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सचखंड एक्सप्रेस में तकनीकी खराबी, पानीपत स्टेशन पर फटा प्रेशर पाइप; दूसरा इंजन भेजा गया

पानीपत. अमृतसर से हजरत निजामुद्दीन जा रही सचखंड एक्सप्रेस बुधवार को पानीपत जंक्शन पर तकनीक खराबी हो गई। ट्रेन के स्टेशन पर पहुंचते ही इंजन का प्रेशर पाइप फट गया, जिसके कारण ट्रेन को तत्काल रोकना पड़ा। तकनीकी खराबी के चलते ट्रेन करीब डेढ़ घंटे तक प्लेटफॉर्म पर खड़ी रही, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि ट्रेन के इंजन में प्रेशर पाइप फटने की सूचना मिलते ही तकनीकी टीम को मौके पर भेजा गया। प्रारंभिक जांच में पता चला कि पाइप में आई खराबी के कारण इंजन का संचालन सुरक्षित रूप से संभव नहीं था। इसके बाद रेलवे प्रशासन ने समालखा स्टेशन से दूसरा इंजन मंगाने का निर्णय लिया। ट्रेन के लंबे समय तक खड़े रहने से सबसे अधिक परेशानी जनरल कोच में सफर कर रहे यात्रियों को हुई। भीषण गर्मी और उमस के बीच कोचों में बैठे यात्रियों को असहज परिस्थितियों का सामना करना पड़ा। कई यात्री प्लेटफॉर्म पर उतरकर छांव और पानी की व्यवस्था तलाशते नजर आए। यात्रियों ने बताया कि ट्रेन के रुकने के कारण उनकी आगे की यात्रा प्रभावित हुई है और उन्हें गंतव्य तक पहुंचने में देरी होगी। रेलवे कर्मियों ने यात्रियों को स्थिति की जानकारी देते हुए धैर्य बनाए रखने की अपील की। स्टेशन पर मौजूद अधिकारियों ने बताया कि वैकल्पिक इंजन के पहुंचने के बाद उसे ट्रेन से जोड़ा जाएगा और सभी आवश्यक तकनीकी जांच पूरी होने के बाद ही ट्रेन को आगे रवाना किया जाएगा। इस दौरान पानीपत जंक्शन पर अन्य ट्रेनों के संचालन पर भी आंशिक प्रभाव देखने को मिला।

SC आयोग में रवनीत बिट्टू की पेशी, कहा- बयान पर खेद है, पहले ही मांग चुका हूं माफी

चंडीगढ़. केंद्रीय राज्य मंत्री एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता रवनीत सिंह बिट्टू बुधवार को पंजाब एससी आयोग के समक्ष पेश हुए। जातिसूचक टिप्पणी मामले में बिट्टू ने अपने वकीलों के माध्यम से आयोग के सामने अपना पक्ष रखा। सुनवाई के दौरान उन्होंने स्वीकार किया कि घटना के दौरान उनके मुंह से निकले शब्द कानूनी तौर पर पूरी तरह गलत थे और इसके लिए वह पहले ही सार्वजनिक रूप से माफी मांग चुके हैं। बिट्टू ने आयोग को बताया कि विवाद वाले दिन हालात बेहद तनावपूर्ण थे। उन्होंने कहा कि उन्होंने संबंधित वीडियो अपने इंटरनेट मीडिया अकाउंट से भी डिलीट कर दी थी। बिट्टू के मुताबिक, उन्हें सबसे पहले संगरूर में एक एसपी रैंक के अधिकारी ने रोका था। उस अधिकारी ने बताया था कि भाजपा नेता ओंकार सिंह को बलिया थाने में हिरासत में रखा गया है। आरोप- रवनीत बिट्‌टू साथ हुई बदसलूकी उन्होंने कहा कि वह तुरंत बलिया थाने पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें बताया गया कि ओंकार को संगरूर ले जाया गया है। बिट्टू ने आरोप लगाया कि इस दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई और कुछ ऐसे शब्द कहे गए, जिससे वह आहत हुए। बिट्टू के अनुसार, जब वह दोबारा संगरूर पहुंचे तो वहां तैनात पुलिस अधिकारियों ने उनका रास्ता रोकते हुए कहा कि ओंकार धूरी में हैं। इसके बाद वह धूरी पहुंचे, जहां एक एसएचओ रैंक के अधिकारी ने उनकी गाड़ी के सामने वाहन लगाकर रास्ता रोक दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहां भी उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। व्यवाहर के कारण भावुक हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पुलिस के व्यवहार और तनावपूर्ण माहौल के कारण वह भावुक हो गए थे। उन्होंने आयोग के समक्ष दोहराया कि यदि उनके मुंह से कोई आपत्तिजनक शब्द निकले, तो उसके लिए वह खेद व्यक्त करते हैं। बिट्टू ने कहा, “मैं उस पार्टी से आता हूं, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कर्मचारियों के पैर धोकर सम्मान दिया था।” मामला निकाय चुनाव के दिन का दरअसल, यह विवाद 26 मई 2026 को पंजाब निकाय चुनाव के मतदान के दिन शुरू हुआ था। धूरी (संगरूर) में भाजपा नेता ओंकार सिंह को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था। उन्हें छुड़ाने और धूरी में प्रवेश करने की कोशिश के दौरान रवनीत बिट्टू और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। इसके बाद बिट्टू पर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों के खिलाफ आपत्तिजनक और जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल के आरोप लगे थे। आम आदमी पार्टी ने इस घटना को ‘गुंडागर्दी’ करार दिया था। मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए पंजाब एससी आयोग ने बिट्टू को तलब किया था और संगरूर पुलिस से रिपोर्ट भी मांगी थी। बिट्टू को पहले 4 और 15, जून को पेश होना था, लेकिन निजी कारणों और दिल्ली में व्यस्तता के चलते वह उपस्थित नहीं हो सके थे। उस समय उनके वकील आयोग के समक्ष पेश हुए थे और आयोग अध्यक्ष जसबीर सिंह गढ़ी को उनकी व्यस्तता की जानकारी दी थी। अब बिट्टू ने आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से अपना पक्ष रख दिया है।

