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वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी के प्रयासों से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल एवं अधोसंरचना विकास को मिलेगी नई गति

रायपुर  मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय के नेतृत्व और वित्त मंत्रीओ.पी. चौधरी के सतत प्रयासों से रायगढ़ जिले के खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के विस्तार के लिए 26 करोड़ रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों को मंजूरी प्रदान की गई है। इन परियोजनाओं से हजारों ग्रामीण परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी तथा क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। स्वीकृत कार्यों में सर्वाधिक 16 करोड़ 73 लाख 27 हजार रुपये की लागत से रायगढ़ शहर के विजयपुर क्षेत्र में 100 बिस्तरों वाले सीनियर सिटीजन हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यह आधुनिक केंद्र वरिष्ठ नागरिकों को समर्पित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराएगा और जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाएगा। स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए लैलूंगा, धरमजयगढ़, घरघोड़ा एवं तमनार विकासखंडों के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों के निर्माण एवं उन्नयन हेतु कुल 9 करोड़ 52 लाख 71 हजार रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इन कार्यों के पूर्ण होने से दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को बेहतर एवं सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। पशुधन संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए जिले में नवीन पशु चिकित्सालय भवनों के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। रायगढ़ विकासखंड के पतरापाली सहित विभिन्न ग्रामों में पशु चिकित्सालय भवनों का निर्माण कराया जाएगा, जिससे पशुपालकों को स्थानीय स्तर पर बेहतर उपचार एवं परामर्श सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लैलूंगा, तमनार, घरघोड़ा एवं रायगढ़ विकासखंड के विभिन्न गांवों में नलकूप खनन एवं पंप स्थापना के कार्य स्वीकृत किए गए हैं। इन योजनाओं से ग्रामीणों को पेयजल संकट से राहत मिलेगी और जलापूर्ति व्यवस्था मजबूत होगी। शिक्षा, पोषण एवं खाद्य सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए तमनार विकासखंड के पेलमा एवं लालपुर में नवीन आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण तथा पेलमा एवं खर्रा में प्राथमिक शाला भवनों के निर्माण को स्वीकृति दी गई है। वहीं रायगढ़ विकासखंड के लामीदरहा में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) भवन निर्माण के लिए भी राशि मंजूर की गई है, जिससे ग्रामीणों को राशन वितरण की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। जिला प्रशासन ने सभी निर्माण एजेंसियों को कार्यों को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद खनन प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल, पशु चिकित्सा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विस्तार होगा तथा हजारों परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आएगा। यह विकास पैकेज रायगढ़ के संतुलित और समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

बांग्लादेश की संसद में उठा शुभेंदु अधिकारी का मुद्दा, सांसद ने भारत से की कार्रवाई की मांग

