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रांची के करीब होने के बावजूद मेसरा स्टेशन धनबाद मंडल में, रांची मंडल ने फिर उठाई मांग

 रांची  मेसरा स्टेशन को अपने अधीन लेने की रांची रेल मंडल की वर्षों पुरानी मांग अभी पूरी नहीं हुई है। स्टेशन तो धनबाद रेल मंडल के पास ही रहा, लेकिन मंडल के सीमांकन में बदलाव के बाद रांची रेल मंडल को करीब 400 मीटर का अतिरिक्त रेल क्षेत्र जरूर मिल गया। यानी स्टेशन नहीं मिला, मगर उसकी ओर जाने वाले रास्ते में रेल मंडल का अधिकार क्षेत्र थोड़ा बढ़ गया। मेसरा स्टेशन वर्तमान में धनबाद रेल मंडल के अधीन है। इसे रांची रेल मंडल में शामिल करने की मांग पिछले कई वर्षों से उठती रही है। रांची रेल मंडल ने भी इस दिशा में पहल करते हुए मुख्यालय को पत्र भेजा है। स्थानीय यात्री संघों और सांसदों की ओर से भी रेलवे तथा रेल मंत्रालय के स्तर पर स्टेशन को रांची मंडल में शामिल करने की मांग रखी गई है। मेसरा स्टेशन रांची मंडल मुख्यालय से मात्र 19 किलोमीटर की दूरी है पर रांची रेल मंडल का तर्क है कि मेसरा स्टेशन मंडल मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर की दूरी पर है। ऐसे में स्टेशन को रांची मंडल के अधीन किए जाने से इसका बेहतर प्रबंधन, सुरक्षा व्यवस्था और यात्री सुविधाओं का विस्तार किया जा सकेगा। भविष्य में यहां ट्रेनों की संख्या बढ़ने की संभावना को देखते हुए भी मंडल स्तर पर बेहतर समन्वय हो सकेगा। मेसरा स्टेशन को और विकसित किया जाता और रांची रेलवे स्टेशन और हटिया स्टेशन की तरह ही भविष्य में इस स्टेशन का विकास होता। मेसरा की ओर से आने वाले यात्रियों को रांची स्टेशन तक आने की आवश्यकता नहीं पड़ती है। इसी तरह पिस्का स्टेशन को विकसित किया जा रहा है। ताकि रांची स्टेशन और हटिया स्टेशन से यात्रियों का दबाव कम हो सकेगा। स्टेशन नहीं बदला, सीमांकन जरूर बदल गया इधर, रेलवे बोर्ड ने रांची और धनबाद रेल मंडल के बीच बरकाकाना की ओर सीमांकन में बदलाव किया है। रांची-बरकाकाना रेलखंड पर मंडलीय सीमा पहले 198.918 किलोमीटर पर थी, जिसे अब 198.515 किलोमीटर पर निर्धारित किया गया है। इस बदलाव के बाद करीब 400 मीटर का रेल क्षेत्र रांची रेल मंडल की परिसीमा में आया है। इसका एक दिलचस्प पहलू यह है कि मेसरा स्टेशन को रांची मंडल में लेने की मांग के बीच स्टेशन तो अब भी धनबाद मंडल के अधीन है, लेकिन बदली हुई सीमा के कारण रांची मंडल को संबंधित क्षेत्र में एक प्वाइंट के रखरखाव की जिम्मेदारी निभानी होगी। यानी अधिकार का विस्तार हुआ, लेकिन जिस स्टेशन के लिए मांग चल रही थी, उसका नियंत्रण अभी भी नहीं बदला। पांच ट्रेनों का हो रहा परिचालन मेसरा स्टेशन से वर्तमान में करीब पांच ट्रेनों का परिचालन हो रहा है। इनमें हटिया-सांकी पैसेंजर की दोनों सेवाएं, रांची-पटना वंदे भारत एक्सप्रेस, हटिया-आसनसोल एक्सप्रेस समेत अन्य ट्रेनें शामिल हैं। यात्रियों की संख्या और भविष्य में रेल सेवाओं के विस्तार को देखते हुए स्टेशन को रांची मंडल में शामिल करने की मांग लगातार उठती रही है। फैसला रेलवे बोर्ड के स्तर पर मेसरा को रांची मंडल में शामिल करना रेलवे बोर्ड का नीतिगत मामला है। मंडलीय क्षेत्राधिकार में बदलाव के लिए संबंधित दोनों जोन और मंत्रालय स्तर पर सहमति आवश्यक होती है। ऐसे में रांची मंडल की ओर से भेजे गए पत्र और जनप्रतिनिधियों की मांग के बाद अब रेलवे बोर्ड के स्तर पर निर्णय का इंतजार है। फिलहाल मेसरा स्टेशन धनबाद मंडल के अधीन ही है, जबकि बदले सीमांकन के कारण रांची मंडल की जिम्मेदारी करीब 400 मीटर क्षेत्र तक जरूर बढ़ गई है।

