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Pakistan Squad Announced: एशियन गेम्स में नए चेहरे, वरिष्ठ खिलाड़ियों की छुट्टी, फरहान बने कप्तान

करांची  एशियन गेम्स 2026 के लिए पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। जापान में होने वाले इन एशियाई खेलों के लिए पाकिस्तान की टीम में तमाम दिग्गजों को जगह नहीं मिली है। कप्तान सलमान अली आगा से लेकर बाबर आजम, शाहीन अफरीदी और मोहम्मद रिजवान जैसे खिलाड़ी इस टीम का हिस्सा नहीं है। पहली नजर में देखकर लग रहा है कि यह एकदम नई नवेली टीम है, क्योंकि 4 खिलाड़ियों ने अभी तक T20I में डेब्यू भी नहीं किया है। इस टीम की कप्तानी बोर्ड ने युवा बल्लेबाज साहिबजादा फरहान को सौंपी है, जिन्होंने टी20 वर्ल्ड कप 2026 में धमाकेदार प्रदर्शन किया था। 19 सितंबर से 4 अक्टूबर तक जापान में एशियन गेम्स का आयोजन होना है। इसके लिए क्रिकेट टीमों की घोषणा होना शुरू हो गया है। बीसीसीआई ने पिछले सप्ताह टीम की घोषणा की थी। बीसीसीआई ने फुल फ्लेज्ड टीम इस इवेंट में भेजने का फैसला लिया है, जबकि पाकिस्तान एक युवाओं से भरी हुई टीम भेजने जा रहा है, जिसकी घोषणा भी पीसीबी ने कर दी है। बहुत कम ऐसे खिलाड़ी टीम का हिस्सा हैं, जिन्हें इंटरनेशनल क्रिकेट का बहुत ज्यादा अनुभव है। बोर्ड ने यह फैसला क्यों लिया है? इसकी वजह अभी सामने नहीं आई है। हो सकता है कि कोई सीरीज उस समय पाकिस्तान की किसी देश के साथ शेड्यूल हो। 10 टीमों का मेन्स T20I इवेंट आइची प्रीफेक्चर के कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेला जाएगा। मेन्स क्रिकेट इवेंट 24 सितंबर को शुरू होगा, जबकि मेडल मैच 3 अक्टूबर को खेले जाएंगे। पाकिस्तान के लिए 46 टी20 मैच खेल चुके साहिबजादा फरहान इस टीम को लीड करेंगे, जो दो शतक और 10 अर्धशतक इस फॉर्मेट में जड़ चुके हैं। वहीं, पांच टी20 इंटरनेशनल मैच खेलने वाले अब्दुल समद को वाइस कैप्टन बनाया गया है। 4 खिलाड़ी ऐसे भी इस 15 सदस्यीय टीम का हिस्सा हैं, जिन्होंने अभी तक टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू नहीं किया है। आकिफ जावेद, अली रजा, माज सदाकत और साद मसूद ने अभी तक पाकिस्तान के लिए एक भी टी20 इंटरनेशनल मैच नहीं खेला है। इनमें से कुछ खिलाड़ियों को एशियन गेम्स में खेलने का मौका मिल सकता है और देश का प्रतिनिधित्व इंटरनेशनल क्रिकेट में करने का मौका मिलने की संभावना है। पाकिस्तान की टीम इस प्रकार है साहिबजादा फरहान (कप्तान), अब्दुल समद (उप-कप्तान), अबरार अहमद, अहमद दानियाल, आकिफ जावेद, अली रजा, अराफात मिन्हास, हैदर अली, हसन नवाज, माज सदाकत, मोहम्मद सलमान मिर्जा, साद मसूद, सैम अयूब, सुफयान मुकीम और उस्मान खान (विकेट-कीपर) एशियन गेम्स के लिए जो सपोर्ट स्टाफ पाकिस्तान भेजने वाला है। उनमें हेड कोच माइक हेनस, बॉलिंग कोच एशले नोफके, फील्डिंग कोच शेन मैकडरमॉट, फीजियोथेरेपिस्ट मुहम्मद ताहिर, ट्रेनर इमरान उल्लाह और एनालिस्ट उस्मान हाशमी का नाम शामिल है।  

हरियाणा में बयान से मचा बवाल, रेणू भाटिया पद से हटाई गईं, विवाद की वजह बना बेटियों पर दिया गया बयान

