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‘पिता-चच्चू ने साइकिल चलाई, बेटवा तिलचट्टों के भरोसे सरकार बनाएगा’… अखिलेश पर राजभर का वार

‘लाल वाले खुद तिलचट्टों से मदद मांग रहे हैं’… ओपी राजभर का अखिलेश पर तीखा तंज ‘पिता-चच्चू ने साइकिल चलाई, बेटवा तिलचट्टों के भरोसे सरकार बनाएगा’… अखिलेश पर राजभर का वार ‘एसी में बैठकर तिलचट्टों के भरोसे सरकार बनाएंगे?’… राजभर ने अखिलेश को घेरा ‘लाल’ का स्प्रे तिलचट्टे भगाता है, यहां ‘लाल’ वाले ही मदद मांग रहे… अखिलेश पर राजभर का तंज ‘सैफई सिंडिकेट के बच्चे विदेश में, गांव के युवा किसके भरोसे?’… अखिलेश पर राजभर का तीखा वार लखनऊ  उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने एक बार फिर समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बेहद तीखा और व्यंग्यात्मक हमला बोला है। अपने सोशल मीडिया पोस्ट में शुक्रवार को राजभर ने अखिलेश यादव को सीधे संबोधित करते हुए उनकी राजनीति, समाजवादी पार्टी की मौजूदा रणनीति और उनके राजनीतिक सहारों पर सवाल उठाए। पोस्ट में राजभर ने ‘अभिजीत नक्षत्र’, ‘तिलचट्टे’, ‘लाल वाला स्प्रे’, ‘कंसवादी लोडर’, ‘रील बाज’ और ‘चांदी के चम्मच’ जैसे शब्दों के जरिए अखिलेश पर जमकर निशाना साधा। ‘अभिजीत नक्षत्र में दीपक जलाने चले, घर में तिलचट्टे आने लगे’ राजभर ने अपने पोस्ट की शुरुआत ही अखिलेश यादव पर तंज से की। उन्होंने लिखा, “का हो अखिलेश यादव जी, सुने हैं कि आप अभिजीत नक्षत्र में दीपक जलाने की कोशिश कर रहे हैं। इसी बीच आपके घर में ‘तिलचट्टे’ आने लगे, वो भी मुंह बांध के।” इसके बाद राजभर ने ‘लाल’ और ‘तिलचट्टों’ को लेकर व्यंग्य को और धार दी। उन्होंने लिखा कि टीवी में तो दिखाया जाता है कि ‘लाल’ वाला स्प्रे तिलचट्टों को खत्म करने के लिए होता है, लेकिन यहां तो ‘लाल’ वाले खुद ही तिलचट्टों से मदद मांग रहे हैं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा, 'बताइए भला, अपने कंसवादी लोडरों पर इतना भी भरोसा नहीं है कि जो अब ‘तिलचट्टों’ का साथ ले रहे हैं?' दरअसल, राजभर का ये हमला ऐसे समय में आया है जब काकॉकरोच जनता पार्टी के आशुतोष रांका ने गुरुवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से बंद कमरे में करीब डेढ़ मुलाकात की थी। ‘आपके पिता और चच्चू ने इतनी मेहनत यही दिन देखने के लिए की?’ राजभर ने इसके बाद अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव और उनके चच्चू शिवपाल यादव का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों ने गांव-गांव साइकिल का पैडल मार-मारकर समाजवादी पार्टी खड़ी की। उन्होंने सवालिया और व्यंग्यात्मक अंदाज में लिखा, “आपके पिता और चच्चू एतना मेहनत किये! गांव-गांव साइकिल क पैडल मार-मार के समाजवादी पार्टी चलाए, यही दिन देखने के लिए?” राजभर ने आगे तंज कसते हुए कहा कि क्या मुलायम और शिवपाल ने इतनी मेहनत इसलिए की थी कि अब उनका बेटा एसी में बैठकर ‘तिलचट्टन’ के भरोसे सरकार बनाएगा। राजभर ने अखिलेश यादव की मौजूदा राजनीतिक शैली को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने लिखा, 'अब पता चल गया कि आप भी रील बाज तिलचट्टन के बल पर राजनीति करने वाले हैं।' ‘चांदी के चम्मच वाले हैं, सत्ता का खेल पुरानी आदत है’ ओपी राजभर ने अपने पोस्ट में अखिलेश यादव की पृष्ठभूमि को लेकर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने लिखा, 'आप चांदी के चम्मच वाले हैं, विदेशी ताकत और अकूत पैसे के बल पर सत्ता का खेल आपकी पुरानी आदत है।' इसके साथ ही उन्होंने ‘सैफई सिंडिकेट’ का जिक्र करते हुए कहा कि उसके बच्चे विदेश में पढ़ते हैं और लंदन-पेरिस घूमते हैं। लेकिन इसके बाद राजभर ने अपने पोस्ट को गांव-देहात के युवाओं की चिंता से जोड़ दिया। राजभर ने अखिलेश यादव से अपील करते हुए लिखा कि गांव-देहात के यादव और गरीब जोलहा-पसमांदा मुस्लिम युवाओं को ऐसी आग में न झोंका जाए, जिससे उनका और उनके परिवार का भविष्य तबाह हो जाए। उन्होंने कहा कि सत्ता की राजनीति करने वालों और गांव-देहात के उन युवाओं के बीच फर्क को समझना जरूरी है, जिनके भविष्य और परिवार सीधे किसी भी राजनीतिक संघर्ष का असर झेल सकते हैं।

