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बिहार के मधुबनी में छापेमारी से हड़कंप, एनआईए की संदिग्ध पर जांच तेज

पटना  बिहार के मधुबनी जिले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की रेड से हड़कंप मच गया है। एनआईए की टीम ने मस्जिद से एक संदिग्ध को हिरासत में भी लिया है। एनआईए ने भौआड़ा के गोवा पोखर मोहल्ला स्थित मस्जिद के मौलाना इजहार को हिरासत में लिया है। केंद्रीय एजेंसी की कार्रवाई से हलचल है। स्थानीय लोगों के बीच मौलाना इजहार को हिरासत में लिए जाने की चर्चा जोरों पर है। एनआईए की यह कार्रवाई जारी है लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे अभियान को गोपनीय रख रही है, स्थानीय पुलिस भी कुछ भी बोलने से परहेज कर रही है। इज़हार के पंडौल स्थित सरिसव पाही घर पर सुबह 3:45 बजे पहुंचे थी पुलिस। परिजनों को कोई जानकारी नहीं दी गई है। मौलाना इजहार को लेकर कुछ मीडिया रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया जा रहा है कि उसके आतंकी संगठन से जुड़े होने का शक है। एनआईए की रेड के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए थे। हिरासत में लिए गए मौलाना इजहार से गहनता से पूछताछ की जा रही है। हालांकि, अभी तक जांच एजेंसी की तरफ से इस रेड को लेकर कुछ भी नहीं कहा गया है। यह भी कहा जा रहा है कि इस जांच में एनआईए के अलावा एटीएस और स्थानीय पुलिस की टीम भी शामिल है। हालांकि, यह रेड किस संबंध में की गई है? मौलाना इजहार का कनेक्शन क्या है? मौलाना इजहार से जांच टीम को क्या पता चला है? अभी इसके बारे में पुख्ता या आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

देश में छात्र आत्महत्याएं गंभीर मुद्दा, NTF ने संस्थागत कारणों पर जताई चिंता

नई दिल्ली  देश के प्रमुख उच्च शिक्षण संस्थानों में बढ़ती छात्र आत्महत्याओं और मानसिक तनाव के मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित राष्ट्रीय टास्क फोर्स (NTF) ने चिंता जताई है। टास्क फोर्स का कहना है कि स्टूडेंट आत्महत्या को केवल मानसिक स्वास्थ्य की समस्या मानना सही नहीं होगा, क्योंकि इसके पीछे कई सामाजिक, आर्थिक और संस्थागत कारण भी जिम्मेदार हैं। पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश न्यायमूर्ति एस. रवींद्र भट की अध्यक्षता वाली इस 10 सदस्यीय समिति ने देश के 10 राज्यों के 30 से ज्यादा शिक्षण संस्थानों का दौरा किया है। इनमें IIT दिल्ली, एम्स दिल्ली, जेएनयू और जामिया मिल्लिया इस्लामिया जैसे संस्थान भी शामिल हैं। सुप्रीम कोर्ट ने समिति को अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 31 अक्टूबर तक का समय दिया है। सुप्रीम कोर्ट की चिंता सुप्रीम कोर्ट ने छात्र आत्महत्याओं के बढ़ते मामलों को “बेहद चिंताजनक” बताया है। अदालत के अनुसार, वर्ष 2022 में देश में 13 हजार से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की थी, जो एक गंभीर सामाजिक चुनौती है। सर्वे में सामने आईं बड़ी बातें टास्क फोर्स के सर्वे में 2.4 लाख से अधिक छात्रों ने हिस्सा लिया। इनमें 34 प्रतिशत छात्रों ने खुद को कैंपस में अलग-थलग महसूस करने की बात कही, जबकि केवल 56 प्रतिशत छात्रों को अपने संस्थान के प्रशासन पर भरोसा है कि वह उनकी समस्याओं का निष्पक्ष समाधान करेगा। तनाव के कई कारण रिपोर्ट के अनुसार, शैक्षणिक दबाव, भेदभाव, आर्थिक कठिनाइयां, सामाजिक अलगाव, उत्पीड़न और संस्थागत सहयोग की कमी छात्रों में तनाव बढ़ाने वाले प्रमुख कारण हैं। टास्क फोर्स ने पाया कि छात्र संकट केवल व्यक्तिगत नहीं बल्कि संरचनात्मक समस्या भी है। मानसिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी सर्वे में शामिल 70 प्रतिशत से अधिक संस्थानों में पूर्णकालिक मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ नहीं हैं। वहीं, बहुत कम संस्थानों के पास आत्महत्या रोकथाम के लिए औपचारिक प्रोटोकॉल मौजूद हैं। अंतिम रिपोर्ट में जवाबदेही बढ़ाने, मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और छात्रों के लिए सुरक्षित व समावेशी माहौल बनाने की सिफारिशें की जा सकती हैं।

