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83 लाख की चोरी के खुलासे के बाद बिजली विभाग सख्त, टीमों का होगा गठन

 लखनऊ उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में बिजली विभाग की चेकिंग टीम घर-घर पहुंचेंगी। प्लान तैयार है। जिले में बिजली चोरी पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए बड़े अभियान की तैयारी है। चार दिन पहले ‘हिन्दुस्तान’ अखबार ने बिजली चोरी को लेकर प्रमुखता से खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद से जिम्मेदार अधिकारी हरकत में आ गए हैं। बिजली चोरी करने वालों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जल्द ही टीमों का गठन कर कार्रवाई की जाएगी। दरअसल, पॉवर कॉरपोरेशन के आंकड़ों के अनुसार, जिले में एक दिन में दो लाख 78 हजार और एक महीने में तकरीबन 83 लाख रुपये की बिजली चोरी की जा रही है। बिजली चोरी का यह आंकड़ा चौकाने वाला है क्योंकि बिजली चोरी पर अंकुश लगाने के लिए तमाम प्रयास करने के बाद भी अगर ऐसा हो रहा है तो कहीं न कहीं व्यवस्था में सेंध लगाने जैसा है। इस मामले को ‘हिन्दुस्तान’ अखबार की ओर से ‘क्यों बत्ती गुल’ अभियान के तहत 9 जून को जिले में एक महीने में हो रही 83 लाख की बिजली चोरी शीर्षक से खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। खबर छपने के बाद जिम्मेदारों ने बिजली चोरी को रोकने के लिए नई रणनीति बनानी शुरू कर दी है। अधीक्षण अभियंता प्रशांत कुमार के अनुसार, बिजली चोरी को लेकर महकमा पहले से काफी गंभीर है। समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाती है, मगर इस बार और सख्ती के साथ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि कार्रवाई करने के लिए टीमों के गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विशेषकर कार्रवाई का फोकस उन इलाकों में रहेगा, जहां पर अधिक बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे हैं। बिजली चोरी के लिए चर्चित हैं शहर के ये मुख्य इलाके महकमे के आंकड़ों के अनुसार, शहर के गोड़ियाबाग, घोसी की पुलिया, दौलतबाग, नवाबपुरा, लालबाग, पुराना दसवां घाट, वारसी नगर, मुगलपुरा, बरवलान, सीतापुरी की टीचर्स कॉलोनी, मियां कॉलोनी, जयंतीपुर, रहमतनगर, पीतल बस्ती, असालतपुरा, चक्कर की मिलक हैं, जहां पर सबसे ज्यादा बिजली चोरी के मामले सामने आए हैं, मगर इससे भी ज्यादा हैरानी की बात यह है कि बिजली चोरी के लिए चर्चित इतने क्षेत्र होने के बाद भी पिछले महीने कार्रवाई सिर्फ दो स्थानों पर हुई थी, इससे कहीं न कहीं जिम्मेदारों की सक्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

