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गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल

गणेशोत्सव में बस्तर की महिलाओं का कमाल  इको-फ्रेंडली मूर्तियां बेचकर कमाए 1.80 लाख रुपये ​रायपुर छत्तीसगढ के बस्तर जिले के बकावंड विकासखंड स्थित तारापुर गांव की महिलाओं ने अपनी लगन और हुनर से आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की है। 'मिट्टी के गणेश मूर्ति निर्माण सिद्धि स्व सहायता समूह' की ग्रामीण महिलाओं ने इस गणेश चतुर्थी पर पर्यावरण के अनुकूल (इको-फ्रेंडली) प्रतिमाएं बनाकर महज कुछ हफ्तों में 1.80 लाख रुपये की बंपर कमाई की है।           ​शांति नागवंशी, दसो भारती और रोमा नागवंशी के नेतृत्व में समूह की महिलाओं ने शुद्ध मिट्टी से बिना किसी हानिकारक केमिकल और कृत्रिम रंगों का इस्तेमाल किए 52 मनमोहक गणेश प्रतिमाएं तैयार की थीं। बाजार में आते ही इन पर्यावरण-हितैषी मूर्तियों की भारी मांग देखने को मिली और पूरा स्टॉक हाथों-हाथ बिक गया।          ​समूह की सदस्य शांति नागवंशी ने खुशी जताते हुए कहती हैं कि अपनी मेहनत से गढ़ी मूर्तियों की पूजा होते देखना और स्वयं की कमाई हासिल करना उनके लिए किसी सपने के पूरा होने जैसा है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग वे परिवार की जरूरतों को पूरा करने और बच्चों की शिक्षा में करेंगे। ​सीमित संसाधनों के बीच शुरू हुई तारापुर की इन महिलाओं की यह पहल न केवल पूरे जिले में सराही जा रही है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों की अन्य महिलाओं को भी आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनने की प्रेरणा दे रही है l

राज्य के पांच सौ पचपन विद्यालयों में छात्रों को रोजगारपरक कौशल और व्यावसायिक शिक्षा दी जाएगी।

 पटना  बिहार में कक्षा छह से 12 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ व्यावसायिक शिक्षा से जोड़ने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य शिक्षा शोध एवं प्रशिक्षण परिषद (एससीईआरटी), बिहार यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से इसके लिए रणनीति तैयार कर रहा है। स्कूलों में वोकेशनल कोर्स संचालित करने के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षित किया जाएगा। इसी कड़ी में 16 और 17 सितंबर 2026 को पटना में दो दिवसीय आवासीय विचार-विमर्श कार्यशाला आयोजित की जाएगी। इसमें जिला स्तर के व्यावसायिक नोडल पदाधिकारी के अलावा प्रत्येक जिले से एक-एक विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक-शिक्षिका शामिल होंगे। किसी एक ट्रेड का चयन करेंगे विद्यार्थी राज्य के 555 विद्यालयों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम की पढ़ाई शुरू की जानी है। नौवीं से 12वीं तक के विद्यार्थी अपने विद्यालय में आवंटित ट्रेड में से किसी एक का चयन कर उसका अध्ययन कर सकेंगे। व्यावसायिक शिक्षा का उद्देश्य विद्यार्थियों को स्कूली शिक्षा के दौरान ही रोजगारपरक कौशल से लैस करना है, ताकि वे आगे नौकरी के साथ अपना उद्यम भी शुरू कर सकें और अपने कौशल से आय अर्जित कर सकें। हर विद्यालय में दो ट्रेड की होगी पढा़ई व्यावसायिक शिक्षा के तहत प्रत्येक विद्यालय में दो-दो ट्रेड संचालित किए जाएंगे। ट्रेड का आवंटन जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) कार्यालय स्तर से किया जाएगा। प्रत्येक ट्रेड के लिए जाब रोल भी निर्धारित किए गए हैं। यानी विद्यार्थियों को यह भी जानकारी दी जाएगी कि संबंधित ट्रेड का प्रशिक्षण लेने के बाद वे किन क्षेत्रों में रोजगार हासिल कर सकते हैं। उदाहरण के तौर पर इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर ट्रेड में नौवीं व 10वीं के विद्यार्थी जूनियर टेक्निशियन- सोलर ईवी चार्जिंग स्टेशन जैसे जाब रोल के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकेंगे। वहीं, 11वीं-12वीं के विद्यार्थियों को सोलर पैनल इंस्टालेशन टेक्निशियन जैसे रोजगारपरक कौशल का प्रशिक्षण दिया जाएगा। कार्यशाला में आने वाले शिक्षकों को लाने होंगे दस्तावेज कार्यशाला में शामिल होने वाले शिक्षकों को अपने साथ आधार कार्ड, पैन कार्ड और बैंक पासबुक की फोटो कापी लानी होगी। प्रतिभागियों को अपना विवरण निर्धारित गूगल फार्म में 14 सितंबर तक भरना होगा। इससे प्रशिक्षण स्थल पर उनके आवासन की समुचित व्यवस्था की जा सकेगी। इन ट्रेड्स में होगी पढ़ाई     इलेक्ट्रानिक्स एंड हार्डवेयर     टेलीकॉम     आइटी     प्लंबिंग     कृषि     अपैरल     मेड अप्स एंड होम फर्निशिंग     रीटेल  

