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CCTV फुटेज सीधे नहीं मिलेगी! हाईकोर्ट ने RTI को लेकर साफ किए नियम

प्रयागराज इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने एक अहम फैसले में कहा है कि सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सीसीटीवी फुटेज सीधे आवेदक को उपलब्ध नहीं कराई जा सकती। हाईकोर्ट ने इसका कारण स्पष्ट करते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज में संवेदनशील जानकारी हो सकती है लिहाजा यह आरटीआई एक्ट में दिए गए अपवाद के अंतर्गत आती है। हालांकि, हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि आवेदक सक्षम हाईकोर्ट या आयोग के समक्ष यदि आवेदन करता है तो वे संबंधित सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने और आवश्यक होने पर उसे अपने पास मंगाने का आदेश दे सकते हैं न्यायमूर्ति शेखर बी. सराफ और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने यह आदेश शोभित कश्यप की ओर से याचिका को निस्तारित करते हुए पारित किया है। मामले में याची ने 20 मार्च 2025 को दाखिल सूचना के अधिकार आवेदन के आधार पर पूरी सूचना उपलब्ध कराने तथा सीसीटीवी फुटेज देने की मांग की थी। याचिका पर सुनवाई के दौरान राज्य सूचना आयोग की ओर से बताया गया कि मांगी गई सीसीटीवी फुटेज में संवेदनशील जानकारी है। लिहाजा इसे सूचना का अधिकार अधिनियम की धारा 8(1)(छ) के तहत सीधे आवेदक को नहीं दिया जा सकता। सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखवाना नागरिक का अधिकार वहीं याची की ओर से सर्वोच्च न्यायालय के एक फैसले का हवाला देते हुए कहा गया कि सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखवाना नागरिक का अधिकार है। इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि शीर्ष अदालत के फैसले के अनुसार सक्षम कोर्ट अथवा आयोग के पास सीसीटीवी फुटेज मंगाने और उसे सुरक्षित रखने का निर्देश देने की शक्ति है। वर्तमान मामले में याची ने अभी तक किसी सक्षम न्यायालय अथवा आयोग के समक्ष कोई शिकायत दाखिल नहीं की है बल्कि उसने सिर्फ सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने की मांग की है। ऐसी स्थिति में फुटेज सीधे उसे नहीं दी जा सकती। अपने आदेश में खंडपीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि याची सक्षम न्यायालय या सक्षम फोरम के समक्ष आवेदन करता है तो वे सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने तथा शिकायत की जांच के लिए वास्तविक फुटेज मंगाने का निर्देश दे सकते हैं। एक दूसरे मामले में हाईकोर्ट ने नए सिरे से जांच का दिया आदेश हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने मोदी रबर लिमिटेड को दी गई 117 एकड़ जमीन में से लगभग 59 एकड़ जमीन के कथित अवैध हस्तांतरण के मामले में नए सिरे से जांच का आदेश दिया है। न्यायालय ने राजस्व परिषद के अधिकारियों की एक समिति को छह सप्ताह के भीतर अपनी जांच रिपोर्ट भी सौंपने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही राज्य सरकार को जांच रिपोर्ट मिलने के तीन सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का आदेश दिया है। न्यायालय ने पूर्व के आदेशों के अनुपालन में हुई देरी पर राज्य सरकार पर 25 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है।  

