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Kia Sorento की भारत में एंट्री, ₹27.99 लाख शुरुआती कीमत; हाइब्रिड और डीजल इंजन का विकल्प

मुंबई   Kia नाम की कोरियन कार कंपनी ने भारत में एक नई SUV लॉन्च की है, जिसका नाम Kia Sorento है. यह 3-row SUV है, जिसकी कीमत 27.99 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) से शुरू होती है. यह गाड़ी अंध्रा प्रदेश के अनंतपुर प्लांट में बन रही है. यह फेसलिफ्ट वाली चौथी जनरेशन (MQ4) Sorento है, जो दुनिया में 2023 में आ चुकी थी।  कंपनी इसे छह मेजर ट्रिम्स में बेच रही है, जिनके नाम HTE, HTE(O), HTK, HTK(A), HTX और HTX(A हैं. इसमें दो इंजन ऑप्शन हैं. पहला – 1.6-लीटर स्ट्रॉग-हायब्रिड टर्बो-पेट्रोल वाला है और दूसरा – 2.2 लीटर डिज़ल वाला इंजन है. HTX और HTX(A) ट्रिम्स में दोनों इंजन के साथ all-wheel-drive (AWD) भी मिल रहा है।  कीमत और वेरिएंट्स 2026 Kia Sorento की इंट्रोडक्टरी एक्स-शोरूम कीमत 27.99 लाख रुपये से शुरू होकर 40.19 लाख रुपये तक जाती है. HTK(A), HTX और HTX(A) ट्रिम्स में 'Black Line' स्टाइलिंग पैक का ऑप्शन है।  इसमें ब्लैक डिज़ाइन एलिमेंट्स आते हैं और इसकी अतिरिक्त कीमत 20,000 रुपये हैं. (A) वाले ट्रिम्स में ADAS फीचर्स मिलते हैं और O) ट्रिम में Convenience Pack मिलता है।  इंजन और पावर Kia Sorento में दो पावरट्रेन मिल रहे हैं. 1.6-लीटर strong-hybrid turbo-petrol में इंजन 180hp और 265Nm पावर देता है. इसके साथ इलेक्ट्रिक मोटर 65hp और 264Nm जोड़ती है तो कुल मिलाकर 230hp और 380 Nm पावर मिलता है. यह 6-स्पीज ऑटोमैटिर ट्रांसमिशन के साथ आता है और FWD या AWD दोनों में उपलब्ध है. कंपनी का कहना है कि यह भारत में अकेले स्ट्रॉग-हायब्रिड है, जो टर्बो-पेट्रोल इंजन यूज़ करता है।  दूसरा ऑप्शन 2.2-लीटर diesel है. यह 193hp और 442Nm पावर देता है. इसके साथ 8-स्पीड डुअल क्लच ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन जुड़ा है. डिज़ल भी FWD और AWD दोनों में मिल रहा है. गाड़ी में चार ड्राइव मोड हैं – Normal, Eco, Sport और Smart. इसके अलावा तीन टेर्रेन मोड भी हैं – Snow, Sand और Mud . फीचर डिटेल साउंड सिस्टम 12-स्पीकर Bose सनरूफ पैनोरेमिक डिस्प्ले ड्यूल 12.3-इंच + HUD सीट 6 या 7, वेंटिलेटेड फ्रंट, पावर एडजस्ट सेफ्टी 10 एयरबैग, डिजिटल IRVM, ऑटो पार्किंग, फ्रंट-रियर डैशकैम, Level 2+ ADAS खास बातें रियल-टाइम जेनेरेटिव AI (ग्लोबल में पहली बार) डिजाइन और बाहर की खूबसूरती बाहर से इस नई गाड़ी में Kia का मशहूर Tiger-nose grille लगा है. इसमें honeycomb mesh पैटर्न और क्रोम बॉर्डर है. हेडलाइट्स वर्टिकली स्टैक्ड LED हैं और Y-शेप वाले LED DRLs अलग से दिखते हैं. बंपर में चौड़े एयर इनलेट, दोनों तरफ ड्यूल LED फॉग लैंप और सिल्वर स्किड प्लेट जैसी फेक प्लेट लगी है. इसके साइड में गाड़ी का स्टैंड सीधा और मजबूत लगता है. 19 इंच ड्यूल-टोन अलॉय व्हील्स लगे हैं. नीचे ब्लैक क्लैडिंग चलती है. रूफ रेल, फ्रंट फेंडर पर क्रोम ट्रिम और विंडो के चारों तरफ क्रोम बॉर्डर भी हैं. इसके पीछे L-शेप वाली रैपअराउंड LED टेललाइट्स हैं. टेलगेट साफ-सुथरा है और बीच में Kia का नाम लिखा है. इसके पीछे वाइपर, वॉशर, रूफ स्पॉइलर, ड्यूल एग्जॉस्ट टिप्स और सिल्वर स्किड प्लेट भी है. अंदर का माहौल और फीचर्स इस नई गाड़ी के कैबिन में दो ड्यूल-टोन थीम मिलती हैं – ग्रे-ब्लैक और बेज-ब्लैक. डैशबोर्ड पर दो 12.3-इंच स्क्रीन हैं, इंस्ट्रूमेंट क्लस्टर के लिए और दूसरी इंफोटेनमेंट के लिए. ये स्क्रीन Seltos और Syros जैसी ही हैं. इसके बीच में 5-इंच क्लाइमेट कंट्रोल टचस्क्रीन नहीं है. इंफोटेनमेंट और क्लस्टर पर Marvel, Disney और Pixar के नौ थीम लगाए जा सकते हैं, जो भारत में किसी भी Kia कार में पहली बार हो रहा है. क्लाइमेट कंट्रोल अलग टच पैनल में है. वहां स्क्रॉलर्स और बटन भी हैं. 4-स्पोक स्टीयरिंग व्हील पर फिजिकल कंट्रोल और स्क्रॉलर हैं. सेंटर कंसोल में रोटरी ड्राइव सिलेक्टर डायल, वायरलेस फोन चार्जर, कप होल्डर और पुश-बटन स्टार्ट/स्टॉप है. यह अपनी सेगमेंट की पहली ऐसी एसयूवी है, जिसमें 6 या 7 सीट का ऑप्शन मिलता है. 6-सीटर में मिडिल रो में कैप्टन चेयर हैं. 7-सीटर में बेंच सीट है. सभी सीटों पर टैन लेदरेट अपहोल्स्टरी है. फ्रंट सीट्स वेंटिलेटेड हैं, 10-वे पावर एडजस्टेबल हैं और लंबर सपोर्ट भी है. को-ड्राइवर सीट में बॉस मोड है. मिडिल रो इलेक्ट्रॉनिकली फोल्ड होती है. 6-सीटर में मिडिल रो वेंटिलेशन भी है.

