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बैंकों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच Indian Bank का बड़ा फैसला, 3 देशों में खोलेगा ऑफिस; जानें पूरा प्लान

 नई दिल्ली बैंकिंग की दुनिया में अब मुकाबला सिर्फ कस्टमर्स को लोन देने और डिपॉजिट जुटाने तक सीमित नहीं है. बड़े बैंक अपनी कमाई बढ़ाने के लिए नए-नए कारोबार में उतर रहे हैं और विदेशों में भी अपना दायरा बढ़ा रहे हैं. इसी कड़ी में सरकारी क्षेत्र के इंडियन बैंक (Indian Bank) ने भी अपनी आगे की रणनीति तैयार कर ली है. बैंक कुछ नए क्षेत्रों में कदम रखने की तैयारी में है, वहीं विदेशी बाजारों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने की कोशिश कर रहा है. इस पूरी योजना में आने वाला करीब एक साल अहम हो सकता है।  दो नए कारोबार में उतरने की तैयारी इंडियन बैंक अब लाइफ इंश्योरेंस और म्यूचुअल फंड बिजनेस में एंट्री की दिशा में आगे बढ़ रहा है. बैंक इन दोनों सेक्टर्स के लिए बोर्ड की मंजूरी लेने की प्रक्रिया में है. बैंक के एमडी और सीईओ बिनोद कुमार ने बताया कि यह योजना ट्रैक पर है. प्रस्तावित सब्सिडियरी या जॉइंट वेंचर के जरिए इन कारोबारों में उतरने की तैयारी है. बोर्ड से मंजूरी मिलने के बाद जरूरी रेगुलेटरी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं शुरू की जाएंगी. कुमार के मुताबिक, इस तरह के कारोबार किसी संगठन के लिए कमाई बढ़ाने के साथ-साथ ब्रांड को मजबूत करने में भी मदद करते हैं।  अच्छे पार्टनर की तलाश सबसे अहम बिनोद कुमार ने कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक साल का समय लग सकता है. उनके मुताबिक, सही और अच्छा पार्टनर चुनना इस योजना का सबसे अहम हिस्सा होगा. उन्होंने कहा कि अगर पार्टनर अच्छा हो तो वेल्थ क्रिएशन यानी कमाई बढ़ाने की क्षमता भी तेज होती है. यही वजह है कि बैंक इस मामले में जल्दबाजी के बजाय सही साझेदार की तलाश पर जोर दे रहा है।  इंश्योरेंस कारोबार में पहले से मौजूदगी इंडियन बैंक के लिए इंश्योरेंस कारोबार पूरी तरह नया नहीं है. बैंक पहले से जनरल इंश्योरेंस के क्षेत्र में मौजूद है. इंडियन बैंक की यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस कंपनी में 28.52 फीसदी हिस्सेदारी है. यह हिस्सेदारी साल 2020 में पुराने इलाहाबाद बैंक के इंडियन बैंक में विलय के बाद बैंक को मिली थी. यूनिवर्सल सोम्पो जनरल इंश्योरेंस की स्थापना 2007 में हुई थी. यह एक जॉइंट वेंचर है. इसमें इंडियन बैंक की 28.52 फीसदी, इंडियन ओवरसीज बैंक की 18.06 फीसदी और कर्नाटक बैंक की 6 फीसदी हिस्सेदारी है. डाबर इन्वेस्टमेंट कॉर्प की हिस्सेदारी 12.81 फीसदी है, जबकि जापान की सोम्पो जापान इंश्योरेंस की 34.61 फीसदी बहुलांश हिस्सेदारी है।  विदेशों में भी मौजूदगी बढ़ाने पर काम इंडियन बैंक की रणनीति सिर्फ नए कारोबार तक सीमित नहीं है. बैंक विदेशों में भी अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर काम कर रहा है. फिलहाल बैंक के पास सिंगापुर में फुल-सर्विस इंटरनेशनल ब्रांच है. श्रीलंका में कोलंबो और जाफना में उसकी शाखाएं हैं. इसके अलावा गुजरात के गांधीनगर स्थित GIFT City में बैंक की IFSC Banking Unit भी काम कर रही है।  बैंक का दुबई में खुलेगा नया ऑफिस विदेशी विस्तार में बैंक का अगला बड़ा फोकस दुबई है. बैंक वहां रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस खोलना चाहता है. इसका मकसद वेस्ट एशिया में मौजूद बड़े भारतीय प्रवासी समुदाय से जुड़े कारोबारी अवसरों का फायदा उठाना है. बिनोद कुमार ने बताया कि GIFT City की शाखा से बैंक को अच्छा कारोबार मिल रहा है. इसमें कई सिंडिकेटेड लोन में बैंक की भागीदारी भी शामिल है. उन्होंने कहा कि दुबई में बड़ी संख्या में अप्रवासी भारतीय (NRI) रहते हैं और वहां कामकाजी आबादी में भारतीयों की हिस्सेदारी करीब 33 फीसदी है. दुबई में रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस खोलने के लिए बैंक के बोर्ड से मंजूरी मिल चुकी है. अब इसके लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरियों का इंतजार है।  मलेशिया और इंडोनेशिया पर भी नजर दुबई के अलावा इंडियन बैंक मलेशिया और इंडोनेशिया में भी संभावनाएं तलाश रहा है. बैंक इन दोनों बाजारों में अपनी मौजूदगी बढ़ाने के विकल्पों पर विचार कर रहा है. इससे साफ है कि बैंक की विदेश विस्तार रणनीति अब मौजूदा शाखाओं और इकाइयों तक सीमित नहीं रहने वाली है. बैंक नए बाजारों में कारोबार के अवसर तलाश रहा है। 

‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्राओं को लेकर BJP ने उठाई सुरक्षा की मांग, DGP से की अपील

