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N1 हाईवे पर दर्दनाक हादसा, दो मिनीबसों की भिड़ंत के बाद 21 की गई जान

केप टाउन दक्षिण अफ्रीका के वेस्टर्न केप प्रांत में एक भीषण सड़क हादसे ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया। N1 हाईवे पर दो मिनीबस टैक्सियों की आमने-सामने टक्कर के बाद एक तीसरा वाहन भी दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के मलबे से जा टकराया। हादसे में कम से कम 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं। दुर्घटना रविवार रात करीब 11:30 बजे वेस्टर्न केप प्रांत में Prince Albert और Leeu-Gamka के बीच N1 हाईवे पर हुई। यह स्थान केप टाउन से करीब 380 किलोमीटर दूर है। दक्षिण अफ्रीका की सड़क यातायात प्रबंधन निगम और स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक हादसे में दो मिनीबस टैक्सियां आमने-सामने टकरा गईं। इसके बाद एक तीसरा वाहन, जिसे अधिकारियों ने एसयूवी बताया, दुर्घटनाग्रस्त वाहनों से जा भिड़ा। टक्कर इतनी भीषण थी कि मौके पर बड़ी संख्या में लोग हताहत हुए। बचाव दल ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, तीन लोगों को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। हादसे में कई अन्य लोगों को गंभीर चोटें आई हैं।  हादसे के बाद N1 हाईवे के दुर्घटनास्थल वाले हिस्से को बंद कर दिया गया।   बचाव, मलबा हटाने और दुर्घटना की जांच का काम जारी रहा। स्थानीय अधिकारियों ने वाहन चालकों को प्रभावित मार्ग से बचने और यातायात अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी। अधिकारियों ने अभी दुर्घटना की अंतिम वजह स्पष्ट नहीं की है। हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि दोनों मिनीबस की आमने-सामने टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और तीसरा वाहन दुर्घटनास्थल तक कैसे पहुंचा।

फर्जी IAS तृप्ति के खिलाफ तीसरी FIR दर्ज, नौकरी का झांसा देकर ऐंठे 3 लाख; ट्रेनिंग भी निकली फर्जी

भोपाल  फर्जी आईएएस अधिकारी बनकर लोगों से ठगी करने के मामले में गिरफ्तार तृप्ति सिंह राजपूत के खिलाफ पुलिस ने तीसरी प्राथमिकी दर्ज की है। जहांगीराबाद निवासी और बैतूल मूल की 28 वर्षीय ख्याति धौलपुरे ने नौकरी लगवाने के नाम पर तीन लाख रुपये लेने और फर्जी प्रशिक्षण कराने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने तृप्ति और उसके साथी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।   फर्जी पहचान और नौकरी का झांसा पीड़िता के अनुसार जून 2024 में उसकी मुलाकात तृप्ति से हुई थी। उस समय तृप्ति ने खुद को नरोन्हा अकादमी की विभागाध्यक्ष और एमपीटी में अतिरिक्त निदेशक बताया था। नौकरी लगवाने के नाम पर उसने तीन लाख रुपये ऐंठे। बाद में ठगी का अहसास होने पर जब पीड़िता ने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी ने टालमटोल की, लेकिन बाद में तीन लाख रुपये लौटा दिए।   संग्रहालयों में कराया फर्जी प्रशिक्षण तृप्ति ने ख्याति और उसकी सहेली को भोपाल के ट्राइबल म्यूजियम तथा मानव संग्रहालय ले जाकर पौधरोपण और भाषण कराया। इस अवधि में उसने वीडियो भी बनाए। ख्याति का आरोप है कि तृप्ति ने उसे प्रशिक्षण में अधिकारी जैसा आत्मविश्वास दिखाने के उद्देश्य से पद का नाम बोलने को कहा था। यही वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित भी होने लगा था। आरटीआई से उजागर हुआ फर्जीवाड़ा तृप्ति ने खुद को आईएएस अधिकारी बताकर विवाह किया था। विवाह के बाद जब ससुर को आशंका हुई तो उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (एलबीएसएनएए), मसूरी से आरटीआई से सूचना मांगी। वहां से मिले उत्तर से उसका आईएएस होने का दावा फर्जी निकला। पुलिस ने आरोपी के ठिकानों से शासकीय लेटरहेड, फर्जी पहचान पत्र, नियुक्ति से जुड़े दस्तावेज, प्रशिक्षु आईएएस लिखे स्मृति चिह्न और भारत सरकार लिखी कार बरामद की है।   डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी की जांच ससुराल से मिली प्रशिक्षण किट और मसूरी प्रशिक्षण से जुड़ी तस्वीरों को पुलिस ने जांच का हिस्सा बनाया है। तृप्ति ने कथित तौर पर आईएएस बनकर विधानसभा परिसर जाने का वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। थाना प्रभारी अमित सोनी ने बताया कि पुलिस जांच दल मोबाइल, डिजिटल उपकरणों, बैंक खातों और दस्तावेज की जानकारी जुटा रहा है। मामले में डेढ़ करोड़ रुपये की ठगी का पूरा हिसाब जोड़ा जा रहा है और नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की कड़ियां मिलाकर पड़ताल जारी है।  

