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ड्रग पार्टी किंग यासीन गिरफ्तार, होटल में युवती से रेप और भारी रकम वसूली का आरोप

भोपाल  भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग तस्करी के मामले में गिरफ्तार डीजे यासीन उर्फ मछली शहर में सबसे ज्यादा नाइट पार्टी ऑर्गेनाइज करता था। वह क्लब, लाउंज और पब में नशे के आदी युवक-युवतियों के साथ पार्टी की प्लानिंग करता था।खास बात यह है कि इन पार्टी में एंट्री के लिए 10 से 25 हजार रुपए तक की वसूली की जाती थी। जबकि ड्रग के लिए अलग से रकम ऐंठी जाती थी। खुद यासीन ने रिमांड पर रहने के दौरान क्राइम ब्रांच की पूछताछ में इन तमाम बातों का खुलासा किया है। उसके मोबाइल से पुलिस को कई रेव पार्टीज के भी वीडियो मिले हैं। शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि हर पार्टी से पहले यासीन के बताए पब में पार्टी में शामिल होने वाले लोग एकत्र होते थे। बाद में एक साथ वेन्यू के लिए रवाना होते थे। वेन्यू शहर के आउटर में बने फार्म हाउस में होते हैं। जहां रात भर लाउड म्यूजिक के साथ डांस मस्ती और धमाल करने पर भी इन लोगों की शिकायत नहीं की जाती थी। क्योंकि पार्टी के लिए ऐसे फार्म को चुना जाता था, जो आबादी से दूर हों। ड्रग्स कांड में यासीन के खिलाफ पीड़िता ने कराई FIR भोपाल के हाई प्रोफाइल ड्रग्स केस में एक-एक कर कई सनसनीखेज खुलासे हो रहे हैं। इस बीच एक और पीड़िता सामने आई है। जिसने यासीन मछली के खिलाफ शादी का झांसा देकर रेप का आरोप लगाया है। वहीं आरोपी से पुलिस ने कई हैरान करने वाले राज उगलवाए हैं।  लड़कियों को शिकार बनाने के लिए किराए पर फार्म हाउस लेता था मछली यासीन मछली ने पुलिस को बताया कि ड्रग पार्टी के लिए 25 हजार रुपए तक वसूले जाती थे। मछली क्लब लॉन्ज और पब में नशे के आदी युवक-युक्तियां के साथ नई शिकार की प्लानिंग करता था। इसके लिए किराए पर फार्म हाउस, डुप्लेक्स और फ्लैट लिए जाते थे। पुलिस ड्रग पार्टी में शामिल होने वाले युवक-युवतियों समेत मकान मालिकों की भी तलाश में जुट गई है। पीड़िता ने यासीन के खिलाफ लगाए रेप के आरोप ड्रग्स कांड और लव जिहाद मामले में एक और पीड़िता सामने आई है। पीड़िता ने बताया कि पब में 1 साल पहले यासीन की इससे मुलाकात हुई थी। फाइव स्टार होटल में यासीन उससे मिला था। जिसके बाद शादी का झांसा देकर इसके साथ दुष्कर्म किया। फिर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया था। पीड़िता ने महिला थाने में रेप और पॉस्को एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पब-क्लब मैनेजरों और मालिकों को नोटिस जारी क्राइम ब्रांच शहर के उन तमाम क्लब-पब और लाउंज मालिक और मैनेजरों को नोटिस जारी कर रही है, जहां यासीन और उसके गिरोह के लोगों का बैठना उठना था। जिससे यह साफ हो सके कि ड्रग तस्कर गिरोह की मिलीभगत क्लब, पब मालिक या स्टाफ से तो नहीं है।पब में मिली युवती से रेप कर चुका यासीन एमपी नगर थाने की सब इंस्पेक्टर अर्चना तिवारी के मुताबिक 29 वर्षीय युवती प्राइवेट जॉब करती है। करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात ड्रग तस्कर यासीन से एक पब में हुई थी। दोनों की बातचीत के बाद एक-दूसरे से दोस्ती हो गई थी। दोनों ने मोबाइल नंबर शेयर किए थे। बाद में आरोपी यासीन ने युवती को मिलने के लिए एक फाइव स्टार होटल में बुलाया, जहां उसने शादी करने का झांसा देकर उसके साथ रेप किया। उसके बाद से वह लगातार युवती का शोषण कर रहा था। यासीन को अरेरा हिल्स पुलिस ने लिया रिमांड पर यासीन को अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार किया है। 4 अगस्त को उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन की रिमांड पर लिया गया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी कर पत्रकार पास हासिल करने का मामला दर्ज है। वह अपनी स्कॉर्पियो में विधानसभा का पास लगाकर घूमता था। इसके अलावा उसे एमपी नगर और महिला थाने की पुलिस भी रिमांड पर लेने की तैयारी में है। महिला थाने में रेप पॉस्को और एमपी नगर थाने में रेप की एफआईआर दर्ज हैं। उससे अहम साक्ष्यों की जब्ती भी की जाना है। यासीन के गुर्गे की रिमांड बढ़ी गिरोह से जुड़े अंशुल सिंह उर्फ भूरी को 31 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था। आरोपी से डिटेल पूछताछ के लिए गुरुवार को कोर्ट में पेश कर 4 अगस्त तक की रिमांड पर लिया था। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे फिर तीन दिन की रिमांड (7 अगस्त) तक भेज दिया है। वह नए शहर में संगठित अपराधों में शामिल रहा है। टीटी नगर थाने का हिस्ट्रीशीटर होने के साथ ही पूर्व में भी शराब तस्करी के केस में गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी खुद को एक कांग्रेस नेत्री का बेटा बताता है। शहर के विभिन्न थानों में उसके खिलाफ 20 से अधिक हत्या के प्रयास, मारपीट, बलवा, आर्म्स एक्ट और तस्करी जैसे गंभीर अपराध दर्ज हैं। अंशुल सिंह उर्फ भूरी (35) टीटी नगर इलाके का रहने वाला है। वह पुराना बदमाश है, ड्रग तस्कर यासीन से रिमांड के दौरान की गई पूछताछ में उसका नाम पैडलर के तौर पर सामने आया था। दोनों के बीच लेन-देन संबंधी चैट्स और ट्रांजेक्शन भी मिले हैं। पिस्टल के साथ एक और आरोपी पकड़ाया अंशुल सिंह उर्फ भूरी की निशानदेही पर क्राइम ब्रांच ने ऐशबाग में रहने वाले 32 वर्षीय तौफीक निजामी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से एक पिस्टल और 1 जिंदा राउंड जब्त किया गया है। इसी ने अंशुल को अवैध पिस्टल दी थी। उससे पूछताछ की जा रही है।

