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शासकीय माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव

शासकीय माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में हर्षोल्लास से मनाया गया श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बिलासपुर  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय बिलासपुर में जन्माष्टमी के पावन अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मोत्सव बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान विद्यार्थियों द्वारा विभिन्न सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक गतिविधियों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान श्रीकृष्ण के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर पूजन-अर्चन के साथ किया गया। विद्यार्थियों ने श्रीकृष्ण और राधा की मनमोहक वेशभूषा धारण कर श्रीकृष्ण जन्म की झांकी, भजन, गीत, नृत्य एवं कृष्ण लीलाओं की सुंदर प्रस्तुति दी। विद्यालय के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन, उनके आदर्शों, कर्मयोग, प्रेम, भाईचारे एवं धर्म के प्रति संदेशों की जानकारी दी। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को भारतीय संस्कृति एवं परंपराओं से परिचित कराने के साथ उनमें प्रेम, सद्भाव और नैतिक मूल्यों का विकास करना रहा। कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। अंत में सभी विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी गईं तथा प्रसाद का वितरण किया गया। कार्यक्रम सफल एवं उत्साहपूर्ण रहा।

बारिश की कमी ने बढ़ाई चिंता, राजस्थान में 21 जिले सूखे; 4-5 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

जयपुर  राजस्थान में मानसून के दौरान अब तक सामान्य से कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 जून से 3 सितंबर तक प्रदेश में 295.30 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि इस अवधि में सामान्य बारिश 374.55 मिमी रहती है। इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य के मुकाबले 21.16 % कम बारिश हुई है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राजस्थान के 21 जिलों में बारिश कम दर्ज की गई है, जबकि 18 जिलों में बारिश सामान्य रही। वहीं सिर्फ दो जिलों में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। प्रदेश में कोई भी जिला असामान्य या बहुत कम बारिश वाली श्रेणी में नहीं है Weather Report, Jodhpur Weather Report, Jodhpur December Weather Report, Winter, Winter in Jodhpur, Jodhpur Weather News, IMD, Jodhpur News, वेदर रिपोर्ट, जोधपुर वेदर रिपोर्ट, जोधपुर दिसंबर वेदर रिपोर्ट, सर्दी, जोधपुर में सर्दी, जोधपुर वेदर न्यूज, आईएमडी, जोधपुर न्यूज आंकड़ों के मुताबिक अगर सबसे ज्यादा बारिश की बात करें तो, डीग में सबसे ज्यादा अतिरिक्त बारिश दर्ज की गई है। यहां सामान्य से 31.04 फीसदी अधिक बारिश हुई। इसके बाद फलोदी में 21.57 फीसदी ज्यादा बारिश दर्ज की गई। वहीं सलूंबर सामान्य बारिश वाली श्रेणी में रहा। यानी प्रदेश में कुछ इलाकों में अच्छी बारिश हुई, लेकिन कई जिलों में बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे रही। बता दें राजस्थान में इस बार मानसून सम से पहले आ गया था, उसके बाद भी ऐसे हालात हैं। गहलोत ने दी यह सलाह पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने गुरुवार को राज्य सरकार से संभावित सूखे जैसे हालात के लिए अभी से आकस्मिक योजना तैयार करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार को हालात बिगड़ने का इंतजार नहीं करना चाहिए। सूखे से निपटने के पिछले अनुभवों को देखते हुए सरकार को पहले से ही तैयारियां शुरू कर देनी चाहिए। पूर्वी राजस्थान में दो दिन भारी बारिश का अलर्ट मौसम विभाग के अनुसार राजस्थान में अगले कुछ दिनों में मानसून फिर सक्रिय हो सकता है। 4 और 5 सितंबर को पूर्वी राजस्थान में कुछ जगहों पर भारी बारिश होने की संभावना है। इस दौरान भरतपुर, कोटा, जयपुर, अजमेर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में मानसून फिलहाल कमजोर रहने के आसार हैं। जोधपुर संभाग के अधिकांश हिस्सों में गतिविधियां कमजोर रहेंगी, जबकि 4 से 6 सितंबर के बीच बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू और नागौर में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।  

