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अलग-अलग रोटियों की कैलोरी और पोषण: वजन घटाने के लिए कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर?

 भारतीय खाने में रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली चीजों में से एक है. देशभर में गेहूं, ज्वार, मक्का और बाजरे जैसे अलग-अलग अनाजों से रोटियां बनाई जाती हैं. हर रोटी का स्वाद और पोषण अलग-अलग होता है. ऐसे में हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता हैं कि कौन-सी रोटी में कितनी कैलोरी होती है और वह वह कितनी हेल्दी है. आज हम आपको अलग-अलग तरह की रोटियों में मौजूद कैलोरी और उनके पोषण के बारे में बताएंगे. गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. लगभग 40 ग्राम की एक गेहूं की रोटी में लगभग 120 कैलोरी होती है. यह शरीर को बैलेंस पोषण और लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करती है. ज्वार की रोटी ज्वार ग्लूटेन-फ्री अनाज माना जाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 40 ग्राम ज्वार की रोटी में लगभग 100 कैलोरी होती है. इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. मक्के की रोटी मक्के की रोटी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. 40 ग्राम मक्के की रोटी में करीब 110 कैलोरी होती है. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है. रागी रोटी रागी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. लगभग 40 ग्राम रागी रोटी में करीब 90 कैलोरी होती है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है, इसलिए महिलाओं के लिए इसे काफी फायदेमंद माना जाता है. बेसन की रोटी बेसन में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. लगभग 40 ग्राम बेसन की रोटी में करीब 115 कैलोरी होती है. यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ मसल्स रिकवरी में भी मदद करती है. बाजरे की रोटी बाजरा प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स से भरपूर होता है. इसमें मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. 40 ग्राम बाजरे की रोटी में करीब 105 कैलोरी होती है. यह शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद करती है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी फायदेमंद मानी जाती है.  

दिल्ली में हीट स्ट्रोक का पहला केस, 24 साल का युवक अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली  दिल्ली में इस मौसम में हीट स्ट्रोक का पहला मरीज रात में इसका शिकार बना। बुधवार गुरुवार की रात 24 साल के युवक को RML हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा, जहां इलाज के बाद भी उसकी हालत गंभीर है। राहुल आनंद ने एम्स के डॉ. नीरज निश्चल से पूछे इससे बचने के उपायः जानें क्या होता है हीट स्ट्रोक? लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़कर 104 डिग्री फारेनहाइट यानी 40 डिग्री सेल्सियस के भी पार चला जाता है। यह मेडिकल इमरजेंसी और जानलेवा स्थिति हो सकती है। लक्षण या संकेतः तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या उल्टी, भ्रम या दिमागी संतुलन खोने लगना, बेहोशी, दौरे पड़ना, त्वचा का बहुत गर्म और लाल होना, सूखी हो जाना। क्या करें जब खुद में दिखें ये लक्षण? तुरंत धूप या गर्म जगह से हटकर ठंडी जगह पर जाएं, ठंडा पानी या शिकंजी आदि लें, शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं, ठंडे पानी से नहाएं। अगर चक्कर, भ्रम, बेहोशी या तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल जाएं। किसी और को हीट स्ट्रीक हो तो… तुरंत इमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या मरीज को अस्पताल पहुंचाएं। ठंडी पट्टियां, आइस पैक या ठंडा पानी इस्तेमाल करें। मरीज बेहोश है, तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें। मदद आने तक मरीज की हालत पर नजर रखें। यह गर्मी और कैसे शरीर को नुकसान पहुंचाती है? ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और सॉल्ट (नमक) की कमी हो जाती है। डिहाइड्रेशन, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और चक्कर आने लगते हैं। तापमान लगातार बढ़ने पर दिमाग, दिल, किडनी और लिवर पर भी बुरा असर पड़ सकता है। गंभीर स्थिति में मल्टी ऑर्गन फेल्योर, बेहोशी, दौरे और मौत तक का खतरा हो सकता है। बचाव के लिए क्या करें? दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, बहुत ज्यादा धूप में न निकलें, खासकर दिन में 11 से दोपहर 3 बजे के बीच निकलने से बचें, हल्के रंग वाले ढीले कपड़े पहनें। बाहर जाते समय टोपी, छाता और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। नारियल पानी, दही, फल और इलेक्ट्रोलाइट्स वाली चीजें लें।