कुरुक्षेत्र. एलएनजेपी अस्पताल में जुड़े नाबालिग से दुष्कर्म मामले में रविवार को निरीक्षण के दौरान नर्सिंग स्टाफ पर की गई विवादित टिप्पणी और नर्सिंग स्टाफ की एकजुटता भरे प्रदर्शन ने हरियाणा महिला आयोग की चेयरपर्सन रेणू भाटिया के साढ़े चार वर्षों के कार्यकाल पर विराम लगा दिया। उन्हें मंगलवार रात को इस्तीफा देना पड़ा। बताया जा रहा है कि इन्हें पद से हटाना था, इसलिए मौका देखकर इस्तीफा ले लिया गया। चेयरपर्सन का कार्यकाल तीन साल का था, लेकिन वह साढ़े 4 साल तक इस पद पर रही। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम 2012 के मौजूदा प्रविधान के अंतर्गत रेनू भाटिया का राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन के तौर पर कार्यकाल नियमानुसार पिछले वर्ष जनवरी, 2025 में ही पूरा हो चुका था। उन्होंने 19 जनवरी 2022 को चेयरपर्सन के रूप में कार्यभार ग्रहण किया था। हरियाणा राज्य महिला आयोग अधिनियम, 2012 की धारा 4(1) में स्पष्ट प्रविधान है कि आयोग की चेयरपर्सन, वाइस-चेयरपर्सन और सदस्यों का कार्यकाल तीन वर्ष से अधिक नहीं हो सकता। इस आधार पर उनका कार्यकाल 18 जनवरी 2025 को पूरा हो गया था। 26 नवंबर 2024 को महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी एक पत्र के माध्यम से रेणु भाटिया का कार्यकाल अगले आदेश तक बढ़ाया गया था, किंतु किसी विभागीय पत्र द्वारा कानून में निर्धारित अधिकतम कार्यकाल की सीमा को पार नहीं किया जा सकता। रेणू भाटिया की ओर से नर्सिंग आफिसर्स पर रविवार को की गई टिप्पणी से देशभर के नर्सिंग आफिसर्स विरोध में उतर आए थे। कुरुक्षेत्र अस्पताल के नर्सिंग स्टाफ ने सोमवार को दो घंटे हड़ताल कर नारेबाजी की थी। हरियाणा नर्सिंग ऑफिसर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने मंगलवार को 10 से 12 बजे तक पेन डाउन स्ट्राइक की। रेणू भाटिया का राजनीतिक सफर वर्ष 2000 में फरीदाबाद में भाजपा टिकट पर पार्षद चुनाव जीती और डिप्टी मेयर भी बनीं। 2010 में पार्षद चुनाव में हार झेलनी पड़ी। हरियाणा भाजपा में प्रदेश प्रवक्ता के पद पर रही। वर्ष 2017 में मनोहर लाल सरकार में महिला आयोग की सदस्य बनीं। मनोहर सरकार ने 19 जनवरी 2022 को महिला आयोग की चेयरपर्सन बनाया। यूं चला घटनाक्रम 29 मई को नाबालिग से दुष्कर्म हुआ। 31 मई को आरोपित डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज हुआ। 1 जून को डॉक्टर की गिरफ्तारी हुई। 6 जून को राज्य महिला आयोग ने अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी किया। 7 जून को राज्य महिला आयोग अध्यक्ष रेनू भाटिया ने अस्पताल का दौरा किया। 8 जून को कुरुक्षेत्र में नर्सों ने मोर्चा खोला और प्रदर्शन किया। 9 जून को सुबह प्रदेश भर में नर्सिंग ऑफसर्स की 2 घंटे की पेन डाउन स्ट्राइक। 9 जून रात को रेणू भाटिया का इस्तीफा। यह की थी टिप्पणी चेयरपर्सन रेणू भाटिया ने रविवार को निरीक्षण के दौरान खड़ी एक स्टाफ से पूछा था कि क्या आपकी बेटी है। उन्होंने हां कहा तो चेयरपर्सन बोलीं कि उसे किसी अनजान व्यक्ति के साथ अकेला छोड़ सकती है क्या?