युवाओं को मिलेगा ड्रोन टेक्नोलॉजी में बड़ा मौका, हरियाणा सरकार ने शुरू की नई पहल

 चंडीगढ़ हरियाणा को ड्रोन इनोवेशन, स्वदेशी तकनीक, उन्नत विनिर्माण और युवा उद्यमिता का केंद्र बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने ‘ड्रोनोथान-हरियाणा ड्रोन इनोवेशन चैलेंज’ शुरू किया है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग, स्टार्टअप हरियाणा और ड्रोन टेक मल्टी-स्टेट कोआपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड की इस संयुक्त पहल के तहत उद्योगों की वास्तविक तकनीकी जरूरतों को विश्वविद्यालयों और युवा इनोवेटर्स से जोड़ा जाएगा। हरियाणा निवास में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय ड्रोन उद्योग परामर्श बैठक में ड्रोन निर्माता कंपनियों, टेक्नोलाजी कंपनियों, प्रशिक्षण संस्थानों, इनक्यूबेटरों और ड्रोन इकोसिस्टम से जुड़े प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। हरियाणा सरकार की मंशा इस पहल के जरिए हरियाणा में आरएंडडी, प्रोटोटाइप निर्माण, बौद्धिक संपदा, स्टार्टअप, निवेश, कौशल विकास और रोजगार का ऐसा इकोसिस्टम तैयार करने की है, जिसमें प्रदेश के विश्वविद्यालयों और युवाओं की प्रतिभा सीधे ड्रोन उद्योग की जरूरतों से जुड़े। ड्रोनोथान को राज्यव्यापी यूनिवर्सिटी इनोवेशन प्रोग्राम के रूप में विकसित किया जाएगा। स्टार्टअप हरियाणा से जुड़े इनक्यूबेटरों के माध्यम से विश्वविद्यालयों और उच्च शिक्षण संस्थानों तक यह पहल पहुंचाई जाएगी। इनक्यूबेटर छात्र टीमों की पहचान, कैंपस आउटरीच, मेंटरशिप, चैलेंज, मूल्यांकन और आगे इन्क्यूबेशन में सहयोग करेंगे। उद्योगों और ड्रोन कंपनियों को अपनी वास्तविक तकनीकी समस्याओं के ‘प्राब्लम स्टेटमेंट’ देने होंगे। विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, फैकल्टी, शोधकर्ता और युवा इनोवेटर्स इन चुनौतियों के व्यावहारिक, स्केलेबल और व्यावसायिक समाधान विकसित करेंगे। इससे छात्रों को अकादमिक परियोजनाओं से आगे बढ़कर वास्तविक औद्योगिक और सरकारी जरूरतों पर काम करने का अवसर मिलेगा। समाधान से प्रोटोटाइप और बाजार तक पहुंचेगी प्रतिभा ड्रोनोथान में उद्योग केवल समस्या बताएगा ही नहीं, बल्कि चयनित टीमों को तकनीकी मार्गदर्शन, डोमेन विशेषज्ञता और व्यावहारिक इनपुट भी देगा। बेहतर समाधानों को प्रूफ आफ कांसेप्ट, फील्ड ट्रायल, इन्क्यूबेशन, उद्योग मेंटरशिप, निवेश सुविधा और व्यावसायीकरण के अवसरों से जोड़ा जा सकेगा। इसका लक्ष्य प्रतियोगिता से आगे बढ़कर नवाचार से उद्यमिता और विनिर्माण तक पूरी श्रृंखला तैयार करना है। चुनौतियों के समाधान के लिए 20 से ज्यादा क्षेत्र चैलेंज में प्रिसिजन एग्रीकल्चर, ड्रोन मैपिंग-सर्वेक्षण, सड़क-पुल निरीक्षण, इन्फ्रास्ट्रक्चर मानिटरिंग, लाजिस्टिक्स व लास्ट-माइल डिलीवरी, औद्योगिक निरीक्षण, आपदा प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा, एआई आधारित स्वायत्त ड्रोन, स्वदेशी कंपोनेंट, बैटरी व प्रोपल्शन, संचार प्रणाली, जीआइएस, डेटा एनालिटिक्स, रक्षा एवं रणनीतिक उपयोग, काउंटर-ड्रोन तकनीक, स्वास्थ्य सेवाएं, स्मार्ट सिटी, खनन और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्र शामिल होंगे।  

खेल विभाग में बंपर भर्ती की तैयारी, 1006 पदों से जिलों से लेकर अकादमी तक मजबूत होगा सिस्टम