पठानकोट. पंजाब में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता पैदा करने और पंजाब को नशा मुक्त बनाने के संकल्प के साथ भारतीय जनता पार्टी पंजाब द्वारा 18 से 30 सितंबर तक 4 ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ निकाली जा रही हैं। इन यात्राओं को लेकर आज पंजाब भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) से मुलाकात की। ढिल्लों के नेतृत्व में डीजीपी को एक मांग पत्र सौंपा और यात्राओं के पूरे रूट के दौरान आवश्यक सुरक्षा एवं यातायात प्रबंध सुनिश्चित करने की मांग की। इस अवसर पर केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि इन यात्राओं में केंद्रीय मंत्रियों, भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व और पंजाब भाजपा के अन्य नेताओं के अलावा बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और आम लोग शामिल होंगे। इसलिए यात्राओं के प्रारंभ एवं समापन स्थलों सहित पूरे रूट पर पर्याप्त सुरक्षा प्रबंध किए जाना आवश्यक है।  उन्होंने बताया कि चारों यात्राएं सुजानपुर (पठानकोट), फतेहगढ़ साहिब, फाजिल्का और तलवंडी साबो से रवाना होंगी। ढिल्लों ने कहा कि 18 सितंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन सुजानपुर, पठानकोट स्थित एकता स्थल से यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, अर्जुन राम मेघवाल, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता तथा अन्य वरिष्ठ नेता विभिन्न चरणों में यात्राओं में शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि 30 सितंबर को जालंधर में यात्राओं के समापन पर एक। बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में लोगों के एकत्रित होने की संभावना है। पंजाब भाजपा अध्यक्ष ने पुलिस प्रशासन से अपील की कि यात्राओं के दौरान किसी भी असामाजिक या शरारती तत्व को व्यवधान पैदा करने का अवसर न मिले। इसके साथ ही यात्रा के सुचारू संचालन के लिए जिला पुलिस अधिकारियों, एसएसपी, डीएसपी और एसएचओ के साथ समन्वय कर यातायात प्रबंध पहले से ही सुनिश्चित किए जाएं, ताकि आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि पंजाब के युवाओं और परिवारों को नशे से बचाने के लिए एक जन-लहर खड़ी करने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि पंजाब में आज की सबसे बड़ी समस्या नशा बन चुका है। इस कोढ़ को पंजाब से समाप्त करना बहुत जरूरी है, क्योंकि नशे से ही आगे अपराध, गैंगस्टरवाद और फिरौती के मामले बढ़ रहे हैं। केवल ढिल्लों ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार 3 महीने में नशा खत्म करने का वादा करके सत्ता में आई थी, लेकिन नशा कम होने के बजाय आज घर-घर डिलीवर हो रहा है। सरकार अपनी नाकामी छिपाने के लिए नशे के खिलाफ उठने वाली आवाज को भी दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी इस यात्रा के माध्यम से लोगों को साथ लेकर घर-घर से नशे के खात्मे का आह्वान करेगी। नशे के खिलाफ इस लड़ाई को जन-आंदोलन का रूप देकर भाजपा लोगों के साथ मिलकर इसे और मजबूत करेगी।

मुख्यमंत्री की प्रदेशवासियों से अपील- ‘वोकल फॉर लोकल’ को बनाएं व्यवहार का हिस्सा

    लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को ‘योगी की पाती’ लिखकर प्रदेशवासियों को गणेश चतुर्थी और 17 सितंबर को भगवान विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने गणेश चतुर्थी को सामाजिक एकता एवं राष्ट्र के प्रति संकल्प को सुदृढ़ करने वाला महापर्व बताया। मुख्यमंत्री ने ‘वोकल फॉर लोकल’ पर जोर देते हुए प्रदेशवासियों से अपील की कि इसे सिर्फ विचार नहीं, बल्कि व्यवहार का हिस्सा बनाएं। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को संबोधित पाती में लिखा कि प्रथम पूज्य भगवान श्रीगणेश शुभत्व एवं मंगल के आराध्य हैं। प्रदेश में युवाओं द्वारा घरों में भगवान गणपति की स्थापना कर श्रद्धा के साथ उनका पूजन किया जाना देख हृदय प्रफुल्लित हो उठता है। सामाजिक एकता एवं राष्ट्र के प्रति अपने संकल्प को सुदृढ़ करने वाले महापर्व गणेश चतुर्थी की सभी को कोटि-कोटि मंगलकामनाएं। सीएम ने लिखा कि भगवान गणेश का पर्यावरण और जीवों के साथ गहरा जुड़ाव, उनकी रूप-रचना तथा जीवन-दर्शन, प्रकृति के संरक्षण और संतुलन का संदेश देता है। गज मुख जंगलों और वन्यजीवों का प्रतीक हैं, तो मूषक वाहन भूमि की उर्वरता और कृषि से जुड़ा है। विशाल उदर संपूर्ण ब्रह्मांड को समाहित करने का भाव व्यक्त करता है, जबकि उनके बड़े कान हमें प्रकृति की हर पुकार को सुनने का संदेश देते हैं। सीएम ने लिखा कि गणेश चतुर्थी पर पूजा जाने वाला 'एकविंशति पत्र' (21 प्रकार की विशेष पत्तियां) औषधीय पौधों के संरक्षण से जुड़ा है। इस प्रकार गणपति भगवान का चरित्र हमें मानव जीवन और प्रकृति के एक-दूसरे का पूरक होने का संदेश देता है। इसी विराटता को लोकमान्य तिलक ने आस्था से एकता, एकता से जनशक्ति और जनशक्ति से राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा देने वाला महापर्व बना दिया। गणेशोत्सव के ज्ञान, विवेक और कर्म की भावना सृजन तथा निर्माण के स्वरूप भगवान विश्वकर्मा के पूजन में दिखाई देती है। 17 सितंबर को जब सृष्टि के प्रथम अभियंता भगवान विश्वकर्मा का पूजन किया जाएगा, तब कौशल एवं तकनीक के संगम से नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहे विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का संकल्प और पुष्ट होगा। एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, औद्योगिक क्षेत्र और आधुनिक आधारभूत संरचनाएं नए उत्तर प्रदेश के बढ़ते सामर्थ्य का प्रमाण हैं। किसी प्रदेश का वास्तविक निर्माण केवल बड़े ढांचों से नहीं, वहां के लोगों के हुनर, विचारों की शक्ति और उद्यमिता के साहस से होता है। इसी सोच के साथ हमारी सरकार विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, एक जनपद-एक उत्पाद, उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन तथा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान जैसी पहलों के माध्यम से पारंपरिक कारीगरों, शिल्पकारों, युवाओं और उद्यमियों को कौशल, उपकरण, वित्त और बाजार से जोड़ने का कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने अपनी पाती में प्रदेशवासियों से विशेष आग्रह किया कि 'वोकल फॉर लोकल' को केवल विचार नहीं, बल्कि व्यवहार का अंग बनाएं। स्थानीय उत्पादों का सम्मान बढ़ेगा तो कारीगरों के हाथों को काम, युवाओं को रोजगार के अवसर और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी। प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता और हुनर तथा स्थानीय सामर्थ्य पर विश्वास से ही आत्मनिर्भर एवं विकसित उत्तर प्रदेश के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

