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शिवाजी महाराज के आदर्श आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत – राज्यपाल डेका

रायपुर राज्यपाल  रमेन डेका ने आज महाराष्ट्र मंडल रायपुर में  छत्रपति शिवाजी महाराज राज्याभिषेक समारोह दिवस में उनकी प्रतिमा का अनावरण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन साहस, स्वाभिमान, सुशासन और राष्ट्रभक्ति का अद्वितीय उदाहरण है, जो आज भी युवा पीढ़ी को प्रेरणा देता है।               राज्यपाल ने कहा कि 6 जून 1674 को रायगढ़ दुर्ग में हुआ शिवाजी महाराज का राज्याभिषेक केवल एक राजतिलक नहीं, बल्कि स्वतंत्र “हिंदवी स्वराज” की स्थापना का ऐतिहासिक क्षण था। उन्होंने कहा कि शिवाजी महाराज ने अपने पराक्रम, दूरदर्शिता और कुशल नेतृत्व से स्वराज की मजबूत नींव रखी तथा करोड़ों भारतीयों में आत्मसम्मान और आत्मविश्वास का संचार किया। उन्होंने शिवाजी महाराज को कुशल प्रशासक, प्रजावत्सल शासक और धार्मिक सहिष्णुता का प्रतीक बताते हुए कहा कि उनके द्वारा स्थापित अष्टप्रधान व्यवस्था, संगठित नौसेना तथा जनकल्याणकारी नीतियां आज भी प्रासंगिक हैं।              राज्यपाल ने महाराष्ट्र मंडल की 91 वर्षों की गौरवशाली सेवा यात्रा की सराहना करते हुए कहा कि संस्था द्वारा संचालित विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक प्रकल्प समाज सेवा की उत्कृष्ट मिसाल हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि महाराष्ट्र मंडल भविष्य में भी समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता रहेगा।             डेका ने कार्यक्रम  में शानदार सांस्कृतिक प्रस्तुति देने वाले चार बच्चों को पांच -पांच हजार रुपए की राशि पुरस्कार स्वरूप प्रदान की तथा महाराष्ट्र मंडल को एक एंबुलेंस प्रदान करने की भी घोषणा की। इस अवसर पर महापौर मती मीनल चौबे, महाराष्ट्र मंडल रायपुर के अध्यक्ष  अजय मधुकर काले सहित अन्य पदाधिकारी एवं महाराष्ट्रीयन समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

