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CM डॉ. यादव ने दी दीपावली की शुभकामनाएं, सुख-समृद्धि की कामना की

दीपों का महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए : मुख्यमंत्री डॉ. यादव गोवर्धन पूजा पर वृंदावन ग्रामों में पशुपालन पर केन्द्रित प्रतियोगिताएं कराई जाएंगी आगामी कैबिनेट 18 नवंबर को मंदसौर के गांधीसागर में होगी : उद्योग और ऊर्जा पर रहेगा फोकस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले किया संबोधित भोपाल  मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि परिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में सभी को दीपावली कि बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि दीपों का महापर्व सभी के जीवन में नई ऊर्जा, समृद्धि और खुशहाली लेकर आए। मां लक्ष्मी और भगवान श्रीगणेश के आशीर्वाद से हर घर में उजाला और आनंद बना रहे। धनतेरस, रूप चौदस, दीपावली, गोवर्धन पूजा और भाई-दूज ये पांचों दिन सबके लिए मंगलमय हों। दीपावली की खरीदारी में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 'लोकल को वोकल' बनाने के मंत्र को हम सब जीवन में उतारें। स्वदेशी उत्पाद खरीदें और हमारे स्थानीय छोटे व्यवसायियों, माटीकला शिल्पियों के जीवन में उजियारा लाएं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि गोवर्धन पर्व प्रकृति, पर्वत और गौवंश संरक्षण की भारतीय प्राचीन परंपरा का प्रतीक है। इस दिन हर घर गौशाला, हर गांव वृंदावन बन जाता है। इस बार गोवर्धन पूजा पर वृंदावन ग्रामों के पशुपालकों की प्रतियोगिता कराई जा रही है। इसमें प्रथम तीन विजेताओं को गोपाल कृष्ण ग्राम पुरस्कार दिए जाएंगे। मध्यप्रदेश स्थापना दिवस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश का 71वां स्थापना दिवस किसान कल्याण और कृषि विकास पर केंद्रित रहा। भगवान श्रीकृष्ण मेधावी विद्यार्थी छात्रवृत्ति के तहत विजेताओं को एक-एक लाख रुपये की राशि और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए जा रहे हैं। इसके अलावा विरासत से विकास, किसान बाजार, महिला उद्यमिता मंडप, कृषि प्रदर्शनी, लोक गायन, अनुगूंज आदि अनेक आयोजन किए जा रहे हैं। अर्बन ग्रोथ कॉन्क्लेव 2.0 मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वर्ष 2047 तक इंदौर-उज्जैन-भोपाल क्षेत्र में 20 लाख रोजगार के अवसर सृजित होंगे। लगभग 15 टाउनशिप विकसित की जाएंगी और 30 हजार एकड़ क्षेत्र में नियोजित शहरी विकास होगा। इंदौर फ्यूचर सिटी में 5 हजार एकड़ क्षेत्र में आवास, उद्योग और रोजगार आधारित विकास किया जाएगा। अर्बन चैलेंज फंड अंतर्गत 2,013 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लिए एमओयू किए गए हैं। इंदौर आर्थिक क्षेत्र-2047 की रिपोर्ट भी जारी की गई। छ: एमओयू से जल संरक्षण, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और शहरी अधोसंरचना को बढ़ावा मिलेगा। "मध्यप्रदेश शहरी किफायती आवास एवं पर्यावास नीति-2026" का प्रारूप जारी किया गया। यह प्रारूप "सबका साथ, सबका विकास और सर्वसमावेशी कल्याण" के विजन पर आधारित है। राज्यसभा नामांकन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भारत सरकार के पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा के लिए नामांकित किया गया है। पुरी के मध्यप्रदेश से राज्यसभा में जाने से देश और प्रदेश के विकास को नए आयाम मिलेंगे। बोमा पद्धति से कृष्णमृग और नीलगाय के रेस्क्यू का अभियान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि हेलीकॉप्टर की सहायता से बोमा पद्धति पर आधारित वन्यजीव रेस्क्यू का अभियान दक्षिण एशिया में अपनी तरह का पहला अभियान है। अब तक शाजापुर जिले से 1200 से अधिक कृष्णमृगों और नीलगायों का रेस्क्यू हो चुका है। रेस्क्यू किए गए कृष्णमृगों को श्योपुर के जंगलों, गांधी सागर और रानी दुर्गावती रिजर्व फॉरेस्ट सहित निर्धारित वन क्षेत्रों में पहुंचाया गया है। इससे वन्यजीवों के संरक्षण में मदद मिल रही है और किसानों की फसलों को नुकसान से बचाया जा रहा है। उन्होंने वन विभाग के अधिकारियों को इस उपलब्धि के लिए बधाई दी। शासकीय सेवकों के महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत वृद्धि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि सरकार ने त्योहारों के अवसर पर अधिकारी-कर्मचारी को दीपावली का उपहार दिया है। महंगाई भत्ते में 2 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। धान उपार्जन मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों की सुविधा के लिए धान उपार्जन के पंजीयन की तिथि 4 नवंबर तक बढ़ाई गई है। उन्होंने किसान भाइयों से अपील है कि जो किसान पंजीयन कराने से रह गए हैं, वे पंजीयन करा लें। स्वामित्व योजना मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बार धनतेरस पर जनता के घर-आंगन में सुख-समृद्धि बरसेगी। देश के सभी मंत्री, सांसद और विधायक आगामी 6 नवंबर को अपने पैतृक ग्राम या अपनी पसंद के किसी भी गांव में जाकर उस गांव की स्वामित्व की शत-प्रतिशत रजिस्ट्री खुद सामने रहकर पूर्ण कराएंगे। रजिस्ट्री पूरी होने पर गांव में कार्यक्रम भी आयोजित होंगे। अब तक प्रदेश में लगभग 15 लाख रजिस्ट्री का कार्य कर लिया गया है। आगामी 15 नवंबर तक 20 लाख रजिस्ट्रियां पूरी कर लेने का लक्ष्य है। अब तक हो चुकी हैं 8 डेस्टिनेशन कैबिनेट मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आगामी डेस्टिनेशन कैबिनेट 18 नवंबर को मंदसौर जिले के गांधीसागर में प्रस्तावित है। इस कैबिनेट का फोकस उद्योग और ऊर्जा पर रहेगा। इससे पहले 3 जनवरी 2024 को शक्ति भवन, जबलपुर, 5 अक्टूबर 2024 को सिंग्रामपुर, दमोह, 24 जनवरी 2025 को महेश्वर, खरगोन, 20 मई 2025 को राजवाड़ा, इंदौर, 3 जून 2025 को राजभवन, पचमढ़ी में, 9 दिसंबर 2025 को खजुराहो, छतरपुर, 2 मार्च 2026 को नागलवाड़ी, बड़वानी और 19 जुलाई 2026 को जगदीशपुर, भोपाल में डेस्टिनेशन कैबिनेट आयोजित की जा चुकी हैं।  

‘महिलाएं और अल्पसंख्यक सुरक्षित नहीं’, शेख हसीना ने बांग्लादेश पर जताई चिंता