भाखड़ा डैम पर अलर्ट जारी, बढ़ते जलस्तर के बीच पंजाब-हरियाणा से पानी के अधिक उपयोग की अपील

चंडीगढ़. धान रोपाई सीजन के बीच भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) ने पंजाब, हरियाणा समेत साझेदार राज्यों को भाखड़ा जलाशय से सिंचाई के लिए अधिक पानी उठाने की सलाह दी है। चंडीगढ़ में हुई बीबीएमबी की तकनीकी समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में अधिकारियों ने राज्यों से उपलब्ध जल का अधिकतम उपयोग करने को कहा। बोर्ड का मानना है कि जलाशय में इस समय पानी का स्तर अपेक्षाकृत ऊंचा है और आने वाले दिनों में हिमपात के पिघलने तथा मानसून के कारण अतिरिक्त जल प्रवाह मिलने की संभावना भी बनी हुई है। बीबीएमबी के आंकड़ों के अनुसार 9 जून को भाखड़ा जलाशय का जलस्तर 1,578.07 फीट दर्ज किया गया, जो पिछले वर्ष इसी दिन के 1,556.60 फीट की तुलना में 21.47 फीट अधिक है। यह स्तर इस अवधि के औसत 1,543.72 फीट से भी काफी ऊपर है। अधिकारियों ने क्या बताया? अधिकारियों ने बताया कि जलाशय अब पूर्ण जलस्तर से केवल 102 फीट नीचे है। ऐसे में भारी वर्षा या सतलुज बेसिन में अचानक बढ़ने वाले जल प्रवाह की स्थिति में अतिरिक्त भंडारण क्षमता सीमित रह जाएगी। वर्तमान में जलाशय में 1.75 अरब घन मीटर (बीसीएम) जीवित भंडारण उपलब्ध है, जबकि पिछले वर्ष इसी समय यह 1.27 बीसीएम था। जलाशय की भराव क्षमता 31 प्रतिशत तक पहुंच चुकी है, जो 9 जून 2025 के 22 प्रतिशत और दीर्घकालिक औसत 18 प्रतिशत से काफी अधिक है। बैठक में यह भी सामने आया कि धान की रोपाई शुरू होने के बावजूद साझेदार राज्यों ने अभी तक अपने हिस्से का पानी अपेक्षित स्तर पर नहीं लिया है। फिलहाल भाखड़ा में 13,748 क्यूसेक पानी की आमद हो रही है, जबकि पिछले वर्ष इसी दिन यह 21,792 क्यूसेक थी। दूसरी ओर जलाशय से 20,763 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है, जो पिछले वर्ष के 30,528 क्यूसेक से कम है। बीबीएमबी ने राज्यों से सिंचाई जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आगामी मानसून के लिए जलाशय में पर्याप्त भंडारण क्षमता बनाए रखने पर जोर दिया।

इलाज के दौरान युवती की मौत से मचा हड़कंप, दुर्ग सिविल सर्जन सहित 9 स्वास्थ्यकर्मियों पर कार्रवाई

दुर्ग. जिला अस्पताल दुर्ग में भर्ती सिकलिन पीड़ित 22 वर्षीय युवती दीपिका गाड़ा के इलाज के दौरान हुई मौत के मामले में सिविल सर्जन सहित 9 कर्मचारियों को नोटिस जारी किया गया है। इनमें 3 डॉक्टर, 3 नर्स तथा 2 लैब टेक्नीशियन शामिल है। दरअसल, दीपिका की मौत को लेकर कलेक्टर अभिजीत सिंह 2 सदस्यीय टीम गठित की थी। जांच टीम में अपर कलेक्टर योगिता देवांगन तथा सीएमएचओ डॉ. मनोज दानी शामिल किए गए। जांच टीम के दोनों सदस्य चिकित्सक, स्टाफ नर्स तथा कर्मचारियों के बारी-बारी से बयान लिए। इसके अलावा मृतिका के परिजनों के भी बयान दर्ज किए। सभी के बयान पूरा होने के बाद जांच प्रतिवेदन तैयार किया गया और रिपोर्ट कलेक्टर को सौंप दी गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर ही नोटिस जारी किया गया है। इन्हें दो दिन के भीतर जवाब प्रस्तुत करने कहा गया है। परिजनों ने दीपिका की मौत के लिए जिला अस्पताल दुर्ग के चिकित्सकों तथा स्टाफ नर्स की लापरवाही बताया। उन्होंने कहा कि इमरजेंसी में दीपिका को ब्लड चढ़ाया जाना था, इसके उलट परिजनों को ही ब्लड का इंतजाम करने कहा गया। ब्लड का इंतजाम करने में कोई देरी की वजह से दीपिका की मौत हो गई। यही वजह है कि ब्लड बैंक के 2 टेक्नीशियन को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जानकारी के मुताबिक, जिन तीन चिकित्सकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है उनमें डॉ. शमी, डॉ. तृप्ति तथा डॉ. निखिल अग्रवाल शामिल है। दीपिका के भर्ती के समय कैजुवल्टी में मौजूद नर्स पर लापरवाही बरतने आरोप लगा था। इस वजह से 3 नर्स से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। पूरे मामले में ठीक ढंग से व्यवस्था नहीं किए जाने को लेकर सिविल सर्जन डॉ. आशीषन को भी नोटिस थमाया गया है।

