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पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने अंबिकापुर से किया शुभारंभ, सरगवां में वृक्षारोपण के साथ बाउंड्रीवाल एवं ओपन जिम का लोकार्पण

रायपुर  प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के राष्ट्रव्यापी वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ को आगे बढ़ाते हुए प्रकृति संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और मातृशक्ति के सम्मान के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा इस अभियान की शुरुआत अंबिकापुर से की गई। माननीय मंत्री पर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग  राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में सरगवां स्थित अटल विहार योजना में वृक्षारोपण एवं विभिन्न विकास कार्यों के लोकार्पण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। मंत्री  राजेश अग्रवाल ने  इस अवसर पर कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान केवल वृक्षारोपण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि मातृशक्ति के प्रति सम्मान और प्रकृति के प्रति जिम्मेदारी व्यक्त करने वाला भावनात्मक एवं जनसरोकार से जुड़ा संकल्प है। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  के आह्वान पर शुरू किए गए इस अभियान को जनभागीदारी के माध्यम से व्यापक स्वरूप देना हम सभी की जिम्मेदारी है। प्रत्येक व्यक्ति अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाए और उसे वृक्ष बनने तक संरक्षित करे, यही इस अभियान की वास्तविक सफलता होगी। उन्होंने कहा कि ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पूरे प्रदेश में सवा सात करोड़ पौधे लगाए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि कॉलोनी में बाउंड्रीवाल की लगातार मांग की जा रही थी। गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष की पहल से आज बाउंड्रीवाल का निर्माण पूर्ण कर उसका लोकार्पण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष भी ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के अंतर्गत यहां वृक्षारोपण किया गया था और कॉलोनीवासियों के संरक्षण से लगाए गए पौधे अब वृक्ष का रूप ले चुके हैं। अन्य आवासीय योजनाओं एवं कॉलोनियों में भी चलेगा अभियान गृह निर्माण मंडल अध्यक्ष  अनुराग सिंह देव ने बताया कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी  द्वारा चलाए जा रहे राष्ट्रीय वृक्षारोपण अभियान ‘एक पेड़ माँ के नाम’ को केवल एक कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल की अन्य आवासीय योजनाओं एवं कॉलोनियों में भी चरणबद्ध रूप से संचालित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अंबिकापुर से शुरू हुआ यह अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ प्रत्येक परिवार और समाज को अपनी माँ के सम्मान में एक पौधा लगाने तथा उसके संरक्षण का संकल्प लेने के लिए प्रेरित करेगा। मंडल का उद्देश्य अपनी विभिन्न आवासीय योजनाओं में हरित क्षेत्र को बढ़ावा देते हुए कॉलोनियों को अधिक स्वच्छ, सुंदर, हरित एवं पर्यावरण-अनुकूल बनाना है। अभियान के माध्यम से पौधरोपण को जनभागीदारी से जोड़ने के साथ ही वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्धन को भी प्राथमिकता दी जाएगी। 9.70 एकड़ में 251 भवनों का निर्माण एवं विकास कार्यक्रम के दौरान अटल विहार योजना, सरगवां में वृक्षारोपण के साथ बाउंड्रीवाल एवं ओपन जिम का लोकार्पण भी किया गया। सरगवां में छत्तीसगढ़ गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल द्वारा 9.70 एकड़ भूमि पर लगभग 3859.22 लाख रुपये की लागत से कुल 251 भवनों का निर्माण एवं विकास कार्य कराया गया है। इनमें 14 HIG, 12 Sr. MIG, 40 Jr. MIG, 63 LIG एवं 122 EWS भवन शामिल हैं। योजनांतर्गत बाउंड्रीवाल एवं डब्ल्यू.एम.एम. सड़क सहित शेष निर्माण एवं विकास कार्य भी पूर्ण किए गए हैं। इन सुविधाओं के लोकार्पण से कॉलोनीवासियों को बेहतर आवासीय वातावरण के साथ आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। नन्हे बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश कार्यक्रम में कॉलोनी के नन्हे बच्चों ने वृक्षों के महत्व एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की प्रस्तुतियों ने पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के भावनात्मक संदेश को प्रभावी रूप से सामने रखा। कार्यक्रम की अध्यक्षता   चिंतामणी महाराज सांसद सरगुजा ने की। विशिष्ट अतिथियों के रूप में अंबिकापुर महापौर मती मंजूषा भगत,  मती निरुपा सिंह जिला पंचायत अध्यक्ष सरगुजा,   हरमिन्दर सिंह टिन्नी  सभापति नगर निगम अंबिकापुर,  मती दिव्या सिंह सिसोदिया  जिला पंचायत सदस्य सरगुजा,  भारत सिंह सिसोदिया,  अखिलेश सोनी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक एवं कॉलोनीवासी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं मंडल के अधिकारियों ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने तथा अधिक से अधिक पौधों के रोपण एवं उनके संरक्षण का संकल्प लिया।

वार्ड 60 के उपचुनाव पर ब्रेक! सुनेहरा अंसारी को बड़ी राहत, जिला कोर्ट के फैसले पर हाई कोर्ट ने लगाई रोक

