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फर्जी पत्नी बनकर सरकारी नौकरी पाने की कोशिश, लखनऊ में पांच पर FIR

लखनऊ  सिंचाई विभाग के मृत अधिशासी अभियंता की पत्नी बनकर उनकी नौकरी पाने की कोशिश का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक महिला ने खुद को इंजीनियर की पत्नी साबित करने के लिए फर्जी विवाह प्रमाणपत्र बनवाया और उसे विभाग में भी जमा करा दिया। पीड़ित पत्नी की शिकायत पर चिनहट पुलिस ने पांच नामजद समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। हैवलक रोड स्थित सरकारी आवास में रहने वाली संतोषी रावत ने पुलिस को बताया कि उनके पति सुशील कुमार सिंचाई विभाग में अधिशासी अभियंता थे। 27 अप्रैल 2025 को सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी। उनके चार बच्चे हैं। आरोप है कि पति की मृत्यु के बाद लक्ष्मी नाम की महिला ने कुछ लोगों के साथ मिलकर खुद को उनकी पत्नी बताने की साजिश रची। शिकायत के मुताबिक, लक्ष्मी ने चंद्रिका प्रसाद, पिंकू और अन्य लोगों की मदद से 30 जुलाई 2020 को विवाह प्रमाणपत्र बनवाया। इसमें उसे सुशील कुमार की पत्नी बताया गया। इस प्रमाणपत्र को सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता कार्यालय में भी जमा कराया गया, ताकि नौकरी और अन्य सरकारी लाभ हासिल किए जा सकें। संतोषी ने जब प्रमाणपत्र की जांच कराई तो आर्य प्रतिनिधि सभा उत्तर प्रदेश के कार्यालय में इसे फर्जी बताया गया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि इसी प्रमाणपत्र नंबर पर तीन अगस्त 2024 को अननुराधा यादव नाम की दूसरी महिला का विवाह प्रमाणपत्र भी जारी हुआ था। चिनहट पुलिस ने लक्ष्मी, चंद्रिका प्रसाद, पिंकू, आशीष कुमार त्रिपाठी और नितेश देशवाल समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी कर लाभ हासिल करने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया है।

नारनौल मंडी में बाजरा खरीदी शुरू, किसानों को आधार कार्ड से कराना होगा गांव का सत्यापन

नारनौल. हरियाणा के नारनौल स्थित नई अनाज मंडी में बाजरे की सरकारी खरीद के लिए दो दिन का गांववार कार्यक्रम जारी किया गया है। 2 और 3 नवंबर को अलग-अलग गांवों के किसानों से बाजरे की फसल खरीदी जाएगी। किसानों को निर्धारित तारीख के अनुसार ही अपनी उपज मंडी में लानी होगी। खास बात यह है कि खरीद के दौरान किसान के आधार कार्ड में दर्ज पते को ही उसके गांव की पहचान का आधार माना जाएगा। दो दिन में इन गांवों के किसानों से होगी खरीद मार्केट कमेटी के प्रधान बाबूलाल यादव के अनुसार, 2 नवंबर सोमवार को दौचाना, खत्रीपुर, खोड़मा, किरारोद अफगान और कोजिदां गांव के किसानों से बाजरे की खरीद की जाएगी। वहीं, 3 नवंबर मंगलवार को कुलताजपुर, कुतबापुर, लहरोदा, महरमपुर और मकसूसपुर गांव के किसानों की बाजरे की फसल खरीदी जाएगी। इन गांवों के किसानों को तय कार्यक्रम के मुताबिक ही मंडी पहुंचना होगा। आधार कार्ड में दर्ज पता होगा गांव की पहचान बाजरे की सरकारी खरीद के दौरान किसानों के आधार कार्ड में दर्ज पते को महत्वपूर्ण माना गया है। इसी पते के आधार पर यह तय किया जाएगा कि किसान किस गांव की निर्धारित खरीद तारीख में शामिल होगा। इसलिए किसानों को मंडी आने से पहले आधार कार्ड में दर्ज अपना पता और गांववार शेड्यूल जरूर जांच लेना चाहिए। मंडी प्रशासन ने किसानों से की अपील मंडी प्रशासन ने किसानों से निर्धारित तारीख पर ही बाजरे की फसल लेकर पहुंचने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि गांववार खरीद कार्यक्रम का पालन करने से मंडी में व्यवस्था बनी रहेगी। इससे खरीद प्रक्रिया सुचारु रूप से पूरी करने में मदद मिलेगी और किसानों को बेवजह इंतजार और परेशानी से बचाया जा सकेगा।

