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झारखंड में पर्यावरण संरक्षण की पहल, स्कूलों में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की तैयारी

दुमका पर्यावरण संरक्षण को जन-आंदोलन का स्वरूप देने के उद्देश्य से दुमका जिले में “एक पेड़ मां के नाम 3.0” अभियान के तहत बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण की तैयारी की गई है. झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद के निर्देश पर 5 जून से 30 सितंबर 2026 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के तहत जिले के सरकारी, गैर सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में कुल 1 लाख 57 हजार 625 पौधे लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है. पर्यावरण जागरूकता के लिए पौधरोपण अभियान जिला शिक्षा पदाधिकारी-सह-जिला कार्यक्रम पदाधिकारी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाना और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है. विद्यालय परिसर में उपलब्ध भूमि के अनुसार पौधरोपण किया जाएगा. जिन विद्यालयों में पर्याप्त जमीन उपलब्ध नहीं है, वहां विद्यार्थियों को अपने घर, सार्वजनिक स्थलों, सड़क किनारे अथवा अन्य उपयुक्त स्थानों पर पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाएगा. पौधों के संरक्षण पर भी जोर अभियान के तहत सिर्फ पौधरोपण ही नहीं, बल्कि पौधों के संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया गया है. विद्यालयों को पौधों की नियमित देखभाल, निगरानी और उनके जीवित रहने की स्थिति सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. साथ ही वृक्षारोपण से संबंधित प्रगति प्रतिवेदन निर्धारित समय पर ऑनलाइन पोर्टल पर अपलोड करने को कहा गया है. स्कूलों में पौधरोपण का लक्ष्य तय जिले के प्राथमिक विद्यालयों को प्रति विद्यालय 50 पौधे, मध्य विद्यालयों को 75 पौधे और उच्च एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों को 100 पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है. जिले के कुल 2558 विद्यालयों में यह अभियान चलाया जाएगा. प्रखंडवार लक्ष्य की बात करें तो दुमका में 21,900, जामा में 16,500, जरमुंडी में 18,725, रानीश्वर में 18,375 तथा शिकारीपाड़ा में 17,425 पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है. अभियान में सबकी भागीदारी जरूरी शिक्षा विभाग ने सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारियों, विद्यालय प्रधानों, सीआरपी-बीआरपी और स्थानीय समुदाय से अभियान में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की है. विभाग का मानना है कि जनसहभागिता के माध्यम से यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा और विद्यार्थियों में प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करने में अहम भूमिका निभाएगा.

ग्रामीणों को बड़ी राहत: दरियाबाद नहर पर नए पुल और सिंचाई व्यवस्था में सुधार को मंजूरी

बाराबंकी यूपी के बाराबंकी जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए प्रदेश सरकार ने दो महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी देते हुए कुल 22 करोड़ 21 लाख 92 हजार रुपये की वित्तीय स्वीकृति दी है। इनमें दरियाबाद समानान्तर शाखा पर दो जर्जर कदम पुलों का पुनर्निर्माण और प्रतापगंज रजबहा के आंतरिक सुधार और क्षतिग्रस्त पुलिया के पुनर्निर्माण का कार्य शामिल है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से तीन दर्जन से अधिक गांवों की करीब डेढ़ लाख से अधिक आबादी को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लाभ मिलने की उम्मीद है। पुलों का निर्माण कार्य शुरू हो गया है। दरियाबाद समानांतर शाखा नहर पर बनेंगे दो पुल: दरियाबाद समानांतर नहर पर ग्राम बनियान के पास बना कदम पुल काफी जर्जर हो चुका है। इसी तरह इस नहर पर बना अचैचा कदम पुल भी जर्जर है। बनियाल पुल से भगौली, पलखा, गौरा, गजनी, थाल, खलीनगर, ससैलखिया आदि गांव के ग्रामीणों का आवागमन होता है। इसी तरह अचैचा पुल से मिठवारा, लहसी, भुंड,चक, कसियापुर, घतवापुर आदि गांवों के लोगों का आना जाना है। अनुमान के मुताबिक इन पुलों लाभ क्षेत्र की करीब डेढ़ लाख की आबादी को मिल रहा है। लेकिन यह दोनों पुल काफी जर्जर हो चुके है। जिससे हादसे का डर बना हुआ है। इसी नहर पर तालगांव का पुल भी जर्जर हो चुका है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने दरियाबाद समानांतर नहर पर जर्जर हो चुके बनियाल पुल व अचैचा पुल के पुर्ननिर्माण की स्वीकृति दी है। इस कार्य के लिए 12 करोड़ 50 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है। लंबे समय से जर्जर हो चुके इन पुलों के कारण ग्रामीणों, किसानों, छात्रों और राहगीरों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ता है। दोनों पुलों के फाउंडेशन के निर्माण के लिए खोदाई का काम शुरू हो जाने से स्थानीय लोगों में उतसाह है। प्रतापगंज रजबहा की भी सुधरेगी दशा शासन ने प्रतापगंज रजबहा के आंतरिक सेक्शन सुधार, खड़ंजा निर्माण और किमी 17.250 पर स्थित क्षतिग्रस्त पुलिया के पुनर्निर्माण की मंजूरी दी है। इस कार्य पर नौ करोड़ 71 लाख 92 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। जिसकी मंजूरी शासन से मिली चुकी है। इस परियोजना के तहत प्रतापगंज रजबहा के सिंचाई तंत्र को मजबूत किया जाएगा। जिससे पानी के प्रवाह में सुधार होगा और किसानों को समय पर सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि इन दोनों परियोजनाओं का लाभ दर्जनों गांवों की डेढ़ लाख से अधिक आबादी को मिलेगा। इससे कृषि उत्पादन बढ़ाने में मदद मिलेगी और ग्रामीण संपर्क मार्गों पर आवागमन भी अधिक सुरक्षित व सुगम होगा। स्थानीय किसानों के अनुसार नहरों और पुलों की जर्जर स्थिति के कारण वर्षों से समस्याएं बनी हुई थीं। अधीक्षण अभियंता सिंचाई विभाग लखनऊ प्रखण्ड इंजी. भानु प्रताप सिंह ने बताया कि नहरों पर पुल निर्माण का कार्य शुरू करा दिया गया है। जहां पर पुल बनने हैं वहां पर खुदाई और पुराने पुलों को तोड़ने का काम चल रहा है। कुछ स्थानों पर रेगुलेटर व पटरी के मरम्मत का कार्य भी होना है।