कृषि उत्पादन आयुक्त अशोक बर्णवाल ने उज्जैन में संभागीय समीक्षा में दिए निर्देश

भोपाल  कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने खरीफ की आगामी फसलों के संबंध में किसानों की आय बढ़ाने के लिए बाजार की मांग आधारित फसलों को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कृषि, सहकारिता और उद्यानिकी विभाग की योजनाओं को प्रभावी तरीके से क्रियान्वित करने के निर्देश दिए। इन सामूहिक प्रयासों से किसानों को बेहतर गुणवत्ता के साथ अच्छी फसल मार्केट में उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और किसानों की आय भी बढ़गी। उन्होंने प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए।  बर्णवाल शनिवार को सिंहस्थ मेला कार्यालय उज्जैन के सभागार में आयोजित संभागीय समीक्षा बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में प्रमुख सचिव सहकारिता  डी पी आहूजा, सचिव किसान कल्याण  निशांत बरबडे, आयुक्त उज्जैन  आशीष सिंह, सचिव उद्यानिकी  जान किन्सली ए आर, आयुक्त सह संचालक उद्यानिकी  अरविंद कुमार दुबे, प्रबन्ध संचालक सहकारिता  अभिजित अग्रवाल, पंजीयक सहकारिता  मनोज पुष्प, प्रबन्ध संचालक मंडी बोर्ड  कुमार पुरुषोत्तम और संभाग के जिलों के कलेक्टर, जिला पंचायत के सीईओ के साथ ही सम्बन्धित विभाग के अधिकारी उपस्थित थे। कृषि उत्पादन आयुक्त  अशोक बर्णवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में किसानों के कारोबार को दोगुना करने के लक्ष्य पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कृषि की उन्नत तकनीक, खेती के साथ नवाचार, उद्यम के लिए प्रेरित किया जाए। साथ ही बीज की उन्नत खेती के लिए भी प्रेरित करें। पूसा अरहर फसल की जानकारी देकर किसानों को बताएं कि पूसा अरहर का उत्पादन भी बहुत अधिक है। उन्हें उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित करें। कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि उद्यानकी विभाग और खाद्य प्रसंस्करण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी किसानों तक पहुँचाएं। उद्यानिकी फसलों से किसानों को नगद राशि प्राप्त होती है और उनकी आय भी बेहतर हो जाती है। सभी कलेक्टर यह सुनिश्चित करें कि उद्यानिकी की एक दो फसलों को फोकस कर जिले में बेहतर तरीके से उत्पादन के लिए प्रोत्साहित करे। साथ ही उन्हीं फसलों से संबंधित खाद्य प्रसंस्करण उद्योग और उनकी मार्केटिंग की व्यवस्था भी की जाए। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा के दौरान उज्जैन कलेक्टर  रौशन कुमार सिंह ने आगामी सिंहस्थ महापर्व को दृष्टिगत रखते हुए फूलों की खेती के लिए रकबा बढ़ाने और करीब 250 हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती कराने के लक्ष्य से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के पहले फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए रकबा बढ़ाने के साथ ही किसानों को प्रोत्साहित कर लाभ दिलाया जाएगा। संभाग के अन्य जिलों के अंतर्गत उद्यानिकी फसलों के नवाचार को लेकर जानकारी ली गई। जिलों के कलेक्टर व जिला पंचायत सीईओ ने उद्यानिकी फसलों को लेकर किए जा रहे नवाचार के साथ ही आलू, सतंरा, अश्वगंधा, शतावरी, धनिया, प्याज, ड्रेगन फ्रूट, खीरा, तरबूज, चिया सीड्स जैसे खाद्य फसलों रकबा बढ़ाने के साथ विक्रय के लिए मार्केट उपलब्ध कराने की योजना की जानकारी दी। कृषि उत्पादन आयुक्त  बर्णवाल ने निर्देश दिए कि कोल्ड स्टोरेज, राइजनिंग चैंबर की क्षमताओं को बढ़ाएं। सभी जिलों में कम से कम एक राइजनिंग चैंबर आवश्यक रूप से हो जिससे फसलों को पकाने के लिए सही तरीके का उपयोग हो सके। फूड प्रोसेसिंग यूनिट को भी बढ़ाने के प्रयास करें। साथ ही किसानों को उद्यानकी योजनाओं की जानकारी देने के लिए जिलों मे शिविर भी लगाएं। सहकारिता की समीक्षा के दौरान कृषि उत्पादन आयुक्त ने कहा कि सहकारिता से अधिक से अधिक लोगों को जोड़ें। उन्होंने पर्याप्त मात्रा में ऋण उपलब्ध कराने और समय पर खाद-बीज देने से उनकी आय बेहतर होगी। किसानो को खेती, उपकरण, के लिए पूंजी उपलब्ध कराना सहकारिता का प्रमुख काम है। प्रमुख सचिव  डी पी आहूजा ने सहकारिता से सम्बन्धित गतिविधियों के बारे में बताते हुए कहा कि जिलों में सहकारी समितियों से अधिक से अधिक किसानों को जोड़ा जा रहा है। पैक्स के माध्यम से किसानों को जोड़कर उनको बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा जा रही है। प्रदेश में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध समीक्षा बैठक मे कृषि कल्याण विभाग के सचिव  निशांत बरबडे ने बताया कि प्रदेश में यूरिया और एनपीके का पर्याप्त मात्रा में भंडारण है। किसी भी जिले में कोई कमी नही है। किसानों की मांग के अनुसार उन्हे खाद उपलब्ध कराया जा रहा है। ई-विकास पोर्टल के माध्यम से किसानों के पंजीयन के साथ ही किसानों को खाद उपलब्ध होगी और लगातार किसान इससे खाद ले सकेंगे ।  बर्णवाल ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि खाद्य वितरण केंद्रो पर व्यापक इंतजाम हो। किसानों के बैठने की व्यवस्था, पीने का पानी, छांव की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। इसके लिए कृषि अधिकारियों को निर्देश दिए है कि व्हाट्सएप के माध्यम से किसानों को फसल अनुसार खाद की उपयोगिता की सूचना दें और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफार्म का उपयोग कर किसानों को खाद उपलब्धता की सभी जरूरी जानकारी उपलब्ध कराए। साथ ही सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए है कि खाद भंडारण में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो। इसके लिए अभी से व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर लें। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद की उपलब्धता रखने के निर्देश दिए। सहकारिता के माध्यम से ऋणी और अऋणी किसानों को फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए।  बर्णवाल ने कहा कि फसल बीमा से संबंधित किसानों की शिकायतों का त्वरित निराकरण किया जाए। कोई भी जिले में शिकायतें पैंडिग नही रहे। साथ ही अवैधानिक रूप से खाद्य विक्रय कर रहे पेस्टिसाइड्स का निर्माण और बिक्री और गलत बीजों के विक्रय पर रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश भी बैठक में दिए गए हैं ।  बरबड़े ने भी किसानों से संबंधित चल रही योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों को किसी प्रकार से खाद-बीज की कमी नही होने दी जाएगी। खाद पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। उद्यानिकी विभाग के आयुक्त सह संचालक  अरविंद कुमार दुबे ने बताया कि उद्यानिकी फसलों का अलग से पंजीयन किया जाए और गिरदावरी के समय भी इन फसलों का अलग से उल्लेख हो जिससे की वास्तविक आंकड़े उपलब्ध रहे। साथ ही किसानों को उद्यानिकी फसलों से जोडऩे के लिए व्यापक स्तर पर प्रचार करने के संबंध में भी कलेक्टर को निर्देशित किया गया। फसलों को पकाने के लिए राइजिंग चैंबर हर जिले मे बनाया … Read more

