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स्ट्रेंथ का विरोधाभास: हर गुण स्थिति के अनुसार ताकत भी और कमजोरी भी बन सकता है

इस विचार का अर्थ यह है कि कोई भी गुण अपने आप में न तो पूर्णतः अच्छा होता है और न ही बुरा, उसका मूल्य इस बात पर निर्भर करता है कि आप उसे किस हालात में और किस तरह से इस्तेमाल कर रहे हैं. इसे मनोविज्ञान की भाषा में स्ट्रेंथ का विरोधाभास (The Paradox of Strengths) कहा जाता है. इसे समझने के लिए क्रिकेट की दुनिया के दिग्गज हर्ष भोगले का उदाहरण बहुत सटीक है. हर्ष भोगले क्रिकेट कमेंट्री की दुनिया का एक बहुत बड़ा नाम हैं.  उन्हें क्रिकेट की आवाज कहा जाता है.  वे अपनी शानदार कमेंट्री के लिए बेस्ट स्पोर्ट्स प्रेजेंटर के प्रतिष्ठित पुरस्कार से भी सम्मानित हो चुके हैं. खेल का मैदान  हो या जिंदगी का कोई भी दौर , हमेशा तर्क काम  नहीं आते, कभी-कभी स्थिति ऐसी होती है जहां  सिर्फ ठंडे तर्क नहीं, बल्कि जुनून और जोश की उम्मीद की जाती हैं. मान लीजिए, जब पूरा देश किसी रोमांचक मैच में अपनी टीम के लिए भावुक हो रहा हो, उस समय अगर कोई बहुत ज्यादा तार्किक बातें करे, तो कुछ लोगों को उनकी यही निष्पक्षता ठंडी या बे-मन वाली लग सकती है.  यहां उनकी वही खूबी (तार्किकता), जो उनकी सबसे बड़ी ताकत है, उस विशेष स्थिति में एक चुनौती बन जाती है. इसका अर्थ यह नहीं है कि उनकी यह खूबी खराब है या उन्हें बदलने की जरूरत है. इसका सीधा सा मतलब यह है कि दुनिया में कोई भी गुण हर परिस्थिति के लिए एक समान रूप से सही नहीं होता. जो व्यक्ति यह समझ जाता है कि उसे अपनी कौन सी ताकत का इस्तेमाल कब और कितनी मात्रा में करना है, वही वास्तव में समझदार है. सफलता का रहस्य गुणों में नहीं, बल्कि संदर्भ की समझ (Understanding the Context) में छिपा है.

ब्लू स्टार बरसी पर अमृतसर में बढ़ी हलचल, श्री अकाल तख्त से जत्थेदार का कौम के नाम संबोधन