 इंदौर   वार्ड 60 की पार्षद सुनेहरा अंसारी की पार्षदी बरकरार रहेगी। मप्र हाई कोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने सुनेहरा अंसारी के निर्वाचन को शून्य घोषित करने वाले जिला कोर्ट के 17 जुलाई 2026 को सुनाए गए फैसले पर गुरुवार को रोक लगा दी। न्यायमूर्ति संदीप एन भट्ट ने गुरुवार को जिला कोर्ट के आदेश पर स्टे देते हुए इस वार्ड में निर्वाचन आयोग द्वारा उपचुनाव की घोषणा को भी रोक दिया है। वार्ड में चुनावी प्रक्रिया, किसी अन्य के पदभार ग्रहण करने पर भी अंतरिम रोक लगा दी गई है। वर्ष 2022 में हुए नगर निगम चुनाव में वार्ड 60 से सुनेहरा अंसाफ अंसारी ने लगभग पांच हजार मतों से जीत हासिल की थी। उनके निर्वाचन को चुनौती देते हुए इफ्तेखार (मुन्ना) अंसारी ने जिला कोर्ट में चुनाव याचिका प्रस्तुत की थी। इस याचिका में आरोप लगाया था कि सुनहरा अंसारी ने नामांकन फार्म के साथ अपनी संपत्ति के संबंध में जो नो-ड्यूज प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया है वह गलत है। टैक्स की गणना भी कम की गई। आरोप यह भी था कि अंसारी ने भ्रामक प्रचार किया और मतदाताओं को भ्रमित किया। 17 जुलाई 2026 को जिला कोर्ट ने याचिका स्वीकारते हुए सुनेहरा अंसाफ अंसारी का निर्वाचन शून्य घोषित कर दिया था। सुनेहरा ने इस फैसले को चुनौती देते हुुए हाई कोर्ट में सीविल अपील प्रस्तुत की है जिस पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनेहरा अंसारी की ओर से अधिवक्ता विशाल बाहेती ने तर्क रखे। यह तर्क रखे अंसारी के वकील ने एडवोकेट बाहेती ने तर्क रखे और कहा कि चुनाव के वक्त नगर निगम ने नियमानुसार अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी किया था। बाद में एक निगम कर्मचारी ने कोर्ट में रजिस्टर पेश कर दावा कर दिया कि अंसारी पर संपत्ति कर बकाया था, जबकि वह विवादित संपत्ति थी और उस वक्त याचिकाकर्ता के श्वसुर के नाम पर दर्ज थी। जिला कोर्ट में अंसारी के निर्वाचन को चुनौती देने वाले मुन्ना अंसारी की ओर से तर्क रखा गया कि सुनेहरा अंसारी के पास घोषित संपत्तियों के अलावा अन्य संपत्ति भी है। इसे छुपाया गया है। यह कहा शासन की ओर से शासन की ओर से तर्क रखे गए कि निर्वाचन आयोग ने वार्ड 60 की सीट को रिक्त घोषित कर दिया है। साथ ही यहां उप चुनाव की तारीख भी घोषित हो चुकी है। ऐसी स्थिति में कोर्ट को दखल नहीं करना चाहिए। चुनाव प्रक्रिया शुरू होने के बाद उसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता। इस संबंध में कई न्याय दृष्टांत भी कोर्ट में प्रस्तुत किए गए। यह कहा कोर्ट ने सभी पक्षकारों को सुनने के बाद कोर्ट ने सुनेहरा अंसाफ अंसारी को राहत देते हुए उनकी ओर से प्रस्तुत अंतरिम आवेदन स्वीकार कर लिया। कोर्ट ने जिला कोर्ट के आदेश के निष्पादन और क्रियान्वयन पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। हाई कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि इस याचिका के अंतिम निराकरण तक चुनाव आयोग या प्रशासन द्वारा उपचुनाव कराने, किसी अन्य व्यक्ति को निर्वाचित घोषित करने जैसी कोई भी परिणामी कार्रवाई नहीं की जाएगी। मामले में अब चार सप्ताह बाद फिर सुनवाई होगी। यह भी माना कोर्ट ने हाई कोर्ट ने माना कि मामला केवल चुनावी प्रक्रिया के बीच दखल देने का नहीं है, बल्कि एक निर्वाचित प्रतिनिधि को बिना किसी गलती के हटाने का है। कानूनन अगर किसी निर्वाचित उम्मीदवार की अपनी कोई व्यक्तिगत गलती या भ्रष्ट आचरण सिद्ध न हुआ हो, तो उसके निर्वाचन को निरस्त कर उस क्षेत्र को बिना प्रतिनिधित्व रखना मतदाताओं के साथ अन्याय है। अंसारी मतदाताओं के लोकतांत्रिक जनादेश के अनुसरण में वार्ड 60 की विधिवत निर्वाचित प्रतिनिधि के रूप में कार्य कर रही हैं और मतदाताओं की इच्छा को इस प्रकार विफल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।  

UP में ‘सेवा संकल्प अभियान’ की तैयारी, ग्राम पंचायत से महानगर तक जनभागीदारी पर जोर

