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मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल के साथ सिंहस्थ : 2028 के दृष्टिगत नवीन घाट निर्माण कार्य का किया अवलोकन

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने सिंहस्थ : 2028 में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शनि मंदिर त्रिवेणी क्षेत्र में 778 करोड़ रुपए राशि की लागत से किए जा रहे 29.15 किमी लंबे नवीन घाट निर्माण कार्य की प्रगति का अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घाट निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा कर अधिकारियों को कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सिंहस्थ : 2028 को भव्य, दिव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है। इससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं का सिंहस्थ अनुभव सनातन संस्कृति के वैभव के अनुरूप हो। अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा ने नवीन घाट निर्माण कार्य की विस्तार से जानकारी दी। एसीएस डॉ. राजौरा ने बताया कि 29.15 किमी नवीन घाट का निर्माण 778 करोड़ रुपए राशि से किया जा रहा है। नवीन घाटों पर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए 150 से अधिक स्थान चिन्हित किए गए हैं। नवीन घाट निर्माण कार्य अंतर्गत 18.20 किमी लंबी रिटेनिंग वॉल का निर्माण किया जा चुका है। लगभग 7 किमी नवीन घाट निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शेष कार्य तेजी से प्रगतिरत है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल, नगरीय आवास एवं विकास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने शनि मंदिर त्रिवेणी क्षेत्र में नीम, रुद्राक्ष, पीपल के पौधे रोप कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता हे कि प्रदेश वनों से आच्छादित रहे। कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट प्रोजेक्ट का किया निरीक्षण, टनल मे उतर कर देखी गुणवत्ता मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा केन्द्रीय मंत्री मनोहर लाल ने कान्ह डायवर्शन क्लोज डक्ट प्रोजेक्ट का भी निरीक्षण किया। परियोजना के टनल भाग में उतरकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने चिंतामन जवासिया गांव के समीप स्थित शाफ्ट नंबर-2 पर फेज नंबर-3 के कार्य की विस्तृत जानकारी ली। एसीएस डॉ. राजेश राजौरा द्वारा योजना की जानकारी दी गई। टनल पहुंच एवं रखरखाव संबंधी तकनीकी पहलुओं की जानकारी भी दी गई। परियोजना का मुख्य उद्देश्य कान्ह नदी के दूषित जल को शहर में शिप्रा नदी के प्रमुख घाटों एवं तीर्थ स्थलों में मिलने से रोकना है, जिससे शिप्रा नदी का जल स्वच्छ बना रहे। परियोजना के अंतर्गत ग्राम जमालपुरा, तहसील उज्जैन में कान्ह नदी पर एक बैराज का निर्माण किया जा रहा है, जिससे दूषित जल को क्लोज डक्ट के माध्यम से 30.15 किमी दूर गम्भीर बांध के डाउन स्ट्रीम में छोड़ा जाएगा। परियोजना की लागत 919.94 करोड़ रुपए है। इसकी कुल लंबाई 30.15 किमी (कट एंड कवर डक्ट: 18.15 किमी + टनल: 12.00 किमी) है। टनल भाग में 4 शाफ्टों का निर्माण पहुंच एवं सफाई तथा रखरखाव के लिए किया गया है। डक्ट का डी-आकार का क्रॉस सेक्शन, अधिकतम 40 क्यूसेक दूषित जल की निकासी क्षमता रखता है। परियोजना को आगामी 25 वर्ष तक की जनसंख्या वृद्धि को ध्यान में रखते हुए डिजाइन किया गया है। निर्माण पूर्ण होने के बाद आगामी 15 वर्ष तक संचालन एवं संधारण का प्रावधान है। वर्तमान में बैराज का निर्माण कार्य प्रगति पर है तथा हेड रेगुलेटर का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। कट एंड कवर भाग की कुल 18.15 किमी लंबाई में से 4.50 किमी में प्री-कास्ट सेगमेंट्स का लेइंग कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य प्रगति पर है। 18.15 किमी में से 10.30 किमी लंबाई में लेइंग करने योग्य प्री-कास्ट सेगमेंट्स तैयार किए जा चुके हैं। टनल भाग के निर्माण के लिये चारों शाफ्टों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। टनल की कुल 12 किमी लंबाई में से 8.15 किमी की खुदाई कार्य पूर्ण हो चुका है, शेष कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री एवं केन्द्रीय मंत्री ने परियोजना से जुड़े अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की और कार्य की गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। अवलोकन एवं भ्रमण के समय महापौर मुकेश टटवाल, नगर निगम सभापतिमती कलावती यादव, सांसद अनिल फिरोजिया, विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष रवि सोलंकी, अपर मुख्य सचिव संजय दुबे, संभागायुक्त आशीष सिंह, एडीजी राकेश गुप्ता, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, पुलिस अधीक्षक प्रदीप शर्मा, नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा, एडीएम अत्येंद्र सिंह गुर्जर सहित प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।  