छोटे शहरों को मिलेगी हवाई कनेक्टिविटी, FLY91 ने दिए 40 ATR विमानों के ऑर्डर; फ्लीट 60 पार करने का प्लान

 नई दिल्ली भारत की नई नवेली रीजनल एयरलाइन FLY91 ने करीब $1 बिलियन (₹9,500 करोड़) में 40 नए ATR 72-600 टर्बोप्रॉप विमानों का ऑर्डर दिया है. कंपनी के मुताबिक, यह किसी रीजनल कैरियर की ओर से ATR विमानों का अब तक का सबसे बड़ा ऑर्डर है. एयरलाइन के लिए इसे विस्तार की दिशा में बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है. ATR फ्रेंच-इटैलियन एयरोस्पेस कंपनियों Airbus और Leonardo का जॉइंट वेंचर है, जो रीजनल टर्बोप्रॉप एयरक्राफ्ट बनाता है।  FLY91 को उड़ान शुरू किए दो साल से ज्यादा समय हो चुका है. फिलहाल कंपनी के बेड़े में 6 ATR 72-600 विमान हैं और वह हर हफ्ते 280 से ज्यादा उड़ानें संचालित करती है. नए विमानों के साथ एयरलाइन अपने नेटवर्क और फ्लीट को बड़े स्तर पर विस्तार देने की तैयारी में है. कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में 60 से ज्यादा विमानों का बेड़ा तैयार करना है।  2027 के आखिर से शुरू होगी डिलीवरी FLY91 के फाउंडर, मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO मनोज चाको ने बताया कि नए विमानों की डिलीवरी 2027 के आखिर से शुरू होने की उम्मीद है. सभी 40 विमानों की डिलीवरी 2032 तक पूरी करने का लक्ष्य है. कंपनी का कहना है कि नए विमानों के जरिए उसे देश में अपना रीजनल नेटवर्क बढ़ाने का स्केल मिलेगा. इससे उन शहरों को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने में मदद मिलेगी, जहां अभी हवाई सेवाएं या तो उपलब्ध नहीं हैं या सीमित हैं. FLY91 के चेयरमैन हर्ष राघवन के मुताबिक, 40 विमानों का यह एयरलाइन के लिए एक अहम माइलस्टोन है।  ₹250 करोड़ जुटाने की तैयारी में FLY91 विमानों के बेड़े को बढ़ाने के साथ FLY91 पूंजी जुटाने की प्रक्रिया में भी है. एयरलाइन के सीईओ मनोज चाको के मुताबिक, कंपनी करीब ₹250 करोड़ जुटाने की तैयारी कर रही है. इसमें से 25% फंडिंग पहले ही पूरी हो चुकी है. कंपनी के विस्तार प्लान में नए विमान, ज्यादा रूट और मौजूदा नेटवर्क को मजबूत करना शामिल है. ऐसे में आने वाले समय में एयरलाइन की फंडिंग और फ्लीट विस्तार दोनों पर नजर रहेगी।  साइनिंग सेरेमनी में मंत्री नायडू थे मौजूद राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आयोजित ऑर्डर साइनिंग सेरेमनी में यूनियन सिविल एविएशन मिनिस्टर के. राममोहन नायडू भी मौजूद रहे. कार्यक्रम में ATR की CEO नताली टार्नौड लॉडे और चीफ कमर्शियल ऑफिसर एलेक्सिस विडाल, FLY91 के चेयरमैन हर्ष राघवन और सीईओ मनोज चाको शामिल हुए।  समारोह के दौरान केंद्रीय मंत्री के. राममोहन नायडू ने कहा कि भारत अपने एविएशन नेटवर्क को तेजी से विस्तार दे रहा है और देश में विमानों के निर्माण की दिशा में भी प्रयास जारी हैं. उन्होंने ATR से भारत में एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी स्थापित करने की संभावनाओं पर विचार करने को कहा और सरकार की ओर से सहयोग का भरोसा दिया. नायडू ने भारत को दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते सिविल एविएशन मार्केट में से एक बताया. उन्होंने कहा कि सरकार अगले 10 वर्षों में देश में 100 नए एयरपोर्ट विकसित करने का लक्ष्य लेकर चल रही है। 

भोपाल के 62 हजार व्यापारियों को मिल सकती है राहत, कैलाश विजयवर्गीय बोले- नुकसान नहीं होने देंगे

भोपाल   भोपाल में रहवासी इलाकों में व्यवसायिक गतिविधियों के मामले में बड़ा अपडेट सामने आया है। शुक्रवार को नगर निगम की कार्रवाई अभी तक थमी है जिससे व्यापारियों को खासी राहत मिली है। नगरीय प्रशासन विभाग और भोपाल नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी दिल्ली में डेरा डालकर मामले का हल निकालने में जुटे हुए हैं। इस बीच विभागीय मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी व्यापारियों के पक्ष में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने सीलिंग की कार्रवाई से व्यापारियों की परेशानी की बात स्वीकार की। जल्द ही इसका हल निकालने का भी भरोसा दिलाया। भोपाल की 62 हजार से ज्यादा दुकानों पर सीलिंग की तलवार लटकी है। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट में अगली सुनवाई 15 सितंबर को है। इधर व्यापारी नगर निगम की कार्रवाई के विरोध में लामबंद होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। व्यापारियों के गुस्से का असर भी स्पष्ट नजर आ रहा व्यापारियों के गुस्से का असर भी स्पष्ट नजर आ रहा है। 2 सितंबर को जहां सिर्फ 20 दुकानें सील की गईं वहीं 3 सितंबर को यह कार्रवाई भी बंद कर दी गई। शुक्रवार को भी सुबह से लेकर अभी तक एक भी दुकान सील नहीं की गई है। प्रदेश सरकार का रुख व्यापारियों के पक्ष में है। इसके लिए नगरीय प्रशासन विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने गुरुवार को दिल्ली पहुंचे। भोपाल निगम आयुक्त संस्कृति जैन भी उनके साथ थीं। दोनों अधिकारियों ने सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता से मुलाकात कर उन्हें सीलिंग अभियान की जानकारी देते हुए सरकार और निगम का पक्ष रखा। सूत्रों के अनुसार नगरीय आवास एवं प्रशासन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी दुकानों पर सीलिंग के लिए मोहलत मांगने की बात कह रहे हैं। कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान नगरीय प्रशासन विभाग के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी व्यापारियों के समर्थन में बड़ा बयान दिया है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि ऐसा रास्ता निकालने के प्रयास किए जा रहे हैं जिससे व्यापारियों का नुकसान न हो। कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल के मास्टर प्लान पर भी जल्द निर्णय लेने की बात कही है। व्यापारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही बता दें कि रिहायशी क्षेत्र में कमर्शियल एक्टिविटी से रहवासी खफा हैं। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद भोपाल नगर निगम दुकानों और प्रतिष्ठानों को सील कर रहा है। इससे व्यापारियों की नाराजगी बढ़ती जा रही है। कारोबारियों के उग्र प्रदर्शनों के बाद नगरीय प्रशासन विभाग ने सीलिंग से बचाने का रास्ता ढूंढऩा शुरू किया है।

भोपाल सीलिंग विवाद पर CM यादव का बड़ा बयान, व्यापारियों-रहवासियों के हित में निकालेंगे बेहतर समाधान

भोपाल भोपाल में व्यापारियों और रहवासियों की लंबे समय से चली आ रही परेशानियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि सरकार इस मामले को गंभीरता से ले रही है। सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में सरकार अपनी बात मजबूती से रखेगी और कोर्ट के निर्देश के अनुसार आगे का रास्ता निकाला जाएगा। शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि भोपाल से जुड़े सभी मुद्दों को सुप्रीम कोर्ट के सामने रखा जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि व्यापारियों और स्थानीय लोगों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस पुराने विवाद का ऐसा समाधान निकले, जिससे सभी पक्षों को राहत मिल सके। उन्होंने कहा कि कोर्ट के मार्गदर्शन के आधार पर सरकार आगे की कार्रवाई करेगी।  व्यापारियों और रहवासियों के हित पर जोर इस पूरे विवाद में व्यापारियों के साथ स्थानीय निवासियों की चिंताएं भी महत्वपूर्ण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी एक पक्ष को ध्यान में रखकर फैसला नहीं लिया जाएगा। व्यापारियों, रहवासियों और प्रशासन की जरूरतों को साथ रखकर समाधान तलाशा जाएगा। सरकार का मानना है कि कई वर्षों से चले आ रहे इस मामले को जल्दबाजी में देखने के बजाय उसकी पूरी स्थिति समझना जरूरी है। इसी वजह से कानूनी, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर ध्यान दिया जा रहा है। वर्षों पुराने विवाद का हल तलाशने की कोशिश भोपाल में मास्टर प्लान और सीलिंग का मुद्दा नया नहीं है। लंबे समय से इससे जुड़े सवालों के कारण कई लोग समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं। मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा रास्ता खोजने की कोशिश करेगी, जिससे आने वाले समय में इस तरह की परेशानी कम हो सके। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के सामने सरकार अपना पक्ष मजबूती से रखेगी। अदालत के निर्देश मिलने के बाद उसी के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी। सरकार चाहती है कि मामले का ऐसा हल निकले, जो जमीन पर भी कारगर साबित हो। जानापाव को बड़े तीर्थस्थल के रूप में विकसित करेंगे श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि वे जानापाव जा रहे हैं। मान्यता है कि यहीं महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। इस धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए सरकार जानापाव को प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक स्थलों के विकास से पर्यटन को बढ़ावा मिला है। उज्जैन में श्री महाकाल लोक बनने के बाद यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या में बड़ा इजाफा हुआ है। वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक आते थे, जबकि अब यह संख्या करोड़ों तक पहुंच गई है। सरकार अब इसी तर्ज पर प्रदेश के दूसरे प्रमुख धार्मिक स्थलों को भी विकसित कर रही है। इसका मकसद केवल श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि इन क्षेत्रों में पर्यटन से जुड़े रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा करना भी है। तीर्थस्थल के रूप में विकसित होगा जानापाव मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को शुभकामनाएं भी दीं। उन्होंने कहा कि आज का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। साथ ही, इसी दिन कुशाभाऊ ठाकरे की जयंती भी है। मुख्यमंत्री ने बताया कि वे जन्माष्टमी के अवसर पर जानापाव जा रहे हैं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, यहीं महर्षि परशुराम ने भगवान श्रीकृष्ण को सुदर्शन चक्र प्रदान किया था। जानापाव के इसी धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे प्रमुख तीर्थस्थल के रूप में विकसित करने की योजना है। सरकार का फोकस जानापाव को धार्मिक पर्यटन के लिहाज से विकसित करने पर है, ताकि इस महत्वपूर्ण स्थल को प्रदेश के प्रमुख तीर्थ केंद्रों में पहचान मिल सके। देवस्थलों के विकास पर सरकार का फोकस मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में देवस्थलों के विकास का सीधा असर धार्मिक पर्यटन पर दिखाई दे रहा है। श्री महाकाल लोक के निर्माण के बाद उज्जैन के साथ-साथ मध्यप्रदेश के दूसरे धार्मिक स्थलों को लेकर भी लोगों की रुचि बढ़ी है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 तक उज्जैन में करीब 60 से 70 लाख श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते थे। अब यह संख्या बढ़कर करोड़ों में पहुंच गई है। सरकार इसी अनुभव को प्रदेश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों के विकास से जोड़कर आगे बढ़ रही है। धार्मिक स्थलों से बढ़ेंगे रोजगार के अवसर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश के प्रमुख देवस्थलों को विकसित करने का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक सुविधाओं तक सीमित नहीं है। सरकार चाहती है कि इन क्षेत्रों में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की संख्या बढ़े, जिससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा हों। धार्मिक पर्यटन बढ़ने से होटल, परिवहन, स्थानीय बाजार, हस्तशिल्प और अन्य छोटे कारोबारों को भी फायदा मिल सकता है। सरकार का प्रयास है कि धार्मिक स्थलों के विकास के साथ इन क्षेत्रों का समग्र विकास भी हो और स्थानीय लोगों को इसका सीधा लाभ मिले।   

ख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “माटी गणेश – सिद्ध गणेश” अभियान का शुभारंभ किया

भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद एवं नर्मदा समग्र के संयुक्त तत्वावधान में *"माटी गणेश – सिद्ध गणेश"* अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा अभियान की संकल्पना पर केंद्रित पोस्टर का विमोचन भी किया गया। परिषद द्वारा पर्यावरण संरक्षण की दिशा में नवाचारी पहल करते हुए यह अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत पर्यावरण हितैषी संस्था नर्मदा समग्र द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से प्रदेश के समस्त 313 विकासखंडों में परिषद के नेटवर्क से जुड़ी नवांकुर सखियों प्रसफुटन समितियों, विद्यालय, महाविद्यालय के विद्यार्थियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। प्रशिक्षित सखियों द्वारा पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से अपने-अपने ग्रामों में स्थानीय महिलाओं को प्रेरित एवं प्रशिक्षित कर मिट्टी से निर्मित 10 लाख गणेश प्रतिमाओं की घर-घर स्थापना कराई जाएगी। अभियान का लक्ष्य 10 लाख मिट्टी के गणेश जी की प्रतिमाओं का निर्माण कर 25 लाख लोगों की सहभागिता सुनिश्चित करना है।  

Wall Street Journal में मोहन भागवत का विज्ञापन छाया, हिंदू अमेरिकी नेताओं ने कहा- बढ़ा गौरव

वॉशिंगटन   हिंदू-अमेरिकी नेताओं ने  'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत वाले एक पूरे पेज के पेड विज्ञापन का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि एकता और विविधता के प्रति सम्मान का संदेश देने वाले इस विज्ञापन ने समुदाय को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराया। यह पेड विज्ञापन अखबार के 3 सितंबर के अंक के पेज ए5 पर छपा था। इसमें भागवत की एक तस्वीर और 29 अगस्त को न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' में उनके भाषण का एक संदेश शामिल था। विज्ञापन में भागवत के हवाले से कहा गया, "हमें अपनी एकता और विविधता का जश्न मनाना चाहिए, उसका सम्मान करना चाहिए और उसे स्वीकार करना चाहिए। भारत की सभ्यतागत सोच 'वसुधैव कुटुंबकम' पर आधारित है, यानी पूरी दुनिया एक परिवार है। भारत इस विविधता का जीता-जागता उदाहरण है।" विज्ञापन में भागवत को भारत में 'दुनिया के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन', राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रमुख के तौर पर बताया गया है। इसमें बताया गया कि न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए 'यूनिवर्सल वननेस' इवेंट में अमेरिका के 39 राज्यों के 853 शहरों से 250 संगठनों के 5,000 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। पेज पर छपी जानकारी के अनुसार, इस विज्ञापन का खर्च 'आरएसएस फ्रेंड्स' ने उठाया था। जाने-माने कम्युनिटी लीडर और बिजनेसमैन रमेश भूताडा ने कहा कि यह विज्ञापन हिंदू अमेरिकियों के लिए गर्व की बात है। भूताडा ने कहा, "वॉल स्ट्रीट जर्नल में पूरे पेज का विज्ञापन देखकर मुझे बहुत खुशी हुई। यह हिंदू धर्म की असली भावना को दिखाता है और सभी हिंदू अमेरिकियों को अपनी विरासत पर गर्व महसूस कराता है।" एएचईएडी फोरम के डायरेक्टर सुदेश अग्रवाल ने कहा, "अमेरिका में हिंदू समुदाय ने साफ तौर पर यह दिखाया है कि वे इंसानियत की सामूहिक तरक्की के लिए दूसरे सभी समुदायों के साथ बातचीत और सहयोग करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह बहुत जरूरी है कि हम इस प्रतिबद्धता को असल कामों में बदलें। हम पूरी लगन के साथ ऐसा करेंगे।" उन्होंने कहा, "हम 'वॉल स्ट्रीट जर्नल' का दिल से शुक्रिया अदा करते हैं कि उन्होंने इस संदेश को जनता तक पहुंचाने के लिए इतना प्रतिष्ठित मंच दिया।" इस विज्ञापन में भागवत की बातों को 'सबकी एकता' (यूनिवर्सल वननेस) के व्यापक विचार से जोड़ा गया था। इसका मुख्य संदेश विविधता का सम्मान करना और भारतीय सभ्यता के 'वसुधैव कुटुंबकम्' के विचार पर ज़ोर देना था। संस्कृत के इस वाक्यांश का आम तौर पर अर्थ होता है, "पूरी दुनिया एक परिवार है।" भागवत राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक यानी प्रमुख हैं। यह एक हिंदू स्वयंसेवी संगठन है, जिसकी स्थापना 1925 में नागपुर में हुई थी। संगठन 2025 में अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर रहा है और भारत में इसकी स्थानीय शाखाओं और इससे जुड़े संगठनों का एक बड़ा नेटवर्क है। 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में हुए कार्यक्रम में पूरे अमेरिका से हिंदू-अमेरिकी और सामुदायिक संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। यह कार्यक्रम सबकी एकता, सामुदायिक सहयोग और अलग-अलग तरह के समाजों के बीच सद्भाव को बढ़ावा देने में भारतीय सभ्यता के मूल्यों की भूमिका पर केंद्रित था।

हरियाणा में बनेगी देश की हाईटेक ‘नमो सिटी’, इलेक्ट्रिक वाहन और स्मार्ट सुविधाओं से होगी लैस

चंडीगढ़  हरियाणा के 39 शहरों में यातायात व्यवस्था को सुधारने और ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए ट्रांसपोर्ट नगर बनाए जाएंगे। इसके अलावा कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेस-वे के किनारे नमो सिटी बसाई जाएगी। इसके लिए जगह तय होनी बाकी है। ट्रांसपोर्ट नगर के लिए आठ हजार एकड़ और नमो सिटी के लिए नौ हजार एकड़ जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसी तरह आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं के लिए 27 शहरों में 47 हजार एकड़ जमीन खरीदी जाएगी। प्रदेश सरकार ने विभिन्न परियोजनाओं के लिए 71 शहरों में एक लाख 67 हजार एकड़ जमीन खरीदने की योजना बनाई है, जिसके चौथे चरण में किसानों से 64 हजार एकड़ जमीन मांगी गई है। सरकार को जमीन बेचने के इच्छुक किसान ई-भूमि पोर्टल पर 31 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं। इनमें सबसे महत्वाकांक्षी परियोजना नमो सिटी की है एनसीआर रीजनल प्लान-2041 के तहत इस मेगा स्मार्ट सिटी परियोजना का उद्देश्य भविष्य की जरूरतों के मुताबिक एक आधुनिक, प्रदूषण-मुक्त और तकनीक आधारित शहर बसाना है। यह शहर पूरी तरह ‘ग्रीन और स्मार्ट’ होगा। इसके बड़े हिस्से में हरियाली (ग्रीन बेल्ट) विकसित की जाएगी। प्रदूषण रोकने के लिए केवल इलेक्ट्रिक वाहन और साइकिलों को अनुमति दी जाएगी। शहर को ‘ग्लोबल मिनीफाइड स्मार्ट सिटी’ की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। यहां 24 घंटे बिजली-पानी, भूमिगत यूटिलिटी लाइन, स्मार्ट कचरा प्रबंधन जैसी सुविधाएं होंगी। घरों के पास ही दफ्तर और व्यावसायिक केंद्र होंगे, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा। 24 घंटे बिजली-पानी और स्मार्ट नागरिक सुविधाओं के साथ भूमिगत यूटिलिटी नेटवर्क और आधुनिक कचरा प्रबंधन व्यवस्था होगी। घर, दफ्तर और व्यावसायिक केंद्र पास-पास होंगे, जिससे ट्रैफिक और प्रदूषण कम होगा। जमीन का मोल-भाव कर सकेंगे किसान प्रदेश सरकार की योजना है कि हरियाणा को उत्तर भारत के औद्योगिक विनिर्माण आधार, लाजिस्टिक्स हब और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के लिए सेटेलाइट शहरीकरण क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए, जिसके लिए काफी जमीन की जरूरत है। भूमि अधिग्रहण के विवाद खत्म करने के लिए सरकार नई पॉलिसी लागू कर चुकी है, जिसके तहत जबरन जमीन नहीं लेकर किसानों की मर्जी से उनकी मुंहमांगी कीमत पर खरीदी जाएगी। अगर प्रदेश सरकार को जमीन और भू-स्वामी द्वारा पेशकश किए गए रेट पसंद आएंगे तो इसे खरीद लिया जाएगा। विभिन्न मामलों में जमीन का मोलभाव करना भी संभव हो सकेगा। हरियाणा भूमि खरीद विवरण फरीदाबाद और झज्जर में खरीदी जाएगी सबसे ज्यादा जमीन शहर     कुल गांव             जमीन  (एकड़ में) रेवाड़ी     18               1946.45 धारुहेड़ा     5                 286.61 नारनौल     9              2621.80 बावल     12                     1981.00 पंचकूला (एक्सटेंशन-2)     7     800.23 असंध     1     391.67 इंद्री     6     261.89 नीलोखेड़ी-तरावड़ी     9     830.43 शाहाबाद     8     1473.10 यमुनानगर-जगाधरी     57     4712.02 तावड़ू     2     238.38 फरीदाबाद     51     11895.728 फिरोजपुर झिरका     2     213.57 हथीन     4     892.51 अग्रोहा     2     226.30 नारनौंद     3     266.83 उकलाना     7     802.30 भूना     1     299.05 रतिया     5     1750.00 तलवंडी राणा एवं बहबलपुर     2     295.82 उचाना     2     1412.58 सफीदों     2     614.80 रोहतक     21     6122.71 सांपला     9     6767.17 कलानौर     2     394.87 इसराना     1     60.00 झज्जर     16     10982.30 खरखौदा     6     2395.18 गुरुग्राम     8     1314.99 पिंजौर-कालका     4     73.18 कोट-बेहला     1     74.68 रायपुर रानी     1     7.40 अंबाला     3     111.28 साहा     1     44.00 घरौंडा     1     16.80 पिहोवा     1     120.00 सोनीपत     9     772.51 गन्नौर     4     184.07 गोहाना     1     26.00 समालखा     2     16.00 मतलौडा     1     32.00 बेरी     2     24.41 बहादुरगढ़     4     376.183 बादसा     2     51.89 बरवाला     1     23.46 फतेहाबाद     4     281.36 नरवाना     2     33.06 जुलाना     4     22.01 रेवाड़ी     18     1946.45 धारुहेड़ा     5     286.61 नारनौल     9     2621.80 बावल     12     1981.00 पंचकूला (एक्सटेंशन-2)     7     800.23 असंध     1     391.67 इंद्री     6     261.89 नीलोखेड़ी-तरावड़ी     9     830.43 शाहाबाद     8     1473.10 यमुनानगर-जगाधरी     57     4712.02 तावड़ू     2     238.38 फरीदाबाद     51     11895.728 फिरोजपुर झिरका     2     213.57 हथीन     4     892.51 अग्रोहा     2     226.30 नारनौंद     3     266.83 उकलाना     7     802.30 भूना     1     299.05 रतिया     5     1750.00 तलवंडी राणा एवं बहबलपुर     2     295.82 उचाना     2     1412.58 सफीदों     2     614.80 रोहतक     21     6122.71 सांपला     9     6767.17 कलानौर     2     394.87 इसराना     1     60.00 झज्जर     16     10982.30 खरखौदा     6     2395.18 गुरुग्राम     8     1314.99 पिंजौर-कालका     4     73.18 कोट-बेहला     1     74.68 रायपुर रानी     1     7.40 अंबाला     3     111.28 साहा     1     44.00 घरौंडा     1     16.80 पिहोवा     1     120.00 सोनीपत     9     772.51 गन्नौर     4     184.07 गोहाना     1     26.00 समालखा     2     16.00 मतलौडा     1     32.00 बेरी     2     24.41 बहादुरगढ़     4     376.183 बादसा     2     51.89 बरवाला     1     23.46 फतेहाबाद     4     281.36 नरवाना     2     33.06 जुलाना     4     22.01

सांवरिया सेठ मंदिर के भंडार में मिली 60 देशों की विदेशी मुद्रा, भारतीय रुपए में करीब 59 लाख कीमत

भीलवाड़ा  श्रीसांवरिया सेठ मंदिर में देश के साथ विदेशों से भी विदेशी मुद्रा पहुंच रही है। आठ महीनों में मंदिर के भंडार में 60 देशों की मुद्राएं मिली हैं। इनमें अमरीका, यूएई, कुवैत, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा सहित एशिया, यूरोप और अफ्रीका के देशों की करेंसी शामिल है। विदेशी मुद्रा में इस वर्ष अब तक सबसे ज्यादा 45,351 अमरीकी डॉलर मिले हैं। इसके बाद 21,485 यूएई दिरहम, 1,310.25 कुवैती दिनार, 1,367 ऑस्ट्रेलियाई डॉलर और 1,630 कनाडाई डॉलर प्राप्त हुए हैं। मंदिर के भंडार में प्राप्त विभिन्न देशों की मुद्राओं को अमरीकी डॉलर में परिवर्तित करने पर इनका कुल मूल्य 62,800 अमरीकी डॉलर आंका गया है। प्रचलित विनिमय दर के आधार पर यह राशि भारतीय मुद्रा में करीब 59 लाख रुपए है। प्रमुख विदेशी मुद्रा देश                    मुद्रा अमरीका       45,351 डॉलर यूएई            21,485 दिरहम कुवैत           1,310.25 दिनार ऑस्ट्रेलिया    1,367 डॉलर कनाडा          1,630 डॉलर अप्रेल में डॉलर, अगस्त में दिरहम 16 अप्रेल की गणना में एक बार में 21,127 अमरीकी डॉलर मिले। वहीं 11 अगस्त की गणना में 8,955 यूएई दिरहम प्राप्त हुए। फरवरी-मार्च में ईरान के 4,63,500 रियाल, वियतनाम के 2,29,000 डोंग भी मिले। मुस्लिम बहुल देशों से भी चढ़ावा सेठ के भंडार में मुस्लिम बहुल देशों की मुद्राएं भी पहुंच रही हैं। पिछले आठ महीने के आंकड़ों में यूएई से 21,485 दिरहम मिले हैं। इसके अलावा ईरान से 4,68,500 रियाल और इंडोनेशिया से 1,63,000 रुपया प्राप्त हुए। वहीं पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश और खाड़ी देशों कुवैत, सऊदी अरब, ओमान, बहरीन व कतर की मुद्राएं भी भंडार में मिली हैं। अधिकृत बैंकों से रुपए में बदली जाती है मुद्रा मुख्य कार्यपालक अधिकारी दिनेश चंद्र धाकड़ ने बताया कि मंदिर मंडल विदेशी नोटों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से अधिकृत बैंकों के जरिए भारतीय रुपए में परिवर्तित करवाता है। प्राप्त राशि का उपयोग मंदिर के भंडारे और सामाजिक-धार्मिक सेवा कार्यों में किया जाता है। व्यापारी सांवरिया सेठ को मानते हैं बिजनेस पार्टनर चित्तौड़गढ़ के मंडफिया गांव में स्थित श्री सांवरिया सेठ मंदिर अपनी अलग मान्यताओं और भक्तों की गहरी आस्था के लिए जाना जाता है। यहां खास तौर पर व्यापारी भगवान सांवरिया सेठ को अपने बिजनेस पार्टनर के रूप में मानते हैं। मान्यता के अनुसार, लोग अपने व्यापार के मुनाफे का कुछ हिस्सा भगवान के नाम पर निकालकर मंदिर में चढ़ाते हैं। इसी वजह से मंदिर में हर महीने बड़ी मात्रा में चढ़ावा आने की जानाकारी सामने आती है।

जापान में तैयार हुआ नया क्रिकेट वेन्यू, हाई-स्कोरिंग पिच पर नजरें; 28 सितंबर से भारत का अभियान

नई दिल्ली एशियन गेम्स में क्रिकेट के मुकाबले इस बार सिर्फ खिलाड़ियों के लिए ही नहीं, बल्कि जापान के लिए भी खास होने वाले हैं. भारत अपने गोल्ड मेडल के बचाव का अभियान 28 सितंबर को क्वार्टर फाइनल से शुरू करेगा. इसके दो दिन बाद ही भारत और पाकिस्तान के बीच ब्लॉकबस्टर मुकाबले की संभावना भी बन सकती है l मुकाबले जापान के निस्शिन में बने कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क (Korogi Sports Park) में खेले जाएंगे. खास बात यह है कि इस क्रिकेट सुविधा को किसी पुराने क्रिकेट मैदान को थोड़ा बदलकर तैयार नहीं किया गया है, बल्कि तीन बेसबॉल ग्राउंड की जगह पूरी तरह नई सुविधा तैयार की गई है. यही वजह है कि आयोजकों को मैदान के आकार से लेकर पिच की तैयारी तक काफी आजादी मिली l हांगझोउ से करीब 10 मीटर बड़ी बाउंड्री TOI के अनुसार- निस्शिन की सबसे छोटी बाउंड्री 65 मीटर की होगी. यानी चार साल पहले हांगझोऊ एशियन गेम्स में जिस मैदान पर क्रिकेट खेला गया था, उसकी तुलना में यहां बाउंड्री करीब 10 मीटर लंबी है l एशियन गेम्स में क्रिकेट के तकनीकी संचालन से जुड़े अधिकारी एडम बिर्स (Adam Birss) ने बताया कि इस बार मैदान को नए सिरे से बनाने का फायदा मिला. हांगझोऊ में पहले से मौजूद जगह और ढांचे की सीमाएं थीं, लेकिन निस्शिन में आयोजकों के पास ज्यादा स्पेस था l पल्लेकेले के क्यूरेटर ने तैयार की पिच एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) ने इसके लिए श्रीलंका क्रिकेट से मदद मांगी थी. श्रीलंका ने कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम के क्यूरेटर असिथा विजयासिंघे (Asitha Wijayasinghe) को यहां पिच तैयार करने की जिम्मेदारी में लगाया. पल्लेकेले को आम तौर पर हाई-स्कोरिंग मैदान के तौर पर देखा जाता है. ऐसे में निस्शिन की पिच पर भी बल्लेबाजों के लिए अच्छे रन बनने की उम्मीद की जा रही है l कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में सिर्फ पारंपरिक टर्फ पिच ही नहीं हैं. यहां चार टर्फ पिच के साथ एक हाइब्रिड पिच भी तैयार की गई है.इस पिच में प्राकृतिक मिट्टी के साथ सिंथेटिक फाइबर्स का इस्तेमाल किया गया है. इस तरह की तकनीक ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका में भी इस्तेमाल की जाती है l एडम बिर्स के मुताबिक, इस तकनीक से पिच को ज्यादा तेज बनाया जा सकता है. साथ ही लगातार मुकाबले होने पर पिच के घिसने और खराब होने का असर भी कम रहता है l यानी यहां की हाइब्रिड पिच सिर्फ एक तकनीकी प्रयोग नहीं है, बल्कि एशियन गेम्स जैसे बड़े टूर्नामेंट में लगातार मुकाबलों के बीच पिच को बेहतर स्थिति में रखने का एक तरीका भी है.पिच की एक और खासियत इसमें इस्तेमाल होने वाली मिट्टी है. इसके लिए स्थानीय मिट्टी (Local Clay) का इस्तेमाल किया गया है.बिर्स के मुताबिक, मिट्टी में मौजूद क्ले कंटेंट तेज गेंदबाजों को बाउंस देने में मदद करेगा. वहीं स्पिन गेंदबाजों को भी इससे गेंद पर ग्रिप मिलने की उम्मीद है l

कृष्ण जन्मस्थान से CM योगी का बड़ा संदेश, बोले- ब्रज भूमि को अयोध्या-काशी जैसा भव्य बनाएंगे

मथुरा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर यूपी के मथुरा में श्री कृष्ण जन्मस्थान पहुंचकर भगवान के दर्शन किये और पूजन-अर्चन किया। मुख्यमंत्री गुरुवार को यहां आये थे और विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। रात्रि विश्राम उन्होंने वेटरनेरी विश्वविद्यालय के गेस्टहाउस में किया था। शुक्रवार सुबह करीब 9:35 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्री कृष्ण जन्मस्थान के गेट नंबर दो से पहुंचे। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर उनका ढोल मजीरे बजाकर स्वागत किया गया। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर उन्होंने गो पूजन किया। उन्होंने केशव देव के दर्शन कर गर्भगृह में पूजन अर्चन किया। इसके बाद वे भागवत भवन पहुंचे, जहां दर्शन किये। भागवत भवन में उन्होंने भगवान की आरती की। भागवत भवन में बैठकर वह भगवान को काफी देर तक भाव विभोर होकर निहारते रहे। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर दर्शन को पहुंचे बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने जय श्री राम और कृष्ण कन्हैया के जयकारे लगाये। योगी ने उनका अभिवादन किया और श्रद्धालुओं पर पुष्पवर्षा की। श्री कृष्ण जन्मस्थान पर भागवत भवन की सीढ़ियों से उन्होंने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। इस मौके पर जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने 5,200 वर्ष पहले सत्य और न्याय के लिए इसी स्थल पर प्रकट होकर जो उद्घोष किए थे, वे आज के समय में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। अनेक आक्रमण हुए, अन्य लोगों ने अपनी आस्था को भारत पर थोपने का प्रयास किया। लेकिन सनातन की आस्था को कोई मिटा नहीं पाया। जिसने इसका प्रयास किया वो खुद मिट्टी में मिल गए। सीएम योगी ने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में हम भारत की विरासत और विकास का अद्भुत समन्वय देख रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि श्री अयोध्या धाम में दुनिया का विशालतम मंदिर बन गया है। जिनको ये अच्छा नहीं लगता वो अयोध्या को बदनाम कर रहे हैं। जिन्हें अच्छा लगता है उन्हें लगता है हमारे रामलला अयोध्या में विराजमान हो गए हैं। हमारा प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी वैसे ही भव्य परिसर तैयार हों, जैसे श्री अयोध्या धाम और काशी में हुए हैं। किसी श्रद्धालु को दिक्कत न हो। किसी को कोई संकट न हो और दर्शन करने में कोई चुनौती न हो। आप सभी को आश्वस्त करता हूं कि डबल इंजन सरकार आपके साथ मिलकर आपकी भावनाओं के अनुरूप इस ब्रज भूमि को बनाने में कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। यह सरकार तो कृष्ण कन्हैया, प्रभु श्री राम, बाबा विश्वनाथ और माँ विंध्यवासिनी पर विश्वास करती है।