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147 बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण

147 बुजुर्गों और दिव्यांगों को मिलेंगे निःशुल्क कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण ​रायपुर,     जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में  जिला दिव्यांगजन पुनर्वास केन्द्र में एक विशेष पहल की गई। कलेक्टर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगजनों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण उपलब्ध कराने हेतु पंजीयन, चिन्हांकन एवं मापन शिविर का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य जरूरतमंद हितग्राहियों को आत्मनिर्भर बनाना और उनके जीवन को सुगम बनाना है। ​एलिम्को के विशेषज्ञों ने किया परीक्षण      ​शिविर में भारत सरकार के मिनीरत्न उपक्रम, भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर के तकनीकी विशेषज्ञों ने अपनी सेवाएं दीं। जनपद पंचायत धमतरी, कुरूद सहित नगर पालिक निगम धमतरी और विभिन्न नगर पंचायतों (कुरूद, आमदी, भखारा) से बड़ी संख्या में लोग जांच के लिए पहुंचे।     ​विशेषज्ञों द्वारा बारीकी से किए गए परीक्षण और मापन के बाद कुल 147 हितग्राहियों को पात्र पाया गया, जिन्हें आने वाले दिनों में निःशुल्क कृत्रिम अंग और सहायक उपकरण बांटे जाएंगे। इसके साथ ही मौके पर ही 16 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी (UDID) कार्ड भी बनाए गए। ​नशामुक्त समाज के निर्माण का लिया संकल्प      ​सहायक उपकरणों के मापन के साथ-साथ शिविर में सामाजिक जागरूकता का संदेश भी दिया गया। समाज कल्याण विभाग की उपसंचालक ने उपस्थित सभी लोगों को जीवनभर नशामुक्त रहने की शपथ दिलाई। नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना और उन्हें सशक्त बनाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।     ​शिविर में एलिम्को की तकनीकी टीम, समाज कल्याण विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण व नागरिक उपस्थित थे।

नवविकास की राह पर बस्तर, जगरगुंडा पहुंचकर पहली महिला मंत्री बनीं लक्ष्मी राजवाड़े

नवविकास की राह पर अग्रसर बस्तर :जगरगुण्डा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनी  लक्ष्मी राजवाड़े कभी नक्सल प्रभाव का प्रतीक रहे इलाकों में अब विकास, विश्वास और जनभागीदारी की नई इबारत रायपुर बस्तर अब भय और हिंसा की पहचान से आगे बढ़कर विकास, विश्वास और जनसहभागिता के नए दौर में प्रवेश कर चुका है। कभी नक्सल गतिविधियों से प्रभावित रहे सुदूर अंचलों में अब शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण और आजीविका के नए आयाम स्थापित हो रहे हैं। इसी परिवर्तनशील बस्तर की तस्वीर को और सशक्त करने महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े एक दिवसीय प्रवास पर सुकमा जिले के जगरगुंडा, चिंतलनार, पूर्वर्ती और सिलगेर पहुंचीं। विशेष महत्व की बात यह रही कि श्रीमती राजवाड़े सड़क मार्ग से जगरगुंडा पहुंचने वाली पहली महिला मंत्री बनीं। वर्षों तक नक्सली हिंसा से प्रभावित रहे इस क्षेत्र में उनका आगमन विकास और शासन की संवेदनशील उपस्थिति का प्रतीक बनकर उभरा। दौरे के दौरान मंत्री ने पूर्वर्ती एवं सिलगेर स्थित आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया तथा अन्नप्राशन और गोदभराई कार्यक्रमों में शामिल होकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया। उन्होंने बच्चों के साथ आत्मीय समय बिताया, ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया और विभिन्न शासकीय योजनाओं की जानकारी देते हुए उनका अधिकाधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जो क्षेत्र कभी असुरक्षा और हिंसा के कारण चर्चा में रहते थे, वहीं आज महिला स्वावलंबन, शिक्षा, पोषण और सामाजिक विकास के केंद्र बन रहे हैं। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त हो रही हैं और नई संभावनाओं का सृजन कर रही हैं। प्रवास के दौरान मंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के अंतर्गत जगरगुंडा स्थित कृतिका महिला संकुल स्तरीय संगठन (सीएलएफ) भवन का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं से संवाद कर उनकी आजीविका, स्वरोजगार और आर्थिक गतिविधियों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। ग्रामीण महिलाओं ने इसे ऐतिहासिक क्षण बताते हुए कहा कि पहली बार कोई महिला मंत्री सड़क मार्ग से सीधे जगरगुंडा पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनने और संवाद करने आई हैं। उन्होंने कहा कि यह पहल शासन के प्रति उनके विश्वास को और मजबूत करने वाली है तथा यह अनुभव कराती है कि विकास की मुख्यधारा अब वास्तव में उनके गांव तक पहुंच चुकी है। श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार बस्तर के अंतिम छोर तक विकास की रोशनी पहुंचाने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार और महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के साहस, स्थानीय जनसमर्थन और सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों के समन्वित प्रयासों से बस्तर में शांति, स्थायित्व और समृद्धि का नया वातावरण निर्मित हुआ है। जगरगुंडा, पूर्वर्ती और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में आज बच्चों की मुस्कान, महिलाओं का बढ़ता आत्मविश्वास और विकास की नई संभावनाएं बदलते बस्तर की सशक्त पहचान बन चुकी हैं।