योग : स्वस्थ मानवता, संतुलित प्रकृति और सतत भविष्य का आधार- राजेन्द्र शुक्ल

भोपाल  भारत की प्राचीन सांस्कृतिक परंपरा ने विश्व को सदैव जीवन जीने की दिशा दी है। "वसुधैव कुटुम्बकम्" का भाव केवल एक दर्शन नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण का मार्ग है। इसी परंपरा का अमूल्य उपहार है — योग। आज योग केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि सम्पूर्ण विश्व में स्वस्थ, संतुलित और शांतिपूर्ण जीवन का माध्यम बन चुका है। माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में संयुक्त राष्ट्र द्वारा 21 जून को "अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस" के रूप में मान्यता मिलना भारत की सांस्कृतिक शक्ति और आध्यात्मिक विरासत की वैश्विक स्वीकार्यता का प्रतीक है। यह केवल एक दिवस की औपचारिकता नहीं, बल्कि मानवता को बेहतर भविष्य देने का वैश्विक अभियान है। प्रधानमंत्री जी ने योग को जन-जन तक पहुँचाकर उसे आधुनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाया है। आज विश्व के करोड़ों लोग योग को स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति के लिए अपना रहे हैं। योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का समग्र विज्ञान आज जब दुनिया जलवायु परिवर्तन, असंतुलित जीवनशैली, मानसिक तनाव और बढ़ती बीमारियों जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है, तब योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन का समग्र विज्ञान बनकर सामने आता है। योग हमें यह सिखाता है कि जीवन केवल उपभोग का नाम नहीं है। भविष्य केवल संसाधनों के दोहन से सुरक्षित नहीं होगा। सतत विकास का अर्थ है — संसाधनों का सजग, संवेदनशील और विवेकपूर्ण उपयोग। प्रकृति का सम्मान और शरीर का सम्मान — दोनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जिस प्रकार प्रकृति के संतुलन को बनाए रखना आवश्यक है, उसी प्रकार अपने शरीर और मन के संतुलन को बनाए रखना भी उतना ही आवश्यक है। योग हमें यही संतुलन सिखाता है। यही कारण है कि प्रधानमंत्री मोदी जी द्वारा दिए गए "Lifestyle for Environment (LiFE)" के मंत्र और योग का दर्शन एक-दूसरे के पूरक हैं। LiFE हमें जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा देता है और योग उस जीवनशैली को व्यवहार में उतारने की शक्ति देता है।  मानवता का भविष्य उपभोग में नहीं, संयमित और सजग जीवन में निहित आज दुनिया में संसाधनों की प्रतिस्पर्धा बढ़ रही है, लेकिन मानवता का भविष्य केवल अधिक उपभोग में नहीं, बल्कि संयमित और सजग जीवन में निहित है। योग हमें भीतर से अनुशासित बनाता है। यह हमें सिखाता है कि सुख केवल भौतिक उपलब्धियों से नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति से प्राप्त होता है। प्रधानमंत्री जी द्वारा दिए गए "पंच प्रण" के संकल्पों में विकसित भारत का निर्माण, गुलामी की मानसिकता से मुक्ति, विरासत पर गर्व, एकता और नागरिक कर्तव्य का भाव — इन सभी का आधार स्वस्थ और जागरूक नागरिक ही हो सकते हैं। योग इस दिशा में सबसे प्रभावी माध्यम है। जब व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होगा, तभी वह राष्ट्र निर्माण में अपनी सर्वोत्तम भूमिका निभा सकेगा। "फिट इंडिया मूवमेंट" भी इसी सोच का विस्तार है। स्वस्थ भारत ही सक्षम भारत बन सकता है। आज स्वास्थ्य का अर्थ केवल अस्पताल और उपचार नहीं रह गया है। आधुनिक स्वास्थ्य व्यवस्था का केंद्र अब "Preventive Healthcare" यानी रोगों की रोकथाम बन रहा है। यदि हम अपनी जीवनशैली को संतुलित रखें, नियमित योग करें, मानसिक तनाव को नियंत्रित करें और प्रकृति के अनुरूप जीवन जिएँ, तो अनेक बीमारियों से बचा जा सकता है। मध्यप्रदेश में सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को केवल उपचार तक सीमित नहीं रख रही है, बल्कि लोगों को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर रही है। योग, आयुष, पोषण, मानसिक स्वास्थ्य और जन-जागरूकता को हम स्वास्थ्य नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बना रहे हैं। हमारा प्रयास है कि नागरिक लंबे जीवन के साथ स्वस्थ, सक्रिय और गरिमापूर्ण जीवन जिएँ। आज विश्व के सामने एक बड़ी चुनौती "मानसिक स्वास्थ्य" भी है। आधुनिक जीवन में भौतिक सुविधाएँ बढ़ी हैं, लेकिन मानसिक शांति कम होती जा रही है। चारों ओर तनाव, प्रतिस्पर्धा, असुरक्षा और असंतुलन दिखाई देता है। ऐसे समय में योग हमें भीतर से जोड़ने का माध्यम बनता है। योग केवल शरीर को स्वस्थ और सशक्त बनाने का अभ्यास नहीं है, बल्कि यह मन, बुद्धि और आत्मा के बीच सामंजस्य स्थापित करने की प्रक्रिया है। जब व्यक्ति स्वयं के भीतर स्थिर होता है, तभी वह समाज और प्रकृति के प्रति संवेदनशील बनता है। योग हमें प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि संतुलित दृष्टि सिखाता है। यह हमें बाहरी अराजकता के बीच भी भीतर की शांति खोजने की क्षमता देता है। यही कारण है कि आज योग की आवश्यकता केवल भारत को नहीं, सम्पूर्ण विश्व को है। जलवायु परिवर्तन के इस दौर में भी योग की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। बढ़ता प्रदूषण, असंतुलित खान-पान, निष्क्रिय जीवनशैली और मानसिक तनाव मानव शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को प्रभावित कर रहे हैं। योग शरीर की प्राकृतिक प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करता है। यह व्यक्ति को शारीरिक रूप से सक्षम, मानसिक रूप से संतुलित और भावनात्मक रूप से स्थिर बनाता है। स्वस्थ मानव संसाधन ही किसी राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। केवल आर्थिक संसाधन किसी देश को महान नहीं बनाते। यदि नागरिक स्वस्थ, जागरूक, अनुशासित और सकारात्मक होंगे, तभी राष्ट्र दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। इसलिए योग केवल व्यक्तिगत अभ्यास नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का भी माध्यम है। आज आवश्यकता है कि हम योग को एक दिवस तक सीमित न रखें, बल्कि उसे दैनिक जीवन का हिस्सा बनाएँ। बच्चों से लेकर युवाओं और वरिष्ठ नागरिकों तक, हर आयु वर्ग के लिए योग उपयोगी है। विशेष रूप से वृद्धजन स्वास्थ्य और जेरियाट्रिक केयर के संदर्भ में योग की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्वस्थ और शांतिपूर्ण वृद्धावस्था केवल चिकित्सा से नहीं, बल्कि संतुलित जीवनशैली से संभव है। योग वरिष्ठ नागरिकों को सक्रिय, आत्मनिर्भर और मानसिक रूप से सकारात्मक बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। भारत ने सदैव विश्व को केवल विचार नहीं, बल्कि जीवन का मार्ग दिया है। योग उसी मार्ग का प्रकाश है। यह शरीर, मन, समाज और प्रकृति — सभी के बीच संतुलन स्थापित करने की प्रक्रिया है। यदि मानवता को स्वस्थ, शांतिपूर्ण और सतत भविष्य की ओर बढ़ना है, तो योग को जीवन का हिस्सा बनाना ही होगा। आइए, हम सब योग को केवल अभ्यास नहीं, बल्कि जीवन दर्शन के रूप में अपनाएँ और स्वस्थ मानवता, संतुलित प्रकृति तथा विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएँ।  