तरुण तेजपाल ने 2013 रेप केस में किया सरेंडर, बोले- बॉम्बे HC के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में लड़ेंगे

पणजी रेप केस में दोषी ठहराए गए तरुण तेजपाल ने सोमवार को गोवा पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया. इसके बाद उन्हें कोलवाले जेल भेज दिया गया. सरेंडर के बाद तेजपाल ने कहा कि वह बॉम्बे हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपनी कानूनी लड़ाई जारी रखेंगे।  दरअसल, बॉम्बे हाईकोर्ट की गोवा बेंच ने नवंबर 2013 के मामले में 62 वर्षीय तरुण तेजपाल को जूनियर सहकर्मी के साथ रेप का दोषी माना था. इसके बाद अदालत ने उन्हें 10 साल कैद की सजा सुनाई. इससे पहले साल 2021 में गोवा की निचली अदालत ने उन्हें बरी कर दिया था, लेकिन हाईकोर्ट ने उस पुराने फैसले को पलट दिया।  इस फैसले के खिलाफ तेजपाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. हालांकि, शीर्ष अदालत ने 25 अगस्त को साफ कर दिया कि उनकी अपील पर सुनवाई तभी होगी, जब वह पहले सरेंडर करके जेल का सर्टिफिकेट दाखिल करेंगे. इसी आदेश के तहत उन्होंने यह कदम उठाया है. हाईकोर्ट ने शुरुआत में तेजपाल को सरेंडर करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया था. इस दौरान उन्हें सुप्रीम कोर्ट में कानूनी राहत मांगने का मौका मिला. तेजपाल ने इसके बाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी।   पिछले महीने, सुप्रीम कोर्ट ने तेजपाल की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के दोषी ठहराने वाले फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की सुनवाई से पहले सरेंडर करने से छूट मांगी थी। कोर्ट ने उन्हें तीन हफ़्ते के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया था। जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने तेजपाल को कोर्ट में सरेंडर सर्टिफिकेट जमा करने का भी निर्देश दिया। सिंगल-जज बेंच उनकी क्रिमिनल अपील को 22 सितंबर को लिस्ट करने पर भी सहमत हो गई, बशर्ते वे तब तक सरेंडर सर्टिफिकेट जमा कर दें। तेजपाल ने इस आधार पर सरेंडर करने से छूट मांगी थी कि पहले सुप्रीम कोर्ट में उनकी अपील लिस्ट होनी चाहिए और उस पर सुनवाई होनी चाहिए। तेजपाल की ओर से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने तर्क दिया कि कोर्ट के पास उचित मामले में सरेंडर की ज़रूरत को हटाने और आरोपी के सरेंडर न करने पर भी क्रिमिनल अपील को लिस्ट करने की शक्ति है। गोवा राज्य की ओर से पेश भारत के सॉलिसिटर जनरल (SGI) तुषार मेहता ने याचिका का विरोध किया और कहा कि छूट की अर्जी पर मामले की मेरिट के आधार पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने बॉम्बे हाई कोर्ट के निष्कर्षों का हवाला दिया और कहा कि इस मामले में रेप का गंभीर अपराध शामिल है, जिसके लिए… तेजपाल को 10 साल की कड़ी सज़ा सुनाई गई थी। जस्टिस अराधे ने कहा कि कोर्ट छूट की अर्ज़ी पर इसलिए विचार कर रहा है क्योंकि उसके पास ऐसा करने का अधिकार है। सिब्बल ने कहा कि तेजपाल के मामले में हाई कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के फ़ैसले को पलटने को चुनौती दी गई है और अपील के गुण-दोष पर विचार किया जाना चाहिए। हालांकि, कोर्ट ने साफ़ किया कि उसने हाई कोर्ट के फ़ैसले को देख लिया है और दोनों पक्षों – तेजपाल और गोवा सरकार – से कहा कि वे अपनी बात सिर्फ़ छूट के सवाल तक ही सीमित रखें। कोर्ट ने पूछा कि तेजपाल को सरेंडर करने में कितना समय लगेगा। तीन हफ़्ते का समय लगने की बात कहे जाने पर, कोर्ट ने छूट की अर्ज़ी खारिज कर दी और तेजपाल को तीन हफ़्ते के अंदर सरेंडर करने और सरेंडर का सबूत पेश करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने आगे निर्देश दिया कि अगर सरेंडर सर्टिफ़िकेट पेश किया जाता है, तो बॉम्बे हाई कोर्ट के फ़ैसले के ख़िलाफ़ तेजपाल की अपील को 22 सितंबर को लिस्ट किया जाए। 