जींद के पिंडारा तीर्थ में श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सोमवती अमावस्या पर किया पवित्र स्नान

जींद. साल की पहली सोमवती अमावस्या पर सोमवार को भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और डुबकी लगाकर पिंडदान किया। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र, सर्वार्थ सिद्धि योग और अमृत सिद्धि योग जैसे शुभ संयोग इस दिन को अत्यंत विशेष बना रहे हैं, है जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने स्पेशल पुलिसकर्मियों की डयूटी लगाई। पिंडतारक तीर्थ के संबंध में किदवंती है कि महाभारत युद्ध के बाद पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए पांडवों ने यहां 12 वर्ष तक सोमवती अमावस्या की प्रतीक्षा में तपस्या की। बाद में सोमवती अमावस के आने पर युद्ध में मारे गए परिजनों की आत्मा की शांति के लिए पिंडदान किया। तभी से यह माना जाता है कि पांडू पिंडारा स्थित पिंडतारक तीर्थ पर पिंडदान करने से पूर्वजों को मोक्ष मिल जाता है। महाभारत काल से ही पितृ विसर्जन की अमावस्याए विशेषकर सोमवती अमावस्या पर यहां पिंडदान करने का विशेष महत्व है। यहां पिंडदान करने के लिए विभिन्न प्रांतों के लोग श्रद्धालु आते हैं। जयंती देवी मंदिर के पुजारी नवीन शास्त्री ने बताया कि सुबह जल्दी उठ कर स्नान करें। इस दिन पवित्र नदी या सरोवर में स्नान करने का विशेष महत्व रहता है। अगर सरोवर या नदी में स्नान नहीं किया जा सकता है तो घर पर ही नहाने के पानी में गंगा जल डाल कर स्नान कर सकते हैं। स्नान करने के पश्चात घर के मंदिर में दीप प्रज्जवलि करें। सूर्य देव को अध्र्य दें। अगर उपवास रख सकते हैं तो अवश्य रखें। पितरों के निमित्त तर्पण और दान अवश्य करें। अपने ईष्ट देव का अधिक से अधिक ध्यान करें।

गदर 25 साल पूरे: डायरेक्टर अनिल शर्मा बोले- ये भगवान का आशीर्वाद है

सनी देओल, अमीषा पटेल, अमरीश पुरी, विवेक शौक, लिलेट दुबे और उत्कर्ष शर्मा स्टारर गदर एक प्रेम कथा को रिलीज हुए 25 साल पूरे हो गए हैं. मूवी ब्लॉकबस्टर हिट साबित हुई थी. दर्शकों को सकीना और तारा सिंह की कहानी काफी पसंद आई थी. अब डायरेक्टर ने इस बड़ी सफलता पर बात की. गदर के 25 साल पूरे होने पर क्या बोले अनिल शर्मा अनिल शर्मा ने ‘जूम’ संग इंटरव्यू में बताया, “गदर जैसी फिल्म किसी भी फिल्ममेकर की जिंदगी में एक बार ही आती है. यह भगवान का आशीर्वाद है. मैं दर्शकों का शुक्रिया अदा करता हूं कि यह मूवी लगातार ऐसे मुकाम हासिल कर रही है. 25 साल पूरे करना अपने आप में एक जश्न है.” अनिल शर्मा ने भगवान का किया शुक्रिया गदर को लेकर बात करते हुए अनिल शर्मा ने कहा, “भगवान की कृपा से, हम ‘गदर’ को एक बेहतरीन फिल्म बना पाए. ‘गदर’ एक ऐसी मूवी है, जो हमेशा पसंद की जाएगी और लोगों के दिलों में बसी रहेगी. ‘गदर’ आज के 25 साल के युवा के लिए भी उतनी ही एंटरटेनिंग है, जितनी उस समय के लोगों के लिए थी.” गदर को ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर बताते हुए क्या बोले अनिल शर्मा ‘गदर’ को “इस सदी की पहली ऑल-टाइम ब्लॉकबस्टर” बताते हुए, डायरेक्टर ने आगे कहा कि अगर आप वैसी ही कोई दूसरी फिल्म बनाने के बारे में सोचें भी, तो भी उसे दोहराया नहीं जा सकता. कभी-कभी आपको वैसी कहानी मिल जाती है, लेकिन गलती होने के चांस भी रहते हैं. अनिल शर्मा ने गदर को बताया, परफेक्ट मसाला एंटरटेनर लोग आज भी इसे देख रहे हैं. अगर उन्हें इसमें कुछ भी गलत या बेमतलब का लगता, तो वे ट्रोल जरूर करते, लेकिन ‘गदर’ एकदम परफेक्ट मसाला बनी थी. हमने इस पर काफी रिसर्च की थी. आज चैटजीपीटी के जमाने में यह सब बहुत आसान हो गया है. हम दिल्ली और मुंबई की सेंट्रल लाइब्रेरी में पूरा-पूरा दिन बिताकर रिसर्च करते थे. इसी तरह हमने बंटवारे से जुड़ी असली घटनाओं और कहानियों को इकट्ठा किया था.”

