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CM मान आज लुधियाना से करेंगे ‘सूरमा’ अभियान का आगाज, नशामुक्ति की मिसाल बने 6 युवाओं का होगा सम्मान

लुधियाना पंजाब को नशामुक्त बनाने और युवाओं को नशे की दलदल से बाहर निकालने की दिशा में राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान शनिवार को लुधियाना में नशा विरोधी अभियान के तहत ‘सूरमा’ मुहिम की शुरुआत करेंगे।  नशे जैसी गंभीर समस्या को हराना किसी जंग जीतने से कम नहीं माना जा रहा है। इसी के तहत पंजाब सरकार ने उन युवाओं को ‘सूरमा’ (योद्धा) का नाम दिया है, जिन्होंने अपनी दृढ़ इच्छाशक्ति से नशे को मात दी है। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण भी ऐसे ही युवा होंगे। 6 युवाओं का होगा विशेष सम्मान इस मुहिम के तहत मुख्यमंत्री भगवंत मान आज ऐसे 6 युवाओं को मंच पर विशेष रूप से सम्मानित करेंगे, जो कभी नशे की गिरफ्त में थे, लेकिन अब पूरी तरह नशा छोड़ चुके हैं। ये सभी युवा अब समाज की मुख्यधारा से जुड़कर विभिन्न कार्यों में लगे हुए हैं। कोई मेहनत-मजदूरी कर रहा है तो कोई छोटा-मोटा रोजगार चलाकर अपने परिवार का सम्मानपूर्वक पालन-पोषण कर रहा है। सरकार का उद्देश्य इन युवाओं को सम्मानित कर यह संदेश देना है कि नशे को छोड़कर एक बेहतर और सम्मानजनक जीवन की शुरुआत की जा सकती है। प्रशासन की तैयारियां मुकम्मल लुधियाना के गुरु नानक भवन में होने वाले इस बड़े आयोजन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कार्यक्रम को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसमें कई कैबिनेट मंत्री, विधायक और पुलिस-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे। दूसरों के लिए बनेगी प्रेरणा इस मुहिम का मुख्य उद्देश्य राज्य के अन्य युवाओं को प्रेरित करना है। जो युवा अभी भी नशे के जाल में फंसे हैं, उन्हें यह संदेश देना है कि नशा छोड़ने पर सरकार और समाज दोनों उनके साथ खड़े हैं। यह सम्मान समारोह उन माता-पिता के लिए भी उम्मीद की किरण लेकर आया है, जिनके बच्चे इस बुरी लत का शिकार हैं। ‘सूरमा’ मुहिम पंजाब के युवाओं में नई ऊर्जा और सकारात्मक बदलाव लाने का काम करेगी।  

तंगहाली से जीत तक का सफर, बिलाईगढ़ की राजकुमारी ने संघर्ष से लिखी सफलता की नई कहानी