मरीजों की अनदेखी पर बड़ा एक्शन, 26 डॉक्टर बर्खास्त

लखनऊ सरकारी अस्पतालों में मरीजों की अनदेखी और ड्यूटी में लापरवाही भारी पड़ी। लगातार ड्यूटी से गैरहाजिर रहने और चिकित्सीय दायित्वों का पालन नहीं करने वाले 26 डॉक्टरों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं, उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना और चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही के मामले में नौ अन्य डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने लंबे समय से अनुपस्थित और लापरवाही के आरोपों से जुड़े मामलों की समीक्षा की। विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई। डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने कहा कि सरकारी अस्पतालों में तैनात डॉक्टरों की प्राथमिक जिम्मेदारी मरीजों को समय पर, बेहतर और गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराना है। ड्यूटी से गायब रहने या चिकित्सीय दायित्वों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने अधिकारियों को अस्पतालों में चिकित्सकों की उपस्थिति, ओपीडी-आईपीडी सेवाओं और मरीजों को मिल रहे उपचार की नियमित निगरानी के निर्देश दिए हैं। किसी भी स्तर पर लापरवाही सामने आने पर संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इन डॉक्टरों पर हुई कार्रवाई बर्खास्त किए गए 26 डॉक्टर प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनात थे। इनमें फर्रुखाबाद, अलीगढ़, गाजीपुर, हरदोई, महोबा, बुलंदशहर, लखनऊ, बलरामपुर, मथुरा, मीरजापुर, झांसी, बरेली, गोरखपुर, सहारनपुर, मुरादाबाद, चंदौली, मैनपुरी, मऊ, सुलतानपुर और मुजफ्फरनगर समेत कई जिले शामिल हैं। वहीं इटावा, रामपुर, मेरठ, बदायूं, भदोही, बलरामपुर और गौतमबुद्ध नगर में तैनात नौ डॉक्टरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। फर्रुखाबाद के कायमगंज सीएचीस के डॉ. स्वदेश कुमार, अलीगढ़ डॉ. वीरेंद्र सिंह, गाजीपुर में स्त्री रोग विभाग डॉ. स्वाती विश्वकर्मा, हरदोई में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. बृजेश यादव, महोबा में ईएनटी सर्जन डॉ. ईशान दीक्षित, बुलंदशहर की डॉ. स्वाती आनंद, लखनऊ सिविल हॉस्पिटल डॉ. मनोज कुमार चौरसिया, हरदोई बावन पीएचसी के डॉ. मो. उताउर रहमान, भटपुर पीएचसी डॉ. मनीष खन्ना, बलरामपुर डॉ. अक्षय लेले, मथुरा गोवर्धन सीएचसी जनरल सर्जन डॉ. राकेश फौजदार, मीरजापुर  जरनल सर्जन डॉ. नरेंद्र कुमार जायसवाल, झांसी बबीना सीएचसी की डॉ. निशा बुंदेला, गाजीपुर डॉ. अचल सिंह, बरेली के डॉ.शशांक वर्मा, गोरखपुर ब्रहम्हपुर पीएचसी डॉ. विशाल कुमार सिंह, सहारनपुर गंगोह सीएचसी डॉ. इन्द्रजीत सिंह, मुरादाबाद डॉ. मोहम्मद शबाब खान, चन्दौली से डॉ. राजेश कुमार सिंह, मुरादाबाद के डॉ. मुजफर अली, मैनपुरी डॉ. कृष्ण मुरारी द्विवेदी, मुरादाबाद डॉ. फरयाद हुसैन, मऊ डॉ. तनवीर फरीदी, सुलतानपुर लोकनाथपुर पीएचसी के डॉ. आशुतोष शुक्ला, अमनाईकपुर पीएचसी डॉ. सुशील कुमार खरवार, मुजफ्फरनगर डॉ. कुंवर विक्रांत को बर्खास्त किया गया है। विभागीय कार्रवाई के निर्देश उच्च अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना, चिकित्सीय कार्यों में लापरवाही नौ डॉक्टरों पर भारी पड़ी। डिप्टी सीएम ने अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य को विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इनमें इटावा के उप मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. श्रीनिवास यादव, रामपुर के डॉ. केक चहल,  मेरठ की डॉ. संगीता चोपड़ा, बदायूं के कादरचौक सीएचसी के डॉ. अवधेश राठौर, भदोही के डॉ. संतोष चक, बलरामपुर के डॉ. सुमित कुमार, भदोही के डॉ.धीरज प्रकाश, गौतमबुद्ध नगर के अरविन्द मलिक और डॉ. असद शामिल हैं।

मोनफिल्स का आखिरी ग्रैंड स्लैम मैच, यूएस ओपन से बाहर होते ही खोला भविष्य का प्लान

न्यूयॉर्क   फ्रांस के गेल मोनफिल्स का ग्रैंड स्लैम करियर समाप्त हो गया है। यूएस ओपन के दूसरे राउंड में अमेरिकन लर्नर टिएन से हार के बाद मोनफिल्स ग्रैंड स्लैम करियर को अलविदा कह दिया। मोनफिल्स को टिएन ने 6-3, 6-4, 6-3 से हराया। 40 साल के मोनफिल्स इस सीजन के अंत में पेशेवर टेनिस से संन्यास की घोषणा कर चुके हैं। मोनफिल्स ने यूएस ओपन में 33-17 के रिकॉर्ड के साथ अपना पेशेवर करियर खत्म किया। यूएस ओपन में मोनफिल्स ने अपना पहला मैच 2005 में नोवाक जोकोविच के खिलाफ खेला था, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। यूएस ओपन 2016 उनका सर्वश्रेष्ठ साल रहा, तब उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई थी, जहां उन्हें एक बार फिर जोकोविच के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था।  उसी साल, मोनफिल्स पीआईएफ एटीपी रैंकिंग में अपने करियर के सबसे अच्छे नंबर 6 पर पहुंचे। 13 बार एटीपी टूर टाइटल जीतने वाले मोनफिल्स पहली बार 2008 में अपने होम स्लैम, रोलैंड गैरोस में किसी बड़े टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में पहुंचे थे। उन्हें कोर्ट पर एक सेरेमनी में सम्मानित किया गया, जिसमें यूएसटीए के सीईओ क्रेग टिली और यूएस ओपन टूर्नामेंट के निदेशक एरिक बुटोरैक ने मोनफिल्स को एक खास फ्रेम की हुई तस्वीर दी। मोनफिल्स ने कहा, "अगले साल मेरे जीवन का नया अध्याय शुरू होगा। मैं फाइनेंस (वित्त) में काम करूंगा। मैंने पहले ही एक स्विस कंपनी में वेल्थ मैनेजमेंट में काम करने के लिए साइन कर लिया है। कौन जानता है कि न्यूयॉर्क शायद मुझे फिर से वॉल स्ट्रीट पर देखेगा।" 20 साल के टिएन ने पिछले महीने मॉन्ट्रियल में भी मोनफिल्स को हराया था, और मैच के बाद अपने बचपन के आदर्श से हस्ताक्षर भी मांगा था। टिएन के लिए साल अच्छा रहा है। वह ऑस्ट्रेलियन ओपन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचे, कनाडा में एटीपी मास्टर्स 1000 के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद वह यूएस ओपन के तीसरे राउंड में पहुंच चुके हैं। तीसरे राउंड में उनका मुकाबला जैकब मेन्सिक से है। 