खतरों के खिलाड़ी 15 के विनर पर रोहित शेट्टी ने तोड़ी चुप्पी, बोले- ‘मुझे भी नहीं पता’

स्टंट बेस्ड रियलिटी शो 'खतरों के खिलाड़ी 15' के फिनाले एपिसोड की शूटिंग 13 सितंबर को हुई है. इसके बाद फिनाले की शूटिंग से जुड़ी कई तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं. मेकर्स ने अभी तक फाइनलिस्ट के नाम ऑफिशियली अनाउंस नहीं किया है, लेकिन लीक हुई झलकियों के बाद विनर को लेकर कयास लगने शुरू हो गए हैं. फिनाले के विनर की रेस में फरहाना भट्ट और अविनाश मिश्रा का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. इसी बीच शो के होस्ट रोहित शेट्टी ने 'खतरों के खिलाड़ी 15' के विनर को लेकर चल रही इन चर्चाओं पर बात की है. कौन बना 'खतरों के खिलाड़ी 15' का विनर? विरलभयानी द्वारा शेयर किए गए वीडियो में देखा जा सकता है, 'खतरों के खिलाड़ी 15' के फिनाले की शूटिंग के लिए जब रोहित शेट्टी सेट पर पहुंचे तो पैपराजी ने उन्हें घेर लिया. इस दौरान उनसे फरहाना भट्ट को लेकर चल रही चर्चाओं और इस सवाल पर पूछा गया कि क्या उन्होंने इस सीजन की ट्रॉफी जीत ली है. हालांकि, रोहित शेट्टी ने विनर को लेकर कोई जानकारी देने से इनकार कर दिया. उन्होंने कहा, 'मुझे भी नहीं पता कि विनर कौन है.'  शो अभी टीवी पर टेलीकास्ट हो रहा है और मेकर्स ने फाइनलिस्ट की ऑफिशियल लिस्ट भी जारी नहीं की है. इसके बावजूद सोशल मीडिया पर विनर को लेकर कयास तेज हो गए हैं. बता दें, फरहाना भट्ट और अविनाश मिश्रा दोनों ही शो के मजबूत कंटेस्टेंट बनकर सामने आए हैं. दोनों ने अपने स्टंट से लगातार दर्शकों को इंप्रेस किया है. इस सीजन के कई कंटेस्टेंट्स के मुकाबले फरहाना और अविनाश ने अब तक कोई स्टंट बीच में नहीं छोड़ा है. अविनाश को मिली पावर हाल ही में अविनाश ने पानी वाला एक स्टंट किया था, जिसे उन्होंने सिर्फ 1 मिनट 16 सेकंड में पूरा कर लिया. उन्हें किसी एक टास्क को करने से मना करने की पावर भी मिली है, जो उनके लिए काफी बड़ा एडवांटेज है. 'खतरों के खिलाड़ी 15' के बारे में इस साल 'खतरों के खिलाड़ी' का सीजन 'ओल्ड वर्सेज न्यू: डर का नया दौर' थीम पर बेस्ड है. शो में कुछ पुराने कंटेस्टेंट्स की वापसी हुई है, जिनमें रुबीना दिलैक, रित्विक धनजानी, विशाल, करण वाही और जैस्मिन भसीन शामिल हैं. वहीं अविनाश मिश्रा, फरहाना भट्ट, ओरी, रुहानिका धवन और गौरव खन्ना जैसे नए कंटेस्टेंट्स भी शो का हिस्सा बने हैं.

