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राजस्थान निकाय चुनाव में चौंकाने वाले नतीजे, एक प्रत्याशी को नहीं मिला एक भी वोट

जयपुर  चुनावी मैदान में कई बार ऐसे हैरान कर देने वाले नतीजे सामने आ जाते हैं, जिन पर यकीन करना मुश्किल होता है। राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में भी कुछ परिणामों ने प्रत्याशियों के साथ-साथ राजनीतिक दलों को चौंका दिया। कहीं राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के प्रत्याशी को एक भी वोट नहीं मिला, तो कहीं भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी के खाते में महज एक वोट आया। बालोतरा जिले के सिणधरी नगरपालिका के वार्ड संख्या 3 का यह चुनावी परिणाम कुछ ऐसा ही अनूठा किस्सा लेकर आया है, जिसकी चर्चा हर तरफ हो रही है। इस वार्ड में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के उम्मीदवार ओम प्रकाश को एक भी वोट नहीं मिला। ओमप्रकाश खुद इस वार्ड के मतदाता नहीं हैं, इसलिए खुद का वोट भी नहीं मिल सका। वहीं नोटा का बटन दबाने वाला एक मतदाता जरूर मिल गया। यानी यहां नोटा आरएलपी से आगे निकल गया। इस वार्ड में मुख्य मुकाबला भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस के बीच रहा, जहां बीजेपी के खेमाराम को 93 वोट मिले और कांग्रेस के भंवरा राम ने 133 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। कुल डाले गए मतों की संख्या 226 रही, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार ने बाजी मार ली। एक वोट वाले नतीजे ने खड़े किए कई सवाल परबतसर नगर पालिका चुनाव के इन दोनों नतीजों ने राजनीतिक दलों के सामने प्रत्याशी चयन और स्थानीय संगठन की स्थिति को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।  BJP जैसी बड़ी राष्ट्रीय पार्टी के प्रत्याशी का एक वोट तक सीमित रहना इसलिए ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि उम्मीदवार खुद भी उस वार्ड का मतदाता नहीं था. वहीं, RLP प्रत्याशी के खाते में भी सिर्फ एक वोट आना पार्टी के स्थानीय जनाधार और उम्मीदवार चयन पर चर्चा का कारण बन रहा है।  फिलहाल परबतसर नगर पालिका चुनाव का यह 'एक वोट' वाला मामला स्थानीय राजनीति से लेकर सोशल मीडिया तक चर्चा में है. खासकर BJP प्रत्याशी कैलाश चंद्र का खुद को वोट नहीं दे पाना इस पूरे चुनावी नतीजे को और दिलचस्प बना रहा है।  परबतसर में BJP प्रत्याशी को सिर्फ एक वोट दूसरा हैरान करने वाला नतीजा डीडवाना-कुचामन जिले की परबतसर नगरपालिका के वार्ड नंबर 13 से सामने आया। यहां भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी कैलाशचंद को महज एक वोट मिला। वहीं कांग्रेस की प्रत्याशी हिना खानम ने 376 वोट हासिल कर शानदार जीत दर्ज की। निर्दलीय प्रत्याशी रसीद खां को भी 195 वोट मिले। यानी निर्दलीय प्रत्याशी भी भाजपा के अधिकृत प्रत्याशी से 194 वोट आगे रहा। इस वार्ड में कुल 573 वोट पड़े। खास बात यह रही कि भाजपा प्रत्याशी कैलाशचंद के खाते में एक वोट आया और नोटा को भी एक वोट मिला। पत्नी और माता-पिता भी नहीं दे पाए वोट! कैलाशचंद के लिए यह नतीजा इसलिए और चौंकाने वाला है क्योंकि उनके मुताबिक उनका परिवार जिस वार्ड में रहता है, वहां परिवार के 12 वोट थे, लेकिन पार्टी ने उन्हें वार्ड नंबर 13 से टिकट देकर चुनाव मैदान में उतारा। ऐसे में उनके परिवार के सदस्य भी उन्हें वोट नहीं दे सके।

रिटायरमेंट से पहले मिली राहत, हाईकोर्ट ने आबकारी हेड कांस्टेबल को बिलासपुर ट्रांसफर का दिया आदेश