ममता बनर्जी की करीबी सुष्मिता देव ने छोड़ा TMC का साथ, इस्तीफे से बंगाल की राजनीति में चर्चा तेज

कोलकत्ता  ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी को बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद झटका पर झटका लग रहा है. कुछ दिन पहले वरिष्ठ राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर राय ने सांसदी छोड़ दी थी और अब सुष्मिता देव ने भी राज्यसभा सीट से इस्तीफा दे दिया है. बता दें कि राज्य चुनाव में हार के बाद टीएमसी के 80 में से 58 विधायक भी विरोधी गुट बना चुके हैं।  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी की करीबी मानी जाने वाली राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय आया है जब टीएमसी पहले से ही अंदरूनी असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाओं का सामना कर रही है. उनके इस्तीफे को पार्टी के लिए एक और राजनीतिक झटके के तौर पर देखा जा रहा है. हालांकि, इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. सुष्मिता देव लंबे समय से टीएमसी का प्रमुख चेहरा रही हैं और पार्टी की ओर से राष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।  गौरतलब है कि ममता बनर्जी ने कल ही सोनिया गांधी से मुलाकात की है. ममता पार्टी में टूट रोकने के लिए हरसंभव कोशिश में जुटी हुई हैं लेकिन एक-एक करके उनके साथी साथ छोड़ रहे हैं. कुछ दिन पहले ही लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने टीएमसी के सभी पदों से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने दावा किया था कि उनके पास टीएमसी के 28 सांसदों में से 20 का समर्थन हासिल है. गौरतलब है कि दलबदल कानून से बचने के लिए विरोधी गुट को 19 सांसदों की जरूरत है।  गौरतलब है कि सुष्मिता देव एक वक्त पूर्व सीएम ममता बनर्जी की बेहद खास हुआ करती थीं. लेकिन अब सुष्मिता देब ने अपने पद से ही इस्तीफा दे दिया है. राज्यसभा के चेयरमैन सीपी राधाकृष्ण को लिखे पत्र में सुष्मिता देव ने कहा है कि मैं राज्यसभा की सदस्य पद से इस्तीफा देता हूं. आपसे इसे तुरंत स्वीकार करने का आग्रह करती हूं।  मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक सुष्मिता देव ने बुधवार को राज्यसभा सचिवालय पहुंचकर अपना इस्तीफा सौंपा। उनका यह कदम ऐसे समय पर आया है, जब पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव के बाद टीएमसी के भीतर असंतोष और नेताओं के पार्टी छोड़ने की घटनाएं लगातार चर्चा में हैं। सुष्मिता देव टीएमसी के उन नेताओं में शामिल रही हैं जिन्हें पार्टी का राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत चेहरा माना जाता था। वह कांग्रेस छोड़कर वर्ष 2021 में टीएमसी में शामिल हुई थीं और तब से संगठन में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं। हालांकि, उनके इस्तीफे के पीछे के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन राजनीतिक हलकों में इसे टीएमसी के लिए एक और महत्वपूर्ण राजनीतिक बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। टीएमसी की चुनौतियों क्या कहा था हाल ही में बातचीत में देव ने टीएमसी के मौजूदा हालात पर चर्चा की थी। उन्होंने लिखा था, 'अच्छी खबर यह है कि ऐसा ही हमने दूसरे राज्यों में भी देखा है। इसकी वजह साफ है कि हमारे विधायकों और कैडर पर बहुत दबाव है…। जमीन पर यह पता चला है कि पुलिस और प्रशासन की तरफ से जबरदस्त दबाव है कि टीएमसी को छोड़ दें या परिणामों के लिए तैयार रहें। यह सच्चाई है। मुझे लगता है कि अगर हिंदी में कहें तो दूध का दूध और पानी का पानी होगा। मुझे लगता है कि यह हमें और मजबूत बनाएगा और आने वाले सालों के लिए तैयार करेगा।' उन्होंने कहा था, '…ममता दी की ताकत उनकी जनता है, ममता दी की ताकत ईमानदारी है। इससे फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या कह रहा है, हमारे बारे में क्या नारे लगाए जा रहे हैं। ममता दी में हालात बदलने की क्षमता है। यह चुनौती है और इससे निपटने में हम सक्षम हैं और यह कुछ समय की ही बात है।' सुखेंदु शेखर रे ने लगाए थे गंभीर आरोप रे ने इस्तीफा देने के बाद एक पत्र में लिखा था कि पश्चिम बंगाल के मतदाताओं ने 15 वर्ष से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को भ्रष्टाचार, महिलाओं के खिलाफ हिंसा , शिक्षा, स्वास्थ्य , उद्योग, रोजगार और कानून व्यवस्था सहित सभी क्षेत्रों में बुरी तरह नाकाम रहने पर सत्ता से बाहर कर दिया है। उन्होंने कहा था, 'मैं लोगों के इस ऐतिहासिक फैसले को विनम्रता से स्वीकार करता हूं तथा तृणमूल कांग्रेस पार्टी की प्राथमिक सदस्यता एवं राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा देता हूं।'