टेबल टेनिस फेडरेशन का विवादित फैसला: खिलाड़ियों से ट्रायल और यात्रा का खर्च मांग

कराची  पाकिस्तान के शीर्ष पुरुष और महिला टेबल टेनिस खिलाड़ियों को उस समय बड़ा झटका लगा जब पाकिस्तान टेबल टेनिस फेडरेशन (पीटीटीएफ) ने उनसे कहा कि इस वर्ष जापान में होने वाले एशियाई खेलों में अगर वे भाग लेना चाहते हैं तो उन्हें अपनी यात्रा और अन्य खर्च स्वयं वहन करने होंगे। लाहौर में ट्रॉयल्‍स लाहौर में जारी दो दिवसीय राष्ट्रीय ट्रॉयल्स के दौरान जब कुछ खिलाड़ियों ने अपने दैनिक भत्ते और यात्रा भत्ते को लेकर महासंघ के अधिकारियों से जानकारी मांगी तब इस बारे में पता चला। एक खिलाड़ी ने गोपनीयता की शर्त पर बताया कि हमें बताया गया है कि ट्रॉयल्स में हिस्सा लेने के लिए कोई भुगतान नहीं मिलेगा। अनुदान नहीं मिला है इसके अलावा, एशियाई खेलों के लिए चयनित खिलाड़ियों को अपने हवाई टिकट और खर्च के लिए प्रतिदिन 50 डॉलर की विदेशी मुद्रा स्वयं व्यवस्था करनी होगी। खिलाड़ी ने कहा कि जब खिलाड़ियों ने इस फैसले पर आपत्ति जताई तो पीटीटीएफ एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि उन्हें खुश होना चाहिए कि ट्रॉयल का आयोजन हो रहा है क्योंकि महासंघ को पाकिस्तान स्पोर्ट्स बोर्ड (पीएसबी) से कोई कोष या अनुदान नहीं मिला है। कोई पदक नहीं जीता इस खिलाडी ने कहा कि हमें बताया गया कि एशियाई खेलों के लिए भी पीटीटीएफ को पीएसबी से कोई अनुदान नहीं मिलता है। यह खेलों के विकास के लिए चिंताजनक स्थिति है। गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अब तक एशियाई खेलों या एशियाई चैंपियनशिप में टेबल टेनिस में कोई पदक नहीं जीता है। इसका कारण मलेशिया, चीन, दक्षिण कोरिया और भारत जैसे मजबूत देशों का दबदबा माना जाता है।  

अनुपमा में बड़ा ट्विस्ट: पाखी ने वसुंधरा से मांगी मदद, ईशानी-बंकू की शादी पर बवाल