तंगहाली के काँटों को रौंदकर महकी बिलाईगढ़ की राजकुमारी पलायन की त्रासदी से 'लखपति दीदी' बनने की मुकम्मल दास्तान रायपुर     ​छत्तीसगढ़ की माटी में संघर्ष और स्वावलंबन की एक ऐसी अमिट इबारत लिखी है श्रीमती राजकुमारी साहू ने। कभी दो वक्त की सूखी रोटी और बच्चों के बेहतर भविष्य की तलाश में अपनी सरजमीं छोड़कर दूसरे राज्यों में पलायन करने को मजबूर राजकुमारी, आज सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के विकासखंड बिलाईगढ़ के ग्राम बिलासपुर में आत्मनिर्भरता की नई परिभाषा गढ़ रही हैं। कल तक जो हाथ तंगहाली के आगे बेबस थे, आज वे 'बिहान' योजना की बदौलत न सिर्फ अपने परिवार की किस्मत बदल रहे हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी रफ्तार दे रहे हैं। ​मजबूरी का वो दौर: जब रास्ते धुंधले थे        ​राजकुमारी साहू का शुरुआती जीवन किसी आम साधनहीन ग्रामीण महिला की तरह अभावों के साए में बीता। परिवार में आय का कोई स्थायी जरिया नहीं था। जब गाँव में उम्मीद की सारी खिड़कियाँ बंद नजर आने लगीं, तो पेट की आग बुझाने के लिए उन्हें अपने परिवार के साथ अन्य राज्यों की ओर रुख करना पड़ा। दूसरे प्रदेशों की तंग गलियों और कठिन परिस्थितियों में मजदूरी करते हुए उनके मन में हमेशा एक ही कसक रहती थी— "क्या कभी अपनी माटी में रहकर, अपने बच्चों के सामने सिर उठाकर जीने का मौका मिलेगा?" ​'बिहान' का उजला सवेरा और 'जय मां संतोषी' का संकल्प      ​कहते हैं कि जब आपके भीतर कुछ कर गुजरने की तड़प हो, तो रास्ते खुद-ब-खुद बन जाते हैं। राजकुमारी के जीवन में यह रास्ता छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन यानी 'बिहान' ने खोला। गाँव लौटने पर जब उन्हें महिला स्व-सहायता समूहों के बारे में पता चला, तो उनके भीतर सोया हुआ नेतृत्व गुण जाग उठा। उन्होंने ठान लिया कि वे अब खुद को और गाँव की दूसरी महिलाओं को लाचारी के दलदल से बाहर निकालेंगी।​शुरुआत बेहद चुनौतीपूर्ण थी। गाँव की झिझकती और आशंकित महिलाओं को वित्तीय स्वतंत्रता का पाठ पढ़ाना आसान नहीं था। राजकुमारी ने हार नहीं मानी। उन्होंने लगातार बैठकें कीं, महिलाओं की झिझक को तोड़ा और आखिरकार 10 कर्मठ महिलाओं को साथ लेकर 'जय मां संतोषी महिला स्व-सहायता समूह' की नींव रखी। प्रति माह 100 रुपए की मामूली बचत से शुरू हुआ यह सफर, दरअसल उनके बड़े सपनों की पहली किस्त थी। ​पलायन के दर्द को बनाया हुनर: ऐसे खड़ा हुआ आइसक्रीम का साम्राज्य       ​राजकुमारी की दूरदर्शिता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने पलायन के दौरान मिले कड़वे अनुभवों को भी अपनी ताकत बना लिया। बाहर मजदूरी करते समय उन्होंने आइसक्रीम और कुल्फी बनाने की प्रक्रिया को बड़े ध्यान से देखा था। उन्होंने सोचा कि क्यों न इस हुनर को अपने गाँव में ही रोजगार का जरिया बनाया जाए। 'बिहान' योजना ने उनके इस अभिनव आइडिया पर भरोसा जताया और समूह के माध्यम से उन्हें 1 लाख 50 हज़ार रुपए का बैंक लोन तथा 60 हज़ार रुपए की सामुदायिक निवेश राशि (CIF) स्वीकृत की गई। इस पूंजी से राजकुमारी ने स्थानीय बाजार से कच्चा माल खरीदा और अपने परिवार के सहयोग से घर पर ही मटका कुल्फी, तरह-तरह की आइसक्रीम और बादाम शेक जैसे लजीज उत्पाद तैयार करने लगीं। शुद्धता और बेजोड़ स्वाद के कारण देखते ही देखते उनके उत्पादों की मांग बिलाईगढ़ और उसके आसपास के बाजारों में तेजी से बढ़ गई। ​      ​राजकुमारी साहू की मेहनत ने आज उनके उद्यम को एक सफल मुकाम पर पहुँचा दिया है, जिसकी बानगी इन आँकड़ों में साफ देखी जा सकती है। आज यह समूह और राजकुमारी साहू 3 लाख रुपए से अधिक की वार्षिक आय अर्जित कर रहे हैं। कल तक जो महिला अपनी दैनिक जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर थी, आज वह शान से 'लखपति दीदी' की कतार में खड़ी है। ​गृहिणी से 'सफल उद्यमी': एक रोल मॉडल का उदय      ​श्रीमती राजकुमारी साहू आज सिर्फ एक सफल व्यावसायिक नाम नहीं हैं, बल्कि वे ग्रामीण छत्तीसगढ़ के बदलते परिदृश्य का एक जीवंत प्रतीक हैं। आज वे खुद प्रशिक्षित होकर एक पेशेवर उद्यमी की भूमिका निभा रही हैं। वे न केवल अपने परिवार को आर्थिक संबल दे रही हैं, बल्कि अपने समूह की अन्य दीदियों को भी व्यवसाय के नए गुर सिखाकर उन्हें सशक्त बना रही हैं।      ​राजकुमारी साहू की यह प्रेरक दास्तान छत्तीसगढ़ की हर उस महिला को संबल देती है, जो विपरीत परिस्थितियों से लड़कर अपना आसमान खुद छूना चाहती है। उन्होंने साबित कर दिया है कि यदि सही अवसर, प्रशासनिक सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति का संगम हो, तो ग्रामीण अंचल की एक साधारण गृहिणी भी अपने भाग्य की विधाता बन सकती है।

मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत पर 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर वाहन जप्त,