अमृतसर  ऑपरेशन ब्लू स्टार की आज 42वीं बरसी है। श्री अकाल तख्त साहिब में सुबह से ही संगत पहुंचने लगी है।  सरबत खालसा के जत्थेदार ध्यान सिंह मंड अपने समर्थकों के साथ श्री अकाल तख्त पहुंचे। अकाली दल अमृतसर के अध्यक्ष सिमरनजीत सिंह मान अपने साथियों के साथ श्री अकाल तख्त पर पहुंचे। आज गुरुनगरी में बंद का आह्वान किया गया है। इसे देखते हुए पुलिस और अर्ध सैनिक बलों ने सुरक्षा के पुख्ता बंदोबस्त किए हैं। सिविल ड्रेस में पुलिस और गुप्तचर विभाग के कर्मचारी भी तैनात हैं।   एसजीपीसी ने भी श्री अकाल तख्त साहिब के आसपास अपनी टास्क फोर्स तैनात की है। अखंड पाठ साहिब के भोग के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह ने सिख कौम को संदेश दिया। श्री अकाल तख्त साहिब के पास संगत ने खालिस्तान के नारे लगाए। कड़ी सुरक्षा और नाकाबंदी पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि गुरु नगरी में 65 से ज्यादा जगहों पर नाकाबंदी है। संदिग्ध वाहनों और लोगों की तलाशी ली जा रही है। होटल मालिकों को संदिग्धों की जानकारी देने के निर्देश दिए गए हैं। प्रमुख प्रवेश मार्गों, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा और एयरपोर्ट पर भी चेकिंग अभियान चल रहे हैं। जिले में पुलिस और अर्ध सैनिक बल की कुल ग्यारह कंपनियां तैनात की गई हैं।   ऑपरेशन ब्लू स्टार भारतीय इतिहास का वह अध्याय है, जिस पर आज भी बहस खत्म नहीं हुई. एक पक्ष इसे आतंकवाद के खिलाफ जरूरी कार्रवाई मानता है, तो दूसरा इसे सिख भावनाओं पर चोट के रूप में देखता है. यही वजह है कि हर साल 6 जून को अमृतसर में बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और भिंडरावाले को याद करते हैं. इस बार भी कई संगठनों ने विशेष अरदास की. प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 1984 की कार्रवाई ने पूरे सिख समुदाय को गहरी पीड़ा दी थी. वहीं प्रशासन का फोकस किसी भी तरह की उग्र गतिविधि को रोकने पर रहा. सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस तेज हो गई. कई वीडियो तेजी से वायरल हुए, जिनमें नारेबाजी और पोस्टर दिखाई दिए. ऐसे में सवाल फिर उठने लगा है कि आखिर 6 जून को ही स्वर्ण मंदिर में इतना संवेदनशील माहौल क्यों बन जाता है।  42 साल बाद भी क्यों जिंदा है ब्लू स्टार का जख्म?     ऑपरेशन ब्लू स्टार 1 जून से 8 जून 1984 के बीच चलाया गया था. तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर भारतीय सेना ने स्वर्ण मंदिर परिसर में कार्रवाई की थी. सेना का मकसद जरनैल सिंह भिंडरावाले और उनके हथियारबंद समर्थकों को बाहर निकालना था. इस ऑपरेशन के दौरान भारी गोलीबारी हुई और 6 जून 1984 को भिंडरावाले मारा गया. इसी वजह से हर साल 6 जून को उसकी बरसी के तौर पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।      इस सैन्य अभियान के दौरान अकाल तख्त को भारी नुकसान पहुंचा था. यही कारण है कि सिख समुदाय का एक बड़ा वर्ग इसे धार्मिक स्थल की बेअदबी मानता है. ऑपरेशन के बाद पूरे देश में तनाव फैल गया था. बाद में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके सिख अंगरक्षकों ने हत्या कर दी थी. इसके बाद देश में भयानक दंगे हुए थे।      स्वर्ण मंदिर परिसर में  सुरक्षा बेहद कड़ी रही. पंजाब पुलिस, अर्धसैनिक बल और खुफिया एजेंसियां अलर्ट मोड पर रहीं. मंदिर परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी गई. प्रशासन ने साफ किया कि किसी भी हालत में कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।  अपनों ने किया श्री हरिमंदिर साहिब पर हमला जून 1984 की घटनाओं की स्मृति में आयोजित कार्यक्रम के दौरान श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कौम के नाम संदेश पढ़ते हुए कहा कि जून 1984 में भारतीय सेना ने श्री हरिमंदिर साहिब और श्री अकाल तख्त साहिब पर कार्रवाई की थी, जिसमें दमदमी टकसाल के प्रमुख ज्ञानी जरनैल सिंह भिंडरांवाले, भाई अमरीक सिंह, जनरल शबेग सिंह समेत अनेक लोगों की मौत हुई। उन्होंने कहा कि इस घटना में टैंकों और भारी हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसे सिख इतिहास की महत्वपूर्ण घटनाओं में गिना जाता है। जत्थेदार ने बीबी सतनाम कौर और बीबी वाहेगुरु कौर सहित उन महिलाओं का भी उल्लेख किया, जिन्होंने अपने विश्वास के लिए बलिदान दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान और परंपराओं को कमजोर करने के प्रयास हुए हैं। साथ ही कहा कि सिख समुदाय ने दुनिया भर में मेहनत, सेवा और “सरबत दा भला” की भावना से सम्मान हासिल किया है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। जत्थेदार ने अपने संदेश में कहा कि पहले विदेशी ताकतें हमला करती थी। लेकिन  इस घल्लूघारा में अपनों ने ही हमला किया।  सिखों के खिलाफ नफरत फैलाने की कोशिश ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि सिख इस देश के बराबरी के अधिकार रखने वाले नागरिक हैं और उन्होंने हमेशा अपनी आन, बान और शान के साथ जीवन व्यतीत किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि समय-समय पर सिख पहचान को कमजोर करने और पांच ककारों को समाप्त करने जैसी नीतियां बनाई गईं तथा सिखों की अलग पहचान मिटाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि पंजाब की धरती पर दुनिया भर से लोग आकर रहते हैं, लेकिन जब सिख अन्य राज्यों में बसने जाते हैं तो कई बार उन्हें भेदभाव का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सिख अपने गुरुओं और सिद्धांतों की रक्षा के लिए अंतिम सांस तक संघर्ष करने का जज्बा रखते हैं। जत्थेदार ने कहा कि आज सिख समुदाय पूरी दुनिया में अपनी मेहनत, सेवा और सरबत दा भला की भावना के कारण सम्मानित पहचान बना चुका है। हालांकि, उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले कुछ समय से विभिन्न मुद्दों को आधार बनाकर विश्व स्तर पर सिखों के खिलाफ नफरत का माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने संगत से गुरु साहिबान की शिक्षाओं पर चलते हुए एकजुट रहने और कौमी हितों की रक्षा के लिए सजग रहने का आह्वान किया। पुलिस मुस्तैत, रिजर्व फोर्सेस तैनात हेरिटेज स्ट्रीट के चप्पे चप्पे की निगरानी पुलिस अफसर सीसी कैमरों के जरिए कर रही है। गुरुनगरी के मुख्य प्वाइंट्स पर … Read more