अंतरराष्ट्रीय MSME दिवस समिट में शामिल होंगे CM डॉ. मोहन यादव, उद्योगों को देंगे नई दिशा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव अंतरराष्ट्रीय एमएसएमई दिवस पर आयोजित समिट में होंगे शामिल सशक्त उद्यमी-समृद्ध मध्यप्रदेश समिट देगी मध्यप्रदेश भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश एमएसएमई और स्टार्ट-अप को सिंगल क्लिक से अंतरित होगी 225 करोड़ से अधिक की राशि रवींद्र भवन में 2000 प्रतिभागी-उद्यमियों और विभागों की प्रदर्शनी तथा क्रेता-विक्रेता मीट के साथ 3 विशेष सत्र होंगे आकर्षण का केन्द्र भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 10वां अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस 2026 पर रवींद्र भवन में शनिवार,27 जून को होने वाले 'सशक्त उद्यमी समृद्ध मध्यप्रदेश समिट' में शामिल होंगे। समृद्ध भारत का दिल-विकास का दिल का संदेश देने वाले इस समारोह में मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई इकाइयों को 225 करोड़ 19 लाख और स्टार्ट-अप को लगभग 39 लाख की राशि अंतरित करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की उपस्थिति में महत्वूर्ण एमओयू के साथ ही औद्योगिक क्षेत्रों का शुभारंभ और भूमि-पूजन भी होगा। सू्क्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी कार्यक्रम में विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। आयुक्त उद्योग दिलीप कुमार ने बताया कि समिट में स्टाल से खाद्य प्रसंस्करण, वस्त्र एवं परिधान तथा अभियांत्रिकी क्षेत्रों के एमएसएमई के लिए बायर-सेलर मीट आयोजित होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव एमएसएमई प्रदर्शनी एवं ईज़ ऑफ डूइंग क्लिनिक का उद्घाटन करेंगे। विभिन्न विभागों और उद्यमियों के प्रदर्शनी में लगभग 60 से स्टॉल होंगे, जिनमें एमएसएमई, स्टार्ट-अप, विभागीय स्टॉल, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म, ओ.डी.ओ.पी, योजना लाभार्थी, महिला स्व-सहायता समूह, सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ पेट्रोकेमिकल्स इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी भोपाल, एमएसएमई टेक्नोलॉजी सेंटर भोपाल, भारतीय मानक ब्यूरो, GeM, राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एन.आइ.टी.टी.आर) तथा बैंकों के प्रतिनिधि,वालमार्ट, फ्लिप्कार्ट जैसे संस्थान सम्मिलित होंगे। इस दौरान प्रतिभागियों को संबंधित योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जाएगी। समिट में एमएसएमई मंत्री चेतन्य कुमार काश्यप और मुख्य सचिव अनुराग जैन भी समिट को संबांधित करेंगे। प्रमुख सचिव एमएसएमई राघवेन्द्र कुमार सिंह स्वागत उद्बोधन देंगे। इस दौरान एमएसएमई, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण एवं कुटीर उद्योग, पर्यटन, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, एसआरएलएम (पंचायत एवं ग्रामीण विकास) तथा आईपीआईपी विभागों की विगत ढाई वर्ष की उपलब्धियों एवं आगामी ढाई वर्ष की कार्य योजना पर आधारित लघु वीडियो फिल्म का प्रदर्शन किया जाएगा। समिट में 2000 से अधिक प्रतिभागियों, जिनमें एमएसएमई, उद्यमी, स्टार्ट-अप, वित्तीय संस्थान, ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म एवं महिला स्व-सहायता समूह शामिल होंगे। समिट में विगत ढाई वर्षों की समस्त संबद्ध विभागीय उपलब्धियों तथा आगामी ढाई वर्षों की कार्य योजना प्रदर्शित होगी। समिट में तीन विषयगत सत्र आयोजित किए जाएंगे। प्रथम सत्र, 'नये बाजार, नई उड़ान' (एमएसएमई एवं एसएचजी के लिए नए बाजार अवसर) में एफआईईओ, सीएसआईआर-एएमपीआरआई ओएनडीसी, ईसीजीसी एवं इंडिया पोस्ट के पैनलिस्ट भाग लेंगे। दवितीय सत्र 'पूंजी तक पहुँच' (फंडिंग द नेक्स्ट जनरेशन एमएसएमई), में एनपीसीएल, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, आरएक्सआईएल ट्रेन्ड्स प्लेटफॉर्म एवं नाबार्ड के पैनलिस्ट सम्मिलित हैं। तृतीय सत्र 'ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टेण्डर्ड' (बीआईएस) के सहयोग से उत्पाद गुणवत्ता पर होगा। उद्योग आयुक्त ने बताया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा अप्रैल 2017 में पारित संकल्प के माध्यम से प्रत्येक वर्ष 27 जून को 'सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम दिवस" के रूप में घोषित किया गया है। यह दिवस सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजीएस) की प्राप्ति में एमएसएमई की अत्यधिक महत्वपूर्ण भूमिका के प्रति जागरुकता बढ़ाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। यह वर्ष अंतर्राष्ट्रीय एमएसएमई दिवस के आयोजन का 10वां वर्ष है।  