575 शिकायतें, सिर्फ 269 पर कार्रवाई; झारखंड में अवैध खनन रोकने में प्रशासन फेल

रांची झारखंड में अधिकारियाें के ढीले रवैये के कारण अवैध खनन रुक नहीं रहा है। अवैध खनन के आरोपियों की पहचान करना तो दूर की बात है, कार्यालय तक पहुंचनेवाली शिकायतों पर भी कार्रवाई नहीं हो रही है। विभागीय सचिव की समीक्षा में यह बात खुलकर सामने आई और हालात गंभीर दिखे। स्थिति यह है कि झारखंड में पिछले एक वर्ष में अवैध खनन एवं परिवहन से संबंधित 575 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से 269 पर ही कार्रवाई हो सकी है। 306 मामलों में अभी भी जिला स्तर से कार्रवाई का इंतजार है। ज्यादातर मामले में आरोपियों पर एफआईआर भी नहीं दर्ज हो पा रही है। खनन सचिव पुलिस-प्रशासन से सख्ती बरतने का निर्देश दिया है। यहां यह बताना जरूरी है कि सर्वाधिक शिकायत धनबाद से आई है तो पाकुड़, गिरिडीह और साहिबगंज से भी बड़ी संख्या में शिकायतें पहुंची हैं। झारखंड में अवैध खनन कोई नई बात नहीं है। अधिकारियों के स्तर से कार्रवाई नहीं होने के कारण अवैध खनन करनेवालों का मनोबल बढ़ जाता है खान एवं भूतत्व विभाग की रिपोर्ट कम से कम यही बता रही है। पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से 575 शिकायतें जिलों में खनन पदाधिकारी तक पहुंची, लेकिन इनमें से महज 269 मामलों में कार्रवाई की गई है। पूरे राज्य में तीन जिले गोड्डा, खूंटी और गुमला ऐसे हैं जहां शिकायतों पर शत-प्रतिशत कार्रवाई होने के आंकड़े मिले हैं। मजेदार बात यह है कि गोड्डा जिले के लिए एक ही शिकायत मिली थी, खूंटी के लिए दो और गुमला के लिए पांच। राज्य में गढ़वा एक ऐसा जिला रहा जहां के लिए कोई शिकायत नहीं मिली है। सरकार ने सभी जिलों से प्राप्त एटीआर (एक्शन टेकन रिपोर्ट) के आधार पर यह जानकारी सामने आई है। आधे से अधिक जिलों में टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी नहीं राज्य सरकार के पास अगस्त महीने में जिला स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक से संबंधित कोई जानकारी अपलोड नहीं की गई है। स्थापित व्यवस्था के अनुसार सभी जिलों को हर महीने बैठक कर इससे संबंधित मिनट्स को जेम्स पोर्टल पर अपलोड करना होता है। अगस्त महीने में राज्य के 13 जिलों से ऐसी बैठक से संबंधित कोई रिपोर्ट अपलोड नहीं है। सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से, अवैध खन में गोफ में समा जाते लोग झारखंड में अवैध खनन से सर्वाधिक प्रभावित जिलों की बात करें तो सबसे अधिक शिकायतें धनबाद से मुख्यालय तक आती हैं और इस पर कार्रवाई का प्रतिशत भी बहुत कम है। नतीजा आए दिन देखने को मिलता है। इस जिले में अवैध खनन के कारण बड़ी घटनाएं आए दिन होती रहती हैं। रविवार को भी धनबाद में अवैध खनन की कोशिशों में दो लोगों की मौत हुई है और कुछ लोगों के मलबे में दबे होने की भी जानकारी मिल रही है। ऐसी जानकारियों की पुष्टि झारखंड में यदा-कदा ही हो पाती है और यही कारण है कि अवैध खनन पर रोक नहीं लग पा रही है। धनबाद के लोग अवैध खनन का दंश दशकों से झेल रहे हैं और हर वर्ष कई लोगों की जान अवैध खनन के परिणाम के स्वरूप बने गोफ में समा जाने से होती है। झारखंड के अन्य कई जिलाें में अवैध खनन के कारण लोगों की जान तो जा ही रही है, विधि-व्यवस्था की समस्या भी उत्पन्न हो रही है। इसे रोकने के लिए प्रशासनिक स्तर पर गतिविधियां औपचारिकताओं तक ही सीमित हैं। क्षेत्र के लोगों को इसमें शामिल नहीं किया जा रहा है। यही कारण है कि कहीं ना कहीं ऐसी घटनाएं रुक नहीं रही हैं। धनबाद समेत आसपास के तमाम जिलों में इस तरह की घटनाएं बार-बार होने के बावजूद प्रशासनिक विफलता के कारण इसे रोका नहीं जा पा रहा है। ऐसे में यह कहना गलत नहीं होगा कि जब तक आम लोग इसे रोकने के लिए आगे नहीं आएंगे और पुलिस, प्रशासन एवं नेतृत्वकर्ताओं से इसे रोकने के लिए जिद नहीं करेंगे तब तक ऐसी घटनाएं होती रहेंगी। जिम्मेदार लोगों को इसके लिए सतर्कतापूर्वक काम करना होगा।  