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सख्ती का असर: गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में अवैध खनन पर बड़ी कार्रवाई मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायत पर 3 जेसीबी और 3 ट्रैक्टर वाहन जप्त,   खनिज संपदा की लूट नहीं होगी बर्दाश्त, अवैध उत्खनन करने वालों पर होगी कठोर कार्रवाई-मुख्यमंत्री साय  रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा खनिजों के अवैध उत्खनन और परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने अवैध खनन और परिवहन के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 जेसीबी मशीन तथा 3 ट्रैक्टर वाहनों को जप्त किया है। यह कार्रवाई राज्य सरकार की शून्य सहिष्णुता की नीति को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू किए जाने का प्रमाण है। जिले के देवराजपारा-सधवानी तथा बंधी-बचरवार क्षेत्र में खनिज मुरूम एवं मिट्टी के अवैध उत्खनन की शिकायत प्राप्त होने पर तत्काल जांच कराई गई। वहीं सिलपहरी क्षेत्र में खनिज रेत के अवैध परिवहन की सूचना पर भी खनिज विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित वाहनों को जप्त कर लिया। कार्रवाई के दौरान देवराजपारा-सधवानी क्षेत्र से दो जेसीबी, बंधी-बचरवार क्षेत्र से एक जेसीबी तथा सिलपहरी क्षेत्र से रेत परिवहन में लगे तीन ट्रैक्टर वाहनों को जब्त कर सुरक्षित रूप से पुलिस लाइन अमरपुर में रखा गया है। उल्लेखनीय है कि सधवानी के ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन के टोल फ्री नंबर 1076 तथा कलेक्टर के समक्ष अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराई थी। मुख्यमंत्री की जनहितकारी शिकायत निवारण व्यवस्था के माध्यम से प्राप्त शिकायत पर कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने तत्काल संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को जांच एवं आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। जिला प्रशासन की सक्रियता और खनिज विभाग की तत्परता से शिकायत पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की गई, जिससे आमजन का शासन-प्रशासन पर विश्वास और मजबूत हुआ है। कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने स्पष्ट किया है कि जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन अथवा भंडारण जैसी किसी भी गतिविधि को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित निगरानी, सतत निरीक्षण तथा शिकायत प्राप्त होते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं, ताकि जिले की प्राकृतिक संपदा का संरक्षण हो सके और शासन को राजस्व की क्षति न पहुंचे। खनिज विभाग के अनुसार जप्त किए गए सभी वाहनों के मालिकों के विरुद्ध खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कार्रवाई की जा रही है। नियमानुसार अर्थदंड एवं समझौता राशि निर्धारित खनिज मद में जमा कराने के बाद ही संबंधित वाहनों को मुक्त किया जाएगा। इस कार्रवाई में सहायक खनिज अधिकारी आदित्य मानकर, खनिज निरीक्षक सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे तथा नगर सैनिक सतीश साहू सहित जिला खनिज उड़नदस्ता दल के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण, सुशासन, पारदर्शिता और कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अवैध खनन के विरुद्ध कठोर रुख अपनाते हुए जनशिकायतों पर त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित कर रही है।

शोएब अख्तर के भाई के जनाजे पर विवाद, वायरल वीडियो में आतंकी संगठन से जुड़े चेहरों को लेकर उठे सवाल

