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पुलवामा आतंकी हमजा बुरहान से परिवार भी था परेशान, पिता ने सुनाई दर्दभरी कहानी

श्रीनगर पुलवामा आतंकी हमले का बदला पूरा हो गया. 6 साल की देरी ही सही, मगर उसका मास्टरमाइंड मारा गया. पुलवामा हमले के मास्टरमाइंड हमजा बुरहान का धुरंधर स्टाइल में मर्डर हो गया. आतंकी हमजा बुरहान की पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में अज्ञात बंदूकधारियों ने हत्या कर दी. यह घटना मुजफ्फराबाद में हुई, जहां उस पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई गईं. गोलियों से छलनी आतंकी ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. आतंकी हमजा बुरहान की मौत पर उसके पिता की प्रतिक्रिया आई है. अल-बदर आतंकी हमजा बुरहान के पिता ने कहा कि उसने आतंक का रास्ता चुना था. इसलिए उसकी मौत ठीक हुई।  जी हां, अल-बदर आतंकी संगठन से जुड़े हमजा बुरहान की मौत के बाद उसके पिता ने बड़ा बयान दिया है. आतंकी के पिता ने कहा कि परिवार ने उसकी वजह से काफी परेशानियां झेली हैं. पिता के मुताबिक, ‘हमजा पढ़ाई के नाम पर पाकिस्तान गया था और MBBS करने की बात कही थी, लेकिन वहां जाकर उसने आतंकवाद का रास्ता चुन लिया.’ उन्होंने कहा, ‘हमने उसकी वजह से बहुत दुख झेला, अच्छा हुआ वह मारा गया।  आतंकी हमजा कौन था, कहां था? दरअसल, हमजा बुरहान का नाम जम्मू-कश्मीर में कई आतंकी गतिविधियों और हमलों से जोड़ा जाता रहा है. सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश में जुटी थीं. 2022 में भारत सरकार ने उसे आतंकवादी घोषित किया था और कहा था, ‘अरजुमंद गुलजार डार उर्फ हमजा बुरहान उर्फ डॉक्टर खारबतपोरा, रत्नीपोरा, पुलवामा का निवासी था. वह अल-बद्र आतंकी संगठन का सहयोगी सदस्य था, जिसे यूएपीए के तहत प्रतिबंधित किया गया.’ उसकी उम्र महज 23-24 साल थी।  पुलवामा में ही पैदा हुआ था आतंकी हमजा आतंकी हमजा को डॉक्टर भी कहा जाता था. वह पुलवामा के रत्नीपोरा क्षेत्र में पैदा हुआ था. वह 2017 में यह कहकर पाकिस्तान गया था कि वह उच्च शिक्षा यानी एमबीबीएस के लिए जा रहा है, लेकिन बाद में वह आतंकी संगठन अल-बद्र में शामिल हो गया और जल्दी ही कमांडर बन गया. अल-बद्र में शामिल होने के बाद वह कश्मीर लौटा. उस पर दक्षिण कश्मीर में युवाओं को कट्टरपंथ की ओर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल करने का आरोप था. उसका नेटवर्क मुख्य रूप से दक्षिण कश्मीर में सक्रिय था।  कश्मीर में कैसे खड़ा किया था आतंकी नेटवर्क कश्मीर में रहने के दौरान उसने पुलवामा से शोपियां तक अपना नेटवर्क फैलाया. उसकी मौत को पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है. वह उन प्रमुख लोगों में से था जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय पाकिस्तान-आधारित आतंकी संगठनों के लिए काम करते थे. पुलवामा आतंकी हमला भारत के सबसे घातक हमलों में से एक था. 14 फरवरी 2019 को जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सीआरपीएफ जवानों के काफिले पर हमला किया गया था. लेथपोरा क्षेत्र में एक आत्मघाती हमलावर ने विस्फोटकों से लदे वाहन के साथ बस को टक्कर मार दी थी, जिसमें 40 जवान शहीद हो गए थे।  पुलवामा अटैक का बदला यह हमला जैश-ए-मोहम्मद ने किया था और हमलावर की पहचान आदिल अहमद डार के रूप में हुई थी. इस हमले के बाद भारतीय वायुसेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बालाकोट में जैश-ए-मोहम्मद के प्रशिक्षण शिविर पर हमला किया था. रिपोर्ट में कहा गया है कि हाल के वर्षों में पाकिस्तान में कई आतंकवादियों को अज्ञात बंदूकधारियों ने निशाना बनाया है. हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन घटनाओं पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है और जांचों को लेकर भी खामोशी बरकरार रखी है।  लश्कर-जैश में खलबली बीते दो वर्षों में धुरंधर स्टाइल मर्डर से पाकिस्तान में हड़कंप है. कुछ सालों से ऐसी घटनाओं में लगातार बढ़ोतरी होती देखी गई है. पाकिस्तान के शीर्ष आतंकियों और नेताओं को अज्ञाक द्वारा निशाना बनाए जाने से लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद जैसे संगठनों को दोबारा संगठित होने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. ऑपरेशन सिंदूर के बाद से इन दोनों आतंकी गुटों को काफी नुकसान झेलना पड़ा है. अपनी कारनामों को ये लोग अंजाम नहीं दे पा रहे हैं. ऐसी हत्याओं ने इनके मनोबल को काफी तोड़ा है और इससे जुड़ने वाले लोगों की संख्या भी घटी है। 