बिजली उपभोक्ताओं को झटका, हाफ बिल योजना अब सिर्फ 100 यूनिट तक

रायपुर   राज्य सरकार द्वारा हाफ बिजली बिल योजना के अंतर्गत दी जाने वाली छूट की सीमा में युक्तियुक्त संशोधन किया गया है। अब प्रतिमाह दी जाने वाली 400 यूनिट की छूट के स्थान पर 100 यूनिट तक की मासिक खपत पर 50 प्रतिशत रियायत दी जाएगी। वर्तमान में राज्य के 45 लाख घरेलू उपभोक्ताओं में से लगभग 31 लाख परिवार (करीब 70%) ऐसे हैं जिनकी खपत 100 यूनिट प्रतिमाह से अधिक नहीं है। अतएव हाफ बिजली बिल की छूट सीमा के इस पुनरीक्षण के बावजूद इन 31 लाख जरूरतमंद सामान्य एवं कमजोर वर्ग के उपभोक्ता परिवारों को योजना का लाभ पहले की ही तरह मिलता रहेगा। प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत घरेलू उपभोक्ता परिवार हाफ बिजली योजना से पूर्ववत लाभान्वित होते रहेंगे। इन 31 लाख परिवारों में 15 लाख बीपीएल (गरीबी रेखा से नीचे) परिवार भी शामिल हैं, जिन्हें पूर्ववत हाफ बिजली बिल योजना का लाभ मिलता रहेगा। इन परिवारों को 30 यूनिट तक की मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पहले की तरह प्राप्त होती रहेगी, साथ ही वे हॉफ बिजली बिल योजना के अन्य सभी लाभों से भी यथावत् लाभान्वित रहेंगे।  राज्य सरकार गरीब परिवारों को बिजली खर्च में राहत देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना को गति दे रही है, जिसके अंतर्गत 3 किलोवॉट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर प्लांट की स्थापना पर केंद्र सरकार से ₹78,000/- तथा राज्य सरकार से ₹30,000/- की कुल ₹1,08,000/- तक की सब्सिडी दी जा रही है। 2 किलोवॉट क्षमता के सोलर प्लांट पर 75% (₹90,000/-) का अनुदान उपलब्ध है, जिससे उपभोक्ता प्रतिमाह 200 यूनिट से अधिक बिजली का उत्पादन कर सकते हैं। यह उत्पादन वर्तमान में हॉफ बिजली बिल योजना से मिलने वाली अधिकतम छूट (400 यूनिट पर 200 यूनिट की छूट) से भी अधिक है। 400 यूनिट तक औसत खपत करने वाले उपभोक्ताओं का बिजली बिल आमतौर पर ₹1000/- से अधिक होता है, जो सोलर प्लांट की स्थापना के बाद लगभग शून्य हो जाएगा। इस प्रकार के उपभोक्ता हॉफ बिजली बिल योजना से “मुफ्त बिजली बिल” योजना की ओर अग्रसर होंगे, और दीर्घकालिक बचत प्राप्त करेंगे। उपभोक्ता स्वयं की छत पर उत्पादित बिजली के अतिरिक्त शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर प्राप्त कर सकेंगे अतिरिक्त आय रूफटॉप सोलर प्लांट स्थापित करने वाले उपभोक्ता अपनी छत पर उत्पादित बिजली का उपयोग करने के साथ-साथ शेष बिजली को ग्रिड में प्रवाहित कर अतिरिक्त आय भी अर्जित कर सकेंगे। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के अंतर्गत 25 प्रतिशत शेष लागत उपभोक्ता स्वयं वहन कर सकते हैं, या फिर बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इस ऋण की मासिक किस्त लगभग ₹800/- होगी, जो कि वर्तमान में 400 यूनिट पर देय औसत बिजली बिल ₹1000/- से भी कम है। इस प्रकार, उपभोक्ता अपने मासिक बिजली बिल को कम करते हुए भविष्य में आत्मनिर्भर ऊर्जा उत्पादक बन सकते हैं। यह कदम न केवल आर्थिक रूप से लाभकारी है, बल्कि पर्यावरणीय दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार का यह निर्णय गरीब और मध्यमवर्गीय उपभोक्ताओं को राहत देने, तथा उन्हें ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर प्रेरित करने का एक सशक्त और दूरदर्शी प्रयास है। यह योजना राज्य को स्वच्छ ऊर्जा, आत्मनिर्भरता और आर्थिक बचत के पथ पर अग्रसर करेगी।