मध्यप्रदेश के पावर सेक्टर को मिली नई रफ्तार, सीएम मोहन यादव ने औद्योगिक विकास पर जताई प्रतिबद्धता

 सीहोर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 4 सितंबर को सीहोर जिले में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट के ट्रांसफॉर्मर के रोल-आउट का शुभारंभ किया।इस अवसर पर उन्होंने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश आकर्षित करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है, क्योंकि निवेश से ही स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर विकसित होते हैं। सरकार छोटे-बड़े सभी निवेशकों को पूरा सहयोग देने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि दो दिन पहले ही केबल निर्माण के लिए 106 करोड़ की लागत से एक फैक्ट्री का भूमि-पूजन किया गया है। आज जन्माष्टमी के पावन अवसर पर 888 करोड़ की लागत से तैयार हुई सीजी पॉवर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की नई पावर ट्रांसफॉर्मर फैक्ट्री का लोकार्पण हुआ है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बीते करीब 8 महीने में गोदरेज जैसी बड़ी-बड़ी कंपनियों की इकाइयों के लोकार्पण और भूमि-पूजन किए गए। ग्वालियर-चंबल अंचल में गोदरेज इंडस्ट्रीज ने साबुन तैयार करने के लिए एशिया की सबसे बड़ी अपनी चौथी यूनिट का शुभारंभ किया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की उद्योग अनुकूल नीतियों के बलबूते देश की बड़ी-बड़ी कंपनियों के बीच मध्य प्रदेश आकर उद्योग स्थापित करने की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा विकसित हो रही है। प्रदेश में आ रहीं फैक्ट्रियों में केवल प्रोडक्ट तैयार नहीं होता है, बल्कि राज्य की आर्थिक समृद्धि, टैक्स कलेक्शन और रोजगार के अवसरों का भी विकास होता है। मात्र 13 महीने में शुरू हुई दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सीहोर श्योर है, निवेश में सिक्योर है और रिटर्न एश्योर है। यह जिला पर्यटन के क्षेत्र में तेज गति से विकास कर रहा है। सीहोर अब भोपाल मेट्रोपोलिटन सिटी का हिस्सा है, जिससे भविष्य में यहां के नागरिकों को लाभ मिलेगा। देश के इलेक्ट्रिकल इकोसिस्टम को ट्रांसफॉर्म करने में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस की पावर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट बड़ी भूमिका निभाएगी। सीहोर में टायर से लेकर ट्रांसफॉर्मर तक सब कुछ तैयार हो रहा है। वर्तमान समय में मध्यप्रदेश की ग्रोथ में 5 अहम कड़ियां हैं, पैशन, पोटेंशियल, पॉलिसी, परफॉर्मेंस और प्रोडक्शन। सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस ने अपनी 9 दशक की यात्रा में आज मध्य प्रदेश की धरती पर नया मुकाम हासिल किया है। पिछले साल अगस्त में भूमि-पूजन के बाद रिकॉर्ड 13 महीने में सीहोर में दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर निर्माण फैक्ट्री प्रारंभ हुई है। जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए यह बड़ी सौगात है। उन्होंने कहा कि इस यूनिट में हर वर्ष 365 ट्रांसफॉर्मर तैयार होंगे और 2 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने कहा कि सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के आसपास स्थित खाली भूमि से छोटे-बड़े झाड़ हटाने में सरकार सहयोग प्रदान करेगी। तेज गति से आगे बढ़ा रहा है भारत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था तेज गति से आगे बढ़ रही है। देश के साथ मध्य प्रदेश भी कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। अर्थव्यवस्था के हालिया आंकड़े बताते हैं कि भारत की विकास दर दुनिया में सर्वाधिक 7.8 प्रतिशत है, जबकि अमेरिका की ग्रोथ रेट मात्र 2 प्रतिशत और चीन की 4 प्रतिशत पर है। भारत अपनी अर्थव्यवस्था की रफ्तार को तेज गति से आगे बढ़ा रहा है। केंद्रीय उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि अमेरिका अपनी ट्रेड डील को ओपन करे, तभी भारत अपने कदम आगे बढ़ाएगा। इस मामले में देश के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। दुनिया की सबसे बड़ी ट्रांसफॉर्मर टेस्टिंग लैब अब सीहोर में सीजी पावर एंड इंडस्ट्रियल सॉल्यूशंस के सीईओ अमर कौल ने कहा कि यह हमारी कंपनी का महत्वपूर्ण पड़ाव है। प्रधानमंत्री मोदी ने जीडीपी में मैन्यूफैक्चरिंग का हिस्सा 13 प्रतिशत है, इसे 2035 तक 25 प्रतिशत पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। सीहोर में क्रॉम्पटन ग्रीव्स की नई पॉवर ट्रांसफॉर्मर मैन्यूफैक्चरिंग यूनिट में लगभग 2000 लोगों को रोजगार मिला है। यहां पर हर महीने 35 ट्रांसफॉर्मर तैयार किए जाएंगे, जिनका आकार किसी तीन मंजिला बंगले के बराबर होगा। हमारी कंपनी आधुनिक मशीनों के माध्यम से प्रोडक्शन कर रही है। इस यूनिट में दुनिया की सबसे बड़ी टेस्ट लैब भी तैयार की गई है। यूनिट की जरूरत के लिए 36 प्रतिशत बिजली सोलर एनर्जी से मिलेगी। राज्य सरकार के सहयोग से सीहोर में यह यूनिट मात्र 13 महीने में प्रोडक्शन के तैयार हुई है। हमारी कंपनी विकसित भारत और समृद्ध मध्य प्रदेश के निर्माण के लिए संकल्पित है।  