स्कूल बसों की जांच में बड़ा खुलासा, जगदलपुर के 44 वाहन जांच से रहे नदारद

जगदलपुर. स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर प्रशासन का विशेष जांच अभियान तेज हो गया है. परिवहन, शिक्षा विभाग और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम निजी स्कूल वाहनों की जांच कर रही है. 20 स्कूलों के 110 वाहनों की जांच का लक्ष्य तय किया गया था. लेकिन निर्धारित समय में केवल 66 वाहन ही जांच के लिए पहुंचे. 44 वाहन जांच प्रक्रिया से पूरी तरह गायब रहे. इस लापरवाही पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है. आरटीओ डीसी बंजारे ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा..अनुपस्थित स्कूलों और वाहनों की सूची तैयार कर ली गई है. अब संबंधित स्कूल संचालकों पर दंडात्मक कार्रवाई की तैयारी है. वाहनों का फिटनेस प्रमाणपत्र और पंजीयन निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है. प्रशासन ने सभी स्कूलों को सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं. आने वाले दिनों में जांच अभियान और तेज किया जाएगा.

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल, उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी हॉर्नबिल सफारी

वन मंत्री केदार कश्यप की पहल से उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में शुरू होगी हॉर्नबिल सफारी हॉर्नबिल संरक्षण के साथ स्थानीय युवाओं को मिलेगा रोजगार का नया अवसर पीवीटीजी गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में बढ़ी मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या रायपुर 'हॉर्नबिल सफारी' से तात्पर्य हॉर्नबिल पक्षियों को देखने के लिए की जाने वाली वन्यजीव सफारी या हॉर्नबिल से जुड़े प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों से है। हॉर्नबिल मुख्य रूप से जंगलों, विशेषकर पश्चिमी घाट और मध्य भारत के नम पर्णपाती और सदाबहार वनों में रहना पसंद करता है। ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का लिया गया निर्णय              छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में वन्यजीव संरक्षण और सामुदायिक विकास को नई दिशा देने वाली एक महत्वपूर्ण पहल शुरू की जा रही है। वन मंत्री केदार कश्यप की पहल पर रिजर्व प्रबंधन द्वारा विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) के गांवों ओढ़, अमलोर और आमामोरा में ‘हॉर्नबिल सफारी’ प्रारंभ करने का निर्णय लिया गया है। यह पहल दुर्लभ मालाबार पाइड हॉर्नबिल के संरक्षण को मजबूती देने के साथ-साथ स्थानीय ग्रामीणों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर भी सृजित करेगी। संरक्षण और आजीविका को साथ लेकर आगे बढ़ रहा वन विभाग          वन मंत्री केदार कश्यप की सोच के अनुरूप वन विभाग वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण कार्यों को स्थानीय समुदायों की भागीदारी और आजीविका से जोड़ने की दिशा में लगातार कार्य कर रहा है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख अरुण कुमार पाण्डेय तथा प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) ओ.