ओपन गोल्ड कप एमपी स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में सतना की मान्या पांडे ने जीता स्वर्ण पदक

ओपन गोल्ड  कप एमपी स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप में सतना की मान्या पांडे ने जीता स्वर्ण पदक सतना  सागर जिले में आयोजित ओपन गोल्ड  कप एमपी स्टेट ताइक्वांडो चैंपियनशिप 2026 में सतना की होनहार खिलाड़ी एवं पत्रकार मृदुल पांडेय की प्रतिभाशाली बेटी मान्या पांडे  ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्री सब जूनियर वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर जिले का नाम प्रदेश भर में रोशन किया है। उनकी इस उपलब्धि से खेल प्रेमियों, प्रशिक्षकों और शहरवासियों में उत्साह का माहौल है। बीते 12 से 14 जून तक  चली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से सैकड़ों खिलाडिय़ों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में अलग-अलग आयु और भार वर्गों में मुकाबले आयोजित किए गए, जिनमें प्री सब जूनियर वर्ग विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। इस वर्ग में मान्या पांडे ने अपने उत्कृष्ट खेल कौशल, अनुशासन और आत्मविश्वास का परिचय देते हुए सभी मुकाबलों में शानदार प्रदर्शन किया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। सतना मार्शल आर्ट अकादमी के संस्थापक एवं मुख्य प्रशिक्षक संदीप भारती ने बताया कि मान्या ने पूरे टूर्नामेंट के दौरान बेहतरीन तकनीक और संयम का प्रदर्शन किया। विपक्षी खिलाडिय़ों की कठिन चुनौती के बाद भी उन्होंने धैर्य बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वियों पर बढ़त बनाकर गोल्ड मेडल अपने नाम कर लिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि मान्या की मेहनत, समर्पण और नियमित अभ्यास का परिणाम है। कोच संदीप भारती ने यह भी बताया कि अकादमी के अन्य खिलाडिय़ों ने भी प्रतियोगिता में प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कई खिलाडिय़ों ने गोल्ड, सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीतकर सतना की खेल प्रतिभा का परिचय दिया। खिलाडिय़ों की सफलता इस बात का प्रमाण है कि सतना में ताइक्वांडो खेल के प्रति बढ़ती रुचि और बेहतर प्रशिक्षण व्यवस्था प्रतिभाओं को नई ऊंचाइयों तक पहुंचा रही है। मान्या पांडे की इस उपलब्धि पर खेल जगत से जुड़े लोगों, शिक्षकों, अभिभावकों और शहरवासियों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। खेल प्रेमियों ने विश्वास जताया है कि मान्या भविष्य में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सतना, मध्य प्रदेश और देश का नाम गौरवान्वित करेंगी।

