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55 रन पर ढेर हुई पाकिस्तान टीम, फिर भी कोच वहाब रियाज बोले- हम ही ट्रॉफी के सबसे बड़े दावेदार

नई दिल्ली भारत के खिलाफ पाकिस्तान को शनिवार के दिन विमेंस एशिया कप में बड़ी हार का सामना करना पड़ा. भारत ने पाकिस्तान को 7 विकेट से शिकस्त देकर एशिया कप में जीत के सिलसिले को बरकरार रखा है l   इतनी बड़ी हार झेलने के बाद पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम के मुख्य कोच वहाब रियाज ने बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कुछ ऐसा कहा कि जिसने फैन्स का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. टीम के शर्मनाक प्रदर्शन के बाद कोच ने एक बड़ा दावा कर दिया है l पिछले मैच में टीम के महज 55 रनों पर ढेर हो जाने के बावजूद रियाज ने दावा किया कि इस एशिया कप को जीतने की सबसे प्रबल दावेदार उनकी टीम ही है. उन्होंने खिलाड़ियों पर भरोसा जताते हुए कहा कि आने वाले मुकाबलों में पाकिस्तान के खिलाड़ी और बेहतर प्रदर्शन करेंगे l      भारत ने पाक को 7 विकेट से हराया दुबई में खेले गए एक अहम मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने पाकिस्तानी बल्लेबाजों की धज्जियां उड़ा दीं. पाकिस्तान की टीम 18.1 ओवर में सिर्फ 55 रन बनाकर सिमट गई, जो महिला टी20 इंटरनेशनल में उनका सबसे शर्मनाक स्कोर है. जवाब में भारतीय टीम ने महज 8.4 ओवरों में 3 विकेट खोकर आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया l कोच का हैरान करने वाला बयान इतनी करारी हार के बाद वहाब रियाज प्रेस कॉन्फ्रेंस करने आए. उन्होंने इस दौरान कुछ ऐसा कहा कि सबको हैरान कर दिया. कोच रियाज ने कहा कि मेरा अब भी मानना है कि इस एशिया कप की ट्रॉफी उठाने के लिए पाकिस्तान ही सबसे बेहतरीन टीम है, क्योंकि यहां के हालात हमारे खेल के बिल्कुल अनुकूल हैं l ताश के पत्तों की तरह ढही टीम मैच की शुरुआत में पाकिस्तान की टीम बिना कोई विकेट खोए 27 रन बनाकर ठीक स्थिति में दिख रही थी. लेकिन इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने ऐसा कहर बरपाया कि पाकिस्तानी पारी ताश के पत्तों की तरह बिखर गई. भारत की तरफ से श्री चरणी ने 3 विकेट चटकाए, जबकि दीप्ति शर्मा और प्रेमा रावत ने 2-2 विकेट झटके l 56 रनों के बेहद आसान लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने बिना कोई वक्त गंवाए हमला बोला और 68 गेंदें बाकी रहते ही 7 विकेट से धमाकेदार जीत दर्ज कर ली. इस जीत के साथ भारत ने अपनी ग्रुप में बढ़त और मजबूत कर ली है l

इंदौर की हवा ने भी बढ़ाया शहर का गौरव, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में मिला दूसरा स्थान; 7 सितंबर को ऐलान