बकरीद गाइडलाइन्स :सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर पाबंदी, उल्लंघन पर कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने बकरीद को लेकर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। रेखा गुप्ता सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बकरीद के अवसर पर गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि इन गाइडलाइंस का उल्लंघन होने पर पुलिस और दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय को सूचित कर सकते हैं। बकरीद पर सरकार की गाइडलाइंस दिल्ली सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, 'बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, गलियों या पार्कों में किसी भी प्रकार की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल निर्धारित और अधिकृत स्थानों पर ही दी जा सकेगी। कुर्बानी के बाद निकलने वाले कचरे, खून या अन्य अवशेषों को नालियों, सीवरों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर फेंकना सख्ती से प्रतिबंधित है।' 'सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं' इसके साथ ही, बाजारों में अवैध रूप से मवेशियों की खरीद-बिक्री, सड़कों पर अस्थायी पशु बाजार लगाना और जानवरों की गैरकानूनी तस्करी पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर वीडियो जारी कर इन निर्देशों की जानकारी दी और कहा कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने क्या कहा     दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय ने बकरीद के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।     गाय-बछड़ों और प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना गैरकानूनी है।     सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर पूरी तरह रोक है।     नालियों में खून या कचरा फेंकना भी मना है।     कुर्बानी केवल तय जगहों पर ही होनी चाहिए। कपिल मिश्रा की दिल्लीवासियों से अपील कपिल मिश्रा ने दिल्लीवासियों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए दिखे तो तुरंत दिल्ली पुलिस या दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय को सूचित करें। मंत्री ने कहा कि त्योहार शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं भी दीं। दिल्ली पुलिस ने की तैयारी दिल्ली पुलिस और विकास मंत्रालय इन दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए तैयार है। पिछले वर्षों में भी दिल्ली में बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और सफाई संबंधी शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद सरकार ने इस बार पहले से ही सख्ती बरतने का फैसला किया है।  

‘हाय’ का जवाब भी बन सकता है खतरा: साइबर फ्रॉड को लेकर I4C की चेतावनी

वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और SMS के जरिए कई मैसेज आते हैं. बहुत से लोग हाय-हेल्लो आदि लिखते हैं और उसके बाद चैटिंग शुरू हो जाती है. लेकिन हर एक हाय का जवाब देना जरूरी नहीं है, ये आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है. सरकारी एजेंसी के तहत काम करने वाले साइबर दोस्त I4C ने एक जरूरी पोस्ट किया है. पोस्ट में बताया है कि हाय का रिप्लाई करने से पहले जरा सोचिए. स्कैमर्स अक्सर सिंपल मैसेज करके भी आखिर में जाकर शिकार बना सकते हैं और बैंक खाता तक खाली कर सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि अनजान शख्स से ऑनलाइन दोस्ती करते समय ध्यान रखें कि वह बैंक खाते या पर्सनल डिटेल्स आदि को चोरी भी कर सकता है. साइबर दोस्त ने पोस्ट करके बताया है कि साइबर ठग भोले-भाले लोगों को शिकार बनाने के लिए सिंपल मैसेज, फेक बैंकिंग अलर्ट, रिवॉर्ड्स अलर्ट या फिर साधारण बातचीत के बाद भी जाल में फंसा सकते हैं. साइबर दोस्त I4C का पोस्ट सावधानी के लिए साइबर दोस्त ने बताया है कि अनजान मैसेज और संदिग्ध लिंक से सावधान रहना चाहिए. खतरनाक लिंक आपको फेक पोर्टल पर ले जा सकते हैं, जहां से आपका बैंक खाता तक खाली हो सकता है. साइबर स्कैमर्स इन तरीकों से बनाते हैं शिकार     अनजान नंबर्स से आने वाले मैसेज पर तुरंत विश्वास ना करें.     संदिग्ध लिंक रिसीव होने पर भूलकर भी उसपर क्लिक ना करें.     फ्री गिफ्ट, बैंक अलर्ट और क्लेम अलर्ट जैसे मैसेज को वेरिफाई किए बना ओपन ना करें.     बैंकिंग डिटेल्स, वन टाइम पासवर्ड (OTP) या पर्सनल इन्फॉर्मेशन को शेयर ना करें. साइबर दोस्त ने पोस्ट करके बताया है कि साइबर ठगी होने के बाद उसकी तुरंत रिपोर्ट करें. जितनी जल्दी रिपोर्ट होगी, रकम रिकवरी करने में उतनी ही ज्यादा आसानी होगी.