बारिश से लखनऊ में बाढ़ का खतरा, सई-गोमती और बेहता का बढ़ा जलस्तर; कई गांवों में दहशत

लखनऊ यूपी में बीते कुछ दिनों से लगातार जारी बारिश से नादियां-नाले उफान पर हैं। लखनऊ शहर में गोमती का जलस्तर बढ़ने के साथ ही रहीमाबाद में बेहता और बंथरा व निगोहा इलाके से बहने वाली सई नदी का जलस्तर भी बढ़ गया है। रहीमाबाद में झाऊ बेरिया गांव में बेहता का पानी पुलिया के ऊपर से बह रहा है। निगोहां इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जबकि बंथरा में सई नदी का जलस्तर बढ़ने से सैकड़ों बीघे फसले पानी में डूब गई है। नदी का पानी गांवों की ओर बढ़ने से ग्रामीणों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है। वहीं, बीकेटी में चन्द्रिका देवी मंदिर के पास गोमती का जलस्तर बढ़ गया है। बेहता का जलस्तर बढ़ा, झाऊ बेरिया गांव की पुलिया डूबी बेहता नदी पर झाऊ बेरिया गांव जाने के लिए बनी पुलिया इधर नाले के जलस्तर बढ़ने के कारण डूब गई है। ग्रामीणों का रहीमाबाद या शहर जाने का यह एक मात्र रास्ता है। ग्राम प्रधान रुसेना सुरसती देवी ने बताया कि झाऊ बेरिया गांव में प्राथमिक विद्यालय बना है। जिसमें अन्य गावों के बच्चे भी पढ़ने आते हैं। पुलिया डूबने से परिजनों ने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है। ग्रामीणों को पानी से गुजरकर रहीमाबाद आना पड़ रहा है। शाहीखेड़ा निवासी ध्रुव कुमार ने बताया कि बारिश जारी है और बेहता नाले के जलस्तर में इजाफा हुआ तो गांव के लोग घरों में ही कैद हो जाएंगे। एडीएम मलिहाबाद मनोज कुमार सिंह ने बताया कि जलस्तर बढ़ने की जानकारी है। तहसीलदार कुमकुम मिश्रा को राजस्व टीम के साथ मौके पर भेजा गया था। जलस्तर और बढ़ता है तो ग्रामीणों के लिए नाव व अन्य इंतजाम किए जाएंगे। सई नदी का जलस्तर बढ़ने से निगोहा इलाके में बाढ़ जैसे हालात सई नदी का जलस्तर बढ़ने से निगोहा इलाके में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। जवाहरखेड़ा के पास बंधा पानी में डूब गया। जवाहरखेड़ा, राती, रंजीतखेड़ा, तारापुर और अघईया समेत दर्जनभर गांव नदी के किनारे बसे हैं। नदी का पानी तालाबों के रास्ते खेतों और खलिहानों तक पहुंच गया। इससे कई बीघे धान, उड़द और तिल्ली की फसल जलमग्न हो गई। नदी किनारे बसे गांवों के ग्रामीणों में दहशत है। नदी से जुड़ा बांक नाला भी उफान पर है, जिससे निचले इलाकों के खेतों में पानी भर गया। किसान मुन्नीलाल, रामभरोसे, शिवबालक, राजाराम, रामसुमिरन, रामकुमार ने बताया कि बंधा टूटने के बाद पानी तेजी से तालाबों और फिर कल्यानी तक पहुंच गया। किसानों ने बताया कि जलस्तर जल्द नहीं घटा तो धान समेत अन्य फसलें पूरी तरह बर्बाद हो सकती हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से टूटे बंधे की तत्काल मरम्मत कराने, प्रभावित गांवों का निरीक्षण करने और फसल नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। बंथरा में सई नदी का जलस्तर बढ़ने से फसलों को नुकसान बंथरा क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सई नदी में जलस्तर अचानक बढ़ने से इलाके में हड़कंप मच गया है। नदी का जलस्तर 12 फीट तक पहुंच जाने के कारण आसपास के सैकड़ों किसानों की धान, उड़द और तिल्ली की फसलें पूरी तरह से डूबकर नष्ट हो गई हैं। पानी लगातार नए रिहायशी और ग्रामीण इलाकों की ओर रुख कर रहा है। अस्पताल की इमारत और गांवों तक पहुंचा पानी नदी का जलस्तर बढ़ने से पानी लटऊवा, दाराब नगर बरकोता, तेरवा, गोड़वा, कल्लन खेड़ा, बेंती और बनी गांव की ओर तेजी से फैल रहा है। स्थिति यह है कि नदी किनारे स्थित बनी गांव के पास प्रसाद अस्पताल की इमारत तक भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। वर्तमान में नदी का जलस्तर करीब 12 फीट है। यदि इसमें 4 से 5 फीट की और बढ़ोतरी होती है, तो नदी का पानी कई अन्य रिहायशी गांवों में भी घुस जाएगा। बनी गांव निवासी वरिष्ठ नागरिक और समाजसेवियों के अनुसार, वर्ष 1962 में सई नदी का जलस्तर करीब 15 फीट तक चला गया था, जिससे बनी, कल्लन खेड़ा, बेंती, सैदपुर और गोदौली सहित कई गांव पूरी तरह जलमग्न हो गए थे। गोमती बैराज से दो गेट पूरे खुले, जलस्तर नियंत्रित गोमती नदी के जलस्तर को नियंत्रित करने के लिए सिंचाई विभाग ने गोमती बैराज के दो गेट पूरी तरह से खोल दिये हैं। शारदा नहर खंड-दो के अधिशासी अभियंता मुकेश वैश्य ने बताया कि जल निकासी के लिए गुरुवार को गोमती बैराज के दो गेट को पूरा खोल दिया गया। वहीं तीन अन्य गेट करीब दो फुट तक खोला गया है। फिलहाल चिंता की कोई बात नहीं है। गुरुवार को भी गऊघाट पर गोमती का जलस्तर 349.5 फुट बना रहा। जोकि सामान्य से करीब ढ़ाई फुट अधिक है।

