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सहेली के भाई ने किशोरी को किया किडनैप, दोस्त के कमरे पर ले जाकर किया दुष्कर्म

ग्वालियर. शहर के माधौगंज इलाके में रहने वाली किशोरी के साथ उसकी सहेली के भाई ने ही दुष्कर्म किया। वह उसे भाई मानती थी, उसे अगवा कर अपने दोस्त के कमरे पर ले गया। यहां जान से मारने की धमकी देकर गलत काम किया। इस घटना के बाद भी वह उसे धमकाता रहा। परेशान होकर पीड़िता ने स्वजन को घटना बताई। इसके बाद यह लोग थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। दादी के साथ रहती है किशोरी माधौगंज थाना क्षेत्र के अंतर्गत डांग वाले बाबा पहाड़ी के पास रहने वाली 14 वर्षीय बालिका के माता-पिता जयपुर में रहते हैं। यहां वह अपनी दादी के साथ रहती है। उसकी सहेली का भाई लोकेंद्र विश्वकर्मा उसके घर आता-जाता था। वह उसे भाई मानती थी। दो जून को जब किशोरी की दादी घर पर नहीं थी, तब लोकेंद्र घर में घुस आया। उसने गलत हरकत की। विरोध करने पर उसकी दादी की हत्या की धमकी दी। 28 जून को उसने किशोरी को फोन किया। घर के पास बुलाया और अपने साथ काल्पी ब्रिज कालोनी में रहने वाले अपने दोस्त के कमरे पर ले गया। यहां उसके साथ फिर गलत काम किया। इसके बाद उसे धमकाया कि अगर किसी से कुछ भी कहा तो जान से मार देगा। किशोरी डरी-सहमी घर पर थी। छात्रा जब घर से गायब दिखी तो उसकी दादी ने फोन किया। बाइक से आरोपी उसे घर के पास छोड़ गया। फिर जब दादी ने बात की तब उसने पूरी घटना बताई। फिर यह लोग थाने पहुंचे और एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने ढूंढा तो घर छोड़ गया था आरोपी जब किशोरी घर से गायब मिली तो दादी ने पुलिस को भी सूचना दी थी। पुलिस ने उसे ढूंढना शुरू किया, इसके बाद उसे आरोपित घर के पास छोड़ गया। छह दिन तक पीड़िता डरी सहमी रही। उस दिन थाने में भी उसने ऐसी कोई जानकारी नहीं दी। अब उसने दुष्कर्म की बात बताई।  

कश्मीर में सुरक्षा बलों का बड़ा ऑपरेशन, शोपियां के बाग में घिरे लश्कर के दो खूंखार आतंकी