लू के कहर पर बरसात का ब्रेक, लेकिन कल से फिर बढ़ेगा तापमान

चंडीगढ़  पंजाब में भीषण गर्मी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बठिंडा में तापमान 46 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया है, जिससे जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले एक महीने तक गर्मी से राहत मिलने की संभावना बेहद कम है. लगातार बढ़ते तापमान के कारण बिजली की मांग में भारी इजाफा हुआ है, जिससे कई इलाकों में बिजली व्यवस्था पर दबाव बढ़ गया है. वहीं किसान भी गर्म हवाओं और पानी की बढ़ती जरूरत के कारण परेशान हैं. तेज गर्मी का असर फसलों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे कृषि उत्पादन प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।  पंजाब में भीषण लू के कहर से हल्की राहत मिली है। शुक्रवार सुबह बरसात के बाद लुधियाना, मोगा के लोगों को हल्की ठंडक का एहसास हुआ। वहीं वीरवार को आसमान आग उगल रहा था।   लुधियाना, पटियाला, हलवारा और बठिंडा लू की चपेट में रहे। पटियाला का पारा सामान्य से 4.8 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। पंजाब में सबसे अधिक 45.9 डिग्री का पारा फरीदकोट का रहा। इसी बीच मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए पंजाब के छह जिलों में 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से तेज हवाएं चलने के साथ हल्की से मध्यम बारिश पड़ने की चेतावनी जारी कर दी है। इन जिलों में पठानकोट, गुरदासपुर, अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला और फिरोजपुर शामिल हैं। जबकि पंजाब के बाकी जिलों के लिए भीषण लू चलने का ओरेंज अलर्ट जारी हुआ है। मौसम विभाग के चंडीगढ़ केंद्र के डायरेक्टर सुरिंदर पाल के मुताबिक एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हुआ है। इसके असर में जम्मू-कश्मीर में मौसम बदला है और हिमाचल प्रदेश में भी कुछ जगहों पर हल्की बारिश हुई है। पंजाब में बुधवार रात फरीदकोट, फाजिल्का आकाश में आंशिक तौर पर बादल रहे। इस वजह से वीरवार को पंजाब के तापमान में 0.9 डिग्री की मामूली गिरावट दर्ज की गई। अभी पारा सामान्य से 3.5 डिग्री ऊपर बना हुआ है। डायरेक्टर ने बताया कि शुक्रवार से पंजाब में मौसम फिर से शुष्क हो जाएगा और साथ में भीषण लू चलेगी। इससे तापमान में फिर से वृद्धि दर्ज की जाएगी। पंजाब के न्यूनतम तापमान में 1.6 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। यह सामान्य से 3.1 डिग्री ऊपर दर्ज किया गया। सबसे कम 22.4 डिग्री का न्यूनतम पारा रूपनगर का दर्ज किया गया। अमृतसर का अधिकतम पारा 41.5 डिग्री, लुधियाना का 43.0 डिग्री, पटियाला का 44.9 डिग्री, पठानकोट का 42.4 डिग्री, बठिंडा का 45.6 डिग्री, फाजिल्का का 42.1 डिग्री, फिरोजपुर का 41.6 डिग्री, एसबीएस नगर का 42.8 डिग्री और रूपनगर का 43.2 डिग्री दर्ज किया गया। अमृतसर का न्यूनतम पारा 28.5 डिग्री, लुधियाना का 27.4 डिग्री, पटियाला का 28.5 डिग्री, पठानकोट का 25.0 डिग्री, फाजिल्का का 28.4 डिग्री, होशियारपुर का 24.3 डिग्री दर्ज किया गया।  जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के निचले तराई इलाकों और तलहटी भागों में बदलवाही के बीच गरज चमक के साथ हल्की बारिश की संभावना है। हालांकि यहां बारिश का दायरा ज्यादा बड़ा नहीं रहेगा, लेकिन मौसम में हल्का बदलाव जरूर महसूस होगा। पंजाब के उत्तर व पूर्वी जिलों, हरियाणा के उत्तरी जिलों और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तरी जिलों में कल सुबह या फिर दोपहर बाद के घंटों में कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना बन रही है।  इसके अलावा राजस्थान के उत्तरी जिलों और पश्चिमी हरियाणा में भी कहीं कहीं बूंदाबांदी की संभावना है। शाम के समय बादल बनने के कारण कुछ इलाकों में हल्की राहत महसूस हो सकती है। हालांकि यह सिस्टम इतना मजबूत नहीं है कि बड़े इलाकों में व्यापक तेज बारिश हो सके। गर्मी से राहत भी सिर्फ कुछ एक इलाकों तक सीमित रहेगी। दिन के समय तेज गर्मी बनी रहेगी, लेकिन शाम के घंटों में मौसम का मिजाज बदलता हुआ नजर आ सकता है। कुछ जगहों पर बादल बनने के कारण बूंदाबांदी की गतिविधियां मैदानी इलाकों में देखने को मिल सकती हैं। आगे का मौसम पूर्वानुमान: कल से इस सिस्टम का प्रभाव मैदानी इलाकों में शुरू होगा, जो कि 23 मई तक जारी रहेगा। इस दौरान कुछ जगहों पर तेज धूल भरी आंधी, गरज चमक के साथ हल्की बारिश और कहीं कहीं ओलावृष्टि भी देखने को मिल सकती है। राजस्थान, मध्य प्रदेश, बुंदेलखंड, अवध और पूर्वांचल के इलाकों में फिलहाल बारिश की किसी भी तरह की गतिविधियां नहीं होंगी। इन इलाकों में मौसम साफ और बेहद गर्म बना रहेगा। दिन के समय तेज धूप और लू का असर लगातार बना रहेगा। पंजाब, हरियाणा, उत्तर पूर्वी राजस्थान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में भी मौसम सिर्फ शाम बाद के घंटों में ही बदलेगा। दिन में प्रचंड गर्मी का दौर इन इलाकों में जारी रहेगा और तापमान में ज्यादा गिरावट देखने को नहीं मिलेगी। तो बारिश कब होगी? इस सिस्टम के गुजरने के बाद एक नया पश्चिमी विक्षोभ भी 25 मई को उत्तर भारत की तरफ बढ़ेगा, जिसके कारण पंजाब, हरियाणा, उत्तर राजस्थान, पश्चिम उत्तर प्रदेश और शायद पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी हल्की बारिश और बूंदाबांदी की गतिविधियां फिर से नए सिरे से शुरू हो सकती हैं। कुछ इलाकों में गरज चमक के साथ हल्की तेज बौछारें भी देखने को मिल सकती हैं। इसके बाद 28 मई से एक नया मजबूत चक्रवर्ती हवाओं का क्षेत्र बनने वाला है, जो बंगाल की खाड़ी से नमी को खींचेगा। साथ में नए वेस्टर्न डिस्टरबेंस के आने और दोनों हवाओं के मिलने से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, बुंदेलखंड, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र सहित बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां शुरू होंगी।  यह बारिश की गतिविधियां 28 मई से धीरे धीरे बढ़ेंगी और 30 व 31 मई को जोर पकड़ते हुए 3 जून तक जारी रह सकती हैं। उत्तर और मध्य भारत के कई इलाकों में मौसम पूरी तरह बदलता हुआ नजर आ सकता है। उत्तर भारत में गर्मी का यह दौर 28 मई तक ही रहने की संभावना है। इसके बाद बारिश और पूर्वी हवाओं के चलने से उमस वाली गर्मी जरूर परेशान करेगी, लेकिन लगातार बारिश की गतिविधियों के कारण लोगों को भीषण गर्मी से राहत भी मिलने लगेगी।

