की दर से घटे।  फिर भी मई में तेल की कीमतें काफी नीचे रहीं. इसकी एक बड़ी वजह बाजार को रोजाना दिए जाने वाले वो संकेत थे जिनमें सरकारी और गैर-सरकारी सूत्र लगातार यह कह रहे थे कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता बस होने ही वाला है।  लेकिन ऐसा नहीं हुआ. तेल बाजार भले ही इस खतरे को नजरअंदाज करना चाहे, लेकिन अब तेल उद्योग की बड़ी कंपनियां खुलकर चेतावनी देने लगी हैं।  तेल स्टोरेज खत्म होने का झटका बाजार सह नहीं पाएगा हाल ही में शेवरॉन के CEO माइक वर्थ ने कहा कि अगले दो महीनों में तेल की कीमतें बढ़ने की संभावना है क्योंकि पहले से ही बेहद कम स्तर पर मौजूद कच्चे तेल के भंडार ईरान युद्ध की वजह से लगातार घट रहे हैं।  उन्होंने गुरुवार को एक कॉन्फ्रेंस में कहा, 'सुरक्षा के लिए मौजूद अतिरिक्त भंडार खत्म हो रहा है और ऐसा झटका सहने की क्षमता भी खत्म होती जा रही है. बाजार के पास इस असंतुलन को संभालने की क्षमता अब पहले की तुलना में काफी कम रह गई है।  उन्होंने आगे कहा, 'अगले कुछ हफ्तों में यह दबाव सीधे तेल की कीमतों में दिखने लगेगा. जून और खासकर जुलाई में कीमतें ऊपर जाएंगी।  वर्थ की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब पिछले एक हफ्ते में तेल की कीमतों में करीब 10% की गिरावट आई है. इसकी वजह यह उम्मीद रही कि अमेरिका और ईरान तीन महीने से चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए कोई समझौता कर सकते हैं. इसी संघर्ष के कारण होर्मुज स्ट्रेट बंद है, जो दुनिया के लगभग पांचवें हिस्से के कच्चे तेल की आवाजाही का रास्ता है।  उनकी चेतावनी से यह चिंता भी बढ़ गई है कि अगर युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता हो भी जाता है तब भी तेल की कीमतें महीनों तक ऊपर बनी रह सकती हैं. वैसे भी फिलहाल ऐसा कोई समझौता होता हुआ नजर नहीं आ रहा. इस संघर्ष के कारण वैश्विक बाजार से रोजाना 1.2 से 1.3 करोड़ बैरल तेल की आपूर्ति गायब हो चुकी है।  युद्ध खत्म हो भी जाए तब भी अगले साल तक नहीं सुधरेंगे तेल बाजार के हालात वर्थ की बात अन्य तेल अधिकारियों की चेतावनियों से भी मेल खाती है. इनमें संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की सरकारी तेल कंपनी Adnoc के प्रमुख भी शामिल हैं. उन्होंने पिछले सप्ताह कहा था कि अगर संघर्ष खत्म भी हो जाए, तब भी होर्मुज स्ट्रेट में तेल की सामान्य आवाजाही अगले साल से पहले बहाल होने की संभावना नहीं है।  ADNOC के सीईओ सुल्तान अल-जाबेर ने 21 मई को एक प्रोग्राम में कहा, 'संघर्ष से पहले के स्तर की 80% तेल आपूर्ति बहाल होने में कम से कम चार महीने लगेंगे और पूरी क्षमता से तेल प्रवाह 2027 की पहली या शायद दूसरी तिमाही से पहले शुरू नहीं होगा।  जेपीमॉर्गन की तरह वर्थ ने भी कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद तेल की कीमतें उतनी नहीं बढ़ीं जितनी उम्मीद थी. इसकी वजह यह रही कि देशों ने इमर्जेंसी के लिए अच्छी मात्रा में तेल जमा कर रखा था, अमेरिका ने बाजार को तेल दिया और ईरान, रूस, वेनेजुएला के प्रतिबंधित तेल भी बाजार में पहुंचे. लेकिन अब ये भंडार तेजी से घट रहे हैं।  ऑयल प्राइस की एक रिपोर्ट के मुताबिक, इसमें एक बड़ा फैक्टर चीन के तेल भंडार हैं जो चुपचाप तेजी से कम हो रहे हैं. इसमें कमर्शियल और स्ट्रैटेजिक दोनों तरह के भंडार शामिल हैं. चीन के रणनीतिक भंडार में करीब 1.4 अरब बैरल तेल होने का अनुमान है. अगर चीन इन्हें बड़े पैमाने पर बाजार में उतारता है, तो संकट कुछ समय के लिए टल सकता है।  वर्थ ने यह भी कहा कि मौजूदा ऊर्जा संकट सरकारों को सीख देगा कि वो भविष्य के लिए … Read more