नई दिल्ली जम्मू-कश्मीर के शोपियां जिले में रविवार को भी एनकाउंटर जारी है। सुरक्षा बलों ने शनिवार से ही लश्कर-ए-तैयबा के दो खूंखार आतंकवादियों को घेर रखा है। ये दोनों आतंकी स्थानीय हैं। अभी भी मीमंदर इलाके के एक घने बाग के भीतर घिरे हुए हैं। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके को चारों तरफ से सील कर दिया है ताकि वे भाग न सकें। भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के द्वारा इस ऑपरेशन को अंजाम दिया जा रहा है। आपको बता दें कि इससे पहले शनिवार को कुछ अपुष्ट खबरों में दावा किया गया था कि दोनों आतंकी मारे गए हैं, लेकिन रविवार को अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि आतंकियों को पकड़ने या उन्हें मार गिराने के लिए ऑपरेशन अभी भी जारी है। सुरक्षा बलों की तकनीकी निगरानी के दौरान शुक्रवार को इन दोनों आतंकियों की गतिविधि मीमंदर इलाके में देखी गई थी। शनिवार को जब सेना की एक टीम तलाशी लेते हुए आगे बढ़ी, तो आतंकियों ने उन पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी। सुरक्षा बलों की जवाबी कार्रवाई के बाद यह मुठभेड़ में बदल गई। एक A++ श्रेणी का कमांडर खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार फंसे दोनों आतंकियों की पहचान दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले के निवासियों के रूप में हुई है। जाकिर गनी: यह लश्कर-ए-तैयबा का एक खूंखार ऑपरेटिव है, जिसे सुरक्षा एजेंसियों ने A++ श्रेणी के आतंकवादियों की सूची में रखा है। जाकिर साल 2024 से घाटी में सक्रिय है और कई आतंकी मामलों में वॉन्टेड है। अक्टूबर 2025 में कुलगाम की एक एनआईए (NIA) अदालत ने उसके खिलाफ उद्घोषणा नोटिस भी जारी किया था। लतीफ भट: लतीफ पिछले साल ही इस आतंकी संगठन में शामिल हुआ था और जाकिर के साथ मिलकर नेटवर्क चला रहा था। विक्टर फोर्स ने संभाला मोर्चा गर्मियों के इस मौसम में बागों के घने पत्तों और पेड़ों के कारण सुरक्षा बलों को ब्लाइंड स्पॉट्स का सामना करना पड़ रहा है। इसके लिए सेना की विशेष आतंकवाद विरोधी इकाई विक्टर फोर्स ने मोर्चा संभाला है। इलाके में रोशनी की व्यवस्था की गई है। रात के समय आतंकियों के भागने की कोशिशों को रोकने के लिए पूरे बाग को हाई-बीम लाइटों से रोशन किया गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शनिवार शाम तक सेना ने आस-पास के चार गांवों को पूरी तरह खाली करा लिया है, जबकि मुख्य घेराबंदी को और मजबूत कर दिया गया है। क्यों महत्वपूर्ण है यह ऑपरेशन? शोपियां जिला ऐतिहासिक रूप से दक्षिण कश्मीर को मध्य कश्मीर और पीर पंजाल श्रृंखला से जोड़ने वाला एक प्रमुख ट्रांजिट कॉरिडोर रहा है। ऐसे में जाकिर गनी और लतीफ भट जैसे स्थानीय कमांडरों को बेअसर करना लश्कर के लॉजिस्टिक नेटवर्क को तोड़ने और स्थानीय युवाओं की नई भर्ती को रोकने के लिए बेहद जरूरी है। फिलहाल, अंतिम रिपोर्ट मिलने तक दोनों ओर से रुक-रुक कर गोलीबारी जारी है और सुरक्षा बल बेहद सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं।

पंडवानी की महान लोकगायिका तीजन बाई नहीं रहीं, पीएम मोदी और सीएम साय ने जताया गहरा शोक

रायपुर. छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक अस्मिता की पहचान और पंडवानी लोकगायन शैली की विश्वविख्यात स्तंभ, पद्म विभूषण डॉ. तीजन बाई के निधन पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रद्धांजलि अर्पित की है। उन्होंने उनके निधन कला व संस्कृति जगत के लिए अपूरणीय क्षति बताया है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एम्स रायपुर पहुंचकर महान कलाकार के पार्थिव शरीर पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अंतिम विदाई दी। मुख्यमंत्री ने शोक संतप्त परिजनों से मुलाकात कर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त कीं। इस दौरान उन्होंने कहा कि डॉ. तीजन बाई ने न केवल छत्तीसगढ़ की माटी का मान बढ़ाया, बल्कि पंडवानी जैसी लोक विधा को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित किया। मुख्यमंत्री ने उनके योगदान को याद करते हुए कहा कि तंबूरे की थाप पर महाभारत की गाथाओं को जीवंत करने वाली तीजन बाई का जाना लोक संस्कृति के एक स्वर्णिम अध्याय का समापन है। दुनिया भर में दिलाई लोक कला को विशिष्ट पहचान सुप्रसिद्ध पंडवानी गायिका तीजन बाई जी के निधन से अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने छत्तीसगढ़ की इस लोक कला को अपनी भव्य प्रस्तुति से दुनियाभर में एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनका जाना कला एवं संस्कृति जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। शोक की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं उनके परिजनों और… – Narendra Modi (@narendramodi) July 5, 2026 जनप्रतिनिधियों ने दी श्रद्धाजंलि इस अवसर पर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल और रायपुर उत्तर के विधायक पुरंदर मिश्रा भी उपस्थित थे। सभी जनप्रतिनिधियों ने पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार उनकी स्मृतियों को संजोने और लोक कला के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। डॉ. तीजन बाई का जीवन संघर्षों और सफलता की वह गाथा है जो आने वाले समय में कलाकारों के लिए प्रकाश स्तंभ का कार्य करेगी।