भारत-पाक महिला टी20 वर्ल्ड कप मुकाबला आज, एजबेस्टन में बैलेंस्ड पिच की उम्मीद

बर्मिंघम इंडिया वर्सेस पाकिस्तान आईसीसी वुमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का 6ठां मुकाबला आज यानी रविवार, 14 जून को खेला जाना है। इस मुकाबले का फैंस बड़ी ही बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। दोनों देशों के बीत राजनेतिक तनाव के चलते भारत-पाकिस्तान अब मल्टीनेशन टूर्नामेंट में ही एक दूसरे के खिलाफ खेलते दिखाई देते हैं, वहीं पुलवामा अटैक के बाद तो क्रिकेट फील्ड पर भी दोनों देशों के खिलाड़ियों के बीच तनाव पैदा हो गया है। भारत ने इस अटैक के बाद पाकिस्तान के खिलाफ नो हैंडशेक पॉलिसी को अपनाया है। भारतीय खिलाड़ी सिर्फ पाकिस्तान के खिलाफ मैच खेलते हैं, इसके अलावा ज्यादा इंट्रैक्शन दोनों टीमों के बीच नहीं रहता। हेड टू हेड में भारत पाकिस्तान से काफी आगे हैं, आज भी टीम इंडिया बतौर फेवरेट मैदान पर उतरेगी। आईए एक नजर IND vs PAK पिच रिपोर्ट पर एक नजर डालते हैं- IND W vs PAK W पिच रिपोर्ट बर्मिंघम के एजबेस्टन की पिच काफी बैलेंस्ड है। स्पिनर्स और पेसर्स दोनों को बराबर मदद मिलने की उम्मीद है। पेसर्स को ट्रेडिशनली इस पिच पर ज्यादा मदद मिलती है। बैट्समैन गेम के शुरुआती स्टेज में पेस का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। पहले बॉलिंग करना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है। रविवार को बर्मिंघम में बादल छाए रहेंगे लेकिन बारिश नहीं होगी, और तापमान 13 से 19 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की उम्मीद है। एजबेस्टन T20I आंकड़े मैच- 8 पहले बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 8 (100.00%) दूसरे बैटिंग करते हुए जीते गए मैच- 0 (0.00%) टॉस जीतकर जीते गए मैच- 4 (50.00%) टॉस हारकर जीते गए मैच- 4 (50.00%) हाईएस्ट स्कोर- 221/5 लोएस्ट स्कोर- 121 एवरेज रन पर विकेट- 20.70 एवरेज रन पर ओवर- 8.71 एवरेज स्कोर पहले बैटिंग करते हुए- 175 IND W vs PAK W हेड टू हेड भारत और पाकिस्तान का T20I में आमना सामना कुल 16 बार हुआ है, जिसमें से भारत ने 13 बार जीत दर्ज की है, वहीं पाकिस्तान को तीन ही जीत नसीब हुई है। वहीं टी20 वर्ल्ड कप में भारत 6-2 से पाकिस्तान से आगे है। इंडिया-पाकिस्तान स्क्वॉड: इंडिया महिला: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, भारती फुलमाली, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष, श्री चरणी, यस्तिका भाटिया, नंदनी शर्मा, अरुंधति रेड्डी, रेणुका सिंह, क्रांति गौड़, श्रेयंका पाटिल, राधा यादव पाकिस्तान महिला: फातिमा सना (कप्तान), गुल फिरोजा, आयशा जफर, इरम जावेद, आयमान फातिमा, आलिया रियाज, नतालिया परवेज, सायरा जाबिन, मुनीबा अली, तुबा हसन, रमीन शमीम, सादिया इकबाल, नशरा संधू, डायना बेग, तस्मिया रुबाब

लू का कहर: बठिंडा में सड़क किनारे फल-सब्जी बेच रहे युवक ने गंवाई जान

बठिंडा. पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान के बीच बठिंडा से एक दुखद घटना सामने आई है। यहां सड़क किनारे फल-सब्जी बेचकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले एक युवक की अत्यधिक गर्मी के कारण तबीयत बिगड़ गई। उसे गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान अंग्रेज पुत्र ननके के रूप में हुई है। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश का रहने वाला था और रोजी-रोटी कमाने के लिए बठिंडा में फल-सब्जी बेचने का काम करता था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह जीटी रोड स्थित एक पेट्रोल पंप के नजदीक गली में अपनी रेहड़ी लगाकर फल-सब्जी बेच रहा था। तेज धूप में बिगड़ी तबीयत प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोपहर के समय इलाके में भीषण गर्मी और तेज धूप का असर था। इसी दौरान अंग्रेज की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना को देखकर आसपास मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने तुरंत समाजसेवी संस्था नौजवान वेलफेयर सोसायटी की एंबुलेंस टीम को सूचना दी। सूचना मिलते ही एंबुलेंस टीम मौके पर पहुंची और युवक को तत्काल सिविल अस्पताल बठिंडा पहुंचाया। वहां चिकित्सकों ने उसका प्राथमिक उपचार शुरू किया, लेकिन हालत लगातार गंभीर बनी रही। चिकित्सकों ने बेहतर इलाज के लिए उसे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान बठिंडा रेफर कर दिया। उपचार के दौरान तोड़ा दम परिजनों और परिचितों को उम्मीद थी कि युवक की हालत में सुधार होगा, लेकिन उपचार के दौरान रात करीब साढ़े नौ बजे उसकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उधर, स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को भीषण गर्मी के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सकों का कहना है कि दोपहर के समय अनावश्यक रूप से धूप में बाहर निकलने से बचना चाहिए। पर्याप्त मात्रा में पानी पीना, शरीर को हाइड्रेट रखना और सिर को ढककर बाहर निकलना जरूरी है। विशेष रूप से खुले में काम करने वाले मजदूरों, रेहड़ी-फड़ी विक्रेताओं और बुजुर्गों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने चाहिए, ताकि लू और गर्मी से होने वाली गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से बचा जा सके।