इस्लामाबाद पाकिस्तान के पूर्व क्रिकेटर शोएब अख्तर एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह क्रिकेट नहीं बल्कि उनके बड़े भाई शाहिद अख्तर का जनाजा है. सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में दावा किया जा रहा है कि नमाज-ए-जनाजा में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और उससे जुड़े राजनीतिक संगठन पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग (PMML) के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे।  रिपोर्ट्स के मुताबिक, शाहिद अख्तर का जनाजा इस्लामाबाद के H-8 कब्रिस्तान में हुआ. वायरल वीडियो में पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान समेत कई लोगों के दिखाई देने का दावा किया गया है. सोशल मीडिया पर यह भी कहा जा रहा है कि वीडियो PMML से जुड़े आधिकारिक प्लेटफॉर्म पर साझा किया गया।  इनाम-उर-रहमान का नाम पहले भी चर्चा में रहा है. पाकिस्तान मरकज़ी मुस्लिम लीग को लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद से जुड़ा राजनीतिक मंच बताया जाता रहा है. सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों में इनाम-उर-रहमान को पहलगाम हमले के कथित मास्टरमाइंड सैफुल्लाह कसूरी के साथ भी दिखाए जाने का दावा किया जा रहा है।  हाफिज सईद करीबी थे शामिल  शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर के जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े नेताओं की मौजूदगी देखी गई. जिसमें आतंकी हाफिज सईद के कई करीबी हुए जनाजे में शामिल हुए हैं. पीएमएमएल इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कम्बोह के शामिल होने की तस्वीरें सामने आई हैं. यह तस्वीरें और वीडियो लश्कर-ए-तैयबा  और पीएमएमएल की तरफ से आधिकारिक रूप से जारी किया गया है. शहीद अख्तर की जनाजे की नमाज पर पाकिस्तान सेंट्रल मुस्लिम लीग इस्लामाबाद के अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कंबोह, उप महासचिव अब्दुल्ला तूर, जोनल महासचिव हाफिज उमर, खिदमत कमेटी के अध्यक्ष अमजद भट्टी और अन्य मित्र उपस्थित थे।  कौन-कौन थे शामिल  शोएब अख्तर के भाई के जनाजे में इनाम उर रहमान काम्बोह दिखा था. यह इस्लामाबाद में संगठन का बड़ा चेहरा है. जिसके साथ कई जनाजे में शामिल दूसरे लोग भी लश्कर ए तैयबा से जुड़े हैं. बता दें कि पीएमएमएल पार्टी आतंकी हाफिज सईद के समर्थन से बनी पार्टी मानी जाती है. क्योंकि उसके संगठन लश्कर-ए-तैयबा पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार प्रतिबंध लग चुका है. ऐसे में पाकिस्तान की राजनीति में एक्टिव रहने के लिए हाफिज सईद के समर्थन से पीएमएमएल को बनाया गया था. लेकिन इस पार्टी से जुड़े लोग जब शोएब अख्तर के जनाजे में पहुंचे तो सवाल उठना लाजिमी है।  नेशनल असेंबली के स्पीकर और आतंकी भी जनाजे में शामिल इसी बीच पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर सरदार अयाज़ सादिक भी शोएब अख्तर के घर पहुंचे और शाहिद अख्तर के निधन पर परिवार के प्रति संवेदना जाहिर की. नेशनल असेंबली की तरफ से जारी बयान में कहा गया कि स्पीकर ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत देने की कामना की।  आतंकी पाकिस्तान में खुलेआम घूम रहे हैं जनाजे में कथित तौर पर प्रतिबंधित संगठन से जुड़े लोगों की मौजूदगी के दावों ने पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों और उनके राजनीतिक नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं. पिछले कई वर्षों से पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह आरोप लगते रहे हैं कि कुछ प्रतिबंधित संगठन अलग-अलग नामों और मंचों के जरिए अपनी गतिविधियां जारी रखते हैं।  बता दें कि शोएब अख्तर के भाई शाहिद अख्तर की मौत के बाद पाकिस्तान में बड़ी-बड़ी हस्तियों ने दुख जताया है. देश के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भी शोक संदेश भेजा है. जबकि पाकिस्तान की राजनीति से जुड़े दूसरे कई लोग और सेलिब्रिटीज और क्रिकेटर्स ने भी दुख जताया है. लेकिन जनाजे में पीएमएमएल और लश्कर ए तैयबा से जुड़े लोगों के पहुंचने से अब सवाल खड़े हो रहे हैं. क्योंकि पाकिस्तान में शोएब अख्तर बड़ा नाम माने जाते हैं। 

योगी सरकार का बड़ा फैसला, टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 ITI में शुरू होंगे आधुनिक कोर्स

योगी सरकार का बड़ा फैसला: टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से 149 आईटीआई और स्टाफ ट्रेनिंग सेंटर में चलेंगे आधुनिक कोर्सेज 1065 पदों पर आउटसोर्सिंग से होगी भर्ती, जेम पोर्टल से होगा  चयन  ईवी मैकेनिक, रोबोटिक्स, 3डी प्रिंटिंग, आई ओटी समेत 9 आधुनिक कोर्सेज में मिलेगी ट्रेनिंग लखनऊ, उत्तर प्रदेश की योगी  सरकार ने प्रदेश के युवाओं को वैश्विक स्तर पर रोजगार के नए अवसर प्रदान करने और उन्हें उन्नत तकनीकी शिक्षा से लैस करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 'कौशल विकास से आत्मनिर्भरता' के विजन को धरातल पर उतारते हुए राज्य सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (टीटीएल) के सहयोग से प्रदेश के 149 राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (आईटीआई) और 01 प्रादेशिक स्टाफ प्रशिक्षण एवं शोध केन्द्र, अलीगंज-लखनऊ में अत्याधुनिक कोर्सेज के संचालन को हरी झंडी दे दी है। प्रदेश के व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास और उद्यमशीलता राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश की तकनीकी शिक्षा को अपग्रेड किया जा रहा है। इसी क्रम में राज्यपाल की ओर से टाटा द्वारा विकसित किए गए आधुनिक व्यवसायों के सुचारु संचालन के लिए कुल 1,065 पदों की मैनपावर को आउटसोर्सिंग के माध्यम से रखने की स्वीकृति प्रदान कर दी गई है। इसके तहत प्रदेश भर में 171 कार्यदेशक (वर्कशॉप इंस्ट्रक्टर) और 894 प्रशिक्षकों (इंस्ट्रक्टर्स) की सेवाएं ली जाएंगी। मंत्री ने कहा  कि योगी सरकार युवाओं को रोजगार देने और व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। इन सभी 1,065 सेवाओं को 'आउटसोर्सिंग ऑफ सर्विस' (जॉब आउटसोर्सिंग) के आधार पर 'जेम पोर्टल' के माध्यम से क्रय किया जाएगा। सेवा प्रदाता एजेंसी का चयन पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं पारदर्शी रीति से कार्मिक विभाग, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम विभाग तथा श्रम विभाग के शासनादेशों के प्रावधानों और सुसंगत नियमों के आलोक में किया जाएगा। इन पदों हेतु शैक्षिक योग्यता आदि का निर्धारण प्रशिक्षण निदेशालय द्वारा तय कर शासन से अनुमोदित कराया जाएगा। यह आदेश वित्त विभाग की सहमति के बाद जारी कर दिया गया है। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के युवाओं को अब पारंपरिक कोर्सेज से इतर चौथी औद्योगिक क्रांति (इंडस्ट्री 4.0) के मांग वाले क्षेत्रों में प्रशिक्षित किया जाएगा। इन संस्थानों में इलेक्ट्रिक व्हीकल मैकेनिक, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एंड डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन, एडवांस्ड सीएनसी मशीनिंग तकनीशियन, मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस कंट्रोल एंड ऑटोमेशन, इंडस्ट्रियल इंटरनेट ऑफ थिंग्स तकनीशियन, एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग तकनीशियन/3डी प्रिंटिंग, सीएएम प्रोग्रामर, बेसिक डिजाइनर एंड वर्चुअल वेरिफायर-मैकेनिकल तथा आर्टिसन यूजिंग एडवांस्ड टूल जैसे 9 अत्याधुनिक कोर्सेज संचालित किए जा रहे हैं। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से संचालित होने वाले ये कोर्सेज प्रदेश के युवाओं को वैश्विक कंपनियों की जरूरत के मुताबिक तैयार करेंगे। आईटीआई से पास होने वाले छात्रों को न केवल देश में बल्कि विदेशों में भी बेहतरीन पैकेज पर रोजगार मिल सकेगा। योगी सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा 'स्किल हब' बनाना है और यह कदम उसी दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