पराली जलाने के मामलों पर सरकार सख्त, पंजाब के 7 जिलों के अधिकारियों से जवाब तलब

चंडीगढ़. केंद्र के वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने रविवार को पंजाब के 7 जिलों के अधिकारियों को पराली जलाने की बढ़ती घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त निगरानी रखने और कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। ये निर्देश CAQM के सदस्य सचिव तरुण पीठोड़े की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक के दौरान दिए गए। बैठक में फरीदकोट, फिरोजपुर, बरनाला, बठिंडा, पटियाला, मालेरकोटला और संगरूर के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। CAQM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि सदस्य सचिव तरुण पीठोड़े ने पंजाब में पराली जलाने की हालिया घटनाओं में बढ़ोतरी को देखते हुए समीक्षा बैठक की। बैठक में अधिकारियों की ओर से की गई कार्रवाई और पराली प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की गई। आयोग ने कहा कि अधिकारियों को फसल अवशेषों के प्रबंधन के लिए मशीनों की प्रभावी तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा अधिकारियों को किसानों के बीच जागरूकता अभियान तेज करने और पराली जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए पुलिसकर्मियों सहित प्रशासनिक कर्मचारियों की भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।

वीबी-जी राम जी और प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीकी समन्वयकों एवं सहायकों का क्षमता संवर्धन

रायपुर  वीबी-जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत कार्यरत तकनीकी समन्वयकों एवं तकनीकी सहायकों के क्षमता संवर्धन के लिए दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। ग्रामीण संपर्क प्रशिक्षण एवं अनुसंधान केंद्र (आरसीटीआरसी), नवा रायपुर, अटल नगर में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ आयुक्त वीबी-जी राम जी एवं संचालक प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण  तारन प्रकाश सिन्हा की अध्यक्षता में हुआ। इसके माध्यम से छत्तीसगढ़ में ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता में सुधार और तकनीकी अमले की कार्यदक्षता बढ़ाने की दिशा में विशेष पहल की जा रही है। प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण विकास योजनाओं से जुड़े तकनीकी अमले को आधुनिक कार्यप्रणालियों, निर्धारित तकनीकी मानकों तथा नवाचारपूर्ण गतिविधियों से अवगत कराते हुए उनकी कार्यक्षमता और तकनीकी दक्षता को सुदृढ़ बनाना है। इसके माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में संचालित विकास एवं निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने, योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन तथा कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से संपादित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। तकनीकी दक्षता से ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता को मिलेगी मजबूती प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को वीबी-जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत संचालित कार्यों के तकनीकी पहलुओं, निर्माण संबंधी प्रक्रियाओं तथा गुणवत्ता सुनिश्चित करने की कार्यप्रणालियों की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों के समाधान और कार्यक्षेत्र में अपनाई जा रही नवाचारपूर्ण गतिविधियों से भी अवगत कराया जा रहा है। तकनीकी मार्गदर्शिका से कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन में मिलेगी सहायता प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को तकनीकी मार्गदर्शिका पुस्तिका का वितरण भी किया गया। यह मार्गदर्शिका तकनीकी अमले के लिए कार्यक्षेत्र में उपयोगी संदर्भ सामग्री के रूप में सहायक होगी। इसके माध्यम से निर्माण कार्यों से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं और निर्धारित मानकों की बेहतर समझ विकसित करने में मदद मिलेगी।  प्रशिक्षण में तकनीकी अमले की व्यावहारिक समझ विकसित करने के साथ कार्यों की गुणवत्ता, दक्षता और प्रभावशीलता बढ़ाने पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है। जिलों के बीच अनुभव और नवाचारों का होगा आदान-प्रदान दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न जिलों से शामिल तकनीकी समन्वयकों एवं तकनीकी सहायकों को अपने कार्यक्षेत्र के अनुभवों, सफल नवाचारों और बेहतर कार्यप्रणालियों को साझा करेंगे। साथ ही योजनाओं के क्रियान्वयन में एकरूपता लाने, तकनीकी चुनौतियों का समाधान खोजने और कार्यों की गुणवत्ता में निरंतर सुधार की दिशा में मदद मिलेगी। गुणवत्तापूर्ण निर्माण और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन प्रमुख उद्देश्य राज्य शासन द्वारा ग्रामीण अधोसंरचना के विकास और जरूरतमंद परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों में तकनीकी अमले की महत्वपूर्ण भूमिका है। वीबी-जी राम जी एवं प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत विकास कार्यों की गुणवत्ता और प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के लिए तकनीकी दक्षता का निरंतर संवर्धन आवश्यक है।