झज्जर के दुजाना में STF की बड़ी कार्रवाई, एनकाउंटर में मारा गया बदमाश इंद्रपाल

झज्जर. क्षेत्र के दुजाना गांव के खेतों में रविवार की रात स्पेशल टास्क फोर्स के साथ मुठभेड़ में माए गए बदमाश इंद्रपाल का पोस्टमार्टम मधुबन से फारेंसिक विशेषज्ञों की टीम पहुंचने के बाद ही कराया जाएगा।फिलहाल, रोहतक जिले के कसरेंटी गांव निवासी मृतक इंद्रपाल के रिश्तेदार व स्वजन नागरिक अस्पताल पहुंचे हुए हैं और शवगृह के बाहर टीम का इंतजार करते रहे। मुठभेड़ के दौरान घायल हुए एसटीएफ प्रभारी इंस्पेक्टर राकेश कुमार का नागरिक अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में उपचार चल रहा है। उनसे मुलाकात करने और हालचाल जानने के लिए सोमवार को एसीपी नरेश और डीसीपी धरना यादव अस्पताल पहुंचे। इसके बाद एसटीएफ के एसपी विक्रांत भूषण भी अस्पताल पहुंचे और उपचाराधीन इंस्पेक्टर से घटनाक्रम की जानकारी ली। इससे पहले रविवार देर रात ही पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह, आइजी एसटीएफ बी. सथीश बालन और डीसीपी क्राइम शुभम सिंह भी घायल निरीक्षक की कुशलक्षेम पूछने अस्पताल पहुंचे थे। पिता की हो चुकी है मौत, छोटा भाई जेल में बंद नागरिक अस्पताल पहुंचे रिश्तेदारों ने बताया कि मृतक इंद्रपाल के पिता ईश्वर सिंह की 6 साल पहले मौत हो चुकी है, जबकि छोटा भाई नवीन इस समय जेल में बंद है। बता दे कि दुजाना हत्याकांड मामले में पुलिस पहले ही पांच आरोपितों को काबू कर चुकी है। मुठभेड़ में एक मुख्य शूटर मारा गया है, जबकि मुख्य साजिशकर्ता संजय अभी फरार है। बता दे कि एसटीएफ के हाथों ढेर हुआ बदमाश इंद्रपाल, बिरधाना गांव निवासी मुख्य आरोपित संजय उर्फ भोलू का सबसे खास साथी था। इन दोनों ने मिलकर इलाके में दो बड़ी वारदातों को अंजाम दिया था। गत 2 मार्च को इंद्रपाल ने संजय के साथ मिलकर उसकी ही पत्नी की बेरहमी से हत्या की थी। इसके बाद 31 मई को इन बदमाशों ने दुजाना गांव के पास खेत से लौट रहे विजय सैनी की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। यह पूरा विवाद दुजाना में रास्ते और जमीन की पुरानी रंजिश से जुड़ा है। मुख्य आरोपित संजय ने साल 2021 में विजय सैनी के शिक्षक बेटे अनिल कुमार की भी हत्या की थी। पुख्ता सूचना पर घेराबंदी कर एसटीएफ ने मार गिराया एसटीएफ को पुख्ता इनपुट मिला था कि मुख्य शूटर इंद्रपाल किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में दुजाना के इलाके में घूम रहा है। इस सूचना पर एसटीएफ ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर घनी नाकाबंदी की। रविवार रात करीब 8 बजे जब पुलिस टीम का सामना बदमाश से हुआ, तो उसने सीधी फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से बदमाश ढेर हो गया। इस मुठभेड़ में एक पीएसआइ की बुलेट प्रूफ जैकेट पर भी गोली लगी, जिससे उनकी जान बच गई। साहसिक आपरेशन में सब-इस्पेक्टर दीपक व सचिन, हेड कांस्टेबल जितेंद्र और धर्मवीर भी शामिल रहे।

चंडीगढ़ नगर निगम का नया प्लान, सुखना लेक क्षेत्र में 8 फीडिंग प्वाइंट्स से सुधरेगी व्यवस्था

चंडीगढ़. नगर निगम ने सुखना लेक एरिया में कम्युनिटी एनिमल्स को भोजन उपलब्ध कराने के लिए निर्धारित किए गए फीडिंग प्वाइंट्स को अंतिम मंजूरी दे दी है। निगम की ओर से 19 मई को जारी सार्वजनिक सूचना के माध्यम से प्रस्तावित स्थानों पर लोगों से 15 दिनों के भीतर आपत्तियां और सुझाव मांगे गए थे। नगर निगम के अनुसार निर्धारित अवधि के दौरान किसी भी व्यक्ति या संस्था की ओर से कोई आपत्ति अथवा सुझाव प्राप्त नहीं हुआ। इस वजह से प्रस्तावित सभी आठ स्थानों को अंतिम रूप से स्वीकृत फीडिंग प्वाइंट घोषित कर दिया गया है। नगर निगम ने आम जनता से अपील की है कि सुखना लेक क्षेत्र में कम्युनिटी एनिमल्स को भोजन के लिए केवल इन्हीं निर्धारित स्थानों का उपयोग करें और व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें। यह आदेश नगर निगम के मेडिकल आफिसर आफ हेल्थ की ओर से जारी किया गया है। जगह-जगह खाना डालने से दिक्कत सुखना लेक पर आवारा कुत्ते भी बड़ी संख्या में हैं। इन्हें लोग अपनी मर्जी से इधर-उधर खाना डालते हैं। इससे लेक पर अव्यवस्था भी रहती है। इसे रोकने के लिए निगम ने यह फीडिंग प्वाइंट बनाए हैं। स्वच्छता को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं। लेक से पहले निगम ने शहर में भी रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के साथ मिलकर अलग-अलग एरिया में 250 से अधिक डाग फीडिंग प्वाइंट निर्धारित कर रखे हैं। इसके अलावा कहीं भी खाना डालने पर रोक लगा रखी है। हालांकि अभी इन फीडिंग प्वाइंट के प्रति जागरूकता उस तरह से नहीं बढ़ी है। अब भी डाग लवर्स मर्जी से इधर-उधर खाना डाल रहे हैं। क्र.सं.     स्वीकृत फीडिंग प्वाइंट्स (स्थान) 1     लेक की शुरुआत में पुलिस बीट बॉक्स के पास 2     ऑब्जर्वेशन टावर के निकट 3     सीढ़ियां नंबर-1 के ऊपरी हिस्से में 4     सीढ़ियां नंबर-2 के ऊपर 5     सीढ़ियां नंबर-3 के नीचे 6     सीढ़ियां नंबर-7 के ऊपर 7     पीपल के पेड़ के पास 8     बुद्ध प्रतिमा से दूर पार्किंग क्षेत्र के निकट