सीएम डॉ. यादव बोले- भगवान श्रीकृष्ण ने कष्टों के बीच भी जीवन को सार्थक बनाने की सीख दी

भगवान श्रीकृष्ण ने कष्टों के बीच रहकर भी जीवन को सार्थक बनाने की दी सीख : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव इस्कॉन मंदिर भोपाल में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म उत्सव में हुए शामिल भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि कष्टों के बीच जीवन को किस तरह सार्थक बनाया जा सकता है, यह भगवान श्रीकृष्ण से सीखा जा सकता है। उन्होंने कंस को जो एक सत्ताधीश थे, उनके घर में ही घुसकर मार कर साहस और शौर्य का परिचय दिया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में नगरीय क्षेत्रों में गीता भवन और ग्रामीण क्षेत्रों में वृंदावन ग्राम प्रारंभ किये जा रहे हैं। राज्य सरकार द्वारा गौशालाओं के संचालन के लिए सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव भोपाल के पटेल नगर स्थित इस्कॉन मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्म उत्सव को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में प्रस्तुत भजन भी सुने। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि घर-घर गोपाल की कल्पना को साकार करते हुए प्रदेश में गौपालन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में दुग्ध उत्पादन वृद्धि के प्रयास किये जा रहे हैं। आने वाले समय में मध्यप्रदेश इस क्षेत्र में देश में नंबर वन बनेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की सभी श्रद्धालुओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस्कॉन मंदिर में आकर वृंदावन की भांति महसूस होता है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन काल में मित्रता के महत्व को भी स्थापित किया। साथ ही शिक्षा की महत्ता स्थापित की। उन्होंने उज्जैन में गुरु सांदीपनि से शिक्षा ग्रहण की। अपने जीवन में ही जगतगुरु की उपाधि भी उन्होंने प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में समान नागरिक संहिता लागू करने की पहल की गई। संविधान की दृष्टि से सभी नागरिक समान हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में श्रीकृष्ण पाथेय का निर्माण किया जा रहा है। प्रारंभ में संस्था द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. यादव का स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस्कॉन मंदिर पहुंचकर भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा पर नमन कर पूजा अर्चना की। उन्होंने इस्कॉन संस्था के संस्थापक स्वामी प्रभुपाद की प्रतिमा को भी नमन किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नए इस्कॉन मंदिर निर्माण की कल्पना की सराहना की। उन्होंने बताया कि जब वे उज्जैन विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष थे तो सर्वप्रथम मध्यप्रदेश में उज्जैन में ही इस्कॉन मंदिर प्रारंभ हुआ। यह सिलसिला राजधानी भोपाल तक पहुंचा है। यहां निर्मित किये जा रहे नए मंदिर की वास्तुकला और नागर शैली के अनुरूप निर्माण की पहल प्रशंसनीय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने नए इस्कॉन मंदिर निर्माण के लिए बनाए गए प्रोजेक्ट की जानकारी प्राप्त की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को इस्कॉन संस्थान की ओर से स्मृति चिन्ह प्रदान किया गया। 

MP के कृष्ण चंद्र ने रचा इतिहास, राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में बनाया मीट रिकॉर्ड

राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में MP के कृष्ण चंद्र ने बनाया मीट रिकॉर्ड, शिवानी पटेल ने जीता कांस्य पुरुष जैवलिन थ्रो में 79.92 मीटर के प्रदर्शन से कृष्ण चंद्र ने बनाया नया प्रतियोगिता रिकॉर्ड, बालिका वर्ग में शिवानी पटेल ने 49.35 मीटर के साथ जीता कांस्य; शाहिबा बानो चौथे स्थान पर रहीं भोपाल पंजाब के लुधियाना स्थित गुरु नानक स्टेडियम में 01 से 03 सितंबर 2026 तक आयोजित 21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप-2026 में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में बोर्डिंग बॉयज खिलाड़ी कृष्ण चंद्र ने पुरुष जैवलिन थ्रो में 79.92 मीटर भाला फेंककर नया मीट रिकॉर्ड बनाया, जबकि बालिका जैवलिन थ्रो में अकादमी की खिलाड़ी शिवानी पटेल ने 49.35 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक जीता। इसी स्पर्धा में शाहिबा बानो ने 48.75 मीटर के साथ चौथा स्थान हासिल किया। कृष्ण चंद्र ने 79.92 मीटर के साथ बनाया नया मीट रिकॉर्ड पुरुष जैवलिन थ्रो में मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी के 17 वर्षीय खिलाड़ी कृष्ण चंद्र ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नया प्रतियोगिता रिकॉर्ड कायम किया। कृष्ण ने अपने पहले प्रयास में 79.92 मीटर भाला फेंका। उनका चौथा प्रयास भी 78.15 मीटर रहा। छह प्रयासों में से दो ही वैध रहे और दोनों प्रयास पूर्व मीट रिकॉर्ड से बेहतर रहे, जबकि अन्य चार प्रयास फाउल रहे। कृष्ण चंद्र मध्यप्रदेश एथलेटिक्स अकादमी में कोच मोहम्मद हदीश के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। प्रतियोगिता के बाद उन्होंने बताया कि उनका लक्ष्य राष्ट्रीय रिकॉर्ड के करीब पहुंचना था, लेकिन कमर में दर्द होने के कारण वे अपने प्रदर्शन को आगे नहीं बढ़ा सके। यूथ ओलंपिक के संभावित दावेदार कृष्ण चंद्र कृष्ण चंद्र के शानदार प्रदर्शन के बाद आगामी यूथ ओलंपिक गेम्स के लिए उनके संभावित चयन की चर्चा भी है। हालांकि, एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (AFI) की ओर से अभी उनके चयन को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में उनका चयन फिलहाल संभावित माना जा रहा है। यदि उनका चयन होता है, तो यह मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी और प्रदेश के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। जैवलिन थ्रो में शिवानी पटेल ने जीता कांस्य बालिका जैवलिन थ्रो स्पर्धा में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी की खिलाड़ी शिवानी पटेल ने 49.35 मीटर के शानदार प्रदर्शन के साथ तीसरा स्थान हासिल करते हुए कांस्य पदक जीता। शिवानी ने अपने प्रदर्शन से राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की खेल प्रतिभा का प्रभावी प्रदर्शन किया। शाहिबा बानो ने हासिल किया चौथा स्थान इसी स्पर्धा में अकादमी की एक अन्य खिलाड़ी शाहिबा बानो ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 48.75 मीटर भाला फेंककर प्रतियोगिता में चौथा स्थान हासिल किया। दोनों खिलाड़ियों के प्रदर्शन से अकादमी और प्रदेश को गौरव मिला है। राष्ट्रीय मंच पर अकादमी के खिलाड़ियों ने छोड़ी छाप 21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों का प्रदर्शन उनकी मेहनत, निरंतर अभ्यास और खेल के प्रति समर्पण को दर्शाता है। कृष्ण चंद्र का मीट रिकॉर्ड, शिवानी पटेल का कांस्य पदक और शाहिबा बानो का चौथा स्थान प्रदेश की उभरती एथलेटिक्स प्रतिभाओं की क्षमता को प्रदर्शित करता है। खेल मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने दी बधाई सहकारिता, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने 21वीं राष्ट्रीय युवा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करने वाले मध्यप्रदेश राज्य एथलेटिक्स अकादमी के खिलाड़ियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कृष्ण चंद्र के मीट रिकॉर्ड प्रदर्शन, शिवानी पटेल के कांस्य पदक और शाहिबा बानो के चौथे स्थान पर रहने की उपलब्धि की सराहना करते हुए सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।  

राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम पर CGPSC ने दिया बड़ा अपडेट

सीजीपीएससी ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के परिणाम को लेकर स्थिति की स्पष्ट 795 के स्थान पर 608 अभ्यर्थी ही साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित, न्यूनतम अर्हकारी अंक नहीं पाने के कारण संख्या हुई कम पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं, सोशल मीडिया पर प्रसारित भ्रामक जानकारियों से बचने की अपील रायपुर छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के माध्यम से साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों की संख्या को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रांतियों को स्पष्ट किया है। आयोग ने कहा है कि राज्य सेवा परीक्षा-2025 में निर्धारित संख्या से कम अभ्यर्थियों का चिन्हांकन किसी त्रुटि के कारण नहीं, बल्कि निर्धारित न्यूनतम अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं करने के कारण हुआ है। आयोग के अनुसार, राज्य सेवा परीक्षा-2025 के विज्ञापन की कंडिका 3 (iv) एवं छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग प्रक्रिया नियम की कंडिका 7 के तहत प्रत्येक प्रश्न-पत्र में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 33 प्रतिशत तथा आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए न्यूनतम 23 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य है। परीक्षा में कुछ अभ्यर्थियों द्वारा निर्धारित अर्हकारी अंक प्राप्त नहीं किए जाने के कारण साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित अभ्यर्थियों की संख्या वांछित संख्या से कम हो सकती है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 में भी इसी कारण 795 अभ्यर्थियों के स्थान पर कुल 608 अभ्यर्थियों को साक्षात्कार के लिए चिन्हांकित किया गया है। पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना का प्रावधान नहीं आयोग ने स्पष्ट किया है कि विज्ञापन की कंडिका 11 (V) के अनुसार आयोग द्वारा आयोजित परीक्षाओं में पुनर्मूल्यांकन तथा पुनर्गणना का कोई प्रावधान नहीं है। इसलिए किसी भी प्रश्न-पत्र के संबंध में पुनर्मूल्यांकन अथवा पुनर्गणना की प्रक्रिया नहीं की जा सकती। वेबसाइट पर उपलब्ध होगी मेरिट सूची और कट ऑफ आयोग ने बताया कि चयन परिणाम जारी होने के बाद प्रारंभिक एवं मुख्य परीक्षा में अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की मेरिट सूची तथा मुख्य परीक्षा की कट ऑफ आयोग की वेबसाइट पर जारी की जाती है। इसके अतिरिक्त अभ्यर्थी सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्रारंभिक परीक्षा की ओएमआर उत्तर पत्रक तथा मुख्य परीक्षा की प्रश्न सह उत्तर पुस्तिका की प्रति प्राप्त कर अपने परीक्षा परिणाम के संबंध में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। प्रश्नवार और पहचान रहित मूल्यांकन प्रक्रिया आयोग ने कहा कि सभी लिखित परीक्षाओं का मूल्यांकन विषय विशेषज्ञों के माध्यम से गंभीरता और निष्पक्षता के साथ कराया जाता है। राज्य सेवा मुख्य परीक्षा में प्रश्नवार मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जाती है, जो पूरी तरह पहचान रहित होती है। इससे मूल्यांकन कार्य में शामिल किसी भी व्यक्ति के लिए यह जानना संभव नहीं होता कि संबंधित उत्तर पुस्तिका किस अभ्यर्थी की है। आयोग के अनुसार, प्रत्येक अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन में बड़ी संख्या में विषय विशेषज्ञ मूल्यांकनकर्ता शामिल होते हैं। निर्धारित प्रक्रिया, नियमों एवं निर्देशों के माध्यम से मूल्यांकन की शुचिता, गोपनीयता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जाती है। भ्रामक जानकारी से प्रभावित न होने की अपील छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से प्रसारित की जा रही भ्रामक जानकारियों से प्रभावित न हों। आयोग ने कहा कि राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2025 के माध्यम से साक्षात्कार के लिए अभ्यर्थियों के चिन्हांकन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप पूर्णतः सही ढंग से की गई है।

योगी सरकार का शिक्षकों को सम्मान, उत्कृष्ट योगदान देने वाले 81 शिक्षक होंगे पुरस्कृत

