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महिलाओं की सुरक्षित यात्रा पर फोकस, LG ने DTC बसों में महिला पुलिस तैनाती का दिया निर्देश

नई दिल्ली  जल्द ही डीटीसी बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती देखने को मिल सकती है। महिलाओं के रोजाना सफर को सुरक्षित बनाने के मकसद से ये प्लानिंग चल रही है। उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने दिल्ली सरकार के अधिकारियों को इस तैनाती के लिए दिल्ली पुलिस से संपर्क करने का निर्देश दिया है। यह निर्देश सार्वजनिक परिवहन में महिलाओं की सुरक्षा पर हुई एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिया गया। इसमें परिवहन आयुक्त, DTC के प्रबंध निदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। डीटीसी बसों में महिला सुरक्षा पर अहम फैसला एक अधिकारी ने कहा, 'बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के तौर-तरीके सरकार, DTC और दिल्ली पुलिस के साथ होने वाली अगली बैठकों में तय किए जाएंगे। इसका मकसद महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक मजबूत सुरक्षा व्यवस्था बनाना है। रूपरेखा को अंतिम रूप दिए जाने के बाद और स्पष्टता आएगी।' सरकार की प्लानिंग जान लीजिए CCTV कैमरों, पैनिक बटन, बस मार्शल और 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' पहल के क्रियान्वयन की समीक्षा करते हुए, उपराज्यपाल ने न केवल यात्रा के दौरान बल्कि बस स्टॉप, डिपो या स्टेशनों पर उतरने के बाद महिलाओं के लिए 'फर्स्ट और लास्ट माइल' (घर से बस स्टॉप तक और बस स्टॉप से गंतव्य तक) की सुरक्षा को भी मजबूत करने की जरूरत पर जोर दिया। दिल्ली LG ने अफसरों को दिए ये खास निर्देश एक अधिकारी ने कहा कि उपराज्यपाल ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि महिला यात्रियों की सुरक्षा और संरक्षा घर से गंतव्य तक सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दिल्ली परिवहन विभाग को बसों में हथियारबंद महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती के प्रस्ताव को प्राथमिकता देने के लिए कहा गया है। उपराज्यपाल ने सार्वजनिक परिवहन संचालन में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के महत्व पर भी जोर दिया। मौजूदा हालात में सिस्टम में 1002 महिला कंडक्टर और 77 महिला ड्राइवर हैं। उन्होंने अधिकारियों की भर्ती को और बढ़ाने का निर्देश दिया। डीटीसी बसों में है महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा बैठक के दौरान साझा किए गए आंकड़ों से पता चला कि महिलाओं ने 2025-26 (फरवरी तक) में सरकारी बसों में 56.2 करोड़ से अधिक यात्राएं कीं और मुफ्त यात्रा योजना का फायदा उठाया। दिल्ली के सार्वजनिक बस बेड़े में लगभग 6100 बसें हैं, जो रोजाना औसतन 24.3 लाख यात्रियों को ले जाती हैं। सुरक्षा को मजबूत करने के लिए, होम गार्ड से लिए गए 2,983 बस मार्शल पहले ही तैनात किए जा चुके हैं। 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' के क्रियान्वयन पर LG ने लिया संज्ञान उपराज्यपाल ने 'सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड' के सफल क्रियान्वयन का संज्ञान लिया और महिलाओं के लिए निर्बाध यात्रा को सक्षम करने के लिए इसे सार्वजनिक परिवहन के सभी साधनों में एकीकृत करने का आह्वान किया। उन्होंने Uber, Ola, Bharat Taxi और Rapido जैसे प्राइवेट एग्रीगेटर्स के जरिए सिर्फ महिलाओं के लिए कारपूलिंग के विकल्प का भी प्रस्ताव रखा, ताकि महिला यात्रियों को अकेले सफर न करना पड़े, भले ही ड्राइवर पुरुष ही क्यों न हो।  

सुपरस्टार यश ने अलीबाग में खरीदी करोड़ों की प्रॉपर्टी, बने बॉलीवुड सितारों के पड़ोसी