कदमकुआं फायरिंग केस में अपडेटेड केस डायरी दाखिल, कोर्ट ने तीन दिन का समय दिया

 पटना  खान ग्‍लोबल स्‍टडीज के संचालक फैजल खान उर्फ खान सर की अग्र‍िम जमानत याचिका पर शनिवार को पटना सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई।   कदमकुआं थाने की पुलिस ने अपडेटेड केस डायरी सबम‍िट कर दी है। कोर्ट ने इस केस डायरी को पढ़ने के लिए तीन दिनों का समय दिया है। अब 30 जून को केस की सुनवाई होगी।   इस अवध‍ि तक फैजल खान की गिरफ्तारी पर रोक जारी रहेगी। उनके दो गार्ड जो जेल में बंद हैं, उनकी जमानत याचिका पर भी उसी दिन सुनवाई होगी।   फैजल खान पक्ष ने जताई आपत्‍त‍ि फैजल खान की अग्र‍िम जमानत याचिका को लेकर सभी की नजरें कोर्ट की तरफ लगी थी। बताया जाता है क‍ि कोर्ट में सुनवाई के दौरान उनके अधिवक्‍ता ने लगातार समय विस्‍तार का विरोध किया।   हालांक‍ि लोक अभ‍ियोजक एवं ज्ञान बिंदु के डायरेक्‍टर रौशन आनंद के वकील ने इसपर आपत्ति जताई। कहा कि केस डायरी ठीक से पढ़ने के लिए समय दिया जाए। इसपर कोर्ट ने तीन दिनों का समय दिया है।   दहशत के लिए चलवाई थी गोली फैजल खान के वकील अरविंद कुमार मौआर ने बताया क‍ि सरकारी वकील को अपडेटेड केस डायरी दी गई है। अब मंगलवार को फाइनल हियरिंग हो जाएगी। बताया जाता है कि अपडेटेड केस डायरी में पुलिस ने लिखा है कि आत्‍मरक्षा में नहीं बल्‍क‍ि दहशत के उद्देश्‍य से 2 जून की रात फायरिंग कराई गई थी। उस घटना को लेकर फैजल खान का नाम एफआईआर में बाद में जोड़ा गया था। 2 जून से अबतक हुए कई नाटकीय घटनाक्रम की वजह से केस में लोगों की दिलचस्‍पी बढ़ गई है। रौशन आनंद के भाई प्र‍िंस यादव की संदिग्‍ध पर‍िस्‍थ‍िति‍यों में मौत हो गई। बेल पर जेल से बाहर आए रौशन आनंद ने हत्‍या का आरोप सीधे फैजल खान और कोल्‍ड स्‍टोरेज के मालिक पर लगा दिया।

नारायणपुर में खरीफ सीजन की तैयारियां तेज, 47% खाद और 87% प्रमाणित बीजों का भंडारण पूरा