लाल किला बना सुरक्षा अलर्ट का केंद्र, चूक पर 7 पुलिसकर्मी नपे

नई दिल्ली स्वतंत्रता दिवस की सुरक्षा से जुड़ी दिल्ली से बड़ी खबर आई है। दिल्ली के लाल किले की सुरक्षा में तैनात एक हेड कांस्टेबल समेत 7 पुलिसकर्मियों को लापरवाही बरतने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि लाल किले में स्वतंत्रता दिवस पर आयोजित होने वाला कार्यक्रम को लेकर हर रोज पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां मॉक ड्रिल करती है। शनिवार को भी एक ड्रिल की गई। इसमें दिल्ली पुलिस स्पेशल स्टाफ की एक टीम सिविल ड्रेस में डमी बम के साथ लाल किला परिसर में दाखिल हुई। लेकिन लाल किले की सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बम का पता नहीं लगा सके जिसके बाद सुरक्षा में तैनात सभी 7 पुलिसवालों को सस्पेंड कर दिया गया। तत्काल प्रभाव से पुलिसकर्मी सस्पेंड स्पेशल सेल की एक टीम शनिवार को सादे कपड़ों में डमी बम के साथ लाल किले परिसर में दाखिल हुई। उस समय, सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी बम का पता नहीं लगा सके। इसलिए उन पर एक्शन हुआ है। लाल किले की सुरक्षा में इतनी बड़ी चूक का मामला होने से सात पुलिसकर्मी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया। साथ ही बाकी जवानों को डीसीपी राजा बांठिया ने सख्त हिदायत दी।  तत्काल प्रभाव से संबंधित सभी पुलिसकर्मी लाइन हाजिर इस चूक के बाद तत्काल प्रभाव से संबंधित सभी पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है. डीसीपी का कहना है कि ये सुरक्षा में नहीं है, इस तरह हम अपनी तैयारी को और पुख्ता कर रहे हैं. वहीं, सोमवार को लाल किले में घुसपैठ कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया, जिनको बांग्लादेशी दूतावास को सौंपकर डिपोर्ट करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है. पूछताछ में फिलहाल कोई संदिग्ध गतिविधि सामने नहीं आई है. सभी सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं. 15 अगस्त को लेकर लाल किले की सुरक्षा अभूतपूर्व -डीसीपी राजा बांठिया डीसीपी राजा बांठिया का कहना है कि 15 अगस्त को लेकर लाल किले की सुरक्षा अभूतपूर्व स्तर पर पहुंचा दी गई है. रात-दिन पुलिस व अर्धसैनिक बलों के जवान तैनात हैं. किसी भी अनाधिकृत व्यक्ति की आवाजाही सख्ती से प्रतिबंधित है. खासकर आईआईटी गेट, नेटा गेट, लोहे वाले गेट समेत सभी प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर ट्रिपल लेयर सुरक्षा व्यवस्था की गई है. उन्होंने यह भी बताया कि सुरक्षा घेरा और सतर्कता आने वाले दिनों में और बढ़ाई जाएगी. उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की जानकारी तुरंत पुलिस को दें, जिससे त्योहार शांतिपूर्ण व सुरक्षित तरीके से मनाया जा सके. लाल किला में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे थे 6 बांग्लादेशी वहीं लाल किले की सुरक्षा से जुड़ी एक और खबर सामने आई है। दिल्ली पुलिस ने लाल किला परिसर में जबरन घुसने के आरोप में 6 बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इनकी उम्र करीब 20-25 साल बताई जा रही है। ये सभी अवैध बांग्लादेशी हैं जो दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में मजदूरी करते हैं। आरोपियों के पास से बांग्लादेशी दस्तावेज मिले  पुलिस को इनके पास से बांग्लादेशी दस्तावेज मिले हैं। फिलहाल पुलिस इनसे पूछताछ कर रही है। पुलिस ये पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आखिर इनका लाल किले में घुसने का मकसद क्या था।