 साउथ फिल्म इंडस्ट्री के सुपरस्टार यश एक बार फिर चर्चा में हैं. इस बार वजह उनकी कोई फिल्म नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के अलीबाग में की गई एक बड़ी प्रॉपर्टी डील है. बिजनेस स्टैंडर्ड और रियल एस्टेट कंसल्टेंसी फर्म लायसेस फोरस की रिपोर्ट्स के अनुसार, यश और उनकी पत्नी राधिका पंडित ने अलीबाग के एक प्रीमियम इलाके में करोड़ों रुपये की संपत्ति खरीदी है. यह इलाका लंबे समय से बॉलीवुड और खेल जगत की नामी हस्तियों का पसंदीदा ठिकाना माना जाता है. अलीबाग के कमाथ गांव में खरीदी जमीन रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह संपत्ति रायगढ़ जिले के अलीबाग तालुका स्थित कमाथ गांव में है. यश और राधिका ने यहां दो सटे हुए भूखंड खरीदे हैं, जिनका कुल क्षेत्रफल लगभग 5,289 वर्ग मीटर बताया जा रहा है. इस डील की कीमत करीब 24 करोड़ रुपये बताई जा रही है. प्रॉपर्टी के रजिस्ट्रेशन के दौरान करोड़ों रुपये की स्टाम्प ड्यूटी और अन्य शुल्क भी जमा किए गए हैं. सी-फेसिंग लोकेशन बना रही है खास अलीबाग अपनी खूबसूरत समुद्री तटरेखा, हरियाली और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है. यही कारण है कि कई बड़े सितारे यहां छुट्टियां बिताने या निवेश करने के लिए प्रॉपर्टी खरीद चुके हैं. यश और राधिका की नई संपत्ति भी समुद्र के करीब स्थित बताई जा रही है, जिससे इसकी कीमत और आकर्षण दोनों बढ़ जाते हैं. इन सितारों के पड़ोसी बने यश अलीबाग में पहले से ही कई बड़े सितारों के आलीशान घर मौजूद हैं. रिपोर्ट्स के अनुसार, यहां बॉलीवुड अभिनेता शाहरुख खान, दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह, विराट कोहली और अनुष्का शर्मा, सुहाना खान, अमिताभ बच्चन, कार्तिक आर्यन और कृति सेनन जैसी हस्तियां निवेश कर चुकी हैं. ऐसे में यश और राधिका अब देश की कई चर्चित हस्तियों के पड़ोसी बन गए हैं. ‘टॉक्सिक’ को लेकर भी चर्चा में हैं यश प्रॉपर्टी निवेश के अलावा यश अपनी आगामी फिल्म ‘टॉक्सिक’ को लेकर भी लगातार सुर्खियों में बने हुए हैं. फिल्म की रिलीज डेट को लेकर कई बार बदलाव की खबरें सामने आ चुकी हैं. इस फिल्म में यश के साथ कियारा आडवाणी, नयनतारा, तारा सुतारिया, हुमा कुरैशी और रुक्मिणी वसंत जैसे कलाकार नजर आएंगे. फैंस को इस फिल्म की आधिकारिक रिलीज डेट का बेसब्री से इंतजार है.