शिक्षा मंत्री सख्त: 10 साल पुराने मुकदमों की 15 दिन में होगी पहचान और समीक्षा

पटना बिहार का शिक्षा विभाग वर्षों से मुकदमों के बोझ तले दबा जा रहा है। हाल यह है कि विभाग 10145 मुकदमों में उलझा हुआ है। हालांकि अब इसके निपटारे की कार्ययोजना बनायी जा रही है। विभाग लंबित मुकदमों में से 10 वर्ष या उससे अधिक पुराने मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर बिहार मुकदमा नीति के प्रावधानों के अंतर्गत उनका शीघ्र निष्पादन सुनिश्चित करेगा। लंबित मुकदमों के मामले को शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने गंभीरता से लिया है। उन्होंने इसे लेकर विभाग के उच्चाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने कहा कि मुकदमे न केवल प्रशासनिक संसाधनों की बर्बादी हैं, बल्कि ये शिक्षकों, कर्मियों और आम नागरिकों के हितों से जुड़े निर्णयों में भी अनावश्यक विलंब का कारण बनते हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि ऐसे मामलों की विशेष सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर उनका निस्तारण किया जाए। मंत्री ने 15 दिनों के भीतर दस वर्ष से अधिक पुराने मामलों की पहचान, वर्गीकरण और प्रारंभिक समीक्षा पूरी कर बिहार मुकदमा नीति के अनुरूप कार्रवाई प्रारंभ करने को कहा है। शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में यह भी कहा कि इस कार्य में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी। विभागीय स्तर पर इसकी नियमित निगरानी की जाएगी। मुकदमों के बोझ से मुक्त होने पर विभाग का समय, ऊर्जा और संसाधन सीधे तौर पर जनहितकारी कार्यों में लगाए जा सकेंगे। विद्यालयों की गुणवत्ता और आधारभूत ढांचे के विकास में, शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की लंबित समस्याओं के समाधान में तथा सरकारी शिक्षा योजनाओं के प्रभावी एवं त्वरित क्रियान्वयन में इसका उपयोग हो सकेगा। इससे प्रशासनिक निर्णय-प्रक्रिया भी अधिक पारदर्शी और सरल बनेगी। मंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि बिहार मुकदमा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन और अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी से शिक्षा विभाग के मुकदमों के बोझ में उल्लेखनीय कमी आएगी। बिहार सरकार जवाबदेह और परिणामोन्मुख प्रशासन के लिए प्रतिबद्ध है और शिक्षा विभाग इस दिशा में सुशासन की एक नई नजीर पेश करेगा।

स्लो Windows PC को तेज करने के आसान तरीके: अपडेट, स्टोरेज और सेटिंग्स पर ध्यान दें