पी. यादव के मार्गदर्शन में उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में कई नवाचार किए जा रहे हैं, जिनसे वन्यजीव संरक्षण और ग्रामीण विकास को एक साथ बढ़ावा मिल रहा है। चार वर्षों में बढ़ी हॉर्नबिल की आबादी         उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में पिछले चार वर्षों के दौरान मालाबार पाइड हॉर्नबिल की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। यह सफलता एंटी-पोचिंग अभियान, अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई, फलदार वृक्षों के संरक्षण एवं रोपण तथा ‘हॉर्नबिल रेस्टोरेंट’ जैसी अभिनव पहल का परिणाम है। स्थानीय समुदायों की सक्रिय भागीदारी ने भी इस उपलब्धि में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हॉर्नबिल ट्रैकिंग टीम निभा रही महत्वपूर्ण भूमिका         हॉर्नबिल संरक्षण के लिए गठित विशेष ट्रैकिंग टीम लगातार पक्षियों की गतिविधियों, घोंसलों और आवास क्षेत्रों की निगरानी कर रही है। वन विभाग के कर्मचारियों के साथ स्थानीय ट्रैकर्स भी इस अभियान से जुड़े हुए हैं। उनके सतत प्रयासों से ओढ़, अमलोर और आमामोरा के आसपास का वन क्षेत्र आज हॉर्नबिल के सुरक्षित आवास और आकर्षक बर्डिंग स्थल के रूप में विकसित हो चुका है। प्रकृति प्रेमियों और शोधकर्ताओं के लिए बनेगा नया आकर्षण         प्रस्तावित हॉर्नबिल सफारी के माध्यम से पर्यटक, पक्षी प्रेमी, वन्यजीव फोटोग्राफर और शोधकर्ता प्राकृतिक वातावरण में हॉर्नबिल का अवलोकन कर सकेंगे। सफारी के संचालन के लिए प्रारंभिक चरण में दो जिप्सी वाहनों की व्यवस्था की गई है। स्थानीय युवाओं को मिलेगा प्रशिक्षण और रोजगार         हॉर्नबिल सफारी की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता स्थानीय समुदायों की भागीदारी है। पीवीटीजी गांवों के युवाओं और ग्रामीणों को बर्ड वॉचिंग तथा नेचर गाइड का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण पूर्ण होने के बाद वे पर्यटकों के लिए नेचर गाइड और हॉर्नबिल गाइड के रूप में कार्य करेंगे। इससे उन्हें स्थायी आय और रोजगार का अवसर मिलेगा तथा सामुदायिक आधारित इको-टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा। मध्य भारत का उभरता बर्डिंग डेस्टिनेशन         रायपुर से लगभग 130 किलोमीटर दूर स्थित उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व तेजी से मध्य भारत के प्रमुख बर्डिंग और नेचर टूरिज्म केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है। यहां मालाबार पाइड हॉर्नबिल के अलावा शाहीन बाज, भारतीय पिट्टा, ब्राउन फिश आउल, ग्रे-हेडेड फिश ईगल, विभिन्न प्रजातियों के कठफोड़वा, बार्बेट, मिनिवेट सहित अनेक स्थानीय और प्रवासी पक्षियों की विविधता देखने को मिलती है। वन्यजीवों की समृद्ध जैव विविधता का केंद्र          यह क्षेत्र पक्षियों के साथ-साथ भारतीय विशाल गिलहरी (इंडियन जायंट स्क्विरल) और भारतीय विशाल उड़न गिलहरी (इंडियन जायंट फ्लाइंग स्क्विरल) जैसे दुर्लभ वन्यजीवों के लिए भी प्रसिद्ध है। यही कारण है कि यह क्षेत्र प्रकृति और वन्यजीव प्रेमियों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है। संरक्षण, विकास और पर्यटन का सफल संगम         विशेषज्ञों के अनुसार उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में की जा रही यह पहल इस बात का उत्कृष्ट उदाहरण है कि वैज्ञानिक वन प्रबंधन, वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों की सहभागिता के माध्यम से संरक्षण आधारित आजीविका और सतत पर्यटन को बढ़ावा दिया जा सकता है। हॉर्नबिल सफारी के शुरू होने से छत्तीसगढ़ को प्राकृतिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिलेगी और ग्रामीण विकास को भी गति प्राप्त होगी। मोबाइल नंबर – 7976688165, 7566510937 वेबसाइट – : www.udantisitanaditigerreserve.in पर पर्यटक, संपर्क कर विस्तृत जानकारी ले सकते हैं।