अतिक्रमण और प्रदूषण पर सख्ती, कांके डैम की ड्रोन मैपिंग कराएगा नगर निगम

 रांची विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर रांची नगर निगम ने शहर की प्रमुख जलसंपदा कांके डैम के संरक्षण और पुनर्जीवन की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने निगम और अंचल प्रशासन की टीम के साथ वार्ड संख्या 1 स्थित कांके डैम के तटवर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण कर स्वच्छता, अतिक्रमण, अवैध कब्जा, निर्माण कार्यों और ड्रेनेज व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। नगर आयुक्त ने मिशन गली, कांके डैम तट से लेकर कांके डैम पार्क तक के क्षेत्र का भ्रमण करते हुए अधिकारियों को डैम संरक्षण के लिए ठोस और प्रभावी कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया। इसके लिए स्वच्छता शाखा, नगर निवेशक शाखा, अभियंत्रण शाखा, ट्रांसपोर्ट शाखा, भू-संपदा शाखा और अंचल कार्यालय के अधिकारियों को शामिल करते हुए एक स्पेशल टास्क फोर्स गठित करने का आदेश दिया गया है। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त ने डैम में बढ़ते प्रदूषण पर चिंता जताते हुए अभियंत्रण शाखा को निर्देश दिया कि डैम में सीधे गिरने वाले सभी नालों की पहचान कर उनके प्रवाह को तत्काल रोका जाए। साथ ही घरों से निकलने वाले गंदे पानी को डायवर्ट करने, सोकपिट निर्माण को बढ़ावा देने तथा डैम में किसी भी प्रकार के प्रदूषित तरल अपशिष्ट के प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। कांके डैम के कैचमेंट एरिया की सुरक्षा को लेकर भू-संपदा शाखा और अंचल प्रशासन को पूरे क्षेत्र की मापी कराने और उसकी घेराबंदी करने का निर्देश दिया गया। एंड टू एंड वाकवे निर्माण शहरवासियों के लिए कांके डैम को एक बेहतर सार्वजनिक स्थल के रूप में विकसित करने की योजना भी तैयार की जा रही है। अभियंत्रण शाखा को पूरे कैचमेंट एरिया में एंड टू एंड वाकवे निर्माण का प्रस्ताव तैयार करने का निर्देश दिया गया है, जिससे लोगों को मार्निंग और इवनिंग वाक की बेहतर सुविधा मिल सके। निरीक्षण के दौरान नगर आयुक्त सुशांत गौरव ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि जलाशयों के संरक्षण से जुड़े सभी कार्य समयबद्ध तरीके से पूरे किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि नियमानुसार किसी भी जलाशय की अधिगृहित भूमि से 15 मीटर की परिधि के भीतर किसी प्रकार का भवन या अन्य निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में योजनाबद्ध तरीके से कांके डैम को अतिक्रमण मुक्त, स्वच्छ और व्यवस्थित बनाते हुए इसे शहरवासियों के लिए एक आकर्षक और प्रस्तुत करने योग्य स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। डैम साइड स्थित अवैध खटालों पर होगी कार्रवाई नगर आयुक्त ने कहा कि कैचमेंट एरिया में आने वाली सभी अवैध संरचनाओं और अतिक्रमणों की पहचान कर उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डैम क्षेत्र में संचालित अवैध खटालों, अवैध निर्माणों और अवैध बाउंड्री वॉल को लेकर भी निगम सख्त रुख अपनाने जा रहा है। नगर आयुक्त ने इनफोर्समेंट टीम को तत्काल कार्रवाई कर ऐसे सभी अतिक्रमणों को हटाने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जलाशय क्षेत्र में किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध गतिविधि किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएगी। डैम की निगरानी के लिए होगी ड्रोप मैपिंग डैम क्षेत्र की निगरानी को और प्रभावी बनाने के लिए ड्रोन मैपिंग कराने का निर्णय लिया गया है। ड्रोन सर्वे के माध्यम से पूरे कैचमेंट एरिया का प्लाटवार आकलन किया जाएगा, जिससे अवैध निर्माण, अतिक्रमण और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों की सटीक पहचान हो सके चिन्हित मामलों में नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा कांके डैम में तेजी से फैल रही जलकुंभी और जमा हो रही गाद को हटाने के लिए भी विशेष अभियान चलाया जाएगा। नगर आयुक्त ने स्वच्छता और ट्रांसपोर्ट शाखा को पोकलेन मशीन और वीड हार्वेस्टिंग मशीन की मदद से नियमित सफाई अभियान चलाने का निर्देश दिया। साथ ही डैम के किनारों पर उगी झाड़ियों और घासों की छंटाई भी कराई जाएगी ताकि क्षेत्र की सुंदरता और स्वच्छता बनी रहे।  

पंजाब में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू, ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर पुलिस का सघन चेकिंग अभियान

जालंधर  ब्लू स्टार की बरसी के मद्देनजर शहर में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से सख्त कर दी गई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस ने प्रमुख चौकों, बाजारों और संवेदनशील इलाकों में विशेष नाकाबंदी क चेकिंग अभियान शुरू किया है। बस अड्डो और धार्मिक स्थानों पर अलर्ट पुलिस शहर के मुख्य प्रवेश और निकास मार्गों पर वाहनों की जांच कर रही है। इसके अलावा बस अड्डों, रेलवे स्टेशन, धार्मिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में भी सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है। संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की गहन जांच की जा रही है, जबकि पुलिस की पेट्रोलिंग टीमों को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।एडीसीपी सुखविंदर सिंह ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सभी थाना प्रभारियों और पुलिस कर्मचारियों को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं। प्रशासन ने लोगों से की अपील पुलिस प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत नजदीकी थाने या आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 112 पर दें। पुलिस का कहना है कि शहर में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए यह विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है।  