अगर आपका Windows PC पहले के मुकाबले स्लो चलने लगा है, बार-बार हैंग हो रहा है या ऐप्स खुलने में ज्यादा समय ले रहे हैं, तो इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं. अक्सर बैकग्राउंड में चल रहे ज्यादा ऐप्स, कम स्टोरेज,पुराने ड्राइवर्स या सिस्टम में मौजूद वायरस की वजह से PC की स्पीड कम होने लगती है. हालांकि कुछ आसान सेटिंग्स और छोटे बदलावों की मदद से आप अपने स्लो Windows PC को फिर से फास्ट और स्मूद बना सकते हैं. Windows और Drivers को अपडेट रखें Microsoft समय-समय पर Windows अपडेट जारी करता है, जिनमें सिक्योरिटी पैच, बग फिक्स और नए ड्राइवर अपडेट शामिल होते हैं. अगर सिस्टम अपडेटेड रहेगा, तो PC ज्यादा स्मूद और फास्ट काम करेगा. इसके लिए Start में जाकर Settings में जाएं और वहां फिर Windows Update पर जाएं. इसके बाद वहां दिखाई दे रही अपडेट्स को डाउनलोड कर और इंस्टॉल कर लें. Malware Scan जरूर करें कई बार वायरस या मालवेयर कंप्यूटर की स्पीड धीमी कर देते हैं, क्योंकि वे सिस्टम रिसोर्स का इस्तेमाल करते रहते हैं. ऐसे में समय-समय पर Quick Scan करना जरूरी होता है. इसके लिए Start में जाकर Settings में जाएं. यहां Privacy & Security के ऑप्शन में क्लिक कर Windows Security पर जाएं और Virus & Threat Protection ओपन कर लें. इसके बाद Quick Scan शुरू करें. स्टोरेज खाली करें अगर आपके कंप्यूटर की स्टोरेज लगभग भर चुकी है, तो सिस्टम की स्पीड धीमी होने लगती है. ऐसे में अनचाही फाइल्स और Temporary Files हटाना जरूरी हो जाता है. इसके लिए आप Windows के Storage Sense फीचर का इस्तेमाल कर सकते हैं. इसे ऑन करने के लिए Settings में जाएं. इसके बाद System में जाकर Storage में जाएं और Storage Sense को Enable कर दें. वहीं Temporary Files हटाने के लिए Settings में जाएं System में जाकर Storage में जाकर Temporary Files में जाकर गैर जरूरी फाइल्स डिलीट की जा सकती हैं. बेकार Apps हटाएं कई ऐसे ऐप्स होते हैं, जिनका इस्तेमाल हम नहीं करते, लेकिन वे स्टोरेज और RAM दोनों घेरते रहते हैं. ऐप हटाने के लिए Start में जाकर Settings में जाएं और Apps में जाकर Installed Apps में क्लिक करें. यहां आपको ऐप्स की लिस्ट मिल जाएगी. ऐसे में आपको जिस ऐप की जरूरत नहीं है, उसे Uninstall कर दें. Startup Apps बंद करें कुछ ऐप्स कंप्यूटर ऑन होते ही अपने आप शुरू हो जाते हैं. इससे PC बूट होने में ज्यादा समय लग सकता है. इन्हें बंद करने के लिए Ctrl + Shift + Esc दबाकर Task Manager खोलें. इसके बाद Startup Apps सेक्शन में जाएं और गैरजरूरी ऐप्स को Disable कर दें. Background Activity कम करें कई ऐप्स इस्तेमाल न होने पर भी बैकग्राउंड में चलते रहते हैं और सिस्टम स्लो कर देते हैं. इसे बंद करने के लिए Settings में Apps में जाएं. यहां Installed Apps में जाकर ऐप चुनें और Advanced Options खोलें. Background App Permissions को Never पर सेट कर दें. Visual Effects कम करें Windows में कई एनिमेशन और विजुअल इफेक्ट्स होते हैं, जो देखने में अच्छे लगते हैं लेकिन सिस्टम पर ज्यादा दबाव डालते हैं. ऐसे में स्पीड बढ़ाने के लिए Start Menu में Adjust the appearance and performance of Windows सर्च करें. फिर Visual Effects टैब में जाकर Adjust for best performance चुनें. इन बातों का भी रखें ध्यान     कंप्यूटर को समय-समय पर Restart करें.     SSD स्टोरेज इस्तेमाल करने से सिस्टम काफी तेज हो सकता है.     जरूरत से ज्यादा ब्राउजर टैब एक साथ न खोलें.     RAM कम हो तो अपग्रेड पर भी विचार करें.  