छत्तीसगढ़ में 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की बिक्री, नियम तोड़ने पर होगी बड़ी कार्रवाई

रायपुर. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आगामी धार्मिक पर्वों को देखते हुए नगर पालिक निगम ने बड़ा फैसला लिया है। निगम के सम्पूर्ण क्षेत्र में निर्धारित पांच दिनों तक पशुवध गृह और सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानों को बंद रखने का आदेश जारी किया गया है। इस दौरान नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। 5 दिन बंद रहेगी मांस-मटन की दुकानें रायपुर नगर पालिक निगम स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी आदेश के मुताबिक, श्री गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, पर्युषण पर्व का अंतिम दिवस 15 सितंबर, डोल ग्यारस 22 सितंबर, अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर और पर्युषण पर्व में संवत्सरी एवं उत्तम क्षमा 26 सितंबर 2026 को नगर निगम क्षेत्र में पशुवध गृह एवं सभी मांस-मटन विक्रय की दुकानें बंद रहेंगी। इन्हें दी गई आदेश के पालन की जिम्मेदारी निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे। होटलों पर भी रहेगी नजर महापौर मीनल चौबे के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

बिजली संकट पर CM मान का बड़ा ऐलान, पंजाब के सभी 5 थर्मल प्लांटों के लिए कोयले की पर्याप्त व्यवस्था

 चंडीगढ़ पंजाब में बिजली संकट को लेकर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा है कि प्रदेश में बिजली की समस्या अब खत्म होने वाली है। उन्होंने कहा कि झारखंड की कोयला खदानों में बाढ़ का पानी भरने के कारण कोयले की शॉर्टेज हुई थी, जिसका असर पूरे देश में बिजली उत्पादन पर पड़ा। पंजाब भी इससे अछूता नहीं रहा, लेकिन अब कोयले की उपलब्धता को लेकर रास्ता साफ हो गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में उनकी झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से बातचीत हुई है। वह खुद भी दो-चार दिन बाद रांची जाकर हेमंत सोरेन से मुलाकात कर उनका धन्यवाद करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड की पचवाड़ा कोयला खदान से मिलने वाला कोयला केवल सरकारी थर्मल प्लांटों में इस्तेमाल किया जा सकता है। पंजाब के दो निजी थर्मल प्लांटों को इस व्यवस्था के तहत कोयला उपलब्ध नहीं हो पा रहा था। मान ने बताया कि पंजाब सरकार ने कोल इंडिया से अनुरोध किया था कि निजी थर्मल प्लांटों को भी कोयला उपलब्ध करवाया जाए। कोल इंडिया ने इस पर सहमति दे दी है। अब झारखंड सरकार की स्थानीय स्तर पर जरूरी मंजूरी भी मिल गई है। इससे पंजाब के पांचों थर्मल प्लांटों को आने वाले दिनों में पर्याप्त कोयला मिल सकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोयले की उपलब्धता बढ़ने के साथ बंद पड़ी बिजली उत्पादन इकाइयों को भी चलाने में मदद मिलेगी और प्रदेश में बिजली की स्थिति सामान्य होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा संकट किसी एक राज्य तक सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड की खदानों में बाढ़ के कारण पूरे देश में कोयले की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। मनप्रीत बादल पर भी साधा निशाना मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि मनप्रीत बादल को किसी एक पार्टी में रहना चाहिए, क्योंकि आज बहुत ज्यादा पार्टियां हो गई हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि मनप्रीत बादल आजकल किस पार्टी में हैं। पिछले साल से 3500 मेगावाट ज्यादा मांग सौंद ने कहा कि सितंबर में इस वर्ष पंजाब की बिजली मांग पिछले वर्षों की तुलना में करीब 3500 मेगावाट अधिक है। इसके बावजूद पावरकाम की ओर से उपलब्ध सभी स्रोतों से अधिकतम स्तर पर बिजली उत्पादन करवाया जा रहा है। हालांकि राज्य में बिजली की मांग लगातार 16 हजार मेगावाट के पार बनी हुई है। पिछले कुछ दिनों की तुलना में बिजली उत्पादन में बढ़ोतरी जरूर हुई है, लेकिन मांग में अपेक्षित कमी नहीं आई है। ऐसे में बिजली आपूर्ति को लेकर सरकार और पावरकाम के सामने चुनौती अभी भी बनी हुई है। उद्योग और किसान जता चुके हैं नाराजगी बिजली कटौती को लेकर पंजाब का औद्योगिक क्षेत्र लगातार चिंता जताता रहा है। खासकर रात के समय बिजली प्रतिबंध और उत्पादन प्रभावित होने से उद्योगों की लागत और डिलीवरी शेड्यूल पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।  किसानों की ओर से भी धान के सीजन में पर्याप्त बिजली आपूर्ति की मांग लगातार उठाई जाती रही है। ऐसे में बिजली मंत्री का पावर कट खत्म होने का दावा उद्योग और कृषि क्षेत्र के लिए राहत की खबर है। हालांकि 16 हजार मेगावाट से अधिक की लगातार मांग के बीच अगले दिनों में निर्बाध आपूर्ति बनाए रखना पावरकाम के लिए बड़ी चुनौती होगी।  