​नारायणपुर में खरीफ की तैयारियां तेज: 47% खाद और 87% प्रमाणित बीजों का भंडारण पूरा, वितरण में आई तेजी ​रायपुर     खरीफ सीजन 2026 को सफल बनाने और किसानों की समृद्धि सुनिश्चित करने के लिए कृषि विभाग नारायणपुर द्वारा युद्ध स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। जिले में किसानों को समय पर खाद और उन्नत बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए भंडारण और वितरण के कार्य में तेजी आई है, ताकि मानसूनी बुवाई के दौरान अन्नदाताओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।       ​कृषि विभाग द्वारा जारी ताजा प्रगति रिपोर्ट के अनुसार, जिले में खाद और बीज की उपलब्धता तथा वितरण की स्थिति काफी मजबूत है। जिले में लक्ष्य के मुकाबले अब तक आधे से अधिक खाद-बीज का वितरण पूरा किया जा चुका है।     जिले के खेतों को समृद्ध करने के लिए इस साल कुल 4,645 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक वितरण का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। इस लक्ष्य के मुकाबले विभाग अब तक 2,187.80 मीट्रिक टन खाद का सुरक्षित भंडारण कर चुका है, जो कि कुल लक्ष्य का लगभग 47 प्रतिशत है। राहत की बात यह है कि भंडारित की गई इस खाद में से 1,511.35 मीट्रिक टन यानी उपलब्ध खाद का 69 प्रतिशत किसानों के हाथों तक पहुंच चुका है, जिससे खेतों में शुरुआती पोषण की कमी नहीं होगी।       दूसरी ओर, खेतों में बेहतर अंकुरण और बंपर पैदावार के लिए प्रमाणित बीजों का वितरण भी बेहद संतोषजनक है। जिले को इस सीजन के लिए 2,303 क्विंटल बीज वितरण का लक्ष्य मिला था, जिसके जवाब में विभाग ने रिकॉर्ड तेजी दिखाते हुए 2,011.80 क्विंटल बीजों का भंडारण कर लिया है। यह कुल लक्ष्य का शानदार 87 प्रतिशत है। इस उपलब्ध बीज में से 1,355.96 क्विंटल लगभग 67 प्रतिशत बीज किसानों को वितरित किए जा चुके हैं, और किसान अब अपने खेतों में बुवाई की तैयारियों को अंतिम रूप दे रहे हैं। ​कालाबाजारी पर रोक और पारदर्शी वितरण प्राथमिकता         जिले की कृषि विभाग की उपसंचालक ने बताया कि इस बार रणनीति एडवांस प्लानिंग के तहत तैयार की गई है। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ऐन बुवाई के वक्त किसी भी किसान को कतारों में न लगना पड़े और न ही सामग्री की कमी हो। खाद और उन्नत बीजों का भंडारण व उठाव समानांतर रूप से जारी है ताकि अंदरूनी क्षेत्रों के अंतिम किसान तक इसकी समय पर पहुंच हो सके। ​कृषि विभाग ने राज्य के किसानों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के भ्रम या बिचौलियों के झांसे में न आएं।       ​किसान केवल प्राधिकृत (अधिकृत) विक्रेताओं और शासकीय सहकारी समितियों से ही खाद-बीज की खरीदी करें।​खरीदी के समय पावती/बिल अवश्य लें। किसी भी प्रकार की किल्लत, गुणवत्ता में कमी या अधिक दाम वसूलने की शिकायत पर तत्काल अपने नजदीकी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी (RAEO) या जिला कृषि कार्यालय से संपर्क करें। ​

सेफ दिल्ली ऐप: वॉयस कमांड से सेकंडों में मिलेगा SOS अलर्ट, सीधे पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ेंगे नागरिक

नई दिल्ली  राजधानी में महिलाओं, बुजुर्गों, और छात्रों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए दिल्ली सरकार जल्द ही 'सेफ दिल्ली ऐप' लॉन्च करने जा रही है। दावा है कि यह मोबाइल ऐप किसी भी आपात स्थिति में एक सेकंड से भी कम समय में पुलिस कंट्रोल रूम तक अलर्ट भेज सकेगा। इसके जरिए न केवल लोकेशन, बल्कि घटनास्थल का लाइव ऑडियो, विडियो और GPS भी पुलिस को तुरंत उपलब्ध होगा। रेखा सरकार के सेफ दिल्ली ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि खतरा महसूस होने पर पीड़ित को फोन चलाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी। मोबाइल ऐप में पहले से दर्ज किए गए वॉयस कमांड बोलते ही ऐप सक्रिय हो जाएगा और पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज देगा। इसके साथ ही ऐप में आपात स्थिति में संपर्क करने के लिए पहले से फीड किए गए मोबाइल नंबर पर SMS और वट्सऐप के माध्यम से परिवार या भरोसेमंद लोगों को भी सूचना भेजी। अधिकारियों का कहना है कि यह ऐप खासतौर पर उन महिलाओं के लिए उपयोगी साबित होगा जो देर रात ऑफिस से घर आती है, वो छात्राएं जो सुनसान रास्तों या कॉलेज कैंपस में अकेली होती है और वरिष्ठ नागरिक जो घर में अकेले रहते हैं। बिना समय गंवाए पुलिस से सीधे जुड़ जाएंगे किसी भी आपात स्थिति में वे बिना समय गंवाए पुलिस से सीधे जुड़ सकेंगे। आपात स्थिति में सीधे पुलिस कंट्रोल रूम को अलर्ट भेज सकेंगे। सरकार का दावा है कि दिल्ली में स्ट्रीट क्राइम, महिलाओं के साथ छेड़छाड़, स्टॉकिंग, लूटपाट, चेन स्नैचिंग, सुनसान इलाकों में होने वाली वारदातों और बुजुर्गों के साथ अपराधों पर अंकुश लगाने वाला यह ऐप देश में अपनी तरह का पहला SOS अलर्ट एक सकड से भी कम समय में पुलिस तक पहुंचेगा। अधिकारियों ने क्या कहा अधिकारियों ने बताया कि दिल्ली पुलिस के सेंट्रल जिले में सेफ दिल्ली ऐप का एक सफल पायलट प्रोजेक्ट पूरा हो चुका है। सरकार को इसकी रिपोर्ट भेजी जा चुकी है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि लाइव विडियो और ऑडियो मिलने से कंट्रोल रूम को घटनास्थल की वास्तविक तस्वीर तुरंत मिल जाएगी। फुटेज होने से अपराधियों की पहचान करने में मदद मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक सरकार ने सेफ दिल्ली ऐप को मंजूरी देने के लिए कैबिनेट प्रस्ताव तैयार कर लिया है। सबकुछ ठीक रहा तो बहुत जल्द इसे कैबिनेट से लॉन्च भी कर दिया जाएगा