बारिश में सड़क की बदहाली पर CM साय सख्त, सभी कलेक्टरों को नियमित निरीक्षण और सुरक्षा के निर्देश

रायपुर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश में बारिश के दौरान निर्माणाधीन सड़कों के कारण नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानियों को गंभीरता से लिया है। अंबिकापुर शहर के खरसिया चौक में सड़क की खराब स्थिति का वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हुआ था। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस वायरल वीडियो को देखने के बाद संज्ञान लिया है। वायरल वीडियो को देखने के बाद संज्ञान मुख्यमंत्री साय ने सरगुजा कलेक्टर अजीत वसंत से फोन कर वायरल वीडियो की सच्चाई जानी है। फोन पर बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कलेक्टर को तत्काल सड़क का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। क्या कहा सीएम ने मुख्यमंत्री साय ने खरसिया चौक की सड़क में बड़े गड्ढों को भरने, आवश्यक समतलीकरण तथा जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जहां यातायात का दबाव अधिक है, वहां पुलिस एवं यातायात विभाग के साथ समन्वय कर सुरक्षित और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित किया जाए। सभी कलेक्टरों को निर्देश सीएम विष्णुदेव साय ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने जिलों में निर्माणाधीन सड़कों की स्थिति की नियमित निगरानी करें, आवश्यकता के अनुसार स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करें और संबंधित विभागों एवं निर्माण एजेंसियों से समन्वय कर सड़कों को आवागमन योग्य बनाए रखना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री साय ने सभी जिला कलेक्टरों से कहा है कि बारिश के दौरान सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जाए। बारिश के कारण जर्जर हो गई थी सड़क, विधायक ने ठीक कराई उन्होंने कहा कि जहां सड़क क्षतिग्रस्त होने, निर्माण कार्य, पुल-पुलिया के आसपास कटाव, जलभराव अथवा अन्य किसी कारण से आवागमन प्रभावित होने या दुर्घटना की आशंका हो, वहां तत्काल सुरक्षात्मक उपाय किए जाएं। आवश्यकता के अनुसार चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग और सुरक्षित वैकल्पिक यातायात व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। लोगों को नहीं होनी चाहिए परेशानी मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि मानसून के दौरान किसी भी क्षेत्र में सड़क की खराब स्थिति के कारण नागरिकों को आवागमन में अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। जहां निर्माण कार्य प्रगति पर हैं अथवा बारिश के कारण सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, वहां गड्ढों को भरने, समतलीकरण, जल निकासी सहित सभी आवश्यक अंतरिम सुधार कार्य प्राथमिकता से किए जाएं। स्थायी निर्माण में मौसम संबंधी व्यावहारिक कठिनाइयां होने पर भी सड़क को चलने योग्य बनाए रखने के लिए हर आवश्यक उपाय सुनिश्चित किया जाए। राष्ट्रीय राजमार्ग, लोक निर्माण विभाग, नगरीय निकाय अथवा अन्य किसी एजेंसी से संबंधित सड़क हो, जिला प्रशासन संबंधित विभाग के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित कर समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करे। कलेक्टर अपने जिले में अधिक यातायात दबाव वाली प्रमुख सड़कों और निर्माणाधीन मार्गों को चिन्हांकित कर उनकी स्थिति की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा- जनता का विश्वास ही सुशासन की कसौटी, इसके बिना लक्ष्य हासिल करना संभव नहीं