ढाका  बांग्लादेश की संसद में सत्तारूढ़ BNP के सांसद ने अपने देश के स्पीकर से एक बेहद बचकाना मांग की है. बांग्लादेश के सांसद जीएम सिराज ने अपने देश की संसद में कहा है कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की बयानबाजियों पर लगाम लगाया जाए, उनके बयान भारत-बांग्लादेश की दोस्ती के हित में नहीं हैं।  सिराज ने बांग्लादेश की संसद में 2026-27 वित्तीय वर्ष के प्रस्तावित बजट पर चर्चा के दौरान यह बात कही. सिराज ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर भारत की ओर से घुसपैठ रोकने की भी मांग की।  BNP सांसद ने संसद की कार्यवाही के दौरान कहा, "माननीय स्पीकर महोदय, मैं आपके माध्यम से मोदी सरकार से कहना चाहता हूं कि पश्चिम बंगाल के नेता शुभेंदु बाबू को रोका जाना चाहिए. बांग्लादेश के खिलाफ उनके सभी बयान, जो वे समय-समय पर देते रहते हैं, दोनों देशों की दोस्ती में बाधा बन गए हैं।  उन्होंने कहा कि यहां शेख हसीना का कोई लेना-देना नहीं है. हमें शेख हसीना की कोई चिंता नहीं है. वह अब बांग्लादेश में नहीं हैं. वे अब सीन से बाहर हैं।  यह कहते हुए कि बांग्लादेश की राजनीति में शेख हसीना अब अहम नहीं रहीं, जीएम सिराज ने आगे कहा, "हम सभी बांग्लादेश-भारत की दोस्ती को दोस्ताना और सम्मानजनक तरीके से बनाए रखना चाहते हैं।  जीएम सिराज ने कहा कि कोई अपने पड़ोसी से मुंह नहीं मोड़ सकता. उन्होंने ने कहा, "दो दोस्तों के बीच दोस्ती कम समय की हो सकती है; यहां तक ​​कि पति-पत्नी का रिश्ता भी कम समय का हो सकता है. पति-पत्नी का तलाक हो सकता है. लेकिन भारत और बांग्लादेश के बीच पड़ोसी के इस रिश्ते में तलाक नहीं हो सकता।  बांग्लादेश में भारत के नए हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी के बांग्लादेश पहुंचने के बाद दोनों देशों के रिश्तों पर दिए गए बयानों का ज़िक्र करते हुए, जीएम सिराज ने कहा कि उन बयानों ने सोशल मीडिया पर बहस छेड़ दी थी।  इस सांसद ने भारत से लोगों का दिल जीतने की अपील करते हुए कहा कि हम भारत-विरोधी या बांग्लादेश-विरोधी भावना नहीं चाहते. ऐसी बातें नहीं होनी चाहिए. हम शांतिपूर्ण स्थिति में रहना चाहते हैं. इस संबंध में भारत की मौजूदा सरकार से मेरा विनम्र अनुरोध है कि कृपया लोगों को जबरन वापस भेजने (पुश-इन) की कार्रवाई बंद करें।  बता दें कि पश्चिम बंगाल समेत भारत के अन्य हिस्सों में अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान चल रहा है. सरकार ऐसे बांग्लादेशियों को पकड़कर वापस भेज रही है. हालांकि बांग्लादेश इन कदमों का विरोध कर रहा है और कह रहा है कि इन्हें भारत जबरन बांग्लादेश में धकेल रहा है। 

उद्धव ठाकरे की बैठक में नहीं पहुंचे 23 MLA, पवार की अनुपस्थिति ने तेज की राजनीतिक चर्चाएं