वेलनेस सिटी फेज-2 का रास्ता साफ, छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन होगी अधिग्रहित

लखनऊ राजधानी लखनऊ में बनने जा रही मेडिसटी और विस्तार लेगी। शहीद पथ के पास सुलतानपुर रोड पर वेलनेस सिटी फेज-2 के लिए रास्ता साफ हो गया है। छह गांवों की 98.5 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए जिलाधिकारी के स्तर से एसआईए अधिसूचना जारी हो गई। भूमि अर्जन अधिनियम के तहत एसआईए यानी सामाजिक समघात निर्धारण की यह प्रारंभिक अधिसूचना है। दूसरे फेज में विस्तार के लिए मोहनलालगंज तहसील के बक्कास, मस्तेमऊ, मलूकपुर ढकवा, चौरहिया, चौरासी, नूरपुर बेहटा गांव के 201 गांटों की कुल 98.51 एकड़ (39.8658 हेक्टेयर) जमीन का अधिग्रहण किया जाना है। गौतम बुद्ध यूनिवर्सिटी को एसआईए सर्वे 60 दिनों में पूरा कर रिपोर्ट देनी होगी। जिलाधिकारी के अनुसार अधिग्रहण शुरू करने से पहले एसआईए कराया जाना अनिवार्य होता है। योजना में सुलतानपुर रोड के पास लखनऊ विकास प्राधिकरण की ओर से सुनियोजित विकास और आधुनिक आवासीय जरूरतों को पूरा करने के लिए वेलनेस सिटी का विस्तार किया जा रहा है। इसके पूर्व मई में योजना के दूसरे चरण के लिए भूमि अर्जन और सर्वे की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया था। वेलनेस सिटी के फेज-1 के लिए काफी कार्य हो चुका है। जून में लॉटरी का आवंटन किया गया था। सबसे बड़ा हेल्थकेयर व मेडिकल जोन होगा यह परियोजना लगभग 1,474 एकड़ क्षेत्र में फैली है और इसे 7 अलग-अलग सेक्टरों में विभाजित किया गया है। करीब 150 एकड़ का विशेष अस्पताल क्षेत्र और सुपर-स्पेशलिटी मेडिसिटी बनाई जा रही है, जो मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देगी। इसके साथ ही दवाओं का शहर में सबसे बड़ा केन्द्र होगा जो अभी तक अमीनाबाद है। कुल क्षेत्रफल का लगभग 17 प्रतिशत हिस्सा (करीब 204 एकड़) पार्कों, ग्रीन बेल्ट और खुली हरियाली के लिए तय किया गया है। ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा प्रोजेक्ट इस योजना के तहत लगभग 2,935 प्रीमियम आवासीय प्लॉट विकसित किए जा रहे हैं। इस प्रोजेक्ट को ग्रीन कॉरिडोर से जोड़ा जाएगा और यातायात सुगम बनाने के लिए चार नई सड़कों का निर्माण किया जाएगा। दो साल में बदल जाएगी शहर की सूरत लखनऊ विकास प्राधिकरण की वेलनेस सिटी परियोजना का बुनियादी ढांचा और आंतरिक विकास कार्य 2028 तक पूरी तरह तैयार होने की उम्मीद है।चूंकि यह एक विशाल प्रोजेक्ट है, इसलिए इसे अलग-अलग चरणों में तैयार किया जा रहा है। लैंड पूलिंग स्कीम के तहत स्थानीय किसानों और भू-स्वामियों को पहले चरण की लॉटरी के जरिए विकसित भूखंड आवंटित भी किए जा चुके हैं। सीवेज नेटवर्क, बिजली व्यवस्था, पानी की आपूर्ति और ड्रेनेज सिस्टम जैसे बुनियादी कामों के लिए 225 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया जा चुका है, जिस पर काम शुरू हो रहा है।