बिलासपुर  छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने आबकारी विभाग के हेड कांस्टेबल नेल्सन लवेट की याचिका पर सुनवाई करते हुए बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने उन्हें उनके गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग देने को कहा है। साथ ही कहा है कि आदेश की कॉपी मिलने के 15 दिन के अंदर पोस्टिंग का आदेश जारी किया जाए। इस मामले की सुनवाई जस्टिस बिभू दत्ता गुरु की सिंगल बेंच में हुई। याचिकाकर्ता इस समय रायगढ़ जिले में आबकारी हेड कांस्टेबल के पद पर हैं। उन्होंने रायगढ़ से बिलासपुर ट्रांसफर और 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी के क्लॉज 3.12 का फायदा देने की मांग की थी। 1993 में सेल्समैन के पद पर हुई थी नियुक्ति कोर्ट को बताया गया कि नेल्सन लवेट की नियुक्ति 19 अप्रैल 1993 को आबकारी विभाग में सेल्समैन के तौर पर हुई थी। बाद में उन्हें नियमित किया गया और आबकारी आरक्षक बनाया गया। साल 2014 में उनका ट्रांसफर कोरबा से बिलासपुर हुआ था। फिर 24 जून 2022 को उन्हें बिलासपुर से रायगढ़ भेज दिया गया। साल 2023 में प्रमोशन के बाद वे आबकारी हेड कांस्टेबल बने और रायगढ़ में ही तैनात रहे। पत्नी बीमार, रिटायरमेंट भी नजदीक याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि वे जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं। उनकी पत्नी की तबीयत भी ठीक नहीं है और उनका लगातार इलाज चल रहा है। उन्होंने गृह जिले बिलासपुर में पोस्टिंग के लिए कई बार विभाग को आवेदन दिया, लेकिन कोई फैसला नहीं हुआ। सरकार ने कहा पॉलिसी लागू नहीं होती राज्य सरकार की तरफ से कहा गया कि 5 जून 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी आबकारी विभाग पर लागू नहीं होती। क्योंकि इस पॉलिसी में पुलिस, आबकारी, परिवहन, वाणिज्यिक कर और शिक्षा विभाग को बाहर रखा गया है। सरकार ने ये भी कहा कि किसी कर्मचारी को उसकी पसंद की पोस्टिंग देने का कोई कानूनी हक नहीं बनता। कोर्ट ने कहा रिटायरमेंट से पहले लाभ मिलना चाहिए हाईकोर्ट ने सरकार की इस दलील को नहीं माना। कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता जुलाई 2027 में रिटायर होने वाले हैं और उन्होंने होम जिले में पोस्टिंग के लिए कई बार आवेदन दिया है। कोर्ट ने कहा कि एक साल के अंदर रिटायर होने वाले कई विभागों के कर्मचारियों को उनकी पसंद या गृह जिले में पोस्टिंग का लाभ दिया गया है, तो याचिकाकर्ता को भी ये लाभ मिलना चाहिए।आकाश शर्मा वर्तमान में 'जागरण न्यू मीडिया' में सब एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें डिजिटल कंटेंट क्रिएशन में विशेषज्ञता हासिल है और उनके पास पत्रकारिता के क्षेत्र में तीन से अधिक  