मुंबई महाराष्ट्र की राजनीति में एक और बड़े भूचाल के संकेत मिल रहे हैं। महा विकास अघाड़ी (MVA) गठबंधन में सबकुछ ठीक नहीं चल रहा है। शाम को बुलाई गई गठबंधन की एक अहम रणनीतिक बैठक से 60 में से 23 विधायकों ने दूरी बना ली। विधायकों के अलावा, इनमें शरद पवार जैसे बड़े नाम भी शामिल हैं। हाल ही में उद्धव ठाकरे गुट के 6 सांसदों के एकनाथ शिंदे गुट में शामिल होने के बाद अब विधायकों की इस गैरमौजूदगी ने गठबंधन के भविष्य पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मुश्किल घड़ी में उद्धव ठाकरे का दर्द भी छलक पड़ा है और उन्होंने पूछा है- "क्या हम सच में एक साथ हैं?" बैठक से नदारद रहे ये दिग्गज नेता यह अहम बैठक मुख्य रूप से मॉनसून सत्र के लिए रणनीति तैयार करने के मकसद से बुलाई गई थी, लेकिन इसमें कई बड़े नेता नहीं पहुंचे। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के मुखिया शरद पवार और उनके वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल इस बैठक में शामिल नहीं हुए। बताया गया कि वे निजी कारणों से उपलब्ध नहीं थे। कांग्रेस नेता नाना पटोले और विजय वडेट्टीवार भी बैठक से गायब रहे। वडेट्टीवार के कार्यालय की ओर से जानकारी दी गई कि वे अस्वस्थ हैं। हालांकि, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और ठाकरे गुट के संकटमोचक संजय राउत इस बैठक में मौजूद रहे। उद्धव ठाकरे ने जाहिर की अपनी पीड़ा पिछले हफ्ते शिवसेना (यूबीटी) के 6 सांसदों ने बगावत करते हुए एकनाथ शिंदे गुट का दामन थाम लिया था। चार साल में दूसरी बार अपनी पार्टी टूटने का दंश झेल रहे पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बैठक में अपनी हताशा जाहिर की। उन्होंने गठबंधन के नेताओं से पूछा, "क्या हम वाकई एक साथ हैं?" बागी सांसदों का जिक्र करते हुए उद्धव ने अपील की कि हमें उन लोगों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जो हमारे साथ हैं। उन्होंने स्पष्ट कहा, "जो चले गए… उन्हें जाने दें।" उद्धव ठाकरे ने एकजुटता पर सवाल उठाते हुए कहा, "हम कहते हैं कि हम एक साथ हैं… लेकिन क्या हम सदन में महा विकास अघाड़ी के रूप में एकजुट हैं? क्या हम एक साथ मिलकर मुद्दे उठाते हैं?" क्या था बैठक का असली मकसद? रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बैठक में 6 बागी सांसदों के मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई। यह बैठक मुख्य रूप से तीन दिन पहले शुरू हुए मानसून सत्र की रणनीति तय करने के लिए बुलाई गई थी। लेकिन सांसदों की बगावत के तुरंत बाद हुई इस बैठक में विधायकों की गैरमौजूदगी को गठबंधन की एकता के 'टेस्ट' में फेल होने के तौर पर देखा जा रहा है। खतरे में एमवीए का अस्तित्व? नवंबर 2019 में वजूद में आए एमवीए (MVA) गठबंधन की स्थिरता पर हमेशा से सवालिया निशान रहे हैं। सात साल, तीन बड़े चुनावों और कई बगावतों का सामना करने के बावजूद यह गठबंधन अब तक टिका हुआ है। जून 2022 में शिवसेना में हुई बड़ी बगावत के बाद, ठीक उसी तर्ज पर जून 2023 में एनसीपी में भी टूट हुई थी। कांग्रेस-एनसीपी और कट्टर हिंदुत्व वाली शिवसेना के एक साथ आने को आलोचकों ने हमेशा 'अवसरवादी राजनीति' करार दिया है। कई राजनीतिक जानकारों का मानना है कि लगातार हो रही बगावत और अब विधायकों की दूरी यह संकेत दे रही है कि एमवीए गठबंधन अपने आखिरी दौर से गुजर रहा है।  