यमन में फिर भड़की जंग, हूती-सरकारी बलों की लड़ाई में 81 की मौत; रेड सी पर बढ़ा खतरा

सना  यमन में हूती विद्रोहियों और सरकारी बलों के बीच जारी संघर्ष ने एक बार फिर हिंसक रूप ले लिया है. गुरुवार से शुरू हुई झड़पों में दोनों तरफ से अब तक कम से कम 81 लड़ाके मारे जा चुके हैं. मौतों का यह आंकड़ा सैन्य अधिकारियों और चिकित्सा सूत्रों के हवाले से सामने आया है।  मृतकों में सरकारी बलों के 39 जवान और हूती समूह के कम से कम 42 लड़ाके शामिल हैं. दोनों पक्षों के बीच संघर्ष के चलते हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं. जानकारी के मुताबिक, देश के अलग-अलग इलाकों में हुई लड़ाई में दोनों पक्षों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।  रेड सी तट पर सरकारी बलों को पहुंचा नुकसान रेड सी यानी लाल सागर के तट पर तैनात एक सैन्य अधिकारी के मुताबिक, वहां हुई झड़पों में सरकारी बलों के 24 जवान मारे गए. यह इलाका संघर्ष के लिहाज से अहम माना जा रहा है।  यहां दोनों पक्षों के बीच लगातार टकराव की स्थिति बनी हुई है. ताइज शहर में तैनात एक दूसरे आर्मी ऑफिसर ने बताया कि वहां 15 जवान मारे गए हैं. इस तरह रेड सी तट और ताइज में सरकारी बलों के कुल 39 लड़ाके मारे गए हैं।  हूती पक्ष को भी भारी नुकसान हूती नियंत्रण वाले इलाकों से मिली चिकित्सा जानकारी के अनुसार, संघर्ष में कम से कम 42 हूती लड़ाके भी मारे गए हैं. इससे साफ है कि गुरुवार से जारी लड़ाई में दोनों पक्षों को बड़ा नुकसान हुआ है।  हालांकि, अभी तक संघर्ष में घायल हुए लोगों या नागरिकों के हताहत होने की संख्या की जानकारी नहीं दी गई है. इसी तरह झड़पों की वजह और आगे की स्थिति को लेकर भी कोई जानकारी सामने नहीं आई है।  ईरान का दावा- 105 बच्चों और महिलाओं पर हमला दोनों देशों ने एक-दूसरे के अहम ठिकानों पर हमले किए हैं. इसमें 105 बच्चों और महिलाओं के जख्मी होने का आरोप ईरान की ओर की ओर से लगाया गया है. हाल के हफ्तों में दोनों के बीच सबसे भीषण सैन्य टकराव देखने को मिला है. दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह पर अमेरिकी हमले का आरोप इस तनाव का सबसे बड़ा मुद्दा बन गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने रात में ईरान के कई ठिकानों पर बहुत भारी हमला किया. उन्होंने चेतावनी दी कि अमेरिका जब चाहे, इस तरह की एक और कार्रवाई कर सकता है. ट्रंप ने कुछ समय के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य का नाम बदलकर ट्रंप स्ट्रेट रखने की बात भी कही. हालांकि ये ट्रंप का अपना काम करने का स्टाइल है लेकिन उन्हें इससे पीछे भी हटना पड़ा।  ताइज में यमनी सेना की बड़ी कार्रवाई, हूती विद्रोहियों के 3 ड्रोन मार गिराए यमनी सेना ने ताइज प्रांत के जबल हबाशी जिले में एक बड़ा सैन्य ऑपरेशन चलाते हुए हूती विद्रोहियों के तीन ड्रोनों को हवा में ही मार गिराया है. देश की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हवाई हमले को नाकाम करने के साथ-साथ यमनी सेना और हूती लड़ाकों के बीच ताइज़ शहर के पश्चिम में स्थित अल-बराह मोर्चे पर भी भारी झड़प हुई है. सीमावर्ती इलाकों में हूती लड़ाकों की बढ़ती गतिविधियों के बीच सेना की इस त्वरित कार्रवाई ने विद्रोहियों के मंसूबों को नाकाम कर दिया है, हालांकि इस भीषण गोलाबारी और जंग के बाद इलाके में स्थिति बेहद तनावपूर्ण बनी हुई है।   होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने के लिए तेहरान की मंजूरी जरूरी, ईरान ने दी सख्त चेतावनी ईरान के सुरक्षा अधिकारी इब्राहिम अजीजी ने साफ कर दिया है कि तेहरान की इजाजत के बिना होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से नहीं खोला जा सकता है. उन्होंने दावा किया कि ईरान की सख्त सैन्य रणनीति के आगे उसके विरोधी 500 मील पीछे हटने पर मजबूर हो गए हैं. अधिकारी के अनुसार, हाल ही में किए गए सैन्य हमलों ने दुनिया के सामने ये साबित कर दिया है कि ईरान अपनी चेतावनियों को अमलीजामा पहनाने और अपनी धमकियों को पूरा करने की पूरी क्षमता रखता है. इस बयान के बाद रणनीतिक रूप से बेहद अहम इस समुद्री मार्ग को लेकर वैश्विक स्तर पर तनाव और ज्यादा गहरा गया है।   दक्षिण लेबनान के अल-मंसूरी गांव पर इसराइली तोपों का जोरदार हमला दक्षिणी लेबनान में एक बार फिर भारी तनाव देखने को मिला है, जहां इसराइली तोपखाने ने अल-मंसूरी शहर को निशाना बनाते हुए भीषण गोलाबारी की है. लेबनान की आधिकारिक नेशनल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, इसराइली सेना ने सीमा पार से अल-मंसूरी इलाके में तोपों से कई गोले दागे हैं. इस अचानक हुए हमले के बाद क्षेत्र में दहशत का माहौल बन गया है और सुरक्षा को लेकर काफी चिंताएं बढ़ गई हैं. सीमावर्ती इलाकों में लगातार हो रही इस तरह की सैन्य कार्रवाइयों से दोनों देशों के बीच पहले से बने संवेदनशील हालात और भी ज्यादा गंभीर रूप ले रहे हैं। 