देवरिया दौरे पर विवाद: विकास योजनाओं से नाराजगी और विपक्ष पर प्रशासनिक कार्रवाई के आरोप

देवरिया यूपी के देवरिया जिले के भीमपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आगमन से पहले ही रात से ही सपा नेता समेत कई संगठनों के लोगों पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया गया था। ताकि वह किसी तरह का आंदोलन न कर सके। विपक्षी दल आवाज दबाने वाली कार्रवाई बता रहे हैं। सपा नेता अवनीश यादव को भी हाउस अरेस्ट किया गया था। मुख्यमंत्री के दौरे में घोषित परियोजनाओं की सूची में बरहज व रुद्रपुर क्षेत्र के लिए एक भी योजना शामिल नहीं है, जिससे स्थानीय जनता ठगा हुआ महसूस कर रही है। यादव ने बताया कि बरहज की जनता ने भाजपा को सांसद से लेकर विधायक तक जिताया है, फिर भी विकास योजनाओं में क्षेत्र को नजरअंदाज किया गया। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष गेंदा लाल यादव को उनके घर पर नजरबंद किया गया था। बैतालपुर चीनी मिल को चालू कराने और बैतालपुर रेलवे ढाले पर ओवरब्रिज निर्माण की मांग को लेकर आंदोलन चला रहे “चीनी मिल चलाओ संघर्ष समिति” के अध्यक्ष बृजेंद्र मणि त्रिपाठी को भी पुलिस ने देर रात घर पर हाउस अरेस्ट कर लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री को ज्ञापन देने से रोकने के लिए प्रशासन ने यह कार्रवाई की है। खुखुन्दू ब्लॉक बनाओ संघर्ष समिति के संरक्षक नथुन राय और अध्यक्ष सोबराती किदवई को भी पुलिस ने हाउस अरेस्ट किया। बताया जा रहा है कि ये दोनों मुख्यमंत्री को खुखुन्दू को ब्लॉक बनाए जाने संबंधी ज्ञापन सौंपने वाले थे। उधर ऋषि पांडेय समेत कई अन्य लोगों को भी पुलिस रात से ही हाउस अरेस्ट कर रखी है। मुख्यमंत्री को लेकर मेडिकल कॉलेज में सेफ हाउस सीएम के भीमपुर में कार्यक्रम को लेकर मेडिकल कॉलेज प्रशासन चौकन्ना रहा। नए भवन के तीसरी मंजिल पर सेफ हाऊस बनाया गया, जो जीवन रक्षक प्रणाली सहित अन्य उपकरणों से लैस है। चार विशेषज्ञ चिकित्सकों के साथ अन्य कर्मचारियों की तैनाती की गई। सेफ हाऊस में अत्याधुनिक उपकरण वेंटिलेटर, एचएफएएनसी, मानीटर, ग्लूकोमीटर, वाइपैप के अलावा अन्य उपकरण से लैस किया गया। यहां मेडिसिन विभाग के डॉ. ओमकार मिश्रा के नेतृत्व में विशेषज्ञ चिकित्सक सर्जन डॉ. मानवेंद्र सिंह, आर्थो सर्जन डॉ. रजनीश कुमार, एनेस्थेटिक डॉ. प्रशांत शाही के अलावा चीफ फार्मासिस्ट अशोक राय, नर्सिंग आफिसर सुमैरा सलीम, पूजा प्रसाद, एमपीडब्लू सिन्टू व सफाई कर्मी गोविन्द की ड्यूटी लगाई गई। कड़ी सुरक्षा रही मुख्यमंत्री शुक्रवार को देवरिया के भीमपुर आए। मुख्यमंत्री व कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था चार एएसपी ने संभाली। साथ ही कुल 963 पुलिस कर्मियों की कार्यक्रम को सकुशल संपन्न कराने के लिए तैनाती की गई थी।

अलग-अलग रोटियों की कैलोरी और पोषण: वजन घटाने के लिए कौन-सी रोटी है सबसे बेहतर?

 भारतीय खाने में रोटी सबसे ज्यादा खाई जाने वाली चीजों में से एक है. देशभर में गेहूं, ज्वार, मक्का और बाजरे जैसे अलग-अलग अनाजों से रोटियां बनाई जाती हैं. हर रोटी का स्वाद और पोषण अलग-अलग होता है. ऐसे में हेल्दी डाइट फॉलो करने वाले या वजन घटाने की कोशिश कर रहे लोगों के मन में अक्सर यह सवाल रहता हैं कि कौन-सी रोटी में कितनी कैलोरी होती है और वह वह कितनी हेल्दी है. आज हम आपको अलग-अलग तरह की रोटियों में मौजूद कैलोरी और उनके पोषण के बारे में बताएंगे. गेहूं की रोटी गेहूं की रोटी में फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है जो डाइजेशन को बेहतर बनाने में मदद करता है. लगभग 40 ग्राम की एक गेहूं की रोटी में लगभग 120 कैलोरी होती है. यह शरीर को बैलेंस पोषण और लंबे समय तक एनर्जी देने में मदद करती है. ज्वार की रोटी ज्वार ग्लूटेन-फ्री अनाज माना जाता है, जिसमें प्रोटीन, कैल्शियम, आयरन और पोटैशियम जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. 40 ग्राम ज्वार की रोटी में लगभग 100 कैलोरी होती है. इसमें मौजूद फाइबर डाइजेशन सिस्टम को बेहतर बनाए रखने में मदद करता है. मक्के की रोटी मक्के की रोटी में ल्यूटिन और जेक्सैंथिन जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं जो आंखों के लिए फायदेमंद माने जाते हैं. 40 ग्राम मक्के की रोटी में करीब 110 कैलोरी होती है. यह ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखने में मदद कर सकती है. रागी रोटी रागी में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. इसके अलावा इसमें कैल्शियम, आयरन, पोटैशियम, मैग्नीशियम और बी-कॉम्प्लेक्स विटामिन जैसे पोषक तत्व भी मौजूद होते हैं. लगभग 40 ग्राम रागी रोटी में करीब 90 कैलोरी होती है. यह हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करती है, इसलिए महिलाओं के लिए इसे काफी फायदेमंद माना जाता है. बेसन की रोटी बेसन में प्लांट-बेस्ड प्रोटीन और फाइबर अच्छी मात्रा में पाया जाता है. लगभग 40 ग्राम बेसन की रोटी में करीब 115 कैलोरी होती है. यह शरीर को प्रोटीन देने के साथ मसल्स रिकवरी में भी मदद करती है. बाजरे की रोटी बाजरा प्रोटीन और कई जरूरी विटामिन व मिनरल्स से भरपूर होता है. इसमें मैग्नीशियम, आयरन और फोलेट अच्छी मात्रा में पाए जाते हैं. 40 ग्राम बाजरे की रोटी में करीब 105 कैलोरी होती है. यह शरीर में आयरन की कमी को दूर करने में मदद करती है और सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी फायदेमंद मानी जाती है.  