जहरीली शराब कांड के बाद ताबड़तोड़ कार्रवाई, शराब-हथियार लाइसेंस रद्द; सरपंच के अधिकार भी सीज

सागर  सागर जिला प्रशासन ने कानून-व्यवस्था, वित्तीय पारदर्शिता और जनसुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए भ्रष्टाचार और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक के बाद एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्रीमती प्रतिभा पाल के निर्देशों पर जिला प्रशासन ने जिले में शिकंजा कसते हुए कई ताबड़तोड़ कदम उठाए हैं। विनायका और बंडा थाना क्षेत्रों में आपराधिक मामलों में संलिप्तता पाए जाने पर प्रशासन ने म.प्र. आबकारी अधिनियम 1915 के तहत दो शराब दुकानों मगरधा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और बरेठी दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर के कंपोजिट लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं। इसके साथ ही बंडा प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की ग्राम मसवासी स्थित पत्थर क्रशर की खनिज लीज भी नियमों के लगातार उल्लंघन और समयसीमा का पालन न करने पर निरस्त कर दी गई है। लोक सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए आयुध अधिनियम, 1959 के तहत तीन हथियार लाइसेंस भी निरस्त किए गए हैं। इनमें सोहन राजपूत, जहरीली शराब कांड के मुख्य आरोपी की पत्नी हेमलता राजपूत और सिद्धार्थ कुशवाहा शामिल हैं। प्रशासन ने इन सभी को अपने हथियार संबंधित थानों में तुरंत जमा कराने के कड़े निर्देश दिए हैं।  महिला सरपंच के वित्तीय अधिकार सीज वित्तीय अनियमितताओं और भ्रष्टाचार पर प्रहार करते हुए, जिला पंचायत सागर ने जनपद पंचायत शाहगढ़ की ग्राम पंचायत नौराज की सरपंच श्रीमती राजकुमारी राजपूत के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की है। निर्माण कार्यों के दौरान प्रथम दृष्टया 7 लाख 49 हजार 079 रुपये के गबन और दुरुपयोग का मामला सामने आने के बाद, म.प्र. पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 के तहत सरपंच के वित्तीय आहरण एवं संवितरण अधिकारों को सीज कर दिया गया है। प्रशासन की इस दोतरफा और त्वरित कार्रवाई से जिले के अन्य लापरवाह और संदिग्ध तत्वों में हड़कंप मच गया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध गतिविधियों, वित्तीय गबन और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों के विरुद्ध ऐसे कड़े कदम आगे भी जारी रहेंगे।   