रियल-टाइम इंटेलिजेंस से गैंगस्टरों का होगा सफाया, राज्यों के बीच बढ़ा तालमेल

चंडीगढ़  हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने संगठित अपराध के खिलाफ अपनी कार्रवाई को और तेज करते हुए विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों और उनके नेटवर्क पर प्रभावी प्रहार किया है. एसटीएफ हरियाणा द्वारा अब तक 27 गैंगस्टरों को विदेश से डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कर भारत लाया जा चुका है. इनमें वर्ष 2025 में 7 तथा वर्ष 2026 में अब तक 14 अपराधियों को डिपोर्ट/एक्सट्रेडाइट कराया गया है. हाल ही में एक सक्रिय एवं वांछित अपराधी को 4 अगस्त 2026 को संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से सफलतापूर्वक डिपोर्ट कर भारत लाया गया. वर्ष 2026 में यह एसटीएफ हरियाणा की 13वीं सफल डिपोर्टेशन रही. डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि अपराधी जहां भी छिपे हो, हरियाणा पुलिस की नजर से दूर नहीं. पुलिस महानिदेशक ने दी जानकारी पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस संगठित अपराध के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है. विदेश में बैठकर हरियाणा में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले अपराधियों पर डिपोर्टेशन और एक्सट्रेडिशन के माध्यम से कार्रवाई के साथ-साथ उनके स्थानीय सहयोगियों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और डिजिटल नेटवर्क को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि विभिन्न राज्यों की पुलिस तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय, खुफिया जानकारी के आदान-प्रदान और टेक्निकल सर्विलांस के माध्यम से अपराधियों के पूरे नेटवर्क की पहचान की जा रही है. अपराधी कितना भी दूर क्यों न छिपा हो, हरियाणा पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही है और उसे कानून के कटघरे तक पहुंचाने के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी. 12 गैंगस्टरों को कराया गया डिटेन पुलिस महानिरीक्षक सतीश बालन ने बताया कि एसटीएफ द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों की लोकेशन, ट्रैवल हिस्ट्री और मूवमेंट्स का पता लगाने के लिए ह्यूमन इंटेलिजेंस और टेक्निकल इंटेलिजेंस का प्रभावी इस्तेमाल किया जा रहा है. फर्जी पासपोर्ट, फर्जी पहचान तथा बायोमेट्रिक/फिंगरप्रिंट ट्रेसेज का विश्लेषण कर अपराधियों की पहचान और लोकेशन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा रही है. हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में मौजूद 12 गैंगस्टरों को डिटेन कराया गया है तथा उनके एक्सट्रेडिशन/डिपोर्टेशन की प्रक्रिया जारी है. अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों और संबंधित देशों के साथ समन्वय कर इन अपराधियों को भारत लाने के प्रयास लगातार किए जा रहे हैं. हरियाणा पुलिस जारी कर चुकी है 144 लुक आउट नोटिस हरियाणा पुलिस द्वारा विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए विभिन्न अंतरराष्ट्रीय कानूनी एवं समन्वय तंत्रों का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है. इसके तहत अगस्त 2023 से लेकर अब तक 144 लुक आउट सर्कुलर (एलओसी), 54 रेड कॉर्नर नोटिस (आरसीएन) और 53 इंटरपोल रेफरेंस जारी किए गए हैं। इसके अतिरिक्त 93 पासपोर्ट रद्द, 9 प्रोविजनल अरेस्ट रिक्वेस्ट तथा 16 एक्सट्रेडिशन रिक्वेस्ट भेजी गई हैं। इन प्रयासों के माध्यम से विदेशों में फरार अपराधियों की पहचान, उनकी आवाजाही पर निगरानी तथा उन्हें भारत वापस लाने की प्रक्रिया को और प्रभावी बनाया जा रहा है. इन चार अपराधियों की जानकारी देने पर मिल सकता है इनाम विदेशों में छिपे 4 वांछित अपराधियों की गिरफ्तारी में मददगार सूचना उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक पर 10 हजार अमेरिकी डॉलर के इनाम के प्रस्ताव पर भी विचार विमर्श किया जा रहा है. इससे विदेश में छिपे अपराधियों तक पहुंच बनाने के प्रयासों को और मजबूती मिलेगी. एसटीएफ द्वारा आपराधिक नेटवर्क से जुड़े वित्तीय लेन-देन, बैंक ट्रांजेक्शन एवं क्रिप्टोकरेंसी/यूएसडीटी चैनल्स को ट्रेस किया जा रहा है. इसका उद्देश्य अपराधियों की गतिविधियों और लोकेशन का पता लगाने के साथ-साथ अपराध से अर्जित अवैध धन के प्रवाह पर अंकुश लगाना भी है. लोकल शूटर, हेल्पर और हथियार सप्लायरों के खिलाफ भी एक्शन विदेश में बैठे अपराधियों के स्थानीय शूटरों, सहयोगियों, हथियार सप्लायरों एवं मददगारों के खिलाफ भी लगातार कार्रवाई की जा रही है. इससे विदेश से अपराध संचालित करने वाले नेटवर्क की जड़ों को कमजोर कर हरियाणा में उनकी आपराधिक गतिविधियों पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिल रही है. अपराधियों एवं उनके सहयोगियों के डिजिटल फुटप्रिंट और सोशल मीडिया गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है. इससे उनकी कम्युनिकेशन, भर्ती गतिविधियों और आपराधिक गतिविधियों से संबंधित महत्वपूर्ण खुफिया जानकारी हासिल की जा रही है. अंतरराज्यीय बैठकें भी चल रही हैं अंतरराज्यीय गैंगों और अपराधियों की गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए हरियाणा पुलिस ने पंजाब, राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ मजबूत अंतरराज्यीय समन्वय तंत्र स्थापित किया है. इसके तहत गैंगस्टरों, शूटरों, हथियार सप्लायरों, फाइनेंसरों और सहयोगियों से संबंधित रियल-टाइम खुफिया जानकारी साझा की जा रही है. विभिन्न राज्यों की सीमाओं के पार सक्रिय वांछित एवं इनामी अपराधियों के खिलाफ संयुक्त छापेमारी और समन्वित गिरफ्तारी की जा रही है. संभावित खतरों के आकलन और संयुक्त रणनीति के लिए नियमित अंतरराज्यीय समन्वय बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं.