धोखाधड़ी मामले के बाद बड़ा फैसला, खिलाड़ियों की कारतूस खरीद पर नजर; गन लाइसेंस पर लगी सीमा

भोपाल. भोपाल की फिजाओं में शूटिंग रेंज से आने वाली गोलियों की गूंज अक्सर देश के लिए मेडल जीतने वाले होनहारों की कहानी बयां करती थी। लेकिन, इसी गूंज के पीछे एक ऐसा खौफनाक सच छिपा था, जिसने पूरे प्रशासनिक अमले को हिलाकर रख दिया। दरअसल स्पोर्ट्स कोटे के तहत मिलने वाले कारतूस, जो देश का मान बढ़ाने के लिए चलने चाहिए थे, वे चंद रुपयों के लालच में अपराधियों की बंदूकों की खुराक बन रहे थे। एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। जांच बैठी तो सच सामने आया कि कई ऐसे लोगों के नाम पर भी कारतूस जारी हो रहे थे, जिन्होंने कभी किसी प्रतियोगिता में हिस्सा तक नहीं लिया था। भोपाल के 135 शूटर्स की जांच हुई, जिसमें 69 के लाइसेंस रद और 10 के निलंबित कर दिए गए। इस बड़ी धोखाधड़ी के बाद भोपाल जिला प्रशासन ने 'ऑपरेशन क्लीन' शुरू करते हुए नियमों के पेंच कस दिए हैं। अब तक जो शूटर सालभर में 15 हजार से लेकर 1 लाख तक कारतूस आसानी से ले लेते थे, उनके लिए अब नियम कड़े कर दिए गए हैं। अब नए नियमों के तहत एक शूटर को एक बार में अधिकतम सिर्फ 500 और सालभर में केवल 1000 कारतूस ही जारी किए जाएंगे। अगर किसी खिलाड़ी को इससे ज्यादा की जरूरत होगी, तो उसे खेल संचालक से बाकायदा सत्यापन कराना होगा। यही नहीं, प्रशासन ने हथियारों की संख्या पर भी कैंची चला दी है। अब नेशनल और इंटरनेशनल लेवल के खिलाड़ी भी केवल दो गन के लाइसेंस रख सकेंगे, जबकि पहले उन्हें 8 से 10 बंदूकें रखने की छूट थी। प्रशासन अब हर एक गोली का हिसाब रखने की तैयारी में है। राज्य सरकार को एक प्रस्ताव भेजा गया है, जिसमें कानून बदलकर कारतूस के 'खोखों' (खाली शेल) का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य करने की सिफारिश की गई है। अब शूटर्स को यह भी लिखित में देना होगा कि कारतूस किस प्रतियोगिता के लिए खरीदे जा रहे हैं और उनका इस्तेमाल किस शूटिंग रेंज में होगा। 