दिल्ली में हीट स्ट्रोक का पहला केस, 24 साल का युवक अस्पताल में भर्ती

नई दिल्ली  दिल्ली में इस मौसम में हीट स्ट्रोक का पहला मरीज रात में इसका शिकार बना। बुधवार गुरुवार की रात 24 साल के युवक को RML हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा, जहां इलाज के बाद भी उसकी हालत गंभीर है। राहुल आनंद ने एम्स के डॉ. नीरज निश्चल से पूछे इससे बचने के उपायः जानें क्या होता है हीट स्ट्रोक? लंबे समय तक तेज गर्मी में रहने से शरीर का तापमान तेजी से बढ़कर 104 डिग्री फारेनहाइट यानी 40 डिग्री सेल्सियस के भी पार चला जाता है। यह मेडिकल इमरजेंसी और जानलेवा स्थिति हो सकती है। लक्षण या संकेतः तेज सिरदर्द, चक्कर आना, मतली या उल्टी, भ्रम या दिमागी संतुलन खोने लगना, बेहोशी, दौरे पड़ना, त्वचा का बहुत गर्म और लाल होना, सूखी हो जाना। क्या करें जब खुद में दिखें ये लक्षण? तुरंत धूप या गर्म जगह से हटकर ठंडी जगह पर जाएं, ठंडा पानी या शिकंजी आदि लें, शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां लगाएं, ठंडे पानी से नहाएं। अगर चक्कर, भ्रम, बेहोशी या तेज बुखार हो तो तुरंत अस्पताल जाएं। किसी और को हीट स्ट्रीक हो तो… तुरंत इमरजेंसी सर्विस को कॉल करें या मरीज को अस्पताल पहुंचाएं। ठंडी पट्टियां, आइस पैक या ठंडा पानी इस्तेमाल करें। मरीज बेहोश है, तो उसे कुछ भी खाने-पीने को न दें। मदद आने तक मरीज की हालत पर नजर रखें। यह गर्मी और कैसे शरीर को नुकसान पहुंचाती है? ज्यादा पसीना आने से शरीर में पानी और सॉल्ट (नमक) की कमी हो जाती है। डिहाइड्रेशन, कमजोरी, मांसपेशियों में ऐंठन और चक्कर आने लगते हैं। तापमान लगातार बढ़ने पर दिमाग, दिल, किडनी और लिवर पर भी बुरा असर पड़ सकता है। गंभीर स्थिति में मल्टी ऑर्गन फेल्योर, बेहोशी, दौरे और मौत तक का खतरा हो सकता है। बचाव के लिए क्या करें? दिनभर पर्याप्त पानी पिएं, बहुत ज्यादा धूप में न निकलें, खासकर दिन में 11 से दोपहर 3 बजे के बीच निकलने से बचें, हल्के रंग वाले ढीले कपड़े पहनें। बाहर जाते समय टोपी, छाता और सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें। नारियल पानी, दही, फल और इलेक्ट्रोलाइट्स वाली चीजें लें।

बकरीद गाइडलाइन्स :सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर पाबंदी, उल्लंघन पर कार्रवाई