भारत-जापान के सांस्कृतिक रिश्तों को शिक्षा-तकनीक से मिल रहा नया विस्तार : सीएम साय

भारत-जापान के बीच सांस्कृतिक जुड़ाव को शिक्षा और तकनीक दे रहे नया विस्तार : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी के 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से की सौजन्य मुलाकात मुख्यमंत्री ने जापानी विद्यार्थियों से किया आत्मीय संवाद : छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत से कराया परिचित सिरपुर सहित प्रदेश की समृद्ध विरासत को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार कर रही निरंतर प्रयास एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में जापान की एहिमे यूनिवर्सिटी से आए 17 सदस्यीय छात्र प्रतिनिधिमंडल ने सौजन्य मुलाकात की। भारत-जापान इंटर एक्सचेंज कार्यक्रम के अंतर्गत तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण पर छत्तीसगढ़ पहुंचे विद्यार्थियों से मुख्यमंत्री साय ने आत्मीय संवाद किया। इस दौरान भारत और जापान के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंधों, बौद्ध विरासत, शिक्षा, अनुसंधान, तकनीकी नवाचार, स्टार्टअप तथा दोनों देशों के युवाओं के बीच बढ़ते संवाद सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जापानी छात्र-छात्राओं का छत्तीसगढ़ की धरती पर आत्मीय स्वागत करते हुए कहा कि भारत और जापान की मित्रता की जड़ें दोनों देशों की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत में गहराई से जुड़ी हुई हैं। समय के साथ यह संबंध संस्कृति और आध्यात्मिकता से आगे बढ़कर शिक्षा, विज्ञान, तकनीक, नवाचार और आर्थिक सहयोग के अनेक क्षेत्रों तक विस्तृत हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत और जापान आज परंपरा और आधुनिकता के सुंदर समन्वय के साथ विश्व के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और सम्मान की मजबूत नींव है। युवाओं तथा विद्यार्थियों के बीच इस प्रकार के शैक्षणिक और सांस्कृतिक आदान-प्रदान से यह संबंध आने वाली पीढ़ियों में और अधिक मजबूत होगा। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि भारत भगवान बुद्ध की भूमि है। भगवान बुद्ध के शांति, करुणा, मैत्री और मानव कल्याण के संदेश ने दुनिया के अनेक देशों को प्रभावित किया और जापान की संस्कृति में भी बौद्ध दर्शन की गहरी छाप दिखाई देती है। यही साझा आध्यात्मिक विरासत भारत और जापान को एक विशिष्ट सांस्कृतिक सूत्र में जोड़ती है। उन्होंने जापानी विद्यार्थियों को छत्तीसगढ़ की समृद्ध  पुरातात्विक विरासत की जानकारी देते हुए सिरपुर, मैनपाट और भोंगापाल जैसे महत्वपूर्ण स्थलों का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि महानदी के तट पर स्थित सिरपुर छत्तीसगढ़ की प्राचीन सभ्यता, कला, स्थापत्य और बौद्ध विरासत का अद्भुत केंद्र है। यहां प्राप्त पुरातात्विक अवशेष प्रदेश के गौरवशाली इतिहास और विभिन्न संस्कृतियों के समन्वय की कहानी बताते हैं। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक, पुरातात्विक और सांस्कृतिक धरोहर को देश-दुनिया में नई पहचान दिलाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सिरपुर को विश्वस्तरीय ऐतिहासिक और पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जा रहे हैं। हमारा प्रयास है कि दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले विद्यार्थी, शोधार्थी और पर्यटक छत्तीसगढ़ आएं, यहां की विरासत को जानें और प्रदेश के साथ ज्ञान एवं संस्कृति का एक स्थायी संबंध स्थापित करें। मुख्यमंत्री ने साझा किए जापान यात्रा के अनुभव मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपनी जापान यात्रा से जुड़े अनुभव भी विद्यार्थियों के साथ साझा किए। उन्होंने जापान की अनुशासित कार्यसंस्कृति, तकनीकी प्रगति और अपनी परंपराओं के प्रति सम्मान की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान ने आधुनिक विज्ञान और तकनीक में उल्लेखनीय प्रगति करते हुए अपनी सांस्कृतिक पहचान को जिस प्रकार सहेजकर रखा है, वह प्रेरणादायी है। उन्होंने कहा कि भारत भी अपनी हजारों वर्ष पुरानी सभ्यता और सांस्कृतिक मूल्यों को साथ लेकर आधुनिक तकनीक, नवाचार और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। ऐसे में भारत और जापान के युवाओं के बीच बढ़ता संवाद दोनों देशों के भविष्य के संबंधों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। शिक्षा और तकनीक से खुलेंगी सहयोग की नई संभावनाएं मुख्यमंत्री साय ने कहा कि आज दुनिया तेजी से बदल रही है और ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार तथा तकनीक विकास के सबसे महत्वपूर्ण आधार बन गए हैं। भारत और जापान के शैक्षणिक संस्थानों के बीच बढ़ता सहयोग विद्यार्थियों को नई तकनीकों, शोध और नवाचार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध करा सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि एहिमे यूनिवर्सिटी और छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षण एवं तकनीकी संस्थानों के विद्यार्थियों के बीच संवाद से भविष्य में संयुक्त अनुसंधान, तकनीकी सहयोग, स्टार्टअप और इनोवेशन के नए अवसर विकसित हो सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम दो देशों के बीच केवल संस्थागत संबंध ही नहीं बनाते, बल्कि युवाओं के बीच मित्रता और आपसी समझ का मजबूत आधार भी तैयार करते हैं। भारतीय संस्कृति और छत्तीसगढ़ की आत्मीयता से प्रभावित हुए जापानी विद्यार्थी जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने मुख्यमंत्री के साथ अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के अनुभव भी साझा किए। विद्यार्थियों ने बताया कि रायपुर में उन्हें अत्यंत आत्मीय अनुभव हुआ। यहां की संस्कृति, परंपराओं और लोगों के सहज एवं आत्मीय व्यवहार ने उन्हें विशेष रूप से प्रभावित किया। विद्यार्थियों ने भारतीय खान-पान की भी प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान उन्हें गणेश उत्सव की परंपराओं और उसके सांस्कृतिक महत्व को करीब से जानने का अवसर मिला। जापानी छात्राओं ने उत्साहपूर्वक बताया कि उन्होंने मेहंदी लगवाई और भारतीय परिधानों की खरीदारी भी की। विद्यार्थियों ने कहा कि इस यात्रा ने उन्हें भारत को पुस्तकों और कक्षाओं से आगे बढ़कर यहां के समाज, संस्कृति और जीवनशैली के माध्यम से समझने का अवसर दिया है। मुख्यमंत्री साय ने विद्यार्थियों के अनुभव सुनकर प्रसन्नता व्यक्त की और कहा कि छत्तीसगढ़ अपनी सहजता, आत्मीयता और अतिथि सत्कार की परंपरा के लिए जाना जाता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे यहां से छत्तीसगढ़ की सुखद स्मृतियां लेकर जाएं और भविष्य में पुनः प्रदेश आएं। एनआईटी रायपुर के स्टार्टअप और तकनीकी नवाचारों में दिखाई विशेष रुचि छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान जापानी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने एनआईटी रायपुर के विभिन्न रिसर्च सेंटरों और इन्क्यूबेशन सेंटर का भी भ्रमण किया। विद्यार्थियों ने वहां संचालित स्टार्टअप की गतिविधियों, अनुसंधान परियोजनाओं और विकसित की जा रही नई तकनीकों की जानकारी ली। विशेष रूप से ऐसे स्टार्टअप ने जापानी विद्यार्थियों का ध्यान आकर्षित किया, जो तकनीक के माध्यम से आम लोगों की दैनिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान विकसित कर रहे हैं। … Read more