विश्व धरोहर चित्तौड़गढ़ दुर्ग से हटाया गया अतिक्रमण, 2 मंजिला होटल ध्वस्त

चित्तौड़गढ़ विश्व विरासत में शुमार ऐतिहासिक चित्तौड़गढ़ दुर्ग के भीतर प्रशासन का बुलडोजर चला. फोर्ट के भीतर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने यह कार्रवाई की. यहां पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध 2 मंजिला होटल बनाया जा रहा था. प्रशासन रविवार (14 जून) अलसुबह भारी पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचा और अवैध निर्माण को ढहा दिया. सुबह ठीक 4 बजे, जब पूरा शहरवासी गहरी नींद में थे, तब प्रशासनिक अमला अपने दुर्ग पर पहुंचा. अवैध रूप से बन रही इमारत को जमींदोज करने के लिए 10 जेसीबी, 8 ट्रेक्टर, 3 ब्रेकर मशीनों की मदद ली गई. सुरक्षा के लिहाज से दुर्ग की तरफ आने-जाने वाले सभी रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया. चप्पे-चप्पे पर भारी पुलिस बल भी तैनात रहा. शहर कोतवाली में नामजद मामला भी दर्ज पिछले दिनों कलेक्ट्रेट में उच्च स्तरीय बैठक में प्लानिंग बनाई गई और आज सुबह एक्शन लिया गया. जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण करने वालों के खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाए. कलक्टर के आदेश के बाद पुरातत्व विभाग के अधिकारी ने चित्तौड़गढ़ शहर कोतवाली में एक नामजद मामला भी दर्ज हुआ. पुरातत्व विभाग की जमीन पर पहली बार ऐसी कार्रवाई पुरातत्व विभाग के अधिकारी मनोज द्विवेदी ने बताया कि हमारे संरक्षित क्षेत्र में यह अवैध निर्माण किया गया था. अवैध निर्माण हटाने को लेकर पहले नोटिस भी दिया गया था. जिला प्रशासन के सहयोग से पुरातत्व विभाग की जमीन पर अवैध निर्माण होटल को हटा दिया गया है. राजस्थान में यह अपने आप में पहली ऐसी बड़ी कार्रवाई है, जहां पुरातत्व विभाग की जमीन से अतिक्रमण हटाया गया है. अगर ऐसी कार्रवाई होती रही, तो हमारी राष्ट्रीय धरोहरें हमेशा सुरक्षित रहेंगी. 8 से 10 रेस्टोरेंट पर चल सकता है बुलडोजर प्रशासन की इस बुलडोजर कार्रवाई के बाद दुर्ग क्षेत्र के आसपास हलचल तेज हो गई है. साल 2020 के बाद से चित्तौड़गढ़ दुर्ग पर करीब 8 से 10 अवैध रेस्टोरेंट और होटलों का निर्माण हुआ है. इन सभी पर कार्रवाई के लिए दिल्ली स्थित आर्कियोलॉजिकल डिपार्टमेंट को पत्र लिखा जा चुका है. जैसे ही वहां से उच्च स्तरीय स्वीकृति मिलेगी, दुर्ग पर बने अन्य अवैध होटलों और रेस्टोरेंट्स पर भी प्रशासन का बुलडोजर चलना तय माना जा रहा है.