खेत के रास्ते में लगाए खंभे-ट्रांसफार्मर, CM Nayab Saini ने मांगी जांच रिपोर्ट

 चंडीगढ़ जनसंवाद के मंच पर जब एक किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचा तो मामला सिर्फ रास्ता बंद होने तक सीमित नहीं रहा। शिकायत में आरोप था कि खेत तक जाने वाले रास्ते के बीच बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगवा दिए गए, जिससे आने-जाने में परेशानी खड़ी हो गई। इतना ही नहीं, विरोध करने पर धमकियां मिलने की बात भी सामने आई। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए। दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini गुरुवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान गांव बकाली के एक शिकायतकर्ता ने बताया कि कई वर्ष पहले खरीदी गई करीब 7 एकड़ जमीन के रास्ते में बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खंभे और ट्रांसफार्मर लगा दिए गए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अब उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस एसडीओ ने खेत के रास्ते के बीच में खंभे और ट्रांसफार्मर लगवाए, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही पूरे मामले की जांच एसडीएम लाडवा को सौंपने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भी शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आम नागरिकों को दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश का विकास और हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 338 शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। स्कूल अपग्रेड करने, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, ट्रांसफार्मर बदलने और आरटीई के तहत बच्चों के दाखिले जैसे मामलों पर भी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए। मुख्यमंत्री ने लाडवा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पेयजल, सड़क, आवास और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लाडवा विधानसभा क्षेत्र में बीते वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं और बाकी परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।

शहतूत का पौधा और वास्तु शास्त्र: घर में लगाने से मिलते हैं ये बड़े फायदे

हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बेहद खास तस्वीर सामने आई है, जिसमें दोनों नेता एक साथ शहतूत (Mulberry) का पौधा लगाते नजर आ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मंच पर रिश्तों को मजबूती देने वाली इस तस्वीर के बाद से ही शहतूत का पौधा हर तरफ चर्चा का विषय बन गया है. वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद दोनों में ही पेड़-पौधों का सीधा संबंध हमारी किस्मत, घर की ऊर्जा और अच्छी सेहत से होता है. आइए जानते हैं कि शहतूत का पौधा लगाने से जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव आते हैं और यह आपके लिए कितना फायदेमंद है. Morus nigra (काला शहतूत): क्यों है यह इतना खास? इस खास मौके पर जिस पौधे को चुना गया, वह है Morus nigra यानी काला शहतूत. वास्तु में इसके विशेष गुणों की वजह से इसे बेहद पूजनीय और मजबूत माना जाता है: लंबी उम्र का प्रतीक: काला शहतूत अपनी लंबी उम्र के लिए जाना जाता है.  वास्तु के अनुसार, यह घर में स्थिरता और परिवार के सदस्यों की दीर्घायु का प्रतीक बनता है. मजबूत जड़ें (स्थायित्व): इसकी जड़ें बेहद मजबूत होती हैं, जो गहराई तक जाती हैं.  यह आपके घर की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने और बिजनेस या करियर में स्थिरता (Stability) लाने में मदद करता है. समय के साथ विस्तार: यह पौधा समय के साथ चारों तरफ फैलता है. जैसे-जैसे यह फलता-फूलता है, वैसे-वैसे घर में सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और धन बढ़ता है. शहतूत के पौधे के बड़े वास्तु फायदे नकारात्मक ऊर्जा का नाश: वास्तु शास्त्र के अनुसार, शहतूत के पौधे में आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है. इसे घर के पास या बगीचे में लगाने से वातावरण शुद्ध होता है और परिवार के सदस्यों के बीच सकारात्मकता बढ़ती है. बुरी नजर और तंत्र-मंत्र से बचाव: धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, शहतूत का पेड़ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. ऐसा माना जाता है कि जिस घर के आस-पास यह पेड़ फल-फूल रहा हो, वहां किसी भी तरह की बुरी नजर, ऊपरी हवा या नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव नहीं पड़ता. सुख-समृद्धि और धन का आगमन: वास्तु के नियमों के अनुसार, जैसे-जैसे इस पौधे का विकास होता है और इसमें मीठे फल आने लगते हैं, वैसे-वैसे घर की आर्थिक तंगी दूर होने लगती है.   मानसिक तनाव से मुक्ति: इस पौधे की हरी-भरी पत्तियां और वातावरण को शुद्ध करने का गुण घर के सदस्यों के मानसिक तनाव को कम करता है. इसके प्रभाव से घर में कलह-कलेश शांत होता है और शांति का माहौल बनता है. रखें इन जरूरी वास्तु नियमों का ध्यान अगर आप भी इस पौधे को अपने घर में लगाने की सोच रहे हैं, तो इन बातों को बिल्कुल न भूलें. अंदर न लगाएं (No Indoor): वास्तु शास्त्र कहता है कि शहतूत के पौधे को कभी भी मुख्य घर या बेडरूम के ठीक अंदर (In-door) नहीं लगाना चाहिए. सही दिशा का चुनाव: इसे हमेशा घर के बाहर बगीचे में, बालकनी में या घर से थोड़ी दूरी पर खुली जगह में लगाएं.  वास्तु के अनुसार, इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा के लॉन/बगीचे में लगाना सबसे ज्यादा फलदायी और शुभ होता है. चूँकि Morus nigra समय के साथ फैलता है, इसलिए इसे पर्याप्त खुली जगह में लगाना ही बेहतर है. धूप का ध्यान रखें: शहतूत के पौधे को अच्छी ग्रोथ और मीठे फलों के लिए रोजाना 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है.  इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं जहां पर्याप्त धूप आती हो.