पटना एम्स में बढ़ेंगी सुपर स्पेशियलिटी सुविधाएं, 200 नए ICU बेड होंगे तैयार

पटना बिहार में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया गया है। पटना एम्स के विस्तार के लिए राज्य सरकार 24 एकड़ अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराएगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को पखवारे के भीतर भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है। इससे एम्स में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं का तेजी से विस्तार होगा। गंभीर मरीजों को राज्य में ही बेहतर इलाज मिल सकेगा। 200 नए आईसीयू बेड के साथ बढ़ेंगी सुविधाएं अतिरिक्त भूमि मिलने के बाद पटना एम्स में करीब 200 नए आईसीयू बेड विकसित किए जाएंगे। इसके साथ कई नए सुपर स्पेशियलिटी विभाग भी शुरू किए जाएंगे। इससे गंभीर और जटिल बीमारियों के इलाज की क्षमता में बड़ा इजाफा होगा। मरीजों को इलाज के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। दिल्ली एम्स की तर्ज पर होगा विकास पटना एम्स के विस्तार को लेकर भाजपा सांसद डॉ. संजय जायसवाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। उन्होंने एम्स निदेशक का अतिरिक्त भूमि उपलब्ध कराने संबंधी अनुरोध पत्र भी सौंपा। भूमि मिलने के बाद संस्थान को दिल्ली एम्स की तर्ज पर विकसित करने की योजना है। ट्रॉमा सेंटर, कैंसर उपचार और लीवर ट्रांसप्लांट जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जाएगा। इससे प्रदेश के मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी। दिल्ली-मुंबई जाने की जरूरत होगी कम पटना एम्स में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं बढ़ने से राज्य के मरीजों को बाहर इलाज के लिए कम जाना पड़ेगा। कई जटिल सर्जरी और गंभीर बीमारियों का इलाज बिहार में ही संभव हो सकेगा। इससे इलाज का समय और खर्च दोनों कम होंगे। सरकार का लक्ष्य राज्य में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करना है। पटना एम्स का यह विस्तार बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।  

सेंसेक्स-निफ्टी की मामूली बढ़त के बीच चमके ये 5 शेयर, एक हफ्ते में 65.80% तक उछाल

नई दिल्ली पिछला हफ्ता शेयर बाजार के लिए पॉजिटिव रहा। पूरे हफ्ते के दौरान बीएसई सेंसेक्स 663.44 अंक या 0.86% बढ़कर 77,763.91 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 50 में 214.85 अंक या 0.89% की बढ़त हुई और यह 24,270.85 पर बंद हुआ। जहां ये इंडेक्स 1 फीसदी से भी कम चढ़े, वहीं 5 शेयर ऐसे रहे, जिन्होंने निवेशकों को 5 ही दिन में 65.80 फीसदी तक रिटर्न दिया है। गैलेक्सी बियरिंग्स गैलेक्सी बियरिंग्स का शेयर पिछले हफ्ते टॉप पर रहा, जिसने 65.80 फीसदी रिटर्न दिया। इसका शेयर बीते हफ्ते 572.55 रुपये से 949.30 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका शेयर बीएसई पर 10 फीसदी की उछाल के साथ 949.30 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 301.88 करोड़ रुपये है। वेलजन डेनिसन वेलजन डेनिसन का शेयर पिछले हफ्ते 52 फीसदी उछला। कंपनी का शेयर प्राइस 1202.10 रुपये से 1826.90 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका शेयर बीएसई पर 2.30 फीसदी की गिरावट के साथ 1826.90 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 812.25 करोड़ रुपये है। स्पेक्ट्रम फूड्स स्पेक्ट्रम फूड्स का शेयर पिछले हफ्ते 49.14 फीसदी ऊपर चढ़ा। कंपनी का शेयर 12.19 रुपये से 18.18 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को इसका शेयर बीएसई पर 20 फीसदी की तेजी के साथ 18.18 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 44.07 करोड़ रुपये है। लक्ष्मीपति इंजीनियरिंग वर्क्स लक्ष्मीपति इंजीनियरिंग वर्क्स का स्टॉक पिछले हफ्ते 45.09 फीसदी ऊपर चढ़ा। हफ्ते के दौरान इस कंपनी का शेयर 383.90 रुपये से 557 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को ये शेयर बीएसई पर एक दम फ्लैट 557 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 320.39 करोड़ रुपये है। श्रेष्ठ फिनवेस्ट श्रेष्ठ फिनवेस्ट का स्टॉक पिछले हफ्ते 41.67 फीसदी ऊपर चढ़ा। हफ्ते के दौरान इस कंपनी का शेयर 0.24 रुपये से 0.34 रुपये पर पहुंच गया। शुक्रवार को ये शेयर बीएसई पर 13.33 फीसदी की तेजी के साथ 59.76 रुपये पर बंद हुआ। इस भाव पर कंपनी की मार्केट कैपिटल 59.76 करोड़ रुपये है।  