रांची के तीन लापता बच्चों का मामला, CCTV बंद होने से बढ़ी जांच की मुश्किलें

रांची धुर्वा क्षेत्र से लापता तीन बच्चों करण, अर्जुन और शिवा नायक की तलाश में जुटी पुलिस जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस जांच के अनुसार, तीनों बच्चे 3 जून को हटिया रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और दोपहर तक स्टेशन परिसर में मौजूद थे। हालांकि, जिस समय उनके गायब होने की आशंका है, उसी दौरान स्टेशन का सीसीटीवी सिस्टम करीब तीन घंटे तक बंद रहा, जिससे जांच में बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। पुलिस को मिले सीसीटीवी फुटेज के अनुसार तीनों बच्चे स्टेशन के प्रवेश द्वार से अंदर गए थे। कुछ समय तक स्टेशन परिसर में रहने के बाद वे बाहर निकले और यार्ड क्षेत्र की ओर चले गए। बाद में वे दोबारा स्टेशन के अंदर आए। इस दौरान तीनों बच्चों को स्टेशन परिसर स्थित प्याऊ में पानी पीते हुए भी देखा गया। इसके बाद वे स्टेशन परिसर में बैठे नजर आए। जांच में पता चला है कि दोपहर करीब डेढ़ बजे तक तीनों बच्चों की गतिविधियां सीसीटीवी कैमरों में रिकार्ड हो रही थीं। लेकिन डेढ़ बजे से लेकर शाम साढ़े चार बजे तक स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरे तकनीकी खराबी के कारण बंद रहे। इसी तीन घंटे की अवधि में तीनों बच्चे लापता हो गए। जब साढ़े चार बजे के बाद कैमरे दोबारा चालू हुए, तब तक बच्चों का कोई पता नहीं था। बच्चों की तलाश में रांची पुलिस की टीम पहुंची पुरी पुलिस का कहना है कि यदि उस समय सीसीटीवी कैमरे चालू रहते तो यह स्पष्ट हो सकता था कि बच्चे स्टेशन से बाहर निकले थे या फिर किसी ट्रेन में सवार होकर चले गए। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं तीनों बच्चे उसी दौरान हटिया स्टेशन से गुजरने वाली तपस्विनी एक्सप्रेस में तो नहीं चढ़ गए थे। बच्चों की तलाश के लिए रांची पुलिस की एक टीम ओडिशा के पुरी भेजी गई है। पुलिस विभिन्न राज्यों में भी संभावित सुरागों की जांच कर रही है। बच्चों को घर भेजने के नाम 18 सौ रुपये ठगी करने का हुआ प्रयास इस मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। करण की मां को एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर दावा किया कि यदि उसे 1800 रुपये भेजे जाएं तो वह बच्चों का टिकट कटाकर उन्हें वापस भेज देगा। पुलिस ने जब उस मोबाइल नंबर की जांच की तो उसका लोकेशन हैदराबाद में मिला। जांच में सामने आया कि फोन करने वाला व्यक्ति साइबर ठग था, जो बच्चों के लापता होने की घटना का फायदा उठाकर ठगी करने की कोशिश कर रहा था। हालांकि, करण की मां ने उसकी बातों में आकर कोई पैसा नहीं भेजा। बच्चों की सकुशल वापसी की मांग को लेकर भाजपा ने निकाला मशाल जुलूस धुर्वा क्षेत्र से लापता तीन मासूम बच्चों करण, अर्जुन और शिवा नायक की सकुशल बरामदगी की मांग को लेकर शनिवार को भाजपा धुर्वा मंडल के तत्वावधान में विशाल मशाल जुलूस निकाला गया। मंडल अध्यक्ष उमेश यादव के नेतृत्व में शालीमार बाजार (स्टेडियम रोड) से पुराना विधानसभा चौक तक निकाले गए इस जुलूस में बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, स्थानीय नागरिक, महिलाएं, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। जुलूस के दौरान प्रतिभागियों ने बच्चों की शीघ्र बरामदगी की मांग करते हुए प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई और खोज अभियान में तेजी लाने की मांग की। उपस्थित लोगों ने मशाल जलाकर बच्चों की सकुशल घर वापसी के लिए प्रार्थना भी की। इस अवसर पर भाजपा रांची महानगर अध्यक्ष वरुण साहू ने कहा कि तीन मासूम बच्चों का कई दिनों से लापता रहना बेहद चिंताजनक और पीड़ादायक है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और प्रशासन को इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी उपलब्ध संसाधनों के साथ युद्धस्तर पर कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा किसी भी सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होती है और इतने दिनों बाद भी कोई ठोस सुराग नहीं मिलना चिंता का विषय है। उन्होंने प्रशासन से विशेष जांच दल गठित कर सभी संभावित पहलुओं की गंभीरता से जांच करने और बच्चों की जल्द बरामदगी करने की मांग की। साथ ही कहा कि जब तक बच्चे सकुशल अपने परिवारों के पास नहीं लौटते, भाजपा इस मुद्दे को उठाती रहेगी। भाजपा नेताओं ने कहा कि यह केवल तीन परिवारों का मामला नहीं बल्कि पूरे रांची शहर और झारखंड की चिंता का विषय बन गया है। मशाल जुलूस के माध्यम से जनता ने यह संदेश दिया है कि बच्चों की सुरक्षित वापसी तक समाज और भाजपा परिवार चुप नहीं बैठेगा। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि बच्चों की जल्द बरामदगी नहीं होती है तो पार्टी चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने पर विचार करेगी। जुलूस में पूर्व जिला अध्यक्ष केके गुप्ता, महामंत्री बलराम सिंह, जितेंद्र वर्मा, उमेश यादव, राकेश भास्कर, पंकज शहदेव, गुमशुदा बच्चों की मां डोली देवी, उमेश रंजन साहू, राजू सिंह, बीना मिश्रा, संकेत तिवारी, रेखा महतो, लगन राम, नयन परमार, चंदन पटेल, अजय मुंडा, अभय राम, पैरों देवी, मंजू उपाध्याय, राधिका देवी, गीता गुप्ता सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