2027 की तैयारी में जुटी BJP, तावड़े समेत राष्ट्रीय नेताओं का यूपी दौरा; अमित शाह भी आएंगे

लखनऊ  यूपी विधान सभा चुनाव को प्रतिष्ठा का सवाल बना चुकी भाजपा संगठन बनाने के बाद अब पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को चुनावी होमवर्क देगी। सात सितंबर को जहां यूपी के नए प्रदेश प्रभारी विनोद तावड़े लखनऊ में डेरा डालेंगे, वहीं राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बीएल संतोष एवं राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का भी दौरा होगा। राष्ट्रीय नेतृत्व प्रदेश एवं क्षेत्रीय टीमों से मिलकर चुनावी धड़कन की जानकारी लेगा। मोर्चों के साथ भी अलग बैठक होगी। वहीं, माह के अंत में गृहमंत्री अमित शाह के दौरे की रचना बनाई जा रही है। यूपी विधान सभा चुनाव ज्यादा दूर नहीं है। 2024 लोकसभा चुनाव में भाजपा को भारी झटका लगा। अगर चुनावी परिणाम के आधार पर आकलन करें तो ढाई सौ से ज्यादा विधान सभाओं में सपा और सहयोग दल आगे रहे। यह भाजपा के लिए खतरे की घंटी है। इसके बाद से भगवा खेमा संगठन एवं जातीय समीकरण कसने में जुटा है। हालांकि संगठन एवं जनप्रतिनिधियों में मतभेद एवं कार्यकर्ताओं के थकने की वजह से ज्यादातर अभियानों का रंग फीका रहा है। जिलाध्यक्षों को बनाने एवं जिलों की टीमों के गठन में भारी विलंब हुआ, वहीं कई क्षेत्रों में पदाधिकारियों को लेकर अंदरुनी लड़ाई खुलकर सामने आई। पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए। इस बीच प्रदेश की टीम में भारी बदलाव किया गया, लेकिन यहां भी कई ऐसे नाम शामिल किए गए, जिनका संगठन में कोई अनुभव नहीं रहा। अब क्षेत्रीय टीमों की घोषणा कर दी गई है, जिसके बाद विनोद तावड़े के दौरे की उपयोगिता बढ़ गई है। तावड़े ने प्रदेश की टीम में बड़े बदलाव की पटकथा लिखी, जिसका असर 2027 विधान सभा चुनाव में टिकटों में बदलाव में भी दिखेगा। वह सालभर से यूपी के दौरों पर निकल रहे हैं। राष्ट्रीय संगठन महामंत्री प्रदेशभर के संगठनों के साथ संवाद करेंगे। नितिन नवीन चार एवं पांच जुलाई को लखनऊ में थे, जहां उन्होंने प्रदेश की टीम के साथ मुलाकात करने के साथ ही सहयोगी दलों से भी मिले। बुजुर्ग एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं को साधा, वहीं दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक के यहां पहुंचकर बड़ा संदेश दिया। सीएम योगी आदित्यनाथ से भी मिले थे। अब नई तैयारियों के साथ लखनऊ पहुंचेंगे, जहां से वह काशी एवं अयोध्या जा सकते हैं। इस बीच गृहमंत्री अमित शाह का यूपी दौरा प्रस्तावित है। इससे पहले वह 23 जनवरी को लखनऊ आए थे, जहां उन्होंने प्रदेश भाजपा मुख्यालय पर पदाधिकारियों से भी मुलाकात की थी।

किदांबी श्रीकांत का तीन साल में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन, चाइना मास्टर्स क्वार्टर फाइनल में ली से हारे

