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पाक सीमा पर अलर्ट! पठानकोट में बमनुमा वस्तु मिलने से हड़कंप, सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं

बमियाल. जिला पठानकोट के सीमावर्ती क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब गांव कथलौर और रायपुर के खेतों में एक बमनुमा वस्तु मिलने की सूचना सामने आई। सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मौके पर पहुंच गईं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर जांच अभियान शुरू कर दिया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि यह कोई पुराना बम हो सकता है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी। जानकारी के अनुसार रविवार सुबह गांव जसवां के पूर्व सरपंच बलदेव सिंह खेतों की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत में पड़ी एक संदिग्ध बमनुमा वस्तु पर पड़ी। वस्तु को देखकर उन्हें शक हुआ कि यह कोई विस्फोटक सामग्री हो सकती है। उन्होंने बिना किसी तरह की छेड़छाड़ किए तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और एहतियात के तौर पर पूरे क्षेत्र को अपने कब्जे में ले लिया। इसके बाद सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी सूचना दी गई। सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल का निरीक्षण शुरू किया और आसपास के क्षेत्र की भी गहन तलाशी ली, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वहां कोई अन्य संदिग्ध वस्तु मौजूद न हो। बम की अभी पुष्टि नहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह किसी पुराने बम जैसी वस्तु प्रतीत हो रही है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि यह कब की है, किस परिस्थिति में यहां पहुंची और इसमें किसी प्रकार का खतरा मौजूद है या नहीं। इन सभी पहलुओं की विशेषज्ञों की मदद से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। लोगों को सतर्क रहने की सलाह सुरक्षा कारणों को देखते हुए आसपास के लोगों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी स्थान पर कोई संदिग्ध या बमनुमा वस्तु दिखाई दे तो उसे हाथ लगाने या हटाने का प्रयास बिल्कुल न करें। इसकी सूचना तुरंत पुलिस या संबंधित सुरक्षा एजेंसी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

चकला-बेलन से जुड़े 4 बड़े वास्तु दोष जो ला सकते हैं आर्थिक तंगी

हिंदू धर्म और वास्तु शास्त्र में रसोई घर को घर का सबसे पवित्र हिस्सा माना गया है, क्योंकि यहीं से पूरे परिवार की ऊर्जा और स्वास्थ्य का निर्धारण होता है. रसोई में रखी हर एक वस्तु का अपना एक विशेष महत्व और ऊर्जा होती है. इनमें सबसे महत्वपूर्ण हैं चकला और बेलन. वास्तु शास्त्र के अनुसार, रसोई में टूटा या चटका हुआ चकला-बेलन रखना एक गंभीर महादोष माना जाता है. ऐसा करने से न केवल घर की सुख-शांति भंग होती है, बल्कि आर्थिक तंगी का भी सामना करना पड़ता है. आइए जानते हैं चकला-बेलन से जुड़े महत्वपूर्ण वास्तु नियम और उनके पीछे की वजह. दरिद्रता का वास (आर्थिक तंगी) वास्तु शास्त्र के अनुसार, टूटे हुए चकले या बेलन से रोटी बेलने पर एक अजीब सी आवाज निकलती है. इस आवाज को बेहद अशुभ माना गया है. इससे घर में धन की आवक रुक जाती है और बेवजह के खर्च बढ़ने लगते हैं. परिवार में कलह और मानसिक तनाव टूटी हुई वस्तुओं से नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) निकलती है. यदि रसोई में ऐसी चीजें रखी हों, तो परिवार के सदस्यों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ने लगता है और बिना बात के झगड़े होने लगते हैं. सेहत पर बुरा असर रसोई घर का सीधा संबंध मां अन्नपूर्णा और माता लक्ष्मी से होता है. खंडित या टूटे हुए बर्तनों और चकला-बेलन के इस्तेमाल से मां अन्नपूर्णा नाराज होती हैं, जिससे घर के सदस्यों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ सकता है. चकला-बेलन से जुड़े जरूरी वास्तु नियम आवाज न हो: रोटी बेलते समय चकले से आवाज नहीं आनी चाहिए. अगर चकला हिलता है या आवाज करता है, तो उसके नीचे एक साफ कपड़ा रख लें. उल्टा करके न रखें: कई लोगों की आदत होती है कि वे इस्तेमाल के बाद चकले को उल्टा रख देते हैं. वास्तु में इसे बहुत बड़ा दोष माना गया है. चकले को हमेशा सीधा या दीवार के सहारे खड़ा करके रखना चाहिए. तुरंत धोकर सुखाएं: रोटी बनाने के बाद चकला-बेलन को गंदा बिल्कुल न छोड़ें. इसे तुरंत धोकर और सुखाकर सही स्थान पर रखें. रात भर चकला-बेलन गंदा छोड़ना राहु और शनि दोष को आमंत्रित करता है. खरीदने का सही दिन: अगर आप नया चकला-बेलन खरीद रहे हैं, तो ध्यान रखें कि इसे बुधवार या गुरुवार को खरीदना सबसे शुभ होता है. शनिवार या मंगलवार को इसे खरीदने से बचना चाहिए.