68 श्रद्धालु करेंगे पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन

कुरुक्षेत्र  हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी द्वारा महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर पाकिस्तान धार्मिक यात्रा के लिए एक जत्था रवाना किया गया। इस जत्थे को हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी कुरुक्षेत्र के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा, मैंबर हरमनप्रीत सिंह, मैंबर इंद्रजीत सिंह, मैंबर बीबी जसबीर कौर मसाना और सुखजिंदर सिंह मसाना ने कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिब पातशाही छठी से रवाना किया। इस दौरान हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के अतिरिक्त सचिव राजपाल सिंह दुनिया माजरा पीए, एडिशनल सेक्रेटरी सतपाल सिंह डाचर, उप सचिव धर्म प्रचार अमरिंदर सिंह, प्रधान साहब के निजी सचिव शमशेर सिंह, मैनेजर हरमीत सिंह, सहायक सुपरवाइजर रघुवीर और बीबी गुरप्रीत कौर सहित अन्य स्टाफ मौजूद रहा। बागा बॉर्डर से पाकिस्तान में प्रवेश करेगा हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा ने पाकिस्तान धार्मिक यात्रा पर जा रहे जत्थे को शुभकामनाएं दी। उन्होंने बताया कि इस बार 68 लोगों का वीजा आया है। उन्होंने बताया कि यह जत्था आज श्री दरबार साहिब श्री अमृतसर साहिब में रात्रि विश्राम के बाद 21 जून को बागा बॉर्डर से पाकिस्तान में प्रवेश करेगा। पाकिस्तान में सुशोभित गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करने के बाद यह जत्था 30 जून को बागा बॉर्डर से ही वापिस भारत आएगा। उन्होंने बताया कि यह जत्था गुरुद्वारा श्री करतारपुर साहिब, गुरुद्वारा डेरा साहब, गुरुद्वारा पंजा साहिब सहित अन्य गुरुद्वारा साहिबान के दर्शन करेंगे। शस्त्र खालसा का अंग पत्रकारों द्वारा पूछे गए सवाल पर हरियाणा कमेटी के प्रधान ने कहा कि श्री हेमकुंठ साहिब की यात्रा पर जाने वाली संगत को रोकना दुर्भाग्यपूर्ण है। संगत के साथ गलत व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग हरियाणा कमेटी द्वारा संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशक से की गई है। एक अन्य सवाल का जवाब देते हुए हरियाणा कमेटी के प्रधान ने कहा शस्त्र खालसा का अंग है इसके बिना खालसा अधूरा है इसलिए शस्त्र को खालसा से अलग नहीं किया जा सकता। श्री गुरु अर्जुन देव महाराज की शहीदी गुरु पर्व पर हरियाणा से भेजे गए जत्थे का वापस आने पर हरियाणा सिख गुरुद्वारा मैनेजमेंट कमेटी के प्रधान जत्थेदार जगदीश सिंह झीडा ने दुख जताया। उन्होंने कहा कि संगत बिना दर्शन के ही वापिस आ गई, जिसका उन्हें बहुत दुख है।  