8% डिस्काउंट पर सरकार बेच रही हिस्सा, बाजार खुलते ही टूटे बैंक के शेयर

मुंबई  सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर शुक्रवार को बाजार खुलते ही धड़ाम हो गए हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर शुक्रवार को BSE में करीब 6 पर्सेंट लुढ़ककर 31.89 रुपये पर जा पहुंचे हैं। केंद्र सरकार इस बड़े सरकारी बैंक में अपना हिस्सा बेच रही है। सरकार ने शुक्रवार को ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। केंद्र सरकार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8 पर्सेंट तक हिस्सेदारी बेच रही है। सरकार, इस सरकारी बैंक में अपनी हिस्सेदारी गुरुवार को बैंक के शेयरों के बंद स्तर से 8 पर्सेंट से अधिक सस्ते में बेच रही है। 31 रुपये प्रति शेयर के दाम पर सरकार बेच रही अपना हिस्सा सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी हिस्सेदारी 31 रुपये के फ्लोर प्राइस पर बेच रही है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर गुरुवार को BSE में 33.91 रुपये पर बंद हुए थे। सरकार 8 पर्सेंट से अधिक सस्ते (डिस्काउंट) पर अपना हिस्सा बेच रही है। डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, केंद्र सरकार इस सरकारी बैंक में अपनी 4 पर्सेंट इक्विटी हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचेगी। इसके अलावा, सरकार के पास ग्रीन शू ऑप्शन के जरिए 4 पर्सेंट और हिस्सेदारी बेचने का विकल्प है। नॉन- रिटेल निवेशक शुक्रवार 22 मई से ऑफर फॉर सेल के लिए बोली लगा सकेंगे। वहीं, आम निवेशक सोमवार 25 मई से बोली लगा सकेंगे। अभी 89.27 पर्सेंट है बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में केंद्र सरकार की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 89.27 पर्सेंट हिस्सेदारी थी। स्टॉक एक्सचेंजों पर उपलब्ध डेटा में यह बात कही गई है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 10.73 पर्सेंट है। मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स का पालन करने के लिए केंद्र सरकार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में और 14.27 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचनी होगी। केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्त में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया समेत चार सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए गोल्डमैन सैक्स को ट्रांजैक्शन एडवायजर नियुक्त किया था। 5 साल में 72% उछले हैं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर पिछले पांच साल में सिर्फ 72 पर्सेंट चढ़े हैं। सरकारी बैंक के शेयर 21 मई 2021 को 18.50 रुपये पर थे। बैंक के शेयर 22 मई 2026 को 31.89 रुपये पर जा पहुंचे हैं। पिछले एक साल में बैंक के शेयरों में करीब 12 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 41.18 रुपये है। वहीं, बैंक के शेयरों का 52 हफ्ते का निचला स्तर 31.29 रुपये है।

ऐपल ने लॉन्च किया स्लीप एपनिया नोटिफिकेशन फीचर: अब Apple Watch से मिलेगी नींद की बीमारी की जानकारी

अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी ऐपल ने भारत में न्यू हेल्थ फोक्स्ड फीचर को पेश कर दिया है. इस न्यू फीचर की मदद से यूजर्स को खर्राटे से संबंधित सांस वाली बीमारी की जानकारी मिलेगी, जिसको स्लीप एपनिया कहा जाता है. कंपनी ने अपनी ऐपल वॉच में स्लीप एप्निया नोटिफिकेशन फीचर को शामिल किया है, जो यूजर्स की हेल्थ को ट्रैक करेगा और उसकी जानकारी देगा. साथ ही कंपनी ने बताया है के एयरपॉड्स प्रो 3 में क्लिनिकली वैलिडेटेड हियरिंग टेस्ट फीचर दिया गया है. इसकी मदद से यूजर्स अपने घर बैठे ही सुनने की क्षमता की जांच कर सकेगा. इंसानों की जिंदगी अहम है नींद कंपनी ने बताया है कि नींद इंसानों की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है. इसका असर इंसानों की जिंदगी और सेहत दोनों पर ही दिखाई देता है. स्लीप एप्निया क्या होती है? स्लीप एप्निया, एक आम बीमारी है. इसमें सोते समय कुछ पल के लिए सांस रुक जाती है, जिससे शरीर में पर्याप्त आक्सीजन की सप्लाई नहीं हो पाती है. जानकारी के मुताबिक, एक अनुमान है कि पूरी दुनिया में इस बीमारी से 1 अरब से ज्यादा लोग प्रभावित हैं. स्लीप एप्निया की वजह से होने वाले नुकसान स्लीप एप्निया का अगर समय रहते इलाज ना कराया जाए तो यह गंभीर बीमारियों की जड़ बन सकता है. स्लीप एप्निया की वजह से हाई ब्लड प्रेशर, टाइप 2 डायबिटीज और दिल से संबंधित बीमारियां भी हो सकती हैं. स्लीप एप्निया को कैसे करता है ट्रैक ऐपल वॉच के अंदर एक खास फीचर शामिल किया है, जिसका काम ब्रीदिंग डिस्टर्बेसेज को चेक करना है. यह फीचर एक्सेलेरोमीटर की मदद से कलाई की छोटी-छोटी एक्टिविटियों को पहचानकर नींद के दौरान सांस लेने के दौरान सामान्य पैटर्न में होने वाली रुकावटों को पहचानता है. 30 दिन में ऐपल वॉच इन डेटा का एनालाइज करेगा और अगर स्लीप एप्निया के लगातार संकेत मिलते हैं, तो उसके बाद यूजर्स को नोटिफिकेशन भेजा जाएगा. इसके बाद शख्स को डॉक्टर से संपर्क करना होगा और आगे की जांच करानी होगी.

पंजाब में अजनाला पंचायत चुनाव टले, कोर्ट ने परिसीमन प्रक्रिया पूरी करने को कहा

चंडीगढ़  राज्य चुनाव आयोग ने खरड़ के बाद अजनाला नगर पंचायत का चुनाव स्थगित कर दिया है। अब पहले नगर पंचायत की परिसीमन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद ही नए सिरे से चुनाव करवाए जाएंगे। यह फैसला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के निर्देशों के बाद लिया गया है। आयोग की ओर से जारी आदेश के अनुसार स्थानीय निकाय विभाग ने आयोग को सूचित किया था कि हाईकोर्ट ने अजनाला नगर पंचायत चुनाव पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते 26 मई को प्रस्तावित चुनाव स्थगित कर दिया गया है। आयोग ने अब तक की पूरी चुनाव प्रक्रिया भी रद्द कर दी है। इसमें नामांकन प्रक्रिया भी शामिल है। जिन उम्मीदवारों ने नामांकन पत्र दाखिल किए थे उनकी फीस वापस की जाएगी।आदेश में कहा गया है कि स्थानीय निकाय विभाग से नया पत्र प्राप्त होने के बाद दोबारा चुनाव की अधिसूचना जारी की जाएगी। इसके बाद परिसीमन प्रक्रिया पूरी कर चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जाएगा। इससे पहले खरड़ नगर परिषद चुनाव को लेकर भी इसी तरह का फैसला लिया जा चुका है। अब अजनाला में भी परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने तक चुनाव प्रक्रिया पर रोक रहेगी।