U-19 क्रिकेट में बड़ा एक्शन: रोहित यादव समेत 65 खिलाड़ियों पर उम्र फर्जीवाड़े को लेकर बैन

नई दिल्ली भारतीय अंडर-19 टीम के खिलाड़ी रोहित यादव को बीसीसीआई ने दो साल के लिए बैन कर दिया है। उन्होंने यह बैन उम्र में फर्जीवाड़ा करने के लिए लगाया गया है। रोहित ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ इसी महीने होने वाली अंडर-19 वनडे और मल्टी-डे मैच की सीरीज के लिए चुने गए थे। उम्र को लेकर यह गड़बड़ी क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल की प्री-सीजन डॉक्यूमेंट जांच के दौरान सामने आई। इसके बाद रोहित को भारत की अंडर-19 टीम से बाहर कर दिया गया है। भारत के लिए तीन अंडर-19 मैच खेल चुके रोहित लेग स्पिनर रोहित यादव ने बंगाल के लिए एज-ग्रुप क्रिकेट में हिस्सा लिया है। कैब के मुताबिक, उनके दस्तावेजों में 27 महीने की उम्र का अंतर पाया गया। इसके बाद बीसीसीआई से जुड़े सभी राज्य क्रिकेट संघों को उनके बैन की जानकारी दे दी गई है। यह बैन तुरंत प्रभाव से लागू हो गया है। रोहित यादव ने श्रीलंका दौरे पर जुलाई में भारत की अंडर-19 टीम के लिए एक यूथ टेस्ट और दो वनडे खेले थे। इसमें उन्होंने 7 विकेट लिए थे। अंडर-19 के विश्व चैंपियन पर भी लगा बैन क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ बंगाल ने 64 अन्य खिलाड़ियों पर भी बैन लगाया है। इनमें अंडर-19 विश्व कप विजेता टीम का हिस्सा रहे रवि कुमार का नाम भी शामिल है। बाएं हाथ के तेज गेंदबाज रवि कुमार ने 2022 अंडर-19 विश्व कप के फाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन किया था। रवि कुमार ने अंडर-19 विश्व कप 6 मैच खेले थे और 10 विकेट लिए थे। वह सबसे ज्यादा विकेट लेने के मामले में भारतीय गेंदबाजों में दूसरे नंबर पर थे। फाइनल में रवि ने इंग्लैंड के खिलाफ 9 ओवर में 34 रन देकर 4 विकेट चटकाए थे। 2022 में ही उन्होंने बंगाल के लिए डेब्यू किया था, लेकिन 2023 के बाद वह कोई मैच नहीं खेल पाए हैं। रवि कुमार के मामले में उम्र का अंतर 40 महीने से ज्यादा बताया जा रहा है। उनकी अंडर-19 क्रिकेट में डेब्यू से लेकर 2025-26 सीजन तक की सभी रिकॉर्डिंग को अमान्य माने जाएंगे।      

हिमांशु ने रचा इतिहास, कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाला जिले का पहला छात्र बना; विजय शर्मा ने दी शुभकामनाएं