 लखनऊ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोई भी लोक सेवक गलत करता है तो उसकी जवाबदेही तय होनी चाहिए। कई बार व्यक्ति को ताकत मिलने पर वह उच्छृंखल और उद्दंड व्यवहार करने लगता है। उन्होंने रामचरितमानस की पंक्ति ‘प्रभुता पाई काहि मद नाहीं’ का उल्लेख करते हुए कहा कि ऐसे में कहीं न कहीं अंकुश होना आवश्यक है, जो मर्यादाओं का पालन करा सके। लोकायुक्त जैसी संस्था मेरिट के आधार पर शिकायतों का समाधान निकालकर लोक सेवकों को जनता के प्रति जवाबदेही का अहसास कराती है।   मुख्यमंत्री योगी सोमवार को उत्तर प्रदेश लोकायुक्त संगठन के स्वर्ण जयंती समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने संगठन की 50 वर्ष की यात्रा के लिए बधाई देते हुए कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत संवैधानिक संस्थाओं में सामान्य नागरिक का विश्वास है। गुड गवर्नेंस पब्लिक ट्रस्ट पर निर्भर करता है। जनता का विश्वास नहीं है तो सुशासन के लक्ष्य को प्राप्त नहीं किया जा सकता। अंतिम पायदान पर बैठा व्यक्ति भी संवैधानिक संस्थाओं के प्रति विश्वास और गौरव की अनुभूति करे, यही लोकतंत्र की कसौटी है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि केवल संस्था का गठन करने से समस्या का समाधान नहीं होता। सामान्य व्यक्ति बेझिझक अपनी समस्या लेकर आए और नियमानुसार उसका समयबद्ध समाधान अपनी आंखों के सामने देख सके। शिकायतकर्ता की जाति, मत या संप्रदाय देखे बिना मेरिट के आधार पर समाधान होना चाहिए। साथ ही शिकायत की व्यवस्था का दुरुपयोग करने वालों पर भी शिकंजा कसना होगा। झूठी और बेवजह शिकायतें सिस्टम का समय खराब करने के साथ वास्तविक पीड़ित के न्याय का समय भी नष्ट करती हैं।   मुख्यमंत्री योगी ने तकनीक से आए बदलाव का उदाहरण देते हुए कहा कि 2017 में मुख्यमंत्री बनने के बाद जनता दर्शन में आने वाली शिकायतों में करीब 60 फीसदी सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी होती थीं। ई-पॉस मशीनें लगाने और प्रदेश की करीब 80 हजार उचित दर की दुकानों को तकनीक से जोड़ने के बाद हेराफेरी की गुंजाइश समाप्त हुई है। आज 16 करोड़ लोगों को राशन मिल रहा है और पीडीएस से जुड़ी शिकायतें लगभग शून्य हो गई हैं।   राजस्व विभाग का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि 2017 में भूमि विवाद, पैमाइश, वरासत और नामांतरण से जुड़े 34 लाख मामले लंबित थे। पिछले साढ़े नौ वर्षों में इन 34 लाख मामलों का समाधान किया गया। हालांकि इस दौरान नौ लाख नए मामले भी आए हैं। पैमाइश में गड़बड़ी रोकने के लिए हर तहसील में तकनीक आधारित उपकरण उपलब्ध कराया गया है। अब कोऑर्डिनेट के आधार पर पैमाइश होगी, जिससे एक इंच जमीन भी इधर-उधर नहीं हो सकेगी।   मुख्यमंत्री योगी ने जनधन खाते और डीबीटी को भी सुशासन का उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि पहले वृद्धावस्था और विधवा पेंशन के पैसे में भी बिचौलिये हिस्सा लेते थे। आज 1.10 करोड़ लोगों को सालाना 12 हजार रुपये सीधे उनके बैंक खातों में भेजे जा रहे हैं। बीच में न कोई मध्यस्थ है और न दलाली। यही सुशासन है।   मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा एनालिसिस, साइबर सिक्योरिटी और ई-गवर्नेंस के बेहतर उपयोग से प्रशासन की पारदर्शिता और बढ़ेगी। तकनीक वही सार्थक है, जो लोक कल्याण और सुशासन का माध्यम बने।   उन्होंने लोकायुक्त संगठन की 50 वर्षों की पूरी यात्रा का दस्तावेजीकरण करने का सुझाव दिया। कहा कि कितने मामले आए, कितनों का निस्तारण हुआ और किन मामलों में क्या कार्रवाई हुई, इसका बेहतर प्रस्तुतीकरण तैयार किया जाए। देशभर के लोकायुक्तों और भारत के लोकपाल को आमंत्रित कर बड़ा कार्यक्रम भी आयोजित किया जाए, जिसमें श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों पर चर्चा हो। स्वर्ण जयंती के माध्यम से उत्तर प्रदेश लोकायुक्त संगठन को अगले 50 वर्षों की कार्ययोजना और मजबूत रोडमैप के साथ आगे बढ़ना चाहिए।   भ्रष्टाचार राष्ट्रीय चरित्र का प्रश्न: लोकायुक्त लोकायुक्त न्यायमूर्ति संजय मिश्र ने कहा कि संगठन की 50 वर्षों की यात्रा विश्वसनीयता और जनविश्वास की यात्रा है। उन्होंने संस्था के सुदृढ़ीकरण में सहयोग के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का विशेष आभार जताया। कहा कि भ्रष्टाचार केवल आर्थिक अपराध नहीं है, इसका प्रभाव पूरे समाज पर पड़ता है और यह राष्ट्रीय चरित्र का प्रश्न है। डिजिटल गवर्नेंस के जरिए संस्था को और मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि एक सही निर्णय किसी नागरिक का अधिकार सुनिश्चित कर सकता है, जबकि एक गलत निर्णय पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा कर सकता है। उन्होंने इस अवसर पर पूर्व लोकायुक्तों और संस्था से जुड़े पूर्व अधिकारियों के योगदान का भी उल्लेख करते हुए उनका अभिवादन किया।   लोकायुक्त ने मजबूत किया जनविश्वास उप लोकायुक्त सुरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि लोकायुक्त ने अनेक दौर देखे हैं और हर दौर में साबित किया है कि लोकतंत्र में जवाबदेही केवल एक शब्द नहीं, बल्कि जीवंत व्यवस्था है। लोकायुक्त के पास अधिकांश शिकायतें गांवों से मनरेगा में फर्जी उपस्थिति, आवास एवं शौचालय आवंटन में कथित भ्रष्टाचार, राशन कार्ड, पेंशन और भूमि अभिलेखों में हेराफेरी से जुड़ी आती हैं। चीनी मिल श्रमिकों का बकाया दिलाने के साथ खाद्य एवं रसद, स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग से जुड़ी शिकायतों पर भी जांच और कार्रवाई की गई है। इससे जनता में यह विश्वास मजबूत हुआ है कि कोई भी कानून से ऊपर नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त केवल शिकायत सुनने वाली संस्था नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही सुनिश्चित करने वाली व्यवस्था है। चार प्रमुख क्षेत्रों में काम कर रहा लोकायुक्त प्रशासन उप लोकायुक्त शंभू सिंह यादव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से लोकायुक्त प्रशासन की कार्यप्रणाली और उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशासन मुख्य रूप से चार क्षेत्रों- अन्वेषण, अतिरिक्त कृत्यों का निर्वहन, जनजागरूकता कार्यक्रम और व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम में काम करता है। वर्ष 2024 में परिवादों के निस्तारण की अधिकतम दर 98 प्रतिशत रही, जबकि औसत निस्तारण 90 प्रतिशत दर्ज किया गया।   1.25 लाख परिवादों पर कार्रवाई, 33.55 करोड़ की राहत संगठन की सचिव रीमा बंसल ने कहा कि उत्तर प्रदेश लोकायुक्त संगठन की भूमिका केवल भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े आरोपों की जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके हस्तक्षेप से आम जनता को प्रशासनिक और आर्थिक राहत भी मिली है। सितंबर 1977 से अगस्त 2026 तक 1,25,056 परिवादों में कार्रवाई की गई। वर्ष 2017 से 2025 … Read more