11 से 13 जून तक बनेगा महालक्ष्मी राजयोग, इन 4 राशियों पर बरसेगी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा

 11 जून 2026 से 13 जून 2026 तक मंगल और चंद्रमा की युति से बनने वाला महालक्ष्मी राजयोग बनेगा. यह योग ज्योतिष शास्त्र में बेहद शुभ और धन-समृद्धि देने वाला माना गया है. चंद्रमा को मन और धन का कारक माना जाता है, जबकि मंगल ऊर्जा, भूमि और साहस के प्रतीक हैं. जब ये दोनों एक साथ आते हैं, तो धन के नए मार्ग खुलते हैं. इस बेहद शुभ राजयोग से विशेष रूप से 4 राशियों की किस्मत चमकने वाली है. आइए जानते हैं कि किन राशियों को इससे सबसे ज्यादा लाभ होने जा रहा है. मेष राशि (Aries) मेष राशि के जातकों के लिए यह महालक्ष्मी राजयोग बेहद फलदायी साबित होगा. क्योंकि मंगल आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए इस समय आपका आत्मविश्वास सातवें आसमान पर होगा. धन लाभ: रुके हुए धन की प्राप्ति होगी. अगर कहीं पैसा फंसा था, तो वह वापस मिल सकता है. करियर व व्यापार: नौकरीपेशा लोगों को कार्यस्थल पर नई जिम्मेदारी या पदोन्नति मिल सकती है. व्यापार में कोई बड़ी डील फाइनल हो सकती है. विशेष: भूमि या वाहन खरीदने के योग बनेंगे. 2. कर्क राशि (Cancer) चंद्रमा कर्क राशि के स्वामी हैं, इसलिए मंगल के साथ उनकी यह युति आपके लिए आर्थिक मोर्चे पर बड़ी खुशखबरी लेकर आ रही है. आर्थिक पक्ष: आपकी इनकम के सोर्स बढ़ेंगे. आकस्मिक धन लाभ (अचानक पैसा मिलना) के प्रबल योग हैं. पारिवारिक जीवन: परिवार में सुख-शांति रहेगी और पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है. निवेश: इस अवधि में किया गया निवेश भविष्य में बड़ा मुनाफा देगा. 3. सिंह राशि (Leo) सिंह राशि के जातकों के लिए महालक्ष्मी राजयोग भाग्य का पूरा साथ लेकर आ रहा है. आपके सोचे हुए सभी काम इस अवधि में पूरे होने लगेंगे. मान-सम्मान: समाज और कार्यस्थल पर आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी. वरिष्ठ अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलेगा. करियर: यदि आप नई नौकरी की तलाश में हैं, तो इन तीन दिनों के भीतर कोई अच्छा प्रस्ताव मिल सकता है. व्यापार: जो लोग पार्टनरशिप में बिजनेस करते हैं, उन्हें अच्छा मुनाफा होगा. 4. वृश्चिक राशि (Scorpio) मंगल की दूसरी स्वराशि वृश्चिक है, इसलिए इस राशि के जातकों पर भी मां लक्ष्मी की विशेष कृपा बरसने वाली है. आपकी आर्थिक स्थिति में जबरदस्त सुधार देखने को मिलेगा. कर्ज से मुक्ति: अगर आप लंबे समय से कर्ज से परेशान थे, तो उससे राहत पाने का कोई रास्ता साफ होगा. साहस और पराक्रम: आपके निर्णय लेने की क्षमता मजबूत होगी, जिससे व्यापार में बड़ा फायदा हो सकता है. करियर: सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे लोगों को कोई शुभ समाचार मिल सकता है.