8 जून 2026 को शुक्र गोचर से बनेगा गजलक्ष्मी राजयोग, कई राशियों के लिए शुभ संकेत

द्रिक पंचांग के अनुसार, 8 जून 2026 को सुख, सौंदर्य और भौतिक सुख-साधनों के कारक शुक्र देव मिथुन राशि से निकलकर कर्क राशि में गोचर करने जा रहे हैं. ज्योतिषीय दृष्टिकोण से इस बार का यह गोचर बेहद खास और दुर्लभ है, क्योंकि कर्क राशि में पहले से ही देवगुरु बृहस्पति उच्च के होकर विराजमान हैं. कर्क राशि में शुक्र और गुरु की यह युति गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण भी कर रही है, जो कई राशियों के लिए भाग्य के द्वार खोलने वाला साबित होगा. आइए जानते हैं कि शुक्र के इस गोचर से किन राशियों को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है: कर्क राशि (Cancer) शुक्र का गोचर आपकी ही राशि के प्रथम भाव (लग्न) में हो रहा है, जहां गुरु पहले से मौजूद हैं. आपके व्यक्तित्व में एक जबरदस्त आकर्षण और निखार आएगा. समाज और कार्यक्षेत्र में लोग आपकी तरफ आकर्षित होंगे. मान-सम्मान बढ़ेगा. नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारियां या प्रमोशन मिल सकता है. जो लोग क्रिएटिव फील्ड से जुड़े हैं, उनके लिए यह समय बेहद शानदार रहेगा. वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी. यदि आप सिंगल हैं, तो जीवन में किसी खास व्यक्ति का आगमन हो सकता है. सिंह राशि (Leo) आपकी राशि से 12वें भाव (व्यय और विदेश भाव) में गजलक्ष्मी राजयोग का निर्माण हो रहा है. सिंह राशि वालों के लिए यह गोचर विशेष रूप से विदेश से जुड़े मामलों में बड़ी सफलता लेकर आ रहा है. आय के नए स्रोत खुलेंगे. लंबे समय से अटका हुआ पैसा या पुराने निवेश से बड़ा मुनाफा मिल सकता है. हालांकि सुख-सुविधाओं पर खर्च भी बढ़ेगा, लेकिन वह निवेश के रूप में होगा. यदि आप विदेश यात्रा या वहां व्यापार विस्तार की योजना बना रहे हैं, तो यह समय आपके पक्ष में है. साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी. कन्या राशि (Virgo) शुक्र का यह गोचर आपकी राशि से 11वें भाव (लाभ और इच्छा पूर्ति के भाव) में होने जा रहा है. यह गोचर आपकी आर्थिक स्थिति को सबसे ज्यादा मजबूती देगा. आपकी अधूरी इच्छाएं पूरी होने का समय आ गया है. बिजनेस में कोई बड़ी और फायदेमंद डील फाइनल हो सकती है. नौकरी में भी सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों का पूरा सहयोग मिलेगा. आपके सामाजिक दायरे का विस्तार होगा. पुराने मित्रों या प्रभावशाली लोगों की मदद से करियर में कोई बड़ा अवसर अचानक मिल सकता है. कर्क राशि में शुक्र का प्रभाव चूंकि कर्क एक भावुक और जल तत्व की राशि है, इसलिए इस गोचर के दौरान प्रेम संबंधों में केवल आकर्षण के बजाय भावनात्मक सुरक्षा, केयर और एक-दूसरे के प्रति निष्ठा का महत्व बहुत बढ़ जाएगा.

‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में बड़ा ट्विस्ट, मायरा के साथ हादसे से बढ़ेगा ड्रामा

स्टार प्लस के लोकप्रिय धारावाहिक ‘ये रिश्ता क्या कहलाता है’ में आने वाले एपिसोड्स दर्शकों को भावनाओं और ड्रामे से भरपूर कहानी दिखाने वाले हैं. शो में अभीरा और अरमान की जिंदगी पहले ही कई मुश्किलों से घिरी हुई है, लेकिन अब परिस्थितियां और भी जटिल होती नजर आ रही हैं. अरमान की स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं और अभिरा उसके सच से पूरी तरह वाकिफ हो चुकी है. मायरा के साथ होगा बड़ा हादसा आने वाले एपिसोड में मायरा स्कूल जाने के दौरान एक परेशान करने वाली स्थिति का सामना करेगी. उसे महसूस होगा कि कोई व्यक्ति उसका पीछा कर रहा है. हालात तब बिगड़ जाएंगे जब वह उस व्यक्ति का सामना करने की कोशिश करेगी. इस दौरान एक दुर्घटना हो जाएगी, जिसमें मायरा घायल हो सकती है. घटना के बाद उसे तुरंत घर लाया जाएगा, जहां उसकी हालत देखकर परिवार के सदस्य घबरा जाएंगे. बेटी की परेशानी से परेशान होगा अरमान मायरा से पूरी बात जानने के बाद अरमान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच जाएगा. वह जिम्मेदार व्यक्ति को सबक सिखाने का फैसला करेगा. हालांकि, तनाव और मानसिक दबाव के बीच अरमान की सेहत पर भी बुरा असर पड़ता दिखाई देगा. परिवार के लोग उसकी बिगड़ती हालत को लेकर चिंता में पड़ जाएंगे. अभीरा को सताएगा सबसे बड़ा डर कहानी में भावनात्मक मोड़ तब आएगा जब अभीरा को यह एहसास होगा कि अरमान की बीमारी लगातार गंभीर होती जा रही है. वह अपने पति को खोने के डर से अंदर ही अंदर टूटने लगेगी. हालांकि वह हिम्मत नहीं हारती और अरमान के इलाज के लिए हर संभव कोशिश करने का संकल्प लेती है. कहानी में आएगा नया ट्विस्ट मीडिया रिपोर्ट्स और शो से जुड़े अपडेट्स की मानें तो आने वाले एपिसोड में अरमान की याददाश्त को लेकर भी बड़ा ट्विस्ट देखने को मिल सकता है. यदि ऐसा होता है तो अभीरा और पूरे परिवार के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो जाएंगी. ऐसे में दर्शकों को शो में भावनाओं, संघर्ष और रिश्तों की एक नई परीक्षा देखने को मिल सकती है.