मेधावी छात्राओं के लिए योगी सरकार का बड़ा तोहफा, 40 हजार स्कूटी देने की तैयारी

लखनऊ यूपी सरकार मेधावी छात्राओं को स्कूटी देगी। दरअसल, महत्वाकांक्षी रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना के तहत 40 हजार छात्राओं को जनवरी तक स्कूटी देने की तैयारी है। स्कूटी उपलब्ध कराने के लिए उच्च शिक्षा विभाग ने जेम पोर्टल पर बिड जारी की है। चयनित कंपनी को सिर्फ 100 दिनों में स्कूटी आपूर्ति करनी होगी। उच्च शिक्षा विभाग ने सितंबर अंत तक खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप देने की तैयारी की है। उसके बाद 100 दिन सप्लाई में लगेगा। इस लिहाज से जनवरी तक छात्राओं को स्कूटी मिलने की उम्मीद है। खास बात यह है कि स्कूटियों की डिलीवरी प्रदेश के सभी 75 जिला/मंडल मुख्यालयों पर की जाएगी। प्रत्येक स्थान पर कितनी स्कूटी भेजी जाएंगी, इसकी जानकारी खरीद आदेश के समय देंगे। इस बीच छात्राओं की चयन सूची भी तैयार हो जाएगी। हालांकि अधिकारियों ने स्कूटी की संख्या 25 प्रतिशत तक बढ़ाने या घटाने का प्रावधान रखा है, ताकि यदि लाभार्थियों की संख्या बढ़ती है तो अतिरिक्त वाहनों की सप्लाई में किसी तरह की कोई परेशानी न होने पाए। यही नहीं यह संख्या आवश्यकता पड़ने पर और 25 फीसदी से भी अधिक बढ़ या घट सकती है। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. मोनिका सिंह के अनुसार स्कूटी खरीद के लिए विक्रेताओं से 21 सितंबर को 12 बजे से ऑनलाइन बैठक होगी। स्कूटी के साथ मिलेगी ये एक्सेसरीज हर स्कूटी के साथ एक आईएस 4151:2015 मानक का हेलमेट और चार लीटर पेट्रोल भी दिया जाएगा। स्कूटी के साथ कई एक्सेसरीज जैसे गार्ड किट, ग्रिप कवर, किक रबर, सीट कवर समेत अन्य वस्तुंए भी अनिवार्य है। स्कूटी BS6, ऑटोमैटिक और ट्यूबलेस टायर वाला होगा। दिव्यांगजनों के लिए बेहतरीन काम करने वालों को मिलेगा प्राइज उधर, दिव्यांगजनों के सशक्तीकरण और उनके लिए उत्कृष्ट काम करने वाले व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से योगी सरकार ने राज्य स्तरीय पुरस्कार-2026 की घोषणा की है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग की ओर से 3 दिसंबर को विश्व दिव्यांग दिवस के अवसर पर विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह पहल दिव्यांगजनों के सम्मान, आत्मनिर्भरता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए है। राज्य सरकार ने पुरस्कारों के माध्यम से दिव्यांगजनों के लिए बेहतर काम करने वाले लोगों और संस्थाओं को पहचान देने की व्यवस्था की है। पुरस्कार के लिए इच्छुक व्यक्ति एवं संस्थाएं जिलाधिकारी की संस्तुति के साथ 15 सितंबर तक दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के निदेशालय लखनऊ में आवेदन कर सकते हैं। विभाग ने पुरस्कार से संबंधित विस्तृत जानकारी के लिए विभागीय वेबसाइट और हेल्पलाइन नंबर 18001801995 उपलब्ध है।

CGPSC परीक्षा में चयन का झांसा देकर वसूले ₹3 करोड़ से ज्यादा, चेतन बोरघरिया के खाते में मिले लाखों के लेनदेन

रायपुर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की हिरासत में मौजूद बलरामपुर-रामानुजगंज के अपर कलेक्टर ओएसडी चेतन बोरघरिया के खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा हुए थे। ईडी की जांच में सामने आया है कि बोरघरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच भी कई वित्तीय लेनदेन हुए हैं। ईडी ने 11 सितंबर को पीएमएलए के तहत चेतन को गिरफ्तार किया है। उन्हें रायपुर की विशेष पीएमएलए अदालत ने छह दिन की ईडी हिरासत में भेजा है। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (सीजीपीएससी) की राज्य सेवा परीक्षा 2021 में अभ्यर्थियों को चयन का भरोसा दिलाकर तीन करोड़ रुपये से अधिक की अवैध रकम वसूले जाने की ईडी जांच कर रही है। ईडी की जांच में सामने आया है कि उत्कर्ष चंद्राकर, अनिल चंद्राकर और डाॅ. विकास चंद्राकर ने सीजीपीएससी राज्य सेवा परीक्षा 2021 में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से कथित तौर पर तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम जुटाई।   बघेल के ओएसडी रहे चेतन के नाम और पद का इस्तेमाल अभ्यर्थियों को परीक्षा से पहले प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने और चयन सुनिश्चित कराने का भरोसा दिया गया था। इस भरोसे के लिए तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के कार्यालय में ओएसडी रहे चेतन बोरघरिया के नाम और पद का कथित तौर पर इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई है। पहले पेपर, फिर चयन का भरोसा ईडी के मुताबिक यह पूरा मामला केवल पैसे के लेनदेन तक सीमित नहीं था, बल्कि अभ्यर्थियों को परीक्षा में फायदा पहुंचाने के लिए कथित तौर पर एक पूरा नेटवर्क तैयार किया गया था। जांच में सामने आया कि प्रारंभिक परीक्षा से पहले कुछ अभ्यर्थियों को रायपुर के सिद्धि विनायक मैरिज पैलेस में एकत्र किया गया। यहां उन्हें कथित रूप से लीक प्रश्नपत्र उपलब्ध कराया गया। रिसोर्ट में ठहराए गए अभ्यर्थी इसके बाद अभ्यर्थियों को बारनवापारा अभयारण्य स्थित रिसार्ट में ठहराने और मुख्य परीक्षा की तैयारी कराने की बात सामने आई है। ईडी का दावा है कि वहां मुख्य परीक्षा से संबंधित लीक प्रश्नपत्र के आधार पर कथित तौर पर कोचिंग दी गई। खाते में 66.64 लाख की नकद जमा ईडी की वित्तीय जांच में चेतन बोर्घरिया के बैंक खाते से जुड़े लेनदेन को अहम कड़ी माना गया है। एजेंसी के मुताबिक संबंधित अवधि में उनके खाते में 170 अलग-अलग लेनदेन के जरिए कुल 66.64 लाख रुपये नकद जमा हुए। जांच में बोर्घरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच भी कई वित्तीय लेनदेन सामने आने का दावा किया गया है। कड़ियां जोड़ रही ईडी अब ईडी इन रकम के स्रोत और उपयोग की कड़ियां जोड़ रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि अभ्यर्थियों से कथित तौर पर जुटाई गई तीन करोड़ रुपये से अधिक की रकम किस-किस व्यक्ति तक पहुंची और उसे किन खातों या माध्यमों से आगे भेजा गया। मोबाइल ने खोली पैसों के लेनदेन की कड़ी बोरघरिया के खिलाफ कार्रवाई से पहले ईडी ने एक सितंबर को उनके परिसरों में तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण जब्त किए गए। इनकी फोरेंसिक जांच में चेतन बोर्घरिया और उत्कर्ष चंद्राकर के बीच हुई बातचीत सामने आई। वित्तीय लेनदेन का खुलासा हुआ ईडी के अनुसार इन संवादों में वित्तीय लेनदेन के साथ रकम वापस करने और भुगतान की मांग से संबंधित बातचीत भी मिली है। एजेंसी ने डिजिटल साक्ष्यों को बैंकिंग लेनदेन और पीएमएलए के तहत दर्ज बयानों के साथ जोड़कर जांच आगे बढ़ाई है। फिगरकेव कंपनी के लेनदेन भी जांच के घेरे में जांच के दौरान फिगरकेव ई-कॉम (ओपीसी) प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े वित्तीय लेनदेन भी सामने आए हैं। ईडी को संदेह है कि कंपनी का इस्तेमाल कथित तौर पर रकम की लेयरिंग और उसे अलग-अलग माध्यमों से आगे बढ़ाने के लिए किया गया हो सकता है। कंपनी से जुड़े लेनदेन और उसमें शामिल लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। ईओडब्ल्यू-एसीबी की एफआइआर से शुरू हुई कार्रवाई सीजीपीएससी की राज्य सेवा परीक्षा 2020 और 2021 में कथित भ्रष्टाचार, हेरफेर और अनियमितताओं को लेकर रायपुर ईओडब्ल्यू-एसीबी में एफआइआर दर्ज की गई थी। बाद में मूल अपराध की जांच सीबीआई ने अपने हाथ में ली। सीबीआई ने तत्कालीन सीजीपीएससी अध्यक्ष टामन सिंह सोनवानी और अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर मामले में आरोपपत्र भी पेश किया है। ईडी भी कर रही जांच प्रकरण से जुड़े अपराध से अर्जित रकम की जांच ईडी कर रही है। एजेंसी का कहना है कि अब तक जुटाए गए डिजिटल साक्ष्य, बैंकिंग रिकॉर्ड और बयानों से चेतन बोर्घरिया की कथित भूमिका सामने आई है। इसी आधार पर उन्हें पीएमएलए की धारा 19 के तहत गिरफ्तार किया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।