उत्कृष्ट योगदान करने वाले, कार्य के प्रति समर्पित 81 शिक्षकों को मुख्यमंत्री योगी करेंगे पुरस्कृत शिक्षक दिवस समारोह में 76 शिक्षकों को मिलेगा राज्य अध्यापक पुरस्कार, 5 को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार शनिवार को गोरखपुर के योगिराज गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में होगा भव्य समारोह का आयोजन      गोरखपुर  भावी पीढ़ी को गढ़ने व शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार और अन्य उत्कृष्ट प्रयासों से शिक्षण कार्य को नई दिशा देने वाले प्रदेश के 81 शिक्षकों को शिक्षक दिवस पर पुरस्कृत किया जाएगा। 5 सितंबर को गोरखपुर के योगिराज बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में आयोजित भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, चयनित शिक्षकों को 'राज्य अध्यापक पुरस्कार 2025' एवं 'मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार 2025' प्रदान करेंगे। पुरस्कार के लिए चयनित कुल 81 शिक्षकों में बेसिक शिक्षा विभाग के 61 तथा माध्यमिक शिक्षा विभाग के 20 शिक्षक शामिल हैं। इनमें 33 महिला शिक्षक (31 बेसिक और 2 माध्यमिक) शामिल हैं। शिक्षक दिवस पर होने वाले समारोह में बेसिक और माध्यमिक के 76 शिक्षकों को राज्य अध्यापक पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। जबकि स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के 5 शिक्षकों को मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार दिया जाएगा। उल्लेखनीय है कि स्ववित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों के लिए मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार की शुरुआत वर्ष 2018 में सीएम योगी ने ही की थी।   राज्य अध्यापक पुरस्कार एवं मुख्यमंत्री अध्यापक पुरस्कार प्राप्त करने वाले प्रत्येक शिक्षक को प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और 25 हजार रुपये की सम्मान राशि प्रदान की जाएगी। इसके साथ ही राज्य स्तरीय पुरस्कार प्राप्त करने वाले शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की आयु सीमा में दो वर्ष की वृद्धि होगी। इन शिक्षकों को उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा की सुविधा मिलेगी। पुरस्कार प्राप्त करने के लिए प्रदेशभर से गोरखपुर आए चयनित सभी शिक्षकों को शासन की ओर से विशिष्ट अतिथि के रूप में होटलों में ठहराने की व्यवस्था की गई है। शनिवार को होने वाले शिक्षक दिवस एवं पुरस्कार वितरण समारोह को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के अलावा प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) गुलाब देवी और बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह भी संबोधित करेंगे। समारोह में मत्स्य विभाग के मंत्री संजय निषाद, गोरखपुर के सांसद रविकिशन के अलावा अनेक जनप्रतिनिधि उपस्थित रहेंगे।