धमाके जैसी आवाज से दहशत, चलती ट्रेन के स्लीपर कोच का टॉयलेट टूटा, दो हिस्सों में बंटी बोगी

लुधियाना. लुधियाना के रेलवे स्टेशन पर शनिवार सुबह एक बड़ा रेल हादसा होने से हड़कंप मच गया। नई दिल्ली से श्री माता वैष्णो देवी कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन (04081) जैसे ही स्टेशन से रवाना होने लगी, अचानक दो डिब्बों को आपस में जोड़ने वाली कपलिंग टूट गई। कपलिंग टूटने से जोरदार धमाका हुआ और स्लीपर कोच का टॉयलेट क्षतिग्रस्त हो गया। ट्रेन के दो हिस्सों में बंटते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए यहां-वहां भागने लगे। हालांकि लोगों का कहना है कि धमाके की आवाज से डिब्बा टूटा है और पुलिस अधिकारी अभी तक इस मामले में कुछ भी बोलने को तैयार नहीं है। उनका कहना है कि जांच जारी रहने तक कुछ भी नहीं कहा जा सकता कि डिब्बा धमाके से टूटा है या फिर कंपलिंग टूटने से धमाके की आवाज आई है। धमाके की आवाज से सहमे यात्री, मची भगदड़ प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, शनिवार सुबह जब न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल ट्रेन लुधियाना स्टेशन से अभी चलना शुरू ही हुई थी कि अचानक एक जोरदार आवाज सुनाई दी। यह आवाज इतनी तेज थी कि यात्रियों को किसी अनहोनी का अंदेशा हुआ। कपलिंग टूटने के झटके के कारण स्लीपर कोच का शौचालय बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुए इस वाकये से पूरी ट्रेन में चीख-पुकार मच गई और यात्री घबराहट में कोच से बाहर की तरफ भागने लगे। मौके पर पहुंचे आला अधिकारी, जांच शुरू हादसे की सूचना मिलते ही रेलवे सुरक्षा बल, जीआरपी और कमिश्नरेट पुलिस के अधिकारी वहां पहुंच गए। रेलवे के तकनीकी अधिकारियों की टीम भी घटनास्थल पर पहुंच चुकी है और मरम्मत कार्य शुरू कर दिया गया है। हालांकि, रेलवे प्रशासन की ओर से अभी तक इस घटना को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। कारणों पर सस्पेंस घटना की वजहों को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह साफ नहीं है। रेलवे के कुछ अधिकारियों का प्रारंभिक तौर पर मानना है कि ट्रेन के आगे बढ़ते समय कपलिंग (डिब्बों को जोड़ने वाली कुंडी) पर अत्यधिक खिंचाव आने के कारण वह टूट गई। इसके विपरीत, ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों का दावा है कि उन्होंने कपलिंग टूटने से ठीक पहले बम जैसी जोरदार धमाके की आवाज सुनी थी। फिलहाल रेलवे इस बात की गहनता से जांच कर रहा है कि यह हादसा किसी तकनीकी खामी की वजह से हुआ या इसके पीछे कोई और कारण था। ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी आज आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की बरसी भी है और इसे लेकर हिंदू संगठनों ने मार्च निकालने का ऐलान कर रखा है। ऑपरेशन ब्लू स्टार को लेकर पंजाब में पहले ही अलर्ट है। कमिश्नरेट पुलिस की तरफ से पहले ही सुरक्षा के इंतजाम किए हुए है। हालांकि महानगर में धमाके की पहले भी कई बार धमकियां आ चुकी है। रेलवे स्टेशन पर भी धमाके की कई बार धमकियां आ चुकी है। जिसे लेकर पुलिस के आलाधिकारी इस एंगल से भी जांच करने मेंजुटे है। 

घर पर बनाएं नेचुरल केराटिन क्रीम, बाल बनेंगे सिल्की और स्मूद बिना महंगे ट्रीटमेंट के