बुधवार का राशिफल 24 जून: किन राशियों पर बरसेगी किस्मत, जानें आज का भविष्यफल

मेष राशि आज का दिन आपके लिए खुशियां लेकर आया है। घर में मेहमानों की चहल-पहल बनी रहेगी। खुशियों का माहौल भी बना रहेगा। रिवार के साथ बिताया गया समय आपको मानसिक सुकून देगा। इसके अलावा नौकरीपेशा लोगों को सलाह है कि कार्यस्थल पर छोटी-सी चूक से भी बचें, क्योंकि आज सतर्कता ही सफलता की कुंजी बनेगी।  वृषभ राशि आज का दिन आपके लिए खास रहेगा। यदि आप सामाजिक क्षेत्र से जुड़े हैं, तो प्रशंसा और सम्मान मिलने के प्रबल योग बन रहे हैं। भाग्य भी आज आपके प्रयासों का साथ देता दिखाई दे रहा है। पुराने मित्रों से मुलाकात होने के संकेत हैं, जिससे मन प्रसन्न रहेगा। लाभ भी होगा। मिथुन राशि मिथुन राशि वालों के लिए दिन सावधानी बरतने वाला होगा। स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही न करें। कार्यक्षेत्र में यदि किसी निर्णय को लेकर मन उलझा हुआ है, तो जल्दबाजी से बचें। हालांकि, आर्थिक मामलों में धीरे-धीरे स्थिति मजबूत होती नजर आएगी। यात्रा के योग बन रहे हैं। कर्क राशि कर्क राशि वालों के लिए समय खास रहेगा। अनुभवी व्यक्ति की सलाह आपके काफी काम आ सकती है। धन के मामलों में ईमानदारी और सही मार्ग अपनाना आपके लिए सबसे अधिक लाभकारी रहेगा। लंबे समय से अटका हुआ लेन-देन पूरा होने से मन को बड़ी राहत मिलेगी। सिंह राशि आध्यात्मिक और धार्मिक गतिविधियों की ओर आपका झुकाव बढ़ेगा, जिससे मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होगी। इसके अलावा कार्यस्थल पर आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है।  परिवार में किसी महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो सकती है।  कन्या राशि आत्मविश्वास के दम पर आप कई जरूरी काम आसानी से पूरे करेंगे। किसी अनजान व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा करना उचित नहीं होगा। खर्चों पर नियंत्रण रखना जरूरी रहेगा, वरना बजट बिगड़ सकता है। जीवनसाथी के साथ संबंध पहले से बेहतर होते नजर आएंगे। तुला राशि वाहन से जुड़ा कोई छोटा खर्च अचानक सामने आ सकता है, इसलिए आर्थिक संतुलन बनाए रखें। सुखद समाचार आपके चेहरे पर मुस्कान ला सकता है। नए अवसर मिलने से मन में उत्साह बना रहेगा। किसी भी लेन-देन को सोच-समझकर ही करें। निवेश से जुड़े फैसले सोच-समझकर लेना बेहतर रहेगा। वृश्चिक राशि किसी नए कार्य की शुरुआत करने के लिए दिन अनुकूल रहेगा। संतान के भविष्य को लेकर चिंता बनी रह सकती है, लेकिन समय आपके पक्ष में काम करेगा।  रुका हुआ कोई कार्य दोबारा गति पकड़ सकता है। सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों को आज नई पहचान और सम्मान प्राप्त होने की संभावना है। धनु राशि धनु राशि के लोगों को कामकाज में धैर्य बनाए रखना आज जरूरी होगा। दूसरों के मामलों में जरूरत से ज्यादा दखल देने से बचें। परिवार में प्रेम और एकता का वातावरण बना रहेगा। इसके अलावा किसी करीबी से जरूरी सलाह मिल सकती है जो आगे लाभ देगी।  मकर राशि समय और धन दोनों का सही प्रबंधन आज आपकी सबसे बड़ी आवश्यकता है। परिवार की ओर से कोई ऐसी खबर मिल सकती है जो मन को थोड़ा उदास करे, लेकिन संयम बनाए रखना ही उचित रहेगा। कार्यस्थल पर जिम्मेदारियां बढ़ सकती हैं। धैर्य और समझदारी से लिया गया फैसला आगे लाभ देगा। कुंभ राशि परिवार के किसी सदस्य से अच्छी खबर सुनने को मिल सकती है। नए संपर्क बन सकते हैं, जो आगे चलकर लाभदायक सिद्ध होंगे। व्यापार में रुकी हुई कोई डील पूरी होने से आर्थिक स्थिति में मजबूती आने के संकेत हैं। मीन राशि किसी पुराने प्रयास का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। परिवार के साथ अच्छा समय बिताने का अवसर मिलेगा भावनाओं में बहकर कोई बड़ा फैसला लेने से बचें। कोई शुभ समाचार मन को प्रसन्न कर सकता है।