फालसे का ठंडा शरबत: गर्मी में लू से राहत देने वाली आसान और नेचुरल रेसिपी

गर्मी में पारा चढ़ते ही शरीर को हाइड्रेटेड और एक्टिव रखने के लिए हम अक्सर फ्रिज में रखे ठंडे ड्रिंक्स, लस्सी या छाछ की तरफ भागते हैं. लेकिन रोज वही छाछ और नींबू पानी पीकर मन भर जाता है. अगर आप इस चिलचिलाती गर्मी में कोई ऐसा ड्रिंक ढूंढ रहे हैं जो पूरी तरह नेचुरल हो और जिसका स्वाद बेहद चटपटा और लाजवाब हो तो आपको मशहूर शेफ कुणाल कपूर की रेसिपी से घर पर फालसे का शरबत जरूर बनाना चाहिए. छोटे-छोटे जामुनी बेर जैसे दिखने वाले फालसे गर्मियों के मौसम का एक बेहतरीन सुपरफूड हैं. जब इन्हें काले नमक, भुने जीरे और पुदीने के साथ मिलाकर ठंडे-ठंडे शरबत का रूप दिया जाता है तो यह न सिर्फ आपके गले को तर करता है, बल्कि लू और पेट की गर्मी से भी तुरंत राहत दिलाता है. आइए जानते हैं इसे बनाने की एकदम आसान विधि. फालसा शरबत बनाने की साम्रगी ताजा फालसा: 500 ग्राम चीनी या मिश्री: 100 ग्राम (आप स्वादानुसार कम या ज्यादा भी कर सकते हैं) काला नमक और सफेद नमक भुना हुआ जीरा पाउडर: आधा छोटा चम्मच पुदीने की पत्तियां: 5-6 (सजावट और खुशबू के लिए) ठंडा पानी और बर्फ के टुकड़े बनाने का तरीका सबसे पहले फालसा को अच्छी तरह धोकर साफ कर लें. एक बाउल या परात में फालसा लें और उसमें चीनी और दोनों नमक डालकर उन्हें हाथों से मसलें (मिक्सर का प्रयोग न करें, क्योंकि इससे बीज पिस सकते हैं जो स्वाद कड़वा कर देते हैं). अब इसे एक छलनी में डालकर मसलें. बीच-बीच में ठंडा पानी मिलाते रहें और तब तक उसे मसलते रहें जब तक कि फालसे का सारा गूदा रस के रूप में निकल आ जाए. अच्छी तरह मिक्स करें. जब पूरा रस निकल आए तो गिलास में बर्फ के टुकड़े डालें, ऊपर से शरबत डालें और पुदीने की पत्तियों से सजाकर ठंडा-ठंडा सर्व करें. फालसा शरबत के फायदे विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर फालसा शरीर को अंदर से ठंडा रखने और लू से बचाने का एक प्राकृतिक तरीका है. उत्तर भारत में इसका शरबत बनाकर पीने का खूब चलन है. जाने-माने सेलिब्रिटी शेफ कुणाल कपूर ने कुछ समय पहले अपने यूट्यूब चैनल पर इसकी आसान रेसिपी बताई थी जिसे हम आपके साथ शेयर कर रहे हैं.