रायपुर : कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र हिमांशु को उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने फोन कर दी बधाई एवं शुभकामनाएं सहसपुर लोहारा के हिमांशु देवांगन ने मेडिकल कॉलेज के प्रथम सत्र में लिया प्रवेश, बना गौरव का अवसर 50 सीटों के साथ इसी सत्र से शुरू हुआ कवर्धा मेडिकल कॉलेज रायपुर उप मुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक विजय शर्मा ने कवर्धा मेडिकल कॉलेज में प्रवेश लेने वाले जिले के प्रथम छात्र सहसपुर लोहारा निवासी हिमांशु देवांगन से महानदी भवन नवा रायपुर से फोन पर बातचीत कर उन्हें बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। कवर्धा मेडिकल कॉलेज में इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ चिकित्सा शिक्षा की शुरुआत हो रही है और संयोग से कॉलेज के प्रथम सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र कवर्धा जिले का ही निवासी है। जिले के लिए यह गौरव का विषय है कि कवर्धा में चिकित्सा शिक्षा के नए अध्याय की शुरुआत जिले के ही प्रतिभावान विद्यार्थी के प्रवेश के साथ हुई है। *हिमांशु देवांगन ने नीट की तैयारी के लिए भिलाई में कोचिंग ली*           उप मुख्यमंत्री शर्मा ने छात्र से बातचीत के दौरान उसकी स्कूली शिक्षा, नीट परीक्षा की तैयारी और मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए हुई काउंसलिंग प्रक्रिया के संबंध में विस्तार से जानकारी ली। हिमांशु ने बताया कि उसने कक्षा 12वीं में 83 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं तथा नीट परीक्षा में 512 अंक हासिल किए। नीट की तैयारी के लिए उसने भिलाई में कोचिंग भी ली। बातचीत के दौरान छात्र ने मेडिकल शिक्षा को लेकर अपनी रुचि और आगे की पढ़ाई के संबंध में भी जानकारी साझा की। *मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि*        उप मुख्यमंत्री शर्मा ने हिमांशु का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि मेडिकल कॉलेज में प्रवेश एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब पूरी लगन, मेहनत और अनुशासन के साथ पढ़ाई करते हुए अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में आगे बढ़ें। उन्होंने कहा कि अपनी मेहनत और उपलब्धियों से माता-पिता एवं परिवार के सपनों को पूरा करने के साथ जिले का नाम भी रोशन करें। उप मुख्यमंत्री ने हिमांशु को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि डॉक्टर के रूप में शिक्षा पूरी करने के बाद अच्छे संस्थानों और अस्पतालों में कार्य कर अनुभव प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के साथ अपने क्षेत्र और समाज के प्रति जिम्मेदारी का भाव भी बनाए रखें। अपनी शिक्षा और अनुभव का उपयोग जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए करने का प्रयास करें, ताकि आपकी सफलता का लाभ समाज और स्थानीय लोगों तक भी पहुंच सके। *उप मुख्यमंत्री की विशेष पहल से इसी सत्र में शुरू हो रहा मेडिकल कॉलेज*         उल्लेखनीय है कि उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल से कवर्धा मेडिकल कॉलेज का संचालन इसी शैक्षणिक सत्र से 50 एमबीबीएस सीटों के साथ प्रारंभ हो रहा है। मेडिकल कॉलेज की शुरुआत से कवर्धा जिले और आसपास के क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का नया अवसर उपलब्ध हुआ है। अब विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के लिए अन्य बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी और जिले में ही मेडिकल शिक्षा की सुविधा उपलब्ध होगी। मेडिकल कॉलेज के पहले सत्र में प्रवेश लेने वाला छात्र भी कवर्धा जिले के सहसपुर लोहारा का रहने वाला है। यह जिले के लिए गर्व की बात है कि कवर्धा में मेडिकल कॉलेज की शुरुआत जिले के ही विद्यार्थी के प्रवेश से हुई है।

यूपी की सियासत में आमने-सामने ‘बहुरानियां’, डिंपल यादव के मुकाबले चारू चौधरी ने संभाला मोर्चा