मौसम बदलेगा मिजाज: पूरे झारखंड में बारिश के आसार, पलामू-गढ़वा में 40°C तक पहुंचेगा पारा

 रांची  झारखंड में मौसम का मिजाज लगातार बदल रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र, रांची (IMD Ranchi) ने राज्य के विभिन्न जिलों के लिए आज का मौसम पूर्वानुमान (Jharkhand Weather Forecast) जारी कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक, आज पूरे राज्य में कई स्थानों पर बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, आज ऐसा कोई जिला नहीं बचेगा, जहां एक-दो स्थानों पर बारिश न हो। यानि पूरे झारखंड में बारिश के आसार हैं। इसके अलावा, बिजली कड़कने और बादल गरजने का भी अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान 40 से 50 की रफ्तार से हवा चलेगी। बारिश के बाद जहां कई स्थानों में चुभती गर्मी से राहत मिलेगी, वहीं जिन स्थानों पर बारिश नहीं होगी, वहां तापमान बढ़ेगा इन स्थानों पर बढ़ेगा तापमान मौसम विभाग के मुताबिक, आज झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में पारे का मिलाजुला असर देखने को मिलेगा। पलामू और गढ़वा जैसे उत्तर-पश्चिमी जिले आज सबसे गर्म रहने वाले हैं, जहां अधिकतम तापमान रिकॉर्ड 40°C तक पहुंचने का अनुमान है। वहीं, राजधानी रांची सहित मध्य झारखंड के इलाकों जैसे खूंटी और गुमला में आज अधिकतम तापमान 36°C और न्यूनतम तापमान 24°C से 25°C के आसपास बने रहने की उम्मीद है, जिससे यहां थोड़ी राहत रहेगी। इसके विपरीत, संताल परगना और उत्तर-पूर्वी झारखंड के देवघर, धनबाद और दुमका जैसे जिलों में अधिकतम तापमान 36°C के आसपास रहेगा, जबकि गोड्‌डा और पाकुर में यह 37°C तक जा सकता है। दक्षिण झारखंड के जमशेदपुर (पूर्वी सिंहभूम) में भी पारा 38°C के करीब रहने से दोपहर में उमस भरी गर्मी का अहसास होगा। मौसम विभाग की आज के लिए जरूरी चेतावनी वज्रपात (बिजली गिरने) से सावधान: जिन 15 जिलों में बारिश का अनुमान है, वहाँ तेज हवाओं के साथ बिजली कड़कने की आशंका है। मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों या पक्के मकानों में शरण लें। पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें। दोपहर में निकलने से बचें: पलामू, गढ़वा और चतरा के लोग दोपहर 12 से 3 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर ही घर से बाहर निकलें।

जंतर-मंतर पर गूंजेगी कॉकरोच जनता पार्टी की आवाज, प्रदर्शन के लिए मिली मंजूरी

  नई दिल्ली दिल्ली पुलिस ने 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) को जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन की अनुमति दे दी है. 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) ने अपने समर्थकों से जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति मांगने के लिए शनिवार सुबह 9 बजे संसद मार्ग थाने के बाहर एकत्र होने की अपील की थी. इससे पहले विरोध प्रदर्शन के खिलाफ दायर याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया, जिसके बाद प्रस्तावित प्रदर्शन के रास्ते में कोई कानूनी बाधा नहीं बची है।  जस्टिस सौरभ बनर्जी और जस्टिस अमित शर्मा की खंडपीठ ने कहा कि याचिका पर नियत समय के अनुसार सुनवाई की जाएगी. विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' के फाउंडर अभिजीत दिपके ने नीट पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है. वह अमेरिका के बोस्टन से शनिवार सुबह नई दिल्ली पहुंचे. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करके समर्थकों से किताब और तिरंगा साथ लेकर जंतर-मंतर आने की अपील की।  उन्होंने लिखा, 'लैंडिंग हो गई. जंतर-मंतर पर आप सभी से मिलने का बेसब्री से इंतजार है. किताब और हमारा तिरंगा लाना न भूलें! सहानुभूति और कृतज्ञता के प्रतीक के रूप में पुलिसकर्मियों को फूल भेंट करें. हमें इस आंदोलन का नेतृत्व प्रेम और शांति के साथ करना है!' दिल्ली पुलिस ने इस विरोध प्रदर्शन को ध्यान में रखकर निगरानी बढ़ा दी है और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए संसद मार्ग थाना क्षेत्र के अलावा राजधानी के अन्य संवेदनशील इलाकों में भी पुलिस बलों की तैनाती की गई है।  कॉकरोच जनता पार्टी नीट पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली के जंतर-मंतर पर आज से विरोध प्रदर्शन शुरू कर रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान समेत अन्य मंत्रियों के सरकारी आवासों के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है. इस सप्ताह की शुरुआत में अभिजीत दिपके ने घोषणा की थी कि वह 6 जून को बोस्टन से भारत लौटेंगे और नीट पेपर लीक को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए एक शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू करेंगे।  शिक्षा सुधारक और जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने कहा था कि यदि 5 जून तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते हैं, तो वह भी इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होंगे. विरोध प्रदर्शन की संभावना को देखते हुए नई दिल्ली क्षेत्र में 1,000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है. दिल्ली पुलिस ने अपने जवानों को प्रदर्शनकारियों के साथ टकराव से बचने और बातचीत के जरिए स्थिति को शांत बनाए रखने के निर्देश दिए हैं. पुलिस ने सेंट्रल दिल्ली को 12 जोन में बांटा गया है और प्रत्येक जोन की जिम्मेदारी डीसीपी रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है. सभी जिला और यूनिट डीसीपी को अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. विरोध प्रदर्शन के कारण यातायात प्रभावित होने और कानून-व्यवस्था संबंधी चुनौतियों की आशंका जताई गई है। 