बैतूल के ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल लगाएंगे CM डॉ. मोहन यादव, ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद

मुख्यमंत्री डॉ. यादव बैतूल की ग्राम पंचायत कुकरू में रात्रि चौपाल में होंगे शामिल ग्रामीणों से करेंगे सीधा संवाद भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को दो दिवसीय भ्रमण पर बैतूल जिले के हिल स्टेशन कुकरू पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री शाम 6:30 बजे सनसेट पॉइंट का अवलोकन कर ग्राम पंचायत कुकरू में आयोजित रात्रि चौपाल में शामिल होंगे और ग्रामीणों से सीधा संवाद करेगे। इसके बाद मुख्यमंत्री प्रस्तावित सांस्कृतिक कार्यक्रम में शामिल होंगे। दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुकरू रेस्ट हाउस से हेलीपैड के लिए प्रस्थान करेंगे और 12:10 बजे भोपाल के लिए रवाना होंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 28 जून को प्रातः 6:30 बजे सनराइज एवं बुच प्वाइंट पर मेडिटेशन करेंगे। इसके बाद वे स्व-सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित गतिविधियों का अवलोकन करेंगे। मुख्यमंत्री सुबह 7:30 बजे पौध-रोपण कार्यक्रम के बाद कॉफी प्लांटेशन का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद 10 बजे मुख्यमंत्री स्थानीय जनप्रतिनिधियों से संवाद करेंगे और 11 बजे प्रधानमंत्री के रेडियो कार्यक्रम "मन की बात'' के सामूहिक श्रवण में शामिल होंगे। अधिकारियों ने कार्यक्रम की तैयारियों का लिया जायजा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के जिले के सुप्रसिद्ध हिल स्टेशन कुकरु में आयोजित कार्यक्रम की समुचित तैयारियों का शुक्रवार को कमिश्नर श्रीकांत बनोठ, आईजी मिथलेश कुमार शुक्ल, डीआईजी वीरेंद्र कुमार सिंह, कलेक्टर डॉ. सौरभ संजय सोनवणे और एसपी वीरेंद्र जैन ने जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने हेलीपैड, रात्रि चौपाल, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मेडिटेशन, महिला स्व-सहायता समूहों से संवाद और "मन की बात" कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को सभी तैयारियां समय सीमा में पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए।  