अभिजीत दीपके का नया आंदोलन शुरू, इस बार किसके पीछे पड़े ‘कॉकरोच’?

मुंबई  कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके ने नया ऐलान कर दिया है। दीपके अब एक बार फिर छात्रों के साथ आंदोलन करेंगे। दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन के बाद दीपके ने अपने साथियों के साथ एक बार फिर मैदान में उतरने की घोषणा की है। इस बार निशाने पर महाराष्ट्र की भाजपा नीत सरकार होगी। बता दें कि कॉकरोच जनता पार्टी बीते कुछ दिनों से अलग-अलग मुद्दों को लेकर लगातार फडणवीस सरकार को घेरने की कोशिश कर रही है। अब पार्टी आंदोलन पर भी बैठेगी। CJP ने रविवार को इस सिलसिले में एक प्रेस रिलीज जारी की है। पार्टी ने इसमें बताया कि CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके और अन्य नेता महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) द्वारा आयोजित अलग-अलग ऑनलाइन परीक्षाओं में पेपर लीक के खिलाफ चल रहे प्रदर्शन में साथ शामिल होंगे। इससे पहले एमपीएससी के कुछ अभ्यर्थियों ने छत्रपति संभाजीनगर के वालुज इलाके स्थित दीपके के घर पर उनसे मुलाकात भी की थी। दे दिया अल्टीमेटम CJP ने विज्ञप्ति में कहा कि MPSC के अध्यक्ष और सचिव के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन आगे भी जारी रखा जाएगा। अगर 24 सितंबर तक मांग पूरी नहीं हुई, तो एमपीएससी अभ्यर्थियों से बातचीत करने के लिए राज्यव्यापी दौरा भी किया जाएगा। MPSC अभ्यर्थियों से मुलाकात के बाद दीपके ने एक वीडियो संदेश में कहा, ''मैं और CJP MPSC अभ्यर्थियों की इस लड़ाई में उनके साथ हैं। हम अभ्यर्थियों के साथ तब तक खड़े रहेंगे, जब तक इस्तीफा नहीं हो जाता।'' क्या मामला? यह पूरा मामला तब सुर्खियों में आया जब MPSC की परीक्षाओं की तैयारी में जुटे 28 वर्षीय प्रथमेश देशमुख ने पुणे में खुदकुशी ली थी। पास से बरामद एक सुसाइड नोट में उस पर करीब 2.5 लाख रुपये के कर्ज का जिक्र था। इसके बाद CJP फडणवीस सरकार पर हमलावर हो गई। CJP ने कहा है कि देशमुख ने व्यवस्था, बेरोजगारी और ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं की आर्थिक स्थिति से परेशान होकर यह कठोर कदम उठाया। अभिजीत दीपके ने इस सप्ताह प्रथमेश देशमुख के घरवालों से मुलाकात भी की थी। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान दीपके ने कहा कि देशमुख नौकरी पाने और अपने परिवार को गरीबी से बाहर निकालने के सपने के साथ पुणे गया था। उन्होंने कहा, ''उसने अपने खर्चों को पूरा करने के लिए दोस्तों से पैसे उधार लिए थे। लेकिन पेपर लीक और परिणामों में देरी के कारण छात्रों पर दबाव बढ़ता गया। यह व्यवस्था की गलती है और यह व्यवस्था द्वारा की गई हत्या है।'’ सीजन-2 लॉन्च? गौरतलब है कि इससे पहले अभिजीत दीपके ने करीब एक महीने पहले कहा था कि जंतर-मंतर आंदोलन का सीजन 2 जल्द आने वाला है। एक बयान में उन्होंने कहा था कि भाजपा देश के युवाओं से डरी हुई है। उन्होंने देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं का हवाला देते हुए कहा था कि जल्द ही एक बार फिर आंदोलन शुरू किया जा सकता है। जरांगे को भी किया सपोर्ट इस बीच अभिजीत दीपके ने फडणवीस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मनोज जरांगे को भी समर्थन दिया था। अभिजीत दीपके बीते शुक्रवार को जरांगे से मिलने पहुंचे थे। मुलाकात के बाद उन्होंने एक बयान में सरकार पर निशाना साधा। दीपके ने कहा, ''सरकार को उनकी मांगों को समझने के लिए उनसे बातचीत करनी चाहिए…।'' दीपके ने कहा, ''मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री क्या कर रहे हैं? वे अपने बच्चों को पढ़ने के लिए विदेश भेजते हैं, वहीं यहां के स्कूलों का स्तर ठीक नहीं हैं।'' दीपके ने यह भी सवाल किया कि क्या सरकार जरांगे को सोनम वांगचुक की तरह 26 दिनों तक भूखा रखना चाहती है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक नेताओं के पास हास्य कलाकारों से मिलने का समय है, लेकिन जरांगे से बातचीत करने कोई नहीं आ रहा। दीपके ने कहा, ''जैसा उन्होंने सोनम वांगचुक के मामले में किया, वैसा मनोज जरांगे के साथ करने की कोशिश भी नहीं करनी चाहिए। लेकिन यह महाराष्ट्र है और यहां यह नहीं चलेगा। अगर किसी ने मनोज जरांगे को छुआ, तो पूरा महाराष्ट्र यहां आ जाएगा।''