भोपाल नर्मदापुरम संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ० मथुरा प्रसाद को नोटिस जारी

सीएम हेल्पलाइन के हंटर से हायर एजुकेशन के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक को नोटिस जारी छात्र को स्कॉलरशिप दिलाने में लापरवाही भारी पड़ी उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी को भोपाल नर्मदापुरम संभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ० मथुरा प्रसाद को नोटिस जारी कारण बताओ नोटिस जारी कर दो वेतन वृद्धि रोकी विदिशा शासकीय महाविद्यालय, नटेरन जिला विदिशा में अध्ययनरत छात्र सुमित साहू को वर्ष 2021-22 एवं 2022-23 की पिछडा वर्ग संवर्ग की पोस्ट मेट्रिक छात्रवृत्ति समय-सीमा में नहीं प्रदान करायी गई। जिस कारण छात्र सुमित साहू द्वारा सी०एम० हेल्पलाईन में शिकायत दर्ज की गई। छात्र द्वारा प्रथम वर्ष की स्कॉलरशिप के लिए आवेदन करने के दिनांक 22.01.2021 से एक वर्ष से अधिक समय के बाद 11.03.2022 को महाविद्यालय द्वारा मंजूर की गई।  शिकायत का संतुष्टिपूर्ण समाधान किये जाने के पूर्व ही एल-2 अधिकारी डॉ० नीता पाण्डे, प्रभारी प्राचार्य, शासकीय अग्रणी महाविद्यालय, विदिशा द्वारा कराए जाने की अनुशंसा एल-3 स्तर अधिकारी डॉ० मथुरा प्रसाद क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक, उच्च शिक्षा, भोपाल-नर्मदापुरम संभाग, भोपाल को की गई।  छात्रवृत्ति का भुगतान समय-सीमा में न होने के कारण छात्र सुमित साहू की शिकायत समाधान आनलाईन पर चर्चा के लिए चिन्हित हुई। इस मामले में नोटिस जारी कर सात दिन में मांगा जबाब जबाब नहीं देने पर एक पक्षीय होगी कार्यवाही  उच्च शिक्षा विभाग के अवर सचिव वीरन सिंह मलावी ने जारी किया नोटिस

रेप केस में कांग्रेस विधायक पर दोबारा जांच के निर्देश, सुप्रीम कोर्ट ने दिए सख्त आदेश