भारत के अलग-अलग राज्यों के लोग हैं एकता की मिसाल, राज्यपाल पटेल का बड़ा संदेश

विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग : राज्यपाल पटेल हमारी आत्मीयता, साम्यता का मंच स्थापना दिवस लोक भवन में मनाया गया पश्चिम बंगाल का स्थापना दिवस भोपाल  राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि भारत की विविधता में एकता का आधार भारत के विभिन्न राज्यों के लोग हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार दूध में शक्कर घुल जाती है, उसी तरह से मध्यप्रदेश में बंगाल के मूल निवासी घुल मिल गये हैं। हमारी अनेकता में एकता की आत्मीयता और साम्यता को राज्य स्थापना दिवस के आयोजन साकार करते है। आयोजन के मंच पर हमारी वेशभूषा, गीत, नृत्य में समाई हमारी सांस्कृतिक विविधता में एकता की झलक मिलती है। पश्चिम बंगाल की प्रस्तुतियों में उन्हें गुजरात के गरबा नृत्य और वेशभूषा में असम राज्य की झलक दिखाई दी। राज्यपाल पटेल आज लोकभवन में आयोजित पश्चिम बंगाल स्थापना दिवस के प्रसंग में आयोजित समारोह में सम्मिलित भोपालवासी बंगाली मूल के लोगों को सम्बोधित कर रहे थे। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव डा. नवनीत मोहन कोठारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम में भोपाल के विभिन्न कालीबाड़ियों के सदस्य उपस्थित थे। राज्यपाल पटेल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का राष्ट्र प्रथम की भावना को सुदृढ़, राष्ट्रीय एकात्मकता को नई शक्ति प्रदाय करने और राज्यों के मध्य परस्पर सांस्कृतिक संवाद, आपसी समझ और भावनात्मक जुड़ाव को बढ़ावा देने के प्रयास अद्भुत है। उन्होंने कहा प्रधानमंत्री ने गत वर्ष लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल की प्रतिमा स्थल पर एक नवम्बर से 15 नवम्बर तक भारत पर्व का ऐतिहासिक आयोजन कराया था। पर्व में सभी राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री, सांस्कृतिक दलों और बच्चों की सहभागिता से एक भारत श्रेष्ठ भारत की परिकल्पना को मंच प्रदान किया गया था। कार्यक्रम में 300 बच्चों ने कार्यक्रम में सहभागिता की थी। उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली विरासत को समृद्ध बनाने में बंगाल राज्य का योगदान अतुलनीय है। प्रधानमंत्री मोदी स्वामी विवेकानन्द की जयंती पर विगत वर्षों से देश की युवाओं की आकांक्षाओं के अनुसार विकसित भारत निर्माण के लिए युवाओं के साथ संवाद करते हैं। लोक भवन के  आयोजन में 7 से 60 साल के कलाकारों की सहभागिता और महिलाओं की बहुलता पर हर्ष व्यक्त करते हुए बदलते भारत की झलक और महिला सशक्तिकरण का प्रतीक बताया। कार्यक्रम में श्रीमती सपना गुहा ने स्वागत उद्बोधन में बंगाल की समृद्ध परम्पराओं, सांस्कृतिक विरासत के साथ ग्रामीण जन जीवन की सरलता और सांस्कृतिक छटा की रुपरेखा प्रस्तुत की सांस्कृतिक आयोजन की सूत्रधार श्रीमती महुआ चटर्जी ने “हमारा बंगाल रे” की थीम पर बंगाल के लोकगीत, नृत्य और जन जीवन को बाउल, झूमर, धमाइल, भटयाली लोक संगीत की प्रस्तुति के द्वारा सभागार में पश्चिम बंगाल के जन जीवन को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर.एन. रवि का स्थापना दिवस का वीडियो संदेश प्रसारित किया गया। पश्चिम बंगाल के सांस्कृतिक वैभव और आधुनिक विकास पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। अंत में मध्यप्रदेश के विकास और वैभव से परिचित कराने वाली लघु फिल्म का प्रसारण किया गया। राज्यपाल का कार्यक्रम में बंगाली समाज के सचिव सर्वसलिल चटर्जी, निलॉय घोष ने अभिनन्दन किया। आभार प्रदर्शन डा. एन. बनर्जी ने किया। संचालन सहायक सत्कार अधिकारी सुसृष्टि श्रीवास्तव ने किया।  

‘राष्ट्र सेवा ही शालिगराम जी के जीवन का ध्येय था’, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दी श्रद्धांजलि