महादेव सट्टा कनेक्शन! प्रमोटर के भांजे ने प्रॉपर्टी डीलर पर बेसबॉल और चाकुओं से किया हमला

भिलाई नगर. महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप से जुड़े सौरभ चंद्राकर के भांजे प्रखर चंद्राकर का नाम एक बार फिर सामने आया है। इस बार उस पर अपने दो साथियों के साथ मिलकर एक प्रॉपर्टी डीलर की हत्या की कोशिश करने का आरोप लगा है। आरोप है कि बाइक से जा रहे प्रॉपर्टी डीलर को पहले बेसबॉल के डंडे से हमला कर गिराया, फिर चाकू कटर और लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ वार किए गए। पीड़ित के पैर और गर्दन पर 8 से 10 बार किए गए हैं। गंभीर रूप से घायल युवक का अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। भिलाई नगर थाना प्रभारी जितेन्द्र वर्मा ने बताया कि योगेश सुर्यवंशी (32 वर्ष) प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करते हैं। उन्होंने रिपोर्ट दर्ज कराया कि 2 जुलाई की रात करीब 11.30 बजे वे सेक्टर-6 स्थित पेट्रोल पंप से बाइक में पेट्रोल भरवाकर रिसाली की ओर लौट रहे थे। जब वे डीपीएस चौक स्थित हनुमान मंदिर के पास पहुंचे, तभी पीछे से पल्सर बाइक पर आए युवकों ने उनके सिर पर बेसबॉल के डंडे से हमला कर दिया। प्रार्थी प्रॉपर्टी डीलर योगेश ने पुलिस को बताया कि किसी तरह बाइक वो संभालकर आगे बढ़ा, लेकिन आरोपियों ने फिर उनका पीछा किया और बाइक के पहिए में डंडा फंसा दिया। इससे वह सड़क पर गिर गया। इसके बाद हरीश यादव ने किसी धारदार हथियार से उनके गले के पास हमला किया। जब वे जान बचाकर भागने लगे तो प्रखर चंद्राकर और अमन मूर्ति ने उन्हें पकड़ लिया। एफआईआर के अनुसार अमन मूर्ति ने गर्दन के पास चाकू से वार किए, जबकि प्रखर चंद्राकर ने कटर और बटनदार चाकू से दोनों पैरों पर लगातार 8 से 10 वार किए। हमले में योगेश लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान आसपास लोगों की भीड़ जुटने लगी तो तीनों आरोपी मौके से भाग निकले। घटना के बाद वहां मौजूद लोगों ने घायल योगेश को पहले नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें शंकराचार्य अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका आईसीयू में इलाज चल रहा है। योगेश ने पुलिस को बताया कि पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनकी हत्या करने की नीयत से हमला किया। उनकी शिकायत के आधार पर पहले नेवई थाना में जीरो नंबर पर अपराध दर्ज किया गया। इसके बाद मामला भिलाई नगर थाना भेजा गया, जहां आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 109 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है। सट्टा ऐप से जुड़ा है प्रखर चंद्राकर का नाम लगातार कर रहा गुंडागर्दी यह पहला मामला नहीं है, जब प्रखर चंद्राकर का नाम हिंसक वारदात में सामने आया हो। करीब 9 महीने पहले रायपुर के तेलीबांधा स्थित जूक क्लब में भी उस पर दोस्तों के साथ मिलकर एक युवक की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। उस मामले में प्रखर चंद्राकर, पुलकित चंद्राकर और उनके साथियों ने मारपीट की थी। .वीडियो में मारपीट के बाद आरोपी डांस करते हुए भी दिखाई दिए थे। इससे पहले भी भिलाई सुपेला पुलिस प्रखर चंद्राकर को मारपीट के एक मामले में गिरफ्तार कर चुकी है। 18 मई को सुपेला थाना क्षेत्र में जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे युवकों के साथ मारपीट हुई थी। शिकायतकर्ता सौरभ वर्मा ने पुलिस को बताया था कि उनके दोस्त आयुष पर डंडे से हमला किया था। जांच के बाद पुलिस ने प्रखर चंद्राकर को भिलाई नगर के घड़ी चौक से गिरफ्तार किया।