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न

पुलिस चौकी बिलासपुर में शांति समिति की बैठक संपन्न बिलासपुर  उमरिया जिले के बिलासपुर तहसील अंतर्गत पुलिस चौकी बिलासपुर में गणेश चतुर्थी पर्व को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक पुलिस चौकी प्रभारी अशोक ठाकुर की उपस्थिति में संपन्न हुई। बैठक में गणेश चतुर्थी पर्व को शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने को लेकर चर्चा की गई। इस दौरान ग्राम पंचायत बिलासपुर के सरपंच ज्ञान चंद सोनी, ग्राम पंचायत बसाढ़ी की सरपंच फुलबाई रामपाल सिंह, भाजपा मंडल बिलासपुर अध्यक्ष पुष्पेंद्र सोनी सहित रविकांत गौतम, अनिल मिश्रा, राजा द्विवेदी, ललन सेन, रविशंकर सोनी, गेंदलाल महार, सुबोध राय एवं ग्रामीणजन उपस्थित रहे।  

दिशा सालियान केस में CBI की FIR से मचा हड़कंप, आदित्य, उद्धव ठाकरे समेत कई चर्चित नाम शामिल

मुंबई  दिवंगत बॉलीवुड एक्‍टर सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत मामले में CBI ने FIR दर्ज कर ली है। बड़ी खबर ये है कि इस संदिग्ध मौत के मामले में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन ने सीधे तौर पर शिवसेना (ठाकरे गुट) के नेता आदित्य ठाकरे का नाम भी शामिल किया है। यही नहीं, दिशा के पिता सतीश सालियन की शिकायत के आधार पर CBI ने FIR में बॉलीवुड एक्‍टर डिनो मोरिया, रिया चक्रवर्ती, सूरज पंचोली के साथ-साथ मुंबई के पूर्व पुलिस आयुक्त परमबीर सिंह, जेल में बंद पुलिस अधिकारी सचिन वाझे और कुछ अन्य पुलिसकर्मियों के नाम लिए हैं। केंद्रीय जांच ब्‍यूरो ने दिशा के पिता सतीश सालियान के बयान के आधार पर यह FIR दर्ज की है। पिता का आरोप है कि सरकारी मशीनरी का गलत इस्तेमाल करके उनकी बेटी की मौत से जुड़े सबूत मिटा दिए गए थे। CBI ने यह कार्रवाई बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की है। दिशा की मौत जून 2020 में मुंबई में हुई थी और उनकी मौत के कुछ ही दिनों बाद सुशांत सिंह राजपूत की भी मौत हो गई थी। द‍िशा साल‍ियान के प‍िता के बयान में क‍िन-क‍िन का नाम CBI के समक्ष सतीश सालियान के बयान के मुताबिक, मामले में कई लोगों की भूमिका की गहराई से जांच किए जाने की जरूरत है। उन्होंने आपराधिक साजिश, दिशा की मौत को आत्महत्या बताने वाली गलत कहानी तैयार करने और उसे फैलाने के साथ-साथ सबूतों को दबाने, नष्ट करने या उनमें कथित छेड़छाड़ किए जाने जैसे आरोपों की जांच की मांग की है। सतीश सालियान ने बयान में जिन लोगों के नाम का जिक्र किया गया है, उनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड्स, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, डीसीपी विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे और अनिल देशमुख समेत कई पुलिस अधिकारियों के नाम शामिल हैं। द‍िशा साल‍ियान के प‍िता के वकील बोले- हमने गैंग-रेप और हत्या के आरोप लगाए हैं CBI की ओर से FIR दर्ज होने से दो दिन पहले 11 सितंबर को दिशा के पिता सतीश सालियान ने अपना बयान दर्ज कराया था। तब उनके वकील निलेश ओझा भी CBI दफ्तर पहुंचे थे। यहां वकील निलेश ओझा ने कहा, 'हम आदित्य ठाकरे और अन्य लोगों के ख‍िलाफ गैंग-रेप और हत्या के मामले में FIR दर्ज कराने आए हैं। दूसरी बात, हमारे पास मौजूद सबूतों के अलावा, हमारे पास सचिन वाजे का न्यायालय के बाहर किया गया कबूलनामा भी है… नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) के पास सबूत होने के बावजूद, NCB अधिकारी संजय सिंह 6 साल तक आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया और अन्य आरोपियों के ख‍िलाफ चार्जशीट दाखिल करने में नाकाम रहे। क्‍योंकि जांच के दौरान इसमें भ्रष्टाचार का मामला सामने आया है, इसलिए हम एक अलग जांच की मांग कर रहे हैं।'   