सीरियल ‘अनुपमा’ के लेटेस्ट एपिसोड की शुरुआत में वसुंधरा, पाखी और परितोष को अपने घर देखकर हैरान रह जाती है. वह पूछती है कि दोनों वहां क्यों आए हैं. इस पर पाखी कहती है कि वह मदद मांगने आई है. पाखी का आरोप होता है कि अनु, ईशानी और बंकू की शादी करवाना चाहती है. वह वसुंधरा और कोठारी परिवार से ईशानी की जिंदगी बचाने की गुहार लगाती है. हालांकि वसुंधरा साफ कर देती है कि वह शाह परिवार के मामलों में दखल नहीं देना चाहती. इसके बावजूद पाखी लगातार मदद मांगती रहती है और कहती है कि अनु, ईशानी को बहका सकती है. शाह हाउस में बढ़ा विवाद शाह हाउस में अनुपमा सभी को इकट्ठा करती है. लीला तंज कसते हुए कहती है कि अब अनुपमा जल्द ही ईशानी और बंकू की शादी का ऐलान करेगी. तभी पाखी वहां पहुंच जाती है और कहती है कि ऐसा कभी नहीं होगा. वह बताती है कि वसुंधरा उसकी तरफ है. इसके बाद वसुंधरा, अनुपमा से बातचीत करती है और ईशानी-बंकू की शादी को बढ़ावा न देने की सलाह देती है. पाखी बार-बार यह कहती है कि उसे अनुपमा पर भरोसा नहीं है. यह सुनकर ईशानी नाराज हो जाती है. अनुपमा ने सुनाया बड़ा फैसला अनुपमा बताती है कि ईशानी इस समय बंकू को लेकर भावुक है क्योंकि अकेलेपन में उसे बंकू का साथ मिला. अनुपमा बड़ा फैसला लेते हुए कहती है कि उसने दिग्विजय के साथ मिलकर तय किया है कि ईशानी और बंकू को एक साल का समय दिया जाएगा. इस दौरान दोनों अपनी पढ़ाई और करियर पर ध्यान देंगे और एक-दूसरे से अलग रहेंगे. आने वाले एपिसोड में अनुपमा खुशखबरी देती है कि उनके कैफे का सिलेक्शन एक बड़ी प्रतियोगिता के लिए हो गया है. वहीं श्रुति प्रतियोगिता को लेकर नई रणनीति बनाने की बात करती है.

OnePlus N6 लॉन्च: 30 जून को भारत में आएगा नया बजट स्मार्टफोन

OnePlus भारतीय बाजार में अपने नए स्मार्टफोन OnePlus N6 को लॉन्च करने की तैयारी कर रही है. कंपनी ने ऑफिशियली मॉडल की लॉन्च डेट का ऐलान कर दिया है. यह अपकमिंग मॉडल कंपनी की N-सीरीज का पहला मॉडल होगा. कंपनी का कहना है कि यह सीरीज उन ग्राहकों के लिए लाई जा रही है जो कम कीमत में OnePlus का एक्सपीरियंस चाहते हैं. 30 जून को होगा लॉन्च OnePlus ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी शेयर करते हुए बताया कि OnePlus N6 को 30 जून को दोपहर 12 बजे भारत में लॉन्च किया जाएगा. लॉन्च से पहले कंपनी ने फोन के डिजाइन की भी झलक दिखाई है. कैसा होगा डिजाइन? टीजर इमेज के अनुसार, OnePlus N6 में फ्लैट रियर पैनल और फ्लैट फ्रेम दिया जाएगा. फोन के बैक पैनल पर ऊपर राइट साइड स्क्वायर शेप का कैमरा मॉड्यूल मिलेगा, जिसमें दो कैमरा सेंसर और LED फ्लैश मौजूद होंगे. वहीं, बीच में OnePlus की ब्रांडिंग दी गई है. फोन के राइट साइड पावर बटन और वॉल्यूम कंट्रोल दिए जाएंगे, जबकि बाईं तरफ कोई बटन नहीं होगा. नीचे की तरफ USB Type-C पोर्ट, स्पीकर ग्रिल और सिम ट्रे दी जाएगी. इसके अलावा ऊपर सेकेंडरी माइक्रोफोन भी मिलेगा. डिस्प्ले और कलर ऑप्शन OnePlus N6 में फ्लैट डिस्प्ले मिलेगा, जिसमें सेंटर पंच-होल कटआउट दिया जाएगा. इसी कटआउट में सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फ्रंट कैमरा मौजूद होगा. कंपनी इस स्मार्टफोन को ब्लैक और ग्रीन कलर ऑप्शन में लॉन्च करेगी. कीमत कितनी होगी? OnePlus ने रिवील किया है कि नई N-सीरीज के स्मार्टफोन्स की कीमत भारत में 18,000 रुपये से 25,000 रुपये के बीच होगी. यानी यह स्मार्टफोन कंपनी की Nord सीरीज के मुकाबले अधिक किफायती होगा. रिपोर्ट्स की मानें तो N-सीरीज के कुछ मॉडल्स की कीमत 20,000 रुपये से भी कम हो सकती है. ऐसे में यह OnePlus की नई एंट्री-लेवल स्मार्टफोन सीरीज बन सकती है. Amazon पर होगी बिक्री OnePlus N6 की बिक्री भारत में Amazon के जरिए की जाएगी. कंपनी ने इसके लिए माइक्रोसाइट भी लाइव कर दी है और लॉन्च से पहले लगातार फोन को टीज किया जा रहा है. हालांकि, कंपनी ने अभी तक स्मार्टफोन के प्रोसेसर, कैमरा स्पेसिफिकेशन, बैटरी और चार्जिंग से जुड़ी जानकारी शेयर नहीं की है. लॉन्च के दौरान फोन की सभी खासियतों और कीमत का खुलासा किया जाएगा.