दिव्यांगता के बारे में स्कूली स्तर पर सभी को बनाएं संवेदनशील

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि दिव्यांगजन के आवागमन के लिए सभी शासकीय भवनों को बाधारहित बनाना आवश्यक है। बच्चों में दिव्यांगता के बारे में संवेदनशीलता विकसित करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रम में आवश्यक सामग्री शामिल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नशामुक्ति के लिए चलायें जा रहे अभियान के लिए सभी संबंधित विभागों को समन्वित रूप से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्परिणामों से किशोरों और युवाओं को समय रहते परिचित कराना जरूरी है। नशे के विरूद्ध वातावरण बनाने के उद्देश्य से स्कूली और महाविद्यालयीन स्तरों के पाठ्यक्रमों में नशे के विरूद्ध जागरूकता पर केंद्रित सामग्री शामिल की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि दिव्यांगजन को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराने और उनकी क्षमता अनुसार कौशल उन्नयन की गतिविधियां भी संचालित की जाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उक्त निर्देश सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की समीक्षा बैठक में दिए। मंत्रालय में गुरूवार को हुई बैठक में विभाग के मंत्रीनारायण सिंह कुशवाहा, मुख्य सचिवअनुराग जैन विशेष रूप से उपस्थित थे। दिव्यांगजन के लिए की गई है 168 स्मार्ट क्लास मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि जन्म दिवस, विवाह वर्षगांठ जैसे शुभ अवसरों और परिजन की स्मृति में जरूरतमंदों को भोजन कराने की परंपरा भारतीय संस्कृति में रही है। उन्होंने ऐसी व्यक्तिगत, पारिवारिक और सामाजिक पहल को, प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर निराश्रितों को भोजन कराने के लिए निश्चित व्यवस्था के रूप में विकसित करने का सुझाव दिया। बैठक में जानकारी दी गई कि मुख्यमंत्री सेवा पखवाड़ा अभियान वर्ष 2025 अंतर्गत प्रदेश में 6 करोड़ 52 लाख रुपए के कृत्रिम अंग एवं सहायक यंत्र दिव्यागंजन को उपलब्ध कराये गये। प्रदेश में दिव्यांगजन के लिए संचालित विशेष विद्यालयों में दिव्यांगजन के लिए 168 स्मार्ट क्लास तैयार की गई हैं। नशामुक्ति भारत अभियान के अंतर्गत 12 हजार वालेंटियर्स बनाये गये हैं, जो नशे के दुष्परिणामों से जन सामान्य को अवगत करा रहे हैं। दिव्यांगजन को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार उपलबध कराने के लिए भारत सरकार से प्राप्त पुरस्कार संस्थानों से एमओयू किया गया है। इन संस्थाओं द्वारा 12 दिव्यांगजनों को रोजगार उपलब्ध कराया गया। वृद्धजनों की देखभाल के लिए 54 प्रतिभागियों को केयर-गिवर का प्रशिक्षण दिलवाया गया। बैठक में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की बिंदुवार समीक्षा की। बैठक में अपर मुख्य सचिवनीरज मंडलोई,संजय शुक्ला,मनीष रस्तोगी, प्रमुख सचिव श्रीमती सोनाली वायंगणकर सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।  

पहचान छिपाकर विवाह विवाद में बड़ा फैसला, पत्नी और बेटी को हर महीने ₹20 हजार देने होंगे

 इंदौर  धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह करने और बाद में मतांतरण के लिए दबाव बनाने से जुड़े मामले में मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर पीठ ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है।न्यायमूर्ति गजेंद्र सिंह की एकल पीठ ने कहा कि यदि किसी महिला से धार्मिक पहचान छिपाकर विवाह किया और उससे संतान भी जन्मीं हो, तो केवल विवाह की वैधता के तकनीकी आधार पर महिला को भरण-पोषण के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने पीड़िता और उसकी अवयस्क पुत्री के लिए 10-10 हजार रुपये, यानी कुल 20 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण मंजूर किया है। याचिकाकर्ता का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता राजेश जोशी ने बताया कि 23 फरवरी 2020 को कोरोना के दौरान मुस्तफा ने स्वयं को हिंदू बताकर एक महिला से मंदिर में विवाह किया था। जब महिला गर्भवती हुई, तब उसे आधार कार्ड के माध्यम से पति की वास्तविक धार्मिक पहचान का पता चला। आरोप है कि इसके बाद पति ने उस पर धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। महिला ने परिवार न्यायालय में भरण-पोषण के लिए आवेदन प्रस्तुत किया, लेकिन 2023 में परिवार न्यायालय ने यह कहते हुए उसका आवेदन निरस्त कर दिया कि वह कानूनी रूप से विवाहित पत्नी नहीं है। अदालत ने केवल उसकी पुत्री के लिए दो हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण मंजूर किया था। इस आदेश को चुनौती देते हुए महिला ने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। जिसके बाद अदालत ने परिवार न्यायालय के फैसले को पलटते हुए दोनों के लिए प्रतिमाह 20 हजार रुपये भरण-पोषण की राशि का आदेश दिया।  

भोपाल के ईशान ने बढ़ाया प्रदेश का मान, CA इंटरमीडिएट में हासिल की ऑल इंडिया टॉप-15 रैंक