 बालों को खूबसूरती से जोड़कर देखा जाता है और यही वजह है कि हर चाहता है कि उसके बाल लंबे, घने और शाइनी हो. मगर रोजाना धूल मिट्टी, प्रदूषण और गलत लाइफस्टाइल की वजह से बाल गिरने लग जाते हैं और फ्रिजी भी हो जाते हैं. कई बार बाल इस कदर ड्राई हो जाते हैं कि उनको सुलझाने में ही काफी हेयरफॉल हो जाता है. ड्राई बालों को सिल्की बनाने के लिए लोग पार्लर से महंगा स्पा, केराटिन करवाते हैं, लेकिन कुछ समय बाद फिर से धूल-मिट्टी की वजह से फिर से पहले जैसे हो जाते हैं. अगर आपके बाल भी रूखे और बेजान हैं तो आप घर पर ही आसानी से  केराटिन क्रीम बना सकते हैं, जिसके लिए आपको हजारों रुपये भी खर्च नहीं करने पड़ेंगे. केराटिन करवाने के लिए लोग कुछ महीनों में पार्लर के चक्कर काटते हैं, लेकिन इस क्रीम को बनाने के बाद आपका पैसा और समय दोनों ही बच जाएंगे, इसके साथ ही यह नेचुरल चीजों से बनता है तो इससे बालों को कोई नुकसान भी नहीं होता है. आइए इस आर्टिकल में हम आपको घर पर ही केराटिन क्रीम बनाने का आसान तरीका बताते हैं. सबसे अच्छी बात यह है कि इसे बनाने में न तो ज्यादा मेहनत लगती हैं और न ही कोई महंगा प्रोडक्ट खरीदना पड़ता है. इसको आप लंबे समय तक स्टोर करके भी रख सकते हैं, जिससे जब आपका मन हो आप खुद ही घर पर केराटिन कर लें. केराटिन क्रीम बनाने के लिए लीजिए ये चीजें     15 से 20 सूखे अपराजिता के फूल     2 चम्मच मेथी दाना     2 चम्मच चावल     2 चम्मच अलसी के बीज     पानी     1 चम्मच एलोवेरा जेल     2 विटामिन E की कैप्सूल इस तरीके से घर पर बनाएं केराटिन क्रीम 15 से 20 सूखे अपराजिता के फूलों को एक कप पानी में उबालकर डार्क ब्लू टी तैयार करें. ठंडा होने दें फिर एक पैन में जरूरत के हिसाब से पानी डालें और उसमें दो-दो चम्मच अलसी के बीज, मेथी दाना  और चावल डालकर धीमी आंच पर पकाएं. जब यह सॉफ्ट होकर जेल जैसा ना बन जाए, तब इसमें अप्राजिता के फूलों से तैयार ब्लू टी डालकर एक उबाल लें. उसके बाद इस पानी को ठंडा होने के लिए साइड में रख दें. जब यह ठंडा हो जाए तो छलनी ने छानकर स्मूद जेल निकाल लें. अब इसमें एक चम्मच एलोवेरा जेल और 2 विटामिन ई की कैप्सूल डालकर अच्छी तरह से मिक्स कर लें. जेल का कैसे करें इस्तेमाल? बालों को धोने के बाद इस जेल को लेंथ पर इसको लगाकर  20 से 30 मिनट के लिए छोड़ दें. फिर साफ पानी से हेयरवॉश कर लें. इससे आपके बाल बिना किसी महंगे ट्रीटमेंट के सॉफ्ट, सिल्की और स्मूद होने जाएंगे.  

सरकारी नौकरी का बड़ा मौका, राज्य सेवा मुख्य परीक्षा 2025 के जरिए भरे जाएंगे 265 पद

रायपुर. छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग द्वारा राज्य शासन के विभिन्न विभागों में 265 पदों पर भर्ती के लिए राज्य सेवा (मुख्य) परीक्षा 2025 शनिवार से शुरू हुई. यह परीक्षा 9 जून के बीच तक निर्धारित है. इस दौरान परीक्षा केंद्रों पर कड़ी व्यवस्था रखी गयी है. मुख्य परीक्षा के लिए अंबिकापुर, बिलासपुर, दुर्ग, जगदलपुर और रायपुर जिले में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं. सभी सेंटरों पर सुबह से परीक्षा देने आने वालों की कतारें देखी गईं. परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में आयोजित की जाएगी. प्रथम पाली की परीक्षा सुबह 9 से 12 बजे के बीच, दूसरी पाली की परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5 बजे के बीच निर्धारित है. 6 जून को लैंग्वेज और निबंध, दूसरे दिन 7 जून को जनरल स्टडीस-1 और 2, इसी तरह 8 जून को जनरल स्टडीस 3 और 4 के अलावा 9 जून को जनरल स्टडीस 5 के पेपर होंगे. मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र आयोग की वेबसाइट से डाउनलोड किया जा सकता है. पीएससी के परीक्षा नियंत्रक ने सूचना जारी कर कहा कि मुख्य परीक्षा के लिए आयोग ने किसी भी अभ्यर्थी को अलग से प्रवेश पत्र जारी नहीं किया है.  बता दें कि राज्य सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा 2025 गत 22 फरवरी को आयोजित की गई थी. प्रारंभिक परीक्षा के बाद 265 पदों के लिए तीन गुना अभ्यर्थियों का मुख्य परीक्षा के लिए चयन किया गया और मेरिट सूची जारी की गई. मुख्य परीक्षा के बाद साक्षात्कार होगा. संभवतः साक्षात्कार समाप्त होने के साथ ही नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे.