हेल्पलाइन बनी बड़ा सहारा, एक फोन कॉल पर दूर हो रहीं दिव्यांगजनों की समस्याएं

लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण और सशक्तीकरण के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के दिव्यांगजन भी योगी सरकार की प्राथमिकताओं में प्रमुख रूप से शामिल हैं। उनकी समस्याओं के त्वरित समाधान और विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग द्वारा संचालित टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-180-1995 प्रभावी माध्यम के रूप में उभरी है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में विभाग ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के दौरान कुल 7,707 शिकायतें प्राप्त हुईं थी, जिनमें से 7,428 शिकायतों का सफलतापूर्वक निस्तारण किया गया है। इस प्रकार कुल 96.38 प्रतिशत शिकायतों का समाधान किया गया है। शिकायत निस्तारण का यह उच्च प्रतिशत राज्य सरकार की संवेदनशीलता, जवाबदेही और दिव्यांगजनों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण हुआ हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों में विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से संबंधित मामले शामिल हैं। इनमें दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (पेंशन) योजना से संबंधित 7,281 शिकायतें, स्वावलंबन कार्ड से संबंधित 52 शिकायतें और दुकान निर्माण एवं संचालन योजना से संबंधित 67 शिकायतें प्राप्त हुई थीं। इसके अतिरिक्त शादी-विवाह प्रोत्साहन पुरस्कार योजना से संबंधित 23 शिकायतें, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना से संबंधित 69 शिकायतें और अन्य विषयों से जुड़ी 215 शिकायतें दर्ज की गईं थी। कृत्रिम अंग, स्वावलंबन कार्ड समेत अन्य शिकायतों का शत प्रतिशत निस्तारण इसमें स्वावलंबन कार्ड, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण योजना और अन्य कई महत्वपूर्ण योजनाओं से संबंधित शिकायतों का शत-प्रतिशत निस्तारण किया गया है। यह उपलब्धि सरकार की दिव्यांगजन हितैषी नीतियों और प्रभावी प्रशासनिक तंत्र का प्रमाण है। प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाएं शिक्षा, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं तक दिव्यांगजनों की पहुंच को मजबूत कर रही हैं। साथ ही शिकायत निवारण तंत्र को सुदृढ़ बनाकर यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी दिव्यांगजन को अपनी समस्या के समाधान के लिए अनावश्यक प्रतीक्षा न करनी पड़े।  एक फोन कॉल पर दिव्यांगजनों की समस्या हो रही दूर हेल्पलाइन व्यवस्था ने दिव्यांगजनों और शासन-प्रशासन के बीच एक प्रभावी संवाद स्थापित किया है, जिसके माध्यम से लाभार्थी अपनी समस्याएं सीधे संबंधित विभाग तक पहुंचा सकते हैं। दिव्यांगजन अपनी समस्याओं, शिकायतों और योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए विभाग की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-180-1995 पर संपर्क कर सकते हैं। विभाग की ओर से शिकायतों के समयबद्ध एवं प्रभावी निस्तारण के लिए निरंतर निगरानी की जा रही है। दिव्यांगजनों की शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण कर रहा विभाग इस संबंध में दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उप निदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि प्रदेश सरकार दिव्यांगजनों के कल्याण एवं सशक्तीकरण के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025-26 में हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त कुल शिकायतों में से 96.38 प्रतिशत शिकायतों का निस्तारण किया गया है। विभाग का सतत प्रयास है कि प्रत्येक पात्र दिव्यांगजन को शासन की योजनाओं का लाभ समय पर, पारदर्शी और सरल तरीके से उपलब्ध हो तथा उनकी समस्याओं का भी समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके, ताकि किसी भी दिव्यांगजन को अनावश्यक रूप से भटकना न पड़े।

“प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें” विषय पर हुई प्रतियोगिता के परिणाम घोषित