कोचिंग सेंटर विवाद के बाद बिहार में सियासत गर्म, छात्रों की पढ़ाई पर असर

पटना राजधानी पटना में खान ग्लोबल कोचिंग सेंटर में तोड़फोड़, मारपीट और बवाल की घटना से सभी हैरान हैं। खान सर ने छात्रों से कह दिया है कि कोचिंग सेंटर को अगले आदेश तक बंद रखा जाएगा। इधर अचानक कोचिंग सेंटर बंद होने से कई छात्र परेशान दिखे और खान सर के समर्थन में सड़क पर भी बैठ गए। इस पूरे हो-हंगामे ने सम्राट चौधरी सरकार का भी ध्यान खींचा है। बिहार सरकार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने इस घटना के बाद स्पष्ट तौर से कहा है कि अब राज्य में कोचिंग संस्थानों के लिए नई नीति बनाई जाएगी। शिक्षा मंत्री ने साफ किया है कि सरकार चाहती है कि कोचिंग संस्थानों पर उसका नियंत्रण हो और भविष्य में ऐसी घटनाएं ना हों ताकि छात्रों को परेशानी ना झेलनी पड़े। खान सर के कोचिंग सेंटर में हुई घटना को लेकर शुरू से ही कहा जा रहा है कि यह दो कोचिंग संस्थानों के आपसी वर्चस्व का नतीजा है। खुद खान सर ने पास के ही एक अन्य कोचिंग सेंटर को इस पूरी घटना के लिए जिम्मेदार बताया। उनका कहना था कि छात्रों से कम फीस लेने की वजह से दूसरे कोचिंग सेंटर वाले नाराज चल रहे थे और उन्होंने पहले धमकी भी दी थी। बहरहाल इस तोड़फोड़ और बवाल के बाद सरकार ने अब सख्त रवैया अपनाने का ऐलान किया है। शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने कहा है कि सरकार अगले तीन महीने में कोचिंग संस्थानों के लिए नई नीति बनाएगी। एक दूसरे को नीचा दिखाने के लिए कोचिंग सेंटर ये सब जो षड़यंत्र कर रहे हैं वो सब अब बंद हो जाएगा। कोचिंग संस्थानों पर नकेल कसेंगे। कोचिंग संस्थान सरकार के नियंत्रण में रहेंगे। शिक्षा मंत्री ने कहा कि यह स्थिति चिंताजनक है। इससे छात्रों की पढ़ाई भी प्रभावित हो गई है। मंत्री ने आगे कहा कि मंगलवार को कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में वो खुद डीजीपी से बात करेंगे और पूरे मामले की जांच करवाएंगे। जो भी इसमें दोषी पाया जाएग उसपर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार की सरकार विधि-व्यवस्था के नियंत्रण में जो भी बाधा होगी उसे दूर करेगी। जो गड़बड़ करेगा वो जेल के अंदर रहेगा और जिसने भी यह परिस्थिति उत्पन्न की है उसे पुलिस छोड़ेगी नहीं। पुलिस ने तीन लोगों को हिरासत में लिया आपको बता दें कि खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के मामले में पुलिस ताबड़तोड़ ऐक्शन ले रही है। अब तक तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें एक शख्स एक अन्य कोचिंग सेंटर का डायरेक्टर बताया जा रहा है। पुलिस ने 4 लोगों पर नामजद और 15 अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया है। कोचिंग सेंटर पर हमले और तोड़फोड़ का वीडियो भी सामने आया है। इसमें कुछ लोग खान सर के गार्ड की बेरहमी से धुनाई करते और कोचिंग सेंटर पर ईंट फेंकते नजर आ रहे हैं। पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों पर कार्रवाई में जुटी हुई है।