ड्रोन पायलट प्रशिक्षण हेतु महिला कृषकों का दल जशपुर से रायपुर रवाना

रायपुर  कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीकों के उपयोग को बढ़ावा देने तथा महिला किसानों को तकनीकी रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत ‘ड्रोन दीदी अभियान’ अंतर्गत महिला कृषकों का 5 सदस्यीय दल ड्रोन पायलट प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए रायपुर रवाना हुआ। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज कुनकुरी स्थित कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र परिसर से दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि कृषि क्षेत्र में तकनीक का समावेश समय की आवश्यकता है और ड्रोन तकनीक खेती-किसानी को अधिक वैज्ञानिक, प्रभावी और लाभकारी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ केवल प्रशिक्षण कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी मातृशक्ति आज हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का परिचय दे रही है। कृषि क्षेत्र में भी महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण प्राप्त कर महिलाएं न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनेंगी, बल्कि अपने गांवों और क्षेत्रों के अन्य किसानों को भी नई तकनीकों से जोड़ने में अग्रणी भूमिका निभाएंगी। खेती को मिलेगा आधुनिक तकनीक का लाभ मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ड्रोन तकनीक के माध्यम से फसलों पर उर्वरक एवं कीटनाशकों का छिड़काव कम समय में अधिक सटीकता और प्रभावशीलता के साथ किया जा सकता है। इससे समय, श्रम और लागत की बचत होने के साथ-साथ कृषि उत्पादन की गुणवत्ता और उत्पादकता में भी वृद्धि होती है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कृषि को आधुनिक तकनीकों से जोड़ने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। ड्रोन जैसी नवीन तकनीकों के उपयोग से खेती अधिक सुविधाजनक, टिकाऊ और लाभकारी बन रही है। महिलाओं को मिलेगा तकनीकी प्रशिक्षण और स्वरोजगार का अवसर ड्रोन दीदी अभियान के अंतर्गत महिला किसानों को ड्रोन संचालन, रखरखाव, सुरक्षा मानकों तथा कृषि कार्यों में ड्रोन के उपयोग संबंधी व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद ये महिलाएं ड्रोन पायलट के रूप में कार्य करने के साथ-साथ अन्य किसानों को भी तकनीक आधारित कृषि पद्धतियों के उपयोग के लिए प्रेरित करेंगी। इस पहल से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे तथा ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीक आधारित कृषि सेवाओं का विस्तार होगा। प्रशिक्षित महिलाएं कृषि कार्यों में ड्रोन सेवाएं उपलब्ध कराकर अतिरिक्त आय अर्जित कर सकेंगी। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के बिना ग्रामीण विकास और विकसित कृषि व्यवस्था की कल्पना अधूरी है। ड्रोन दीदी अभियान महिला सशक्तिकरण, आधुनिक कृषि और ग्रामीण आजीविका संवर्धन के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभर रहा है। उल्लेखनीय है कि ‘ड्रोन दीदी अभियान’ का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें कृषि क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। यह पहल ‘तकनीक से सशक्त महिला, समृद्ध किसान और विकसित कृषि’ के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

राष्ट्रपतिमुर्मु रानी दुर्गावति विश्वविद्यालय के 36वें दीक्षांत समारोह में रविवार को होगी शामिल

भोपाल राष्ट्रपतिदौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस राज्य स्तरीय कार्यक्रम रविवार 21 जून को जबलपुर में सदर स्थित गैरिसन ग्राउंड में सुबह 6 बजे से आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम "स्वस्थ आयु के लिये योग" की थीम पर आयोजित किया जा रहे सामूहिक योग में लगभग 5 हजार नागरिकों की सहभागिता होगी। साथ ही 31 स्कूलों के लगभग 3 हजार 400 छात्र-छात्राएं भी शामिल रहेंगे। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, उप मुख्यमंत्री जगदीश देवडा़, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद सिंह पटेल लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार शामिल होंगे।  प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर संयुक्त राष्ट्र संघ ने 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया है। इस वर्ष योग दिवस "स्वस्थ आयु के लिए योग" की अवधारणा को समर्पित है। आज पूरे विश्व में योग के लिये एक अदभुत वातावरण बना है। पूरा विश्व आज योग कर रहा है। भारतवर्ष के नागरिकों के लिये गौरव का क्षण है। योग का विधिवत विज्ञान यहाँ सुरक्षित है। योग दर्शन की विरासत से आज पूरा विश्व समाज लाभान्वित हो रहा है। नई पीढी इस अलौकिक समय के साक्षी बन रही हैं। हम आज गौरव और आनंद से भरे हैं। योग धर्म, जाति और रंग की सीमाओं से परे है। भारत का गौरव बढाने वाला क्षण तो है ही बल्कि पूरे विश्व को परम चेतना के प्रति जाग्रत करने का क्रांतिकारी कदम भी है। रविवार को होगा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय का 36वां दीक्षांत समारोह रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर का 36वां दीक्षांत समारोह 21 जून को राष्ट्रपतिद्रौपदी मुर्मु के मुख्य आतिथ्य में ऐतिहासिक एवं भव्य स्वरूप में आयोजित किया जायेगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता राज्यपाल पटेल करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव तथा उच्च शिक्षा मंत्री परमार विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगे। 141 विद्यार्थियों को मिलेंगे 240 स्वर्ण पदक दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय के 141 मेधावी विद्यार्थियों को 240 स्वर्ण पदक प्रदान किए जाएंगे। राष्ट्रपतिमुर्मु चयनित विद्यार्थियों को 20 स्वर्ण पदक प्रदान करेंगी। 182 शोधार्थियों को मिलेगी पीएचडी सहित विभिन्न उपाधियां समारोह में 182 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त 3 विद्वानों को डी-लिट, एक को डीएससी तथा एक विशिष्ट व्यक्तित्व को मानद उपाधि प्रदान किए जाने का प्रस्ताव है। विभिन्न संकायों के पात्र विद्यार्थियों को स्नातक एवं स्नातकोत्तर उपाधियां भी प्रदान की जाएंगी। राष्ट्रपति सहित विशिष्ट अतिथियों के साथ ग्रुप फोटो रहेगा विशेष आकर्षण दीक्षांत समारोह का एक विशेष आकर्षण स्वर्ण पदक धारकों एवं उपाधि प्राप्तकर्ताओं का राष्ट्रपति, राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा उच्च शिक्षा मंत्री के साथ ग्रुप फोटो होगा। यह अवसर विद्यार्थियों के लिए जीवनभर की अमूल्य स्मृति बनेगा।  