मौसम का कहर! तेज आंधी के साथ मूसलाधार बारिश का अलर्ट, IMD ने लोगों को किया सतर्क

नई दिल्ली  देश के कई राज्यों में मौसम तेजी से बदल रहा है। मॉनसून अपने पुराने अंदाज में आगे बढ़ रहा है। मौसम विभाग ने देश के कई राज्यों में मूसलाधार बारिश और तूफान का अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मॉनसून की उत्तरी सीमा इस समय हरनाई, सोलापुर, कलबुर्गी, नंद्याल, चेन्नई और सिलिगुड़ी से होकर गुजर रही है। अगले 4 से 5 दिनों के दौरान मॉनसून के महाराष्ट्र, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, पूरे तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल के कुछ और इलाकों के साथ-साथ छत्तीसगढ़, बिहार, झारखंड और ओडिशा में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां पूरी तरह अनुकूल हैं। इसके प्रभाव से जहां दक्षिण और पूर्व भारत में भारी बारिश का दौर शुरू हो गया है, वहीं उत्तर भारत को भीषण गर्मी से राहत मिलने वाली है। उत्तर भारत के मैदानी और पहाड़ी राज्यों में 11 और 12 जून को मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। दिल्ली-NCR, पंजाब और हरियाणा में 11 और 12 जून को 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली विनाशकारी आंधी के साथ बारिश की संभावना है। 13 से 16 जून के बीच भी धूल भरी आंधी और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। वहीं, लखनऊ सहित पूरे उत्तर प्रदेश में 10 से 16 जून के बीच बारिश के आसार हैं। विशेष रूप से 12 जून को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ओले गिरने और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने का अलर्ट है। जयपुर सहित पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 11 से 13 जून के बीच भीषण आंधी और धूल का गुबार छाए रहने की आशंका है। 14 से 16 जून के बीच तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों में 11 और 12 जून को व्यापक स्तर पर बारिश होगी। साथ ही जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तराखंड में इन दो दिनों में भारी ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की गई है। मुंबई में भारी बारिश, एमपी में ओले मुंबई सहित कोंकण और गोवा के इलाकों में मॉनसून सक्रिय हो चुका है। यहां 10 और 11 जून को भारी बारिश के साथ 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र और मराठवाड़ा में भी 12 जून तक आंधी-बारिश का दौर रहेगा। भोपाल और इंदौर सहित मध्य प्रदेश में 12 जून को ओलावृष्टि और 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना है। वहीं छत्तीसगढ़ और विदर्भ में 11 और 12 जून को तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट 10 जून को तटीय कर्नाटक में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका है। बेंगलुरु सहित आंतरिक कर्नाटक में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश और तेज हवाएं चलने का अनुमान है। केरल, माहे और तमिलनाडु के कई हिस्सों में 10 से 12 जून के बीच भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। हैदराबाद सहित तेलंगाना और तटीय आंध्र प्रदेश में 10 से 13 जून के बीच गरज-चमक के साथ 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चलने की संभावना है। तेलंगाना में आज भारी बारिश भी हो सकती है। असम-मेघालय में बाढ़ जैसी स्थिति का खतरा पूर्वोत्तर राज्यों में अगले 7 दिनों (10-16 जून) तक मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में 10 से 14 जून के बीच अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट है, जिससे बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कोलकाता सहित गंगा के मैदानी पश्चिम बंगाल में 10 और 11 जून को तथा बिहार-झारखंड में 11 और 12 जून को 50-70 किमी/घंटे की रफ्तार से भीषण आंधी और बारिश होगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आज बहुत भारी बारिश का अलर्ट है, जबकि बिहार में 12 जून तक भारी बारिश हो सकती है।