सरगुजा के किसान देवानंद बने मिसाल, मनरेगा डबरियों से खेती और रोजगार को मिला नया सहारा

मनरेगा की आजीविका डबरियां बन रहीं ग्रामीण समृद्धि का आधार जल संरक्षण, मछली पालन और सिंचाई से किसानों की बढ़ रही आय, सरगुजा के किसान देवानंद बने सफलता की मिसाल रायपुर,  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में ग्रामीण विकास और आजीविका संवर्धन की दिशा में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) बहुआयामी परिवर्तन का माध्यम बन रही है। योजना के तहत निर्मित ‘आजीविका डबरियां’ जल संरक्षण के साथ किसानों की आय बढ़ाने, भू-जल संवर्धन और पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। सरगुजा जिले के ग्राम अडची के किसान देवानंद इसकी जीवंत मिसाल बनकर उभरे हैं, जिनकी आर्थिक स्थिति मनरेगा से निर्मित एक डबरी ने बदल दी है। जनपद पंचायत अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत अडची निवासी किसान देवानंद ने वर्ष 2025-26 में अपने खेत में आजीविका डबरी निर्माण का प्रस्ताव रखा था। ग्राम पंचायत द्वारा मनरेगा के अंतर्गत 2 लाख रुपये की लागत से 17×19 मीटर आकार की डबरी का निर्माण कराया गया। निर्माण कार्य के दौरान ग्रामीण मजदूरों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिला, वहीं देवानंद को खेती और अतिरिक्त आय के नए अवसर प्राप्त हुए। आज यह डबरी वर्षा जल से भरकर उनके खेत की सबसे बड़ी ताकत बन गई है। डबरी के जल से वे अपनी फसलों और सब्जियों की समय पर सिंचाई कर रहे हैं, जिससे उत्पादन में वृद्धि हुई है। साथ ही उन्होंने डबरी में मछली पालन भी शुरू किया है। आगामी छह महीनों में पहली मछली फसल से उन्हें 15 से 20 हजार रुपये की अतिरिक्त आय मिलने की उम्मीद है। इस प्रकार एक ही परिसंपत्ति से सिंचाई और मत्स्य पालन दोनों के माध्यम से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है। देवानंद की डबरी केवल एक जल संरचना नहीं, बल्कि दीर्घकालिक आजीविका का मजबूत आधार बन चुकी है। मात्र 2 लाख रुपये के शासकीय निवेश से निर्मित यह परिसंपत्ति आगामी दो दशकों तक उनके परिवार को आर्थिक संबल प्रदान करेगी। उनकी सफलता से प्रेरित होकर गांव के अन्य किसान भी मनरेगा के माध्यम से डबरी निर्माण और मत्स्य पालन की ओर अग्रसर हो रहे हैं। सरगुजा जिले में किसानों की आय बढ़ाने और जल संरक्षण को मजबूत करने के उद्देश्य से डबरी निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिले में अब तक 487 आजीविका डबरियां स्वीकृत की जा चुकी हैं, जिनमें से 422 का निर्माण पूर्ण हो चुका है। इन डबरियों के माध्यम से वर्षा जल का संचयन हो रहा है, भू-जल स्तर में सुधार आ रहा है, खेतों में नमी बनी रह रही है तथा किसानों को सिंचाई और मत्स्य पालन जैसे अतिरिक्त आजीविका साधन उपलब्ध हो रहे हैं। मनरेगा के अंतर्गत निर्मित आजीविका डबरियां आज ग्रामीण क्षेत्रों में जल संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और आर्थिक सशक्तिकरण का प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही हैं। यह पहल न केवल किसानों की आय बढ़ा रही है, बल्कि जल सुरक्षा और सतत ग्रामीण विकास की दिशा में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