महाकाल मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था का सैलाब, दान राशि पहुंची 142 करोड़ रुपए

उज्जैन  महाकाल लोक बनने के बाद बाबा महाकाल के दरबार में श्रद्धालुओं की आस्था के साथ दान का प्रवाह भी लगातार बढ़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में महाकाल मंदिर समिति को रिकॉर्ड 142 करोड़ रुपए की आय हुई है, जिसमें केवल दान मद से ही 78 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं। यह बीते छह वर्षों में सबसे अधिक दान है और पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में करीब 27 करोड़ रुपए ज्यादा है। मंदिर समिति के अनुसार दान पेटियों से 62 करोड़ रुपए, नगद काउंटर पर 5 करोड़ 50 लाख रुपए, मनी ऑर्डर से 1.23 लाख रुपए, ऑनलाइन माध्यम से 3 करोड़ 60 लाख रुपए, अन्नक्षेत्र से 3 करोड़ 38 लाख रुपए तथा गुप्त दान के रूप में 4 करोड़ 65 लाख रुपए प्राप्त हुए। लड्‌डू की बिक्री 65 करोड़ की वहीं लड्डू प्रसादी की बिक्री से 65 करोड़ रुपए की आय हुई। इसके अलावा श्रद्धालुओं ने सोने-चांदी के करोड़ों रुपए मूल्य के आभूषण भी दान किए हैं। गौरतलब है कि 11 अक्टूबर 2022 को प्रधानमंत्री ने महाकाल लोक का लोकार्पण किया था। इसके बाद महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में करीब तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। पहले जहां प्रतिदिन 40 से 50 हजार श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर डेढ़ से दो लाख प्रतिदिन तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के साथ मंदिर की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। दान कक्ष में सिली हुई जेब वाले कपड़ों में ही मिलती है एंट्री राम मंदिर में दान को लेकर चल रहे विवाद के बाद श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के सहायक प्रशासक आशीष पलवड़िया ने बताया कि मंदिर में प्राप्त होने वाले दान के संबंध में पूरी पारदर्शिता और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन किया जाता है। मंदिर परिसर में कुल 95 दान पेटियां स्थापित हैं, जिनमें श्रद्धालु बड़ी संख्या में दान करते हैं। इसके अलावा श्रद्धालु क्यूआर कोड के माध्यम से भी ऑनलाइन दान कर रहे हैं। हर सप्ताह दान पेटियां खोली जाती हैं। इन्हें सुरक्षा व्यवस्था के बीच गणना कक्ष तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद निरीक्षक, सहायक प्रशासक तथा मंदिर समिति के अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में दान पेटियां खोली जाती हैं। दान की गणना की फोटोग्राफी कराई जाती है और पूरी प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरों की निगरानी में संपन्न होती है। दान की गणना के लिए नियुक्त कर्मचारियों को विशेष नियमों का पालन करना पड़ता है। उन्हें बिना जेब वाले कपड़े या सिली हुई जेब वाले परिधान पहनने के बाद ही गणना कक्ष में प्रवेश की अनुमति दी जाती है, ताकि किसी प्रकार की अनियमितता की आशंका न रहे। दान बढ़ा तो खर्च भी दोगुना हुआ श्री महाकाल लोक के लोकार्पण से पहले महाकाल मंदिर का क्षेत्रफल 2.82 हेक्टेयर था, जो विस्तार के बाद बढ़कर 47 हेक्टेयर हो गया है। वर्तमान में मंदिर समिति के कुल 306 कर्मचारी कार्यरत हैं। इन कर्मचारियों के वेतन के अलावा मंदिर की सुरक्षा, साफ-सफाई, रखरखाव, निर्माण कार्य, पर्व-त्योहारों की व्यवस्थाएं, धर्मशाला, अन्नक्षेत्र, महाकालेश्वर वैदिक शोध संस्थान, गोशाला तथा सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर बड़ी राशि खर्च होती है। मासिक खर्च भी बढ़कर 5 करोड़ से ज्यादा इसके अतिरिक्त महाशिवरात्रि, श्रावण मास, नागपंचमी सहित अन्य प्रमुख पर्वों पर श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए भी अतिरिक्त व्यय किया जाता है। पहले मंदिर का मासिक खर्च करीब 2.5 करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 5 करोड़ रुपए से अधिक प्रतिमाह हो गया है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत का करारा जवाब, पाकिस्तान-चीन को घेरा; जम्मू-कश्मीर पर स्पष्ट रुख