रायपुर  विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल द्वारा आयोजित “प्रकृति से प्रेरित होकर जलवायु और भविष्य का संरक्षण करें” विषयक चित्रकला प्रतियोगिता के विजेताओं को वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने सम्मानित किया। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्गों के विद्यार्थियों एवं दिव्यांग प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर पर्यावरण संरक्षण के प्रति अपनी रचनात्मक सोच को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। प्रथम आयु वर्ग (12 वर्ष तक) में कृष्णा पब्लिक स्कूल, सरोना की छात्रा कु. सिद्धी वर्मा ने प्रथम, होली क्रॉस गर्ल्स स्कूल रायपुर की कु. काव्या विश्वकर्मा ने द्वितीय तथा कृष्णा पब्लिक स्कूल, डुण्डा की कु. के. तेजस्विनी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार कु. प्रत्युषा शुक्ला, कु. अर्पिता लहर एवं कु. दितिप्रिया चौधरी को प्रदान किया गया। द्वितीय आयु वर्ग (13 से 17 वर्ष) में सेजेस स्कूल, अभनपुर के छात्र हितेश यादव प्रथम, शिवोम विद्यापीठ रायपुर की कु. हेमा साहू द्वितीय तथा द एशियन एकेडमी के छात्र प्रियांशु साहू तृतीय स्थान पर रहे। सांत्वना पुरस्कार भावेश प्रजापति, मौसमी साहू एवं छवि साहू को प्रदान किया गया। तृतीय आयु वर्ग (18 से 21 वर्ष) में साइंस कॉलेज रायपुर की छात्रा कु. तन्नू जंघेल ने प्रथम, स्वामी आत्मानंद बी.डी. स्कूल खरोरा के छात्र चिराग पसारी ने द्वितीय तथा कलिंगा विश्वविद्यालय रायपुर के छात्र सचिन जंघेल ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। सांत्वना पुरस्कार मौसमी दिवान एवं प्रिन्स विश्वकर्मा को दिया गया। दिव्यांग श्रेणी में शासकीय दिव्यांग महाविद्यालय, माना कैंप की छात्रा कु. लवली खुटियारे प्रथम, छात्र अनमोल पटेल द्वितीय तथा छात्रा कु. डॉली शिवारे तृतीय स्थान पर रहीं। सांत्वना पुरस्कार पुनाराम निषाद, कु. पूजा एवं कु. आयशा खान को प्रदान किया गया। इस अवसर पर मंत्री  ओ.पी. चौधरी ने विजेताओं को बधाई देते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने में बच्चों और युवाओं की रचनात्मक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना ही भविष्य की पीढ़ियों के लिए सुरक्षित एवं स्वच्छ पर्यावरण सुनिश्चित कर सकती है। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के अधिकारी एवं कर्मचारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी, शिक्षक एवं अभिभावक उपस्थित रहे।

सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार ने आयोजित किया कार्यक्रम

लखनऊ केंद्रीय योजनाओं को योगी सरकार उत्तर प्रदेश में बेहतर तरीके से कार्यान्वित कर रही है। इसी क्रम में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने और सोलर दीदियों के सशक्तीकरण के लिए योगी सरकार ने कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें शनिवार को प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत संचालित एमएनआरई सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के तहत प्रशिक्षित सोलर दीदियों को ऊर्जा मंत्री ए. के. शर्मा द्वारा नियुक्ति पत्र एवं प्रशिक्षण प्रमाणपत्र वितरित किए गए।  इस कार्यक्रम के दौरान सोलर दीदियों को प्रशिक्षण पूर्ण होने पर प्रमाणपत्र प्रदान किए गए तथा उन्हें सौर ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार के अवसरों से जोड़ा गया। इस अवसर पर हनुमंत रिन्युवल कंपनी के प्रतिनिधि द्वारा बताया गया कि कंपनी चयनित सोलर दीदियों को ₹14,156 प्रतिमाह मानदेय प्रदान करेगी। इसके अतिरिक्त प्रत्येक चयनित सोलर दीदी को कंपनी द्वारा निःशुल्क 2 किलोवाट रूफटॉप सोलर संयंत्र तथा इंडक्शन स्टोव भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे स्वच्छ ऊर्जा को अपने जीवन में अपनाने के साथ-साथ समाज में इसके प्रचार-प्रसार की प्रभावी भूमिका निभा सकें।  इस कार्यक्रम में उपस्थित एमएनआरई कैप कंसल्टेंट उपकारी नाथ ने बताया कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री के ”सौर ऊर्जा युक्त भारत एवं महिला सशक्तीकरण” के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि सोलर दीदियां प्रधानमंत्री सूर्य घर: मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया, सब्सिडी, रूफटॉप सोलर स्थापना तथा अन्य सौर ऊर्जा संबंधी जानकारी एवं सहायता प्रदान करेंगी। इनके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के प्रति जन-जागरूकता बढ़ेगी तथा अधिकाधिक परिवार स्वच्छ एवं किफायती ऊर्जा से जुड़ सकेंगे।    उन्होंने यह भी बताया कि भारत सरकार द्वारा सिटी एक्सीलेटर प्रोग्राम के अंतर्गत सोलर दीदियों के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है, जिसका संचालन संबंधित नगर निगमों के माध्यम से किया जाएगा। यह कार्यक्रम महिलाओं को हरित ऊर्जा क्षेत्र में कौशल विकास एवं रोजगार उपलब्ध कराने का एक अभिनव प्रयास है। यह पहल प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ-साथ महिला सशक्तीकरण, हरित रोजगार सृजन और स्वच्छ ऊर्जा के प्रसार को नई गति प्रदान करेगी। सोलर दीदियां घर-घर जाकर नागरिकों को रूफटॉप सोलर अपनाने के लिए प्रेरित करेंगी तथा ऊर्जा सुरक्षा, आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत के लक्ष्य को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी।    इस कार्यक्रम में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक शम्भु कुमार, यूपीनेडा के निदेशक रविन्दर सिंह, वाराणसी नगर निगम के नगर आयुक्त  हिमांशु नागपाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

पांच महीनों से निरंतर मिल रहा नल जल, दुगनपाल में जल व्यवस्था का किया गया निरीक्षण