14 जुलाई 2026 को देवगुरु बृहस्पति होंगे अस्त, 6 राशियों पर पड़ सकता है बड़ा असर

 आकाशमंडल में जब भी कोई बड़ा और प्रभावशाली ग्रह सूर्य के बहुत करीब आ जाता है, तो उसकी ताकत कुछ समय के लिए शांत हो जाती है. ज्योतिष की भाषा में इसे ग्रह का अस्त होना (Combust) कहते हैं.  इस साल 14 जुलाई 2026 को ब्रह्मांड के सबसे शुभ और उदार ग्रह, देवगुरु बृहस्पति अस्त होने जा रहे हैं.  चूंकि गुरु को बुद्धि, धन, वैवाहिक सुख, संतान और आध्यात्मिक उन्नति का नियंत्रक माना जाता है, इसलिए उनके तेज में कमी आते ही जीवन के इन मोर्चों पर थोड़ी सुस्ती या रुकावटें देखने को मिल सकती हैं. वैदिक ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, गुरु की यह कमजोर स्थिति वैसे तो पूरी मानव जाति को प्रभावित करेगी, लेकिन 6 खास राशियां ऐसी हैं जिनकी जिंदगी में अचानक उथल-पुथल मच सकती है.  आइए समझते हैं कि इस खगोलीय बदलाव का आपकी राशि पर क्या असर होने जा रहा है और इससे कैसे निपटें. इन 6 राशियों के सामने खड़ी हो सकती हैं चुनौतियां 1. मेष राशि: फैसलों पर लगाएं ब्रेक इस समय आपकी मानसिक स्पष्टता थोड़ी प्रभावित हो सकती है.  कोई भी बड़ा कॉन्ट्रैक्ट साइन करना हो या नया बिजनेस वेंचर शुरू करना हो, उसे कुछ समय के लिए होल्ड पर डाल दें. जल्दबाजी में लिया गया एक भी गलत निर्णय आपकी जमा-पूंजी को फंसा सकता है. 2. कर्क राशि: बजट का बिगड़ेगा संतुलन बृहस्पति के अस्त होते ही आपके अनचाहे खर्चों में अचानक उछाल आ सकता है. नौकरीपेशा लोगों को अपनी मनपसंद पोजीशन या प्रमोशन के लिए थोड़ा लंबा इंतजार करना पड़ेगा.  प्रॉपर्टी या शेयर मार्केट में बड़ा रिस्क लेने से बिल्कुल बचें. 3. सिंह राशि: वर्कप्लेस पर बढ़ेगी तनातनी कार्यक्षेत्र में आपके ऊपर जिम्मेदारियों का बोझ अचानक बढ़ सकता है.  सहकर्मियों या बॉस के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कत आ सकती है. मानसिक तनाव का सीधा असर आपके डाइजेशन (पाचन) और स्लीप साइकिल पर पड़ सकता है, इसलिए सेहत को प्राथमिकता दें. 4. वृश्चिक राशि: भरोसे के नाम पर मिल सकता है धोखा यह समय किसी नए पार्टनर या अनजान शख्स पर आंख बंद करके विश्वास करने का नहीं है.  पैसों का उधार-लेनदेन आपके आपसी रिश्तों में दरार डाल सकता है. जितना हो सके शांत रहें और दूसरों के विवादों में टांग न अड़ाएं. 5. धनु राशि: खुद को री-इवैल्युएट करने का समय गुरु आपकी ही राशि के स्वामी हैं, इसलिए आपके आत्मविश्वास में थोड़ी कमी महसूस हो सकती है. करियर में जो रफ्तार बनी हुई थी, वह अचानक धीमी पड़ सकती है.  इस समय को किसी नए काम में कूदने के बजाय पुराने अधूरे कामों को ठीक करने में लगाएं. 6. मीन राशि: सेहत और सुकून पर ध्यान दें मीन राशि के भी स्वामी गुरु ही हैं.  आपके बनते हुए कामों में आखिरी वक्त पर रुकावटें आ सकती हैं.  आर्थिक मोर्चे पर तंगी महसूस न हो, इसके लिए फिजूलखर्ची पर आज से ही रोक लगा दें. खान-पान में लापरवाही से लिवर या पेट से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं. गुरु के नकारात्मक असर को कम करने के व्यावहारिक तरीके जब गुरु का बल कम हो, तो हमें अपनी आंतरिक ऊर्जा और अनुशासन को बढ़ाना पड़ता है.  इसके लिए कुछ विशेष ज्योतिषीय और व्यावहारिक उपाय मददगार साबित हो सकते हैं: गुरुत्व को जगाएं: भगवान विष्णु और शिवजी की नियमित आराधना करें.  हर गुरुवार को माथे पर केसर या हल्दी का तिलक लगाएं. सात्विक जीवनशैली: इस पूरी अवधि में तामसिक भोजन और शराब आदि से पूरी तरह दूरी बना लें.  सात्विक विचार मन को शांत रखेंगे. सेवा भाव: केवल वस्तुओं का दान ही नहीं, बल्कि अनाथ बच्चों की शिक्षा में मदद करना या किसी भूखे को भोजन कराना गुरु दोष को तेजी से काटता है. मौन का अभ्यास: जब परिस्थितियां पक्ष में न हों, तो बहस करने से बेहतर है मौन धारण करना. इससे आपकी ऊर्जा बची रहेगी.

मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, DRP नीति में बदलाव के बाद डीन करेंगे PG डॉक्टरों की तैनाती

भोपाल. मध्य प्रदेश सरकार ने जिला रेजिडेंट प्रोग्राम (डीआरपी) नीति में तीन साल बाद बड़ा बदलाव किया है। अब जिला अस्पतालों में तीन माह की सेवा देने वाले रेजिडेंट डॉक्टरों की पोस्टिंग राज्य स्तर से नहीं होगी। इसके बजाय संबंधित मेडिकल कॉलेज के डीन की अध्यक्षता में गठित पांच सदस्यीय डीआरपी प्लेसमेंट एलोकेशन कमेटी पोस्टिंग का निर्णय करेगी। नई व्यवस्था का उद्देश्य स्थानीय जरूरतों के अनुसार डॉक्टरों की तैनाती करना और जिला अस्पतालों में विशेषज्ञ सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है। हालांकि, नई नीति में आवास भत्ता समाप्त किए जाने से रेजिडेंट डॉक्टरों के बीच असंतोष भी देखा जा रहा है। डीन की अध्यक्षता वाली समिति करेगी पोस्टिंग नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक मेडिकल कॉलेज में गठित पांच सदस्यीय समिति रेजिडेंट डॉक्टरों के जिला आवंटन का फैसला करेगी। पहले यह प्रक्रिया राज्य स्तर पर होती थी। अब जिस मेडिकल कॉलेज में जिस क्षेत्र के मरीज अधिक आते हैं, उसी क्षेत्र के जिला अस्पतालों में वहां के रेजिडेंट डॉक्टरों को भेजा जाएगा। क्षेत्र के अनुसार होगा जिला आवंटन नई नीति के अनुसार गांधी मेडिकल कॉलेज, भोपाल के रेजिडेंट डॉक्टरों की तैनाती भोपाल, विदिशा, रायसेन और सीहोर जैसे जिलों में होगी। वहीं एमजीएम मेडिकल कॉलेज, इंदौर के डॉक्टरों को इंदौर, धार, झाबुआ और आसपास के जिलों में सेवाएं देनी होंगी। सरकार का मानना है कि इससे स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती मिलेगी। आवास भत्ता खत्म, खुद करनी होगी व्यवस्था नीति में सबसे बड़ा बदलाव आवास भत्ते को समाप्त करना है। अब रेजिडेंट डॉक्टरों को अपने रहने की व्यवस्था स्वयं करनी होगी। जिला प्रशासन केवल सुरक्षित आवासों की सूची उपलब्ध कराएगा। वहीं महिला और दिव्यांग रेजिडेंट डॉक्टरों को सुविधा के अनुसार नजदीकी जिलों में पदस्थापना देने का प्रयास किया जाएगा। जिला अस्पतालों में मेंटर और रेजिडेंट डॉक्टरों का अनुपात 1:3 रखा गया है। रेजिडेंट डॉक्टरों ने रखीं मांगें रेजिडेंट डॉक्टरों का कहना है कि पहले की तरह आवास भत्ता जारी रखा जाना चाहिए। साथ ही अधिक मेडिकल कॉलेजों वाले क्षेत्रों से बाहर भी जिलों को डीआरपी में शामिल किया जाए। उन्होंने पूरे प्रदेश में डिवीजन से बाहर म्युचुअल ट्रांसफर की सुविधा लागू करने की भी मांग की है।