योगी सरकार प्रदेशभर में चलाएगी ‘सेवा संकल्प अभियान’, गांव से महानगर तक होंगे जनसेवा के कार्यक्रम पीएम मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूरे होने पर 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा अभियान जनसेवा से राष्ट्र निर्माण तक व्यापक जनभागीदारी पर योगी सरकार का जोर, ग्राम पंचायत से जिला मुख्यालय तक होंगे आयोजन उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय बनाए गए प्रदेश प्रभारी, विभागवार तय होंगे दायित्व  लखनऊ,   योगी सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्षों की सेवा पूर्ण होने के अवसर को प्रदेशभर में जनसेवा और राष्ट्र निर्माण के संकल्प से जोड़ेगी। इसके लिए सरकार 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर, 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाने जा रही है। ग्राम और न्याय पंचायत से लेकर जिला मुख्यालय तथा महानगरों तक एक महीने चलने वाले अभियान में जनसेवा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र निर्माण से जुड़े व्यापक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार का जोर अभियान को सरकारी आयोजनों तक सीमित रखने के बजाय इसमें व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने पर है। अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय को उत्तर प्रदेश का प्रभारी बनाया गया है। योगी सरकार की मंशा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के जरिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन और जनसेवा से नागरिकों को परिचित कराने के साथ उन्हें ‘विकसित भारत-2047’ के सामूहिक राष्ट्रीय संकल्प से जोड़ने की है। इसके लिए कार्यक्रमों को जिला मुख्यालयों तक सीमित न रखकर न्याय पंचायत, ग्राम पंचायत और नगरीय क्षेत्रों तक ले जाने की तैयारी है। ‘आशीर्वाद का दीया’ से योगी सरकार करेगी अभियान का आगाज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितम्बर को योगी सरकार ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के साथ अभियान की शुरुआत करेगी। ग्राम पंचायतों से लेकर शहरों तक जनभागीदारी के साथ कार्यक्रम होंगे। इस अवसर पर दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण भी वितरित किए जाएंगे। अभियान के दौरान ‘करोड़ों बच्चों के सपनों का भारत’, ‘नमो सेवा गाथा’, ‘आंगन का उत्सव’, ‘कहानी बदलाव की’, ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’, ‘सेवा ज्योति यात्रा’, ‘वडनगर से वाराणसी यात्रा’, ‘सेवा मेरा योगदान’, ‘घर-घर से राष्ट्र तक रंगोली’, ‘इनोवेशन चैलेंज’ और ‘जनसेवा महाकुंभ’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। स्वच्छता से रक्तदान तक, जनसेवा पर रहेगा फोकस ‘सेवा मेरा योगदान’ के तहत योगी सरकार प्रदेशभर में स्वच्छता और वृक्षारोपण के साथ घाटों, पार्कों और गोशालाओं की सफाई एवं सौंदर्यीकरण के कार्यक्रम आयोजित करेगी। रक्तदान शिविर भी लगाए जाएंगे। वहीं ‘आरोग्य मेलों’ के जरिए लोगों के स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय परामर्श और आवश्यक दवाओं के वितरण की व्यवस्था की जाएगी। बच्चों, युवाओं और नवाचार से जुड़े कार्यक्रमों के माध्यम से नई पीढ़ी को राष्ट्र निर्माण से जोड़ने पर विशेष जोर रहेगा। ‘नमो सेवा गाथा’ के जरिए प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन, जनकल्याणकारी योजनाओं और इस दौरान विभिन्न क्षेत्रों में आए बदलाव को लोगों तक पहुंचाया जाएगा। 7 अक्टूबर को हर जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ अभियान के महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में 7 अक्टूबर को प्रदेश के प्रत्येक जिले में ‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ निकाली जाएगी। इसके माध्यम से नागरिकों को विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाने का सामूहिक संकल्प दिलाया जाएगा। विभिन्न स्थानों पर बड़ी स्क्रीन लगाकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संबोधन का प्रसारण भी किया जाएगा। विभागों को जिम्मेदारी सौंपेगी योगी सरकार अभियान को प्रदेशव्यापी स्वरूप देने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सेवा संकल्प अभियान के प्रदेश प्रभारी एवं उच्च शिक्षा मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय जल्द संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। इसमें विभागवार जिम्मेदारियां तय करने के साथ कार्यक्रमों के प्रभावी और व्यापक आयोजन की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। योगी सरकार का प्रयास है कि महीनेभर चलने वाला ‘सेवा संकल्प अभियान’ केवल आयोजनों की श्रृंखला न बनकर जनसेवा, सामाजिक सहभागिता और विकसित भारत के संकल्प को प्रदेश के गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाने का माध्यम बने।

तृप्ति सिंह फर्जी IAS मामले में नया मोड़: वीडियो में अफसर बनी युवतियां भी ठगी का शिकार, सामने आया स्क्रिप्ट का खेल