गृह मंत्री अमित शाह के आतिथ्य में कल राज्योत्सव में जारी होगी महतारी वंदन योजना की 33वीं किस्त

रायपुर छत्तीसगढ़ शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और उनकी आत्मनिर्भरता को सुनिश्चित करने की दिशा में चलाई जा रही महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की माताओं-बहनों को एक और बड़ी सौगात मिलने जा रही है। आगामी दीपावली के पावन पर्व से ठीक पहले योजना की नवंबर माह की 33वीं किस्त का अंतरण कल यानी 3 नवंबर 2026 को राज्योत्सव समारोह के दौरान किया जाएगा। गृह मंत्री  अमित शाह करेंगे राशि का अंतरण  राज्योत्सव समारोह के मुख्य मंच से भारत सरकार के गृह एवं सहकारिता मंत्री  अमित शाह के मुख्य आतिथ्य तथा मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में यह कार्यक्रम आयोजित होगा। इस दौरान प्रदेश की 67 लाख 40 हजार 410 पात्र महिलाओं के बैंक खातों में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (क्ठज्) के माध्यम से कुल 632 करोड़ 63 लाख 67 हजार 750 रुपये की राशि सीधे अंतरित की जाएगी। त्योहार से पहले खाते में राशि आने से महिलाओं और उनके परिवारों में भारी उत्साह और उमंग का माहौल है। इन महिलाओं के खातों में पहुंचेगी राशि ई-केवाईसी पूर्ण करा चुकीं प्रदेशभर की 67 लाख 33 हजार 502 महिला हितग्राही लाभान्वित होंगी। नियद नेल्ला नार कैंप क्षेत्र की 6,908 महिलाओं को उनकी 13वीं किस्त की राशि प्रदान की जाएगी। इस प्रकार कुल 67 लाख 40 हजार 410 महिलाओं को इस चरण में लाभ मिलेगा। योजना के सफर पर एक नजर छत्तीसगढ़ में 1 मार्च 2024 से लागू इस योजना के तहत पहली किश्त 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के करकमलों से प्रदान की गई थी। मुख्यमंत्री  विष्णुदेव साय के नेतृत्व में अब तक 32 किस्तों के माध्यम से महिलाओं को कुल 20 हजार 717.87 करोड़ रुपये की सहायता दी जा चुकी है। 33वीं किस्त के जुड़ने के बाद यह कुल आंकड़ा बढ़कर 21 हजार 350.50 करोड़ रुपये हो जाएगा। छत्तीसगढ़ शासन की इस निरंतर वित्तीय सहायता से प्रदेश की महिलाएं अपनी छोटी-छोटी जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ परिवार की आर्थिक गतिविधियों में भी सक्रिय योगदान दे रही हैं। हितग्राही महिलाएं भुगतान की स्थिति व अन्य जानकारी आधिकारिक पोर्टल mahtarivandan.cgstate.gov.in तथा प्ले स्टोर पर उपलब्ध मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त कर सकती हैं।

130 से अधिक देशों की भागीदारी वाले वैश्विक ऊर्जा सम्मेलन में छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत की निवेश की व्यापक संभावनाएं