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से बदलेगी अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था, जाम से मिलेगी राहत

लखनऊ यूपी में अलीगढ़ की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने की दिशा में नगर निगम का कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बड़ी भूमिका निभाएगा। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से कंट्रोल होगी। अलीगढ़ प्रदेश का पहला नगर निगम होगा, जिसको एनाउंसमेंट सिस्टम से लैस किया गया है। शनिवार को डीएम अविनाश कुमार, एसएसपी नीरज जादौन व नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने स्मार्ट टैफिक व्यवस्था को लेकर कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर के कंट्रोल रूम में मंथन किया। शहर के प्रमुख सिग्नलयुक्त चौराहों पर ट्रैफिक लाइट अब पूर्व निर्धारित समय के बजाय वास्तविक यातायात दबाव के अनुसार संचालित होगी। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े एआई आधारित कैमरे प्रत्येक दिशा में वाहनों एवं लोगों की संख्या का विश्लेषण करेंगे तथा उसी के अनुरूप ट्रैफिक सिग्नल का ग्रीन एवं रेड टाइम स्वतः कम या अधिक होगा। इससे अनावश्यक प्रतीक्षा समाप्त होगी तथा यातायात का प्रवाह लगातार बना रहेगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि इस स्मार्ट व्यवस्था को प्रथम चरण एएमयू सर्किल पर लागू कर दिया गया है। आगामी चरण में मैरिस रोड, रामघाट रोड, केला नगर, सासनी गेट सहित अन्य प्रमुख चौराहों पर भी इसे चरणबद्ध ढंग से लागू किया जाएगा। जहां पर ट्रैफिक लाइटें नहीं वहां 15 दिन में लगेंगी नगर आयुक्त ने बताया कि नगर निगम द्वारा ट्रैफिक सुधार अभियान के अंतर्गत प्रमुख बाजारों एवं मार्गों पर पीली पट्टी अंकित कराई है तथा हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरों को इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जोड़ा गया है। जिन प्रमुख चौराहों पर अभी ट्रैफिक सिग्नल नहीं हैं, उनका नगर निगम एवं ट्रैफिक पुलिस द्वारा संयुक्त स्थलीय निरीक्षण कर आगामी 15 दिनों में नई ट्रैफिक सिग्नल प्रणाली स्थापित कराई जाएगी। वाहन अधिक देर तक खड़े हुए तो एनाउंसमेंट होगा कोई वाहन, ई-रिक्शा, ठेला अथवा अन्य वाहन निर्धारित समय से अधिक देर तक चौराहे पर खड़ा रहता है तो सिस्टम स्वतः सार्वजनिक उद्घोषणा कर वाहन चालक को तत्काल वाहन हटाने का निर्देश देगा। निर्धारित समय तक वाहन न हटाने पर सिस्टम ट्रैफिक पुलिस को स्वतः सूचना प्रेषित करेगा, जिसके आधार पर आवश्यक प्रवर्तन कार्रवाई करते हुए वाहन को हटाया जाएगा। सूतमिल चौराहे पर एनाउंसमेंट सिस्टम लागू नगर आयुक्त ने बताया कि इस व्यवस्था को प्रथम चरण सूतमिल चौराहे पर लागू किया जा चुका है। पिछले लगभग 15 दिनों के अनुभव में पाया गया है कि जहां पूर्व में इस चौराहे पर सामान्यतः 15 से 20 मिनट तक जाम की स्थिति बनी रहती थी, वहीं वर्तमान में यह समय घटकर लगभग 2 से 3 मिनट रह गया है। डीएम अविनाश कुमार ने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य केवल निगरानी करना नहीं बल्कि नागरिकों को बेहतर और सुगम यातायात उपलब्ध कराना है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित ट्रैफिक मैनेजमेंट प्रणाली से चौराहों पर अनावश्यक प्रतीक्षा कम होगी ईंधन की बचत होगी। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नीरज जादौन ने कहा कि स्मार्ट ट्रैफिक प्रबंधन पुलिस और नगर निगम के संयुक्त प्रयासों का परिणाम है।