नई दिल्‍ली किदांबी श्रीकांत का शुक्रवार को चाइना मास्‍टर्स में सफर समाप्‍त हो गया। भारतीय शटलर को शेनझेन में जारी बीडब्‍ल्‍यूएफ वर्ल्‍ड टूर सुपर 750 इवेंट में हांगकांग के ली चियुक ईयु के हाथों सीधे गेम्‍स में शिकस्‍त मिली। ली के हाथों पूर्व वर्ल्‍ड नंबर-1 को 16-21, 16-21 की शिकस्‍त मिली। श्रीकांत ने मैच की सकारात्‍मक शुरुआत करते हुए दो अंक तेजी से हासिल किए, लेकिन ली ने जल्‍दी ही बराबरी करके स्थिति पर नियंत्रण पा लिया। हांगकांग के शटलर ने पहले गेम के दौरान अपनी बढ़त कायम रखी और पांच अंकों के अंतर से जीत दर्ज की। हां, श्रीकांत ने वापसी करने की कोशिश जरूर की, लेकिन वो बढ़त का अंतर पाट नहीं सके। बढ़त के बावजूद गंवाया गेम श्रीलंका ने दूसरे गेम में मजबूत शुरुआत करते हुए 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन फिर लगातार चार गलतियां करके अपनी बढ़त गंवा दी। इस तरह ली को वापसी का मौका मिल गया। श्रीकांत ने दूसरे गेम में तगड़ी फाइट दी और एक समय 15-14 की बढ़त बना ली थी। मगर ली ने भारतीय शटलर की कमजोरी का फायदा उठाते हुए मैच अपने नाम कर लिया। ली ने बेहतर किया रिकॉर्ड इस जीत के साथ ही हांगकांग के ली चियुक ईयु ने किदांबी श्रीकांत के खिलाफ अपना रिकॉर्ड बेहतर कर लिया है। श्रीकांत ने ली के खिलाफ लगातार चौथा मुकाबला गंवाया। भारतीय शटलर ने केवल 2018 इंडिया ओपन के पहले राउंड में ली को मात दी थी। श्रीकांत का तीन साल में सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन बहरहाल, किदांबी श्रीकांत का तीन सालों में यह सर्वश्रेष्‍ठ प्रदर्शन रहा। श्रीकांत ने चाइना मास्‍टर्स में अपने अभियान की शुरुआत चीनी ताइपे के ची यू-जेन को 35 मिनट में मात देकर की थी। श्रीकांत ने वर्ल्‍ड नंबर-21 को 21-16, 21-15 से मात दी थी। इसके बाद श्रीकांत ने वर्ल्‍ड नंबर-9 विक्‍टर लाई को मात देकर बड़ा उलटफेर किया। भारतीय शटलर ने प्री-क्‍वार्टर फाइनल में लाई को 21-18, 21-19 से मात दी थी।  

लड्डू गोपाल को सिर पर रखकर मंदिर पहुंचे CM मोहन यादव, बरखेड़ी में की राधा-कृष्ण की पूजा-अर्चना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर में की पूजा-अर्चना लड्डू गोपाल को सिर पर रखकर मंदिर तक लाये भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को भोपाल के जहांगीराबाद स्थित बरखेड़ी के राधा-कृष्ण मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना एवं आरती की। इस अवसर पर डॉ. यादव बाल कन्हैया (लड्डू गोपाल) को अपने सिर पर धारण कर मंदिर लेकर आये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बरखेड़ी में जन्माष्टमी के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले झांकी (चल) समारोह में भी सहभागिता की और सभी श्रद्धालुओं को जन्माष्टमी की मंगलकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रृद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्म और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उनकी कृपा से प्रदेश में सुख, समृद्धि और शांति का विस्तार हो। बरखेड़ी समारोह में विधायक भगवानदास सबनानी, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, अमन यादव, अन्य जनप्रतिनिधिगण सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।  

नेपाल से आने-जाने वाले रेल यात्रियों की होगी जांच, जयनगर-इनरवा में बनेगी आव्रजन चौकी