रेलवे का बड़ा फैसला: धनबाद और डालटनगंज के लिए विशेष ट्रेनें

 रांची  नीट-यूजी परीक्षा को लेकर रेलवे ने परीक्षार्थियों को बड़ी राहत दी है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों और ट्रेनों में बढ़ती भीड़ को देखते हुए रांची से धनबाद तथा डालटनगंज के लिए दो विशेष अनारक्षित ट्रेनों के परिचालन का निर्णय लिया गया है। दोनों ट्रेनें 21 जून, रविवार को एक तरफा चलाई जाएंगी। रेलवे के अनुसार ट्रेन संख्या 08603 रांची-धनबाद विशेष ट्रेन शाम 6:30 बजे रांची से खुलेगी। यह ट्रेन मूरी, झालिदा, कोटशिला, बोकारो स्टील सिटी, चंद्रपुरा, फुलवारटांड़ और कतरासगढ़ स्टेशन पर रुकते हुए रात 11:05 बजे धनबाद पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल 12 मेमू डिब्बे लगाए जाएंगे। वहीं ट्रेन संख्या 08631 रांची-डालटनगंज विशेष ट्रेन शाम 7:15 बजे रांची से प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन पिस्का, टांगरबंसली, नगजुआ, लोहरदगा, बड़कीचांपी, बोदाग्राम, टोरी, लातेहार, छीपादोहर और बरवाडीह स्टेशन पर ठहराव लेते हुए रात 11:15 बजे डालटनगंज पहुंचेगी। इस ट्रेन में कुल आठ डिब्बे लगाए जाएंगे, जिनमें दो एसएलआरडी तथा छह सामान्य श्रेणी के डिब्बे शामिल हैं। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने और परीक्षार्थियों को समय पर गंतव्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से इन विशेष ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है।

ट्रंप बोले इजरायल के साथ मजबूत साझेदारी, लेकिन नेतन्याहू को रखना होगा “संतुलित”

 वाशिंगटन  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने शनिवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की तारीफ करते हुए उन्हें योद्धा पीएम कहा है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब लेबनान में इजरायली सैन्य अभियानों को लेकर दोनों नेताओं के बीच गंभीर मतभेद और तनाव की खबरें सामने आ रही हैं। वाशिंगटन के पास कतर द्वारा उपहार में दिए गए एक नए एयर फोर्स वन विमान का अनावरण करने के बाद बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और इजरायल ने ईरान के खिलाफ बहुत अच्छी तरह से लड़ाई लड़ी। वह 28 फरवरी को शुरू हुए उस युद्ध का जिक्र कर रहे थे जिसे दोनों देशों ने मिलकर शुरू किया था। ट्रंप ने कहा कि जाहिर है कि हमने इजरायल के साथ मिलकर बहुत अच्छी लड़ाई लड़ी और इजरायल के साथ हमारे बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। हम बहुत मजबूत थे। और बीबी नेतन्याहू एक योद्धा प्रधानमंत्री हैं, और उन्हें इसी रूप में पहचाना जाना चाहिए। उन्हें इसका पूरा श्रेय दिया जाना चाहिए। ट्रंप की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब इजरायली प्रधानमंत्री पर लेबनान में युद्ध जारी रखने के लिए भारी राजनीतिक दबाव बना हुआ है। थोड़ा संतुलित रखने की कोशिश एक्सिओस न्यूज आउटलेट के अनुसार, एक अलग साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू के साथ उनके मजबूत लेकिन बेहद नियंत्रित संबंध हैं। उन्होंने को बताया कि यह अच्छा है, लेकिन हमें उन्हें थोड़ा संतुलित रखना पड़ता है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इस क्षेत्र में इजरायली सैन्य कार्रवाइयों, विशेष रूप से लेबनान पर संभावित हमलों को प्रभावित कर सकते हैं, तो उन्होंने कहा कि वह ऐसे निर्णयों पर नियंत्रण रखने में पूरी तरह सक्षम होंगे। ट्रंप ने कहा कि हां, मैं ऐसा कर सकूंगा। मेरा मतलब है, वे मेरा बहुत सम्मान करते हैं, और वे वही करते हैं जो मैं कहता हूं। ट्रंप ने नेतन्याहू पर निकाला था गुस्सा इससे पहले ट्रंप ने ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने के समझौते के बावजूद, लेबनान में ईरान समर्थित हिजबुल्लाह के खिलाफ इजरायल के अभियान पर गहरी निराशा व्यक्त की थी। इस महीने की शुरुआत में एक फोन कॉल के दौरान ट्रंप ने नेतन्याहू पर जमकर भड़ास भी निकाली थी। एक्सिओस की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून को जब इजरायल के लेबनान पर हमलों के कारण ईरान ने कथित तौर पर शांति वार्ता रोक दी थी, तब ट्रंप ने फोन पर नेतन्याहू पर चिल्लाते हुए कहा था कि तुम बिल्कुल पागल हो गए हो। अगर मैं नहीं होता तो तुम जेल में होते। मैं तुम्हें बचा रहा हूं। अब हर कोई तुमसे नफरत करता है। इस वजह से हर कोई इजरायल से नफरत कर रहा है। अमेरिकी खुफिया एजेंसियों की चेतावनी द वाशिंगटन पोस्ट ने मौजूदा और पूर्व अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से अपनी रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी खुफिया एजेंसियों ने ट्रंप प्रशासन को चेतावनी दी है कि बेंजामिन नेतन्याहू ऐसे कदम उठा सकते हैं जिससे ईरान के साथ हुआ शांति समझौता कमजोर हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, खुफिया रिपोर्टों से पता चलता है कि इजरायल हिजबुल्लाह के खिलाफ अपना सैन्य अभियान जारी रखने का इरादा रखता है। नई खुफिया जानकारी से परिचित एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया है कि इस साल के अंत में इजरायल में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों के कारण नेतन्याहू की राजनीतिक नैया इस बात पर निर्भर करती है कि वह अपनी घरेलू जनता को यह दिखाएं कि वह लेबनान से सेना वापस नहीं बुलाएंगे और हिजबुल्लाह के साथ लड़ाई तेज करने का इरादा रखते हैं। रिपोर्ट में ट्रंप के शांति ज्ञापन की शर्तों पर इजरायल की हताशा का भी वर्णन किया गया है। इजरायल और हिजबुल्लाह युद्धविराम पर सहमत लेबनान में दोनों पक्षों के बीच हुए घातक हमलों के बाद शुक्रवार को इजरायल और हिजबुल्लाह युद्धविराम पर सहमत हो गए। इन हमलों ने ईरान युद्ध को समाप्त करने वाले डोनाल्ड ट्रंप के शांति समझौते को उस पर हस्ताक्षर होने के दो दिन से भी कम समय में मुश्किल में डाल दिया था। एक अमेरिकी अधिकारी ने समाचार एजेंसी एएफपी को बताया कि इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच यह संघर्ष विराम अमेरिका और कतर के मध्यस्थों द्वारा इजरायल और ईरान के साथ की गई वार्ता के बाद सुनिश्चित कराया गया है। अमेरिका में इजरायल के राजदूत येहिएल लेटर ने कहा कि इजरायल लेबनान में तत्काल युद्धविराम के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन केवल तभी जब हिजबुल्लाह समझौते का सम्मान करेगा और अपनी शत्रुता को समाप्त करेगा। दोनों पक्ष पहले अप्रैल में भी एक युद्धविराम पर सहमत हुए थे लेकिन उन्होंने एक-दूसरे पर हमले बंद नहीं किए थे। इस बीच, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची कथित तौर पर आगे की वार्ता के लिए स्विट्जरलैंड की ओर जा रहे हैं।  