भोपाल  द इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया ने सीए इंटरमीडिएट परीक्षा मई 2026 के परिणाम जारी कर दिए हैं. इस परीक्षा में भोपाल परीक्षा केंद्र के छात्र ईशान मुकेश मंगल ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे देश में 15वीं रैंक हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया है. ईशान मुकेश मंगल ने 600 में से 476 अंक (79.33 प्रतिशत) हासिल कर भोपाल में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।  ईशान मुकेश ने देश में रोशन किया भोपाल का नाम वहीं, भोपाल में दूसरे स्थान पर मान्या गोस्वामी (64.50 प्रतिशत) रहीं. जबकि मोहित कछवानी और नंदिनी गुप्ता ने 62.83 प्रतिशत अंकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरा और सक्षम अग्रवाल (58.67 प्रतिशत) ने चौथा स्थान प्राप्त किया है. इस परीक्षा में भोपाल से दोनों ग्रुप में शामिल हुए 215 उम्मीदवारों में से 13 छात्रों ने दोनों ग्रुपों को सफलतापूर्वक उत्तीर्ण की है।  9 महीने की मेहनत में पाई सफलता ईशान ने ईटीवी भारत को बताया, "सीए फाउंडेशन का परिणाम जारी होते ही आगे की पढ़ाई का एक खाका खींच लिया था. 9 महीनों में समय का पूरा सदुपयोग किया. इसके लिए सिलेबस को भी छोटे-छोटे भागो में बांट कर पढ़ाई की. शुरुआत के चार महीनों में ग्रुप-2 के सभी विषयों के साथ-साथ टैक्सेशन के पाठ्यक्रम को पूरा किया।  शॉर्ट फॉर्म तकनीक ने दिलाई सफलता उन्होंने आगे बताया, "ग्रुप-1 की पढ़ाई के साथ ही रिवीजन प्रक्रिया प्रारंभ कर दी और अंतिम ढाई महीने केवल रिवीजन पर केंद्रित रखा. टैक्सेशन विषय को बार-बार प्रोविजन्स पढ़कर मजबूत किया. वहीं, ऑडिट जैसे थ्योरी विषय को सरल रूप में याद रखने के लिए शिक्षकों द्वारा सिखाई गई शार्ट फॉर्म तकनीक का उपयोग किया।  रोजाना 9 से 10 घंटे अध्ययन ईशान ने आगे बताया, "नियमित दिनचर्या में रोजाना 9 से 10 घंटे अध्ययन करते थे, जिसे मुख्य परीक्षा से एक महीना पहले बढ़ाकर 12 घंटे तक कर दिया था. विषयों को समझने के लिए क्लासेस की मदद ली और खुद के मूल्यांकन के लिए सेल्फ स्टडी का सहारा लिया. वहीं, अंतिम समय में किसी भी तरह के मानसिक तनाव से बचने के लिए कोई भी नया टॉपिक नहीं छुआ. बस पहले से पढ़े गए नोट्स का ही अभ्यास किया. इस दौरान इंस्टाग्राम जैसे मनोरंजन आधारित सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से पूरी तरह दूरी बना ली थी। 

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय करेंगे शुभारंभ, 29-30 जून को होगा दो दिवसीय आयोजन