नई दिल्ली दिल्ली सरकार ने बकरीद को लेकर सख्त दिशानिर्देश जारी किए हैं। रेखा गुप्ता सरकार में मंत्री कपिल मिश्रा ने स्पष्ट किया कि बकरीद के अवसर पर गोवंश, गाय, बछड़े, ऊंट और अन्य प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना पूरी तरह गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए जाएंगे। मंत्री कपिल मिश्रा ने कहा कि इन गाइडलाइंस का उल्लंघन होने पर पुलिस और दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय को सूचित कर सकते हैं। बकरीद पर सरकार की गाइडलाइंस दिल्ली सरकार की गाइडलाइंस के अनुसार, 'बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, गलियों या पार्कों में किसी भी प्रकार की कुर्बानी की अनुमति नहीं होगी। कुर्बानी केवल निर्धारित और अधिकृत स्थानों पर ही दी जा सकेगी। कुर्बानी के बाद निकलने वाले कचरे, खून या अन्य अवशेषों को नालियों, सीवरों या किसी भी सार्वजनिक स्थान पर फेंकना सख्ती से प्रतिबंधित है।' 'सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी की अनुमति नहीं' इसके साथ ही, बाजारों में अवैध रूप से मवेशियों की खरीद-बिक्री, सड़कों पर अस्थायी पशु बाजार लगाना और जानवरों की गैरकानूनी तस्करी पर भी पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। दिल्ली सरकार के मंत्री कपिल मिश्रा ने शुक्रवार को अपने आधिकारिक 'एक्स' हैंडल पर वीडियो जारी कर इन निर्देशों की जानकारी दी और कहा कि किसी भी तरह के उल्लंघन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कपिल मिश्रा ने क्या कहा     दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय ने बकरीद के लिए दिशानिर्देश जारी किए हैं।     गाय-बछड़ों और प्रतिबंधित जानवरों की कुर्बानी देना गैरकानूनी है।     सार्वजनिक जगहों पर कुर्बानी पर पूरी तरह रोक है।     नालियों में खून या कचरा फेंकना भी मना है।     कुर्बानी केवल तय जगहों पर ही होनी चाहिए। कपिल मिश्रा की दिल्लीवासियों से अपील कपिल मिश्रा ने दिल्लीवासियों से अपील की कि यदि कोई व्यक्ति इन दिशानिर्देशों का उल्लंघन करते हुए दिखे तो तुरंत दिल्ली पुलिस या दिल्ली सरकार के विकास मंत्रालय को सूचित करें। मंत्री ने कहा कि त्योहार शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में मनाया जाना चाहिए। उन्होंने सभी को बकरीद की शुभकामनाएं भी दीं। दिल्ली पुलिस ने की तैयारी दिल्ली पुलिस और विकास मंत्रालय इन दिशानिर्देशों को सख्ती से लागू करने के लिए तैयार है। पिछले वर्षों में भी दिल्ली में बकरीद के दौरान सार्वजनिक स्थानों पर कुर्बानी और सफाई संबंधी शिकायतें सामने आई थीं, जिसके बाद सरकार ने इस बार पहले से ही सख्ती बरतने का फैसला किया है।  

‘हाय’ का जवाब भी बन सकता है खतरा: साइबर फ्रॉड को लेकर I4C की चेतावनी

वॉट्सऐप, इंस्टाग्राम, फेसबुक और SMS के जरिए कई मैसेज आते हैं. बहुत से लोग हाय-हेल्लो आदि लिखते हैं और उसके बाद चैटिंग शुरू हो जाती है. लेकिन हर एक हाय का जवाब देना जरूरी नहीं है, ये आपको भारी नुकसान पहुंचा सकता है. सरकारी एजेंसी के तहत काम करने वाले साइबर दोस्त I4C ने एक जरूरी पोस्ट किया है. पोस्ट में बताया है कि हाय का रिप्लाई करने से पहले जरा सोचिए. स्कैमर्स अक्सर सिंपल मैसेज करके भी आखिर में जाकर शिकार बना सकते हैं और बैंक खाता तक खाली कर सकते हैं. इसलिए जरूरी है कि अनजान शख्स से ऑनलाइन दोस्ती करते समय ध्यान रखें कि वह बैंक खाते या पर्सनल डिटेल्स आदि को चोरी भी कर सकता है. साइबर दोस्त ने पोस्ट करके बताया है कि साइबर ठग भोले-भाले लोगों को शिकार बनाने के लिए सिंपल मैसेज, फेक बैंकिंग अलर्ट, रिवॉर्ड्स अलर्ट या फिर साधारण बातचीत के बाद भी जाल में फंसा सकते हैं. साइबर दोस्त I4C का पोस्ट सावधानी के लिए साइबर दोस्त ने बताया है कि अनजान मैसेज और संदिग्ध लिंक से सावधान रहना चाहिए. खतरनाक लिंक आपको फेक पोर्टल पर ले जा सकते हैं, जहां से आपका बैंक खाता तक खाली हो सकता है. साइबर स्कैमर्स इन तरीकों से बनाते हैं शिकार     अनजान नंबर्स से आने वाले मैसेज पर तुरंत विश्वास ना करें.     संदिग्ध लिंक रिसीव होने पर भूलकर भी उसपर क्लिक ना करें.     फ्री गिफ्ट, बैंक अलर्ट और क्लेम अलर्ट जैसे मैसेज को वेरिफाई किए बना ओपन ना करें.     बैंकिंग डिटेल्स, वन टाइम पासवर्ड (OTP) या पर्सनल इन्फॉर्मेशन को शेयर ना करें. साइबर दोस्त ने पोस्ट करके बताया है कि साइबर ठगी होने के बाद उसकी तुरंत रिपोर्ट करें. जितनी जल्दी रिपोर्ट होगी, रकम रिकवरी करने में उतनी ही ज्यादा आसानी होगी.