भोपाल फर्जी आईएएस बनकर लोगों से ठगी करने वाली तृप्ति सिंह के मामले में अब एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। उसके साथ वायरल वीडियो में खुद को आइएएस बताने वाली दोनों युवतियां भी उसकी पीड़िता निकली हैं। बैतूल निवासी ख्याति और विशाखा ने पुलिस को शिकायत देकर बताया है कि तृप्ति ने उन्हें आईएएस बनाने और नौकरी दिलाने का झांसा देकर करीब तीन-तीन लाख रुपये लिए थे। दरअसल, कुछ दिन पहले एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें तृप्ति के साथ तीन युवतियां खुद को आईएएस बताती नजर आ रही थीं। दावा किया गया था कि वीडियो विधानसभा के भीतर का है और युवतियां वहां की कार्यवाही अटेंड करने पहुंची थीं। अब पुलिस जांच में सामने आया है कि वीडियो विधानसभा का नहीं, बल्कि मानव संग्रहालय की संकुल वीथी का है। पहले दी स्क्रिप्ट, फिर अफसर बनने का दिखाया सपना ख्याति और विशाखा ने पुलिस को बताया कि तृप्ति ने उन्हें पहले से एक स्क्रिप्ट दी थी। उसने कहा था कि आईएएस बनने से पहले ही अफसर जैसा एटीट्यूड बनाकर रखो। इसी तैयारी के नाम पर उन्हें अपने साथ कार्यक्रमों और अलग-अलग जगहों पर ले जाया गया। वीडियो में दोनों युवतियों ने तृप्ति के बताए अनुसार खुद को आईएएस बताया। बाद में उन्हें नौकरी और अफसर बनाने का झांसा देकर रकम ली गई। जब न नौकरी मिली और न तृप्ति के दावे पूरे हुए तो दोनों को उसके फर्जीवाड़े का अहसास हुआ। चार दिन की रिमांड पर तृप्ति और सुधांशु बागसेवनिया पुलिस बुधवार को अशोकनगर से तृप्ति सिंह और उसके भाई सुधांशु सिंह को भोपाल लाई थी। दोनों को कोर्ट में पेश कर पुलिस ने चार दिन की रिमांड ली है। पूछताछ में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि तृप्ति ने फर्जी आईएएस की पहचान बनाने के लिए कितने लोगों और युवतियों का इस्तेमाल किया और इस पूरे नेटवर्क में कौन-कौन शामिल है। पुलिस उसके मोबाइल, दस्तावेज और लेनदेन की भी जांच कर रही है। पति की शिकायत में अचल गवाह बनेगा तृप्ति के पति अचल सिंह ने भी पत्नी पर फर्जी आईएएस बनकर उससे शादी करने का आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। हालांकि पुलिस इस शिकायत पर अलग से केस दर्ज करने के बजाय मौजूदा प्रकरणों की जांच में अचल को गवाह बनाएगी। पुलिस का कहना है कि तृप्ति के फर्जी आईएएस बनने से जुड़े तथ्य पहले से दर्ज मामलों की विवेचना में ही सामने आ रहे हैं। तृप्ति के खिलाफ अशोकनगर के चंदेरी में नौकरी लगवाने के नाम पर करीब 10 लाख रुपये की ठगी का केस दर्ज है। चंदेरी पुलिस ने उसे और उसके भाई सुधांशु को गिरफ्तार किया था। भोपाल में भी एमपीटी के होटल-रिसार्ट की लीज दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के मामले सामने आ चुके हैं। अब नौकरी के नाम पर ठगी की शिकार युवतियों की शिकायत से यह साफ हो रहा है कि तृप्ति ने फर्जी आईएएस की पहचान सिर्फ लोगों को प्रभावित करने के लिए नहीं, बल्कि एक सुनियोजित नेटवर्क के तौर पर इस्तेमाल की।     वायरल वीडियो में खुद को आईएएस बताने वालीं ख्याति और विशाखा नामक युवतियों ने नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत की है। पुलिस उनके बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल रिमांड पर लेकर 39 और 49 लाख रुपये की ठगी के संबंध में पूछताछ की जा रही है।- रजनीश कश्यप, एसीपी मिसरोद  

बठिंडा में स्कूल वैन चालकों की महापंचायत, नए नियमों को लेकर जताया विरोध

बठिंडा. पंजाब भर के निजी स्कूलों से जुड़ी स्कूल वैनों के चालकों ने अपनी मांगों को लेकर बठिंडा में महापंचायत की। इसमें पंजाब के विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में स्कूल वैन चालक और इस कारोबार से जुड़े लोग शामिल हुए। महापंचायत के दौरान सरकार की नीतियों के खिलाफ रोष जताते हुए स्कूल वैनों के लिए अलग पॉलिसी बनाने की मांग की गई। पंजाब स्कूल वैन एसोसिएशन के प्रधान गुरप्रीत हैप्पी ने कहा कि सरकार स्कूल वैनों के मामले में दोहरे मापदंड अपना रही है। स्कूलों में बच्चों को लाने-ले जाने वाली वैनों को सामान्य कमर्शियल वाहनों की श्रेणी में रखकर ऐसे नियम और टैक्स लागू किए जा रहे हैं, जिन्हें छोटे वैन चालकों के लिए पूरा करना बेहद मुश्किल हो रहा है। उन्होंने बताया कि स्कूल वैनों पर सालाना करीब 30 हजार रुपये तक का टैक्स लिया जा रहा है। इसके अलावा सरकार द्वारा पुराने जीपीएस सिस्टम को बदलकर नया सिस्टम लगाने की शर्त के कारण वैन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उनके अनुसार नया जीपीएस सिस्टम लगाने पर 35 हजार रुपये से लेकर ढाई लाख रुपये तक खर्च आने की बात सामने आ रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि छोटे स्तर पर स्कूल वैन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले लोग इतना बड़ा खर्च कैसे उठा सकते हैं। 365 दिनों में सिर्फ 220 दिन चलती हैं स्कूल वैन गुरप्रीत हैप्पी ने कहा कि स्कूल वैनों का इस्तेमाल सामान्य कमर्शियल वाहनों से बिल्कुल अलग है। स्कूल वैन साल के 365 दिनों में से करीब 220 दिन ही चलती हैं और आमतौर पर इनका रोजाना सफर भी 50 किलोमीटर से अधिक नहीं होता। इसके बावजूद उनसे कमर्शियल वाहनों के बराबर टैक्स और अन्य फीस वसूली जा रही हैं। उन्होंने मांग की कि स्कूल वैनों की पासिंग कम से कम पांच साल के लिए की जाए, ताकि हर साल पासिंग और इससे जुड़े खर्चों के कारण वैन चालकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। नए-नए नियमों के नाम पर जुर्माना वसूलने का आरोप वैन चालकों ने आरोप लगाया कि सरकारी विभागों की ओर से स्कूल वैनों के लिए लगातार नए नियम लागू किए जा रहे हैं और नियमों के उल्लंघन के नाम पर भारी जुर्माने वसूले जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले ही महंगाई, डीजल, बीमा, मरम्मत और अन्य खर्चों से जूझ रहे वैन चालकों के लिए यह अतिरिक्त बोझ बन गया है। उन्होंने सरकार पर वैन चालकों के साथ भेदभाव करने और नए-नए नियमों के जरिए उनका काम मुश्किल बनाने का भी आरोप लगाया। मांगें नहीं मानी तो बड़े संघर्ष की चेतावनी एसोसिएशन नेताओं ने कहा कि वे अपनी मांगों को लेकर सरकार से कई बार अपील कर चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसके चलते वैन चालकों को मजबूर होकर पंजाब भर में स्कूल वैनों का चक्का जाम करने जैसा सख्त कदम उठाना पड़ा। उन्होंने दावा किया कि इस हड़ताल के कारण 80 प्रतिशत से अधिक स्कूल वैन बंद रहीं, जिससे हजारों बच्चों और उनके अभिभावकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। एसोसिएशन ने इस असुविधा के लिए बच्चों और अभिभावकों से माफी भी मांगी, लेकिन साथ ही कहा कि अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने के लिए संघर्ष के अलावा उनके पास कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा है। वैन चालकों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो संघर्ष को और बड़े स्तर पर ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे अपने अधिकारों के लिए पीछे नहीं हटेंगे और जरूरत पड़ी तो पंजाब स्तर पर इससे भी बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस के ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