10 रुपये की ओवरचार्जिंग पड़ी भारी, उपभोक्ता शिकायत के बाद सरकार को देना पड़ा 25 हजार का मुआवजा

कोच्चि  अक्सर कई जगहों पर प्रिंट रेट (MRP) से ज्यादा पैसे वसूल लिए जाते हैं और लोग इसे मामूली बात मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन केरल में एक ग्राहक से बीयर की बोतल पर 10 रुपये ज्यादा वसूलना सरकारी शराब निगम को भारी पड़ गया। कंज्यूमर कोर्ट ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए केरल स्टेट बेवरेजेज कॉरपोरेशन (KSBC) को ग्राहक को 25,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया है। क्या है पूरा मामला? केरल के पथानामथिट्टा में एक शख्स ने KSBC के आउटलेट से 650 ml की एक बीयर की बोतल खरीदी। इस बीयर की बोतल पर अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) 170 रुपये छपा था, लेकिन आउटलेट के कर्मचारियों ने इसके लिए 180 रुपये (यानी 10 रुपये अतिरिक्त) का बिल थमाया। जब ग्राहक ने रेट में इस अंतर का विरोध किया, तो कर्मचारियों ने बदसलूकी की। उन्होंने जोर देकर कहा कि बिल में जो राशि लिखी है, वही देनी होगी और अगर कोई आपत्ति है तो जाकर शिकायत दर्ज करा दें। इसके बाद परेशान ग्राहक ने अपने अधिकारों का इस्तेमाल करते हुए कंज्यूमर कोर्ट (उपभोक्ता आयोग) का दरवाजा खटखटाया और मुआवजे की मांग की। शराब निगम ने दी ये दलील कंज्यूमर कोर्ट में KSBC ने 180 रुपये वसूलने की बात तो स्वीकार की, लेकिन इसके बचाव में कई तर्क पेश किए। निगम का कहना था कि केरल सरकार ने 'सोशल सिक्योरिटी सेस' (सामाजिक सुरक्षा उपकर) लागू किया था और शराब की कीमतों में संशोधन हुआ था, जिस वजह से 10 रुपये ज्यादा लिए गए। निगम ने दलील दी कि गोदामों और सप्लाई चेन में पहले से रखी करोड़ों शराब की बोतलों पर नई कीमत का लेबल (Re-labeling) लगाना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं था। निगम ने लीगल मेट्रोलॉजी नियमों का हवाला देते हुए कहा कि पुराने स्टॉक को नई कीमत पर बेचने की सरकारी अनुमति थी और आउटलेट पर नई कीमतों का नोटिस भी लगाया गया था। साथ ही, ग्राहक पर ही काम में बाधा डालने और कर्मचारियों से दुर्व्यवहार करने का आरोप भी मढ़ दिया। कंज्यूमर कोर्ट की अहम टिप्पणी पथानामथिट्टा उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग के अध्यक्ष जॉर्ज बेबी और सदस्य निषाद थंकप्पन की बेंच ने 3 जून को सुनाए गए अपने आदेश में निगम की दलीलों को खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि नियम 18(2) स्पष्ट रूप से रिटेलर्स को पैकेट पर छपे रिटेल प्राइस से अधिक कीमत पर सामान बेचने से रोकता है। 170 रुपये की MRP वाली बोतल 180 में बेचना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। किसी भी ग्राहक से यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि उसे सरकार के अंदरूनी आदेशों या फाइलों की जानकारी हो। एक उपभोक्ता के तौर पर ग्राहक केवल पैकेट पर दी गई जानकारी पर भरोसा करता है। बोतल पर छपा MRP ही ग्राहक और विक्रेता के बीच कॉन्ट्रैक्ट प्राइस है। कोर्ट ने कहा कि MRP से ज्यादा पैसा वसूलना 'कंज्यूमर प्रोटेक्शन एक्ट, 2019' के तहत 'सर्विस में कमी' और 'अनुचित व्यापार व्यवहार' है। क्या सुनाया गया फैसला? अदालत ने माना कि इस अवैध वसूली की वजह से ग्राहक को भारी मानसिक परेशानी और असुविधा का सामना करना पड़ा। इस तरह के ट्रेंड को रोकने के लिए आयोग ने सख्त फैसला सुनाते हुए KSBC को आदेश दिया कि ग्राहक से वसूले गए 10 रुपये अतिरिक्त राशि को शिकायत दर्ज करने की तारीख से 9% सालाना ब्याज के साथ वापस किया जाए। मानसिक परेशानी और असुविधा के लिए 15,000 रुपये का मुआवजा दिया जाए। इसके अलावा कानूनी खर्च के तौर पर 10,000 रुपये भी चुकाने होंगे। कुल मिलाकर कॉरपोरेशन को 30 दिन के भीतर ग्राहक को 25,000 रुपये का भुगतान करना होगा।