बिजली संकट के बीच पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, PSPCL चेयरमैन का ट्रांसफर

पटियाला. पंजाब में बिजली संकट के बीच प्रशासनिक फेरबदल की खबर सामने आई है। पंजाब में लंबे समय से चल रहे बिजली कट के बीच राज्य सरकार ने PSPCL के चेयरमैन कम मैनेजिंग डायरेक्टर बसंत गर्ग का ट्रांसफर कर दिया है। डॉ. बसंत गर्ग को पद से हटा दिया गया है और प्रिंसिपल सेक्रेटरी गुरकीरत कृपाल सिंह को नया हेड बनाया गया है। इंडस्ट्री डिपार्टमेंट के सभी चार्ज जो पहले गुरकीरत कृपाल सिंह के पास थे, अब डॉ. बसंत गर्ग को सौंप दिए गए हैं। हालांकि गुरकीरत कृपाल सिंह अलग-अलग डिपार्टमेंट के अच्छे मैनेजमेंट के लिए जाने जाते हैं, लेकिन राज्य के थर्मल प्लांट में कोयले की भारी कमी को देखते हुए पावर डिपार्टमेंट को पटरी पर लाना उनके लिए एक बड़ी चुनौती होगी। क्योंकि इस समय थर्मल पावर प्लांट कोयले की भारी कमी का सामना कर रहा है। अगर साल 2025 की बात करें, तो इस बार पिछले साल के मुकाबले बिजली की डिमांड में भारी बढ़ोतरी हुई है, जो 3,500 MW तक पहुंच गई है। इसलिए बिजली की डिमांड 16,000 MW तक पहुंच गई है। दूसरी तरफ, कोयले की अनियमित सप्लाई के कारण राज्य में केवल 6,000 MW बिजली ही बन पा रही थी। इसलिए, PSPCL को बिजली की मांग को पूरा करने के लिए सेंट्रल पूल पर निर्भर रहना पड़ता है, जिसके कारण पंजाब में लंबे समय तक बिजली कटौती होती रहती है।

हत्या आरोपी ने जमानत के बाद निकाला विजय जुलूस, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- कोर्ट में पेश करो