रायपुर डिजिटल युग में इंटरनेट और ऑनलाइन सेवाओं के बढ़ते उपयोग के साथ साइबर अपराधों का खतरा भी तेजी से बढ़ा है। इससे सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। यह बात छत्तीसगढ़ शासन के कृषि विकास, किसान कल्याण तथा आदिम जाति मंत्री  रामविचार नेताम ने कही। वे इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा आयोजित “साइबर जागृति अभियान” के तहत एक दिवसीय कार्यशाला को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विशिष्ट अतिथि तथा रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला अध्यक्ष के रूप में उपस्थित रहे। 15 अगस्त से 2 अक्टूबर तक चल रहा विशेष अभियान छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा राज्य में बढ़ते साइबर अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए 15 अगस्त से 02 अक्टूबर 2026 तक छः सप्ताह का “साइबर जागृति अभियान” चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और बैंक खाताधारकों को ऑनलाइन ठगी से बचाव के तरीकों के प्रति जागरूक करना है। चार वर्षों में 12 गुना बढ़े साइबर अपराध  कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने चिंताजनक आंकड़े साझा किए। उन्होंने बताया कि बीते चार सालों में देश के भीतर साइबर अपराधों में 12 गुना और ठगी की राशि में 40 गुना की वृद्धि हुई है। वर्तमान में देश में प्रतिदिन लगभग 61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो रही है। साइबर ठग लगातार नए-नए हथकंडे अपना रहे हैं, जिससे लोगों को अत्यधिक सावधान रहने की आवश्यकता है। पुलिस ने बताए बचाव के ये प्रमुख उपाय व्यक्तिगत जानकारी न बांटें, किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपना ओटीपी (OTP), बैंक खाता विवरण, पासवर्ड या एटीएम पिन साझा न करें। किसी भी संदिग्ध या अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। फर्जी नौकरी, निवेश योजनाओं, डिजिटल अरेस्ट, फिशिंग कॉल या सोशल मीडिया पर मिलने वाले प्रलोभनों और धमकियों पर विश्वास न करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर करें संपर्क रायपुर पुलिस के अधिकारियों ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर अपराध या वित्तीय ठगी का शिकार होता है, तो वह बिना देरी किए राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करे या पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराए। इस कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के संचालक, प्राध्यापकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

वरिष्ठ अधिकारी दूरस्थ जिलों का भ्रमण कर शिकायतों का निराकरण कराये : मुख्य सचिव बर्णवाल