फायरिंग केस में नाम आने के बाद खान सर का सरेंडर, जानें पूरा मामला

पटना खान सर पर प्राथमिकी दर्ज हुए 24 घंटे बीत गए लेकिन पटना पुलिस उनको गिरफ्तार नहीं कर पाई। अब फैजल खान पटना सिविल कोर्ट पहुंच चुके हैं। वह सरेंडर करेंगे। कोर्ट में पेश होने के बाद उन्हें जेल भेज दिया जाएगा। इससे पहले शुक्रवार रात्रि से शनिवार सुबह तक पटना पुलिस की टीम खान सर के कोचिंग के पास तो छात्रों की भीड़ जुटने लगी। विधि व्यवस्था प्रभावित न हो, इसलिए पटना पुलिस ने उन्हें बलपूर्वक गिरफ्तार नहीं किया। देर रात छात्रों की संख्या कम हुई लेकिन इसके बावजूद खान सर ने न तो सरेंडर किया और न ही पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार किया। शनिवार दोपहर खान सर सरेंडर करने कोर्ट पहुंच गए।   छात्रों को मैसेज आया कि खान सर आज क्लास लेंगे इधर, शनिवार सुबह खान सर के कोचिंग से जुड़े छात्रों को मैसेज आया कि खान सर आज क्लास लेंगे। वह सुबह 10 से 11 बजे क्लास लेंगे। हालांकि, उन्होंने क्लास तो नहीं लिया लेकिन वह सरेंडर करने जरूर सामने आए। पटना पुलिस ने छात्रों से फिर से अपील की है कि वह किसी कोचिंग वालों के बहकावे में नहीं आएं। विधि व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की मदद करें। पटना पुलिस निष्पक्ष होकर कार्रवाई कर रही है। खान सर पर गोली चलाने के आदेश देने का आरोप थाने में दिए गए आवेदन में आरोप लगाया गया है कि दोनों सुरक्षा गार्डों ने लोगों में भय और दहशत फैलाने तथा सार्वजनिक रूप से हथियार का प्रदर्शन करने के उद्देश्य से फायरिंग की। दोनों अंगरक्षकों ने कबूल किया है कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही फायरिंग की। दोनों ने स्पष्ट कहा कि कुछ लोग उग्र होकर कोचिंग के बाहर सुरक्षा गार्ड को बेरहमी से पीट रहे थे। इतना ही नहीं कुछ अन्य असमाजिक तत्व बैनर और पोस्टर भी फाड़ने लगे। हंगामा के बाद हमलोग खान सर के साथ बाहर आए। हंगामा देखकर खान सर ने कहा कि देख क्या रहे हैं हो, अविलंब फायर करो जो होगा मैं समझ लूंगा। इस आदेश के बाद हमलोगों ने दो दो राउंड फायरिंग की। खान सर को कितने साल की सजा हो सकती है? पटना पुलिस ने फैसल खान उर्फ खान सर पर बीएनएस (भारतीय न्याय संहिता) की धारा 109 और आर्म्स एक्ट की धारा 25 (9)/ 27/ 35 के तहत हत्या के प्रयास और लापरवाही से हथियार (जैसे बंदूक या पिस्टल) लहराने या इस्तेमाल करने का केस दर्ज होता है। पटना हाईकोर्ट के वकील आलोक आनंद ने कहा कि गोली चलाने का आरोप खान सर के दोनों अंगरक्षकों पर लगा है। अगर यह बात साबित हो जाती है कि खान सर के आदेश पर दोनों अंगरक्षकों ने गोली चलाई तो वह भी सामान्य रूप से बीएनएस की धारा 109 में दोषी पाए जाएंगे। अगर दोषी पाए गए तो 10 साल तक की सजा उन्हें हो सकती है। उनपर आर्म्स एक्ट की धारा 35 भी लगी है। इससे खान सर नहीं बच सकते हैं। जो धाराएं लगाई हैं वह खान को परेशान करेगी।    