सीबीआई ने इन्हें बनाया आरोपी     आदित्य ठाकरे     रोहन रॉय     डिनो मोरिया     सूरज पंचोली     आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड     रिया चक्रवर्ती     शोविक चक्रवर्ती     सचिन वाजे     परमबीर सिंह     DCP विशाल ठाकुर     उद्धव ठाकरे     अनिल देशमुख     API अशोक देवाड़े     PI जगदेव कलापड़     PI शैलेंद्र नगरकर     PI चिमाजी आधव     PI अर्जुन राजाने     मालवणी पुलिस स्टेशन के संबंधित अधिकारी     देरी से पोस्टमार्टम से जुड़े डॉक्टर और स्टाफ, डॉ. संजय जाधव     कालिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी के संबंधित अधिकारी, N.P. भाले, Assistant Chemical Analyser     तत्कालीन संबंधित PI और अन्य पुलिस अधिकारी द‍िशा के प‍िता की श‍िकायत में पुलिस अध‍िकारी, डॉक्‍टर और स्‍टाफ का भी ज‍िक्र दिशा के पिता ने इस मामले में मालवणी पुलिस स्टेशन से जुड़े अधिकारियों, दिशा के पोस्टमार्टम में कथित देरी से जुड़े डॉक्टरों और स्टाफ, कलिना स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी के कर्मचारियों, रीजेंट गैलेक्सी बिल्डिंग के सिक्योरिटी गार्ड्स और कई अन्य लोगों का भी बयान में जिक्र किया गया है। हाईकोर्ट ने CBI को नए स‍िरे से जांच के आदेश द‍िए CBI ने इससे पहले दिशा सालियान की मौत से जुड़े सभी दस्तावेज और रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के लिए मालवणी पुलिस को पत्र लिखा था। एजेंसी ने ये रिकॉर्ड अपनी जांच को आगे बढ़ाने के लिए मांगे थे। अब बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले में नए सिरे से जांच के लिए सीबीआई को निर्देश दिए। कोर्ट ने कहा था कि जांच की निगरानी के लिए सीबीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी को नियुक्त किया जाए।     हथिनी माधुरी की कोल्हापुर वापसी शुरू: वनतारा जारी रखेगा मेडिकल केयर     हथिनी माधुरी की कोल्हापुर वापसी का रास्ता साफ हो गया है। हाई-पावर्ड कमिटी (HPC) ने इसकी मंजूरी दे दी है। जुलाई 2025 में जामनगर लाए जाने के बाद अनंत अंबानी के ‘वनतारा’ ने उसकी देखभाल की। इलाज से माधुरी की हालत स्थिर है, लेकिन उसे लगातार मेडिकल सपोर्ट की जरूरत है। वनतारा, नंदानी में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर करने में मदद कर रहा है और उसके डॉक्टर हर 15 दिन में वहां जाकर माधुरी की जांच और रिपोर्टिंग करेंगे। क्या लिखा है FIR में आदित्य ठाकरे के पिता और तत्कालीन मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे तथा अन्य लोगों ने भी साजिश और उसके बाद मामले को दबाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. संबंधित सरकारी कर्मचारियों और पुलिस अधिकारियों की भी इस बात के लिए जांच की जानी चाहिए कि क्या उन्होंने मामले से जुड़े कागजात, फाइलों और अन्य सरकारी रिकॉर्ड को नष्ट या दबाया, सरकारी रिकॉर्ड में हेरफेर/फर्जीवाड़ा किया और आरोपियों को बचाने के लिए सरकारी धन, कर्मचारियों और पुलिस मशीनरी का गैरकानूनी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया।  FIR में कई बड़े नाम शामिल मुख्य अपराध, आपराधिक साजिश, उसके बाद झूठी आत्महत्या की कहानी तैयार करने और उसे फैलाने, तथा सबूतों को दबाने, नष्ट करने और/या उनमें हेरफेर करने के संबंध में जिन लोगों की भूमिका की जांच की जरूरत है, उनमें आदित्य ठाकरे, रोहन रॉय, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली, आदित्य ठाकरे के बॉडीगार्ड, रिया चक्रवर्ती, शोविक चक्रवर्ती, सचिन वाजे, परमबीर सिंह, DCP विशाल ठाकुर, उद्धव ठाकरे, अनिल देशमुख, API अशोक देवाड़े, PI जगदेव कलापड़, … Read more