सुरक्षा के मद्देनजर बड़ा फैसला, गरियाबंद जेल के आसपास ड्रोन उड़ाना हुआ प्रतिबंधित

गरियाबंद. बंदियों की सुरक्षा को खतरा देखते हुए गरियाबंद जिला प्रशासन ने जिला जेल के 200 मीटर की परिधि को ‘नो ड्रोन फ्लाई जोन’ घोषित किया है. कलेक्टर भगवान सिंह उइके के धारा 188 लागू करने के साथ ही अब कोई भी जिला जेल के इर्द-गिर्द ड्रोन नहीं उड़ा सकता है. जिला प्रशासन ने बंदियों की सुरक्षा, संवेदनशीलता और कानून व्यवस्था के लिहाज से यह आदेश जारी किया है. अंबिकापुर की केंद्रीय जेल के ऊपर भी नहीं उड़ेंगे ड्रोन अंबिकापुर. केंद्रीय जेल अंबिकापुर की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन ने जेल परिसर के आसपास 100 मीटर के दायरे को रेड जोन घोषित कर दिया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी अजीत वसंत ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत यह आदेश जारी किया है। जारी आदेश के अनुसार केंद्रीय जेल की मुख्य परिधि से 100 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के ड्रोन, गुब्बारे या अन्य हवाई उपकरणों के उड़ान संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही इस क्षेत्र में हवाई फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की अनुमति भी नहीं होगी। प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की आशंका के चलते फैसला प्रशासन का मानना है कि आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग कर कुछ असामाजिक तत्व ड्रोन के माध्यम से जेल परिसर तक प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने की कोशिश कर सकते है। इसी आशंका को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है, ताकि जेल की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की चूक न हो। उल्लंघन करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 सहित अन्य प्रासंगिक कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम जिला प्रशासन के इस फैसले को केंद्रीय जेल अंबिकापुर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में भी सुरक्षा से जुड़े मामलों में आवश्यकतानुसार कड़े निर्णय लिए जाएंगे।