वास्तु शास्त्र में सीढ़ियां क्यों मानी जाती हैं घर की ऊर्जा और तरक्की का केंद्र

अक्सर हम घर की सजावट में बाकी कमरों पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन सीढ़ियों को नजरअंदाज कर देते हैं. वास्तु शास्त्र में सीढ़ियां केवल एक रास्ता नहीं, बल्कि घर की सकारात्मक ऊर्जा का मुख्य स्तंभ मानी जाती हैं. घर की तरक्की, आर्थिक स्थिरता और सुख-शांति काफी हद तक इस बात पर निर्भर करती है कि आपकी सीढ़ियां वास्तु के नियमों के मुताबिक बनी हैं या नहीं. अक्सर जानकारी के अभाव में लोग सीढ़ियों के नीचे की जगह को कबाड़ का अड्डा बना देते हैं, जिससे घर में नकारात्मक ऊर्जा बढ़ जाती है वास्तु के सिद्धांतों को समझकर आप न केवल इन दोषों को दूर कर सकते हैं, बल्कि अपने घर को खुशहाली का केंद्र भी बना सकते हैं. आइए, जानते हैं सीढ़ियों से जुड़े वास्तु के वे नियम जो आपके घर की ऊर्जा को पूरी तरह बदल सकते हैं. 1. सीढ़ियों की दिशा का चुनाव (Placement) दक्षिण-पश्चिम (South-west) कोना सीढ़ियों के लिए सबसे उत्तम है. यह घर में स्थिरता लाता है. अगर सिढ़ियां इस दिशा में हो तो उस घर में पैसों की कमी नहीं होती. दक्षिण (South) या पश्चिम (West) दिशा भी अच्छे विकल्प हैं. क्या न करें: उत्तर-पूर्व (North-east) दिशा में सीढ़ियां कभी नहीं बननी चाहिए.  यह वास्तु के अनुसार घर की प्रगति और शांति के लिए हानिकारक माना गया है. 2. सीढ़ियों का डिजाइन और बनावट घुमाव: सीढ़ियां हमेशा घड़ी की दिशा (Clockwise) में होनी चाहिए. यानी ऊपर जाते समय आप दाहिनी ओर मुड़ें. संख्या का नियम: सीढ़ियों की कुल संख्या हमेशा विषम (Odd number) होनी चाहिए (जैसे 9, 11, 15, 17 वहैरह). आरामदायक बनावट: सीढ़ियां बहुत खड़ी (steep) नहीं होनी चाहिए. सीढ़ी की ऊंचाई (Rise) 4 से 7.5 इंच के बीच हो. पैर रखने की चौड़ाई (Tread depth) 10 से 11.25 इंच के बीच होनी चाहिए. 3. रंग और रोशनी (Colors & Lighting) रंग: सीढ़ियों के लिए हल्के और सौम्य रंगों (Neutral colors) का इस्तेमाल करें. जैसे सफेद, क्रीम, हल्का बेज या पेस्टल शेड्स. गहरे या भड़कीले रंगों से बचना चाहिए क्योंकि ये ऊर्जा में असंतुलन पैदा कर सकते हैं. रोशनी: सीढ़ियां कभी भी अंधेरे में नहीं होनी चाहिए. वहां पर्याप्त रोशनी होनी चाहिए. अंधेरी सीढ़ियां वास्तु दोष का कारण बनती हैं. 4. सीढ़ियों के नीचे का स्थान (The area beneath the staircase) क्या न रखें: इस जगह का उपयोग कबाड़, टूटे-फूटे सामान, या जूते-चप्पल रखने के लिए बिल्कुल न करें. वास्तु के अनुसार सीढ़ियों के नीचे कबाड़ या जूते-चप्पल रखने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का बहाव रुक जाता है, जिससे आर्थिक तंगी और बेवजह के खर्च बढ़ते हैं. यह जगह घर की तरक्की का रास्ता मानी जाती है, इसलिए वहां गंदगी जमा करने से घर में तनाव और क्लेश पैदा होता है, और बरकत में रुकावट आती है. उपयोग: अगर आपको उस जगह का उपयोग करना ही है, तो उसे पूरी तरह व्यवस्थित रखें. आप वहां साफ-सुथरी कैबिनेट या स्टोरेज दराज बनवा सकते हैं, लेकिन उसे हमेशा बंद रखें. सफाई: यह जगह हमेशा धूल-मिट्टी से मुक्त और साफ होनी चाहिए. 5. हैंडरेल्स और रेलिंग (Handrails) सीढ़ियों पर रेलिंग लगाने के लिए लकड़ी सबसे अच्छी मानी जाती है. पत्थर, मार्बल या धातु की रेलिंग भी लगाई जा सकती है. डिजाइन: रेलिंग मजबूत होनी चाहिए और उसका कोई कोना नुकीला नहीं होना चाहिए. सही तरीका: ऊपर चढ़ते समय रेलिंग आपके दाहिने हाथ की ओर होनी चाहिए और नीचे उतरते समय बाएं हाथ की ओर.