सहकारी समिति में बिना किसी परेशानी के मिला उर्वरक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार

खरीफ सीजन में किसानों को समय पर मिल रही खाद, सखौली के किसान कमलेश ने जताया संतोष सहकारी समिति में बिना किसी परेशानी के मिला उर्वरक, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का जताया आभार रायपुर,  राज्य शासन की किसान हितैषी पहल और कृषि विभाग की सतत निगरानी के परिणामस्वरूप किसानों को खरीफ सीजन के लिए आवश्यक उर्वरकों की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत समय पर खाद उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे खेती-किसानी की तैयारियों को गति मिली है। सरगुजा जिले के विकासखंड अम्बिकापुर अंतर्गत ग्राम पंचायत सखौली के किसान कमलेश राजवाड़े ने उर्वरक वितरण व्यवस्था पर संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि उन्हें समिति केंद्र में बिना किसी परेशानी के आवश्यक खाद उपलब्ध हो गया। उन्होंने कहा कि समिति पहुंचने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनका परमिट तत्काल जारी किया गया तथा आवश्यक उर्वरक भी आसानी से प्राप्त हो गया। कमलेश राजवाड़े ने बताया कि उनके पास लगभग 2 एकड़ कृषि भूमि है, जिसमें वे खरीफ सीजन में धान की खेती करते हैं। इसके अलावा वे वर्ष के अन्य समय में आलू, गोभी और टमाटर जैसी सब्जियों का उत्पादन भी करते हैं। उन्होंने बताया कि समिति से उन्हें खेती की आवश्यकता के अनुसार 2 बोरी यूरिया, 1 बोरी इफको (उर्वरक) तथा 1 बोरी राखड़ खाद प्राप्त हुआ है। समय पर उर्वरक उपलब्ध होने से फसल प्रबंधन में सुविधा होगी और उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान व्यवस्था के तहत समिति केंद्र में उर्वरक प्राप्त करने में किसी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़ा। पारदर्शी और सुव्यवस्थित वितरण प्रणाली से किसानों का समय बच रहा है तथा खेती की तैयारियां समय पर पूरी हो पा रही हैं। उर्वरकों की समयबद्ध उपलब्धता से प्रसन्न किसान कमलेश राजवाड़े ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखकर की गई व्यवस्थाओं से खेती-किसानी के कार्यों में काफी सुविधा हुई है। राज्य शासन द्वारा किसानों को समय पर कृषि आदान उपलब्ध कराने के प्रयासों का सीधा लाभ ग्रामीण अंचलों के किसानों को मिल रहा है।