नई दिल्ली नई दिल्ली के भारत मंडपम में आज आयोजित भारत नवीकरणीय ऊर्जा शिखर सम्मेलन एवं एक्सपो 2026 में छत्तीसगढ़ ने ऊर्जा क्षेत्र में निवेश की व्यापक संभावनाओं और भविष्य की अपनी योजनाओं को प्रमुखता से प्रस्तुत किया। प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी ने चार दिवसीय इस वैश्विक सम्मेलन का शुभारंभ किया। सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों की उपस्थिति में आयोजित उच्चस्तरीय गोलमेज बैठक में भाग लिया। उन्होंने अगले पांच वर्षों में छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र में लगभग 5.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की संभावनाओं की जानकारी देते हुए देश-विदेश के निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को प्रदेश में निवेश के लिए आमंत्रित किया। इस अवसर पर केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री  प्रह्लाद जोशी तथा केंद्रीय विद्युत एवं नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा राज्य मंत्री  पाद नाइक भी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में ऊर्जा क्षेत्र के विस्तार के लिए व्यापक कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अंतर्गत 23 हजार 923 मेगावाट क्षमता की नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग 1.33 लाख करोड़ रुपए तथा ताप विद्युत उत्पादन क्षमता के विस्तार में लगभग 3.27 लाख करोड़ रुपए के निवेश की योजना है। राज्य सरकार ने वर्ष 2030 तक प्रदेश की हरित ऊर्जा क्षमता को वर्तमान 3 हजार मेगावाट से बढ़ाकर 15 हजार मेगावाट करने का लक्ष्य रखा है। इसके साथ ही बिजली की कुल मांग में हरित ऊर्जा की हिस्सेदारी वर्तमान 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 45 प्रतिशत से अधिक करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने वर्ष 2030 तक गैर-पारंपरिक ऊर्जा स्रोतों से 500 गीगावाट बिजली उत्पादन क्षमता विकसित करने का राष्ट्रीय लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने में छत्तीसगढ़ महत्वपूर्ण योगदान देगा। उन्होंने बताया कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ में कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों की उत्पादन क्षमता 28 हजार मेगावाट से अधिक है। बिजली की बढ़ती मांग को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ताप विद्युत के साथ-साथ सौर ऊर्जा, जल विद्युत, बायोमास और ऊर्जा भंडारण परियोजनाओं का संतुलित विकास कर रही है। पंप स्टोरेज, बैटरी और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की बड़ी संभावनाएं मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि प्रदेश में बिजली की निर्बाध और भरोसेमंद आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए ऊर्जा भंडारण सुविधाओं के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके अंतर्गत 12 हजार 300 मेगावाट की कुल क्षमता वाली 10 पंप स्टोरेज जल विद्युत परियोजनाओं की पहचान की गई है। इन परियोजनाओं में लगभग 65 हजार करोड़ रुपए के निवेश का प्रस्ताव है। उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों में प्रदेश में 10 हजार मेगावाट-घंटे क्षमता की बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणाली स्थापित करने की योजना है। राजनांदगांव में 100 मेगावाट की सौर ऊर्जा परियोजना के साथ 40 मेगावाट/120 मेगावाट-घंटे क्षमता की बैटरी भंडारण प्रणाली पहले से संचालित है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राजनांदगांव जिले का खैरा गांव छत्तीसगढ़ का पहला पूर्ण रूप से सौर ऊर्जा से संचालित गांव बन गया है। यहां सभी 141 घरों की छतों पर 2-2 किलोवाट के सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिनसे कुल 282 किलोवाट बिजली का उत्पादन हो रहा है। विशेष बात यह है कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत निर्मित 93 घरों में भी सौर ऊर्जा से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए ग्रामीणों को कोई खर्च नहीं करना पड़ा है। मुख्यमंत्री  साय ने बताया कि राज्य सरकार घरों और खेतों तक सौर ऊर्जा का लाभ पहुंचाने के लिए भी तेजी से कार्य कर रही है। प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत प्रदेश में अब तक लगभग 1.26 लाख सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इसी प्रकार प्रदेश में 1.66 लाख सौर सिंचाई पंपों के माध्यम से लगभग 1.94 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि में सिंचाई की जा रही है। प्रधानमंत्री कुसुम योजना के अंतर्गत भी कुल 395 मेगावाट क्षमता के सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने की योजना है। बायोगैस, एथेनॉल, ग्रीन हाइड्रोजन और परमाणु ऊर्जा पर भी विशेष ध्यान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कृषि अवशेष, गोबर और अन्य जैविक संसाधनों की पर्याप्त उपलब्धता है। इनके उपयोग से कंप्रेस्ड बायोगैस, बायो-एथेनॉल और ग्रीन हाइड्रोजन के उत्पादन की व्यापक संभावनाएं हैं। राज्य सरकार इन संभावनाओं को नए उद्योगों और निवेश के अवसरों में बदलने के लिए कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में कुल 80 मीट्रिक टन क्षमता वाले आठ कंप्रेस्ड बायोगैस संयंत्र स्थापित करने की दिशा में कार्य चल रहा है। इनमें लगभग 800 करोड़ रुपए का निवेश प्रस्तावित है। इसके अतिरिक्त निजी निवेशकों से प्राप्त लगभग 6 हजार करोड़ रुपए के निवेश प्रस्तावों पर भी प्रक्रिया जारी है। मुख्यमंत्री  साय ने कहा कि राज्य में लगभग 4 हजार 200 मेगावाट क्षमता के परमाणु ऊर्जा संयंत्रों सहित विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग 1.60 लाख करोड़ रुपए के निवेश की परिकल्पना की गई है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार औद्योगिक विकास, ऊर्जा सुरक्षा और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाते हुए आगे बढ़ रही है। हमारा प्रयास है कि प्रदेश की ऊर्जा क्षमता का अधिकतम उपयोग हो, नए उद्योग स्थापित हों और रोजगार के अधिक अवसर सृजित हों। वैश्विक निवेशकों के सामने प्रस्तुत की छत्तीसगढ़ की ऊर्जा क्षमता सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री  विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के स्टॉल का अवलोकन किया। यहां प्रदेश की प्रमुख ऊर्जा परियोजनाओं, नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों, आधुनिक तकनीक के उपयोग और निवेश की संभावनाओं को प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री ने स्टॉल पर उपस्थित अधिकारियों से विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री  साय ने सम्मेलन में देश-विदेश से आए निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से चर्चा भी की। उन्होंने छत्तीसगढ़ की औद्योगिक नीतियों, उपलब्ध संसाधनों, ऊर्जा क्षेत्र में विकसित हो रही अधोसंरचना और निवेश के अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार ऊर्जा क्षेत्र में निवेश और नई परियोजनाओं की स्थापना के लिए अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उल्लेखनीय है कि 2 से 5 नवंबर तक आयोजित इस वैश्विक सम्मेलन में 130 से अधिक देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। इनमें 40 से अधिक मंत्री, नीति निर्माता, निवेशक और ऊर्जा क्षेत्र की प्रमुख … Read more