तारा कोल ब्लॉक मामले में डिप्टी CM साव का पलटवार, कांग्रेस पर लगाए झूठ फैलाने के आरोप

रायपुर. तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन के ऐलान पर डिप्टी सीएम अरुण साव ने निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इस मामले में छत्तीसगढ़ मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (CGMDC) की ओर से पूरी जानकारी दी जा चुकी है। CGMDC ने स्पष्ट कर दिया है कि किसकी क्या भूमिका रही है। साव ने आरोप लगाया कि कांग्रेस केवल झूठ और भ्रम फैलाने का काम करती है। उन्होंने कहा कि कोई भी सच्चाई कांग्रेस के गले नहीं उतरती। सेवा संकल्प अभियान के शासकीयकरण के कांग्रेस के आरोपों पर उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने पलटवार किया है। उन्होंने कांग्रेस पर परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों और आम लोगों को अभियान से जोड़ने का कार्यक्रम पसंद नहीं आ रहा है। अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस एक परिवार की चाकरी करने वाली पार्टी है। उन्हें गांधी-नेहरू परिवार की चाकरी पसंद आती है। सेवा संकल्प अभियान के जरिए आम लोगों को जोड़ने का काम किया जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपलब्धियों को लेकर होने वाला कार्यक्रम कांग्रेस को कैसे पसंद आएगा। गणेश पंडालों की व्यवस्था पर दिए निर्देश गणेश उत्सव के दौरान गणेश पंडालों की व्यवस्था को लेकर अरुण साव ने कहा कि अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए प्रशासन को व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने कहा गया है। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस पर सनातन धर्म को लेकर भी हमला बोला। साव ने कहा कि कांग्रेसी हमें सनातन के बारे में न सिखाएं। राम को काल्पनिक बताने वाले लोग सनातन की शिक्षा न दें। अरुण साव ने कहा कि कांग्रेस का उन पार्टियों के साथ गठबंधन है, जो सनातन का विरोध करती है। कांग्रेस ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति की है।

देशभर में रोशनी फैला रहा पीएम मोदी का विकास का दीपक, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कही बड़ी बात