इंदौर  स्वच्छता के सिरमौर इंदौर ने अब अपनी आबोहवा को शुद्ध रखने में भी एक नया मुकाम हासिल किया है। 'स्वच्छ वायु सर्वेक्षण-2026' में इंदौर ने देश के शीर्ष तीन शहरों में अपनी जगह पक्की कर ली है। सूत्रों की मानें तो इस प्रतिष्ठित सर्वेक्षण में शहर ने दूसरा पायदान हासिल किया है। हालांकि, रैंकिंग की आधिकारिक और अंतिम घोषणा 7 सितंबर को नई दिल्ली में की जाएगी। इस खास उपलब्धि के लिए इंदौर को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाना है। दिल्ली में मिलेगा 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार'     सात सितंबर को नई दिल्ली स्थित इंदिरा पर्यावरण भवन के गंगा ऑडिटोरियम में 'स्वच्छ वायु दिवस' कार्यक्रम आयोजित होगा। इसी समारोह में केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव परिणामों की विधिवत घोषणा करेंगे।     कार्यक्रम के दौरान इंदौर को 'राष्ट्रीय स्वच्छ वायु सराहना पुरस्कार' से नवाजा जाएगा। यह सम्मान ग्रहण करने के लिए शहर के महापौर और निगमायुक्त को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है। नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारियों तक भी इस पुरस्कार की सूचना पहुंच चुकी है। इन प्रयासों से सुधरी शहर की आबोहवा वायु गुणवत्ता को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम ने जमीनी स्तर पर कई अहम कदम उठाए, जिनका सीधा और सकारात्मक असर इस सर्वेक्षण में नजर आया। निगम के प्रमुख प्रयास इस प्रकार रहे:     सड़कों की मशीनीकृत सफाई: हवा में धूल के कणों को उड़ने से रोकने के लिए मैकेनाइज्ड स्वीपिंग मशीनों का व्यापक स्तर पर इस्तेमाल किया गया।     ग्रीन बेल्ट का विस्तार: पर्यावरण को शुद्ध रखने और हरियाली बढ़ाने के लिए शहरभर में नए ग्रीन बेल्ट विकसित किए गए।     मलबे का उचित प्रबंधन: निर्माण कार्यों और तोड़फोड़ से निकलने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया गया।     रीसाइकिल और रीयूज: सीएंडडी कचरे (मलबे) के अधिकतम हिस्से को दोबारा उपयोग में लाने और उसे रीसाइकिल करने पर विशेष जोर दिया गया।     ई-वाहनों पर फोकस: प्रदूषण का स्तर घटाने के लिए सार्वजनिक परिवहन बेड़े में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दिया गया। 7 सितंबर को आधिकारिक तौर पर साफ होगी तस्वीर वर्तमान में नगर निगम के सूत्रों के हवाले से इंदौर के दूसरे स्थान पर रहने की सुगबुगाहट है। हालांकि, शहर की वास्तविक रैंकिंग और स्थिति की अंतिम तस्वीर 7 सितंबर को दिल्ली के मुख्य समारोह में ही स्पष्ट होगी, जब परिणामों की औपचारिक घोषणा की जाएगी।

बाढ़ पीड़ितों को CM योगी का भरोसा- आपदा की घड़ी में अकेले नहीं, डबल इंजन सरकार आपके साथ

बाढ़ पीड़ितों को CM योगी का भरोसा- आपदा की इस घड़ी में आप अकेले नहीं, डबल इंजन सरकार आपके साथ CM योगी ने बाढ़ प्रभावित चित्रकूट दौरे से पहले सेल्फी वीडियो जारी कर दिया बाढ़ राहत का संदेश बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं CM योगी  हर जीवन की सुरक्षा और हर परिवार तक राहत हमारा संकल्प : मुख्यमंत्री  लखनऊ  उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि सरकार उनके साथ खड़ी है। सीएम योगी ने रविवार को चित्रकूट के दौरे से पहले अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक सेल्फी वीडियो शेयर कर बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और बचाव कार्यों की जानकारी दी। सीएम योगी ने कहा कि ज्यादा बारिश के कारण प्रदेश के कुछ जिलों में बाढ़ की स्थिति बनी हुई है। सरकार पूरी तेजी के साथ लोगों तक मदद पहुंचाने में जुटी है। वह खुद बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर हालात देख रहे हैं और राहत-बचाव के कामों का जायजा ले रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के मंत्री भी बाढ़ प्रभावित इलाकों में जाकर लोगों से मिल रहे हैं और राहत सामग्री बांट रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ की समस्या का स्थायी समाधान निकालने के लिए भी सरकार काम कर रही है। सीएम योगी ने बताया कि वह बलिया, फर्रुखाबाद और वाराणसी का दौरा कर चुके हैं और आज चित्रकूट जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार के लिए लोगों की सेवा सिर्फ सरकारी जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि उनके सुख-दुख में साथ खड़े रहना भी है। उन्होंने बाढ़ पीड़ितों से कहा कि संकट की इस घड़ी में वे खुद को अकेला न समझें, सरकार पूरी तरह उनके साथ है। सीएम योगी ने कहा कि हर व्यक्ति की जान की सुरक्षा, हर प्रभावित परिवार तक राहत पहुंचाना और जरूरतमंदों की मदद करना सरकार की पहली प्राथमिकता है।

FPI Selloff: दो महीने की खरीदारी के बाद विदेशी निवेशकों की बिकवाली, ₹7,443 करोड़ निकाले