घने पौधे बालकनी और बगीचे में बन सकते हैं सांप-बिच्छू के छिपने की जगह, सावधानी जरूरी

अक्सर हम अपने घर या अपार्टमेंट की बालकनी और बगीचे को हरा-भरा बनाने के लिए कई तरह के पौधे लगा लेते हैं.लेकिन क्या आप जानते हैं कि कुछ पौधे अनजाने में सरीसृपों और कीटों के लिए छिपने की बेहतरीन जगह बन सकते हैं? टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, घनी झाड़ियाँ और कुछ विशेष प्रकार के पौधे सांप और बिच्छुओं को आकर्षित कर सकते हैं. यहां उन प्रमुख पौधों की सूची दी गई है, जिन्हें घर के आसपास लगाने में सावधानी बरतनी चाहिए: 1. चमेली (Jasmine) क्यों खतरनाक: यह तेजी से बढ़ती है और इसकी घनी लताओं के नीचे नमी और सूखी पत्तियां जमा हो जाती हैं, जो कीड़ों और छोटे छिपकलियों के लिए छिपने की जगह बनती हैं.इन्हें खाने वाले जीव और उनके पीछे-पीछे सांप यहाँ आ सकते हैं. वास्तु और दिशा: चमेली का पौधा सकारात्मक ऊर्जा देता है, लेकिन इसे घर के मुख्य द्वार या खिड़कियों के ठीक बगल में बहुत घना न होने दें.वास्तु के अनुसार, इसे उत्तर या पूर्व दिशा में लगाना शुभ माना जाता है, बशर्ते इसकी नियमित कटाई-छंटाई की जाए. 2. केला (Banana Plant) क्यों खतरनाक: केले के चौड़े पत्ते जमीन पर गिरकर नमी बनाए रखते हैं.यह नमी बिच्छुओं और छोटे रेंगने वाले जीवों को आकर्षित करती है.घनी पत्तियों के नीचे सांपों को आसान आश्रय मिल जाता है. वास्तु और दिशा: वास्तु शास्त्र में केले के पौधे का बहुत महत्व है, इसे उत्तर-पूर्व (ईशान कोण) में लगाना अत्यंत शुभ माना जाता है.बस ध्यान रखें कि इसके पास कचरा जमा न हो और जमीन हमेशा साफ रहे. 3. जुनिपर झाड़ियाँ (Juniper Shrubs) क्यों खतरनाक: ये झाड़ियाँ जमीन के काफी करीब फैलती हैं, जिससे इनके नीचे एक अंधेरा और सुरक्षित कोना बन जाता है.यहाँ बिच्छू छिप सकते हैं और रात में सांप इन रास्तों का उपयोग सुरक्षित गलियारे के रूप में कर सकते हैं. वास्तु और दिशा: इसे घर के मुख्य रास्तों या प्रवेश द्वार पर न लगाएं.इसे पश्चिम या दक्षिण दिशा में खुले स्थान पर लगाना बेहतर है, जहाँ आप आसानी से देख सकें कि इसके नीचे कोई हलचल तो नहीं है. 4. ग्राउंडकवर और सजावटी बेलें (Groundcovers/Ivy) क्यों खतरनाक: ये पौधे जमीन को पूरी तरह ढक लेते हैं.इनके नीचे क्या हो रहा है, यह देख पाना मुश्किल होता है, जो इन्हें बिच्छुओं और सांपों के लिए सुरक्षित अड्डा बनाता है. वास्तु और दिशा: इन्हें घर की बाहरी सीमा (Boundary Wall) के पास लगाने से बचें.यदि लगाना ही हो, तो दक्षिण-पश्चिम दिशा में सीमित मात्रा में लगाएं, लेकिन ध्यान रखें कि ये दीवारों पर न चढ़ें. वास्तु और सुरक्षा के उपाय सांप और बिच्छुओं से बचने के लिए केवल पौधों को हटाना ही काफी नहीं है, बल्कि कुछ वास्तु और सुरक्षा नियमों का पालन भी जरूरी है: नियमित सफाई: पौधों के नीचे सूखी पत्तियों, कचरे या निर्माण सामग्री को बिल्कुल भी जमा न होने दें. कटाई-छंटाई (Pruning): पौधों को इतना न बढ़ने दें कि वे दीवारों या जमीन को पूरी तरह ढक लें.हवा और रोशनी का आवागमन बना रहना चाहिए. रोशनी की व्यवस्था: बगीचे या बालकनी के उन कोनों में लाइट जरूर लगाएं जहाँ अंधेरा रहता है.सांप और बिच्छू अंधेरी और ठंडी जगह पसंद करते हैं. पानी का निकास: गमलों के आसपास पानी का जमाव न होने दें, क्योंकि नमी कीटों को आकर्षित करती है. वास्तु टिप्स: घर के मुख्य द्वार के पास बहुत घने और कांटेदार पौधे लगाने से बचें.ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) को हमेशा साफ-सुथरा रखें.घर की परिधि (Boundary) के पास अधिक घनी झाड़ियाँ लगाने के बजाय खुले स्थान रखें.