रायपुर उप मुख्यमंत्री  अरुण साव द्वारा बस्तर संभाग में निर्माण कार्यों और विकास योजनाओं के गहन निरीक्षण का दौर आज दूसरे दिन भी जारी रहा। कांकेर और कोंडागांव में 5 जून को निरीक्षण और बैठक के बाद आज उन्होंने बस्तर जिले में जगदलपुर नगर निगम के विभिन्न कार्यों, लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्माणाधीन पुल, सड़क, रेलवे ओवरब्रिज तथा जल जीवन मिशन के कार्यों का जायजा लिया। उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में इंद्रावती नदी पर बन रहे खड़कघाट पुल के कार्यों का निरीक्षण किया। राष्ट्रीय राजमार्ग-30 पर 48 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से इस उच्च स्तरीय पुल का निर्माण किया जा रहा है।  साव ने पुल निर्माण की निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी इसके अधूरे निर्माण पर गहरी नाराजगी जताई। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री  साव ने जगदलपुर में अग्रसेन चौक से पल्ली नाका तक बन रहे 5 किमी फोरलेन सड़क के कार्यों को भी देखा। चित्रकोट रोड पर 27 करोड़ की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है।  साव ने बरसात के मौसम को देखते हुए सड़क के ड्रेनेज का काम अभी तक पूरा नहीं होने पर विभागीय अधिकारियों और ठेकेदार के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने बारिश के पहले इसे प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में केशलूर-जगदलपुर रोड पर किरंदुल-विशाखापत्तनम रेलवे लाइन के ऊपर बन रहे फोरलेन रेलवे ओवर ब्रिज का भी निरीक्षण किया। 69 करोड़ 36 लाख रुपए की लागत से इसका निर्माण किया जा रहा है। उन्होंने यहां भी काम में लेट-लतीफी पर ठेकेदार और अधिकारियों को फटकार लगाई। उन्होंने तेजी से काम पूरा करने को कहा। दुगनपाल में कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर देखी पानी की धार  उप मुख्यमंत्री  अरुण साव ने तोकापाल विकासखण्ड के ग्राम दुगनपाल जाकर जल जीवन मिशन के कार्यों को देखा। उन्होंने गांव की महिलाओं कमलीन, पाली और देवमती के घर जाकर जल जीवन मिशन से आ रहे पानी की धार देखी। वे वहां जल अर्पण कार्यक्रम में भी शामिल हुए। उन्होंने ग्रामीणों से पानी बचाने, वर्षा जल के संचय और वृक्षारोपण की अपील की। दुगनपाल में जल जीवन मिशन के तहत रेट्रोफिटिंग कर हर घर नल से जल की आपूर्ति की जा रही है। यहां के सभी 131 घरों में घरेलू नल कनेक्शन दिए गए हैं। ग्रामीणों को रोज तीन घंटे भरपूर पेयजल मिल रहा है।

कार्यक्रम था सुबह 10 बजे से लेकिन सात बजे से ही चकरौत पहुंचने लगे लोग

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार सुबह बलरामपुर में मां पाटेश्वरी का पूजन कर सभास्थल चकरौत पहुंचे। कटरा व करनैलगंज विधानसभा के बॉर्डर पर आयोजित इस जनसभा में दोनों ही विधानसभाओं के लोग पहुंचे। सुबह दस बजे मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम में सुबह सात बजे से ही लोग पहुंचने लगे। सुबह दस बजे से पहले ही पंडाल लोगों से खचाखच भरा नजर आया और हर ओर भगवा लहराता दिखा।  मुख्यमंत्री योगी के मंच पर पहुंचते ही जनप्रतिनिधियों ने भाषण दिया। जिले के जनप्रतिनिधियों व वरिष्ठ भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री को भगवान राम की प्रतिमा और गदा भेंट कर उनका स्वागत किया। साथ ही जिला प्रशासन की ओर से उन्हें मां शक्ति की प्रतिमा शक्ति और सेवा के प्रतीक के रूप में भेंट की गई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनता, कार्यकर्ता और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। इस अवसर पर पूरे क्षेत्र में उत्साह और उमंग का माहौल देखने को मिला। मंच पर स्वागत उद्बोधन में कैसरगंज लोकसभा सांसद करन भूषण सिंह ने अपने भाषण में सीएम को बुलडोजर बाबा कहकर संबोधित किया। उनके इतना कहते ही पंडाल में जय  राम व बुलडोजर बाबा की जय के उद्घोष हुआ। वहीं, मुख्यमंत्री ने अपने भाषण की शुरुआत में कहा कि गोंडा ऊर्जावान जनपद है। यहां के युवा ऊर्जावान, अन्नदाता किसान परिश्रमी और बहनें व बेटियां प्रतिभाशाली हैं। इस पर पंडाल में भाजपा के झंडे लहराते रहे। लोग कुर्सियों पर खड़े होकर सीएम का भाषण सुनते नजर आए।  युवाओं ने सराहा सीएम के विकास मॉडल को कटरा निवासी आशीष मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का भाषण सुनने के लिए सुबह सात बजे से ही आ गया था। जिससे आगे पहुंचकर उन्हें देख भी सके और ठीक से सुन भी सके। उनके साथ आए मनीष, शिवम व अन्य लोगों ने भी मुख्यमंत्री के विकास मॉडल को सराहा। कहा कि बुलडोजर बाबा के राज में जितनी तेजी से बुलडोजर चलता है, उससे ज्यादा तेज गति से विकास का पहिया भी चलता है। इसीलिए सीएम योगी को सुनने आए हैं। इसी तरह करनैलगंज से पहुंचे आलोक मिश्रा ने बताया कि मुख्यमंत्री का यह कहना कि अच्छे जनप्रतिनिधि चुनें, एकदम सही है। सही जनप्रतिनिधियों को चुनने से ही सही ढंग से विकास होता है।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का बड़ा ऐलान, दिल्ली-सिलीगुड़ी बुलेट ट्रेन कॉरिडोर से जुड़ेंगे कई प्रमुख शहर