फोन डेटा ने खोला हत्या का राज, पत्नी और प्रेमी पर पति की हत्या का आरोप

चंडीगढ़ पुणे के केतन अग्रवाल मर्डर केस और इंदौर के सोनम रघुवंशी जैसा एक और मामला हरियाणा में सामने आया है। कुछ हफ्तों पहले रेवाड़ी पुलिस जिस मामले को आत्महत्या का मामला मान रही थी, वह मर्डर साबित हुआ। पुलिस ने बताया कि 21 वर्षीय व्यक्ति की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर की है। हत्या का प्लान उन्होंने ठंडे दिमाग के साथ तैयार किया था। इतना ही नहीं पति के अंतिम संस्कार के दौरान आरोपी पत्नी जमकर रोई भी थी। फिलहाल पुलिस ने पत्नी और हत्या में साथ देने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि प्रेमी और एक साथी अभी फरार है। मीडिया  की रिपोर्ट के अनुसार पुलिस ने बताया कि पूछताछ के दौरान आरोपी पत्नी तनु ने कबूल किया है कि उसने अपने प्रेमी सोनू और दो साथियों के साथ मिलकर हत्या को अंजाम दिया है। सबसे पहले पत्नी ने मोनू को मिलने के बहाने नहर के पास बुलाया। वहां पर तीनों आरोपी पहले से मौजूद थे। उन्होंने मोनू को गिराकर मुंह और नाक को तब तक दबाए रखा, जब तक वह बेहोश नहीं हो गया। इसके बाद उसे नहर में डुबो दिया, जिससे किसी को हत्या का शक न हो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण पानी का डूबना आए। इसके बाद उन्होंने मोनू का स्कूटर भी वहीं पर लगा दिया और उसके फोन से सारा डाटा साफ कर दिया, जिससे किसी को यह पता न चले कि उसने किसको कॉल किया था बिना बताए पत्नी को लेने गया था मोनू बकौल पुलिस यह पूरा मामला 7 जून से शुरू हुआ था। 21 वर्षीय मोनू, जड़ताल गांव का रहने वाला था। 7 जून को उसने अपने परिवार को बताया था कि वह पत्नी तनु को लेने के लिए ससुराल जाने वाला है, लेकिन पत्नी ने उसे सैलरी के साथ आने के लिए कहा है। परिवार को इस बात पर थोड़ा शक हुआ लेकिन उन्होंने ज्यादा ध्यान नहीं दिया। इसके बाद 8 जून को सैलरी आने के बाद मोनू ने पैसे निकाले फिर पेट दर्द का बोलकर बिना किसी को बताए स्कूटर लेकर सीधा ससुराल के लिए निकल गया। परिवार के मुताबिक, मोनू जब देर रात तक घर वापस नहीं लौटा तो उन्होंने खोजबीन शुरू कर दिया। 9 जून को उन्होंने तनु के परिवार को भी फोन करके पूछा। लेकिन उन्होंने मोनू के वहां आने से इनकार कर दिया। तनु ने भी उससे बात होने से मना किया। 24 घंटे बीत जाने के बाद भी जब मोनू घर वापस नहीं आया, तो परिवार ने पुलिस में जाकर गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करवा दी। नहर में मिली लाश पहले आत्महत्या मान रही थी पुलिस इसके बाद 10 जून को पुलिस ने एक नहर से मोनू की लाश बरामद की। उसके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे। इसलिए इसे आत्महत्या का मामला मानकर पुलिस ने कार्यवाही की और शव परिवार को सौंप दिया। पति की मौत की खबर सुनकर तनु मायके से आई और जमकर रोई। परिवार के मुताबिक, उन्हें लगा कि वह अपने पति के मरने के गम में है। फोन डाटा रिकवर हुआ तो पत्नी पर गहराया शक मीडिया  की रिपोर्ट के मुताबिक आत्महत्या का मामला बनाने के बाद पुलिस ने मोनू का फोन परिवार को सौंप दिया। लेकिन उसके फोन का पूरा डाटा गायब था। परिवार को शक हुआ, तो उन्होंने साइबर एक्सपर्ट के पास जाकर पूरा डाटा रिकवर करवाने की कोशिश की। हत्या वाले दिन पत्नी को किए थे 49 कॉल्स चैट्स और कॉल रिकॉर्ड्स सामने आने पर पता चला कि मोनू ने हत्या वाले दिन अपनी पत्नी को करीब 49 बार फोन किया था। लेकिन तनु ने केवल एक बार कॉल उठाया, जिस पर उन दोनों की तीन मिनट तक बात हुई। पत्नी तनु समेत दो गिरफ्तार, कैसे कबूला गुनाह मोनू के अंतिम संस्कार की सारी रस्में खत्म होने के बाद परिवार ने पुलिस थाने में जाकर मर्डर केस दर्ज करवाने की बात कही, लेकिन कथित तौर पर पुलिस ने इस मामले में ध्यान नहीं दिया। इसके बाद परिवार 2 जुलाई को एसपी कार्यालय पहुंचा, जहां से मामले की कार्रवाई आगे बढ़ी और शक के आधार पर पत्नी को गिरफ्तार किया गया। डीएसपी सुरेंद्र के मुताबिक, पुलिस ने आरोपों के आधार पर कार्रवाई की और पत्नी तनु और उसके साथी हरिओम को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ के दौरान उन दोनों ने इस बात को कबूल किया है कि उन्होंने हत्या की साजिश रची थी। दो फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।  