 पटना भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क पर यात्रियों की निगरानी और जांच के लिए बिहार से लगने वाली सीमा पर इमिग्रेशन पोस्ट बनाया जाएगा। जयनगर-इनरवा रेलखंड पर बनने वाली इस आव्रजन चौकी का निर्माण आइबी (इंटेलिजेंस ब्यूरो) के नेतृत्व में होगा। नेपाल सीमा की संवेदनशीलता को देखते हुए केंद्र सरकार के निर्देश पर इसके निर्माण की स्वीकृति दी गई है। रेल यात्रियों के दस्तावेज और सामान की होगी जांच इमिग्रेशन पोस्ट के साथ जयनगर-इनरवा समेत सीमावर्ती जिलों से जुड़े रेलखंड की सुरक्षा ऑडिट भी कराई जाएगी। डीजीपी विनय कुमार की अध्यक्षता में हुई रेलवे की राज्यस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में इमिग्रेशन पोस्ट समेत कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर निर्णय लिए गए। बैठक में पुलिस और रेलवे सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बंगाल मॉडल पर चलेगा बिहार का इमिग्रेशन पोस्ट रेलवे इमिग्रेशन पोस्ट की सुविधा उन चुनिंदा स्टेशनों पर होती है, जहां से दूसरे देशों के लिए ट्रेनें चलती हैं। पश्चिम बंगाल में बांग्लादेश जाने वाली ट्रेनों के लिए ऐसी व्यवस्था पहले से है। बिहार में भी इसी मॉडल पर इमिग्रेशन पोस्ट का संचालन किया जाएगा। इसमें आरपीएफ, राजकीय रेल पुलिस और जिला पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। अवैध घुसपैठ और तस्करी पर भी रहेगी नजर इमिग्रेशन पोस्ट पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पार करने वाले यात्रियों के नागरिकता संबंधी दस्तावेज और सामान की जांच होगी। देश में प्रवेश करने और बाहर जाने वाले यात्रियों का कंप्यूटरीकृत डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा। इससे नेपाल से ट्रेन के जरिए अवैध घुसपैठ, हथियारों और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। जनकपुर से अयोध्या तक चल सकती है ट्रेन भारत-नेपाल मैत्री परियोजना के तहत जयनगर से जनकपुर, कुर्था होते हुए बर्दीवास तक 67 किलोमीटर रेलखंड पर फिलहाल ट्रेन सेवा चल रही है। परियोजना के दो फेज का काम पूरा हो चुका है, जबकि तीसरे फेज का काम बाकी है। इसी रूट के जरिए जनकपुर से अयोध्या तक ट्रेन चलाने की भी योजना है। अगले वर्ष अप्रैल तक सेवा शुरू होने की संभावना जताई गई है। बिहार में आधा दर्जन नए रेलखंड होंगे अधिसूचित गृह विभाग की आरक्षी शाखा ने जयनगर से नेपाल सीमा इनरवा तक के रेलखंड को रेल जिला मुजफ्फरपुर के रेल थाना जयनगर के अंतर्गत अधिसूचित किया है। इसके अलावा आधा दर्जन से अधिक नए रेलखंड भी जल्द अधिसूचित किए जाएंगे। इनमें सरायगढ़-निर्मली, आरा-सासाराम, हाजीपुर-वैशाली, दनियावां-बिहारशरीफ, राजगीर-तिलैया और दरौंधा-महाराजगंज रेलखंड शामिल हैं। रेल सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी राज्यस्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में अंतरराष्ट्रीय रेल नेटवर्क के साथ बिहार के अन्य रेलखंडों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। नए रेलखंडों के अधिसूचित होने से संबंधित क्षेत्रों में रेल पुलिस की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और व्यवस्थित करने में मदद मिलेगी।  