मुंबई  मिडिल ईस्ट में अमेरिका-ईरान के बीच टेंशन शेयर बाजारों में उतार-चढ़ाव का बड़ा कारण बनी हुई है. इसका सीधा असर विदेशी निवेशकों के इन्वेस्टमेंट पर भी लगातार देखने को मिला है, जिससे बाजारों का सेंटीमेंट खराब हुआ है. इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि करीब दो महीने तक लगातार निवेश करने के बाद एक बार फिर FPI का मूड खराब हो गया है और उन्होंने सितंबर के पहले हफ्ते में ही ताबड़तोड़ 7,443 करोड़ रुपये भारतीय बाजार से निकाले हैं।  US-Iran Tension के चलते कच्चे तेल की कीमतों में इजाफा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर की मजबूती समेत तमाम कारणों ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली को सपोर्ट किया है।  दो महीने दनादन निवेश, अब भागे अमेरिका-ईरान में युद्ध कुछ समय के लिए थमने के दौरान इसका असर विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों यानी FPIs पर भी देखने को मिला था और चार महीने की तगड़ी बिकवाली के बाद आखिरकार भारतीय शेयर बाजार में उनकी वापसी हुई है. लेकिन, दो महीने तक दनादन निवेश करने के बाद अब एफपीआई का मूड फिर से बिगड़ा नजर आया और उनकी बिकवाली तेज हो गई है।  पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय शेयर बाजार से सितंबर महीने में पहले सप्ताह में ही इन विदेशी निवेशकों ने 7,443 करोड़ रुपये की मोटी रकम निकाली है. इससे पहले दो महीनों के निवेश पर नजर डालें, तो डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार FPI ने जुलाई में 20,200 करोड़ रुपये, जबकि बीते अगस्त महीने में 30,919 करोड़ रुपये लगाए थे।  इस साल अब तक 2.32 लाख करोड निकाले दो महीने के तगड़े निवेश के बावजूद विदेशी निवेशकों द्वारा सितंबर के शुरुआती हफ्ते में की गई इस बिकवाली के बाद अब साल 2026 में इनके भारतीय बाजार से भागते हुए पैसे निकालने का आंकड़ा और भी बढ़ गया है. आंकड़े देखें, तो 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से विदेशी निवेशकों की कुल निकासी 2.32 लाख करोड़ रुपये के आस-पहुंच गई है, जो बीते वित्त वर्ष के मुकाबले काफी ज्यादा है. बता दें कि 2025 में एफपीआई ने सालभर में 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे।  ये बनीं बिकलावी की बड़ी वजह  भारतीय बाजार से विदेशी निवेशकों के फिर से भागने के पीछे के कारणों को देखें, तो इसके पीछे एक बड़ा कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आया उछाल माना जा रहा है, जो सीधे तौर पर अमेरिकी और ईरान के बीच तनाव बढ़ने की खबरों से जुड़ा हुआ है।  एक्सपर्ट्स का कहना है कि Crude Oil Price Hike ने एफपीआई की चिंता एक बार फिर से बढ़ाने का काम किया है, क्योंकि इससे देश में महंगाई का जोखिम बढ़ रहा है. रिपोर्ट में जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार का कहना है कि एफपीआई का आने वाले दिनों में रुख बॉन्ड यील्ड में होने वाला बदलाव पर केंद्रित रह सकता है।  