ढाका  बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने देश के मौजूदा हालात को लेकर गंभीर चिंता जताई है. उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में राजनीतिक उत्पीड़न बढ़ रहा है. महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा खतरे में है. धार्मिक अल्पसंख्यकों, पत्रकारों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को भी डराया जा रहा है।  दरअसल, हसीना ने फिनलैंड की आल्टो यूनिवर्सिटी में एक ऑनलाइन ऑडियो संबोधन दिया. इसका आयोजन ग्लोबल सेंटर फॉर डेमोक्रेटिक गवर्नेंस ने किया था. इस दौरान उन्होंने अगस्त 2024 में अपनी सरकार गिरने के बाद बांग्लादेश में हुए बदलावों पर सवाल उठाए।  महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा पर उठाए सवाल   शेख हसीना ने एक मानवाधिकार रिपोर्ट का हवाला देते हुए दावा किया कि जुलाई से सितंबर के बीच 253 महिलाओं और लड़कियों के साथ रेप हुआ. इनमें 154 बच्चियां शामिल थीं. उन्होंने दावा किया कि रेप की 12 पीड़िताओं की हत्या भी कर दी गई. उन्होंने यह भी कहा कि मार्च से अब तक खसरे से 1,250 से ज्यादा बच्चों की मौत हुई है. वहीं फैक्ट्रियां बंद होने, बेरोजगारी, वसूली और हिंसा के कारण आम लोगों की मुश्किलें बढ़ी हैं।  इस दौरान शेख हसीना ने अपनी सरकार के कामकाज का भी जिक्र किया. उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में बांग्लादेश में गरीबी की दर 41 फीसदी से घटकर 18.6 फीसदी हो गई थी. उन्होंने करीब 14 हजार सामुदायिक क्लीनिक बनाए जाने की बात कही. साथ ही महिलाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में हुए सुधारों को अपनी सरकार की उपलब्धि बताया।  हसीना ने 1997 के चटगांव हिल ट्रैक्ट्स शांति समझौते और 2017 में रोहिंग्या शरणार्थियों को बांग्लादेश में जगह देने के फैसले का भी जिक्र किया।  कट्टरपंथी संगठनों के बढ़ते प्रभाव पर जताई चिंता पूर्व प्रधानमंत्री ने बांग्लादेश में कट्टरपंथी संगठनों के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई. उन्होंने आरोप लगाया कि आतंकवाद के खिलाफ काम करने वाले अनुभवी अधिकारियों को मुकदमों और जेल का सामना करना पड़ा है. हसीना ने चेतावनी दी कि ऐसे घटनाक्रम बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष पहचान और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकते हैं।  शेख हसीना ने दावा किया कि अवामी लीग के हजारों नेताओं और कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया है. कई लोगों पर हमले हुए हैं, जबकि कुछ को छिपने के लिए मजबूर होना पड़ा है. उन्होंने धार्मिक अल्पसंख्यकों, पत्रकारों, स्वतंत्रता सेनानियों और सांस्कृतिक कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाए जाने का आरोप लगाया. हसीना ने यह भी कहा कि उनकी छवि खराब करने के लिए AI से बनाई गई तस्वीरों, फर्जी खबरों और स्कूल की पाठ्यपुस्तकों का इस्तेमाल किया जा रहा है।  जुलाई-अगस्त 2024 की हिंसा की जांच पर सवाल हसीना ने जुलाई-अगस्त 2024 में हुई हिंसा के दौरान निर्दोष लोगों की हत्या का आदेश देने के आरोपों को खारिज किया. उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने 18 जुलाई 2024 को न्यायिक जांच आयोग बनाया था. 1 अगस्त को इसका दायरा बढ़ाया गया था. उन्होंने पूर्व अंतरिम सरकार के प्रमुख मुहम्मद यूनुस पर सत्ता संभालने के बाद जांच रोकने का आरोप लगाया. यूनुस अगस्त 2024 से फरवरी 2026 तक अंतरिम सरकार के प्रमुख रहे थे।  