रायपुर  पर्यटन एवं संस्कृति मंत्रीराजेश अग्रवाल ने गुरुवार को सरगुजा जिले के विकासखंड उदयपुर स्थित रामवनगमन पर्यटन परिपथ एवं विश्व की प्राचीनतम नाट्यशाला रामगढ़ का विस्तृत स्थल निरीक्षण कर महोत्सव की तैयारियों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने आयोजन स्थल पर पहुंचकर विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित होने वाला यह महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक अस्मिता का महत्वपूर्ण उत्सव होगा, इसलिए आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था सुव्यवस्थित, सुरक्षित एवं आकर्षक होनी चाहिए। निरीक्षण के दौरान मंत्रीअग्रवाल ने सीताबेंगरा, हाथी पोल, हेलीपैड, मुख्य मंच, पार्किंग स्थल, पंडाल, बैठक व्यवस्था, विद्युत आपूर्ति, पेयजल, स्वच्छता, यातायात प्रबंधन तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए जाने वाले प्रदर्शनी एवं विभागीय स्टॉलों की तैयारियों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने विशेष रूप से सीताबेंगरा और हाथी पोल क्षेत्र में पर्यटकों की सुविधा एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि महोत्सव में आने वाले पर्यटकों एवं श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए मूलभूत सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा, आगंतुकों की आवाजाही, यातायात नियंत्रण, सुरक्षा प्रबंधन तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए आयोजन को सफल बनाया जाए। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी तालमेल के साथ कार्य करें ताकि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की सांस्कृतिक गरिमा के अनुरूप भव्य और यादगार आयोजन के रूप में स्थापित हो। मंत्रीअग्रवाल ने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक परंपरा, ऐतिहासिक धरोहरों और पुरातात्विक महत्व को नई पहचान देने का अवसर है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को नई गति देगा, बल्कि स्थानीय कला, संस्कृति, लोक परंपराओं एवं रोजगार के नए अवसरों को भी प्रोत्साहित करेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से देश-विदेश के पर्यटकों का आकर्षण रामगढ़ की ओर बढ़ेगा और सरगुजा क्षेत्र पर्यटन के नए केंद्र के रूप में स्थापित होगा। उन्होने आगे कहा कि रामगढ़ महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। रामगढ़ की विश्वविख्यात धरोहरों, सीताबेंगरा एवं जोगीमारा गुफाओं तथा रामवनगमन पर्यटन परिपथ को पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य को लेकर आगामी 29 एवं 30 जून को आयोजित होने वाले दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव की सभी तैयारियां समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण की जा रही हैं। कलेक्टरअजीत वसंत ने भी सभी विभागीय अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों का समय पर निर्वहन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ पुलिस अधीक्षकराजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीविनय कुमार अग्रवाल, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंतावीरेंद्र चौधरी, अनुविभागीय अधिकारीरामराज सिंह, उदयपुर जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारीवेद प्रकाश गुप्ता सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय करेंगे नवीन लोगो का विमोचन, आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी करेंगे प्रेस वार्ता को संबोधित

रायपुर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 के अंतर्गत लक्की ड्रॉ में चयनित हितग्राहियों को उपहार वितरण समारोह 26 जून 2026 को न्यू सर्किट हाउस परिसर, नवा रायपुर अटल नगर में आयोजित किया जाएगा। इसी अवसर पर मंडल के नवीन लोगो का भी विमोचन किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि मंडल द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय आवास मेला-2025 तथा 23 नवम्बर 2025 से 31 दिसम्बर 2025 तक विभिन्न आवासीय एवं व्यावसायिक योजनाओं में पंजीयन कर भवन आबंटन प्राप्त करने वाले हितग्राहियों के लिए 22 जून 2026 को विशेष लक्की ड्रॉ आयोजित किया गया था। इस ड्रॉ में विजेताओं का चयन मारुति स्विफ्ट कार, होंडा शाइन मोटरसाइकिल, होंडा एक्टिवा स्कूटी, वाशिंग मशीन, रेफ्रिजरेटर, टेलीविजन सहित अनेक आकर्षक उपहारों के लिए किया गया है। उपहार वितरण समारोह में लक्की ड्रॉ के चयनित विजेताओं को सम्मानपूर्वक पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। साथ ही मंडल द्वारा आयोजित नवीन लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेता रचनाकार को 2.50 लाख रुपये की पुरस्कार राशि भी प्रदान की जाएगी। समारोह में मुख्यमंत्रीविष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी करेंगे। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के अध्यक्षअनुराग सिंह देव सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का आयोजन 26 जून 2026, शुक्रवार को दोपहर 1:30 बजे से किया जाएगा। कार्यक्रम उपरांत आवास एवं पर्यावरण मंत्रीओ.पी. चौधरी दोपहर 3:00 बजे प्रेस वार्ता को संबोधित करेंगे। मंडल ने सभी लक्की ड्रॉ विजेताओं, हितग्राहियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों को समारोह में सहभागी बनने हेतु आमंत्रित किया है।