 पटना  राज्य में खेल प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने के लिए खेल विभाग राज्य में विभिन्न स्तरों पर 1006 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 33 जिला खेल पदाधिकारी, स्टेडियमों के लिए 380 प्रशिक्षक, राजगीर राज्य खेल अकादमी के लिए 48 कोच, बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के 301 और बिहार खेल विश्वविद्यालय के 244 पद शामिल हैं। खेल प्राधिकरण व राजगीर खेल विश्वविद्यालय में भी 545 पदों पर नियुक्ति की तैयारी जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति अंतिम चरण में है। प्रशिक्षकों की नियुक्ति के लिए परीक्षा की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है। खेल व्यवस्था को सुचारु करने के लिए संविदा पर लिपिकीय कर्मियों की नियुक्ति और प्रतिनियुक्ति के माध्यम से आवश्यक मानव संसाधन उपलब्ध कराने की तैयारी है। नियुक्तियां पूरी होने के बाद जिला स्तर से लेकर राज्य स्तरीय खेल संस्थानों तक प्रशासनिक व्यवस्था और प्रशिक्षण तंत्र को मजबूती मिलेगी। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि जिलों में खेल पदाधिकारियों, स्टेडियमों में प्रशिक्षकों, राजगीर राज्य खेल अकादमी के प्रशिक्षकों के साथ-साथ खेल प्राधिकरण और खेल विश्वविद्यालय में नियुक्तियों से खेल व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। जिलों में 33 पदाधिकारी संभालेंगे खेल की कमान जिला स्तर पर खेल गतिविधियों को गति देने के लिए 33 जिला खेल पदाधिकारियों की नियुक्ति की जा रही है। इसके लिए बीपीएससी परीक्षा ले चुका है और अब साक्षात्कार की प्रक्रिया पूरी की जानी है। नियुक्ति के बाद जिलों में खिलाड़ियों की पहचान, खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी को बेहतर तरीके से संभाला जा सकेगा। स्टेडियमों में 380 प्रशिक्षक बढ़ाएंगे खेल प्रतिभाओं की धार राज्य में तैयार हो रहे इंडोर और आउटडोर स्टेडियमों को केवल खेल आयोजन स्थल नहीं, बल्कि नियमित प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित करने की तैयारी है। इसके लिए विभिन्न खेल विधाओं में 380 प्रशिक्षकों की बहाली होगी। इन पदों के लिए बिहार कर्मचारी चयन आयोग के माध्यम से परीक्षा आयोजित की जाएगी। राजगीर अकादमी में 48 प्रशिक्षक देंगे हाई परफार्मेंस ट्रेनिंग राजगीर में विकसित हो रही आधुनिक खेल सुविधाओं को मजबूत प्रशिक्षण व्यवस्था से जोड़ने के लिए राज्य खेल अकादमी में 48 प्रशिक्षकों की नियुक्ति होगी। अकादमी में उपलब्ध खेल सुविधाओं के साथ प्रशिक्षित मानव संसाधन मिलने से खिलाड़ियों को नियमित और वैज्ञानिक तरीके से प्रशिक्षण देने में मदद मिलेगी। खेल प्राधिकरण में 301 पद, विश्वविद्यालय में 244 बिहार राज्य खेल प्राधिकरण के प्रशासनिक और खेल संबंधी कार्यों को मजबूत करने के लिए 301 पदों पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। खेल शिक्षा, प्रशिक्षण और प्रशासनिक व्यवस्था को संस्थागत मजबूती देने के लिए बिहार खेल विश्वविद्यालय में 244 पदों पर नियुक्ति की कार्रवाई चल रही है। संविदा और प्रतिनियुक्ति से भी मजबूत होगा सिस्टम खेल विभाग की विभिन्न इकाइयों में कामकाज को सुचारु रखने के लिए संविदा पर लिपिकीय कर्मियों की नियुक्ति के साथ जरूरत के अनुसार प्रतिनियुक्ति के माध्यम से भी मानव संसाधन उपलब्ध कराया जाएगा।  

जब दूरदर्शन ने नहीं दिया ‘श्री कृष्णा’ को स्लॉट, विदेश में मिला सम्मान और फिर पहुंचा सुप्रीम कोर्ट तक मामला