सात्विक-चिराग का कमाल, चीन मास्टर्स के फाइनल में तीसरी बार बनाई जगह

शेनजेन  भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष युगल जोड़ी ने शानदार रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए मलेशिया के नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग को तीन गेम में हराकर तीसरी दफा चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी इस सत्र के अपने दूसरे खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर है। सात्विक-चिराग की दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी ने दूसरे गेम में लड़खड़ाने के बाद जोरदार वापसी की और मलेशियाई जोड़ी को एक घंटे पांच मिनट में 21-15, 18-21, 21-11 से हराया। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 के में उपविजेता रही थी। एशियाई खेलों की चैंपियन भारतीय जोड़ी अब खिताबी मुकाबले में चीन के हे जी तिंग और रेन शियांग यू की जोड़ी से भिड़ेगी। चौथी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी ने शुरुआती गेम में 0-5 से पिछड़ने के बाद लगातार सात अंक हासिल किए। इसमें 34 शॉट की लंबी रैली भी शामिल थी जिससे उन्होंने 7-5 की बढ़त बना ली। सात्विक और चिराग ने भी कुछ गलतियां कीं, लेकिन ब्रेक तक वे 11-9 से आगे रहे। जब स्कोर 18-15 था तब दोनों जोड़ियों के बीच 54 शॉट की रैली हुई। इस दौरान मलेशियाई खिलाड़ी ने जमीन पर गिरने के बावजूद रैली जारी रखी, लेकिन अंत में उसका शॉट कोर्ट से बाहर चला गया। इसके बाद नूर ने एक और शॉट गलत खेला जिससे भारत को पांच गेम प्वाइंट मिले। सात्विक और चिराग ने दूसरे गेम प्वाइंट पर पहला गेम अपने नाम कर लिया। मलेशियाई जोड़ी ने फिर तेज शुरुआत करते हुए दूसरे गेम में 4-0 की बढ़त बनाई, लेकिन सात्विक और चिराग ने शानदार फ्लिक सर्व का इस्तेमाल करते हुए वापसी की और स्कोर 5-5 से बराबर कर दिया। नेट पर सात्विक की एक और गलती के बाद मलेशियाई जोड़ी ने ब्रेक तक 11-10 की बढ़त हासिल कर ली।दोनों जोड़ियों के बीच कड़ा संघर्ष जारी रहा और अंक 18-18 तक बराबर रहे। इसके बाद मलेशियाई जोड़ी ने मामूली बढ़त हासिल की और दूसरा गेम जीतकर मुकाबले को निर्णायक गेम तक पहुंचा दिया। दूसरे गेम के अंतिम हिस्से में हुई चूक को भारतीय खिलाड़ियों ने पीछे छोड़ते हुए निर्णायक गेम में 5-2 की बढ़त बना ली। इसके बाद खेल भावना का शानदार उदाहरण देखने को मिला। चिराग के रैकेट के फ्रेम से लगकर एक शॉट भारत के पक्ष में जाने के बाद उन्होंने टैन से माफी मांगी और उनसे हाथ मिलाया। इस अंक के बाद भारत 7-3 से आगे था। सात्विक और चिराग ने रैलियों पर अपना दबदबा बनाए रखा और ब्रेक तक 11-4 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद सात्विक ने नूर के खिलाफ एक और जोरदार स्मैश लगाकर स्कोर 13-6 कर दिया। मलेशियाई जोड़ी धीरे-धीरे थकने लगी और उसका आत्मविश्वास भी कम होता गया। इसके बाद मुकाबला पूरी तरह भारतीय खिलाड़ियों के नियंत्रण में रहा। चिराग का शॉट बैकलाइन पर सटीक गिरने से भारत को 11 मैच प्वाइंट मिल गए। टैन ने इनमें से दो मैच प्वाइंट बचा लिए, लेकिन चिराग ने तीसरे मौके पर फ्लिक सर्व के जरिए अंक हासिल कर मुकाबला अपने नाम कर दिया। सात्विक और चिराग ने सेमीफाइनल में पहुँचने के लिए किस टीम को हराया? सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने डेनमार्क के किम एस्ट्रुप और एंडर्स स्कारुप रासमुसेन को हराकर चीन मास्टर्स सुपर-750 के पुरुष डबल्स के सेमीफाइनल में जगह पक्की की। मुकाबला तीन गेम में हुआ और भारतीय जोड़ी ने 21-13, 16-21, 21-18 से जीत दर्ज की। सात्विक और चिराग की जोड़ी को किस जोड़ी ने हराया? सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी को बीडब्ल्यूएफ विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में दुनिया की तीसरे नंबर की चीनी जोड़ी लियांग वेई केंग और वांग चांग ने हराया। यह मैच 36 मिनट चला।      सात्विकसाईराज और चिराग ने किस टीम को हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई?     सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने मलेशिया की दुनिया की 19वें नंबर की जोड़ी जुनैदी आरिफ और याप रॉय किंग को कड़े मुकाबले में 21-23, 21-19, 21-17 से हराकर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई।