नई दिल्ली जम्‍मू-कश्‍मीर पर भारत के रुख से पूरी दुनिया वाकिफ है. हर कोई जानता है कि नई दिल्‍ली को उसके स्‍टैंड से कोई नहीं डिगा सकता, लेकिन पाकिस्‍तान अपने यार चीन के साथ मिलकर अक्‍सर ही साजिश रचता रहता है. संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में पाकिस्‍तान ने चीन के साथ मिलकर फिर से जम्‍मू-कश्‍मीर का मुद्दा उठाया. हर बार की तरह इस बार भी भारत ने पाकिस्‍तान के साथ ही चीन को इस कदर रगड़ा कि उनको कोई जवाब नहीं सूझ पड़ा।  संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में चीन और पाकिस्तान की ओर से आयोजित अरिया फॉर्मूला बैठक के दौरान भारत ने जम्मू-कश्मीर के मुद्दे पर पाकिस्तान को कड़ा और स्पष्ट जवाब दिया. भारत ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर पूरी तरह उसका आंतरिक मामला है और इसमें किसी बाहरी पक्ष की कोई भूमिका नहीं हो सकती. ‘Bridging the Implementation Gap: Security Council Resolutions and Maintenance of International Peace and Security’ विषय पर आयोजित इस बैठक में पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाने की कोशिश की. इस पर संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी. हरीश ने कहा कि जम्मू-कश्मीर पहले भी भारत का अभिन्न हिस्सा था, आज भी है और आगे भी भारत का ही रहेगा।  UN को भी दिखाया आईना भारत ने इस मौके पर सुरक्षा परिषद के पुराने प्रस्तावों और मध्यस्थता तंत्रों की प्रासंगिकता पर भी सवाल उठाए. पी. हरीश ने कहा कि समय के साथ अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियां बदलती हैं, ऐसे में सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों और मध्यस्थता ढांचों की भी समय-समय पर समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने स्पष्ट किया कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के चैप्‍टर-6 के तहत बनाए गए मध्यस्थता तंत्र स्थायी नहीं माने जा सकते और बदलते वैश्विक परिदृश्य में उनकी उपयोगिता का आकलन जरूरी है।  पाकिस्‍तान का दांव फिर धराशायी भारत ने यह भी कहा कि जब UN80 पहल के तहत संयुक्त राष्ट्र महासभा के जनादेशों की समीक्षा की जा रही है, तो सुरक्षा परिषद के जनादेशों को भी उसी गंभीरता से परखा जाना चाहिए. भारत का यह रुख ऐसे समय सामने आया है, जब पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बार-बार कश्मीर मुद्दे को उठाने की कोशिश करता रहा है. भारत ने एक बार फिर साफ कर दिया कि जम्मू-कश्मीर पर उसका रुख अडिग है और यह विषय पूरी तरह संप्रभु भारतीय अधिकार-क्षेत्र के भीतर आता है। 