खेत के रास्ते में लगाए खंभे-ट्रांसफार्मर, CM Nayab Saini ने मांगी जांच रिपोर्ट

 चंडीगढ़ जनसंवाद के मंच पर जब एक किसान अपनी शिकायत लेकर पहुंचा तो मामला सिर्फ रास्ता बंद होने तक सीमित नहीं रहा। शिकायत में आरोप था कि खेत तक जाने वाले रास्ते के बीच बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर लगवा दिए गए, जिससे आने-जाने में परेशानी खड़ी हो गई। इतना ही नहीं, विरोध करने पर धमकियां मिलने की बात भी सामने आई। शिकायत सुनते ही मुख्यमंत्री ने मंच से ही अधिकारियों को सख्त निर्देश दे दिए। दरअसल, हरियाणा के मुख्यमंत्री Nayab Singh Saini गुरुवार को कुरुक्षेत्र के लाडवा स्थित शिवाला रामकुंडी में आयोजित जनसंवाद कार्यक्रम में आमजन की समस्याएं सुन रहे थे। इसी दौरान गांव बकाली के एक शिकायतकर्ता ने बताया कि कई वर्ष पहले खरीदी गई करीब 7 एकड़ जमीन के रास्ते में बिजली विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से खंभे और ट्रांसफार्मर लगा दिए गए। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि अब उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिस एसडीओ ने खेत के रास्ते के बीच में खंभे और ट्रांसफार्मर लगवाए, उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाए। साथ ही पूरे मामले की जांच एसडीएम लाडवा को सौंपने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को भी शिकायतकर्ता को धमकी देने वालों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। जनसंवाद कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि आम नागरिकों को दफ्तरों के बार-बार चक्कर लगवाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य प्रदेश का विकास और हर नागरिक तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कुल 338 शिकायतें सुनीं और कई मामलों में मौके पर ही अधिकारियों को समाधान के निर्देश दिए। स्कूल अपग्रेड करने, ग्रामीण सड़कों के निर्माण, ट्रांसफार्मर बदलने और आरटीई के तहत बच्चों के दाखिले जैसे मामलों पर भी संबंधित विभागों को समयबद्ध कार्रवाई के आदेश दिए गए। मुख्यमंत्री ने लाडवा क्षेत्र में हुए विकास कार्यों का जिक्र करते हुए कहा कि पेयजल, सड़क, आवास और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं पर लगातार काम किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि लाडवा विधानसभा क्षेत्र में बीते वर्षों में सैकड़ों करोड़ रुपये के विकास कार्य किए गए हैं और बाकी परियोजनाओं पर तेजी से काम जारी है।

शहतूत का पौधा और वास्तु शास्त्र: घर में लगाने से मिलते हैं ये बड़े फायदे

हाल ही में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक बेहद खास तस्वीर सामने आई है, जिसमें दोनों नेता एक साथ शहतूत (Mulberry) का पौधा लगाते नजर आ रहे हैं. अंतरराष्ट्रीय मंच पर रिश्तों को मजबूती देने वाली इस तस्वीर के बाद से ही शहतूत का पौधा हर तरफ चर्चा का विषय बन गया है. वास्तु शास्त्र और आयुर्वेद दोनों में ही पेड़-पौधों का सीधा संबंध हमारी किस्मत, घर की ऊर्जा और अच्छी सेहत से होता है. आइए जानते हैं कि शहतूत का पौधा लगाने से जीवन में क्या सकारात्मक बदलाव आते हैं और यह आपके लिए कितना फायदेमंद है. Morus nigra (काला शहतूत): क्यों है यह इतना खास? इस खास मौके पर जिस पौधे को चुना गया, वह है Morus nigra यानी काला शहतूत. वास्तु में इसके विशेष गुणों की वजह से इसे बेहद पूजनीय और मजबूत माना जाता है: लंबी उम्र का प्रतीक: काला शहतूत अपनी लंबी उम्र के लिए जाना जाता है.  वास्तु के अनुसार, यह घर में स्थिरता और परिवार के सदस्यों की दीर्घायु का प्रतीक बनता है. मजबूत जड़ें (स्थायित्व): इसकी जड़ें बेहद मजबूत होती हैं, जो गहराई तक जाती हैं.  यह आपके घर की आर्थिक स्थिति को मजबूती देने और बिजनेस या करियर में स्थिरता (Stability) लाने में मदद करता है. समय के साथ विस्तार: यह पौधा समय के साथ चारों तरफ फैलता है. जैसे-जैसे यह फलता-फूलता है, वैसे-वैसे घर में सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और धन बढ़ता है. शहतूत के पौधे के बड़े वास्तु फायदे नकारात्मक ऊर्जा का नाश: वास्तु शास्त्र के अनुसार, शहतूत के पौधे में आस-पास की नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) को सोखने की अद्भुत क्षमता होती है. इसे घर के पास या बगीचे में लगाने से वातावरण शुद्ध होता है और परिवार के सदस्यों के बीच सकारात्मकता बढ़ती है. बुरी नजर और तंत्र-मंत्र से बचाव: धार्मिक और वास्तु मान्यताओं के अनुसार, शहतूत का पेड़ एक सुरक्षा कवच की तरह काम करता है. ऐसा माना जाता है कि जिस घर के आस-पास यह पेड़ फल-फूल रहा हो, वहां किसी भी तरह की बुरी नजर, ऊपरी हवा या नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव नहीं पड़ता. सुख-समृद्धि और धन का आगमन: वास्तु के नियमों के अनुसार, जैसे-जैसे इस पौधे का विकास होता है और इसमें मीठे फल आने लगते हैं, वैसे-वैसे घर की आर्थिक तंगी दूर होने लगती है.   मानसिक तनाव से मुक्ति: इस पौधे की हरी-भरी पत्तियां और वातावरण को शुद्ध करने का गुण घर के सदस्यों के मानसिक तनाव को कम करता है. इसके प्रभाव से घर में कलह-कलेश शांत होता है और शांति का माहौल बनता है. रखें इन जरूरी वास्तु नियमों का ध्यान अगर आप भी इस पौधे को अपने घर में लगाने की सोच रहे हैं, तो इन बातों को बिल्कुल न भूलें. अंदर न लगाएं (No Indoor): वास्तु शास्त्र कहता है कि शहतूत के पौधे को कभी भी मुख्य घर या बेडरूम के ठीक अंदर (In-door) नहीं लगाना चाहिए. सही दिशा का चुनाव: इसे हमेशा घर के बाहर बगीचे में, बालकनी में या घर से थोड़ी दूरी पर खुली जगह में लगाएं.  वास्तु के अनुसार, इसे घर की उत्तर या पूर्व दिशा के लॉन/बगीचे में लगाना सबसे ज्यादा फलदायी और शुभ होता है. चूँकि Morus nigra समय के साथ फैलता है, इसलिए इसे पर्याप्त खुली जगह में लगाना ही बेहतर है. धूप का ध्यान रखें: शहतूत के पौधे को अच्छी ग्रोथ और मीठे फलों के लिए रोजाना 5 से 6 घंटे की सीधी धूप की जरूरत होती है.  इसलिए इसे ऐसी जगह लगाएं जहां पर्याप्त धूप आती हो.