फूड प्रोसेसिंग में भारत की बड़ी छलांग, 2030-47 तक 30% स्तर हासिल करने का लक्ष्य

 नई दिल्ली  वैश्विक खाद्य प्रसंस्करण (फूड प्रोसेसिंग) के नक्शे पर भारत एक बड़ी शक्ति बनकर उभरने की राह पर है। मूल्य-संवर्धन (वैल्यू एडिशन), अत्याधुनिक तकनीक और मजबूत अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों के बूते भारतीय खाद्य व पेय उद्योग दुनिया भर में अपनी धक जमाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दिल्ली में एक कार्यक्रम में खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के उप कृषि विपणन सलाहकार डॉ. जेपी डोंगरे ने यह जानकारी देते हुए बताया कि 500 अरब अमेरिकी डॉलर (लगभग 41 लाख करोड़ रुपये) के विशाल अनुमानित मूल्य के साथ यह क्षेत्र न केवल देश की अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा दे रहा है, बल्कि वैश्विक खाद्य आपूर्ति श्रृंखला (सप्लाई चेन) में भारत का दबदबा भी कायम कर रहा है। डॉ. जेपी डोंगरे के अनुसार, एक दशक पहले देश में खाद्य प्रसंस्करण का स्तर महज तीन से चार प्रतिशत था, जो आज बढ़कर 16–17 प्रतिशत तक पहुंच चुका है। जबकि, सरकार का लक्ष्य वर्ष 2030 से 2047 तक खाद्य प्रसंस्करण स्तर को बढ़ाकर 25–30 प्रतिशत तक पहुंचाना है। फसल कटाई के बाद के नुकसान पर लग रहा लगाम देश में हर साल होने वाले लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपये के फसल कटाई के बाद नुकसान को आधुनिक भंडारण और कोल्ड-चेन अवसंरचना के माध्यम से आर्थिक मूल्य में बदलने की योजना है। इसी तरह, प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम औपचारिकीकरण योजना' (पीएमएफएमई) के तहत पिछले पांच वर्षों में करीब दो लाख सूक्ष्म उद्यमियों को औपचारिक क्षेत्र से जोड़ा गया है। आर्गेनिक निर्यात में तेजी वित्त वर्ष 2024-25 में भारत का आर्गेनिक निर्यात 665.97 मिलियन डालर (लगभग 5,500 करोड़ रुपये) के स्तर को पार कर गया है। उत्तर भारत खाद्य व उद्योग के लिए विकास का महत्वपूर्ण केंद्र कार्यक्रम के आयोजक व कोइलमेस्से प्रा. लि. के प्रबंध निदेशक मिलिंद दीक्षित ने कहा कि उत्तर भारत खाद्य एवं उद्योग के लिए विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभर रहा है। मजबूत कृषि आधार और विविध प्रसंस्करण क्षमता के कारण यह क्षेत्र घरेलू के साथ-साथ वैश्विक बाजार के लिए भी महत्वपूर्ण है। मुंबई में सजेगा वैश्विक महाकुंभ: 'अनुगा 2026' भारतीय खाद्य क्षेत्र की इस बढ़ती हनक के बीच 29 सितंबर से एक अक्टूबर तक मुंबई के बाम्बे एग्जिबिशन सेंटर में 'अनुगा सिलेक्ट इंडिया' और 'अनुगा फूडटेक इंडिया 2026' का 19वां संस्करण आयोजित होने जा रहा है। नई दिल्ली में आयोजित इसके कर्टेन-रेजर कार्यक्रम में डा. जे.पी. डोंगरे ने कहा कि सरकार आधुनिक मशीनरी, पैकेजिंग और कोल्ड-चेन नेटवर्क के लिए वित्तीय सहायता देकर निर्यात बढ़ाने पर जोर दे रही है। विदेशी ब्रांड्स की पहली पसंद बना मेड इन इंडिया भारतीय उपभोक्ताओं के बदलते मिजाज और खाद्य आयात पर बात करते हुए फोरम ऑफ इंडियन फूड इंपोर्टर्स के संस्थापक अमित लोहानी ने बताया कि लगभग 30 प्रतिशत सदस्य कंपनियां अब ज्वाइंट वेंचर के जरिए भारत में ही इतालवी पास्ता, फ्रेंच बटर और बेल्जियन बिस्कुट जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्पाद तैयार कर निर्यात कर रही हैं। ब्राजीलियाई कॉफी और इक्वाडोरियन क्विनोआ की बढ़ती मांग भारत में 100 से 500 मिलियन डालर तक के वैश्विक निवेश को आकर्षित करने के संकेत दे रही है। आगामी भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) से आयात-निर्यात को और गति मिलेगी। एआई और स्मार्ट पैकेजिंग से मिलेगी वैश्विक बढ़त ऑल इंडिया फूड प्रोड्यूसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. राघव जाडली के अनुसार, कच्चे माल की पर्याप्त उपलब्धता और प्रतिस्पर्धी उत्पादन लागत भारत की सबसे बड़ी ताकत है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आटोमेशन और स्मार्ट पैकेजिंग तकनीक से भारतीय खाद्य निर्माता उत्पादन लागत घटाकर वैश्विक बाजार में सीधी चुनौती दे सकेंगे।  