अयोध्या राम मंदिर फंड गड़बड़ी की जांच में 9 पेनड्राइव में सबूत सुरक्षित, कई नए नाम आए सामने

अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच जारी है। शुक्रवार को जांच का पांच दिन था। एसआईटी के अधिकारियों ने प्रारम्भिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार की शाम तक एसआईटी प्रारंभित रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है। इसके लिए शुक्रवार को भी देर रात तक अफसर लिखा-पढ़ी में व्यस्त रहे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने 9 पेनड्राइव में जरूरी दस्तावेजों और साक्ष्यों को संकलित कर सुरक्षित किया है। फिलहाल पांचवें दिन से अधिकारियों ने जांच में पूरी सख्ती बरती है और लगातार लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई नये नाम भी शामिल हुए हैं जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान को अर्पित किए गए आभूषणों के इधर-उधर गायब हो जाने के आरोपों से सम्बन्धित लोग प्रमुख रुप से सम्मिलित किए गए हैं। नौ संदिग्धों में दो की खास भूमिका राम मंदिर में चढ़ावे की धांधली के प्रकरण की छानबीन के लिए यहां पहुंची एसआईटी पांच दिन तक आठ से दस घंटे तक के कठिन परिश्रम के बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं खोज पाई कि राम मंदिर में होने वाली घटनाओं को लेकर ट्रस्टियों की चुप्पी क्यों नहीं टूटी। एसआईटी के अधिकारियों ने इस प्रश्न का जवाब जानने के लिए मौखिक पूछताछ के साथ लिखित रूप से भी सवाल जवाब किए फिर भी इसका संतोषजनक जवाब ट्रस्टियों ने नहीं दिया। फिलहाल एसआईटी के सदस्यों की ओर से पड़ताल जारी है। पड़ताल की कड़ी में सभी से अलग-अलग व सामूहिक पूछताछ के साथ ग्रीन हाउस के अलग-अलग कक्ष में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। गणना कार्य में लगे नौ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ में दो व्यक्तियों जिनमें एक गणना प्रभारी भी है, का नाम बार-बार समान रूप से आया है। बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने वालों की सामने आई भूमिका सूत्र बताते हैं कि इन्हीं लोगों की सीसीटीवी कैमरे की निगरानी को पुलिस कंट्रोल रूम से अलग करने में भी भूमिका रही है। इसके अलावा गणना स्थल में आवागमन के दौरान बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने में इन्हीं लोगों की भूमिका सामने आई है। इसके कारण एस आईटी का शिकंजा गणना प्रभारी पर कसता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गणना स्थल में नियुक्त गणना कर्मियों की भर्ती में भी गणना प्रभारी की ओर से संस्तुति की जाती रही। बताया जाता है कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में इन गणना कर्मियों को नियुक्त कराया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय के करीबी व राम मंदिर के सेवादार रामशंकर यादव टिन्नू से लेकर गणना कर्मियों द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद जांच अधिकारी बहुत सतर्कता के साथ छानबीन कर रहे कि संगठित अपराध की कोई सुनियोजित योजना तो नहीं थी अथवा अवसर पाकर षड्यंत्र को अंजाम दिया गया। राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपों की जांच जारी है। शुक्रवार को जांच का पांच दिन था। एसआईटी के अधिकारियों ने प्रारम्भिक रिपोर्ट लगभग तैयार कर ली है। माना जा रहा है कि शनिवार की शाम तक एसआईटी प्रारंभित रिपोर्ट सीएम योगी को सौंप सकती है। इसके लिए शुक्रवार को भी देर रात तक अफसर लिखा-पढ़ी में व्यस्त रहे। बताया जा रहा है कि एसआईटी ने 9 पेनड्राइव में जरूरी दस्तावेजों और साक्ष्यों को संकलित कर सुरक्षित किया है। फिलहाल पांचवें दिन से अधिकारियों ने जांच में पूरी सख्ती बरती है और लगातार लोगों से पूछताछ की है। इस पूछताछ में कई नये नाम भी शामिल हुए हैं जिसमें श्रद्धालुओं के द्वारा भगवान को अर्पित किए गए आभूषणों के इधर-उधर गायब हो जाने के आरोपों से सम्बन्धित लोग प्रमुख रुप से सम्मिलित किए गए हैं। नौ संदिग्धों में दो की खास भूमिका राम मंदिर में चढ़ावे की धांधली के प्रकरण की छानबीन के लिए यहां पहुंची एसआईटी पांच दिन तक आठ से दस घंटे तक के कठिन परिश्रम के बाद भी इस सवाल का जवाब नहीं खोज पाई कि राम मंदिर में होने वाली घटनाओं को लेकर ट्रस्टियों की चुप्पी क्यों नहीं टूटी। एसआईटी के अधिकारियों ने इस प्रश्न का जवाब जानने के लिए मौखिक पूछताछ के साथ लिखित रूप से भी सवाल जवाब किए फिर भी इसका संतोषजनक जवाब ट्रस्टियों ने नहीं दिया। फिलहाल एसआईटी के सदस्यों की ओर से पड़ताल जारी है। पड़ताल की कड़ी में सभी से अलग-अलग व सामूहिक पूछताछ के साथ ग्रीन हाउस के अलग-अलग कक्ष में अलग-अलग अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जा रही है। गणना कार्य में लगे नौ संदिग्ध कर्मचारियों से पूछताछ में दो व्यक्तियों जिनमें एक गणना प्रभारी भी है, का नाम बार-बार समान रूप से आया है। बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने वालों की सामने आई भूमिका सूत्र बताते हैं कि इन्हीं लोगों की सीसीटीवी कैमरे की निगरानी को पुलिस कंट्रोल रूम से अलग करने में भी भूमिका रही है। इसके अलावा गणना स्थल में आवागमन के दौरान बैंक कर्मियों को जांच से मुक्त रखने में इन्हीं लोगों की भूमिका सामने आई है। इसके कारण एस आईटी का शिकंजा गणना प्रभारी पर कसता जा रहा है। सूत्र बताते हैं कि गणना स्थल में नियुक्त गणना कर्मियों की भर्ती में भी गणना प्रभारी की ओर से संस्तुति की जाती रही। बताया जाता है कि संगठन के कार्यकर्ता के रूप में इन गणना कर्मियों को नियुक्त कराया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र महासचिव चंपतराय के करीबी व राम मंदिर के सेवादार रामशंकर यादव टिन्नू से लेकर गणना कर्मियों द्वारा इस बात की पुष्टि के बाद जांच अधिकारी बहुत सतर्कता के साथ छानबीन कर रहे कि संगठित अपराध की कोई सुनियोजित योजना तो नहीं थी अथवा अवसर पाकर षड्यंत्र को अंजाम दिया गया।