जलालाबाद नगर परिषद चुनाव: मतदान जारी, 79 प्रत्याशियों के भाग्य का होगा फैसला

फाजिल्का. जलालाबाद नगर परिषद चुनाव के लिए रविवार सुबह ठीक 8 बजे मतदान शुरू हो गया। सुबह मौसम अपेक्षाकृत सुहावना रहने के कारण 7:30 बजे के बाद से ही मतदाता विभिन्न मतदान केंद्रों के बाहर पहुंचने लगे थे। निर्धारित समय पर मतदान कर्मियों ने मतदाताओं को केंद्रों के अंदर प्रवेश दिया और ईवीएम के जरिए मतदान प्रक्रिया शुरू कर दी। इसके साथ ही चुनाव मैदान में उतरे 79 उम्मीदवारों की किस्मत ईवीएम में कैद होने लगी है। मतदान को लेकर शुरुआती घंटों में मतदाताओं में उत्साह देखने को मिला और कई केंद्रों पर सुबह से ही कतारें लग गईं। नगर परिषद चुनाव के लिए कुल 33 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतदान समय समाप्त होने तक केंद्र परिसर में मौजूद सभी मतदाताओं को वोट डालने का अवसर दिया जाएगा। चुनावी मैदान में 79 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं, जिनका फैसला 28,750 मतदाता करेंगे। 15,037 पुरुष और 13,711 महिला मतदाता शामिल इनमें 15,037 पुरुष और 13,711 महिला मतदाता शामिल हैं। प्रशासन की ओर से मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। प्रत्येक मतदान केंद्र पर प्रिजाइडिंग अधिकारी के साथ मतदान कर्मियों की तैनाती की गई है, जबकि लगभग 250 कर्मचारी पूरे चुनावी प्रबंधन में लगे हुए हैं। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं की सुविधा के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।चुनाव प्रक्रिया की निगरानी के लिए जिला प्रशासन ने सेक्टर मजिस्ट्रेट, फ्लाइंग स्क्वॉड और स्टैटिक सर्विलांस टीमों को सक्रिय रखा है। सभी टीमें लगातार मतदान केंद्रों का निरीक्षण कर रही हैं ताकि कहीं भी किसी प्रकार की गड़बड़ी की स्थिति उत्पन्न न हो। प्रशासन का दावा है कि पूरे चुनाव पर कड़ी नजर रखी जा रही है। किसी को कानून हाथ में लेने की इजाजत नहीं: एसएसपी जिला पुलिस प्रमुख गगन अजीत सिंह ने बताया कि चुनाव को लेकर पुलिस विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। जलालाबाद और आसपास करीब 200 पुलिस कर्मचारी तैनात किए गए हैं, जबकि संवेदनशील मतदान केंद्रों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार गश्त, नाकाबंदी और पेट्रोलिंग की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव के दौरान माहौल बिगाड़ने या नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। आज ही देर रात तक साफ हो जाएगी तस्वीर मतदान समाप्त होने के बाद संबंधित मतदान केंद्रों पर ही मतगणना की जाएगी। प्रशासन के अनुसार देर रात तक सभी 17 वार्डों के परिणाम घोषित होने की संभावना है। इसके बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि नगर परिषद में किस दल या समूह का बोर्ड बनने जा रहा है।