अली फजल की ‘राख’ की तारीफ में करण जौहर बोले- देखने के बाद सदमे में चला गया

अली फजल का नया शो ‘राख’ जबसे अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हुआ है, दर्शक इसे काफी अच्छे रिव्यू दे रहे हैं. वेब सीरीज 1978 के कुख्यात रंगा-बिल्ला केस पर आधारित है. इसी बीत फिल्ममेकर करण जौहर ने क्राइम ड्रामा देखी और अपनी रिव्यू शेयर किया. करण जौहर ने राख का किया रिव्यू फिल्ममेकर ने इंस्टाग्राम पर राख का पोस्टर शेयर किया. जिसमें लिखा, “मैं इंस्टाग्राम से ब्रेक लेने की कोशिश कर रहा था और मुझे लगा कि मैं इसमें कामयाब भी हो गया था, लेकिन फिर मैंने दिल दहला देने वाली सीरीज राख देखी और मुझे अपनी बात कहने की जरूरत महसूस हुई.” अली फजल का नया शो ‘राख’ जबसे अमेजन प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हुआ है, दर्शक इसे काफी अच्छे रिव्यू दे रहे हैं. वेब सीरीज 1978 के कुख्यात रंगा-बिल्ला केस पर आधारित है. इसी बीत फिल्ममेकर करण जौहर ने क्राइम ड्रामा देखी और अपनी रिव्यू शेयर किया. करण जौहर ने राख का किया रिव्यू फिल्ममेकर ने इंस्टाग्राम पर राख का पोस्टर शेयर किया. जिसमें लिखा, “मैं इंस्टाग्राम से ब्रेक लेने की कोशिश कर रहा था और मुझे लगा कि मैं इसमें कामयाब भी हो गया था, लेकिन फिर मैंने दिल दहला देने वाली सीरीज राख देखी और मुझे अपनी बात कहने की जरूरत महसूस हुई.” करण को काफी पसंद आई राख करण जौहर ने आगे लिखा, “अभी रात के 1.35 बज रहे हैं और आखिरी एपिसोड देखने के बाद मैं बहुत परेशान हूं… एक माता-पिता, एक इंसान और समाज के एक सदस्य के तौर पर परेशान हूं… ‘राख’ (RAAKH) इंसानियत के सबसे बुरे पहलू को दिखाती है… किसी भी वजह या बचपन के ट्रॉमा को अंदर के शैतान के आगे घुटने टेकने का बहाना नहीं बनाया जा सकता…” राख देखकर सदमे में चले गए करण जौहर उन्होंने आगे कहा, “मुझे पक्का नहीं पता कि मैं इस गहरे सदमे से जल्द उबर पाऊंगा या नहीं… लेकिन मुझे प्रोसित रॉय की जबरदस्त कहानी कहने की कला, कहानी पर उनकी मजबूत पकड़, फीलिंग्स को बिना किसी हेर-फेर के दिखाने के उनके अंदाज और उनकी बेहतरीन कारीगरी की तारीफ करनी होगी.” करण जौहर ने इन स्टार्स की तारीफ की सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर की एक्टिंग की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा, “मैं @iamsonalibendre और @bashiraamir के करियर को नई ऊंचाई देने वाली एक्टिंग को भूल नहीं पा रहा हूं… एक बहुत बड़े दुख का सामना कर रहे माता-पिता के दर्द को, उन्होंने जिस तरह से दिखाया, उसने मुझे हैरान कर दिया… वे पूरी तरह से अपने किरदारों में ढल गए और मैं उनके एक्टिंग को सलाम करता हूं… इस दिल को छू लेने वाले एक्सपीरियंस को महसूस करने के लिए वेब सीरीज देखनी होगी. गौरव, निखिल और साहिरा को, जो हमारे लिए यह शानदार शो लेकर आए… जो एक ही साथ दिल दहलाने वाला और बेहतरीन है… #RAAKH.” राख की क्या है कहानी और कहां देख सकते हैं इसे यह शो दो टीनएजर्स के बेरहमी से अपहरण और हत्या के बाद की घटनाओं को दिखाता है. साथ ही, यह बताता है कि कैसे इस त्रासदी ने उनके परिवारों को बुरी तरह तोड़ दिया और पूरे शहर को डर के साये में डाल दिया. ‘राख’ का निर्देशन प्रोसित रॉय, अनुषा नंदकुमार और संदीप साकेत ने किया है. यह सीरीज प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है. करण जौहर ने आगे लिखा, “अभी रात के 1.35 बज रहे हैं और आखिरी एपिसोड देखने के बाद मैं बहुत परेशान हूं… एक माता-पिता, एक इंसान और समाज के एक सदस्य के तौर पर परेशान हूं… ‘राख’ (RAAKH) इंसानियत के सबसे बुरे पहलू को दिखाती है… किसी भी वजह या बचपन के ट्रॉमा को अंदर के शैतान के आगे घुटने टेकने का बहाना नहीं बनाया जा सकता…” राख देखकर सदमे में चले गए करण जौहर उन्होंने आगे कहा, “मुझे पक्का नहीं पता कि मैं इस गहरे सदमे से जल्द उबर पाऊंगा या नहीं… लेकिन मुझे प्रोसित रॉय की जबरदस्त कहानी कहने की कला, कहानी पर उनकी मजबूत पकड़, फीलिंग्स को बिना किसी हेर-फेर के दिखाने के उनके अंदाज और उनकी बेहतरीन कारीगरी की तारीफ करनी होगी.” करण जौहर ने इन स्टार्स की तारीफ की सोनाली बेंद्रे और आमिर बशीर की एक्टिंग की तारीफ करते हुए उन्होंने लिखा, “मैं @iamsonalibendre और @bashiraamir के करियर को नई ऊंचाई देने वाली एक्टिंग को भूल नहीं पा रहा हूं… एक बहुत बड़े दुख का सामना कर रहे माता-पिता के दर्द को, उन्होंने जिस तरह से दिखाया, उसने मुझे हैरान कर दिया… वे पूरी तरह से अपने किरदारों में ढल गए और मैं उनके एक्टिंग को सलाम करता हूं… इस दिल को छू लेने वाले एक्सपीरियंस को महसूस करने के लिए वेब सीरीज देखनी होगी. गौरव, निखिल और साहिरा को, जो हमारे लिए यह शानदार शो लेकर आए… जो एक ही साथ दिल दहलाने वाला और बेहतरीन है… #RAAKH.” राख की क्या है कहानी और कहां देख सकते हैं इसे यह शो दो टीनएजर्स के बेरहमी से अपहरण और हत्या के बाद की घटनाओं को दिखाता है. साथ ही, यह बताता है कि कैसे इस त्रासदी ने उनके परिवारों को बुरी तरह तोड़ दिया और पूरे शहर को डर के साये में डाल दिया. ‘राख’ का निर्देशन प्रोसित रॉय, अनुषा नंदकुमार और संदीप साकेत ने किया है. यह सीरीज प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम हो रही है.