भोपाल  मुख्य सचिव  अशोक बर्णवाल की अध्यक्षता में मंत्रालय में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान एवं बालाघाट प्रोजेक्ट की समीक्षा बैठक हुई। बैठक में मुख्य सचिव  बर्णवाल ने सभी वरिष्ठ अधिकारियों को मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान अंतर्गत दूरस्थ जिलों का भ्रमण कर शिकायतों का निराकरण कराने के निर्देश दिये।  बर्णवाल ने सी.एम हेल्पलाईन में लंबित शिकायतों का समय-सीमा में निराकरण के निर्देश देते हुए कहा कि वरिष्ठ अधिकारी कुछ शिकायतकर्ताओं से स्वयं बात करें। विभागों में प्राप्त शिकायतों के कारणों को ढूंढकर उनका समाधान कराएँ। मुख्य सचिव ने सभी-अधिकारियों को भारत सरकार के पत्रों के जवाब अनिवार्यत: 15 दिन में देने के निर्देश भी दिए। मुख्य सचिव ने सीएम फ्लैगशिप योजना की जानकारी, आगामी मुख्यसचिव कांफ्रेंस की जानकारी देने के लिए भी निर्देशित किया। बैठक में मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान में विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गयी। मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान पोर्टल की भी जानकारी दी गयी। बैठक में बताया गया कि सी.एम हेल्पलाईन में 80 प्रतिशत शिकायतें शिकायतकर्ता की संतुष्टी के बाद बंद करायी गयी है। शेष शिकायतों के निराकरण की कार्यवाही भी की जा रही है। सी.एम. हेल्पलाईन में प्रतिदिन 55 हजार कॉल आते है जिनमें 15 हजार शिकायतें होती है। बैठक में बताया गया कि लोकसेवा गारंटी अभियान में 8 लाख से अधिक आवेदनों का निराकरण किया गया है। बैठक में मुख्य सचिव ने राजस्व विभाग से प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि प्रकरणों, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग से प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना, खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता सरंक्षण विभाग से राशनकार्ड एवं राशन दुकानों में खाद्यान्न की उपलब्धता, महिला एवं बाल विकास विभाग से प्रधानमंत्री मातृ-वंदना योजना, लाड़ली बहना योजना, लाड़ली लक्ष्मी योजना की जानकारी, स्वास्थ्य विभाग से प्रसूति सहायता योजना, ऊर्जा विभाग से बिजली आपूर्ति की जानकारी प्राप्त की। 332 करोड़ रूपये के बालाघाट विकास प्रोजेक्ट की समीक्षा मुख्य सचिव  बर्णवाल ने बालाघाट विकास प्रोजेक्ट की विस्तृत समीक्षा कर 332 करोड़ रूपये के प्रोजेक्ट के कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। बैठक विभागवार प्रस्तावित कार्य तथा उनकी स्थिति पर चर्चा की गयी। ऊर्जा, स्वास्थ्य, स्कूल शिक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग, जल संसाधन, कौशल विकास, आयुष, खाद्य, मछुआ कल्याण तथा मत्स्य विकास विभाग, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, पशुपालन एवं डेयरी, उद्यानिकी एवं खाद्य प्रसंस्करण तथा जनजातीय कार्य विभाग के प्रस्तावों पर विस्तृत चर्चा की गयी। मंथन पर बनेगी कमेटी मुख्य सचिव  बर्णवाल ने विभागीय कार्यों की समीक्षा पर आधारित मंथन एवं कलेक्टर कांफ्रेंस की तैयारियों के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की समिति गठित करने के निर्देश दिये। बैठक में पुलिस महानिदेशक  कैलाश मकवाना, अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव, आयुक्त एवं विभागाध्यक्ष उपस्थित थे।  

मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया

जन्माष्टमी से पहले मुख्यमंत्री योगी ने उपहारों के माखन से भरी ब्रजवासियों की ‘मटकी’  मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन, पुस्तक का किया विमोचन योजनाओं के लाभार्थियों को दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी और चेक  सीएम ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन, महिलाओं को दिए उपहार मंच पर उतरी भारतीय संस्कृति, भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत  मथुरा  मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जन्माष्टमी से एक दिन पहले विकास परियोजनाओं के उपहारों के माखन से ब्रजवासियों की ‘मटकी’ भर दी, जो स्थानीय नागरिकों के जीवन में खुशियों की बहार लेकर आई। मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां संतों को सम्मानित भी किया। साथ ही उन्हें सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ प्रदान किया। सीएम ने विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने आयोजन से पहले एक लाभार्थी को ट्रैक्टर की चाबी भी प्रदान की। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पाने वाले सपेरा संवर्ग के लाभार्थियों समेत जनप्रतिनिधियों, संतों, उप्र ब्रज तीर्थ विकास परिषद के पदाधिकारियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं आदि ने मुख्यमंत्री को स्मृति चिह्न प्रदान किया। मुख्यमंत्री ने 1980 बैच की आईएएस (सेवानिवृत्त) आराधना जौहरी की पुस्तक का विमोचन किया। सीएम ने उन्हें भी बधाई दी।   मुख्यमंत्री ने बच्चों का कराया अन्नप्राशन  मुख्यमंत्री ने नन्हे-मुन्नों को गोद में लेकर दुलारा-पुचकारा। चंदन लगाया, गुड़िया व खिलौने दिए। सीएम ने बच्चों का अन्नप्राशन करते हुए उन्हें खीर भी खिलाई। सीएम ने मातृशक्ति को उपहार व फलों की टोकरी भी दी।   मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का किया लोकार्पण, संतों को सम्मानित भी किया मुख्यमंत्री ने स्वामी हरिदास प्रेक्षागृह का लोकार्पण किया। यहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, सांसद/फिल्म अभिनेत्री हेमामालिनी आदि ने फोटो भी खिंचवाई। इस दौरान प्रेक्षागृह के निर्माण, विकास से जुड़ी लघु फिल्म भी दिखाई गई। इससे पहले उन्होंने मंत्रोच्चार करने वाले बटुकों से भी परिचय प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने संतों को माल्यार्पण, फल, अंगवस्त्र आदि देकर सम्मानित भी किया।  भगवान के विभिन्न स्वरूपों व भावों को 51 कलाकारों ने नृत्य के जरिए किया प्रस्तुत  मंच पर हनुमान प्रसाद धानुका विद्यालय, वृंदावन की छात्राओं ने राष्ट्रगीत भी प्रस्तुत किया। 51 कलाकारों ने शिवोअहं प्रोडक्शन की ओर से भारत के विभिन्न राज्यों की नृत्य शैली के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण के विभिन्न स्वरूपों व भावों को प्रस्तुत किया। इसकी कोरियोग्राफर बीएचयू वाराणसी की कथक नृत्यांगना शिवानी मिश्रा थीं।  सीएम ने किया स्टॉलों का अवलोकन  मुख्यमंत्री ने यहां विभिन्न विभागों की तरफ से लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया। योजनाओं की प्रगति के साथ ही महिलाओं समेत विभिन्न सामग्रियों, वस्त्रों, उत्पादों को तैयार करने वालों से कार्यों आदि के बारे में जानकारी ली। महिला स्वयंसेवी समूहों की महिलाओं ने भी अपने कार्यों से सीएम को अवगत कराया।  सीएम ने दिए प्रमाण पत्र, स्वीकृति पत्र, चाबी/चेक  सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री आवास योजना 2.0 (शहरी) व मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 7240 लाभार्थियों में सहायता राशि का वितरण किया। इस दौरान उन्होंने मंच पर विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र, प्रमाण पत्र, चेक-चाबी आदि प्रदान किया।  सीएम के हाथों इन्हें मिला सम्मान  मनोज कुमार- मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के तहत 5 लाख का चेक  अर्चना- विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत दर्जी ट्रेड का टूल किट तोरन सिंह- मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना क तहत 3.20 लाख का स्वीकृति पत्र  शैलेंद्र सिंह- मिनी नंदिनी कृषक समृद्धि योजना के तहत 11.80 लाख का स्वीकृति प्रमाण पत्र  पुष्पेंद्र सिंह- मुख्यमंत्री स्वदेशी गोसंवर्धन योजना के तहत 80 हजार का स्वीकृति प्रमाण पत्र  डॉ. प्रिंसेज चक्रवर्ती- नियुक्ति पत्र  डॉ. रजत द्विवेदी- नियुक्ति पत्र  मुरारी लाल- कन्या विवाह सहायता योजना के तहत 65 हजार का चेक  राजवीर सिंह- दुग्ध प्रसंस्करण के लिए 8.75 लाख का चेक  सौरभ कुमार वर्मा- मसाला प्रसंस्करण के लिए 4.12 लाख से अधिक का चेक  अजय- डिजिटल लाइब्रेरी व पुलिस विभाग में उप निरीक्षक पद पर चयनित होने के लिए प्रशस्ति पत्र   पायल- लाड़ली वन व वृहद पौधरोपण के लिए प्रशस्ति पत्र  श्यामवती- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी  ममता- मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत स्वीकृति पत्र व चाबी सुखदेई- मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के तहत 5 लाख का चेक।