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत: CM विष्णुदेव साय

वीरांगना रानी दुर्गावती का शौर्य और बलिदान राष्ट्र की प्रेरणा का अमर स्रोत : मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय रायपुर  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर स्थित केनाल लिंकिंग रोड पर वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का अदम्य साहस, पराक्रम और बलिदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है। उनका जीवन राष्ट्रप्रेम, स्वाभिमान और मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण का सर्वोच्च उदाहरण है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि रानी दुर्गावती का शौर्य और त्याग आज भी करोड़ों लोगों के लिए प्रेरणा का प्रकाश स्तंभ है। उनकी गौरवगाथा हमें विपरीत परिस्थितियों में भी साहस, आत्मविश्वास और कर्तव्यनिष्ठा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि समाज द्वारा अपने महान नायकों और गौरवशाली इतिहास का स्मरण करना अत्यंत आवश्यक है। जो समाज अपने इतिहास और विरासत को विस्मृत कर देता है, उसका भविष्य भी संकटग्रस्त हो जाता है, जबकि जो समाज अपने महापुरुषों को कृतज्ञता और सम्मान के साथ याद रखता है, उसका भविष्य सदैव उज्ज्वल होता है। मुख्यमंत्री ने रानी दुर्गावती के जीवन प्रसंगों का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने मुगल साम्राज्य की विशाल सेना के सामने अद्वितीय वीरता का परिचय दिया। अंतिम क्षण तक संघर्ष करते हुए उन्होंने मातृभूमि की रक्षा और स्वाभिमान की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी तथा वीरगति को प्राप्त हुईं। उनका बलिदान भारतीय इतिहास में साहस और स्वाभिमान के अप्रतिम अध्याय के रूप में सदैव स्मरणीय रहेगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आदरणीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में देश "विकास भी, विरासत भी" के मंत्र पर आगे बढ़ रहा है। विकास की यात्रा तभी सार्थक होती है, जब हम अपनी सांस्कृतिक विरासत, ऐतिहासिक चेतना और महान विभूतियों के योगदान को भी समान रूप से संरक्षित करें। रानी दुर्गावती ने जिस राष्ट्रचेतना, स्वाभिमान और संघर्ष की भावना का संचार किया, वह आज भी समाज को दिशा प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके आदर्शों से प्रेरणा लेकर हमें विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण के संकल्प को और अधिक दृढ़ता के साथ आगे बढ़ाना चाहिए। इस अवसर पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप, विधायक पुरंदर मिश्रा, विधायक भूलन सिंह मरावी, डॉ. नंदकुमार साय, रायपुर नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे, छत्तीसगढ़ औषधीय पादप बोर्ड के अध्यक्ष विकास मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।

भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम की कमान हरीश दुआ को, बैठक में निर्यात बढ़ाने पर मंथन

लुधियाना. भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम (बीईएफ) की एक महत्वपूर्ण बैठक लुधियाना में आयोजित की गई, जिसमें उद्योग, व्यापार और निर्यात क्षेत्र से जुड़े लगभग 25 उद्यमियों एवं प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक का आयोजन भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश दुआ की ओर से किया गया। कार्यक्रम में सतीश कुमार की विशेष उपस्थिति रही, जबकि स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री विनय कुमार तथा भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य हरीश दुआ ने उपस्थित सदस्यों को संबोधित किया। बैठक के दौरान निर्यात क्षेत्र के समक्ष मौजूद चुनौतियों, वैश्विक प्रतिस्पर्धा में भारतीय उद्योगों की भूमिका तथा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई। निर्यात बढ़ाने को एकजुट होंगे उद्यमी वक्ताओं ने कहा कि भारत को वैश्विक बाजार में मजबूत पहचान दिलाने के लिए निर्यातकों को एक मंच पर लाकर उनकी समस्याओं का समाधान करना समय की आवश्यकता है। इसके साथ ही संगठन की भावी कार्ययोजना और विभिन्न राज्यों में संगठन के विस्तार को लेकर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर स्वदेशी जागरण मंच के संगठन मंत्री विनय कुमार ने कहा कि देश की आर्थिक मजबूती में निर्यातकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए स्वदेशी उत्पादों को वैश्विक बाजारों तक पहुंचाने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं हरीश दुआ ने भारतीय निर्यातकों को एकजुट होकर कार्य करने और नए बाजारों की संभावना तलाशने का आह्वान किया। हरीश दुआ को मिली जिम्मेदारी बैठक में हरीश दुआ को भारतीय एक्सपोर्टर्स फोरम, पंजाब का अध्यक्ष घोषित किया गया। इस घोषणा के साथ ही उपस्थित सभी सदस्यों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। सदस्यों ने विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में पंजाब के निर्यातकों को एक मजबूत मंच मिलेगा तथा प्रदेश के निर्यात कारोबार को नई दिशा प्राप्त होगी। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों का धन्यवाद किया गया। उपस्थित सदस्यों ने निर्यात संवर्धन, उद्योगों के विकास और राष्ट्र निर्माण के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया। बैठक का समापन “सशक्त निर्यात – सशक्त भारत” के संदेश के साथ हुआ।