US Open में रिबाकिना का बड़ा लक्ष्य, सेमीफाइनल तक पहुंचना भी मानेंगी सफलता

नई दिल्ली  इस वर्ष शुरुआत ऑस्ट्रेलियन ओपन खिताब जीतने के साथ करने वाली एलिना रिबाकिना ने कहा कि ग्रैंडस्लैम चैंपियन बनने के बाद बढ़ी उम्मीदों ने उन पर दबाव बढ़ाने के बजाय उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि वर्ष की शुरुआत उनके लिए बेहद अच्छी रही और वह इसी लय को वर्ष के अंतिम ग्रैंडस्लैम यूएस ओपन में जारी रखते हुए खिताब जीतना चाहती हैं। जियोस्टार द्वारा दैनिक जागरण से विशेष रूप से साझा किए गए साक्षात्कार में रिबाकिना ने बताया कि टोरंटो और सिनसिनाटी ओपन के बाद टीम के साथ उनकी तैयारी अच्छी रही और शारीरिक रूप से भी वह बेहतर महसूस कर रही थीं। हालांकि, व्यस्त शेड्यूल के कारण पर्याप्त नींद और रिकवरी नहीं मिल पाई। पिछले साल यूएस ओपन में चौथे दौर तक पहुंचने वाली रिबाकिना ने कहा कि इस वर्ष अगर वह सेमीफाइनल तक पहुंचती हैं तो इसे सफलता मानेंगी और उससे आगे जाना और भी शानदार होगा। यूएस ओपन के शोरगुल को लेकर उन्होंने कहा कि उनका ध्यान कोर्ट पर रहता है और वह अपनी टीम की आवाज सुनने की कोशिश करती हैं। न्यूयार्क में खाली समय मिलने पर उन्होंने अच्छे रेस्तरां में डिनर और सिनेमा का आनंद लिया, लेकिन फिलहाल उनका पूरा ध्यान विश्राम और मैच की तैयारी पर है।

धान खरीद को लेकर हरियाणा सरकार की केंद्र से बड़ी मांग, 65 लाख टन का कोटा मांगा

चंडीगढ़  हरियाणा में इस बार धान की संभावित रिकार्ड पैदावार के बीच खरीद को लेकर राज्य सरकार ने केंद्र के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा है। खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री प्रहलाद जोशी से मुलाकात कर हरियाणा के लिए धान खरीद का कोटा बढ़ाने की मांग की। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश में उत्पादन अधिक होने की स्थिति में किसानों की पूरी फसल खरीदने की व्यवस्था जरूरी है। बैठक में विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी जे गणेशन समेत वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। राजेश नागर ने केंद्र से हरियाणा को कम से कम 65 लाख टन धान खरीद की मंजूरी देने का अनुरोध किया। प्रदेश सरकार ने पहले करीब 60 लाख टन धान खरीद की मंजूरी मांगी थी, जबकि केंद्र ने फिलहाल 58 लाख टन की ही मंजूरी दे रखी है। ऐसे में राज्य सरकार को आशंका है कि यदि उत्पादन अनुमान के मुताबिक अधिक रहा तो खरीद के समय मंडियों में दबाव बढ़ सकता है और किसानों को अपनी फसल बेचने में परेशानी आ सकती है। चावल का कोटा घटने से भी बढ़ी चिंता बैठक में हरियाणा ने धान के साथ-साथ चावल के खरीद कोटे में कमी का मुद्दा भी उठाया। केंद्र की ओर से चावल लेने का कोटा करीब 8 लाख टन घटाया गया है। केंद्र की ओर से हर साल लगभग 40 टन चावल खरीदा जाता है। राज्य सरकार का कहना है कि धान की अधिक उपलब्धता के बीच चावल का कोटा कम होने से खरीद और उठान की पूरी व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इस बार सबसे अधिक धान उत्पादन की संभावना इस बार प्रदेश में करीब 17.41 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में धान की रोपाई हुई है। पिछले वर्षों में भी धान उत्पादन लगातार बढ़ा है। वर्ष 2021-22 में करीब 82.29 लाख टन, 2022-23 में 88.20 लाख टन, 2023-24 में 94.20 लाख टन और 2024-25 में 92.99 लाख टन उत्पादन दर्ज हुआ। इस बार उत्पादन करीब 97.86 लाख टन तक पहुंचने का अनुमान है। राजेश नागर को खरीद कोटा बढ़ने की उम्मीद केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद राजेश नागर ने कहा कि केंद्रीय मंत्री ने हरियाणा की मांग पर सकारात्मक और सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का भरोसा दिया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि किसानों के हित को देखते हुए धान खरीद का कोटा बढ़ाया जाएगा।  

Mirzapur The Movie Review: गुड्डू-मुन्ना की भिड़ंत ने मचाया भौकाल, दमदार डायलॉग्स और एक्शन की तारीफ