चरखी दादरी। सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के एक आरोपित द्वारा जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकालने के मामले को गंभीरता से लेते हुए हरियाणा पुलिस को निर्देश दिया है कि वह आरोपित को न्यायालय में पेश करे। न्यायमूर्ति विक्रम नाथ और संदीप मेहता की पीठ ने अपने आदेश में यह भी कहा कि आरोपित के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी होने के बावजूद उसे हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश नहीं किया गया। पीठ ने शिकायतकर्ता के वकील की इस दलील का संज्ञान लिया कि आरोपित विशाल ने पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ‘विजय जुलूस’ निकाला था और गवाहों को धमकाया था। अदालत ने मामले पर आठ सितंबर को सुनवाई के दौरान गौर किया कि आरोपित की ओर से उसका वकील पेश हुआ था। पीठ ने आरोपित को पहले आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया और उसके बाद जमानत का अनुरोध करने को कहा। साथ ही पीठ ने फटकार लगाते हुए कहा- ‘जमानत मिलने पर विजय जुलूस निकालना उचित नहीं है।’ गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की  अदालत ने यह भी कहा कि अगस्त में जारी गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पर अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। शीर्ष अदालत ने चरखी दादरी जिले के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि गैर-जमानती वारंट के तहत कार्रवाई की जाए और आरोपित को सुनवाई की अगली तारीख 21 सितंबर को इस अदालत में पेश किया जाए।पीठ ने न्यायालय की रजिस्ट्री को आदेश की एक प्रति 24 घंटे के भीतर ई-मेल और अन्य माध्यमों से पुलिस अधीक्षक को भेजने का निर्देश दिया। तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया हाई कोर्ट ने हत्या के मामले में आरोपित को 23 अप्रैल को जमानत दी थी। यह घटना 27 अक्टूबर 2022 की है, जिसके बाद विशाल को गिरफ्तार कर लिया गया था और वह तीन वर्ष से अधिक समय तक हिरासत में रहा।शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के सदस्यों और आरोपित के बीच उस समय विवाद हुआ था, जब विशाल ने एक विवादित भूखंड पर टिन शेड का कथित रूप से निर्माण शुरू कर दिया था।आरोप है कि तीखी कहासुनी के दौरान विशाल ने कई लोगों पर लाठी और कुल्हाड़ी से हमला किया, जिससे शिकायतकर्ता पक्ष के कई लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और इनमें से 62 साल के गजानंद की बाद में मौत हो गई। हाई कोर्ट ने विशाल की जमानत याचिका चार बार खारिज की थी, लेकिन पांचवीं बार यह बताए जाने के बाद उसे जमानत दे दी गई कि मामले में महत्वपूर्ण गवाहों से पूछताछ हो चुकी है और आरोपित तीन वर्ष से अधिक समय हिरासत में बिता चुका है। ये था पूरा मामला हरियाणा के चरखी दादरी जिले के गांव बेरला में एक ही परिवार के दो पक्षों में प्लाट की जमीनी विवाद चल रहा था। 27 अक्टूबर 2022 को एक पक्ष के लोग उस जमीन पर टीन शेड बना रहे थे। जिसका विरोध करने पर दूसरे पक्ष के लोग वहां पहुंचे तो लाठी-डंडों व कुल्हाड़ी से हमला किया गया। हमलें में गंभीर रूप से घायल हुए 62 वर्षीय गजानंद शर्मा की एक दिन उपचार के दौरान मौत हो गई। बाढड़ा थाना पुलिस ने स्वजनों की शिकायत पर केस दर्ज कर 30 अक्टूबर 2022 को तीन आरोपितों विशाल, साहिल और विष्णु को गिरफ्तार किया। अप्रैल 2026 में आरोपित विशाल जमानत पर जेल से बाहर आया तो उसने जश्न मनाते का विडियो इंटरनेट मीडिया पर डाल दिया। जिसके बाद मृतक गजानंद के स्वजनों ने विजयी जुलूस निकालने और धमकी देने के आरोप लगाए। जिसके बाद आरोपित के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हुआ। जांच अधिकारी एसआइ सोमबीर सिंह ने बताया कि 21 सितंबर को आरोपित की कोर्ट में पेशी है। उसे गिरफ्तार कर पेशी पर ले जाया जाएगा।

भोपाल की अरीबा जुनैद को यूके में मिलेगा अंतरराष्ट्रीय सम्मान, अनोखी उपलब्धि से परिवार में खुशी