राफेल के बाद सेना को मिला बड़ा हथियार, 23,000 करोड़ के रक्षा सौदे से दुश्मनों की बढ़ी चिंता

नई दिल्ली भारतीय सेना की मारक क्षमता बढ़ाने की दिशा में केंद्र सरकार एक और बड़ा कदम उठाने जा रही है. हाल ही में भारतीय वायुसेना के लिए 114 राफेल लड़ाकू विमानों की बड़ी डील को मंजूरी मिलने के बाद अब थल सेना के लिए भी खजाना खुलता दिख रहा है. सेना 23,000 करोड़ रुपये की लागत से 300 अतिरिक्त K9 वज्र-टी स्वचालित तोपें खरीदने की तैयारी में है. अगर इस प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो चीन और पाकिस्तान दोनों मोर्चों पर भारतीय सेना की ताकत कई गुना बढ़ जाएगी।  पिछले कुछ वर्षों में भारत ने अपनी सैन्य ताकत को तेजी से आधुनिक बनाया है. वायुसेना को पहले 36 राफेल लड़ाकू विमान मिले. इसके बाद भारतीय नौसेना के लिए भी राफेल मरीन विमानों की खरीद को मंजूरी दी गई. अब एयरफोर्स के लिए और 114 राफेल खरीदे जा रहे हैं. अब सरकार का फोकस थल सेना की मारक क्षमता बढ़ाने पर है. इसी रणनीति के तहत K9 वज्र तोपों की बड़ी खरीद की तैयारी चल रही है. रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला भारत की टू-फ्रंट वार यानी चीन और पाकिस्तान दोनों से एक साथ निपटने की रणनीति का हिस्सा है।  रक्षा सूत्रों के अनुसार भारतीय सेना ने 300 अतिरिक्त K9 वज्र-टी हॉवित्जर खरीदने का प्रस्ताव तैयार किया है. इस सौदे की अनुमानित लागत करीब 23,000 करोड़ रुपये बताई जा रही है. प्रस्ताव जल्द ही रक्षा खरीद बोर्ड (DPB) के सामने रखा जा सकता है. मंजूरी मिलने पर यह भारतीय सेना के इतिहास की सबसे बड़ी तोपखाना खरीद परियोजनाओं में शामिल होगी।  K9 वज्र ने पिछले कुछ वर्षों में सेना का भरोसा जीता है. मूल रूप से इसे रेगिस्तान और मैदानी इलाकों में युद्ध के लिए विकसित किया गया था. लेकिन पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ तनाव के दौरान इसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी तैनात किया गया.कठिन मौसम और पहाड़ी इलाकों में भी इसके प्रदर्शन ने सेना को प्रभावित किया. यही कारण है कि सेना अब इसकी संख्या तेजी से बढ़ाना चाहती है।  K9 वज्र-टी एक 155 मिमी और 52 कैलिबर की आधुनिक स्वचालित तोप है. यह ट्रैक वाले प्लेटफॉर्म पर चलती है. इसलिए टैंकों और बख्तरबंद वाहनों के साथ तेजी से आगे बढ़ सकती है. इसकी सबसे बड़ी खासियत है शूट एंड स्कूट क्षमता. यानी दुश्मन पर गोले बरसाने के तुरंत बाद यह अपनी जगह बदल सकती है. इससे दुश्मन के जवाबी हमले से बचना आसान हो जाता है. आधुनिक युद्ध में यह क्षमता बेहद अहम मानी जाती है।  भारतीय सेना के पास फिलहाल 100 K9 वज्र तोपें हैं. इसके अलावा 2024 में 100 और तोपों की खरीद को मंजूरी दी गई थी. इस सौदे की कीमत 7,629 करोड़ रुपये थी. अगर नया प्रस्ताव मंजूर हो जाता है तो सेना के पास K9 वज्र का विशाल बेड़ा तैयार हो जाएगा. इससे भारतीय तोपखाने की ताकत में ऐतिहासिक बढ़ोतरी होगी।  K9 वज्र का निर्माण भारत में किया जाता है. इसे लार्सन एंड टुब्रो (L&T) और दक्षिण कोरिया की हनव्हा एयरोस्पेस की साझेदारी में तैयार किया जाता है. इसमें स्वदेशी सामग्री का हिस्सा लगातार बढ़ाया गया है. इसलिए यह परियोजना आत्मनिर्भर भारत अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। 