लखनऊ  उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महिलाओं पर सभी दलों का फोकस है. सभी राजनीतिक दल भली भांति समझते हैं कि अगर महिलाएं उनके साथ आ गईं तो चुनाव में जीत दर्ज करना बिलकुल आसान हो जाएगा. क्योंकि महिलाएं जाति और धर्म से ऊपर उठकर वोट करती हैं. खास बात यह है कि वह जिस पार्टी का समर्थन करती हैं तो दिल खोलकर. इसी वजह से बीजेपी, सपा, कांग्रेस, आरएलडी समेत तमाम राजनीतिक दल महिलाओं पर डोरे डालने में जुटी हैं।  समाजवादी पार्टी पर हमेशा से गुंडागर्दी फैलाने के आरोप लगते रहे हैं. इस कहा जाता है कि महिलाएं सपा से दूरी बनाती हैं. इस नैरेटिव को बदलने के लिए सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव इस बार पत्नी डिंपल यादव को प्रमुखता से आगे करते दिख रहे हैं. डिंपल की सक्रियता को लेकर सोशल मीडिया पर काफी बातें हो रही है, लेकिन इसी बीच जयंत चौधरी ने अपनी पत्नी चारू चौधरी को चुनावी मंच पर लेकर आ गए हैं. अब चारू सोशल मीडिया पर छाई हुई हैं. लोग डिंपल और चारू की तुलना भी करने लगे हैं।  मंच पर पहुंचते ही चारू ने अखिलेश यादव को निशाने पर लिया गुरुवार को सहारनपुर में राष्ट्रीय लोकदल (आरएलडी) की रैली में जयंत चौधरी की पत्नी चारू चौधरी भी भाषण देने पहुंचीं. चारू ने लिखा हुआ भाषण पढ़ने के बजाय खुद से पूरे कॉन्फिडेंस के साथ भाषण दीं. उनका भाषण भले ही दो मिनट का रहा, लेकिन उसमें ही उन्होंने ऐसी बातें कहीं जो चर्चा का विषय बन गया है. चारू चौधरी ने बिना नाम लिए अखिलेश यादव को निशाने पर लिया और कहा- ‘किसी को भी यह अधिकार नहीं है कि वो आपका अपमान करें या आपको सिखाएं और समझाएं. इस तरीके की बयानबाजी सिर्फ उनकी मानसिकता दर्शाता है. उनका अहंकार दर्शाता है. सच तो यह है कि यह लोकतंत्र है. सरकार किसकी बन रही है, कौन आ रहा है, जा रहा है, यह फैसला सिर्फ आप करते हैं।  चारू चौधरी का यह बयान अखिलेश यादव के उस तंज का जवाब था जिसमें, उन्होंने जयंत चौधरी का नाम लिए बगैर कहा था कि जिसको ‘चवन्नी से रुपया बनाया’ वो भी उधर भाग गए. जयंत चौधरी की पत्नी पूरे आत्मविश्वास के साथ मंच संभालती दिखीं. उन्होंने अपने छोटे भाषण में ही एनडीए के ज्यादा से ज्यादा प्रत्याशियों को जीत दिलाकर लखनऊ भेजने की अपील की. चारू चौधरी भले ही 2009 से पति जयंत के लिए चुनावी रैलियां और रोडशो करती रही हैं, लेकिन वह एंटरप्रेन्योर भी हैं. वह साउथ दिल्ली में ज्वेलरी और कपड़ों का फैशन ब्रांड शोरूम चलाती हैं. उन्होंने अभी तक कोई चुनाव नहीं लड़ा है और ना ही विधानमंडल या संसद की सदस्य बनी हैं।  डिंपल यादव को आगे कर रहे हैं अखिलेश यादव वहीं समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव 2012 उपचुनाव में पहली बार निर्विरोध कन्नौज से सांसद चुनी गई थीं. 2014 के लोकसभा चुनाव में वह दोबारा कन्नौज से चुनाव जीतीं. 2022 में तीसरी बार मुलायम सिंह यादव के निधन से खाली हुई मैनपुरी सीट पर हुए उपचुनाव में डिंपल यादव सांसद चुनी गईं. 2024 के लोकसभा चुनाव में मैनपुरी से जीत दर्ज कर वह अभी सांसद हैं।  पिछले दिनों जंतर मंतर पर GEN-Z के आंदोलन में अखिलेश यादव की गैरमौजूदरगी में डिंपल यादव छात्रों की अगुवाई करती दिखीं. इसके बाद छात्रों पर हुए लाठीचार्च के बाद डिंपल जिस तरह से घायल छात्रों के साथ खड़ी दिखीं उसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी इस छवि की काफी तारीफ हुई।  पिछले दिनों सपा प्रमुख आगामी यूपी चुनाव को लेकर महिलाओं के लिए बड़ी घोषणाएं करने के लिए मीडिया के सामने आए थे. इस दौरान महिलाओं के लिए घोषणाएं करने की जिम्मेदारी डिंपल यादव को ही दी गई. पत्रकारों के सामने डिंपल यादव ने घोषणा की कि अगर समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो राज्य की महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अखिलेश यादव ने डिंपल को पत्रकारों के सवालों का भी जवाब देने के लिए भी प्रोत्साहित करते दिखे. डिंपल ने भी बेहद मजबूती के साथ पत्रकारों के सवालों का मंजे हुए राजनेता की तरह जवाब दिया।  जहां तक डिंपल की एजुकेशन का सवाल है तो वह लखनऊ यूनिर्सिटी से बी कॉम हैं. वहीं चारू दिल्ली यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएट हैं. इसके अलावा चारू लंदन से ज्वेलरी डिजाइनिंग का कोर्स भी कर चुकी हैं. जहां चारू भी पंजाबी फैमिली से होने के बावजूद जाट परिवार की बहू बनी हैं, वहीं डिंपल यादव राजपूत परिवार से होते हुए भी यादव परिवार की दुल्हन हैं. दोनों ने ही नारी सशक्तिकरण का परिचय देते हुए अपनी मर्जी से शादियां की हैं. 2027 के विधानसभा चुनाव में देखना दिलचस्प होगा कि दोनों देवियां किस रूप में अपने-अपने दल और गठबंधन के लिए वोट जुटा पाती हैं। 