राष्ट्र सेवा ही शालिगराम जी के जीवन का था ध्येय : मुख्यमंत्री डॉ. यादव वरिष्ठ समाज सेवी सदाशिव देवधर और अरविंद मोघे सम्मानित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि स्व. शालिगराम तोमर राष्ट्र सेवी थे। उन्होंने राष्ट्र की सेवा करने वाले अनेक कार्यकर्ता भी तैयार किए। राष्ट्र सेवा और राष्ट्रसेवियों का निर्माण उनके जीवन का प्रमुख ध्येय था। वे सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ अनूठा परिवार भाव रखते थे। उनकी कार्य शैली से युवा सहज ही उनके सेवा प्रकल्पों के साथ जुड़ जाते थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मानस भवन में स्व. शालिगराम तोमर स्मृति राष्ट्र सेवी सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। नवलय संस्था द्वारा इस वर्ष वरिष्ठ समाज सेवी सदाशिव देवधर पुणे और अरविंद मोघे को सम्मानित किया गया। दोनों समाज सेवियों ने विद्यार्थी परिषद, श्रमिक कल्याण, वनवासी कल्याण के साथ ही अनेक सामाजिक क्षेत्रों में निरंतर कार्य किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि स्व. शालिगराम तोमर ने एक कक्ष के कार्यालय से संगठन से कार्य करते हुए उसे विराट रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया। उनके आदर्श जीवन से हजारों लाखों युवाओं ने प्रेरणा ली और सामाजिक क्षेत्र में नेतृत्व करने के लिए स्वयं को तैयार किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सम्मानित समाज सेवियों को बधाई दी और संस्था के उद्देश्यों एवं सम्मान कार्यक्रम की सराहना की। नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सामाजिक कार्यकर्ताओं के जीवन को संवारने में स्व. शालिगराम का समर्पण और सहयोग यादगार रहेगा। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने स्व. शालिगराम के जीवन से जुड़े संस्मरण सुनाये। सेवानिवृत्त न्यायाधीश और संगठन पदाधिकारी अशोक पांडे ने कहा कि स्व. शालिगराम राष्ट्र सेवा का भाव रखते थे। राज्यसभा सदस्य रजनीश अग्रवाल ने नवलय संस्था को एक प्रेरणापुंज की स्मृति में सम्मान स्थापित करने के लिए बधाई दी। महासमुंद छत्तीसगढ़ से आए डॉ. विमल चोपड़ा ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव और अन्य अतिथियों ने सम्मान के लिए चयनित समाज सेवियों देवधर और मोघे को एक लाख रूपए की सम्मान निधि, शॉल और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। दोनों समाजसेवियों के प्रशस्ति पत्र का वाचन भी किया गया। कार्यक्रम में पूर्व सांसद रघुनंदन शर्मा, वरिष्ठ समाज सेवी शशि भाई सेठ, विभीषण सिंह, अनेक लोकतंत्र सेनानी, नागरिक और समाजिक कार्यकर्ता उपस्थित थे।  

DA Hike Update: 8वां वेतन आयोग लागू होने से पहले बढ़ सकता है महंगाई भत्ता, लाखों कर्मचारियों को मिलेगा फायदा