अटेर  भिंड के अटेर से कांग्रेस विधायक और मध्य प्रदेश विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ दर्ज रेप केस की जांच एक बार फिर शुरू होगी. सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को इस मामले में अहम फैसला सुनाते हुए जांच की निगरानी भोपाल रेंज के डीआईजी स्तर के अधिकारी को सौंपी है. बता दें कि ये मामला 2018 का है. इस मामले को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति कई बार गरमा चुकी है. अब ये मामला एक बार फिर तूल पकड़ चुका है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने हेमंत कटारे की गिरफ्तारी पर रोक को बरकरार रखा. लेकिन ये राहत उन्हें तभी मिलेगी, जब वे जांच में पूरा सहयोग करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश मध्य प्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें हाईकोर्ट के 2 दिसंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई थी. कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है. बता दें कि हेमंत कटारे मध्य प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सत्यदेव कटारे के बेटे हैं. एक-दूसरे पर दर्ज कराई थी FIR यह मामला वर्ष 2018 का है, जब भोपाल में पत्रकारिता की पढ़ाई कर रही 21 वर्षीय छात्रा ने विधायक हेमंत कटारे पर रेप और अपहरण के गंभीर आरोप लगाए थे. छात्रा की शिकायत पर भोपाल के महिला थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी. दूसरी ओर, हेमंत कटारे ने इसे भी राजनीतिक साजिश बताते हुए छात्रा पर ब्लैकमेलिंग और करोड़ों की फिरौती मांगने का आरोप लगाया था. कटारे की शिकायत पर छात्रा को गिरफ्तार भी किया गया था. छात्रा की आत्महत्या से मामला और उलझा छात्रा ने जेल से छूटने के बाद कटारे और पुलिस पर मिलकर उसे झूठे आरोप में फंसाने की बात मीडिया से कही थी. उसने कटारे यौन शोषण के आरोप लगाए थे. मामला तब और जटिल हो गया जब 2019 में छात्रा ने प्रयागराज में आत्महत्या कर ली. इस घटना ने पूरे मामले को नया मोड़ दे दिया था. वहीं, पूर्व मंत्री भूपेंद्र सिंह ने इस प्रकरण में मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर फिर से जांच की मांग की थी. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश से अब यह मामला फिर चर्चा में आ गया है. भिंड जिले के अटेर से कांग्रेस विधायक और विधानसभा में उप नेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे के खिलाफ रेप केस की जांच फिर से शुरू होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को हेमंत कटारे के खिलाफ दर्ज मामले की जांच भोपाल रेंज के डीआईजी की निगरानी में कराने का आदेश दिया है सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच की निगरानी DIG स्तर के अधिकारी करेंगे। हालांकि कोर्ट ने ये भी कहा कि फिलहाल हेमंत कटारे की गिरफ्तारी नहीं की जाएगी, बशर्ते वे जांच में पूरा सहयोग करें। सरकार की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने दिया आदेश सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश मध्यप्रदेश सरकार की उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है, जिसमें हाईकोर्ट के 2 दिसंबर 2024 के आदेश को चुनौती दी गई थी। राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल एसवी राजू, एएजी अमित शर्मा और अन्य अधिवक्ता उपस्थित थे। वहीं, हेमंत कटारे की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता गगन गुप्ता ने पक्ष रखा। जानिए सुप्रीम कोर्ट ने क्या कहा? सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की निगरानी डीआईजी भोपाल करेंगे, ताकि निष्पक्षता बनी रहे। साथ ही कोर्ट ने कहा कि जब तक अगली सुनवाई नहीं होती, तब तक हेमंत कटारे की गिरफ्तारी नहीं की जाए, यदि वे जांच में पूरा सहयोग करते हैं। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में चार सप्ताह में जवाब (काउंटर एफिडेविट) दाखिल करने का निर्देश भी दिया है। इसके बाद मामले की अगली सुनवाई होगी। भूपेंद्र सिंह बोले- कांग्रेस विधायक पर रेप केस में रिपोर्ट बदली पूर्व परिवहन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने उप नेता प्रतिपक्ष और अटेर से कांग्रेस विधायक हेमंत कटारे पर दर्ज रेप केस में एफएसएल रिपोर्ट बदले जाने का आरोप लगाया था। उन्होंने मध्यप्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को लेटर लिखकर इस मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की थी। 

दुर्घटना पीड़ित की मदद के लिए रुका मंत्री का काफिला, घायल को खुद के वाहन से भिजवाया अस्पताल

रायपुर छत्तीसगढ़ की महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने एक बार फिर अपनी संवेदनशीलता और मानवीयता का परिचय दिया। रायपुर से अपने निज निवास वीरपुर जाते समय मंत्री श्रीमती राजवाड़े का काफिला जैसे ही सुत्तररा मोड़, कटघोरा पहुंचा, उन्होंने सड़क पर दुर्घटनाग्रस्त एक दोपहिया वाहन सवार युवक को देखा। स्थिति की गंभीरता को समझते हुए मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने तत्काल अपने काफिले को रुकवाया और स्वयं मौके पर पहुंचकर घायल व्यक्ति की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बिना समय गंवाए घायल को अपने वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कटघोरा भिजवाने की व्यवस्था की। श्रीमती राजवाड़े ने कोरबा जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को फोन कर घायल को त्वरित और समुचित उपचार देने के निर्देश भी दिए।