लैंडिंग से पहले विमान में आई तकनीकी खराबी, मिसराता एयरपोर्ट पर हादसे से मची हलचल

 मिसराता लीबिया के मिसराता एयरपोर्ट पर सोमवार को एक विमान हादसे का शिकार हो गया. विमान में एक VVIP के सवार होने की बात सामने आई है. हादसे के बाद इलाके का एयर स्पेस बंद कर दिया गया है. हालांकि अभी तक यह साफ नहीं हो पाया है कि विमान में सवार वह प्रमुख व्यक्ति कौन था और हादसा किस वजह से हुआ. VVIP पैसेंजर था सवार अल अरबिया न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को एक विमान लीबिया के मिसराता एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया. विमान में एक प्रमुख शख्सियत सवार था. हादसे की खबर सामने आते ही इलाके में हलचल बढ़ गई और हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया गया. फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि विमान में सवार वह प्रमुख व्यक्ति कौन था. रिपोर्ट में अभी उसकी पहचान का खुलासा नहीं किया गया है. लीबिया की मीडिया के मुताबिक सेसना 650 प्लेन में तीन क्रू मेंबर सवार थे. इसमें पायलट जर्मन था और को पायलट और एक फ्लाइट अटेंडेंट तुर्की के थे. शुरुआती जांच के मुताबिक जब प्लेन हवाई अड्डे पर लैंड करने वाला था, तभी उसमें तकनीकी खराबी आ गई. इसी कारण पायलट को रनवे से बाहर जाने के लिए इमरजैंसी लैंडिंग करनी पड़ी. शुरुआती जानकारी से पुष्टि हुई कि इस घटना में किसी के मौत की खबर नहीं है. विमान के मलबे के कारण रनवे पर उड़ानों को बंद कर दिया गया. प्लेन क्रैश में जा चुकी है लीबिया के आर्मी चीफ की जान लीबिया को पिछले साल भी प्लेन क्रैश के कारण झटका लग चुका है. दिसंबर 2025 में प्लेन करैश में लीबिया के आर्मी चीफ समेत कुल 8 लोगों की मौत हुई थी. हालांकि ये हादसा लीबिया की जमीन पर नहीं हुआ था, बल्कि तुर्की में हुआ था. 23 दिसंबर को तुर्की के एसेनबोगा एयरपोर्ट से त्रिपोली जा रहा प्राइवेट विमान फैल्कन-50 जेट उड़ान के कुछ ही समय बाद क्रैश हुआ था. विमान में तकनीकी खराबी बताई गई थी. लीबिया के मिसराता एयरपोर्ट पर एक सेसना 650 (Cessna 650) विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ है, जिसमें एक वीवीआईपी (VVIP) यानी महत्वपूर्ण हस्ती सवार थीं। हालांकि, विमान में सवार इस प्रमुख व्यक्ति की पहचान अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाई है। इस विमान में चालक दल के तीन सदस्य भी शामिल थे, जिनमें पायलट जर्मन और को-पायलट व फ्लाइट अटेंडेंट तुर्की के नागरिक थे।  