हसीना ने सवाल उठाया कि आंदोलन में शामिल लोगों को कानूनी सुरक्षा क्यों दी गई, जबकि उनके और अवामी लीग के नेताओं के खिलाफ हत्या के मामले दर्ज किए गए. उन्होंने हिंसा, मौतों, आगजनी और तोड़फोड़ की स्वतंत्र जांच की मांग की।  UN और EU से दखल देने की अपील शेख हसीना ने संयुक्त राष्ट्र, यूरोपीय संघ, लोकतांत्रिक देशों की सरकारों और मानवाधिकार संगठनों से बांग्लादेश के हालात पर ध्यान देने की अपील की. उन्होंने राजनीतिक कैदियों को रिहा करने और अवामी लीग पर लगी पाबंदियां हटाने की मांग की. साथ ही अभिव्यक्ति की आजादी, अल्पसंख्यकों को समान सुरक्षा और समावेशी लोकतांत्रिक प्रक्रिया सुनिश्चित करने की बात कही. हसीना ने हिंसक कट्टरपंथ के खिलाफ कार्रवाई और स्वतंत्र न्याय व्यवस्था की भी मांग की। 

बाणगंगा क्लस्टर से हटेंगे झुग्गीवासी, कर्मचारियों के लिए बनेगी आवासीय योजना

भोपाल भोपाल के सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक और वीआईपी इलाकों के आसपास दशकों से बसी झुग्गी बस्तियों को हटाने की तैयारी तेज हो गई है। नगर निगम ने पुनर्वास मास्टर प्लान तैयार किया है। इसके तहत पहले पक्के मकान बनाए जाएंगे, फिर झुग्गीवासियों को शिफ्ट किया जाएगा। झुग्गी विस्थापन की योजना को लेकर संभागायुक्त कर्मवीर शर्मा ने सोमवार को अधिकारियों के साथ बैठक की। जिसमें उन्होंने भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाने और उनमें रह रहे रहवासियों को स्वच्छ वातावरण व सुविधायुक्त प्रधानमंत्री आवास दिलवाने के लिए तत्परतापूर्वक कार्रवाई के लिए कहा है। बैठक में निगमायुक्त रामप्रकाश अहिरवार, संयुक्त आयुक्त राजस्व डॉ. विनोद यादव, अपर कलेक्टर पीसी शाक्य सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। संभागायुक्त को संबंधित अधिकारियों ने बताया कि झुग्गी मुक्त भोपाल प्रोजेक्ट के अंतर्गत वल्लभ भवन पहाड़ी, अरेरा हिल्स, एमपीनगर, बाणगंगा क्षेत्र, पत्रकार कॉलोनी, मैनिट और कोलार तिराहा आदि क्षेत्रों को झुग्गी मुक्त किया जाना है। इसके लिए दानापानी सब्जी फार्म, राजीव नगर, अर्जुन नगर आदि क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास बनाए जाने की योजना है, जिनमे झुग्गीवासियों को विस्थापित किया जाएगा। पहले आवास निर्माण का कार्य किए जाना है, इसके बाद विस्थापन की कार्रवाई होगी। दानापानी फेस-1 के अंतर्गत 7560 ईडब्ल्यूएस आवास बनाए जाने की योजना है। बताया जा रहा है कि पूरी योजना में बाणगंगा क्लस्टर में 6,060 और दानापानी में 21,255 मकान बनाने की योजना है। दोनों परियोजनाओं की कुल प्रस्तावित आवास क्षमता 27,315 होगी। यहां से होगा पहला चरण पहले चरण के तहत वल्लभ भवन के आसपास हजारों की संख्या में फैली हुई झुग्गियां को हटाया जाएगा। भोपाल जिला प्रशासन के अनुसार यह पूरा काम पीपीपी मोड यानी पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर किया जाएगा। कंपनी लोगों को 6000 से ज्यादा मकान/फ्लैट बना कर देगी। इसके बाद वल्लभ भवन के आसपास 8 से 9 बस्तियों को खाली कराया जाएगा। इसके बाद भोपाल के अन्य क्षेत्रों की झुग्गियों को हटाने का काम शुरू किया जाएगा। आपको बता दें कि करीब 3 महीने पहले मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बैठक ली थी। इसमें उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया था कि भोपाल को झुग्गी मुक्त बनाना है। इसके बाद शहर के आसपास हजारों की तादाद में बनी झुग्गियों को हटाने के लिए शासन ने प्लान बनाया था। झुग्गी वाले प्रमुख इलाके बता दें कि भोपाल के प्रमुख इलाके रोशनपुरा, राजभवन के पास करीब 17 एकड़ में फैली बस्ती, बाणगंगा, पंचशील, नया बसेरा, संजय नगर, गंगा नगर, बापू नगर, शबरी नगर, ओम नगर, दामखेड़ा, उड़िया बस्ती, नई बस्ती, मीरा नगर,भीमनगर, विश्वकर्मा नगर झुग्गी बस्तियां हैं। राहुल नगर, दुर्गा नगर, बाबा नगर, अर्जुन नगर जैसी सैकड़ों झुग्गी बस्तियां हैं। कितने एरिए में कितनी है संख्या गौरतलब है कि रोशनपुरा में करीब 17 एकड़ में 35000 नागरिक रहते हैं। बाणगंगा के 48 एकड़ एरिया में करीब 35000 लोग रहते हैं। शहर की प्रमुख झुग्गी की बात करें तो बाग सेवनिया के 16 एकड़ में 30000 नागरिक रहते हैं। विश्वकर्मा नगर में 6 एकड़ में 30000 नागरिक, अन्ना नगर के 51 एकड़ में 25000 नागरिक, भीम नगर में 72 एकड़ में 8000 नागरिक, मदर इंडिया में 49 एकड़ में 4000 नागरिक, शहीद नगर में 29 एकड़ में 2000 नागरिक रहते हैं। इन सभी के क्षेत्रफलों को मिलाया जाए तो करीब 400 एकड़ में झुग्गियां खड़ी हैं।  

प्रदेश में मंदिरों की भूमि से होगी कमाई, उज्जैन में बनेगी रिसर्च लाइब्रेरी

भोपाल  मध्य प्रदेश में मंदिरों से जुड़ी जमीनों का उपयोग अब उनकी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए किया जाएगा। इन जमीनों पर कृषि के साथ व्यावसायिक गतिविधियां संचालित करने की कार्ययोजना तैयार होगी। बड़े मंदिरों की आय का कुछ हिस्सा आसपास की गोशालाओं और वृंदावन गांवों की व्यवस्था सुधारने पर भी खर्च किया जा सकेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोमवार को मंत्रालय में श्रीकृष्ण पाथेय न्यास की कार्यसमिति की बैठक में यह निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि मंदिरों से जुड़ी भूमि का उपयोग उनकी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए किया जाए। इसके लिए कृषि और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों की योजना बनाई जाए। मंदिरों में मौजूद जल संरचनाओं के जीर्णोद्धार और प्रबंधन का काम जल गंगा अभियान के तहत किया जाएगा। उन्होंने श्रीकृष्ण से जुड़े स्थानों को तीर्थ के रूप में विकसित करने और इनके विकास में कृष्ण भक्ति से जुड़ी संस्थाओं का सहयोग लेने के निर्देश भी दिए। बैठक में बताया गया कि उज्जैन के सांदीपनि आश्रम के विकास और जीर्णोद्धार के लिए भूमि-पूजन हो चुका है। प्रदेश में 3200 से अधिक मंदिरों के रखरखाव, प्रवेश द्वारों के निर्माण और श्रीकृष्ण पाथेय की जल संरचनाओं के संरक्षण के लिए निर्देश जारी किए गए हैं। बैठक में नारायण धाम महिदपुर, श्रीकृष्ण धाम छतरपुर, जानापाव महू, अमझेरा धार, मां जागेश्वरी लोक चंदेरी, श्रीकृष्ण राधा लोक पन्ना और रायसेन जिले की जमगढ़ पहाड़ियों में चल रही विकास परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा भी की गई। भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित यूट्यूब डिजिटल प्लेटफार्म शुरू होगा बैठक में भगवान श्रीकृष्ण पर केंद्रित शोध, वृत्तचित्र, नाट्य और संगीत श्रृंखलाओं के लिए समर्पित यूट्यूब डिजिटल प्लेटफार्म शुरू करने की योजना पर भी चर्चा हुई। उज्जैन में दुर्लभ पांडुलिपियों और शोध पत्रों के लिए अत्याधुनिक रिसर्च लाइब्रेरी स्थापित की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण के विचार आज भी जीवन प्रबंधन, अर्थव्यवस्था, कृषि और गौ-संवर्धन जैसे क्षेत्रों में प्रासंगिक हैं। इन विषयों पर प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर विचार सत्र और संगोष्ठियां आयोजित की जाएं।  