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाएं जनप्रतिनिधि: मुख्यमंत्री विष्णु देव साय का आह्वान

शाला प्रवेश उत्सव को जनआंदोलन बनाने आगे आएं जनप्रतिनिधि : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को मुख्यमंत्री ने लिखा पत्र 16 से 27 जून तक चलेगा शाला प्रवेश उत्सव अभियान "कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे" अभियान की सफलता के लिए जनसहभागिता का किया आह्वान रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश के सभी जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर 16 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित होने वाले "शाला प्रवेश उत्सव" में सक्रिय सहभागिता का आह्वान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की प्रगति का सबसे सशक्त आधार है तथा यह हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है कि प्रदेश का कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री साय ने अपने पत्र में प्रदेश के समस्त विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों एवं शिक्षा से जुड़े सभी लोगों को नवीन शैक्षणिक सत्र की शुभकामनाएं देते हुए कहा है कि नए शैक्षणिक सत्र के साथ प्रदेशभर में शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में प्रवेश तथा नियमित अध्ययन सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मंत्रीगण, सांसदगण, विधायकगण, जिला पंचायत एवं जनपद पंचायत अध्यक्ष, महापौर तथा नगरीय निकायों के जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के किसी विद्यालय में सुविधानुसार उपस्थित होकर अभियान में सहभागी बनें तथा ऐसे बच्चों की पहचान और नामांकन के लिए प्रेरित करें, जो अभी तक विद्यालय से नहीं जुड़े हैं अथवा बीच में पढ़ाई छोड़ चुके हैं। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों की सहभागिता इस अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप प्रदान करेगी। मुख्यमंत्री साय ने पत्र में उल्लेख किया है कि राज्य सरकार विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है। पीएम विद्यालयों के माध्यम से उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण विकसित किया जा रहा है तथा वर्ष 2026 से 150 विवेकानंद विद्यालयों की स्थापना कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के नए मानक स्थापित किए जा रहे हैं। नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप शासकीय विद्यालयों को आधुनिक, तकनीक-संपन्न और छात्र-केंद्रित संस्थानों के रूप में विकसित किया जा रहा है। विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन, निःशुल्क पाठ्यपुस्तकें, गणवेश तथा बालिकाओं के लिए सरस्वती साइकिल जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, ताकि कोई भी बच्चा आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित न रहे। मुख्यमंत्री ने विश्वास व्यक्त किया कि जनप्रतिनिधियों के सक्रिय सहयोग और व्यापक जनभागीदारी से शाला प्रवेश उत्सव को सफल बनाते हुए प्रदेश के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा का अधिकार पहुंचाने के लक्ष्य को हासिल किया जा सकेगा।

अमृतसर एयरपोर्ट हुआ स्मार्ट, डिजी यात्रा और नई सुरक्षा व्यवस्था से सफर हुआ तेज और सुविधाजनक