दुर्ग: समितियों में रखा खाद निकला घटिया, गुणवत्ता जांच में कई नमूने फेल

दुर्ग. सेवा सहकारी समितियों में भंडारित खाद के तीन नमूने गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए हैं। मामले में विक्रेता व निर्माता कंपनी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। अब तक प्रयोगशाला से प्राप्त जांच रिपोर्ट के अनुसार जिले में कुल 8 नमूने अमानक मिल चुके हैं। इन कंपनियों के है अमानक खाद प्रयोग शाला में परीक्षण के दौरान गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए नमूनों में एक पाटन विकासखंड के सेवा सहकारी समिति औंधी से लिए थे। यहां भण्डारित बीईसी फर्टिलाइजर कंपनी के एसएसपी खाद अमानक मिले है। इसी प्रकार सेवा सहकारी समिति पहंडोर में भंडारित एग्रोफास इंडिया लिमिटेड कंपनी की भी एसएसपी खाद का एक नमूना गुणवत्ता विहीन पाया गया है। वहीं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में भण्डारित श्री गणपति फर्टिलाइजर्स लिमिटेड कंपनी की एसएसपी (जी) खाद का एक नमूना प्रयोगशाला की जांच रिपोर्ट के अनुसार अमानक पाए गए हैं। अमानक पाए गए खाद के लाट में सेवा सहकारी समिति औंधी में 2 सेवा सहकारी समिति पहंडोर में 1.800 एवं सेवा सहकारी समिति चंगोरी में कुल 10 टन खाद है। जिले में लगभग 50 टन खाद गुणवत्ता जांच में फेल हो चुके हैं। विक्रय पर लगा दिया गया है प्रतिबंध उप संचालक कृषि संदीप भोई का कहना है कि अमानक पाए खाद के लाट की विक्रय पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया गया है। साथ ही निर्माता कंपनी व विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। जवाब संतोषप्रद नहीं होने पर कार्रवाई की जाएगी।

MP के SIR मॉडल की मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने की तारीफ, ज्ञानेश कुमार बोले- सबसे पारदर्शी व्यवस्था