4 सितंबर को देशभर में जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया गया. ऐसे में टीवी की उस यादगार कहानी को याद करना बनता है, जब भगवान श्रीकृष्ण छोटे पर्दे पर आए तो देखते ही देखते घर-घर का हिस्सा बन गए. रामानंद सागर का ‘श्री कृष्णा’ आज भी पौराणिक टीवी सीरियलों की सबसे यादगार पेशकशों में गिना जाता है. लेकिन कम लोग जानते हैं कि इस सीरियल को देश के सबसे बड़े सरकारी चैनल पर जगह मिलने की कहानी इतनी आसान नहीं थी l बल्कि मामला इतना उलझा कि कृष्ण की कहानी को पहले भारत में ही स्लॉट नहीं मिला, फिर विदेश से शुरुआत हुई, पुरस्कार मिला और आखिरकार मामला अदालत तक पहुंच गया. यही वजह है कि जन्माष्टमी के इस खास मौके पर ‘श्री कृष्णा’ का ये किस्सा किसी थ्रोबैक फिल्म से कम नहीं लगता l दूरदर्शन ने नहीं दिया स्लॉट, विदेश में हुआ पहला पड़ाव रामानंद सागर के बेटे प्रेम सागर ने 2020 में एक इंटरव्यू में दावा किया था कि उस दौर की राजनीतिक खींचतान की वजह से ‘श्री कृष्णा’ को दूरदर्शन पर स्लॉट नहीं मिल पाया. उनके मुताबिक, सीरियल का प्रीमियर मॉरीशस में हुआ और इसके बाद इसे कनाडा में भी प्रसारित किया गया l लेकिन कहानी यहीं खत्म नहीं हुई… प्रेम सागर के मुताबिक, इटली के रिमिनी सिनेमा फेस्टिवल में सीरियल को ब्रॉन्ज मेडल भी मिला और इसके बाद भारत में इस बात को लेकर हलचल मच गई. उनका दावा है कि मामला संसद तक में चर्चा का विषय बना. यानी जिस कृष्ण कथा को भारतीय दर्शकों के सामने लाने के लिए दरवाजे बंद नजर आ रहे थे, वही कहानी विदेश में अपनी पहचान बना रही थी l इसके बाद 1993 में कहानी ने नया मोड़ लिया. प्रेम सागर के अनुसार, विज्ञापन जगत के दिग्गज आरके स्वामी ने नए लॉन्च हुए DD2 पर ‘श्री कृष्णा’ के प्रसारण के लिए बोली लगाई और सीरियल को सीमित भारतीय दर्शकों तक पहुंच मिली. यही वह दौर था जब कृष्ण की कथा धीरे-धीरे भारतीय टीवी दर्शकों तक पहुंचने लगी l उपलब्ध रिकॉर्ड भी बताते हैं कि सीरियल ने 1993 में डीडी मेट्रो से प्रसारण शुरू किया था और बाद में डीडी नेशनल पर भी आया l ‘श्री कृष्णा’ की कहानी में अगला बड़ा मोड़ तब आया, जब इसके प्रसारण को लेकर कानूनी लड़ाई भी सामने आई. प्रेम सागर के मुताबिक, उस समय वकील के तौर पर प्रैक्टिस कर रहे अरुण जेटली ने उनका मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचाया. इसके बाद 1996 में ‘श्री कृष्णा’ को DD1 पर सुबह 9 बजे का स्लॉट मिला. प्रेम सागर ने दावा किया कि इस स्लॉट में सीरियल ने ‘चंद्रकांता’ की जगह ली थी l दिलचस्प बात यह है कि 1996 के दिल्ली हाई कोर्ट के एक फैसले में ‘चंद्रकांता’ के प्रसारण को अप्रैल 1996 में समाप्त करने और उसी समय ‘श्री कृष्णा’ को 28 अप्रैल से प्रसारित करने की अनुमति दिए जाने का रिकॉर्ड मिलता है. अदालत के दस्तावेज में ‘श्री कृष्णा’ के प्रसारण को लेकर दूरदर्शन की कार्रवाई का भी उल्लेख है l कृष्ण की टीवी यात्रा सिर्फ कैमरे और सेट तक सीमित नहीं थी- इसके पीछे चैनल, स्लॉट और अदालत तक की पूरी कहानी थीl जब DD ने आगे बढ़ाने से किया इनकार ‘श्री कृष्णा’ की कहानी आगे बढ़ी तो एक और दिलचस्प मोड़ आया. प्रेम सागर के मुताबिक, जब सीरियल को भगवद गीता और महाभारत से जुड़े हिस्सों तक ले जाने की बात आई, तो दूरदर्शन ने इसका रन आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया. इसके बाद 1999 में शो जी टीवी पर चला गया और वहां बाकी एपिसोड प्रसारित किए गए l सागर वर्ल्ड के मुताबिक, जी टीवी ने 4 जुलाई 1999 से सीरियल को रविवार सुबह 9 से 10 बजे के स्लॉट में आगे बढ़ाया. उस समय शो की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया गया कि सागर वर्ल्ड ने ऑर्ग-मार्ग के हवाले से इसकी साप्ताहिक पहुंच 13.4 करोड़ दर्शकों तक बताई थी फिर सोनी से लेकर 2000s तक चलता रहा कृष्ण का जादू कहानी यहीं नहीं रुकी. पूरी सीरीज का बाद में सोनी पर भी री-टेलीकास्ट हुआ. 2001 में इसे दोबारा दिखाया गया और दूसरे क्षेत्रीय/भक्ति चैनलों पर भी इसका प्रसारण हुआ. फिर आया वो दौर जब पुरानी यादों ने नई पीढ़ी को भी पकड़ लिया l 2020 में कोरोना लॉकडाउन के दौरान जब रामायण और महाभारत के दोबारा प्रसारण ने टीवी पर तहलका मचाया, तब ‘श्री कृष्णा’ की भी वापसी हुई. दूरदर्शन ने इसे 3 मई 2020 से फिर प्रसारित किया l सरवदमन बनर्जी बने कृष्ण, और चेहरा बन गया पहचान रामानंद सागर के ‘श्री कृष्णा’ की सबसे बड़ी पहचान इसके कलाकार भी रहे. सर्वदमन डी. बनर्जी ने भगवान कृष्ण का किरदार निभाया, जबकि बाल कृष्ण की भूमिका में स्वप्निल जोशी नजर आए. कृष्ण के रूप में सर्वदमन बनर्जी की छवि ऐसी बनी कि उनके चेहरे को देखते ही आज भी कई दर्शकों के जेहन में वही 90s वाला कृष्ण उभर आता है l यही इस सीरियल की असली ताकत थी- कम साधन, साधारण तकनीक और सीमित बजट के बावजूद उसने आस्था को स्क्रीन से जोड़ दिया. जन्माष्टमी पर क्यों याद आता है ‘श्री कृष्णा’? आज जब पौराणिक कहानियां बड़े बजट, VFX और भव्य सेट के साथ बनाई जाती हैं, तब ‘श्री कृष्णा’ को देखना एक अलग दौर में लौटने जैसा है. उस समय न आज जैसी तकनीक थी, न OTT का दौर. फिर भी जब टीवी पर कृष्ण बांसुरी लेकर आते थे, तो घरों का माहौल बदल जाता था l और शायद यही वजह है कि ‘श्री कृष्णा’ की असली विरासत सिर्फ उसके एपिसोड या TRP में नहीं है. वो उन यादों में है, जब जन्माष्टमी के मौके पर टीवी स्क्रीन पर कान्हा आते थे और पूरा परिवार एक साथ बैठकर उनकी लीला देखा करता था l दिलचस्प बात ये है कि जिस सीरियल को भारत में शुरुआत में प्रसारण स्लॉट हासिल करने के लिए संघर्ष  करना पड़ा, वही आगे चलकर इतना लोकप्रिय हुआ कि उसके प्रसारण का सफर डीडी मेट्रो से डीडी नेशनल, जी और सोनी तक पहुंचा l यही ‘श्री कृष्णा’ का असली चमत्कार था- कृष्ण की कहानी को स्क्रीन पर आने से रोका जा सकता था, लेकिन दर्शकों के दिलों तक … Read more