नई दिल्ली केंद्र सरकार के कर्मचारी, पेंशनभोगी और उनसे जुड़े सभी हितधारक इस समय दो बड़े फैसलों का इंतजार कर रहे हैं। पहला, महंगाई भत्ते (DA) में संशोधन की घोषणा और दूसरा, 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया में हो रही प्रगति। चूंकि 8वां वेतन आयोग अभी विचार-विमर्श के दौर में है, इसलिए मौजूदा 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत जल्द ही एक और डीए में इजाफे की घोषणा हो सकती है। डीए में बढ़ोतरी सेवारत कर्मचारियों और पेंशनर्स को साल में दो बार दी जाती है। आइए, 26 जून 2026 तक के सबसे ताजा अपडेट को समझते हैं… DA की चर्चा क्यों हो रही है? महंगाई भत्ते में संशोधन साल में दो बार किया जाता है, एक बार जनवरी में और दूसरी बार जुलाई में। ऐसा बढ़ती जीवन लागत की भरपाई के लिए किया जाता है और सरकार इसे केंद्रीय कर्मचारियों व पेंशनभोगियों के लाभ के लिए प्रदान करती है। यह संशोधन अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के 12 महीने के औसत से जुड़ा होता है। चूंकि 8वें वेतन आयोग की सिफारिशें अभी तक लागू नहीं हुई हैं, कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के ढांचे के तहत ही डीए संशोधन मिलता रहेगा। जुलाई 2026 के डीए संशोधन की आज व्यापक चर्चा इसलिए हो रही है, क्योंकि महंगाई और CPI-IW के ट्रेंड एक और इजाफे की ओर इशारा कर रहे हैं। महंगाई के लेटेस्ट आंकड़े क्या बताते हैं? सांख्यिकी मंत्रालय द्वारा जारी उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के ताजा आंकड़े साफ दिखाते हैं कि खुदरा महंगाई लगातार ऊंची बनी हुई है और खाने-पीने की चीजों की कीमतें अब भी अहम वजह बनी हुई हैं। मई 2026 में खुदरा महंगाई अप्रैल 2026 की तुलना में बढ़ गई। समग्र सीपीआई मुद्रास्फीति मई में 3.93 प्रतिशत रही, जो अप्रैल के 3.48 प्रतिशत से अधिक है। ग्रामीण इलाकों में महंगाई दर 3.74 प्रतिशत से बढ़कर 4.25 प्रतिशत हो गई, जबकि शहरी महंगाई 3.16 प्रतिशत से उछलकर 3.53 प्रतिशत पर पहुंच गई। खाद्य महंगाई भी अप्रैल के 4.20 प्रतिशत के मुकाबले मई में 4.78 प्रतिशत दर्ज की गई। महंगाई में खासकर खाने-पीने की कीमतों में आई यह तेजी इस उम्मीद को बल देती है कि सरकार जल्द ही डीए में एक और संशोधन और समायोजन पर विचार कर सकती है। हालांकि, अंतिम वृद्धि का निर्णय सीपीआई-आईडब्ल्यू के आंकड़ों और कैबिनेट की मंजूरी पर ही निर्भर करेगा। अभी कितना महंगाई भत्ता मिल रहा है और कितना बढ़ सकता है? सभी केंद्र सरकार के कर्मचारियों को इस समय नवीनतम संशोधन के बाद मूल वेतन का 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है। जुलाई 2026 की डीए वृद्धि की घोषणा अभी तक नहीं हुई है, जबकि महीना शुरू होने में बस कुछ ही दिन बाकी हैं। मुद्रास्फीति के रुझानों और CPI-IW की गतिविधियों के आधार पर 2 से 3 प्रतिशत की वृद्धि की उम्मीद बन रही है, लेकिन अंतिम आंकड़ा आधिकारिक गणना और केंद्र सरकार के अपडेट के बाद ही तय होगा। यह लाभ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों दोनों पर समान रूप से लागू होता है। 8वें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों की क्या मांगें हैं? पिछले कुछ महीनों से कर्मचारी संघों, स्टेक होल्डर ग्रुप्स और विभिन्न संगठनों ने 8वें वेतन आयोग के समक्ष कई मुद्दे उठाए हैं। इनमें महंगाई से निपटने के लिए उच्च न्यूनतम वेतन, कर्मचारियों का मनोबल बढ़ाने, भत्तों में संशोधन और भुगतान ढांचे में बदलाव जैसी मांगें शामिल हैं। केंद्रीय सरकारी कर्मचारी एवं कामगार परिसंघ ने ज्यादा न्यूनतम वेतन, बेहतर पेंशन लाभ और भत्तों की समीक्षा की बात रखी है। ऑल इंडिया डिफेंस एम्पलाइज फेडरेशन ने सैलरी स्ट्रक्चर में संशोधन, विसंगतियों को दूर करने और बेहतर सेवा लाभों की मांग की है। वहीं, नेशनल ज्वाइंट काउंसिल ऑफ एक्शन (NJCA) से जुड़े समूह बेहतर फिटमेंट फैक्टर, वेतन असमानताओं में सुधार और कर्मचारी-हितैषी सुधारों पर जोर दे रहे हैं। कर्मचारी समूहों का मानना है कि अगली वेतन संरचना तय करते समय बढ़ती लागत, लगातार बढ़ती महंगाई, कर्मचारियों का मनोबल, उनकी आजीविका का भविष्य और जीवन-यापन के खर्चों में हो रहे बदलावों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। 8वें वेतन आयोग की प्रक्रिया पर ताजा अपडेट 8वां वेतन आयोग अब विचार-विमर्श के चरण में प्रवेश कर चुका है। 3 नवंबर 2025 को गठन के बाद से इसे सात महीने पूरे हो चुके हैं। आयोग सिफारिशें तैयार करने से पहले फीडबैक जुटाने के लिए दिल्ली, लद्दाख और जम्मू-कश्मीर जैसे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हितधारकों से मुलाकात कर रहा है। हाल ही में 22-23 जून 2026 को लखनऊ में बैठकें हुईं, जिनमें कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों और वेतन संबंधी चिंताओं पर चर्चा की गई। आयोग के ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भी विचार-विमर्श जारी रखने की उम्मीद है। यह प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है और फिटमेंट फैक्टर, संशोधित सैलरी मैट्रिक्स, पेंशन सुधार या लागू होने की तारीख को लेकर अब तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