इंदौर. भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार शनिवार को इंदौर पहुंचे। उन्हाेंने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से संवाद कर कहा कि मध्यप्रदेश के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मतदाता सूची के परिशोधन का कार्य अत्यंत पारदर्शी, व्यवस्थित और दक्ष तरीके से पूरा कर देश के लिए आदर्श प्रस्तुत किया है। जिस गुणवत्ता और पारदर्शिता के साथ यह अभियान मध्यप्रदेश में संचालित हुआ है, वैसा उदाहरण अन्य राज्यों में दुर्लभ है। उन्होंने कहा कि भारत की चुनावी प्रक्रिया विश्व की सबसे पारदर्शी और विश्वसनीय व्यवस्थाओं में शामिल है, जहां मतदाता सूची निर्माण से लेकर मतदान और मतगणना तक हर चरण में राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों की भागीदारी सुनिश्चित होती है। इसी भरोसे के कारण भारत वर्ष 2026 में इंटरनेशनल आइडिया की अध्यक्षता कर रहा है। तला ऑडिटोरियम में हुए कार्यक्रम में निर्वाचन आयुक्त ने कहा कि निर्वाचन आयोग का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र नाम सूची में शामिल न हो। इसके लिए एसआईआर अभियान के तहत मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और अपात्र मतदाताओं की पहचान कर सूची को अधिक शुद्ध बनाया गया। देश में लगभग 95 करोड़ मतदाता हैं और चुनाव प्रक्रिया के संचालन में करीब 1.80 करोड़ चुनावकर्मी भाग लेते हैं। उन्होंने निर्वाचन आयोग के डिजिटल प्लेटफार्म ईसीआई नेट एप को बेहतर बताते हुए कहा कि इससे बीएलओ और मतदाताओं के बीच सीधा संपर्क मजबूत हुआ है। एसआईआर अभियान की उपलब्धियों और नवाचारों पर आधारित काफी टेबल बुक का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी संजीव कुमार झा, संभागायुक्त डा. सुदाम खाड़े, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी राम प्रताप सिंह जादौन तथा कलेक्टर शिवम वर्मा उपस्थित रहे। इंदौर में 4.47 लाख से अधिक नाम हटे एसआइआर प्रक्रिया के दौरान इंदाैर की सभी नो विधानसभा क्षेत्रों में 28.67 लाख से अधिक मतदाताओं के फार्म 2625 बीएलओ द्वारा भरे गए। इसमें 24.20 लाख मतदाता की मैपिंग 2003 की मतदाता सूची से हुई, जबकि प्रक्रिया के बाद 4.47 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटे थे। इंदौर में 6.67 लाख से अधिक मतदाताओं को नोटिस जारी कर सुनवाई की गई और दस्तावेजों की जांच की गई। बीएलओ से मुख्य चुनाव आयुक्त ने किया संवाद बीएलओ :- मतदाता सूची की पारदर्शिता के लिए आधार को अनिवार्य किया जाना चाहिए। मुख्य निर्वाचन आयुक्त :- आधार न जन्म और न ही नागरिकता का प्रमाण है, इसलिए अनिवार्य नहीं किया गया। बीएलओ :- स्थानीय चुनाव की मतदाता सूची और एसआइआर के बाद शुद्ध हुई केंद्रीय सूची को क्यो नहीं जोड़ा जा रहा? आयुक्त :- दोनों चुनाव प्रक्रियाओं का विधान अलग-अलग है, इसलिए सूची को एक नहीं किया जा सकता।

ईंधन संकट टला, दिल्ली में WFH और बदली ऑफिस टाइमिंग का आदेश वापस

नई दिल्ली  पश्चिम एशिया में हालात सामान्य होने के बाद दिल्ली सरकार ने सरकारी ऑफिसों में ईंधन बचाने के लिए लागू विशेष इंतजामों को समाप्त कर दिया। सीएम रेखा गुप्ता ने हफ्ते में दो दिन (बुधवार और शनिवार) को लागू वर्क फ्रॉम होम (WFH) व्यवस्था खत्म कर दी है। सरकारी ऑफिसों के अलग-अलग समय के फैसले को भी वापस ले लिया गया है। समय में फिर हुआ बदलाव नए आदेश के मुताबिक दिल्ली सरकार के सभी ऑफिस सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुले रहेंगे। पहले यह समय बदलकर सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे कर दिया गया था। हालांकि, MCD के कर्मचारियों के लिए पहले से लागू समय सुबह 8:30 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगा। इसमें कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये नियम किए गए थे लागू 14 मई को दिल्ली सरकार ने ईंधन की आपूर्ति पर पड़े असर को देखते हुए WFH, ऑफिस टाइमिंग में बदलाव, मंडे मेट्रो जैसे कई अहम फैसले लागू किए थे। सरकार का कहना है कि सुरक्षा स्थिति और ईंधन की आपूर्ति सामान्य होने के बाद प्रशासनिक कामों को पूरी क्षमता के साथ संचालित करने के मकसद से यह फैसला लिया गया है। पीएम मोदी ने की थी अपील बता दें कि पश्चिम एशिया में संघर्ष के बीच पीएम मोदी ने ईंधन की बचत करने की अपील की थी। प्रधानमंत्री की अपील के बाद दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने राजधानी में कई बड़े फैसले किए थे। सीएम ने ऐलान किया था कि मेट्रो डे मनाया जाएगा। इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन नो कार डे होगा। चलाई जा रहीं स्पेशल बसें तब दिल्ली सरकार और एमसीडी के ऑफिस का समय भी बदल दिया गया था। दिल्ली सरकार के ऑफिस सुबह 10.30 से शाम 7 बजे। एमसीडी ऑफिस सुबह 8.30 बजे से कर दिए गए थे। सरकारी 29 कॉलोनी से 58 स्पेशल बस चलाई जा रही थीं। इसके अलावा कंपनियों को सप्ताह में कम से कम 2 दिन वर्क फ्रॉम होम करावाने का निर्देश जारी किया गया था।