निशांत समेत 8 नामों का ऐलान, सामाजिक समीकरण साधने में जुटा एनडीए

पटना बिहार विधान परिषद की एक सीट पर उपचुनाव और 9 सीटों पर चुनाव को लेकर एनडीए ने आठ उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर दी है। एनडीए के दोनों प्रमुख दलों जदयू और भाजपा ने अपने-अपने कोर वोटरों का पूरा ध्यान रखा है। इन आठ उम्मीदवारों में पांच अतिपिछड़ा समाज से जबकि तीन महिलाएं हैं। जदयू ने तीन जबकि भाजपा ने दो अतिपिछड़ों को मौका दिया है। भाजपा ने अपने हिस्से की चार सीटों में से दो सवर्णों के हवाले किया है। घोषित उम्मीदवारों में भाजपा के संजय मयूख को छोड़कर निशांत समेत शेष सात उम्मीदवार पहली बार विधान परिषद जाएंगे। एनडीए की ओर से 9वीं सीट पर मंत्री दीपक प्रकाश का भी विधान परिषद जाना तय है। जल्द ही रालोमो उनकी उम्मीदवारी की घोषणा करेगी। जदयू ने उम्मीदवारों के चयन में आधार वोट के साथ क्षेत्रीय संतुलन को भी साधा है। जदयू की सबसे बड़ी ताकत मानी जाने वाली आधी आबादी को आधी हिस्सेदारी दी गयी है। पार्टी के चार उम्मीदवारों में एक पिछड़ा तो तीन अति पिछड़ा हैं। इनमें एक कुर्मी, एक नोनिया, एक कुम्हार और एक धानुक जाति से हैं। भाजपा प्रत्याशियों में दो सवर्ण और दो अतिपिछड़ा हैं। सवर्ण में एक राजपूत तो एक कायस्थ हैं जबकि अतिपिछड़ा में एक नाई और दूसरी प्रजापति हैं। चार में एक महिला को भी है। इनमें तीन पहली बार तो एक तीसरी बार विधान परिषद के सदस्य बनेंगे। जदयू की सूची में पहला नाम निशांत का है। उन्हें जदयू का अगला चेहरा माना जा रहा है। डॉ. भारती मेहता बीते 25 वर्षों से जदयू के लिए काम कर रही हैं। इस समय जदयू महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष हैं। वह संस्कृत शिक्षा बोर्ड की अध्यक्ष रह चुकी हैं। वहीं, शिवरानी प्रजापति 20 वर्षों से पार्टी में सक्रिय हैं। वे बेतिया जिला परिषद अध्यक्ष रह चुकी हैं। अति पिछड़ी वर्ग में कुम्हार जाति से आती हैं। ललन प्रसाद समता पार्टी के समय से यानी लगभग 32 वर्षों से पार्टी के काम में जुटे हैं। अति पिछड़ा वर्ग के धानुक जाति से आते हैं। भोजपुरी सिने स्टार पवन सिंह काराकाट से निर्दलीय लोकसभा चुनाव लड़े थे। हाल के दिनों में पवन सिंह की मुलाकात भाजपा के शीर्ष नेताओं से हुई थी। उसी समय से कयास लगाया जा रहा था कि पवन सिंह को कुछ अहम जिम्मेवारी दी जाएगी। वहीं, डॉ. संजय मयूख को एक बार फिर उम्मीदवार बनाया गया है। वे लगातार तीसरी बार उच्च सदन के सदस्य होंगे। इसके पहले पार्टी ने गंगा प्रसाद और मंगल पांडेय को लगातार तीन बार विधान परिषद भेजा था। अनिल कुमार ठाकुर अतिपिछड़ा वर्ग में नाई जाति से आते हैं। वे अभी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। वहीं शीला पंडित (प्रजापति) अभी बाल संरक्षण आयोग की सदस्य हैं। वह डॉ. संजय जायसवाल के प्रदेश अध्यक्ष रहते प्रदेश मंत्री और सम्राट चौधरी के साथ प्रदेश उपाध्यक्ष के तौर पर काम कर चुकी हैं।