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रज्ज्वलित विकास के दीपक का प्रकाश फैल रहा हैं देशभर में : मुख्यमंत्री डॉ. यादव प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस पर दीप प्रज्ज्वलित कर होगा आभार प्रदर्शन 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक चलेगा सेवा-संकल्प अभियान बेहतर समन्वय और अधिक से अधिक जनसहभागिता की जाये सुनिश्चित मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की तैयारियों की समीक्षा भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रज्ज्वलित विकास के दीपक का प्रकाश देशभर में फैल रहा है। यह मोदी के सेवा और जिम्मेदारी के 25 वर्षों के उजास का प्रतीक है। प्रदेश में सेवा-संकल्प अभियान 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक संचालित होगा। प्रदेशवासी प्रधानमंत्री मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर को बड़ी संख्या में दीप प्रज्जवलित कर उनके प्रति आभार प्रदर्शित करेंगे, हमारा प्रयास हो कि इस अवसर पर दीप प्रज्ज्वलन का विश्व रिकॉर्ड कायम हो। सेवा संकल्प अभियान का आयोजन ग्राम और नगर स्तर पर अधिक से अधिक जनसहभागिता सुनिश्चित करते हुए उत्साह पूर्वक किया जाये। सभी कार्यक्रमों की पूर्व तैयारी के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों की जिम्मेदारी तय कर प्रभावी मॉनीटरिंग हो। वि‍भिन्न कार्यक्रमों की व्यवस्था के लिए अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ ही जनप्रतिनिधियों से भी बेहतर समन्वय और सभी संबंधितों की शत्-प्रतिशत सहभागिता सुनिश्चित की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सेवा के रंग-राष्ट्र के संग कार्यक्रम के अंतर्गत जबलपुर में ह्युमन रंगोली का राज्य स्तरीय आयोजन किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सेवा संकल्प अभियान की प्रदेश में जारी तैयारियों की समत्व भवन में समीक्षा के दौरान यह निर्देश दिए। बैठक में उपमुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, मंत्री प्रहलाद पटेल, मंत्री राकेश सिंह, मंत्री सुनिर्मला भूरिया, मंत्री विश्वास सारंग, नागर सिंह चौहान, मंत्री राकेश शुक्ला, मंत्री इन्दर सिंह परमार और राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल वर्चुअली शामिल हुए। समत्व भवन में हुई बैठक में मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल, अपर मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, केसी गुप्ता, संजय दुबे, अनुपम राजन, संजय शुक्ला, शिवशेखर शुक्ला तथा अन्य अधिकारी उपस्थित थे। बैठक से समस्त संभागायुक्त तथा जिला कलेक्टर्स वर्चुअली जुड़े। अभियान के अंतर्गत संचालित गतिविधियों पर प्रस्तुतिकरण     सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिवस 17 सितम्बर को आर्शीवाद का दिया कार्यक्रम के अंतर्गत प्रदेश में दीप प्रज्ज्वलन के साथ होगी। उज्जैन के महाकाल महालोक सहित प्रदेश की सभी ग्राम पंचायतों और नगरीय निकायों के प्रत्येक वार्ड में शाम 7 बजे एकसाथ दीप प्रज्ज्वलित किए जाएंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव, उज्जैन के कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। प्रदेश के सभी लाभार्थी परिवारों और संस्थाओं को दीप प्रज्जवलन में शामिल किया जाए। प्रयास है कि इस महत्वपूर्ण अवसर पर मध्यप्रदेश दीप प्रज्जवलन में विश्व रिकॉर्ड कायम करे। इसी दिन सभी स्वास्थ्य केंद्रों और मेडिकल कॉलेजों में रक्तदान शिविर आयोजित होंगे। बैठक में रक्त संग्रह, परिवहन और संग्रहण के लिए आवश्यक व्यवस्था के भी निर्देश दिए हैं। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी, नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय होंगे।     सेवा-संकल्प अभियान के अंतर्गत मेरे सपनों का भारत कार्यक्रम में 19 से 26 सितम्बर तक जिलास्तर पर और 4 व 5 अक्टूबर को राज्यस्तर पर चित्रकला और भाषण प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें सभी शासकीय और निजी स्कूल, कॉलेज भागीदारी करेंगे। राज्यस्तरीय प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कार और मुख्यमंत्री जी द्वारा हस्ताक्षरित प्रमाण-पत्र वितरित किए जाएंगे। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी, स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह होंगे।     नमो सेवा-अनकही कहानियां गतिविधि 19 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक होगी, जिसके अंतर्गत विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर नुक्कड़ नाटकों की प्रस्तुति होगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी संस्कृति मंत्री धर्मेन्द्र सिंह लोधी होंगे।     आंगन मिलन सेवा का आयोजन 26 सितम्बर से 5 अक्टूबर तक सभी आंगनवाड़ियों में होगा। इसके अंतर्गत बच्चों और माताओं के लिए स्वल्पाहार, खेल सामग्री, पठन सामग्री आदि की व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री जी की अपील का वीडियो भी आंगनवाड़ी में महिलाओं और बच्चों को दिखाया जाएगा। आंगन मिलन सेवा में स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, एनीमिया और स्वच्छता की जानकारी दी जाएगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी महिला एवं बाल विकास मंत्री सुनिर्मला भूरिया होंगी।     सेवा की कहानी कार्यक्रम 17 सितम्बर से 17 अक्टूबर तक होगा। इसके अंतर्गत केन्द्र/राज्य सरकार की योजनाओं से जिन हितग्राहियों का जीवन बदला है, आभार स्वरूप उनके संदेश जारी किए जाएंगे। कार्यक्रम की राज्य प्रभारी, नगरीय विकास एवं आवास राज्यमंत्री श्रीमती प्रतिमा बागरी होंगी।     सेवा ज्योति कलश यात्रा 7 अक्टूबर को प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में निकाली जाएगी। इसके अंतर्गत जिला विकास पुस्तिकाओं का वितरण और जिले में हुई विकास गतिविधियों पर चर्चा होगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग होंगे।     बड़नगर (गुजरात)-वाराणसी सेवा यात्रा की अवधि 17 सितम्बर से 7 अक्टूबर तक रहेगी। प्रदेश के सभी जिलों से यह यात्रा गुजरेगी। कार्यक्रम के प्रभारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल होंगे।     सेवा मेरा योगदान कार्यक्रम 2 अक्टूबर से 10 अक्टूबर तक होगा। जिसके अंतर्गत समाज के सभी वर्गों और संस्थाओं की सहभागिता से विभिन्न सेवा गतिविधियां संचालित की जाएंगी। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह होंगे।     सेवा सेतु अभियान 2 से 10 अक्टूबर तक होगा। कार्यक्रम में विकास खण्ड स्तर पर और नगरीय निकायों में जोन वार शिविरों का आयोजन किया जाएगा। केन्द्र और राज्य सरकार की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के हितलाभ पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही प्रदान किए जाएंगे। इस कार्यक्रम से जनविश्वास अभियान को भी जोड़ा जाएगा। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, होंगे।     सेवा के रंग राष्ट्र के संग कार्यक्रम में भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, झाबुआ और अलीराजपुर में 9 और 10 अक्टूबर को बड़े पैमाने पर जनसहभागिता से ह्युमन रंगोली का निर्माण किया जाएगा। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान होंगे।     सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज कार्यक्रम 12 अक्टूबर को होगा। जिसमें इन्क्यूबेटर्स, स्टार्टअप लीडर्स और इनोवेटर्स सहभागिता करेंगे। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी मंत्री राकेश शुक्ला, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन होंगे।     सुशासन सेवा संवाद का कार्यक्रम राष्ट्रीय स्तर पर 17 अक्टूबर को नई दिल्ली में आयोजित किया जाएगा। जिसमें प्रदेश के पंच-सरपंच शामिल होंगे। कार्यक्रम के राज्य प्रभारी पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री प्रहलाद पटेल होंगे।     25 साल-25 कहानियां … Read more

सेवा संकल्प अभियान बने जनभागीदारी का उत्सव, सीएम साय ने 17 सितंबर को हर घर ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का किया आह्वान