गाने के बोलों को लेकर हिसार में बवाल, पुलिस और महिला आयोग से शिकायत

 हिसार  हरियाणा में कुछ समय पहले रैपर बादशाह के चर्चित गीत टटीरी को लेकर उठा विवाद अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि अब हरियाणवी गीत कालेज वाली छोरी विवादों में घिर गया है। हिसार में हरियाणा रोडवेज कर्मचारियों ने इस गाने में कंडक्टरों और कालेज जाने वाली छात्राओं को लेकर कथित आपत्तिजनक शब्दों के प्रयोग का आरोप लगाते हुए पुलिस और महिला आयोग से कार्रवाई की मांग की है। रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि गाने में कंडक्टरों और बसों से कालेज आने-जाने वाली छात्राओं की छवि को गलत तरीके से पेश किया गया है। इससे न केवल रोडवेज कर्मचारियों की प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है, बल्कि छात्राओं के बारे में भी अनुचित संदेश जाता है कर्मचारियों ने हिसार सिटी थाना पुलिस को लिखित शिकायत देने के साथ-साथ हरियाणा राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष को भी शिकायत भेजी है। कर्मचारियों ने मांग की है कि गाने को इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म से हटाया जाए और इसके लेखक, निर्देशक व गायक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। एक्टर नवीन नारू बोले- जान बूझकर गाने को बनाया जा रहा विवादित वहीं इस गाने में अभिनय कर रहे नवीन नारू ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह गीत केवल मनोरंजन के उद्देश्य से बनाया गया है और इसमें किसी वर्ग या पेशे को निशाना नहीं बनाया गया है। उन्होंने दावा किया कि गाने की लोकप्रियता कुछ लोगों को रास नहीं आ रही, इसलिए इसे विवादित बनाने का प्रयास किया जा रहा है। नवीन ने बताया कि गाने की शूटिंग हिसार में हुई है और रिलीज के बाद इसे दर्शकों का अच्छा प्रतिसाद मिला है। इंटरनेट मीडिया पर इस गाने पर बड़ी संख्या में रील भी बनाई जा रही हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवार में भी तीन सदस्य कंडक्टर हैं, इसलिए किसी पेशे का अपमान करने का सवाल ही नहीं उठता। पुलिस कर रही जांच शिकायत मिलने के बाद मामला प्रशासन और पुलिस के संज्ञान में आया है। पुलिस का कहना है कि शिकायत की जांच की जा रही है। यदि जांच में गाने में अश्लील या आपत्तिजनक टिप्पणियां पाए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि इससे पहले बादशाह के टटीरी गीत को लेकर भी हरियाणा में काफी विवाद हुआ था। टटीरी गाने को लेकर रोडवेज अधिकारियों ने भी शिकायतें दी थी। वहीं अब दोबारा से रोडवेज कर्मियों ने कालेज वाली छोरी को लेकर शिकायत दी है। इस गाने के विवाद ने हरियाणवी संगीत जगत में नई बहस छेड़ दी है।