इको टूरिज्म से झारखंड की अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी

 रांची प्राकृतिक सौंदर्य और संसाधनों से भरपूर झारखंड में इको टूरिज्म के जरिए अर्थव्यवस्था को गति देने की पहल की जा रही है। वन एवं पर्यावरण विभाग ने रांची जिले के जोन्हा में इको टूरिज्म की पहल की है। हाल ही में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जोन्हा का दौरा किया था और यहां के प्राकृतिक सौंदर्य का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर अपलोड किया था। अभी दुमका जिले में मयूराक्षी नदी के किनारे इको टूरिज्म चलाया जा रहा है। यहां इको फ्रेंडली कॉटेज में रहकर पर्यटक मयूराक्षी नदी पर बने बांध और वहां के वन क्षेत्र को देखते हैं। इसके अलावा दलमा में भी इको टूरिज्म कराया जा रहा है। लातेहार जिले के लोध और चतरा के तमाशीन जलप्रपात क्षेत्र में भी इको टूरिज्म चलाने की योजना बनाई जा रही है। इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी जाएगी। युवाओं को स्वरोजगार के जरिए आजीविका के नए रास्ते बताए जाएंगे। पर्यावरण संरक्षण के साथ पर्यटकों को मिलेंगी सुविधाएं राज्य के प्रधान मुख्य वन संरक्षक संजीव कुमार ने जोन्हा में इको टूरिज्म की संभावना देखते हुए पर्यावरण की सुरक्षा के साथ कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश अधिकारियों को दिया है। स्थानीय वन प्रबंधन समिति को इस तरह के इको टूरिज्म स्थलों के प्रबंधन से जोड़ा जाएगा। उन्होंने पर्यटकों को विश्वस्तरीय सुविधा देते हुए प्राकृतिक धरोहरों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात भी कही है। क्या होता है इको टूरिज्म इको टूरिज्म में स्थानीय समुदाय की पारंपरिक मान्यताओं के प्रति प्रतिबद्धता रखते हुए बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाती है। संरक्षित क्षेत्र में रहने वाले स्थानीय समुदाय के लिए पर्यावरण संरक्षण और स्थायी आजीविका का संतुलन बनाकर ही इको टूरिज्म किया जाता है।  