गोल्फ कोर्स रोड हादसे के बाद सिया का बयान, बोलीं- वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी, पहचान नहीं करना चाहती सार्वजनिक

गुरुग्राम गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर लेडी बाइक राइडर सिया को कार से टक्कर मारने के मामले में पुलिस आरोपी चालक की तलाश कर रही है. उधर, घटना के बाद पीड़िता ने सोशल मीडिया पर अपनी बात शेयर की है. उन्होंने लिखा कि, 'जिन्होंने मेरा सपोर्ट किया उन्हें शुक्रिया, साथ ही कहा कि, वह कानूनी कार्रवाई करेंगी, लेकिन फिलहाल अपनी पहचान और चेहरा सार्वजनिक नहीं करना चाहतीं. इसी वजह से उन्होंने किसी भी तरह की मीडिया बातचीत से भी इनकार किया है. सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा सिया ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि कई लोग आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं और उनसे FIR को लेकर भी लगातार सवाल पूछे जा रहे हैं. उन्होंने कहा, 'मैं आज शाम अपने वकील के साथ FIR दर्ज कराऊंगी और कानूनी कार्रवाई करूंगी.' उन्होंने लोगों से धैर्य रखने और शांत रहने की अपील भी की. सिया ने बताया कि वह कोई मीडिया इंटरव्यू नहीं देना चाहती हैं और इस समय अपनी पहचान या चेहरा उजागर नहीं करना चाहतीं. उन्होंने लोगों से उनके फैसले का सम्मान करने की अपील की और कहा कि मामले से जुड़े अपडेट वह खुद साझा करती रहेंगी. आरोपी की तलाश में पुलिस की तीन टीमें पुलिस के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड पर हुई घटना में कार चालक की पहचान कल्याण बैंसला के रूप में की गई है. उसकी गिरफ्तारी के लिए तीन टीमें बनाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है. इससे पहले कार मालिक मनीष का बयान सामने आया था. उसका दावा है कि घटना के समय वह शहर में नहीं था और भारतीय सेना में अपनी सेवा दे रहा था. उसने अपनी कार एक स्कूल फ्रेंड को दी थी. सोशल मीडिया पर घटना का वीडियो देखने के बाद उसे मामले की जानकारी हुई. दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. घटना उस समय हुई जब सिया अपनी Aprilia RS 457 बाइक से दोस्तों के साथ वीकेंड राइड पर निकली थीं. आरोप है कि सफेद कार में सवार युवक उनका पीछा कर रहे थे और कार को बाइक के बेहद करीब ला रहे थे. इसी दौरान कार ने बाइक के आगे कट मारा और टक्कर हो गई. सिया सड़क पर गिर गईं और उनकी बाइक कई मीटर तक घिसटती चली गई. पूरी घटना एक्शन कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया. इसके बाद गुरुग्राम पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेकर जांच शुरू की. पुलिस वायरल वीडियो और CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है.  

एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज़ क्षेत्रीय स्तर प्रततयोगिता रायपुर में आयोक्जत: आईआईएम रहा विजेता

एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज क्षेत्रीय स्तर प्रततयोगिता रायपुर में आयोक्जत: आईआईएम रहा विजेता  रायपुर  एनटीपीसी इलेक्ट्रॉन क्विज़ 2026-27 का रायपुर क्षेत्रीय दौर 12 ससतंबर 2026 को रायपुर में आयोक्जत ककया गया। इंजीननयररंग एिं मैनेजमेंट के विद्यार्थियों के सलए आयोक्जत इस प्रनतयोर्गता में लगभग 110 टीमों ने भाग सलया और अपने ज्ञान एिं क्क्ट्िक्जंग कौशल का प्रदशिन ककया। इस िर्ि प्रनतयोर्गता का विर्य ‘एनीर्थंग एंड एिरीर्थंग फ्रॉम द िर्लडि ऑफ बबजनेस एंड मैनेजमेंट’ है। रायपुर क्षेत्रीय स्तर प्रनतयोर्गता के फाइनल राउंड में शीर्ि छह टीमों के बीच मुकाबला हुआ। आईआईएम रायपुर के असभर्ेक समश्रा एिं िरद नागेश जौरकर की टीम ने 60,000 रुपये का नकद पुरस्कार के साथ प्रथम स्थान प्राप्त ककया। आईआईएम रायपुर के प्रतीक अहीर एिं सुश्रुत अग्रिाल की टीम ने 40,000 रुपये की पुरस्कार रासश के साथ द्वितीय स्थान प्राप्त ककया। एसएसआईपीएमटी रायपुर के साहहल कुमार एिं ऋर्भ कुमार अग्रिाल की टीम ने 20,000 रुपये की रासश के साथ तृतीय स्थान प्राप्त ककया।  आईआईआईटी निा रायपुर की अहदनत जोशी एिं मुबक्शशर अहमद, एनआईटी रायपुर के हर्ि मटलानी एिं हदव्य प्रताप ससंह सससोहदया तथा एनआईटी रायपुर के आयुर् कुमार शमाि एिं अयनांश शुक्ट्ला की टीमों ने क्रमशः चौथा, पांचिां और छठा स्थान प्राप्त ककया तथा प्रत्येक टीम को 8,000 रुपये का सांत्िना पुरस्कार प्रदान ककया गया। इस अिसर पर श्री प्रिीण गगि, महाप्रबंधक (एचआर), एनटीपीसी निा रायपुर ने कहा कक एनटीपीसी की स्थावपत क्षमता में ननरंतर िृद्र्ध और देश के विद्युत क्षेत्र में इसकी मजबूत उपक्स्थनत के साथ इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज का भी हर िर्ि विस्तार हुआ है। उन्होंने कहा कक क्जस प्रकार एनटीपीसी ऊजाि के माध्यम से देश को शक्क्ट्त प्रदान कर रही है, उसी प्रकार इलेक्ट्रॉन क्क्ट्िज युिा प्रनतभाओं के ज्ञान और क्षमता को नई ऊजाि प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कक यह प्रनतयोर्गता युिा प्रनतभार्गयों को अपनी क्क्ट्िक्जंग प्रनतभा प्रदसशित करने का आदशि मंच प्रदान करती है और यह देश को ऊजाि प्रदान करने के साथ-साथ युिा प्रनतभाओं को सशक्ट्त बनाने के एनटीपीसी के प्रयासों के अनुरूप है।  क्क्ट्िज प्रनतयोर्गता की शुरुआत ऑन-स्पॉट सलखित राउंड से हुई, क्जसके बाद ऑडडयोविजुअल/बजर राउंड आयोक्जत ककया गया। इसका संचालन ग्रेसेल के प्रससद्ध क्क्ट्िज मास्टर गौतम बोस ने ककया। क्षेत्रीय दौर की शीर्ि दो टीमें अब राष्ट्रीय सेमीफाइनल और ग्रैंड कफनाले के सलए 7 एिं 8 अक्ट्टूबर 2026 को क्रमशः एनटीपीसी के पािर मैनेजमेंट इंस्टीट्यूट (PMI), नोएडा में भाग लेंगी।  इस अिसर पर एनटीपीसी के अर्धकाररयों के साथ-साथ राज्यभर के विसभन्न इंजीननयररंग एिं मैनेजमेंट संस्थानों के विद्यार्थियों सहहत बडी संख्या में दशिक उपक्स्थत रहे।