8% डिस्काउंट पर सरकार बेच रही हिस्सा, बाजार खुलते ही टूटे बैंक के शेयर

मुंबई  सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर शुक्रवार को बाजार खुलते ही धड़ाम हो गए हैं। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर शुक्रवार को BSE में करीब 6 पर्सेंट लुढ़ककर 31.89 रुपये पर जा पहुंचे हैं। केंद्र सरकार इस बड़े सरकारी बैंक में अपना हिस्सा बेच रही है। सरकार ने शुक्रवार को ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए अपनी हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया शुरू की है। केंद्र सरकार, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 8 पर्सेंट तक हिस्सेदारी बेच रही है। सरकार, इस सरकारी बैंक में अपनी हिस्सेदारी गुरुवार को बैंक के शेयरों के बंद स्तर से 8 पर्सेंट से अधिक सस्ते में बेच रही है। 31 रुपये प्रति शेयर के दाम पर सरकार बेच रही अपना हिस्सा सरकार ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में अपनी हिस्सेदारी 31 रुपये के फ्लोर प्राइस पर बेच रही है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर गुरुवार को BSE में 33.91 रुपये पर बंद हुए थे। सरकार 8 पर्सेंट से अधिक सस्ते (डिस्काउंट) पर अपना हिस्सा बेच रही है। डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, केंद्र सरकार इस सरकारी बैंक में अपनी 4 पर्सेंट इक्विटी हिस्सेदारी ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचेगी। इसके अलावा, सरकार के पास ग्रीन शू ऑप्शन के जरिए 4 पर्सेंट और हिस्सेदारी बेचने का विकल्प है। नॉन- रिटेल निवेशक शुक्रवार 22 मई से ऑफर फॉर सेल के लिए बोली लगा सकेंगे। वहीं, आम निवेशक सोमवार 25 मई से बोली लगा सकेंगे। अभी 89.27 पर्सेंट है बैंक में सरकार की हिस्सेदारी 31 मार्च 2026 को खत्म हुई तिमाही में केंद्र सरकार की सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 89.27 पर्सेंट हिस्सेदारी थी। स्टॉक एक्सचेंजों पर उपलब्ध डेटा में यह बात कही गई है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 10.73 पर्सेंट है। मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग नॉर्म्स का पालन करने के लिए केंद्र सरकार को सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में और 14.27 पर्सेंट हिस्सेदारी बेचनी होगी। केंद्र सरकार ने पिछले साल अगस्त में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया समेत चार सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी बेचने के लिए गोल्डमैन सैक्स को ट्रांजैक्शन एडवायजर नियुक्त किया था। 5 साल में 72% उछले हैं सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर सरकारी बैंक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयर पिछले पांच साल में सिर्फ 72 पर्सेंट चढ़े हैं। सरकारी बैंक के शेयर 21 मई 2021 को 18.50 रुपये पर थे। बैंक के शेयर 22 मई 2026 को 31.89 रुपये पर जा पहुंचे हैं। पिछले एक साल में बैंक के शेयरों में करीब 12 पर्सेंट की गिरावट देखने को मिली है। सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों का 52 हफ्ते का हाई लेवल 41.18 रुपये है। वहीं, बैंक के शेयरों का 52 हफ्ते का निचला स्तर 31.29 रुपये है।