पारदर्शिता पर जोर: लेखा विभाग में 19 अधिकारियों को प्रमोशन, 52 का ट्रांसफर

नई दिल्ली  दिल्ली सरकार ने वित्त एवं लेखा विभाग में बीते पांच साल से मौजूद 52 अधिकारियों का तबादला कर दिया है। सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और कार्यकुशलता को मजबूत करने के उद्देश्य से यह फेरबदल किया है। इनमें 23 डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स और 29 वरिष्ठ लेखाधिकारी शामिल हैं। इसके अलावा सरकार ने विभागीय कार्यकुशलता को बढ़ावा देते हुए 19 वरिष्ठ लेखा अधिकारियों (सीनियर अकाउंट्स ऑफिसर) को पदोन्नत कर डिप्टी कंट्रोलर ऑफ अकाउंट्स बनाया है। सरकार का कहना है कि ये सभी निर्णय प्रशासनिक आवश्यकताओं, बेहतर वित्तीय प्रबंधन और पारदर्शी कार्यप्रणाली को ध्यान में रखते हुए लिए गए हैं। सीएम रेखा गुप्ता ने क्या कहा?     मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार ऐसी प्रशासनिक व्यवस्था विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो पारदर्शिता, जवाबदेही, दक्षता और सुशासन के उच्चतम मानकों पर आधारित हो।     उन्होंने कहा कि शासन व्यवस्था में शिथिलता, लापरवाही और भ्रष्टाचार के लिए कोई स्थान नहीं है। सरकार के अनुसार, वित्त एवं लेखा विभाग में किए गए इस व्यापक फेरबदल से वित्तीय प्रबंधन और समयबद्ध निर्णयों के माध्यम से सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। द्वारका में 500 किलोवॉट का सोलर प्लांट शुरू पालम विधानसभा क्षेत्र के द्वारका सेक्टर 7 स्थित एयर फोर्स और नेवल ऑफिसर्स एनक्लेव में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने 500 किलोवॉट क्षमता के सोलर पावर प्लाट का उद्‌घाटन किया। यह सोलर प्लाट सोसायटी के करीब 375 घरो की बिजली की जरूरतों को स्वच्छ और नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा। मुख्यमंत्री ने उ‌द्घाटन के दौरान बताया कि प्लाट चालू होने से एनक्लेव का मासिक बिजली खर्च करीब 12 लाख रुपये से घटकर आधा, यानी लगभग 6 लाख रुपये रह जाएगा। इससे सोसायटी के निवासियों को हर साल करीब 72 लाख रुपये की बचत होगी। करीब दो करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस परियोजना के लिए केंद्र सरकार की ओर से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार की ओर से 10 लाख रूपये की सब्सिडी दी गई है।  

बाथरूम के ये 3 वास्तु दोष बिगाड़ सकते हैं आपकी आर्थिक स्थिति

 कई बार लाख कोशिशों के बाद भी घर में पैसा नहीं टिकता. इंसान दिन-रात मेहनत करके कमाता तो बहुत है, लेकिन महीने के अंत में बचत के नाम पर कुछ ही बचता है. क्या आप जानते हैं कि इसका एक बड़ा कारण आपके घर का बाथरूम हो सकता है? वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर का बाथरूम राहु, केतु और चंद्र की ऊर्जा से प्रभावित होता है.अगर यहां अनजाने में कुछ गलतियां की जाएं, तो भयंकर वास्तु दोष लगता है, जिससे मां लक्ष्मी रूठ जाती हैं . आइए जानते हैं बाथरूम से जुड़े उन गंभीर वास्तु दोषों (Vastu Dosh) के बारे में जो आपकी तिजोरी को खाली कर रहे हैं, और साथ ही जानेंगे इन्हें ठीक करने के बेहद असरदार उपाय. इन 3 गलतियों से लगता है भयंकर वास्तु दोष 1. खाली बाल्टी या टब रखना बाथरूम में कभी भी खाली बाल्टी या टब नहीं छोड़ना चाहिए.वास्तु के अनुसार, खाली बाल्टी घर में खालीपन और आर्थिक तंगी का प्रतीक मानी जाती है.इससे जल के देवता वरुण और मन व धन के कारक चंद्रमा का दोष लगता है, जिससे पैसों की आवक रुक जाती है. 2. नल से पानी का टपकना अगर आपके बाथरूम का कोई नल खराब है या उससे लगातार पानी टपकता रहता है, तो इसे वास्तु शास्त्र में सबसे बड़ा दोष माना गया है.जैसे-जैसे पानी टपकता है, वैसे-वैसे घर से पैसा पानी की तरह बह जाता है.टपकता हुआ पानी राहु के नकारात्मक प्रभाव को बढ़ाता है, जिससे अचानक बड़े नुकसान या मेडिकल खर्चे सामने आते हैं. 3. बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ना बाथरूम घर का वह हिस्सा है जहां सबसे ज्यादा नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) पैदा होती है.कई लोग इस्तेमाल के बाद बाथरूम का दरवाजा खुला छोड़ देते हैं.ऐसा करने से वह नकारात्मक ऊर्जा पूरे घर में, खासकर बेडरूम और किचन तक फैल जाती है.इससे घर के सदस्यों के बीच कलह बढ़ती है . कंगाली से बचने के लिए तुरंत करें ये 4 उपाय (Vastu Remedies) अगर आपके घर में भी यह दोष बन रहे हैं, तो घबराने के बजाय आज ही इन आसान उपायों को अपनाएं: बाल्टी को हमेशा भरकर रखें: बाथरूम में कम से कम एक बाल्टी को हमेशा साफ पानी से भरकर रखें.अगर बाल्टी खाली रखनी भी है, तो उसे उल्टा करके रखें, कभी भी सीधी और खाली न छोड़ें.नीले रंग की बाल्टी का इस्तेमाल करना सबसे शुभ माना जाता है. खराब नल तुरंत ठीक करवाएं: घर या बाथरूम में कहीं भी पानी का रिसाव (Leakage) न होने दें.प्लंबर को बुलाकर टपकते हुए नल को तुरंत ठीक करवाएं ताकि धन की बर्बादी रुके. कांच की कटोरी में खड़ा नमक: बाथरूम की नकारात्मक ऊर्जा और राहु दोष को सोखने के लिए एक कांच की कटोरी में खड़ा नमक (समुद्री नमक या ढेले वाला नमक) भरकर बाथरूम के किसी कोने में रख दें.हर महीने इस नमक को बदल दें. दरवाजा हमेशा रखें बंद: बाथरूम का इस्तेमाल करने के तुरंत बाद उसका दरवाजा बंद करने की आदत डालें.इसके अलावा, बाथरूम को हमेशा सूखा और साफ-सुथरा रखें, क्योंकि गंदगी ही दरिद्रता को न्योता देती है.