PCB के फैसलों से भड़के नासिर हुसैन, बोले- पाकिस्तान क्रिकेट को और खराब कर दिया

नई दिल्ली पाकिस्तान क्रिकेट टीम का इन द‍िनों बेड़ागर्क चल रहा है, उसे हर तरफ से आलोचना सहनी पड़ रही है. ताजा घटनाक्रम में इंग्लैंड इंग्लैंड क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान ओर कमेंटेटर नास‍िर हुसैन का भी एक बयान आया है. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने ही अपनी टीम को हंसी का पात्र बना द‍िया है. ध्यान रहे इंग्लैंड दौरे पर गई पाकिस्तानी क्रिकेट टीम को हेड‍िंग्ले और लॉर्ड्स में दो टेस्ट में हार म‍िली. 0-2 से प‍िछड़ने के बाद अब पाकिस्तानी टीम अब एजबेस्टन में 9 स‍ितंबर को खेलने उतरेगी l इंग्लैंड के पूर्व कप्तान नासिर हुसैन ने भी PCB और उसके चेयरमैन मोहसिन नकवी के फैसलों पर जमकर नाराजगी जताई है. नासिर हुसैन ने साफ कहा कि इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान के खराब प्रदर्शन पर वह पहले से ही निराश थे, लेकिन PCB ने जिस तरह पूरी स्थिति को संभाला, उससे पाकिस्तान क्रिकेट की मुश्किलें कम होने के बजाय और बढ़ गईं l 'दुनिया पाकिस्तान पर नहीं हंस रही थी' हेडिंग्ले और लॉर्ड्स टेस्ट में हार के बाद PCB ने इंग्लैंड दौरे से सात खिलाड़ियों और दो कोचों को वापस भेजने का फैसला किया. मोहम्मद रिजवान, सलमान अली आगा और इमाम-उल-हक जैसे खिलाड़ियों को टीम से बाहर कर दिया गया. इसके अलावा टेस्ट कोच सरफराज अहमद की जगह बर्मिंघम में होने वाले तीसरे टेस्ट के लिए माइक हेसन को जिम्मेदारी दी गई l नास‍िर हुसैन को लगाई लताड़ PCB के इन फैसलों पर सवाल उठाते हुए नासिर हुसैन ने कहा कि पाकिस्तान की हालत पहले ही खराब थी, लेकिन उस समय लोग उसका मजाक नहीं बना रहे थे. स्काई स्पोर्ट्स क्रिकेट पॉडकास्ट पर बात करते हुए हुसैन ने कहा- मुझे नहीं लगता कि हेडिंग्ले के बाद दुनिया पाकिस्तान पर हंस रही थी l उन्होंने आगे कहा कि लॉर्ड्स में उनकी नाराजगी पाकिस्तान के प्रदर्शन को लेकर थी. वह इस बात से निराश थे कि टीम ने मुकाबले में वापसी के लिए पर्याप्त संघर्ष नहीं किया. साथ ही भारत-पाकिस्तान मुकाबलों के एकतरफा होते जाने और पाकिस्तान के खराब क्रिकेट खेलने पर भी उन्होंने अपनी निराशा जताई थी.लेकिन उनके मुताबिक, PCB के हालिया फैसलों ने पूरी स्थिति बदल दी l 'पाकिस्तान को Laughingstock बनाया' नासिर हुसैन ने कहा कि उनकी पिछली नाराजगी पाकिस्तान क्रिकेट की स्थिति देखकर पैदा हुई निराशा थी. लेकिन PCB ने जिस तरह हालात को संभाला, उससे मामला और बिगड़ गया. उन्होंने कहा- यह उस निराशा की वजह से था कि इतनी महान क्रिकेटिंग नेशन अब कहां पहुंच गई है. उन्होंने अब जो किया है, उससे पाकिस्तान हंसी का पात्र (Laughingstock) बन गया है. उन्होंने स्थिति को और खराब कर दिया है l इमाम विवाद पर भी PCB को घेरा नासिर हुसैन ने सबसे ज्यादा सवाल इमाम-उल-हक के मामले को लेकर उठाए. लॉर्ड्स टेस्ट के पहले दिन इमाम को पिंडली में खिंचाव (calf strain) हुआ था. इस चोट के कारण वह मैच की दोनों पारियों में पाकिस्तान के लिए बल्लेबाजी नहीं कर सके. हालांकि चौथे दिन मैच शुरू होने से पहले इमाम को नेट्स में बल्लेबाजी करते हुए देखा गया. इसके बाद उनकी चोट की गंभीरता को लेकर सवाल उठने लगे. इंग्लैंड के पूर्व तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड ने तो इसे कथित तौर पर 'सिर्फ दिखावा' तक बता दिया l इसी बीच PCB के हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर आकिब जावेद ने लाइव टीवी पर इमाम की टीम के प्रति प्रतिबद्धता (commitment) पर सवाल उठा दिए. जावेद ने इमाम की आलोचना करते हुए उनकी स्थिति को लेकर सार्वजनिक तौर पर सवाल खड़े किए. यही बात नासिर हुसैन को सबसे ज्यादा नागवार गुजरी l 'खिलाड़ी को बस के नीचे कैसे फेंक सकते हैं?' हुसैन ने कहा कि उन्हें यह समझ नहीं आता कि हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर अपने ही खिलाड़ी को सार्वजनिक मंच पर इस तरह कैसे निशाना बना सकता है. उन्होंने कहा- मुझे विश्वास नहीं हो रहा कि हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर टीवी पर जाकर सही या गलत तरीके से अपने ही खिलाड़ी को बस के नीचे कैसे फेंक सकता है. वह चोटिल है या नहीं है. इमाम के मामले में जिस तरह सार्वजनिक तौर पर बयानबाजी हुई, उससे उन्होंने पूरी प्रक्रिया को हास्यास्पद बताया l