भारत-अमेरिका ट्रेड समझौता जल्द हो सकता है फाइनल, सर्जियो गोर का बड़ा बयान

नई दिल्ली  ईरान युद्ध और तेल संकट के बीच भारत के लिए एक अच्‍छी खबर आ रही है. पिछले करीब एक साल से अटकी अमे‍रिकी ट्रेड डील के फाइनल होने को लेकर उम्‍मीदें अब बढ़ गई हैं. अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा है कि आने वाले कुछ हफ्तों या महीने में भारत-अमेरिका ट्रेड डील को पूरा किया जा सकता है. दोनों देशों के बीच इस डील को लेकर कई दौर की बातचीत हो चुकी है और अब इस पर अंतिम फैसला करने का वक्‍त आ गया है।  भारत में अमेरिका के राजदूत Sergio Gor ने कहा है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील को लेकर बातचीत तेजी से आगे बढ़ रही है. पिछले महीने भारत का एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल वॉशिंगटन गया था और अब अगले महीने अमेरिका की टीम दिल्ली आएगी, ताकि बातचीत को आगे बढ़ाया जा सके. सर्जियो गोर ने कहा कि इस डील पर बातचीत शुरू हुए करीब डेढ़ साल हो चुके हैं, लेकिन बड़े व्यापार समझौतों में समय लगता है. फिलहाल अब ऐसा लग रहा है कि जल्‍द ही दोनों देशों की ट्रेड डील को अंतिम मुकाम तक पहुंचाया जा सकेगा।  दिल्ली में अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स के सालाना शिखर सम्मेलन में बोलते हुए, गोर ने विश्वास जताया कि यह समझौता आने वाले हफ्तों और महीनों में पूरा हो जाएगा. उन्‍होंने कहा कि व्यापार डेढ़ साल से चल रहा है, लेकिन अगर तुलना करें तो यूरोपीय संघ को इसमें लगभग 19 साल लगे थे. हमें विश्वास है कि आने वाले हफ्तों और महीनों में यह ट्रेड डील अंतिम रूप ले लेगा।  इस समझौते का क्‍या होगा फायदा  सर्जियो गोर ने बताया कि राष्‍ट्रपति ट्रंप का टारगेट द्विपक्षीय व्यापार को इस तरह से आसान बनाना है, जिससे अमेरिकी कारोबारियों और वर्कर्स के लिए लाभकारी अवसर पैदा हों. हमारा मौजूदा अंतरिम व्‍यापार समझौता अंतिम रूप देने के लिए विचाराधीन है, जिससे दोनों देशों के लिए तरक्‍की के दरवाजे खुलेंगे।  उन्‍होंने कहा कि हम इस डील को फाइनल करने के लिए उत्‍सुक हैं, जिससे मार्केट पहुंच का विस्‍तार होगा, बाधाएं कम होंगी और दोनों देशों के व्‍यवसायों के लिए ज्‍यादा निश्चितता पैदा होगी. अगर यह डील सही ढंग से होती है तो यह सप्‍लाई चेन को मजबूत करेगा, नए निवेशों को बढ़ावा देगा और समावेशी विकास को गति देगा. जिससे उद्योगों, श्रमिकों और अर्थव्यवस्थाओं को बड़ा लाभ होगा।  दोनों देशों के बीच बातचीत जारी  अंतरिम समझौते के बारीक पहलुओं पर चर्चा करने के लिए भारतीय प्रतिनिधिमंडल पिछले महीने वाशिंगटन गया था. अब उम्मीद है कि तकनीकी चर्चाओं के अगले दौर के लिए अमेरिकी  प्रतिनिधिमंडल अगले महीने भारत का दौरा करेगा. इसी शिखर सम्मेलन के दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने आगामी अमेरिकी दौरे की पुष्टि की और राजदूत के समय-सीमा संबंधी आशावाद का समर्थन किया।  23 मई को मार्को रुबियो आ रहे भारत  जब उनसे पूछा गया कि क्या द्विपक्षीय व्यापार समझौते के लिए अमेरिका के मुख्य व्यापार वार्ताकार विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ उनकी आगामी भारत यात्रा पर जाएंगे, तो गोयल ने स्पष्ट किया कि वह उनके साथ नहीं आ रहे हैं, लेकिन अगले महीने उनके आने की कुछ योजना है. रुबियो 23 मई से भारत की चार दिवसीय आधिकारिक यात्रा शुरू करने वाले हैं, जो देश की उनकी पहली यात्रा होगी और इसमें व्यापार, रक्षा और ऊर्जा सहयोग शामिल होगा।