अमृतसर में पंथक सम्मेलन का आगाज, देशभर से सिख संगठनों के नेता हुए शामिल

अमृतसर. श्री हरि मंदिर साहिब परिसर स्थित गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब दीवान हाल में रविवार पंथक सम्मेलन शुरू हो गया। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से आयोजित इस सम्मेलन में विभिन्न सिख जत्थेबंदियों, धार्मिक संस्थाओं, संत-महापुरुषों और बुद्धिजीवियों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री भगवंत मान की विवादित वीडियो पर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। सम्मेलन में श्री अकाल तख्त साहिब के निर्णयों के समर्थन में पंथक एकजुटता प्रदर्शित करने के साथ-साथ भविष्य की धार्मिक, सामाजिक और कानूनी कार्रवाई की रूपरेखा तैयार करने पर भी चर्चा हो रही है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की तरफ से इस क्रम में बुलाए गए इस सम्मेलन को मौजूदा विवाद के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सम्मेलन में बड़ी संख्या में विभिन्न पंथक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं और अलग-अलग विषयों पर अपने विचार रख रहे हैं। संशोधन अधिनयम पर भी चल रही चर्चा सम्मेलन के दौरान जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब संशोधित अधिनियम को प्रमुख मुद्दे के रूप में उठाया जा रहा है। इस पर विस्तार से चर्चा की जा रही है कि आगे इस मामले को किस प्रकार धार्मिक और कानूनी स्तर पर आगे बढ़ाया जाए। साथ ही श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दिए गए निर्देशों के समर्थन में सामूहिक निर्णय लेने की दिशा में भी मंथन चल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि उसका शिष्टमंडल पंजाब के डीजीपी से मुलाकात कर संबंधित मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग करेगा। सम्मेलन में इस प्रस्ताव पर भी चर्चा हो रही है कि पूरे मामले को केवल धार्मिक मुद्दे तक सीमित न रख कानूनी स्तर पर भी मजबूती से आगे बढ़ाया जाए। जनजागरण अभियान चलाने पर हो रही चर्चा सम्मेलन में यह भी चर्चा हो रही है कि संगत के बीच जनजागरण अभियान किस प्रकार चलाया जाए।  जिसमें समाज के सभी वर्गों तक संदेश पहुंचाने की रणनीति पर भी विचार किया जा रहा है। धार्मिक और राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस पंथक सम्मेलन में लिए जाने वाले निर्णयों पर पूरे पंजाब की नजर बनी हुई है। माना जा रहा है कि सम्मेलन के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी आगे की कार्रवाई और आंदोलन की रूपरेखा को लेकर महत्वपूर्ण घोषणा कर सकती है।