150 करोड़ के नगर निगम घोटाले का खुलासा, फर्जी खातों के जरिए उड़ाए करोड़ों रुपये

पंचकूला/चंडीगढ़. पंचकूला नगर निगम में करीब 150 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में निकाली रकम का इस्तेमाल लग्जरी गाड़ियों की खरीद, अचल संपत्तियों में निवेश और कई स्तरों पर धन के ट्रांसफर के लिए किया। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा विशेष अदालत में रखी गई रिपोर्ट के मुताबिक मुख्य आरोपित कोटक महिंद्रा बैंक के तत्कालीन शाखा प्रबंधक और डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह ने इस धन से बीएमडब्ल्यू 7 सीरीज, महिंद्रा थार, महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन और एक मोटरसाइकिल खरीदी। मार्च में मामला उजागर होने से पहले इन सभी संपत्तियों और वाहनों को बेच दिया गया। इससे पूर्व ईडी ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कोटक महिंद्रा बैंक के पूर्व डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट पुष्पिंदर सिंह को गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने अदालत में उन्हें इस पूरे कथित घोटाले का ‘मास्टरमाइंड’ बताते हुए दावा किया कि बैंकिंग सिस्टम और पद का इस्तेमाल कर नगर निगम की रकम को अवैध तरीके से बाहर निकाला गया। जांच एजेंसी के अनुसार नगर निगम पंचकूला के नाम पर दो बैंक खाते – 2015073031 और 2046279112 कथित रूप से जाली दस्तावेजों के जरिए खोले और संचालित किए गए। ईडी के अनुसार रजत दहरा को 88.17 करोड़, स्वाति तोमर को 31.58 करोड़, कपिल कुमार को 2.36 करोड़ और विनोद कुमार को 1.41 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए गए। 10 से 12 चेकों पर किए साइन कपिल कुमार ने जांच एजेंसी को बताया कि रजत दहरा ने बताया कि अच्छी नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उसके नाम पर बैंक खाता खुलवाया और पुष्पिंदर सिंह के घर पर उससे 10-12 चेकों पर हस्ताक्षर करवा लिए। स्वाति तोमर ने बयान में कहा कि उसे भी बैंक खाते खुलवाने के लिए तैयार किया गया। उसके मुताबिक पुष्पिंदर सिंह और उनकी पत्नी प्रीति ठाकुर के प्रभाव में उसने पीएनबी, आइसीआइसीआइ और आइडीएफसी बैंक में खाते खुलवाए। स्वाति ने यह भी कहा कि उसने कभी पुष्पिंदर सिंह, प्रीति ठाकुर, रजत दहरा, आर्यन सिंह, समर मोहन रंगा, सनी गर्ग, प्रियंका गर्ग या उनसे जुड़ी संस्थाओं को कोई कर्ज नहीं दिया और कई लाभार्थियों को वह जानती तक नहीं थी। आरोपितों को नौ जून तक रिमांड पर भेजा पुष्पिंदर सिंह ने 2020 से 2023 के बीच रजत दहरा और स्वाति तोमर से 33 करोड़ रुपये ऋण के रूप में मिलने की बात स्वीकार की, जिनका उपयोग कथित तौर पर वाहन और संपत्तियां खरीदने में किया गया। पूर्व नगर निगम लेखा अधिकारी विकास कौशिक के हवाले से एजेंसी ने कहा कि नगर निगम और बैंक के बीच होने वाला भौतिक संवाद पुष्पिंदर सिंह और बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर दिलीप राघव के जरिए होता था। पहली जून को पुष्पिंदर सिंह की ओर से अदालत में कहा गया कि धनशोधन निवारण कानून की धारा 19 की शर्तें पूरी नहीं हुईं और हिरासत मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। इसके बावजूद विशेष अदालत ने अंतिम लाभार्थियों और धन के प्रवाह की जांच के लिए उन्हें 9 जून तक ईडी रिमांड पर भेज दिया।

अमृतसर के दुर्ग्याणा मंदिर में सोशल मीडिया रील पर बवाल, धार्मिक भावनाएं आहत होने का आरोप