Amarnath Yatra: बाबा बर्फानी के भक्तों के लिए बनारसी स्वाद, चंदनवाड़ी में 70 सेवादार करेंगे सेवा

वाराणसी  बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं को इस बार अमरनाथ यात्रा में काशी का विशेष स्वाद चखने का अवसर मिलेगा। श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति वाराणसी के 70 सेवादार चंदनवाड़ी में विशाल सेवा शिविर और भंडारे का संचालन करेंगे। यह समिति पिछले 25 वर्षों से यात्रा में सेवा प्रदान कर रही है। इसका भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा। समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान निःशुल्क परोसा जाएगा। असली स्वाद के लिए बनारस से अनुभवी हलवाई भी ले जाए जा रहे हैं। बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ दक्षिण भारतीय, गुजराती और पंजाबी भोजन भी श्रद्धालुओं को उपलब्ध कराया जाएगा। रोजाना 1000-1500 श्रद्धालुओं के भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके साथ ही 300 यात्रियों के ठहरने, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी। सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है। शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे। इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं। काशी की आतिथ्य परंपरा और बनारसी व्यंजनों की खुशबू इस बार बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचेगी। श्रद्धालुओं के लिए यह पहल स्वाद के साथ-साथ काशी की सेवा संस्कृति की मिसाल बनेगी। अमरनाथ यात्रा में इस बार श्रद्धालुओं को काशी के विशेष व्यंजनों का अनुभव करने का मौका मिलेगा। वाराणसी की श्री बाबा काशी विश्वनाथ सेवा समिति ने इस बार चंदनवाड़ी में भंडारे का आयोजन किया है, जिसमें 70 सेवादार श्रद्धालुओं की सेवा में जुटेंगे। समिति के अध्यक्ष दिलीप सिंह बंटी ने बताया कि यह भंडारा 3 जुलाई से रक्षाबंधन तक चलेगा। पिछले 25 वर्षों से यह समिति अमरनाथ यात्रा में सेवा कर रही है। इस बार श्रद्धालुओं को बनारस की प्रसिद्ध पूड़ी-कचौड़ी, गरम जलेबी, ठंडाई और बनारसी पान का स्वाद निःशुल्क मिलेगा। इस भंडारे में बनारसी व्यंजनों के साथ-साथ अन्य राज्यों के व्यंजन भी उपलब्ध होंगे। श्रद्धालुओं के लिए रोजाना 1000-1500 लोगों के भोजन की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा, 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, गर्म कपड़े, शॉल और मोजे की सुविधा भी शिविर में उपलब्ध रहेगी। सेवा कार्य के लिए सेवादारों का पहला जत्था 20 जून को रवाना हो चुका है। शेष 70 सेवादार 28 जून को वाराणसी से ट्रेन द्वारा चंदनवाड़ी पहुंचेंगे। इनमें रसोइये, पदाधिकारी और स्वयंसेवक शामिल हैं। इस बार काशी की आतिथ्य परंपरा और बनारसी व्यंजनों की खुशबू बाबा बर्फानी के दरबार तक पहुंचेगी। यह पहल श्रद्धालुओं के लिए न केवल स्वाद का अनुभव कराएगी, बल्कि काशी की सेवा संस्कृति की एक नई मिसाल भी पेश करेगी।  

Honda Electric SUV: 400 किमी की रेंज, एडवांस फीचर्स और शानदार डिजाइन के साथ भारत में एंट्री की तैयारी