सेवा संकल्प अभियान को जनभागीदारी का उत्सव बनाएं : मुख्यमंत्री विष्णु देव साय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर की संध्या हर घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ जलाने का किया आह्वान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों से सेवा, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जरूरतमंदों की सहायता के कार्यों से जुड़ने की अपील की ‘आशीर्वाद का दीया’ प्रधानमंत्री के स्वस्थ एवं सुदीर्घ जीवन की शुभकामनाओं के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के संकल्प का बने प्रतीक : मुख्यमंत्री साय रायपुर   मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेशवासियों से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक आयोजित होने वाले ‘सेवा संकल्प अभियान’ से पूरे उत्साह और आत्मीयता के साथ जुड़ने की अपील की है।  मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रदेशवासियों के नाम जारी अपनी अपील में कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष राष्ट्र और जनसेवा को समर्पित किए हैं। प्रधानमंत्री मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर के परिप्रेक्ष्य में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक पूरे देश में ‘सेवा संकल्प अभियान’ आयोजित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सेवा छत्तीसगढ़ की संस्कृति और संस्कारों का अभिन्न हिस्सा है। प्रदेश का प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता से इस अभियान को जनसेवा और जनभागीदारी का व्यापक उत्सव बनाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान सेवा के भाव को जन-जन तक पहुंचाने और समाज एवं राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को सहभागिता के साथ निभाने का अवसर है। उन्होंने प्रदेशवासियों से आग्रह किया कि वे अपने गांव, शहर और आसपास स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, जरूरतमंदों की सहायता और जनसेवा से जुड़े कार्यों में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा अधिक से अधिक लोगों को भी इस अभियान से जोड़ें। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गरीब कल्याण और विकास की योजनाओं ने लाखों परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। पक्का आवास, स्वच्छ पेयजल, बिजली, सड़क, बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। विकास की प्रत्येक उपलब्धि के केंद्र में आम नागरिकों के पूरे होते सपने, उनका बढ़ता आत्मविश्वास और जीवन में आती खुशहाली है। 17 सितंबर की संध्या जलाएं ‘आशीर्वाद का दीया’ मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर प्रदेशवासियों से एक विशेष और आत्मीय अपील भी की है। उन्होंने कहा कि 17 सितंबर को संध्या 7 बजे प्रत्येक परिवार अपने घर में ‘आशीर्वाद का दीया’ अवश्य जलाए और अपने आसपास के लाभार्थी परिवारों को भी इस पहल से जोड़े। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दीया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वस्थ और सुदीर्घ जीवन के लिए छत्तीसगढ़वासियों की शुभकामनाओं का प्रतीक होने के साथ सेवा, जनकल्याण और विकसित भारत के निर्माण के सामूहिक संकल्प का भी प्रतीक बने। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने गरीब कल्याण और विकास को जनभागीदारी से जोड़ते हुए आगे बढ़ने की नई ऊर्जा प्राप्त की है। इसी भावना के अनुरूप सेवा संकल्प अभियान के दौरान समाज का प्रत्येक वर्ग अपनी क्षमता के अनुसार सेवा का कोई न कोई कार्य करे। जब सेवा का भाव जनभागीदारी से जुड़ता है, तभी वह समाज में व्यापक और स्थायी परिवर्तन का माध्यम बनता है। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण में छत्तीसगढ़ अपनी सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए संकल्पित है। विकसित भारत का संकल्प तभी साकार होगा, जब हमारे गांव विकसित हों, शहर आगे बढ़ें और प्रत्येक परिवार विकास की मुख्यधारा से जुड़े। सेवा संकल्प अभियान इस सामूहिक संकल्प को और मजबूत करने का अवसर है। मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों का आह्वान करते हुए कहा कि आइए, हम सभी मिलकर ‘सेवा संकल्प अभियान’ को छत्तीसगढ़ में जनभागीदारी का उत्सव बनाएं। सेवा और जनकल्याण के कार्यों से जुड़कर विकसित भारत के निर्माण में विकसित छत्तीसगढ़ की सशक्त भागीदारी सुनिश्चित करें।

पंजाब में 1.17 लाख से अधिक अनुसूचित छात्रों को मिलेगी स्कॉलरशिप, विद्यार्थियों के लिए बड़ी राहत

चंडीगढ़  पंजाब के अनुसूचित जाति (एससी) विद्यार्थियों के लिए राज्य सरकार की ओर से छात्रवृत्ति योजना को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिली है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के उद्देश्य से चलाई जा रही प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 94,092 विद्यार्थियों को लाभ मिला है। इन विद्यार्थियों के लिए पंजाब सरकार ने 13.30 करोड़ रुपये जारी किए हैं। सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने बताया कि सरकार आगामी वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस योजना का दायरा और बढ़ाने की तैयारी कर रही है। इसके तहत 1,17,142 एससी विद्यार्थियों को लाभ पहुंचाने के लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया है। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक परेशानी के कारण किसी भी बच्चे को स्कूल स्तर पर अपनी पढ़ाई बीच में न छोड़नी पड़े। प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना का लाभ किसे मिलेगा ? प्री-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना मुख्य रूप से स्कूल स्तर पर पढ़ने वाले पात्र एससी विद्यार्थियों के लिए है। योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एससी परिवारों के बच्चों को शिक्षा जारी रखने में वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। जानकारी अनुसार छात्रवृत्ति से बच्चों और उनके परिवारों पर पढ़ाई का अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम करने में मदद मिलती है। मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि शिक्षा सामाजिक और आर्थिक बदलाव की सबसे मजबूत नींव है। सरकार का प्रयास है कि छात्रवृत्ति योजनाओं का लाभ पात्र विद्यार्थियों तक समय पर पहुंचे और सहायता मिलने में किसी प्रकार की देरी न हो। 2026-27 में बढ़ेगा लाभ का दायरा, 40 करोड़ मंजूर सरकार की योजना के अनुसार अगले वित्तीय वर्ष में 1.17 लाख से अधिक विद्यार्थियों को योजना के दायरे में लाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 40 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित है। विभाग पात्र परिवारों तक योजना की जानकारी पहुंचाने और छात्रवृत्ति की राशि सीधे लाभार्थियों के खातों में भेजने की प्रक्रिया को प्रभावी बनाने पर जोर देगा। डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को शिक्षा के माध्यम से आगे बढ़ाने और युवाओं का भविष्य मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है।