855 वार्डों पर BJP की नजर, 60 लाख से ज्यादा मतदाताओं के लिए तैयार हुआ ‘महाराष्ट्र मॉडल’

जयपुर  राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भाजपा ने इस बार ऐसा चुनावी प्रयोग किया है, जिसकी झलक अब तक मुख्य रूप से विधानसभा और लोकसभा चुनावों में ही देखने को मिलती रही है। पार्टी ने प्रदेश के सभी 10 नगर निगमों को एक साथ जीतने के लक्ष्य के साथ 'महाराष्ट्र मॉडल' की तर्ज पर चुनावी माइक्रो मैनेजमेंट तैयार किया है। इसके तहत महाराष्ट्र के करीब 20 विधायक-विधान परिषद सदस्य और बड़े नेताओं को अलग-अलग निगमों की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि इनके साथ करीब 25-25 विशेषज्ञों की टीमें भी मैदान में उतारी गई हैं। इस पूरी रणनीति की कमान महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले को दी गई है। क्र. सं.    नगर निगम    कुल वार्ड 1            जयपुर          150 2            जोधपुर        100 3              कोटा          100 4            अजमेर         80 5           बीकानेर         80 6           उदयपुर         80 7          भीलवाड़ा        70 8          भरतपुर          65 9           अलवर            65 10          पाली               65 कुल       10 नगर निगम    855 60 लाख से ज्यादा मतदाताओं पर रहेगी नजर भाजपा ने राजस्थान के जिन दस नगर निगमों को इस बार अपने सबसे बड़े चुनावी टारगेट में शामिल किया है, उनमें कुल 855 वार्ड आते हैं। इन दसों नगर निगम क्षेत्रों में 60 लाख से ज्यादा मतदाता हैं। खास बात यह है कि इन निगमों के 855 वार्ड प्रदेश में मौजूद कुल वार्डों का करीब 9 प्रतिशत हिस्सा हैं। यही आंकड़ा भाजपा की चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का आकलन है कि अगर इन दस नगर निगमों में मजबूत प्रदर्शन कर जीत हासिल की जाती है, तो इसका राजनीतिक असर और संदेश छोटे निकायों में जीत की तुलना में कई गुना बड़ा होगा। इसी वजह से भाजपा ने इन निगमों को अपने प्रमुख चुनावी लक्ष्य के तौर पर रखा है। यह महाराष्ट्र मॉडल इस मॉडल का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा मतदाता तक बार-बार पहुंच बनाना है। हर निगम के लिए अलग मिशन और अलग कमांड सिस्टम तैयार किया गया है। स्थानीय संगठन की रिपोर्ट के साथ बाहर से आई टीम का स्वतंत्र जमीनी फीडबैक सिस्टम तैयार किया गया। सभाओं से ज्यादा घर-घर पहुंच का टारगेट, मतदाताओं का फीडबैक और मौके की स्थिति के आधार पर तत्काल रणनीति बदलने की प्लानिंग।

सात्विक-चिराग खिताब से एक कदम दूर, चीन मास्टर्स सेमीफाइनल में दर्ज की शानदार जीत

शेनजेन भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की पुरुष डबल्स जोड़ी ने शनिवार को शानदार रणनीतिक खेल का प्रदर्शन करते हुए मलेशिया के नूर मोहम्मद अजरीन अयूब और टैन वी कियोंग को तीन गेम में हराकर तीसरी दफा चीन मास्टर्स के फाइनल में जगह बनाई। इसके साथ ही भारतीय जोड़ी इस सत्र के अपने दूसरे खिताब से अब सिर्फ एक जीत दूर है। सात्विक-चिराग की दुनिया की पांचवें नंबर की जोड़ी ने दूसरे गेम में लड़खड़ाने के बाद जोरदार वापसी की और 29वीं रैंकिंग वाली मलेशियाई जोड़ी को एक घंटे पांच मिनट में 21-15, 18-21, 21-11 से हराया। भारतीय जोड़ी 2023 और 2025 के चरण में उपविजेता रही थी। मैच से पहले सात्विक और चिराग का नूर और टैन के विरुद्ध जीत का रिकार्ड 2-0 था। भारतीय जोड़ी ने मलेशियाई खिलाड़ियों को 2024 थाईलैंड ओपन और 2025 मलेशियन ओपन में हराया था। सैंतीस वर्षीय टैन अनुभवी डबल्स खिलाड़ी हैं। उन्होंने रियो ओलिंपिक में गो वी शेम के साथ रजत पदक जीता था।