अमृतसर  श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर इन लाइन एक्सरे बैगेज स्क्रीनिंग सिस्टम और डिगी यात्रा की शुरुआत से यात्रियों को सुविधा मिलने के साथ ही उनका समय भी बच रहा है। इसमें अब यात्री सीधे चेकिंग काउंटर पर जा सकते हैं, उनके सामान की कन्वेयर बेल्ट पर ही स्क्रीनिंग हो जाएगी। इससे पहले चेकिंग काउंटर पर जाने से पहले एक्सरे मशीन पर रखना पड़ता था। इसी तरह से मई से एयरपोर्ट पर डिगी यात्रा भी शुरू हो चुकी है। इस आनलाइन सिस्टम में पेपरलेस यात्रा की सुविधा यात्रियों को मिल रही है। वर्तमान मे आठ से 10 प्रतिशत यात्री इस सुविधा का फायदा उठा रहे हैं। इसके अलावा एयरपोर्ट पर घरेलू यात्रियों को आगमन पर एयरोब्रिज के लिए समर्पित रास्ता मुहैया करवाने के काम को मंजूरी मिल चुकी है। इसमें 15 दिन तक टेंडर लगाकर छह महीने तक यह काम पूरा किया जाएगा। वर्तमान में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आने पर घरेलू यात्री एयरोब्रिज का इस्तेमाल नहीं कर पाते थे। इसके अलावा एयरपोर्ट की वर्तमान स्थिति और भविष्य में होने जा रहे विकास को लेकर डायरेक्टर भूपेंद्र सिंह से बातचीत करे जानकारी जुटाई गई है। जिसमें दैनिक जागरण के साथ साक्षात्कार में उन्होंने यात्रियों से जुड़े अहम सवालों के जवाब दिए हैं। सवाल : एयरपोर्ट से घरेलू-अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए क्या प्रयास चल रहे हैं? जवबा: एयरपोर्ट टर्मिनल बिल्डिंग की क्षमता 4.1 मिलियन पैसेंजर्स की है। यहां पर 25 एयरक्राफ्ट की एक साथ पार्किंग को लेकर व्यवस्था है। हालांकि रोजमर्रा में सात से आठ की ही पार्किंग हो रही है। यहां पर नार्दर्न इंडिया का सबसे लंबा 3658 मीटर का रनवे है। जीरो विजिबिलिटी में एयरक्राफ्ट की सुरक्षित लैंडिंग के लिए कैट थ्री सिस्टम भी लगा हुआ है। घरेलू कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए अकासा और स्टार एयर एयरलाइंस से बातचीत चल रही है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें बढ़ाने के लिए ब्रिटिश एयरवेज व अन्य के साथ बातचीत की गई है। एयर एशिया की आगे की एक्टिविटी बढ़ाने की कोशिश की है। सवाल : एयरपोर्ट पर पिकअप ड्राप एरिया में वाहन बेतरतीब ढंग से खड़े होते हैं, इसका समाधान कब होगा? जवाब: एयरपोर्ट पर एंट्री में डेडिकेटेड पार्किंग पीछे बनी हुई है। पिकअप-ड्राप एरिया में सिक्योरिटी गार्ड्स भी तैनात करने जा रहे हैं। इनकी ड्यूटी वाहनों की पार्किंग सही ढंग से करवाने की रहेगी। बिल्डिंग के सामने डिवाइडर बनाकर फोर लेन सिस्टम बनाने की योजना है। इसके लिए अप्रूवल ले ली है, इंजीनियरिंग विभाग इस पार काम कर रहा है। इसका टेंडर दो महीने में लगाकर काम पूरा करवाया जाएगा। इससे फोर लेन में वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग रहेगी। सवाल : एयरपोर्ट से कारगो क्षमता के मुताबिक नहीं जाने की क्या वजह है? जवाब: श्री गुरु रामदास अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर नार्थ इंडिया का सबसे बड़ी कारगो सुविधा है। पेरिशेबल आइटम्स को रखने का भी बंदोबस्त है। यहां पर कारगो के लिए काफी क्षमता है। उज्बेकिस्तान के लिए कारगो भेजने के लिए कोशिश की थी, जिसे मंजूरी भी दे गई थी। इसमें कस्टम की कुछ औपचारिकताओं के कारण क्लीयरेंस की कार्रवाई चल रही है। यहां मीट आिद एक्सपोर्ट होगा। सीआइआइ के साथ कस्टम के साथ बैठकें की हैं, ताकि कारगो का काम बढ़ाया जा सके। घरेलू कारगो का सिक्योरिटी क्लीयरेंस पेंडिंग है, जैसे ही यह क्लीयर होगा तो फायदा मिलेगा। सवाल : एयरपोर्ट के इमिग्रेशन काउंटरों पर भीड़ रहने-एयरलाइंस के प्रबंधों में खामियों को लेकर कई बार इंटरनेट मीडिया पर वीडियो वायरल हो चुके हैं, इसमें क्या कोई सुधार हुआ है? जवाब: ऐसे मामलों में काफी सुधार हुआ है। एयरलाइंस के साथ हर माह पैसेंजर्स फेसिलिटेशन को लेकर बैठक कर रहे हैं। उनको कमियां दूर करने को कहा है। स्टाफ के व्यवहार और इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर हिदायतें दी हैं। एयरपोर्ट पर कुल 10 इमिग्रेशन काउंटर हैं। पेपर लेस डिगी यात्रा भी शुरू हुई है। वहीं, देश-विदेश से आने वाले पैसेंजर्स को फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन ट्रस्टेटिड ट्रेवलर प्रोग्राम की सुविधा भी दी हुई है। इस आनलाइन सिस्टम में भी तुरंत फेस स्कैन करके इमिग्रेशन क्लीयर कर सकते हैं। सवाल : भारत-पाक तनाव के कारण एयरपोर्ट कुछ दिन तक बंद रहा था, इसमें कई उड़ानें बंद हुईं थी। इनमें से कितनी दोबारा बहाल हुई हैं? जवाब: भारत-पाकिस्तान तनाव के बाद सभी फ्लाइट बहाल हो गई हैं। समर शेड्यूल में ट्रैफिक कम रहता है। आपरेशन सिंदूर के कारण पाकिस्तान एयर स्पेस बंद होने से अमृतसर को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है। अंतरराष्ट्रीय उड़ानें यहीं से गल्फ कंट्री में कम समय में पहुंच जाती थी। अब ईरान-अमेरिका-इजरायल युद्ध के कारण भी लंबा रूट पड़ रहा है। ईरान स्पेस बंद होने से यूरोप और गल्फ जाने का रूट काफी लंबा हुआ है। सवाल: एयरपोर्ट पर कर्मशियल गतिविधि के लिए माल बनाने की भी योजना थी, इसमें क्या अपडेट है? जवाब: एयरपोर्ट पर सिटी साइड 27 एकड़ जमीन मौजूद है। इसे अलग-अलग गतिविधियों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। अमृतसर में डेस्टिनेशन मैरिज का काफी प्रचलन है। इसमें मैरिज पैलेस, कामर्शियल हब, बिजनेस टू बिजनेस के लिए प्रस्ताव बनाकर हेडक्वार्टर में बिजनेस डेवलपमेंट यूनिट को भेजा है। इसमें आगे का फैसला वहीं से होना है।

फराज को मिला था युवाओं का ब्रेनवॉश करने का टास्क, ATS ने आतंक मॉड्यूल के तीसरे आरोपी को दबोचा