कोलकाता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में बुलेट ट्रेन लाने का वादा किया है. रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के साथ बैठक के दौरान यह जानकारी दी. रेल मंत्री ने बताया कि 42 वर्षों में कोलकाता मेट्रो नेटवर्क का केवल 28 किलोमीटर हिस्सा ही पूरा हो पाया था, जबकि 2014 में नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद से 45 किलोमीटर मेट्रो लाइनें जोड़ी गई हैं।  रेल मंत्री ने शनिवार को कहा कि राज्य के लिए बुलेट ट्रेन शुरू करने का फैसला किया गया है. यह ट्रेन दिल्ली, लखनऊ, वाराणसी और पटना होते हुए सिलीगुड़ी को जोड़ेगी. इस सफर में सिर्फ छह घंटे लगेंगे और यह आरामदायक होगा. अगले पांच सालों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की ट्रेनें शुरू की जाएंगी और उम्मीद है कि 'डबल-इंजन' सरकार के तहत पश्चिम बंगाल में रेलवे प्रोजेक्ट्स को नई रफ्तार मिलेगी।  अश्विनी वैष्णव ने कहा, 'अगले पाँच सालों में कोलकाता मेट्रो के लिए 60 नई पीढ़ी की ट्रेनें शुरू की जाएंगी. आज मैंने कोलकाता मेट्रो में सफर किया. हम कोलकाता मेट्रो को नया रूप देंगे.' मंत्री ने यह भी कहा कि दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलीगुड़ी के बीच प्रस्तावित बुलेट ट्रेन सेवाओं का उद्देश्य यात्रा के समय को तेजी से कम करना है. उन्होंने कहा, 'ये हाई-स्पीड कॉरिडोर छह घंटे में सिलीगुड़ी को नई दिल्ली से जोड़ देंगे।  बैठक में शामिल होने के लिए वह शनिवार को  दमदम हवाईअड्डे पर पहुंचे. हवाईअड्डे से निकलने के तुरंत बाद रेल मंत्री मेट्रो में चढ़े और यात्रियों से बातचीत की. उन्होंने ऑटो रिक्शा में भी सवारी की. उनके साथ राज्य के मंत्री जगन्नाथ चट्टोपाध्याय और पुरुलिया के सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो भी थे।  इसके बाद मुख्यमंत्री और रेल मंत्री ने मीडिया को संबोधित किया और राज्य के लिए कई रेल परियोजनाओं को शुरू करने की घोषणा की. बुलेट ट्रेन के बारे में बात करते हुए रेल मंत्री ने कहा, 'इस पर काम जल्द ही शुरू होगा. रेल परियोजना का रास्ता साफ हो गया है और सभी विधायकों ने सहयोग का भरोसा दिया है.' उन्होंने नए स्टेशनों और अतिरिक्त ट्रेनों को शुरू करने का भी वादा किया. साथ ही, मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने केंद्रीय मंत्री से राज्य में सूचना प्रौद्योगिकी (IT) क्षेत्र पर ध्यान देने का आग्रह किया। 