मिर्जापुर’ के फैंस का लंबा इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. अली फजल, पंकज त्रिपाठी, दिव्येंदु, श्वेता त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी, रवि किशन और श्रिया पिलगांवकर जैसे सितारों से सजी ‘मिर्जापुर द मूवी’ सिनेमाघरों में दस्तक दे चुकी है. अमेजन प्राइम वीडियो की पॉपुलर वेब सीरीज के इस बड़े स्क्रीन अवतार को लेकर पहले से ही जबरदस्त क्रेज था और अब सोशल मीडिया पर शुरुआती रिव्यू भी सामने आने लगे हैं. खास बात ये है कि फिल्म को लेकर पहला रिएक्शन काफी दमदार नजर आ रहा है. ट्रेड एनालिस्ट तरण आदर्श ने फिल्म को सीधे ‘विनर’ करार दिया है. उन्होंने इसे 4 स्टार देते हुए कहा कि यह फिल्म एक पीक मास एंटरटेनर है और मिर्जापुर के आइकॉनिक अंदाज को बड़े पर्दे पर और भी ज्यादा बड़ा, खतरनाक और सिनेमाई बना देती है. सीरीज का खिंचा हुआ एपिसोड नहीं, पूरी फिल्म वाली फील तरण आदर्श के मुताबिक, ‘मिर्जापुर द मूवी’ को देखकर ऐसा बिल्कुल नहीं लगता कि सीरीज के किसी एपिसोड को खींचकर ढाई-तीन घंटे का बना दिया गया है. बल्कि फिल्म में बड़े पर्दे वाली भव्यता, ज्यादा एक्शन और सिनेमाई ट्रीटमेंट साफ नजर आता है. यानी ‘मिर्जापुर’ का वही कच्चा-पक्का देसी अंदाज, एटीट्यूड और रॉ फ्लेवर बरकरार है, लेकिन इस बार स्केल काफी बड़ा कर दिया गया है. फैंस के लिए ये कॉम्बिनेशन किसी ट्रीट से कम नहीं है. डायलॉग्स फिर करेंगे माहौल गर्म! फिल्म की राइटिंग और डायलॉग्स को भी खूब तारीफ मिल रही है. तरण के मुताबिक फिल्म में टकराव वाले सीन जबरदस्त टेंशन पैदा करते हैं और किरदारों की बातचीत में वही पुराना मिर्जापुर वाला एटीट्यूड देखने को मिलता है. कई डायलॉग ऐसे हैं, जिन्हें थिएटर से निकलने के बाद लोग आपस में दोहराते हुए नजर आ सकते हैं. डायरेक्टर गुरमीत सिंह ने ड्रामा, एक्शन, ह्यूमर और इमोशन का ऐसा बैलेंस बनाने की कोशिश की है, जिससे फिल्म का असली ‘मिर्जापुर डीएनए’ कमजोर नहीं पड़ता. सेकंड हाफ में थोड़ी ढील, लेकिन क्लाइमेक्स ने कर दी भरपाई हर चीज परफेक्ट नहीं है. तरण आदर्श ने फिल्म की एक कमी भी बताई है. उनके मुताबिक सेकंड हाफ की शुरुआत में फिल्म थोड़ी धीमी पड़ती है और दूसरा हिस्सा थोड़ा लंबा महसूस होता है. कुछ सीन्स को एडिट करके फिल्म को और टाइट किया जा सकता था. लेकिन फिर आता है प्री-क्लाइमेक्स और क्लाइमेक्स का वो हिस्सा, जो फिल्म की रफ्तार को दोबारा हाई कर देता है. जैसलमेर के खूबसूरत रेत के टीलों के बीच शूट किए गए सीन्स फिल्म को विजुअली काफी शानदार बना देते हैं. गुड्डू-मुन्ना की भिड़ंत पर फैंस की नजर फिल्म का सबसे मजेदार हिस्सा है गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी के बीच की केमिस्ट्री और टकराव. तरण आदर्श ने इनके एंडिंग सीक्वेंस को मजेदार बताया है और इशारा किया है कि यहां से मिर्जापुर यूनिवर्स की अगली कहानी का रास्ता भी खुलता नजर आता है. फिल्म खत्म होने के बाद भी फैंस के पास चर्चा करने के लिए काफी मसाला बचने वाला है. परफॉर्मेंस की बात करें तो फिल्म में स्टार्स की लंबी फौज है और लगभग हर कलाकार ने अपनी छाप छोड़ी है. पंकज त्रिपाठी को शानदार, रवि किशन को जबरदस्त और अली फजल को बेहतरीन बताया गया है. वहीं दिव्येंदु, जितेंद्र कुमार, अभिषेक बनर्जी, मोहित मलिक, राजेश तैलंग, प्रमोद पाठक और सुशांत सिंह की परफॉर्मेंस को भी खूब सराहा गया है. रसिका दुग्गल को भी दिलचस्प रोल मिला है और उनके किरदार में एक ट्विस्ट बताया जा रहा है. वहीं सोनल चौहान, शीबा चड्ढा और श्रिया पिलगांवकर ने भी अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है. फैंस के लिए फुल पैसा वसूल? तरण आदर्श के मुताबिक फिल्म में शार्प राइटिंग, दमदार डायलॉग्स, शानदार एक्टिंग, हाई-वोल्टेज ड्रामा और जबरदस्त एक्शन का पूरा पैकेज है. यही वजह है कि ‘मिर्जापुर’ के कट्टर फैंस के लिए तो यह फिल्म खास ट्रीट मानी जा रही है. इतना ही नहीं, दावा है कि जिन्होंने अब तक ‘मिर्जापुर’ की सीरीज नहीं देखी, उनके लिए भी फिल्म एक एंटरटेनिंग और क्राउड-प्लीजिंग अनुभव साबित हो सकती है. इसके साथ ही यूजर्स को भी फिल्म काफी पसंद आ रही है. कई यूजर्स X पर अपने रिएक्शन शेयर कर रहे हैं. लोग फिल्म को भौकाली बना रहे हैं. कुल मिलाकर शुरुआती रिव्यू ने ‘मिर्जापुर द मूवी’ के लिए माहौल गर्म कर दिया है. अब असली फैसला दर्शकों की अदालत में होगा- क्या गुड्डू पंडित और मुन्ना त्रिपाठी की ये नई भिड़ंत बॉक्स ऑफिस पर भी वैसा ही धमाका करती है, जैसा रिव्यू में नजर आ रहा है?