Asian Games 2026 से पहले भोपाल में भारतीय निशानेबाजी टीम का अंतिम तैयारी शिविर

एशियन गेम्स 2026 से पहले भोपाल में भारतीय निशानेबाजी टीम का अंतिम तैयारी शिविर 05 से 14 सितंबर तक आयोजित होगा विशेष प्रशिक्षण शिविर 18 शीर्ष निशानेबाजों सहित 36 सदस्यीय दल लेगा हिस्सा भोपाल  एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजी टीम के खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन को लेकर तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। एशियन गेम्स से पहले भारतीय निशानेबाजी टीम का अंतिम विशेष तैयारी शिविर एक बार फिर भोपाल में आयोजित किया जा रहा है। यह शिविर 05 से 14 सितंबर 2026 तक मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी, भोपाल में संचालित होगा। शिविर के बाद भारतीय निशानेबाज एशियन गेम्स 2026 में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए पदक के लिए निशाना साधेंगे। 9 पुरुष और 9 महिला निशानेबाज लेंगे हिस्सा विशेष तैयारी शिविर में कुल 18 एथलीट्स शामिल होंगे, जिसमें 9 पुरुष और 9 महिला निशानेबाज हैं। पुरुष वर्ग में पार्थ राकेश माने, हिमांशु ढिल्लों, रुद्राक्ष बालासाहेब पाटिल, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार, केदारलिंग बालकृष्ण उचागवने, कमलजीत, आकाश भारद्वाज और अनीश शामिल हैं। महिला वर्ग में इलावेनिल वालारिवन, सोनम उत्तम मस्कर, विदार्सा के. विनोद, आषी चौकसे, तिलोत्तमा सेन, सुरुचि, ईशा सिंह, मनु भाकर और राही सरनोबत प्रशिक्षण लेंगी। शीर्ष निशानेबाजों के अनुभव से मजबूत होगी एशियन गेम्स की तैयारी भारतीय टीम में शामिल निशानेबाजों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। मनु भाकर, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर और ईशा सिंह जैसे शीर्ष निशानेबाज टीम की तैयारियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। मनु भाकर ने ओलंपिक स्तर पर 10 मीटर एयर पिस्टल महिला और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम में कांस्य पदक सहित दो ओलंपिक पदक हासिल किए हैं। वहीं ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर ने ISSF विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप और एशियन चैंपियनशिप सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में पदक जीते हैं। ईशा सिंह ने भी कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बनाई है और विश्व चैंपियनशिप, विश्व कप, एशियन चैंपियनशिप तथा एशियन गेम्स में पदक हासिल किए हैं। इन अनुभवी और प्रतिभाशाली निशानेबाजों की मौजूदगी से भारतीय टीम को एशियन गेम्स से पहले अंतिम तैयारियों में मजबूती मिलेगी। राइफल और पिस्टल के विशेषज्ञ कोच संभालेंगे प्रशिक्षण की जिम्मेदारी कैंप में राइफल और पिस्टल के विशेषज्ञ कोच खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देंगे। विदेशी कोच थॉमस फार्निक राइफल और जलेना अरुनोविक पिस्टल की जिम्मेदारी संभालेंगी। इसके अलावा समरेश जंग 10 मीटर पिस्टल के हेड कोच, विद्या जाधव 10 मीटर पिस्टल कोच, हरप्रीत सिंह 25 मीटर पिस्टल कोच, डी.एस. चंदेल 10 मीटर राइफल हाई परफॉर्मेंस कोच, पूजा घाटकर 10 मीटर राइफल कोच, मनोज कुमार 50 मीटर राइफल के हेड कोच तथा सतगुरुदास 50 मीटर राइफल कोच के रूप में दल के साथ रहेंगे। फिटनेस और मानसिक तैयारी पर भी रहेगा विशेष फोकस एशियन गेम्स से पहले आयोजित इस अंतिम शिविर में खिलाड़ियों की तकनीकी तैयारियों के साथ उनकी फिटनेस, रिकवरी और मानसिक मजबूती पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। दल में हाई परफॉर्मेंस डायरेक्टर डॉ. पियरे ब्यूचैंप, हाई परफॉर्मेंस मैनेजर रौनक पंडित, फिजियोथेरेपिस्ट स्नेहिल खुराना, संचिता मुखर्जी और अनुज गुप्ता शामिल हैं। इसके साथ ही विजेंद्र पाल सिंह एवं मयंक सिंह गरिया स्ट्रेंथ एंड कंडीशनिंग ट्रेनर तथा शिवम द्विवेदी एवं अक्षिता शेखोन स्पोर्ट्स साइकोलॉजिस्ट के रूप में खिलाड़ियों को अपनी सेवाएं देंगे। मध्यप्रदेश उपलब्ध करा रहा अत्याधुनिक शूटिंग सुविधाएं अंतिम तैयारी शिविर के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। खिलाड़ियों के प्रशिक्षण के लिए 10 मीटर, 25 मीटर एवं 50 मीटर शूटिंग रेंज, फाइनल रेंज तथा फिटनेस के लिए जिम की सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। एक ही परिसर में अंतरराष्ट्रीय स्तर की शूटिंग रेंज और फिटनेस सुविधाएं मिलने से भारतीय निशानेबाजों को एशियन गेम्स से पहले अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में मदद मिलेगी। अगस्त में भी भोपाल में हुआ था विशेष तैयारी शिविर एशियन गेम्स 2026 की तैयारियों के तहत भारतीय निशानेबाजी टीम का विशेष तैयारी शिविर इससे पहले 14 से 25 अगस्त 2026 तक भोपाल में आयोजित किया गया था। इस दौरान 18 शीर्ष निशानेबाजों सहित 36 सदस्यीय दल ने मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की अत्याधुनिक सुविधाओं में प्रशिक्षण लिया था। अब एशियन गेम्स से ठीक पहले 05 से 14 सितंबर तक आयोजित होने वाला यह शिविर टीम का अंतिम तैयारी शिविर है। इसमें खिलाड़ी प्रतियोगिता से पहले अपनी तकनीक, फिटनेस और मानसिक तैयारी को अंतिम रूप देंगे। भोपाल से एशियन गेम्स के लिए रवाना होगी भारतीय निशानेबाजी टीम 05 से 14 सितंबर तक चलने वाला यह शिविर भारतीय निशानेबाजी टीम का एशियन गेम्स 2026 से पहले अंतिम तैयारी चरण होगा। शिविर के दौरान खिलाड़ी अपनी तकनीक को बेहतर करने के साथ प्रतियोगिता की परिस्थितियों के अनुरूप खुद को तैयार करेंगे। 14 सितंबर को शिविर समाप्त होने के बाद भारतीय निशानेबाज एशियन गेम्स 2026 में देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य के साथ सीधे प्रतियोगिता में उतरेंगे। भारतीय निशानेबाजी टीम का लगातार भोपाल में प्रशिक्षण लेना मध्यप्रदेश राज्य शूटिंग अकादमी की विश्वस्तरीय सुविधाओं और प्रदेश की मजबूत खेल अधोसंरचना को भी रेखांकित करता है। खेल एवं युवा कल्याण विभाग, मध्यप्रदेश खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने और प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय खेल प्रशिक्षण के महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में निरंतर कार्य कर रहा है।  

सीएम डॉ. यादव बोले- भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, कर्तव्य और मित्रता की प्रेरणा देता है

भगवान श्रीकृष्ण ने जिया साहस, कर्तव्य और मित्रता के गुणों से भरा जीवन : मुख्यमंत्री डॉ. यादव मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन की मटकी फोड़ स्पर्धा से जुड़े वर्चुअली भोपाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर्व से अनेक तरह की सीख मनुष्य को मिलती है। भगवान श्रीकृष्ण का जीवन साहस, रणनीति निर्माण, कर्तव्य परायणता और मित्रता के महत्व को इंगित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव उज्जैन के शहीद पार्क स्थित कृष्ण ग्रुप और कृष्णा वेल्फेयर सोसायटी के मटकी फोड़ प्रतियोगिता एवं भजन संध्या को वर्चुअली संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी को जन्माष्टमी की बधाई दी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मटकी फोड़ प्रतियोगिता और कार्यक्रम में जीवन दर्शन समाया हुआ है। हमारा जीवन मटकी या घड़े की तरह है जिसमें पुण्य का माखन भरा रहना चाहिए। हम सब मिलकर मटकी फोड़कर मक्खन प्राप्त करते हैं। एकजुट होकर फोड़ने का अलग आनंद है। मटकी फोड़ स्पर्धा से यह सीख मिलती है कि मित्रता और सामुहिकता कितनी आवश्यक है। मटकी फोड़ने का कार्य संगठन की शक्ति को भी प्रदर्शित करता है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने संस्था द्वारा गत 17वर्ष से निरंतर हो रहे इस आयोजन और सभी प्रतिभागियों की सराहना की। कार्यक्रम में नगर निगम सभापति श्रीमती कलावती यादव के अलावा अनेक अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।  

आस्था की ताकत पर बोले सीएम योगी, ‘आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी श्रद्धा नहीं’

आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, हमारी आस्था नहीं: सीएम योगी लखनऊ पुलिस लाइन में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी आयोजन में शामिल हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अंधकार में जन्म लेकर श्रीकृष्ण ने जीवन भर समाज को दिखाया प्रकाश का मार्ग- मुख्यमंत्री सीएम ने कहा- आक्रांताओं ने मूर्तियां तोड़ीं, मंदिरों के ऊपर इमारतें खड़ी कीं, लेकिन हमारे मन में बसे श्रीराम-श्रीकृष्ण को नहीं छू पाए अयोध्या में राम मंदिर और काशी विश्वनाथ धाम के भव्य स्वरूप ने दिखाई आस्था की अजेय शक्ति लखनऊ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन आस्था नहीं। वे मूर्तियां तोड़ सकते हैं, मंदिरों के ऊपर अपनी इमारत खड़ी कर सकते हैं, लेकिन वे हमारे मन में बसे श्रीराम-श्रीकृष्ण को कभी छू नहीं पाए। सोमनाथ मंदिर बार-बार टूटा, लेकिन भारत ने उसे बार-बार बनाया। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भगवान राम का मंदिर बार-बार टूटा, लेकिन आज यह अपनी अजेय पताका के साथ खड़ा है। काशी में बाबा विश्वनाथ का मंदिर भी बार-बार टूटा, लेकिन पहले लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर और आधुनिक भारत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने काशी विश्वनाथ धाम के रूप में इसे भव्य स्वरूप दिया। पुलिस लाइन लखनऊ में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन लोगों ने भारत को मिटाने और उसकी आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया, वे स्वयं इतिहास के पन्नों में मिट गए। आज कोई उन्हें पूछने वाला नहीं। इसके विपरीत भारत आज भी जाग्रत है और अपनी शाश्वत यात्रा को लेकर आगे बढ़ रहा है। आज का यह आयोजन हम सभी को योगेश्वर श्रीकृष्ण के उस शाश्वत संदेश के साथ जोड़ता है, जो पिछले 5000 वर्षों से अधिक समय से सम और विषम परिस्थितियों में इस समाज का मार्गदर्शन कर रहा है। सीएम ने कहा कि श्रीकृष्ण का जन्म जेल की काल कोठरी में होता है। जन्म अंधकार में होता है, लेकिन जीवन भर श्रीकृष्ण ने उन परिस्थितियों को परास्त करते हुए समाज को प्रकाश का मार्ग दिखाया। धर्म, सत्य और न्याय की स्थापना के लिए प्रभु का अवतरण हुआ। यह धर्म कुछ और नहीं, बल्कि वही कर्तव्य है, जिसका पालन करते हुए श्रीकृष्ण को हमने कंस के विरुद्ध और महाभारत के युद्ध में भी देखा है। जीवन में जब भ्रम हो, संशय हो, तब कर्म की प्रेरणा प्रदान करने वाला श्रीकृष्ण का संदेश हम सभी को श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से प्राप्त होता है, हर सनातनी और हर भारतवासी बड़ी श्रद्धा के साथ उनका स्मरण करता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सौभाग्य रहा कि मैं कल से आज दोपहर तक वृंदावन और मथुरा में ही था। वहां लाखों की संख्या में उमड़ा जनसैलाब था। लोगों को न बरसात की चिंता थी, न गर्मी की, न सुविधा की और न ही किसी प्रकार का कोई संकोच। सभी के मन में एक ही भाव और एक ही भंगिमा थी कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि में दर्शन करना है। मथुरा, वृंदावन, बरसाना, गोकुल, गोवर्धन, बलदेव और नंदगांव, इन सभी क्षेत्रों में आज भी श्रीकृष्ण की वे स्मृतियां लोगों के मन में बसी हुई हैं। वहां लोग अनावश्यक रूप से पहाड़ों का खनन नहीं करते, पेड़ों की टहनियां नहीं तोड़ते और प्रकृति को नुकसान नहीं पहुंचाते। सीएम ने कहा कि इंद्र अपनी पूजा कराना चाहते थे। श्रीकृष्ण ने कहा कि नहीं, जो हमारे अन्नदाता किसानों को और हमारे पशुपालकों को संरक्षण देता है, हमें उसकी पूजा करनी चाहिए। इसीलिए आज भी हम लोग पिछले 5000 वर्षों से गोवर्धन की पूजा कर रहे हैं। श्रद्धालु गोवर्धन की परिक्रमा करते हैं और लाखों की संख्या में वहां पहुंचते हैं। यह भाव हमें दिखाता है कि आक्रांता मंदिर तोड़ सकता है, लेकिन हमारी आस्था नहीं। प्रतिस्पर्धा सकारात्मक होनी चाहिए मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रीकृष्ण का संदेश हम सबके लिए एक ही है कि कर्म क्षेत्र में अपने आप को पहचानो। आज प्रत्येक क्षेत्र में एक नई प्रतिस्पर्धा है। एक नए भाव के साथ पूरा देश आगे बढ़ने के लिए उत्सुक दिखाई देता है, लेकिन यह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक होनी चाहिए। जिन लोगों ने आस्था को नष्ट करने का प्रयास किया था, उनका भाव नकारात्मक था, इसलिए वे स्वयं नष्ट हो गए। जिन लोगों ने भारत के भाव और भंगिमा को नष्ट करने का प्रयास किया था, वे इतिहास में नाम शेष हो गए। हर व्यक्ति अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे मुख्यमंत्री ने कहा कि यह यात्रा केवल सरकार को नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतवासियों को मिलकर तय करनी है। विकसित भारत की संकल्पना तब पूरी होगी, जब सकारात्मक भाव के साथ हर व्यक्ति अपने-अपने कर्तव्यों का ईमानदारीपूर्वक निर्वहन करे। हर व्यक्ति कर्म क्षेत्र में श्रेष्ठ करने की दिशा में अग्रसर होगा तो निश्चित रूप से भारत विकसित भारत होगा और उत्तर प्रदेश विकसित उत्तर प्रदेश होगा। कार्यक्रम में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह, ऊर्जा राज्य मंत्री कैलाश राजपूत, पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह, लखनऊ की महापौर सुषमा खर्कवाल, विधायक नीरज बोरा, जय देवी, अमरेश कुमार और ओपी श्रीवास्तव, मुख्य सचिव एसपी गोयल, पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण, अपर मुख्य सचिव गृह संजय प्रसाद समेत गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