JPSC सिविल जज PT का संशोधित रिजल्ट जारी, 47 और अभ्यर्थी हुए सफल

रांची  झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) द्वारा सिविल जज (जूनियर डिविजन) के 138 पदों पर नियुक्ति के लिए 10 मार्च 2024 को ली गई प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) का संशोधित रिजल्ट जारी कर दिया है. संशोधित रिजल्ट में कुल 1844 अभ्यर्थी सफल घोषित किए गए हैं. जबकि पहली बार दो जुलाई 2024 को जारी रिजल्ट में 1797 अभ्यर्थी सफल घोषित हुए थे. संशोधित रिजल्ट में 47 अभ्यर्थी बढ़ गए हैं.   सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद संशोधित आंसर-की जारी आयोग द्वारा जारी अधिसूचना में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा पारित न्यायादेश के आलोक में संशोधित आंसर-की जारी किया गया. संशोधित आंसर-की में कुल 100 प्रश्न में पांच प्रश्न के पूर्व के उत्तर में सुधार किया गया. दो प्रश्न ड्रॉप कर दिए गए. वहीं तीन सवाल के दिए गए सभी विकल्प गलत पाए जाने की स्थिति में सभी अभ्यर्थियों को एक-एक अंक दिए गए. आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के मुताबिक यह परीक्षा न्यायालय में सुलोचना कुमारी बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य, रामेश्ववर सिंह बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य तथा समरूप वादों के अंतिम निर्णय से प्रभावित होगा. मुख्य परीक्षा की तिथि की घोषणा बाद में की जाएगी. कुल 138 में 60 पद अनारक्षित हैं आयोग द्वारा यह नियुक्ति परीक्षा वर्ष 2023 से चल रही है. सिविल जज जूनियर डिविजन के कुल 138 पदों में अनारक्षित के 60 पद, एसटी के 28 पद, एससी के 12 पद, बीसी वन के 10 पद, बीसी टू के 15 पद और इडब्ल्यूएस के 13 पद शामिल हैं. मुख्य परीक्षा चार पेपर की होगी आयोग द्वारा पीटी के बाद अब मुख्य परीक्षा ली जाएगी. मुख्य परीक्षा कुल चार पेपर की होगी. हर पेपर 100 अंक का होगा. वाइवा-वॉयस टेस्ट 100 अंकों का होगा. आयोग द्वारा फाइनल मेरिट लिस्ट मुख्य परीक्षा और वाइवा-वॉयस टेस्ट में मिले अंकों के आधार पर तैयार होगा. रिजल्ट में झारखंड सरकार द्वारा निर्धारित आरक्षण नीति का पालन किया जाएगा.

पहले रामभक्त नहीं जा पाते थे अयोध्या, अब रामद्रोही नहीं आ सकते अयोध्या: सीएम योगी