BSP रिटेंशनधारियों का घटेगा मकान किराया, अब 24 की जगह देने होंगे 6 रुपये

भिलाई. बीएसपी के रिटेंशन स्कीम के तहत रहने वाले सेवानिवृत्त कार्मिकों का किराया 24 रु. प्रति वर्गफीट प्रतिमाह की जगह अब 6 रु. प्रति वर्गफीट प्रतिमाह हो जाएगा। रविवार को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास में हुई उच्च स्तरीय बैठक में बीएसपी मैनेजमेंट ने अगले आदेश तक’ किराया 6 रु. प्रति वर्गफीट प्रतिमाह करने पर सैद्धांतिक सहमति दे दी। इस बैठक में सांसद विजय बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष प्रेमप्रकाश पांडेय, केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव, विधायक रिकेश सेन विशेष रूप से उपस्थित थे। बीएसपी के आधिकारिक सूत्रों ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि अगले आदेश तक किराया 6 रु. प्रतिवर्गफीट प्रतिमाह किए जाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। रायपुर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निवास स्थित कार्यालय में दोनों उपमुख्यमंत्री, दुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री, बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज चित्तरंजन महापात्र, ईडी एचआर पवन कुमार, जीएम इंचार्ज टाउनशिप अतुल नौटियाल, कलेक्टर अभिजीत सिंह, एसएसपी विजय अग्रवाल भी मौजूद थे। बैठक में सांसद बघेल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष पाण्डेय ने रिटेंशन के मुद्दे पर खासा दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि 24 रु. प्रति वर्गफीट की दर करना बहुत ज्यादा है। इससे भिलाई में आंदोलन की स्थिति बन गई है। उन्होंने यह तर्क भी दिया कि आवासों की संख्या पर्याप्त है ऐसे में रिटायर्ड कार्मिकों का किराया 24 रु. करना सही नहीं है। हो सकता है कि दोनों नेताओं ने मुख्यमंत्री को सामने नगर निगम चुनाव में इसका असर पड़ने का भी हवाला दिया हो।