OpenAI ने लॉन्च किया GPT-6 Astra, AI की दुनिया में मचा तहलका; साइबर सिक्योरिटी में 100% स्कोर

ChatGPT के मेकर OpenAI ने एक बड़ा ऐलान कर दिया है और कंपनी ने आखिरकार अपना सबसे पावरफुल AI मॉडल लॉन्च कर दिया है, जिसका नाम GPT-6 Astra है. कंपनी का दावा है कि यह उनका अब तक का सबसे पावरफुल AI मॉडल है. कंपनी ने बताया है कि AGI की शुरुआत हो सकती है.   OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने X प्लेटफॉर्म (पुराना नाम Twitter) पर पोस्ट पर किया है. ऑल्टमैन ने GPT 6 को कंप्यूटर पर इस्तेमाल होने वाला दुनिया का सबसे बेस्ट बेस्ट मॉडल बताया है. साथ ही इसको प्रोफेशनल वर्कस साइंसस, कोडिंग और साइबर सिक्योरिटी को लेकर काम करता है. सैम ऑल्टमैन का मानना है कि इसको एंत्रोप्रेन्योरशिप, साइंटिस्ट खोज और बिल्डिंग आदि में इस्तेमाल किया जा सकेगा. एक मीडिया ब्रीफिंग के दौरान OpenAI के प्रेसिडेंट ग्रेग ब्रॉकमैन ने कहा है कि यह महसूस करना गलत नहीं है कि अब हम AGI के दौर में हैं. ब्रॉकमैन को भरोसा है कि भविष्य में लोग Astra के लॉन्च को AI की दुनिया में बड़ी लॉन्चिंग मानी जा सकती है. GPT-6 Astra कितना बेहतर है? GPT-6 Astra के फीचर्स की बात करें तो यह कई कामों को बड़े ही बेहतर तरीके से कर सकता है. जैसे कोडिंग जैसे टास्क को आसानी से कंप्लीट कर सकता है. OpenAI ने अपने ब्लॉगपोस्ट में GPT 6 Astra को सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में अब तक का सबसे बेहतरीन मॉडल बताया गया है. बग आदि को भी खोज सकता है GPT-6 Astra की अन्य काबिलियत की बात करें तो ये आसानी से बग खोज सकता है. टर्मिनल टास्क आदि को कंप्लीट कर सकता है और कोडबेस से संबंधित सवालों को जवाब आदि दे सकता है. जवाब की एक्युरेसी में Astra ने OpenAI के अपने GPT-5.6 Sol और Anthropic के Fable मॉडल्स को भी पीछे छोड़ दिया है. GPT-6 Astra की साइबर सिक्योरिटी को लेकर काबिलियत Astra साइबर सिक्योरिटी और बग आदि खोजने में भी दूसरे प्लेटफॉर्म की तुलना में बेहतर है.  Anthropic के Claude Mythos और OpenAI के GPT-5.6 Sol के लॉन्च के बाद ऐसे AI मॉडल देखें हैं, जो साइबर सिक्योरिटी स हमने ऐसे AI मॉडल देखे हैं, जो साइबर सिक्योरिटी से जुड़ी खामियों को खोजने में बेहतर है. साथ ही OpenAI ने बताया है कि प्रोडक्शन सेफ्टी गार्डरेल्स के बिना किए गए साइबर सिक्योरिटी टेस्ट में Astra ने ExploitBench पर 100 फीसदी स्कोर हासिल किया है, जबकि GPT-5.6 Sol का स्कोर 78.5 परसेंट का रहा है.