लोक निर्माण विभाग में बदलाव, KPS राणा की हुई विदाई, RL वर्मा संभालेंगे अतिरिक्त जिम्मेदारी

भोपाल  मध्य प्रदेश सरकार ने लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए प्रभारी प्रमुख अभियंता (ईएनसी) स्तर पर तबादला आदेश जारी किया है। विभाग के प्रभारी प्रमुख अभियंता केपीएस राणा को नई जिम्मेदारी सौंपते हुए मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) भेजा गया है, जबकि आरएल वर्मा को पीडब्ल्यूडी के प्रभारी प्रमुख अभियंता का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। लोक निर्माण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, केपीएस राणा, जो वर्तमान में भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता के पद पर कार्यरत थे, उन्हें आगामी आदेश तक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी), भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया है।  वहीं, लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता, जबलपुर परिक्षेत्र आरएल वर्मा को अस्थायी रूप से आगामी आदेश तक लोक निर्माण विभाग, भोपाल में प्रभारी प्रमुख अभियंता का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश 9 जून 2026 को जारी किया गया है और तत्काल प्रभाव से लागू होगा।  

पंजाब से 541 श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान रवाना, गुरु अर्जन देव शहीदी पर्व पर मिला वीजा

अमृतसर. पांचवें पातशाह श्री गुरु अर्जन देव जी के शहीदी पर्व के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का विशेष जत्था बुधवार को रवाना हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से भेजे गए इस जत्थे में 541 श्रद्धालु शामिल हैं, जिन्हें पाकिस्तान सरकार की ओर से वीजा जारी किया गया है। श्रद्धालु धार्मिक यात्रा के दौरान विभिन्न ऐतिहासिक गुरुद्वारों में नतमस्तक होंगे और शहीदी पर्व से संबंधित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे। जानकारी के अनुसार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इस यात्रा के लिए कुल 561 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान दूतावास को भेजे थे। वीजा प्रक्रिया पूरी होने के बाद 541 श्रद्धालुओं को अनुमति मिल गई, जबकि 20 श्रद्धालुओं को वीजा जारी नहीं किया गया। वीजा प्राप्त करने वाले श्रद्धालुओं में यात्रा को लेकर विशेष उत्साह देखा गया। 18 जून को होगा विशेष समागम धर्म प्रचार कमेटी के सचिव गुरिंदर सिंह मथरेवाल ने बताया कि गुरु अर्जन देव जी के शहीदी दिवस के संबंध में पाकिस्तान में 18 जून को विशेष धार्मिक समागम आयोजित किया जाएगा। इसी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं का जत्था रवाना किया गया है। उन्होंने कहा कि यह यात्रा सिख श्रद्धालुओं के लिए विशेष धार्मिक महत्व रखती है, क्योंकि इससे उन्हें उन ऐतिहासिक स्थलों के दर्शन करने का अवसर मिलता है जो सिख इतिहास और परंपरा से गहराई से जुड़े हुए हैं। जत्थे की रवानगी से पहले शिरोमणि कमेटी कार्यालय में अरदास की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने गुरु साहिब के जयकारे लगाए और पूरी श्रद्धा के साथ यात्रा की शुरुआत की। धार्मिक वातावरण के बीच रवाना हुए श्रद्धालुओं ने यात्रा को अपने जीवन का सौभाग्यपूर्ण अवसर बताया। 19 जून को होगी जत्थे की वापसी यात्रा के दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित कई ऐतिहासिक गुरुद्वारों में माथा टेकेंगे और वहां आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे। शहीदी पर्व के अवसर पर होने वाले कीर्तन, गुरबाणी पाठ और अन्य धार्मिक आयोजनों में भी उनकी सहभागिता रहेगी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के अनुसार यह जत्था 19 जून को भारत वापस लौटेगा। यात्रा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले ही पूरे कर लिए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शहीदी पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था और उत्साह देखने को मिल रहा है।