भोपाल/अलवर एमपी एटीएस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आतंकी साजिश से जुड़े मामले में तीसरे आरोपी शाकिर मेव को गिरफ्तार किया है। उसे राजस्थान के अलवर जिले के टप्पुकरा थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। शाकिर मेव सेकंड हेड कमांडर की भूमिका में था और साजिश में अहम भूमिका निभाता था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर 20 जून तक रिमांड पर लिया है। दूसरी ओर, भोपाल के काजी कैंप से गिरफ्तार मोहम्मद फराज उर्फ खालिद सैफुल्लाह से पूछताछ में जांच एजेंसियों को चौंकाने वाले इनपुट मिले हैं। सूत्रों के मुताबिक उसे कथित तौर पर पाकिस्तानी हैंडलर्स ने मध्यप्रदेश में नेटवर्क खड़ा करने, गरीब और बैचलर युवकों का ब्रेनवॉश करने और सोशल मीडिया के जरिए कट्टरपंथी सोच फैलाने का टास्क सौंप रखा था। जांच में यह भी सामने आया है कि उसे “लश्कर कमांडर” के नाम से नई पहचान दी गई थी, जिसके जरिए वह सोशल मीडिया नेटवर्क को बढ़ाने और युवाओं को जोड़ने की कोशिश कर रहा था। यह पहचान उसके साथी नईम अब्दुल्ला ने उपलब्ध कराई थी। दोनों को रिमांड पर लेकर अलग-अलग और आमने-सामने बैठाकर पूछताछ की जा रही है। जांच में पाकिस्तानी संपर्क, डिजिटल नेटवर्क, टारगेट किलिंग की साजिश और फंडिंग से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल हो रही है। टेलीग्राम-वाट्सएप ग्रुप से युवाओं को जोड़ने की कोशिश शुरुआती जांच में सामने आया है कि टेलीग्राम और वाट्सएप ग्रुप्स के जरिए युवाओं को जोड़ने की कोशिश की जा रही थी। फराज सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए युवाओं को जोड़ने और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़े वीडियो साझा करने के लिए ग्रुप बनाता था। वह पिछले करीब चार वर्षों से डिजिटल गतिविधियों में सक्रिय था। अब एटीएस डिजिटल गतिविधियों, विदेशी फंडिंग और पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही है। फराज का साथी नईम देवबंद से गिरफ्तार इधर, फराज की निशानदेही पर उसके साथी नईम अब्दुल्ला को देवबंद से शनिवार को गिरफ्तार किया गया। देवबंद से गिरफ्तारी को जांच में अहम कड़ी माना जा रहा है क्योंकि इससे नेटवर्क के कनेक्शन और लिंक की दिशा स्पष्ट हो रही है। दोनों को अदालत में पेश करने के बाद 16 जून तक रिमांड पर भेजा गया है। फराज को एटीएस ने हिरासत में लिया था गुरुवार तड़के करीब 3:30 बजे काजी कैंप स्थित घर पर एटीएस की टीम ने दबिश दी थी। कार्रवाई पूरी तरह गोपनीय रखी गई थी। करीब 12 अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम में तीन महिला पुलिसकर्मी भी शामिल थीं। टीम ने पहले घर को चारों तरफ से घेर लिया, फिर छत के रास्ते अंदर पहुंचकर फराज को हिरासत में लिया। डॉक्टर के क्लिनिक पर काम करता था फराज जांच एजेंसियों के मुताबिक फराज मोहल्ले में ही एक डॉक्टर के क्लीनिक पर काम करता था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसने देवबंद में रहकर धार्मिक शिक्षा ली थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात सहारनपुर निवासी नईम अब्दुल्ला से हुई थी। नईम के जरिए फराज का संपर्क कथित रूप से विदेशी हैंडलर्स से हुआ। जांच एजेंसी को आशंका है कि दोनों के माध्यम से एक नेटवर्क तैयार करने की कोशिश की जा रही थी। अब एजेंसियां यह पता लगा रही हैं कि इस नेटवर्क से प्रदेश में कितने लोग जुड़े थे। मोबाइल और सोशल मीडिया अकाउंट की जांच फराज का मोबाइल जब्त कर फॉरेंसिक जांच की जा रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि मोबाइल डेटा से उसके संपर्कों, गतिविधियों और कथित फंडिंग नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में अहम जानकारी मिल सकती है। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की भी जांच जारी है। पूछताछ में सामने आया है कि फराज चार वर्षों से टेलीग्राम और वाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर कई ग्रुप्स से जुड़ा हुआ था। एजेंसियां उसके मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही हैं। उसके संपर्कों की सूची तैयार की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क तक पहुंचा जा सके। उसके मोबाइल की CDR भी खंगाली जा रही है। विदेशी फंडिंग की हो रही जांच फराज ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसके पिता बैटरी रिपेयरिंग का काम करते हैं। परिवार में वह इकलौता लड़का है। बताया गया है कि पाकिस्तानी हैंडलर्स उसे गरीब तबके के युवाओं को जोड़ने और मिशन आगे बढ़ाने की सलाह देते थे। एटीएस उसके बैंकिंग रिकॉर्ड्स भी खंगाल रही है ताकि विदेशी फंडिंग का खुलासा हो सके।