भोपाल  राजधानी भोपाल निवासी अरीबा जुनैद सिद्दीकी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है. अरीबा का प्रतिष्ठित ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड में चयन हुआ है. उन्हें इसी साल नवंबर में ब्रिटेन में अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा. यह सम्मान उन्हें आर्किटेक्चर एंड डिजाइन कैटेगरी में मिलने जा रहा है. उनकी इस उपलब्धि से परिवार में खुशी का माहौल है।  अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा भोपाल की रहने वाली अरीबा जुनैद सिद्दीकी ने अपनी प्रतिभा का लोहा अंतरराष्ट्रीय मंच पर मनवाया है. अरीबा अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा हैं. ग्लोबल विनर स्तर पर आर्किटेक्चर एंड डिजाइन श्रेणी में उसका चयन हुआ है. उन्होंने Earthen Futures Catalysts of Resilience नामक प्रोजेक्ट के लिए प्रतिष्ठित सम्मान हासिल किया है।  परिवार में खुशी की लहर ग्लोबल अंडरग्रेजुएट अवॉर्ड्स के चेयरमैन जिम बैरी ने कहा, "कई प्रतिभाएं दुनिया का ध्यान आकर्षित करने से काफी पहले ही अपनी उपलब्धियों से अलग पहचान बना लेती हैं." वहीं, अरीबा की इस उपलब्धि से उनके पिता जुनैद सिद्दीकी और मां राना जुनैद सिद्दीकी सहित पूरे परिवार में खुशी का माहौल है. केंद्रीय विद्यालय की पूर्व प्रधान अध्यापक रिजवाना कादरी ने अपनी नातिन अरीबा की उपलब्धि पर बेहद खुश जाहिर की है।  माता-पिता के साथ शारजाह में रहती हैं अरीबा रिजवाना कादरी ने कहा, "उसने अपनी मेहनत और प्रतिभा से न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे भोपाल और देश का नाम रोशन किया है. फिलहाल वह अपने माता-पिता के साथ शारजाह में है और वहीं अमेरिकन यूनिवर्सिटी ऑफ शारजाह की छात्रा हैं।  अरीबा की इस अंतरराष्ट्रीय सफलता को भोपाल के लिए भी गर्व की उपलब्धि माना जा रहा है. उनकी उपलब्धि ने एक बार फिर साबित किया है कि भोपाल की प्रतिभाएं वैश्विक मंच पर भी अपनी पहचान बनाने का हुनर रखती है। 

मंत्री नेताम ने कांग्रेस पर साधा निशाना, बोले- ‘कांग्रेस सिर्फ राग अलापने का काम करती है’

रायपुर. कांग्रेस ने भाजपा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन कार्यक्रम को सरकारीकरण करने का आरोप लगाया है। इस पर कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का काम ही कुछ न कुछ राग अलापना है। कांग्रेस को प्रधानमंत्री पद की गरिमा समझनी चाहिए। नेताम ने कहा कि नरेंद्र मोदी विशेष पद पर बैठकर पिछले 25 वर्षों से देश और प्रदेश की सेवा कर रहे हैं। प्रधानमंत्री के जन्मदिन के अवसर पर भाजपा देशभर में सेवा संकल्प अभियान चला रही है और आम लोगों तक पहुंच रही है। इस अभियान में सभी का सहयोग लिया जा रहा है और आमजन को भी इससे जोड़ा जा रहा है। कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर पर साधा निशाना 15 सितंबर से अंबिकापुर में होने वाले कांग्रेस के ब्लॉक अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी मंत्री रामविचार नेताम ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रम करती रहती है, लेकिन वह किस बात का प्रशिक्षण करती है, यह लगातार सामने आता रहता है। नेताम ने कांग्रेस में गुटबाजी का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी के भीतर जूतमपैजार की स्थिति है। देश और प्रदेश की जनता ने कांग्रेस को नीचे धकेल दिया है और इससे उबरना कांग्रेस के लिए बेहद मुश्किल है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ऐसे अभियानों के जरिए अपने जनाधार को बचाने की कोशिश कर रही है, लेकिन इसमें वह सफल नहीं होगी। नए प्रदेश प्रभारी के दौरे पर कसा तंज कांग्रेस के नए प्रदेश प्रभारी के आगामी छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर भी रामविचार नेताम ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में इससे पहले भी कई सुरमावीर आते रहे हैं, उनका क्या हुआ, यह सभी ने देखा है। कांग्रेस में किसी के आने से कुछ नहीं होने वाला है। भाजपा द्वारा कांग्रेस और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए जारी किए गए रैप वीडियो को लेकर भी मंत्री रामविचार नेताम ने कांग्रेस पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि भूपेश बघेल ने जनता से जो वादे किए थे, उन्हें पूरा नहीं किया गया। पिछली सरकार की योजनाएं भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गईं। भाजपा इसी को जनता के सामने रख रही है।