गाजियाबाद में स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी और टीकाकरण पर सवाल, सूचना आयुक्त ने निगम से मांगे दस्तावेज

गाजियाबाद राज्य सूचना आयोग ने गाजियाबाद नगर निगम को आवारा कुत्तों (स्ट्रीट डॉग्स) के नसबंदी और टीकाकरण अभियान को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं।सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम की पीठ ने निगम के उस तर्क को खारिज कर दिया, जिसमें एनजीओ को किए गए भुगतान की जानकारी को 'थर्ड पार्टी की आर्थिक हित से जुड़ी सूचना' बताकर देने से इनकार किया गया था। सूचना आयोग ने नगर निगम से स्पष्ट कहा, 'अगर स्ट्रीट डॉग्स को वैक्सीन दी जा रही है तो वे कहीं से खरीदी भी जा रही होंगी, दिखाइए उसके कागज।' क्या है पूरा मामला? एक आरटीआई आवेदन के जवाब में गाजियाबाद नगर निगम ने बताया था कि नगर निगम क्षेत्र में आवारा कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का काम एक गैर-सरकारी संगठन (एनजीओ) के माध्यम से कराया जा रहा है। इसमें निगम ने दावा किया था कि 1 अक्टूबर 2023 से 15 अप्रैल 2026 के बीच गाजियाबाद नगर निगम सीमा क्षेत्र में 22,494 स्ट्रीट डॉग्स की नसबंदी व टीकाकरण किया गया है। GDA के दावों पर क्यों खड़े हुए सवाल? हालांकि, इस दावे के बाद शहर में आवारा कुत्तों की संख्या नियंत्रण को लेकर सवाल उठने लगे क्योंकि 2020 में हुए पशु सर्वे में शहर में करीब 48 हजार कुत्ते होने का अनुमान लगाया गया था। इसके मुकाबले नगर निगम अब तक 53,447 से अधिक कुत्तों का स्टरलाइजेशन कराने का दावा सवाल खड़े कर रहा था। इसके बाद ही आरटीआई के जरिये मामले पर स्पष्टीकरण मांगा गया था। भुगतान की जानकारी छिपाने का आरोप आरटीआई कार्यकर्ता की ओर से जब इस कार्य के बदले एनजीओ को दिए गए भुगतान का ब्योरा मांगा गया, तो नगर निगम ने यह कहते हुए जानकारी देने से मना कर दिया कि यह तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) के वित्तीय हितों से जुड़ी निजी जानकारी है। सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम के मुख्य आदेश निगम के इसी जवाब से संबंधित मामले की सुनवाई करते हुए सूचना आयुक्त मोहम्मद नदीम ने नगर निगम के रवैये पर सवाल खड़े किए और निम्नलिखित निर्देश दिए…     सरकारी कोष के इस्तेमाल का हिसाब दें: यह थर्ड पार्टी का मामला नहीं है, क्योंकि आवेदक ने एनजीओ की बैलेंस शीट या बैंक स्टेटमेंट नहीं मांगा है। सरकारी खजाने से जो पैसा एनजीओ को दिया गया है, उसका ब्योरा जनता के सामने आना चाहिए।     सत्यापन की प्रणाली की जानकारी दें: एनजीओ ने 22,494 कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण का दावा किया है, लेकिन इस दावे को सत्यापित (Verify) करने के लिए नगर निगम के पास क्या सिस्टम है, इसका ब्योरा उपलब्ध कराना होगा।     वैक्सीन खरीद का हिसाब दें: एनजीओ ने इतनी बड़ी संख्या में टीके (वैक्सीन) कहां से खरीदे, इसके बिल और दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं।  