Penguin के बाद HarperCollins करेगा सोनिया गांधी की किताब प्रकाशित, 10 नवंबर को आएगी ‘Belonging’

 नई दिल्ली कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी की आत्मकथा 'Belonging: A Journey of Love' को भारत में हर्परकॉलिन्स (HarperCollins) प्रकाशित करेगा। पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया द्वारा इस किताब को भारत में छापने से इनकार करने के बाद इसकी घोषणा की गई है। पेंगुइन ने सोनिया गांधी की किताब की पांडुलिपि के कुछ हिस्सों में कुछ बदलाव की मांग की थी। कुछ हिस्सों को हटाने का भी सुझाव दिया था। सोनिया गांधी ने इन बदलावों को स्वीकार करने से मना कर दिया। उनका कहना था यह उनके जीवन की कहानी है और वे इसमें ऐसा कोई संशोधन नहीं चाहतीं जिससे तथ्यों या उनके दृष्टिकोण का रूप बिगड़े। इसके बाद पेंगुइन इंडिया के साथ डील रद्द हो गई। हार्परकॉलिन्स ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट में इसकी घोषणा करते हुए लिखा, ''हार्परकॉलिन्स इंडिया सोनिया गांधी की किताब Belonging: A Journey of Love पब्लिश करेगा। लंबे समय से इंतजार की जा रही यह आत्मकथा भारत में 10 नवंबर 2026 को पब्लिश होगी। हमारे समय की सबसे ज्यादा इंतजार की जाने वाली राजनीतिक आत्मकथाओं में से एक प्यार, पहचान, कर्तव्य और अपनापन महसूस करने की एक रोमांचक और बेहद निजी कहानी है। यह भारत की यात्रा को अंदर से देखने का एक अनोखा नजरिया भी पेश करती है।'' पेंगुइन ने क्या कहा था? विवाद बढ़ने पर पेंगुइन रैंडम हाउस इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि यह कहना गलत होगा कि उन्होंने केवल बदलाव नहीं मानने के कारण हाथ पीछे खींचे। पेंगुइन का कहना था कि तथ्यों की जांच और संपादकीय सुझाव देना किसी भी प्रकाशक की सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है और वे किताब छापने के इच्छुक थे। उन्होंने गोपनीयता का हवाला देते हुए विस्तृत जानकारी देने से मना कर दिया। कांग्रेस नेताओं जैसे कि अशोक गहलोत, कमलनाथ और गौरव गोगोई ने पेंगुइन के इस कदम को राजनीतिक दबाव और अभिव्यक्ति की आजादी पर हमला करार दिया। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि जब पेंगुइन का अंतरराष्ट्रीय ब्रांड वैश्विक स्तर पर इसे बिना बदलावों के छाप रहा है तो पेंगुइन इंडिया को इसमें आपत्ति क्यों हुई? बीजेपी नेताओं ने तर्क दिया कि तथ्य-जांच और ऐतिहासिक सत्यता सुनिश्चित करना प्रकाशक का अधिकार है न कि केवल मनगढ़ंत दावों को छापना।