जालंधर में कल बाजार रहेंगे बंद, होटल-ढाबों पर भी प्रशासन ने जारी किए निर्देश

जालंधर. जालंधर वासियों के लिए जरूरी खबर सामने आई है। जानकारी के अनुसार संवत्सरी महापर्व को ध्यान में रखते हुए जालंधर में 15 सितंबर 2026, मंगलवार को मीट और मछली की बिक्री पर रोक रहेगी। इसे लेकर अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट अमनिंदर कौर ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किए हैं। जारी आदेश के अनुसार 15 सितंबर को जिले में मीट-मछली की दुकानों के साथ-साथ बूचड़खानों को भी बंद रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा होटल, ढाबे और अहातों में मांस या किसी भी तरह का नॉन-वेज भोजन परोसने पर भी पूरी तरह पाबंदी रहेगी। प्रशासन ने संबंधित दुकानदारों और प्रतिष्ठान संचालकों को आदेशों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इन्हें दी पालन की जिम्मेदारी निगम ने आदेश के पालन की जिम्मेदारी जोन स्वास्थ्य अधिकारियों और जोन स्वच्छता निरीक्षकों को दी है। संबंधित अधिकारी अपने-अपने जोन क्षेत्रों में मांस-मटन दुकानों का सतत पर्यवेक्षण करेंगे और प्रतिबंध का व्यवहारिक रूप से पालन सुनिश्चित कराएंगे। होटलों पर भी रहेगी नजर महापौर के निर्देश पर निगम की टीम होटल और अन्य प्रतिष्ठानों पर भी निगरानी रखेगी। इन पावन पर्वों के निर्धारित दिनों में यदि किसी होटल या अन्य स्थान पर मांस-मटन का विक्रय करते पाया गया, तो मौके पर ही सामग्री की जप्ती की जाएगी। इसके साथ ही संबंधित व्यक्ति या संस्था के खिलाफ यथोचित कार्रवाई भी की जाएगी।

4000 करोड़ की ‘रामायण’ का पहला गाना ‘जय जय राम’ रिलीज, भक्ति के बीच उठे ये बड़े सवाल

नितेश तिवारी की 4000 करोड़ वाली 'रामायण' से उम्मीदें सिर्फ एक फिल्म जितनी नहीं हैं. ये वो कहानी है जिसे भारत का बच्चा-बच्चा जानता है, जिसके किरदारों से करोड़ों लोगों की आस्था जुड़ी है और जिसके हर नए रूप से लोगों की उम्मीदें भी जुड़ जाती हैं. ऐसे में गणेश चतुर्थी के शुभ मौके पर जब फिल्म का पहला गाना 'जय जय राम' रिलीज हुआ, तो जाहिर है उत्सुकता भी जबरदस्त थी. एआर रहमान का संगीत, अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल की आवाज और डॉ. कुमार विश्वास के बोल… कागज पर ये कॉम्बिनेशन किसी म्यूजिकल धमाके से कम नहीं लगता. गाना शुरू होता है और पहली ही सुनवाई में मन को सुकून देता है. राम-सिया की प्रेम कहानी, शादी, अयोध्या की गलियां, फूल बरसाती प्रजा, राम का योद्धा रूप… विजुअल्स भी भव्य हैं. रणबीर कपूर और साई पल्लवी की जोड़ी स्क्रीन पर खूबसूरत लगती है. लेकिन यहीं से मेरे मन में एक सवाल उठता है- इसमें नया क्या है? क्योंकि गाने की सबसे बड़ी ताकत ही इसकी सबसे बड़ी कमजोरी बन जाती है. 'राम सिया राम… सिया राम जय जय राम' की वही जानी-पहचानी धुन कानों में पड़ते ही बचपन की यादें ताजा हो जाती हैं. ये वही भाव है जिससे हम सालों से जुड़े हुए हैं. 1975 में जसपाल सिंह की आवाज और रवींद्र जैन के लिखे-संगीतबद्ध भजन की लोकप्रियता ऐसी है कि इसे सुनते ही भावुक होना लगभग तय है. रामायण के गाने जय जय राम का एक सीन तो फिर सवाल ये है कि हमें गाना पसंद आया या उस पुरानी धुन से जुड़ी हमारी भावनाओं ने इसे पसंद करवा दिया? मेरी नजर में 'जय जय राम' यहीं थोड़ा फिसल जाता है. मैं ये नहीं कहती कि ये पूरा गाना ही नाउम्मीदी वाला है या कॉपी किया है लेकिन जैसे ही वो पार्ट आता है जिसे हमने बचपन से सुना है, मन में अलग ही भावनाएं उमड़ने लगती हैं. फिर मैं इस गाने को रणबीर की रामायण के रूप में नहीं देख पाती. क्योंकि जिस 4000 करोड़ के बजट, इतनी बड़ी स्टारकास्ट और एआर रहमान जैसे ऑस्कर विजेता संगीतकार के साथ इतना बड़ा संसार रचा है, वहां संगीत में भी अपनी एक अलग पहचान की उम्मीद थी. लेकिन पुरानी धुन का सहारा लेते ही गाना कहीं न कहीं री-क्रिएशन जैसा महसूस होने लगता है. ऊपर से टीजर और ट्रेलर की तरह गाने में भी कहानी के लगभग हर बड़े पड़ाव को ठूंस दिया गया है. सीता स्वयंवर से राम-सिया विवाह, राज्याभिषेक की तैयारी से वनवास और फिर लक्ष्मण-भरत के त्याग तक… सब कुछ दिखाने की कोशिश है. यानी गाना कम और पूरी रामायण की झलक ज्यादा लगती है. ये वही दिक्कत है जो फिल्म के टीजर और ट्रेलर में भी नजर आई थी- हर चीज दिखा देने की बेचैनी. 'रामायण' जैसी कहानी में तो शायद ठहराव ज्यादा खूबसूरत होता. रामायण के गाने जय जय राम का एक सीन गणेश चतुर्थी पर दर्शकों को गाने के रूप में 'भेंट' देने की भावना अच्छी है. लेकिन इस भेंट में मेकर्स की अपनी मौलिक छाप उतनी साफ नहीं दिखती, जितनी इस फिल्म से उम्मीद है. रणबीर का राम, साई पल्लवी की सीता और पूरी दुनिया भले ही नई हो, लेकिन संगीत सुनते ही हम पुराने राम के पास लौट जाते हैं. और शायद यही 'जय जय राम' की सबसे बड़ी विडंबना है- गाना सुनकर रोंगटे तो खड़े होते हैं, लेकिन फिल्म की अपनी आवाज सुनाई नहीं देती. अगर यही भक्ति, वही भाव और वही जुड़ाव किसी बिल्कुल नई धुन के साथ पैदा होता, तो शायद इस 4000 करोड़ की 'रामायण' के पहले गाने की बात ही कुछ और होती.