शिवसेना विवाद: उद्धव गुट के 6 सांसदों के बगावत की अटकलें, ‘ऑपरेशन टाइगर’ चर्चा में

मुंबई  महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (UBT) और एकनाथ शिंदे गुट के बीच एक बार फिर राजनीतिक तनाव और जुबानी जंग चरम पर पहुंच गया है। पार्टी के 9 लोकसभा सांसदों में से 6 के शिंदे गुट में शामिल होने की अटकलों और 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच, संजय राउत ने सोशल मीडिया पर बेहद तल्ख पोस्ट साझा किया है। एक्स पर एक पोस्ट में संजय राउत ने एक इन्फोग्राफिक साझा किया, जिसमें लिखा है, "कुछ लोग कुत्ते तो होते हैं लेकिन वफादार नहीं होते।" उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया "जय महाराष्ट्र!" दरअसल, संजय राउत की यह टिप्पणी एकनाथ शिंदे के उस बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने उद्धव खेमे पर कटाक्ष करते हुए कहा था कि कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, शेर अकेला आता है। शिंदे ने अपने गुट को बालासाहेब ठाकरे की राजनीतिक विरासत का असली उत्तराधिकारी बताने की कोशिश की। शिंदे ने दिया था कुत्ते वाला बयान शिंदे ने उद्धव गुट पर कटाक्ष करते हुए कहा, "कुछ कुत्ते भौंकते रहते हैं। कल और परसों भी वे भौंकते रहेंगे। मैं आपको एक बात बताता हूं कुत्ते झुंड में भौंकते हैं, लेकिन शेर अकेला आता है। जब शेर शिकार करता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। जब शेर दहाड़ता है तो कुत्ते भौंकते रहते हैं। यही शिवसेना है। यही शिवसेना है। और आज यह शिवसेना महाराष्ट्र में मजबूती से खड़ी दिखाई दे रही है।" छह सासंद नहीं हुए थे बैठक में शामिल बताते चलें कि यह दोनों गुटों में यह राजनीतिक बयानबाजी उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) के भीतर एक नए विभाजन की बढ़ती अटकलों की पृष्ठभूमि में हुआ है, जब पार्टी के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण संसदीय दल की बैठक में भाग नहीं लिया, जिससे यह अफवाहें तेज हो गईं कि वे एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। यह ताजा संजय विवाद राउत द्वारा गुरुवार को की गई उस घोषणा के बाद सामने आया है जिसमें उन्होंने कहा था कि पार्टी ने अनुपस्थित छह सांसदों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि कारण बताओ नोटिस जारी कर दिए गए हैं। संजय राउत ने पत्रकारों से कहा, "कार्रवाई करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम उन्हें अयोग्य घोषित कराने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यदि लोकसभा अध्यक्ष नियमों, कानून और सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार कार्य करते हैं, तो ये लोग अयोग्य घोषित हो जाएंगे।" शिंदे गुट में 6 सांसद जाने के लिए तैयार 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर अटकलों को तब और बल मिला जब शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों ने शिंदे के नेतृत्व में विश्वास व्यक्त किया है और उनके गुट में शामिल होने के लिए तैयार हैं। इस संकट ने उद्धव ठाकरे खेमे को एक और बड़े विभाजन की संभावना का सामना करने के लिए मजबूर कर दिया है, लगभग चार साल बाद जब शिंदे के 2022 के विद्रोह के कारण महा विकास अघाड़ी सरकार का पतन हुआ और अंततः शिंदे गुट को आधिकारिक शिवसेना के रूप में मान्यता मिली।