बालाघाट में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और डिलीवरी व्यवस्था करें सुदृढ़: उप मुख्यमंत्री शुक्ल

भोपाल उप मुख्यमंत्री  राजेन्द्र शुक्ल ने बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच, उपलब्धता और डिलीवरी व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए विभागों के बीच समन्वित एवं परिणाम आधारित कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बालाघाट की भौगोलिक एवं दुर्गम परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की योजना और मानव संसाधन का निर्धारण वास्तविक आवश्यकता एवं क्षेत्र की परिस्थितियों के अनुरूप किया जाए। बैठक में प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  सुखवीर सिंह, सचिव महिला एवं बाल विकास मती जी.वी. रश्मि, आयुक्त लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा  धनराजू एस., मिशन संचालक एनएचएम डॉ. सलोनी सिडाना सहित लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। दुर्गम क्षेत्रों में वास्तविक आवश्यकता के अनुसार मानव संसाधन उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि बालाघाट के दूरस्थ एवं भौगोलिक रूप से कठिन क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए मानव संसाधन की आवश्यकता का वास्तविक आकलन किया जाए। जहां जिस स्तर पर अतिरिक्त चिकित्सकीय एवं मैदानी अमले की आवश्यकता है, वहां उसी के अनुरूप मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि केवल स्वीकृत पदों की संख्या के आधार पर नहीं, बल्कि जनसंख्या, भौगोलिक दूरी, स्वास्थ्य संस्थाओं की स्थिति, क्षेत्र की पहुंच और वास्तविक सेवा आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए मानव संसाधन की उपलब्धता की समीक्षा की जाए। आशा एवं मैदानी अमले की भूमिका को और प्रभावी बनाने पर जोर उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने आशा कार्यकर्ताओं सहित अन्य मैदानी स्वास्थ्य अमले की उपलब्धता एवं कार्यक्षमता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करने में मैदानी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक क्षेत्र में आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी एवं अन्य संबंधित मैदानी कार्यकर्ताओं की उपलब्धता का आकलन कर आवश्यकता के अनुसार व्यवस्था को मजबूत किया जाए। मैदानी अमले के माध्यम से पात्र हितग्राहियों की पहचान, स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने, फॉलोअप और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। शत-प्रतिशत सेवा डिलीवरी के लिए प्रो-एक्टिव अप्रोच उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में प्रो-एक्टिव अप्रोच अपनाने की आवश्यकता है। केवल मरीज के स्वास्थ्य संस्था तक पहुंचने की प्रतीक्षा न की जाए, बल्कि संभावित स्वास्थ्य आवश्यकताओं की पहले से पहचान कर आवश्यक सेवाएं समय पर उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक पात्र हितग्राही तक स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रवार मैपिंग, मैदानी फॉलोअप और नियमित मॉनिटरिंग की व्यवस्था को मजबूत किया जाए। किसी भी क्षेत्र, गांव या हितग्राही को आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहने देने के लिए विभागीय स्तर पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की जाए। स्वास्थ्य, पोषण और पेयजल सेवाओं का एकीकृत सुदृढ़ीकरण उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर परिणाम के लिए स्वास्थ्य विभाग के साथ महिला एवं बाल विकास तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बीच प्रभावी समन्वय आवश्यक है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं अन्य संवेदनशील वर्गों से संबंधित स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं को पेयजल एवं स्वच्छता जैसी मूलभूत सेवाओं के साथ समन्वित रूप से देखा जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विभागीय योजनाओं एवं सेवाओं के बीच बेहतर कन्वर्जेंस सुनिश्चित कर क्षेत्र की वास्तविक समस्याओं के आधार पर संयुक्त कार्ययोजना तैयार की जाए। पोषण समिति एवं स्वास्थ्य समिति की संयुक्त रूप से नियमित बैठकें हों उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने पोषण समिति एवं स्वास्थ्य समिति की नियमित बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इन बैठकों में स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल तथा संबंधित विभागों की सेवाओं की एक साथ समीक्षा की जाए और चिन्हित कमियों के निराकरण के लिए स्पष्ट कार्ययोजना एवं समयसीमा तय की जाए। उन्होंने कहा कि बैठक में लिए गए निर्णयों की फॉलोअप मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए। क्षेत्रवार प्रगति की समीक्षा कर जिन क्षेत्रों में सेवाओं की पहुंच या डिलीवरी में कमी है, वहां विशेष रणनीति के साथ कार्य किया जाए। उन्होंने बालाघाट के दूरस्थ एवं कठिन पहुंच वाले क्षेत्रों के लिए माइक्रो प्लानिंग तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले की सभी भौगोलिक परिस्थितियों को एक समान मानकर योजना बनाने के बजाय क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार अलग-अलग रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, मैदानी अमले की पहुंच, संस्थागत सेवाओं, रेफरल व्यवस्था तथा आवश्यक संसाधनों की स्थिति का नियमित आकलन किया जाए। आवश्यकता के अनुरूप अतिरिक्त प्रयास कर सेवाओं की उपलब्धता में गैप को समाप्त किया जाए।बैठक में बालाघाट जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति, मानव संसाधन, मैदानी अमले की उपलब्धता, स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाओं के कन्वर्जेंस तथा विभागीय समन्वय से संबंधित विषयों पर अधिकारियों द्वारा जानकारी दी गई। उप मुख्यमंत्री  शुक्ल ने चिन्हित कमियों के निराकरण और आगामी कार्ययोजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।  