सुबह खाली पेट भीगी मेथी के 5 जबरदस्त फायदे, सेहत के लिए वरदान

हमारे इंडियन किचन में मेथी दाना एक बहुत ही आम मसाला है. तड़के से लेकर अचार तक, यह हर चीज का स्वाद बढ़ाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह छोटा सा पीला दाना सिर्फ स्वाद के लिए नहीं, बल्कि आपकी सेहत के लिए एक वरदान है. खासकर जब आप मेथी को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट खाते हैं, तो इसके गुण कई गुना बढ़ जाते हैं. आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और बिगड़े लाइफस्टाइल में भीगी हुई मेथी को अपनी डाइट में शामिल करना एक बेहद समझदारी भरा फैसला हो सकता है. आइए जानते हैं सुबह खाली पेट भीगी हुई मेथी खाने के 5 बड़े फायदों (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) के बारे में. 1. डायबिटीज को कंट्रोल करने में मददगार आज के समय में शुगर या डायबिटीज की समस्या बहुत आम हो चुकी है. भीगी हुई मेथी ब्लड शुगर लेवल को काबू में रखने के लिए एक रामबाण इलाज मानी जाती है. मेथी के दानों में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है, जो शरीर में कार्बोहाइड्रेट और शुगर के सोखने की प्रक्रिया को धीमा कर देता है. इससे खून में अचानक शुगर का लेवल नहीं बढ़ता. अगर आप रोज सुबह इसका पानी पीते हैं और इसके दाने चबाकर खाते हैं, तो इंसुलिन का सिक्रीशन भी बेहतर होता है. 2. पेट की दिक्कतों और कब्ज से छुटकारा गलत खानपान की वजह से आजकल हर दूसरा व्यक्ति गैस, एसिडिटी और कब्ज से परेशान रहता है. भीगी हुई मेथी में घुलनशील फाइबर होता है, जो हमारे पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है. रातभर भीगने के कारण मेथी थोड़ी सॉफ्ट हो जाती है और इसे पचाना आसान होता है. यह पेट को साफ करने में मदद (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) करती है और पुरानी से पुरानी कब्ज की समस्या को भी धीरे-धीरे खत्म कर देती है. 3. वजन घटाने में मिलती है मदद अगर आप अपने बढ़ते वजन या पेट की चर्बी से परेशान हैं, तो भीगी हुई मेथी आपकी इस मुश्किल को आसान कर सकती है. सुबह खाली पेट इसे खाने से शरीर का मेटाबॉलिज्म तेज होता है, जिससे कैलरी तेजी से बर्न होती है. इसके अलावा, मेथी में मौजूद फाइबर के कारण इसे खाने के बाद लंबे समय तक पेट भरा-भरा महसूस होता है. इससे आपको असमय भूख नहीं लगती और आप ओवरईटिंग यानी ज्यादा खाने से बच जाते हैं. 4. खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करे (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) दिल की सेहत के लिए भीगी हुई मेथी बहुत फायदेमंद होती है. यह शरीर में मौजूद बैड कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड्स के लेवल को कम करने में मदद करती है. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है, तो नसों में ब्लॉकेज का खतरा कम हो जाता है, जिससे दिल की बीमारियाँ और हार्ट अटैक आने की संभावना काफी हद तक घट जाती है. 5. त्वचा और बालों के लिए वरदान भीगी हुई मेथी सिर्फ अंदरूनी सेहत ही नहीं, बल्कि आपकी बाहरी खूबसूरती को भी निखारती है. इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स और विटामिन्स चेहरे के कील-मुंहासों को दूर करते हैं और स्किन पर एक नेचुरल ग्लो लाते हैं. इसके साथ ही, अगर आपके बाल बहुत ज्यादा झड़ रहे हैं या उनमें डैंड्रफ की समस्या है, तो भीगी हुई मेथी खाने (Benefits of Soaked Fenugreek Seeds) से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं और बाल चमकदार बनते हैं.