गोंडा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों को आश्वस्त किया कि अब वह नहीं होगा, जो 2017 के पहले होता था। 2015-16 में दुर्गा पूजा में गोंडा में दंगे की चेष्टा की गई थी। तब मां दुर्गा की मूर्ति का विसर्जन नहीं होने दिया जाता था। रामलीला में अड़चन डाली जाती थी। त्योहार व उत्सव से पहले उपद्रव शुरू हो जाते थे। 2017 से पहले सत्ता में बैठे लोग दंगाइयों व पेशेवर गुंडों के सामने नतमस्तक होते थे। प्रदेश में महीनों कर्फ्यू रहता था। लेकिन, अब किसी ने उत्सव के रंग में भंग डाला तो उसका वर्तमान के साथ भविष्य भी स्वाहा हो जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को गोंडा के कटरा विधानसभा क्षेत्र में 256 करोड़ रुपये व करनैलगंज में 260 करोड़ रुपये (कुल 516 करोड़ रुपये) की 262 परियोजनाओं का लोकार्पण-शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने बच्चों का अन्नप्राशन कराया तथा विभिन्न स्टॉल्स का अवलोकन भी किया।  अब समान रूप से हो रहे विकास कार्य अपने संबोधन में सीएम ने कहा कि असुरक्षा के वातावरण में निवेश नहीं होता। 2017 से पहले राज्य में पहचान का संकट, नौजवान बेहाल, किसान परेशान, बहन-बेटियां असुरक्षित थीं। जब विकास के पिछले पायदान में हमारी गिनती होती थी तो सम्मान भी नहीं मिलता था। अब सभी 75 जनपदों, 350 तहसीलों, 826 विकास खंडों, 762 नगर निकायों, लगभग 14 हजार वार्डों, 57 हजार से अधिक ग्राम पंचायतों को बिना रोक-टोक योजनाओं का लाभ मिल रहा है। तुष्टिकरण, अराजकता की भेंट चढ़ गया था गोंडा मुख्यमंत्री ने कहा कि गोंडा के युवा ऊर्जावान, किसान परिश्रमी, बहन-बेटियां प्रतिभाशाली हैं। कारीगरों व हस्तशिल्पियों ने अपने हुनर की छाप देश-दुनिया तक पहुंचाने में कोई कोताही नहीं की। गोंडा ने स्वाधीनता आंदोलन में अग्रणी भूमिका निभाई, लेकिन आजादी के बाद यहां जो अपेक्षित विकास होना चाहिए था, वह तुष्टिकरण, अराजकता, भाई-भतीजावाद, जातिवाद की भेंट चढ़ गया और इसका खामियाजा जनपद को भुगतना पड़ा। गोंडा विकास के अभाव में पिछड़ता गया। अब स्वागत होता है यूपी वालों का सीएम योगी ने कहा कि एक समय ऐसा भी आ गया, जब अन्य जनपदों की भांति ही गोंडा के नौजवानों के सामने भी पहचान का संकट हो गया। प्रदेश में नौकरी-रोजगार नहीं था। नौजवान जब बाहर जाते थे तो अन्य प्रदेशों के लोग 10 कदम की दूरी बना लेते थे। शंका भरी निगाहों से देखते थे। 12 वर्ष में पीएम मोदी व 9 वर्ष में डबल इंजन सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों का परिणाम है कि अब यूपी का नाम आते ही सामने वाले का चेहरा खिल जाता है और वह आपको गले लगाने को उतावला दिखता है।  बिना भेदभाव गोंडा का नौजवान भी पाता है सरकारी नौकरी सीएम योगी ने कहा कि अब बाहर वाले मित्रवत व्यवहार करते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि भगवान राम की असीम कृपा प्राप्त करनी है तो अयोध्या के बगल वाले जनपद गोंडा वालों से मैत्री करो। अब यूपी के नौजवानों को सरकारी नौकरी मिल रही है। यूपी पुलिस की 60,244 भर्तियों में गोंडा, श्रावस्ती, बहराइच, बलरामपुर के नौजवानों को भी नौकरी मिली। नियुक्ति पत्र देने से पहले मैं सूची देखता हूं तो खुशी होती है कि गोंडा का नौजवान भी बिना भेदभाव सरकारी नौकरी पाता है। नोएडा, गाजियाबाद ही नहीं, गोंडा में भी हो रहा निवेश उन्होंने कहा कि अब निवेश केवल नोएडा, गाजियाबाद, मेरठ में नहीं हो रहा, बल्कि गोंडा में भी निवेश होने से स्थानीय नौजवानों को रोजगार मिल रहा है। अभी मंच पर 20 लाभार्थियों को अलग-अलग योजनाओं का लाभ मिला। अब चेहरा नहीं देखा जाता, बल्कि हर जाति, मत-संप्रदाय के पात्र व्यक्ति को योजना का लाभ मिल रहा है। मोदी जी के ‘सबका साथ-सबका विकास’ विजन के तहत सरकार बिना भेदभाव घर-घर तक विकास योजनाएं पहुंचा रही है।  तब रामभक्त नहीं आ पाते थे, अब रामद्रोही नहीं आ पाते अयोध्या  मुख्यमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार की ताकत है कि अयोध्या में राम मंदिर का भव्य निर्माण हो गया। गोंडा वालों ने तो राम मंदिर आंदोलन को अपनी आंखों से देखा है। 40 साल से ऊपर की पीढ़ी ने आंदोलन में भाग लिया और तत्कालीन सरकारों के अत्याचारों को झेला। तब राम का नाम लेने पर प्रतिबंध था, डंडे व गोलियां चलती थीं। रामभक्त अपने प्रभु राम की अयोध्या में नहीं जा सकते थे। अब अयोध्या में रामभक्त ही जा सकते हैं, रामद्रोही नहीं। पूर्वज भी आशीर्वाद दे रहे हैं कि वर्तमान पीढ़ी कितनी धन्य है, जिसने राम मंदिर का निर्माण देखा। बुजुर्गों के आंखों में खुशियों के आंसू हैं तो पूर्वजों की आत्मा संतुष्ट है। आपने कमल का बटन दबाया तो मां लक्ष्मी का आशीर्वाद मिला सीएम योगी ने कहा कि बिना भेदभाव पात्रों को गरीब कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। गोंडा में मेडिकल कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, कृषि कॉलेज, कंपोजिट विद्यालय आदि का सपना साकार हो रहा है। हमारी सरकार ने सांसद-विधायकों के हर प्रस्ताव को स्वीकृत किया। जब आपने कमल का बटन दबाया तो विकास कार्यों, गरीब कल्याणकारी कार्यों, विरासत के सम्मान, नौकरी, निवेश के जरिए रोजगार संभव हो पा रहा है। मां लक्ष्मी का आशीर्वाद हुआ तो यूपी पर धन की वर्षा हो रही है। गलत लोगों को चुनेंगे तो खामियाजा भुगतना पड़ेगा सीएम ने मतदाताओं से कहा कि अच्छे लोगों को चुनेंगे तो अच्छे परिणाम आएंगे। गलत लोगों को चुनने पर खामियाजा भुगतना पड़ता है। 2017 के पहले विकास एक गांव तक ही सीमित था। लेकिन, डबल इंजन सरकार बनी तो हमने कहा कि मेडिकल कॉलेज सिर्फ सैफई नहीं, गोंडा, बलरामपुर, अयोध्या, बस्ती, सिद्धार्थनगर, अंबेडकरनगर, सुल्तानपुर में भी बनेगा। अब ऐसा कोई भी जिला नहीं है, जहां मेडिकल कॉलेज-इंजीनियरिंग कॉलेज नहीं है। हर जनपद में विकास हो रहा है।  दो-दो विधानसभा क्षेत्रों का एक साथ दौरा करेंगे और विकास की सौगात देंगे  सीएम ने श्रावस्ती की पौराणिकता का जिक्र करते हुए बताया कि वहां एयरपोर्ट निर्माण हो रहा है। महाराजा सुहेलदेव ने एक हजार वर्ष पहले विदेशी आक्रांताओं का मुंहतोड़ जवाब दिया था। आक्रांताओं को दहलाने वाला शौर्य कैसा होना चाहिए, महाराज सुहेलदेव उसके प्रतीक हैं। स्वाधीनता के लिए किस प्रकार के त्याग-बलिदान की आवश्यकता होनी चाहिए, गोंडा उसका प्रतीक है। जब अच्छी सरकारें आईं, तब गरीबों को रोजगार, अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण हो पाया। हमने तय किया … Read more