36 खिलाड़ियों के दल ने बढ़ाया प्रदेश का मान, नेशनल यूथ म्यूथाई में जीते 17 मेडल

रायपुर. उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम में आयोजित नेशनल यूथ म्यू थाई चैंपियनशिप में छत्तीसगढ़ के 36 सदस्यीय दल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. देश के 26 राज्यों और 5 केंद्र शासित प्रदेशों से आए करीब 900 खिलाड़ियों के बीच हुए कड़े मुकाबलों में छत्तीसगढ़ ने 7 स्वर्ण, 4 रजत और 6 कांस्य सहित कुल 17 पदक जीतकर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई. प्रतियोगिता में मेघालय ओवरऑल चैंपियन रहा, जबकि असम दूसरे स्थान पर रहा.चैंपियनशिप के अंतिम दिन फाइनल मुकाबलों में छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया. रायपुर की समिधा अग्रवाल ने मिजोरम की प्रतिद्वंद्वी को हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया, वहीं संजीत मोहंती को मुकाबला ‘नो कॉन्टेस्ट’ घोषित होने के बाद गोल्ड मेडल मिला. बालोद (दल्लीराजहरा) की काप्सा गुप्ता ने बिहार की खिलाड़ी को मात देकर स्वर्ण पदक जीता. इसके अलावा बालोद की साधिका दुबे और हिमानी दरसेना ने ‘वाई क्रू’ एकल स्पर्धा के अपने-अपने वर्ग में स्वर्ण पदक हासिल कर राज्य के स्वर्ण पदकों की संख्या सात तक पहुंचा दी.

कटरा जा रही स्पेशल ट्रेन में तकनीकी खामी, लुधियाना में अलग हुई बोगी, बड़ा हादसा टला