राम मंदिर दर्शन के बाद कबीर दुहन सिंह का बड़ा संकेत, अयोध्या पर बन सकती है नई फिल्म

अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के बाद शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के साथ-साथ यहां फिल्म इंडस्ट्री की दिलचस्पी भी बढ़ती दिखाई दे रही है. ‘हनुमान अंश’ जैसी फिल्मों को मिल रहे दर्शकों के प्यार के बीच अब साउथ के एक्टर कबीर दुहन सिंह भी अयोध्या पहुंचे हैं. लखनऊ में एक अहम मीटिंग के बाद अयोध्या पहुंचे कबीर ने हनुमानगढ़ी और राम मंदिर में दर्शन-पूजन किया और अपनी अगली फिल्म को लेकर भी बड़ा संकेत दिया. लखनऊ की मीटिंग के बाद पहुंचे अयोध्या कबीर दुहन सिंह ने बताया कि वह लखनऊ में एक मीटिंग के सिलसिले में आए थे. अयोध्या इतनी करीब हो और हनुमान जी के दर्शन किए बिना लौट जाएं, ऐसा वह नहीं कर सकते. उन्होंने कहा- लखनऊ में एक मीटिंग के लिए आया था. इतने पास होने के बाद भी हनुमान जी को बिना राम-राम बोले नहीं जा सकता था. चाहे मैं 200 या 300 किलोमीटर की दूरी पर रहूं, हनुमान जी के दर्शन के लिए जरूर आऊंगा. कबीर ने बताया कि वह पिछले महीने भी अयोध्या आए थे. इस बार भी उन्होंने हनुमानगढ़ी में दर्शन किए और इसके बाद राम मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. अयोध्या और राम मंदिर पर बन सकती है नई फिल्म कबीर की इस अयोध्या यात्रा को उनकी अगली फिल्म से जोड़कर भी देखा जा रहा है. एक्टर ने लखनऊ में हुई मीटिंग को लेकर कहा कि बातचीत काफी अच्छी रही है और जल्द ही वह दोबारा यहां आ सकते हैं. उन्होंने कहा- लखनऊ में बहुत अच्छी मीटिंग हुई है. हनुमान जी की कृपा से सब हो रहा है. बहुत जल्द दोबारा आएंगे. उनके इस बयान से साफ संकेत मिल रहे हैं कि अयोध्या और राम मंदिर की पृष्ठभूमि से जुड़ा कोई नया फिल्मी प्रोजेक्ट पाइपलाइन में हो सकता है. हालांकि, अभी फिल्म के नाम, कहानी या बाकी कलाकारों को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है. ‘हनुमान अंश’ को लेकर कबीर ने कही ये बात अयोध्या में कबीर ने हालिया फिल्म ‘हनुमान अंश’ का भी जिक्र किय. उन्होंने फिल्म की तारीफ करते हुए कहा कि यह बेहद शानदार मूवी है. एक्टर ने बताया कि शुरुआत में उन्होंने फिल्म को दो-तीन हफ्ते तक नहीं देखा था, लेकिन जब लोगों ने इसे देखना शुरू किया तो फिल्म को लेकर माहौल बदल गया और यह सिनेमाघरों में चलने लगी. ‘हनुमान अंश’ बाबा नीम करौली की कहानी से प्रेरित फिल्म है और इसमें आध्यात्मिकता के साथ आस्था और भक्ति का पहलू देखने को मिलता है. फिल्म को दर्शकों से मिल रहे रिस्पॉन्स के बीच अब धार्मिक और आध्यात्मिक कहानियों पर बनने वाली फिल्मों को लेकर भी इंडस्ट्री में नया उत्साह नजर आ रहा है. कौन हैं कबीर दुहन सिंह? कबीर दुहन सिंह साउथ की कई फिल्मों में काम कर चुके हैं, वो खासतौर से विलेन का किरदार निभाने के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने साल 2015 में तेलुगु फिल्म 'जिल' (Jil) से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी. इसके अलावा उनकी फिल्मों की लिस्ट में 'वेदलम्' (Vedalam), 'सरदार गब्बर सिंह', 'बंगाल टाइगर', 'पैलवान' (Pailwaan) और समांथा स्टारर 'शकुंतलम' (जिसमें उन्होंने किंग असुर का रोल निभाया था) शामिल हैं. आगे बनेंगी महाप्रभु जगन्नाथ और राधा-कृष्ण से जुड़ी फिल्में ‘हनुमान अंश’ के बाद धार्मिक और आध्यात्मिक सिनेमा का दायरा और बड़ा होता नजर आ रहा है. आने वाले समय में महाप्रभु जगन्नाथ पर आधारित फिल्म भी दर्शकों के सामने आएगी. इसके अलावा प्रेमानंद महाराज के जीवन और विचारों से प्रेरित ‘राधा अंश’ नाम की फिल्म बनने की तैयारी है. इतना ही नहीं, राधा-कृष्ण की अमर प्रेम कहानी को बड़े पर्दे पर दिखाने की तैयारी भी चल रही है. आने वाले दिनों में बॉलीवुड और भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में भक्ति, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति से जुड़ी कहानियों का एक नया फिल्मी दौर देखने को मिल सकता है.