कुशाभाऊ ठाकरे उच्च कोटि के कुशल संगठक थे : CM डॉ. यादव, जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि

उच्च कोटि के कुशल संगठक थे कुशाभाऊ ठाकरे : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर अर्पित की पुष्पांजलि कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में लगाया आंवले का पौधा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती पर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर पहुंचकर यहां स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की आदमकद प्रतिमा एवं चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि राष्ट्रऋषि कुशाभाऊ ठाकरे उच्च कोटि के रणनीतिकार और कुशल संगठक थे। उन्होंने संगठन में समर्पित कार्यकर्ताओं की एक नई पौध तैयार की। उनके नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में संगठन ने नई ऊंचाइयां प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्व. कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती स्मृति में सेंटर परिसर में ही आंवले का पौधा भी लगाया। इस अवसर पर भोपाल के लोकसभा सांसद आलोक शर्मा, राज्यसभा सांसद रजनीश अग्रवाल, विधायक भगवानदास सबनानी, भोपाल महापौर श्रीमती मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, पूर्व सांसद आलोक संजर, राहुल कोठारी, रविन्द्र यति, जसवंत सिंह हाड़ा अन्य जनप्रतिनिधिगण एवं नागरिकगण उपस्थित थे। मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा पुष्पांजलि अर्पित करने के बाद मीडिया प्रतिनिधियों ने चर्चा में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को मंगलकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज स्व.कुशाभाऊ ठाकरे जी की जयंती भी है। आज मैं जानापाव जा रहा हूं, जहां महर्षि परशुराम जी ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि देवस्थानों के विकास से प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को नई गति मिली है। महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन सहित पूरे प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के प्रति एक नया वातावरण बना है। वर्ष 2022 तक जहां उज्जैन में लगभग 60-70 लाख श्रद्धालु एवं पर्यटक आते थे, वहीं आज यह संख्या करोड़ों में पहुंच गई है। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का भी विकास किया जा रहा है, ताकि वहां श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की संख्या बढ़े, स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित हों और इन क्षेत्रों का समग्र विकास सुनिश्चित हो। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सभी पर्वों और त्यौहारों के बीच भी हम अपनी सभी जिम्मेदारियों के प्रति पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़ी सभी कठिनाइयों और विषयों को हम माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष पूरी गंभीरता से रख रहे हैं। उच्चतम न्यायालय के मार्गदर्शन के अनुरूप जो भी बेहतर से बेहतर निर्णय संभव होगा, उसके लिए हमारी सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में हम व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पक्षों पर गंभीरता से विचार करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के समक्ष हमारा पक्ष भी मजबूती से रखा जाएगा। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी और बेहतर समाधान की दिशा में सरकार हरसंभव प्रयास करेगी।  

श्रीकृष्ण जन्मभूमि से CM योगी का विपक्ष पर हमला, बोले- हमारी आस्था राम-कृष्ण में, बाबर-औरंगजेब में नहीं