नई दिल्ली  जापानी कार निर्माता कंपनी Honda अपनी नई 0 Alpha इलेक्ट्रिक SUV के साथ भारत के इलेक्ट्रिक कार मार्केट में कदम रखने के लिए तैयार है। Honda 0 Alpha EV को सबसे पहले 2015 टोक्यो के जापान मोबिलिटी में दिखाया गया था। हाल ही में इस कार के प्रोटोटाइप को मनाली में टेस्टिंग के दौरान देखा गया है। इसके साल 2027 में लॉन्च होने की उम्मीद है। कैसा हो सकता है डिजाइन? साइज के मामले में यह SUV Honda Elevate जैसी ही होने की उम्मीद है। इसका व्हीलबेस बड़ा होगा और फर्श बिल्कुल फ्लैट जिससे अंदर ज्याजा जगह मिल सके। वहीं, इसकी छत ऊंची है और इस इलेक्ट्रिक SUV का आकार बॉक्सी है। इसका अगला हिस्सा सीधा और ऊंचा होगा जिसमें चौकोर LED हेडलाइट्स मिल सकती हैं। इसमें क्लोज्ड ग्रिल होगी और एक काली पट्टी (Black Applique) दोनों हेडलाइटस को जोड़ेगी। कार के पीछे वर्टिकल टेललाइट्स और साफ-सुथरे डिजाइन वाला टेलगेट होने की उम्मीद है। कैसा है इंटीरियर? मनाली में सामने आई तस्वीरों में दिखा कि इसके केबिन में एक बड़ी स्क्रीन लगी है। यह टचस्क्रीन Honda के किसी भी मॉडल में मिलने वाली अब तक की सबसे बड़ी स्क्रीन हो सकती है। तस्वीरो में नीचे से फ्लैट-बॉटम स्टीयरिंग व्हील दिख रहा है जिस पर कंट्रोल बटन दिए गए हैं। ड्राइवर के लिए एक बड़ी और पूरी तरह डिजिटल डिस्प्ले भी दिखाई दे रही है। कार के AC पैनल पर इल्यूमिनेटेड कंट्रोल बटन हैं और यह एक टच पैनल जैसा लगता है। तस्वीरों में दिखी इन चीजों से संकेत मिलता है कि इस कार का केबिन तकनीक के मामले में काफी आधुनिक होने वाला है। बैटरी और रेंज Honda 0 Alpha भारत में होंडा की पहली इलेक्ट्रिक कार होगी। इस कार में एक खास EV प्लैटफॉर्म होगा और इसका आगे के पहियों को पावर देने के लिए एक सिंगल मोटर भी लगी होगी। हालांकि, कंपनी की तरफ से इसके पावरट्रेन को लेकर कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है लेकिन उम्मीद है कि इस SUV में 60kWh या 70kWh का बैटरी पैक मिल सकता है। इसके रेंज की बात करें तो यह Alpha 0 Electric SUV एक बार चार्ज होने पर लगभग 400 किमी तक या उससे ज्यादा की रेंज दे सकती है।

Gwalior Zoo News: CDV संक्रमण के खतरे के बीच मीरा के तीनों शावकों को नहीं मिलेगा खुला बाड़ा, पर्यटकों का इंतजार बढ़ा

ग्वालियर  कान्हा टाइगर रिजर्व में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से सात बाघों की मृत्यु होने के बाद अब गांधी प्राणी उद्यान (ZOO) प्रबंधन अलर्ट पर आ गया है। यही कारण है कि दो माह पहले जन्मे सफेद बाघिन मीरा के शावकों को फिलहाल आइसोलेशन में ही रखा जाएगा। सैलानियों को इन नन्हें शावकों की पहली झलक पाने और अठखेलियों को देखकर आनंद लेने के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि तीनों शावक पूरी तरह से स्वस्थ हैं, लेकिन कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (CDV) से हुई बाघों की मौत के बाद जू प्रबंधन कोई जोखिम लेने के मूड में नहीं है। चिड़ियाघर में सफेद बाघिन मीरा ने गत पांच अप्रैल को तीन शावकों को जन्म दिया था। इनमें दो शावक पीले और एक सफेद शावक है। बीते दो माह दिनों से शावक आइसोलेशन में ही अपनी मां की देखरेख में सुरक्षित हैं और उनकी गतिविधियां भी सामान्य हैं। इन शावकों को एक माह पूरा होने पर ही केज से बाहर निकालने की तैयारी की गई थी, लेकिन इस दौरान भीषण गर्मी को देखते हुए शावकों को केज से बाहर नहीं निकाला गया। अब जब शावकों को बाहर निकालने की बारी आई, तो कैनाइन डिस्टेंपर वायरस की संभावना को देखते हुए इस निर्णय को टाल दिया गया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) ने भी एडवायजरी जारी कर वन्य जीवों को इस वायरस से बचाने के लिए विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए हैं। यह वायरस जानवरों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर कर देता है और खासतौर पर शावकों के लिए अधिक खतरनाक साबित होता है।