शहीद टीआई दिलीप पुरी की पत्नी को मिलेगी सब इंस्पेक्टर की नौकरी, मुख्यमंत्री ने दिया भरोसा

भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवास जिले के खातेगांव में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटना में कर्तव्य निर्वहन करते हुए थाना प्रभारी दिलीप पुरी के असामयिक निधन पर गहन दु:ख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शोकाकुल परिजन के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की। उन्होंने दिवंगत थाना प्रभारी पुरी को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि इस कठिन समय में राज्य सरकार पीड़ित परिवार के साथ खड़ी है। मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेष पुलिस महानिदेशक उपेंद्र जैन को तत्काल घटनास्थल पर रवाना किया है। उन्होंने इस मामले में निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वीर बलिदानी पुरी की धर्मपत्नी को सब इंस्पेक्टर के पद पर अनुकंपा नियुक्ति और परिवार को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बाबा महाकाल से दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए प्रार्थना की है।  

एक्टर इमरान खान का कोर्ट में बड़ा बयान, ‘अब कभी किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं होऊंगा’

मुंबई बॉलीवुड एक्टर इमरान खान को भारत छोड़ने का नोटिस मिला था. विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) के 'लीव इंडिया नोटिस' के खिलाफ बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान एक्टर इमरान खान ने अदालत सें वादा किया है कि वो भविष्य में किसी प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे।  मुख्य न्यायाधीश एम.सी. त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ ने पिछले सप्ताह ही इस नोटिस पर रोक लगा दी थी. सुनवाई के दौरान इमरान खान के वरिष्ठ वकील वेंकटेश धोंड ने याचिका का हवाला देते हुए कहा कि अभिनेता का किसी भी विरोध प्रदर्शनकारी संगठन से कोई लेना-देना नहीं है।  उन्होंने कहा, 'मुझसे न तो कोई पूछताछ हुई है और न ही कोई समन भेजा गया है. सभी धाराएं जमानती हैं।  राज्य सरकार के वकील ने कोर्ट को बताया कि मामले में FIR दर्ज की जा चुकी है. वहीं, FRRO की ओर से पेश अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल अनिल सिंह ने अदालत से कहा कि उनके पास पर्याप्त सबूत मौजूद है, जिसे वो कोर्ट में पेश कर सकते हैं।  अनिल सिंह ने कहा, 'याचिकाकर्ता कहते हैं कि विरोध प्रदर्शन से उनका कोई लेना-देना नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया पर उनकी पोस्ट और अपलोड कंटेंट को देखिए. उन्होंने एक इंटरव्यू भी दिया है, जिसे उन्होंने याचिका में नहीं सौंपा है. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं।  'मैं अमेरिकी नागरिक हूं, लेकिन पूरी जिंदगी यहीं बीती' इमरान खान की ओर से वकील ने अदालत को बताया, 'मेरे पास अमेरिकी पासपोर्ट और OCI कार्ड की फोटोकॉपी है. मैं अमेरिका में पैदा हुआ था, इसलिए वहां की नागरिकता है. लेकिन मेरी पूरी जिंदगी यहीं बीती है. पहले मेरे पास PIO कार्ड था. मैं यहीं बचपन से रहा, शादी की और बॉलीवुड फिल्मों में काम किया।  'किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होऊंगा' वकील ने आगे कहा, 'प्रदर्शन करने वाली संस्था में गांधी जी के वंशज समेत कई लोग शामिल थे. मैं अदालत को अंडरटेकिंग देने के लिए तैयार हूं कि मैं आगे किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होऊंगा।  वहीं, इस मामले पर बेंच ने कहा, 'आरोप बेहद गंभीर हैं. आप एक OCI कार्ड होल्डर हैं और भारतीय नागरिक की तरह व्यवहार नहीं कर सकते. SIR को लेकर आपको कुछ बोलने का अधिकार नहीं है. आपको विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने का कोई हक नहीं था।  अदालत ने सवाल किया, 'आप बचपन से यहीं रह रहे हैं और बॉलीवुड स्टार बन चुके हैं, तो फिर भारतीय नागरिकता क्यों स्वीकार नहीं कर लेते?' वकील धोंड ने कहा कि वो इस पर निर्देश हासिल करेंगे, लेकिन अदालत में अंडरटेकिंग देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं. कोर्ट ने भी निर्देश दिया कि OCI कार्ड होल्डर होने के नाते उन्हें अदालत में अंडरटेकिंग देनी होगी। 