बिग बॉस मलयालम सीजन 7 में शामिल होगा लेस्बियन कपल, शो में दिखेगा नया रंग

मुंबई  सबसे कॉन्ट्रोवर्शियल रियलिटी शो 'बिग बॉस' इंडिया के हर रीजन में पसंद किया जाता है. फिर चाहे वो हिंदी में सलमान खान द्वारा होस्ट किया गया हो या किसी अन्य भाषा में. 'बिग बॉस' की पॉपुलैरिटी काफी ज्यादा है. मलयालम स्टार मोहनलाल अपने रियलिटी शो 'बिग बॉस' मलयालम के सातवें सीजन के साथ वापस आ चुके हैं.  कौन-कौन हैं 'बिग बॉस मलयालम सीजन 7' के कंटेस्टेंट्स? मोहनलाल के शो में इस सीजन फिल्मी सितारों के साथ आम आदमी भी आए हैं जो अपनी-अपनी लाइफ की जर्नी को शो में दिखाने वाले हैं. 'बिग बॉस मलयालम' सीजन 7 में फेमस मलयालम स्टार्स जैसे अनुमोल, आरजे बिंसी, रेणु सुधी और गिजेल ठकराल शामिल हैं. मगर इस बार जिन कंटेस्टेंट पर लोगों की नजर रुकी है, वो एक लेस्बियन कपल अदीला और फातिमा हैं. जिन्होंने अपनी अनोखी लव स्टोरी से ऑडियंस का ध्यान अपनी ओर खींचा है. तो आइए, जानते हैं कि आखिर कौन हैं अदीला और फातिमा. कौन हैं अदीला और नूरा, जो मोहनलाल के शो में आएंगी नजर? अदीला नसरीन और फातिमा नूरा केरल का रहने वाला एक लेस्बियन कपल है जिन्होंने अपने प्यार की खातिर पूरी दुनिया से लड़ाई की थी. दोनों ने साथ रहने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. जिसमें ये सफल भी हुई थीं. दोनों की लव स्टोरी ने पूरे देश को भी इंप्रेस किया था. वो सभी को ये मैसेज देने में कामयाब हुए थे कि अगर प्यार सच्चा हो, तो उसे कोई रोक नहीं पाएगा.   अदीला और फातिमा दरअसल साऊदी अरब में पहली बार मिलीं, जब दोनों 12वीं क्लास में पढ़ाई कर रही थीं. दोनों में इसी दौरान दोस्ती हुई जो बाद में धीरे-धीरे प्यार में बदल गया. हैरानी की बात ये थी कि अदीला और फातिमा के परिवार वाले भी एक-दूसरे के करीबी थे. अदीला और फातिमा के सपने पढ़ाई के दौरान एक हो गए. जिसके बाद उन्होंने फैसला किया कि वो अपनी लव स्टोरी के बारे में अपने-अपने परिवारवालों को बताएंगी. परिवार वाले थे प्यार के खिलाफ, कैसे पूरी हुई अदीला-फातिमा की लव स्टोरी? जब अदीला और फातिमा ने अपने परिवार को ये बताया कि वो साथ रहना चाहती हैं, तो वो इसके खिलाफ हो गए थे. उनपर उनके घरवालों ने काफी दबाव डाला. जिसके बाद अदीला और फातिमा ने घर छोड़ने का फैसला किया. उन्होंने कोझीकोड में शरण ली मगर अदीला का परिवार वहां पहुंचकर उन्हें अपने साथ ले गया. इसी दौरान फातिमा के परिवार ने भी पुलिस में अदीला के खिलाफ केस दर्ज कराया. अदीला और फातिमा एक-दूसरे से अलग थे, लेकिन अपने प्यार को अलग नहीं कर पाए. अदीला ने फातिमा संग अपने रिलेशनशिप को पब्लिकली कोर्ट में लेकर जाने का फैसला किया. उन्होंने केरल हाई कोर्ट 'हैबियस कॉर्पस' याचिका दायर की जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि फातिमा को उनकी इच्छा के विरुद्ध ले जाया गया है और उन पर 'कन्वर्जन थेरेपी' की गई है. इसके बाद हाई कोर्ट ने अदीला और फातिमा संग अकेले में बात करके इस केस का फैसला उनके पक्ष में सुनाया जिससे वो एक एतिहासिक पल बन गया. फातिमा और अदीला के केस में LGBTQ+ समुदाय भी उनके साथ खड़ा था. दोनों को कोर्ट ने साथ रहने की इजाजत दी. हालांकि इसके बाद भी लेस्बियन कपल की मुश्किलें कम नहीं हुई. कोर्ट से मिली इजाजत, मगर क्यों मुश्किलों में रहीं अदीला-फातिमा? अदीला और फातिमा LGBTQ+ समुदाय के उन उदाहरणों में से हैं जिनकी लव स्टोरी इंडियन सोसाइटी में एतिहासिक रूप ले चुकी है. लेकिन आज के जमाने में मौजूद सोशल मीडिया के कारण उन्हें कई लोगों की तरफ से ट्रोलिंग का सामना भी करना पड़ता है. इंडिया में आज भी कई लोग हैं जो LGBTQ+ समुदाय की गतिविधियों को पसंद नहीं करते हैं. वो उन्हें अपनाने से कतराते हैं, यही कारण है कि अदीला और फातिमा को भी काफी ट्रोल किया जाता है. हालांकि कपल को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. वो आज भी सोशल मीडिया पर उतनी ही एक्टिव हैं. दोनों का एक यूट्यूब चैनल भी है जिसके लाखों सब्सक्राइबर्स हैं. अब अदीला और फातिमा मोहनलाल के रियलिटी शो में भी नजर आएंगी, जो इनकी लव स्टोरी को पूरी दुनिया के सामने प्रेजेंट करने में मदद करेगा.  बता दें कि ऑडियंस मोहनलाल का शो एशियानेट टीवी चैनल पर देख सकती है. वहीं इसे ओटीटी प्लेटफॉर्म जियोहॉटस्टार पर भी देखा जा सकता है. शो में 19 कंटेस्टेंट्स की एंट्री हुई है जिसमें अदीला नूरा के अलावा अप्पानी सारथ, सारिका, रेणु सुधी, शैथ्या, नेविन, शानवास शानू, गिजेल ठकराल, मुंशी रणजीत, रेना फातिमा, अभिलाष, बिन्नी नोबिन, आरजे बिंसी, ओनील साबू, अकबर खान, कलाभवन सारिगा, आर्यन कथूरिया, अनीस टीए और अनुमोल जैसे कंटेस्टेंट्स शामिल हैं.