मथुरा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मथुरा स्थित श्री कृष्ण जन्मभूमि मंदिर में दर्शन-पूजन के बाद आयोजित कार्यक्रम में कहा कि उनकी सरकार प्रभु श्री राम, कृष्ण कन्हैया, बाबा विश्वनाथ और मां विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है. उन्होंने कहा कि 1528 में विदेशी आक्रांताओं ने अयोध्या में आस्था को समाप्त करने का प्रयास किया था, लेकिन जो खुद को अविजित मानते थे वे आज समाप्त हो चुके हैं. सीएम योगी ने चेतावनी दी कि बाबर और औरंगजेब के अनुयायी अपनी आदतों से मजबूर होकर फिर से समाज में विष वमन करने और राष्ट्रविरोधी तत्वों के हौसले बढ़ाने में जुटे हैं।  विरासत और जन आस्था पर योगी का बयान संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि योग माया के प्रति अटूट आस्था की वजह से ही विंध्यवासिनी धाम को एक भव्य परिसर मिल सका है. उन्होंने सवाल उठाया कि जिन लोगों की आस्था बाबर और औरंगजेब में होगी, वे जनता की आस्था को कभी सम्मान नहीं दे पाएंगे. सीएम योगी ने स्पष्ट किया कि जिनकी आस्था आक्रांताओं में है, वे धार्मिक भावनाओं का आदर नहीं कर सकते।  सुरक्षा और खुशहाली पर खतरे का जिक्र मुख्यमंत्री ने विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि ये तत्व समाज में जहर घोलकर आम जनता की सुरक्षा में सेंध लगाना चाहते हैं. वे युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने, बहनों-बेटियों की सुरक्षा को खतरे में डालने, किसानों की खुशहाली पर डकैती डालने और उभरते हुए कारीगरों व हस्तशिल्पियों को फिर से लाचार बनाने का प्रयास कर रहे हैं।  डबल इंजन सरकार का कड़ा संदेश सीएम योगी ने जोर देकर कहा कि समाज विरोधी और राष्ट्र विरोधी तत्वों की इन साजिशों को सफल नहीं होने दिया जाएगा. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की डबल इंजन सरकार इन सभी गलत मंसूबों पर पूरी तरह पानी फेरेगी. सरकार जनता की सुरक्षा, समृद्धि और विकास के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इन मंसूबों को कभी पूरा नहीं होने देगी।  मुख्यमंत्री ने कहा- 5200 वर्ष पूर्व धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए श्री हरि विष्णु के पूर्ण अवतार के रूप में श्री कृष्ण कन्हैया इसी पवित्र स्थल पर प्रकट हुए थे. अनेक आक्रमणों और आस्था थोपने के प्रयासों के बावजूद सनातन धर्म को कोई मिटा नहीं सका. जिन लोगों ने इसे मिटाने का दुस्साहस किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए. आज भी ब्रजभूमि में श्री कृष्ण और राधा रानी की स्मृतियां भावी पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत हैं। 

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने रैली निकाल कर दी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, पुष्पराजगढ़ में गूंजे जय श्री कृष्ण के जयकारे

अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा ने रैली निकाल कर दी श्री कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं, पुष्पराजगढ़ में गूंजे जय श्री कृष्ण के जयकारे राजेंद्रग्राम/छबिलाल महरा श्री कृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व के अवसर पर अखिल भारतवर्षीय यादव महासभा के तत्वावधान में पुष्पराजगढ़ में एक भव्य रैली और शोभायात्रा का आयोजन किया गया। हजारों की संख्या में यादव समाज के लोग इस रैली में शामिल हुए और पूरे नगर में श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।रैली की शुरुआत स्थानीय मंदिर से भगवान श्री कृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ हुई। भगवान श्री कृष्ण की बड़ी प्रतिमा को फूलों से सजे रथ पर विराजमान किया गया था। रथ के आगे-आगे ढोल-नगाड़े बज रहे थे और युवा नाचते-गाते चल रहे थे। पूरे रैली मार्ग को भगवा और पीले झंडों से सजाया गया था।यादव समाज के लोगों ने सिर पर पीली पगड़ी और गले में यादव महासभा का गमछा धारण किया हुआ था। हाथों में "जय श्री कृष्ण"और "यादव महासभा" लिखे झंडे और बैनर थे। महिलाओं ने भी बड़ी संख्या में भाग लिया और फूल बरसाकर भगवान का स्वागत किया। रैली बाजार के मुख्य मार्गों से होते हुए निकली, जहां जगह-जगह लोगों ने पुष्प वर्षा कर स्वागत किया।इस अवसर पर यादव महासभा के पदाधिकारियों ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण यादव वंश के गौरव हैं और उनके आदर्शों पर चलना ही यादव समाज का कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि इस तरह की रैलियों से समाज में एकता और सांस्कृतिक परंपरा मजबूत होती है।रैली के अंत में सभी को प्रसाद वितरित किया गया और सभी देशवासियों को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएं दी गईं। कार्यक्रम में यादव महासभा के जिलाध्यक्ष, ब्लॉक अध्यक्ष सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।