मुकेश अंबानी की रिलायंस ने बनाया नया रिकॉर्ड, मार्केट वैल्यू 17 लाख करोड़ पहुंची

मुंबई   रिलायंस समूह ने पिछले सप्ताह शेयर बाजार में धमाका करने के बाद इस सप्ताह की शुरुआत में ही रिकॉर्ड बना दिया. रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में 2 नवंबर को 8 फीसदी से भी ज्यादा उछाल आया और कंपनी का मार्केट कैप पहली बार 17 लाख करोड़ रुपये को भी पार कर गया. कंपनी के शेयरों में यह 6 साल का सबसे बड़ा उछाल है. इससे पहले रिलायंस समूह की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म ने पिछले सप्ताह शेयर बाजार में धमाकेदार एंट्री की थी. कंपनी के शेयर अपने आईपीओ प्राइस से 22 फीसदी प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे।  रिलायंस इंडस्ट्रीज के तिमाही रिजल्ट में रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज करने के बाद ब्रोकरेज भी उसके शेयरों पर बुलिश नजर आ रहे हैं, जिसका फायदा आज निवेशकों को भी मिला है. ट्रेडिंग शुरू होने के कुछ ही घंटे में स्टॉक्स में 8 फीसदी से ज्यादा का उछाल दिखने लगा. यह अप्रैल, 2020 के बाद कंपनी के शेयरों का सबसे तगड़ा प्रदर्शन है. रिलायंस के स्टॉक्स में आई तेजी की वजह से यह कंपनी निफ्टी की टॉप गेनर बन गई है. रिलायंस के शेयर इंट्राडे में 8.1 फीसदी चढ़कर 1,259 रुपये के भाव पहुंच गए, जिससे मार्केट कैप बढ़कर 17.05 लाख करोड़ रुपये हो गया।  कंपनी का रेवेन्यू भी जमकर बढ़ा पिछले सप्ताह रिलायंस ने जब अपना तिमाही रिजल्ट घोषित किया था तो उसका रेवेन्यू 28 फीसदी बढ़कर 3.62 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया था, जो अब तक का रिकॉर्ड लेवल है. कंपनी का EBITDA भी 24 फीसदी बढ़कर 62,409 करोड़ रुपये पहुंच गया है. साथ ही शुद्ध मुनाफा भी पिछले साल से 34 फीसदी बढ़कर 29,550 करोड़ रुपये रहा. इस दमदार रिजल्ट के बाद ब्रोकरेज हाउस के बीच में इस स्टॉक की डिमांड और रेटिंग बढ़ गई।  क्या कहते हैं ब्रोकरेज हाउस गोल्डमैन सॉक्स और नोमुरा ने रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए अपनी बाई की रेटिंग बरकरार रखी है और आगे भी कंपनी के ग्रोथ करने का अनुमान लगाया है. गोल्डमैन सॉक्स ने रिलायंस के शेयरों का टार्गेट प्राइस 1,840 रुपये तय किया है, जो शुक्रवार को बंद भाव 1,164.90 रुपये से करीब 58 फीसदी ज्यादा है. ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि कंपनी का दूसरी तिमाही का EBITDA उसके अनुमान से भी 9 फीसदी ज्यादा रहा है. नोमुरा ने इसका टार्गेट प्राइस 1,560 रुपये रखा है और कहा है कि कंपनी का EBITDA अनुमान से 9 फीसदी ज्यादा रहा है।