₹3,500 के बजट में OnePlus Nord Buds 4: दमदार ANC और 54 घंटे की बैटरी, जानें पूरा रिव्यू

बजट TWS ईयरबड्स खरीदते समय सबसे बड़ा सवाल यही होता है, कि बजट में कौन-सा मॉडल सबसे बेहतर रहेगा. OnePlus Nord Buds 4 भी इसी सेगमेंट में एक नया ऑप्शन बनकर आया है. कंपनी ने इनमें दमदार ANC, शानदार साउंड, लंबी बैटरी लाइफ और प्रीमियम डिजाइन जैसे कई फीचर्स दिए हैं. लेकिन क्या ये ईयरबड्स रोजमर्रा के इस्तेमाल में भी उतने ही अच्छे साबित होते हैं, जितना कंपनी ने कई प्रीमियम फीचर्स देने का दावा किया है? अगर आप जानना चाहते हैं कि ये ईयरबड्स पैसे वसूल हैं या नहीं, तो यहां पढिए इसका पूरा रिव्यू. डिजाइन और कम्फर्ट OnePlus Nord Buds 4 का डिजाइन पहले के मुकाबले ज्यादा प्रीमियम और क्लीन है. कंपनी ने इस बार ग्लॉसी फिनिश की जगह मैट टेक्सचर दिया है, जिससे फिंगरप्रिंट और हल्के स्क्रैच आसानी से नहीं दिखेंगे. इसका चार्जिंग केस कॉम्पैक्ट है और जेब में आसानी से रखा जा सकता है. ईयरबड्स स्टेम-स्टाइल डिजाइन के साथ आते हैं और इनमें सिलिकॉन ईयर टिप्स मिलते हैं. हर एक ईयरबड का वजन सिर्फ 4.3 ग्राम है, इसलिए लंबे समय तक इस्तेमाल करने पर भी कानों में भारीपन महसूस नहीं होगा. साथ ही IP55 रेटिंग की वजह से ये हल्की बारिश और पसीने से भी सुरक्षित रहते हैं. क्या-क्या मिलेंगे फीचर्स? OnePlus Nord Buds 4 में कई ऐसे फीचर्स मिलते हैं, जो आमतौर पर महंगे TWS में देखने को मिलते हैं. इनमें Bluetooth 6.1, ड्यूल-डिवाइस कनेक्टिविटी, गूगल फास्ट पेयर, माइक्रोसॉफ्ट स्विफ्ट पेयर, 6 माइक्रोफोन, 52dB तक Active Noise Cancellation (ANC) और AI Translate जैसे फीचर्स दिए गए हैं. इसके अलावा, 3D स्पेशियल ऑडियो (3D Spatial Audio), गेम स्पेशियल ऑडियो (Game Spatial Audio), मास्टर ट्यूनिंग मोड (Master Tuning Mode), कस्टम EQ प्रीसेट्स और HeyMelody ऐप का सपोर्ट भी मिलता है, जिसकी मदद से टच कंट्रोल, ANC मोड, गेम मोड और इक्वलाइजर जैसी सेटिंग्स को आसानी से कस्टमाइज किया जा सकता है. हालांकि, इसमें LHDC हाई-रेज ऑडियो कोडेक का सपोर्ट नहीं मिलता. यह सिर्फ SBC और AAC कोडेक्स को सपोर्ट करता है, लेकिन सामान्य यूजर्स के लिए यह कोई बड़ी कमी नहीं मानी जाएगी. साउंड क्वालिटी और ANC OnePlus Nord Buds 4 में 12mm टाइटेनियम-कोटेड डायनेमिक ड्राइवर दिए गए हैं, जो दमदार और बैलेंस्ड साउंड आउटपुट देते हैं. इसमें इन-डेप्थ बेस मिलेगा, लेकिन जरूरत से ज्यादा नहीं, जिससे म्यूजिक साफ और डिटेल्ड सुनाई देगी. वोकल्स और मिड्स भी काफी क्लियर हैं, इसलिए गाने सुनने के साथ-साथ पॉडकास्ट और वीडियो देखने का एक्सपीरियंस भी अच्छा मिलेगा. ANC इसकी सबसे बड़ी खूबियों में से एक है. यह AC, पंखे और मेट्रो जैसी लगातार आने वाली आवाजों को काफी हद तक कम कर देता है. वहीं ट्रांसपेरेंसी मोड भी ठीक काम करता है, हालांकि कभी-कभी आवाजें थोड़ी आर्टिफिशियल महसूस हो सकती हैं. कॉलिंग और बैटरी कॉलिंग के लिए दिए गए 6 माइक्रोफोन इनडोर में साफ आवाज पहुंचाते हैं. बाहर हल्की हवा में भी कॉल क्वालिटी अच्छी रहती है, हालांकि तेज हवा में इसकी परफॉर्मेंस थोड़ी खराब हो सकती है. बैटरी लाइफ इस प्राइस रेंज में इसकी सबसे बड़ी खूबी है. कंपनी के मुताबिक, चार्जिंग केस के साथ ANC बंद होने पर 54 घंटे और ANC ऑन रहने पर 27 घंटे तक का कुल प्लेबैक मिलता है. इसके अलावा 10 मिनट की फास्ट चार्जिंग कई घंटों तक म्यूजिक सुनने के लिए अच्छा बैकअप दे देती है. क्या OnePlus Nord Buds 4 खरीदने चाहिए? अगर आपका बजट 3,500 रुपये के आसपास है और आप ऐसे TWS ईयरबड्स चाहते हैं, जिनमें शानदार साउंड क्वालिटी, भरोसेमंद ANC, लंबी बैटरी लाइफ और प्रीमियम डिजाइन मिले, तो OnePlus Nord Buds 4 एक बढ़िया ऑप्शन साबित हो सकते हैं. हाई-रेज ऑडियो कोडेक का सपोर्ट नहीं होना इसकी एक छोटी कमी जरूर है, लेकिन कीमत को देखते हुए यह इसकी खूबियों के सामने ज्यादा मायने नहीं रखती. यानी OnePlus Nord Buds 4 अपने सेगमेंट में एक ऑल-राउंडर और वैल्यू फॉर मनी TWS साबित होते हैं.

बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस अब वेंकटनगर में भी रुकेगी, शनिवार से नया स्टॉपेज लागू; टाइमिंग बदली

बिलासपुर  रेल मंडल के वेंकटनगर स्टेशन पर शनिवार से बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस का ठहराव शुरू हो गया। लंबे समय से की जा रही मांग के बाद रेलवे ने यहां ट्रेन रोकने की अनुमति दी है। पहले दिन स्टेशन पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने हरी झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। ट्रेन के रुकने से यात्रियों में भी खुशी नजर आई। प्रायोगिक तौर पर शुरू हुआ ठहराव रेलवे ने फिलहाल नर्मदा एक्सप्रेस के वेंकटनगर ठहराव को प्रायोगिक आधार पर शुरू किया है। यात्रियों से मिलने वाले रिस्पांस के आधार पर बाद में इसे नियमित किया जा सकता है। इस सुविधा से यात्रियों को बिलासपुर या इंदौर की यात्रा के लिए बेहतर सुविधा मिलेगी। बिलासपुर-इंदौर ट्रेन का बदला समय ठहराव शुरू होने के बाद 18234 बिलासपुर–इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस वेंकटनगर स्टेशन पर 13:47 बजे पहुंचेगी और 13:49 बजे रवाना होगी। इसके बाद जैतहरी 14:02, अनूपपुर 14:19, अमलाई 14:35 और बुढ़ार 14:45 बजे पहुंचेगी। अन्य स्टेशनों की समय-सारिणी यथावत रहेगी। वापसी में भी समय निर्धारित वापसी में 18233 इंदौर-बिलासपुर नर्मदा एक्सप्रेस वेंकटनगर 11:03 बजे पहुंचेगी और 11:05 बजे रवाना होगी। इसके बाद पेंड्रारोड 11:21, खोंगसरा 12:07, बेलगहना 12:23, करगी रोड 12:38, घुटकू 12:52 और उसलापुर 13.04 बजे पहुंचेगी।