प्रधानमंत्री बोले—युवा, कौशल और नवाचार से बनेगा विकसित भारत 2047; स्टार्टअप और रोजगार पर दिया जोर

जयपुर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि युवा भारत के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं और देश का हुनर, कौशल एवं संभावनाएं असीम हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं की क्षमता को अवसरों में बदलने के लिए प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना मील का पत्थर साबित हो रही है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (पीएम-वीबीआरवाई) के तहत शुक्रवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन  में  देशभर के 15 लाख युवाओं को लाभान्वित करते हुए 2 हजार 400 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की। उन्होंने कहा कि लाभार्थियों को दी जा रही यह प्रोत्साहन राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं बल्कि उनके परिश्रम और प्रतिभा का सम्मान है। सरकार युवाओं और उद्योग जगत के सामूहिक प्रयासों से विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि पीएम-वीबीआरवाई आज न केवल पहली नौकरी पाने वाले युवाओं को सशक्त बना रही है बल्कि उद्योगों को भी रोजगार सृजन के लिए प्रोत्साहित कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि योजना के माध्यम से अब तक 70 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं तथा 20 लाख से अधिक नवनियुक्त युवा अपनी नियुक्ति के छह माह पूर्ण कर चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित भारत का सपना युवाओं के हुनर, कौशल और सामर्थ्य से ही पूरा होगा। आज देश का युवा रोजगार प्राप्त कर अपने सपनों को नई उड़ान दे रहा है। निवेश युवाओं की आकांक्षाओं को पूरा करने का आधार बन रहा है। उन्होंने कहा कि आज देश में 2 लाख से अधिक पंजीकृत स्टार्टअप सक्रिय हैं और वैश्विक स्तर पर भारत के लिए नए अवसर खुल रहे हैं। 40 देशों के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) से     ‘मेक इन इंडिया’ उत्पादों को नए बाजार उपलब्ध हो रहे हैं, जिससे रोजगार और आर्थिक विकास को गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि सरकार की सोच सिक्योर एंप्लॉयमेंट (सुरक्षित रोजगार) और सोशल सिक्योरिटी फॉर एव्री वर्कर (हर श्रमिक के लिए सामाजिक सुरक्षा) की है। इसी दिशा में कदम उठाते हुए टेक्नोलॉजी के माध्यम से ईपीएफओ और पेंशन व्यवस्था को सरल बनाया गया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नए लेबर कोड्स का उद्देश्य कामगारों को अधिक सुरक्षा, पारदर्शिता और अधिकार देना है, जिसमें फिक्स्ड टर्म एंप्लॉइज को सम्मान देना और मिनिमम वेज के दायरे को बढ़ाना शामिल है। नवाचार, प्रतिभा और गुणवत्ता से साकार होगा विकसित भारत 2047 का विजन प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से कहा कि 21वीं सदी में अवसर उन्हीं देशों के पास होंगे, जिनके पास स्किल टैलेंट, इनोवेशन और क्वालिटी होगी। उन्होंने कहा कि हमारे सामने जो अवसर हैं, उन्हें हमें पूरी शक्ति से अपनाना होगा। हमें नए बाजारों तक पहुंचना होगा, नए प्रॉडक्ट्स बनाने होंगे और दुनिया की सर्वश्रेष्ठ कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करनी होगी क्योंकि आज दुनिया भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिए तैयार हो रही है और भारत इसका नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह सक्षम है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश में रोजगार और सामाजिक सुरक्षा का नया युग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय श्रम एवं रोजगार तथा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व से आज देश बदल रहा है और एक नए भारत का निर्माण हो रहा है। सरकार एक ओर युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है तो दूसरी ओर उद्योगों और कारोबार को प्रोत्साहन देकर आर्थिक विकास को गति दे रही है। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार और कारोबार दोनों के साथ खड़ी है तथा आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों के कार्यकाल में देश के युवाओं के लिए रिकॉर्ड 17 करोड़ रोजगार सृजित किए गए हैं, वहीं वर्ष 2004 से 2014 तक केवल 2.92 करोड़ रोजगार के अवसरों का ही सृजन हुआ था। साथ ही जहां वर्ष 2014 से पहले देश में केवल 19 प्रतिशत लोगों (लगभग 25 करोड़) को सामाजिक सुरक्षा मिलती थी, आज देश के 64.3 प्रतिशत यानी करीब 94 करोड़ लोग सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ चुके हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना के तहत जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में भाग लेते हुए निजी क्षेत्र में नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। मुख्यमंत्री ने युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में रोजगार सृजन, कौशल विकास और युवा सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। कार्यक्रम में सांसद राव राजेंद्र सिंह, विधायक कालीचरण सर्राफ, संबंधित विभागों के अधिकारी, निजी नियोक्ता एवं नवनियुक्त कार्मिक उपस्थित रहे।