योगी सरकार में आधुनिक हो रहे राजकीय नलकूप, किसानों के खेतों तक पहुंच रहा सिंचाई का पानी

योगी सरकार में आधुनिक हो रहे राजकीय नलकूप, किसानों के खेतों तक पहुंच रहा पानी 6600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण, 3.77 लाख हेक्टेयर में बढ़ी सिंचाई क्षमता नलकूपों के आधुनिकीकरण से किसानों को राहत, योगी सरकार ने बढ़ाई सिंचाई सुविधाएं 3.15 लाख कृषक परिवारों को मिला लाभ, योगी सरकार का किसानों की आय बढ़ाने पर जोर पुराने नलकूपों का कायाकल्प, नए निर्माण से बढ़ी यूपी की सिंचाई क्षमता लखनऊ, किसानों को खेती के लिए पर्याप्त और भरोसेमंद सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में योगी सरकार लगातार प्रभावी कदम उठा रही है। प्रदेश सरकार की प्राथमिकता केवल सिंचाई संसाधनों का विस्तार करना ही नहीं, बल्कि पहले से उपलब्ध व्यवस्था को आधुनिक, सुचारु और अधिक उपयोगी बनाना भी है। इसी क्रम में सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग की ओर से राजकीय नलकूपों के आधुनिकीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इससे किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने के साथ खेती की लागत और जोखिम कम करने में भी मदद मिल रही है। विभागीय आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2022-23 से 2025-26 के बीच प्रदेश में 2,493 नए राजकीय नलकूपों का निर्माण, 1,769 असफल नलकूपों का पुनर्निर्माण और 6,600 राजकीय नलकूपों का आधुनिकीकरण पूरा किया गया। सरकार की यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के साथ खेतों तक पानी की उपलब्धता को अधिक भरोसेमंद बनाने में महत्वपूर्ण साबित हो रही है। इन कार्यों के परिणामस्वरूप 3.77 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापना हुई, जबकि 3.15 लाख कृषक परिवार सीधे लाभान्वित हुए। यानी नलकूपों के आधुनिकीकरण का असर केवल सरकारी परिसंपत्तियों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका सीधा फायदा खेत और किसान तक पहुंचा है। इसके अलावा पंप नहरों के आधुनिकीकरण और नए पंप नहरों के निर्माण से भी 0.62 लाख हेक्टेयर सिंचाई क्षमता का सृजन या पुनर्स्थापन हुआ। 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य योगी सरकार ने आने वाले समय के लिए भी सिंचाई व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी की है। वर्ष 2026-27 में 1,750 असफल राजकीय नलकूपों के पुनर्निर्माण और 8,717 नलकूपों के आधुनिकीकरण समेत कई परियोजनाएं संचालित हैं। इनके पूरा होने पर 4.21 लाख हेक्टेयर अतिरिक्त सिंचाई क्षमता के सृजन या पुनर्स्थापना और 5.59 लाख कृषक परिवारों को लाभ पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।