 लुधियाना  दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही स्पेशल ट्रेन की एक बोगी का बाथरूम के पास का हिस्सा टूट गया। हालांकि, बाथरूम के पास कोई यात्री न होने से बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन पर खड़ी है।लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कटरा स्पेशल ट्रेन का हादसा हो गया। ट्रेन जब चलने लगी तो 2 कोच को जोड़ने वाला कपलर टूट गई। जिससे स्लीपर कोच का टॉयलेट धमाके जैसी आवाज के साथ टूट गया। दोनों कोच भी अलग हो गए। धमाके जैसी आवाज सुनते ही यात्रियों में अफरातफरी मच गई।  जिस वक्त हादसा हुआ, ट्रेन लुधियाना से चलने वाली थी। न्यू दिल्ली-श्री माता वैष्णो देवी कटरा स्पेशल (04081) नाम की यह ट्रेन आज (शनिवार) सुबह ही नई दिल्ली से वैष्णो देवी जा रही थी। हादसे का पता चलते ही रेलवे सुरक्षा बल और लोकल पुलिस स्टेशन पर पहुंच गई है। इस घटना से जुड़े 3 बड़े बयान पढ़िए:- 1. लुधियाना के ADCP समीर वर्मा:-     तकनीकी खराबी आई, जांच की: ADCP समीर वर्मा ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे दिल्ली-कटड़ा एक्सप्रेस ट्रेन के एक कोच में तकनीकी खराबी आने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद पुलिस और रेलवे अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की।     दरार आई, वेल्डिंग फेलियर संभव: ADCP ने कहा- जांच में पता चला कि जम्मू-कटड़ा की ओर जा रही ट्रेन के एस-2 कोच के वॉशरूम वाले हिस्से में अचानक दरार (ब्रेकेज) आ गई थी। रेलवे के तकनीकी स्टाफ और इंजीनियरों ने जांच के दौरान बताया कि यह मामला वेल्डिंग फेलियर का प्रतीत होता है। कोच पुराना होने के कारण वेल्डिंग कमजोर पड़ गई थी और उसी स्थान से हिस्सा टूट गया।     ब्लास्ट नहीं, यात्री सुरक्षित: ADCP ने कहा- रेल अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह कोई ब्लास्ट या विस्फोट नहीं था। घटना में किसी यात्री को चोट नहीं आई और सभी यात्री सुरक्षित हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाह फैलाने से बचें। 2. फिरोजपुर डिवीजन के DRM संजीव कुमार:-     पैनल ब्रेक हुआ, गाड़ी चेक की: DRM संजीव कुमार ने कहा- 9 बजे ट्रेन यहां रूकी और पांच मिनट बाद यहां से जाने लगी। उनका कहना है कि जब ट्रेन चलने लगी तो एस-2 बोगी का एन पैनल ब्रेक हो गया। ट्रेन में तैनात स्टाफ ने गाड़ी रुकवा दी। एहतियात के तौर पर सभी यात्रियों को बाहर निकाला गया। उसके बाद चेक किया गया।     आवाज आना स्वाभाविक, जांच करेंगे: DRM ने कहा- जब यह हादसा हुआ तो आवाज आना स्वाभाविक है। आवाज का सोर्स क्या था, यह अभी जांच का विषय है। उनका कहना है कि डब्बा 15 साल पुराना है जबकि डब्बे की लाइफ कम से कम 25 साल होती है। जांच के बाद ही स्पष्ट कारण बताए जा सकते हैं। जल्दी ही इन 2 डब्बों को छोड़कर गाड़ी तैयार की जाएगी ताकि लोगों को उनके गंतव्य तक भेजा जा सके। 3. ट्रेन में बैठा यात्री अमित चौहान:-     ट्रेन लेट हुई, दिल्ली में पुराना डिब्बा जोड़ा: ट्रेन में बैठे यात्री अमित चौहान का कहना है कि वो माता वैष्णो देवी जा रहे थे। ट्रेन का दिल्ली से टाइम 11.30 बजे थे लेकिन ट्रेन वहां से ढाई बजे रात को चली है। वहां पर लोग परेशान रहे। आखिर में दिल्ली में एक पुराने डब्बे को लाया गया और स्टोर में खड़ी बोगियों को लोकर ट्रेन तैयार की गई।     जैसे ही चलने लगी तो हादसा हुआ, माता की कृपा से बचे: अमित ने कहा- हमें तभी लग गया था कि यह ट्रेन गड़बड़ करेगी। उन्होंने बताया कि ट्रेन लुधियाना स्टेशन पर रूकी और पांच मिनट बाद जब चलने लगी तो यह हादसा हुआ। माता रानी की कृपा रही कि सभी सुरक्षित रहे। उसका कहना है कि अगर यह हादसा हाईस्पीड में होता तो मंजर खतरनाक हो सकता था।     अंदर बैठे लोग कांपने लगे, तुरंत बाहर आए: अमित ने कहा- लुधियाना रेलवे स्टेशन पर कुछ सामान चढ़ाया जा रहा था। जब ट्रेन चलने लगी तो तेज आवाज आई और लोग बाहर आ गए। लोग आवाज सुनकर डर गए और वो डर के मारे कांपने लगे। रेल विभाग इस तरह का काम न करे और लोगों की जान का को खतरे में न डाले।