ऐशबाग में टूटेंगे 600 पुराने मकान, उनकी जगह बनेंगे बहुमंजिला आवासीय परिसर

 भोपाल  राजधानी भोपाल के ऐशबाग इलाके में रहने वाले सैकड़ों परिवारों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। यहां जर्जर हो चुके 600 ईडब्ल्यूएस मकानों को गिराए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मध्य प्रदेश हाउसिंग बोर्ड ने सभी निवासियों को 13 नवंबर तक अपने घर खाली करने और सामान हटाने का अंतिम नोटिस जारी कर दिया है। निर्धारित समय सीमा के बाद प्रशासन की ओर से विध्वंस अभियान चलाया जाएगा। ज्यादातर मकानों पर अवैध कब्जा हाउसिंग बोर्ड की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, ऐशबाग क्षेत्र के इन 600 जर्जर मकानों में से वर्तमान में केवल 110 यूनिटों में ही उनके मूल कानूनी आवंटी निवास कर रहे हैं। बाकी के बचे हुए अधिकांश मकानों पर अनाधिकृत या अवैध कब्जा बताया गया है। सुरक्षा की दृष्टि से भोपाल नगर निगम (BMC) ने मई 2016 में ही इन संरचनाओं को असुरक्षित घोषित कर दिया था, जिसके बाद साल 2018 में भी नोटिस जारी किए गए थे। जर्जर मकानों की जगह बनेगा नया कॉम्प्लेक्स मौजूदा जर्जर संरचनाओं को पूरी तरह ढहाकर उनकी जगह एमपी री-डेवलपमेंट पॉलिसी, 2022 के तहत एक आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य पुराने और खतरनाक हो चुके आवासों को हटाकर नागरिकों को सुरक्षित और बेहतर आवास उपलब्ध कराना है। हाउसिंग बोर्ड के मुताबिक, यह पूरी कार्रवाई पुलिस और भोपाल नगर निगम के सहयोग से शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से पूरी की जाएगी। अनधिकृत कब्जाधारियों को नहीं मिलेगा कोई फायदा हाउसिंग बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि पुनर्विकास योजना का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा जो वैध रूप से इन मकानों के आवंटी हैं। जो मूल कानूनी आवंटी मकान खाली करने के लिए लिखित सहमति देंगे, उन्हें पुनर्निर्माण की अवधि के दौरान कलेक्टर रेट के हिसाब से मासिक किराया सहायता दी जाएगी। हालांकि, अनाधिकृत रूप से रह रहे कब्जाधारियों को इस वित्तीय सहायता या नए फ्लैट का कोई लाभ नहीं मिलेगा। पात्र परिवारों को मिलेंगे बड़े फ्लैट पुनर्विकास नीति के तहत बनने वाले नए बहुमंजिला परिसरों में मूल आवंटियों को कई तरह की सुविधाएं दी जाएंगी। योजना के नियमों के अनुसार, पात्र और मूल कानूनी आवंटियों को उनके मौजूदा फ्लैट्स के मुकाबले 20 प्रतिशत बड़े नए फ्लैट्स उपलब्ध कराए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड और स्थानीय प्रशासन ने सभी रहवासियों से अपील की है कि वे किसी भी कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए तय समय सीमा के भीतर अपने घर स्वयं खाली कर दें।