अमृतसर. अमृतसर के श्री दुर्ग्याणा तीर्थ की परिक्रमा में एक युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर वीडियो बनाने का मामला विवादों में घिर गया है। इस घटना को लेकर धार्मिक और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है। श्री राम बालाजी धाम के प्रमुख एवं जगतगुरु स्वामी अशनील जी महाराज ने इस घटना को धार्मिक मर्यादा के विरुद्ध बताते हुए इसे बेअदबी की श्रेणी में रखा है। अशनील महाराज ने श्री दुर्ग्याणा प्रबंधक कमेटी के नेतृत्व पर भी सवाल उठाए हैं। स्वामी अशनील जी महाराज ने कहा कि परिक्रमा क्षेत्र जैसे पवित्र स्थान पर युवक और युवती द्वारा पंजाबी गीत पर कथित रूप से अनुचित तरीके से अभिनय करते हुए वीडियो बनाना अत्यंत निंदनीय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाएं धार्मिक स्थलों की गरिमा और मर्यादा को प्रभावित करती हैं। उनके अनुसार यदि समय रहते सख्त कार्रवाई की जाती तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति नहीं होती।  थोड़े समय में कई घटनाएं आई सामने उन्होंने यह भी कहा कि पहले भी कुछ मामलों में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे थे, लेकिन उन घटनाओं में भी कठोर कदम नहीं उठाए गए। इसी कारण ऐसे मामलों में बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। स्वामी अशनील जी महाराज ने कमेटी नेतृत्व की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि धार्मिक स्थलों की मर्यादा बनाए रखना प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। युवक-युवती ने स्वीकार की गलती दूसरी ओर, श्री दुर्गायाणा प्रबंधक कमेटी के महासचिव अरुण खन्ना ने मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वीडियो सामने आने के बाद संबंधित युवक और युवती ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए माफी मांग ली है। उन्होंने बताया कि पारिवारिक सदस्यों ने भी इस घटना पर खेद व्यक्त किया और भविष्य में ऐसी गलती न होने का भरोसा दिया है। अरुण खन्ना ने अपील की कि बच्चों को धार्मिक स्थलों की मर्यादा और परंपराओं के प्रति जागरूक करें। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने की होड़ में किसी भी धार्मिक स्थल की गरिमा से समझौता नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि धार्मिक स्थानों पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं को मर्यादा और अनुशासन का पालन करना चाहिए।

दिल्ली अग्निकांड अपडेट: बेसमेंट का दरवाजा बंद होने से बढ़ी तबाही, 37 लोगों को बचाया गया

नई दिल्ली  राजधानी के भीषण अग्निकांड में अब तक 21 लोगों को मौत हो चुकी है। मालवीय नगर के रेस्टोरेंट में लगी आग के मामले में 37 लोगों को बचाया जा चुका है। जैसे-जैसे रेस्क्यू और जांच आगे बढ़ रहे हैं, वैसे-वैसे एक से हैरान कर देने वाले खुलासे हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि जिस बिल्डिंग में आग लगी, उसके बेसमेंट का मुख्य दरवाजा बंद था। आग लगने के शायद इसी हड़बड़ी में कई लोग तीसरी मंजिल से नीचे कूद गए। अब सवाल उठ रहा है कि 21 जान लेने वाली इस लापरवाही का जिम्मेदार कौन है? घायलों को लगीं तीन तरह की चोटें अग्निकांड में घायल लोगों को दो-तीन तरह की चोटें आई हैं। घायलों में से कुछ लोगों को स्मॉग की वजह से लंग्स में इंजरी हुई है। वहीं, दूसरी तरफ कुछ लोग बर्निंग का शिकार हुए हैं। जो लोग तीसरी मंजिल से कूदे हैं, उन्हें हड्डी की चोट आई है। कूदने वाले लोगों को बचाने के लिए स्थानीय लोगों ने नीचे गद्दा भी बिछाया था। जिन 21 लोगों की मौत हुई है, उसमें 9 महिलाएं और 9 पुरुषों की पुष्टि हो चुकी है। बाकी की पहचान की जा रही है। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक आम आदमी पार्टी के नेता सोमनाथ भारती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा कि आज सुबहमेरे विधानसभा क्षेत्र हौजरानी में एक बहुमंजिला इमारत में भीषण आग लग गई। मरने वालों में ज्यादा अफ्रीकी नागरिक हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद रेस्टोरेंट में धुआं भर गया, जिसकी वजह से कई लोग बेहोश हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस, दमकल विभाग और एंबुलेंस कर्मियों ने लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। तीन लोगों को बेसमेंट से निकाला गया बताया जा रहा है कि दमकल विभाग को सुबह करीब 8.50 बजे मालवीय नगर के 'लेमन ग्रीन रेस्टोरेंट' में आग लगने की सूचना मिली थी। आग बुझाने के लिए दमकल की 10 गाड़ियां और आपातकालीन वाहन मौके पर भेजे गए। बेसमेंट से 3 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया था। आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या अभी और बढ़ सकती है। फिलहाल आग लगने का स्पष्ट कारण नहीं पता चल सका है।  