बालकनी में लगाएं ये 3 शुभ पौधे, वास्तु के अनुसार घर में बनी रहेगी सकारात्मकता

घर की बालकनी ऐसी जगह होती है, जहां सुबह की धूप और ताजी हवा का आनंद लिया जा सकता है. यही वजह है कि बहुत से लोग बालकनी को हरे-भरे पौधों से सजाना पसंद करते हैं. लेकिन अगर आप वास्तु में विश्वास रखते हैं, तो पौधे लगाते समय उनकी दिशा और जगह का ध्यान रखना भी जरूरी माना जाता है l वास्तु शास्त्री बाबा बिमलेश के अनुसार, बालकनी में सही दिशा और सही पौधे रखने से घर का माहौल सकारात्मक बनाए रखने में मदद मिल सकती है. वास्तु के अनुसार कुछ पौधों को घर में सकारात्मक माहौल से जोड़कर देखा जाता है. आइए जानते हैं बालकनी में कौन से पौधे (Balcony Vastu Plants) लगाए जा सकते हैं l तुलसी का पौधा है शुभ बालकनी में तुलसी का पौधा लगाना काफी अच्छा माना जाता है. वास्तु में इसे सकारात्मकता और शुद्धता से जोड़कर देखा जाता है. अगर आपकी बालकनी में सुबह की धूप आती है, तो यहां तुलसी का पौधा रखा जा सकता है. तुलसी को नियमित रूप से पानी और पर्याप्त रोशनी मिलती रहे, इसका भी ध्यान रखें l मनी प्लांट (Balcony Vastu Plants) मनी प्लांट घर की सजावट के लिए काफी पसंद किया जाता है. वास्तु मान्यताओं में इसे धन और समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. इसकी बेल बालकनी को हरा-भरा और खूबसूरत बना सकती है. इसे ऐसी जगह रखें जहां पौधे को रोशनी मिल सके, लेकिन तेज धूप से पत्तियां खराब न हों l शमी का पौधा वास्तु मान्यताओं में शमी के पौधे को काफी शुभ माना जाता है. इसे घर में सकारात्मकता और सुख-समृद्धि से जोड़कर देखा जाता है. अगर बालकनी में पर्याप्त धूप आती है, तो यहां शमी का पौधा (Balcony Vastu Plants) लगाया जा सकता है. मान्यता है कि शमी का पौधा घर के लिए शुभ ऊर्जा बनाए रखने में मदद करता हैl  

जौहर टिप्पणी पर स्वरा भास्कर को मैथिली ठाकुर की खरी-खरी, कहा- समझ नहीं है तो नहीं बोलना चाहिए

मुंबई  बॉलीवुड एक्ट्रेस स्वरा भास्कर फिर से विवादों में हैं. फिल्म पद्मावत के जौहर सीन के खिलाफ बोलकर वो ट्रोल हो रही हैं. अपने बयान में स्वरा ने जौहर करने वाली महिलाओं की तुलना रेप सर्वाइवर से की थी. उनके इस बयान ने बवाल खड़ा किया है. मामला इस हद तक बढ़ गया है कि स्वरा को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं।  मैथिली ठाकुर ने किया रिएक्ट इस पूरी कंट्रोवर्सी पर अब बीजेपी की विधायक मैथिली ठाकुर ने रिएक्ट किया है. मीडिया से बात करते हुए उन्होंने स्वरा भास्कर के बयान की निंदा की. वो कहती हैं- ये बहुत ही भद्दी बात थी. उन्होंने जिस कॉन्फिडेंस के साथ जितनी उल्टी बात कही है. बहुत ही बेकार बात कही है. मुझे तो लगता है अगर उन्हें इन सभी चीजों की समझ नहीं है तो बोलना भी नहीं चाहिए. या तो पहले पूरी पढ़ाई कर लें, उसके बाद बोलें।  स्वरा ने क्या कहा था? एक्ट्रेस ने एक इवेंट में बताया कि फिल्म पद्मावत के जौहर सीन को देखने के बाद उन्हें बहुत निराशा हुई थी. उन्होंने फिल्ममेकर संजय लीला भंसाली को ओपन लेटर लिखा था. स्वरा के मुताबिक, फिल्म में जौहर को जिस तरह से दिखाया गया था वो परेशान करने वाला था. काफी दिनों तक वो हैरान थीं. उनके मन में ख्याल आने लगे कि क्या महिलाओं का रेप और उत्पीड़न की हिंसा से बचने के लिए मर जाना सम्मानजनक है. क्या किसी रेप सर्वाइवर को जीने का हक नहीं है? क्या रेप के बाद जिदंगी को खत्म करना ही सही है? स्वरा को मिला पति का सपोर्ट स्वरा के इस बयान ने इंटरनेट पर कोहराम मचाया. बाद में स्वरा ने सफाई भी दी. उन्होंने कहा कि उनके बयान को गलत ट्रांसलेट किया गया है. उन्होंने कभी भी रानी पद्मावती को कायर नहीं कहा. ना ही उनका अपमान किया है. स्वरा के पति फहाद ने पत्नी को सपोर्ट किया. फहाद ने X पर पोस्ट लिखकर चैलेंज करते हुए लिखा- मुझे एक व्यक्ति ये साबित कर दे कि स्वरा भास्कर ने रानी पद्मावती को कायर कहा है. हम सिर्फ माफी नहीं, बल्कि भारत का कानून जो सजा देगा, उसके लिए तैयार हैं. सरकार के तलवे चाटने वाले झूठ को सच बनाकर पेश करते हैं. हमारी लड़ाई तुम्हारे झूठ और नफरत की विचारधारा से है और हमेशा रहेगी।  इंडस्ट्री के दूसरे लोगों ने भी स्वरा के बयान की आलोचना की थी. वहीं फिल्म पद्मावत के लेखक प्रकाश कपाड़िया ने जौहर सीन का बचाव किया. उन्होंने कहा कि ये सीन उस दौर की ऐतिहासिक वास्तविकता को दिखाने के लिए जरूरी था।