स्कूल और कोचिंग संस्थानों पर ताला, प्रयागराज में 7 अगस्त तक बंदी

प्रयागराज जनपद के प्री प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों को सात अगस्त तक के लिए बंद कर दिया गया है। लगातार हो रही बारिश के साथ ही जनपद में बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए प्रयागराज के जिलाधिकारी ने यह निर्देश दिया है।  जिले में भारी वर्षा और बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर प्रयागराज में प्री प्राइमरी से कक्षा-12 तक संचालित समस्त बोर्ड (बेसिक शिक्षा परिषद, माध्यमिक शिक्षा परिषद, सीबीएसई, आईसीएसई, संस्कृत बोर्ड व अन्य बोर्ड) के सभी विद्यालय सात अगस्त तक के लिए बंद रहेंगे। समस्त विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को इस संबंध में दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं। बीएसए देवब्रत सिंह ने भी आठवीं तक के सभी विद्यालय बंद रखने का आदेश जारी किया है। बीएसए ने साफ किया है कि परिषदीय शिक्षक वर्क फ्रॉम होम के तहत डीबीटी, यू-डायस प्लस एवं अन्य विभागीय कार्यों का संपादन करना सुनिश्चित करेंगे। साथ ही निर्देशित किया है कि जिन विद्यालयों में जिला प्रशासन ने बाढ़ चौकी व रैन बसेरा बनाया गया है उन विद्यालयों के प्रधानाध्यापक व संबंधित खंड शिक्षा अधिकारी अपना सहयोग प्रदान करेंगे। वहीं दूसरी ओर सेंट जोसेफ कॉलेज, सेंट मेरीज कॉन्वेंट, गंगा गुरुकुलम फाफामऊ समेत कई स्कूलों ने सभी अभिभावकों को मैसेज किया है कि पांच से सात अगस्त तक ऑनलाइन कक्षाएं पूर्व निर्धारित समय सारिणी के अनुसार संचालित होंगी।  

LoP की भूमिका पर प्रियंका गांधी का बयान, बोलीं– सरकार से सवाल देशविरोध नहीं

नई दिल्ली कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने अपने भाई और नेता विपक्ष का बचाव करते हुए दो टूक कहा है कि कौन सच्चा भारतीय है? यह सुप्रीम कोर्ट तय नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि सरकार से सवाल पूछना राहुल गांधी की ड्यूटी है क्योंकि वह लोकसभा में नेता विपक्ष हैं। प्रियंका गांधी का यह बयान सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी के बाद आई है, जिसमें अदालत ने कहा था कि कोई भी सच्चा भारतीय ऐसी बातें नहीं कर सकता। कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने कहा, “माननीय न्यायाधीशों के प्रति पूरा सम्मान रखते हुए मैं ये कहना चाहती हूं कि वो यह तय नहीं कर सकते कि सच्चा भारतीय कौन है? सरकार से सवाल पूछना विपक्ष के नेता का कर्तव्य है। मेरा भाई कभी भी सेना के खिलाफ नहीं बोलेगा, वह उनके प्रति उच्च सम्मान रखता है। इसका गलत मतलब निकाला गया है।” क्या थी सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी? बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के दौरान भारतीय सेना के बारे में कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर उनकी आलोचना करते हुए कहा था, ‘‘अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो ऐसी बात नहीं कहेंगे।’’ हालांकि, शीर्ष अदालत ने इस मामले में लखनऊ की एक अदालत में गांधी के खिलाफ जारी कार्यवाही पर रोक लगा दी थी। जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की पीठ ने कहा, ‘‘आप विपक्ष के नेता हैं। आप संसद में बातें क्यों नहीं कहते हैं, आप सोशल मीडिया पर क्यों कहते हैं?’’ पीठ ने पूछा था, ‘‘आपको कैसे पता चला कि 2000 वर्ग किलोमीटर जमीन चीनियों ने कब्जा कर ली है? क्या आप वहां थे? क्या आपके पास कोई विश्वसनीय जानकारी है?’’ पीठ ने पूछा, ‘‘बिना किसी सबूत के आप ये बयान क्यों दे रहे हैं? अगर आप सच्चे भारतीय हैं, तो आप ऐसी बात नहीं कहेंगे।’’ विपक्ष के नेता मुद्दे नहीं उठा सकते, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी गांधी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने कहा कि अगर विपक्ष के नेता मुद्दे नहीं उठा सकते, तो यह दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति होगी। उन्होंने दलील देते हुए कहा, ‘‘अगर वह प्रेस में छपी ये बातें नहीं कह सकते, तो वह विपक्ष के नेता नहीं हो सकते।’’ पीठ की ‘‘सच्चे भारतीय’’ टिप्पणी पर सिंघवी ने कहा, ‘‘यह भी संभव है कि एक सच्चा भारतीय कहे कि हमारे 20 भारतीय सैनिकों को पीटा गया और मार डाला गया। यह भी चिंता का विषय है।’’ इस पर शीर्ष अदालत ने कहा, ‘‘जब सीमा पार संघर्ष होता है, तो क्या दोनों पक्षों में हताहत होना असामान्य बात है?’’ सिंघवी ने कहा कि गांधी केवल उचित खुलासे और सूचना के दमन पर चिंता जताने की बात कर रहे थे। इस पर जस्टिस दत्ता ने कहा कि विपक्ष के एक जिम्मेदार नेता होने के नाते गांधी को ऐसा नहीं कहना चाहिए था क्योंकि ऐसे सवाल उठाने के लिए एक उचित मंच मौजूद है। सिंघवी ने इस बात से सहमति जताई कि गांधी इस मामले में बेहतर तरीके से टिप्पणी कर सकते थे। उन्होंने कहा कि यह शिकायत याचिकाकर्ता को परेशान करने के प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है।

पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने दुनिया को कहा अलविदा, दिल्ली के अस्पताल में हुआ निधन

नई दिल्ली पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक का निधन हो गया है। उनका लंबे समय दिल्ली के राममनोहर लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। वह जम्मू-कश्मीर, गोवा और मेघालय जैसे राज्यों में गवर्नर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके थे। छात्र राजनीति से करियर की शुरुआत करने वाले सत्यपाल मलिक समाजवादी विचारधारा से निकले नेता थे। एक सांसद से लेकर गवर्नर तक का सफर तय करने वाले सत्यपाल मलिक आखिरी कुछ सालों में भाजपा से जुड़े थे और कई राज्यों में गवर्नर के तौर पर सेवाएं दीं। हालांकि बीते कुछ सालों से वह सरकार के खिलाफ मुखर थे। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अपने कार्यकाल के दौरान भ्रष्टाचार का भी आरोप लगाया था। सत्यपाल मलिक के एक्स अकाउंट से भी उनकी मौत की जानकारी दी गई। इसी एक्स अकाउंट पर आखिरी बार उनके निजी सहायक ने 9 जुलाई को बताया था कि उनकी हालत गंभीर है। खुद को चौधरी चरण सिंह का शिष्य बताने वाले सत्यपाल मलिक किसान आंदोलन के समर्थन में मुखर हुए थे और सरकार की तीखी निंदा की थी। यही नहीं उन्होंने किसान आंदोलन के समर्थन में कई राज्यों में दौरे किए थे और सरकार से अपील की थी कि वह तीन विवादित बिलों को वापस ले ले। पीएम नरेंद्र मोदी पर सीधे हमला बोलने के कारण भी वह काफी चर्चा में थे। पांच साल में कुल 5 राज्यों के गवर्नर रहे थे सत्यपाल मलिक वह 2017 से 2022 के दौरान बिहार से लेकर जम्मू-कश्मीर और मेघालय तक कुल 5 राज्यों में गवर्नर रहे। 1970 में अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की थी और 1974 में बागपत से विधानसभा का चुनाव लड़ा था। इस चुनाव में चौधरी चरण सिंह की पार्टी भारतीय क्रांति दल से उतरे थे और जीत हासिल की थी। उन्हें जम्मू-कश्मीर में गवर्नर के कार्यकाल के लिए हमेशा याद रखा जाएगा। उनके ही दौर में राज्य से आर्टिकल 370 हटा था और सूबे का पुनर्गठन करके लद्दाख को अलग एक केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया। हालांकि इसी कार्यकाल को लेकर वह विवादों में भी रहे। खुद पर चार्जशीट दाखिल होने पर जताई थी हैरानी उन्होंने हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को लेकर करप्शन का आरोप लगाया था और फिर इसी केस में उनके खिलाफ सीबीआई ने आरोप पत्र दाखिल किया था। इस चार्जशीट पर अस्पताल से ही सत्यपाल मलिक ने ऐतराज जताया था और कहा था कि आखिर यह क्या हो रहा है। जिस शख्स ने करप्शन का आरोप लगाया था, उसके ही खिलाफ जांच शुरू कर दी गई और अब चार्जशीट दाखिल की गई है। सत्यपाल मलिक ने लोकसभा चुनाव 2024 में भी सरकार का मुखर विरोध किया था और विपक्ष के समर्थन में वोट देने की अपील की थी।