जागत जोत सुरक्षा एक्ट पर मंथन के लिए अकाल तख्त में जुटेंगे पंथक प्रतिनिधि

अमृतसर. श्री अकाल तख्त साहिब में सोमवार को एक महत्वपूर्ण पंथक बैठक आयोजित की जा रही है। यह बैठक श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 में शामिल उन धाराओं को लेकर बुलाई गई है, जिन पर विभिन्न सिख संगठनों और धार्मिक संस्थाओं की ओर से आपत्तियां जताई जा रही हैं। बैठक के लिए विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, कार सेवा संप्रदायों, टकसालों, फेडरेशनों, सिख विद्वानों और अलग-अलग राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। माना जा रहा है कि इस दौरान पंथ से जुड़े कई अहम विषयों पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। श्री अकाल तख्त साहिब के कार्यकारी जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि वर्तमान समय में सिख कौम कई चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में सभी पंथक संगठनों और विचारधाराओं का एक मंच पर आकर चर्चा करना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैठक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जागत जोत सुरक्षा एक्ट-2026 की उन धाराओं पर विस्तार से चर्चा होगी, जिन्हें लेकर समाज के विभिन्न वर्गों ने सवाल उठाए हैं। सभी एकजुट होकर लेंगे निर्णय ज्ञानी गड़गज्ज ने कहा कि कौम के भविष्य, धार्मिक मामलों और पंथक एकता से जुड़े विषय भी बैठक के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि गुरु महाराज की कृपा से सभी पक्ष एकजुट होकर कौम के हित में सार्थक निर्णय लेने में सफल होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिख कौम की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और इसकी मर्यादा, स्वतंत्रता तथा सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उनके अनुसार इतिहास इस बात का गवाह है कि श्री अकाल तख्त साहिब की गरिमा और अधिकार को चुनौती देना कभी भी आसान नहीं रहा है। तख्त की प्रतिष्ठा की रक्षा करना सामूहिक जिम्मेदारी ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब गुरु साहिब का सदा कायम रहने वाला तख्त है और इसकी प्रतिष्ठा की रक्षा करना पूरे पंथ की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संगत और पंथक संगठनों से आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट रहने तथा कौम के व्यापक हितों के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। पंथक हलकों की नजरें अब इस बैठक पर टिकी हुई हैं, क्योंकि इसमें लिए जाने वाले निर्णय आगामी समय में सिख समुदाय से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों की दिशा तय कर सकते हैं।

पुराने स्मार्टफोन बनेंगे मिनी डेटा सेंटर: गूगल का नया कम कार्बन कंप्यूटिंग प्रोजेक्ट