घर पर बनाएं केमिकल-फ्री फेस वॉश, स्किन को दें नेचुरल ग्लो और साफ़ निखार

आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में बाहरी धूल-मिट्टी और पॉल्यूशन की वजह से हमारी स्किन अपनी नेचुरल ग्लो खोटी चली जा रही है. वैसे तो हम सभी अपने चेहरे की सफाई करने के लिए फेस वॉश या फिर एक क्लींजर का इस्तेमाल करते ही हैं, लेकिन कई बार इनमें मौजूद केमिकल्स हमारी स्किन को फायदा पहुंचाने की जगह पर नुकसान ज्यादा पहुंचा देते हैं. आपको भले ही एक हफ्ते या फिर एक महीने में इन केमिकल्स का असर अपनी स्किन पर देखने को न मिले, लेकिन एक समय के बाद आपको इन केमिकल्स की वजह से हुआ नुकसान जरूर दिखाई देगा. अगर आप अपने चेहरे को एक नेचुरल तरीके से साफ करना चाहते हैं, तो आज की यह आर्टिकल आपके काम की होने वाली है. आज हम आपको आपके घर और किचन में ही मौजूद कुछ चीजों के बारे में बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप एक नेचुरल और ज्यादा सुरक्षित फेस वॉश आसानी से खुद ही तैयार कर सकते हैं. तो चलिए जानते हैं घर पर नेचुरल फेस वॉश बनाने और उसे इस्तेमाल करने का सबसे आसान तरीका. बेसन और हल्दी का फेस वॉश हमारे घरों में बेसन का इस्तेमाल सदियों से चेहरे को निखारने के लिए किया जाता रहा है. बेसन स्किन की गहराई से सफाई करता है और एक्स्ट्रा ऑयल को रिमूव करने में मदद भी करता है वहीं, हल्दी में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल क्वालिटीज पिंपल्स को दूर रखते हैं. इसे बनाने के लिए एक कटोरी में दो चम्मच बेसन लें और उसमें आधा छोटा चम्मच हल्दी पाउडर मिलाएं. अब इसमें ड्राई स्किन के लिए जरूरत के अनुसार कच्चा दूध या ऑयली स्किन के लिए गुलाब जल मिलाकर एक गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें. यह सिंपल सा पेस्ट चेहरे की गंदगी को पूरी तरह साफ कर देता है. एलोवेरा और शहद का फेस वॉश अगर आपकी स्किन बहुत ही ज्यादा सेंसिटिव या ड्राई है, तो एलोवेरा और शहद का कॉम्बिनेशन आपके लिए सबसे अच्छा साबित हो सकता है. एलोवेरा स्किन को ठंडक और फ्रेशनेस देता है, जबकि शहद मॉइस्चर को लॉक करके चेहरे को नैचुरली ग्लोइंग बनाता है. इसे बनाने के लिए दो चम्मच फ्रेश एलोवेरा जेल में एक चम्मच प्योर शहद मिलाएं और दोनों को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. इस मिश्रण को आप चाहें तो एक छोटे कंटेनर में बनाकर फ्रिज में दो से तीन दिनों के लिए रख भी सकते हैं. ओट्स और दही का फेस वॉश धूप के कारण अगर चेहरे पर टैनिंग हो गई है या स्किन बेजान लग रही है, तो ओट्स और दही का फेस वॉश बेहतरीन तरीके से काम करता है. ओट्स आपकी स्किन को साफ करता है और दही में मौजूद लैक्टिक एसिड दाग-धब्बों को हल्का करने में मदद करता है. इसे तैयार करने के लिए सबसे पहले ओट्स को पीसकर उसका पाउडर बना लें और फिर एक चम्मच ओट्स पाउडर में एक से दो चम्मच फ्रेश दही मिलाएं. इन दोनों ही चीजों को अच्छे से मिक्स करके पेस्ट बना लें. यह आपकी स्किन की डेड सेल्स को हटाने में बहुत असरदार है. इस्तेमाल करने का सही तरीका घर पर बने इस नेचुरल फेस वॉश का इस्तेमाल करना बेहद आसान है. सबसे पहले अपने चेहरे को सादे पानी से गीला कर लें. इसके बाद तैयार किए गए पेस्ट को चेहरे पर लगाएं और उंगलियों की मदद से गोल-गोल घुमाते हुए 1 से 2 मिनट तक हल्की मसाज करें. अब चेहरे को साफ पानी से धो लें और किसी साफ तौलिए से थपथपाकर सुखाएं. चेहरा धोने के तुरंत बाद चेहरे पर थोड़ा सा मॉइस्चराइजर या गुलाब जल जरूर लगाएं ताकि मॉइस्चर बनी रहे. नेचुरल फेस वॉश के फायदे घर के बने फेस वॉश पूरी तरह से केमिकल-फ्री और सल्फेट-फ्री होते हैं, जिससे स्किन को कोई नुकसान नहीं पहुंचता है. ये आपके बजट में फिट बैठते हैं और इनका कोई साइड इफेक्ट भी नहीं होता. इन्हें रोजाना इस्तेमाल करने से चेहरे का नेचुरल ग्लो वापस आता है और स्किन अंदर से हेल्दी भी रहती है.

पटना कोचिंग विवाद से जुड़ा मामला, नेपाल में संदिग्ध हालात में मौत

पटना खान सर कोचिंग सेंटर विवाद मामले में आरोपी पटना के चर्चित ज्ञान बिंदु जी.एस. एकेडमी के निदेशक रौशन आनंद के भाई की अचानक में मौत हो गई है। रौशन आनंद के भाई की नेपाल में मौत हुई है। कुछ मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि नेपाल के एक होटल में रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव ठहरे हुए थे। लेकिन रविवार की सुबह अचानक प्रिंस यादव की मौत की बात सामने आई है। प्रिंस यादव की ब्रेन हेमरेज से मौत की बात सामने आ रही है। यह भी कहा जा रहा है कि खान सर के कोचिंग सेंटर से जुड़े विवाद में प्रिंस यादव भी आरोपी थे। कहा जा रहा है कि रौशन आनंद सर के भाई की मौत के बाद उनके साथ होटल में मौजूद सभी युवकों को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पुलिस हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ कर रही है। कहा जा रहा है कि नेपाल पुलिस इस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है। प्रिंस यादव की मौत की पुष्टि के बाद उनके शव को भारत लाया जा रहा है। प्रिंस यादव रौशन आनंद सर के छोटे भाई बताए जा रहे हैं। पटना में फैजल खान उर्फ खान सर के कोचिंग सेंटर खान ग्लोबल इंस्टीच्यूट पर 2 जून को हुए हमले और तोड़फोड़ के मामले में केस दर्ज होने के बाद से रौशन आनंद पटना के बेऊर जेल में बंद हैं। इस पूरे विवाद में दर्ज एक दूसरे केस में खान सर भी आरोपी हैं। हालांकि, खान सर ने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है और फिलहाल कोर्ट ने 20 जून तक खान की गिरफ्तारी पर रोक लगा रखी है। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि नेपाल के होटल में प्रिंस यादव के साथ उनके 6-7 दोस्त भी थे। नेपाल पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और प्रिंस की मौत की पड़ताल कर रही है। कहा यह भी जा रहा है कि साल 2021 में भी रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव पर खान सर की कोचिंग सेंटर पर हमले का आरोप लगा था। मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि खान सर के कोचिंग सेंटर पर हुए हमले के बाद पुलिस प्रिंस यादव को भी तलाश रही थी लेकिन गिरफ्तारी से बचने के लिए प्रिंस यादव नेपाल चले गए थे। सुपौल यादव बिहार के सुपौल जिले के रहने वाले थे। बहरहाल अभी प्रिंस यादव की मौत की जांच चल रही है। क्या है खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमले का विवाद आपको बता दें कि 2 जून की रात खान सर के कोचिंग सेंटर पर हमला, तोड़फोड़ और मारपीट की घटना हुई थी। एक गार्ड को वहां बुरी तरह पीटा गया था। इस मामले में खान सर ने आरोप लगाया था कि पास ही स्थित ज्ञान बिंदु कोचिंग सेंटर के लोगों ने इस हमले को अंजाम दिया है। इसके बाद पुलिस ने इस मामले में ज्ञान बिंदू के निदेशक रौशन आनंद समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। रौशन आनंद सर की जमानत याचिक अदालत से खारिज हो गई थी। इस घटनाक्रम के बाद खान कोचिंग सेंटर पर बवाल का एक अन्य वीडियो भी वायरल हुआ था। इस वायरल वीडियो में नजर आ रहा था कि दो सुरक्षा गार्ड वहां फायरिंग कर रहे थे। इस फायरिंग का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने खान सर के कोचिंग सेंटर पर दबिश दी थी। पुलिस ने फायरिंग के आरोप में खान सर के दो अंगरक्षकों को अरेस्ट किया था। दोनों ने पुलिस को बताया था कि उन्होंने खान सर के कहने पर ही फायरिंग की थी। इसके बाद पुलिस ने खान सर पर आर्म्स ऐक्ट तथा हत्या के प्रयास से संबंधित संगीन धाराओं में केस दर्ज किया था। हालांकि, खान सर ने कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है। अदालत ने 20 जून तक खान सर की गिरफ्तारी पर रोक लगाई है।