गणेश चतुर्थी पर बप्पा की भक्ति में डूबे बॉलीवुड सितारे, अनन्या से काजोल तक ने शेयर की झलकियां

आज 14 सितंबर को देशभर में गणेश चतुर्थी का त्योहार धूमधाम से मनाया जा रहा है. आम लोगों के साथ-साथ बॉलीवुड सेलेब्स भी बप्पा की भक्ति में डूबे नजर आए. सितारों ने सोशल मीडिया पर गणपति बप्पा के साथ तस्वीरें और वीडियो शेयर कर फैंस को गणेश चतुर्थी की शुभकामनाएं दी हैं. अनन्या पांडे ने शेयर किया पोस्ट एक्ट्रेस अनन्या पांडे ने इंस्टाग्राम पर गणेश चतुर्थी के सेलिब्रेशन की कुछ झलकियां शेयर की हैं. फोटोज में वो अपनी फैमिली संग गणपति बप्पा की पूजा करती नजर आईं. अनन्या सूट में बेहद ही खूबसूरत लग रही थी. रितेश देशमुख और जेनेलिया ने मनाई गणेश चतुर्थी एक्टर रितेश देशमुख और जेनेलिया ने भी अपने घर में बप्पा का स्वागत किया. उन्होंने इंस्टाग्राम पर गणेश चतुर्थी के सेलिब्रेशन की तस्वीरें शेयर की हैं. फोटोज में दोनों अपने बच्चों और परिवार संग इस त्यौहार को मनाते नजर आ रहे हैं. काजोल ने शेयर की फोटो एक्ट्रेस काजोल ने भी अपने घर गणपति बप्पा का वेलकम किया. गणेश चतुर्थी के मौके पर काजोल ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो शेयर की है, जिसमें वो बप्पा की मूर्ति के साथ सेल्फी लेती नजर आईं. महिमा मकवाना ने दिखाई सेलिब्रेशन की झलक एक्ट्रेस महिमा मकवाना ने भी अपने परिवार संग गणेश चतुर्थी मनाई. उन्होंने इंस्टाग्राम पर सेलिब्रेशन की कई तस्वीरें शेयर की हैं. साड़ी पहने महीमा हाथ जोड़कर पोज देती नजर आईं.  दिशा परमार ने भी शेयर की फोटो  दिशा परमार और राहुल वैद्य ने भी हर साल की तरह इस बार अपने घर बप्पा का स्वागत किया. दिशा ने इंस्टाग्राम पर फोटो भी शेयर की है. सुनीता आहूजा ने बच्चों संग मनाई गणेश चतुर्थी गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा के कई फोटोज और वीडियो सामने आए हैं, जिसमें गणपति बप्पा की आरती करती नजर आ रही हैं. इस दौरान उनके बेटे यशवर्धन और बेटी टीना भी मौजूद थे. उन्होंने पैप्स को प्रसाद भी बांटा.