पुराने स्मार्टफोन को कबाड़ समझने की भूल ना करें, अब ये अहम कंप्यूटिंग सिस्टम बन सकते हैं. दरअसल,  गूगल पुराने स्मार्टफोन को कम कार्बन कंप्यूटिंग क्लस्टर में बदलने की योजना बना रहा है, जिसका खुलासा हुआ है. जानकारी के मुताबिक, कंपनी पुराने स्मार्टफोन के कंप्यूटिंग हार्डवेयर को निकालकर क्लाउड एप्लीकेशन और रिसर्च वर्कलोड के रूप में इस्तेमाल करना चाहती है. आसान शब्दों में समझें तो कंपनी पुराने स्मार्टफोन के चिप, मेमोरी और स्टोरेज को निकालकर कई हजारों डिवाइस को आपस में जोड़ना चाहती है. ऐसा करके एक छोटे डेटा सेंटर की तरह इस्तेमाल किया जाएगा. अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम से हाथ मिलाया गूगल ने इसके लिए अमेरिका की एक यूनिवर्सिटी की रिसर्च टीम से हाथ मिलाया है और उसको तैयार किया है. दोनों मिलकर ये रिसर्च कर रहे हैं कि कैसे हजारों रिटायर्ड स्मार्टफोन्स को नए प्रकार के कंप्यूटिंग प्लेटफॉर्म में तब्दील किया जा सकता है. सब कुछ अगर ठीक रहता है तो इस प्रोजेक्ट के तहत आने वाले समय में लगभग 2 हजार पुराने Pixel स्मार्टफोन्स से तैयार किया गया एक डेटा सेंटर के रूप में काम कर सकता है. b गूगल के इस अपकमिंग प्रोजेक्ट को फोन क्लस्टर कंप्यूटिंग का नाम दिया है. ऑफिशियल ब्लॉग में गूगल ने बताया है कि रिसर्चर स्मार्टफोन से डिस्प्ले, बैटरी, कैमरा और बाहरी बॉडी जैसी कैटेगरी में कन्वर्ट कर देगा. फिर मदरबोर्ड बचेगा, जिसमें प्रोसेसर, मेमोरी और स्टोरेज मौजूद होते हैं. कई स्मार्टफोन के मदरबोर्ड को आपस में कनेक्ट करके उनको Linux ऑपरेटिंग सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा. एक बार सभी डिवाइस कनेक्ट होने के बाद इनको क्लस्टर के रूप में लगाया जा सकेगा. सभी डिवाइस को Kubernetes प्लेटफॉर्म के जरिए मैनेज किया जा सकेगा, जो एडवांस्ड क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर के रूप में इस्तेमाल किया जा सकेगा. लगभग 25 से 50 स्मार्टफोन्स का एक क्लस्टर होगा, जो कुछ स्पेशल टास्क के लिए एक मॉडर्न सर्वर के बराबर कंप्यूटिंग पावर जनरेट करने की काबिलियत रख सकता है. रिसर्चर सैकड़ों या हजारों डिवाइसों को आपस में कनेक्ट करके ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार करना चाहते हैं, जो क्लाउड बेस्ट सर्विस दे सकते हैं. गूगल का क्या है मकसद? गूगल का मानना है कि कंप्यूटिंग का कार्बन फुटप्रिंट मुख्य रूप से दो सोर्स से आते हैं. पहला सिस्टम चलाने के दौरान खर्च होने वाली बिजली और दूसरा नए हार्डवेयर के निर्माण के दौरान. ऐसे में कंपनी पुराने हैंडसेट का इस्तेमाल करके कार्बन को कम करना चाहती है. रिसर्च टीम 2,000 स्मार्टफोन्स का एक कंप्यूटिंग क्लस्टर बनाने की दिशा में काम कर रही है. इसका इस्तेमाल सिस्टम प्रोग्रामिंग और कंप्यूटिंग में किया जाएगा.

पर्यटकों के लिए अहम खबर! छत्तीसगढ़ के टाइगर रिजर्व और अभयारण्यों में आज से प्रवेश बंद

रायपुर. मानसून सीजन को देखते हुए सोमवार से छत्तीसगढ़ के सभी टाइगर रिजर्व, राष्ट्रीय उद्यान और वन्यजीव अभयारण्य पर्यटकों के लिए बंद कर दिए गए हैं. ये सभी संरक्षित वन क्षेत्र अब 1 अक्टूबर तक बंद रहेंगे. वन विभाग के अनुसार, जंगलों के दरवाजे पर्यटकों के लिए 2 अक्टूबर से दोबारा खोले जाएंगे. हर साल बारिश के मौसम में करीब तीन महीने के लिए इन क्षेत्रों में पर्यटन गतिविधियों पर रोक लगाई जाती है. बारिश के दौरान जंगलों में प्रतिकूल परिस्थितियां बनने और वन्य प्राणियों के प्रजननकाल को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया जाता है. इससे वन्यजीवों को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के साथ-साथ पर्यटकों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जाती है.