GYM में एक्सरसाइज करते समय युवक की गई जान, मोहाली की घटना से लोग सहमे

मोहाली. फेज-3बी2 स्थित एक जिम में वर्कआउट के दौरान 23 वर्षीय युवक की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान मुकेश, निवासी सेक्टर-56, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और जिम में मौजूद लोगों में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, मुकेश रोजाना की तरह जिम में वर्कआउट कर रहा था। इसी दौरान उसकी अचानक तबीयत बिगड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पहले उसे चक्कर आए और फिर वह बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़ा। जिम में मौजूद लोगों और उसके दोस्तों ने तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। फिलहाल पुलिस और परिवार पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं, जिसके बाद ही मौत के सही कारण का पता चल सकेगा। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, वर्कआउट के दौरान अचानक तबीयत बिगड़ने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इनमें पहले से मौजूद लेकिन अनजान हृदय संबंधी बीमारी, अत्यधिक शारीरिक दबाव, शरीर में पानी की कमी, पर्याप्त नींद न लेना, हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज, अनियंत्रित ब्लड प्रेशर या किसी अन्य स्वास्थ्य समस्या को नजरअंदाज करना शामिल है। कुछ मामलों में अत्यधिक सप्लीमेंट्स या स्टेरॉयड का सेवन भी जोखिम बढ़ा सकता है। हालांकि, मुकेश की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगी। 

बस्तर को आयुर्वेदिक AIIMS दिलाने की पहल, CM साय ने केंद्र के सामने रखा प्रस्ताव

रायपुर. मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय आज अपने दो दिवसीय दिल्ली प्रवास से रायपुर लौटे। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि दिल्ली में केंद्रीय नेताओं के साथ छत्तीसगढ़ के विकास से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर सार्थक बातचीत हुई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात के दौरान बस्तर क्षेत्र के विकास और सुरक्षा से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने बताया कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन से भी सौजन्य मुलाकात की। इसके अलावा केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से भी मिलकर छत्तीसगढ़ में आयुर्वेदिक एम्स स्थापित करने की मांग रखी। सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ का लगभग 44 प्रतिशत भूभाग वन क्षेत्र से आच्छादित है और यहां विभिन्न प्रकार की औषधीय जड़ी-बूटियां प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। ऐसे में राज्य में आयुर्वेद आधारित शोध और उपचार को बढ़ावा देने के लिए आयुर्वेदिक एम्स की स्थापना आवश्यक है। इस संबंध में केंद्र सरकार के समक्ष मांग रखी गई है। यूपीएससी अभ्यर्थियों के लिए बेहतर व्यवस्था मुख्यमंत्री ने बताया कि दिल्ली में छत्तीसगढ़ के युवाओं के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। वहां रहकर पढ़ाई करने वाले 13 विद्यार्थियों ने यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा (Prelims) उत्तीर्ण की है। अब इन अभ्यर्थियों की मुख्य परीक्षा (Mains) की बेहतर तैयारी के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। आपातकाल को बताया संविधान हत्या दिवस भाजपा आपातकाल को आज काला दिवस के रूप में आज मना रही है। 25 जून को आपातकाल की वर्षगांठ पर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज का दिन “संविधान हत्या दिवस” के रूप में मनाया जा रहा है। 25 जून 1975 को देश में लोकतंत्र की हत्या हुई थी और उस दौरान गैर-कांग्रेसी नेताओं को जेलों में डाल दिया गया था। सीएम साय ने कहा कि आपातकाल के दौरान नागरिकों के संवैधानिक अधिकार छीन लिए गए थे और लोगों को उनके मौलिक अधिकारों से वंचित किया गया था। नई पीढ़ी को उस दौर की जानकारी हो, इसलिए एनसीईआरटी के पाठ्यक्रम में आपातकाल को शामिल किया गया है। कोचिंग सेंटरों की होगी जांच हाल ही में लखनऊ के कोचिंग संस्थान में हुए हादसे का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने मुख्य सचिव (सीएस) को निर्देश दिए हैं कि प्रदेश के सभी कोचिंग सेंटरों की जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाएगा।