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श्री चरणी का बड़ा कमाल, दीप्ति शर्मा को पछाड़ा; पूनम यादव के रिकॉर्ड पर नजर

नई दिल्ली   भारतीय महिला क्रिकेट टीम दुबई में खेले जा रहे एशिया कप में बेहतरीन प्रदर्शन कर रही है। लगातार 2 मैच जीतकर भारतीय टीम ने सेमीफाइनल में जगह बना ली है। ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया को पाकिस्तान के खिलाफ एक और मैच खेलना है। गुरुवार को भारतीय टीम ने हांगकांग को 137 रनों से हराया। इस मैच में स्मृति मंधाना के विस्फोटक शतक के साथ ही श्री चरणी ने भी अपनी गेंदबाजी के खास उपलब्धि हासिल की। भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 5 विकेट पर 193 रन बनाए थे। हांगकांग 16.2 ओवर में 56 रन पर सिमट गई और 137 रन से हार गई। हांगकांग को 56 पर समेटने में श्री चरणी का अहम योगदान रहा।  बाएं हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने 3.2 ओवर में 16 रन देकर 2 विकेट लिए। इसके अलावा, दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट लिए, जबकि नंदिनी शर्मा और प्रेमा रावत को भी 2-2 विकेट लिए। श्री चरणी ने 2 विकेट लेकर एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने के वाले भारतीय गेंदबाजों की सूची में दीप्ति शर्मा को पीछे छोड़ दिया। चरणी ने 2026 में अब तक 31 टी20 विकेट लिए है। दीप्ति शर्मा ने 2024 में 30 और 2022 में 29 विकेट लिए थे। एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने का महिला भारतीय रिकॉर्ड पूनम यादव के नाम है। पूनम ने 2018 में 35 विकेट लिए थे। श्री चरणी के पास इस रिकॉर्ड को पीछे छोड़ने का भरपूर अवसर है। पूरी संभावना है कि जारी एशिया कप में ही चरणी एक साल में सर्वाधिक टी20 विकेट लेने वाली भारतीय महिला गेंदबाज होने का भारतीय रिकॉर्ड अपने नाम कर लेंगी। हांगकांग के खिलाफ हुए इस मैच का मुख्य आकर्षण स्मृति मंधाना की शतकीय पारी रही। मंधाना ने 64 गेंदों पर 7 छक्कों और 14 चौकों की मदद से 124 रन की पारी खेली। मंधाना का टी20 क्रिकेट का यह दूसरा और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का 18वां शतक था। मंधाना अब महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा शतक लगाने वाली बल्लेबाज बन गई हैं। 

भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े ये 7 रहस्यमयी स्थान, आज भी कायम है हजारों साल पुरानी आस्था

 भगवान श्रीकृष्ण… एक ऐसा नाम, जिसमें आस्था है, अध्यात्म है और भारतीय सभ्यता की हजारों वर्षों पुरानी सांस्कृतिक चेतना भी समाई हुई है. हिंदू परंपरा में श्रीकृष्ण केवल एक आराध्य देव नहीं, बल्कि ऐसे विराट व्यक्तित्व हैं, जिनकी लीलाओं, विचारों और संदेशों ने भारतीय समाज और दर्शन पर गहरा प्रभाव छोड़ा है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्रीकृष्ण ने भारत के अलग-अलग हिस्सों में अनेक लीलाएं कीं. मथुरा की गलियों से लेकर वृंदावन के कुंजों तक, गोवर्धन पर्वत से लेकर समुद्र तट पर बसे द्वारका तक और कुरुक्षेत्र के युद्धक्षेत्र से लेकर गुजरात के प्रभास क्षेत्र तक, कई स्थान आज भी श्रीकृष्ण की स्मृतियों और मान्यताओं से जुड़े हुए हैं. इन स्थानों से जुड़ी कथाएं सदियों से भारतीय जनमानस का हिस्सा रही हैं. कहीं इन्हें धार्मिक आस्था का प्रतीक माना जाता है तो कहीं पुरातात्विक खोजों ने प्राचीन सभ्यताओं और बसावटों के नए संकेत दिए हैं. आइए जानते हैं भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े उन प्रमुख स्थानों और मान्यताओं के बारे में, जिनकी चर्चा आज भी इतिहास, पुरातत्व और आस्था के बीच होती है. द्वारका: समुद्र किनारे बसी श्रीकृष्ण की नगरी भगवान श्रीकृष्ण से जुड़े सबसे रहस्यमय और चर्चित स्थानों में द्वारका का नाम प्रमुख है. गुजरात के सौराष्ट्र क्षेत्र में समुद्र तट पर स्थित द्वारका को धार्मिक ग्रंथों में भगवान श्रीकृष्ण की नगरी बताया गया है. मान्यता है कि मथुरा छोड़ने के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने समुद्र तट के पास द्वारका नगरी की स्थापना की थी. द्वारका का उल्लेख श्रीमद्भागवत महापुराण के अलावा महाभारत, हरिवंश पुराण, विष्णु पुराण और स्कंद पुराण जैसे प्राचीन ग्रंथों में भी मिलता है. भागवत पुराण में द्वारका को समुद्र के भीतर बसाए गए एक भव्य और सुरक्षित नगर के रूप में वर्णित किया गया है. वहीं, महाभारत के मौसल पर्व में भगवान श्रीकृष्ण के पृथ्वी से प्रस्थान के बाद द्वारका के समुद्र में समा जाने का वर्णन मिलता है. धार्मिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन का एक लंबा समय द्वारका में बिताया और यहीं से यादव वंश के राज्य का संचालन किया था. गोवर्धन पर्वत: जब श्रीकृष्ण ने उठाया था गिरिराज भगवान श्रीकृष्ण की सबसे प्रसिद्ध लीलाओं में गोवर्धन धारण की कथा भी शामिल है. मथुरा से करीब 26 किलोमीटर दूर स्थित गोवर्धन पर्वत को श्रद्धालु गिरिराज महाराज के रूप में पूजते हैं. श्रीमद्भागवत महापुराण और अन्य धार्मिक ग्रंथों में वर्णित कथा के अनुसार, ब्रजवासी वर्षा के देवता इंद्र को प्रसन्न करने के लिए विशेष पूजा और यज्ञ किया करते थे. भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को इंद्र की बजाय गोवर्धन पर्वत और प्रकृति की पूजा करने का संदेश दिया. ब्रजवासियों द्वारा इंद्र की पूजा बंद किए जाने से इंद्र क्रोधित हो गए. मान्यता है कि उन्होंने ब्रज क्षेत्र में मूसलाधार वर्षा शुरू करा दी. लगातार हो रही बारिश से जब ब्रज में संकट उत्पन्न हुआ, तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठा लिया था. कथा के अनुसार, ब्रजवासी और उनका गौवंश सात दिन और सात रात तक गोवर्धन पर्वत के नीचे सुरक्षित रहे. अंततः इंद्र को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी. आज भी गोवर्धन की परिक्रमा करने के लिए देश-दुनिया से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं. श्रद्धालु गोवर्धन पर्वत को भगवान श्रीकृष्ण का स्वरूप मानते हैं और पूरी श्रद्धा के साथ इसकी परिक्रमा करते हैं. निधिवन: जहां आज भी जीवित है रासलीला की मान्यता वृंदावन स्थित निधिवन भगवान श्रीकृष्ण से जुड़ी सबसे रहस्यमय धार्मिक मान्यताओं में से एक है. यहां के बारे में श्रद्धालुओं का विश्वास है कि भगवान श्रीकृष्ण आज भी रात्रि के समय राधा रानी के साथ रासलीला करते हैं. धार्मिक परंपराओं और ब्रज की लोकमान्यताओं में निधिवन का विशेष महत्व है. मान्यता है कि शाम की आरती के बाद निधिवन परिसर को खाली करा दिया जाता है और रात के समय यहां किसी को रुकने की अनुमति नहीं होती है. निधिवन परिसर में स्थित रंग महल से भी कई धार्मिक मान्यताएं जुड़ी हैं. यहां प्रतिदिन भगवान के लिए माखन-मिश्री और अन्य सामग्री रखी जाती है. स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, सुबह मंदिर के पट खुलने पर वहां की व्यवस्था में परिवर्तन देखने को मिलता है. हालांकि, ये बातें धार्मिक आस्था और स्थानीय परंपराओं का हिस्सा हैं और इन्हें वैज्ञानिक प्रमाण के रूप में नहीं देखा जाता. इसके बावजूद निधिवन आज भी श्रीकृष्ण भक्तों के लिए गहरी श्रद्धा और रहस्य का केंद्र बना हुआ है. प्रभास क्षेत्र: जहां श्रीकृष्ण ने संवारी अपनी अंतिम लीला भगवान श्रीकृष्ण के पृथ्वी पर अंतिम समय को लेकर भी धार्मिक ग्रंथों में विस्तार से वर्णन मिलता है. मान्यताओं के अनुसार, यदुवंश के विनाश के बाद भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी सांसारिक लीला को समाप्त करने का निर्णय लिया था. धार्मिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण एक वन में पीपल के पेड़ के नीचे विश्राम कर रहे थे. इसी दौरान जरा नाम के एक शिकारी ने उनके चरण को हिरण समझकर तीर चला दिया. बाद में जब उसे अपनी भूल का पता चला तो वह अत्यंत दुखी हुआ. मान्यता है कि इसके बाद भगवान श्रीकृष्ण ने पृथ्वी से अपनी लीला संवरण की और अपने धाम को प्रस्थान किया. गुजरात के प्रभास क्षेत्र और वेरावल के पास स्थित देहोत्सर्ग तीर्थ को इस घटना से जोड़ा जाता है. यह स्थान आज भी श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र है. यहां भगवान श्रीकृष्ण के चरणों और उनके देहोत्सर्ग से जुड़ी धार्मिक स्मृतियों का दर्शन करने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं. मथुरा और वृंदावन: श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं की धरती भगवान श्रीकृष्ण की कथा मथुरा के बिना अधूरी है. धार्मिक मान्यता के अनुसार, मथुरा में ही देवकी और वसुदेव के घर श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था. इसके बाद उन्हें गोकुल पहुंचाया गया, जहां उनका पालन-पोषण यशोदा और नंद बाबा ने किया. गोकुल, वृंदावन और बरसाना से श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोचारण, माखन चोरी और रासलीला की अनगिनत कथाएं जुड़ी हुई हैं. आज भी ब्रज क्षेत्र का पूरा सांस्कृतिक जीवन श्रीकृष्ण भक्ति के रंग में रंगा हुआ दिखाई देता है. जन्माष्टमी, होली, राधाष्टमी और अन्य पर्वों के दौरान यहां की छटा विशेष रूप से देखने लायक होती है. प्रभास क्षेत्र: जहां श्रीकृष्ण ने संवारी अपनी अंतिम लीला भगवान श्रीकृष्ण के पृथ्वी पर अंतिम समय … Read more

उपराष्ट्रपति के दौरे और जन्माष्टमी से चंडीगढ़ में ट्रैफिक डायवर्ट, नो-पार्किंग में वाहन पर कार्रवाई

चंडीगढ़ उपराष्ट्रपति और पीयू के चांसलर सीपी राधाकृष्णन आज पंजाब यूनिवर्सिटी के दाैरे पर हैं। उपराष्ट्रपति सुबह करीब 11 बजे चंडीगढ़ एयरपोर्ट पहुंचेंगे और वहां से सीधे पंजाब यूनिवर्सिटी स्थित कार्यक्रम स्थल जाएंगे।  चंडीगढ़ में आज उपराष्ट्रपति चंद्रपुरम पोन्नुसामी राधाकृष्णन पंजाब यूनिवर्सिटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। चांसलर बनने के बाद यह उनका यूनिवर्सिटी का पहला दौरा होगा। इस दौरान वह एसएआईएफ/सीआईएल (सॉफिस्टिकेटेड एनालिटिकल इंस्ट्रूमेंटेशन फैसिलिटी/सेंट्रल इंस्ट्रूमेंटेशन लेबोरेटरी) की अपग्रेड की गई अत्याधुनिक रिसर्च सुविधाओं और पीयू टीआईएफ (पूर्व में बायो नेस्ट) का उद्घाटन करेंगे। उपराष्ट्रपति यूनिवर्सिटी ऑडिटोरियम में छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को भी संबोधित करेंगे। कार्यक्रम में शामिल होने और लंच के बाद करीब 3:30 बजे एयरपोर्ट के लिए रवाना होंगे। इसी दौरान वीआईपी रूट पर ट्रैफिक को नियंत्रित किया जाएगा। उपराष्ट्रपति के दौरे का असर शहर के ट्रैफिक पर भी पड़ेगा। वीआईपी मूवमेंट के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट और नियंत्रित किया जाएगा।  चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस ने शुक्रवार के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए लोगों से प्रभावित रास्तों से बचने और वैकल्पिक मार्गों का इस्तेमाल करने की अपील की है। उपराष्ट्रपति के दौरे को लेकर पुलिस ने पंजाब यूनिवर्सिटी कैंपस की किलेबंदी कर दी है। सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए वीरवार को रूट रिहर्सल भी की गई। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक सुबह 10:30 से 11:30 बजे और दोपहर 2:45 से 3:30 बजे तक कुछ मार्गों पर यातायात आंशिक रूप से डायवर्ट और नियंत्रित रहेगा। इस दौरान एयरपोर्ट से पीयू आने-जाने वाले वीआईपी रूट पर खास निगरानी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि जरूरी होने पर ही इन मार्गों का इस्तेमाल करें। ट्रैफिक की ताजा स्थिति के लिए चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस के सोशल मीडिया हैंडल पर रियल टाइम अपडेट भी देखे जा सकेंगे। इन रूटों पर सबसे ज्यादा असर दक्षिण मार्ग: एयरपोर्ट लाइट प्वाइंट से न्यू लेबर चौक (सेक्टर 20/21-33/34) तक। सरोवर पथ: न्यू लेबर चौक से सेक्टर 7/8-18/19 चौक तक। मध्य मार्ग: सेक्टर 7/8-18/19 चौक से सेक्टर 11/12-14/15 चौक (पीजीआई चौक) तक। विद्या पथ: पीजीआई चौक से सेक्टर 24/25 लाइट प्वाइंट होते हुए सेक्टर 25 स्थित यूआईईटी कॉलेज की ओर जाने वाले मार्ग पर।   पीयू में गेट नंबर-2 बंद, पार्किंग भी बदली सुरक्षा के मद्देनजर गेट नंबर-2 पूरी तरह बंद रहेगा। आमंत्रितों, मेहमानों और आधिकारिक कर्मचारियों को गेट नंबर-3 से प्रवेश दिया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल वीवीआईपी गेट नंबर-1 से दाखिल होंगे। आम लोगों के वाहनों के लिए लॉ ऑडिटोरियम के सामने पार्किंग की व्यवस्था की गई है। हाईराइज इमारतों पर स्नाइपर तैनात सुरक्षा के लिए वीआईपी मूवमेंट रूट पर आने वाली हाईराइज इमारतों पर स्नाइपर तैनात किए गए हैं। पुलिस ने साइकिल ट्रैक, पैदल मार्ग और नो-पार्किंग जोन में वाहन नहीं खड़े करने की चेतावनी दी है। नियम तोड़ने पर कार्रवाई के साथ वाहन टो किए जा सकते हैं। पुलिस ने लोगों से सहयोग की अपील की है।  

इंदिरा गांधी, वाजपेयी, आडवाणी और राजीव गांधी के खिलाफ लड़े चुनाव, 280 बार मैदान में उतरे ‘धरतीपकड़’ का निधन

भागलपुर वार्ड सदस्य से राष्ट्रपति तक चुनाव लड़ने का रिकॉर्ड बनाने वाले नागरमल बाजोरिया उर्फ धरतीपकड़ नहीं रहे। पटना में इलाज के दौरान गुरुवार को 97 साल की उम्र में निधन हो गया। एमपी द्विवेदी रोड स्थित देवी बाबू धर्मशाला के समीप के रहने वाले नागरमल बाजोरिया ने कुल 280 चुनाव लड़कर रिकॉर्ड कायम किया था। नगर निकाय (वार्ड) से लेकर तमाम चुनावों में पर्चा दाखिल कर वे चर्चा में आए थे। इंदिरा गांधी के खिलाफ रायबरेली से, राजीव गांधी के खिलाफ अमेठी से, संजय गांधी, अटल बिहारी वाजपेयी और एलके आडवाणी जैसे राजनीतिक दिग्गजों के खिलाफ भी उन्होंने चुनाव लड़ा। धरतीपकड़ ने वर्ष 2012 में प्रणब मुखर्जी के खिलाफ राष्ट्रपति का चुनाव लड़ने के लिए दाखिल किया लेकिन, उनका पर्चा खारिज हो गया था। पारिवारिक सदस्यों ने बताया कि वर्ष 1969 में तत्कालीन राष्ट्रपति उम्मीदवार वीवी गिरि के खिलाफ नामांकन किया था और उन्होंने अपना आखिरी चुनाव 2019 में लड़ा था। हालांकि उन्हें किसी भी चुनाव में जीत नहीं मिली। मनिहारी का व्यापार करने वाले बाजोरिया समाजसेवा से भी जुड़े रहे। पीएमसीएच में चल रहा था इलाज परिजन आलोक कुमार अग्रवाल ने बताया कि उनका पार्थिव शरीर गुरुवार रात नौ बजे पटना से भागलपुर लाया गया। जिले के पवित्र बरारी घाट पर अंतिम संस्कार किया गया। चार पुत्र और एक पुत्री के पिता धरतीपकड़ के परिवार में एक बेटे विजय बाजोरिया की मृत्यु हो चुकी है। शेष सतीश बाजोरिया, अजय बाजोरिया और दिलीप बाजोरिया व्यापार से जुड़े हैं। सतीश पिता की बनाई मनिहारी दुकान गोविंद चूड़ी भंडार में बैठते हैं। दिलीप पटना और अजय दिल्ली के कारोबार देखते हैं। बेटी मंजू देवी का पटना में ससुराल है। पौत्र सौरव बाजोरिया ने बताया कि करीब 10 से 15 दिनों से उनकी तबीयत खराब थी और उनका इलाज पीएमसीएच, पटना में चल रहा था। पाकिस्तान के लाहौर में जन्म, भागलपुर में बस गए चांद झुनझुनवाला ने बताया कि नागरमल बाजोरिया का जन्म वर्ष 1930 में पाकिस्तान के लाहौर में हुआ था। देश की आजादी से पहले ही उनका परिवार भागलपुर आकर बस गया था। वह पूरे देश में 280 बार चुनाव लड़ चुके हैं। उनकी समाजसेवा, कन्या विवाह के प्रति लगन, गरीब महिलाओं के प्रति सेवा की लगन, बच्चों की पढ़ाई के प्रति इनका समर्पण पूरी दुनिया में सबसे अनोखा है। चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष रहे रामगोपाल पोद्दार ने बताया कि नागरमल बाजोरिया की खासियत यह थी कि चुनाव उनके लिए सिर्फ जीत-हार का माध्यम नहीं था, बल्कि लोकतंत्र में भागीदारी का एक जरिया था। बढ़ती उम्र के साथ नागरमल बाजोरिया पिछले कुछ समय से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों से जूझ रहे थे। गधों के गले में तख्तियां डाल निकाली थी नामांकन रैली नागरमल बाजोरिया का चुनावी अभियान अनोखा रहा। उनकी पोषाक, उनके कपड़ों पर लिखे श्लोगन और उनकी नामांकन रैली सभी लोगों को ध्यान आकर्षित करने वाली होती थी। वर्ष 2005 के एक चुनाव के दौरान उन्होंने भ्रष्टाचार पर निशाना साधते हुए नामांकन रैली निकाली थी। स्टेशन चौक पर उनकी इस रैली को देखने वालों की भीड़ लगी थी। रैली में कुछ राजनीतिक टिप्पणी वाली तख्तियां गधों के गले में डालकर निकले थे, खूब सुर्खियां बनी थीं। निधन पर व‍िधायक ने जताया शोक भागलपुर व‍िधानसभा के भाजपा व‍िधायक रोह‍ित पांडेय ने नागरमल बाजोरिया के न‍िधन पर दुख जताया है। उन्‍होंने कहा क‍ि- नागरमल जी का जीवन प्रेरणादायी था। वहीं भाजपा की प्रदेश महामंत्री और पार्षद डॉ. प्रीति शेखर और मोंटी जोशी ने भी शोक जताया है।

100 किमी दौड़कर फेंकी सिर्फ 1 गेंद, इंग्लिश क्रिकेटर ने रचा अनोखा विश्व रिकॉर्ड

लंदन  क्या आप भरोसा करते हैं कि किसी गेंदबाज ने एक गेंद  फेंकने के लिए 100 किमी. की दौड़ लगाई! आप कहेंगे कि भला यह क्या बात हुई! बिल्कुल बात आपकी सही है. इस पर एक बार को भरोसा करना मुश्किल है, लेकिन यह बात एकदम दो सौ फीसद सही है. इंग्लैंड में एक स्थानीय क्रिकेटर  सैम बोडोआनो ने यह हैरान कर देने वाली उपलब्धि हासिल करते हुए नया रिकॉर्ड बना दिया. उसने सिर्फ एक गेंद फेंकने के लिए 100 किमी. की दौड़ लगाई.  सैम बोडोआनो ने अपना रन-अप लॉर्ड्स से शुरू किया और सरे के वोकिंग में वैली एंड क्रिकेट क्लब में गेंद फेंकी. इसके साथ ही, उन्होंने गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराने के लिए भी आवेदन किया है।  100 किमी के रन अप में लगा इतना समय  सैम बोडोआनो को इस रन-अप में 14 घंटे का समय लगा. बोडोआनो का यह प्रयास दान (चैरिटी) के लिए धन जुटाने के उद्देश्य से था. उन्होंने कैंसर चैरिटी 'द रूथ स्ट्रॉस फाउंडेशन' के लिए कुल £6,000 जुटाए, जिसकी स्थापना इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एंड्रयू स्ट्रॉस ने अपनी दिवंगत पत्नी रूथ की याद में की थी।  . रिकॉर्ड को आधिकारिक बनाने के लिए उन्हें क्रिकेट की सफेद पोशाक पहनकर हाथ में गेंद लेकर दौड़ना था. साथ ही फिर उस ऐतिहासिक गेंद को फेंकने के बाद एक मैच भी खेलना था. बोडोआनो के इस प्रयास ने टॉम डन के 24 किलोमीटर के रन-अप को पीछे छोड़ दिया है, जिसे साल 2024 में बनाया गया था।  'बयां किया- कैसा रहा अनुभव' 'द टेलीग्राफ' में उद्धृत बयानों के अनुसार, अपनी इस उपलब्धि के बाद बोडोआनो ने कहा, 'पूरे समय गेंद को पकड़े रहना काफी परेशान करने वाला था, लेकिन लेकिन मुझे आश्चर्य हुआ कि सफेद कपड़े पहनना उतना असुविधाजनक नहीं था जितना मैंने सोचा था. मुझे लगा था कि त्वचा छिलना बहुत खराब होगा. यह बहुत कठिन था, मेरे पैर पूरी तरह से थककर टूट चुके थे, लेकिन मैं इसे पूरा करने में सफल रहा और रास्ते में मुझे बहुत अच्छा समर्थन मिला।  उन्होंने आगे कहा, 'मैं बहुत थका हुआ हूं. मेरी नींद पूरी नहीं हुई, लेकिन यह सब एक अद्भुत उद्देश्य के लिए था. मैं सोशल मीडिया पर कई चुनौतियां लेता रहता हूं. कोई भी ऐसी चीज जहां मैं अपने जुनून को एक साथ जोड़ सकूं. मैं अपनी जिंदगी के अधिकांश हिस्से में क्रिकेट खेलता रहा हूं. इसलिए अल्ट्रा-मैराथन जैसी चीजों को क्रिकेट के साथ जोड़ना कुछ ऐसा था जिसके लिए मैं बहुत उत्सुक था.' गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के नियमों के अनुसार, बोडोआनो का प्रयास अब एक औपचारिक सत्यापन प्रक्रिया से गुजरेगा. इसके बाद बाद रिकॉर्ड को आधिकारिक तौर पर मंजूरी दे दी जाएगी। 

मांदरी-ढोलक की थाप पर सजा ‘रंग तरंग’, लोक वाद्ययंत्रों और संस्कृति की दिखी अनूठी झलक

विलुप्त हो रहे लोक वाद्ययंत्रों को मिला नया जीवन  मांदरी एवं ढोलक की थाप पर लोक संस्कृति के रंग में रंगा 'रंग तरंग' कार्यक्रम का अंतिम दिवस  रायपुर पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र मांदरी एवं ढोलक की थाप से तीसरे एवं अंतिम दिवस के कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। लोक वाद्ययंत्रों की मनमोहक धुनों और कलाकारों की शानदार प्रस्तुतियों से पूरा परिसर लोक संस्कृति एवं परंपरा के रंग में सराबोर रहा। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोक कला एवं सांस्कृतिक विरासत को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम के दौरान मांदरी एवं ढोलक की पारंपरिक ताल पर कलाकारों ने उत्साहपूर्ण लोक प्रस्तुतियां दीं। उनकी कला, लय और ताल ने उपस्थित दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। पूरे परिसर में लोक संगीत की अनूठी छटा देखने को मिली और दर्शकों ने कलाकारों का उत्साहपूर्वक तालियों के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर  कार्यक्रम के उद्बोधन में संस्कृति  संचालक डॉ. संजय कन्नौजे ने कहा कि लोक वाद्ययंत्र और पारंपरिक लोक कलाएं हमारी सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें संरक्षित रखना और नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। ऐसे आयोजन हमारी समृद्ध लोक परंपराओं को मंच प्रदान करने के साथ-साथ कलाकारों को प्रोत्साहित करने और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। तीसरे एवं अंतिम दिवस के ‘रंग तरंग’ वाद्ययंत्र आधारित कार्यक्रम में विभिन्न कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में रायपुर के वायलिन वादक डॉ. के. रोहन नायडू, अंबिकापुर के तबला वादक श्री नासिर खान, बालोद के पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र कलाकार श्री संजू कुमार सेन तथा गरियाबंद के पारंपरिक लोक वाद्ययंत्र कलाकार श्री प्रेम यादव ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। कलाकारों की प्रस्तुतियों को दर्शकों से खूब सराहना मिली। ‘रंग तरंग’ के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोक परंपराओं, संगीत और कला को मंच प्रदान करने का यह प्रयास संस्कृति प्रेमियों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। पारंपरिक लोक वाद्यों की धुनों और कलाकारों की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक विरासत की जीवंत झलक प्रस्तुत की। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी  समाजसेवी उदयभान, वरिष्ठ पत्रकार एवं छायाकार दीपेंद्र दीवान सहित अन्य गणमान्य अतिथि विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने कलाकारों का उत्साहवर्धन करते हुए पारंपरिक लोक कलाओं एवं लोक वाद्ययंत्रों के संरक्षण और संवर्धन के लिए आयोजित ऐसे आयोजनों की सराहना की। लोक वाद्ययंत्रों की प्रस्तुतियों ने नई पीढ़ी को छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का संदेश भी दिया।

शेयर बाजार में मची धूम, Sensex 600 अंक चढ़ा; Reliance समेत इन शेयरों में जबरदस्त तेजी

मुंबई  भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी आई है. शुकवार को सेंसेक्‍स खुलते ही तेज उछाल के साथ  594 अंक चढ़ गया और आज का हाई लेवल 76,746.80 को टच किया. इसी तरह, निफ्टी में भी अच्‍छी तेजी देखने को मिली. निफ्टी हरे निशान में खुला और फिर 76.4 अंकों की तेजी के साथ 23,949.85 के हाई पर पहुंच गया।  बीएसई के टॉप 30 शेयरों में से सिर्फ 3 शेयर ही गिरावट पर कारोबार कर रहे थे, जबकि बाकी 27 शेयर तेजी पर रहे. सबसे ज्‍यादा तेजी टाटा ट्रेंट के शेयरों में देखी गई, जो 2.41 फीसदी चढ़ गया. इसके बाद रिलायंस के शेयरों में 2 फीसदी की उछाल आई. इसके अलावा, इंडिगो, बीईएल और बजाज के शेयर तेजी पर रहे।  इस बीच, बीएसई मार्केट कैप करीब 2 लाख करोड़ रुपये बढ़कर 489.06 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया. 2,205 शेयर तेजी पर कारोबार कर रहे थे, जबकि 1,246 शेयर गिरावट पर थे. 130 शेयर 52 सप्‍ताह के हाई लेवल पर थे और 59 शेयर 52 सप्‍ताह के नीचले स्‍तर पर कारोबार कर रहे थे. 103 शेयरों में लोअर सर्किट लगा रहा. 112 शेयरों में अपर सर्किट लगा।  सेंसेक्स और निफ्टी का हाल सेंसेक्स और निफ्टी के ताजा हाल की बात करें तो दोनों में उछाल दिखा है। 9 बजकर 45 मिनट पर 30 शेयरों वाले इंडेक्स सेंसेक्स में 0.62 फीसदी की तेजी दिखी। यह 473.29 अंक मजबूत होकर 76,626.15 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, निफ्टी में 0.23 फीसदी की तेजी दिखी। यह 54.05 अंक चढ़कर 23,927.50 पर ट्रेड कर रहा था। टीसीएस समेत इन शेयरों में तेजी सेंसेक्स के 30 शेयरों में से एक में गिरावट और बाकी में उछाल दिखा है। 9 बजकर 15 मिनट पर सबसे अधिक तेजी टीसीएस में दिखी। यह 1.85 फीसदी उछलकर हरे निशान में 2354.80 पर ट्रेड कर रहा था। वहीं, इन्फोसिस में 1.44 फीसदी की तेजी दिखी और यह 1144.20 के लेवल पर कारोबार कर रहा था। इनके अलावा बजाज फिनसर्व में 1.26 फीसदी, ट्रेंट में 1.24 फीसदी, रिलायंस इंडस्ट्रीज में 1.07 फीसदी, इंडिगो में 0.95 फीसदी, कोटक महिंद्रा में 0.85 फीसदी, टाइटन में 0.83 फीसदी, मारुति में 0.76 फीसदी, एसबीआई में 0.64 फीसदी, आईटीसी में 0.55 फीसदी, अडानी पोट्स में 0.50 फीसदी, महिंद्रा एंड महिंद्रा में 0.43 फीसदी, इटरनल (जोमैटो) में 0.06 फीसदी और एक्सिस बैंक में 0.06 फीसदी की तेजी दिखी। वहीं, भारती एयरटेल 0.07 गिरकर 1863.90 पर ट्रेड कर रहा था। घरेलू और विदेशी निवेशकों का निवेश बीते कारोबारी सत्र यानी कि गुरुवार को घरेलू निवेशकों (Domestic Institutional Investor) ने 4977 करोड़ रुपये का निवेश किया। इन्होंने बुधवार को भी कुल 2813 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। वहीं, विदेशी निवेशकों (Foreign Institutional Investor) ने भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को बिकवाली की है। इन्होंने कुल 2346 करोड़ रुपये के शेयरों को बेचा है। हालांकि, बुधवार इन्होंने कुल 6688 करोड़ रुपये की खरीदारी की थी। इस खरीदारी और बिक्री का बाजार पर आज प्रभाव भी पड़ा है। गुरुवार को कैसी थी मार्केट की चाल? शेयर बाजार गुरुवार को अपना शुरुआती कारोबार शानदार किया था। घरेलू के अलावा विदेशी निवेशकों की बंपर खरीदारी ने मार्केट को बल दिया था। सेंसेक्स जहां 278 अंकों (0.36 फीसदी) की तेजी के साथ हरे निशान में 76.848.98 के लेवल पर खुला था। वहीं, निफ्टी उछलकर 23,978.85 पर ट्रेड कर रहा था। लेकिन, मार्केट बंद के दौरान इन दोनों में बड़ी गिरावट दिखी थी। सेंसेक्स 0.55 फीसदी लुढ़कर यानी कि 417.49 अंक गिरकर 76,152.86 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी की बात करें तो यह 0.17 फीसदी यानी करीब 41 अंक गिरकर लाल निशान में 23,873.45 पर बंद हुआ था। 10% उछले ये स्‍टॉक  Puravankara के शेयर 10 फीसदी चढ़कर 232 रुपये प्रति शेयर पर थे. एचबीएल इंजीनियरिंग के शेयर में 8 फीसदी की चढ़कर 714 रुपये पर कारोबार कर रहे हैं. तेजस नेटवर्क के शेयर 8 फीसदी चढ़कर 613 रुपये पर कारोबार कर रहा थे. आईएफसीआई के शेयर में 5 फीसदी की तेजी आई है. एंजल वन के शेयर में भी 5 फीसदी की उछाल देखने को मिली है. फिजिक्‍सवाला के शेयर में 4 फीसदी की तेजी आई है।  क्‍यों आई ये तेजी?  विदेशी निवेशकों की भारतीय बाजार में हिस्‍सेदारी बढ़ रही है. दूसरी ओर, आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती देखने को मिली है. साथ ही लार्जकैप कंपनियों जैसे रिलायंस, टाइटन और बजाज जैसे शेयर चढ़े हैं और मार्केट को ऊपर की ओर ले जा रहे हैं। 

हनुमान अंश’ के गायक लोधी को प्रोत्साहित करेगी राज्य सरकार : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

फ़िल्म "हनुमान अंश" के गायक लोधी को करेगी राज्य सरकार प्रोत्साहित : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव से मिलने मुख्यमंत्री निवास पहुंचे युवा बुंदेली गायक भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से गुरूवार को समत्व भवन (मुख्यमंत्री निवास) उदीयमान युवा बुंदेली गायक सागर निवासी सुनील लोधी ने भेंट की। जन्म से ही दृष्टिबाधित लोधी ने हाल ही में रिलीज हुई फिल्म "हनुमान अंश" के लिए बुंदेली में गीत गाया है, जो तेजी से लोकप्रिय हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोधी को इस उपलब्धि के लिए बधाई और शाबासी देते हुए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग देने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा श्रेष्ठ कलाकारों को आगे बढ़ने के लिए अधिक से अधिक अवसर देने के लिए राज्य सरकार प्रतिबद्ध है। कलाकारों के प्रोत्साहन के लिए हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस अवसर पर सुनील लोधी और उनके माता पिता का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि दृष्टिबाधित युवा गायक लोधी को एक लाख रुपए की सम्मान निधि भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने लोधी की आंखों की रोशनी लाने के लिए भी आवश्यक सहयोग देने की बात कही। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि चूंकि बाल्यकाल से गायन क्षेत्र में लोधी की अभिरूचि है, इस नाते उन्हें संगीत विद्यालय से औपचारिक संगीत पाठ्यक्रम पूर्ण करने के लिए भी सहयोग दिया जाएगा। टैलेन्ट सर्च जैसे कार्यक्रम चलाकर ऐसे होनहार गायकों को प्रोत्साहित किया जाएगा। मुलाकात के अवसर पर सुनील लोधी के पिता महेन्द्र सिंह लोधी और माता श्रीमती भाग बाई के साथ ही संस्कृति सलाहकार श्रीराम तिवारी, डिजिटल बुंदेली बौछार के सचिन चौधरी और गायक लोधी के मित्रगण उपस्थित थे। गीत और भजन भी सुनाए मुख्यमंत्री डॉ. यादव को गायक सुनील लोधी ने फिल्म "हनुमान अंश" के लोकप्रिय हुए गीत " मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई" को तंबूरा बजाते हुए सुनाया। इसके अलावा मुख्यमंत्री डॉ. यादव के आग्रह पर भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव पर गाया जाने वाला भजन "जन्म लए रघुराई, ब्रज में बज रही बधाई" भी गाकर सुनाया।  

हनीट्रैप-2 में श्वेता का शातिर प्लान, गिरफ्तारी से पहले मिटाए सबूत? पुलिस को नहीं मिली अहम रिकॉर्डिंग

इंदौर  हनीट्रैप-2 को अंजाम देने की आरोपी श्वेता जैन ने अपने नए अपराध का पैटर्न भी पहले हनीट्रैप कांड की तरह ही रखा। हालांकि, इस बार वह पहले से सतर्क थी। श्वेता को अंदेशा था कि वह दोबारा पुलिस के शिकंजे में आ सकती है। यही वजह है कि उसने गिरफ्तारी की स्थिति के लिए एक बी-प्लान भी तैयार कर रखा था, ताकि उसके खिलाफ ज्यादा सबूत न मिल सकें और उसे जल्द जमानत मिल सके। हनीट्रैप-2 से जुड़ी कथित रिकॉर्डिंग और कैमरा पुलिस अब तक बरामद नहीं कर पाई है। कोर्ट में पेश किए गए चालान के अनुसार, पुलिस को श्वेता के घर से पेन, स्पाई कैमरे और मेमोरी कार्ड मिले हैं, लेकिन इनमें कथित तौर पर ज्यादा रिकॉर्डिंग नहीं मिली है। हनीट्रैप-2 के दौरान किन-किन रसूखदार लोगों को निशाना बनाया गया, यह अब भी रहस्य बना हुआ है। श्वेता और रेशू की गिरफ्तारी के बाद अब तक केवल एक ठेकेदार ही हनीट्रैप का शिकार होने की बात सामने आई है। अन्य किसी कथित पीड़ित ने अब तक पुलिस से संपर्क नहीं किया है। पहले आरती, अब रेशू को बनाया मोहरा हनीट्रैप मामले की मुख्य आरोपियों में शामिल श्वेता जैन मूल रूप से सागर की रहने वाली है। पहले हनीट्रैप मामले में उसके साथ आरती दयाल थी। आरोप है कि आरती ने इंदौर के इंजीनियर हरभजन सिंह को अपने जाल में फंसाया था। मामले में रुपये वसूलने और नगर निगम के ठेके दिलवाने जैसे आरोप भी सामने आए थे।  गिरफ्तारी के बाद आरती ने श्वेता से दूरी बना ली। इसके बाद श्वेता को रेशू का साथ मिला। पुलिस ने रेशू के पुराने रिकॉर्ड की भी जांच की है। बताया जा रहा है कि उसने मस्कट से पढ़ाई की और वहां एक युवक से शादी भी की थी। बाद में विवाद के बाद वह भारत लौट आई। इसके बाद श्वेता और रेशू के बीच नजदीकियां बढ़ीं और रेशू कथित तौर पर गिरोह से जुड़ गई। पुलिस के अनुसार, हनीट्रैप-2 में रेशू की भूमिका ठेकेदारों और रसूखदार लोगों को निशाना बनाने की थी। क्या था हनीट्रैप-वन? करीब पांच साल पहले सामने आए हनीट्रैप मामले में श्वेता जैन, आरती दयाल और अन्य युवतियों पर प्रदेश के कई बड़े अफसरों और नेताओं के आपत्तिजनक वीडियो बनाने के आरोप लगे थे। आरोप था कि इन वीडियो का इस्तेमाल कर लोगों से रुपये वसूलने, ठेके हासिल करने और अन्य काम करवाने का दबाव बनाया जाता था।  इंजीनियर हरभजन सिंह की शिकायत के बाद मामले का खुलासा हुआ था। जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि गिरफ्तारी से पहले गिरोह ने कुछ वीडियो और इलेक्ट्रॉनिक सामग्री अलग-अलग जगहों पर रखी थी। बाद में कुछ कथित वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए थे। क्या है हनीट्रैप-2? हनीट्रैप-2 में श्वेता और रेशू पर इंदौर, उज्जैन समेत अन्य शहरों के रसूखदार लोगों को निशाना बनाने के आरोप हैं। जांच में यह बात भी सामने आई है कि पहले मामले से सबक लेते हुए इस बार कथित तौर पर बड़े अफसरों से दूरी बनाई गई। आरोप है कि इस बार गिरोह ने खासतौर पर शराब ठेकेदारों और सरकारी ठेके लेने वाले लोगों को निशाना बनाया। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य संभावित लोगों, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों और कथित पीड़ितों की जानकारी जुटाने में लगी है।

रेल यात्रियों के लिए जरूरी खबर! ऑनलाइन टिकट के बाद ये गलती पड़ी भारी, देना पड़ सकता है जुर्माना

 नई दिल्‍ली भारतीय रेलवे ने अनरिजर्व टिकट (जनरल टिकट) को लेकर एक बड़ा कंफ्यूजन दूर कर दिया है और कहा है कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट के स्‍कीनशॉट या व्‍हाट्सऐप पर टिकट दिखाता है तो उसे भारी जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।   दरअलस, वेस्‍ट रेलवे कोटा डिविजन के सीनियर डिविजनल कमर्शियल मैनेजर सौरभ जैन का कहना है कि RailOne ऐप के जरिए बुक किया गया जनरल टिकट ही मान्‍य होगा, लेकिन सिर्फ उसी स्‍पैसिफिक फोन में, जिसमें यह ऐप रजिस्‍टर्ड हो और ऐप में जाकर ही टिकट दिखाना होगा।  उन्‍होंने आगे कहा कि अगर किसी और फोन में किसी दूसरे व्‍यक्ति द्वारा जनरल टिकट की बुकिंग की गई है और वह टिकट व्‍हाट्सऐप या किसी अन्‍य तरह से शेयर किया गया है तो वह मान्‍य नहीं होगा. साथ ही अगर कोई उस टिकट का स्‍कीनशॉट भी दिखाता है तो भी ये वैलिड नहीं माना जाएगा।   रिपोर्ट में जैन ने कहा कि अगर कोई यात्री जनरल टिकट पर सफर कर रहा है, तो जर्नी के दौरान उसे टिकट बुक करने वाले फोन को साथ लेकर चलना चाहिए. साथ ही रजिस्‍टर्ड नंबर से ही बुकिंग करनी चाहिए. इससे वह भारी पेनल्‍टी से बच सकता है।  बोर्डिंग से पहले बुक होना चाहिए टिकट रेलवे की ओर से यह भी कहा गया है कि बोर्डिंग स्‍टेशन पर पहुंचने से पहले ही ट्रेन की बुकिंग हो जानी चाहिए, वरना बाद में टिकट को वैलिड नहीं माना जाएगा. उन्होंने आगे कहा कि कोई भी यात्री बिना टिकट के ट्रेन में नहीं चढ़ सकता और टिकट चेकिंग स्टाफ को देखकर मोबाइल फोन से अनरिजर्व टिकट नहीं बना सकता है।  जैन ने कहा कि इसी तरह, किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल फोन से टिकट प्राप्त करना और उसका स्क्रीनशॉट साथ रखना निर्धारित डिजिटल टिकटिंग आवश्यकताओं को पूरा नहीं करता है. अधिकारी ने कहा कि डिजिटल टिकट दिखाने के लिए, मोबाइल फोन चालू होना चाहिए और उसमें पर्याप्त चार्ज होना चाहिए।  ये सभी बातें जान लेनी चाहिए     यात्रा शुरू करने से पहले वैलिड टिकट लें.      अपने रजिस्‍टर्ड मोबाइल फोन का उपयोग करके RailOne ऐप के माध्यम से जनरल टिकट बुक कर सकते हैं.      टिकट उसी मोबाइल फोन पर उपलब्ध होना चाहिए जिसका उपयोग इसे बुक करने के लिए किया गया था.      व्हाट्सऐप के माध्यम से प्राप्त टिकट या स्क्रीनशॉट वैलिड नहीं माना जाएगा.      रजिस्‍टर्ड मोबाइल से बुक किया गया टिकट केवल उस मोबाइल के धारक के लिए ही मान्य है.      यात्रा के दौरान अपने साथ संबंधित मोबाइल फोन रखें और सुनिश्चित करें कि वह चार्ज हो.  रेलवे ने बढ़ाया जुर्माना रेलवे अधिकारी ने आगे कहा कि उचित टिकट के बिना या अनियमित टिकट के साथ यात्रा करने पर न्यूनतम जुर्माना 19 जून, 2026 से 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है।