ENG vs NZ: जो रूट 2000 रन और 14,000 टेस्ट रन के करीब, सचिन के रिकॉर्ड पर भी नजर

इंग्लैंड इंग्लैंड के स्टार बल्लेबाज जो रूट एक बार फिर रिकॉर्ड बुक में अपना नाम दर्ज कराने के बेहद करीब हैं. न्यूजीलैंड के खिलाफ 4 जून से लॉर्ड्स में शुरू होने वाले पहले टेस्ट मैच में रूट के पास दो बड़े कीर्तिमान हासिल करने का सुनहरा मौका होगा. 35 वर्षीय रूट को न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में 2000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 75 रन की जरूरत है. अगर वह यह आंकड़ा छू लेते हैं तो टेस्ट इतिहास में न्यूजीलैंड के खिलाफ 2000 रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन जाएंगे. फिलहाल रूट ने ब्लैककैप्स के खिलाफ 21 टेस्ट मैचों में 1925 रन बनाए हैं. इस दौरान उनका औसत 53.47 का रहा है, जबकि उन्होंने 6 शतक और 9 अर्धशतक लगाए हैं. रूट पहले से ही न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. उन्होंने पाकिस्तान के महान बल्लेबाज जावेद मियांदाद को पीछे छोड़ रखा है. मियांदाद के नाम न्यूजीलैंड के खिलाफ 1919 रन दर्ज हैं, जबकि रूट 1925 रन तक पहुंच चुके हैं. इतना ही नहीं, रूट टेस्ट क्रिकेट में 14,000 रन पूरे करने से भी सिर्फ 57 रन दूर हैं. यदि वह यह उपलब्धि हासिल कर लेते हैं तो भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर के बाद इस मुकाम तक पहुंचने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन जाएंगे. क्या रूट तोड़ देंगे सच‍िन तेंदुलकर का ऑलटाइम रनों का र‍िकॉर्ड? सचिन तेंदुलकर के नाम टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक 15,921 रन दर्ज हैं. रूट फिलहाल इस रिकॉर्ड से 1,979 रन दूर हैं. क्रिकेट जगत के कई विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा फॉर्म और फिटनेस को देखते हुए रूट भविष्य में सचिन के इस ऐतिहासिक रिकॉर्ड को चुनौती दे सकते हैं. हाल ही में रूट ने भी स्वीकार किया था कि अब उनके लिए सचिन के रिकॉर्ड को लेकर होने वाली चर्चाओं को नजरअंदाज करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा कि सचिन तेंदुलकर की उपलब्धियां अविश्वसनीय हैं और उनके साथ तुलना होना ही अपने आप में सम्मान की बात है. रूट ने सचिन की लंबी क्रिकेट यात्रा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बनाए गए 100 शतकों की भी जमकर सराहना की. WTC में है जो रूट का दबदबा वर्ल्ड टेस्ट चैम्प‍ियनश‍िप चैं(WTC) के इतिहास में भी रूट का दबदबा कायम है. वह WTC शुरू होने के बाद सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज हैं. रूट ने 74 टेस्ट मैचों में 6480 रन बनाए हैं, जो दूसरे स्थान पर मौजूद ऑस्ट्रेलिया के स्टीव स्मिथ से करीब 2000 रन ज्यादा हैं. ऐसे में लॉर्ड्स टेस्ट सिर्फ इंग्लैंड और न्यूजीलैंड के बीच मुकाबला नहीं होगा, बल्कि जो रूट के लिए कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड अपने नाम करने का भी शानदार अवसर होगा. इंग्लैंड बनाम न्यूजीलैंड टेस्ट सीरीज का शेड्यूल पहला टेस्ट: 4 जून से 8 जून, लॉर्ड्स (लंदन) दूसरा टेस्ट: 17 जून से 21 जून, द ओवल (लंदन) तीसरा टेस्ट: 25 जून से 29 जून, नॉटिंघम