सीएम विष्णुदेव साय बोले- भगवान श्रीकृष्ण का जीवन धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण की प्रेरणा देता है

भगवान श्रीकृष्ण का जीवन हमें धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की देता है प्रेरणा – मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर मुख्यमंत्री ने किया शंख अभिषेक, प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए मुख्यमंत्री, भक्तों के साथ किया हरे कृष्ण महामंत्र का घोष रामलला दर्शन और मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना से श्रद्धालुओं की तीर्थ यात्रा की अभिलाषा हो रही पूरी प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आस्था केंद्रों को भव्य स्वरूप देने की दिशा में तेजी से हो रहा कार्य रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के टाटीबंध स्थित इस्कॉन रायपुर के राधा रासबिहारी जी मंदिर में आयोजित श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव में शामिल हुए। भक्तिमय वातावरण के बीच मुख्यमंत्री साय ने भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं शंख अभिषेक किया और प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री साय ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों और उपस्थित श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संपूर्ण जीवन मानव समाज को धर्म, कर्तव्य और लोककल्याण के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से भगवान श्रीकृष्ण ने कर्मयोग का जो संदेश दिया, वह आज भी मानवता को जीवन की चुनौतियों के बीच अपने कर्तव्य पथ पर दृढ़तापूर्वक आगे बढ़ने की दिशा दिखाता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि जन्माष्टमी केवल भगवान श्रीकृष्ण के प्राकट्य का उत्सव नहीं, बल्कि उनके जीवन-दर्शन और आदर्शों को आत्मसात करने का भी अवसर है। भगवान श्रीकृष्ण ने अपने जीवन के माध्यम से अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, धर्म की रक्षा करने और समाज के कमजोर वर्ग के साथ खड़े रहने का संदेश दिया। उनके विचार युगों-युगों से भारतीय समाज को प्रेरित करते आ रहे हैं। इस अवसर पर मंदिर परिसर ‘हरे कृष्ण, हरे कृष्ण, कृष्ण कृष्ण, हरे हरे’ के महामंत्र से गुंजायमान रहा। मुख्यमंत्री साय ने भी भक्तवृंद के साथ हरे कृष्ण महामंत्र का घोष किया और वृंदावन बिहारीलाल के प्राकट्य उत्सव पर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रद्धालुओं के उत्साह और भक्तिभाव से पूरा वातावरण कृष्णमय हो गया। छत्तीसगढ़ की धार्मिक विरासत हमारी अमूल्य धरोहर मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती प्राचीन काल से ही धर्म, अध्यात्म और संस्कृति की पुण्यभूमि रही है। यह माता कौशल्या का मायका और प्रभु श्रीराम का ननिहाल है। हमारे गांवों, नगरों, मंदिरों, तीर्थों और लोक परंपराओं में हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत जीवंत है। इस गौरवशाली धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को सहेजना, उसका संवर्धन करना तथा नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ना राज्य सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में भोरमदेव, गंधेश्वर महादेव, मधेश्वर महादेव और कुलेश्वर महादेव जैसे प्रसिद्ध शिवधाम हैं, वहीं मां बमलेश्वरी, रतनपुर की मां महामाया, माता दंतेश्वरी और मां चंद्रहासिनी जैसे शक्तिपीठ एवं आस्था केंद्र प्रदेश की आध्यात्मिक पहचान को समृद्ध करते हैं। राज्य सरकार इन धार्मिक स्थलों पर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने और उन्हें भव्य स्वरूप देने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व के भोरमदेव मंदिर क्षेत्र को प्रसाद योजना के अंतर्गत लगभग 150 करोड़ रुपए की लागत से विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित होंगे। हर श्रद्धालु को तीर्थ दर्शन का अवसर देने का प्रयास मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आस्था हमारे समाज की बड़ी शक्ति है। आर्थिक अथवा अन्य कारणों से कोई श्रद्धालु तीर्थ दर्शन की अपनी अभिलाषा से वंचित न रहे, इस भावना के साथ राज्य सरकार विभिन्न योजनाओं का संचालन कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर में रामलला के विराजमान होने के बाद छत्तीसगढ़ के लोगों में अपने आराध्य के दर्शन को लेकर अपार उत्साह है। राज्य सरकार की श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से श्रद्धालुओं को अयोध्याधाम की यात्रा कराई जा रही है। अब तक 50 हजार से अधिक श्रद्धालु इस योजना के माध्यम से प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि इसी प्रकार मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के अंतर्गत प्रदेश के वृद्धजनों को देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर उपलब्ध कराया जा रहा है। जीवन के इस पड़ाव पर तीर्थ दर्शन की उनकी अभिलाषा पूरी होते देखना सरकार के लिए भी संतोष का विषय है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन के विकास से हमारी विरासत का संरक्षण तो होता ही है, साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है। धार्मिक स्थलों पर सुविधाओं के विस्तार से पर्यटन बढ़ता है और स्थानीय युवाओं, स्व-सहायता समूहों, छोटे व्यवसायियों तथा कारीगरों के लिए रोजगार और आय के नए अवसर निर्मित होते हैं। सरकार का प्रयास है कि छत्तीसगढ़ के प्रमुख आस्था केंद्र राष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाएं। भक्ति और उल्लास के साथ मनाया जा रहा महा-महोत्सव उल्लेखनीय है कि इस्कॉन रायपुर के 26वें वर्ष में प्रवेश के उपलक्ष्य में 03 से 05 सितम्बर तक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महा-महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। महोत्सव के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की आराधना, भजन-कीर्तन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया जा रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु महोत्सव में शामिल होकर भगवान श्रीकृष्ण और राधारानी के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इस अवसर पर राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा, विधायक पुरन्दर मिश्रा, इस्कॉन रायपुर के पदाधिकारीगण, संतजन एवं बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।